Narendra Modi

Indian Prime Minister Narendra Modi welcomes Japanese Prime Minister Sanae Takaichi during her official visit to India, highlighting stronger strategic, economic and Indo-Pacific cooperation.
India-Japan Summit: जापान की प्रधानमंत्री भारत दौरे पर क्यों? क्या चीन को लेकर बन रही नई रणनीति

नई दिल्ली: जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची का 1 से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौरा केवल एक औपचारिक राजनयिक यात्रा नहीं माना जा रहा है। बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय समीकरणों के बीच यह दौरा भारत और जापान की रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। रक्षा सहयोग, आर्थिक सुरक्षा, उन्नत तकनीक, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग इस दौरे के प्रमुख एजेंडे में शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सक्रियता दोनों देशों के लिए साझा चिंता का विषय बनी हुई है। दो दशक में मजबूत हुई रणनीतिक साझेदारी भारत और जापान के बीच वार्षिक शिखर सम्मेलन की शुरुआत वर्ष 2006 में हुई थी। उसी वर्ष दोनों देशों ने अपने संबंधों को 'स्ट्रैटेजिक एंड ग्लोबल पार्टनरशिप' का दर्जा दिया। वर्ष 2014 में इसे और आगे बढ़ाते हुए 'स्पेशल स्ट्रैटेजिक एंड ग्लोबल पार्टनरशिप' घोषित किया गया। आज दोनों देशों के बीच 70 से अधिक द्विपक्षीय संवाद तंत्र, 2+2 मंत्री स्तरीय वार्ता और रक्षा, विदेश एवं आर्थिक सुरक्षा से जुड़े नियमित संवाद स्थापित हो चुके हैं। रक्षा और तकनीक पर बढ़ेगा सहयोग इस बार की वार्ता में दोनों देश रक्षा तकनीक, समुद्री सुरक्षा, ड्रोन, साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिजों और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दे रहे हैं। भारत की 'एक्ट ईस्ट नीति', SAGAR (Security and Growth for All in the Region) और इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव का मेल जापान के 'फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक' विजन के साथ देखा जा रहा है। आर्थिक साझेदारी भी होगी मजबूत जापान भारत का प्रमुख निवेशक और आधिकारिक विकास सहायता (ODA) देने वाले सबसे बड़े देशों में शामिल है। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक बुनियादी ढांचा सहयोग का प्रमुख उदाहरण मानी जाती है। इसके अलावा जापान भारत में सेमीकंडक्टर, विनिर्माण, हरित ऊर्जा और औद्योगिक कॉरिडोर में निवेश बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रहा है। क्या चीन सबसे बड़ा कारण है? विश्लेषकों का मानना है कि भारत-जापान सहयोग के पीछे चीन का बढ़ता प्रभाव एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कारण है। जापान पूर्वी और दक्षिणी चीन सागर में चीन की गतिविधियों को लेकर लगातार चिंतित रहा है। वहीं भारत भी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में किसी एक देश के प्रभुत्व के पक्ष में नहीं है। इसी कारण दोनों देश समुद्री सुरक्षा, सप्लाई चेन और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए सहयोग बढ़ा रहे हैं। हालांकि दोनों देशों का दृष्टिकोण पूरी तरह समान नहीं है। जापान अमेरिका का औपचारिक सहयोगी है, जबकि भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखते हुए बहुपक्षीय सहयोग को प्राथमिकता देता है। क्वाड को भी मिलेगी मजबूती विशेषज्ञों के अनुसार, भारत-जापान की बढ़ती साझेदारी क्वाड (Quad) को भी और मजबूत करेगी। इससे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नियम आधारित व्यवस्था, समुद्री सुरक्षा और वैकल्पिक आर्थिक ढांचे को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। कुछ चुनौतियां भी मौजूद हालांकि मजबूत रिश्तों के बावजूद दोनों देशों के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार अपेक्षित गति से नहीं बढ़ पाया है। कई बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं में समय और लागत दोनों बढ़ी हैं। सुरक्षा और विदेश नीति के मामलों में दोनों देशों की प्राथमिकताएं पूरी तरह समान नहीं हैं। विशेषज्ञों की राय विदेश नीति विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भारत और जापान की साझेदारी केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन, सुरक्षित सप्लाई चेन, नई तकनीकों के विकास और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण होती जा रही है। यही कारण है कि जापानी प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल कूटनीतिक शिष्टाचार नहीं, बल्कि भविष्य की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।  

Deepshikha जुलाई 4, 2026 0
Prime Minister Narendra Modi inaugurates major infrastructure projects in Rajasthan, including the Pachpadra Greenfield Refinery, Jaipur Metro Phase-2, and the new Jodhpur Airport terminal.
राजस्थान को ₹1 लाख करोड़ की विकास सौगात देंगे पीएम मोदी, पचपदरा रिफाइनरी से मेट्रो और एयरपोर्ट तक बदलेंगे कई आयाम

बालोतरा/जोधपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (4 जुलाई) को राजस्थान दौरे पर राज्य को ₹1 लाख करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। इस दौरान वे बालोतरा में देश की पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा जयपुर मेट्रो फेज-2 का शिलान्यास और जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का लोकार्पण भी करेंगे। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से राजस्थान के औद्योगिक विकास, रोजगार, परिवहन और बुनियादी ढांचे को नई गति मिलेगी। 13 साल बाद तैयार हुई पचपदरा रिफाइनरी पश्चिमी राजस्थान के बालोतरा स्थित पचपदरा रिफाइनरी परियोजना का शिलान्यास 22 सितंबर 2013 को किया गया था। शुरुआत में इसकी अनुमानित लागत करीब 37 हजार करोड़ रुपये थी, लेकिन वित्तीय मॉडल में बदलाव और अन्य कारणों से परियोजना की लागत बढ़कर लगभग 79,459 करोड़ रुपये हो गई। रिफाइनरी में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) की 74 प्रतिशत और राजस्थान सरकार की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है। रिफाइनरी की प्रमुख विशेषताएं 9 एमएमटीपीए क्षमता वाली देश की पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी 2.4 एमएमटीपीए पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता निर्माण में 16 लाख घन मीटर कंक्रीट और लगभग 3 लाख मीट्रिक टन स्टील का उपयोग निर्माण के दौरान लगभग 35 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार 1 लाख से अधिक लोगों के लिए अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर राजस्थान पेट्रो जोन, प्लास्टिक पार्क और डाउनस्ट्रीम उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा जयपुर मेट्रो फेज-2 का होगा शिलान्यास प्रधानमंत्री जयपुर मेट्रो रेल परियोजना के फेज-2 का भी वर्चुअल शिलान्यास करेंगे। इस परियोजना की अनुमानित लागत 13,037 करोड़ रुपये से अधिक है। इसके तहत प्रहलादपुरा से टोड़ी मोड़ तक लगभग 41 किलोमीटर लंबा उत्तर-दक्षिण मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस कॉरिडोर से शहर के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों सीतापुरा और वीकेआईए को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। एयरपोर्ट के पास भूमिगत मेट्रो स्टेशन भी बनाए जाएंगे, जिससे जयपुर का सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क और मजबूत होगा। जोधपुर एयरपोर्ट को मिलेगा नया टर्मिनल प्रधानमंत्री मोदी जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का भी उद्घाटन करेंगे। वे सुबह लगभग 10:30 बजे जोधपुर वायुसेना एयरपोर्ट पहुंचेंगे और पुराने टर्मिनल से ई-कार्ट के माध्यम से नए टर्मिनल भवन तक जाएंगे। नए टर्मिनल के शुरू होने से यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और जोधपुर की हवाई संपर्क क्षमता में भी विस्तार होगा। राजस्थान के विकास को मिलेगी नई रफ्तार सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं के शुरू होने से राजस्थान में औद्योगिक निवेश, रोजगार, परिवहन और ऊर्जा क्षेत्र को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। विशेष रूप से पचपदरा रिफाइनरी के संचालन से पश्चिमी राजस्थान को पेट्रोकेमिकल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।  

Deepshikha जुलाई 4, 2026 0
PM Modi Foreign Visit
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 जुलाई से तीन देशों के दौरे पर जाएंगे, इंडो-पैसिफिक साझेदारी को मिलेगी नई मजबूती

नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 जुलाई से 11 जुलाई तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के छह दिवसीय दौरे पर जाएंगे। विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा की पुष्टि करते हुए बताया कि दौरे का उद्देश्य हिंद-प्रशांत (इंडो-पैसिफिक) क्षेत्र में भारत की रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है।   तीनों देशों के शीर्ष नेताओं से होगी मुलाकात   दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इन बैठकों में व्यापार, रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, उभरती प्रौद्योगिकी और निवेश जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।   न्यूजीलैंड दौरा रहेगा सबसे खास   यह यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि लगभग 40 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड की आधिकारिक यात्रा होगी। माना जा रहा है कि इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, शिक्षा, कृषि और लोगों के आपसी संबंधों को मजबूत करने के लिए कई अहम समझौतों पर चर्चा हो सकती है।   व्यापार और निवेश पर रहेगा विशेष जोर   ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों से भी मुलाकात कर सकते हैं। इसके अलावा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की रणनीतिक भूमिका को मजबूत करने और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) सहयोग बढ़ाने पर भी विशेष फोकस रहेगा।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
Modern textile manufacturing unit under PM MITRA scheme showcasing integrated textile production and apparel industry in India.
$350 अरब की टेक्सटाइल महाशक्ति बनने की तैयारी में भारत, PM MITRA पार्कों से बदलेगी कपड़ा उद्योग की तस्वीर

नई दिल्ली: भारत सदियों से अपनी समृद्ध वस्त्र परंपरा के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। कश्मीर का पश्मीना, असम का मूंगा रेशम, तमिलनाडु की कांजीवरम साड़ी, मध्य प्रदेश की चंदेरी और सूरत का टेक्सटाइल उद्योग भारतीय शिल्प और कौशल की पहचान रहे हैं। अब केंद्र सरकार इसी विरासत को आधुनिक औद्योगिक ढांचे से जोड़कर भारत को वैश्विक टेक्सटाइल हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2021 में 4,445 करोड़ रुपये के बजट के साथ PM MITRA (Mega Integrated Textile Region and Apparel) योजना शुरू की। इस योजना का उद्देश्य पूरे टेक्सटाइल वैल्यू चेन को एक ही परिसर में विकसित कर उत्पादन लागत कम करना, निर्यात बढ़ाना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। भारतीय अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार है टेक्सटाइल उद्योग भारत का वस्त्र एवं परिधान उद्योग देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है। GDP में लगभग 2.3% योगदान औद्योगिक उत्पादन में 13% हिस्सेदारी कुल निर्यात में करीब 12% योगदान लगभग 4.5 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार 10 करोड़ से अधिक लोगों की आजीविका इस क्षेत्र से जुड़ी हुई है। क्यों महसूस हुई नए मॉडल की जरूरत? अब तक भारत का टेक्सटाइल उद्योग अलग-अलग राज्यों में बिखरा हुआ था। कपास उत्पादन, धागा निर्माण, बुनाई, प्रोसेसिंग, गारमेंट निर्माण और निर्यात जैसी गतिविधियां अलग-अलग स्थानों पर होने के कारण— उत्पादन लागत बढ़ती थी। समय अधिक लगता था। लॉजिस्टिक्स महंगे पड़ते थे। वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा प्रभावित होती थी। सरकार का मानना है कि एकीकृत टेक्सटाइल पार्क इन चुनौतियों का समाधान कर सकते हैं। PM MITRA योजना का '5F' विजन इस योजना की नींव प्रधानमंत्री मोदी के '5F' विजन पर आधारित है— Farm to Fiber Fiber to Factory Factory to Fashion Fashion to Foreign इस मॉडल का उद्देश्य किसानों, बुनकरों, उद्योगों और निर्यातकों को एक ही इकोसिस्टम से जोड़ना है, जिससे पूरी सप्लाई चेन अधिक तेज, सस्ती और प्रतिस्पर्धी बन सके। सात राज्यों में विकसित हो रहे हैं PM MITRA पार्क देशभर में कुल 7 PM MITRA पार्क विकसित किए जा रहे हैं। ग्रीनफील्ड परियोजनाएं: विरुधुनगर (तमिलनाडु) नवसारी (गुजरात) कलबुर्गी (कर्नाटक) धार (मध्य प्रदेश) लखनऊ (उत्तर प्रदेश) ब्राउनफील्ड परियोजनाएं: वारंगल (तेलंगाना) अमरावती (महाराष्ट्र) इन पार्कों में 1,000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में कताई, बुनाई, प्रोसेसिंग, गारमेंट निर्माण और निर्यात से जुड़ी इकाइयों को एक साथ विकसित किया जाएगा। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष जोर PM MITRA पार्कों में उद्योगों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिनमें— प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर रेडी-टू-मूव फैक्ट्री शेड समर्पित बिजली सब-स्टेशन निरंतर जलापूर्ति कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) Zero Liquid Discharge (ZLD) तकनीक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और एक्सप्रेसवे से बेहतर कनेक्टिविटी इन सुविधाओं से उत्पादन लागत कम होगी, लॉजिस्टिक्स तेज होंगे और पर्यावरणीय मानकों का बेहतर पालन किया जा सकेगा। निवेश और रोजगार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा सरकार के अनुसार, PM MITRA योजना के तहत अब तक लगभग 69,899 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जबकि 27,658 करोड़ रुपये का निवेश जमीन पर उतर चुका है। अनुमान है कि प्रत्येक पार्क से करीब 3 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। सातों पार्क मिलकर 21 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों और विशेष रूप से महिलाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलने की उम्मीद है। 2030 तक 350 अरब डॉलर का लक्ष्य सरकार का लक्ष्य है कि 'Vision 2030' के तहत भारत के वस्त्र एवं परिधान उद्योग को 350 अरब डॉलर के वैश्विक उद्योग के रूप में विकसित किया जाए। PM MITRA पार्क इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य की आधारशिला माने जा रहे हैं, जो भारत को वैश्विक टेक्सटाइल सप्लाई चेन में और मजबूत स्थान दिलाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।  

surbhi जुलाई 3, 2026 0
Modi New Zealand Visit
नरेंद्र मोदी का ऐतिहासिक न्यूजीलैंड दौरा, 40 साल बाद टूटेगा इंतजार

वेलिंगटन, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह न्यूजीलैंड के आधिकारिक दौरे पर जाएंगे। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इस यात्रा की पुष्टि करते हुए इसे ऐतिहासिक बताया है। यह पिछले 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी 10 जुलाई को न्यूजीलैंड के सबसे बड़े शहर ऑकलैंड पहुंचेंगे।   क्रिस्टोफर लक्सन ने क्या कहा?   न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने कहा, "भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का न्यूजीलैंड दौरा हमारे द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। हम व्यापार, निवेश, शिक्षा, पर्यटन और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के लिए उत्सुक हैं।"   व्यापार और सुरक्षा सहयोग पर होगी अहम चर्चा   यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच व्यापार एवं निवेश, समुद्री सुरक्षा, शिक्षा, प्रौद्योगिकी, पर्यटन, खेल और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी। दोनों नेता द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत बनाने के उपायों पर भी विचार करेंगे।   FTA के बाद पहली उच्चस्तरीय यात्रा   यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत और न्यूजीलैंड ने हाल ही में मुक्त व्यापार समझौता (FTA) किया है। इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड के लगभग 95 प्रतिशत उत्पादों पर शुल्क समाप्त या कम किया जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को नई गति मिलने की उम्मीद है।   द्विपक्षीय रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती   विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत-न्यूजीलैंड संबंधों में नया अध्याय जोड़ सकती है। दोनों देशों के बीच आर्थिक, रणनीतिक और लोगों के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में इस दौरे को अहम कदम माना जा रहा है।

anjali kumari जुलाई 3, 2026 0
India - Japan
भारत-जापान रिश्तों को नई उड़ान, रक्षा से AI तक कई बड़े समझौतों पर लगी मुहर

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देते हुए राजधानी दिल्ली के हैदराबाद हाउस में कई महत्वपूर्ण सहयोग समझौतों (MoC) पर हस्ताक्षर किए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत दौरे पर आईं जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री सनाए तकाइची की मौजूदगी में आयोजित वार्षिक भारत-जापान शिखर सम्मेलन में रक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), हेल्थकेयर और फार्मास्यूटिकल्स सहित कई रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।   भरोसा ही सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत: पीएम मोदी संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सनाए तकाइची का स्वागत करते हुए कहा कि भारत और जापान के बीच दोस्ती और भरोसे का रिश्ता समय के साथ और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के दौर में दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास सबसे बड़ी रणनीतिक पूंजी है। पीएम मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि तकाइची जापान के नारा प्रांत से आती हैं, जो भारत और जापान की साझा बौद्ध विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है।   इंडो-पैसिफिक में शांति और विकास पर साझा जोर दोनों नेताओं ने स्वतंत्र, समृद्ध और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के निर्माण को साझा प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों और मुक्त बाजार व्यवस्था में विश्वास रखने वाले भारत और जापान क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करेंगे।   AI, रक्षा और हेल्थ सेक्टर में बढ़ेगा सहयोग शिखर सम्मेलन के दौरान AI क्षेत्र में संयुक्त बयान जारी किया गया, जिसके तहत भारतीय और जापानी संस्थान अत्याधुनिक तकनीक के विकास के लिए मिलकर काम करेंगे। रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों ने पहले को-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर सहमति जताई, जिसके तहत नेवल रेडियो एंटीना ‘यूनिकॉर्न’ विकसित किया जाएगा। इसके अलावा फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी कई समझौते हुए। भारत की उत्पादन क्षमता और जापान की गुणवत्ता विशेषज्ञता को मिलाकर किफायती और उन्नत स्वास्थ्य समाधान विकसित करने पर दोनों देशों ने सहमति जताई।

abhishek singh जुलाई 2, 2026 0
Modi Sanae Takaichi
भारत-जापान शिखर वार्ता आज, रक्षा और इंडो-पैसिफिक सहयोग रहेगा प्रमुख एजेंडा

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और जापान के बीच आज होने वाली शिखर वार्ता में रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी प्रमुख एजेंडा रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री सानाए तकाईची के बीच होने वाली इस बैठक को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।   रक्षा सहयोग को नई गति देने पर जोर   सूत्रों के अनुसार, दोनों देश रक्षा उपकरणों के सह-विकास, सैन्य तकनीक के आदान-प्रदान और संयुक्त अभ्यासों को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए समुद्री निगरानी और लॉजिस्टिक सहयोग पर भी बातचीत होने की संभावना है।   इंडो-पैसिफिक में चीन की गतिविधियों पर नजर   विशेषज्ञों का मानना है कि बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों और समुद्री मार्गों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठ सकता है। भारत और जापान लंबे समय से मुक्त, खुला और समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र का समर्थन करते रहे हैं।   आर्थिक और प्रौद्योगिकी सहयोग पर भी चर्चा   रक्षा मामलों के अलावा दोनों नेता सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सहयोग बढ़ाने के विकल्पों पर विचार करेंगे। जापानी निवेश को भारत में बढ़ावा देने और सप्लाई चेन साझेदारी को मजबूत करने पर भी जोर रहने की उम्मीद है।   क्वाड सहयोग को मिलेगा बल   यह वार्ता ऐसे समय हो रही है जब क्वाड समूह—भारत, जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया—क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री सुरक्षा पर अपना सहयोग बढ़ा रहे हैं। माना जा रहा है कि आज की बैठक से भारत-जापान रणनीतिक संबंधों को नई दिशा मिल सकती है।

abhishek singh जुलाई 2, 2026 0
Japanese Prime Minister Sanae Takaichi arrives in New Delhi on a three-day official visit and is welcomed by Union Minister Jitendra Singh at Palam Technical Airport ahead of the India-Japan Annual Summit.
जापानी प्रधानमंत्री सनाए तकाइची तीन दिवसीय भारत दौरे पर पहुंचीं, पीएम मोदी के साथ वार्षिक शिखर सम्मेलन में लेंगी हिस्सा

नई दिल्ली: Sanae Takaichi बुधवार को तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुंचीं। नई दिल्ली के पालम टेक्निकल एयरपोर्ट पर केंद्रीय मंत्री Jitendra Singh ने भारत सरकार की ओर से उनका स्वागत किया। केंद्रीय मंत्री ने इस अवसर की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि भारत सरकार की ओर से जापानी प्रधानमंत्री का स्वागत करना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने इस यात्रा को भारत-जापान रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में होंगी शामिल अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान प्रधानमंत्री तकाइची 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगी। इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ द्विपक्षीय वार्ता होगी। बैठक में दोनों नेता व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग जैसे प्रमुख विषयों पर चर्चा करेंगे। साथ ही दोनों देशों के संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए भविष्य की रूपरेखा पर भी विचार किया जाएगा। प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली भारत यात्रा भारत पहुंचने के बाद जापानी प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है और व्यक्तिगत रूप से भी वह पहली बार भारत आई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली बैठक में वैश्विक और द्विपक्षीय महत्व के कई मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी तथा दोनों देशों के सहयोग को नई दिशा देने पर जोर रहेगा। रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई गति भारत और जापान के बीच हाल के वर्षों में आर्थिक, रक्षा और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता, मुक्त एवं समावेशी समुद्री व्यवस्था और भरोसेमंद आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने के लिए भी मिलकर काम कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग के साथ-साथ दोनों देशों के दीर्घकालिक संबंधों को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।  

Deepshikha जुलाई 2, 2026 0
Prime Minister Narendra Modi and Japanese Prime Minister Sanae Takaichi during a bilateral meeting as India and Japan discuss a new rupee-yen trade mechanism to reduce dependence on the US dollar.
भारत-जापान ट्रेड में डॉलर की भूमिका होगी कम? रुपए-येन में सीधे कारोबार की तैयारी, मोदी-ताकाइची बैठक में हो सकता है बड़ा ऐलान

  नई दिल्ली: भारत और जापान द्विपक्षीय व्यापार में अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देश ऐसी व्यवस्था पर काम कर रहे हैं जिसके तहत कारोबार का भुगतान सीधे भारतीय रुपए और जापानी येन में किया जा सकेगा। इस पहल का उद्देश्य व्यापार को अधिक तेज, सस्ता और सुगम बनाना है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस प्रस्ताव की औपचारिक घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची के बीच नई दिल्ली में होने वाले 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के बाद की जा सकती है। प्रधानमंत्री बनने के बाद ताकाइची का यह पहला भारत दौरा है। स्थानीय मुद्रा में होगा व्यापार प्रस्ताव लागू होने के बाद भारत और जापान के बीच पहली बार स्थानीय मुद्राओं में व्यापार के लिए औपचारिक व्यवस्था बनेगी। इसके तहत जापानी कंपनियां भारत के बैंकों में विशेष खाते खोलकर सीधे रुपए और येन में भुगतान कर सकेंगी। इस व्यवस्था से अमेरिकी डॉलर या किसी तीसरे देश की बैंकिंग प्रणाली पर निर्भरता कम होगी, विदेशी मुद्रा विनिमय की लागत घटेगी और सीमा-पार भुगतान पहले की तुलना में अधिक तेज़ी से हो सकेगा। स्पेशल अकाउंट के जरिए आसान होगा भुगतान योजना के तहत जापानी कंपनियां भारतीय बैंकों में विशेष खाते संचालित करेंगी, जिनके माध्यम से आयात-निर्यात का भुगतान सीधे स्थानीय मुद्राओं में किया जाएगा। इससे: विदेशी मुद्रा विनिमय का खर्च कम होगा। भुगतान प्रक्रिया तेज होगी। कारोबारियों की लेनदेन लागत घटेगी। व्यापारिक जोखिम कम होंगे। 2025 में बनी थी सहमति यह पहल नई नहीं है। अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा के दौरान जारी संयुक्त विजन दस्तावेज में दोनों देशों ने अगले 10 वर्षों के दौरान स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और भुगतान प्रणाली को बढ़ावा देने पर सहमति जताई थी। अब जापान का वित्त मंत्रालय वित्त वर्ष 2026 के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ एक सहयोग समझौते (MoC) पर काम कर रहा है, जिससे इस व्यवस्था को औपचारिक रूप दिया जा सके। भारत पहले से बढ़ा रहा रुपए में अंतरराष्ट्रीय व्यापार भारतीय रिजर्व बैंक ने जुलाई 2022 में स्पेशल रुपी वोस्त्रो अकाउंट (SRVA) व्यवस्था शुरू की थी, ताकि विदेशी देशों के साथ रुपए में व्यापार को बढ़ावा दिया जा सके। सरकार के अनुसार: 30 देशों के 123 विदेशी बैंकों के लिए भारत के 26 बैंकों में 156 विशेष रुपया वोस्त्रो खाते खोले जा चुके हैं। RBI का मानना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में मजबूत विदेशी मुद्राओं पर निर्भरता कम होगी और रुपए का वैश्विक उपयोग बढ़ेगा। भारत-जापान आर्थिक रिश्ते लगातार मजबूत भारत और जापान के बीच आर्थिक सहयोग लगातार विस्तार कर रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 27.5 अरब डॉलर रहा। अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान जापान ने भारत में 3.2 अरब डॉलर का निवेश किया। अगले 10 वर्षों में जापान ने भारत में 61 अरब डॉलर से अधिक निवेश का लक्ष्य रखा है। भारत में वर्तमान में करीब 1,400 जापानी कंपनियां काम कर रही हैं। जापान मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना सहित कई बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में भी निवेश कर रहा है। शिखर सम्मेलन में इन मुद्दों पर भी होगी चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री साने ताकाइची के बीच होने वाली बैठक में कई रणनीतिक और आर्थिक विषयों पर बातचीत होने की संभावना है, जिनमें शामिल हैं— व्यापार और निवेश सेमीकंडक्टर सहयोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ऑटोमोबाइल सेक्टर सप्लाई चेन रक्षा सहयोग हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा क्वाड सहयोग दोनों नेता उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। भारत-जापान साझेदारी की प्रमुख बातें जापान भारत में निवेश करने वाला पांचवां सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है। मार्च 2026 तक जापान का कुल निवेश लगभग ₹4.58 लाख करोड़ पहुंच चुका है। दोनों देशों ने 2025 में अगले 10 वर्षों के लिए 10 ट्रिलियन जापानी येन (करीब ₹5.84 लाख करोड़) के निजी निवेश का लक्ष्य तय किया। यह निवेश सेमीकंडक्टर, क्लीन एनर्जी, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और रक्षा उद्योगों पर केंद्रित होगा। भारत और जापान ने चीन पर वैश्विक निर्भरता कम करने के उद्देश्य से सेमीकंडक्टर और क्रिटिकल मिनरल्स (लिथियम, कोबाल्ट आदि) की सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए रणनीतिक सहयोग भी शुरू किया है।

Deepshikha जुलाई 1, 2026 0
US Ambassador Sergio Gor speaking at the USISPF Leadership Summit 2026 while discussing the India-US trade deal and strategic partnership.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण में, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सुनाया पीएम मोदी और ट्रंप से जुड़ा दिलचस्प किस्सा

  नई दिल्ली/वॉशिंगटन: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौता (ट्रेड डील) अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। भारत में अमेरिका के राजदूत Sergio Gor ने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत लगभग पूरी हो चुकी है और समझौते को जल्द अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) लीडरशिप समिट 2026 को संबोधित करते हुए गोर ने कहा कि भारत वैश्विक मंच पर तेजी से मजबूत भूमिका निभा रहा है और आने वाले वर्षों में भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी और गहरी होगी। भारत की बढ़ती भूमिका की सराहना गोर ने कहा कि भारत अब केवल एक उभरती अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली शक्ति बन चुका है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों का सहयोग केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), अत्याधुनिक तकनीक, विमानन, नवाचार और भरोसेमंद सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से बढ़ेगा। ट्रंप और पीएम मोदी से जुड़ा दिलचस्प किस्सा अपने संबोधन के दौरान सर्जियो गोर ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और प्रधानमंत्री Narendra Modi से जुड़ा एक रोचक प्रसंग भी साझा किया। उन्होंने बताया कि एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने सुबह करीब छह बजे प्रधानमंत्री मोदी को फोन करने की इच्छा जताई। जब उन्हें बताया गया कि भारत और अमेरिका के समय में बड़ा अंतर है, तो ट्रंप ने मुस्कुराते हुए कहा, "मोदी जाग रहे होंगे, वो मेरी तरह कम सोते हैं।" गोर के अनुसार, ट्रंप प्रधानमंत्री मोदी को अपना करीबी मित्र मानते हैं और दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत स्तर पर मजबूत संबंध हैं। '50 साल बाद भी दोस्त रहेंगे दोनों देश' गोर ने बताया कि नई दिल्ली में एक भारतीय मंत्री ने उनसे कहा था कि आने वाले 50 वर्षों में भी भारत और अमेरिका मजबूत साझेदार बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े और सबसे पुराने लोकतंत्रों के साझा मूल्य इस रिश्ते को और मजबूत बनाते हैं। AI, टेक्नोलॉजी और एविएशन पर रहेगा जोर अमेरिकी राजदूत ने कहा कि भविष्य में दोनों देशों के बीच सहयोग के प्रमुख क्षेत्र होंगे: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उन्नत प्रौद्योगिकी एविएशन नवाचार भरोसेमंद वैश्विक सप्लाई चेन उन्होंने कहा कि अगले दो वर्ष भारत-अमेरिका संबंधों की दिशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण होंगे। व्यापार वार्ता में हुई अहम प्रगति गोर ने बताया कि 22 से 24 जून के बीच नई दिल्ली में भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि Jamieson Greer के बीच महत्वपूर्ण बैठकें हुईं। इन बैठकों में व्यापार समझौते की प्रगति की समीक्षा की गई और निवेश, आर्थिक सहयोग तथा व्यापार विस्तार पर चर्चा हुई। जल्द हो सकता है समझौता सर्जियो गोर ने विश्वास जताया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील अब अंतिम चरण में है और जल्द ही इस पर सहमति बन सकती है। उनके अनुसार, यह समझौता दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को नई मजबूती देगा तथा भविष्य में द्विपक्षीय सहयोग के नए अवसर खोलेगा।  

Deepshikha जुलाई 1, 2026 0
Shehbaz Sharif Modi
'दुश्मनी छोड़िए, बातचीत शुरू कीजिए'- 117 हस्तियों का मोदी-शहबाज को खुला पत्र

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से जारी तनावपूर्ण संबंधों के बीच दोनों देशों की 117 प्रमुख हस्तियों ने शांति और संवाद की नई पहल की है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif को लिखे संयुक्त पत्र में दोनों देशों से टकराव की बजाय बातचीत का रास्ता अपनाने और द्विपक्षीय रिश्तों को सामान्य बनाने की अपील की गई है। पत्र पर भारत की 61 और पाकिस्तान की 56 हस्तियों के हस्ताक्षर हैं।   पूर्व नेताओं और सामाजिक हस्तियों ने की पहल पत्र पर भारत की ओर से जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah, Mehbooba Mufti, राज्यसभा सांसद Manoj Jha सहित कई पूर्व अधिकारी, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हस्ताक्षर किए हैं। पाकिस्तान की ओर से पूर्व विदेश मंत्री Khurshid Mahmud Kasuri समेत कई प्रमुख हस्तियां इस पहल का हिस्सा बनी हैं। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती शत्रुता से दोनों देशों के विकास, क्षेत्रीय स्थिरता और आम नागरिकों के हित प्रभावित हो रहे हैं।   11 प्रमुख मांगें रखीं संयुक्त पत्र में दोनों सरकारों के सामने 11 प्रमुख सुझाव रखे गए हैं। इनमें द्विपक्षीय वार्ता दोबारा शुरू करना, जम्मू-कश्मीर सहित सभी विवादित मुद्दों पर बातचीत, सीमा पर सैन्य तनाव कम करना, लोगों के बीच संपर्क बढ़ाना, सांस्कृतिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान बहाल करना, क्रिकेट और अन्य खेलों की द्विपक्षीय श्रृंखला शुरू करना, सीधी हवाई सेवाएं बहाल करना, वीजा प्रक्रिया सरल बनाना, दोनों देशों में हाई कमिश्नर की नियुक्ति, बस सेवाओं और सीमा पार आवाजाही को फिर से शुरू करना तथा व्यापारिक संबंधों को बहाल करने जैसी मांगें शामिल हैं।   तनाव के बीच शांति की अपील यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब हाल के वर्षों में आतंकवादी घटनाओं, सीमावर्ती तनाव और कूटनीतिक मतभेदों के कारण दोनों देशों के संबंध लगातार प्रभावित रहे हैं। पत्र में कहा गया है कि संवाद ही सभी समस्याओं का स्थायी समाधान है और दोनों देशों को शांति, सहयोग तथा विकास के साझा लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि, इस पहल पर दोनों सरकारों की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

abhishek singh जुलाई 1, 2026 0
PM Narendra MODI
पीएम मोदी ने शीर्ष अधिकारियों के साथ की हाई लेवल बैठक, 'विकसित भारत 2047' एजेंडे की प्रगति की समीक्षा

नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को केंद्र सरकार के वरिष्ठ सचिवों और शीर्ष अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य, प्रशासनिक सुधार, निवेश, रोजगार सृजन, डिजिटल गवर्नेंस और प्रमुख सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रालयों को समयबद्ध तरीके से परियोजनाओं को पूरा करने और बेहतर समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए।   सुशासन और तेज़ क्रियान्वयन पर जोर   बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता नागरिकों तक योजनाओं का लाभ तेज़ी और पारदर्शिता के साथ पहुंचाना है। उन्होंने मंत्रालयों से नवाचार अपनाने, तकनीक के बेहतर उपयोग और जवाबदेही बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।   रोजगार और निवेश पर भी हुई चर्चा   बैठक में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, विनिर्माण, निर्यात बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सरकार ने विभिन्न मंत्रालयों को आपसी समन्वय बढ़ाकर विकास परियोजनाओं की गति तेज करने के निर्देश दिए।

abhishek singh जुलाई 1, 2026 0
India's newly appointed High Commissioner to Bangladesh Dinesh Trivedi during an official event after being granted Cabinet Minister rank by the Indian government.
बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी को मिला कैबिनेट मंत्री का दर्जा, जानिए मोदी सरकार के फैसले के पीछे की रणनीति

नई दिल्ली: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बांग्लादेश में भारत के नए उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी को केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के समकक्ष दर्जा देने का फैसला किया है। विदेश नीति के लिहाज से इस कदम को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला प्रधानमंत्री मोदी की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति को मजबूत करने के साथ-साथ ढाका को एक स्पष्ट कूटनीतिक संदेश भी देता है। दिनेश त्रिवेदी को 27 अप्रैल को बांग्लादेश में भारत का उच्चायुक्त नियुक्त किया गया था। मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल में यह पहली बार है, जब किसी वरिष्ठ राजनीतिक नेता को विदेश में भारत का राजदूत बनाकर भेजा गया है और उसे कैबिनेट मंत्री के समकक्ष दर्जा दिया गया है। क्या होगा कैबिनेट रैंक का फायदा? बांग्लादेश में भारत की पूर्व उच्चायुक्त वीना सीकरी ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बताया कि कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिलने से दिनेश त्रिवेदी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक सीधे पहुंच मिलेगी। उनके अनुसार, सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत विदेश सचिव या विदेश मंत्री के माध्यम से संवाद करने के बजाय त्रिवेदी सीधे प्रधानमंत्री से महत्वपूर्ण मामलों पर संपर्क कर सकेंगे। इससे दोनों देशों के बीच संवेदनशील मुद्दों पर तेजी से निर्णय लेने में मदद मिलेगी। ढाका के लिए क्या है संदेश? वीना सीकरी के मुताबिक, यह फैसला बांग्लादेश को यह स्पष्ट संदेश देता है कि दिनेश त्रिवेदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भरोसेमंद राजनीतिक प्रतिनिधि हैं। ऐसे में बांग्लादेश की सरकार भी उनके साथ सामान्य राजनयिक की बजाय उच्च राजनीतिक स्तर पर संवाद करेगी। माना जा रहा है कि त्रिवेदी की सीधी पहुंच बांग्लादेश के प्रधानमंत्री और वरिष्ठ मंत्रियों तक होगी। प्रोटोकॉल और सुरक्षा में भी मिलेगा विशेष दर्जा कैबिनेट रैंक मिलने के बाद दिनेश त्रिवेदी को बांग्लादेश में विशेष कूटनीतिक प्रोटोकॉल मिलेगा। हवाई अड्डे पर आगमन, आधिकारिक कार्यक्रमों और देश के भीतर यात्रा के दौरान उन्हें वही सम्मान और सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी, जो बांग्लादेश अपने कैबिनेट मंत्रियों को देता है। 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति को मिलेगी मजबूती विशेषज्ञों का मानना है कि यह नियुक्ति प्रधानमंत्री मोदी की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के तहत पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को प्राथमिकता देने की रणनीति का हिस्सा है। अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के सत्ता से हटने के बाद भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में तनाव देखने को मिला था। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान कई भारत समर्थक परियोजनाओं और नीतिगत फैसलों में बदलाव किए गए, जिससे दोनों देशों के संबंध प्रभावित हुए। नई सरकार के साथ रिश्ते सुधारने की कोशिश अब बांग्लादेश में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई सरकार के गठन के बाद भारत व्यापार, निवेश और विकास परियोजनाओं को फिर से गति देना चाहता है। हाल के दिनों में तारिक रहमान की चीन यात्रा और वहां जारी संयुक्त बयान ने नई दिल्ली की रणनीतिक चिंताओं को बढ़ाया है। ऐसे में दिनेश त्रिवेदी की नियुक्ति और उन्हें दिया गया विशेष दर्जा भारत की सक्रिय कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पहले भी राजनीतिक नेताओं को मिल चुका है यह सम्मान मोदी सरकार में यह पहली बार हुआ है, लेकिन पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों के दौरान भी कई वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं को राजदूत बनाकर भेजा गया था। इनमें विजयलक्ष्मी पंडित, टी.एन. कौल, डॉ. कर्ण सिंह और डी.पी. धर जैसे नाम शामिल हैं, जिन्हें अपने-अपने कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री के समकक्ष दर्जा दिया गया था।  

Deepshikha जुलाई 1, 2026 0
India Iran Relations
पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से की फोन पर बातचीत, पश्चिम एशिया में शांति पर दिया जोर

नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार देर रात ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से टेलीफोन पर बातचीत की। बातचीत के दौरान राष्ट्रपति पेजेशकियन ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और हालिया घटनाक्रम की जानकारी साझा की।    होर्मुज़ में नौवहन सुनिश्चित करने पर दिया जोर   प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में बनी नई समझ का स्वागत करते हुए कहा कि सभी विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए होना चाहिए। उन्होंने पश्चिम एशिया में स्थायी शांति और स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही भारत के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज़ जलडमरूमध्य में नौवहन और व्यापार की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।  दोनों नेताओं ने भारत-ईरान संबंधों को और मजबूत बनाने तथा क्षेत्रीय घटनाक्रम पर लगातार संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई। यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब पश्चिम एशिया में संघर्षविराम को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी दुनिया की नजर टिकी हुई है।

anjali kumari जुलाई 1, 2026 0
US Ambassador to India Sergio Gor speaks at the US-India Strategic Partnership Forum, discussing progress on the India-US trade agreement.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण में, दिसंबर में G20 के लिए अमेरिका जा सकते हैं पीएम मोदी: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर

  वॉशिंगटन: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार वार्ता अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील लगभग पूरी हो चुकी है और अब केवल करीब एक प्रतिशत बातचीत बाकी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह समझौता जल्द अंतिम रूप ले लेगा। 'सिर्फ एक प्रतिशत बातचीत बाकी' वॉशिंगटन में आयोजित यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम लीडरशिप समिट को संबोधित करते हुए सर्जियो गोर ने कहा कि करीब 18 महीने से दोनों देशों के बीच इस समझौते पर बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा, "हम ट्रेड डील के अंतिम चरण में हैं। अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब केवल लगभग एक प्रतिशत बातचीत बाकी है और हम इसे जल्द पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।" गोर ने कहा कि यह समझौता भारत और अमेरिका दोनों के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी साबित होगा। 20 वर्षों के रिश्तों का अगला पड़ाव उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के व्यापारिक संबंध दो दशकों से लगातार मजबूत होते रहे हैं। ऐसे में इस समझौते को व्यापक दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। गोर के मुताबिक, यूरोप के साथ अमेरिका के व्यापारिक समझौतों के बाद भारत के साथ यह डील दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई मजबूती देगी। पीएम मोदी दिसंबर में अमेरिका आ सकते हैं सर्जियो गोर ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिसंबर में आयोजित होने वाले G20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए अमेरिका का दौरा कर सकते हैं। समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, गोर ने कहा, "विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान उन्हें अमेरिका आने का निमंत्रण दिया था। हमें उम्मीद है कि वे दिसंबर में G20 के लिए यहां आएंगे।" भारत सरकार की ओर से इस यात्रा को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ट्रंप और मोदी के रिश्तों की भी सराहना अमेरिकी राजदूत ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तिगत संबंध दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप आज भी अपनी पिछली भारत यात्रा को बेहद यादगार बताते हैं और अक्सर उसका उल्लेख करते हैं। फिलीपींस में होगी QUAD विदेश मंत्रियों की बैठक सर्जियो गोर ने यह भी जानकारी दी कि QUAD (भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया) के विदेश मंत्रियों की अगली बैठक लगभग दो सप्ताह बाद फिलीपींस में आयोजित होगी। इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, इंडो-पैसिफिक सहयोग और अन्य रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।  

Deepshikha जून 30, 2026 0
Indian Minister of State for External Affairs Pabitra Margherita and Bihar Governor Lt Gen (Retd) Syed Ata Hasnain set to represent India at Ayatollah Ali Khamenei’s state funeral in Tehran.
खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधिमंडल होगा शामिल, बिहार के राज्यपाल और विदेश राज्य मंत्री जाएंगे ईरान

  नई दिल्ली: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में भारत सरकार की ओर से एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा। सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारतीय प्रतिनिधिमंडल में बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा शामिल होंगे। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण भेजा था। प्रधानमंत्री के पूर्व निर्धारित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के कारण भारत ने उनके स्थान पर वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल भेजने का फैसला किया है।  4 जुलाई से शुरू होंगे अंतिम संस्कार के कार्यक्रम सूत्रों के मुताबिक, अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 4 जुलाई से ईरान में शुरू होंगे। इन समारोहों के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचकर भारत की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करेगा। भारत-ईरान संबंधों का महत्वपूर्ण संदेश विशेषज्ञों का मानना है कि वरिष्ठ स्तर का प्रतिनिधिमंडल भेजना भारत और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे कूटनीतिक एवं रणनीतिक संबंधों को दर्शाता है। भारत ईरान को अपने विस्तारित पड़ोस (Extended Neighbourhood) की नीति के तहत एक महत्वपूर्ण साझेदार मानता है।  कौन हैं भारतीय प्रतिनिधि? लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन वर्तमान में बिहार के राज्यपाल हैं और सैन्य एवं सामरिक मामलों के विशेषज्ञ माने जाते हैं। वहीं, पबित्र मार्गेरिटा विदेश राज्य मंत्री के रूप में भारत की विदेश नीति और कूटनीतिक पहल का प्रतिनिधित्व करते हैं।  कई देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना ईरान में आयोजित होने वाले अंतिम संस्कार कार्यक्रम में भारत के अलावा रूस, चीन, इराक, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और मध्य एशिया के कई देशों के प्रतिनिधिमंडलों के भी शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।   

Deepshikha जून 30, 2026 0
India and Seychelles sign 19 agreements during Prime Minister Narendra Modi’s visit, strengthening cooperation in defence, maritime security, digital payments, health, space, and education.
भारत और सेशेल्स के बीच रक्षा, UPI समेत 19 अहम समझौते, हिंद महासागर में रणनीतिक साझेदारी होगी और मजबूत

  नई दिल्ली/विक्टोरिया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन दिवसीय सेशेल्स यात्रा के दौरान भारत और सेशेल्स ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल भुगतान, स्वास्थ्य, अंतरिक्ष, कृषि और शिक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 19 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों के बीच हुई प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद इन समझौतों की घोषणा की गई। इनका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना और द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देना है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि, बाह्य अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग, यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली, एक्जिम बैंक के माध्यम से व्यापक ऋण सुविधा, और सेशेल्स के नए राष्ट्रीय अस्पताल की प्रारंभिक तैयारियों से जुड़े समझौतों पर सहमति बनी है। सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा को मिलेगा भारत का सहयोग भारत ने सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। भारत सेशेल्स को एक तेज गश्ती पोत (Fast Patrol Vessel) उपहार में देगा। इसके अलावा सेशेल्स रक्षा बल को 10 यूटिलिटी वाहन और पांच लेजर रेडियल श्रेणी की नौकाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। भारत ने यह भी घोषणा की कि सेशेल्स कोस्ट गार्ड के पोत पीएस जोरोस्टर के पुनर्निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। साथ ही सेशेल्स के लिए उपलब्ध कराए गए डोर्नियर विमान को आधुनिक ग्लास कॉकपिट प्रणाली से अपग्रेड किया जाएगा। विकास परियोजनाओं को भी मिला बढ़ावा भारत ने विकास सहयोग के तहत सेशेल्स को छह एंबुलेंस, 500 मीट्रिक टन चावल और 8,500 मीट्रिक टन सीमेंट भी सौंपा। इसके साथ ही भारत-सेशेल्स राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक स्मारक लोगो जारी किया गया। दोनों देशों ने व्यावसायिक एवं तकनीकी शिक्षा केंद्र की आधारशिला का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन भी किया। सेशेल्स में लागू होगी UPI आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली डिजिटल सहयोग को बढ़ावा देने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड और सेशेल्स के केंद्रीय बैंक के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत सेशेल्स में भारत की यूपीआई (UPI) आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली को लागू किया जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी सहयोग को नई मजबूती मिलेगी। जन औषधि योजना के तहत मिलेंगी सस्ती भारतीय दवाएं स्वास्थ्य क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड और सेशेल्स के स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच हुए समझौते के तहत जन औषधि योजना के माध्यम से सेशेल्स के लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली और किफायती भारतीय दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा नए राष्ट्रीय अस्पताल की प्रारंभिक तैयारियों को लेकर भी समझौता हुआ है। शिक्षा, कृषि और अंतरिक्ष सहयोग का होगा विस्तार भारत और सेशेल्स ने विदेश सेवा प्रशिक्षण, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा, नाविकों के प्रशिक्षण और प्रमाणन की पारस्परिक मान्यता तथा बाह्य अंतरिक्ष की खोज और उसके शांतिपूर्ण उपयोग से जुड़े कई समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन समझौतों से दोनों देशों के बीच संस्थागत सहयोग और क्षमता निर्माण को नई गति मिलेगी। 50 वर्षों की दोस्ती को मिली नई दिशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर सेशेल्स पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भी शामिल होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इन 19 समझौतों के बाद भारत और सेशेल्स के संबंध केवल विकास सहयोग तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, समुद्री सहयोग और डिजिटल कनेक्टिविटी के नए दौर की शुरुआत भी करेंगे।  

Deepshikha जून 29, 2026 0
Prime Minister Narendra Modi performing Ganesh Puja at Arul Mihu Navasakthi Vinayagar Temple in Victoria, Seychelles with traditional rituals and priest chanting mantras.
हाथ जोड़कर गणपति के दरबार पहुंचे पीएम मोदी, सेशेल्स के प्रसिद्ध विनयगर मंदिर में की पूजा; सामने आया वीडियो

  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन दिवसीय सेशेल्स दौरे के दौरान राजधानी विक्टोरिया स्थित अरुल मिहू नवशक्ति विनयगर मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान गणेश के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान का वीडियो सामने आया है, जिसमें प्रधानमंत्री पूरे श्रद्धाभाव के साथ मंदिर में पूजा करते नजर आ रहे हैं। यह मंदिर सेशेल्स का एकमात्र तमिल हिंदू मंदिर माना जाता है और भारतीय समुदाय की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक है। प्रधानमंत्री की इस यात्रा ने भारत और सेशेल्स के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को भी नई मजबूती दी है। पूरे विधि-विधान से की गणपति की पूजा डीडी न्यूज द्वारा साझा किए गए वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर में प्रवेश करते ही भगवान गणेश के समक्ष नतमस्तक होते दिखाई देते हैं। उनके हाथ में पूजा सामग्री से भरी टोकरी भी नजर आती है। मंदिर के पुजारी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रधानमंत्री से पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार पूजा करवाई। पूजा के बाद आरती की गई, जिसे प्रधानमंत्री ने श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया और भगवान गणेश की प्रतिमा के सामने हाथ जोड़कर आशीर्वाद लिया। सेशेल्स का प्रमुख हिंदू धार्मिक स्थल राजधानी विक्टोरिया में स्थित अरुल मिहू नवशक्ति विनयगर मंदिर भगवान गणेश को समर्पित है। अपनी आकर्षक द्रविड़ शैली की वास्तुकला और धार्मिक महत्व के कारण यह मंदिर स्थानीय लोगों के साथ-साथ भारतीय मूल के समुदाय के लिए भी आस्था का प्रमुख केंद्र है। यह मंदिर सेशेल्स में भारतीय संस्कृति और परंपराओं की जीवंत पहचान माना जाता है। भारत-सेशेल्स के सांस्कृतिक रिश्तों का प्रतीक प्रधानमंत्री मोदी की मंदिर यात्रा को भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत सांस्कृतिक और जन-जन के संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है। दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हो रही यह यात्रा केवल रणनीतिक और आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि साझा सांस्कृतिक विरासत को भी रेखांकित करती है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल मंदिर में पूजा-अर्चना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी पूरे श्रद्धाभाव के साथ पूजा करते और भगवान गणेश का आशीर्वाद लेते दिखाई दे रहे हैं। इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।  

Deepshikha जून 29, 2026 0
Indian men's hockey team celebrates after defeating England in a penalty shootout during the FIH Pro League.
क्रिकेट में निराशा, हॉकी में शानदार जीत! एफआईएच प्रो लीग के आखिरी मैच में भारत ने इंग्लैंड को शूटआउट में हराया

नई दिल्ली: एक ओर क्रिकेट में भारतीय टीम को हालिया मुकाबलों में निराशा मिली, वहीं दूसरी ओर भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एफआईएच प्रो लीग के अपने आखिरी मैच में इंग्लैंड को रोमांचक पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से हराकर जीत के साथ अभियान का समापन किया। निर्धारित 60 मिनट तक दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं और मुकाबला 0-0 से बराबरी पर समाप्त हुआ। इसके बाद शूटआउट में भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन संयम दिखाते हुए जीत अपने नाम कर ली। गोलकीपरों और डिफेंस ने बचाई टीम मैच की शुरुआत से ही इंग्लैंड ने आक्रामक खेल दिखाया और शुरुआती मिनटों में पेनल्टी कॉर्नर भी हासिल किया। हालांकि भारतीय गोलकीपर मोहित शशिकुमार ने शानदार बचाव करते हुए मेजबान टीम को बढ़त लेने से रोक दिया। पहले क्वार्टर में भारत को भी गोल करने का मौका मिला, लेकिन अभिषेक उसे भुना नहीं सके। पहले 15 मिनट का खेल गोलरहित रहा। हाफ टाइम तक दोनों टीमें बराबरी पर दूसरे क्वार्टर में इंग्लैंड लगातार भारतीय सर्कल में दबाव बनाता रहा, लेकिन भारतीय डिफेंस मजबूती से खड़ा रहा। दूसरी ओर भारत ने भी जवाबी हमले किए। जरमनप्रीत सिंह का दमदार प्रयास इंग्लैंड के गोलकीपर ने शानदार बचाव के साथ रोक दिया। हाफ टाइम तक दोनों टीमों का स्कोर 0-0 रहा। तीसरे क्वार्टर में बढ़ा रोमांच तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने ज्यादा आक्रामक रुख अपनाया। कप्तान हार्दिक सिंह ने शानदार मूव बनाते हुए मंदीप सिंह के लिए मौका तैयार किया, लेकिन गोल नहीं हो सका। इसके बाद भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन टीम बढ़त हासिल नहीं कर पाई। इसी दौरान इंग्लैंड को पेनल्टी स्ट्रोक मिला, लेकिन भारत ने वीडियो रेफरल लिया। रिप्ले में भारतीय खिलाड़ी का टैकल सही पाया गया, जिसके बाद अंपायर ने अपना फैसला बदल दिया। यह मैच का बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। अंतिम क्वार्टर में भी नहीं टूटा गतिरोध आखिरी क्वार्टर में दोनों टीमों ने लगातार हमले किए, लेकिन दोनों गोलकीपरों और डिफेंस ने शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा ने भी कई महत्वपूर्ण बचाव किए। भारत और इंग्लैंड दोनों को पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। शूटआउट में भारत ने मारी बाजी निर्धारित समय के बाद मुकाबला शूटआउट में पहुंचा, जहां भारत ने 3-2 से जीत दर्ज की। भारत की ओर से शूटआउट में गोल करने वाले खिलाड़ी रहे— अभिषेक शिलानंद लाकड़ा हार्दिक सिंह भारतीय डिफेंस के अहम खिलाड़ी संजय को पूरे मैच में शानदार प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। विश्व कप से पहले बढ़ा आत्मविश्वास एफआईएच प्रो लीग का यह मुकाबला आगामी हॉकी विश्व कप से पहले भारतीय टीम का आखिरी मैच था। इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ दबाव में हासिल की गई यह जीत टीम के आत्मविश्वास को निश्चित रूप से मजबूती देगी।  

surbhi जून 29, 2026 0
A smartphone displaying UPI payment as India expands its digital payment network to Seychelles.
अब सेशेल्स में भी चलेगा भारत का UPI, डिजिटल पेमेंट नेटवर्क का वैश्विक विस्तार; 10 देशों तक पहुंची सेवा

नई दिल्ली: भारत का डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) अब अफ्रीकी द्वीपीय देश सेशेल्स तक पहुंचने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया सेशेल्स यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच UPI को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के बाद सेशेल्स भी उन देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जहां भारतीय यात्री UPI आधारित डिजिटल भुगतान का लाभ उठा सकेंगे। किन देशों में पहले से उपलब्ध है UPI? सेशेल्स के शामिल होने के बाद भारतीय UPI नेटवर्क का दायरा और बढ़ गया है। इससे पहले भारतीय पर्यटक निम्न देशों में UPI के जरिए मर्चेंट पेमेंट कर सकते हैं— सिंगापुर नेपाल भूटान श्रीलंका मॉरीशस संयुक्त अरब अमीरात कतर फ्रांस कंबोडिया अब इस सूची में सेशेल्स भी शामिल हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि सेशेल्स यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। इनमें UPI लागू करने, जन औषधि सहयोग, जलवायु परिवर्तन, ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा और ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में साझेदारी शामिल है। भारतीय यात्रियों को क्या होगा फायदा? इस समझौते का सबसे बड़ा लाभ भारतीय पर्यटकों और व्यवसायियों को मिलेगा। मुख्य फायदे: नकद रखने की जरूरत कम होगी। डिजिटल भुगतान पहले से अधिक आसान होगा। भुगतान प्रक्रिया तेज और सुविधाजनक बनेगी। भारत और सेशेल्स के बीच फिनटेक सहयोग मजबूत होगा। सेशेल्स हिंद महासागर का एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, जहां हर वर्ष हजारों भारतीय पर्यटक छुट्टियां मनाने पहुंचते हैं। भारतीयों के लिए वीजा-फ्री डेस्टिनेशन भारतीय नागरिकों को सेशेल्स यात्रा के लिए पहले से वीजा लेने की आवश्यकता नहीं होती। हालांकि, पर्यटन उद्देश्य से पहुंचने वाले यात्रियों को आगमन पर Visitor Permit लेना होता है। सेशेल्स में भारतीय मूल के लोगों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति है। भारत से वहां चावल, दवाइयां, वस्त्र, वाहन, मशीनरी, स्पेयर पार्ट्स और प्लास्टिक उत्पादों का निर्यात किया जाता है। भारत की डिजिटल ताकत को मिल रही वैश्विक पहचान पिछले कुछ वर्षों में UPI दुनिया के सबसे सफल डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म में से एक बनकर उभरा है। अब इसका विस्तार लगातार नए देशों तक हो रहा है, जिससे सीमा पार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलने के साथ भारत की फिनटेक क्षमता को भी वैश्विक पहचान मिल रही है।  

surbhi जून 29, 2026 0
Prime Minister Narendra Modi and Seychelles President Dr. Patrick Herminie address a joint press conference in Victoria after bilateral talks.
सेशेल्स से पीएम मोदी का बड़ा संदेश: हिंद महासागर की सुरक्षा के साथ आर्थिक समृद्धि भी हमारी प्राथमिकता

  विक्टोरिया (सेशेल्स): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सेशेल्स दौरे के दौरान हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा, आर्थिक विकास और रणनीतिक साझेदारी को लेकर बड़ा संदेश दिया। सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में पीएम मोदी ने कहा कि हिंद महासागर दोनों देशों का साझा घर है और इसकी सुरक्षा, स्थिरता तथा समृद्धि सुनिश्चित करना भारत और सेशेल्स की साझा जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ऐसे हिंद महासागर की परिकल्पना करता है, जहां समुद्री सुरक्षा के साथ आर्थिक प्रगति, ब्लू इकोनॉमी और क्षेत्रीय सहयोग को भी समान प्राथमिकता मिले। उन्होंने कहा कि यही सोच भारत के 'महासागर (MAHASAGAR) विजन' का आधार है। सेशेल्स के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित हुए पीएम मोदी सेशेल्स सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मानों में शामिल 'गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन' (Guardian of the Blue Horizon) से सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने के बाद पीएम मोदी ने इसे भारत के 1.4 अरब नागरिकों का सम्मान बताते हुए कहा कि वह इसे उन सभी देशों को समर्पित करते हैं जो जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत-सेशेल्स संबंधों के 50 वर्ष पूरे प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के लिए ऐतिहासिक अवसर है, क्योंकि सेशेल्स अपनी स्वतंत्रता के 50 वर्ष पूरे कर रहा है और भारत-सेशेल्स के राजनयिक संबंधों की भी स्वर्ण जयंती मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच दशकों में दोनों देशों के रिश्ते भरोसे, साझेदारी और जन-कल्याण पर आधारित मजबूत संबंधों में बदल गए हैं। सदियों से हिंद महासागर ने दोनों देशों के बीच व्यापार, संस्कृति और लोगों के आपसी संबंधों को मजबूत किया है। सेशेल्स में लागू होगा भारत का UPI तकनीकी सहयोग को नई दिशा देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि अब सेशेल्स में भी भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) लागू किया जाएगा। इसके लिए दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी और भुगतान प्रणाली को मजबूत करने से व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। साथ ही पूर्वी अफ्रीका और हिंद महासागर क्षेत्र के साथ संपर्क और सहयोग भी बढ़ेगा। भारत की मदद से बनेगा नया राष्ट्रीय अस्पताल प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी की मौजूदगी में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल बैंकिंग, स्वच्छ ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा और अंतरिक्ष सहयोग जैसे क्षेत्र शामिल हैं। भारत के सहयोग से सेशेल्स में नए राष्ट्रीय अस्पताल के निर्माण की दिशा में भी सहमति बनी है। इसके अलावा तीन सोलर वॉटर पंपिंग सिस्टम का उद्घाटन किया गया, जिससे स्वच्छ ऊर्जा और जल प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा। भारत को बताया भरोसेमंद साझेदार सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने भारत को संकट के समय हमेशा साथ खड़े रहने वाला विश्वसनीय मित्र बताया। उन्होंने भारत के सहयोग से बने प्रोफेशनल और टेक्निकल एजुकेशन सेंटर को देश के युवाओं के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे उन्हें विश्वस्तरीय कौशल प्रशिक्षण मिलेगा। राष्ट्रपति ने कहा कि नई साझेदारियों के माध्यम से विदेश सेवा, स्वास्थ्य, समुद्री सुरक्षा, अंतरिक्ष, कृषि और प्रत्यर्पण जैसे क्षेत्रों में सहयोग और मजबूत होगा। प्रमुख समझौते सेशेल्स में भारत के UPI सिस्टम को लागू करने पर सहमति। भारत के सहयोग से नए राष्ट्रीय अस्पताल के निर्माण का फैसला। तीन सोलर वॉटर पंपिंग परियोजनाओं का उद्घाटन। समुद्री सुरक्षा और ब्लू इकोनॉमी में सहयोग बढ़ाने पर सहमति। अंतरिक्ष, कृषि, स्वास्थ्य और प्रत्यर्पण संधि सहित कई समझौतों पर हस्ताक्षर। डिजिटल कनेक्टिविटी और आर्थिक साझेदारी को नई गति देने पर जोर। भारत और सेशेल्स के बीच हुए ये समझौते हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग, समुद्री सुरक्षा और सतत विकास को नई दिशा देने वाले महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।  

Deepshikha जून 29, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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abhishek singh जून 30, 2026 0