पटना, एजेंसियां। बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर (SI) बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSSC) ने गृह विभाग (पुलिस शाखा) के अंतर्गत 150 सब-इंस्पेक्टर पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 9 जुलाई से 9 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। सभी वर्गों के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 100 रुपये निर्धारित किया गया है। स्नातक होना अनिवार्य इस भर्ती के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है। आयु और शैक्षणिक योग्यता की गणना 1 अगस्त 2025 को आधार मानकर की जाएगी। आयु सीमा के अनुसार सामान्य वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 37 वर्ष, सामान्य वर्ग की महिलाओं तथा पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों की 40 वर्ष और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 42 वर्ष निर्धारित की गई है। शारीरिक मानक भी जरूरी सामान्य और पिछड़ा वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम लंबाई 165 सेंटीमीटर, जबकि अत्यंत पिछड़ा वर्ग, एससी और एसटी वर्ग के पुरुषों के लिए 160 सेंटीमीटर निर्धारित की गई है। महिला अभ्यर्थियों के लिए सभी वर्गों में न्यूनतम लंबाई 155 सेंटीमीटर तय की गई है। पुरुष उम्मीदवारों के लिए निर्धारित छाती का माप भी अनिवार्य होगा। तीन चरणों में होगी चयन प्रक्रिया भर्ती प्रक्रिया में सबसे पहले प्रारंभिक परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें 200 अंकों के वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके बाद सफल उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा देनी होगी, जिसमें सामान्य अध्ययन, गणित, तर्कशक्ति, भाषा और बिहार सामान्य ज्ञान के साथ निबंध एवं अनुवाद से जुड़े प्रश्न शामिल होंगे। अंतिम चरण में शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) होगी। तीनों चरणों में सफल अभ्यर्थियों का अंतिम चयन बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर पद के लिए किया जाएगा।
पटना, एजेंसियां। बिहार सरकार ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव तथा पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा को लेकर अपना पहले का फैसला बदलते हुए दोनों की Z श्रेणी की सुरक्षा बहाल कर दी है। इसके साथ ही उन्हें बुलेटप्रूफ वाहन की सुविधा भी दोबारा उपलब्ध करा दी गई है। सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब कुछ समय पहले बंगला विवाद के दौरान दोनों की सुरक्षा घटा दी गई थी, जिसके बाद लालू प्रसाद और राबड़ी देवी ने सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सुरक्षा वापस लौटा दी थी। जानकारी के अनुसार जानकारी के अनुसार, अब दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को पहले की तरह Z कैटेगरी सुरक्षा मिलेगी। इस श्रेणी में लगभग 22 प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। इनमें घर की सुरक्षा के लिए हथियारबंद गार्ड, 24 घंटे तैनात रहने वाले पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO), सुरक्षा वाहनों का काफिला और एक बुलेटप्रूफ कार शामिल होती है। सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य संभावित खतरों से वीआईपी व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है। क्या है मामला ? दरअसल, राबड़ी देवी को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस मिलने के बाद राज्य सरकार ने लालू परिवार की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी। इसके बाद लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और तेज प्रताप यादव की सुरक्षा में कटौती कर दी गई थी। हालांकि, उस समय नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और सांसद मीसा भारती की सुरक्षा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया था। सुरक्षा में कटौती के फैसले के विरोध में लालू प्रसाद और राबड़ी देवी ने सरLकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सुरक्षा लौटा दी थी। बाद में तेजस्वी यादव और मीसा भारती ने भी अपनी सुरक्षा वापस कर दी थी। इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी बयानबाजी और विवाद देखने को मिला था। अब बिहार सरकार द्वारा सुरक्षा बहाल किए जाने के बाद लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को फिर से Z श्रेणी सुरक्षा और बुलेटप्रूफ वाहन की सुविधा मिल गई है। इसे राज्य सरकार के बदले हुए रुख के रूप में देखा जा रहा है, जबकि राजनीतिक हलकों में इस फैसले को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
सीतामढ़ी, एजेंसियां। बिहार के सीतामढ़ी जिले के रीगा थाना क्षेत्र में पुलिस और लूट की वारदातों में शामिल बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि मौके से कुल पांच अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उनके पास से हथियार, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल किए गए वाहन भी बरामद किए हैं। गुप्त सूचना पर पहुंची थी पुलिस पुलिस को सूचना मिली थी कि रीगा इलाके में कुछ बदमाश किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान एक बदमाश घायल हो गया और बाकी आरोपियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। हथियार और वाहन बरामद गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक पिस्तौल, कई जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की गई है। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह किन-किन आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा है। पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जांच सीतामढ़ी पुलिस के अनुसार गिरफ्तार बदमाशों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। प्रारंभिक जांच में गिरोह के सदस्यों के खिलाफ लूट, रंगदारी और हथियार अधिनियम से जुड़े कई मामलों की जानकारी मिली है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
पटना, एजेंसियां। बिहार में मौसम एक बार फिर बदलने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बने नए कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर सिस्टम) के प्रभाव से राज्य में अगले 48 घंटों के दौरान तेज बारिश होने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई जिलों में भारी वर्षा, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार पटना, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा और आसपास के जिलों में शनिवार और रविवार के दौरान अच्छी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर वज्रपात और तेज हवा चलने की भी आशंका जताई गई है। गर्मी और उमस से मिलेगी राहत, प्रशासन ने जारी की सलाह लगातार उमस और गर्मी से परेशान लोगों को बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और खुले स्थानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है। किसानों को भी मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए खेती का कार्य करने की अपील की गई है।
पटना, एजेंसियां। बिहार में परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने वाली बहुप्रतीक्षित बुलेट ट्रेन परियोजना को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई है। दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर देश की सात नई बुलेट ट्रेन परियोजनाओं में शामिल है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद बिहार से दिल्ली, वाराणसी और सिलीगुड़ी की यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। सबसे बड़ी राहत यह होगी कि पटना से दिल्ली का करीब 1000 किलोमीटर लंबा सफर महज 4 घंटे 41 मिनट में पूरा किया जा सकेगा, जबकि वर्तमान में यही यात्रा सामान्य ट्रेनों से 13 से 15 घंटे में पूरी होती है। 350 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन प्रस्तावित बुलेट ट्रेन लगभग 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से एलिवेटेड ट्रैक पर चलेगी। परियोजना का निर्माण नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) और रेलवे मंत्रालय की देखरेख में किया जाएगा। पूरे कॉरिडोर की लंबाई करीब 1705 किलोमीटर होगी, जिसमें बिहार में लगभग 400 किलोमीटर हाई-स्पीड रेल ट्रैक बनाया जाएगा। बिहार के कई प्रमुख शहर होंगे जुड़े बुलेट ट्रेन का रूट बिहार में बक्सर, आरा, पटना, मोकामा, कटिहार और किशनगंज जैसे प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगा। प्रारंभिक योजना के अनुसार पटना, बक्सर और कटिहार में प्रमुख स्टेशन विकसित किए जाएंगे। पटना का बुलेट ट्रेन स्टेशन लगभग 40 फीट ऊंचाई पर एलिवेटेड बनाया जाएगा। जल्द ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू होने की संभावना है। यात्रा, रोजगार और विकास को मिलेगा बढ़ावा परियोजना के पूरा होने के बाद पटना से वाराणसी का सफर करीब 50 मिनट और सिलीगुड़ी की यात्रा सिर्फ 2 घंटे 5 मिनट में पूरी होगी। इससे छात्रों, मरीजों, व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि बुलेट ट्रेन कई रूटों पर हवाई यात्रा का किफायती विकल्प भी बनेगी। साथ ही निर्माण कार्य, रेलवे, लॉजिस्टिक्स, होटल और अन्य क्षेत्रों में हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना बिहार में निवेश, व्यापार, पर्यटन और आधारभूत ढांचे के विकास को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कैमूर, एजेंसियां। बिहार के कैमूर जिले में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में ई-रिक्शा चालक और नौ महीने की मासूम बच्ची की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। यह हादसा मोहनिया थाना क्षेत्र के भिट्टी गांव के समीप उस समय हुआ, जब यात्रियों से भरा एक ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पानी से भरे गहरे गड्ढे में पलट गया। घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। अनियंत्रित होकर गहरे पानी में जा पलटा ई-रिक्शा जानकारी के अनुसार, सोनहन थाना क्षेत्र के मिरिया खुर्द गांव निवासी 29 वर्षीय पिंकू कुमार सिंह भभुआ रोड रेलवे स्टेशन से यात्रियों को लेकर भिट्टी गांव की ओर जा रहे थे। गांव के बाहर पहुंचते ही ई-रिक्शा अचानक संतुलन खो बैठा और सड़क किनारे पानी से भरे गहरे गड्ढे में पलट गया। हादसे के बाद ई-रिक्शा में सवार सभी लोग पानी में फंस गए और डूबने लगे। ग्रामीणों ने किया रेस्क्यू, दो की नहीं बच सकी जान यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और सभी को पानी से बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल चालक पिंकू कुमार सिंह और नौ महीने की सना खातून को तत्काल अनुमंडल अस्पताल, मोहनिया ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे में घायल चार अन्य लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। कोलकाता से मायके आई थी बच्ची की मां बताया गया कि मासूम सना खातून अपनी मां, नानी और मामा सहित अन्य परिजनों के साथ ई-रिक्शा में सवार थी। उसकी मां हाल ही में कोलकाता से अपने मायके भिट्टी आई थी। हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और परिजन बच्ची का शव लेकर अपने गांव रवाना हो गए। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलते ही मोहनिया थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और चालक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और जलभराव वाले गड्ढों की समस्या पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पटना, एजेंसियां। बिहार के चर्चित शिक्षक फैसल खान उर्फ खान सर को कोचिंग संस्थान में हुई गोलीबारी और विवाद से जुड़े मामले में फिलहाल बड़ी राहत मिली है। पटना की अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई 7 जुलाई तक स्थगित कर दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर लगी अंतरिम रोक भी अगले आदेश तक, यानी 7 जुलाई तक जारी रखने का निर्देश दिया है। यह मामला जून की शुरुआत में उनके कोचिंग संस्थान में हुई हिंसक घटना से जुड़ा है, जहां कथित तौर पर कुछ असामाजिक तत्वों ने तोड़फोड़ की थी और सुरक्षा कर्मियों द्वारा गोली चलाए जाने का आरोप लगा था। जरूरी दस्तावेज आने के बाद होगी सुनवाई शिक्षक रोशन आनंद के अधिवक्ता सत्यम झा ने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अनुपस्थिति के कारण शुक्रवार को मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 7 जुलाई तय की है। वहीं, खान सर के वकील अरविंद कुमार मौआर ने पुष्टि की कि अदालत ने गिरफ्तारी पर लगी रोक भी उसी तारीख तक बढ़ा दी है। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वह मामले से संबंधित अद्यतन केस डायरी और खान सर के निजी सुरक्षा कर्मियों के हथियारों के लाइसेंस की सत्यापन रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करे। इन दस्तावेजों के आधार पर ही अग्रिम जमानत याचिका पर आगे विचार किया जाएगा। सुरक्षा कर्मियों पर भी लगे हैं गंभीर आरोप मामले में खान सर के दोनों निजी सुरक्षा कर्मी न्यायिक हिरासत में हैं। उनकी जमानत याचिकाओं पर भी अब 7 जुलाई को ही सुनवाई होगी। विरोधी पक्ष का आरोप है कि सुरक्षा कर्मियों ने भीड़ को डराने और दहशत फैलाने के उद्देश्य से फायरिंग की थी। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है। हत्या के प्रयास समेत कई धाराओं में दर्ज है केस घटना के बाद पटना पुलिस ने फैसल खान, शिक्षक रोशन आनंद, उनके सुरक्षा कर्मियों और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, दंगा और अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। खान सर ने 9 जून को अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दिया था, जबकि रोशन आनंद को 15 जून को नियमित जमानत मिल चुकी है। अब इस बहुचर्चित मामले की अगली सुनवाई 7 जुलाई को होगी, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
पटना, एजेंसियां। भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर सियासत लगातार तेज होती जा रही है। शुक्रवार को पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने एक बार फिर पुलिस कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने परिस्थितियों के अनुसार बिल्कुल सटीक कदम उठाया। मांझी ने कहा कि यदि पुलिस कार्रवाई नहीं करती, तो पुलिसकर्मियों की जान भी जा सकती थी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मामले की न्यायिक जांच चल रही है, इसलिए अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। 'पुलिस ने जान बचाने के लिए की कार्रवाई' मांझी ने भरत तिवारी के खिलाफ दर्ज मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि यदि वह निर्दोष थे, तो उन पर एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला क्यों दर्ज था। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि भरत तिवारी के हाथ में दिखाई गई रिवॉल्वर क्या लाइसेंसी थी। मांझी ने कहा कि यदि पुलिस का मकसद हत्या करना होता, तो गोली सिर या सीने में मारी जाती, जबकि गोली कमर के नीचे लगी। दुर्भाग्यवश उनकी मौत हो गई, लेकिन इससे पुलिस की मंशा पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। एसडीपीओ के तबादले और महापंचायत पर भी बोले एनकाउंटर मामले में नामजद एसडीपीओ राजेश शर्मा के ट्रांसफर पर मांझी ने कहा कि किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होना और दोषी साबित होना अलग-अलग बातें हैं। न्यायिक जांच पूरी होने तक किसी अधिकारी को हटाना उचित नहीं था, खासकर तब जब बिहार पुलिस पहले से ही बल की कमी से जूझ रही है। महापंचायत में शामिल नहीं होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर राज्य की कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उनके वहां जाने से बड़ी भीड़ जुट सकती थी और असामाजिक तत्व माहौल खराब कर सकते थे, इसलिए उन्होंने दूरी बनाए रखना उचित समझा। चिराग पासवान के दौरे पर दिया संतुलित जवाब भरत तिवारी के गांव बिलौटी पहुंचकर परिजनों से मुलाकात करने वाले केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान पर पूछे गए सवाल पर मांझी ने कहा, "चिराग पासवान जो करते हैं, वही हम भी करेंगे।" उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में संतुलित प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर बिहार की राजनीति में बयानबाजी और न्यायिक जांच दोनों पर सबकी नजर बनी हुई है।
पटना, एजेंसियां। चुनाव आयोग ने बिहार की हाई-प्रोफाइल सीट मानी जाने वाली बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा कर दी है। आयोग के अनुसार, इस सीट पर 30 जुलाई 2026 को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे। बांकीपुर सीट भाजपा के लिए प्रतिष्ठा की सीट मानी जाती है और इस उपचुनाव पर पूरे राज्य की राजनीतिक नजरें टिकी हैं। नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा नेता नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद विधायक पद से इस्तीफा देने के कारण रिक्त हुई थी। इसके बाद चुनाव आयोग ने इस सीट पर उपचुनाव का कार्यक्रम जारी किया है। जानिए पूरा चुनाव कार्यक्रम चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, 6 जुलाई को अधिसूचना जारी होगी। 13 जुलाई नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि होगी, 14 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी और 16 जुलाई तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 30 जुलाई को होगा और 3 अगस्त को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने पर सस्पेंस उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। जन सुराज पार्टी ने घोषणा की है कि वह 5 जुलाई को अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान करेगी। हालांकि पार्टी प्रमुख प्रशांत किशोर खुद चुनाव लड़ेंगे या नहीं, इस पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। राजनीतिक दलों ने शुरू की तैयारियां उपचुनाव की घोषणा के साथ ही भाजपा, राजद, कांग्रेस और जन सुराज समेत सभी प्रमुख दलों ने चुनावी रणनीति तेज कर दी है। बांकीपुर सीट को बिहार की सबसे चर्चित सीटों में से एक माना जा रहा है और इस चुनाव के नतीजों पर पूरे राज्य की राजनीतिक निगाहें टिकी रहेंगी।
पटना ,एजेंसियां। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक और कड़ी कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग के वेतन सत्यापन कोषांग में कार्यरत अवर सचिव अमोद मिश्रा को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। यह कार्रवाई पटना के गर्दनीबाग इलाके में मिनिस्टर एन्क्लेव मोड़ के पास की गई। एरियर भुगतान के बदले मांगी जा रही थी रकम मामले में सामने आया है कि शिकायतकर्ता उमा शंकर उमरेबी (नालंदा जिला, नई सराय) ने आरोप लगाया था कि उनके एरियर भुगतान से जुड़े कार्य को आगे बढ़ाने के लिए उनसे अवर सचिव द्वारा 20 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। इसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत निगरानी ब्यूरो से की। जांच में शिकायत सही मिलने पर बिछाया गया ट्रैप शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले की प्रारंभिक जांच कराई, जिसमें आरोपों की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और जैसे ही रिश्वत की रकम ली गई, अधिकारी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। कार्रवाई के बाद दफ्तर में हड़कंप गिरफ्तारी के बाद संबंधित विभाग में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। निगरानी टीम अब आगे की जांच में जुटी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं इस पूरे मामले में और लोग शामिल तो नहीं हैं।
पटना: बिहार में मॉनसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और आने वाले दिनों में मौसम और अधिक बिगड़ सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को राज्य के 18 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए तेज बारिश, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी है। वहीं नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण उत्तर बिहार की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कई इलाकों में बाढ़ का खतरा भी गहराने लगा है। इन 18 जिलों में जारी हुआ येलो अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार बक्सर, भोजपुर, अरवल, औरंगाबाद, कैमूर, रोहतास, सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, खगड़िया, भागलपुर, मुंगेर, बांका और जमुई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना है। इन जिलों में तेज बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर वज्रपात (बिजली गिरने) की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है। अगले चार दिनों तक जारी रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार राज्य में अगले तीन से चार दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 4 जुलाई को उत्तर बिहार के अधिकांश जिलों के साथ दक्षिण बिहार के कई हिस्सों में भी बारिश होने की संभावना है। वहीं 5 और 6 जुलाई को लगभग पूरे बिहार के लिए आंधी, बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है। लगातार सक्रिय मॉनसून के कारण कई इलाकों में भारी वर्षा हो सकती है। बारिश के बावजूद उमस से नहीं मिली राहत पिछले 24 घंटों के दौरान बक्सर, जमुई, पटना, किशनगंज, बेगूसराय और खगड़िया समेत कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। हालांकि बारिश के बावजूद लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत नहीं मिल सकी। पटना सहित अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश और उमस दोनों का असर एक साथ देखने को मिल सकता है। नेपाल में भारी बारिश से बढ़ा बाढ़ का खतरा नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब बिहार की नदियों पर भी दिखाई देने लगा है। कोसी, बागमती और उत्तर बिहार की कई अन्य नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। यदि नेपाल में इसी तरह बारिश जारी रही तो कई नदियां जल्द ही खतरे के निशान के करीब या उससे ऊपर पहुंच सकती हैं। इससे उत्तर बिहार के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है। लोगों से सतर्क रहने की अपील मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली चमकने के समय खुले स्थानों पर न रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। किसानों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि अगले कुछ दिन मौसम की दृष्टि से संवेदनशील रह सकते हैं।
पटना, एजेंसियां। पूर्व मध्य रेलवे ने दानापुर रेल मंडल समेत अपने सरकारी क्वार्टरों में रहने वाले रेलकर्मियों और उनके परिवारों की सुविधा के लिए रेलवे बिल्डिंग मेंटेनेंस सिस्टम (RBMS) ऐप लॉन्च किया है। इस नई डिजिटल व्यवस्था के तहत अब क्वार्टरों की मरम्मत और रखरखाव से जुड़ी शिकायतें पूरी तरह ऑनलाइन दर्ज की जा सकेंगी। इससे कर्मचारियों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी व तेज होगी। फोटो और वीडियो के साथ दर्ज कर सकेंगे शिकायत RBMS ऐप के माध्यम से रेलकर्मी अपने क्वार्टर में आने वाली किसी भी समस्या की शिकायत फोटो, वीडियो या लिखित विवरण के साथ ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। शिकायत प्राप्त होने के बाद इंजीनियरिंग और संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करेगी और आवश्यक मरम्मत कार्य करेगी। इससे शिकायतों के समाधान में तेजी आने की उम्मीद है। खत्म होगी पुरानी मैनुअल व्यवस्था रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना की रूपरेखा वर्ष 2024 में तैयार की गई थी। रेलवे बोर्ड के निर्देश के बाद अब इसे पूर्व मध्य रेलवे में लागू कर दिया गया है। इसके साथ ही क्वार्टरों की मरम्मत से जुड़ी पुरानी मैनुअल व्यवस्था को समाप्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, जिससे पूरी व्यवस्था डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित होगी। गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकेंगे ऐप पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि कर्मचारी RBMS ऐप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। ऐप में जोन, डिवीजन, रेलवे कॉलोनी, क्वार्टर नंबर और पहचान संबंधी जानकारी दर्ज करने के बाद शिकायत आसानी से भेजी जा सकेगी। शिकायतों की होगी ऑनलाइन निगरानी नई व्यवस्था के तहत यह भी देखा जा सकेगा कि कितनी शिकायतें लंबित हैं, किन शिकायतों का समाधान हो चुका है और उन्हें निपटाने में कितना समय लगा। इससे जवाबदेही बढ़ेगी और कर्मचारियों को अपनी शिकायत की स्थिति की रियल टाइम जानकारी मिलती रहेगी। रेलवे यूनियनों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे क्वार्टरों की रखरखाव व्यवस्था में सुधार आएगा और रेलकर्मियों को बड़ी राहत मिलेगी।
पटना, एजेंसियां। चर्चित शिक्षक और यूट्यूबर फैसल खान उर्फ खान सर को कोचिंग संस्थान फायरिंग मामले में फिलहाल राहत मिली हुई है। पटना सिविल कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर लगी अंतरिम रोक को 3 जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया है। अब मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई को होगी। कोचिंग संस्थान फायरिंग मामले से जुड़ा है केस यह मामला जून की शुरुआत में खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर हुई फायरिंग और तोड़फोड़ की घटना से जुड़ा है। इस मामले में दर्ज एफआईआर में खान सर का भी नाम शामिल किया गया था। इसके बाद उन्होंने गिरफ्तारी से संरक्षण और अग्रिम जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। 3 जुलाई को होगी अगली सुनवाई मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस को जांच जारी रखने की अनुमति देते हुए खान सर की गिरफ्तारी पर लगे रोक को 3 जुलाई तक बढ़ा दिया। अदालत अब अगली तारीख पर अग्रिम जमानत और मामले की प्रगति पर विस्तार से सुनवाई करेगी। बॉडीगार्ड के हथियार भी जांच के दायरे में सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने खान सर के सुरक्षा कर्मियों के लाइसेंसी हथियारों के इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाया। पुलिस ने अदालत को बताया कि हथियारों की जांच की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर लाइसेंस रद्द करने का प्रस्ताव भी भेजा जा सकता है।
पटना, एजेंसियां। बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और इसका असर पूरे राज्य में देखने को मिल रहा है। मंगलवार रात से मौसम ने करवट ली है, जिसके बाद कई जिलों में बारिश शुरू हो गई। बुधवार सुबह बेगूसराय समेत कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने 1 से 4 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश, तेज हवा और मेघ गर्जन की संभावना जताई है। 13 जिलों में ऑरेंज, 25 जिलों में येलो अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार के लिए पटना सहित 13 जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं 25 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। अगले पांच दिन ऐसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और बिजली चमकने के समय खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है। बारिश से मिली राहत, एक महिला की मौत बीते 24 घंटों के दौरान खगड़िया, समस्तीपुर, सासाराम और जमुई में अच्छी बारिश दर्ज की गई। हालांकि औरंगाबाद में आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई। राजधानी पटना में दिनभर बादल छाए रहे और ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहावना बना दिया। अब भी सामान्य से 46% कम बारिश मौसम विभाग के अनुसार, 30 जून तक बिहार में 87.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य औसत 163.3 मिमी होनी चाहिए थी। यानी अब तक राज्य में सामान्य से 46 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि पिछले 24 घंटों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं, खासकर उत्तर और उत्तर-पूर्वी बिहार में। विभाग के अनुसार 2 जुलाई को पटना, नालंदा, गया, जहानाबाद, नवादा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, औरंगाबाद और कैमूर समेत कई जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है। इससे किसानों और आम लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
औरंगाबाद,एजेंसियां। बिहार के औरंगाबाद जिले में बुधवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। स्कूली बच्चों को लेकर जा रही एक वैन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नहर में जा गिरी। हादसे में 14 छात्र घायल हो गए। राहत की बात यह रही कि समय रहते स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत शुरू किया राहत कार्य प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और वैन में फंसे बच्चों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया। सभी घायल बच्चों का अस्पताल में इलाज जारी अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में घायल सभी 14 छात्रों का इलाज चल रहा है। अधिकांश बच्चों को मामूली चोटें आई हैं और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं। हादसे के कारणों की जांच शुरू प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा चालक द्वारा वाहन से नियंत्रण खोने के कारण हुआ हो सकता है। हालांकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि दुर्घटना वाहन की तेज रफ्तार, सड़क की स्थिति या किसी तकनीकी खराबी की वजह से हुई।
पटना, एजेंसियां। बिहार में जुलाई की शुरुआत मानसून की जोरदार बारिश के साथ होने जा रही है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने 1 से 3 जुलाई तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात की आशंका जताते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। 1 जुलाई को उत्तर और पश्चिम बिहार में सबसे ज्यादा असर मौसम विभाग के अनुसार, 1 जुलाई को उत्तर और पश्चिम बिहार में मानसून सबसे अधिक सक्रिय रहेगा। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं पटना समेत राज्य के कई अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है। 2 जुलाई को भी जारी रहेगा बारिश का दौर 2 जुलाई को पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम बिहार के कई जिलों, जिनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद शामिल हैं, के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में भारी बारिश, तेज हवा और वज्रपात की आशंका जताई गई है। अन्य जिलों में येलो अलर्ट के तहत हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। 3 जुलाई को दक्षिण और मध्य बिहार में बढ़ेगा असर 3 जुलाई को मानसून का प्रभाव दक्षिण और मध्य बिहार की ओर शिफ्ट होगा। इस दौरान पटना, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय और बेगूसराय में भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, कोशी और सीमांचल क्षेत्र के कई जिलों, जैसे पूर्णिया, अररिया, कटिहार, किशनगंज, सुपौल, सहरसा और मधेपुरा में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
पटना, एजेंसियां। चर्चित शिक्षक और यूट्यूबर फैसल खान (खान सर) से जुड़े कोचिंग फायरिंग मामले में आज पटना की अदालत में अहम सुनवाई होनी है। पिछली सुनवाई में अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक (नो कोर्सिव एक्शन) को 30 जून तक बढ़ा दिया था और पुलिस द्वारा दाखिल अपडेटेड केस डायरी पर अंतिम बहस के लिए आज की तारीख तय की थी। पुलिस ने कोर्ट में सौंपी अपडेटेड केस डायरी पिछली सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी ने अदालत में अपडेटेड केस डायरी पेश की थी। इसके बाद अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष को दस्तावेजों का अध्ययन करने के लिए समय देते हुए सुनवाई आज के लिए स्थगित कर दी थी। तब तक खान सर के खिलाफ कोर्ट द्वारा किसी भी तरह की कठोर कार्रवाई पर रोक बरकरार रखी गई थी। फायरिंग केस में दर्ज है FIR मामला जून की शुरुआत में खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर हुए विवाद और कथित फायरिंग से जुड़ा है। इस घटना के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी। जांच के दौरान खान सर का नाम भी मामले में जोड़ा गया। वहीं, उनके दो सुरक्षा गार्ड इस मामले में न्यायिक हिरासत में हैं और उनकी जमानत याचिका पर भी सुनवाई प्रस्तावित है। सभी की नजर अदालत के फैसले पर आज की सुनवाई में अदालत यह तय कर सकती है कि खान सर को अग्रिम जमानत मिलेगी या नहीं, अथवा अंतरिम राहत आगे भी जारी रहेगी। इस कारण छात्रों, समर्थकों और कानूनी विशेषज्ञों की नजर आज की अदालत की कार्यवाही पर टिकी हुई है। फिलहाल अदालत का अंतिम आदेश आना बाकी है।
पटना, एजेंसियां। बिहार सरकार ने राज्य के शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और डिजिटल बनाने के उद्देश्य से बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली-2026 लागू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत अब शिक्षकों को तबादले के लिए जिला या राज्य मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वे निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर अपने स्थानांतरण का दावा प्रस्तुत कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और अनावश्यक दौड़-धूप समाप्त होगी। नई नियमावली के तहत नई नियमावली के तहत शिक्षक स्थानांतरण के लिए सात अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इनमें गंभीर बीमारी, दिव्यांगता, पति-पत्नी पदस्थापन, विधवा, तलाकशुदा या एकल अभिभावक, पारस्परिक (म्यूचुअल) स्थानांतरण, समायोजन/समानुपातीकरण और सामान्य स्थानांतरण शामिल हैं। प्रत्येक श्रेणी के लिए अलग-अलग वरीयता तय की गई है। शिक्षा विभाग ने स्थानांतरण प्रक्रिया शिक्षा विभाग ने स्थानांतरण प्रक्रिया को अंक आधारित प्रणाली से जोड़ा है। गंभीर बीमारियों से पीड़ित शिक्षकों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलेगी। कैंसर, ओपन हार्ट सर्जरी, अंग प्रत्यारोपण, किडनी प्रत्यारोपण, डायलिसिस, ब्रेन ट्यूमर, प्रमुख न्यूरो सर्जरी, बोन टीबी, गंभीर टीबी और पक्षाघात जैसी गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों को प्राथमिकता सूची में शामिल किया गया है। नई नीति के अनुसार नई नीति के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में किसी शिक्षक का स्थानांतरण तभी किया जाएगा, जब वह अपने वर्तमान विद्यालय में कम से कम पांच वर्ष की सेवा पूरी कर चुका हो। हालांकि गंभीर बीमारी, दिव्यांगता, पति-पत्नी पदस्थापन और अन्य विशेष परिस्थितियों में पांच वर्ष की अनिवार्य अवधि पूरी होने से पहले भी आवेदन स्वीकार किया जा सकेगा। पारस्परिक स्थानांतरण के लिए दोनों शिक्षकों की संयुक्त सहमति आवश्यक होगी। दोनों का समान संवर्ग, समान श्रेणी तथा विषयवार पदस्थापन की स्थिति में एक ही विषय का होना अनिवार्य रहेगा। साथ ही गृह जिला से जुड़े सभी नियमों का पालन भी करना होगा। नई स्थानांतरण नीति का उद्देश्य पात्र शिक्षकों को तय मानकों के आधार पर समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से तबादले का लाभ उपलब्ध कराना है।
पटना, एजेंसियां। मशहूर शिक्षक और यूट्यूबर खान सर (फैसल खान) को फिलहाल बड़ी कानूनी राहत मिली है। पटना की एक अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज कोचिंग संस्थान फायरिंग मामले में गिरफ्तारी पर लगी रोक (अंतरिम सुरक्षा) को 30 जून 2026 तक बढ़ा दिया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई भी 30 जून को निर्धारित की है। क्या है पूरा मामला? यह मामला जून की शुरुआत में पटना के खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग संस्थान के बाहर हुई हिंसा और फायरिंग से जुड़ा है। आरोप है कि विवाद के दौरान खान सर के सुरक्षा गार्डों ने गोली चलाई। बाद में पुलिस ने इस मामले में दर्ज FIR में खान सर का भी नाम शामिल किया। खान सर पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर सुरक्षा गार्डों को गोली चलाने के निर्देश दिए थे, जबकि उनका पक्ष है कि सुरक्षा कर्मियों ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की। अदालत ने क्या कहा? शनिवार को सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी ने अदालत में अपडेटेड केस डायरी पेश की। इसके बाद अदालत ने मामले की अंतिम बहस के लिए अगली तारीख 30 जून तय करते हुए तब तक 'नो कोअर्सिव एक्शन' (कोई कठोर कार्रवाई नहीं) का आदेश जारी रखा। इसका मतलब है कि अगली सुनवाई तक खान सर की गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। जांच में सहयोग कर रहे हैं खान सर खान सर के वकील ने अदालत के बाहर कहा कि उनके मुवक्किल जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं और पुलिस द्वारा मांगी गई सभी जानकारियां उपलब्ध करा रहे हैं। इसी घटना से जुड़े सुरक्षा गार्डों के मामले की सुनवाई भी 30 जून को होगी। अब सबकी नजर 30 जून की सुनवाई पर 30 जून को होने वाली सुनवाई में अदालत अग्रिम जमानत याचिका पर विस्तृत बहस सुन सकती है। इसी सुनवाई के बाद यह तय होगा कि खान सर को आगे भी राहत मिलेगी या जांच एजेंसियां उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई कर सकेंगी।
सीवान, एजेंसियां। पूर्वोत्तर रेलवे के छपरा-सीवान रेलखंड पर स्थित दरौंदा जंक्शन पर शनिवार सुबह टिकट व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। टिकट काउंटर का सिस्टम खराब होने और ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) बंद रहने के कारण बड़ी संख्या में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। टिकट नहीं मिलने से कई यात्रियों को मजबूरी में बिना टिकट ही ट्रेन में सफर करना पड़ा। घटना के बाद स्टेशन परिसर में यात्रियों ने नाराजगी जताते हुए हंगामा भी किया। सुबह चार बजे से टिकट के लिए लगी थी कतार यात्रियों ने बताया कि वे सुबह करीब चार बजे टिकट लेने के लिए स्टेशन पहुंचे थे। टिकट काउंटर खुला जरूर था, लेकिन बुकिंग क्लर्क ने तकनीकी खराबी का हवाला देते हुए टिकट जारी करने में असमर्थता जताई। वहीं स्टेशन पर लगी एटीवीएम मशीन भी बंद पड़ी थी। करीब आधे घंटे तक इंतजार के बावजूद टिकट व्यवस्था बहाल नहीं हो सकी, जिससे यात्रियों की चिंता बढ़ गई। ट्रेन छूटने के डर से बिना टिकट चढ़े यात्री इसी दौरान गाड़ी संख्या 55122 सीवान-समस्तीपुर इंटरसिटी पैसेंजर प्लेटफॉर्म संख्या दो पर पहुंच गई। ट्रेन छूटने की आशंका को देखते हुए कई यात्रियों ने बिना टिकट ही ट्रेन में सवार होकर समस्तीपुर और अन्य स्टेशनों के लिए यात्रा शुरू कर दी। यात्रियों का कहना था कि उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा था। राजस्व नुकसान और कार्रवाई का डर बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों ने बताया कि पूरे सफर के दौरान उन्हें टिकट जांच में पकड़े जाने का डर सताता रहा। उनका कहना है कि रेलवे की तकनीकी लापरवाही के कारण उन्हें मजबूरी में नियम तोड़ना पड़ा। यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि टिकट व्यवस्था ठप रहने से रेलवे को राजस्व का भी नुकसान हुआ। स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि टिकट काउंटर और एटीवीएम मशीनों की नियमित निगरानी की जाए, ताकि भविष्य में यात्रियों को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
पटना, एजेंसियां। मुहर्रम जुलूस के दौरान मधुबनी जिले के राजनगर में पारंपरिक तलवारबाजी का प्रदर्शन एक बड़े हादसे में बदल गया। प्रदर्शन के दौरान एक युवक के हाथ से तलवार फिसलकर जुलूस में शामिल 16 वर्षीय किशोर के सिर में जा धंसी। गंभीर रूप से घायल किशोर का कई घंटे तक ऑपरेशन चला, जिसके बाद डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक तलवार निकाल दी। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। तलवारबाजी के प्रदर्शन में हुआ दर्दनाक हादसा यह घटना शुक्रवार देर शाम राजनगर बाजार के चट्टी रोड पर निकले मुहर्रम जुलूस के दौरान हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पारंपरिक तलवारबाजी का प्रदर्शन चल रहा था, तभी एक युवक के हाथ से तलवार अचानक फिसल गई और पास में मौजूद 16 वर्षीय किशोर के सिर में जा धंसी। बताया जा रहा है कि तलवार करीब ढाई इंच तक सिर के भीतर चली गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और जुलूस कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। घटना के बाद तलवारबाजी कर रहा युवक मौके से फरार हो गया। प्राथमिक उपचार के बाद बड़े अस्पताल किया गया रेफर घायल किशोर की पहचान लहेरी बाजार निवासी के रूप में हुई है। जुलूस में मौजूद लोगों ने तुरंत उसे राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. निरंजन जायसवाल और उनकी टीम ने उपचार शुरू किया, लेकिन तलवार गहराई तक धंसी होने के कारण उसे निकालना संभव नहीं हो सका। इसके बाद प्राथमिक उपचार देकर किशोर को सदर अस्पताल रेफर किया गया। कई घंटे चले ऑपरेशन के बाद बची जान परिजन बाद में किशोर को सकरी स्थित रामशिला हॉस्पिटल ले गए, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने कई घंटे तक ऑपरेशन कर उसके सिर से तलवार निकाल दी। चिकित्सकों के अनुसार ऑपरेशन सफल रहा और फिलहाल किशोर की हालत स्थिर है। उसे आईसीयू में निगरानी में रखा गया है। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल हादसे के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि धार्मिक जुलूसों में पारंपरिक हथियारों के प्रदर्शन के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और सतर्कता बरती जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।