फाइनेंस

AI Report 2047
AI से 2047 तक भारत की GDP में 2.6 ट्रिलियन डॉलर का इजाफा संभव, नई रिपोर्ट में बड़ा दावा

नई दिल्ली, एजेंसियां। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। Wadhwani AI और The Bridgespan Group की एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यदि देश की सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था में जिम्मेदारी के साथ AI तकनीक को लागू किया जाए, तो 2047 तक भारत की GDP में 2.6 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 220 लाख करोड़ रुपये) तक की बढ़ोतरी संभव है। रिपोर्ट के मुताबिक, AI शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ उत्पादकता और आर्थिक विकास को भी गति देगा।    शिक्षा में AI से बढ़ेगी उत्पादकता   रिपोर्ट के अनुसार, AI आधारित लर्निंग टूल्स, व्यक्तिगत शिक्षण और शिक्षकों को तकनीकी सहायता मिलने से छात्रों के सीखने के स्तर में सुधार होगा। इससे भविष्य में अधिक कुशल कार्यबल तैयार होगा, जो देश की आर्थिक प्रगति में अहम भूमिका निभाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा क्षेत्र में AI का प्रभावी उपयोग भारत की दीर्घकालिक विकास दर को मजबूत कर सकता है।    सरकार और राज्यों के लिए सुझाया रोडमैप   रिपोर्ट में केंद्र और राज्य सरकारों को AI के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के लिए स्पष्ट नीति बनाने, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने और शिक्षकों को AI आधारित प्रशिक्षण देने की सिफारिश की गई है। इसके अलावा सरकारी स्कूलों में चरणबद्ध तरीके से AI टूल्स लागू करने पर भी जोर दिया गया है।    विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को मिल सकता है बल   रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि यदि AI को शिक्षा और कौशल विकास के साथ प्रभावी रूप से जोड़ा जाए, तो यह 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते AI में निवेश और नीतिगत सुधार भारत को वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में अग्रणी देशों की श्रेणी में ला सकते हैं।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
IPO
शेयर बाजार की नजर विदेशी निवेश और IPO पर, निवेशकों की रणनीति पर रहेगा फोकस

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में आने वाले कारोबारी सत्रों के लिए निवेशकों की नजर अब विदेशी निवेशकों (FPI/FII) की गतिविधियों और नए IPO पर टिकी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी निवेश का रुख और प्राथमिक बाजार में आने वाले नए इश्यू, दोनों ही बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।   विदेशी निवेशकों की चाल पर रहेगी नजर   जून महीने में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारतीय शेयर बाजार से बड़ी निकासी की थी, जबकि डेट मार्केट में निवेश जारी रहा। इसके बावजूद हाल के कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेतों में सुधार, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और रुपये की मजबूती से निवेशकों का भरोसा बाजार के प्रति बढ़ा है। अब बाजार इस बात पर नजर रखे हुए है कि विदेशी निवेशक फिर से भारतीय इक्विटी बाजार में खरीदारी बढ़ाते हैं या नहीं।   IPO बाजार में भी बढ़ी हलचल   प्राथमिक बाजार में भी गतिविधियां तेज हो रही हैं। Kusumgar समेत कई कंपनियों के IPO अगले सप्ताह खुलने वाले हैं, जबकि अन्य मेनबोर्ड और SME इश्यू भी निवेशकों के लिए उपलब्ध होंगे। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत लिस्टिंग और अच्छी सब्सक्रिप्शन शेयर बाजार के सेंटीमेंट को और बेहतर बनाने में मदद कर सकती है।   वैश्विक संकेतों पर भी बाजार की नजर   विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें, कच्चे तेल की कीमतें, डॉलर इंडेक्स और वैश्विक बाजारों का रुख भी भारतीय शेयर बाजार को प्रभावित करेगा। यदि विदेशी निवेश में सुधार जारी रहता है और IPO बाजार से सकारात्मक संकेत मिलते हैं, तो आने वाले दिनों में बाजार में मजबूती देखने को मिल सकती है।

abhishek singh जुलाई 4, 2026 0
Flipkart GOAT Sale
Flipkart GOAT Sale आज से शुरू, ग्राहकों को स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स पर मिल रहे बड़े ऑफर

नई दिल्ली, एजेंसियां। ई-कॉमर्स कंपनी Flipkart की बहुप्रतीक्षित GOAT (Greatest of All Time) Sale 2026 आज, 4 जुलाई से शुरू हो गई है। सेल के पहले ही दिन ग्राहकों को स्मार्टफोन, लैपटॉप, टीवी, होम अप्लायंसेज, फैशन और अन्य प्रोडक्ट्स पर आकर्षक छूट मिल रही है। कंपनी ने कई लोकप्रिय ब्रांड्स पर साल के सबसे बड़े ऑफर्स देने का दावा किया है।   iPhone, Samsung और लैपटॉप पर खास ऑफर   इस सेल में iPhone 17, iPhone 16, Samsung Galaxy S25 समेत कई प्रीमियम स्मार्टफोन्स पर भारी डिस्काउंट दिया जा रहा है। इसके अलावा HP, Lenovo और ASUS के लैपटॉप, स्मार्ट टीवी, स्मार्टवॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों पर भी विशेष ऑफर्स उपलब्ध हैं। कई प्रोडक्ट्स पर बैंक ऑफर और एक्सचेंज बोनस के साथ अतिरिक्त बचत का मौका मिल रहा है।   बैंक ऑफर और नो-कॉस्ट EMI का लाभ   Flipkart ने GOAT Sale के दौरान चुनिंदा बैंक कार्डधारकों के लिए 10% तक का इंस्टेंट डिस्काउंट, नो-कॉस्ट EMI और एक्सचेंज ऑफर की सुविधा भी दी है। ICICI Bank, Bank of Baroda और HSBC के कार्डधारक इन ऑफर्स का लाभ उठा सकते हैं।   9 जुलाई तक चलेगी मेगा सेल   Flipkart GOAT Sale 9 जुलाई तक चलेगी। कंपनी के अनुसार सेल के दौरान हर दिन नई डील्स और सीमित समय के लिए फ्लैश ऑफर्स भी जारी किए जाएंगे। ऐसे में ग्राहकों को अपनी पसंद के प्रोडक्ट्स पर कम कीमत में खरीदारी करने का मौका मिलेगा।

abhishek singh जुलाई 4, 2026 0
Gold Price
Gold Price: सोना-चांदी की चमक बरकरार, कीमतों में फिर जोरदार उछाल

नई दिल्ली, एजेंसियां। देश में सोना और चांदी की कीमतों में लगातार तेजी का दौर जारी है। सोमवार, 20 अप्रैल को भी दोनों कीमती धातुओं के दामों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत 10 ग्राम पर ₹347 बढ़कर ₹1,52,002 पहुंच गई, जबकि चांदी ₹1,214 महंगी होकर ₹2,51,000 प्रति किलोग्राम के स्तर को पार कर गई। लगातार बढ़ती कीमतों ने निवेशकों के साथ-साथ आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों की भी चिंता बढ़ा दी है।   इस साल रिकॉर्ड तेजी, हजारों रुपये महंगे हुए सोना-चांदी आईबीजेए के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक सोने की कीमत में करीब ₹19,000 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं, चांदी लगभग ₹21,000 प्रति किलो महंगी हो चुकी है। इस दौरान दोनों धातुओं ने रिकॉर्ड स्तर भी छुआ। 29 जनवरी को चांदी की कीमत ₹3.86 लाख प्रति किलो तक पहुंच गई थी, जो अब तक का उच्चतम स्तर माना जा रहा है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर में उतार-चढ़ाव और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग को इस तेजी की प्रमुख वजह माना जा रहा है।   बड़े शहरों में भी ऊंचे दाम, खरीदारी से पहले बरतें सावधानी दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, जयपुर, भोपाल और लखनऊ सहित देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1.55 लाख से ₹1.56 लाख प्रति 10 ग्राम के बीच बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोने के बढ़ते दामों के बीच ग्राहकों को खरीदारी करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। केवल BIS हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदें और खरीदारी से पहले विश्वसनीय स्रोतों से ताजा कीमत की पुष्टि अवश्य करें। इससे नकली आभूषण या गलत मूल्य वसूले जाने जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है।

anjali kumari जुलाई 3, 2026 0
Indian stock market trading screen showing Sensex surging over 500 points with strong gains in HCL Tech and IT stocks.
Share Market News: लगातार तीसरे दिन शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा उछला, HCL Tech और IT शेयरों ने दिखाई दम

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में मजबूती देखने को मिली। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और शांति की उम्मीद से वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 500 अंक से अधिक चढ़ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 24,300 अंक के ऊपर कारोबार करता नजर आया। सुबह करीब 9:22 बजे सेंसेक्स 487.81 अंक (0.63%) की बढ़त के साथ 77,989.93 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 156.80 अंक (0.65%) मजबूत होकर 24,332.50 के स्तर पर पहुंच गया। IT सेक्टर ने संभाली बाजार की कमान सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 24 शेयर बढ़त के साथ खुले। सबसे ज्यादा तेजी HCL Technologies के शेयर में दर्ज की गई, जिसमें 4 प्रतिशत से अधिक उछाल आया। इसके अलावा Tech Mahindra, Infosys, TCS, Tata Steel, Sun Pharma, Bajaj Finserv और UltraTech Cement जैसे दिग्गज शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। आईटी सेक्टर में मजबूत निवेशकों की दिलचस्पी ने बाजार की तेजी को और मजबूती दी। इन शेयरों में दिखी गिरावट बाजार की तेजी के बावजूद कुछ शेयर दबाव में रहे। Mahindra & Mahindra के शेयर में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा SBI, Kotak Mahindra Bank, IndiGo, Titan, Adani Ports और Asian Paints जैसे शेयरों में भी हल्की कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10 बजे तक प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन तेजी वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे— HCL Technologies: +4.31% Tech Mahindra: +2.81% Tata Steel: +2.78% Sun Pharma: +2.07% BEL: +1.88% Eternal: +1.75% Trent: +1.56% Bajaj Finserv: +1.55% TCS: +1.33% UltraTech Cement: +1.23% वहीं गिरावट वाले प्रमुख शेयर— Mahindra & Mahindra: -0.95% SBI: -0.67% Kotak Mahindra Bank: -0.38% IndiGo: -0.34% Titan: -0.33% Adani Ports: -0.28% ब्रॉडर मार्केट में भी खरीदारी मुख्य सूचकांकों के साथ-साथ व्यापक बाजार में भी मजबूती देखने को मिली। Nifty Midcap Index करीब 0.21% चढ़ा। Nifty Smallcap Index में लगभग 0.47% की बढ़त दर्ज की गई। सेक्टोरल इंडेक्स में Nifty Metal और Nifty IT सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले सेक्टर रहे। दूसरी ओर Nifty Bank और Nifty PSU Bank अपेक्षाकृत कमजोर रहे। निवेशकों का बढ़ा भरोसा विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद, विदेशी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत और आईटी शेयरों में मजबूत खरीदारी ने भारतीय शेयर बाजार को लगातार तीसरे दिन बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई। यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी बाजार का सकारात्मक रुख जारी रह सकता है।  

surbhi जुलाई 3, 2026 0
Modern textile manufacturing unit under PM MITRA scheme showcasing integrated textile production and apparel industry in India.
$350 अरब की टेक्सटाइल महाशक्ति बनने की तैयारी में भारत, PM MITRA पार्कों से बदलेगी कपड़ा उद्योग की तस्वीर

नई दिल्ली: भारत सदियों से अपनी समृद्ध वस्त्र परंपरा के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। कश्मीर का पश्मीना, असम का मूंगा रेशम, तमिलनाडु की कांजीवरम साड़ी, मध्य प्रदेश की चंदेरी और सूरत का टेक्सटाइल उद्योग भारतीय शिल्प और कौशल की पहचान रहे हैं। अब केंद्र सरकार इसी विरासत को आधुनिक औद्योगिक ढांचे से जोड़कर भारत को वैश्विक टेक्सटाइल हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2021 में 4,445 करोड़ रुपये के बजट के साथ PM MITRA (Mega Integrated Textile Region and Apparel) योजना शुरू की। इस योजना का उद्देश्य पूरे टेक्सटाइल वैल्यू चेन को एक ही परिसर में विकसित कर उत्पादन लागत कम करना, निर्यात बढ़ाना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। भारतीय अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार है टेक्सटाइल उद्योग भारत का वस्त्र एवं परिधान उद्योग देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है। GDP में लगभग 2.3% योगदान औद्योगिक उत्पादन में 13% हिस्सेदारी कुल निर्यात में करीब 12% योगदान लगभग 4.5 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार 10 करोड़ से अधिक लोगों की आजीविका इस क्षेत्र से जुड़ी हुई है। क्यों महसूस हुई नए मॉडल की जरूरत? अब तक भारत का टेक्सटाइल उद्योग अलग-अलग राज्यों में बिखरा हुआ था। कपास उत्पादन, धागा निर्माण, बुनाई, प्रोसेसिंग, गारमेंट निर्माण और निर्यात जैसी गतिविधियां अलग-अलग स्थानों पर होने के कारण— उत्पादन लागत बढ़ती थी। समय अधिक लगता था। लॉजिस्टिक्स महंगे पड़ते थे। वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा प्रभावित होती थी। सरकार का मानना है कि एकीकृत टेक्सटाइल पार्क इन चुनौतियों का समाधान कर सकते हैं। PM MITRA योजना का '5F' विजन इस योजना की नींव प्रधानमंत्री मोदी के '5F' विजन पर आधारित है— Farm to Fiber Fiber to Factory Factory to Fashion Fashion to Foreign इस मॉडल का उद्देश्य किसानों, बुनकरों, उद्योगों और निर्यातकों को एक ही इकोसिस्टम से जोड़ना है, जिससे पूरी सप्लाई चेन अधिक तेज, सस्ती और प्रतिस्पर्धी बन सके। सात राज्यों में विकसित हो रहे हैं PM MITRA पार्क देशभर में कुल 7 PM MITRA पार्क विकसित किए जा रहे हैं। ग्रीनफील्ड परियोजनाएं: विरुधुनगर (तमिलनाडु) नवसारी (गुजरात) कलबुर्गी (कर्नाटक) धार (मध्य प्रदेश) लखनऊ (उत्तर प्रदेश) ब्राउनफील्ड परियोजनाएं: वारंगल (तेलंगाना) अमरावती (महाराष्ट्र) इन पार्कों में 1,000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में कताई, बुनाई, प्रोसेसिंग, गारमेंट निर्माण और निर्यात से जुड़ी इकाइयों को एक साथ विकसित किया जाएगा। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष जोर PM MITRA पार्कों में उद्योगों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिनमें— प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर रेडी-टू-मूव फैक्ट्री शेड समर्पित बिजली सब-स्टेशन निरंतर जलापूर्ति कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) Zero Liquid Discharge (ZLD) तकनीक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और एक्सप्रेसवे से बेहतर कनेक्टिविटी इन सुविधाओं से उत्पादन लागत कम होगी, लॉजिस्टिक्स तेज होंगे और पर्यावरणीय मानकों का बेहतर पालन किया जा सकेगा। निवेश और रोजगार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा सरकार के अनुसार, PM MITRA योजना के तहत अब तक लगभग 69,899 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जबकि 27,658 करोड़ रुपये का निवेश जमीन पर उतर चुका है। अनुमान है कि प्रत्येक पार्क से करीब 3 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। सातों पार्क मिलकर 21 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों और विशेष रूप से महिलाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलने की उम्मीद है। 2030 तक 350 अरब डॉलर का लक्ष्य सरकार का लक्ष्य है कि 'Vision 2030' के तहत भारत के वस्त्र एवं परिधान उद्योग को 350 अरब डॉलर के वैश्विक उद्योग के रूप में विकसित किया जाए। PM MITRA पार्क इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य की आधारशिला माने जा रहे हैं, जो भारत को वैश्विक टेक्सटाइल सप्लाई चेन में और मजबूत स्थान दिलाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।  

surbhi जुलाई 3, 2026 0
Carlsberg IPO
बीयर दिग्गज Carlsberg का बड़ा दांव: भारत में 700 मिलियन डॉलर IPO की तैयारी

नई दिल्ली, एजेंसियां। डेनमार्क की प्रमुख बीयर कंपनी Carlsberg ने भारत में अपने कारोबार को शेयर बाजार में लिस्ट कराने की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी ने भारतीय बाजार नियामक SEBI के पास अपनी यूनिट के लिए गोपनीय रूप से IPO फाइलिंग की है।   IPO का साइज 700 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है   सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित IPO का आकार लगभग 700 मिलियन डॉलर (करीब ₹6,000–6,600 करोड़) तक हो सकता है। यह पूरी तरह से Offer for Sale (OFS) आधारित होगा, जिसमें मौजूदा हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचा जाएगा।   बड़े इन्वेस्टमेंट बैंक को मिली जिम्मेदारी   इस IPO प्रक्रिया के लिए कंपनी ने प्रमुख ग्लोबल और घरेलू निवेश बैंकों को जिम्मेदारी दी है। इसमें Kotak Mahindra Capital, Citigroup और JP Morgan India शामिल हैं, जो इस इश्यू को मैनेज करेंगे।   भारत के IPO बाजार में बढ़ेगी हलचल   विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का तेजी से बढ़ता शेयर बाजार विदेशी कंपनियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। Carlsberg का यह कदम इसी ट्रेंड को और मजबूत करेगा।   भारतीय बाजार में मजबूत स्थिति   Carlsberg भारत में लंबे समय से सक्रिय है और देश के तेजी से बढ़ते पेय बाजार में इसकी मजबूत हिस्सेदारी मानी जाती है। IPO के बाद कंपनी की ब्रांड वैल्यू और विस्तार योजनाओं को और गति मिलने की उम्मीद है।

abhishek singh जुलाई 3, 2026 0
Gold jewellery displayed at a jewellery store as India plans a revamped Gold Monetisation Scheme with jeweller participation.
Gold Monetisation Scheme का नया प्लान: घरों में रखे सोने को इस्तेमाल में लाने की तैयारी, पहली बार जूलर्स को मिल सकती है बड़ी भूमिका

नई दिल्ली: भारतीय परिवारों के पास अनुमानित 30,000 टन से अधिक सोना मौजूद है, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा वर्षों से घरों और लॉकरों में निष्क्रिय पड़ा है। अब इस सोने को आर्थिक गतिविधियों में लाने के लिए केंद्र सरकार Gold Monetisation Scheme (GMS) का नया संस्करण तैयार कर रही है। इस बार योजना में पहली बार जूलर्स (सर्राफा कारोबारियों) को भी महत्वपूर्ण भूमिका देने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य सोने के आयात पर निर्भरता कम करना, घरेलू गोल्ड संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और निष्क्रिय पड़े सोने को वित्तीय प्रणाली से जोड़ना है। अगस्त में आ सकता है नया वर्जन रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ने हाल के दिनों में वरिष्ठ मंत्रियों, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), बैंकों और बुलियन इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बैठकें की हैं। इन चर्चाओं के बाद योजना को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, Gold Monetisation Scheme का नया संस्करण अगस्त 2026 में घोषित किया जा सकता है, ताकि त्योहारी सीजन से पहले इसे लागू किया जा सके। पहली बार जूलर्स को मिलेगी अहम जिम्मेदारी नई व्यवस्था के तहत जूलर्स केवल सोना बेचने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे कलेक्शन और एग्रीगेशन सेंटर की भूमिका निभा सकते हैं। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार— ग्राहक अपना सोना जूलर्स के पास जमा कर सकेंगे। जूलर्स सोने की प्रारंभिक जांच और सत्यापन करेंगे। इसके बाद सोना अधिकृत रिफाइनर्स और बैंकों तक पहुंचाया जाएगा। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और ट्रेसेबिलिटी सुनिश्चित करने पर जोर रहेगा। इसके बदले जूलर्स को सोने के संग्रह, परीक्षण, जमा प्रक्रिया और अन्य सेवाओं के लिए सर्विस या हैंडलिंग फीस मिलने की संभावना है। सरकार का फोकस आयात कम करने पर भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयातक देशों में शामिल है। बढ़ती वैश्विक कीमतों और आयात शुल्क में वृद्धि का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा है। मई 2026 में सोने का आयात घटकर करीब 12 अरब डॉलर रह गया। सरकार का मानना है कि यदि घरों में रखा निष्क्रिय सोना वित्तीय प्रणाली में आए, तो आयात पर निर्भरता कम की जा सकती है और विदेशी मुद्रा की बचत होगी। 2015 में शुरू हुई थी योजना, लेकिन नहीं मिली सफलता सरकार ने पहली बार 2015 में Gold Monetisation Scheme शुरू की थी। इस योजना के तहत लोग अपना सोना बैंक में जमा कर ब्याज कमा सकते थे। हालांकि, यह योजना अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सकी। इंडस्ट्री के अनुसार, लगभग 11 वर्षों में केवल 39 टन सोना ही इस योजना के जरिए प्रणाली में आ सका। आखिर क्यों नहीं चली Gold Monetisation Scheme? विशेषज्ञों के मुताबिक योजना के सीमित प्रभाव के पीछे कई कारण रहे— भारतीय परिवारों का सोने से भावनात्मक जुड़ाव। आभूषण जमा कराने को लेकर भरोसे की कमी। ब्याज दरें अपेक्षाकृत कम होना। प्रक्रिया का जटिल और समय लेने वाला होना। मीडियम और लॉन्ग-टर्म डिपॉजिट विकल्प बंद होना। वर्तमान में योजना के तहत केवल एक से तीन वर्ष की शॉर्ट-टर्म बैंक डिपॉजिट सुविधा उपलब्ध है। क्या बदलेगी नई योजना की तस्वीर? सरकार को उम्मीद है कि यदि जूलर्स को इस प्रक्रिया में शामिल किया जाता है, तो लोगों का भरोसा बढ़ेगा और योजना तक पहुंच आसान होगी। इससे घरों में रखा निष्क्रिय सोना आर्थिक गतिविधियों में शामिल हो सकेगा, जिससे आयात पर दबाव कम करने और गोल्ड इकोसिस्टम को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।  

surbhi जुलाई 3, 2026 0
Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन तेजी, सेंसेक्स 500 अंक से अधिक उछला

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली। सकारात्मक वैश्विक संकेतों और आईटी शेयरों में खरीदारी के दम पर सेंसेक्स 500 अंक से अधिक की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी 24,300 के ऊपर मजबूती से बना रहा।   आईटी शेयरों ने बाजार को दी मजबूती   बाजार की तेजी में आईटी सेक्टर का सबसे बड़ा योगदान रहा। एचसीएल टेक, इन्फोसिस और टीसीएस के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। इसके अलावा कुछ बैंकिंग और ऑटो शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई।   वैश्विक संकेतों से मिला समर्थन   विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर नरम रुख की उम्मीद, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भारतीय बाजार को मजबूती दी। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी भी बाजार के पक्ष में रही।   इन शेयरों पर रही निवेशकों की नजर   आज के कारोबार में बजाज फाइनेंस, पंजाब नेशनल बैंक (PNB), मारिको, अडानी एंटरप्राइजेज और पीबी फिनटेक जैसे शेयर निवेशकों के फोकस में रहे। कंपनियों के तिमाही कारोबारी अपडेट और बेहतर प्रदर्शन के संकेतों से इन शेयरों में गतिविधि बढ़ी है।   विशेषज्ञों की राय   बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि निफ्टी मौजूदा स्तरों के ऊपर टिके रहने में सफल रहता है, तो आने वाले दिनों में इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि निवेशकों को वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

anjali kumari जुलाई 3, 2026 0
Gold-Silver Rate
सोना-चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल, खरीदारी से पहले जानें अपने शहर के ताजा भाव

नई दिल्ली, एजेंसियां। घरेलू सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी आर्थिक संकेतों और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के चलते दोनों कीमती धातुओं के दाम नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए हैं। 2 जुलाई 2026 को जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोना और चांदी दोनों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली।   सोना पहुंचा नए शिखर पर बाजार में सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से सोने की कीमतों में करीब 1.33 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया। ताजा कारोबार में सोने का भाव बढ़कर 1,44,430 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव तथा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों को लेकर नरम रुख के संकेतों ने निवेशकों का भरोसा सोने की ओर बढ़ाया है।   चांदी की चमक भी हुई तेज सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी मजबूती देखने को मिली। औद्योगिक मांग और निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी के कारण चांदी करीब 0.80 प्रतिशत मजबूत होकर 2,30,384 रुपये के स्तर पर पहुंच गई। बाजार जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने पर चांदी की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।   शहरों के अनुसार कीमतों में अंतर इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, देश के अलग-अलग शहरों में स्थानीय टैक्स, जीएसटी और मेकिंग चार्ज के कारण सोने और चांदी की खुदरा कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले अपने शहर के ताजा रेट की जानकारी लेना जरूरी है।   खरीदारी से पहले रखें इन बातों का ध्यान बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव जारी रहते हैं तो आने वाले दिनों में सोना-चांदी और महंगे हो सकते हैं। हालांकि, खरीदारी से पहले हॉलमार्क की जांच करें, शुद्धता सुनिश्चित करें और विश्वसनीय जौहरी से ही आभूषण या बुलियन खरीदें। साथ ही अपने स्थानीय सर्राफा बाजार के ताजा भाव की पुष्टि करना भी बेहतर रहेगा।

abhishek singh जुलाई 2, 2026 0
Share Market
बढ़त के साथ बंद  हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 579 अंक चढ़ा, जानें निफ्टी का हाल

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को मजबूत बढ़त के साथ कारोबार का समापन किया। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और आईटी सेक्टर में जोरदार खरीदारी के दम पर बाजार में चौतरफा तेजी देखने को मिली। कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 579.48 अंक यानी 0.75 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,502.12 पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 169.86 अंक यानी 0.71 प्रतिशत चढ़कर 24,175.70 के स्तर पर पहुंच गया।   कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट बनी बड़ी वजह बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटकर करीब 70 डॉलर प्रति बैरल पर आने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर कच्चे तेल का आयात करता है। ऐसे में तेल सस्ता होने से कंपनियों की लागत कम होने और अर्थव्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद से बाजार में खरीदारी तेज हुई।   आईटी शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा मजबूती गुरुवार के कारोबार में आईटी सेक्टर बाजार की तेजी का प्रमुख आधार बना। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 3.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। प्रमुख आईटी कंपनी एचसीएल टेक के शेयरों में लगभग 5 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जबकि बजाज फिनसर्व के शेयर भी करीब 3 प्रतिशत मजबूत हुए। इसके अलावा मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और केमिकल सेक्टर के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। हालांकि, मीडिया सेक्टर में हल्की कमजोरी दर्ज की गई।   वैश्विक बाजारों से मिला सकारात्मक संकेत एशियाई बाजारों में जापान का टोपिक्स और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि अमेरिकी और यूरोपीय वायदा बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। इन वैश्विक संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया।   विश्लेषकों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं और आईटी सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रहती है, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी बाजार में तेजी का रुख जारी रह सकता है। हालांकि, रुपया डॉलर के मुकाबले 24 पैसे कमजोर होकर 95.40 के स्तर पर बंद हुआ।

abhishek singh जुलाई 2, 2026 0
SP Group and Tata Sons corporate deal concept highlighting ₹25,500 crore bond issue linked to Tata Sons stake.
SP Group का बड़ा दांव! टाटा संस में हिस्सेदारी के बदले ₹25,500 करोड़ के बॉन्ड जारी करेगा, IPO की अटकलें फिर तेज

नई दिल्ली: टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस (Tata Sons) एक बार फिर सुर्खियों में है। कंपनी के सबसे बड़े अल्पसंख्यक (Minority) शेयरधारक शापूरजी पल्लोनजी (SP) ग्रुप ने अपनी हिस्सेदारी के एक हिस्से को आधार बनाकर ₹25,500 करोड़ के बॉन्ड जारी करने की योजना बनाई है। इस कदम के बाद टाटा संस की संभावित लिस्टिंग (IPO) को लेकर चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, SP Group सोमवार को यह बॉन्ड इश्यू लॉन्च कर सकता है। इस बॉन्ड की शर्तों में टाटा संस की भविष्य की लिस्टिंग या फिर SP Group और टाटा संस के बीच हिस्सेदारी को लेकर किसी समझौते की संभावना भी शामिल बताई जा रही है। क्या है पूरा मामला? टाटा संस में SP Group की 18.37% हिस्सेदारी है, जिससे वह कंपनी का सबसे बड़ा माइनॉरिटी शेयरधारक है। रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रुप इस हिस्सेदारी के एक हिस्से का इस्तेमाल ₹25,500 करोड़ जुटाने के लिए करेगा। इसके लिए Zero Coupon, Unlisted और Unrated Non-Convertible Debentures (NCDs) जारी किए जाएंगे। बताया गया है कि Equigene Investments इन बॉन्ड्स को जारी करेगी, जबकि Cyrus Investments टाटा संस के शेयरों को गिरवी (Collateral) के रूप में रखेगी। IPO की शर्त भी जुड़ी रिपोर्ट के अनुसार, इस बॉन्ड इश्यू की शर्तों में यह भी शामिल है कि 18 महीने के भीतर या तो— टाटा संस अपने IPO की घोषणा करे, या SP Group और टाटा संस के बीच हिस्सेदारी को लेकर कोई समाधान या समझौता हो। हालांकि, इसका यह अर्थ नहीं है कि टाटा संस का IPO तय हो गया है। यह केवल बॉन्ड इश्यू से जुड़ी एक संभावित शर्त बताई जा रही है। RBI के नियमों ने बढ़ाई हलचल हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपर-लेयर NBFC के लिए नए नियामकीय प्रावधान लागू किए हैं। इन नियमों के अनुसार, जिन कंपनियों की कुल परिसंपत्तियां (Assets) ₹1 लाख करोड़ से अधिक हैं और जिन्हें Upper Layer NBFC के रूप में वर्गीकृत किया गया है, उन्हें सूचीबद्ध (Listed) होना पड़ सकता है। टाटा संस की परिसंपत्तियां ₹1.75 लाख करोड़ से अधिक बताई जाती हैं और RBI ने उसे पहले ही Upper Layer NBFC के रूप में वर्गीकृत किया है। इसी वजह से कंपनी की संभावित लिस्टिंग को लेकर चर्चाएं लगातार बनी हुई हैं। टाटा समूह के भीतर भी अलग-अलग राय टाटा संस की लिस्टिंग को लेकर समूह के भीतर भी अलग-अलग मत सामने आते रहे हैं। पहले Tata Trusts ने प्रस्ताव पारित कर कंपनी को अनलिस्टेड बनाए रखने का समर्थन किया था। वहीं, कंपनी के उपाध्यक्ष वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह ने लिस्टिंग को कंपनी और निवेशकों के लिए फायदेमंद बताया था। दूसरी ओर, Tata Trusts के चेयरमैन नोएल टाटा सार्वजनिक रूप से कंपनी की लिस्टिंग का विरोध कर चुके हैं। कब आएगा बॉन्ड इश्यू? रिपोर्ट्स के अनुसार— बॉन्ड इश्यू सोमवार को लॉन्च किया जा सकता है। अगले सप्ताह इसके सेटलमेंट की प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है। हालांकि, इस पूरे मामले पर SP Group की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। निवेशकों की नजर आगे की घटनाओं पर विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य में टाटा संस की लिस्टिंग को लेकर कोई ठोस कदम उठाया जाता है, तो यह भारतीय कॉरपोरेट इतिहास की सबसे चर्चित घटनाओं में से एक हो सकता है। फिलहाल बाजार की नजर RBI के नियामकीय रुख, SP Group की रणनीति और टाटा समूह के अगले फैसलों पर बनी हुई है।  

surbhi जुलाई 2, 2026 0
Indian stock market opens higher as Sensex surges over 500 points, led by gains in Infosys and Adani Enterprises.
Share Market Opening: लगातार दूसरे दिन शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 500 अंक उछला, Infosys और Adani Enterprises में शानदार बढ़त

मुंबई: घरेलू शेयर बाजार ने लगातार दूसरे कारोबारी दिन मजबूत शुरुआत की। अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत से भू-राजनीतिक तनाव कम होने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सकारात्मक असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 500 अंक तक उछल गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी 24,150 अंक के करीब पहुंच गया। बाजार में सबसे ज्यादा खरीदारी आईटी शेयरों में देखने को मिली, जबकि व्यापक बाजार (Broader Market) में भी सकारात्मक माहौल बना रहा। सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूत शुरुआत सुबह करीब 9:40 बजे तक— बीएसई सेंसेक्स 493.71 अंक यानी 0.64% की बढ़त के साथ 77,416.35 अंक पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी 50 143.85 अंक यानी 0.60% चढ़कर 24,149.70 अंक पर पहुंच गया। वहीं, शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया भी मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा। आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी बाजार की तेजी में सबसे बड़ा योगदान आईटी सेक्टर का रहा। Infosys के शेयरों में 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जिससे यह सेंसेक्स के सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले शेयरों में शामिल रहा। इसके अलावा— HCL Technologies TCS Tech Mahindra के शेयरों में भी लगभग 2 प्रतिशत तक की बढ़त देखने को मिली। आईटी शेयरों में आई इस तेजी ने पूरे बाजार की धारणा को मजबूत किया। Adani Enterprises सहित कई दिग्गज शेयरों में बढ़त आईटी कंपनियों के अलावा Adani Enterprises सहित कई अन्य प्रमुख शेयरों में भी निवेशकों की अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली। हालांकि, सभी शेयरों में तेजी नहीं रही। Bajaj Finance के शेयरों में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई और यह सेंसेक्स में सबसे अधिक नुकसान उठाने वाला शेयर रहा। ब्रॉडर मार्केट में भी दिखी मजबूती केवल बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी निवेशकों का उत्साह देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 करीब 0.3% मजबूत रहा। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में भी लगभग 0.3% की बढ़त दर्ज की गई। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो— निफ्टी आईटी लगभग 3% चढ़ा। निफ्टी रियल्टी में करीब 1% की तेजी रही। निफ्टी मेटल इंडेक्स भी लगभग 1% मजबूत हुआ। एनएसई पर कारोबार के दौरान लगभग— 1,818 शेयरों में तेजी, 586 शेयरों में गिरावट, जबकि 99 शेयर बिना किसी बदलाव के कारोबार करते नजर आए। यह आंकड़े बाजार में व्यापक खरीदारी का संकेत देते हैं। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से मिला समर्थन विशेषज्ञों के अनुसार बाजार की तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी है। ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 1.06 प्रतिशत गिरकर 70.81 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। बताया जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच कतर की राजधानी दोहा में जारी वार्ता से निवेशकों की चिंता कुछ कम हुई है। दोनों देशों के प्रतिनिधि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से सामान्य रूप से संचालित करने और ईरान के फ्रीज किए गए फंड को जारी करने जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। यदि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है, तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता आने की संभावना बढ़ सकती है। निवेशकों की नजर आगे के संकेतों पर विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों (FII) की गतिविधियों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। यही कारक आगे बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।  

surbhi जुलाई 2, 2026 0
ICICI Prudential Multi-Asset Active Fund of Funds offering diversified exposure to equity, debt, gold, and silver investments.
Mutual Fund NFO: ICICI Prudential ने लॉन्च किया Multi-Asset Active FoF, एक ही फंड में मिलेगा इक्विटी, डेट, गोल्ड और सिल्वर का फायदा

मुंबई: निवेशकों के लिए पोर्टफोलियो को विविध (Diversified) बनाने का एक नया विकल्प सामने आया है। ICICI Prudential Mutual Fund ने अपना नया ICICI Prudential Multi-Asset Active Fund of Funds (FoF) लॉन्च किया है। यह एक ओपन-एंडेड फंड ऑफ फंड्स (FoF) स्कीम है, जिसका उद्देश्य निवेशकों को एक ही फंड के माध्यम से इक्विटी, डेट, गोल्ड ETF और सिल्वर ETF जैसे अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश का अवसर देना है। यह न्यू फंड ऑफर (NFO) निवेश के लिए खुल चुका है और इसमें 14 जुलाई 2026 तक निवेश किया जा सकता है। क्या है Multi-Asset Active FoF? यह स्कीम सीधे शेयर या बॉन्ड में निवेश नहीं करती, बल्कि ICICI Prudential की विभिन्न एक्टिव इक्विटी स्कीम, डेट स्कीम और गोल्ड/सिल्वर ETF की यूनिट्स में निवेश करती है। इसका उद्देश्य अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश कर जोखिम को संतुलित करना और लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न की संभावना तैयार करना है। बाजार के अनुसार बदलेगा निवेश का अनुपात ICICI Prudential का कहना है कि यह फंड बाजार की मौजूदा परिस्थितियों, वैल्यूएशन और व्यापक आर्थिक (Macro-economic) संकेतकों के आधार पर अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश का अनुपात समय-समय पर बदलता रहेगा। यानी यदि किसी समय इक्विटी आकर्षक लगेगी तो उसका हिस्सा बढ़ाया जा सकता है, जबकि बाजार में जोखिम बढ़ने पर डेट या गोल्ड का आवंटन बढ़ाया जा सकता है। कंपनी ने क्या कहा? ICICI Prudential Asset Management Company के Executive Director और Chief Investment Officer (CIO) एस. नरेन के अनुसार, अलग-अलग आर्थिक और बाजार चक्रों में प्रत्येक एसेट क्लास का प्रदर्शन अलग होता है। ऐसे में अनुशासित एसेट एलोकेशन लंबी अवधि के निवेश का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह स्कीम निवेशकों को रिसर्च आधारित रणनीति के माध्यम से इक्विटी, डेट और कीमती धातुओं में संतुलित निवेश का अवसर प्रदान करती है, जिससे बदलते बाजार में पोर्टफोलियो अधिक संतुलित रह सकता है। कैसे काम करेगा एसेट एलोकेशन? यह फंड किसी एक एसेट क्लास पर निर्भर रहने के बजाय उनकी आकर्षकता के आधार पर निवेश का अनुपात तय करेगा। संभावित एसेट एलोकेशन इस प्रकार रहेगा— एक्टिव इक्विटी स्कीम: 30% से 80% एक्टिव डेट स्कीम: 10% से 60% गोल्ड ETF और/या सिल्वर ETF: 10% से 30% निवेशकों को क्या मिलेंगे फायदे? इस स्कीम का उद्देश्य तीन प्रमुख निवेश लक्ष्यों को एक साथ पूरा करना है— इक्विटी के जरिए लंबी अवधि में पूंजी वृद्धि (Wealth Creation) डेट स्कीम के माध्यम से अपेक्षाकृत स्थिर आय और कम उतार-चढ़ाव गोल्ड और सिल्वर ETF के जरिए पोर्टफोलियो में विविधता और महंगाई के प्रभाव से संभावित सुरक्षा इस तरह निवेशकों को एक ही फंड में कई एसेट क्लास का एक्सपोजर मिल सकता है। न्यूनतम निवेश कितना? इस NFO में निवेश की शुरुआत ₹1,000 से की जा सकती है। इसके बाद निवेश ₹1,000 के गुणकों में किया जा सकेगा। निवेशकों के लिए इसमें डायरेक्ट प्लान और रेगुलर प्लान दोनों विकल्प उपलब्ध हैं। फंड मैनेजर और बेंचमार्क इस स्कीम का प्रबंधन अनुभवी फंड मैनेजरों की टीम करेगी, जिसमें शामिल हैं— धर्मेश कक्कड़ मनीष बंथिया अखिल कक्कड़ शर्मिला डी'सिल्वा गौरव चिकने इसका बेंचमार्क निम्नलिखित मिश्रित इंडेक्स पर आधारित होगा— 55% निफ्टी 200 TRI 35% निफ्टी कंपोजिट डेट इंडेक्स 7% घरेलू गोल्ड प्राइस 3% घरेलू सिल्वर प्राइस निवेश से पहले रखें इन बातों का ध्यान हालांकि मल्टी-एसेट फंड्स पोर्टफोलियो में विविधता लाने का अवसर देते हैं, लेकिन किसी भी म्यूचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। निवेश करने से पहले अपनी वित्तीय जरूरतों, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश अवधि का आकलन करना जरूरी है। यदि आवश्यक हो तो किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श लेना बेहतर रहेगा।  

surbhi जुलाई 2, 2026 0
Today Stock Market
Stock Market: सेंसेक्स 400 अंकों से अधिक उछला, निफ्टी 24,100 के पार; आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी

मुंबई, एजेंसियां। घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन तेजी देखी गयी। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 400 अंकों से अधिक चढ़ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 24,100 के स्तर के ऊपर कारोबार करता दिखा। बाजार में तेजी की अगुवाई आईटी और बैंकिंग शेयरों ने की।   क्यों आई बाजार में तेजी?   विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने, वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत और अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में प्रगति की खबरों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला।   आईटी शेयरों ने दिखाई मजबूती   आज के कारोबार में Infosys, TCS और अन्य आईटी कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। ऑटो और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों ने भी बाजार को समर्थन दिया।   विशेषज्ञों की राय   बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक संकेत सकारात्मक बने रहे और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रही, तो आने वाले दिनों में निफ्टी 24,500–25,000 के स्तर की ओर बढ़ सकता है। हालांकि, निवेशकों को उतार-चढ़ाव के बीच सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

anjali kumari जुलाई 2, 2026 0
Share Market
जोरदार उछाल  के साथ बंद हुआ शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। दो दिन की लगातार गिरावट के बाद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत वापसी की। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और निवेशकों की खरीदारी के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में जोरदार उछाल देखा गया। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 443.97 अंक या 0.58 फीसदी बढ़कर 76,922.64 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 140.10 अंक या 0.59 फीसदी की तेजी के साथ 24,005.85 के स्तर पर पहुंच गया।   इंट्रा-डे में 631 अंक तक चढ़ा सेंसेक्स, कई बड़े शेयरों में खरीदारी दिन के दौरान सेंसेक्स में मजबूत तेजी देखने को मिली और यह 631.41 अंक तक उछलकर 77,110.08 के उच्च स्तर पर पहुंच गया। बाजार को एटरनल, एशियन पेंट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, अदाणी पोर्ट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एसबीआई जैसे शेयरों में खरीदारी से सपोर्ट मिला। हालांकि, आईटी सेक्टर के शेयरों में दबाव देखने को मिला, जहां एचसीएल टेक, टीसीएस, इंफोसिस और टेक महिंद्रा जैसे स्टॉक्स गिरावट में रहे।   वैश्विक बाजार और कच्चे तेल ने दिया सहारा वैश्विक स्तर पर भी बाजारों में मिलाजुला लेकिन सकारात्मक रुख रहा। अमेरिका और एशियाई बाजारों में मजबूती ने भारतीय बाजार को सपोर्ट किया। वहीं, ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.07 फीसदी गिरकर 72.17 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई, जिससे महंगाई की आशंका कम हुई और निवेशकों का भरोसा बढ़ा।   विशेषज्ञों की राय और निवेशकों की भावना विशेषज्ञों के अनुसार, घरेलू बाजार में H2CY26 को लेकर सकारात्मक रुख बना हुआ है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के विनोद नायर के मुताबिक, अमेरिका-भारत व्यापार समझौते की उम्मीद, मध्य पूर्व में तनाव में कमी और कच्चे तेल की नरम कीमतें बाजार के लिए अनुकूल माहौल बना रही हैं।   FIIs की बिकवाली के बावजूद बाजार मजबूत हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने मंगलवार को 2,556 करोड़ रुपये से अधिक की बिकवाली की थी, लेकिन इसके बावजूद बुधवार को घरेलू बाजार में तेजी देखने को मिली। मंगलवार को बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे, लेकिन अगले ही सत्र में निवेशकों ने मजबूत खरीदारी दिखाकर बाजार को ऊंचाई पर पहुंचा दिया।

abhishek singh जुलाई 1, 2026 0
Gold Silver Rate
जुलाई के पहले दिन सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

नई दिल्ली, एजेंसियां। जुलाई महीने की शुरुआत सर्राफा बाजार में गिरावट के साथ हुई है। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और निवेशकों की मुनाफावसूली के चलते बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट का असर घरेलू बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) दोनों पर देखने को मिला। शादी-ब्याह के सीजन के बीच आई इस नरमी से ग्राहकों को राहत मिली है, जबकि निवेशक बाजार की अगली चाल पर नजर बनाए हुए हैं।   एमसीएक्स पर सोना-चांदी में तेज गिरावट एमसीएक्स पर सुबह के कारोबार में अगस्त डिलीवरी वाला सोना 1.08 फीसदी से अधिक टूटकर 1,40,998 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। वहीं सितंबर डिलीवरी वाली चांदी 2.24 फीसदी की गिरावट के साथ 2,23,451 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर में मजबूती और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बिकवाली के कारण घरेलू कीमतों पर दबाव बना हुआ है।   देशभर में खुदरा कीमतों में भी नरमी इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के अनुसार, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता समेत देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। स्थानीय टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण अलग-अलग शहरों में कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिला। वहीं खुदरा बाजार में चांदी का भाव करीब 2,24,460 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया, जबकि कुछ बाजारों में इसकी कीमत 2.40 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक रही।   खरीदारों के लिए अच्छा अवसर, विशेषज्ञों की सलाह बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोई सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहा है तो मौजूदा गिरावट उसके लिए अच्छा अवसर हो सकती है। हालांकि, खरीदारी से पहले स्थानीय सर्राफा बाजार में ताजा भाव की जानकारी लेना, हॉलमार्क की जांच करना और केवल विश्वसनीय जौहरियों से ही खरीदारी करना जरूरी है। इससे ग्राहकों को सही गुणवत्ता और उचित कीमत का लाभ मिल सकेगा।

abhishek singh जुलाई 1, 2026 0
GST Collection
सरकार की टैक्स कमाई में बड़ा उछाल, जून में GST संग्रह 13.9% बढ़कर ₹1.94 लाख करोड़

नई दिल्ली, एजेंसियां। जून 2026 में भारत का वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह मजबूत बढ़त के साथ ₹1.94 लाख करोड़ के स्तर पर पहुंच गया। वित्त मंत्रालय के अनुसार, जून में सकल जीएसटी संग्रह ₹1,94,812 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष जून 2025 के ₹1,71,105 करोड़ की तुलना में 13.9 प्रतिशत अधिक है। इस वृद्धि की सबसे बड़ी वजह आयातित वस्तुओं पर मिलने वाले कर संग्रह में रिकॉर्ड बढ़ोतरी रही।   आयात कर ने बढ़ाई रफ्तार जून के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी सामानों के आयात पर मिलने वाला टैक्स 34.6 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि के साथ ₹60,038 करोड़ तक पहुंच गया। इसके मुकाबले घरेलू कारोबार से मिलने वाला जीएसटी संग्रह 6.5 प्रतिशत बढ़कर ₹1,34,774 करोड़ रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि आयात में तेजी से सरकारी राजस्व को मजबूती मिली है, हालांकि घरेलू मांग में अपेक्षाकृत धीमी बढ़त चिंता का विषय बनी हुई है।   रिफंड के बाद भी बढ़ा शुद्ध राजस्व सरकार ने जून के दौरान करदाताओं को ₹32,436 करोड़ का जीएसटी रिफंड जारी किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 29.1 प्रतिशत अधिक है। इसके बावजूद सरकार का शुद्ध जीएसटी राजस्व ₹1,62,377 करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 11.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।   पहली तिमाही में 6.31 लाख करोड़ से अधिक संग्रह चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में कुल ₹6,31,699 करोड़ का जीएसटी संग्रह दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 8.4 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान आयात कर संग्रह में 26.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि घरेलू कर संग्रह में 2.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।   राज्यों का प्रदर्शन रहा मिला-जुला राज्यों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो महाराष्ट्र सबसे अधिक ₹30,714 करोड़ के संग्रह के साथ शीर्ष पर रहा। उत्तर प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। वहीं सिक्किम, पुडुचेरी, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और तमिलनाडु में जीएसटी संग्रह में गिरावट देखने को मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत आयात गतिविधियां अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन दीर्घकालिक संतुलित विकास के लिए घरेलू उपभोग और बाजार मांग को भी गति देना आवश्यक होगा।

abhishek singh जुलाई 1, 2026 0
Commercial LPG cylinders and a 5kg LPG cylinder displayed after a price cut announced for July 1, 2026.
LPG Price Update: जुलाई के पहले दिन मिली राहत, कमर्शियल गैस सिलेंडर ₹183.50 और 5 किलो 'छोटू' सिलेंडर ₹13 हुआ सस्ता

जुलाई महीने की शुरुआत आम उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर लेकर आई है। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद भारत में भी ईंधन की कीमतों पर इसका असर दिखने लगा है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलो के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर और 5 किलो के 'छोटू' एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कटौती की है। इसके अलावा, निजी ईंधन विक्रेता नयारा एनर्जी ने भी पेट्रोल और डीजल के दाम घटाए हैं। वहीं, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत में भी ₹5 प्रति लीटर की कमी की गई है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर हुआ ₹183.50 सस्ता सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹183.50 तक की कटौती की है। राजधानी दिल्ली में अब इस सिलेंडर की नई कीमत ₹2,930 हो गई है। इस कटौती से होटल, रेस्तरां, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को राहत मिलने की उम्मीद है। 5 किलो का 'छोटू' सिलेंडर भी हुआ सस्ता इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के अनुसार, 5 किलो वाले एलपीजी 'छोटू' सिलेंडर की कीमत में ₹13 की कमी की गई है। दिल्ली में इसकी नई कीमत अब ₹808.50 हो गई है। गौरतलब है कि 1 जून को इसी सिलेंडर की कीमत में ₹11 की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद इसका दाम ₹821.50 हो गया था। अब नई कटौती से उपभोक्ताओं को राहत मिली है। पेट्रोल, डीजल और ATF भी हुए सस्ते कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का असर अन्य ईंधनों पर भी दिखाई दिया है। नयारा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की है। एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत ₹5 प्रति लीटर घटाकर लगभग ₹110 प्रति लीटर कर दी गई है। किन लोगों को होगा सबसे ज्यादा फायदा? 5 किलो का 'छोटू' सिलेंडर विशेष रूप से उन लोगों के बीच लोकप्रिय है जो किराए पर रहते हैं या बार-बार स्थान बदलते हैं। इस कटौती का सबसे अधिक लाभ मिलेगा— प्रवासी मजदूरों को दूसरे शहरों में पढ़ाई कर रहे छात्रों को अकेले रहने वाले नौकरीपेशा लोगों को छोटे परिवारों और अस्थायी उपभोक्ताओं को छोटू सिलेंडर की खास बातें यह फ्री ट्रेड एलपीजी श्रेणी में आता है। इसे खरीदने के लिए केवल पहचान पत्र (ID Proof) की आवश्यकता होती है। पते का प्रमाण (Address Proof) देना जरूरी नहीं होता। इसे किसी भी अधिकृत एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर, किराना स्टोर या ऑथराइज्ड आउटलेट से आसानी से रिफिल कराया जा सकता है। रिफिल के लिए एक ही डिस्ट्रीब्यूटर से जुड़े रहना आवश्यक नहीं है। राहत की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बाद घरेलू बाजार में एलपीजी और अन्य ईंधनों की कीमतों में आई यह कटौती आम उपभोक्ताओं और व्यवसायों दोनों के लिए राहतभरी मानी जा रही है। अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में घरेलू एलपीजी और अन्य ईंधनों की कीमतों में भी क्या और राहत मिलती है।  

surbhi जुलाई 1, 2026 0
Advit Jewels IPO shares debut with a strong premium, delivering impressive listing gains to investors on stock exchanges.
Advit Jewels IPO Listing: निवेशकों की पहले ही दिन हुई शानदार कमाई, 36% प्रीमियम पर लिस्ट हुए शेयर

आईपीओ बाजार में एक बार फिर निवेशकों को शानदार लिस्टिंग गेन मिला है। राजस्थान के जयपुर स्थित हैंडक्राफ्टेड ज्वैलरी निर्माता Advit Jewels के शेयरों ने शेयर बाजार में दमदार शुरुआत करते हुए पहले ही दिन निवेशकों को करीब 36 फीसदी का मुनाफा दे दिया। कंपनी के शेयर बुधवार को BSE और NSE पर अपने इश्यू प्राइस से काफी ऊपर सूचीबद्ध हुए, जिससे आईपीओ में निवेश करने वाले शेयरधारकों की अच्छी कमाई हुई। किस भाव पर हुई लिस्टिंग? NSE पर Advit Jewels का शेयर ₹188.90 प्रति शेयर पर सूचीबद्ध हुआ। कंपनी का इश्यू प्राइस ₹138 था, यानी शेयर ने लगभग 36.8% प्रीमियम के साथ बाजार में एंट्री की। वहीं BSE पर शेयर ₹187 प्रति शेयर पर लिस्ट हुआ, जो इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 35.5% की बढ़त दर्शाता है। ग्रे मार्केट के अनुमान पर खरी उतरी लिस्टिंग शेयर की लिस्टिंग ग्रे मार्केट की उम्मीदों के अनुरूप रही। लिस्टिंग से पहले कंपनी का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) करीब ₹50 चल रहा था, जिससे संकेत मिल रहे थे कि शेयर लगभग 36% प्रीमियम पर सूचीबद्ध हो सकता है। वास्तविक लिस्टिंग भी लगभग इसी स्तर पर रही। आईपीओ को मिला था जबरदस्त रिस्पॉन्स Advit Jewels के आईपीओ को निवेशकों की ओर से शानदार प्रतिक्रिया मिली थी। आंकड़ों के अनुसार, यह इश्यू कुल मिलाकर 212.63 गुना सब्सक्राइब हुआ। रिटेल निवेशक श्रेणी: 95.30 गुना गैर-संस्थागत निवेशक (NII): 536.38 गुना इतनी मजबूत सब्सक्रिप्शन ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि शेयर की लिस्टिंग दमदार हो सकती है। कंपनी जुटाई गई राशि का क्या करेगी? यह आईपीओ पूरी तरह फ्रेश इश्यू था, जिसमें 1.20 करोड़ इक्विटी शेयर जारी किए गए। इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) का कोई हिस्सा शामिल नहीं था। कंपनी ने बताया है कि आईपीओ से जुटाई गई पूंजी का उपयोग निम्नलिखित कार्यों के लिए किया जाएगा— वर्किंग कैपिटल की जरूरतें पूरी करने के लिए मौजूदा कर्ज का भुगतान सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए निवेशकों के लिए क्या संकेत? Advit Jewels की मजबूत लिस्टिंग एक बार फिर यह दिखाती है कि जिन कंपनियों के बिजनेस मॉडल और आईपीओ को निवेशकों का अच्छा समर्थन मिलता है, वे लिस्टिंग के दिन बेहतर रिटर्न दे सकती हैं। हालांकि, विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह देते हैं कि केवल लिस्टिंग गेन के आधार पर निवेश का निर्णय लेने के बजाय कंपनी की वित्तीय स्थिति और भविष्य की संभावनाओं का भी मूल्यांकन करें।  

surbhi जुलाई 1, 2026 0
Gold and silver jewelry displayed in a showroom as precious metal prices fall sharply on July 1, 2026.
Gold Silver Price Today, 1 July 2026: जुलाई के पहले दिन सोना ₹1,600 तक टूटा, चांदी ₹5,700 सस्ती; जानें ताजा भाव

जुलाई महीने की शुरुआत सर्राफा बाजार के लिए गिरावट के साथ हुई है। 1 जुलाई 2026 को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सोने की कीमत में ₹1,600 से अधिक की गिरावट देखने को मिली, जबकि चांदी करीब ₹5,700 तक सस्ती हो गई। हालांकि, पिछले कारोबारी सत्र में दोनों कीमती धातुओं में लगभग 0.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई थी। सोने का ताजा भाव एमसीएक्स पर 5 अगस्त 2026 डिलीवरी वाला सोना पिछले कारोबारी सत्र में ₹1,42,531 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। बुधवार को बाजार खुलने पर सोना ₹1,41,634 प्रति 10 ग्राम पर खुला। शुरुआती कारोबार में इसकी कीमत गिरकर ₹1,40,810 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई, यानी इसमें ₹1,608 की गिरावट दर्ज की गई। सुबह 10:30 बजे तक सोना ₹1,41,196 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले ₹1,335 (0.94%) कम था। चांदी भी हुई सस्ती एमसीएक्स पर 4 सितंबर 2026 डिलीवरी वाली चांदी का पिछला बंद भाव ₹2,28,563 प्रति किलोग्राम था। आज इसकी शुरुआत ₹2,25,000 प्रति किलोग्राम से हुई। शुरुआती कारोबार में चांदी की कीमत गिरकर ₹2,22,901 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई, यानी इसमें ₹5,662 की गिरावट दर्ज की गई। सुबह 10:30 बजे तक चांदी ₹2,24,325 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी, जो पिछले बंद भाव से ₹4,238 (1.85%) कम थी। निवेशकों की नजर बाजार पर सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर निवेशकों और आभूषण खरीदारों दोनों पर पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर इंडेक्स, ब्याज दरों से जुड़े संकेत और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित करते हैं। यदि गिरावट का यह रुख जारी रहता है, तो आने वाले दिनों में सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए बेहतर अवसर बन सकते हैं।  

surbhi जुलाई 1, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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दिल्ली में 50 लाख की रंगदारी की साजिश का खुलासा, कारोबारी की पत्नी निकली मास्टरमाइंड

abhishek singh जून 30, 2026 0

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