ऑटोमोबाइल

Yamaha YZF-R2
अगले माह लॉन्च होगी नई Yamaha R2 स्पोर्ट्स बाइक, जानें क्या है खास ?

हैदराबाद, एजेंसियां। जापानी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी Yamaha Motorcycle India भारतीय बाजार में अपनी नई एंट्री-लेवल स्पोर्ट्स बाइक Yamaha YZF-R2 लॉन्च करने की तैयारी में है। कंपनी इस नई मोटरसाइकिल को 27 अगस्त 2026 को चेन्नई में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में पेश करेगी। लॉन्च से पहले कंपनी ने ‘Block Your Date’ इनविटेशन जारी कर इसकी आधिकारिक तारीख की पुष्टि कर दी है। माना जा रहा है कि यह बाइक 200cc स्पोर्ट्स सेगमेंट में ग्राहकों के लिए एक नया और दमदार विकल्प साबित होगी।   Yamaha YZF-R2 को कंपनी की लोकप्रिय Yamaha R15 से ऊपर पोजिशन किया जाएगा। R15 ने भारतीय बाजार में अपनी बेहतरीन परफॉर्मेंस, स्पोर्टी डिजाइन और भरोसेमंद इंजन के दम पर खास पहचान बनाई है। अब कंपनी इसी सफलता को आगे बढ़ाते हुए R2 के जरिए उन ग्राहकों को आकर्षित करना चाहती है, जो ज्यादा पावर और बेहतर प्रदर्शन वाली स्पोर्ट्स बाइक की तलाश में हैं।   रिपोर्ट्स के अनुसार रिपोर्ट्स के अनुसार, नई Yamaha R2 में लगभग 200cc का लिक्विड-कूल्ड इंजन दिया जा सकता है। माना जा रहा है कि यह इंजन R15 में मिलने वाले 155cc इंजन का बड़ा और अधिक शक्तिशाली संस्करण होगा। इससे बाइक को बेहतर पावर, तेज एक्सीलरेशन और हाईवे पर शानदार प्रदर्शन मिलने की उम्मीद है। साथ ही Yamaha अपनी पहचान के अनुरूप इसमें बेहतर फ्यूल एफिशिएंसी और स्मूद राइडिंग एक्सपीरियंस भी बनाए रखने की कोशिश करेगी।   हालांकि, कंपनी ने अभी तक बाइक के पूरे स्पेसिफिकेशन्स, फीचर्स और कीमत का खुलासा नहीं किया है। इन सभी जानकारियों से 27 अगस्त को लॉन्चिंग के दौरान पर्दा उठेगा।   नई Yamaha YZF-R2 का सीधा मुकाबला भारतीय बाजार में KTM RC 200 और Hero Karizma XMR 210 जैसी स्पोर्ट्स बाइक्स से होगा। वहीं Yamaha की मौजूदा 155cc रेंज, जिसमें R15, MT-15 और XSR155 शामिल हैं, की बिक्री पहले की तरह जारी रहेगी। ऐसे में Yamaha R2 कंपनी के पोर्टफोलियो को और मजबूत करते हुए प्रीमियम एंट्री-लेवल स्पोर्ट्स बाइक सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा को और दिलचस्प बना सकती है।

abhishek singh जुलाई 4, 2026 0
Electric scooters from leading brands displayed as India’s electric two-wheeler market records strong sales growth in 2026.
TVS फिर बनी नंबर-1, Bajaj ने बढ़ाई टक्कर, 6 महीने में बिके 9.7 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर; Ola अब भी वापसी की राह पर

नई दिल्ली: भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। जून 2026 में इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक की बिक्री रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गई। इस दौरान 1,93,495 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिके, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 75 प्रतिशत अधिक हैं। बिक्री के मामले में TVS Motor ने लगातार अपनी बादशाहत कायम रखी, जबकि Bajaj Auto ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए कंपनी को कड़ी चुनौती दी। वहीं, कभी बाजार में नंबर-1 रही Ola Electric अभी भी अपनी खोई हुई बढ़त वापस पाने की कोशिश कर रही है। छह महीने में 9.7 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बिक्री जनवरी से जून 2026 के बीच देशभर में 9,70,611 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिके। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 53 प्रतिशत की वृद्धि है। विशेषज्ञों का मानना है कि मई में पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद बड़ी संख्या में ग्राहकों ने इलेक्ट्रिक स्कूटर की ओर रुख किया, जिसका सीधा असर जून की बिक्री पर दिखाई दिया। TVS ने लगातार तीसरे महीने बनाए रखा दबदबा जून 2026 में TVS Motor ने 46,999 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बेचकर सबसे अधिक बिक्री दर्ज की। इसके साथ कंपनी की बाजार हिस्सेदारी लगभग 24 प्रतिशत रही। TVS लगातार तीसरे महीने 40 हजार से अधिक यूनिट बेचने में सफल रही है। इसी अवधि में कंपनी ने भारत में 10 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिक्री का महत्वपूर्ण आंकड़ा भी पार कर लिया। Bajaj Chetak ने बढ़ाई प्रतिस्पर्धा Bajaj Auto ने जून में 43,234 यूनिट की बिक्री दर्ज की। कंपनी का लोकप्रिय इलेक्ट्रिक स्कूटर Chetak लगातार ग्राहकों की पसंद बना हुआ है। बाजार में Bajaj की हिस्सेदारी अब करीब 22 प्रतिशत तक पहुंच गई है और बिक्री के मामले में TVS और Bajaj के बीच का अंतर लगातार कम होता जा रहा है। Ather और Hero Vida की शानदार रफ्तार Ather Energy ने जून में 31,188 इलेक्ट्रिक स्कूटर बेचे, जो पिछले साल की तुलना में 95 प्रतिशत अधिक हैं। कंपनी का फैमिली स्कूटर Rizta बिक्री बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है। वहीं Hero Vida ने सबसे तेज बढ़त दर्ज करते हुए जून में 21,792 यूनिट की बिक्री की। कंपनी की सालाना वृद्धि 175 प्रतिशत रही, जो इस सूची में सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन में से एक है। Ola Electric अभी भी वापसी की कोशिश में एक समय भारतीय इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार की सबसे बड़ी कंपनी रही Ola Electric जून में 16,144 यूनिट बेचकर पांचवें स्थान पर रही। हालांकि कंपनी की सालाना बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन पिछले पांच महीनों से उसकी मासिक बिक्री में लगातार सुधार देखने को मिला है। इससे संकेत मिलता है कि Ola Electric धीरे-धीरे अपनी बाजार हिस्सेदारी मजबूत करने की कोशिश कर रही है। Ampere और River Mobility ने भी दिखाया दम Ampere ने जून में 10,928 यूनिट की बिक्री दर्ज की और अपनी स्थिति मजबूत की। वहीं River Mobility ने 4,391 यूनिट बेचते हुए 214 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हासिल की, जो सभी प्रमुख कंपनियों में सबसे अधिक रही। इसके अलावा BGauss, E-Sprinto और Simple Energy भी जून 2026 में टॉप-10 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनियों की सूची में शामिल रहीं। इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ती मांग और नए मॉडल्स के लॉन्च के चलते भारत का इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार पहले से अधिक प्रतिस्पर्धी होता जा रहा है। TVS और Bajaj के बीच नंबर-1 की दौड़ तेज हो गई है, जबकि Ather, Hero Vida और Ola Electric भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रही हैं। आने वाले महीनों में यह मुकाबला और दिलचस्प होने की उम्मीद है।  

surbhi जुलाई 3, 2026 0
Electric scooter charging at home with battery, range, and service checklist before making an EV purchase.
EV स्कूटर खरीदने से पहले जरूर जान लें ये 5 बातें, सिर्फ रेंज देखकर फैसला किया तो हो सकता है बड़ा नुकसान

नई दिल्ली: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की मांग लगातार बढ़ रही है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच अब बड़ी संख्या में लोग इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने का विकल्प चुन रहे हैं। बाजार में 80 हजार रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले कई इलेक्ट्रिक स्कूटर उपलब्ध हैं, जिनमें लंबी रेंज, स्मार्ट फीचर्स और आकर्षक डिजाइन का दावा किया जाता है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कंपनी द्वारा बताई गई रेंज, कीमत या फीचर्स के आधार पर इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना सही फैसला नहीं है। कई खरीदार बाद में बैटरी, चार्जिंग, सर्विस और ऐप सपोर्ट जैसी समस्याओं का सामना करते हैं, जिससे अतिरिक्त खर्च और असुविधा बढ़ सकती है। अगर आप नया इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो इन पांच महत्वपूर्ण बातों पर जरूर ध्यान दें। 1. कंपनी की बताई रेंज पर पूरी तरह भरोसा न करें अधिकांश कंपनियां इलेक्ट्रिक स्कूटर की रेंज नियंत्रित परीक्षण (Test Conditions) के आधार पर बताती हैं। वास्तविक परिस्थितियों में ट्रैफिक, सड़क की स्थिति, मौसम, वाहन पर लोड और ड्राइविंग स्टाइल के कारण यह रेंज काफी कम हो सकती है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी स्कूटर की आधिकारिक रेंज 120 किलोमीटर बताई गई है, तो सामान्य उपयोग में वह लगभग 75 से 90 किलोमीटर तक ही चल सकता है। इसलिए स्कूटर खरीदने से पहले वास्तविक उपयोगकर्ताओं के अनुभव पढ़ें, वीडियो रिव्यू देखें और संभव हो तो मौजूदा मालिकों से बात करें। 2. बैटरी वारंटी की शर्तें ध्यान से पढ़ें बैटरी किसी भी इलेक्ट्रिक स्कूटर का सबसे महंगा हिस्सा होती है। कई कंपनियां 3 से 5 वर्ष तक की वारंटी देती हैं, लेकिन हर वारंटी की अपनी अलग शर्तें होती हैं। खरीदने से पहले यह जरूर जान लें कि किन परिस्थितियों में बैटरी मुफ्त बदली जाएगी और किन मामलों में वारंटी लागू नहीं होगी। इससे भविष्य में होने वाले बड़े खर्च से बचा जा सकता है। 3. घर पर चार्जिंग की सुविधा पहले जांच लें इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने से पहले यह सुनिश्चित करें कि आपके घर या अपार्टमेंट में सुरक्षित चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध है। पुराने मकानों या कुछ सोसायटी में बिजली की वायरिंग, लोड क्षमता या चार्जिंग की अनुमति से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। यदि सही चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध नहीं होगा, तो रोजाना स्कूटर चार्ज करना मुश्किल हो सकता है। फ्लैट में रहने वाले लोगों को सोसायटी के नियम भी पहले से जान लेने चाहिए। 4. नजदीकी सर्विस सेंटर की उपलब्धता जरूर देखें इलेक्ट्रिक स्कूटर की मरम्मत हर सामान्य मैकेनिक नहीं कर सकता। इसके लिए कंपनी के अधिकृत सर्विस सेंटर की जरूरत होती है। यदि सर्विस सेंटर आपके घर से काफी दूर है, तो छोटी-सी तकनीकी खराबी में भी समय और अतिरिक्त खर्च दोनों बढ़ सकते हैं। खरीदारी से पहले कंपनी की वेबसाइट या डीलर से अपने शहर के सर्विस नेटवर्क की पूरी जानकारी जरूर लें। 5. कंपनी और उसके मोबाइल ऐप की विश्वसनीयता जांचें आज के अधिकांश इलेक्ट्रिक स्कूटर मोबाइल ऐप से जुड़े होते हैं। इन ऐप्स के जरिए वाहन की लोकेशन, बैटरी स्टेटस, लॉक- अनलॉक, डायग्नोस्टिक्स और कई स्मार्ट फीचर्स का उपयोग किया जाता है। यदि भविष्य में कंपनी ऐप का सपोर्ट बंद कर दे या नियमित अपडेट न दे, तो कई स्मार्ट सुविधाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए यह भी देखें कि कंपनी कितने समय से बाजार में मौजूद है, उसकी वित्तीय स्थिति कैसी है, सर्विस नेटवर्क कितना मजबूत है और ऐप को नियमित अपडेट मिलते हैं या नहीं। सिर्फ रेंज नहीं, पूरी तस्वीर देखें इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना एक लंबी अवधि का निवेश है। ऐसे में केवल अधिक रेंज या कम कीमत देखकर फैसला करना सही नहीं होगा। अगर आप रेंज के साथ बैटरी की गुणवत्ता, वारंटी, चार्जिंग सुविधा, सर्विस नेटवर्क और कंपनी की विश्वसनीयता जैसे पहलुओं का भी ध्यान रखेंगे, तो भविष्य में होने वाली परेशानियों और अनावश्यक खर्च से बच सकते हैं। सही जानकारी के साथ लिया गया फैसला न केवल आपके पैसे बचाएगा बल्कि बेहतर ओनरशिप अनुभव भी देगा।  

surbhi जुलाई 2, 2026 0
VinFast upcoming electric scooter featuring premium styling, LED lighting, smart features and a claimed 150 km riding range for India.
OLA, TVS और Bajaj की बढ़ सकती है चुनौती! VinFast ला रही नया इलेक्ट्रिक स्कूटर, 150Km तक की रेंज और प्रीमियम फीचर्स का दावा

भारत का इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है और इसी बढ़ते बाजार पर अब वैश्विक कंपनियों की भी नजर है। वियतनाम की प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी VinFast ने भारत में अपने नए इलेक्ट्रिक स्कूटर का डिजाइन पेटेंट कराया है। इस कदम को कंपनी की भारतीय ईवी टू-व्हीलर बाजार में एंट्री की मजबूत तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। अगर VinFast भारतीय बाजार में इस स्कूटर को लॉन्च करती है, तो इसका सीधा मुकाबला OLA Electric, TVS Motor, Bajaj Auto, Ather Energy और अन्य स्थापित कंपनियों के इलेक्ट्रिक स्कूटरों से होगा। कंपनी ने फिलहाल लॉन्च डेट और कीमत का खुलासा नहीं किया है, लेकिन पेटेंट दाखिल होने के बाद माना जा रहा है कि जल्द ही इससे जुड़े और बड़े अपडेट सामने आ सकते हैं। भारत बना VinFast की रणनीति का अहम हिस्सा VinFast की पैरेंट कंपनी Vingroup भारत को अपने सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में शामिल कर रही है। कंपनी पहले ही भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक कारों को लेकर अपनी योजनाओं का ऐलान कर चुकी है और हाल ही में अपनी Green SM इलेक्ट्रिक कैब सेवा के जरिए भी भारतीय बाजार में मौजूदगी दर्ज करा चुकी है। अब इलेक्ट्रिक स्कूटर का डिजाइन पेटेंट यह संकेत देता है कि कंपनी सिर्फ चार पहिया वाहनों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में भी अपनी मजबूत हिस्सेदारी बनाना चाहती है। प्रीमियम डिजाइन के साथ मिलेगा नया लुक पेटेंट इमेज के अनुसार नया इलेक्ट्रिक स्कूटर कंपनी के मौजूदा VinFast Viper मॉडल से काफी मिलता-जुलता दिखाई देता है, लेकिन इसमें कई नए डिजाइन अपडेट किए गए हैं। संभावित डिजाइन फीचर्स में शामिल हैं— नया एलईडी हेडलाइट सेटअप इंटीग्रेटेड एलईडी डीआरएल नया फ्रंट फेंडर नीचे की ओर शिफ्ट किया गया VinFast लोगो बैट-विंग स्टाइल एलईडी टेललाइट 14 इंच के अलॉय व्हील स्टेप-अप सीट फ्लैट फ्लोरबोर्ड फुट पेग इन बदलावों के चलते स्कूटर का लुक पहले से अधिक मॉडर्न और प्रीमियम नजर आता है। फीचर्स में मिलेगी एडवांस टेक्नोलॉजी रिपोर्ट्स के अनुसार नए इलेक्ट्रिक स्कूटर में कई आधुनिक फीचर्स देखने को मिल सकते हैं। इनमें शामिल हैं— TFT डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर स्मार्ट-की सिस्टम कीलेस-गो फीचर स्मार्टफोन कनेक्टिविटी डिजिटल डिस्प्ले टेलीस्कोपिक फ्रंट फोर्क गैस-चार्ज्ड ट्विन रियर शॉक एब्जॉर्बर फ्रंट डिस्क ब्रेक इन फीचर्स के साथ VinFast का यह स्कूटर प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट में मजबूत दावेदारी पेश कर सकता है। 150 किलोमीटर तक की रेंज का दावा कंपनी के मौजूदा VinFast Viper मॉडल में 1.5kWh की फिक्स्ड बैटरी मिलती है, जिससे लगभग 82 किलोमीटर तक की ड्राइविंग रेंज प्राप्त होती है। इसके अलावा इसमें 1.15kWh की अतिरिक्त बैटरी लगाने का विकल्प भी दिया जाता है। दोनों बैटरियों के साथ कुल संभावित रेंज लगभग 150 किलोमीटर तक पहुंच जाती है, जो रोजाना शहर में आने-जाने वाले ग्राहकों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है। हालांकि भारत में आने वाले मॉडल में यही बैटरी सेटअप मिलेगा या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मोटर और परफॉर्मेंस मौजूदा VinFast Viper में 3000W पीक पावर वाला रियर हब मोटर मिलता है, जो लगभग 4bhp की पावर जनरेट करता है। इसकी टॉप स्पीड करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जाती है। यदि भारतीय मॉडल इसी पावरट्रेन के साथ लॉन्च होता है, तो यह शहरों में रोजमर्रा की यात्रा के लिए एक संतुलित और किफायती विकल्प बन सकता है। कब होगा लॉन्च? फिलहाल VinFast ने भारत में इस इलेक्ट्रिक स्कूटर की लॉन्च डेट, कीमत और आधिकारिक स्पेसिफिकेशन का खुलासा नहीं किया है। हालांकि डिजाइन पेटेंट दाखिल होने के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि कंपनी जल्द ही भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में अपनी नई पेशकश के साथ दस्तक दे सकती है। यदि ऐसा होता है तो आने वाले समय में भारतीय ईवी बाजार में प्रतिस्पर्धा और भी तेज होने की संभावना है।  

surbhi जुलाई 1, 2026 0
Maruti Suzuki Ertiga ZXi 7-seater MPV highlighting premium features, spacious cabin, and value-for-money pricing.
₹11 लाख के बजट में 7-सीटर खरीदने की सोच रहे हैं? Maruti Suzuki Ertiga ZXi क्यों है सबसे वैल्यू फॉर मनी वेरिएंट

नई दिल्ली: अगर आपका बजट करीब 11 लाख रुपये है और आप एक ऐसी 7-सीटर MPV खरीदना चाहते हैं, जो आराम, फीचर्स, माइलेज और भरोसेमंद परफॉर्मेंस का बेहतरीन संतुलन दे, तो Maruti Suzuki Ertiga ZXi आपके लिए सबसे समझदारी भरे विकल्पों में से एक हो सकती है। अक्सर ग्राहक सीधे टॉप मॉडल खरीदने की सोचते हैं, लेकिन हर बार सबसे महंगा वेरिएंट ही सबसे बेहतर नहीं होता। Ertiga का ZXi वेरिएंट उन लोगों के लिए तैयार किया गया है, जो बिना अतिरिक्त खर्च किए लगभग सभी जरूरी प्रीमियम फीचर्स चाहते हैं। Maruti Suzuki Ertiga ZXi की कीमत Maruti Suzuki Ertiga ZXi की एक्स-शोरूम कीमत इस प्रकार है: मैनुअल: ₹10.96 लाख CNG: ₹11.92 लाख ऑटोमैटिक: ₹12.31 लाख इस कीमत पर यह Maruti Suzuki की सबसे लोकप्रिय और किफायती 7-सीटर MPV में से एक है। इंजन और परफॉर्मेंस Ertiga में 1.5-लीटर K15C Smart Hybrid पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 101.6bhp की पावर और 139Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इसमें ग्राहकों को: 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स 6-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प मिलता है। वहीं, CNG वेरिएंट में यही इंजन 86.6bhp की पावर और 121.5Nm का टॉर्क देता है। यह उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प है जो कम रनिंग कॉस्ट चाहते हैं। ZXi वेरिएंट में मिलते हैं ये फीचर्स Maruti Suzuki Ertiga ZXi में रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई प्रीमियम फीचर्स दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं— डुअल-टोन इंटीरियर और सीट अपहोल्स्ट्री रियर रूफ स्पॉइलर 60:40 स्प्लिट सेकेंड रो सीट 50:50 स्प्लिट थर्ड रो सीट कलर मल्टी-इन्फॉर्मेशन डिस्प्ले (MID) पुश-बटन स्टार्ट/स्टॉप तीनों रो के लिए AC वेंट्स सभी पावर विंडो 7-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम Android Auto और Apple CarPlay सपोर्ट 4-स्पीकर ऑडियो सिस्टम मल्टी-फंक्शन स्टीयरिंग व्हील ऑटोमैटिक वेरिएंट में पैडल शिफ्टर्स क्या ZXi वेरिएंट खरीदना चाहिए? अगर आपका बजट लगभग 11 लाख रुपये है और आप एक ऐसी 7-सीटर MPV चाहते हैं जिसमें रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए लगभग सभी जरूरी फीचर्स मिल जाएं, तो Maruti Suzuki Ertiga ZXi सबसे बेहतर विकल्पों में से एक साबित हो सकती है। यह वेरिएंट कीमत, फीचर्स, कम्फर्ट, माइलेज और भरोसेमंद परफॉर्मेंस के बीच शानदार संतुलन बनाता है। यही वजह है कि इसे Ertiga लाइनअप का सबसे Value for Money वेरिएंट माना जाता है।  

surbhi जून 29, 2026 0
2026 Maruti Brezza facelift SUV showcasing updated design, ADAS technology and turbo petrol engine
2026 Maruti Brezza Facelift: टर्बो इंजन, ADAS और प्रीमियम फीचर्स के साथ आ सकती है नई ब्रेजा, लॉन्च से पहले बड़े खुलासे

नई दिल्ली: भारतीय कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में लंबे समय से मजबूत पकड़ बनाए हुए Maruti Suzuki की लोकप्रिय SUV Maruti Brezza जल्द बड़े बदलावों के साथ बाजार में दस्तक दे सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी 2026 Brezza Facelift पर काम कर रही है, जिसमें डिजाइन, फीचर्स, टेक्नोलॉजी और इंजन के स्तर पर कई महत्वपूर्ण अपडेट देखने को मिल सकते हैं। सबसे बड़ी चर्चा इस बात की है कि नई Brezza में पहली बार टर्बो-पेट्रोल इंजन दिया जा सकता है, जो इसे मौजूदा मॉडल की तुलना में अधिक दमदार बना सकता है। पहली बार मिल सकता है टर्बो-पेट्रोल इंजन रिपोर्ट्स के अनुसार, फेसलिफ्ट मॉडल में 1.0-लीटर 3-सिलेंडर टर्बो-पेट्रोल इंजन मिलने की संभावना है। संभावित इंजन स्पेसिफिकेशन: 1.0-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन लगभग 98.6 hp पावर 147.6 Nm टॉर्क 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स इसके अलावा कंपनी मौजूदा 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन को भी जारी रख सकती है। मौजूदा इंजन आउटपुट: 103 hp पावर 137 Nm टॉर्क 5-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन CNG मॉडल में मिलेगा बड़ा फायदा नई Brezza में फैक्ट्री-फिटेड अंडरबॉडी CNG टैंक दिए जाने की भी चर्चा है। इस बदलाव के फायदे: बूट स्पेस बढ़ेगा सामान रखने में आसानी होगी CNG सिलेंडर के कारण लगेज स्पेस कम नहीं होगा बेहतर प्रैक्टिकलिटी मिलेगी यह फीचर भारतीय ग्राहकों के लिए काफी आकर्षक साबित हो सकता है। इंटीरियर होगा पहले से ज्यादा प्रीमियम नई Brezza के केबिन में भी कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। संभावित फीचर्स: 10.1 इंच का बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम वायरलेस Android Auto वायरलेस Apple CarPlay नया डैशबोर्ड लेआउट प्रीमियम सीट अपहोल्स्ट्री बेहतर इंटीरियर फिनिश इन अपडेट्स के जरिए कंपनी Brezza को अधिक आधुनिक और प्रीमियम बनाने की तैयारी में है। पहली बार मिल सकता है लेवल-2 ADAS नई Brezza का सबसे बड़ा तकनीकी अपडेट लेवल-2 ADAS (Advanced Driver Assistance System) हो सकता है। संभावित ADAS फीचर्स: लेन कीप असिस्ट अडैप्टिव क्रूज़ कंट्रोल ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग फॉरवर्ड कोलिजन वार्निंग लेन डिपार्चर अलर्ट यदि यह फीचर शामिल किया जाता है, तो Brezza अपने सेगमेंट की सबसे एडवांस SUV में शामिल हो सकती है। एक्सटीरियर में क्या होगा नया? फेसलिफ्ट मॉडल के डिजाइन में भी कई कॉस्मेटिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। संभावित बदलाव: नई फ्रंट ग्रिल अपडेटेड बंपर नए फॉग लैंप हाउसिंग सिल्वर फिनिश स्किड प्लेट नए डिजाइन के अलॉय व्हील्स रिफ्रेश्ड फ्रंट और रियर लुक हालांकि SUV का प्लेटफॉर्म और ओवरऑल साइज पहले जैसा ही रहने की संभावना है। कब होगी लॉन्च? रिपोर्ट्स के मुताबिक 2026 Maruti Brezza Facelift को जुलाई 2026 के आसपास लॉन्च किया जा सकता है। यह अपडेट कंपनी की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसके तहत Brezza, Fronx और Grand Vitara जैसी SUVs को 2027 तक नए फीचर्स और तकनीक के साथ अपडेट किया जाएगा। कितनी हो सकती है कीमत? फिलहाल मौजूदा Brezza की एक्स-शोरूम कीमत लगभग ₹8.26 लाख से ₹14.04 लाख तक है। नई Brezza Facelift में: टर्बो इंजन ADAS बड़ा टचस्क्रीन नए फीचर्स जैसे अपग्रेड मिलने की वजह से कीमत में कुछ बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि कंपनी ने अभी तक लॉन्च डेट, इंजन या कीमत को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। क्या इंतजार करना सही रहेगा? अगर आप अगले कुछ महीनों में Brezza खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो फेसलिफ्ट मॉडल का इंतजार करना फायदे का सौदा हो सकता है। खासकर उन ग्राहकों के लिए जो बेहतर टेक्नोलॉजी, एडवांस सेफ्टी फीचर्स और अधिक आधुनिक इंटीरियर चाहते हैं।  

surbhi जून 25, 2026 0
Vintage truck with black tape on headlights, showing an old road safety practice.
पुरानी गाड़ियों की हेडलाइट पर क्यों लगाई जाती थी काली पट्टी? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

आज की आधुनिक कारों और ट्रकों में एडवांस LED और प्रोजेक्टर हेडलाइट्स देखने को मिलती हैं, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब सड़कों पर चलने वाले कई ट्रकों, बसों और कारों की हेडलाइट पर काली पट्टी लगाई जाती थी। नई पीढ़ी के लिए यह सिर्फ एक अजीब डिजाइन लग सकता है, लेकिन इसके पीछे सड़क सुरक्षा, तकनीकी सीमाएं और ऐतिहासिक कारण जुड़े हुए थे। तेज रोशनी से बचाने के लिए अपनाया जाता था यह तरीका पहले के दौर में वाहनों में आधुनिक हेडलाइट तकनीक उपलब्ध नहीं थी। अधिकांश गाड़ियों में साधारण बल्ब आधारित हेडलाइट्स लगी होती थीं, जिनमें रोशनी को नियंत्रित करने के लिए बेहतर फोकसिंग सिस्टम नहीं होता था। ऐसे में हाई बीम की तेज रोशनी सामने से आने वाले वाहन चालक की आंखों में पड़कर दुर्घटना का कारण बन सकती थी। इसी समस्या से बचने के लिए कई ड्राइवर हेडलाइट के ऊपरी हिस्से पर काली पट्टी या काला रंग लगा देते थे। इससे रोशनी का कुछ हिस्सा अवरुद्ध हो जाता था और प्रकाश सड़क पर अधिक केंद्रित रहता था, जिससे सामने वाले वाहन चालक को कम ग्लेयर महसूस होता था। द्वितीय विश्व युद्ध से भी जुड़ा है इसका इतिहास हेडलाइट पर काली पट्टी लगाने का चलन केवल आम वाहनों तक सीमित नहीं था। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान कई देशों की सैन्य गाड़ियों में भी हेडलाइट्स को आंशिक रूप से ढंका जाता था। इसका उद्देश्य दुश्मन को वाहन की सटीक स्थिति और दिशा का अंदाजा लगाने से रोकना था। रात में सीमित रोशनी के साथ वाहन चलाना उस समय सैन्य रणनीति का हिस्सा माना जाता था। इसलिए हेडलाइट की चमक को नियंत्रित करना आवश्यक समझा जाता था। भारतीय ट्रक ड्राइवरों का लोकप्रिय जुगाड़ भारत में 1970 से 1990 के दशक के बीच ट्रक और बस चालकों के बीच यह तरीका काफी लोकप्रिय था। कई ड्राइवर अपने अनुभव के आधार पर हेडलाइट पर तिरछी काली पट्टी लगाते थे। उनका मानना था कि इससे सामने वाले वाहन चालक को कम चकाचौंध होती है और रात के समय दुर्घटनाओं की आशंका घट जाती है। दिलचस्प बात यह है कि यह किसी सरकारी नियम या कानून का हिस्सा नहीं था, बल्कि पूरी तरह ड्राइवरों के अनुभव और व्यवहारिक समझ पर आधारित एक देसी जुगाड़ था। अब क्यों नहीं दिखाई देती काली पट्टी? समय के साथ वाहन तकनीक में बड़ा बदलाव आया है। आज की कारों और ट्रकों में लो बीम और हाई बीम सिस्टम अलग-अलग तरीके से काम करते हैं। LED, प्रोजेक्टर और मैट्रिक्स हेडलाइट्स रोशनी को अधिक सटीक दिशा में भेजती हैं। कई आधुनिक वाहनों में ऑटोमैटिक हाई-बीम कंट्रोल जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, आज के दौर में हेडलाइट पर काली पट्टी लगाने से चालक की अपनी विजिबिलिटी प्रभावित हो सकती है, इसलिए इसकी जरूरत लगभग खत्म हो चुकी है। तकनीक ने बदल दी पुरानी परंपरा जिस समस्या का समाधान कभी ड्राइवर काली पट्टी लगाकर करते थे, आज वही काम आधुनिक हेडलाइट तकनीक आसानी से कर रही है। हालांकि पुराने ट्रकों और बसों की तस्वीरों में दिखाई देने वाली यह काली पट्टी आज भी ऑटोमोबाइल इतिहास की एक दिलचस्प याद के रूप में देखी जाती है।  

surbhi जून 24, 2026 0
Popular electric scooters with low seat height designed for comfortable riding and easy handling in city traffic.
कम हाइट वाले लोगों के लिए बेस्ट हैं ये इलेक्ट्रिक स्कूटर्स, ट्रैफिक और पार्किंग में मिलेगी आसान राइड

Low Seat Height Electric Scooters: भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदते समय केवल रेंज, टॉप स्पीड और फीचर्स ही नहीं, बल्कि सीट हाइट भी एक महत्वपूर्ण फैक्टर बन चुकी है। खासकर कम हाइट वाले राइडर्स के लिए ऐसा स्कूटर चुनना जरूरी होता है, जिसमें दोनों पैर आसानी से जमीन तक पहुंच सकें। इससे ट्रैफिक में बार-बार रुकने, यू-टर्न लेने और तंग पार्किंग स्पेस में स्कूटर संभालना काफी आसान हो जाता है। अगर आप भी कम सीट हाइट वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो ये मॉडल आपके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। Bajaj Chetak सीट हाइट: 760 mm बजाज चेतक भारत के सबसे कम सीट हाइट वाले मेनस्ट्रीम इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में शामिल है। इसकी 760 मिमी सीट हाइट कम कद वाले राइडर्स के लिए बेहद सुविधाजनक साबित होती है। ट्रैफिक में बार-बार रुकने और चलने के दौरान दोनों पैर आसानी से जमीन पर टिक जाते हैं। इसके अलावा स्कूटर में TFT डिस्प्ले, कनेक्टेड फीचर्स और वेरिएंट के अनुसार 120 किलोमीटर से अधिक की दावा की गई रेंज मिलती है। खास बातें 760 mm सीट हाइट 120 km+ रेंज TFT डिस्प्ले कनेक्टेड टेक्नोलॉजी TVS iQube सीट हाइट: 770 mm TVS iQube अपनी आरामदायक सीट और आसान राइडिंग पोजिशन के लिए जाना जाता है। इसकी 770 मिमी सीट हाइट लंबी और रोजमर्रा की यात्रा को सुविधाजनक बनाती है। कंपनी इसे अलग-अलग बैटरी विकल्पों के साथ पेश करती है और टॉप वेरिएंट में 140 किलोमीटर से अधिक की रेंज का दावा किया गया है। खास बातें 770 mm सीट हाइट 140 km+ रेंज आरामदायक राइडिंग पोजिशन शहर के ट्रैफिक के लिए उपयुक्त Ather Rizta सीट हाइट: 780 mm एथर रिज्टा को फैमिली और कम्फर्ट को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसकी लंबी और चौड़ी सीट लंबी दूरी की यात्रा को आरामदायक बनाती है। 780 मिमी सीट हाइट लगभग हर प्रकार के राइडर्स के लिए उपयुक्त मानी जाती है। इसमें बड़ा अंडर-सीट स्टोरेज, ट्रैक्शन कंट्रोल और स्मार्ट कनेक्टेड फीचर्स भी मिलते हैं। टॉप वेरिएंट में 159 किलोमीटर तक की IDC रेंज का दावा किया गया है। खास बातें 780 mm सीट हाइट 159 km तक की रेंज बड़ा स्टोरेज स्पेस ट्रैक्शन कंट्रोल और स्मार्ट फीचर्स Hero Vida V1 सीट हाइट: 780 mm हीरो Vida V1 भी 780 मिमी सीट हाइट के साथ आता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत रिमूवेबल बैटरी है, जिसे घर या ऑफिस में आसानी से चार्ज किया जा सकता है। यह उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी है जिनके पास पार्किंग में चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं होती। स्कूटर में टचस्क्रीन डिस्प्ले, कई राइड मोड्स और बेहतर रेंज जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं। खास बातें 780 mm सीट हाइट रिमूवेबल बैटरी टचस्क्रीन डिस्प्ले मल्टीपल राइड मोड्स कौन सा स्कूटर है सबसे बेहतर? अगर आपकी प्राथमिकता सबसे कम सीट हाइट है, तो Bajaj Chetak सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है। वहीं, अधिक रेंज और फैमिली कम्फर्ट चाहने वाले ग्राहकों के लिए Ather Rizta और TVS iQube बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। जिन लोगों के पास फिक्स्ड चार्जिंग की सुविधा नहीं है, उनके लिए Hero Vida V1 काफी उपयोगी रहेगा।  

surbhi जून 23, 2026 0
Modern motorcycle with self-start system highlighting the absence of a traditional kick starter.
क्या आपकी बाइक में नहीं है किक स्टार्ट? जानिए सेल्फ स्टार्ट की वो कमजोरियां, जो मुश्किल समय में बढ़ा सकती हैं परेशानी

नई दिल्ली: आधुनिक बाइक्स और स्कूटर्स में अब किक स्टार्ट तेजी से गायब होता जा रहा है और उसकी जगह इलेक्ट्रिक स्टार्ट यानी सेल्फ स्टार्ट ने ले ली है। बटन दबाते ही इंजन चालू होने की सुविधा ने राइडिंग को पहले से कहीं ज्यादा आसान बना दिया है, लेकिन इसके साथ कुछ ऐसी कमजोरियां भी जुड़ी हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। कैसे काम करता है किक स्टार्ट सिस्टम? किक स्टार्ट पूरी तरह मैकेनिकल तकनीक पर आधारित होता है। इसमें किसी बैटरी या इलेक्ट्रिकल पावर की जरूरत नहीं पड़ती। जब राइडर किक लीवर पर पैर से दबाव डालता है, तो यह इंजन के क्रैंकशाफ्ट को घुमाता है और पिस्टन के जरिए फ्यूल में दहन की प्रक्रिया शुरू होती है। इसी से इंजन स्टार्ट हो जाता है। यही वजह है कि बैटरी पूरी तरह खत्म होने के बावजूद किक स्टार्ट वाली बाइक आसानी से चालू की जा सकती है। इसी कारण इसे लंबे समय तक सबसे भरोसेमंद सिस्टम माना जाता रहा है। सेल्फ स्टार्ट का विज्ञान क्या है? इलेक्ट्रिक स्टार्ट या सेल्फ स्टार्ट पूरी तरह बैटरी पर निर्भर करता है। स्टार्ट बटन दबाने पर बैटरी से करंट स्टार्टर मोटर तक पहुंचता है, जो इंजन के गियर को घुमाकर उसे चालू कर देती है। यह प्रक्रिया कुछ ही सेकंड में पूरी हो जाती है और इसमें किसी शारीरिक मेहनत की जरूरत नहीं होती। यही कारण है कि नई पीढ़ी की ज्यादातर बाइक्स और स्कूटर्स में केवल सेल्फ स्टार्ट सिस्टम ही दिया जा रहा है। खराब मौसम में सामने आती हैं कमजोरियां हालांकि दोनों सिस्टम की अपनी सीमाएं हैं। किक स्टार्ट कड़ाके की ठंड में कई बार ज्यादा मेहनत मांगता है। लंबे समय तक खड़ी रहने वाली बाइक को किक से स्टार्ट करना मुश्किल हो सकता है। दूसरी तरफ, सेल्फ स्टार्ट का सबसे बड़ा दुश्मन कमजोर या डेड बैटरी है। भारी बारिश, जलभराव या अत्यधिक ठंड में बैटरी की क्षमता कम हो सकती है, जिससे बाइक स्टार्ट नहीं होती। इलेक्ट्रिकल सिस्टम में नमी आने पर शॉर्ट सर्किट का खतरा भी बढ़ जाता है। बैटरी पूरी तरह खत्म हो जाए तो क्या करें? अगर आपकी बाइक में किक स्टार्ट नहीं है और बैटरी डेड हो जाए, तो आपके पास दो विकल्प बचते हैं— जंप स्टार्ट: किसी दूसरी गाड़ी की बैटरी की मदद से शुरुआती पावर देकर बाइक स्टार्ट की जा सकती है। पुश स्टार्ट: मैनुअल गियरबॉक्स वाली बाइक्स में धक्का देकर दूसरे गियर में इंजन चालू किया जा सकता है। हालांकि यह तरीका ऑटोमैटिक स्कूटरों में काम नहीं करता। कौन सा सिस्टम ज्यादा भरोसेमंद? विशेषज्ञों के अनुसार, रोजमर्रा की सुविधा के लिए इलेक्ट्रिक स्टार्ट सबसे बेहतर विकल्प है, लेकिन आपात स्थिति में किक स्टार्ट एक मजबूत बैकअप साबित होता है। यही कारण है कि कई राइडर्स आज भी किक स्टार्ट वाली बाइक्स को अधिक भरोसेमंद मानते हैं।  

surbhi जून 22, 2026 0
New 2026 Citroen eC3 X electric SUV showcased with modern styling and EV features.
नई Citroen eC3 X खरीदने का प्लान है? जानिए कौन-सा वेरिएंट है सबसे ज्यादा वैल्यू फॉर मनी

भारतीय बाजार में नई 2026 Citroen eC3 X Electric लॉन्च हो चुकी है और इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 11.99 लाख रुपये रखी गई है। खास बात यह है कि नया मॉडल पिछले वर्जन की तुलना में लगभग 1.74 लाख रुपये सस्ता है। कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक कार को तीन वेरिएंट्स—Live, Live (O) और Shine—में पेश किया है। ऐसे में सवाल यह है कि किस वेरिएंट पर पैसा लगाना सबसे समझदारी भरा फैसला होगा। Live वेरिएंट: बजट खरीदारों के लिए 11.99 लाख रुपये की कीमत वाला बेस वेरिएंट रोजमर्रा की जरूरतों के हिसाब से जरूरी फीचर्स के साथ आता है। मुख्य फीचर्स: हैलोजन हेडलैंप 15-इंच स्टील व्हील रियर पार्किंग सेंसर रिमोट कीलेस एंट्री फैब्रिक सीट्स मैनुअल एसी डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर Eco और Power ड्राइव मोड 4 एयरबैग ABS और EBD यह वेरिएंट उन ग्राहकों के लिए सही है जो कम बजट में इलेक्ट्रिक कार खरीदना चाहते हैं और अतिरिक्त टेक्नोलॉजी फीचर्स को प्राथमिकता नहीं देते। Live (O): सबसे संतुलित विकल्प 12.39 लाख रुपये की कीमत वाला यह मिड वेरिएंट सिर्फ 40,000 रुपये अतिरिक्त खर्च में कई उपयोगी फीचर्स जोड़ता है। अतिरिक्त सुविधाएं: 9.8-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम वायरलेस Apple CarPlay और Android Auto ब्लूटूथ कनेक्टिविटी 4-स्पीकर ऑडियो सिस्टम रिवर्स पार्किंग कैमरा लेदरेट सीट अपहोल्स्ट्री व्हील कवर आज के समय में टचस्क्रीन, स्मार्टफोन कनेक्टिविटी और रिवर्स कैमरा जैसे फीचर्स काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इसलिए कीमत और सुविधाओं के हिसाब से यह वेरिएंट सबसे बेहतर संतुलन प्रदान करता है। Shine वेरिएंट: प्रीमियम अनुभव चाहने वालों के लिए 13.26 लाख रुपये की कीमत वाला टॉप मॉडल ज्यादा प्रीमियम फीचर्स के साथ आता है। मुख्य फीचर्स: प्रोजेक्टर LED हेडलैंप LED DRLs और फ्रंट फॉग लैंप 15-इंच डायमंड-कट अलॉय व्हील वायरलेस चार्जर 10.2-इंच टचस्क्रीन My Citroen Connect टेक्नोलॉजी 7-इंच डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले हाइट एडजस्टेबल ड्राइवर सीट 6 एयरबैग सभी यात्रियों के लिए 3-पॉइंट सीटबेल्ट यदि आपका बजट अधिक है और आप प्रीमियम अनुभव चाहते हैं, तो Shine वेरिएंट अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। बैटरी, रेंज और चार्जिंग नई Citroen eC3 X में 29.2kWh बैटरी पैक दिया गया है। रेंज: 325 किमी (MIDC प्रमाणित) पावर: 57hp टॉर्क: 143Nm 0-60 किमी/घंटा: 6.8 सेकंड टॉप स्पीड: 107 किमी/घंटा चार्जिंग समय AC चार्जर: 10% से 100% तक लगभग 10 घंटे 30 मिनट DC फास्ट चार्जर: 10% से 80% तक केवल 57 मिनट कौन-सा वेरिएंट खरीदना चाहिए? अगर केवल बेसिक जरूरतें हैं तो Live वेरिएंट पर्याप्त है। वहीं ज्यादा फीचर्स और प्रीमियम अनुभव के लिए Shine उपयुक्त रहेगा। लेकिन कुल मिलाकर देखा जाए तो Live (O) वेरिएंट सबसे ज्यादा Value for Money साबित होता है। केवल 40 हजार रुपये अतिरिक्त देकर आपको आधुनिक इंफोटेनमेंट, वायरलेस कनेक्टिविटी, रिवर्स कैमरा और बेहतर इंटीरियर जैसे कई जरूरी फीचर्स मिल जाते हैं।  

surbhi जून 20, 2026 0
Essential emergency items including first aid kit, torch and warning triangle kept inside a car.
कार में हमेशा रखें ये 5 जरूरी चीजें, इमरजेंसी में आएंगी बेहद काम

नई दिल्ली: सड़क पर सफर के दौरान कब कौन-सी समस्या सामने आ जाए, इसका अंदाजा पहले से नहीं लगाया जा सकता। कई बार अचानक कार की बैटरी डिस्चार्ज हो जाती है, रात के समय गाड़ी खराब हो जाती है या किसी छोटी दुर्घटना में तुरंत मदद की जरूरत पड़ जाती है। ऐसे समय में अगर कार में कुछ जरूरी सामान पहले से मौजूद हो, तो बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है। एक अनुभवी कार सेल्समैन के अनुसार, हर ड्राइवर को अपनी कार में कम से कम पांच जरूरी चीजें हमेशा रखनी चाहिए। ये सामान न सिर्फ इमरजेंसी में मदद करते हैं, बल्कि आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा भी सुनिश्चित करते हैं। 1. जंप लीड्स या पोर्टेबल जंप पैक अगर कार की बैटरी अचानक बैठ जाए तो जंप लीड्स काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं। हालांकि, इसके लिए दूसरी कार की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में पोर्टेबल जंप पैक बेहतर विकल्प माना जाता है। यह छोटा और आसानी से साथ रखने योग्य उपकरण है, जिससे बिना किसी दूसरी गाड़ी की मदद के कार को दोबारा स्टार्ट किया जा सकता है। 2. टॉर्च, मोबाइल फ्लैशलाइट पर न करें पूरी तरह भरोसा रात के समय या कम रोशनी वाले इलाके में कार खराब होने पर टॉर्च बेहद काम आती है। मोबाइल की बैटरी सीमित होती है, इसलिए उस पर पूरी तरह निर्भर रहना सही नहीं माना जाता। बैटरी से चलने वाली एक अच्छी टॉर्च ज्यादा रोशनी देती है और लंबे समय तक उपयोग में लाई जा सकती है। 3. पावर बैंक रखें हमेशा चार्ज इमरजेंसी की स्थिति में मोबाइल फोन ही सबसे बड़ा सहारा होता है। मदद के लिए कॉल करना हो, लोकेशन शेयर करनी हो या जरूरी जानकारी हासिल करनी हो, फोन का चार्ज रहना बेहद जरूरी है। ऐसे में एक अच्छी क्षमता वाला पावर बैंक आपकी बड़ी मदद कर सकता है। 4. फर्स्ट एड किट सबसे जरूरी सुरक्षा उपकरण छोटी-मोटी चोट या दुर्घटना की स्थिति में फर्स्ट एड किट तुरंत राहत प्रदान करती है। इसमें बैंडेज, मेडिकल टेप, एंटीसेप्टिक, ग्लव्स और अन्य जरूरी सामान मौजूद होते हैं। कई कार कंपनियां यह किट पहले से उपलब्ध कराती हैं, लेकिन समय-समय पर इसकी जांच करते रहना भी जरूरी है। 5. हाई-विजिबिलिटी वेस्ट और वार्निंग ट्रायंगल हालांकि भारत में इन्हें रखना अनिवार्य नहीं है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यह बेहद उपयोगी साबित होते हैं। यदि सड़क पर आपकी कार खराब हो जाए तो वार्निंग ट्रायंगल अन्य वाहन चालकों को पहले से सतर्क करता है। वहीं हाई-विजिबिलिटी वेस्ट पहनने से अंधेरे या खराब मौसम में आपकी मौजूदगी आसानी से दिखाई देती है। सुरक्षित सफर के लिए छोटी तैयारी, बड़ा फायदा विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी-सी तैयारी आपको किसी भी आपात स्थिति में बड़ी परेशानी से बचा सकती है। इसलिए अपनी कार में इन जरूरी चीजों को हमेशा रखें और समय-समय पर उनकी स्थिति की जांच करते रहें।  

surbhi जून 18, 2026 0
Five budget-friendly commuter bikes under Rs 1 lakh suitable for daily rides and better mileage.
रोजाना सफर के लिए बेस्ट हैं ये 5 बाइक, कीमत 1 लाख रुपये से कम

अगर आप कम बजट में ऐसी बाइक खरीदना चाहते हैं जो शानदार माइलेज दे, मेंटेनेंस कम हो और रोजमर्रा के सफर के लिए भरोसेमंद साबित हो, तो बाजार में कई बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं। 1 लाख रुपये से कम की कीमत में आपको कम्यूटर से लेकर स्पोर्टी डिजाइन वाली बाइक्स तक कई विकल्प मिल जाते हैं। यहां हम आपको ऐसी 5 लोकप्रिय बाइक्स के बारे में बता रहे हैं, जो प्रदर्शन, माइलेज और फीचर्स के मामले में ग्राहकों की पसंद बनी हुई हैं। 1. Bajaj Platina 110 कम बजट में बेहतर माइलेज और आरामदायक राइडिंग के लिए Bajaj Platina 110 एक शानदार विकल्प मानी जाती है। इंजन: 115.45cc पावर: 8.60 hp टॉर्क: 9.81 Nm गियरबॉक्स: 5-स्पीड माइलेज: लगभग 70 kmpl शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत (रांची): ₹73,142 इस बाइक का सस्पेंशन खराब सड़कों पर भी आरामदायक अनुभव देता है और इसका मेंटेनेंस खर्च भी कम है। 2. TVS Star City Plus TVS Star City Plus भारतीय बाजार की सबसे लोकप्रिय कम्यूटर बाइक्स में से एक है। इंजन: 109.7cc पावर: 8.1 hp टॉर्क: 8.7 Nm माइलेज: 67 से 83 kmpl फीचर्स: LED हेडलाइट, USB चार्जिंग पोर्ट, इको इंडिकेटर, फ्रंट डिस्क ब्रेक शुरुआती कीमत (रांची): ₹74,900 से ₹77,800 यह बाइक Drum और Disc दोनों वेरिएंट में उपलब्ध है। 3. Honda Shine 125 Honda Shine 125 अपनी विश्वसनीयता और कम मेंटेनेंस के लिए जानी जाती है। इंजन: 123.9cc पावर: 10.5 hp टॉर्क: 11 Nm माइलेज: 55 से 65 kmpl फीचर्स: डिजिटल डिस्प्ले, USB Type-C चार्जिंग पोर्ट, ट्यूबलेस टायर शुरुआती कीमत (रांची): ₹82,142 से ₹86,502 यह बाइक रोजाना लंबी दूरी तय करने वालों के लिए भी अच्छा विकल्प मानी जाती है। 4. Hero Super Splendor Xtec अगर आप कम कीमत में ज्यादा फीचर्स चाहते हैं, तो Hero Super Splendor Xtec आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकती है। इंजन: 124.7cc गियरबॉक्स: 5-स्पीड माइलेज: 60 से 65 kmpl फीचर्स: ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, डिजिटल डिस्प्ले, LED हेडलाइट एक्स-शोरूम कीमत (रांची): लगभग ₹85,275 से ₹88,916 यह बाइक प्रदर्शन और आधुनिक फीचर्स का अच्छा संतुलन प्रदान करती है। 5. Bajaj Pulsar 125 स्पोर्टी डिजाइन पसंद करने वाले ग्राहकों के लिए Bajaj Pulsar 125 एक बेहतरीन विकल्प है। इंजन: 124.4cc माइलेज: 50 से 55 kmpl स्पोर्टी लुक और दमदार परफॉर्मेंस इसकी खासियत है। शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत (रांची): ₹91,757 यह बाइक युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है और रोजाना इस्तेमाल के साथ बेहतर राइडिंग अनुभव भी देती है। किसके लिए कौन-सी बाइक बेहतर? सबसे ज्यादा माइलेज: TVS Star City Plus आरामदायक राइड: Bajaj Platina 110 भरोसेमंद इंजन: Honda Shine 125 सबसे ज्यादा फीचर्स: Hero Super Splendor Xtec स्पोर्टी लुक: Bajaj Pulsar 125 कम बजट में नई बाइक खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए ये पांचों मॉडल शानदार विकल्प साबित हो सकते हैं।  

surbhi जून 17, 2026 0
improve mileage on Honda Activa and TVS Jupiter
Honda Activa हो या TVS Jupiter, यह एक छोटी सी आदत बढ़ा सकती है आपके स्कूटर की माइलेज

पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच हर स्कूटर मालिक चाहता है कि उसकी गाड़ी ज्यादा माइलेज दे। चाहे आपके पास Honda Activa हो, TVS Jupiter, Suzuki Access या कोई अन्य स्कूटर, एक छोटी सी लापरवाही आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है। अच्छी बात यह है कि माइलेज बढ़ाने के लिए आपको कोई महंगा पार्ट खरीदने या सर्विस सेंटर जाने की जरूरत नहीं है। केवल टायरों में सही एयर प्रेशर बनाए रखकर आप फ्यूल की खपत को काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं। टायर प्रेशर का माइलेज से क्या है संबंध? स्कूटर के टायर सड़क और इंजन के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। जब टायरों में हवा कम हो जाती है, तो उनका सड़क से संपर्क क्षेत्र बढ़ जाता है। इससे घर्षण अधिक पैदा होता है और स्कूटर को आगे बढ़ाने के लिए इंजन को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। इंजन पर बढ़ने वाला यह अतिरिक्त दबाव अधिक पेट्रोल की खपत करता है, जिससे माइलेज कम हो जाती है। वहीं, कंपनी द्वारा सुझाए गए स्तर पर टायर प्रेशर बनाए रखने से इंजन पर अनावश्यक भार नहीं पड़ता और स्कूटर बेहतर माइलेज देने में सक्षम होता है। सिर्फ माइलेज ही नहीं, मिलते हैं कई और फायदे सही टायर प्रेशर रखने के फायदे केवल फ्यूल बचत तक सीमित नहीं हैं। इससे राइडिंग अनुभव भी काफी बेहतर हो जाता है। स्कूटर की स्थिरता और बैलेंस बेहतर रहता है। मोड़ों पर वाहन का नियंत्रण आसान होता है। खराब और गड्ढों वाली सड़कों पर झटके कम महसूस होते हैं। ब्रेकिंग के दौरान टायर बेहतर ग्रिप प्रदान करते हैं। टायरों की घिसावट कम होती है, जिससे उनकी उम्र बढ़ती है। लंबे समय में मेंटेनेंस खर्च कम हो सकता है। कितनी बार चेक करना चाहिए टायर प्रेशर? विशेषज्ञों के अनुसार, स्कूटर का टायर प्रेशर सप्ताह में कम से कम एक बार जरूर जांचना चाहिए। यह काम पेट्रोल पंप या किसी नजदीकी टायर शॉप पर आसानी से किया जा सकता है। यदि आप रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं, खराब सड़कों पर सफर करते हैं या अक्सर पिलियन राइडर के साथ चलते हैं, तो टायर प्रेशर की जांच और भी नियमित रूप से करनी चाहिए। मौसम में बदलाव के दौरान भी टायर प्रेशर पर विशेष ध्यान देना जरूरी होता है। छोटी सी जांच, बड़ी बचत टायर प्रेशर चेक करने में केवल कुछ मिनट लगते हैं, लेकिन इसका असर आपकी जेब, सुरक्षा और स्कूटर की परफॉर्मेंस पर लंबे समय तक दिखाई देता है। सही एयर प्रेशर बनाए रखने से न केवल पेट्रोल की बचत होती है, बल्कि राइडिंग भी अधिक सुरक्षित और आरामदायक बनती है। अगर आप अपने स्कूटर से बेहतर माइलेज चाहते हैं, तो अगली बार पेट्रोल भरवाने के साथ टायर प्रेशर भी जरूर चेक करवाएं। यह छोटी सी आदत हर महीने आपके फ्यूल खर्च में अच्छी-खासी बचत कर सकती है।  

surbhi जून 16, 2026 0
Honda Elevate, Honda City and Honda Amaze displayed with June 2026 discount offers in India.
Honda Elevate से City तक, जून में कंपनी दे रही लाखों रुपये की छूट

अगर आप जून 2026 में नई Honda कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह आपके लिए शानदार मौका हो सकता है। Honda Cars India अपनी लोकप्रिय कारों Honda Elevate, Honda City और Honda Amaze पर बड़े डिस्काउंट और कई अतिरिक्त बेनेफिट्स दे रही है। कंपनी कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस, लॉयल्टी बोनस, एक्सटेंडेड वारंटी और कुछ वेरिएंट्स पर एक्सेसरी पैकेज जैसे फायदे भी उपलब्ध करा रही है। ये ऑफर्स 30 जून 2026 तक वैध हैं। हालांकि, अलग-अलग शहरों और डीलरशिप के अनुसार ऑफर्स में बदलाव संभव है। Honda Elevate पर सबसे बड़ा फायदा Honda Elevate पर कंपनी इस महीने सबसे ज्यादा बेनेफिट्स दे रही है। Honda Elevate ZX MT और ZX CVT पर ग्राहकों को 2.15 लाख रुपये तक का फायदा मिल सकता है। कुछ वेरिएंट्स पर 360-डिग्री कैमरा, प्रीमियम डैशकैम और एक्सेसरी पैकेज भी मुफ्त दिए जा रहे हैं। Elevate V Apex वेरिएंट पर लगभग 1.61 लाख रुपये तक का लाभ मिल सकता है। Elevate VX वेरिएंट पर करीब 1.53 लाख रुपये तक की बचत की जा सकती है। Honda Amaze पर भी आकर्षक ऑफर्स Honda Amaze खरीदने वाले ग्राहकों के लिए भी कंपनी कई फायदे दे रही है। Amaze ZX MT पर 67,000 रुपये तक के बेनेफिट्स। Amaze VX पर 48,000 रुपये तक की बचत। Amaze V वेरिएंट पर 28,000 रुपये तक का फायदा। इसके अलावा, Honda का CNG सपोर्ट प्रोग्राम भी जारी है। चयनित Amaze वेरिएंट्स में अधिकृत CNG किट लगवाने पर ग्राहकों को 20,000 रुपये तक की रिइम्बर्समेंट मिल सकती है। Honda City पर भी भारी छूट Honda अपनी प्री-फेसलिफ्ट City सेडान पर भी शानदार ऑफर्स दे रही है। Honda City पेट्रोल रेंज पर 1.56 लाख रुपये तक के बेनेफिट्स। Honda City e:HEV हाइब्रिड (MY25 स्टॉक) पर 1.97 लाख रुपये तक की छूट। बेहतर माइलेज, प्रीमियम फीचर्स और आरामदायक ड्राइविंग अनुभव के कारण Honda City भारतीय ग्राहकों के बीच लंबे समय से लोकप्रिय रही है। किसके लिए सबसे फायदेमंद है यह ऑफर? SUV खरीदने वालों के लिए Honda Elevate बेहतर विकल्प साबित हो सकती है। बजट सेडान चाहने वाले ग्राहक Honda Amaze पर विचार कर सकते हैं। प्रीमियम और फ्यूल एफिशिएंट सेडान पसंद करने वालों के लिए Honda City और City e:HEV आकर्षक विकल्प हैं। जून 2026 के ये ऑफर्स नई कार खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए अच्छी बचत का मौका दे सकते हैं।  

surbhi जून 15, 2026 0
River Indie electric scooter showcasing its large storage space and practical family-friendly design.
बाजार का सामान, हेलमेट और बैग… सब कुछ रख लेगा यह इलेक्ट्रिक स्कूटर, 55 लीटर स्टोरेज के साथ बना फैमिली यूजर्स की पसंद

नई दिल्ली: इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदते समय लोग अक्सर रेंज, बैटरी और चार्जिंग पर ज्यादा ध्यान देते हैं, लेकिन रोजमर्रा के इस्तेमाल में सबसे अहम चीज स्टोरेज स्पेस होती है। ऑफिस बैग, बच्चों का सामान या घर का राशन रखने के लिए अधिक जगह की जरूरत पड़ती है। ऐसे में रिवर इंडी इलेक्ट्रिक स्कूटर अपनी बड़ी स्टोरेज क्षमता और प्रैक्टिकल डिजाइन के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। कंपनी इसे ‘स्कूटर्स की एसयूवी’ कहती है और इसकी सबसे बड़ी वजह इसका विशाल स्टोरेज स्पेस है। 55 लीटर स्टोरेज इसकी सबसे बड़ी ताकत रिवर इंडी में कुल 55 लीटर का लॉक करने योग्य स्टोरेज मिलता है। इसमें 43 लीटर का अंडर-सीट स्टोरेज और 12 लीटर का फ्रंट ग्लव बॉक्स दिया गया है। इसमें फुल-फेस हेलमेट के साथ अन्य जरूरी सामान भी आसानी से रखा जा सकता है। फ्रंट ग्लव बॉक्स में मोबाइल, दस्तावेज और छोटी दैनिक उपयोग की चीजें रखी जा सकती हैं। यही वजह है कि यह स्कूटर परिवार और रोजमर्रा के उपयोग के लिए बेहद सुविधाजनक माना जा रहा है। मजबूत डिजाइन और अलग पहचान रिवर इंडी का डिजाइन पारंपरिक स्कूटरों से अलग है। इसका मजबूत और बॉक्सी लुक इसे सड़क पर अलग पहचान देता है। स्कूटर में चौड़ा फ्लोरबोर्ड, आरामदायक राइडिंग पोजिशन, ट्विन एलईडी हेडलैंप, इंटीग्रेटेड क्रैश गार्ड और 14 इंच के बड़े पहिए दिए गए हैं। यह मॉडल मानसून ब्लू, समर रेड, स्प्रिंग येलो, स्टॉर्म ग्रे और विंटर व्हाइट जैसे रंगों में उपलब्ध है। दमदार बैटरी और 160 किलोमीटर तक की रेंज रिवर इंडी में 4 किलोवाट-घंटा बैटरी पैक और मिड-माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर दी गई है, जो लगभग 9 बीएचपी की शक्ति पैदा करती है। कंपनी के अनुसार, यह स्कूटर एक बार फुल चार्ज होने पर 160 किलोमीटर तक की प्रमाणित रेंज प्रदान कर सकता है। 750 वॉट फास्ट चार्जर की मदद से बैटरी को 0 से 80 प्रतिशत तक लगभग 5 घंटे में चार्ज किया जा सकता है, जबकि सामान्य चार्जर से इसमें करीब 8 घंटे का समय लगता है। प्रदर्शन में भी नहीं है पीछे यह इलेक्ट्रिक स्कूटर 0 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार केवल 3.7 सेकेंड में पकड़ सकता है। इसकी अधिकतम गति 90 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसके अलावा इसमें अलग-अलग राइडिंग मोड्स भी दिए गए हैं, जिससे उपयोगकर्ता अपनी जरूरत के अनुसार बेहतर प्रदर्शन या अधिक ऊर्जा बचत का विकल्प चुन सकते हैं। कीमत और मुकाबला भारतीय बाजार में रिवर इंडी की एक्स-शोरूम कीमत लगभग 1.50 लाख रुपये है। इसका मुकाबला एथर रिज्टा, बजाज चेतक, ओला एस1 प्रो और टीवीएस आईक्यूब जैसे लोकप्रिय इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से है। हालांकि स्टोरेज और उपयोगिता के मामले में रिवर इंडी अपनी अलग पहचान बनाने में सफल रहा है। अगर आप ऐसा इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना चाहते हैं, जो शानदार रेंज और स्पीड के साथ रोजमर्रा की जरूरतों को भी बेहतर तरीके से पूरा कर सके, तो रिवर इंडी एक मजबूत विकल्प साबित हो सकता है।  

surbhi जून 11, 2026 0
HONDA ADV160
बाजार में दस्तक देने को तैयार 3 प्रीमियम मैक्सी स्कूटर, दमदार इंजन और एडवांस फीचर्स के साथ

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय टू-व्हीलर बाजार में प्रीमियम मैक्सी स्कूटर सेगमेंट तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। ऐसे ग्राहकों की संख्या बढ़ रही है जो स्कूटर में बाइक जैसी परफॉर्मेंस, लंबी दूरी की आरामदायक राइड और आधुनिक तकनीक चाहते हैं। इसी मांग को देखते हुए होंडा, यामाहा और टीवीएस आने वाले समय में अपने नए मैक्सी स्कूटर लॉन्च करने की तैयारी में हैं। इन मॉडलों के आने से प्रीमियम स्कूटर बाजार में प्रतिस्पर्धा और भी दिलचस्प हो जाएगी।   क्या होते हैं मैक्सी स्कूटर? मैक्सी स्कूटर सामान्य स्कूटरों की तुलना में आकार में बड़े, अधिक पावरफुल और लंबी दूरी की यात्रा के लिए बेहतर माने जाते हैं। इनमें बड़ी सीट, विशाल अंडर-सीट स्टोरेज, बेहतर विंड प्रोटेक्शन, ज्यादा फ्यूल क्षमता और हाईवे पर बेहतर प्रदर्शन मिलता है। यही कारण है कि ये शहर के साथ-साथ टूरिंग के लिए भी पसंद किए जाते हैं।   Honda ADV160 सबसे पहले देगा दस्तक होंडा का ADV160 सबसे पहले लॉन्च होने वाला मॉडल माना जा रहा है। इसमें 155cc का लिक्विड-कूल्ड इंजन मिलेगा, जो 15.78 हॉर्सपावर और 14.7 Nm टॉर्क पैदा करेगा। स्कूटर में 5-इंच TFT टचस्क्रीन, नेविगेशन, कॉल और मैसेज अलर्ट, म्यूजिक कंट्रोल, USB Type-C पोर्ट और 30 लीटर का अंडर-सीट स्टोरेज मिलेगा। इसकी संभावित कीमत 1.55 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) हो सकती है।   Yamaha NMax 155 टूरिंग प्रेमियों के लिए खास यामाहा NMax 155 को लंबी दूरी की यात्रा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें 155cc लिक्विड-कूल्ड इंजन, LCD इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, कीलेस इग्निशन और ऑटो स्टार्ट-स्टॉप सिस्टम जैसे फीचर्स मिल सकते हैं। इसकी संभावित कीमत 1.50 लाख रुपये के आसपास रहने की उम्मीद है।   TVS का 160cc मैक्सी स्कूटर भी तैयार टीवीएस भी इस सेगमेंट में नया 160cc मैक्सी स्कूटर लाने की तैयारी कर रही है। इसमें लिक्विड-कूल्ड इंजन, बड़ी विंडस्क्रीन, फुल LED लाइटिंग, ट्रैक्शन कंट्रोल, ABS और बड़ा कनेक्टेड डिस्प्ले मिलने की संभावना है। इसकी संभावित कीमत करीब 1.40 लाख रुपये हो सकती है।   ग्राहकों को मिलेगा फायदा इन नए मॉडलों के आने से ग्राहकों को अधिक विकल्प, आधुनिक तकनीक, बेहतर स्टोरेज और आरामदायक लंबी दूरी की राइडिंग का अनुभव मिलेगा। साथ ही बढ़ती प्रतिस्पर्धा कीमतों को भी संतुलित रखने में मदद कर सकती है।  

abhishek singh जून 11, 2026 0
BYD Seal U plug-in hybrid SUV showcased with advanced DM-i technology and long driving range.
BYD लेकर आ रही है Seal U SUV, भारत में पेश की एडवांस DM-i हाइब्रिड टेक्नोलॉजी

चीनी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता BYD ने भारत में अपनी नई Seal U SUV और एडवांस DM-i (Dual Mode Intelligent) प्लग-इन हाइब्रिड टेक्नोलॉजी को पेश कर दिया है। कंपनी की यह नई SUV साल 2026 के अंत तक भारतीय बाजार में लॉन्च की जा सकती है। खास बात यह है कि Seal U एक Plug-in Hybrid Electric Vehicle (PHEV) होगी, जो इलेक्ट्रिक और पेट्रोल दोनों पावरट्रेन का बेहतरीन संतुलन प्रदान करेगी। BYD की यह तकनीक पहले से ही वैश्विक बाजार में काफी लोकप्रिय है और कंपनी इसे बेहतर माइलेज, लंबी रेंज और दमदार परफॉर्मेंस का कॉम्बिनेशन बता रही है। क्या है BYD की DM-i टेक्नोलॉजी? BYD Seal U DM-i पारंपरिक हाइब्रिड कारों से अलग है। इसका पूरा सिस्टम "Electric First" कॉन्सेप्ट पर आधारित है, यानी सामान्य ड्राइविंग के दौरान कार अधिकतर समय इलेक्ट्रिक मोड में चलती है और जरूरत पड़ने पर पेट्रोल इंजन सहायता प्रदान करता है। इस SUV में मिलते हैं: 1.5-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन 18.3 kWh Blade Battery ट्रैक्शन इलेक्ट्रिक मोटर अतिरिक्त जनरेटर मोटर इन सभी के संयोजन से बेहतर परफॉर्मेंस और कम ईंधन खपत हासिल की जाती है। इसकी बैटरी को EV की तरह बाहरी चार्जर से भी चार्ज किया जा सकता है। 1,200 किलोमीटर तक की कंबाइंड रेंज BYD का दावा है कि Seal U DM-i एक बार फुल टैंक और फुल चार्ज के बाद लगभग 1,200 किलोमीटर तक की कुल रेंज देने में सक्षम होगी। कंपनी के अनुसार इसका 1.5-लीटर इंजन 43.04 प्रतिशत तक की थर्मल एफिशिएंसी प्रदान करता है, जो इसे काफी फ्यूल-एफिशिएंट बनाता है। तीन अलग-अलग मोड में काम करता है सिस्टम BYD का DM-i सिस्टम तीन मोड में संचालित होता है: फुल इलेक्ट्रिक मोड इस मोड में SUV केवल बैटरी से चलती है और पेट्रोल इंजन का उपयोग नहीं होता। सीरीज मोड इस स्थिति में पेट्रोल इंजन केवल बैटरी चार्ज करने का काम करता है जबकि पहियों को इलेक्ट्रिक मोटर चलाती है। पैरलल मोड अधिक पावर की जरूरत पड़ने पर इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर दोनों मिलकर पहियों को शक्ति प्रदान करते हैं। 0 से 100 kmph की रफ्तार सिर्फ 5.9 सेकंड में कंपनी का दावा है कि BYD Seal U PHEV महज 5.9 सेकंड में 0 से 100 kmph की स्पीड हासिल कर सकती है। कुछ वेरिएंट्स में यह आंकड़ा 5.5 सेकंड तक भी पहुंच सकता है, जो इसे कई 2.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल SUVs के बराबर या उससे बेहतर बनाता है। 20 kmpl से ज्यादा माइलेज का दावा BYD के अनुसार यह SUV 100 किलोमीटर की दूरी तय करने में केवल 4.8 लीटर पेट्रोल खर्च करती है। यानी इसका अनुमानित माइलेज करीब 20.8 kmpl हो सकता है। 70 किलोमीटर से ज्यादा की इलेक्ट्रिक रेंज Seal U DM-i में दी गई 18.3 kWh Blade Battery के साथ SUV केवल इलेक्ट्रिक मोड में लगभग 70 किलोमीटर तक चल सकती है। यह सुविधा रोजमर्रा के शहरी उपयोग में पेट्रोल की खपत को काफी कम कर सकती है। भारत में बढ़ेगी हाइब्रिड SUV सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा BYD की नई Seal U SUV भारतीय बाजार में लॉन्च होने के बाद हाइब्रिड और इलेक्ट्रिफाइड SUV सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा को और तेज कर सकती है। लंबी रेंज, बेहतर माइलेज और दमदार प्रदर्शन के कारण यह उन ग्राहकों के लिए आकर्षक विकल्प बन सकती है जो EV और पेट्रोल दोनों का संतुलन चाहते हैं।  

surbhi जून 10, 2026 0
Nissan Gravite 7-seater MPV showcasing its premium exterior design and family-friendly features.
Nissan की पॉपुलर 7-सीटर MPV हुई महंगी, अब खरीदने के लिए खर्च करने होंगे ज्यादा पैसे

Nissan ने अपनी लोकप्रिय 7-सीटर MPV Nissan Gravite की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। फरवरी 2026 में लॉन्च हुई इस MPV को कंपनी ने शुरुआती दौर में इंट्रोडक्टरी प्राइसिंग के साथ पेश किया था, लेकिन अब यह ऑफर समाप्त हो चुका है। इसके बाद कंपनी ने अलग-अलग वेरिएंट्स की कीमतों में ₹8,000 से लेकर लगभग ₹18,000 तक की बढ़ोतरी की है। नई कीमतों के बाद Nissan Gravite अब ₹5.73 लाख से लेकर ₹9.08 लाख (एक्स-शोरूम) की कीमत पर उपलब्ध है। वेरिएंट के हिसाब से बढ़ीं कीमतें Nissan Gravite के एंट्री-लेवल Visia MT वेरिएंट की कीमत में लगभग ₹8,000 की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद इसकी नई कीमत ₹5.73 लाख हो गई है। वहीं N-Connecta MT वेरिएंट सबसे ज्यादा महंगा हुआ है। इसकी कीमत में करीब ₹18,000 का इजाफा किया गया है और अब यह वेरिएंट ₹7.38 लाख में उपलब्ध होगा। इसके अलावा: Acenta वेरिएंट्स लगभग ₹9,400 तक महंगे हुए हैं। Tekna और Tekna LE वेरिएंट्स की कीमत में करीब ₹17,000 तक की बढ़ोतरी हुई है। AMT (ऑटोमैटिक) वेरिएंट्स की कीमत भी लगभग ₹15,000 तक बढ़ाई गई है। ऐसे में अब Nissan Gravite खरीदने के लिए ग्राहकों को पहले की तुलना में अधिक बजट तैयार रखना होगा। डिजाइन और फीचर्स में मिलता है प्रीमियम लुक Nissan Gravite को आकर्षक डिजाइन के साथ पेश किया गया है। इसमें कंपनी की सिग्नेचर V-Motion ग्रिल, LED DRLs के साथ स्टाइलिश हेडलैंप, नया फ्रंट बंपर और सिल्वर स्किड प्लेट जैसे एलिमेंट्स दिए गए हैं। केबिन में भी कई आधुनिक फीचर्स मिलते हैं, जिनमें शामिल हैं: 8-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम 7-इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर ड्यूल-टोन सीट अपहोल्स्ट्री 7-सीटर फ्लेक्सिबल सीटिंग अरेंजमेंट वायरलेस चार्जर ऑटो हेडलैम्प्स रेन-सेंसिंग वाइपर्स एम्बिएंट लाइटिंग चुनिंदा वेरिएंट्स में एयर प्यूरीफायर इन फीचर्स की वजह से यह MPV फैमिली ग्राहकों के लिए एक व्यावहारिक विकल्प बनती है। इंजन और माइलेज Nissan Gravite में 1.0-लीटर, 3-सिलेंडर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन दिया गया है। यह इंजन 71hp की पावर और 96Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इंजन के साथ 5-स्पीड मैनुअल और 5-स्पीड AMT गियरबॉक्स का विकल्प मिलता है। माइलेज की बात करें तो: मैनुअल वेरिएंट लगभग 19.3 kmpl का माइलेज देता है। AMT वेरिएंट करीब 19.6 kmpl तक की फ्यूल एफिशिएंसी प्रदान करता है। फैमिली कार सेगमेंट में मजबूत दावेदार अपडेटेड कीमतों के बावजूद Nissan Gravite अपने फीचर्स, 7-सीटर लेआउट और बेहतर माइलेज के कारण बजट MPV सेगमेंट में एक मजबूत विकल्प बनी हुई है। हालांकि कीमत बढ़ने के बाद ग्राहकों के लिए अब अन्य प्रतिस्पर्धी मॉडलों के साथ इसकी तुलना और भी अहम हो जाएगी।  

surbhi जून 9, 2026 0
E85 ethanol fuel being dispensed at a fuel station for flex-fuel compatible vehicles
पेट्रोल से 20 रुपये सस्ता E85 फ्यूल आया, लेकिन हर कार में नहीं भरवा सकते आप

भारत में वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दिल्ली में E85 फ्यूल की बिक्री शुरू हो गई है। इसकी कीमत 82.12 रुपये प्रति लीटर तय की गई है, जो मौजूदा पेट्रोल की कीमतों से करीब 20 रुपये तक कम है। कम कीमत के कारण यह ईंधन वाहन मालिकों का ध्यान आकर्षित कर रहा है, लेकिन इसे इस्तेमाल करने से पहले यह जानना बेहद जरूरी है कि क्या आपकी कार इसके लिए उपयुक्त है या नहीं। क्या है E85 फ्यूल? E85 एक हाई-एथेनॉल मिश्रित ईंधन है, जिसमें 85 प्रतिशत एथेनॉल और 15 प्रतिशत पेट्रोल होता है। इसके मुकाबले भारत में वर्तमान में E20 पेट्रोल का उपयोग बढ़ाया जा रहा है, जिसमें केवल 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित होता है। एथेनॉल की मात्रा अधिक होने के कारण E85 का दहन व्यवहार सामान्य पेट्रोल से अलग होता है। यही वजह है कि इसे इस्तेमाल करने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए इंजन और फ्यूल सिस्टम की आवश्यकता होती है। क्या आपकी कार E85 पर चल सकती है? यह सबसे अहम सवाल है। भारत में बिकने वाली अधिकांश पेट्रोल कारें E20 फ्यूल के अनुरूप बनाई गई हैं, लेकिन वे E85 के लिए तैयार नहीं हैं। E85 का सुरक्षित उपयोग केवल फ्लेक्स-फ्यूल (Flex-Fuel) तकनीक से लैस वाहनों में ही किया जा सकता है। ऐसे वाहन ईंधन में मौजूद एथेनॉल की मात्रा के अनुसार इंजन और फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम को स्वतः एडजस्ट कर लेते हैं। यदि किसी सामान्य पेट्रोल कार में E85 भरवा दिया जाए, तो इंजन की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है, माइलेज कम हो सकता है और लंबे समय में इंजन व फ्यूल सिस्टम को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है। सस्ता है, लेकिन क्या वाकई खर्च कम होगा? 82.12 रुपये प्रति लीटर की कीमत आकर्षक जरूर लगती है, लेकिन केवल प्रति लीटर कीमत देखकर निर्णय लेना सही नहीं होगा। एथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पेट्रोल की तुलना में कम होती है। इसका मतलब है कि E85 पर चलने वाली गाड़ी को समान दूरी तय करने के लिए अधिक ईंधन की आवश्यकता पड़ती है। अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों के अनुसार E85 के उपयोग से माइलेज में 20 से 30 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। यानी ईंधन सस्ता होने के बावजूद कई मामलों में प्रति किलोमीटर लागत पेट्रोल के बराबर या उससे अधिक भी हो सकती है। सरकार E85 को क्यों बढ़ावा दे रही है? E85 का उद्देश्य केवल वाहन चालकों की जेब पर बोझ कम करना नहीं है। इसके पीछे देश की ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरणीय रणनीति जुड़ी हुई है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। एथेनॉल का उत्पादन देश में कृषि आधारित संसाधनों से किया जा सकता है, जिससे विदेशी तेल पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, अधिक एथेनॉल मिश्रित ईंधन को कार्बन उत्सर्जन और प्रदूषण कम करने के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। फिलहाल आम लोगों के लिए कितना उपयोगी? हालांकि E85 फ्यूल बाजार में उपलब्ध हो चुका है, लेकिन भारत में फ्लेक्स-फ्यूल वाहन अभी शुरुआती चरण में हैं। कई वाहन कंपनियों ने ऐसे मॉडल और प्रोटोटाइप पेश किए हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर उनकी बिक्री अभी शुरू नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल E85 को भविष्य की ईंधन तकनीक की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसका वास्तविक लाभ तब दिखाई देगा जब फ्लेक्स-फ्यूल वाहन आम होंगे और देशभर में E85 की उपलब्धता बढ़ेगी।  

surbhi जून 8, 2026 0
E85 fuel dispenser launched at an Indian Oil outlet in Delhi for flex-fuel vehicles.
दिल्ली में लॉन्च हुआ E85 फ्यूल, E20 पेट्रोल से करीब 20 रुपये सस्ता; जानिए किन गाड़ियों में कर सकेंगे इस्तेमाल

भारत में वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली के पूसा रोड स्थित इंडियन ऑयल आउटलेट पर राजधानी के पहले E85 फ्यूल पंप का उद्घाटन किया। इसके साथ ही दिल्ली में हाई-इथेनॉल ईंधन की व्यावसायिक शुरुआत हो गई है। E20 पेट्रोल से करीब 20 रुपये सस्ता दिल्ली में E85 फ्यूल की कीमत 82.12 रुपये प्रति लीटर तय की गई है। यह मौजूदा E20 पेट्रोल की तुलना में लगभग 20 रुपये प्रति लीटर सस्ता है। उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रम की स्थिति से बचाने के लिए पेट्रोल पंप पर E85 के लिए अलग डिस्पेंसर और स्पष्ट लेबलिंग की व्यवस्था की गई है। यह पहल सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाना है। क्या है E85 फ्यूल? जहां E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है, वहीं E85 में लगभग 85 प्रतिशत इथेनॉल और केवल 15 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। E85 के फायदे पेट्रोल पर निर्भरता कम होती है। क्रूड ऑयल की खपत घटती है। घरेलू स्तर पर उत्पादित इथेनॉल के उपयोग को बढ़ावा मिलता है। ईंधन की लागत कम हो सकती है। कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में मदद मिलती है। क्या हर गाड़ी में इस्तेमाल किया जा सकता है? नहीं। E85 फ्यूल को सामान्य पेट्रोल इंजन वाली गाड़ियों में सीधे इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसके लिए फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक से लैस इंजन की आवश्यकता होती है, जो हाई-इथेनॉल मिश्रण को संभालने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए जाते हैं। कौन-सी गाड़ियां E85 सपोर्ट करती हैं? भारत में फिलहाल फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की संख्या सीमित है। इनमें शामिल हैं— Hero Splendor+ Flex Fuel Hero HF Deluxe Flex Fuel Maruti Suzuki WagonR Flex Fuel (लॉन्च की तैयारी में) आने वाले समय में कई अन्य कंपनियां भी फ्लेक्स-फ्यूल वाहन बाजार में उतार सकती हैं। देश की ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम विशेषज्ञों का मानना है कि E85 जैसे वैकल्पिक ईंधन भारत की आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही इससे किसानों को भी फायदा होगा, क्योंकि इथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से कृषि आधारित फसलों से किया जाता है।  

surbhi जून 6, 2026 0
Ather Rizta electric scooter parked outdoors showcasing modern design and smart connected features
Ather Rizta हुआ महंगा, अब ₹4,000 तक बढ़े दाम; जानिए नई कीमत और फीचर्स

भारत के तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में Ather Energy ने अपने लोकप्रिय फैमिली इलेक्ट्रिक स्कूटर Ather Rizta की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। कंपनी ने 1 जून 2026 से Rizta के सभी वेरिएंट्स की कीमतों में लगभग ₹3,000 से ₹4,000 तक का इजाफा किया है। नई कीमतें लागू होने के बाद अब ग्राहकों को इस फैमिली-फ्रेंडली इलेक्ट्रिक स्कूटर के लिए पहले से अधिक भुगतान करना होगा। Ather Rizta ने लॉन्च के बाद से ही भारतीय परिवारों के बीच अपनी उपयोगिता, लंबी रेंज और आधुनिक फीचर्स के कारण खास पहचान बनाई है। बाजार में इसका मुकाबला TVS और Bajaj जैसे ब्रांड्स के इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से होता है। वेरिएंट के अनुसार नई कीमतें वेरिएंट नई कीमत पुरानी कीमत बढ़ोतरी Rizta S (2.9 kWh) ₹1,21,499 ₹1,17,500 ₹3,999 Rizta Z (2.9 kWh) ₹1,36,999 ₹1,32,998 ₹4,001 Rizta S (3.7 kWh) ₹1,44,500 ₹1,40,499 ₹4,001 Rizta Z (3.7 kWh) ₹1,56,999 ₹1,52,998 ₹4,001 कीमत बढ़ने की क्या है वजह? Ather Energy ने फिलहाल कीमत बढ़ाने के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है। हालांकि, ऑटो इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि कच्चे माल की बढ़ती लागत, उत्पादन खर्च में इजाफा और सप्लाई चेन से जुड़े खर्च इस फैसले की प्रमुख वजह हो सकते हैं। हाल के महीनों में कई अन्य वाहन निर्माताओं ने भी इसी तरह कीमतों में संशोधन किया है। बैटरी, रेंज और वारंटी Ather Rizta को दो बैटरी विकल्पों के साथ पेश किया जाता है। 2.9kWh बैटरी पैक लगभग 105 किलोमीटर की वास्तविक रेंज प्रदान करता है, जबकि 3.7kWh बैटरी विकल्प में यह रेंज करीब 125 किलोमीटर तक पहुंच जाती है। कंपनी बैटरी पर 5 साल या 60,000 किलोमीटर तक की वारंटी देती है। इसके अलावा बैटरी को IP67 रेटिंग मिली हुई है, जो इसे धूल और पानी से सुरक्षा प्रदान करती है। Rizta S के प्रमुख फीचर्स Rizta S वेरिएंट में 7-इंच का DeepView डिस्प्ले, टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन और रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम दिया गया है। सुरक्षा के लिए CBS ब्रेकिंग, Vehicle Fall Safe और Emergency Stop Signal (ESS) जैसे फीचर्स शामिल हैं। इसके अलावा 34 लीटर अंडर-सीट स्टोरेज, LED लाइटिंग, मल्टीपल राइडिंग मोड्स, Auto Hold, Guide Me Home लाइट्स और Ather Connect जैसी कनेक्टेड सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। Rizta Z के एडवांस फीचर्स टॉप वेरिएंट Rizta Z में 7-इंच TFT टचस्क्रीन डिस्प्ले, Magic Twist और स्किड कंट्रोल जैसे एडवांस फीचर्स दिए गए हैं। इसके अलावा ऑटो-ब्राइटनेस एडजस्टमेंट, ऑप्टिमाइज्ड चार्जिंग, रिमोट फंक्शन्स, पॉटहोल अलर्ट और क्रैश अलर्ट जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं। कनेक्टिविटी और स्मार्ट फीचर्स की बात करें तो इसमें WhatsApp प्रीव्यू, लाइव लोकेशन शेयरिंग, डॉक्यूमेंट स्टोरेज, Cricket Dash, नेविगेशन और टेक्स्ट मैसेज के साथ कॉल रिजेक्ट करने जैसी सुविधाएं शामिल हैं। कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद Ather Rizta अपने सेगमेंट में फीचर्स, रेंज और फैमिली-ओरिएंटेड डिजाइन के कारण एक मजबूत विकल्प बना हुआ है। हालांकि, नए ग्राहकों को अब इस इलेक्ट्रिक स्कूटर को खरीदने के लिए पहले से कुछ अधिक बजट तैयार रखना होगा।  

surbhi जून 5, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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