टेक्नोलॉजी

Stylish Windmill Window AC

Windmill AC: बोरिंग विंडो एसी को कहें अलविदा, स्टाइल और कूलिंग का शानदार कॉम्बिनेशन

surbhi जून 8, 2026 0
Modern Windmill window air conditioner with sleek design installed in stylish home interior
Windmill Window AC Stylish Cooling System

अगर आपको लगता है कि सभी विंडो एसी एक जैसे दिखते हैं और आपके घर की खूबसूरती को कम कर देते हैं, तो अब बाजार में एक ऐसा विकल्प मौजूद है जो इस सोच को बदल सकता है। अपने अनोखे डिजाइन और प्रीमियम लुक के लिए चर्चित Windmill के विंडो एसी तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। ये एसी सिर्फ ठंडी हवा ही नहीं देते, बल्कि घर के इंटीरियर को भी आकर्षक बनाने का काम करते हैं।

विंडो AC की पारंपरिक सोच को बदला

सालों से बाजार में मिलने वाले अधिकांश विंडो एसी एक जैसे बॉक्सी डिजाइन, बड़े वेंट्स और साधारण लुक के साथ आते रहे हैं। लेकिन Windmill AC ने इस पारंपरिक डिजाइन को बदलने की कोशिश की है।

कंपनी ने अपने एसी को मॉडर्न होम इंटीरियर को ध्यान में रखकर डिजाइन किया है। इसके घुमावदार किनारे, साफ-सुथरा फ्रंट पैनल और मिनिमलिस्ट लुक इसे सामान्य विंडो एसी से अलग बनाते हैं।

आसान इंस्टॉलेशन और प्रीमियम फिनिश

Windmill AC की एक बड़ी खासियत इसका इंस्टॉलेशन डिजाइन भी है।

जहां सामान्य विंडो एसी लगाने के बाद खिड़की के आसपास खाली जगह और गैप दिखाई देते हैं, वहीं Windmill AC इन गैप्स को बेहतर तरीके से कवर करता है। इससे इंस्टॉलेशन के बाद पूरा सेटअप अधिक साफ और प्रीमियम दिखाई देता है।

सिर्फ लुक्स नहीं, परफॉर्मेंस भी दमदार

Windmill AC केवल डिजाइन के दम पर चर्चा में नहीं है। कंपनी का दावा है कि इसके एसी पारंपरिक विंडो एसी की तुलना में कम शोर करते हैं और बेहतर कूलिंग अनुभव प्रदान करते हैं।

इसके अलावा इनमें कई स्मार्ट फीचर्स भी दिए गए हैं:

  • स्मार्टफोन से कंट्रोल करने की सुविधा
  • रिमोट ऑपरेशन
  • आसान सेटिंग मैनेजमेंट
  • वॉशेबल एयर फिल्टर
  • कम शोर वाला संचालन

यूजर अपने मोबाइल फोन के जरिए कहीं से भी एसी को ऑन या ऑफ कर सकते हैं और तापमान नियंत्रित कर सकते हैं।

किन लोगों के लिए है बेहतर विकल्प?

रिपोर्ट्स के मुताबिक Windmill AC छोटे और मध्यम आकार के कमरों के लिए ज्यादा उपयुक्त माना जाता है।

यह खासतौर पर:

  • अपार्टमेंट
  • स्टूडियो फ्लैट
  • होम ऑफिस
  • छोटे बेडरूम

जैसी जगहों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है।

खरीदने से पहले जान लें ये बातें

हालांकि Windmill एक भारतीय ब्रांड नहीं है, लेकिन इसके कुछ मॉडल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारत में उपलब्ध हैं।

खरीदारी से पहले ग्राहकों को निम्न बातों पर ध्यान देना चाहिए:

  • सर्विस नेटवर्क की उपलब्धता
  • स्पेयर पार्ट्स सपोर्ट
  • इंस्टॉलेशन सहायता
  • बिजली खपत और ऊर्जा रेटिंग

स्टाइल और टेक्नोलॉजी का नया मेल

आज के दौर में लोग केवल बेहतर कूलिंग ही नहीं, बल्कि ऐसे उपकरण भी चाहते हैं जो घर की सजावट के साथ मेल खाएं। Windmill AC इसी जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यदि आप ऐसा विंडो एसी चाहते हैं जो परफॉर्मेंस के साथ-साथ आपके कमरे की खूबसूरती भी बढ़ाए, तो यह एक दिलचस्प विकल्प साबित हो सकता है।

 

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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T-Mobile launches its first India office in Hyderabad to expand global technology operations.
T-Mobile India Office: अमेरिका की दिग्गज टेलिकॉम कंपनी ने भारत में खोला ऑफिस, क्या Jio-Airtel को मिलेगी चुनौती?

अमेरिका की दूसरी सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी टी-मोबाइल (T-Mobile) ने भारत में अपना पहला ऑफिस खोल दिया है। कंपनी ने हैदराबाद में एक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) शुरू किया है। हालांकि, इसका उद्देश्य भारतीय टेलिकॉम बाजार में प्रवेश करना या जियो और एयरटेल जैसी कंपनियों को चुनौती देना नहीं है। दरअसल, कंपनी इस सेंटर के जरिए अपनी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने और परिचालन लागत को कम करने पर फोकस कर रही है। भारत क्यों आई T-Mobile? रिपोर्ट्स के मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और लागत नियंत्रण की रणनीति के चलते टी-मोबाइल ने पिछले कुछ समय में अमेरिका में कर्मचारियों की संख्या कम की है। कंपनी ने कई रिटेल स्टोर भी बंद किए हैं और डिजिटल प्लेटफॉर्म व मोबाइल ऐप पर ज्यादा ध्यान देना शुरू किया है। ऐसे में कम लागत और मजबूत तकनीकी प्रतिभा की उपलब्धता के कारण भारत कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है। अमेरिका की दूसरी सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी टी-मोबाइल के पास करीब 14 करोड़ ग्राहक हैं, जिससे वह अमेरिका की दूसरी सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी बनती है। कंपनी केवल मोबाइल सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि सैटेलाइट कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी काम कर रही है। इसके लिए उसने एलन मस्क की कंपनी Starlink के साथ साझेदारी की है। भारत में क्या होगा काम? हैदराबाद स्थित नया टेक्नोलॉजी सेंटर कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम करेगा, जिनमें शामिल हैं— सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग साइबर सुरक्षा DevOps प्रोडक्ट डेवलपमेंट डेटा एनालिटिक्स रिपोर्ट्स के अनुसार, टी-मोबाइल का लक्ष्य वर्ष 2027 तक भारत में लगभग 1,000 कर्मचारियों की टीम तैयार करना है। क्या कहा कंपनी ने? टी-मोबाइल अमेरिका के आईटी ऑपरेशन्स के वाइस प्रेसिडेंट चंद्रा गुप्ता के अनुसार, हैदराबाद स्थित ग्लोबल टेक्नोलॉजी सेंटर कंपनी की इंजीनियरिंग और डिजिटल क्षमताओं को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा और ग्राहकों के लिए बेहतर समाधान विकसित करने में मदद करेगा। क्या Jio और Airtel को होगी परेशानी? फिलहाल इसका जवाब नहीं है। टी-मोबाइल भारत में मोबाइल सेवाएं शुरू नहीं कर रही है। कंपनी का भारतीय कार्यालय केवल अमेरिकी ग्राहकों के लिए तकनीकी और बैकएंड सपोर्ट का काम करेगा। इसलिए रिलायंस जियो और भारती एयरटेल के लिए इससे किसी प्रत्यक्ष प्रतिस्पर्धा की संभावना नहीं दिखाई देती। हालांकि, भारत के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है, क्योंकि इससे आईटी और टेक सेक्टर में नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।  

surbhi जून 6, 2026 0
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