झारखंड

पाकुड़ पुलिस द्वारा गिरफ्तार जोसिम शेख और जब्त ब्राउन शुगर
पाकुड़ में ब्राउन शुगर के साथ युवक गिरफ्तार, 21 पुड़िया ड्रग्स के साथ बाइक और मोबाइल जब्त

पाकुड़। झारखंड के पाकुड़ जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मालपहाड़ी ओपी क्षेत्र में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक युवक को ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 21 पुड़िया मादक पदार्थ, एक बाइक और मोबाइल फोन बरामद किया गया है।   पुलिस के मुताबिक पुलिस के मुताबिक, 1 अप्रैल को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति मादक पदार्थ लेकर पाकुड़ की ओर आने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और एनडीपीएस एक्ट के तहत आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद दंडाधिकारी की मौजूदगी में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया।   तलाशी के दौरान छापेमारी टीम ने मालपहाड़ी ओपी क्षेत्र के पीपलजोड़ी मोड़ के पास घेराबंदी कर संदिग्ध युवक को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान जोसिम शेख के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उसके पास से 21 पुड़िया ब्राउन शुगर बरामद की गई, जिसका कुल वजन करीब 6.46 ग्राम बताया गया है। पुलिस के अनुसार, जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत 50 से 60 हजार रुपये के बीच आंकी गई है।इसके अलावा पुलिस ने आरोपी के पास से एक सैमसंग स्मार्टफोन और एक होंडा मोटरसाइकिल भी जब्त की है। बरामद सामान को विधिवत जब्त करते हुए आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मालपहाड़ी ओपी थाना में केस संख्या 68/2026 के तहत धारा 21(b) और 22(a) में प्राथमिकी दर्ज की गई है।   पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायालय में पेश किए जाने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और इस धंधे में शामिल लोगों पर आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

Ranjan Kumar Tiwari अप्रैल 2, 2026 0
RIMS admission scam
RIMS एडमिशन के नाम पर करोड़ों की ठगी

रांची। राजधानी रांची से ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां रिम्स में एडमिशन दिलाने के नाम पर एक परिवार से करोड़ों रुपये और भारी मात्रा में सोना ठग लिया गया। इस मामले में सुखदेव नगर थाना में शिकायत दर्ज कराई गई है।   भरोसा जीतकर जाल में फंसाया शिकायतकर्ता दीवान मिढ़ा ने पुलिस को बताया कि अरुण कुमार और उनकी पत्नी ने खुद को बड़े प्रशासनिक अधिकारियों और नेताओं से जुड़ा हुआ बताया। शुरुआत में उन्होंने मुख्यमंत्री आवास के नाम पर कंबल वितरण का बहाना बनाकर करीब एक हजार कंबल ले लिए। धीरे-धीरे दोनों ने परिवार के साथ भरोसा कायम किया और फिर उनकी बेटी का रिम्स में पीजी मैनेजमेंट के NRI कोटे से एडमिशन कराने का वादा किया।   एडमिशन के नाम पर करोड़ों की वसूली दीवान के मुताबिक, उन्होंने शुरुआत में 15 लाख रुपये नकद दिए। इसके बाद अलग-अलग तारीखों में स्टेट गेस्ट हाउस, रिम्स, सर्किट हाउस और पुराने विधानसभा परिसर में बुलाकर उनसे कुल मिलाकर करीब एक करोड़ रुपये और 995 ग्राम सोना ले लिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस पूरे लेनदेन के ऑडियो रिकॉर्डिंग और व्हाट्सएप चैट उनके पास सबूत के तौर पर मौजूद हैं।   इलाज के नाम पर भी ठगी मामला यहीं नहीं रुका। दीवान की बहन की तबीयत बिगड़ने पर आरोपी ने एयर एंबुलेंस और इलाज में मदद का भरोसा दिया। इस दौरान भी परिवार से लाखों रुपये और गहने ले लिए गए। दीवान ने बताया कि उन्होंने 8.25 लाख रुपये जुटाकर बहन को बेंगलुरु भेजा, लेकिन ऑपरेशन के लिए 60 से 70 लाख रुपये का इंतजाम नहीं हो सका। इसी बीच उन्होंने अपना पुश्तैनी सोना और परिवार के गहने भी आरोपियों को सौंप दिए। जब दीवान ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोप है कि अरुण कुमार और उसकी पत्नी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और झूठे केस में फंसाने की बात कही।   साजिश कर फंसाने का आरोप शिकायत में यह भी बताया गया है कि 15 मार्च को लोअर बाजार थाना क्षेत्र में पुलिस ने दीवान की गाड़ी की तलाशी ली, जिसमें स्टेपनी के नीचे नशीला पदार्थ मिला। बाद में शक जताया गया कि यह सब आरोपियों की साजिश थी, ताकि उन्हें फंसाया जा सके।   पहचान भी निकली फर्जी जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी का असली नाम तनवीर अख्तर है, जबकि वह खुद को अरुण कुमार बताकर लोगों को ठग रहा था। उसकी पत्नी का नाम आइशा बताया गया है। दोनों सरकारी सुरक्षा और रसूख का झूठा दिखावा कर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।   पुलिस से कार्रवाई की मांग पीड़ित दीवान मिढ़ा ने पुलिस से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उनसे ठगे गए एक करोड़ रुपये और 995 ग्राम सोने की बरामदगी कराई जाए।

Anjali Kumari अप्रैल 2, 2026 0
Jharkhand financial news 2026
झारखंड में 29 हजार करोड़ सरेंडर

रांची। झारखंड सरकार के विभाग वित्तीय वर्ष 2025-26 का पूरा बजट खर्च नहीं कर सके। कुल बजट का करीब 80 फीसदी ही खर्च हो पाया और करीब 29 हजार करोड़ रुपये सरेंडर करने पड़े। आखिरी दिन 3,616 करोड़ की निकासी वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन सरकारी खजाने से करीब 3,616 करोड़ रुपये निकाले गए। वहीं पूरे मार्च महीने में करीब 19 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए। यानी आखिरी महीने में खर्च की रफ्तार जरूर बढ़ी, लेकिन पूरे साल का लक्ष्य फिर भी अधूरा रह गया।   राजस्व वसूली में भी पीछे सिर्फ खर्च ही नहीं, राजस्व वसूली के मामले में भी कई विभाग लक्ष्य से पीछे रहे। अब विभागवार खर्च और आय का पूरा आकलन किया जा रहा है, जिसे जल्द वित्त विभाग जारी करेगा।   केंद्र पर फोड़ा ठिकरा वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि योजना मद की करीब 80 फीसदी राशि खर्च हुई है। उन्होंने केंद्र पर पर ठिकरा फोड़ते हुए कहा कि अगर केंद्र सरकार से पूरा सहयोग मिलता, तो बजट के मुताबिक खर्च हो जाता। उनके मुताबिक करीब 13 हजार करोड़ रुपये अनुदान और टैक्स शेयर के रूप में राज्य को नहीं मिले।   बीजेपी ने उठाए सवाल   उधर, विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा ने कहा कि सरकार बड़े-बड़े बजट बनाकर जनता को भ्रमित करती है, लेकिन जमीन पर खर्च नहीं कर पाती। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र से मिली राशि भी ठीक से खर्च नहीं हो रही, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।   खान विभाग ने बनाया रिकॉर्ड हालांकि कुछ विभागों ने शानदार प्रदर्शन भी किया है। खान विभाग ने सेस और कोयले की रॉयल्टी से रिकॉर्ड 18,508 करोड़ रुपये की वसूली की है। इसमें से 7,454.30 करोड़ रुपये सेस से और 11,054.27 करोड़ रुपये रॉयल्टी से मिले हैं, जो अब तक का सबसे ज्यादा है।   शराब और परिवहन से भी बढ़ी कमाई उत्पाद विभाग ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है। इस विभाग ने पिछले साल के मुकाबले 1,310 करोड़ रुपये ज्यादा राजस्व जुटाया और कुल 4,020 करोड़ रुपये की कमाई की, जो लक्ष्य से भी ज्यादा है। वहीं परिवहन विभाग ने 2,196.66 करोड़ रुपये की वसूली की, जो पिछले साल से 282 करोड़ ज्यादा है।   बड़ा बजट, अधूरा खर्च वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य सरकार ने 1 लाख 45 हजार 400 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग को सबसे ज्यादा 22,023 करोड़ रुपये मिले थे। मंईयां सम्मान योजना के लिए भी 13,363 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था।

Anjali Kumari अप्रैल 2, 2026 0
Jharkhand Information Commissioner 2026
झारखंड में ये 5 लोग बनेंगे सूचना आयुक्त

रांची। झारखंड को जल्द ही पांच सूचना आयुक्त मिलेंगे। इनके नाम लगभग तय हैं। इनमें दो पत्रकार अनुज सिन्हा व धर्मवीर सिन्हा, कांग्रेस महासचिव अमूल्य नीरज खलखो, झामुमो आईटी सेल के प्रभारी तनुज खत्री और भाजपा के मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक के नाम शामिल हैं। लोकभवन पहुंची फाइल जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 25 मार्च को चयन समिति की बैठक में इन नामों का चयन हो चुका है। इस बैठक में सीएम के अलावा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और मंत्री हफीजुल हसन शामिल थे। कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग ने राज्यपाल संतोष गंगवार की स्वीकृति के लिए फाइल लोकभवन भेज दी है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद नियुक्ति की अधिसूचना जारी होगी। 335 आवेदन आये थे मुख्य सूचना आयुक्त के लिए 35 और सूचना आयुक्त के लिए करीब 300 आवेदन चयन समिति के पास आए थे। फिलहाल मुख्य सूचना आयुक्त के लिए किसी का नाम नहीं भेजा गया है।  6 साल से खाली हैं पद राज्य में 6 साल से मुख्य ससूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त के सभी पद खाली हैं। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के दबाव के बाद इस नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी आई है। 7 अप्रैल तक जारी होगी अधिसूचना झारखंड के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की कोर्ट ने पिछली सुनवाई में मामले में सरकार से जवाब मांगा है। इस पर महाधिवक्ता ने बताया कि चयन समिति की बैठक हो चुकी है। सात अप्रैल तक इन पदों पर नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। अब 13 अप्रैल को मामले की अगली सुनवाई होगी।

Anjali Kumari अप्रैल 2, 2026 0
Hazaribagh murder case
हजारीबाग में अंधविश्वास का खौफनाक खेल, 13 साल की बच्ची की हत्या में मां निकली मास्टरमाइंड

हजारीबाग। हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कुसुम्भा गांव में 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। यह वारदात 24 मार्च 2026 की रात मंगला जुलूस के दौरान हुई थी। अगले दिन सुबह बच्ची का शव गांव के मिडिल स्कूल के पीछे मैदान में बांस की झाड़ी के पास बरामद किया गया। शुरूआती तौर पर मामला दुष्कर्म और हत्या का माना गया था, लेकिन एसआईटी की जांच में यह अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र और मानव बलि से जुड़ा जघन्य अपराध निकला।   पुलिस के मुताबिक, मृत बच्ची की मां रेशमी देवी पिछले करीब एक वर्ष से अपने बेटे की शारीरिक और मानसिक परेशानी को लेकर गांव की शांति देवी उर्फ “भगतिनी” के पास जाती थी। बताया गया कि भगतिनी ने उसे भरोसा दिलाया था कि बेटे की बीमारी और पारिवारिक संकट दूर करने के लिए किसी कुंवारी लड़की की बलि देनी होगी। जांच में सामने आया कि इस अंधविश्वास के जाल में फंसकर मां ने अपनी ही छोटी बेटी को इस कृत्य के लिए चुन लिया।   मंगला जुलूस की रात रची गई थी पूरी साजिश 24 मार्च की शाम मंगला जुलूस के दौरान रेशमी देवी अपने बच्चों के साथ घर से निकली। रात में वह अपनी छोटी बेटी को लेकर भगतिनी के घर पहुंची। वहां कथित रूप से पूजा-पाठ और तांत्रिक क्रिया की तैयारी की गई। बाद में गांव के भीम राम को भी बुलाया गया। पुलिस के अनुसार, बच्ची को पहले तंत्र-मंत्र के नाम पर बैठाया गया, फिर उसे गांव की बांसवाड़ी में ले जाया गया, जहां उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई। जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद पत्थर से बच्ची के सिर पर वार किया गया, ताकि खून निकाला जा सके और कथित तांत्रिक अनुष्ठान पूरा किया जा सके। इस पूरी घटना ने न सिर्फ पुलिस बल्कि पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।   एसआईटी जांच में खुला राज मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एसआईटी का गठन किया। तकनीकी साक्ष्य, पूछताछ और सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने मां रेशमी देवी, भगतिनी शांति देवी और भीम राम को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि यह अंधविश्वास के नाम पर की गई बेहद अमानवीय और निर्मम हत्या है। फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

Anjali Kumari अप्रैल 2, 2026 0
Vishnugarh murder case crime scene, highlighting superstition-related child sacrifice in Jharkhand.
विष्णुगढ़ हत्याकांड का खुलासा: अंधविश्वास के नाम पर मासूम की बलि, मां समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र से सामने आया एक दिल दहला देने वाला मामला पूरे समाज को झकझोर कर रख देता है। कुसुम्भा गांव में एक नाबालिग बच्ची की निर्मम हत्या के पीछे अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र की भयावह सच्चाई सामने आई है। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए मृतका की मां समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। यह वारदात 24 मार्च की रात रामनवमी के मंगला जुलूस के दौरान हुई, जब बच्ची अचानक लापता हो गई थी। अगले दिन सुबह उसका शव गांव के मिडिल स्कूल के पीछे मैदान में बरामद हुआ। परिजनों के बयान के आधार पर अपहरण और हत्या का मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए 26 मार्च को एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। जांच के दौरान जो सच्चाई सामने आई, वह बेहद भयावह थी। पुलिस के अनुसार, गांव की एक कथित भगताइन शांति देवी ने तंत्र-मंत्र के जरिए समस्या दूर करने के नाम पर बच्ची की बलि देने की सलाह दी थी। मृतका की मां रेशमी देवी अपने बेटे की परेशानी को लेकर पिछले एक वर्ष से इस भगताइन के संपर्क में थी। धीरे-धीरे अंधविश्वास इतना गहरा हो गया कि मां अपनी ही बेटी की बलि देने के लिए तैयार हो गई। घटना वाली रात, मां अपनी तीनों संतानों के साथ जुलूस में शामिल हुई और बाद में छोटी बेटी को लेकर भगताइन के घर पहुंची। वहां पहले से मौजूद भीम राम को भी इस कृत्य में शामिल किया गया। कथित पूजा के दौरान बच्ची को बांसबाड़ी ले जाया गया, जहां तंत्र-मंत्र के नाम पर क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं। पुलिस के मुताबिक, भीम राम ने बच्ची का गला घोंटा, जबकि उसकी मां ने उसके पैर पकड़े हुए थे ताकि वह बच न सके। मौत के बाद भी हैवानियत जारी रही, बच्ची के सिर पर पत्थर से वार किया गया और उसके खून का इस्तेमाल कथित पूजा में किया गया। डीआईजी, एसपी और डीसी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस मामले का खुलासा किया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर सख्त से सख्त सजा दिलाने की बात कही है। यह घटना एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास के खतरनाक परिणामों को उजागर करती है, जहां इंसानियत और रिश्तों तक को बलि चढ़ा दिया जाता है।  

surbhi अप्रैल 2, 2026 0
Ranchi indoor stadium
एदलहातु में बनेगा रांची का  बैडमिंटन कोर्ट का पहला इंडोर स्टेडियम

रांची। राजधानी रांची में खेल सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। रांची नगर निगम अब शहर का पहला आधुनिक इंडोर स्टेडियम बनाने जा रहा है। यह स्टेडियम वार्ड-3 के एदलहातु-मोरहाबादी इलाके में बनाया जाएगा, जिससे न सिर्फ खिलाड़ियों बल्कि आम नागरिकों को भी खेल के लिए बेहतर सुविधा मिल सकेगी। नगर निगम इस परियोजना पर करीब 4 करोड़ 9 लाख रुपये खर्च करेगा। योजना है कि स्टेडियम का निर्माण एक वर्ष के भीतर पूरा कर लिया जाए। यह रांची का पहला बड़ा इंडोर स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर होगा, जो आधुनिक सुविधाओं से लैस रहेगा।   जारी टेंडर के अनुसार जारी टेंडर के अनुसार, स्टेडियम में चार बैडमिंटन कोर्ट बनाए जाएंगे, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होंगे। इसके अलावा खिलाड़ियों के लिए वार्मअप एरिया, चेंजिंग रूम, शौचालय और पार्किंग जैसी जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। परिसर को आकर्षक और व्यवस्थित बनाने के लिए लैंडस्केपिंग का काम भी कराया जाएगा। इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि यह सुविधा केवल पेशेवर खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रहेगी। आम लोग भी यहां बैडमिंटन खेल सकेंगे। हालांकि इसके लिए शुल्क कितना होगा, इस पर अंतिम फैसला निर्माण कार्य पूरा होने के बाद लिया जाएगा।   नगर निगम की क्या योजना हैं? नगर निगम की योजना है कि स्टेडियम के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी किसी निजी एजेंसी को सौंपी जाए। साथ ही यहां कोचिंग सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि स्थानीय खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और बेहतर अवसर मिल सकें। इस प्रोजेक्ट के लिए ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इच्छुक एजेंसियां 2 अप्रैल से 17 अप्रैल 2026 तक आवेदन कर सकेंगी, जबकि 18 अप्रैल को टेंडर खोला जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस इंडोर स्टेडियम के बनने से रांची में खेल संस्कृति को नया बढ़ावा मिलेगा और युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए बेहतर मंच मिलेगा।

Anjali Kumari अप्रैल 1, 2026 0
Fake jobs scandal
Fake jobs scandal: झारखंड होमगार्ड भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा, मृत अभ्यर्थी के नाम पर मिली नौकरी

रांची। झारखंड गृह रक्षा वाहिनी की भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने विभागीय पारदर्शिता और भर्ती व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि एक मृत अभ्यर्थी के नाम पर किसी दूसरे व्यक्ति को नौकरी दे दी गई, और वह न सिर्फ भर्ती हुआ, बल्कि लंबे समय तक ड्यूटी भी करता रहा। इस मामले को लेकर अब उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है।   कब का है यह  मामला? यह पूरा मामला वर्ष 2016 की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा बताया जा रहा है। उस समय विज्ञापन संख्या 01/2016 के तहत शहरी गृह रक्षक पदों पर बहाली की जा रही थी। इस कथित घोटाले को लेकर गृह रक्षा वाहिनी के पूर्व कंपनी कमांडर कैलाश प्रसाद यादव ने विभाग के डीजी एमएस भाटिया को लिखित शिकायत सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है।   मृत अभ्यर्थी के नाम पर कथित फर्जी नियुक्ति शिकायत के मुताबिक, सुधीर कुमार, पिता स्वर्गीय सियाराम सिंह, ने भर्ती के लिए आवेदन किया था और उनका क्रमांक 1286 था। लेकिन प्रशिक्षण शुरू होने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई थी। गंभीर आरोप यह है कि उनकी मौत के बावजूद उनके नाम पर एक अन्य व्यक्ति ने खुद को सुधीर कुमार बताकर भर्ती प्रक्रिया पूरी की और नौकरी हासिल कर ली। बताया जा रहा है कि यह व्यक्ति बिहार के जहानाबाद जिले का रहने वाला है। इतना ही नहीं, उसे गृहरक्षक संख्या 3713 भी आवंटित कर दी गई और वह बाकायदा ड्यूटी करता रहा। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह केवल पहचान की चोरी नहीं, बल्कि भर्ती तंत्र में गहरी सेंध का मामला माना जाएगा।   जांच के लिए कई ठोस बिंदु शिकायतकर्ता ने जांच के लिए कई आधार भी सुझाए हैं। इनमें हस्ताक्षर मिलान, शारीरिक दक्षता परीक्षा की फोटो और वीडियो, मास्टर चार्ट में दर्ज पहचान चिह्न, आवासीय प्रमाण पत्र, और पुलिस सत्यापन की जांच शामिल है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि संबंधित व्यक्ति का पता अधूरा होने के बावजूद उसका पुलिस सत्यापन कर दिया गया, जो गंभीर लापरवाही या संभावित मिलीभगत की ओर इशारा करता है। फर्जी भर्ती से आगे बढ़कर भत्ता भुगतान तक मामला आरोप केवल नौकरी दिलाने तक सीमित नहीं हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि उस व्यक्ति को बाद में दोबारा नामांकन, ड्यूटी पर तैनाती, और यहां तक कि भत्ता भुगतान भी किया गया। यानी, मामला भर्ती के शुरुआती चरण से लेकर सेवा और भुगतान प्रणाली तक कई स्तरों पर गड़बड़ी की आशंका पैदा करता है।   पूर्व अधिकारी ने खुद पर हुई कार्रवाई पर भी उठाए सवाल पूर्व कंपनी कमांडर कैलाश प्रसाद यादव का कहना है कि इस पूरे मामले में असली जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि उन्हें ही दोषी ठहराकर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। उन्होंने इसे प्राकृतिक न्याय के खिलाफ बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

Anjali Kumari अप्रैल 1, 2026 0
झारखंड बजट और वित्तीय खर्च का ग्राफिकल प्रतिनिधित्व
झारखंड में बजट खर्च पर उठ रहे सवाल, 80% के अलावा सरकार नहीं कर पाई पूरी राशि का उपयोग

रांची। वित्तीय वर्ष 2025-26 समाप्त होने के साथ ही झारखंड सरकार के खर्च और राजस्व संग्रह को लेकर कई अहम बातें सामने आई हैं। जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार अपने कुल बजट का केवल 80 फीसदी ही खर्च कर पाई, जबकि लगभग 29 हजार करोड़ रुपये सरेंडर करने पड़े। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन सरकारी खजाने से करीब 3,616 करोड़ रुपये निकाले गए, जबकि पूरे मार्च महीने में लगभग 19 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए।   खर्च में कमी, केंद्र पर जिम्मेदारी वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि योजना मद की लगभग 80 प्रतिशत राशि खर्च की गई है। उनका दावा है कि यदि केंद्र सरकार से समय पर सहयोग मिलता, तो सरकार बजट के अनुरूप और बेहतर खर्च कर सकती थी। उन्होंने बताया कि राज्य को करीब 13,000 करोड़ रुपये अनुदान और टैक्स हिस्सेदारी के रूप में नहीं मिले, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन पर असर पड़ा।   बीजेपी ने सरकार को घेरा बजट के अनुरूप खर्च नहीं होने पर विपक्षी दल भाजपा ने सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार भारी-भरकम बजट बनाकर जनता को भ्रमित करती है, लेकिन जमीन पर खर्च और विकास कार्यों में गंभीर कमी दिखती है। उनका आरोप है कि केंद्र से मिली राशि भी राज्य सरकार पूरी तरह खर्च नहीं कर पा रही है।   कुछ विभागों ने किया बेहतर प्रदर्शन हालांकि, राजस्व वसूली के मामले में कुछ विभागों ने अच्छा प्रदर्शन किया। खान विभाग ने रिकॉर्ड 18,508 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया, जिसमें 7,454.30 करोड़ रुपये सेस और 11,054.27 करोड़ रुपये रॉयल्टी से प्राप्त हुए। उत्पाद विभाग ने शराब से 4,020 करोड़ रुपये कमाए, जो लक्ष्य से 135 करोड़ अधिक है। वहीं, परिवहन विभाग ने 2,196.66 करोड़ रुपये की वसूली की।   बड़ा बजट, अधूरा खर्च राज्य सरकार ने 2025-26 के लिए 1.45 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। इसमें महिला एवं बाल विकास और मैया सम्मान योजना पर सबसे अधिक आवंटन किया गया था, लेकिन खर्च में कमी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

Ranjan Kumar Tiwari अप्रैल 1, 2026 0
स्कूल किताबों का महंगा सेट और एनसीईआरटी किताबों की तुलना
प्राइवेट स्कूलों में किताबों के नाम पर महंगाई, 260 रुपये का सेट बिक रहा 3442 में

रांची। प्राइवेट स्कूलों में किताबों का पूरा सेट एनसीईआरटी की वास्तविक कीमत से कई गुना महंगा बिक रहा है। कक्षा-1 की एनसीईआरटी किताब केवल 260 रुपये में उपलब्ध है, जबकि प्राइवेट स्कूलों में यही किताब पूरे सेट के रूप में 3442 रुपये तक बिक रही है। इस समस्या के पीछे स्कूल और प्रकाशकों के कथित गठजोड़ का हाथ माना जा रहा है।   कारोबार और कमीशन का खेल रांची में स्कूली किताबों का कारोबार इस साल लगभग 120 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसमें करीब 160 सीबीएसई और आईसीएसई स्कूल शामिल हैं। इस कारोबार में लगभग 36 करोड़ रुपये कमीशन के रूप में स्कूलों तक पहुंचते हैं। निजी प्रकाशकों की किताबें एनसीईआरटी की तुलना में 5-6 गुना महंगी होती हैं और स्कूलों द्वारा इन्हें कोर्स में शामिल करना लगभग अनिवार्य है।   हर साल बढ़ती कीमतें किताबों की कीमत हर साल 10-15% बढ़ रही है। उदाहरण के लिए, कक्षा-1 के लिए पिछली बार अभिभावकों को लगभग 3500 रुपये खर्च करने पड़ते थे, जबकि इस साल यह बढ़कर 5195 रुपये हो गया। कक्षा-5 में 21 किताबों का सेट 7580 रुपये तक पहुंच गया है।   स्कूल और प्रकाशक की रणनीति किताबों का कंटेंट लगभग वही रहता है, लेकिन प्रकाशक बदल दिए जाते हैं। कुछ अध्याय बदलकर या नया कवर देकर अभिभावकों को नई किताबें खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है। कई बार स्कूल नई किताबों की सूची पहले से तय कर देते हैं और अभिभावकों को बताने के लिए यह लिखित या मौखिक रूप में दिया जाता है।   एनसीईआरटी की किताबों का मूल्य • कक्षा-1 : 260 रुपये • कक्षा-2 : 260 रुपये • कक्षा-3 : 650 रुपये • कक्षा-4 : 520 रुपये • कक्षा-5 : 390 रुपये • कक्षा-6 : 975 रुपये • कक्षा-7 : 780 रुपये • कक्षा-8 : 650 रुपये     डीएवी स्कूलों में किताबों का मूल्य   • कक्षा-1 : 517 रुपये • कक्षा-2 : 550 रुपये • कक्षा-3 : 725 रुपये • कक्षा-4 : 815 रुपये • कक्षा-5 : 1009 रुपये • कक्षा-6 : 1208 रुपये • कक्षा-7 : 1314 रुपये • कक्षा-8 : 1620 रुपये     निजी स्कूलों में किताबों का मूल्य • कक्षा-1 : 3442 रुपये • कक्षा-2 : 3490 रुपये • कक्षा-3 : 4193 रुपये • कक्षा-4 : 4189 रुपये • कक्षा-5 : 5042 रुपये • कक्षा-6 : 5807 रुपये • कक्षा-7 : 6007 रुपये • कक्षा-8 : 5340 रुपये

Ranjan Kumar Tiwari अप्रैल 1, 2026 0
रांची सड़क हादसा और पुलिस जांच का प्रतीकात्मक दृश्य
रांची में महिला कांस्टेबल रंजीता एक्का की सड़क हादसे में मौत, पति की भी पहले हुई थी दुखद घटना

रांची। राजधानी रांची के रातू इलाके में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें झारखंड पुलिस की महिला कांस्टेबल रंजीता एक्का की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब वह हाईकोर्ट में ड्यूटी के लिए घर से निकली थीं।   हादसे का विवरण जानकारी के अनुसार, रांची के रातू थाना क्षेत्र के हाजी चौक पर स्कूटी सवार रंजीता अचानक डिसबैलेंस होकर सड़क पर गिर गईं। इसी दौरान एक अज्ञात वाहन ने उन्हें कुचल दिया और चालक मौके से फरार हो गया। गंभीर चोट लगने के कारण उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।   पुलिस और परिवार की प्रतिक्रिया रांची पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। रातू थाना प्रभारी आदिकान्त महतो ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। मृतक कांस्टेबल सिमडेगा जिला बल की थीं और वर्तमान में झारखंड हाईकोर्ट में डेपुटेशन पर तैनात थीं।   पति की भी दुखद मौत सूत्रों के अनुसार, रंजीता के पति भी झारखंड पुलिस में थे और उनकी मौत भी एक सड़क हादसे में ही हो गई थी। पति की मृत्यु के बाद अनुकंपा के आधार पर रंजीता को पुलिस में कांस्टेबल का पद मिला था। अब रंजीता की मौत ने उनके परिवार पर एक बार फिर गहरा सदमा डाल दिया है।   नतीजा रांची में इस दुखद घटना ने न केवल उनके परिवार को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि पुलिस विभाग को भी स्तब्ध कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा और वाहन चालकों की जिम्मेदारी को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।

Ranjan Kumar Tiwari अप्रैल 1, 2026 0
Ranchi Municipal Corporation
पहली बार रांची नगर निगम ने 100 करोड़ का टैक्स किया कलेक्शन

रांची। रांची नगर निगम ने शहरी वित्तीय प्रबंधन में नया मुकाम हासिल किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में निगम का प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन पहली बार 100 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। 2013 में यह आंकड़ा केवल 5 करोड़ रुपये था, जबकि अब यह बढ़कर लगभग 101.99 करोड़ रुपये हो गया है। यह निगम की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।नगर आयुक्त सुशांत गौरव के नेतृत्व में पिछले छह महीनों में विशेष अभियान चलाया गया। इसी प्रयास का असर रहा कि अकेले मंगलवार को ही करीब 1.59 करोड़ रुपये जमा किए गए। अभियान में आयुक्त खुद फील्ड में सक्रिय रहे और प्रत्येक वार्ड की मॉनिटरिंग करते रहे। इस बार डिजिटल भुगतान ने भी कलेक्शन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। नागरिकों ने करीब 23 करोड़ रुपये ऑनलाइन जमा किए, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ी। निगम ने शहर भर में डोर-टू-डोर सर्वे और सत्यापन अभियान चलाकर छूटे हुए और अज्ञात होल्डिंग्स की पहचान की। बड़े बकायेदारों पर कड़ी कार्रवाई की गई और डिजिटल सिस्टम के जरिए रियल टाइम ट्रैकिंग की व्यवस्था की गई।   पिछले कुछ सालों में टैक्स कलेक्शन लगातार बढ़ा है  2020-21 में 51.35 करोड़, 2021-22 में 58.03 करोड़, 2022-23 में 67.78 करोड़, 2023-24 में 69.71 करोड़, 2024-25 में 83.57 करोड़ और अब 2025-26 में 101.99 करोड़। इस दौरान संपत्तियों की संख्या भी 1 लाख से बढ़कर 2.5 लाख से ज्यादा हो गई और टैक्स कलेक्शन दक्षता लगभग 90 प्रतिशत तक पहुंची। नगर निगम का राजस्व बढ़ने से शहर के विकास कार्यों को भी गति मिलेगी। सफाई, सड़क, पानी और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं में सुधार की उम्मीद बढ़ गई है। भविष्य में जीआईएस मैपिंग और डेटा-बेस्ड सिस्टम को और मजबूत कर कलेक्शन को और पारदर्शी बनाने की योजना है।

Anjali Kumari अप्रैल 1, 2026 0
गांव में जंगली हाथी का हमला और लोगों में दहशत का माहौल
चाईबासा में हाथियों के तांडव से गांव में दहशत, सो रहे पुजारी को पटककर मार डाला

चाईबासा। झारखंड के चाईबासा जिले में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बरकुंडिया गांव के तुरामडीह टोला का है, जहां बीती रात एक जंगली हाथी ने हमला कर 56 वर्षीय महिला पुजारी चांदो देवी की जान ले ली। इस हमले में उनके साथ मौजूद एक अन्य पुजारी लखन कुदादा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है।   झोपड़ी में सो रही थीं चांदो देवी, अचानक टूट पड़ा हाथी जानकारी के अनुसार, तांतनगर प्रखंड के कुम्बराम गांव की रहने वाली चांदो देवी पूजा-पाठ करती थीं। सोमवार रात वह बरकुंडिया गांव की एक मंदिरनुमा झोपड़ी में भोजन करने के बाद सो रही थीं। इसी दौरान जंगल की ओर से आया एक जंगली हाथी अचानक झोपड़ी तक पहुंच गया और उसने चांदो देवी को सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया। हमला इतना खतरनाक था कि उनकी हालत मौके पर ही गंभीर हो गई।   साथी पुजारी ने भागकर बचाई जान, ग्रामीणों ने मशाल से खदेड़ा घटना के समय वहां मौजूद लखन कुदादा पर भी हाथी ने हमला किया, लेकिन वह किसी तरह भागकर झाड़ियों में छिप गए और अपनी जान बचाई। हाथी के हमले के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने टॉर्च, मशाल और शोर-शराबे की मदद से हाथी को खदेड़ने की कोशिश की, जिसके बाद वह वहां से भागा।   अस्पताल पहुंचने से पहले मौत, इलाके में दहशत घटना के बाद ग्रामीणों ने चांदो देवी और घायल पुजारी को सदर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन रास्ते में ही चांदो देवी की मौत हो गई। मंगलवार सुबह वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा। विभाग ने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है।   तीन महीने में 25 मौतें, गांवों में डर का माहौल पश्चिमी सिंहभूम जिले में हाथियों के हमले की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पिछले तीन महीनों में 25 लोगों की मौत हो चुकी है। जंगलों के सिमटने और हाथियों के गांवों की ओर बढ़ने से मानव-हाथी संघर्ष गंभीर होता जा रहा है। इस घटना के बाद आसपास के गांवों में भारी दहशत है और लोग रात भर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं।

Ranjan Kumar Tiwari अप्रैल 1, 2026 0
Ranchi Airport land issue
रांची एयरपोर्ट का विस्तार नही होने के कारण मोनेटाइजेशन से वंचित, 858 एकड़ जमीन पर नहीं मिला कब्जा

रांची। राजधानी रांची का बिरसा मुंडा हवाई अड्डा इन दिनों दो बड़ी समस्याओं से जूझ रहा है। एक तरफ एयरपोर्ट की जमीन अतिक्रमित है, तो दूसरी तरफ केंद्र सरकार के मोनेटाइजेशन प्लान में इसका नाम नहीं आने से विकास की रफ्तार भी थम गई है। हालात ऐसे हैं कि यह अब जमीन और योजना दोनों मोर्चों पर फंसा नजर आ रहा है।   858 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक एयरपोर्ट की कुल 1,520 एकड़ जमीन में से करीब 858 एकड़ पर अवैध कब्जा हो चुका है। यानी आधे से ज्यादा जमीन अब उपयोग के लायक नहीं बची है। एयरपोर्ट प्रबंधन के पास फिलहाल करीब 514 एकड़ जमीन ही बची है, जिससे विस्तार की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। यह जमीन 1941-43 और 1963-64 के बीच अधिग्रहित की गई थी, जिसके कारण रांची एयरपोर्ट देश के बड़े एयरपोर्ट्स में गिना जाता है।   सुरक्षा पर भी उठ रहे सवाल अतिक्रमण सिर्फ जमीन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सुरक्षा पर भी खतरा बढ़ गया है। एयरपोर्ट के आसपास तेजी से बस्तियां बस रही हैं और अनियोजित निर्माण हो रहे हैं, जो विमानन नियमों के खिलाफ हैं। सुरक्षा एजेंसियां कई बार इस मुद्दे को गंभीर बता चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।   देश के बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल क्षेत्रफल के हिसाब से रांची एयरपोर्ट देश के टॉप 10 बड़े एयरपोर्ट्स में सातवें स्थान पर आता है। इस लिस्ट में हैदराबाद, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे बड़े और आधुनिक एयरपोर्ट शामिल हैं। जहां दूसरे एयरपोर्ट तेजी से विस्तार कर रहे हैं, वहीं रांची एयरपोर्ट जमीन की कमी के कारण पीछे छूटता जा रहा है।   14 साल से अटका जमीन अधिग्रहण एयरपोर्ट विस्तार के लिए 2012-13 से 303 एकड़ जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन अब तक यह जमीन एयरपोर्ट को नहीं मिल पाई है। इस मामले में 35 से ज्यादा बैठकें हो चुकी हैं, फिर भी कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। बताया जा रहा है कि चिन्हित जमीन पर मंदिर समेत करीब 150 घर बने हुए हैं, जिससे मामला और उलझ गया है।   अधूरी पड़ी विकास योजनाएं... जमीन की कमी का असर सीधे एयरपोर्ट की विकास योजनाओं पर पड़ रहा है। कई बड़े और जरूरी प्रोजेक्ट अभी तक अधूरे हैं, जिनमें आइसोलेशन बे, कैट-टू लाइट सिस्टम, पैरेलल टैक्सी ट्रैक, टर्मिनल विस्तार, ग्रीनफील्ड एरिया डेवलपमेंट और कार्गो कॉम्प्लेक्स शामिल हैं। इन योजनाओं के बिना एयरपोर्ट का विस्तार सीमित हो रहा है और भविष्य की संभावनाएं भी प्रभावित होती नजर आ रही हैं।   यात्रियों की संख्या बढ़ी, सुविधाएं कम रांची एयरपोर्ट से रोजाना करीब 8,000 यात्री सफर कर रहे हैं। कई एयरलाइंस ने नई उड़ानों के लिए प्रस्ताव भी दिए हैं। एयरपोर्ट को एनवायरमेंट क्लीयरेंस से जुड़ा आईएसओ प्रमाणन भी मिल चुका है, जिससे इंटरनेशनल फ्लाइट्स की संभावना बढ़ी है। इसके बावजूद, जमीन की कमी के कारण सुविधाओं का विस्तार नहीं हो पा रहा है।   हवाई कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास प्रभावित होगा पूर्व एयरपोर्ट निदेशक एवी कृष्णा का कहना है कि अगर जल्द अतिक्रमण नहीं हटाया गया और जमीन हस्तांतरण नहीं हुआ, तो रांची की हवाई कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास प्रभावित होगा। वहीं, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि एयरपोर्ट के विस्तार के लिए योजनाएं चल रही हैं और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने जिला प्रशासन को इस मामले में तेजी दिखाने की जरूरत बताई।

Anjali Kumari अप्रैल 1, 2026 0
झारखंड पुलिस कर्मी और पुलिस मुख्यालय का दृश्य
झारखंड पुलिस मुख्यालय ने मांगा अंगरक्षकों का ब्योरा

रांची। झारखंड पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों से अंगरक्षकों का ब्योरा मांगा है। सभी जिलों के एसपी को 24 घंटे में जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। नागरिकों और अन्य खास लोगों को दिये गए अंगरक्षकों का पूरा ब्योरा देने को कहा गया है। इसे लेकर डीजीपी कार्यालय से आधिकारिक पत्र जारी किया गया है।   सभी एसएसपी और एसपी को भेजा गया निर्देशः यह आदेश सभी SSP और SP को भेजा गया है। पत्र में साफ कहा गया है कि जिलों में जिन विशिष्ट और अति-विशिष्ट लोगों को अंगरक्षक दिए गए हैं, उनकी पूरी जानकारी तुरंत उपलब्ध कराई जाए।   क्या-क्या जानकारी देनी होगीः पुलिस मुख्यालय ने इसके लिए एक तय फॉर्मेट भी जारी किया है, जिसमें अधिकारियों को विस्तार से जानकारी देनी होगी। इसमें यह बताना होगा कि किस व्यक्ति को अंगरक्षक दिया गया है, कितने अंगरक्षक तैनात हैं, उनकी तैनाती कब से है, उनके पास कौन-कौन से हथियार हैं और किस आदेश के तहत यह सुरक्षा दी गई है। यानी वीआईपी सुरक्षा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी एक साथ मांगी गई है।   24 घंटे की सख्त समय सीमाः इस आदेश की खास बात यह है कि जानकारी देने के लिए सिर्फ 24 घंटे का समय दिया गया है। यानी सभी जिलों को तुरंत अपने-अपने स्तर पर डेटा जुटाकर पुलिस मुख्यालय को भेजना होगा।   क्यों मांगी गई यह रिपोर्टः हालांकि पत्र में सीधे वजह नहीं बताई गई है, लेकिन माना जा रहा है कि वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और पारदर्शिता लाने के लिए यह कदम उठाया गया है। अक्सर यह सवाल उठता रहा है कि किन लोगों को किस आधार पर सुरक्षा दी जाती है और कितने पुलिसकर्मी इसमें लगे रहते हैं। ऐसे में यह रिपोर्ट आगे की नीति तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।   पुलिस मुख्यालय की नजर अब वीआईपी सुरक्षा परः इस आदेश से साफ संकेत मिल रहे हैं कि पुलिस मुख्यालय अब वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर है। आने वाले समय में इसमें बदलाव या सख्ती भी देखने को मिल सकती है।

Ranjan Kumar Tiwari अप्रैल 1, 2026 0
Jharkhand electricity rates 2026
झारखंड में आज से बदली बिजली दरें, डीवीसी की नई टैरिफ लागू

रांची। झारखंड में दामोदर वैली कॉरपोरेशन (DVC) क्षेत्र के लिए 1 अप्रैल 2026 से नई बिजली दरें लागू हो गई हैं। इस नए टैरिफ का असर सीधे आम उपभोक्ताओं, व्यापारियों और उद्योगों पर पड़ेगा। जहां घरेलू उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत दी गई है, वहीं व्यवसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए बिजली महंगी कर दी गई है। नई दरों में पुराने बकायों का समायोजन, मौजूदा समीक्षा और भविष्य की योजना को शामिल किया गया है।   घरेलू उपभोक्ताओं को हल्की राहत नई दरों के अनुसार, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की कीमत ₹4.30 प्रति यूनिट से घटाकर ₹4.25 प्रति यूनिट कर दी गई है। हालांकि यह राहत बहुत सीमित मानी जा रही है, लेकिन आम परिवारों के लिए यह एक छोटी राहत जरूर है।   व्यापार और दुकानदारों पर बढ़ा खर्च व्यवसायिक उपभोक्ताओं के लिए बिजली अब पहले से महंगी हो गई है। इस श्रेणी में दर ₹4.30 से बढ़ाकर ₹4.80 प्रति यूनिट कर दी गई है। यानी दुकानदारों और छोटे व्यापारियों को अब हर यूनिट पर 50 पैसे ज्यादा चुकाने होंगे। इससे व्यापारिक लागत बढ़ने की आशंका है।   उद्योगों को सबसे बड़ा झटका नई टैरिफ में सबसे ज्यादा असर उद्योगों पर पड़ा है। • 11 केवी श्रेणी: ₹4.20 से बढ़कर ₹6.00 प्रति यूनिट  • 33 केवी श्रेणी: ₹5.90 प्रति यूनिट  • 132 केवी श्रेणी: ₹5.85 प्रति यूनिट  इससे औद्योगिक उत्पादन लागत बढ़ेगी और इसका असर बाजार में वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।   कृषि क्षेत्र को राहत, लेकिन सरचार्ज बढ़ा किसानों को राहत देते हुए कृषि और सिंचाई श्रेणी में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह दर पहले की तरह ₹5.30 प्रति यूनिट ही रहेगी। हालांकि, कृषि को छोड़कर सभी उपभोक्ताओं पर ₹0.35 प्रति यूनिट अतिरिक्त सरचार्ज लगाया गया है, जिससे कुल बिजली बिल बढ़ जाएगा। समय पर भुगतान और सोलर पर छूट   नई व्यवस्था में उपभोक्ताओं को प्रोत्साहन भी दिया गया है। • 5 दिन के भीतर बिल भुगतान करने पर 2% छूट  • प्रीपेड मीटर अपनाने पर ऊर्जा शुल्क में 3% अतिरिक्त छूट

Anjali Kumari अप्रैल 1, 2026 0
झारखंड के ग्रामीण क्षेत्र और पंचायत विकास कार्यों का प्रतीकात्मक दृश्य
झारखंड के पंचायतों को मिले 2254 करोड़

रांची। झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरकार ने खजाना खोल दिया है। राज्य के 4345 पंचायतों को विकास कार्यों के लिए बड़ी राशि उपलब्ध कराई गई है। 15वें वित्त आयोग के तहत केंद्र सरकार से झारखंड को इस वर्ष के अंत तक करीब 2254 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जो राज्य गठन के बाद अब तक की सबसे अधिक राशि है। इस राशि के आधार पर देखा जाए तो प्रत्येक पंचायत को औसतन करीब 51 लाख 80 हजार रुपये मिलेंगे। पहली बार पंचायतों को अनुदानः खास बात यह है कि राज्य वित्त आयोग की ओर से भी पहली बार पंचायतों को अनुदान दिया गया है, जो ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। पिछले वर्षों के मुकाबले ज्यादा राशि मिलीः ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के अनुसार, इस राशि को प्राप्त करने के लिए केंद्र सरकार के साथ लंबी प्रक्रिया, लगातार पत्राचार और उच्चस्तरीय बैठकों से गुजरना पड़ा। इसके बाद ही यह संभव हो सका। पिछले वर्षों के मुकाबले इस बार राशि में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में 624.50 करोड़, 2022-23 में 1271 करोड़, 2023-24 में 1300 करोड़, 2024-25 में 653.50 करोड़ और अब 2025-26 में यह बढ़कर 2254 करोड़ रुपये हो गई है।

Ranjan Kumar Tiwari अप्रैल 1, 2026 0
Water crisis Banpur Latehar
लातेहार के बानपुर में बूंद-बूंद को तरस रहे लोग

लातेहार। झारखंड के लातेहार जिला मुख्यालय के शहरी क्षेत्र में भी पेयजल संकट गहराता जा रहा है। वार्ड नंबर 2 के बानपुर मोहल्ला स्थित खरवार टोला में लोग पीने के पानी के लिए गंभीर परेशानी झेल रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इलाके में पानी की पाइपलाइन तो बिछाई गई है, लेकिन न तो किसी घर में कनेक्शन दिया गया है और न ही सार्वजनिक सप्लाई नल लगाए गए हैं। नतीजतन, लोग मजबूरी में खेतों में बने कुओं के गंदे पानी पर निर्भर हैं।   आदिवासी और दलित परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित बानपुर का यह इलाका बड़का बांध से सटा हुआ है, जहां बड़ी संख्या में आदिवासी और दलित समुदाय के लोग रहते हैं। बुनियादी सुविधाओं के अभाव में यहां के लोगों को आज भी पानी जैसी आवश्यक जरूरत के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खरवार टोला के किसी भी घर में पेयजल कनेक्शन नहीं दिया गया है।   बरसात में और बढ़ जाती है परेशानी स्थानीय निवासी दीपक कुमार सिंह के अनुसार, पूरे इलाके में पानी की भारी किल्लत है। पाइपलाइन मौजूद होने के बावजूद किसी के घर तक पानी नहीं पहुंच रहा। वहीं मंजू देवी और कांति देवी जैसी महिलाओं ने बताया कि अभी गर्मी के मौसम में किसी तरह खेत के कुएं का पानी इस्तेमाल कर लिया जाता है, लेकिन बरसात में यही पानी गंदा और अनुपयोगी हो जाता है, तब हालात और भी खराब हो जाते हैं।   चापाकल भी खराब, मोहल्ले में बढ़ी परेशानी इलाके में लगा एकमात्र चापाकल भी कई दिनों से खराब पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मोहल्ले के प्रमुख स्थानों पर सरकारी सप्लाई नल लगा दिए जाएं, तो कम से कम पीने के पानी की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।   नगर पंचायत अध्यक्ष ने दिया कार्रवाई का भरोसा मामले पर लातेहार नगर पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष महेश सिंह ने इसे गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र के सभी लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और विभागीय अधिकारियों से जानकारी लेकर जल्द ही इस दिशा में कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, बानपुर के लोगों को राहत का इंतजार है।

Anjali Kumari अप्रैल 1, 2026 0
धनबाद में भू-धंसान के बाद मलबे में दबे घर और रेस्क्यू ऑपरेशन
धनबादः अवैध खनन से हुए भू-धंसान में गई 3 की जान, 2 घर जमींदोज

धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले के कतरास के सोनारडीह ओपी क्षेत्र अंतर्गत टंडाबार बस्ती में भू-धंसान हुआ है। इसमें दो घर जमींदोज हो गये, जबकि 3 लोगों की जान चली गई। बताया जा रहा है कि अवैध खनन के कारण यह भू-धंसान हुआ। 3 शव बरामदः इस दर्दनाक भू-धंसान हादसे के बाद चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन में तीन लोगों के शव मलबे से बरामद किए गए। यह अभियान देर रात करीब ढाई से तीन बजे तक जारी रहा। मलबे से जिन लोगों के शव निकाले गए, उनकी पहचान मनोहर उरांव, उनकी बेटी गीता देवी और सरिता देवी के रूप में हुई है। हादसे में मनोहर उरांव का घर पूरी तरह धंस हो गया, जिसके नीचे दबकर तीनों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, घटना के समय मनोहर उरांव अपनी बेटी गीता देवी के साथ घर में मौजूद थे। उसी दौरान किसी काम से सरिता देवी उनके घर आई हुई थीं। अचानक हुए भू-धंसान ने तीनों को संभलने का मौका तक नहीं दिया और वे मलबे के नीचे दब गए। पत्नी घर में नहीं थीः मृतक की पत्नी छोटू देवी ने बताया कि हादसे के समय वह घर पर नहीं थीं और पड़ोस में गई हुई थीं। उनके अनुसार, पति, बेटी और सरिता घर के अंदर ही थे, जो इस दुर्घटना की चपेट में आ गए। रेस्क्यू टीम ने काफी मशक्कत के बाद तीनों के शव बाहर निकाले। लोगों में आक्रोशः वहीं, सरिता देवी की बेटी ने भी बताया कि उनकी मां मनोहर उरांव के घर गई थीं और उसी दौरान यह हादसा हो गया। काफी देर बाद रात में रेस्क्यू अभियान चलाकर शवों को बाहर निकाला जा सका। घटना के बाद परिजनों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया होता, तो शायद तीनों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।

Ranjan Kumar Tiwari अप्रैल 1, 2026 0
पीड़ित लड़की का प्रतीकात्मक चित्र, अपराध और उत्पीड़न दर्शाता दृश्य
रजरप्पा में नाबालिग से दुष्कर्म, 3 आरोपी धराये

रामगढ़। झारखंड के रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। 3 युवकों ने इस घटना को अंजाम दिया। तीनों को ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद परिजनों ने थाना में आवेदन देकर मामला दर्ज कराया, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।   सुनसान जगह पर वारदातः जानकारी के अनुसार, 30 मार्च की शाम बारलोंग इलाके के एक सुनसान स्थान पर इस वारदात को अंजाम दिया गया। पीड़िता के साथ तीन युवकों ने जबरदस्ती की। घटना के बाद युवती ने अपने परिजनों को पूरी बात बताई, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। 24 घंटे के अंदर तीनों आरोपी गिरफ्तारः मामला सामने आते ही रजरप्पा थाना पुलिस हरकत में आ गई। थाना प्रभारी कृष्ण कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई और चितरपुर इलाके में छापेमारी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। कौन हैं आरोपीः पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान अयान अनवर (निवासी रहमत नगर, लाइनपार, चितरपुर), मो. तौफिक (निवासी ईदगाह मोहल्ला, चितरपुर) और मो. असफाक (निवासी एलबी रोड, चितरपुर) के रूप में हुई है।

Ranjan Kumar Tiwari अप्रैल 1, 2026 0
Dark clouds and rain over Jharkhand city with strong winds and changing weather conditions
Jharkhand में अप्रैल की शुरुआत में बदला मौसम का मिजाज, कहीं बारिश तो कहीं गर्मी-अगले कुछ दिन रहेंगे उतार-चढ़ाव भरे

Jharkhand में अप्रैल की शुरुआत के साथ ही मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का अलग-अलग रूप देखने को मिल रहा है-कहीं तेज हवा और बारिश हो रही है तो कहीं धूल भरी आंधी और गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। ऐसे में कहा जा सकता है कि इस बार मौसम खुद ही लोगों के साथ “अप्रैल फूल” खेलता नजर आ रहा है। मंगलवार शाम आई तेज आंधी और बारिश ने लोगों को चौंका दिया। कई जिलों में हुई इस बारिश के बाद बुधवार को भी आसमान में बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में गरज के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी मौसम का यह अस्थिर रुख जारी रह सकता है। राज्य के कई जिलों में मंगलवार को अच्छी बारिश दर्ज की गई। बोकारो में 17 मिमी वर्षा हुई, जबकि जमशेदपुर में 1.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं बरही में पिछले 24 घंटों के दौरान 35.2 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सबसे अधिक रही। इस बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई है। बोकारो में 8.7 डिग्री सेल्सियस, जमशेदपुर में 4.7 डिग्री, चाईबासा में 6.2 डिग्री और मेदिनीनगर में 1.6 डिग्री तक तापमान गिरा। इससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली है। राजधानी Ranchi में भी मौसम ने अचानक रंग बदला। मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई, जिससे दिनभर की गर्मी के बाद शाम का मौसम सुहाना हो गया। यहां अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन और रात के तापमान में यह अंतर लोगों के लिए असमंजस की स्थिति पैदा कर रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 1 अप्रैल को राज्य के उत्तरी और मध्य हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहेंगे। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर तेज हवा चलने की संभावना है। यह बदलाव किसानों के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि फसलों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। हालांकि 2 और 3 अप्रैल को मौसम के साफ रहने का अनुमान है। इन दिनों आसमान साफ रहेगा और तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे एक बार फिर गर्मी का असर बढ़ेगा। इसके बाद 4 अप्रैल से मौसम फिर करवट ले सकता है। उत्तरी झारखंड में तेज हवा, गरज और बारिश की संभावना है, जबकि 5 और 6 अप्रैल को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मेघ गर्जन, वज्रपात और बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने खासतौर पर वज्रपात के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। मंगलवार को राज्य में सबसे अधिक तापमान मेदिनीनगर में 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि जमशेदपुर में दिनभर उमस के बाद शाम को हुई बारिश ने राहत दी। यहां अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री और न्यूनतम 23.5 डिग्री सेल्सियस रहा। लगातार बदलते मौसम ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। कभी तेज गर्मी, कभी बारिश और कभी तेज हवाएं-इन सबके बीच लोगों को अपने स्वास्थ्य और कामकाज दोनों का ध्यान रखने की जरूरत है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक इसी तरह का उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।  

surbhi अप्रैल 1, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट घोषित, अनुज अग्निहोत्री बने टॉपर, 958 उम्मीदवार सफल

UPSC CSE Result 2025: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक Civil Services Examination का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। Union Public Service Commission ने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPSC Official Website पर जाकर फाइनल मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। 958 उम्मीदवारों का हुआ चयन यूपीएससी द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उनकी रैंक और पसंद के आधार पर की जाएगी। फाइनल रिजल्ट उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा (Main Exam) और पर्सनैलिटी टेस्ट (Interview) में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। इन प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए होता है चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)   भारतीय पुलिस सेवा (IPS)   भारतीय विदेश सेवा (IFS)   भारतीय राजस्व सेवा (IRS)   भारतीय व्यापार सेवा सहित अन्य ग्रुप A और ग्रुप B सेवाएं   979 पदों को भरने का लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 979 रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे चेक करें UPSC CSE 2025 का रिजल्ट उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं   होमपेज पर “Examination” टैब पर क्लिक करें   “Active Examinations” या “What’s New” सेक्शन में जाएं   Civil Services Examination Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें   मेरिट लिस्ट की PDF खुल जाएगी   Ctrl + F दबाकर अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें   15 दिन में जारी होगी मार्कशीट यूपीएससी के अनुसार सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। उम्मीदवार इसे 30 दिनों तक ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। पिछले साल का कट-ऑफ पिछले वर्ष का अंतिम कट-ऑफ इस प्रकार था— जनरल: 87.98   EWS: 85.92   OBC: 87.28   SC: 79.03   ST: 74.23   आयु सीमा क्या है यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2024 तक कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अगस्त 1992 से 1 अगस्त 2003 के बीच होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू—को पार कर बहुत कम उम्मीदवार ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। UPSC CSE 2025 टॉप-20 उम्मीदवारों की सूची रैंक रोल नंबर नाम 1 1131589 अनुज अग्निहोत्री 2 4000040 राजेश्वरी सुवे एम 3 3512521 अकांश ढुल 4 0834732 राघव झुनझुनवाला 5 0409847 ईशान भटनागर 6 6410067 जिनिया अरोड़ा 7 0818306 ए आर राजा मोहिद्दीन 8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी 9 0831647 आस्था जैन 10 1523945 उज्ज्वल प्रियांक 11 1512091 यशस्वी राज वर्धन 12 0840280 अक्षित भारद्वाज 13 7813999 अनन्या शर्मा 14 5402316 सुरभि यादव 15 3507500 सिमरनदीप कौर 16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव 17 0829589 चितवन जैन 18 5604518 श्रुति आर 19 0105602 निसार दिशांत अमृतलाल 20 6630448 रवि राज

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नालंदा मंदिर हादसा: भीड़ ने ली 8 महिलाओं की जान, धार्मिक आयोजन में मची भगदड़ जैसी स्थिति

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