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India Eyes $350B Textile Industry with PM MITRA Parks

$350 अरब की टेक्सटाइल महाशक्ति बनने की तैयारी में भारत, PM MITRA पार्कों से बदलेगी कपड़ा उद्योग की तस्वीर

surbhi जुलाई 3, 2026 0
Modern textile manufacturing unit under PM MITRA scheme showcasing integrated textile production and apparel industry in India.
PM MITRA Textile Parks India

नई दिल्ली: भारत सदियों से अपनी समृद्ध वस्त्र परंपरा के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। कश्मीर का पश्मीना, असम का मूंगा रेशम, तमिलनाडु की कांजीवरम साड़ी, मध्य प्रदेश की चंदेरी और सूरत का टेक्सटाइल उद्योग भारतीय शिल्प और कौशल की पहचान रहे हैं। अब केंद्र सरकार इसी विरासत को आधुनिक औद्योगिक ढांचे से जोड़कर भारत को वैश्विक टेक्सटाइल हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2021 में 4,445 करोड़ रुपये के बजट के साथ PM MITRA (Mega Integrated Textile Region and Apparel) योजना शुरू की। इस योजना का उद्देश्य पूरे टेक्सटाइल वैल्यू चेन को एक ही परिसर में विकसित कर उत्पादन लागत कम करना, निर्यात बढ़ाना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।

भारतीय अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार है टेक्सटाइल उद्योग

भारत का वस्त्र एवं परिधान उद्योग देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

  • GDP में लगभग 2.3% योगदान
  • औद्योगिक उत्पादन में 13% हिस्सेदारी
  • कुल निर्यात में करीब 12% योगदान
  • लगभग 4.5 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार
  • 10 करोड़ से अधिक लोगों की आजीविका इस क्षेत्र से जुड़ी हुई है।

क्यों महसूस हुई नए मॉडल की जरूरत?

अब तक भारत का टेक्सटाइल उद्योग अलग-अलग राज्यों में बिखरा हुआ था। कपास उत्पादन, धागा निर्माण, बुनाई, प्रोसेसिंग, गारमेंट निर्माण और निर्यात जैसी गतिविधियां अलग-अलग स्थानों पर होने के कारण—

  • उत्पादन लागत बढ़ती थी।
  • समय अधिक लगता था।
  • लॉजिस्टिक्स महंगे पड़ते थे।
  • वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा प्रभावित होती थी।

सरकार का मानना है कि एकीकृत टेक्सटाइल पार्क इन चुनौतियों का समाधान कर सकते हैं।

PM MITRA योजना का '5F' विजन

इस योजना की नींव प्रधानमंत्री मोदी के '5F' विजन पर आधारित है—

  • Farm to Fiber
  • Fiber to Factory
  • Factory to Fashion
  • Fashion to Foreign

इस मॉडल का उद्देश्य किसानों, बुनकरों, उद्योगों और निर्यातकों को एक ही इकोसिस्टम से जोड़ना है, जिससे पूरी सप्लाई चेन अधिक तेज, सस्ती और प्रतिस्पर्धी बन सके।

सात राज्यों में विकसित हो रहे हैं PM MITRA पार्क

देशभर में कुल 7 PM MITRA पार्क विकसित किए जा रहे हैं।

ग्रीनफील्ड परियोजनाएं:

  • विरुधुनगर (तमिलनाडु)
  • नवसारी (गुजरात)
  • कलबुर्गी (कर्नाटक)
  • धार (मध्य प्रदेश)
  • लखनऊ (उत्तर प्रदेश)

ब्राउनफील्ड परियोजनाएं:

  • वारंगल (तेलंगाना)
  • अमरावती (महाराष्ट्र)

इन पार्कों में 1,000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में कताई, बुनाई, प्रोसेसिंग, गारमेंट निर्माण और निर्यात से जुड़ी इकाइयों को एक साथ विकसित किया जाएगा।

आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष जोर

PM MITRA पार्कों में उद्योगों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिनमें—

  • प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर
  • रेडी-टू-मूव फैक्ट्री शेड
  • समर्पित बिजली सब-स्टेशन
  • निरंतर जलापूर्ति
  • कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP)
  • Zero Liquid Discharge (ZLD) तकनीक
  • डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और एक्सप्रेसवे से बेहतर कनेक्टिविटी

इन सुविधाओं से उत्पादन लागत कम होगी, लॉजिस्टिक्स तेज होंगे और पर्यावरणीय मानकों का बेहतर पालन किया जा सकेगा।

निवेश और रोजगार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

सरकार के अनुसार, PM MITRA योजना के तहत अब तक लगभग 69,899 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जबकि 27,658 करोड़ रुपये का निवेश जमीन पर उतर चुका है।

अनुमान है कि प्रत्येक पार्क से करीब 3 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। सातों पार्क मिलकर 21 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों और विशेष रूप से महिलाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलने की उम्मीद है।

2030 तक 350 अरब डॉलर का लक्ष्य

सरकार का लक्ष्य है कि 'Vision 2030' के तहत भारत के वस्त्र एवं परिधान उद्योग को 350 अरब डॉलर के वैश्विक उद्योग के रूप में विकसित किया जाए। PM MITRA पार्क इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य की आधारशिला माने जा रहे हैं, जो भारत को वैश्विक टेक्सटाइल सप्लाई चेन में और मजबूत स्थान दिलाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

 

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

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AI Report 2047
AI से 2047 तक भारत की GDP में 2.6 ट्रिलियन डॉलर का इजाफा संभव, नई रिपोर्ट में बड़ा दावा

नई दिल्ली, एजेंसियां। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। Wadhwani AI और The Bridgespan Group की एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यदि देश की सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था में जिम्मेदारी के साथ AI तकनीक को लागू किया जाए, तो 2047 तक भारत की GDP में 2.6 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 220 लाख करोड़ रुपये) तक की बढ़ोतरी संभव है। रिपोर्ट के मुताबिक, AI शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ उत्पादकता और आर्थिक विकास को भी गति देगा।    शिक्षा में AI से बढ़ेगी उत्पादकता   रिपोर्ट के अनुसार, AI आधारित लर्निंग टूल्स, व्यक्तिगत शिक्षण और शिक्षकों को तकनीकी सहायता मिलने से छात्रों के सीखने के स्तर में सुधार होगा। इससे भविष्य में अधिक कुशल कार्यबल तैयार होगा, जो देश की आर्थिक प्रगति में अहम भूमिका निभाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा क्षेत्र में AI का प्रभावी उपयोग भारत की दीर्घकालिक विकास दर को मजबूत कर सकता है।    सरकार और राज्यों के लिए सुझाया रोडमैप   रिपोर्ट में केंद्र और राज्य सरकारों को AI के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के लिए स्पष्ट नीति बनाने, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने और शिक्षकों को AI आधारित प्रशिक्षण देने की सिफारिश की गई है। इसके अलावा सरकारी स्कूलों में चरणबद्ध तरीके से AI टूल्स लागू करने पर भी जोर दिया गया है।    विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को मिल सकता है बल   रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि यदि AI को शिक्षा और कौशल विकास के साथ प्रभावी रूप से जोड़ा जाए, तो यह 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते AI में निवेश और नीतिगत सुधार भारत को वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में अग्रणी देशों की श्रेणी में ला सकते हैं।

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मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में मजबूती देखने को मिली। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और शांति की उम्मीद से वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 500 अंक से अधिक चढ़ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 24,300 अंक के ऊपर कारोबार करता नजर आया। सुबह करीब 9:22 बजे सेंसेक्स 487.81 अंक (0.63%) की बढ़त के साथ 77,989.93 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 156.80 अंक (0.65%) मजबूत होकर 24,332.50 के स्तर पर पहुंच गया। IT सेक्टर ने संभाली बाजार की कमान सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 24 शेयर बढ़त के साथ खुले। सबसे ज्यादा तेजी HCL Technologies के शेयर में दर्ज की गई, जिसमें 4 प्रतिशत से अधिक उछाल आया। इसके अलावा Tech Mahindra, Infosys, TCS, Tata Steel, Sun Pharma, Bajaj Finserv और UltraTech Cement जैसे दिग्गज शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। आईटी सेक्टर में मजबूत निवेशकों की दिलचस्पी ने बाजार की तेजी को और मजबूती दी। इन शेयरों में दिखी गिरावट बाजार की तेजी के बावजूद कुछ शेयर दबाव में रहे। Mahindra & Mahindra के शेयर में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा SBI, Kotak Mahindra Bank, IndiGo, Titan, Adani Ports और Asian Paints जैसे शेयरों में भी हल्की कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10 बजे तक प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन तेजी वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे— HCL Technologies: +4.31% Tech Mahindra: +2.81% Tata Steel: +2.78% Sun Pharma: +2.07% BEL: +1.88% Eternal: +1.75% Trent: +1.56% Bajaj Finserv: +1.55% TCS: +1.33% UltraTech Cement: +1.23% वहीं गिरावट वाले प्रमुख शेयर— Mahindra & Mahindra: -0.95% SBI: -0.67% Kotak Mahindra Bank: -0.38% IndiGo: -0.34% Titan: -0.33% Adani Ports: -0.28% ब्रॉडर मार्केट में भी खरीदारी मुख्य सूचकांकों के साथ-साथ व्यापक बाजार में भी मजबूती देखने को मिली। Nifty Midcap Index करीब 0.21% चढ़ा। Nifty Smallcap Index में लगभग 0.47% की बढ़त दर्ज की गई। सेक्टोरल इंडेक्स में Nifty Metal और Nifty IT सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले सेक्टर रहे। दूसरी ओर Nifty Bank और Nifty PSU Bank अपेक्षाकृत कमजोर रहे। निवेशकों का बढ़ा भरोसा विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद, विदेशी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत और आईटी शेयरों में मजबूत खरीदारी ने भारतीय शेयर बाजार को लगातार तीसरे दिन बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई। यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी बाजार का सकारात्मक रुख जारी रह सकता है।  

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Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन तेजी, सेंसेक्स 500 अंक से अधिक उछला

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली। सकारात्मक वैश्विक संकेतों और आईटी शेयरों में खरीदारी के दम पर सेंसेक्स 500 अंक से अधिक की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी 24,300 के ऊपर मजबूती से बना रहा।   आईटी शेयरों ने बाजार को दी मजबूती   बाजार की तेजी में आईटी सेक्टर का सबसे बड़ा योगदान रहा। एचसीएल टेक, इन्फोसिस और टीसीएस के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। इसके अलावा कुछ बैंकिंग और ऑटो शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई।   वैश्विक संकेतों से मिला समर्थन   विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर नरम रुख की उम्मीद, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भारतीय बाजार को मजबूती दी। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी भी बाजार के पक्ष में रही।   इन शेयरों पर रही निवेशकों की नजर   आज के कारोबार में बजाज फाइनेंस, पंजाब नेशनल बैंक (PNB), मारिको, अडानी एंटरप्राइजेज और पीबी फिनटेक जैसे शेयर निवेशकों के फोकस में रहे। कंपनियों के तिमाही कारोबारी अपडेट और बेहतर प्रदर्शन के संकेतों से इन शेयरों में गतिविधि बढ़ी है।   विशेषज्ञों की राय   बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि निफ्टी मौजूदा स्तरों के ऊपर टिके रहने में सफल रहता है, तो आने वाले दिनों में इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि निवेशकों को वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

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