टेक्नोलॉजी

ChatGPT Gets Mobile Codex Feature

अब मोबाइल से भी मैनेज होंगे कोडिंग टास्क, ChatGPT ऐप में आया नया Codex फीचर

surbhi मई 15, 2026 0
Developer using ChatGPT mobile app with Codex AI coding assistant on smartphone screen
ChatGPT Codex Mobile Feature Launch

OpenAI ने डेवलपर्स के लिए लॉन्च किया स्मार्ट मोबाइल कोडिंग एक्सपीरियंस

AI कंपनी OpenAI ने अपने AI कोडिंग असिस्टेंट Codex को अब सीधे ChatGPT मोबाइल ऐप में रोलआउट करना शुरू कर दिया है। इस नए फीचर की मदद से यूजर्स अब स्मार्टफोन से भी अपने कोडिंग प्रोजेक्ट्स को मॉनिटर और मैनेज कर सकेंगे।

कंपनी के अनुसार, यह फीचर खास तौर पर उन डेवलपर्स के लिए उपयोगी होगा जो लैपटॉप या डेस्क से दूर रहते हुए भी अपने प्रोजेक्ट्स पर नजर बनाए रखना चाहते हैं।

क्या-क्या कर सकेंगे यूजर्स?

नए Codex मोबाइल इंटीग्रेशन के जरिए यूजर्स कई एडवांस फीचर्स का इस्तेमाल कर पाएंगे:

  • एक्टिव कोडिंग थ्रेड्स मॉनिटर करना
  • टर्मिनल आउटपुट देखना
  • कमांड अप्रूव करना
  • मॉडल बदलना
  • नए टास्क शुरू करना
  • लाइव टेस्ट रिजल्ट्स और स्क्रीनशॉट्स देखना

इससे डेवलपर्स चलते-फिरते भी अपने कोडिंग वर्कफ़्लो को कंट्रोल कर सकेंगे।

सिक्योरिटी और डिवाइस सिंक पर खास फोकस

OpenAI का कहना है कि Codex से जुड़े फाइल्स, परमिशन और क्रेडेंशियल्स उसी डिवाइस पर सुरक्षित रहेंगे जहां सिस्टम रन कर रहा होगा। मोबाइल ऐप केवल लाइव अपडेट्स और कंट्रोल इंटरफेस के रूप में काम करेगा।

इसके लिए कंपनी ने सिक्योर रिले लेयर का इस्तेमाल किया है, जिससे अलग-अलग डिवाइसेज सुरक्षित तरीके से कनेक्टेड रहेंगे, बिना सीधे पब्लिक इंटरनेट पर एक्सपोज हुए।

डेवलपर्स को कैसे मिलेगा फायदा?

इस फीचर के जरिए डेवलपर्स:

  • ऑफिस से बाहर रहते हुए बग डिबगिंग शुरू कर सकेंगे
  • ट्रैवलिंग के दौरान कोडिंग कमांड अप्रूव कर पाएंगे
  • मीटिंग से पहले प्रोजेक्ट समरी तैयार कर सकेंगे
  • फोन से नए आइडियाज और टास्क भेज सकेंगे

इसका मतलब है कि डेवलपमेंट वर्क अब केवल कंप्यूटर तक सीमित नहीं रहेगा।

किन यूजर्स को मिलेगा यह फीचर?

Codex सपोर्ट फिलहाल iOS और Android प्लेटफॉर्म पर प्रीव्यू मोड में रोलआउट किया जा रहा है।

OpenAI के मुताबिक:

  • यह फीचर Free और Go प्लान्स में भी उपलब्ध होगा
  • केवल सपोर्टेड रीजन में काम करेगा
  • यूजर्स को ChatGPT मोबाइल ऐप और macOS Codex ऐप दोनों अपडेट करने होंगे
  • Windows सपोर्ट बाद में जारी किया जाएगा

AI कोडिंग का बदलता भविष्य

टेक इंडस्ट्री में AI आधारित डेवलपमेंट टूल्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में OpenAI का यह कदम डेवलपर्स के लिए अधिक फ्लेक्सिबल और मोबाइल-फ्रेंडली कोडिंग एक्सपीरियंस देने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

टेक्नोलॉजी

View more
Microsoft AI Investment
माइक्रोसॉफ्ट ने 2.5 अरब डॉलर के निवेश के साथ लॉन्च की नई AI कंपनी, कारोबारों को मिलेगी AI अपनाने में मदद

सैन फ्रांसिस्को, एजेंसियां। टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट ने एंटरप्राइज ग्राहकों के लिए 'Microsoft Frontier Company' नाम से नई AI कंपनी लॉन्च करने की घोषणा की है। कंपनी इस पहल में शुरुआती चरण में 2.5 अरब डॉलर (लगभग 21,000 करोड़ रुपये) का निवेश करेगी। इसका उद्देश्य विभिन्न उद्योगों की कंपनियों को उनकी जरूरत के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समाधान अपनाने और उससे बेहतर व्यावसायिक परिणाम हासिल करने में मदद करना है।   6000 इंजीनियर और विशेषज्ञ देंगे सहायता   माइक्रोसॉफ्ट ने बताया कि नई कंपनी के तहत 6,000 इंजीनियर और उद्योग विशेषज्ञ ग्राहकों के साथ सीधे काम करेंगे। ये टीमें कंपनियों की जरूरतों के अनुसार AI मॉडल चुनने, उन्हें लागू करने और उनके मौजूदा डेटा व सिस्टम के साथ एकीकृत करने में मदद करेंगी।   सिर्फ Microsoft AI नहीं, अन्य मॉडल भी होंगे उपलब्ध   माइक्रोसॉफ्ट की नई कंपनी केवल अपने AI टूल्स तक सीमित नहीं रहेगी। ग्राहक जरूरत के अनुसार OpenAI, Anthropic, ओपन-सोर्स और अन्य AI मॉडलों का भी उपयोग कर सकेंगे। कंपनी का कहना है कि उसका लक्ष्य ग्राहकों को सबसे उपयुक्त AI समाधान उपलब्ध कराना है।   बड़ी कंपनियां होंगी शुरुआती ग्राहक   माइक्रोसॉफ्ट ने बताया कि Unilever और Novo Nordisk जैसी वैश्विक कंपनियां इस नई पहल की शुरुआती ग्राहकों में शामिल होंगी। कंपनी का दावा है कि इससे AI लागू करने की लागत और समय दोनों कम होंगे तथा कंपनियों को निवेश पर बेहतर रिटर्न मिलेगा।   एंटरप्राइज AI बाजार में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा   विशेषज्ञों का मानना है कि Microsoft Frontier Company के लॉन्च से एंटरप्राइज AI सेवाओं के बाजार में प्रतिस्पर्धा और तेज होगी। माइक्रोसॉफ्ट का यह कदम उन कंपनियों को आकर्षित करने की कोशिश है जो अलग-अलग AI मॉडलों का इस्तेमाल कर अपने कारोबार में AI का अधिक प्रभावी उपयोग करना चाहती हैं।

abhishek singh जुलाई 3, 2026 0
Zoho founder Sridhar Vembu announces Arattai will remove username accounts following India’s messaging platform security concerns.

Arattai में भी बंद होगा यूजरनेम फीचर, WhatsApp पर सरकार की सख्ती के बाद Zoho के श्रीधर वेम्बु का बड़ा फैसला

Android smartphone volume buttons demonstrating hidden features like camera controls, music shortcuts, and quick accessibility options.

Volume Key Hacks: सिर्फ आवाज बढ़ाने-घटाने के लिए नहीं हैं फोन के वॉल्यूम बटन, ये 10 कमाल के फीचर्स बदल देंगे आपका एक्सपीरियंस

Zoho founder Sridhar Vembu speaks about software competition, claiming a customer received a major Microsoft discount after mentioning Zoho.

'Zoho का नाम सुनते ही Microsoft ने 90% घटा दिए दाम', श्रीधर वेम्बु का दावा; बोले- बाजार में विकल्प होंगे तभी ग्राहकों को मिलेगा फायदा

UBTech UWORLD U1 humanoid robot with lifelike human appearance, emotional AI, and male and female versions unveiled in China.
UWORLD U1: चीन ने लॉन्च किया इंसानों जैसा ह्यूमनॉइड रोबोट, महिला-पुरुष दोनों अवतार में मिलेगा, समझेगा भावनाएं और आंखों में देखकर करेगा बात

नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स की दुनिया में चीन ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। चीन की अग्रणी रोबोटिक्स कंपनी UBTech ने 30 जून को शेन्जेन में अपना नया ह्यूमनॉइड रोबोट UWORLD U1 लॉन्च किया। यह रोबोट पारंपरिक औद्योगिक मशीनों से बिल्कुल अलग है। इसे फैक्ट्रियों में काम कराने के बजाय इंसानों के साथ रहने, बातचीत करने और उन्हें भावनात्मक सहयोग (Emotional Support) देने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। UWORLD U1 का डिजाइन और रूप-रंग काफी हद तक इंसानों जैसा है। इसमें सिलिकॉन स्किन, अत्याधुनिक इमोशनल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑन-डिवाइस डेटा स्टोरेज जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। कंपनी का दावा है कि यह रोबोट लोगों के साथ प्राकृतिक तरीके से संवाद कर सकता है और समय के साथ उनके व्यवहार और पसंद को समझते हुए अधिक व्यक्तिगत अनुभव प्रदान करता है। इंसानों का साथी बनने के लिए तैयार किया गया UBTech के अनुसार, UWORLD U1 को ऐसे वातावरण के लिए डिजाइन किया गया है जहां इंसानों के साथ लगातार संवाद की आवश्यकता होती है। इसका इस्तेमाल बुजुर्गों की देखभाल, शिक्षा, होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर, रिसेप्शन सेवाओं, प्रीमियम होम सर्विस और अन्य ग्राहक-केंद्रित कार्यों में किया जा सकता है। कंपनी का कहना है कि यह रोबोट सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं है, बल्कि बातचीत के दौरान सामने वाले की भावनाओं को समझने और उसके अनुसार प्रतिक्रिया देने की क्षमता भी रखता है। तीन वेरिएंट में उपलब्ध UWORLD U1 को तीन अलग-अलग मॉडल में पेश किया गया है। U1 Lite U1 Pro U1 Ultra फिलहाल इसकी बिक्री केवल चीन में शुरू की गई है। कीमत की बात करें तो इसकी शुरुआती कीमत 119,800 युआन (करीब 14 लाख रुपये) है, जबकि हाई-एंड Ultra मॉडल की कीमत 990,000 युआन (करीब 1.15 करोड़ रुपये) तक जाती है। महिला और पुरुष दोनों अवतार में मिलेगा UWORLD U1 की एक खास विशेषता यह है कि इसे पुरुष और महिला दोनों रूपों में तैयार किया गया है। पुरुष मॉडल की लंबाई लगभग 183 सेंटीमीटर है। महिला मॉडल की लंबाई लगभग 168 सेंटीमीटर रखी गई है। रोबोट में कुल 88 सर्वो जॉइंट्स दिए गए हैं, जिनकी मदद से यह इंसानों की तरह सिर, हाथ, गर्दन और शरीर की कई स्वाभाविक गतिविधियां कर सकता है। इसके पूरे बाहरी हिस्से पर सिलिकॉन कोटिंग की गई है ताकि बातचीत के दौरान यह अधिक वास्तविक महसूस हो। 20 से ज्यादा भावनाओं को पहचान सकता है UWORLD U1 की सबसे बड़ी ताकत इसका Emotional AI System है। कंपनी के मुताबिक यह रोबोट 20 से अधिक प्रकार की मानवीय भावनाओं को पहचान सकता है। बातचीत के दौरान यह सामने वाले व्यक्ति से आई कॉन्टैक्ट बनाए रखता है, चेहरे के भावों को समझता है और पिछली बातचीत को याद रखते हुए भविष्य में अधिक व्यक्तिगत जवाब देता है। यानी अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से इस रोबोट से बातचीत करता है, तो समय के साथ यह उसकी पसंद, व्यवहार और बातचीत के तरीके को समझकर उसी अनुसार प्रतिक्रिया देने लगता है। क्लाउड पर नहीं, डिवाइस में ही सुरक्षित रहेगा डेटा UBTech ने प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए UWORLD U1 में ऑन-डिवाइस AI प्रोसेसिंग का इस्तेमाल किया है। इसका इमोशनल AI मॉडल Rockchip RK3588 प्रोसेसर पर चलता है, जिससे अधिकांश प्रोसेसिंग सीधे डिवाइस पर होती है और क्लाउड सर्वर पर निर्भरता काफी कम हो जाती है। यूजर का व्यक्तिगत डेटा क्लाउड पर अपलोड होने के बजाय रोबोट में ही सुरक्षित रहता है। कंपनी के अनुसार इसमें तीन-स्तरीय प्राइवेसी आर्किटेक्चर दिया गया है, जिसमें लोकल-फर्स्ट प्रोसेसिंग, सीमित क्लाउड उपयोग और यूजर कंट्रोल्ड हार्डवेयर सिक्योरिटी शामिल है। इसका उद्देश्य AI डिवाइसों से जुड़ी बढ़ती गोपनीयता संबंधी चिंताओं को कम करना है। सिर्फ वयस्कों के लिए उपलब्ध UBTech ने स्पष्ट किया है कि UWORLD U1 को किसी इंडस्ट्रियल रोबोट के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इसे विशेष रूप से वयस्क खरीदारों के लिए विकसित किया गया है, जहां स्वाभाविक संवाद, साथ और भावनात्मक सहयोग की जरूरत होती है।  

surbhi जुलाई 2, 2026 0
WhatsApp new feature

Samsung Galaxy A27 5G भारत में लॉन्च, Google Gemini AI और 6 साल के अपडेट के साथ आया नया स्मार्टफोन

WhatsApp username feature

WhatsApp के Username फीचर पर भारत सरकार सख्त, Meta को नोटिस; लॉन्च पर फिलहाल रोक

Storage Full

फोन की मेमोरी हो गई है फुल? इन 3 आसान ट्रिक्स से बिना फोटो डिलीट किए मिनटों में खाली करें स्टोरेज

Vodafone Idea (Vi) prepaid SIM card promoting ₹4,600 annual recharge plan with 365-day validity and data benefits.
5G विस्तार अभी अधूरा, फिर भी Vi ने लॉन्च किया Jio-Airtel से महंगा ₹4,600 का रिचार्ज प्लान, जानिए क्या मिलेंगे फायदे

भारत की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी Vodafone Idea (Vi) ने बिना किसी बड़े ऐलान के अपना नया सालभर वाला प्रीपेड प्लान लॉन्च कर दिया है। इस प्लान की कीमत ₹4,600 रखी गई है, जो मौजूदा समय में Jio और Airtel के कई वार्षिक प्रीपेड प्लानों से महंगा माना जा रहा है। कंपनी का दावा है कि इस प्लान में अनलिमिटेड डेटा मिलता है, लेकिन इसकी शर्तें जानना भी जरूरी है। यह प्लान फिलहाल Vi की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर उपलब्ध है। ₹4,600 वाले प्लान में क्या मिलेगा? Vi के इस नए एनुअल प्रीपेड प्लान की वैधता 365 दिन है। इसमें ग्राहकों को पूरे साल के लिए कई बेसिक सुविधाएं मिलती हैं। प्लान के प्रमुख फायदे: 365 दिनों की वैधता अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग प्रतिदिन 100 मुफ्त SMS अनलिमिटेड डेटा (शर्तों के साथ) हालांकि, इस प्लान में किसी भी OTT प्लेटफॉर्म जैसे Netflix, Amazon Prime Video, JioHotstar या अन्य स्ट्रीमिंग सर्विस का मुफ्त सब्सक्रिप्शन शामिल नहीं किया गया है। क्या सच में मिलेगा अनलिमिटेड डेटा? Vi इस प्लान को अनलिमिटेड डेटा प्लान के तौर पर पेश कर रही है, लेकिन वास्तव में इसमें फेयर यूसेज पॉलिसी (FUP) लागू होती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्राहकों को हर 28 दिनों के लिए 300GB डेटा मिलेगा। यानी डेटा पूरी तरह बिना सीमा वाला नहीं है। 4G और 5G दोनों नेटवर्क पर यही डेटा सीमा लागू होगी। इसका मतलब है कि 5G इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को भी अलग से अनलिमिटेड हाई-स्पीड डेटा नहीं मिलेगा। एक दिन का खर्च कितना पड़ेगा? अगर पूरे साल की कीमत को 365 दिनों में बांटा जाए, तो इस प्लान की लागत करीब ₹12.60 प्रतिदिन बैठती है। जो ग्राहक लंबे समय तक बार-बार रिचार्ज नहीं कराना चाहते, उनके लिए यह एक सुविधाजनक विकल्प हो सकता है। हालांकि, इसकी कीमत प्रतिस्पर्धी कंपनियों के मुकाबले अधिक है। 5G अभी भी सीमित शहरों तक Vi ने भले ही यह प्रीमियम प्लान लॉन्च कर दिया हो, लेकिन कंपनी की 5G सेवा अभी पूरे देश में उपलब्ध नहीं है। फिलहाल Vi की 5G सर्विस चुनिंदा शहरों और क्षेत्रों में ही उपलब्ध है, जिनमें शामिल हैं— दिल्ली मुंबई कोलकाता गुजरात के कुछ हिस्से कर्नाटक के कुछ इलाके कंपनी धीरे-धीरे अपने 5G नेटवर्क का विस्तार कर रही है। 5G सेवा का लाभ लेने के लिए ग्राहकों के पास 5G स्मार्टफोन होना चाहिए और वे 5G कवरेज वाले क्षेत्र में होने चाहिए। अच्छी बात यह है कि इसके लिए नया SIM कार्ड लेने की जरूरत नहीं पड़ती। Jio और Airtel से कितना अलग है यह प्लान? Vi का यह प्लान कीमत के मामले में Jio और Airtel के कई वार्षिक प्लानों से महंगा है। हालांकि, इसमें OTT सब्सक्रिप्शन जैसी अतिरिक्त सुविधाएं शामिल नहीं हैं। ऐसे में यह प्लान उन ग्राहकों के लिए अधिक उपयोगी हो सकता है जो पूरे साल की वैधता और अधिक डेटा चाहते हैं, लेकिन जिन यूजर्स के लिए OTT बेनिफिट और व्यापक 5G कवरेज महत्वपूर्ण है, वे अन्य टेलीकॉम कंपनियों के विकल्पों की भी तुलना कर सकते हैं।  

surbhi जुलाई 1, 2026 0
Collection of upcoming smartphones from Nothing, OPPO, Samsung, iQOO, Motorola and OnePlus launching in July 2026.

नया स्मार्टफोन खरीदने का है प्लान? जुलाई में लॉन्च होंगे कई दमदार मॉडल्स, Nothing, OPPO, Samsung, iQOO और Motorola की होगी बड़ी एंट्री

Old smartphones and laptops stored in a drawer, highlighting data security concerns and growing e-waste issues.

पुराने फोन को बेचने से क्यों बचते हैं लोग? रिसर्च में सामने आईं बड़ी वजहें, ज्यादातर यूजर्स करते हैं यही गलती

Prabhjit Singh OpenAI

OpenAI ने भारत में पहली बार नियुक्त किया मैनेजिंग डायरेक्टर, प्रभजीत सिंह संभालेंगे कमान

0 Comments

Top week

Sapna Jain Gogi Gang
राष्ट्रीय

दिल्ली में 50 लाख की रंगदारी की साजिश का खुलासा, कारोबारी की पत्नी निकली मास्टरमाइंड

abhishek singh जून 30, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?