Sony ने भारतीय बाजार में अपनी नई Bravia 3II Smart TV सीरीज लॉन्च कर दी है। कंपनी ने इस टीवी को प्रीमियम फीचर्स और हाई-एंड एंटरटेनमेंट एक्सपीरियंस के साथ पेश किया है। खास बात यह है कि इस नई सीरीज में Sony का पावरफुल XR Processor अब पहले के मुकाबले ज्यादा किफायती रेंज में उपलब्ध कराया गया है।
नई Bravia 3II सीरीज में 4K रेजोल्यूशन के साथ 120Hz रिफ्रेश रेट मिलता है, जो मूवी देखने, स्पोर्ट्स स्ट्रीमिंग और गेमिंग के दौरान बेहद स्मूद विजुअल एक्सपीरियंस देता है। इसके अलावा टीवी में Dolby Vision और Dolby Atmos जैसे प्रीमियम ऑडियो-वीडियो फीचर्स भी दिए गए हैं।
Sony इस सीरीज को 55-inch, 65-inch, 75-inch और 85-inch स्क्रीन साइज में लॉन्च कर रही है। कंपनी ने जानकारी दी है कि 55-inch, 65-inch और 75-inch मॉडल्स इस महीने से बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे, जबकि 85-inch मॉडल अगस्त 2026 तक बाजार में आ सकता है।
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यह टीवी Sony रिटेल स्टोर्स, ShopatSC, बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स स्टोर्स और प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध होगा।
Sony Bravia 3II में कंपनी का XR Processor दिया गया है, जो कंटेंट को रियल-टाइम में ऑप्टिमाइज करके बेहतर पिक्चर क्वालिटी देता है।
इसमें XR Triluminos Pro टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, जिसकी मदद से रंग ज्यादा नैचुरल और रियलिस्टिक दिखाई देते हैं। वहीं XR Clear Image फीचर तस्वीरों को ज्यादा शार्प और डिटेल्ड बनाता है।
Motionflow XR टेक्नोलॉजी तेज मूवमेंट वाले सीन जैसे स्पोर्ट्स और एक्शन फिल्मों में ब्लर को कम करती है, जिससे विजुअल्स काफी स्मूद दिखाई देते हैं।
Sony ने इस टीवी में प्रीमियम ऑडियो एक्सपीरियंस देने पर भी खास ध्यान दिया है। इसमें Dolby Atmos, Dolby Vision और DTS:X जैसे एडवांस्ड फीचर्स दिए गए हैं।
कंपनी के मुताबिक, इसके इनबिल्ट स्पीकर्स को इस तरह ट्यून किया गया है कि डायलॉग्स ज्यादा क्लियर सुनाई दें और हाई वॉल्यूम पर भी साउंड डिस्टॉर्ट न हो।
Sony Bravia 3II खास तौर पर गेमिंग लवर्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसमें HDMI 2.1 सपोर्ट मिलता है, जिसकी मदद से 4K रेजोल्यूशन पर 120fps तक गेमिंग की जा सकती है।
इसके अलावा Variable Refresh Rate (VRR) और Auto Low Latency Mode (ALLM) जैसे फीचर्स गेमिंग को ज्यादा स्मूद और लैग-फ्री बनाते हैं।
टीवी में डेडिकेटेड Game Menu, Dolby Vision Gaming और PS Remote Play जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं। कंपनी ने इसे खास तौर पर PlayStation 5 के लिए ऑप्टिमाइज किया है। इसमें कुल चार HDMI 2.1 पोर्ट मिलते हैं।
Sony Bravia 3II में Google TV प्लेटफॉर्म मिलता है, जिसमें 4 लाख से ज्यादा मूवीज और टीवी शोज का एक्सेस मिलता है। इसके साथ हजारों ऐप्स और गेम्स भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
टीवी में Google Assistant के साथ hands-free voice search सपोर्ट भी दिया गया है, जिससे बिना रिमोट इस्तेमाल किए सिर्फ बोलकर कंटेंट सर्च किया जा सकता है।
इसके अलावा यह Google Cast, AirPlay 2, Apple HomeKit और Amazon Alexa जैसे स्मार्ट डिवाइसेज के साथ भी काम करता है। कंपनी ने यह भी पुष्टि की है कि 2026 के सभी Bravia मॉडल्स में भविष्य के सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए Google Gemini सपोर्ट भी जोड़ा जाएगा।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में तेजी से विस्तार कर रही OpenAI ने भारत में अपनी मौजूदगी को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। ChatGPT विकसित करने वाली कंपनी ने उबर इंडिया और साउथ एशिया के प्रमुख प्रभजीत सिंह को भारत का पहला मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है। वह सितंबर 2026 से नई जिम्मेदारी संभालेंगे। यह पहली बार है जब OpenAI ने भारत में शीर्ष स्तर पर नेतृत्व नियुक्त किया है। भारत में बिजनेस विस्तार की जिम्मेदारी OpenAI के अनुसार, प्रभजीत सिंह भारत में कंपनी के सभी प्रमुख कारोबारी संचालन की कमान संभालेंगे। वह एशिया-प्रशांत (APAC) प्रमुख किरन मणी को रिपोर्ट करेंगे। उनकी जिम्मेदारियों में भारत में कंज्यूमर ग्रोथ बढ़ाना, विभिन्न उद्योगों में AI के उपयोग को विस्तार देना, सरकारी नीतियों के साथ समन्वय स्थापित करना और सार्वजनिक-निजी भागीदारी को मजबूत करना शामिल होगा। OpenAI के लिए क्यों अहम है भारत भारत OpenAI के लिए अमेरिका के बाद दूसरा सबसे बड़ा यूजर मार्केट बन चुका है। देश में शिक्षा, शोध, कोडिंग और पेशेवर कार्यों में ChatGPT का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में कंपनी भारत में अपनी व्यावसायिक गतिविधियों और साझेदारियों को और मजबूत करना चाहती है। आईआईटी खड़गपुर और आईआईएम अहमदाबाद से पढ़ाई कर चुके प्रभजीत सिंह को भारतीय बाजार और कॉर्पोरेट जगत का व्यापक अनुभव है, जिसका लाभ OpenAI को मिलने की उम्मीद है। उबर में 11 साल का सफल कार्यकाल प्रभजीत सिंह ने OpenAI में शामिल होने से पहले उबर इंडिया और साउथ एशिया के प्रमुख पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने उबर में लगभग 11 वर्षों तक काम किया और उनके नेतृत्व में कंपनी ने महानगरों के साथ-साथ छोटे शहरों तक कैब, ऑटो और बाइक सेवाओं का विस्तार किया। उबर ने जताया आभार उबर ने प्रभजीत सिंह के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि भारत कंपनी के लिए सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में से एक बना रहेगा। कंपनी ने भरोसा जताया कि नेतृत्व परिवर्तन के बावजूद भारत में इनोवेशन और मोबिलिटी सेवाओं का विस्तार लगातार जारी रहेगा। वहीं, OpenAI की यह नियुक्ति भारतीय AI बाजार में उसके दीर्घकालिक निवेश और रणनीतिक विस्तार का स्पष्ट संकेत मानी जा रही है।
नई दिल्ली: कल्पना कीजिए कि आपकी स्मार्टवॉच, फिटनेस बैंड या हेल्थ मॉनिटर को कभी चार्ज करने की जरूरत ही न पड़े। वे सिर्फ हवा की नमी या आपके शरीर के पसीने से खुद ही ऊर्जा बनाकर काम करते रहें। यह सुनने में भले भविष्य की तकनीक लगे, लेकिन वैज्ञानिकों ने इस दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल कर ली है। शोधकर्ताओं ने एक नया फ्लेक्सिबल हाइड्रोजेल मॉइस्चर-इलेक्ट्रिक जनरेटर विकसित किया है, जो वातावरण में मौजूद नमी और मानव शरीर से निकलने वाले पसीने को सोखकर सीधे बिजली उत्पन्न कर सकता है। यह तकनीक भविष्य में वियरेबल डिवाइस और मेडिकल सेंसर की दुनिया बदल सकती है। क्यों खास है यह नई तकनीक? आज स्मार्टवॉच, फिटनेस ट्रैकर, वायरलेस ईयरबड्स और मेडिकल सेंसर जैसे उपकरणों की सबसे बड़ी चुनौती उनकी बैटरी है। इन्हें बार-बार चार्ज करना पड़ता है और समय के साथ बैटरी खराब होने पर इलेक्ट्रॉनिक कचरा भी बढ़ता है। वैश्विक स्तर पर ई-वेस्ट लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में वैज्ञानिक ऐसी तकनीकों पर काम कर रहे हैं जो छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को खुद ऊर्जा पैदा करने में सक्षम बना सकें। नया हाइड्रोजेल जनरेटर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हवा की नमी से कैसे बनती है बिजली? यह मॉइस्चर-इलेक्ट्रिक जनरेटर हवा में मौजूद जलवाष्प (Water Vapor) को अवशोषित करता है और उसे विद्युत ऊर्जा में बदल देता है। इसका मतलब है कि: त्वचा पर लगाए गए हेल्थ सेंसर फिटनेस बैंड स्मार्ट पैच फेस मास्क आधारित सेंसर मेडिकल मॉनिटर भविष्य में बाहरी चार्जर या बड़ी बैटरी के बिना भी काम कर सकते हैं। नई तकनीक कैसे काम करती है? इस तकनीक का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा विशेष प्रकार का हाइड्रोजेल है। शोधकर्ताओं ने: पानी और ग्लिसरॉल आधारित चिपकने वाला हाइड्रोजेल तैयार किया। इसे लिक्विड मेटल और स्ट्रेचेबल सिल्वर इलेक्ट्रोड से जोड़ा। ग्लिसरॉल की मदद से हाइड्रोजेल और इलेक्ट्रोड के बीच मजबूत संपर्क बनाया। इससे डिवाइस के अंदर विद्युत प्रवाह लगातार बना रहता है, चाहे उसे मोड़ा जाए, खींचा जाए या पहनकर इस्तेमाल किया जाए। हजारों बार मोड़ने पर भी नहीं हुआ खराब इस तकनीक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में इसकी मजबूती शामिल है। परीक्षण के दौरान: डिवाइस को 8,000 बार मोड़ा गया। 80% तक खींचकर 1,000 बार टेस्ट किया गया। 180 डिग्री तक मोड़ने और खींचने के बाद भी इसकी कार्यक्षमता बरकरार रही। यानी यह रोजमर्रा के उपयोग के लिए काफी लचीला और टिकाऊ साबित हुआ। 85% नमी में लगातार 9 दिन तक बिजली टेस्टिंग के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि: 85% आर्द्रता (Humidity) में यह लगभग 0.94 वोल्ट बिजली उत्पन्न करने में सक्षम रहा। डिवाइस ने लगातार 220 घंटे यानी 9 दिन से अधिक समय तक स्थिर बिजली उत्पादन किया। हालांकि यह किसी स्मार्टफोन चार्जर जितनी ऊर्जा नहीं बनाता, लेकिन छोटे सेंसर और वियरेबल डिवाइस चलाने के लिए पर्याप्त माना जा रहा है। किन क्षेत्रों में हो सकता है उपयोग? विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक कई क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। संभावित उपयोग: स्वास्थ्य सेवाएं ECG मॉनिटर हार्ट रेट सेंसर सांसों की निगरानी करने वाले उपकरण फिटनेस और स्पोर्ट्स फिटनेस ट्रैकर्स एथलीट परफॉर्मेंस मॉनिटरिंग बुजुर्गों की देखभाल निरंतर स्वास्थ्य निगरानी आपातकालीन स्वास्थ्य सेंसर दूरस्थ चिकित्सा (Telemedicine) ऐसे क्षेत्रों में मेडिकल मॉनिटरिंग जहां बिजली की उपलब्धता सीमित है क्या स्मार्टवॉच और ईयरबड्स बिना चार्जर चलेंगे? फिलहाल यह तकनीक शुरुआती शोध चरण में है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इसे बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करने से पहले: लंबे समय तक परीक्षण सुरक्षित पैकेजिंग बड़े आकार के प्रोटोटाइप व्यावसायिक उत्पादन जैसे चरण पूरे करने होंगे। हालांकि यदि यह तकनीक सफलतापूर्वक बाजार में आती है, तो भविष्य में स्मार्टवॉच, हेल्थ बैंड और अन्य छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बैटरी पर निर्भरता काफी कम हो सकती है। तकनीक की सबसे बड़ी उपलब्धि यह शोध सिर्फ एक नई ऊर्जा तकनीक नहीं बल्कि ई-वेस्ट कम करने की दिशा में भी बड़ा कदम माना जा रहा है। यदि छोटे उपकरण वातावरण की नमी से स्वयं ऊर्जा पैदा कर सकें, तो बैटरी बदलने और चार्जिंग की जरूरत काफी हद तक घट सकती है।
Nothing अपने स्मार्टफोन पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए अब एक नई 'b' सीरीज लॉन्च करने जा रही है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि इस सीरीज का पहला स्मार्टफोन Nothing Phone 4b होगा, जिसे बजट सेगमेंट के ग्राहकों को ध्यान में रखकर पेश किया जाएगा। खास बात यह है कि यह मॉडल मौजूदा Nothing Phone 4a से भी कम कीमत में उपलब्ध कराया जा सकता है। Nothing के पोर्टफोलियो में शामिल होगी नई 'b' सीरीज कंपनी के CEO Carl Pei के नेतृत्व में Nothing लगातार नए प्रोडक्ट्स के जरिए अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है। सोमवार को Nothing India के को-फाउंडर और प्रेसिडेंट Akis Evangelidis ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर करते हुए नई 'b' सीरीज के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह सीरीज कंपनी की लोकप्रिय 'a' सीरीज से नीचे के प्राइस सेगमेंट में रखी जाएगी। उनके अनुसार, b Series को उन ग्राहकों के लिए डिजाइन किया गया है जो कम कीमत में Nothing का एक्सपीरियंस चाहते हैं। नामकरण रणनीति भी समझाई Akis Evangelidis ने Nothing की प्रोडक्ट नामकरण प्रणाली को भी स्पष्ट किया। उनके मुताबिक, डिवाइस के नाम में दिया गया नंबर उसकी जनरेशन को दर्शाता है, जबकि अंत में जुड़ा अक्षर (जैसे a या b) उसके सेगमेंट की पहचान बताता है। कंपनी का मानना है कि जैसे-जैसे उसका पोर्टफोलियो बढ़ेगा, यह सिस्टम ग्राहकों के लिए अलग-अलग डिवाइसेज़ को समझना आसान बनाएगा। 7 जुलाई को भारत में होगा लॉन्च Nothing ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि Nothing Phone 4b को भारत में 7 जुलाई को दोपहर 3:30 बजे (IST) लॉन्च किया जाएगा। लॉन्च से पहले जारी किए गए टीजर में फोन के रियर डिजाइन की झलक दिखाई गई है। फोन में पिल-शेप्ड कैमरा मॉड्यूल और LED फ्लैश दिया गया है। मिल सकता है Glyph Bar इंटरफेस टीजर से संकेत मिलते हैं कि Nothing Phone 4b में हॉरिजॉन्टल Glyph Bar इंटरफेस भी देखने को मिल सकता है। यह डिजाइन हाल ही में लॉन्च हुए Nothing Phone 4a से प्रेरित माना जा रहा है, जो फोन को प्रीमियम और अलग पहचान देने में मदद करता है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक फोन के प्रोसेसर, कैमरा, बैटरी और कीमत जैसी अन्य स्पेसिफिकेशंस का खुलासा नहीं किया है। उम्मीद है कि लॉन्च के करीब आने के साथ कंपनी और जानकारियां साझा करेगी।