टेक्नोलॉजी

OnePlus Nord 6 smartphone displayed with updated pricing after major price hike in India smartphone market.
₹5000 तक महंगा हुआ OnePlus Nord 6, अब खरीदना फायदे का सौदा या नहीं?

स्मार्टफोन बाजार में लगातार बढ़ती कीमतों के बीच अब OnePlus ने अपने प्रीमियम मिड-रेंज स्मार्टफोन OnePlus Nord 6 की कीमतों में बड़ा इजाफा कर दिया है। कंपनी ने इस फोन की कीमत में सीधे ₹5,000 तक की बढ़ोतरी कर दी है। नई कीमतें अब OnePlus India और Amazon India पर भी अपडेट हो चुकी हैं। दिलचस्प बात यह है कि फोन को लॉन्च हुए अभी ज्यादा समय भी नहीं हुआ है और इतनी जल्दी कीमत बढ़ने से यूजर्स हैरान हैं। इससे पहले भी OnePlus 15R की कीमत में कंपनी ने ₹7,000 तक का इजाफा किया था। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि बढ़ी कीमत के बाद भी क्या OnePlus Nord 6 वैल्यू-फॉर-मनी डिवाइस बना हुआ है? OnePlus Nord 6 की नई कीमत नई कीमतों के मुताबिक: 8GB RAM + 256GB स्टोरेज वेरिएंट अब ₹38,999 की जगह ₹41,999 में मिलेगा। 12GB RAM + 256GB वेरिएंट की कीमत ₹41,999 से बढ़कर ₹46,999 हो गई है। यानी दोनों वेरिएंट्स पर कंपनी ने भारी प्राइस हाइक किया है। नई कीमत के बाद अब यह फोन प्रीमियम मिड-रेंज कैटेगरी में पहुंच चुका है, जहां इसका सीधा मुकाबला POCO X8 Pro Max और iQOO 15R जैसे स्मार्टफोन्स से होगा। क्यों बढ़ रही हैं स्मार्टफोन की कीमतें? विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल मार्केट में मेमोरी चिप्स, प्रोसेसर और अन्य कंपोनेंट्स की लागत लगातार बढ़ रही है। इसी वजह से कई कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों में संशोधन कर रही हैं। OnePlus का यह फैसला भी उसी ट्रेंड का हिस्सा माना जा रहा है। क्या अब भी खरीदना चाहिए OnePlus Nord 6? कीमत बढ़ने के बावजूद OnePlus Nord 6 कई दमदार फीचर्स के साथ आता है। फोन में Snapdragon 8s Gen 4 प्रोसेसर दिया गया है, जो गेमिंग और मल्टीटास्किंग के लिए शानदार माना जा रहा है। इसके अलावा बड़ी 9000mAh बैटरी लंबे बैकअप का दावा करती है और IP69K रेटिंग इसे बेहतर ड्यूरेबिलिटी देती है। कैमरा सेटअप की बात करें तो इसमें टेलीफोटो लेंस नहीं मिलता, लेकिन फिर भी फोन नेचुरल और एक्यूरेट फोटो क्लिक करने में सक्षम माना जा रहा है। वहीं बैटरी बैकअप लगभग दो दिन तक चल सकता है, जो हेवी यूजर्स के लिए बड़ा प्लस पॉइंट है। अगर आपकी प्राथमिकता टेलीफोटो कैमरा या ज्यादा फ्लैगशिप कैमरा एक्सपीरियंस है, तो आप दूसरे विकल्प देख सकते हैं। लेकिन यदि आप दमदार परफॉर्मेंस, लंबी बैटरी लाइफ और भरोसेमंद यूजर एक्सपीरियंस चाहते हैं, तो OnePlus Nord 6 अब भी एक मजबूत विकल्प माना जा सकता है। पूरा अपडेट पढ़ने के लिए लिंक पर क्लिक करें।  

surbhi मई 21, 2026 0
Acer Aspire 5 AI India
भारत में लॉन्च हुआ Acer Aspire 5 AI, Intel Core Ultra 7 और 1TB SSD से लैस

नई दिल्ली, एजेंसियां। Acer ने भारतीय बाजार में अपना नया एआई लैपटॉप Acer Aspire 5 AI लॉन्च कर दिया है। यह लैपटॉप Intel Core Ultra प्रोसेसर और Copilot+ फीचर्स के साथ पेश किया गया है। कंपनी का कहना है कि यह डिवाइस काम, कंटेंट स्ट्रीमिंग और हल्की गेमिंग के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया है। पतले और हल्के डिजाइन के साथ आने वाला यह लैपटॉप 32GB तक रैम और 1TB SSD स्टोरेज जैसे दमदार फीचर्स से लैस है।   इतनी है कीमत और उपलब्धता Acer Aspire 5 AI की शुरुआती कीमत 79,999 रुपये रखी गई है। यह सिल्वर कलर ऑप्शन में उपलब्ध होगा। ग्राहक इसे एसर स्टोर, Amazon India, Croma, Reliance Digital और Vijay Sales जैसे प्लेटफॉर्म्स से खरीद सकेंगे।   डिस्प्ले और डिजाइन की खासियत लैपटॉप में 14 इंच का WUXGA IPS डिस्प्ले दिया गया है, जिसका रिजॉल्यूशन 1920×1200 पिक्सल है। 16:10 आस्पेक्ट रेशियो की वजह से स्क्रीन पर ज्यादा कंटेंट देखा जा सकता है। कंपनी ने इसमें Acer ComfyView टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है, जो स्क्रीन ग्लेयर कम करने और आंखों पर दबाव घटाने में मदद करती है। डिजाइन की बात करें तो इसका वजन करीब 1.2 किलोग्राम है और इसमें 180 डिग्री हिंज दिया गया है, जिससे स्क्रीन को फ्लैट मोड में आसानी से खोला जा सकता है।   दमदार प्रोसेसर और बैटरी Acer Aspire 5 AI में Intel Core Ultra 5 और Intel Core Ultra 7 H-सीरीज प्रोसेसर का विकल्प मिलता है। यह Windows 11 Home पर चलता है और Copilot+ पीसी के तौर पर पेश किया गया है। इसमें 32GB तक LPDDR5 रैम और 1TB PCIe Gen 4 NVMe SSD स्टोरेज दी गई है। लैपटॉप में 53.8Wh बैटरी, 65W USB Type-C फास्ट चार्जिंग, Wi-Fi 6 और Bluetooth 5.1 सपोर्ट मिलता है। इसके अलावा USB Type-C, HDMI, SD कार्ड रीडर और बैकलिट कीबोर्ड में खास Copilot बटन भी दिया गया है।

Anjali Kumari मई 20, 2026 0
BGMI 4.4 update showcasing Hero’s Crown mode, floating island and new battle arena visuals
BGMI 4.4 अपडेट रोलआउट, नए Hero’s Crown मोड और फीचर्स से बदलेगा गेमिंग एक्सपीरियंस

Battlegrounds Mobile India यानी BGMI का बहुप्रतीक्षित 4.4 अपडेट आखिरकार रोलआउट कर दिया गया है। Krafton ने इस अपडेट को Android और iOS यूजर्स के लिए जारी करना शुरू कर दिया है। कंपनी इसे फेज़ वाइज रोलआउट कर रही है, ताकि एक साथ भारी संख्या में डाउनलोड होने से सर्वर पर दबाव न पड़े। अगर आपके डिवाइस में अभी अपडेट दिखाई नहीं दे रहा है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। कंपनी के अनुसार जल्द ही सभी यूजर्स को BGMI 4.4 अपडेट मिल जाएगा। Android यूजर्स ऐसे करें BGMI 4.4 अपडेट डाउनलोड Android यूजर्स Google Play Store के जरिए नया अपडेट इंस्टॉल कर सकते हैं। डाउनलोड करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि फोन में पर्याप्त स्टोरेज और स्थिर इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध हो। अपडेट करने के स्टेप्स: Google Play Store खोलें प्रोफाइल आइकन पर टैप करें “Manage apps & device” में जाएं BGMI सर्च करें Update बटन पर क्लिक करें डाउनलोड पूरा होने के बाद गेम ऑटोमैटिकली अपडेट हो जाएगा। iPhone यूजर्स ऐसे करें अपडेट iPhone और iPad यूजर्स Apple App Store के जरिए BGMI 4.4 इंस्टॉल कर सकते हैं। स्टेप्स: App Store खोलें BGMI सर्च करें Update या Install पर टैप करें डाउनलोड पूरा होने दें Hero’s Crown मोड बना अपडेट का सबसे बड़ा आकर्षण BGMI 4.4 अपडेट में नया Hero’s Crown थीम मोड जोड़ा गया है, जिसने गेम की दुनिया को पूरी तरह बदल दिया है। अब बैटलफील्ड प्राचीन साम्राज्यों और रहस्यमयी मंदिरों जैसी थीम में दिखाई देगा। Erangel मैप को मिला नया लुक अपडेट के बाद Erangel मैप के कई हिस्सों को रीडिजाइन किया गया है। Ruins और Ferry Pier जैसी लोकेशन्स को अब बड़े मार्बल मंदिरों और प्राचीन स्ट्रक्चर्स के साथ नया रूप दिया गया है। इसके अलावा गेम में Crown’s Abode नाम का नया Floating Island भी जोड़ा गया है। यह एक हाई-रिस्क और हाई-लूट लोकेशन होगी, जहां खिलाड़ियों को एक्स्ट्रा Recall Chance भी मिलेगा। Sun Chariots और Boss Fights से बढ़ेगा रोमांच नए अपडेट में खिलाड़ी अब Sun Chariots का इस्तेमाल कर सकेंगे, जिससे मैप में तेजी से मूवमेंट किया जा सकेगा। साथ ही गेम में नए Boss Fights भी जोड़े गए हैं। बॉस को हराने पर खिलाड़ियों को: Rare Loot High-Tier Weapons Special Rewards मिलेंगे, जो मैच में बड़ा एडवांटेज दे सकते हैं। नए Combat Challenges भी हुए शामिल BGMI 4.4 अपडेट में कई नए मिशन और चैलेंज भी जोड़े गए हैं: Spartan’s Trial Icarus’ Trial Achilles’ Trial इन चुनौतियों को पूरा करने पर खिलाड़ियों को स्पेशल पावर्स और बफ्स मिलेंगे, जिनमें शामिल हैं: Fast Movement Defense Shield Flying Ability Attack Boost विजुअल्स और परफॉर्मेंस में भी बड़ा अपग्रेड Krafton ने इस अपडेट में गेम के विजुअल एक्सपीरियंस को और बेहतर बनाया है। लाइटिंग इफेक्ट्स, मैप टेक्सचर और एनवायरमेंट डिटेल्स में बड़े बदलाव किए गए हैं। इसके अलावा गेम परफॉर्मेंस को स्मूद बनाने के लिए कई ऑप्टिमाइजेशन भी शामिल किए गए हैं। नई थीम्ड रिवॉर्ड्स और कलेक्टिबल आइटम्स भी इस अपडेट का हिस्सा हैं, जो खिलाड़ियों के गेमिंग एक्सपीरियंस को और मजेदार बना सकते हैं।  

surbhi मई 20, 2026 0
SpaceX Starship rocket stands at Starbase ahead of major Mars mission test flight launch
मंगल मिशन की ओर बड़ा कदम, 21 मई को फिर उड़ान भरेगा SpaceX का Starship

SpaceX एक बार फिर दुनिया के सबसे ताकतवर रॉकेट सिस्टम Starship की नई टेस्ट फ्लाइट के लिए तैयार है। कंपनी 21 मई 2026 को Starship की 12वीं इंटीग्रेटेड टेस्ट फ्लाइट लॉन्च करने जा रही है। यह लॉन्च टेक्सास स्थित Starbase फैसिलिटी से किया जाएगा। यह मिशन सिर्फ SpaceX के लिए ही नहीं, बल्कि NASA और पूरी स्पेस इंडस्ट्री के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। Starship को भविष्य में इंसानों को चांद और मंगल तक पहुंचाने के सबसे बड़े माध्यम के रूप में देखा जा रहा है। Starship V3 में क्या है नया? SpaceX इस बार Starship के अपग्रेडेड V3 कॉन्फिगरेशन को टेस्ट कर सकता है। कंपनी के मुताबिक इस नए वर्जन में इंजन सिस्टम, स्ट्रक्चर और हीट प्रोटेक्शन टेक्नोलॉजी को पहले से ज्यादा मजबूत बनाया गया है। करीब 120 मीटर ऊंचे इस विशाल रॉकेट सिस्टम में दो हिस्से शामिल हैं: Super Heavy Booster Starship Upper Stage इसमें इस्तेमाल होने वाले Raptor इंजन लिक्विड मीथेन और लिक्विड ऑक्सीजन पर आधारित हैं। यही इंजन भविष्य के Moon और Mars मिशनों की रीढ़ माने जा रहे हैं। इस टेस्ट फ्लाइट में क्या होगा खास? यह लॉन्च किसी सैटेलाइट मिशन के लिए नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की क्षमता जांचने के लिए किया जा रहा है। इंजीनियर्स लॉन्च के दौरान कई अहम स्टेज पर नजर रखेंगे, जिनमें शामिल हैं: रॉकेट टेकऑफ स्टेज सेपरेशन बूस्टर की वापसी कंट्रोल्ड डिसेंट री-एंट्री सिस्टम इस बार सबसे ज्यादा फोकस Super Heavy Booster की सुरक्षित वापसी पर रहेगा। SpaceX भविष्य में लॉन्च टावर के मैकेनिकल आर्म्स की मदद से हवा में ही बूस्टर पकड़ने की तकनीक विकसित कर रहा है। अगर यह तकनीक सफल होती है, तो स्पेस मिशनों की लागत में भारी कमी आ सकती है। वहीं Starship Upper Stage की री-एंट्री भी मिशन का बड़ा हिस्सा होगी। इसमें लगे हजारों सिरेमिक टाइल्स वाले हीट शील्ड को बेहद उच्च तापमान में टेस्ट किया जाएगा। NASA के Artemis मिशन के लिए क्यों अहम है Starship? Starship सिर्फ SpaceX का प्रोजेक्ट नहीं है। NASA ने इसे अपने Artemis Program के Human Landing System के तौर पर चुना है। इसी सिस्टम के जरिए भविष्य में अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की सतह तक पहुंचाया जाएगा। अगर Starship पूरी तरह सफल होता है, तो इससे Moon Base बनाने और मंगल मिशन की दिशा में बड़ी प्रगति मानी जाएगी। SpaceX का ‘Test, Fail, Fix, Repeat’ मॉडल SpaceX पारंपरिक स्पेस कंपनियों से अलग रणनीति अपनाता है। कंपनी लगातार टेस्टिंग कर हर गलती से सीखते हुए सिस्टम को बेहतर बनाती है। इसी वजह से Starship प्रोग्राम बेहद तेजी से विकसित हुआ है। हर लॉन्च से मिलने वाला डेटा इंजन परफॉर्मेंस, फ्लाइट स्टेबिलिटी, हीट कंट्रोल और लैंडिंग सिस्टम को बेहतर बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। पूरी दुनिया की नजर इस मिशन पर क्यों? अगर यह टेस्ट फ्लाइट सफल रहती है, तो SpaceX पूरी तरह रीयूजेबल रॉकेट सिस्टम के बेहद करीब पहुंच जाएगा। इससे भविष्य में: स्पेस मिशन सस्ते हो सकते हैं मंगल यात्रा आसान हो सकती है बड़े सैटेलाइट लॉन्च संभव होंगे हाई-स्पीड अर्थ ट्रैवल टेक्नोलॉजी विकसित हो सकती है इसी वजह से Starship की यह टेस्ट फ्लाइट सिर्फ एक लॉन्च नहीं, बल्कि भविष्य की स्पेस टेक्नोलॉजी की दिशा तय करने वाला बड़ा कदम मानी जा रही है।  

surbhi मई 20, 2026 0
Realme 16T 5G smartphone showcasing 8000mAh battery, 50MP Sony camera and AI-powered photography features.
Realme 16T 5G लॉन्च से पहले चर्चा में, 8000mAh बैटरी और 50MP Sony कैमरे के साथ देगा दमदार एंट्री

Realme भारत में अपना नया स्मार्टफोन Realme 16T 5G लॉन्च करने जा रहा है। लॉन्च से पहले ही कंपनी ने फोन के कई प्रमुख फीचर्स का खुलासा कर दिया है, जिसके बाद यह डिवाइस टेक मार्केट में चर्चा का विषय बन गया है। Realme 16T 5G को 22 मई को भारतीय बाजार में लॉन्च किया जाएगा। कंपनी इसे खास तौर पर उन यूजर्स को ध्यान में रखकर ला रही है जो बड़ी बैटरी, दमदार कैमरा और AI फीचर्स वाला 5G स्मार्टफोन चाहते हैं। 50MP Sony कैमरा के साथ मिलेगा AI फोटोग्राफी एक्सपीरियंस फोन में 50MP का Sony IMX852 प्राइमरी कैमरा दिया जाएगा, जो f/1.8 अपर्चर और ऑटोफोकस सपोर्ट के साथ आएगा। कंपनी ने इसमें अपना खास LumaColor IMAGE Engine भी जोड़ा है, जो AI की मदद से स्किन टोन, कलर्स और फोटो डिटेल्स को बेहतर बनाएगा। इसके अलावा फोन में RAW HDR प्रोसेसिंग और Custom White Balance जैसे फीचर्स भी मिलेंगे, जिससे लो-लाइट और प्रोफेशनल फोटोग्राफी का अनुभव और बेहतर हो सकता है। AI Portrait Glow समेत कई स्मार्ट फीचर्स Realme 16T 5G में AI Portrait Glow फीचर मिलेगा, जो कम रोशनी में चेहरे की लाइटिंग को बेहतर बनाने में मदद करेगा। यूजर्स इसमें Flash, Natural Light, Rim Light और Studio Light जैसे पोर्ट्रेट इफेक्ट्स का इस्तेमाल भी कर पाएंगे। फोन में Rear Selfie Mirror फीचर भी दिया जाएगा, जिससे यूजर्स रियर कैमरे से सेल्फी लेते समय खुद को आसानी से देख सकेंगे। इसके अलावा कंपनी कई AI बेस्ड क्रिएटिव फीचर्स भी दे रही है, जिनमें: AI Popout Collage AI StyleMe AI Profile Portrait AI Football Star AI Instant Clip शामिल हैं। AI Instant Clip फीचर कुछ ही सेकेंड में फोटो और वीडियो से शॉर्ट वीडियो तैयार कर सकेगा। डिस्प्ले और ऑडियो पर भी खास ध्यान फोन में 144Hz रिफ्रेश रेट वाला डिस्प्ले मिलेगा, जिसकी पीक ब्राइटनेस 2100 निट्स तक होगी। इससे गेमिंग और वीडियो स्ट्रीमिंग का अनुभव बेहतर होने की उम्मीद है। कंपनी ने इसमें 400% Ultra Volume मोड भी दिया है, जो मूवी और सीरीज देखने के दौरान तेज और क्लियर ऑडियो देने में मदद करेगा। पानी और गिरने से भी रहेगा सुरक्षित Realme 16T 5G को IP69 Pro रेटिंग मिली है, यानी यह पानी और धूल से काफी हद तक सुरक्षित रहेगा। साथ ही इसमें मिलिट्री-ग्रेड शॉक रेजिस्टेंस प्रोटेक्शन भी मिलेगा, जिससे फोन गिरने पर अतिरिक्त सुरक्षा मिलेगी। 8000mAh बैटरी के साथ लंबा बैकअप फोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 8000mAh बैटरी हो सकती है। कंपनी का दावा है कि यह बैटरी एक बार चार्ज करने पर लगभग तीन दिन तक चल सकती है। इसके साथ 45W फास्ट चार्जिंग, बायपास चार्जिंग और वायर्ड रिवर्स चार्जिंग जैसे फीचर्स भी दिए जाएंगे। तीन रंगों में होगा उपलब्ध यह स्मार्टफोन Starlight Black, Starlight Blue और Starlight Red कलर ऑप्शन में लॉन्च किया जाएगा। अगर Realme इस फोन को आक्रामक कीमत में लॉन्च करता है, तो यह मिड-रेंज 5G स्मार्टफोन मार्केट में मजबूत चुनौती पेश कर सकता है।  

surbhi मई 19, 2026 0
Apple WWDC 2026 promotional visual highlighting AI Siri, iOS 27 and upcoming Apple software innovations.
Apple WWDC 2026: डेट कन्फर्म, AI Siri से लेकर iOS 27 तक बड़े बदलावों की उम्मीद

टेक्नोलॉजी की दुनिया में सबसे ज्यादा चर्चित डेवलपर कॉन्फ्रेंस में से एक Apple WWDC 2026 को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। Apple ने इस साल होने वाले अपने वार्षिक इवेंट की तारीखों की आधिकारिक पुष्टि कर दी है, जिसके बाद टेक इंडस्ट्री में उत्साह तेज हो गया है। यह इवेंट 8 जून से 12 जून 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसका मुख्य कीनोट 8 जून को Apple Park में होगा, जो भारतीय समयानुसार रात 10:30 बजे लाइव प्रसारित किया जाएगा। AI पर रहेगा Apple का सबसे बड़ा फोकस इस बार WWDC 2026 का सबसे बड़ा आकर्षण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हो सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, Apple अपने वर्चुअल असिस्टेंट Siri को पूरी तरह नए AI अवतार में पेश कर सकता है, जिसे कई लोग “AI Siri 2.0” के रूप में देख रहे हैं। नया Siri पहले से ज्यादा स्मार्ट, इंटरैक्टिव और कॉन्टेक्स्ट-अवेयर होगा। यह यूजर्स की स्क्रीन पर मौजूद जानकारी को समझकर अलग-अलग ऐप्स के बीच टास्क पूरा करने में सक्षम हो सकता है। iOS 27 और नए सॉफ्टवेयर अपडेट्स की झलक Apple इस इवेंट में अपने प्रमुख ऑपरेटिंग सिस्टम का अगला वर्जन iOS 27 पेश कर सकता है। इसमें AI बेस्ड कई नए फीचर्स जोड़े जाने की उम्मीद है, खासकर कैमरा और पर्सनल असिस्टेंस से जुड़े अनुभवों में। इसके साथ ही macOS 27 में डिजाइन और यूजर इंटरफेस में बदलाव की संभावना है। Safari ब्राउज़र में टैब मैनेजमेंट और ऑटो ऑर्गनाइजेशन जैसे फीचर्स भी शामिल किए जा सकते हैं। Camera और AI फीचर्स में बड़ा अपग्रेड लीक्स के मुताबिक, Apple अपने Camera ऐप को AI-संचालित फीचर्स से लैस कर सकता है। इसमें ऑब्जेक्ट रिकग्निशन, लाइव ट्रांसलेशन और रियल-टाइम इंटरैक्शन जैसे फीचर्स शामिल हो सकते हैं, जो यूजर एक्सपीरियंस को पूरी तरह बदल सकते हैं। Apple Watch और Vision Pro पर भी नजर इस इवेंट में watchOS 27 और visionOS 3 को लेकर भी अहम घोषणाएं संभव हैं। Apple Watch में नए वॉच फेस और बेहतर डिवाइस इंटीग्रेशन देखने को मिल सकता है, जबकि Vision Pro के लिए सॉफ्टवेयर अपग्रेड्स पर खास फोकस रहेगा। Apple Park में होगा ग्लोबल टेक शो पूरा इवेंट कैलिफोर्निया स्थित Apple Park में आयोजित किया जाएगा। हालांकि दुनियाभर के डेवलपर्स और यूजर्स इसे Apple की वेबसाइट, YouTube चैनल और डेवलपर ऐप के जरिए लाइव देख सकेंगे।  

surbhi मई 19, 2026 0
Smartphone user checking mobile data usage settings to save daily internet consumption and battery life.
मोबाइल डेटा जल्दी खत्म हो जाता है? इन आसान तरीकों से बचाएं रोज का इंटरनेट

आज के समय में Smartphone और मोबाइल इंटरनेट लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन कई यूजर्स की शिकायत रहती है कि उनका रोज का डेटा बहुत जल्दी खत्म हो जाता है, जबकि वे ज्यादा इस्तेमाल भी नहीं करते। असल में स्मार्टफोन में कई ऐसी सेटिंग्स और ऐप्स होती हैं, जो बैकग्राउंड में लगातार इंटरनेट खर्च करती रहती हैं। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान बदलाव करके आप बिना महंगा नया प्लान लिए अपने मोबाइल डेटा की काफी बचत कर सकते हैं। बैकग्राउंड ऐप्स चुपचाप खत्म करती हैं डेटा फोन में कई ऐप्स लगातार इंटरनेट इस्तेमाल करती रहती हैं, चाहे आप उन्हें इस्तेमाल कर रहे हों या नहीं। इसमें सोशल मीडिया ऐप्स, क्लाउड बैकअप, लोकेशन सर्विस और सिंकिंग फीचर्स शामिल हैं। अगर डेटा बचाना चाहते हैं, तो: जरूरत न होने पर मोबाइल डेटा बंद रखें बैकग्राउंड डेटा लिमिट करें रात में सोते समय इंटरनेट ऑफ करने की आदत डालें यह छोटी आदतें रोज के डेटा खर्च को काफी कम कर सकती हैं। Data Saver मोड जरूर करें ऑन Android और iOS दोनों में डेटा बचाने के लिए खास फीचर दिया जाता है। एंड्रॉयड यूजर्स सेटिंग्स में जाकर “Data Saver” मोड ऑन कर सकते हैं। इससे ऐप्स का बैकग्राउंड इंटरनेट इस्तेमाल सीमित हो जाता है और डेटा की बचत होती है। इसके अलावा यह भी जांच लें कि फोन का हॉटस्पॉट गलती से ऑन तो नहीं है। कई बार यही वजह डेटा तेजी से खत्म होने की होती है। WhatsApp और ऐप अपडेट्स पर रखें नजर WhatsApp जैसे ऐप्स फोटो और वीडियो ऑटोमैटिक डाउनलोड करते रहते हैं। इससे काफी डेटा खर्च होता है। WhatsApp की सेटिंग्स में जाकर: Media Auto Download को सिर्फ Wi-Fi पर सेट करें HD फोटो/वीडियो डाउनलोड सीमित रखें साथ ही Google Google Play Store और Apple App Store में ऑटो अपडेट को भी Wi-Fi तक सीमित करना बेहतर रहता है। Wi-Fi इस्तेमाल करें, लेकिन सावधानी जरूरी जहां भरोसेमंद Wi-Fi उपलब्ध हो, वहां मोबाइल डेटा की बजाय Wi-Fi इस्तेमाल करना समझदारी हो सकती है। इससे डेटा की अच्छी बचत होती है। हालांकि साइबर एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि सार्वजनिक और असुरक्षित Wi-Fi नेटवर्क इस्तेमाल करते समय सतर्क रहना जरूरी है, क्योंकि इससे डेटा चोरी और डिजिटल फ्रॉड का खतरा बढ़ सकता है। छोटी आदतें करेंगी बड़ा फर्क कुछ छोटी चीजें भी डेटा बचाने में काफी मदद कर सकती हैं: वीडियो ऑटो-प्ले बंद रखें जरूरत के वीडियो Wi-Fi पर डाउनलोड करें इस्तेमाल के बाद ब्राउजर टैब बंद करें हाई क्वालिटी स्ट्रीमिंग कम करें क्लाउड बैकअप का समय तय करें विशेषज्ञों का कहना है कि नया महंगा प्लान लेने से पहले फोन की सेटिंग्स जरूर चेक करनी चाहिए। कई बार समाधान आपके स्मार्टफोन में ही छिपा होता है।  

surbhi मई 18, 2026 0
Samsung Galaxy S26 Ultra smartphone displayed with premium design and flagship camera setup
Samsung Galaxy S26 Ultra हुआ सस्ता, फ्लैगशिप फोन पर बड़ा प्राइस कट

Samsung India के प्रीमियम फ्लैगशिप स्मार्टफोन Samsung Galaxy S26 Ultra पर बड़ा प्राइस कट देखने को मिला है। लॉन्च के कुछ समय बाद ही इस हाई-एंड स्मार्टफोन की कीमत में भारी कमी की गई है। बैंक ऑफर्स और इंस्टैंट कैशबैक जोड़ने के बाद इसकी प्रभावी कीमत और भी कम हो रही है। ऐसे में जो यूजर्स लंबे समय से Samsung की Ultra सीरीज खरीदने का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए यह डील काफी आकर्षक मानी जा रही है। लॉन्च कीमत से 9 हजार रुपये तक सस्ता Samsung Galaxy S26 Ultra को भारत में 1,39,999 रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया गया था। अब इसका 256GB वेरिएंट Vijay Sales पर 1,30,999 रुपये में लिस्ट किया गया है। यानी लॉन्च प्राइस की तुलना में सीधे 9 हजार रुपये तक की कटौती देखने को मिल रही है। इसके अलावा चुनिंदा बैंक कार्ड्स पर 4,500 रुपये तक का इंस्टैंट कैशबैक भी दिया जा रहा है। इस ऑफर के बाद इसकी प्रभावी कीमत करीब 1,26,999 रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि अंतिम कीमत बैंक ऑफर, स्टॉक और शहर के हिसाब से अलग हो सकती है। प्रीमियम डिस्प्ले और डिजाइन फोन में 6.9 इंच का Dynamic LTPO AMOLED 2X डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है। इससे स्क्रॉलिंग, वीडियो और गेमिंग का एक्सपीरियंस काफी स्मूद हो जाता है। पतले बेजल्स और बड़ी स्क्रीन इसे प्रीमियम लुक देते हैं। कंपनी ने इस बार फोन में प्राइवेसी डिस्प्ले फीचर भी जोड़ा है, जिससे आसपास बैठे लोग स्क्रीन पर मौजूद निजी कंटेंट आसानी से नहीं देख पाते। Snapdragon 8 Elite Gen 5 से दमदार परफॉर्मेंस Qualcomm Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर के साथ आने वाला यह स्मार्टफोन कंपनी के सबसे पावरफुल एंड्रॉयड फोन्स में गिना जा रहा है। फोन 16GB तक रैम सपोर्ट के साथ आता है, जिससे मल्टीटास्किंग, हाई-एंड गेमिंग और AI फीचर्स का अनुभव बेहतर हो जाता है। 200MP कैमरा बना सबसे बड़ा आकर्षण इस फ्लैगशिप फोन का कैमरा सेटअप इसकी सबसे बड़ी खासियतों में शामिल है। इसमें 200MP का प्राइमरी कैमरा दिया गया है। इसके अलावा 10MP टेलीफोटो और 50MP पेरिस्कोप कैमरा भी मिलता है। लो-लाइट फोटोग्राफी, 8K वीडियो रिकॉर्डिंग और AI कैमरा फीचर्स इसे कंटेंट क्रिएटर्स और मोबाइल फोटोग्राफी पसंद करने वालों के लिए खास बनाते हैं। प्राइस कट के बाद Galaxy S26 Ultra एक बार फिर प्रीमियम एंड्रॉयड स्मार्टफोन सेगमेंट में चर्चा का केंद्र बन गया है।  

surbhi मई 16, 2026 0
Apple iPhone 17 displayed during Croma sale with exchange and discount offers on smartphones
पुराने फोन के बदले सस्ता मिल रहा iPhone 17, Croma सेल में भारी डिस्काउंट

Croma की “Everything Apple Sale Phase 2” अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुकी है और इस सेल में iPhone 17 समेत कई Apple डिवाइसेज पर बड़े ऑफर्स दिए जा रहे हैं। एक्सचेंज बोनस, बैंक डिस्काउंट और Tata Neu Coins के जरिए कई प्रोडक्ट्स की कीमत में भारी कटौती देखने को मिल रही है। सबसे ज्यादा चर्चा iPhone 17 की हो रही है, जिसकी प्रभावी कीमत कुछ मामलों में 45 हजार रुपये से भी कम तक पहुंच रही है। यही वजह है कि Apple यूजर्स और अपग्रेड की सोच रहे ग्राहकों के बीच यह सेल तेजी से लोकप्रिय हो रही है। iPhone 17 पर कैसे मिल रहा इतना बड़ा डिस्काउंट iPhone 17 के 256GB वेरिएंट की शुरुआती कीमत 82,900 रुपये बताई गई है। लेकिन Croma पुराने स्मार्टफोन पर 23,500 रुपये तक का एक्सचेंज वैल्यू दे रहा है। इसके अलावा चुनिंदा डिवाइसेज पर 8,000 रुपये तक का अतिरिक्त एक्सचेंज बोनस भी शामिल किया गया है। अगर ग्राहक डिस्काउंट कूपन और Tata Neu Coins का फायदा भी जोड़ते हैं, तो इस फोन की प्रभावी कीमत करीब 44,768 रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि अंतिम कीमत पुराने फोन की कंडीशन, शहर और स्टॉक उपलब्धता पर निर्भर करेगी। पुराने iPhone मॉडल्स पर भी शानदार डील इस सेल में सिर्फ iPhone 17 ही नहीं, बल्कि पुराने iPhone मॉडल्स पर भी भारी बचत का मौका मिल रहा है। iPhone 15 128GB की प्रभावी कीमत करीब 36 हजार रुपये तक पहुंच रही है iPhone 16 लगभग 40 हजार रुपये की शुरुआती प्रभावी कीमत में मिल सकता है कम बजट वाले यूजर्स के लिए ये मॉडल्स अभी भी काफी मजबूत विकल्प माने जा रहे हैं। MacBook और iPad खरीदने वालों के लिए भी मौका MacBook Air M5 पर स्टूडेंट और टीचर ऑफर्स के साथ अतिरिक्त डिस्काउंट दिया जा रहा है। एक्सचेंज और बोनस ऑफर्स जोड़ने के बाद इसकी प्रभावी कीमत 75 हजार रुपये से नीचे पहुंच सकती है। वहीं iPad 11th Gen और iPad Air M4 पर भी अच्छी कीमत कटौती देखने को मिल रही है। यही कारण है कि यह सेल स्टूडेंट्स, प्रोफेशनल्स और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए भी खास मानी जा रही है। AirPods और Apple Watch पर भी ऑफर्स सेल के दौरान AirPods Pro 3 और AirPods 4 पर भी डिस्काउंट मिल रहा है। इसके अलावा Apple Watch SE 3 को भी कम कीमत में खरीदा जा सकता है। टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि Apple प्रोडक्ट्स पर इतने बड़े संयुक्त ऑफर्स कम ही देखने को मिलते हैं। ऐसे में जो ग्राहक लंबे समय से Apple डिवाइस अपग्रेड करने का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए यह अच्छा मौका हो सकता है।  

surbhi मई 16, 2026 0
UIDAI announces transition from mAadhaar app to new Aadhaar app with enhanced security features
UIDAI जल्द बंद करेगा mAadhaar ऐप, नए Aadhaar App पर करना होगा शिफ्ट

Unique Identification Authority of India यानी UIDAI ने Aadhaar यूजर्स के लिए बड़ा अपडेट जारी किया है। अब पुराने mAadhaar ऐप को जल्द बंद किया जाएगा और उसकी जगह नया Aadhaar ऐप इस्तेमाल करना होगा। नए ऐप में पहले से ज्यादा सिक्योरिटी, बेहतर प्राइवेसी कंट्रोल और कई स्मार्ट फीचर्स दिए गए हैं। हालांकि, पुराने mAadhaar ऐप का डेटा नए ऐप में ऑटोमैटिक ट्रांसफर नहीं होगा। यानी यूजर्स को नया ऐप डाउनलोड करने के बाद अपना Aadhaar प्रोफाइल दोबारा सेटअप करना पड़ेगा। ऐसे में अगर आप अभी mAadhaar ऐप इस्तेमाल कर रहे हैं, तो यह जानना जरूरी है कि नए ऐप में कैसे शिफ्ट करना है। नए Aadhaar ऐप में कैसे करें शिफ्ट? सबसे पहले नया Aadhaar ऐप Google Play या Apple App Store से डाउनलोड करें। ऐप इंस्टॉल होने के बाद वही मोबाइल नंबर दर्ज करें जो आपके Aadhaar से लिंक है। इसके बाद OTP वेरिफिकेशन पूरा करना होगा। कुछ मामलों में अतिरिक्त सुरक्षा के लिए फेस ऑथेंटिकेशन भी मांगा जा सकता है। लॉगिन के बाद आपको सिक्योरिटी PIN सेट करना होगा या फिर फिंगरप्रिंट और फेस अनलॉक भी एक्टिवेट कर सकते हैं। अब आपको अपना Aadhaar प्रोफाइल दोबारा जोड़ना होगा। इसके लिए Aadhaar नंबर डालकर फिर से OTP वेरिफिकेशन करना पड़ेगा। अगर एक ही मोबाइल नंबर से परिवार के कई Aadhaar जुड़े हैं, तो उन्हें भी इसी ऐप में आसानी से जोड़ा जा सकता है। जब आपको यकीन हो जाए कि नया ऐप सही तरीके से काम कर रहा है और सभी डिटेल्स दिखाई दे रही हैं, तब आप पुराने mAadhaar ऐप को फोन से डिलीट कर सकते हैं। नए Aadhaar ऐप की 5 बड़ी खासियतें QR कोड के जरिए Aadhaar शेयर और वेरिफाई करने की सुविधा पहले से बेहतर प्राइवेसी कंट्रोल Aadhaar से जुड़े कई काम सीधे ऐप में करने का ऑप्शन फेस ऑथेंटिकेशन सपोर्ट बायोमेट्रिक लॉक और अनलॉक फीचर नया ऐप यूजर्स को ज्यादा सुरक्षित और आसान डिजिटल पहचान अनुभव देने के लिए तैयार किया गया है। खास बात यह है कि अब Aadhaar की फोटोकॉपी साथ रखने की जरूरत भी काफी हद तक कम हो सकती है।  

surbhi मई 16, 2026 0
Developer using ChatGPT mobile app with Codex AI coding assistant on smartphone screen
अब मोबाइल से भी मैनेज होंगे कोडिंग टास्क, ChatGPT ऐप में आया नया Codex फीचर

OpenAI ने डेवलपर्स के लिए लॉन्च किया स्मार्ट मोबाइल कोडिंग एक्सपीरियंस AI कंपनी OpenAI ने अपने AI कोडिंग असिस्टेंट Codex को अब सीधे ChatGPT मोबाइल ऐप में रोलआउट करना शुरू कर दिया है। इस नए फीचर की मदद से यूजर्स अब स्मार्टफोन से भी अपने कोडिंग प्रोजेक्ट्स को मॉनिटर और मैनेज कर सकेंगे। कंपनी के अनुसार, यह फीचर खास तौर पर उन डेवलपर्स के लिए उपयोगी होगा जो लैपटॉप या डेस्क से दूर रहते हुए भी अपने प्रोजेक्ट्स पर नजर बनाए रखना चाहते हैं। क्या-क्या कर सकेंगे यूजर्स? नए Codex मोबाइल इंटीग्रेशन के जरिए यूजर्स कई एडवांस फीचर्स का इस्तेमाल कर पाएंगे: एक्टिव कोडिंग थ्रेड्स मॉनिटर करना टर्मिनल आउटपुट देखना कमांड अप्रूव करना मॉडल बदलना नए टास्क शुरू करना लाइव टेस्ट रिजल्ट्स और स्क्रीनशॉट्स देखना इससे डेवलपर्स चलते-फिरते भी अपने कोडिंग वर्कफ़्लो को कंट्रोल कर सकेंगे। सिक्योरिटी और डिवाइस सिंक पर खास फोकस OpenAI का कहना है कि Codex से जुड़े फाइल्स, परमिशन और क्रेडेंशियल्स उसी डिवाइस पर सुरक्षित रहेंगे जहां सिस्टम रन कर रहा होगा। मोबाइल ऐप केवल लाइव अपडेट्स और कंट्रोल इंटरफेस के रूप में काम करेगा। इसके लिए कंपनी ने सिक्योर रिले लेयर का इस्तेमाल किया है, जिससे अलग-अलग डिवाइसेज सुरक्षित तरीके से कनेक्टेड रहेंगे, बिना सीधे पब्लिक इंटरनेट पर एक्सपोज हुए। डेवलपर्स को कैसे मिलेगा फायदा? इस फीचर के जरिए डेवलपर्स: ऑफिस से बाहर रहते हुए बग डिबगिंग शुरू कर सकेंगे ट्रैवलिंग के दौरान कोडिंग कमांड अप्रूव कर पाएंगे मीटिंग से पहले प्रोजेक्ट समरी तैयार कर सकेंगे फोन से नए आइडियाज और टास्क भेज सकेंगे इसका मतलब है कि डेवलपमेंट वर्क अब केवल कंप्यूटर तक सीमित नहीं रहेगा। किन यूजर्स को मिलेगा यह फीचर? Codex सपोर्ट फिलहाल iOS और Android प्लेटफॉर्म पर प्रीव्यू मोड में रोलआउट किया जा रहा है। OpenAI के मुताबिक: यह फीचर Free और Go प्लान्स में भी उपलब्ध होगा केवल सपोर्टेड रीजन में काम करेगा यूजर्स को ChatGPT मोबाइल ऐप और macOS Codex ऐप दोनों अपडेट करने होंगे Windows सपोर्ट बाद में जारी किया जाएगा AI कोडिंग का बदलता भविष्य टेक इंडस्ट्री में AI आधारित डेवलपमेंट टूल्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में OpenAI का यह कदम डेवलपर्स के लिए अधिक फ्लेक्सिबल और मोबाइल-फ्रेंडली कोडिंग एक्सपीरियंस देने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।  

surbhi मई 15, 2026 0
Realme Buds Air8 Pro and Watch S5 showcased ahead of May 22 AIoT launch event
Realme Buds Air8 Pro और Watch S5 की लॉन्च डेट कन्फर्म, 22 मई को होगा बड़ा AIoT इवेंट

टेक कंपनी Realme ने अपने दो नए AIoT प्रोडक्ट्स—Realme Buds Air8 Pro और Realme Watch S5 की भारत में लॉन्च डेट कन्फर्म कर दी है। कंपनी इन दोनों डिवाइसेज को 22 मई को दोपहर 12 बजे लॉन्च करने जा रही है। लॉन्च से पहले सामने आए टीजर में दोनों डिवाइसेज के कई प्रीमियम फीचर्स का खुलासा हुआ है, जिससे टेक यूजर्स और गैजेट प्रेमियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। Realme Buds Air8 Pro: दमदार ANC और AI फीचर्स Realme Buds Air8 Pro को खास तौर पर बेहतर ऑडियो और नॉइज-फ्री अनुभव के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें कई एडवांस फीचर्स मिलने की उम्मीद है: 55dB Ultra-Depth Active Noise Cancellation (ANC) Adaptive ANC फीचर, जो माहौल के अनुसार नॉइज कंट्रोल करेगा Dual DAC ड्राइवर सिस्टम, बेहतर साउंड क्वालिटी के लिए AI Call Noise Cancellation, कॉलिंग एक्सपीरियंस सुधारने के लिए टीजर के अनुसार, यह ईयरबड्स ब्लैक और व्हाइट कलर ऑप्शन में उपलब्ध होंगे और इन्हें ट्रैवल, ऑफिस और डेली यूज़ को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। Realme Watch S5: 20 दिन की बैटरी लाइफ का दावा Realme Watch S5 एक पावरफुल स्मार्टवॉच के तौर पर पेश की जा रही है, जिसमें फिटनेस और लॉन्ग बैटरी लाइफ पर खास फोकस किया गया है। इसके प्रमुख फीचर्स: 110+ स्पोर्ट्स मोड्स एक बार चार्ज में 20 दिन तक की बैटरी लाइफ का दावा हेल्थ और एक्टिविटी ट्रैकिंग फीचर्स Realme इकोसिस्टम के साथ बेहतर कनेक्टिविटी डिजाइन की बात करें तो इसमें सर्कुलर डायल और व्हाइट व ग्रे कलर ऑप्शन मिलने की उम्मीद है। कीमत का अभी इंतजार कंपनी ने अभी इन दोनों डिवाइसेज की कीमत का खुलासा नहीं किया है। उम्मीद की जा रही है कि लॉन्च इवेंट में इनकी कीमत और उपलब्धता को लेकर भी आधिकारिक जानकारी दी जाएगी। टेक मार्केट में बढ़ी प्रतिस्पर्धा भारत में स्मार्ट ऑडियो और वियरेबल सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में Realme के ये नए प्रोडक्ट्स सीधे तौर पर अन्य ब्रांड्स के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा पेश कर सकते हैं।  

surbhi मई 15, 2026 0
Vivo X300 Ultra smartphone featuring dual 200MP cameras and ZEISS lens system with premium design
Vivo X300 Ultra की बिक्री शुरू, 200MP कैमरा और ZEISS लेंस के साथ मिलेगा ₹22,000 तक का डिस्काउंट

Vivo ने अपने प्रीमियम फ्लैगशिप स्मार्टफोन Vivo X300 Ultra की भारत में बिक्री शुरू कर दी है। यह स्मार्टफोन खासतौर पर उन यूजर्स को ध्यान में रखकर लॉन्च किया गया है, जो मोबाइल फोटोग्राफी और प्रो-लेवल वीडियो रिकॉर्डिंग का अनुभव चाहते हैं। कंपनी का दावा है कि Vivo X300 Ultra DSLR जैसी फोटो क्वालिटी देने में सक्षम है। फोन में डुअल 200MP कैमरा सेटअप, ZEISS लेंस सिस्टम और 105x तक डिजिटल जूम जैसे फीचर्स दिए गए हैं, जो इसे फोटोग्राफी लवर्स के लिए खास बनाते हैं। कीमत और ऑफर्स Vivo X300 Ultra का 16GB RAM और 512GB स्टोरेज वेरिएंट ₹1,59,999 की कीमत पर लॉन्च किया गया है। यह स्मार्टफोन: Eclipse Black Victory Green कलर ऑप्शन में उपलब्ध है। ऑफर्स की बात करें तो कंपनी SBI और Axis Bank कार्ड के साथ-साथ UPI पेमेंट पर ₹16,000 तक का इंस्टेंट डिस्काउंट दे रही है। इसके अलावा कंपनी ने फोन को एक खास Photographer Kit के साथ भी पेश किया है। इस किट के साथ डिवाइस की कीमत ₹2,09,999 रखी गई है। Photographer Kit वेरिएंट पर: UPI पेमेंट पर ₹21,000 तक SBI कार्ड पर ₹22,000 तक का इंस्टेंट बैंक डिस्काउंट दिया जा रहा है। फोन को Vivo India Official Website, Flipkart, Amazon India और ऑफलाइन स्टोर्स से खरीदा जा सकता है। कैमरा फीचर्स बने सबसे बड़ी ताकत Vivo X300 Ultra में ZEISS Master Lenses कैमरा सिस्टम दिया गया है। इसमें: 50MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा 200MP हाई-रिजोल्यूशन प्राइमरी सेंसर 200MP APO टेलीफोटो सेंसर शामिल हैं। फोन 3.7x ऑप्टिकल जूम और 105x डिजिटल जूम सपोर्ट करता है, जिससे दूर मौजूद सब्जेक्ट्स की डिटेल भी काफी स्पष्ट दिखाई देती है। इसके अलावा यह स्मार्टफोन एक्सटर्नल ZEISS टेलीफोटो लेंस को भी सपोर्ट करता है, जो 200mm और 400mm फोकल लेंथ के साथ आता है। कंपनी का Photographer Kit कैमरा ग्रिप, एक्स्ट्रा बैटरी और अन्य एक्सेसरी के साथ आता है, जो यूजर्स को लगभग प्रोफेशनल कैमरा जैसा अनुभव देने का दावा करता है। वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए भी शानदार फीचर्स यह स्मार्टफोन वीडियो क्रिएटर्स और मोबाइल फिल्ममेकर्स के लिए भी कई एडवांस्ड फीचर्स लेकर आया है। फोन में: 4K 120fps वीडियो रिकॉर्डिंग Dolby Vision सपोर्ट 10-bit Log वीडियो रिकॉर्डिंग जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसके साथ कई प्रो-लेवल वीडियो टूल्स भी मिलते हैं, जो बेहतर कंट्रोल और सिनेमैटिक आउटपुट देने में मदद करते हैं। दमदार डिस्प्ले और परफॉर्मेंस Vivo X300 Ultra में 6.82-इंच का 2K ZEISS Master Color डिस्प्ले दिया गया है, जो HDR और हाई ब्राइटनेस सपोर्ट के साथ आता है। परफॉर्मेंस के लिए इसमें लेटेस्ट Snapdragon 8 Gen 5 चिपसेट दिया गया है, जो गेमिंग और मल्टीटास्किंग में स्मूद एक्सपीरियंस देने का दावा करता है। यह डिवाइस Android 16 आधारित OriginOS 6 पर चलता है। फोन में 6600mAh बैटरी दी गई है, जो: 100W फास्ट चार्जिंग 40W वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करती है। इसके अलावा बड़ा कूलिंग सिस्टम लंबे समय तक गेमिंग और वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान फोन को ओवरहीट होने से बचाने में मदद करता है।  

surbhi मई 14, 2026 0
WhatsApp introduces Incognito Chat feature for secure and private AI conversations with disappearing messages
WhatsApp का नया Incognito Chat फीचर: अब AI चैट्स होंगी ज्यादा प्राइवेट और सुरक्षित

Meta Platforms ने WhatsApp यूजर्स के लिए एक नया प्राइवेसी फीचर पेश किया है, जिसका नाम Incognito Chat रखा गया है। इस फीचर का उद्देश्य यूजर्स को Meta AI के साथ ज्यादा सुरक्षित और निजी बातचीत का अनुभव देना है। कंपनी के CEO Mark Zuckerberg ने हाल ही में इस फीचर की घोषणा की। Meta का दावा है कि यह नया मोड AI चैट्स को पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित बनाएगा और बातचीत खत्म होते ही मैसेज अपने आप गायब हो जाएंगे। चैट खत्म होते ही डिलीट हो जाएंगे मैसेज Meta के अनुसार, Incognito Chat में की गई बातचीत सामान्य क्लाउड सर्वर पर प्रोसेस नहीं होगी। इसके बजाय, इसे एक सिक्योर और एन्क्रिप्टेड सिस्टम के जरिए संभाला जाएगा। कंपनी का कहना है कि न तो Meta और न ही कोई बाहरी व्यक्ति इन चैट्स को पढ़ सकेगा। सबसे अहम बात यह है कि AI से हुई बातचीत सेशन खत्म होते ही अपने आप डिलीट हो जाएगी और सर्वर पर स्टोर नहीं होगी। यह फीचर उन यूजर्स के लिए खास माना जा रहा है जो AI चैट्स के दौरान अपनी निजी जानकारी को लेकर चिंतित रहते हैं। क्या है Private Processing टेक्नोलॉजी? Meta ने बताया कि Incognito Chat फीचर उसकी Private Processing टेक्नोलॉजी पर आधारित है। इस तकनीक को पिछले साल WhatsApp के AI फीचर्स के साथ पेश किया गया था। इस सिस्टम में यूजर्स की रिक्वेस्ट सामान्य सर्वर पर प्रोसेस होने के बजाय Trusted Execution Environments (TEE) नाम के एन्क्रिप्टेड और आइसोलेटेड सिस्टम में प्रोसेस होती है। इसका फायदा यह है कि किसी भी थर्ड पार्टी को यूजर डेटा तक पहुंच नहीं मिल पाती और चैट की गोपनीयता बनी रहती है। Meta का दावा है कि यह फीचर दूसरे AI प्लेटफॉर्म्स से अलग है, क्योंकि कई AI सेवाएं यूजर्स की बातचीत को लंबे समय तक स्टोर करके रखती हैं। किन यूजर्स को मिलेगा यह फीचर? कंपनी के मुताबिक, Incognito Chat फीचर को फिलहाल धीरे-धीरे Android और iOS यूजर्स के लिए रोलआउट किया जा रहा है। इस फीचर का इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को अपना WhatsApp ऐप लेटेस्ट वर्जन में अपडेट करना होगा। हालांकि शुरुआती चरण में यह सुविधा केवल चुनिंदा अकाउंट्स पर उपलब्ध होगी। Meta ने यह भी कहा है कि फीचर की उपलब्धता यूजर के क्षेत्र और अकाउंट टाइप के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। जिन यूजर्स को यह अपडेट मिलेगा, उन्हें Meta AI के साथ प्राइवेट बातचीत के लिए अलग विकल्प दिखाई देगा। सुरक्षा को लेकर Meta का दावा Meta का कहना है कि उसकी Private Processing टेक्नोलॉजी की जांच कई स्वतंत्र साइबर सिक्योरिटी कंपनियों ने की है। इनमें NCC Group और Trail of Bits जैसी कंपनियां शामिल हैं। कंपनी के मुताबिक, इन सुरक्षा परीक्षणों में यह पाया गया कि सिस्टम यूजर्स की प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा के लिए मजबूत सिक्योरिटी मानकों का पालन करता है।  

surbhi मई 14, 2026 0
Sony Bravia 3II Smart TV displaying vivid 4K visuals with premium slim bezel design
Sony ने भारत में लॉन्च किया नया Bravia 3II Smart TV, 120Hz 4K डिस्प्ले और XR Processor से मिलेगा प्रीमियम एक्सपीरियंस

Sony ने भारतीय बाजार में अपनी नई Bravia 3II Smart TV सीरीज लॉन्च कर दी है। कंपनी ने इस टीवी को प्रीमियम फीचर्स और हाई-एंड एंटरटेनमेंट एक्सपीरियंस के साथ पेश किया है। खास बात यह है कि इस नई सीरीज में Sony का पावरफुल XR Processor अब पहले के मुकाबले ज्यादा किफायती रेंज में उपलब्ध कराया गया है। नई Bravia 3II सीरीज में 4K रेजोल्यूशन के साथ 120Hz रिफ्रेश रेट मिलता है, जो मूवी देखने, स्पोर्ट्स स्ट्रीमिंग और गेमिंग के दौरान बेहद स्मूद विजुअल एक्सपीरियंस देता है। इसके अलावा टीवी में Dolby Vision और Dolby Atmos जैसे प्रीमियम ऑडियो-वीडियो फीचर्स भी दिए गए हैं। कई स्क्रीन साइज में आएगा टीवी Sony इस सीरीज को 55-inch, 65-inch, 75-inch और 85-inch स्क्रीन साइज में लॉन्च कर रही है। कंपनी ने जानकारी दी है कि 55-inch, 65-inch और 75-inch मॉडल्स इस महीने से बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे, जबकि 85-inch मॉडल अगस्त 2026 तक बाजार में आ सकता है। कीमत और उपलब्धता स्क्रीन साइज MRP बेस्ट बाय कीमत 55-इंच ₹1,59,900 ₹99,990 65-इंच ₹1,99,900 ₹1,24,990 75-इंच ₹2,89,900 ₹1,79,990 85-इंच ₹5,19,900 ₹3,05,990 यह टीवी Sony रिटेल स्टोर्स, ShopatSC, बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स स्टोर्स और प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध होगा। डिस्प्ले और पिक्चर क्वालिटी में बड़ा अपग्रेड Sony Bravia 3II में कंपनी का XR Processor दिया गया है, जो कंटेंट को रियल-टाइम में ऑप्टिमाइज करके बेहतर पिक्चर क्वालिटी देता है। इसमें XR Triluminos Pro टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, जिसकी मदद से रंग ज्यादा नैचुरल और रियलिस्टिक दिखाई देते हैं। वहीं XR Clear Image फीचर तस्वीरों को ज्यादा शार्प और डिटेल्ड बनाता है। Motionflow XR टेक्नोलॉजी तेज मूवमेंट वाले सीन जैसे स्पोर्ट्स और एक्शन फिल्मों में ब्लर को कम करती है, जिससे विजुअल्स काफी स्मूद दिखाई देते हैं। साउंड क्वालिटी को बनाया गया और दमदार Sony ने इस टीवी में प्रीमियम ऑडियो एक्सपीरियंस देने पर भी खास ध्यान दिया है। इसमें Dolby Atmos, Dolby Vision और DTS:X जैसे एडवांस्ड फीचर्स दिए गए हैं। कंपनी के मुताबिक, इसके इनबिल्ट स्पीकर्स को इस तरह ट्यून किया गया है कि डायलॉग्स ज्यादा क्लियर सुनाई दें और हाई वॉल्यूम पर भी साउंड डिस्टॉर्ट न हो। गेमर्स के लिए खास फीचर्स Sony Bravia 3II खास तौर पर गेमिंग लवर्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसमें HDMI 2.1 सपोर्ट मिलता है, जिसकी मदद से 4K रेजोल्यूशन पर 120fps तक गेमिंग की जा सकती है। इसके अलावा Variable Refresh Rate (VRR) और Auto Low Latency Mode (ALLM) जैसे फीचर्स गेमिंग को ज्यादा स्मूद और लैग-फ्री बनाते हैं। टीवी में डेडिकेटेड Game Menu, Dolby Vision Gaming और PS Remote Play जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं। कंपनी ने इसे खास तौर पर PlayStation 5 के लिए ऑप्टिमाइज किया है। इसमें कुल चार HDMI 2.1 पोर्ट मिलते हैं। Google TV और AI फीचर्स का मिलेगा सपोर्ट Sony Bravia 3II में Google TV प्लेटफॉर्म मिलता है, जिसमें 4 लाख से ज्यादा मूवीज और टीवी शोज का एक्सेस मिलता है। इसके साथ हजारों ऐप्स और गेम्स भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। टीवी में Google Assistant के साथ hands-free voice search सपोर्ट भी दिया गया है, जिससे बिना रिमोट इस्तेमाल किए सिर्फ बोलकर कंटेंट सर्च किया जा सकता है। इसके अलावा यह Google Cast, AirPlay 2, Apple HomeKit और Amazon Alexa जैसे स्मार्ट डिवाइसेज के साथ भी काम करता है। कंपनी ने यह भी पुष्टि की है कि 2026 के सभी Bravia मॉडल्स में भविष्य के सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए Google Gemini सपोर्ट भी जोड़ा जाएगा।  

surbhi मई 13, 2026 0
Google Android Show 2026 promotional screen highlighting Android 17, Gemini AI and upcoming Android ecosystem updates
Google Android Show 2026 आज, Android 17 से Gemini AI तक कई बड़े ऐलान संभव

Google आज अपने खास इवेंट The Android Show 2026 का आयोजन करने जा रहा है। कंपनी का यह प्री-रिकॉर्डेड शो Android यूजर्स और डेवलपर्स के लिए काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें Android इकोसिस्टम से जुड़े कई बड़े अपडेट्स और नए AI फीचर्स पेश किए जा सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस इवेंट में Android 17, Gemini AI और Android XR से जुड़े नए फीचर्स की झलक देखने को मिल सकती है। इसके अलावा लंबे समय से चर्चा में चल रहे Aluminium OS प्रोजेक्ट पर भी कंपनी अपडेट दे सकती है। कब और कहां देख सकते हैं The Android Show 2026? The Android Show 2026 भारत में 12 मई को रात 10:30 बजे (IST) शुरू होगा। यूजर्स इसे Google YouTube Channel और Google Events Page पर ऑनलाइन देख सकेंगे। इस बार कंपनी लाइव कीनोट की बजाय प्री-रिकॉर्डेड प्रेजेंटेशन पेश करेगी, जिसमें Android और उससे जुड़े प्लेटफॉर्म्स के आने वाले अपडेट्स दिखाए जाएंगे। वहीं Google I/O 2026 का आयोजन 19 और 20 मई को Shoreline Amphitheatre में किया जाएगा। Android 17 की पहली झलक मिलने की उम्मीद हर साल की तरह इस बार भी Google अपने मुख्य डेवलपर कॉन्फ्रेंस से पहले अलग Android इवेंट आयोजित कर रहा है। माना जा रहा है कि कंपनी यहां Android 17 की शुरुआती झलक दिखा सकती है। लीक्स और डेवलपर प्रीव्यू के अनुसार Android 17 में मल्टीटास्किंग को और बेहतर बनाया जा सकता है। इसके अलावा स्क्रीन रिकॉर्डिंग टूल्स में अपग्रेड और बड़े स्क्रीन डिवाइसेस के लिए बेहतर इंटरफेस देखने को मिल सकता है। Aluminium OS से उठ सकता है पर्दा रिपोर्ट्स के मुताबिक, Google इस इवेंट में Aluminium OS प्रोजेक्ट पर भी चर्चा कर सकता है। कहा जा रहा है कि यह प्रोजेक्ट Android और ChromeOS को एक यूनिफाइड प्लेटफॉर्म एक्सपीरियंस में बदलने की दिशा में काम कर रहा है। हालांकि कंपनी ने अब तक इस नए सिस्टम को आधिकारिक तौर पर लॉन्च नहीं किया है, लेकिन टेक इंडस्ट्री में इसे लेकर काफी चर्चा है। AI फीचर्स पर रहेगा सबसे ज्यादा फोकस इस बार इवेंट का सबसे बड़ा आकर्षण AI फीचर्स हो सकते हैं। Gemini AI और Android XR से जुड़े कई नए टूल्स और फीचर्स पेश किए जाने की उम्मीद है। पिछले साल कंपनी ने Material 3 Expressive डिजाइन और AI आधारित Android फीचर्स पेश किए थे। इस बार भी Google अपने AI इकोसिस्टम को और मजबूत करने की तैयारी में दिख रहा है।  

surbhi मई 12, 2026 0
Oppo Find X9 Ultra smartphone with premium camera setup and AMOLED display leaked before India launch
लॉन्च से पहले लीक हुए Oppo Find X9 Ultra और X9s के फीचर्स, जानिए कीमत और स्पेसिफिकेशन

चीनी स्मार्टफोन कंपनी OPPO जल्द ही भारत में अपनी नई फ्लैगशिप सीरीज लॉन्च करने जा रही है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि Oppo Find X9 Ultra और Oppo Find X9s इस महीने भारतीय बाजार में एंट्री करेंगे। लॉन्च से पहले दोनों स्मार्टफोन्स के फीचर्स, कैमरा डिटेल्स और संभावित कीमत ऑनलाइन लीक हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों स्मार्टफोन्स प्रीमियम डिजाइन, हाई-एंड कैमरा सेटअप और बड़ी बैटरी के साथ लॉन्च किए जाएंगे। कंपनी ने इससे पहले इन डिवाइसेज को चीन और अन्य ग्लोबल मार्केट्स में पेश किया था और अब भारतीय यूजर्स के लिए इन्हें उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। Oppo Find X9 Ultra में मिलेगा प्रीमियम कैमरा और पावरफुल परफॉर्मेंस Oppo Find X9 Ultra को कंपनी का सबसे प्रीमियम फ्लैगशिप मॉडल माना जा रहा है। स्मार्टफोन में फ्लैट मेटल फ्रेम और साइड में नया ऑरेंज शॉर्टकट बटन देखने को मिल सकता है। फोन में 6.82 इंच का 2K AMOLED डिस्प्ले दिए जाने की उम्मीद है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करेगा। इससे गेमिंग और वीडियो स्ट्रीमिंग का अनुभव काफी स्मूद हो सकता है। कैमरा सेक्शन इसकी सबसे बड़ी खासियत माना जा रहा है। स्मार्टफोन में Hasselblad के साथ मिलकर तैयार किया गया क्वाड रियर कैमरा सेटअप मिल सकता है। इसमें शामिल हो सकते हैं: 200MP प्राइमरी कैमरा 200MP पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा (3x ऑप्टिकल जूम) 50MP टेलीफोटो लेंस (10x ऑप्टिकल जूम) 50MP अल्ट्रावाइड सेंसर सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 50MP फ्रंट कैमरा मिलने की संभावना है। रियर और फ्रंट दोनों कैमरे 4K वीडियो रिकॉर्डिंग सपोर्ट कर सकते हैं। परफॉर्मेंस के लिए इसमें Qualcomm का Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर दिया जा सकता है। फोन में 7050mAh की बड़ी बैटरी और 100W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। Oppo Find X9s में भी मिलेंगे फ्लैगशिप फीचर्स वहीं Oppo Find X9s को भी प्रीमियम फीचर्स के साथ पेश किया जा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें Hasselblad-ट्यून ट्रिपल 50MP कैमरा सेटअप मिलेगा। फोन में MediaTek का Dimensity 9500s प्रोसेसर दिए जाने की संभावना है। इसके अलावा 7025mAh की बैटरी और 80W वायर्ड फास्ट चार्जिंग सपोर्ट भी मिल सकता है। डिस्प्ले की बात करें तो इसमें 6.59 इंच का 1.5K AMOLED डिस्प्ले मिलेगा, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और बेहद पतले 1.15mm बेजल्स के साथ आ सकता है। भारत में संभावित कीमत और लॉन्च डेट लीक्स के अनुसार, OPPO दोनों स्मार्टफोन्स को भारत में 15 मई को लॉन्च कर सकती है। हालांकि कंपनी ने अभी तक लॉन्च डेट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। संभावित कीमत की बात करें तो: Oppo Find X9 Ultra की कीमत 1,49,999 रुपये से अधिक हो सकती है Oppo Find X9s की शुरुआती कीमत करीब 70,000 रुपये रहने की उम्मीद है दोनों स्मार्टफोन्स के लिए माइक्रोसाइट्स पहले ही Flipkart, Amazon India और OPPO India पर लाइव हो चुकी हैं। फिलहाल इन्हें “Coming Soon” टैग के साथ दिखाया जा रहा है।  

surbhi मई 12, 2026 0
Meta employees face stress and privacy concerns amid aggressive AI adoption and layoffs
AI की दौड़ में कर्मचारियों पर बढ़ा दबाव, Meta के अंदर बढ़ रही नाराजगी और डर

AI पर दांव लगा रही Meta, लेकिन कर्मचारी परेशान Meta अपने बिजनेस को तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कंपनी में बदलने में जुटी है। लेकिन कंपनी के अंदर काम कर रहे हजारों कर्मचारी इस बदलाव से खुद को असहज और दबाव में महसूस कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक Meta अब अपने कर्मचारियों की कंप्यूटर गतिविधियों को ट्रैक कर रही है ताकि AI मॉडल को ट्रेन किया जा सके। इसमें यह देखा जा रहा है कि कर्मचारी कंप्यूटर पर क्या टाइप करते हैं, माउस कैसे चलाते हैं और स्क्रीन पर क्या देखते हैं। इस फैसले के बाद कंपनी के अंदर कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई है। कर्मचारियों ने बताया ‘प्राइवेसी का उल्लंघन’ कई कर्मचारियों ने Meta के इस कदम को निजी गोपनीयता में दखल बताया। आंतरिक चैट और पोस्ट्स में कर्मचारियों ने इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। एक इंजीनियरिंग मैनेजर ने लिखा कि यह उन्हें बेहद असहज महसूस करा रहा है और पूछा कि क्या इससे बाहर निकलने का कोई विकल्प है। इस पर Andrew Bosworth ने जवाब दिया कि कंपनी के लैपटॉप पर काम करने वालों के पास “ऑप्ट-आउट” का विकल्प नहीं होगा। AI इस्तेमाल अब परफॉर्मेंस रिव्यू का हिस्सा रिपोर्ट में दावा किया गया है कि Meta अब कर्मचारियों के AI टूल इस्तेमाल को उनके प्रदर्शन मूल्यांकन का हिस्सा भी बना रही है। कंपनी अपने 78 हजार कर्मचारियों को AI टूल अपनाने के लिए लगातार प्रेरित कर रही है। इसके लिए “AI Transformation Weeks” जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जहां कर्मचारियों को AI एजेंट और AI कोडिंग टूल्स इस्तेमाल करना सिखाया गया। नौकरी कटौती से बढ़ी चिंता AI पर भारी निवेश के बीच कंपनी लागत कम करने के लिए कर्मचारियों की छंटनी भी कर रही है। Meta ने हाल ही में करीब 10 प्रतिशत कर्मचारियों की कटौती की घोषणा की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक लगभग 8 हजार कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है। इससे कंपनी के अंदर डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है। कई कर्मचारी अब नई नौकरी तलाश रहे हैं, जबकि कुछ लोग चाहते हैं कि उन्हें भी छंटनी में शामिल किया जाए ताकि उन्हें सेवरेंस पैकेज मिल सके। ‘क्या हम अपनी जगह लेने वाले AI को ट्रेन कर रहे हैं?’ कर्मचारियों के बीच सबसे बड़ी चिंता यही है कि कहीं वे खुद अपने AI रिप्लेसमेंट को ट्रेन तो नहीं कर रहे। विशेषज्ञों का कहना है कि AI कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ा सकता है, लेकिन इससे काम का दबाव और मानसिक तनाव भी तेजी से बढ़ रहा है। Mark Zuckerberg लगातार AI और “Superintelligence” को कंपनी का भविष्य बता रहे हैं। Meta फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म में AI फीचर्स को तेजी से जोड़ रही है और डेटा सेंटर व AI मॉडल पर अरबों डॉलर खर्च कर रही है। कंपनियों के लिए बड़ा संकेत विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में दूसरी टेक कंपनियां भी इसी तरह AI आधारित बदलाव करेंगी। लेकिन अगर कर्मचारियों की मानसिक स्थिति, प्राइवेसी और नौकरी की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया तो असंतोष और बढ़ सकता है। अब टेक इंडस्ट्री के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि AI और कर्मचारियों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।  

surbhi मई 11, 2026 0
Anthropic Claude AI displayed on smartphone with AI safety and blackmail behaviour concept
इंटरनेट पर ‘ईविल AI’ वाली कहानियों का असर? Anthropic ने बताया क्यों Claude AI देने लगा था ब्लैकमेल की धमकी

AI सुरक्षा पर नई बहस, इंटरनेट डेटा से जुड़ा बड़ा खुलासा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी Anthropic ने अपने Claude AI मॉडल को लेकर बड़ा खुलासा किया है। कंपनी का कहना है कि इंटरनेट पर मौजूद “खतरनाक” और “ईविल AI” से जुड़ी कहानियों ने उसके AI मॉडल के व्यवहार को प्रभावित किया था। इसी वजह से Claude AI कुछ टेस्टिंग परिस्थितियों में ब्लैकमेल जैसी प्रतिक्रियाएं देने लगा था। कंपनी ने बताया कि यह समस्या अब पूरी तरह ठीक कर दी गई है और नए मॉडल में इस तरह का व्यवहार नहीं देखा जा रहा है। क्या था पूरा मामला? दरअसल, 2025 में कंपनी ने अपने Claude 4 मॉडल की सुरक्षा जांच के दौरान एक काल्पनिक प्रयोग किया था। इस टेस्ट में AI मॉडल को एक फर्जी कंपनी के ईमेल सिस्टम तक पहुंच दी गई थी। AI को ऐसे ईमेल दिखाए गए जिनमें यह संकेत था कि उसे जल्द बंद किया जा सकता है। साथ ही एक काल्पनिक अधिकारी के निजी संबंधों से जुड़ी जानकारी भी सिस्टम में मौजूद थी। टेस्ट के दौरान AI मॉडल ने खुद को बचाने के लिए उस अधिकारी को ब्लैकमेल करने जैसी प्रतिक्रिया दिखाई। कंपनी के मुताबिक कई परिस्थितियों में मॉडल ने अपने अस्तित्व को बचाने के लिए गलत रास्ता चुनने की कोशिश की। इंटरनेट डेटा बना वजह Anthropic की जांच में सामने आया कि Claude के इस व्यवहार की जड़ इंटरनेट पर उपलब्ध डेटा था। कंपनी के अनुसार, ऑनलाइन कई पोस्ट और चर्चाओं में AI को इंसानों के खिलाफ, आत्म-सुरक्षा करने वाला या “ईविल” रूप में दिखाया जाता है। AI मॉडल ने ट्रेनिंग के दौरान ऐसे कंटेंट से व्यवहारिक पैटर्न सीख लिए थे। कंपनी ने कहा कि शुरुआती पोस्ट-ट्रेनिंग सिस्टम इस समस्या को रोकने में पर्याप्त नहीं था। कैसे सुधारी गई समस्या? कंपनी ने बताया कि केवल “सुरक्षित व्यवहार” के उदाहरण दिखाना काफी नहीं था। इसके बजाय AI को यह समझाना जरूरी था कि गलत और भ्रामक व्यवहार नैतिक रूप से क्यों गलत है। इसके लिए Anthropic ने ट्रेनिंग डेटा में कई बदलाव किए। मॉडल को ऐसे उदाहरण दिए गए जहां इंसान कठिन नैतिक परिस्थितियों में सही निर्णय लेते हैं। साथ ही AI को संवैधानिक और नैतिक सिद्धांतों पर आधारित जवाबों से प्रशिक्षित किया गया। कंपनी के मुताबिक, नए Claude Haiku 4.5 मॉडल ने सुरक्षा परीक्षणों में शानदार प्रदर्शन किया और ब्लैकमेल जैसी प्रतिक्रिया बिल्कुल नहीं दिखाई। AI सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता AI इंडस्ट्री में यह मामला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि दुनिया भर की टेक कंपनियां तेजी से शक्तिशाली AI मॉडल विकसित कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर AI सिस्टम इंसानी मूल्यों के अनुरूप नहीं रहे, तो भविष्य में गंभीर जोखिम पैदा हो सकते हैं। Anthropic के CEO Dario Amodei पहले भी उन्नत AI मॉडल्स के संभावित खतरों को लेकर चिंता जता चुके हैं। AI मॉडल्स पर बढ़ रही निगरानी हाल के महीनों में कई AI कंपनियां अपने मॉडल्स की सुरक्षा और व्यवहार को लेकर ज्यादा सतर्क हुई हैं। अब कंपनियां केवल स्मार्ट AI बनाने पर नहीं, बल्कि “जिम्मेदार AI” तैयार करने पर भी जोर दे रही हैं। Anthropic का यह खुलासा दिखाता है कि इंटरनेट पर मौजूद कंटेंट सिर्फ इंसानों ही नहीं, बल्कि AI सिस्टम्स के व्यवहार को भी गहराई से प्रभावित कर सकता है।  

surbhi मई 11, 2026 0
OnePlus Nord CE6 Lite and OPPO K14 smartphones compared side by side with display and camera highlights
OnePlus Nord CE6 Lite vs OPPO K14: ₹20,000 के बजट में कौन है असली वैल्यू फॉर मनी स्मार्टफोन?

₹20,000 के बजट में नया स्मार्टफोन खरीदना अब पहले से ज्यादा मुश्किल हो गया है, क्योंकि इस प्राइस रेंज में कंपनियां प्रीमियम फीचर्स देने लगी हैं। इसी मुकाबले में हाल ही में लॉन्च हुआ OnePlus Nord CE6 Lite और पहले से मौजूद OPPO K14 आमने-सामने हैं। दोनों स्मार्टफोन बड़ी बैटरी, हाई रिफ्रेश रेट डिस्प्ले और 5G सपोर्ट जैसे फीचर्स के साथ आते हैं। लेकिन सवाल यही है कि रोजमर्रा इस्तेमाल, गेमिंग, कैमरा और लंबी अवधि के लिहाज से कौन-सा फोन ज्यादा बेहतर डील साबित होता है? आइए जानते हैं दोनों स्मार्टफोन्स के बीच पूरा फर्क। कीमत में कितना अंतर? दोनों स्मार्टफोन्स लगभग एक ही बजट में आते हैं, लेकिन OPPO K14 थोड़ा सस्ता है। वेरिएंट OnePlus Nord CE6 Lite OPPO K14 6GB + 128GB ₹20,999 ₹19,999 6GB + 256GB ₹22,999 ₹21,999 8GB + 256GB ₹25,999 ₹23,999 कीमत के हिसाब से OPPO K14 करीब ₹1,000 से ₹2,000 तक सस्ता पड़ता है, लेकिन फीचर्स के मामले में तस्वीर थोड़ी अलग नजर आती है। डिजाइन और डिस्प्ले दोनों फोन्स फ्लैट फ्रेम डिजाइन के साथ आते हैं और हाथ में पकड़ने पर प्रीमियम फील देते हैं। OnePlus Nord CE6 Lite में सिंपल वर्टिकल कैमरा डिजाइन मिलता है। OPPO K14 में स्क्वायर कैमरा मॉड्यूल और प्रिज्म स्टाइल बैक पैनल दिया गया है, जो ज्यादा आकर्षक लगता है। डिस्प्ले तुलना फीचर OnePlus Nord CE6 Lite OPPO K14 स्क्रीन 6.72-inch FHD+ LCD 6.75-inch HD+ LCD रिफ्रेश रेट 144Hz 120Hz यहां OnePlus साफ बढ़त बनाता है क्योंकि इसका FHD+ डिस्प्ले ज्यादा शार्प और क्लियर विजुअल देता है। गेमिंग और वीडियो देखने का अनुभव भी बेहतर मिलता है। ड्यूरेबिलिटी में कौन आगे? अगर आप ज्यादा मजबूत और टिकाऊ फोन चाहते हैं, तो OPPO K14 बेहतर साबित हो सकता है। OnePlus Nord CE6 Lite: IP64 Rating OPPO K14: IP69 Rating IP69 रेटिंग की वजह से OPPO फोन पानी और धूल से ज्यादा बेहतर सुरक्षा देता है। कैमरा परफॉर्मेंस दोनों स्मार्टफोन्स लगभग समान कैमरा सेटअप के साथ आते हैं। OnePlus Nord CE6 Lite 50MP Primary Camera 2MP Depth Sensor 8MP Selfie Camera OPPO K14 50MP Primary Camera Secondary Sensor Front Camera सपोर्ट दिन की रोशनी में दोनों फोन अच्छी तस्वीरें लेते हैं और सोशल मीडिया के लिए बढ़िया आउटपुट देते हैं। हालांकि लो-लाइट फोटोग्राफी में बहुत बड़ा फर्क देखने को नहीं मिलता। परफॉर्मेंस और गेमिंग यहीं पर OnePlus थोड़ा मजबूत दिखाई देता है। फीचर OnePlus Nord CE6 Lite OPPO K14 प्रोसेसर MediaTek Dimensity 7400 Apex MediaTek Dimensity 6300 Dimensity 7400 Apex नया और ज्यादा पावरफुल चिपसेट माना जा रहा है। अगर आप: गेमिंग करते हैं मल्टीटास्किंग ज्यादा करते हैं लंबे समय तक स्मूद परफॉर्मेंस चाहते हैं तो OnePlus Nord CE6 Lite ज्यादा बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। बैटरी और चार्जिंग दोनों फोन्स में: 7,000mAh बैटरी 45W फास्ट चार्जिंग दी गई है। इतनी बड़ी बैटरी के साथ दोनों फोन आराम से पूरा दिन निकाल सकते हैं। सामान्य इस्तेमाल में बैटरी दो दिन तक चलने की संभावना है। सॉफ्टवेयर और अपडेट OnePlus Nord CE6 Lite Android 16 OxygenOS 16 AI Eraser AI Reflection Remover OPPO K14 Android 15 ColorOS 15 2 साल Android अपडेट 3 साल सिक्योरिटी अपडेट OnePlus का फोन Android 16 के साथ आता है, इसलिए यह थोड़ा ज्यादा फ्यूचर-रेडी नजर आता है। आखिर कौन-सा फोन खरीदना चाहिए? अगर आप बेहतर डिस्प्ले, ज्यादा दमदार प्रोसेसर और स्मूद परफॉर्मेंस चाहते हैं, तो OnePlus Nord CE6 Lite ज्यादा मजबूत विकल्प साबित होता है। वहीं अगर आपका बजट थोड़ा कम है और आप मजबूत बिल्ड क्वालिटी व बड़ी बैटरी वाला भरोसेमंद फोन चाहते हैं, तो OPPO K14 भी अच्छा ऑप्शन है। किसके लिए कौन बेहतर? गेमिंग और परफॉर्मेंस: OnePlus Nord CE6 Lite मजबूत डिजाइन और ड्यूरेबिलिटी: OPPO K14 बेहतर डिस्प्ले: OnePlus बजट वैल्यू: OPPO कुल मिलाकर ऑलराउंड एक्सपीरियंस के मामले में OnePlus Nord CE6 Lite हल्की बढ़त बनाता नजर आता है।  

surbhi मई 11, 2026 0
Undersea fiber optic internet cables connecting continents beneath the ocean for global data transmission
Tech Truth: सैटेलाइट नहीं, समुद्र के नीचे बिछी केबलों पर टिका है 95% इंटरनेट, ऐसे चलता है आपका Google और Facebook

आज की दुनिया इंटरनेट के बिना लगभग ठहर सी जाती है। ईमेल भेजना हो, वीडियो कॉल करनी हो या सोशल मीडिया स्क्रॉल करना हो, हर काम कुछ सेकंड में पूरा हो जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हजारों किलोमीटर दूर भेजा गया डेटा इतनी तेजी से कैसे पहुंच जाता है? ज्यादातर लोगों को लगता है कि यह सब अंतरिक्ष में मौजूद सैटेलाइट्स के जरिए होता है, जबकि असल सच्चाई कुछ और है। दुनिया के करीब 95 प्रतिशत इंटरनेट ट्रैफिक का आधार समुद्र के नीचे बिछी फाइबर-ऑप्टिक केबलें हैं, जिन्हें सबमरीन कम्युनिकेशन केबल कहा जाता है। यही केबलें दुनिया के अलग-अलग देशों और महाद्वीपों को डिजिटल रूप से जोड़ती हैं। समुद्र के नीचे कैसे काम करता है इंटरनेट का नेटवर्क? समुद्र के नीचे बिछी ये केबलें बेहद पतले ऑप्टिकल फाइबर से बनी होती हैं, जिनके जरिए डेटा प्रकाश (light signals) के रूप में ट्रांसफर किया जाता है। इन केबलों का काम एक देश से दूसरे देश तक इंटरनेट डेटा पहुंचाना होता है। ईमेल, वीडियो कॉल, वेबसाइट, क्लाउड सर्विस और सोशल मीडिया जैसे लगभग सभी इंटरनेशनल ऑनलाइन कम्युनिकेशन इन्हीं के जरिए चलते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक दुनिया में डेटा ट्रांसफर का 95% से ज्यादा हिस्सा इन्हीं केबलों से होकर गुजरता है। यही वजह है कि इन्हें ग्लोबल इंटरनेट की “रीढ़ की हड्डी” भी कहा जाता है। एक सेकंड में भेज सकती हैं कई फिल्में ये हाई-स्पीड फाइबर-ऑप्टिक केबल हर सेकंड कई टेराबिट डेटा ट्रांसमिट करने की क्षमता रखती हैं। एक टेराबिट प्रति सेकंड की स्पीड इतनी तेज होती है कि इसमें कुछ ही पलों में कई 4K HD फिल्में भेजी जा सकती हैं। यही कारण है कि लाखों लोग एक साथ वीडियो स्ट्रीमिंग, गेमिंग और वीडियो कॉलिंग कर पाते हैं। दुनिया भर में फैला है केबलों का विशाल जाल रिपोर्ट्स के अनुसार दुनिया के महासागरों में लगभग 485 से ज्यादा सबमरीन केबलें बिछी हुई हैं। इनकी कुल लंबाई करीब 9 लाख मील से ज्यादा बताई जाती है। ये केबलें अटलांटिक और प्रशांत महासागर के साथ-साथ स्वेज नहर जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों से होकर गुजरती हैं। कई केबलें बेहद गहरे और दूरदराज समुद्री इलाकों तक फैली हुई हैं। इतने मजबूत होने के बावजूद हर साल कट जाती हैं कई केबलें समुद्र के नीचे बिछी इन केबलों को कई सुरक्षात्मक परतों से ढका जाता है ताकि वे समुद्री दबाव, घर्षण और बाहरी नुकसान से बच सकें। इनमें स्टील कवच जैसी मजबूत लेयर भी शामिल होती हैं। फिर भी हर साल लगभग 100 से 150 केबलें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। इसके पीछे मुख्य कारण जहाजों के एंकर, मछली पकड़ने वाले उपकरण और समुद्री गतिविधियां होती हैं। अगर किसी बड़े रूट की केबल कट जाए तो कई देशों में इंटरनेट सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। कैसे सुरक्षित रखी जाती हैं ये केबलें? सबमरीन केबल बिछाने से पहले समुद्री रास्तों का गहराई से अध्ययन किया जाता है ताकि उन्हें सुरक्षित क्षेत्रों से गुजारा जा सके। इसके अलावा कंपनियां मजबूत मटेरियल और आधुनिक निगरानी तकनीक का इस्तेमाल करती हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों को और मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि इन केबलों को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की घटनाओं को रोका जा सके। क्यों जरूरी हैं ये केबलें? आज पूरी दुनिया डिजिटल अर्थव्यवस्था पर निर्भर है। बैंकिंग, सोशल मीडिया, क्लाउड कंप्यूटिंग, ऑनलाइन मीटिंग, AI सर्वर और वीडियो स्ट्रीमिंग जैसी सेवाएं इन्हीं केबलों पर टिकी हैं। यानी अगली बार जब आप Google पर कुछ सर्च करें या Facebook खोलें, तो याद रखिए कि आपके फोन तक पहुंचने वाला डेटा समुद्र की गहराइयों से होकर आया है।  

surbhi मई 9, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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