स्मार्टफोन बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत करने के लिए Motorola लगातार नए डिवाइस लॉन्च करने की रणनीति पर काम कर रहा है। हाल ही में पेश की गई Edge 70 सीरीज़ के बाद अब कंपनी अपने पोर्टफोलियो को विस्तार देने जा रही है। ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक, Edge 70 लाइनअप में तीन नए “Pro” मॉडल्स जल्द शामिल हो सकते हैं। इसके साथ ही कंपनी के आगामी फोल्डेबल स्मार्टफोन Motorola Razr 70 से जुड़ी अहम जानकारी भी सामने आई है। Edge 70 Series में आएंगे तीन नए Pro मॉडल्स रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी तीन नए प्रीमियम स्मार्टफोन लॉन्च करने की तैयारी में है: Motorola Edge 70 Pro Motorola Edge 70 Pro+ Motorola Edge 70 Pro Lite इन डिवाइसेज़ के कोडनेम क्रमशः Terrain, Terrain+ और Terrain Lite बताए जा रहे हैं। ये नए मॉडल्स मौजूदा लाइनअप - Motorola Edge 70, Motorola Edge 70 Fusion और Motorola Edge 70 Fusion+ को और मजबूत करेंगे। हालांकि कंपनी की ओर से लॉन्च डेट को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन लीक्स से संकेत मिलते हैं कि इनका अनावरण जल्द हो सकता है। Edge 70 Fusion+ के फीचर्स ने बढ़ाई चर्चा हाल ही में ग्लोबल मार्केट में पेश किया गया Motorola Edge 70 Fusion+ पहले से ही यूज़र्स के बीच चर्चा में है। इसके प्रमुख फीचर्स इसे मिड-रेंज सेगमेंट में प्रीमियम अनुभव देने वाला बनाते हैं: 6.8 इंच का 1.5K AMOLED डिस्प्ले (144Hz रिफ्रेश रेट) Snapdragon 7s Gen 4 प्रोसेसर 5200mAh की बैटरी हाई-रेज़ोल्यूशन कैमरा सेटअप Razr 70: फोल्डेबल सेगमेंट में बड़ा दांव फोल्डेबल स्मार्टफोन बाजार में भी Motorola अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है। आगामी Motorola Razr 70 को लेकर जो जानकारी सामने आई है, वह इसे स्टाइल और परफॉर्मेंस का संतुलित मिश्रण बनाती है। संभावित कलर ऑप्शन्स: Pantone Hematite Pantone Sparkling Green Pink स्टोरेज और RAM विकल्प: RAM: 8GB / 12GB / 16GB स्टोरेज: 256GB / 512GB / 1TB रिपोर्ट्स के अनुसार, यह डिवाइस भी जल्द लॉन्च हो सकता है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। क्या है बड़ा संकेत? Motorola की यह रणनीति साफ दिखाती है कि कंपनी मिड-रेंज से लेकर प्रीमियम और फोल्डेबल सेगमेंट तक अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती है। Edge 70 Pro मॉडल्स जहां हाई-एंड यूज़र्स को टारगेट करेंगे, वहीं Razr 70 फोल्डेबल मार्केट में प्रतिस्पर्धा को और तेज करेगा। निष्कर्ष कुल मिलाकर, आने वाले Motorola Edge 70 Pro सीरीज़ और Motorola Razr 70 स्मार्टफोन यूज़र्स को नए विकल्प और बेहतर टेक्नोलॉजी देने का वादा करते हैं। अब सबकी निगाहें कंपनी की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जो इस साल के स्मार्टफोन ट्रेंड्स को नई दिशा दे सकती है।
टेक दिग्गज Google ने अपने प्रीमियम सब्सक्रिप्शन Google AI Pro प्लान को और ज्यादा आकर्षक बना दिया है। कंपनी ने इस प्लान के तहत मिलने वाले क्लाउड स्टोरेज को बढ़ाकर 2TB से सीधे 5TB कर दिया है, और सबसे बड़ी बात-इसके लिए यूज़र्स को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। भारत में यह प्लान पहले की तरह ₹1,950 प्रति माह (या ₹19,500 सालाना) की कीमत पर ही उपलब्ध रहेगा। अब 5TB स्टोरेज, वो भी बिना एक्स्ट्रा चार्ज Google के इस अपडेट के बाद यूज़र्स को 5TB तक का विशाल स्टोरेज मिलेगा, जिसका इस्तेमाल वे एक साथ कई प्लेटफॉर्म पर कर सकेंगे- Google Drive Gmail Google Photos यह बढ़ा हुआ स्टोरेज खासकर उन यूज़र्स के लिए फायदेमंद होगा, जो बड़ी मात्रा में फोटो, वीडियो और डॉक्यूमेंट्स स्टोर करते हैं या AI टूल्स का ज्यादा उपयोग करते हैं। AI टूल्स के साथ और बढ़ी ताकत Google AI Pro प्लान सिर्फ स्टोरेज तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई एडवांस AI फीचर्स भी शामिल हैं- Gemini AI का एक्सेस वीडियो जनरेशन के लिए Veo AI मॉडल इमेज और टेक्स्ट जनरेशन के लिए एडवांस टूल्स NotebookLM में ज्यादा लिमिट और बेहतर फीचर्स इन टूल्स की मदद से यूज़र्स कंटेंट क्रिएशन, रिसर्च और प्रोडक्टिविटी को नए स्तर पर ले जा सकते हैं। स्टूडेंट्स और ऑफर्स का भी फायदा इस प्लान का लाभ सिर्फ पेड यूज़र्स ही नहीं, बल्कि स्टूडेंट ऑफर्स और टेलीकॉम पार्टनरशिप (जैसे जियो) के तहत जुड़े यूज़र्स को भी मिलेगा। हर महीने 1000 AI क्रेडिट टेक्स्ट, इमेज और वीडियो जनरेशन के लिए उपयोग Google Docs, Sheets और Slides में AI इंटीग्रेशन क्यों खास है यह अपडेट? आज के समय में AI कंटेंट तेजी से बढ़ रहा है-वीडियो, इमेज और बड़े फाइल्स ज्यादा स्टोरेज मांगते हैं। ऐसे में बिना कीमत बढ़ाए 5TB स्टोरेज देना Google की बड़ी रणनीतिक चाल मानी जा रही है, जिससे यूज़र्स को ज्यादा वैल्यू मिलेगी और प्रतिस्पर्धा में कंपनी मजबूत होगी।
टेक दिग्गज Google ने Gmail यूज़र्स के लिए एक बड़ा और लंबे समय से इंतजार किया जा रहा फीचर लॉन्च किया है। अब यूज़र्स अपना Gmail एड्रेस बदल सकेंगे, वो भी बिना अपने पुराने ईमेल या डेटा को खोए। यह सुविधा उन लोगों के लिए खास है, जो वर्षों पहले बनाए गए अपने पुराने या अजीब से ईमेल आईडी से छुटकारा पाना चाहते थे। सुंदर पिचाई ने इस फीचर की घोषणा करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा कि “2004 एक अच्छा साल था, लेकिन आपका Gmail एड्रेस उसी समय में अटका रहना जरूरी नहीं है।” कैसे बदल सकते हैं अपना Gmail ID? अब यूज़र्स को नया अकाउंट बनाने की जरूरत नहीं होगी। इस फीचर के जरिए आप अपने मौजूदा अकाउंट के साथ ही नया ईमेल एड्रेस चुन सकते हैं। Gmail की Settings में जाएं अपने Google Account Settings खोलें वहां उपलब्ध नए ईमेल एड्रेस में से अपनी पसंद का नाम चुनें हालांकि, फिलहाल यह फीचर कुछ चुनिंदा यूज़र्स के लिए ही उपलब्ध कराया गया है और धीरे-धीरे सभी तक पहुंचाया जाएगा। पुराने Gmail एड्रेस का क्या होगा? इस नए फीचर की सबसे खास बात यह है कि आपका पुराना Gmail एड्रेस पूरी तरह खत्म नहीं होगा। पुराना एड्रेस आपके अकाउंट से लिंक रहेगा कोई दूसरा व्यक्ति उसे इस्तेमाल नहीं कर सकेगा पुराने एड्रेस पर आने वाले मेल भी आपको मिलते रहेंगे नया और पुराना, दोनों ईमेल एक ही इनबॉक्स में दिखाई देंगे इसका मतलब है कि आप बिना किसी परेशानी के नया एड्रेस इस्तेमाल कर सकते हैं, जबकि पुराने कॉन्टैक्ट्स से कनेक्शन भी बना रहेगा। Gmail में AI का भी तड़का Google Gmail में AI आधारित फीचर्स भी जोड़ रहा है। “AI Inbox” के जरिए अब आपका इनबॉक्स और स्मार्ट बनेगा। जरूरी ईमेल खुद ही हाइलाइट होंगे “Suggested To-Do” सेक्शन में जरूरी काम दिखेंगे ट्रैवल और बुकिंग से जुड़ी जानकारी एक जगह मिलेगी यह फीचर फिलहाल अमेरिका के कुछ यूज़र्स के लिए उपलब्ध है। क्यों खास है यह फीचर? यह फीचर उन करोड़ों यूज़र्स के लिए बड़ी राहत है, जो अपना ईमेल एड्रेस बदलना चाहते थे लेकिन पुराने डेटा खोने के डर से ऐसा नहीं कर पा रहे थे। अब आप अपनी डिजिटल पहचान को अपडेट कर सकते हैं, बिना किसी नुकसान के।
चीनी टेक कंपनी Xiaomi भारत में अपने इकोसिस्टम को तेजी से विस्तार दे रही है। स्मार्टफोन के बाद अब कंपनी प्रीमियम स्मार्ट टीवी सेगमेंट में बड़ा दांव खेलने जा रही है। Xiaomi ने आधिकारिक तौर पर घोषणा कर दी है कि उसकी नई Xiaomi TV S Mini LED Series 15 अप्रैल 2026 को भारतीय बाजार में लॉन्च होगी। भारत में किन मॉडल्स के साथ एंट्री? कंपनी शुरुआत में इस सीरीज के 55 इंच और 65 इंच मॉडल लॉन्च कर सकती है। हालांकि ग्लोबल मार्केट में यह सीरीज 55, 65, 75, 85 और 98 इंच जैसे बड़े स्क्रीन ऑप्शन के साथ पहले ही पेश की जा चुकी है। भारत में आगे चलकर अन्य साइज भी लाए जा सकते हैं। डिस्प्ले में मिलेगा प्रीमियम अनुभव Xiaomi की इस नई टीवी सीरीज में Quantum MagiQ Mini LED डिस्प्ले टेक्नोलॉजी दी जाएगी, जो बेहतर ब्राइटनेस और कलर एक्युरेसी के लिए जानी जाती है। टीवी में मिलेगा: 4K रेजोल्यूशन (3840×2160 पिक्सल) 120Hz रिफ्रेश रेट 1200 निट्स तक पीक ब्राइटनेस 94% DCI-P3 कलर गामट HDR10+ और HLG सपोर्ट ये फीचर्स मिलकर यूजर्स को शानदार विजुअल एक्सपीरियंस देने का वादा करते हैं। दमदार ऑडियो और स्मार्ट फीचर्स ऑडियो के मामले में भी यह टीवी पीछे नहीं है। इसमें 15W के ड्यूल स्पीकर्स दिए जा सकते हैं, जो Dolby Atmos सपोर्ट के साथ इमर्सिव साउंड देंगे। यह टीवी Google TV पर चलेगा, जिससे यूजर्स को Netflix, Prime Video, Disney+ Hotstar जैसी सभी प्रमुख OTT ऐप्स का एक्सेस मिलेगा। साथ ही Chromecast और AirPlay सपोर्ट भी मिलेगा। कनेक्टिविटी और पोर्ट्स कनेक्टिविटी के लिए टीवी में Wi-Fi 5 और Bluetooth 5.0 का सपोर्ट मिल सकता है। इसके अलावा: HDMI 2.1 और HDMI 2.0 पोर्ट्स USB पोर्ट्स Ethernet पोर्ट जैसे जरूरी विकल्प भी शामिल होंगे। कीमत और उपलब्धता फिलहाल Xiaomi ने कीमत का खुलासा नहीं किया है। उम्मीद है कि लॉन्च के करीब कंपनी इसकी कीमत और सेल डेट की पूरी जानकारी साझा करेगी। यह लॉन्च भारत के स्मार्ट टीवी मार्केट में Xiaomi की पकड़ को और मजबूत कर सकता है, खासकर उन ग्राहकों के बीच जो प्रीमियम फीचर्स किफायती कीमत में चाहते हैं।
टेक दुनिया में AI का दायरा तेजी से बढ़ रहा है और अब स्मार्ट ग्लासेस इसका नया मैदान बनते जा रहे हैं। लंदन की टेक कंपनी Nothing जल्द ही AI स्मार्ट ग्लासेस लॉन्च करने की तैयारी में है, जो सीधे Meta के लोकप्रिय Meta Ray-Ban smart glasses को चुनौती दे सकते हैं। कब लॉन्च हो सकते हैं स्मार्ट ग्लासेस? रिपोर्ट्स के मुताबिक, Nothing अपने AI स्मार्ट ग्लासेस को 2027 की शुरुआत में लॉन्च कर सकती है। यह कंपनी के लिए एक बड़ा कदम होगा, क्योंकि अब तक वह स्मार्टफोन और ऑडियो डिवाइस पर ही फोकस कर रही थी। क्या होंगे संभावित फीचर्स? Nothing के AI स्मार्ट ग्लासेस में ये खासियतें देखने को मिल सकती हैं: इन-बिल्ट कैमरा और माइक्रोफोन स्पीकर्स के जरिए ऑडियो सपोर्ट AI आधारित पर्सनलाइज्ड अनुभव स्मार्टफोन से कनेक्ट होकर क्लाउड प्रोसेसिंग ऑटोमेशन और स्मार्ट टास्क मैनेजमेंट हालांकि, इनमें इन-बिल्ट डिस्प्ले होने की संभावना कम बताई जा रही है। डिजाइन होगा सबसे अलग Carl Pei के नेतृत्व वाली कंपनी अपने ट्रांसपेरेंट और यूनिक डिजाइन के लिए जानी जाती है। Nothing के फोन में Glyph Lights जैसे फीचर्स स्मार्ट ग्लासेस में भी इसी तरह का अलग डिजाइन देखने को मिल सकता है पहले नहीं था इरादा, अब बदली रणनीति दिलचस्प बात यह है कि कंपनी के CEO Carl Pei पहले स्मार्ट ग्लासेस बनाने के पक्ष में नहीं थे। लेकिन अब कंपनी मल्टी-प्रोडक्ट रणनीति पर काम कर रही है और AI पर बड़ा दांव लगा रही है। AI वियरेबल्स की बढ़ती रेस Nothing इस सेगमेंट में अकेली नहीं है। कई बड़ी टेक कंपनियां भी इसमें उतरने की तैयारी कर रही हैं: Apple Google Samsung वहीं Meta पहले ही अपने स्मार्ट ग्लासेस के 70 लाख से ज्यादा यूनिट बेच चुकी है, जिससे इस मार्केट की संभावनाएं साफ दिखती हैं। बड़ी तस्वीर AI स्मार्ट ग्लासेस आने वाले समय में स्मार्टफोन के बाद अगला बड़ा टेक प्लेटफॉर्म बन सकते हैं। Nothing का इस सेगमेंट में उतरना यह संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में वियरेबल टेक्नोलॉजी में जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी।
नई दिल्ली,एजेंसियां। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Meta Platforms अब Instagram यूजर्स के लिए एक नया पेड सब्सक्रिप्शन प्लान “Instagram Plus” टेस्ट कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्लान खास तौर पर आम यूजर्स के लिए तैयार किया गया है, ताकि उन्हें रेगुलर इंस्टाग्राम से अलग कुछ प्रीमियम और मजेदार फीचर्स मिल सकें। फिलहाल यह फीचर टेस्टिंग फेज में है, लेकिन इसके फीचर्स ने पहले ही सोशल मीडिया पर चर्चा तेज कर दी है। सबसे बड़ा फीचर: स्टेल्थ मोड Instagram Plus का सबसे चर्चित फीचर “Stealth Mode” बताया जा रहा है। इसके जरिए यूजर्स किसी की भी Story बिना दिखे देख सकेंगे, यानी सामने वाले को यह पता नहीं चलेगा कि आपने उसकी स्टोरी देखी है। इसके अलावा यूजर्स यह भी देख पाएंगे कि उनकी खुद की स्टोरी को कितनी बार दोबारा देखा गया। साथ ही, एक से ज्यादा Close Friends जैसी कस्टम लिस्ट बनाने की सुविधा भी मिल सकती है। स्टोरी फीचर्स होंगे और भी पावरफुल इस सब्सक्रिप्शन में स्टोरी को 24 घंटे अतिरिक्त रखने का विकल्प, हफ्ते में एक बार किसी स्टोरी को Spotlight करने का फीचर, Animated Superlike, और लंबी viewer list में किसी खास नाम को सीधे Search करने की सुविधा भी शामिल हो सकती है। कुल मिलाकर यह प्लान खासकर उन यूजर्स को आकर्षित कर सकता है जो स्टोरीज का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। कीमत कितनी हो सकती है? रिपोर्ट्स के अनुसार, Instagram Plus की टेस्टिंग फिलहाल मेक्सिको, जापान और फिलीपींस जैसे बाजारों में देखी गई है। लीक स्क्रीनशॉट्स के आधार पर इसकी कीमत लगभग $1 से $2.20 प्रति माह बताई जा रही है, यानी भारतीय करेंसी में करीब ₹80 से ₹180 के बीच। हालांकि भारत में लॉन्च, कीमत और उपलब्धता को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। यह प्लान Meta Verified से अलग होगा, क्योंकि Verified जहां ब्लू टिक और पहचान सुरक्षा पर फोकस करता है, वहीं Instagram Plus मनोरंजन और प्राइवेसी फीचर्स पर केंद्रित है।
स्मार्टफोन बाजार में हलचल मचाते हुए Google के आगामी फ्लैगशिप Google Pixel 11 के CAD रेंडर्स लीक हो गए हैं। इन लीक से संकेत मिलता है कि इस बार कंपनी बड़े बदलाव के बजाय “रिफाइनमेंट” पर फोकस कर रही है। डिजाइन में छोटे लेकिन अहम बदलाव लीक रेंडर्स के मुताबिक, Pixel 11 में पतले डिस्प्ले बेज़ल देखने को मिल सकते हैं, जो पिछले Google Pixel 10 की तुलना में बड़ा सुधार माना जा रहा है। इसके अलावा, सिग्नेचर कैमरा बार को भी थोड़ा नया लुक दिया गया है-हालांकि इसका ओवरऑल डिजाइन पहले जैसा ही रखा गया है। इससे साफ है कि Google इस बार डिजाइन में बड़ा प्रयोग करने के बजाय मौजूदा पहचान को बरकरार रखना चाहता है। परफॉर्मेंस में मिलेगा अपग्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार, Pixel 11 में नया Tensor G6 प्रोसेसर मिल सकता है, जो बेहतर AI और परफॉर्मेंस देने का दावा करता है। फोन में 12GB RAM और 128GB से शुरू होने वाला स्टोरेज मिलने की संभावना है। यह डिवाइस Android के लेटेस्ट वर्जन के साथ आएगा, जिसमें Google की AI फीचर्स पर खास फोकस रहेगा। डिस्प्ले और बैटरी Pixel 11 में 6.3 इंच का LTPO AMOLED डिस्प्ले मिलने की उम्मीद है, जो हाई रिफ्रेश रेट और बेहतर बैटरी ऑप्टिमाइजेशन के साथ आएगा। बैटरी की बात करें तो इसमें 5000mAh की बड़ी बैटरी दी जा सकती है, जो पूरे दिन का बैकअप देने में सक्षम होगी। कीमत और लॉन्च टाइमलाइन लीक के मुताबिक, Google Pixel 11 की शुरुआती कीमत करीब 799 डॉलर (लगभग ₹75,000) हो सकती है। कंपनी इसे अगस्त 2026 में लॉन्च कर सकती है, जो कि Google के पारंपरिक लॉन्च शेड्यूल के अनुरूप है। क्या यह बड़ा अपग्रेड होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि Pixel 11 एक “इवोल्यूशनरी अपग्रेड” होगा, न कि “रिवोल्यूशनरी”। यानी इसमें डिजाइन वही रहेगा, लेकिन परफॉर्मेंस और यूजर एक्सपीरियंस बेहतर होगा। संभावना है कि बड़ा डिजाइन बदलाव Google Pixel 12 सीरीज में देखने को मिले।
भारत में 5G की रेस तेज होती जा रही है और अब Vodafone Idea (Vi) ने भी बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह अगले दो महीनों में अपने 5G नेटवर्क को 90 नए शहरों तक विस्तार देगी, जिससे कुल कवरेज 133 शहरों तक पहुंच जाएगी। 43 से 133 शहरों तक का सफर फिलहाल Vi का 5G नेटवर्क 17 सर्किल्स के 43 शहरों में उपलब्ध है। कंपनी का लक्ष्य मई 2026 तक इसे बढ़ाकर 133 शहरों तक पहुंचाना है। यह विस्तार ऐसे समय में हो रहा है जब Vi को Bharti Airtel और Reliance Jio से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है, जिन्होंने पहले ही देशभर में 5G नेटवर्क तेजी से फैलाया है। किन क्षेत्रों में होगा विस्तार? Vi का यह विस्तार 15 प्रमुख सर्किल्स में किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, पंजाब, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश (ईस्ट और वेस्ट), हरियाणा, गुजरात और छत्तीसगढ़। कंपनी खासतौर पर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, हाई डेटा कंजंप्शन वाले इलाकों और तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों पर फोकस कर रही है। इन शहरों को मिलेगा 5G आने वाले समय में जिन प्रमुख शहरों में Vi 5G सेवा शुरू होगी, उनमें Chennai, Hyderabad, Varanasi, Goa, Gandhinagar और Kolhapur जैसे शहर शामिल हैं। इसके अलावा प्रयागराज, पुडुचेरी, सीकर, दुर्गापुर, हरिद्वार और ग्वालियर जैसे शहरों में भी 5G नेटवर्क पहुंचाया जाएगा। टेक्नोलॉजी पार्टनर्स का सहयोग Vi ने अपने 5G नेटवर्क विस्तार के लिए Nokia, Ericsson और Samsung के साथ साझेदारी की है। इन कंपनियों की मदद से Vi उन इलाकों में नेटवर्क मजबूत कर रहा है जहां 5G डिवाइस का इस्तेमाल और डेटा की मांग तेजी से बढ़ रही है। क्यों अहम है यह विस्तार? Vi का यह कदम भारत में 5G प्रतिस्पर्धा को और तेज करेगा। इससे यूजर्स को बेहतर नेटवर्क स्पीड, कम लेटेंसी और बेहतर डिजिटल अनुभव मिलने की उम्मीद है। हालांकि, Vi के लिए यह विस्तार बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि उसे बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए तेजी से नेटवर्क बढ़ाना होगा।
टेक दुनिया में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। Apple अपने पहले फोल्डेबल iPhone पर काम कर रही है, जिसे अब तक का सबसे बड़ा डिजाइन ओवरहाल माना जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह सिर्फ एक नया फोन नहीं, बल्कि iPhone के अनुभव को पूरी तरह बदल देने वाला डिवाइस हो सकता है। iPhone के इतिहास का सबसे बड़ा बदलाव? Bloomberg के टेक एक्सपर्ट Mark Gurman के अनुसार, यह फोल्डेबल iPhone अब तक के iPhone मॉडल्स से कहीं ज्यादा बड़ा बदलाव लेकर आएगा। iPhone 4, iPhone 6 और iPhone X जैसे मॉडल्स ने जहां डिजाइन में बदलाव किए थे, वहीं यह नया डिवाइस एक “फंडामेंटल ट्रांसफॉर्मेशन” साबित हो सकता है। iPad जैसा एक्सपीरियंस रिपोर्ट के अनुसार, फोल्डेबल iPhone में iPad जैसा इंटरफेस मिलेगा, जिसमें: Split-screen apps App sidebars मल्टीटास्किंग के बेहतर फीचर्स इसका मतलब है कि यूजर्स को एक ही डिवाइस में फोन और टैबलेट दोनों का अनुभव मिल सकता है। संभावित फीचर्स 7.8-इंच का फोल्डेबल मेन डिस्प्ले 5.5-इंच कवर स्क्रीन 2nm A20 Pro चिप Touch ID पावर बटन में डुअल कैमरा सेटअप (फ्रंट और रियर) Self-healing glass और नया hinge डिजाइन कंपनी डिस्प्ले की मजबूती के लिए ड्यूल-लेयर ग्लास का इस्तेमाल कर सकती है, जिससे फोल्डिंग के दौरान स्क्रीन पर crease कम दिखे। कीमत और लॉन्च संभावित कीमत: लगभग ₹1.8 लाख से ₹2.1 लाख लॉन्च टाइमलाइन: सितंबर में घोषणा, बिक्री अक्टूबर या बाद में यह डिवाइस Samsung जैसे ब्रांड्स के फोल्डेबल फोन को सीधी टक्कर दे सकता है। क्या iPad की जगह ले सकता है? रिपोर्ट के मुताबिक, यह फोल्डेबल iPhone कुछ मामलों में iPad की जरूरत को भी खत्म कर सकता है-खासकर वीडियो, गेमिंग और प्रोडक्टिविटी के लिए।
मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp अपने यूजर्स के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए लगातार नए फीचर्स जोड़ रहा है। अब कंपनी एक ऐसा स्मार्ट फीचर टेस्ट कर रही है, जो लंबी और व्यस्त चैट्स को समझना बेहद आसान बना देगा। इस फीचर का नाम है ‘Unread Summary’, जो खासतौर पर उन यूजर्स के लिए उपयोगी होगा जो कई ग्रुप्स और लगातार आने वाले मैसेज से परेशान रहते हैं। क्या है ‘Unread Summary’ फीचर? इस नए फीचर की मदद से यूजर्स बिना किसी चैट को खोले ही अपने अनरीड मैसेज का सार (summary) देख सकेंगे। अब हर मैसेज पढ़ने या लंबी चैट स्क्रॉल करने की जरूरत नहीं होगी। एक छोटा और स्पष्ट ओवरव्यू मिलेगा, जिससे तुरंत समझ आ जाएगा कि बातचीत में क्या अहम बातें हुई हैं। प्राइवेसी और सिक्योरिटी पर खास फोकस WhatsApp इस फीचर में Private Processing तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। केवल नए मैसेज ही प्रोसेस होंगे डेटा सुरक्षित वातावरण में रहेगा WhatsApp या उसकी पैरेंट कंपनी Meta भी यूजर डेटा एक्सेस नहीं कर पाएगी इसका मतलब है कि यूजर्स की प्राइवेसी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। यूजर कंट्रोल भी रहेगा आपके हाथ में इस फीचर को पूरी तरह ऑप्शनल रखा गया है: डिफॉल्ट रूप से बंद रहेगा यूजर खुद सेटिंग में जाकर इसे ऑन/ऑफ कर सकेगा यह भी तय कर सकेंगे कि किन चैट्स का summary देखना है कब मिलेगा यह फीचर? फिलहाल ‘Unread Summary’ फीचर Android beta वर्जन में टेस्ट किया जा रहा है। टेस्टिंग पूरी होने के बाद इसे धीरे-धीरे सभी यूजर्स के लिए रोलआउट किया जा सकता है। क्यों है यह फीचर खास? समय की बचत लंबी चैट्स को जल्दी समझने में मदद प्राइवेसी सुरक्षित यूजर के हाथ में पूरा कंट्रोल यह फीचर खासकर उन लोगों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है जो रोजाना सैकड़ों मैसेज हैंडल करते हैं।
स्मार्टफोन बाजार में एक और बड़ा लॉन्च होने जा रहा है। Vivo V70 FE जल्द ही भारत में दस्तक देने वाला है और लॉन्च से पहले ही इसके फीचर्स ने यूजर्स का ध्यान खींच लिया है। खास बात यह है कि यह फोन मिड-रेंज सेगमेंट में 200MP कैमरा और बड़ी बैटरी जैसे प्रीमियम फीचर्स के साथ आ रहा है। लॉन्च डेट और कहां देखें लाइव Vivo V70 FE भारत में 2 अप्रैल 2026 को दोपहर 12 बजे लॉन्च होगा। यूजर्स इस लॉन्च इवेंट को कंपनी के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और YouTube चैनल पर लाइव देख सकते हैं। यह स्मार्टफोन Flipkart पर एक्सक्लूसिव तौर पर उपलब्ध होगा। डिजाइन और लुक फोन का डिजाइन काफी प्रीमियम और यूनिक बताया जा रहा है। Oblong (लंबा) कैमरा मॉड्यूल ड्यूल कैमरा रिंग्स और रिंग लाइट फ्लैट एजेस डिजाइन दो कलर ऑप्शन: Northern Light Purple और Moonshine Blue Moonshine Blue वेरिएंट में हल्का ग्लो इफेक्ट भी देखने को मिल सकता है, जो इसे अलग बनाता है। दमदार स्पेसिफिकेशन Vivo V70 FE में कई हाई-एंड फीचर्स दिए जा सकते हैं: डिस्प्ले: 6.83 इंच 1.5K AMOLED 120Hz रिफ्रेश रेट कैमरा: 200MP OIS प्राइमरी कैमरा 8MP अल्ट्रा-वाइड 32MP फ्रंट कैमरा प्रोसेसर: MediaTek Dimensity 7360-Turbo Android 16 आधारित OriginOS 6 बैटरी: 7000mAh बड़ी बैटरी 90W फास्ट चार्जिंग अन्य फीचर्स IP68 और IP69 रेटिंग (वॉटर और डस्ट रेजिस्टेंस) इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर 5G, Wi-Fi, Bluetooth 5.4 IR ब्लास्टर और डुअल सिम सपोर्ट 6 साल तक सिक्योरिटी अपडेट संभावित कीमत इस स्मार्टफोन की कीमत ₹30,000 से ₹40,000 के बीच हो सकती है। यह फोन मार्केट में मौजूद कई बड़े डिवाइसेस को टक्कर देगा, जैसे: Redmi Note 15 Pro+ Realme 16 Pro+ क्या है खास? मिड-रेंज में 200MP कैमरा बड़ी 7000mAh बैटरी प्रीमियम डिजाइन और फीचर्स लंबा सॉफ्टवेयर सपोर्ट यह फोन उन यूजर्स के लिए खास हो सकता है जो कम कीमत में फ्लैगशिप जैसे फीचर्स चाहते हैं।
नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ अप्रैल 2026 ऑटो सेक्टर के लिए बेहद खास रहने वाला है। इस महीने कई बड़ी कंपनियां अपने नए और अपडेटेड मॉडल्स लॉन्च करने जा रही हैं। SUV, EV और प्रीमियम कारों के इस लॉन्च से ग्राहकों के पास पहले से ज्यादा विकल्प होंगे और मार्केट में प्रतिस्पर्धा भी तेज होगी। आइए जानते हैं अप्रैल में लॉन्च होने वाली 5 बड़ी कारों के बारे में- Volkswagen Taigun Facelift Volkswagen 9 अप्रैल 2026 को Taigun Facelift लॉन्च करेगी। इसमें हल्के डिजाइन बदलाव और नए फीचर्स मिल सकते हैं। इंजन ऑप्शन: 1.0L टर्बो पेट्रोल (115 hp) 1.5L टर्बो पेट्रोल (150 hp) Mercedes-Benz CLA EV Mercedes-Benz की यह प्रीमियम इलेक्ट्रिक कार पहले ही शोकेस हो चुकी है और अप्रैल में इसकी कीमत का ऐलान हो सकता है। मुख्य फीचर्स: रेंज: करीब 792 km तक 85 kWh बैटरी ड्यूल मोटर ऑप्शन Toyota Urban Cruiser Ebella Toyota की यह इलेक्ट्रिक SUV Maruti e Vitara पर आधारित होगी। स्पेसिफिकेशन: बैटरी: 49 kWh / 61 kWh रेंज: 543 km तक AWD और FWD ऑप्शन MG Majestor MG Majestor को Gloster का अगला वर्जन माना जा रहा है। खासियत: 2.0L ट्विन-टर्बो डीजल इंजन 8-स्पीड ऑटोमैटिक ज्यादा प्रीमियम फीचर्स Nissan Tekton Nissan की नई SUV Tekton, Terrano को रिप्लेस करेगी और Renault Duster प्लेटफॉर्म पर आधारित होगी। इंजन ऑप्शन: 1.0L और 1.3L टर्बो पेट्रोल भविष्य में हाइब्रिड वर्जन क्या है खास? इन लॉन्च के साथ: EV सेगमेंट को बड़ा बूस्ट मिलेगा SUV सेगमेंट में मुकाबला और बढ़ेगा ग्राहकों को ज्यादा टेक्नोलॉजी और फीचर्स मिलेंगे
डिजिटल दुनिया में तेजी से फैलती भ्रामक और आपत्तिजनक जानकारी को रोकने के लिए भारत सरकार बड़े बदलाव की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट हटाने की समयसीमा को 2-3 घंटे से घटाकर सिर्फ 1 घंटा करने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। IT Rules में फिर बदलाव की तैयारी यह प्रस्ताव Information Technology Rules 2021 के तहत हाल ही में किए गए बदलावों के बाद सामने आया है। पहले: 24–36 घंटे में कंटेंट हटाना जरूरी फिर: समयसीमा घटाकर 2–3 घंटे अब प्रस्ताव: सिर्फ 1 घंटे में कार्रवाई सरकार का मानना है कि तेज कार्रवाई से फेक न्यूज और भ्रामक कंटेंट के वायरल होने पर तुरंत रोक लगाई जा सकती है। किन प्लेटफॉर्म्स पर पड़ेगा असर? यह नियम लागू होने पर बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे: Facebook Instagram X को बहुत कम समय में कंटेंट की समीक्षा और कार्रवाई करनी होगी। टेक कंपनियों की चिंता Meta जैसी कंपनियों ने इस प्रस्ताव पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि: इतने कम समय में हर कंटेंट की जांच करना मुश्किल होगा गलत फैसले की संभावना बढ़ सकती है ऑटोमेशन पर ज्यादा निर्भरता बढ़ेगी सरकार और सख्ती बढ़ा सकती है सरकार केवल समयसीमा ही नहीं, बल्कि: गृह, रक्षा और विदेश मंत्रालय को भी कंटेंट ब्लॉक करने का अधिकार देने पर विचार ‘आपत्तिजनक कंटेंट’ की परिभाषा को विस्तारित करने की योजना इससे डिजिटल निगरानी और सख्त हो सकती है। यूजर्स में बढ़ी चिंता जहां सरकार इसे फेक न्यूज रोकने का कदम बता रही है, वहीं कुछ यूजर्स को डर है कि: आलोचनात्मक या व्यंग्यात्मक पोस्ट भी हट सकती हैं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर असर पड़ सकता है
टेक इंडस्ट्री में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिली है। Meta ने अपने प्रमुख प्लेटफॉर्म Facebook और Reality Labs डिवीजन में सैकड़ों कर्मचारियों की छंटनी कर दी है। हालांकि कंपनी में कुल करीब 78,000 कर्मचारी कार्यरत हैं और यह छंटनी कुल संख्या का छोटा हिस्सा है, लेकिन इसका असर कई महत्वपूर्ण टीमों पर पड़ा है। AI पर बड़ा दांव, इसलिए कटौती Meta के CEO Mark Zuckerberg ने स्पष्ट किया है कि कंपनी अब तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर फोकस कर रही है। AI टेक्नोलॉजी में बड़े निवेश की तैयारी डेटा सेंटर और सर्वर इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ा 2026 में 115 से 135 अरब डॉलर तक निवेश का अनुमान कंपनी का मानना है कि AI भविष्य में उसके पूरे बिजनेस मॉडल को बदल देगा। केवल छंटनी नहीं, स्ट्रक्चर में भी बदलाव Meta सिर्फ कर्मचारियों की संख्या कम नहीं कर रही, बल्कि: मैनेजमेंट लेयर घटाई जा रही है टीमों को ज्यादा कुशल बनाया जा रहा है काम करने के तरीकों को सरल किया जा रहा है कुछ कर्मचारियों को कंपनी के अंदर ही नई भूमिकाओं में शिफ्ट होने का मौका भी दिया जा रहा है। पहले भी हो चुकी है बड़ी कटौती यह पहली बार नहीं है जब Meta ने बड़े स्तर पर छंटनी की हो: Reality Labs में पहले ही 1500 नौकरियां खत्म पिछले साल करीब 5% कर्मचारियों की छंटनी यह संकेत देता है कि कंपनी लगातार अपने संसाधनों को नए टेक्नोलॉजी क्षेत्रों में शिफ्ट कर रही है। क्या है Reality Labs? Reality Labs Meta का वह डिवीजन है जो VR (Virtual Reality) और AR (Augmented Reality) टेक्नोलॉजी पर काम करता है। अब कंपनी यहां भी रणनीतिक बदलाव कर रही है, ताकि AI के साथ भविष्य की टेक्नोलॉजी को बेहतर तरीके से जोड़ा जा सके। टेक इंडस्ट्री के लिए क्या संकेत? Meta का यह कदम दिखाता है कि: AI आने वाले समय में सबसे बड़ा फोकस रहेगा कंपनियां पारंपरिक रोल्स कम करके टेक-ड्रिवन जॉब्स बढ़ा रही हैं ग्लोबल लेवल पर जॉब स्ट्रक्चर तेजी से बदल रहा है
टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक और बड़ा अपडेट सामने आया है। ChatGPT का नया Library फीचर यूजर्स के लिए फाइल मैनेजमेंट को पहले से कहीं ज्यादा आसान और स्मार्ट बना रहा है। अब बार-बार फाइल अपलोड करने की झंझट खत्म—यह फीचर एक डिजिटल लॉकर की तरह काम करता है, जहां आपकी सभी फाइल्स सुरक्षित और व्यवस्थित रहती हैं। क्या है ChatGPT Library फीचर? यह फीचर यूजर्स को अपनी अपलोड की गई या AI द्वारा बनाई गई फाइल्स को एक ही जगह स्टोर, सर्च और दोबारा इस्तेमाल करने की सुविधा देता है। सभी फाइल्स एक अलग “Library” सेक्शन में सेव होती हैं नाम या फाइल टाइप से आसानी से सर्च कर सकते हैं जरूरत पड़ने पर तुरंत चैट में इस्तेमाल कर सकते हैं किन यूजर्स को मिल रहा है यह फीचर? OpenAI के अनुसार, यह फीचर फिलहाल: ChatGPT Plus ChatGPT Pro ChatGPT Business यूजर्स के लिए उपलब्ध है। फ्री यूजर्स को अभी इसका इंतजार करना होगा। भारत में यह फीचर धीरे-धीरे रोलआउट हो रहा है। कैसे करें इस्तेमाल? (Step-by-Step Guide) 👉 फाइल लाइब्रेरी में जोड़ने का तरीका ChatGPT वेब खोलें कंपोजर मेन्यू (Add बटन) पर क्लिक करें “Add from Library” ऑप्शन चुनें फाइल सेलेक्ट करें फाइल ऑटोमैटिक लाइब्रेरी में सेव हो जाएगी 👉 फाइल डिलीट करने का तरीका ChatGPT खोलें “Library” टैब में जाएं जिस फाइल को हटाना है उसे चुनें Delete बटन पर क्लिक करें ध्यान रखने वाली जरूरी बातें यह फीचर अभी वेब वर्जन पर उपलब्ध है AI से बनी इमेज अभी “Images टैब” में ही दिखेंगी कुछ देशों (जैसे UK और यूरोप के कुछ हिस्सों) में यह फीचर फिलहाल उपलब्ध नहीं है क्यों है यह फीचर खास? Library फीचर खास तौर पर उन यूजर्स के लिए फायदेमंद है जो बार-बार फाइल्स के साथ काम करते हैं—जैसे कंटेंट क्रिएटर, स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स। यह न केवल समय बचाता है, बल्कि काम को अधिक व्यवस्थित और तेज भी बनाता है।
डिजिटल तकनीक ने अब व्यक्तिगत स्टाइल और पहचान को नए स्तर पर पहुंचा दिया है। एक समय था जब किसी भी बड़े हेयरकट-खासकर ‘बज़ कट’-के बारे में सोचते ही लोगों के मन में हिचकिचाहट और पछतावा होने का डर पैदा हो जाता था। लेकिन अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने इस चिंता को लगभग खत्म कर दिया है। नई AI-आधारित तकनीकों के जरिए अब कोई भी व्यक्ति बिना बाल कटवाए, सिर्फ कुछ क्लिक में यह देख सकता है कि वह बज़ कट में कैसा लगेगा। बाल सिर्फ एक स्टाइल नहीं, बल्कि व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि लोग किसी भी बड़े बदलाव से पहले कई बार सोचते हैं। बज़ कट, जो सादगी, आत्मविश्वास और साहस का प्रतीक माना जाता है, आज फैशन और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति का मजबूत माध्यम बन चुका है। यह स्टाइल चेहरे की बनावट को उभारता है और व्यक्ति को एक अलग पहचान देता है। AI तकनीक से बदल रहा स्टाइल एक्सपेरिमेंट का तरीका आधुनिक AI टूल्स अब केवल फोटो एडिटिंग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे चेहरे की संरचना, रोशनी और एंगल को ध्यान में रखते हुए बेहद वास्तविक परिणाम देते हैं। यह तकनीक आपके चेहरे के अनुसार बालों का नया लुक तैयार करती है, जिससे आपको ऐसा अनुभव होता है जैसे आपने वास्तव में बाल कटवा लिए हों। यही नहीं, अब यह तकनीक सिर्फ हेयरस्टाइल तक सीमित नहीं रही। AI क्लोथ चेंजर जैसे टूल्स के जरिए आप अपने पूरे लुक-कपड़ों से लेकर स्टाइल तक-को डिजिटल रूप से बदलकर देख सकते हैं। यानी एक ही प्लेटफॉर्म पर आप अपने पूरे पर्सनालिटी ट्रांसफॉर्मेशन का अनुभव कर सकते हैं। बज़ कट का मनोवैज्ञानिक और सामाजिक प्रभाव बज़ कट केवल एक हेयरस्टाइल नहीं, बल्कि एक सोच का प्रतीक है। यह परंपरागत सौंदर्य मानकों से बाहर निकलने का संकेत देता है। कुछ लोगों के लिए यह विद्रोह का प्रतीक है, तो कुछ के लिए यह सुविधा और सादगी का चुनाव। इस स्टाइल में एक अलग तरह की ईमानदारी और आत्मविश्वास झलकता है, जो व्यक्ति की असली पहचान को सामने लाता है। इतिहास में इसे सैन्य अनुशासन या सबकल्चर से जोड़ा जाता था, लेकिन आज यह जेंडर-न्यूट्रल और ग्लोबल फैशन स्टेटमेंट बन चुका है। ऐसे करें खुद पर बज़ कट ट्राई अब बज़ कट ट्राई करना बेहद आसान हो गया है: अपनी एक साफ और अच्छी रोशनी वाली फोटो अपलोड करें AI अपने आप बालों के हिस्से को पहचान लेगा, जरूरत हो तो आप मैन्युअली एडजस्ट कर सकते हैं बज़ कट फिल्टर चुनें या अपनी पसंद का स्टाइल लिखकर बताएं “Generate” पर क्लिक करें और कुछ ही सेकंड में नया लुक देखें आप अलग-अलग वेरिएशन ट्राई कर सकते हैं और अपनी पसंद का लुक सेव भी कर सकते हैं।
स्मार्टफोन बाजार में अपनी आक्रामक रणनीति के लिए जानी जाने वाली Realme अब एक और इनोवेटिव डिवाइस के साथ तैयार है। कंपनी जल्द ही भारत में Realme 16 5G लॉन्च करने जा रही है, जिसे देश का पहला ‘सेल्फी मिरर फोन’ कहा जा रहा है। यह डिवाइस खासतौर पर उन यूजर्स के लिए डिजाइन किया गया है, जो सोशल मीडिया के लिए बेहतर सेल्फी और स्टाइलिश लुक को प्राथमिकता देते हैं। क्या है ‘सेल्फी मिरर’ कॉन्सेप्ट? Realme 16 5G की सबसे बड़ी खासियत इसका यूनिक सेल्फी मिरर फीचर है। फोन के बैक पैनल पर एक छोटा गोल मिरर दिया गया है, जो रियर कैमरे से सेल्फी लेते समय व्यूफाइंडर का काम करेगा। इस फीचर के जरिए यूजर्स हाई-क्वालिटी रियर कैमरे से भी परफेक्ट सेल्फी क्लिक कर सकेंगे। डिजाइन: Pixel और iPhone से मिलता-जुलता लुक फोन का डिजाइन प्रीमियम और मॉडर्न रखा गया है। इसमें स्क्वायर कैमरा मॉड्यूल की जगह हॉरिजॉन्टल कैमरा बार मिलता है, जो Google Pixel और iPhone Air जैसी स्टाइलिंग से प्रेरित है। कंपनी इसे “Elegant Air Design” बता रही है, जो हल्का और आरामदायक ग्रिप देने वाला होगा। डिस्प्ले और परफॉर्मेंस 6.57-इंच FHD+ AMOLED डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट 4200 निट्स पीक ब्राइटनेस DTStar D+ ग्लास प्रोटेक्शन परफॉर्मेंस के लिए इसमें MediaTek Dimensity 6400 Turbo चिपसेट दिया गया है। हालांकि यह पिछले मॉडल Realme 15 के चिपसेट से थोड़ा कम पावरफुल माना जा रहा है, लेकिन रियल-लाइफ परफॉर्मेंस लॉन्च के बाद ही साफ होगी। कैमरा और बैटरी 50MP Sony IMX852 मेन कैमरा 2MP मोनोक्रोम सेंसर 50MP फ्रंट सेल्फी कैमरा बैटरी के मामले में यह फोन काफी दमदार है: 7,000mAh बैटरी (दो दिन तक बैकअप का दावा) 60W फास्ट चार्जिंग रिवर्स चार्जिंग सपोर्ट ड्यूरेबिलिटी और एक्स्ट्रा फीचर्स Realme 16 5G को मजबूती के लिहाज से भी मजबूत बनाया गया है। इसमें IP66, IP68, IP69 और IP69K रेटिंग्स दी गई हैं, जो इसे पानी और धूल से सुरक्षित बनाती हैं। इसके अलावा, बेहतर कूलिंग के लिए 6050mm² वॉपर चेंबर मिलने की भी संभावना है। किसके लिए है यह फोन? यह स्मार्टफोन खासकर युवाओं और कंटेंट क्रिएटर्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। अगर आप स्टाइलिश डिजाइन, लंबी बैटरी लाइफ और बेहतरीन सेल्फी अनुभव चाहते हैं, तो यह फोन आपके लिए एक आकर्षक विकल्प बन सकता है।
टेक कंपनी Apple ने iPhone यूजर्स के लिए iOS 26.4 अपडेट रोलआउट कर दिया है। यह अपडेट नए फीचर्स, बेहतर यूजर एक्सपीरियंस और कुछ खास AI क्षमताओं के साथ आया है, हालांकि इसमें अभी तक बहुप्रतीक्षित “Apple Intelligence” फीचर्स शामिल नहीं किए गए हैं। AI से बनेगी आपकी पसंद की प्लेलिस्ट इस अपडेट का सबसे बड़ा आकर्षण Apple Music का नया “Playlist Playground” फीचर है। यह AI आधारित टूल यूजर्स के मूड, पसंद या किसी खास मौके के आधार पर खुद-ब-खुद प्लेलिस्ट तैयार करता है। अब यूजर्स सिर्फ एक प्रॉम्प्ट लिखकर अपनी पसंद की म्यूजिक लिस्ट तैयार कर सकते हैं, जिसमें गानों के साथ टाइटल और डिस्क्रिप्शन भी शामिल होंगे। फिलहाल यह फीचर बीटा वर्जन में उपलब्ध है। Apple Music में बड़ा अपग्रेड Apple Music को इस अपडेट में कई नए फीचर्स मिले हैं: फुल-स्क्रीन एल्बम बैकग्राउंड से मिलेगा इमर्सिव अनुभव “Concerts Discovery” फीचर से पास के लाइव शो की जानकारी “Offline Music Recognition” से बिना इंटरनेट के गानों की पहचान नया “Ambient Music” विजेट, जिसमें Sleep, Chill और Productivity जैसे विकल्प 8 नए इमोजी और बेहतर एक्सेसिबिलिटी iOS 26.4 में यूजर्स को 8 नए इमोजी भी मिले हैं, जिनमें ओरका (whale), ट्रॉम्बोन, बैले डांसर और लैंडस्लाइड जैसे आइकॉन शामिल हैं। इसके अलावा, Apple ने एक्सेसिबिलिटी को बेहतर बनाने के लिए “Reduce Bright Effects” और “Reduce Motion” जैसे फीचर्स को अपग्रेड किया है, जिससे स्क्रीन फ्लैश और एनिमेशन को नियंत्रित किया जा सके। अन्य सुधार भी शामिल Freeform ऐप में इमेज एडिटिंग टूल्स रिमाइंडर्स में “Urgent” मार्क करने का विकल्प Smart Lists में बेहतर फिल्टरिंग तेज टाइपिंग के दौरान कीबोर्ड की सटीकता में सुधार हालांकि, यूजर्स को अभी भी एक स्मार्ट Siri और Apple Intelligence जैसे एडवांस AI फीचर्स के लिए इंतजार करना होगा।
टेक दिग्गज Apple अपने बहुप्रतीक्षित iPhone 20 को लेकर बड़ी योजना बना रही है, लेकिन ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी को अपनी अंडर-डिस्प्ले तकनीक विकसित करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में 2027 में आने वाला यह खास मॉडल पूरी तरह ‘फुल-स्क्रीन’ डिजाइन के साथ लॉन्च नहीं हो सकता। 20वीं सालगिरह पर खास iPhone की तैयारी Apple अपने iPhone सीरीज के 20 साल पूरे होने के मौके पर iPhone 20 लॉन्च करने की तैयारी में है। उम्मीद की जा रही थी कि यह डिवाइस बिना किसी नॉच या कटआउट के एकदम क्लीन, ऑल-स्क्रीन डिस्प्ले देगा, जिसमें फ्रंट कैमरा स्क्रीन के अंदर छिपा होगा। नई लीक ने बदली तस्वीर हालांकि, हालिया लीक के मुताबिक Apple अभी तक अंडर-डिस्प्ले कैमरा तकनीक को पूरी तरह सफल बनाने में कामयाब नहीं हो पाया है। ऐसे में iPhone 20 में भी मौजूदा मॉडल्स की तरह पिल-शेप (Dynamic Island जैसा) कटआउट देखने को मिल सकता है। छोटे बदलाव, बड़ा बदलाव अभी बाकी रिपोर्ट्स में कहा गया है कि Apple आने वाले iPhones में डिजाइन को और कॉम्पैक्ट और बेहतर बनाने पर काम कर रहा है, लेकिन पूरी तरह बिना कटआउट वाला डिस्प्ले अभी दूर की बात लगती है। पहले iPhone 18 में दिख सकता है बदलाव संभावना जताई जा रही है कि Apple पहले iPhone 18 Pro सीरीज में अंडर-डिस्प्ले Face ID लाएगा, जिससे कैमरा कटआउट और छोटा हो सकता है। यह भविष्य में पूरी तरह फुल-स्क्रीन iPhone की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। लॉन्च टाइमलाइन में भी बदलाव संभव रिपोर्ट्स के अनुसार, iPhone 20 को 2027 में लॉन्च किया जा सकता है, जो Apple के पारंपरिक सितंबर लॉन्च शेड्यूल से अलग हो सकता है। कंपनी इसे साल की पहली छमाही में पेश कर सकती है, जबकि Pro मॉडल्स बाद में लॉन्च किए जा सकते हैं।
टेक्नोलॉजी की दुनिया में Apple ने एक बार फिर अपनी ताकत साबित करने की कोशिश की है। कंपनी के नए इन-हाउस नेटवर्क चिप C1X को लेकर आई रिपोर्ट में बड़ा दावा किया गया है कि यह अब दिग्गज चिपमेकर Qualcomm के फ्लैगशिप मॉडेम X80 के बराबर प्रदर्शन करने लगा है। C1X चिप ने दिखाई दमदार परफॉर्मेंस नेटवर्क एनालिटिक्स फर्म Ookla की रिपोर्ट के अनुसार, Apple का C1X नेटवर्क चिप “रियल-वर्ल्ड” टेस्टिंग में Qualcomm X80 मॉडेम के बराबर प्रदर्शन करता है। यह चिप फिलहाल iPhone Air और iPhone 17e में इस्तेमाल हो रहा है। रिपोर्ट बताती है कि यह चिप अलग-अलग नेटवर्क कंडीशंस-चाहे आदर्श हों या चुनौतीपूर्ण-दोनों में संतुलित प्रदर्शन देने में सक्षम है। Latency में iPhone Air ने मारी बाजी रिपोर्ट का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि iPhone Air ने कई मामलों में iPhone 17 Pro Max को भी पीछे छोड़ दिया, जो Qualcomm X80 मॉडेम पर चलता है। डेटा के मुताबिक, 22 में से 19 मार्केट्स में iPhone Air ने latency के मामले में बेहतर प्रदर्शन किया। इसका मुख्य कारण Apple का हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के बीच बेहतर इंटीग्रेशन माना जा रहा है। Upload Speed में अभी पीछे Apple हालांकि, हर मामले में Apple आगे नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार: Qualcomm X80 मॉडेम upload speed में अब भी आगे है कुछ मामलों में यह 32% तक बेहतर प्रदर्शन करता है इसका कारण Qualcomm की UL-CA (Uplink Carrier Aggregation) टेक्नोलॉजी को माना गया है, जो फिलहाल इंडस्ट्री बेंचमार्क बनी हुई है। Apple के लिए बड़ा गेम चेंजर रिपोर्ट में कहा गया है कि C1X चिप अब कोई “समझौता” नहीं रहा, बल्कि यह परफॉर्मेंस के मामले में बराबरी का खिलाड़ी बन चुका है। यह Apple के लिए एक बड़ा कदम है, क्योंकि कंपनी अब धीरे-धीरे अपने डिवाइस में थर्ड-पार्टी चिप्स पर निर्भरता कम कर रही है। मार्केट में iPhone Air की बढ़ती लोकप्रियता रिपोर्ट के अनुसार, iPhone Air की डिमांड Plus मॉडल्स से ज्यादा देखी जा रही है। खासतौर पर दक्षिण कोरिया, जापान और यूरोप के कुछ बाजारों में इस फोन को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि Qualcomm जल्द ही अपने नए X85 मॉडेम के साथ बाजार में आने वाला है, जो परफॉर्मेंस को और बेहतर बना सकता है। ऐसे में Apple और Qualcomm के बीच यह तकनीकी प्रतिस्पर्धा और तेज होने वाली है।
तकनीकी दुनिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, जहां Apple अपने मैप्स प्लेटफॉर्म को नए तरीके से मोनेटाइज करने की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी जल्द ही Apple Maps में विज्ञापन (Ads) शुरू कर सकती है, जिससे यूजर्स के अनुभव में भी बदलाव आएगा। सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्ट में बताया गया है कि Apple एक ऐसे सिस्टम पर काम कर रही है, जिसमें बिजनेस अपने लिस्टिंग को प्रमोट करने के लिए बोली (bidding) लगा सकेंगे। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई यूजर “coffee” या “sushi” सर्च करता है, तो सबसे ज्यादा बोली लगाने वाले व्यवसाय की स्पॉन्सर्ड लिस्टिंग सबसे ऊपर दिखाई दे सकती है। यह मॉडल काफी हद तक Google Maps और Yelp जैसे प्लेटफॉर्म्स के विज्ञापन सिस्टम जैसा होगा, जहां बिजनेस अपनी विजिबिलिटी बढ़ाने के लिए पैसे खर्च करते हैं। कब से शुरू हो सकते हैं ये विज्ञापन? रिपोर्ट के अनुसार, Apple Maps में विज्ञापन इस साल गर्मियों (Summer 2026) से iPhone, अन्य Apple डिवाइस और वेब पर दिखने शुरू हो सकते हैं। हालांकि, कंपनी ने अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। Apple की बढ़ती विज्ञापन रणनीति यह कदम Apple की सर्विसेज से कमाई बढ़ाने की बड़ी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। कंपनी पहले ही अपने विज्ञापन बिजनेस को “Apple Ads” के रूप में रीब्रांड कर चुकी है और App Store में भी विज्ञापन स्लॉट बढ़ा चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक, Apple का विज्ञापन कारोबार 2026 तक लगभग 8.5 अरब डॉलर (करीब 70,000 करोड़ रुपये) तक पहुंच सकता है, जो इसे कंपनी के लिए एक अहम रेवेन्यू सोर्स बना रहा है। AI आधारित टार्गेटेड Ads पर फोकस पहले आई रिपोर्ट्स में यह भी संकेत मिला था कि Apple AI-आधारित टूल्स का इस्तेमाल कर यूजर्स को ज्यादा प्रासंगिक (relevant) विज्ञापन दिखा सकता है। इससे यूजर को उपयोगी जानकारी मिलने की संभावना बढ़ेगी, लेकिन साथ ही प्राइवेसी और यूजर एक्सपीरियंस पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं। क्या बदल जाएगा यूजर एक्सपीरियंस? Apple Maps में Ads आने से: सर्च रिजल्ट्स में स्पॉन्सर्ड लिस्टिंग ऊपर दिखेगी लोकल बिजनेस की विजिबिलिटी बढ़ेगी यूजर्स को ज्यादा प्रमोशनल कंटेंट दिख सकता है यह बदलाव Apple के “ad-free experience” की छवि को भी प्रभावित कर सकता है, जो अब तक उसकी बड़ी पहचान रही है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
UPSC CSE Result 2025: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक Civil Services Examination का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। Union Public Service Commission ने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPSC Official Website पर जाकर फाइनल मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। 958 उम्मीदवारों का हुआ चयन यूपीएससी द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उनकी रैंक और पसंद के आधार पर की जाएगी। फाइनल रिजल्ट उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा (Main Exam) और पर्सनैलिटी टेस्ट (Interview) में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। इन प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए होता है चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) भारतीय पुलिस सेवा (IPS) भारतीय विदेश सेवा (IFS) भारतीय राजस्व सेवा (IRS) भारतीय व्यापार सेवा सहित अन्य ग्रुप A और ग्रुप B सेवाएं 979 पदों को भरने का लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 979 रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे चेक करें UPSC CSE 2025 का रिजल्ट उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं होमपेज पर “Examination” टैब पर क्लिक करें “Active Examinations” या “What’s New” सेक्शन में जाएं Civil Services Examination Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें मेरिट लिस्ट की PDF खुल जाएगी Ctrl + F दबाकर अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें 15 दिन में जारी होगी मार्कशीट यूपीएससी के अनुसार सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। उम्मीदवार इसे 30 दिनों तक ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। पिछले साल का कट-ऑफ पिछले वर्ष का अंतिम कट-ऑफ इस प्रकार था— जनरल: 87.98 EWS: 85.92 OBC: 87.28 SC: 79.03 ST: 74.23 आयु सीमा क्या है यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2024 तक कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अगस्त 1992 से 1 अगस्त 2003 के बीच होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू—को पार कर बहुत कम उम्मीदवार ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। UPSC CSE 2025 टॉप-20 उम्मीदवारों की सूची रैंक रोल नंबर नाम 1 1131589 अनुज अग्निहोत्री 2 4000040 राजेश्वरी सुवे एम 3 3512521 अकांश ढुल 4 0834732 राघव झुनझुनवाला 5 0409847 ईशान भटनागर 6 6410067 जिनिया अरोड़ा 7 0818306 ए आर राजा मोहिद्दीन 8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी 9 0831647 आस्था जैन 10 1523945 उज्ज्वल प्रियांक 11 1512091 यशस्वी राज वर्धन 12 0840280 अक्षित भारद्वाज 13 7813999 अनन्या शर्मा 14 5402316 सुरभि यादव 15 3507500 सिमरनदीप कौर 16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव 17 0829589 चितवन जैन 18 5604518 श्रुति आर 19 0105602 निसार दिशांत अमृतलाल 20 6630448 रवि राज