स्वास्थ्य

Long Period Cycles May Signal PMOS

35 दिनों से लंबी हो रही है पीरियड्स साइकिल? हो सकता है PMOS का संकेत, महिलाओं को नहीं करनी चाहिए यह गलती

surbhi जून 25, 2026 0
Woman tracking menstrual cycle symptoms linked to PMOS and hormonal health concerns
PMOS Symptoms and Irregular Periods

आज की व्यस्त जीवनशैली में महिलाएं अक्सर अपनी सेहत से जुड़े कई संकेतों को नजरअंदाज कर देती हैं। खासतौर पर पीरियड्स में होने वाली अनियमितता को तनाव, काम के दबाव या बदलती दिनचर्या का असर मानकर टाल दिया जाता है। लेकिन अगर आपकी पीरियड्स साइकिल लगातार 35 दिनों से ज्यादा लंबी हो रही है या मासिक धर्म कई महीनों तक नहीं आ रहा है, तो यह पॉलीएंडोक्राइन मेटाबोलिक ओवेरियन सिंड्रोम (PMOS) का शुरुआती संकेत हो सकता है।

महिला स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पहले जिसे PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम) के नाम से जाना जाता था, अब कई विशेषज्ञ इसे PMOS के रूप में भी संदर्भित कर रहे हैं। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें हार्मोनल असंतुलन महिलाओं की प्रजनन क्षमता, मेटाबॉलिज्म और संपूर्ण स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।

क्या है PMOS?

PMOS एक हार्मोनल और मेटाबोलिक समस्या है, जिसमें ओवरीज में कई छोटे फॉलिकल्स विकसित हो जाते हैं और ओव्यूलेशन की प्रक्रिया प्रभावित होती है। इसके कारण पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं, वजन बढ़ सकता है और शरीर में कई अन्य बदलाव दिखाई देने लगते हैं।

नई दिल्ली स्थित कैपिटल हेल्थ क्लिनिक की डायरेक्टर और महिला स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. बिमलप्रीत मोहन के अनुसार, कई युवा महिलाएं पीरियड्स की अनियमितता को सामान्य मान लेती हैं, जबकि यह शरीर में चल रहे हार्मोनल असंतुलन का संकेत हो सकता है।

PMOS के प्रमुख लक्षण

1. 35 दिनों से लंबी पीरियड्स साइकिल

यह PMOS का सबसे सामान्य और शुरुआती संकेत माना जाता है। पीरियड्स के बीच का अंतर 35 दिनों से अधिक होना, महीनों तक मासिक धर्म न आना या ब्लीडिंग का पैटर्न अनियमित होना हार्मोनल गड़बड़ी का संकेत हो सकता है।

2. बिना वजह वजन बढ़ना

विशेष रूप से पेट और कमर के आसपास तेजी से वजन बढ़ना PMOS से जुड़ा आम लक्षण है। कई बार डाइट और एक्सरसाइज के बावजूद वजन कम नहीं होता।

3. लगातार मुंहासे होना

अगर टीनएज के बाद भी चेहरे पर बार-बार मुंहासे निकल रहे हैं, खासकर ठुड्डी और जॉलाइन के आसपास, तो यह हार्मोनल असंतुलन की ओर इशारा कर सकता है।

4. चेहरे और शरीर पर अनचाहे बाल

होंठों के ऊपर, ठुड्डी, छाती, पेट या पीठ पर अत्यधिक बाल उगना शरीर में एंड्रोजन हार्मोन के बढ़े स्तर का संकेत हो सकता है।

5. बालों का झड़ना

सिर के बाल पतले होना, हेयरलाइन चौड़ी होना या जरूरत से ज्यादा बाल झड़ना भी PMOS से जुड़ा महत्वपूर्ण लक्षण माना जाता है।

6. गर्भधारण में परेशानी

अनियमित ओव्यूलेशन के कारण कई महिलाओं को कंसीव करने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। हालांकि समय पर उपचार से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

यदि आपको निम्न में से कोई समस्या लगातार दिखाई दे रही है, तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए—

  • तीन महीने से अधिक समय तक अनियमित पीरियड्स
  • लगातार मुंहासों की समस्या
  • चेहरे या शरीर पर अत्यधिक बाल
  • बिना कारण तेजी से वजन बढ़ना
  • बालों का अत्यधिक झड़ना
  • गर्भधारण में कठिनाई

क्या PMOS को रोका जा सकता है?

हालांकि आनुवंशिक और हार्मोनल कारणों को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इसके प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

  • नियमित व्यायाम करें
  • संतुलित और पौष्टिक भोजन लें
  • प्रोसेस्ड फूड्स से दूरी बनाएं
  • तनाव कम करने के लिए योग और मेडिटेशन करें
  • पर्याप्त नींद लें
  • समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराएं

विशेषज्ञों का मानना है कि PMOS का समय पर पता लगने और सही इलाज मिलने पर महिलाएं सामान्य और स्वस्थ जीवन जी सकती हैं। इसलिए पीरियड्स से जुड़े किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज करना भविष्य में बड़ी समस्या का कारण बन सकता है।

 

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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चुकंदर खाने का सही तरीका जानिए, विशेषज्ञों ने बताए बड़े फायदे

नई दिल्ली। चुकंदर को सेहत के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसका सही तरीके से सेवन करना जरूरी है ताकि शरीर को पूरा फायदा मिल सके। चुकंदर में आयरन, फोलेट, फाइबर, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो खून की कमी दूर करने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं। 1. सुबह खाली पेट सेवन सबसे बेहतर   स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, चुकंदर का सेवन सुबह खाली पेट करना अधिक फायदेमंद होता है, क्योंकि इससे शरीर पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाता है और ऊर्जा बनी रहती है।   2.जूस की बजाय सलाद है ज्यादा फायदेमंद   विशेषज्ञों का मानना है कि चुकंदर को जूस की बजाय सलाद के रूप में खाना ज्यादा लाभकारी होता है, क्योंकि इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है। 3.गाजर और आंवला के साथ सेवन से बढ़ते हैं फायदे   चुकंदर को गाजर और आंवला के साथ मिलाकर सेवन करने से इसके पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट्स का लाभ बढ़ जाता है, जो इम्यूनिटी मजबूत करने में सहायक हो सकता है। 4.सीमित मात्रा और सावधानी जरूरी   विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि रोजाना 1 मध्यम आकार का चुकंदर या 150–200 मिलीलीटर जूस पर्याप्त है। अधिक सेवन से पेट संबंधी समस्या हो सकती है। किडनी स्टोन के मरीजों को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए।

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बरसात में होने वाली 10 आम बीमारियां, लक्षण और बचाव के आसान उपाय

नई दिल्ली, एजेंसियां। मानसून का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन अपने साथ कई तरह की बीमारियां भी लेकर आता है। बारिश के दौरान पानी जमा होने, नमी बढ़ने और दूषित भोजन एवं पानी के कारण संक्रमण का खतरा काफी बढ़ जाता है। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को बरसात के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। आइए जानते हैं कि बरसात में कौन-कौन सी बीमारियां सबसे ज्यादा होती हैं और उनसे कैसे बचा जा सकता है।   1. डेंगू   लक्षण   तेज बुखार सिरदर्द आंखों के पीछे दर्द शरीर और जोड़ों में तेज दर्द त्वचा पर लाल चकत्ते बचाव   घर के आसपास पानी जमा न होने दें। मच्छरदानी और मच्छर भगाने वाली क्रीम का उपयोग करें। पूरे बाजू के कपड़े पहनें। 2. मलेरिया  लक्षण   तेज बुखार ठंड लगना कंपकंपी पसीना आना कमजोरी बचाव   साफ-सफाई रखें। मच्छरों से बचाव करें। पानी जमा न होने दें। 3. चिकनगुनिया  लक्षण   तेज बुखार जोड़ों में असहनीय दर्द सिरदर्द शरीर पर दाने बचाव   मच्छरों से बचें। घर और आसपास सफाई रखें। 4. वायरल फीवर लक्षण   बुखार गले में दर्द खांसी सिरदर्द कमजोरी बचाव   भीगने के बाद तुरंत कपड़े बदलें। पर्याप्त आराम करें। गर्म पानी पिएं। 5. टाइफाइड  लक्षण   लगातार बुखार पेट दर्द भूख कम लगना कमजोरी बचाव   केवल साफ और उबला हुआ पानी पिएं। बाहर का दूषित भोजन खाने से बचें। हाथ धोने की आदत रखें। 6. हैजा  लक्षण   बार-बार दस्त उल्टी शरीर में पानी की कमी कमजोरी बचाव   स्वच्छ पानी पिएं। साफ-सुथरा भोजन करें। ORS का उपयोग करें और समय पर डॉक्टर से मिलें। 7. फूड पॉइजनिंग लक्षण   उल्टी दस्त पेट दर्द बुखार बचाव   बासी भोजन न खाएं। खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें। फल और सब्जियां अच्छी तरह धोकर खाएं। 8. त्वचा संक्रमण  लक्षण   खुजली लाल चकत्ते फंगल इंफेक्शन दाद बचाव   शरीर को सूखा रखें। भीगे कपड़े तुरंत बदलें। साफ कपड़े पहनें। 9. आंखों का संक्रमण  लक्षण   आंख लाल होना पानी आना जलन खुजली बचाव   आंखों को बार-बार न छुएं। साफ तौलिया इस्तेमाल करें। संक्रमित व्यक्ति की चीजें साझा न करें। 10. सर्दी-खांसी और फ्लू लक्षण   नाक बहना खांसी गले में दर्द हल्का बुखार बचाव   बारिश में भीगने से बचें। गर्म पेय पदार्थ लें। हाथों की सफाई का ध्यान रखें। बरसात में स्वस्थ रहने के 10 जरूरी टिप्स केवल साफ और उबला हुआ पानी पिएं। बाहर का कटा हुआ फल और स्ट्रीट फूड कम खाएं। बारिश में भीगने के बाद तुरंत नहाकर सूखे कपड़े पहनें। घर के आसपास पानी जमा न होने दें। मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं। ताजा और गर्म भोजन करें। हाथों को साबुन से बार-बार धोएं। पर्याप्त नींद लें और नियमित व्यायाम करें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। बुखार, लगातार दस्त, सांस लेने में तकलीफ या अन्य गंभीर लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।   किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?   छोटे बच्चे गर्भवती महिलाएं बुजुर्ग मधुमेह (डायबिटीज) के मरीज हृदय रोगी कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोग

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Alia Bhatt holding her electrolyte water bottle during a show appearance with Samay Raina.
Alia Bhatt के इलेक्ट्रोलाइट्स वाले पानी पर समय रैना का मजेदार तंज, जानिए आखिर क्या है इसकी खासियत और कैसे बनाएं घर पर

मुंबई: कॉमेडियन समय रैना का चर्चित शो इंडियाज गॉट लेटेंट अपने दूसरे सीजन के साथ वापस आ चुका है। पहले ही एपिसोड में बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट की मौजूदगी ने दर्शकों का ध्यान खींचा, लेकिन शो का एक छोटा सा मजेदार पल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। दरअसल, आलिया अपने साथ एक खास पानी की बोतल लेकर पहुंची थीं, जिसे देखकर समय रैना ने मजाकिया अंदाज में उनकी खिंचाई कर दी। समय रैना ने पूछा- "ये कौन-सा अमीरों वाला पानी है?" शो के दौरान जब समय रैना ने आलिया भट्ट को सामान्य पानी और प्रोटीन ड्रिंक ऑफर किया, तो अभिनेत्री ने बताया कि उनके पास अपना पानी है। इस पर समय ने हंसते हुए कहा, "आप हम नॉर्मल लोगों का पानी नहीं पीते हो क्या? ये कौन-सा अमीरों वाला पानी है?" इस मजेदार सवाल के जवाब में आलिया ने बताया कि उनकी बोतल में साधारण पानी नहीं बल्कि इलेक्ट्रोलाइट्स मिला हुआ पानी है, जो उन्हें स्टेज पर नर्वसनेस और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचाने में मदद करता है। क्या होते हैं इलेक्ट्रोलाइट्स? इलेक्ट्रोलाइट्स ऐसे जरूरी मिनरल्स होते हैं जो शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखने, नसों और मांसपेशियों के सही कामकाज और ऊर्जा स्तर को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं: सोडियम पोटैशियम कैल्शियम मैग्नीशियम क्लोराइड फॉस्फोरस बायकार्बोनेट कब होती है इलेक्ट्रोलाइट्स की जरूरत? विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक पसीना आने, गर्मी में लंबे समय तक रहने, डिहाइड्रेशन, दस्त, उल्टी या शरीर में तरल पदार्थ की कमी होने पर इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ सकता है। ऐसे में व्यक्ति को थकान, सिरदर्द, मांसपेशियों में कमजोरी, हाथ-पैर कांपना और तेज धड़कन जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं। घर पर ऐसे बनाएं इलेक्ट्रोलाइट्स वाला पानी अगर आपको अतिरिक्त इलेक्ट्रोलाइट्स की जरूरत महसूस होती है, तो आप घर पर भी आसान तरीके से ओआरएस जैसा घोल तैयार कर सकते हैं। विधि: 1 लीटर साफ पीने का पानी लें। इसमें 6 छोटी चम्मच चीनी मिलाएं। आधी छोटी चम्मच नमक डालें। अच्छी तरह घोलकर तैयार करें। थोड़ी-थोड़ी मात्रा में धीरे-धीरे सेवन करें। सावधानी भी है जरूरी स्वस्थ व्यक्ति सीमित मात्रा में इलेक्ट्रोलाइट्स वाला पानी पी सकता है, लेकिन किडनी, लिवर, हाई ब्लड प्रेशर या अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसका सेवन करना चाहिए। शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की अधिकता भी नुकसान पहुंचा सकती है। कुल मिलाकर, आलिया भट्ट के "स्पेशल पानी" ने शो में हंसी का माहौल जरूर बनाया, लेकिन इसके पीछे छिपी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी कई लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।  

surbhi जून 23, 2026 0
Person practicing deep breathing and relaxation techniques to reduce stress and control cortisol levels.

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