OpenAI ने डेवलपर्स के लिए लॉन्च किया स्मार्ट मोबाइल कोडिंग एक्सपीरियंस AI कंपनी OpenAI ने अपने AI कोडिंग असिस्टेंट Codex को अब सीधे ChatGPT मोबाइल ऐप में रोलआउट करना शुरू कर दिया है। इस नए फीचर की मदद से यूजर्स अब स्मार्टफोन से भी अपने कोडिंग प्रोजेक्ट्स को मॉनिटर और मैनेज कर सकेंगे। कंपनी के अनुसार, यह फीचर खास तौर पर उन डेवलपर्स के लिए उपयोगी होगा जो लैपटॉप या डेस्क से दूर रहते हुए भी अपने प्रोजेक्ट्स पर नजर बनाए रखना चाहते हैं। क्या-क्या कर सकेंगे यूजर्स? नए Codex मोबाइल इंटीग्रेशन के जरिए यूजर्स कई एडवांस फीचर्स का इस्तेमाल कर पाएंगे: एक्टिव कोडिंग थ्रेड्स मॉनिटर करना टर्मिनल आउटपुट देखना कमांड अप्रूव करना मॉडल बदलना नए टास्क शुरू करना लाइव टेस्ट रिजल्ट्स और स्क्रीनशॉट्स देखना इससे डेवलपर्स चलते-फिरते भी अपने कोडिंग वर्कफ़्लो को कंट्रोल कर सकेंगे। सिक्योरिटी और डिवाइस सिंक पर खास फोकस OpenAI का कहना है कि Codex से जुड़े फाइल्स, परमिशन और क्रेडेंशियल्स उसी डिवाइस पर सुरक्षित रहेंगे जहां सिस्टम रन कर रहा होगा। मोबाइल ऐप केवल लाइव अपडेट्स और कंट्रोल इंटरफेस के रूप में काम करेगा। इसके लिए कंपनी ने सिक्योर रिले लेयर का इस्तेमाल किया है, जिससे अलग-अलग डिवाइसेज सुरक्षित तरीके से कनेक्टेड रहेंगे, बिना सीधे पब्लिक इंटरनेट पर एक्सपोज हुए। डेवलपर्स को कैसे मिलेगा फायदा? इस फीचर के जरिए डेवलपर्स: ऑफिस से बाहर रहते हुए बग डिबगिंग शुरू कर सकेंगे ट्रैवलिंग के दौरान कोडिंग कमांड अप्रूव कर पाएंगे मीटिंग से पहले प्रोजेक्ट समरी तैयार कर सकेंगे फोन से नए आइडियाज और टास्क भेज सकेंगे इसका मतलब है कि डेवलपमेंट वर्क अब केवल कंप्यूटर तक सीमित नहीं रहेगा। किन यूजर्स को मिलेगा यह फीचर? Codex सपोर्ट फिलहाल iOS और Android प्लेटफॉर्म पर प्रीव्यू मोड में रोलआउट किया जा रहा है। OpenAI के मुताबिक: यह फीचर Free और Go प्लान्स में भी उपलब्ध होगा केवल सपोर्टेड रीजन में काम करेगा यूजर्स को ChatGPT मोबाइल ऐप और macOS Codex ऐप दोनों अपडेट करने होंगे Windows सपोर्ट बाद में जारी किया जाएगा AI कोडिंग का बदलता भविष्य टेक इंडस्ट्री में AI आधारित डेवलपमेंट टूल्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में OpenAI का यह कदम डेवलपर्स के लिए अधिक फ्लेक्सिबल और मोबाइल-फ्रेंडली कोडिंग एक्सपीरियंस देने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
टेक कंपनी Realme ने अपने दो नए AIoT प्रोडक्ट्स—Realme Buds Air8 Pro और Realme Watch S5 की भारत में लॉन्च डेट कन्फर्म कर दी है। कंपनी इन दोनों डिवाइसेज को 22 मई को दोपहर 12 बजे लॉन्च करने जा रही है। लॉन्च से पहले सामने आए टीजर में दोनों डिवाइसेज के कई प्रीमियम फीचर्स का खुलासा हुआ है, जिससे टेक यूजर्स और गैजेट प्रेमियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। Realme Buds Air8 Pro: दमदार ANC और AI फीचर्स Realme Buds Air8 Pro को खास तौर पर बेहतर ऑडियो और नॉइज-फ्री अनुभव के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें कई एडवांस फीचर्स मिलने की उम्मीद है: 55dB Ultra-Depth Active Noise Cancellation (ANC) Adaptive ANC फीचर, जो माहौल के अनुसार नॉइज कंट्रोल करेगा Dual DAC ड्राइवर सिस्टम, बेहतर साउंड क्वालिटी के लिए AI Call Noise Cancellation, कॉलिंग एक्सपीरियंस सुधारने के लिए टीजर के अनुसार, यह ईयरबड्स ब्लैक और व्हाइट कलर ऑप्शन में उपलब्ध होंगे और इन्हें ट्रैवल, ऑफिस और डेली यूज़ को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। Realme Watch S5: 20 दिन की बैटरी लाइफ का दावा Realme Watch S5 एक पावरफुल स्मार्टवॉच के तौर पर पेश की जा रही है, जिसमें फिटनेस और लॉन्ग बैटरी लाइफ पर खास फोकस किया गया है। इसके प्रमुख फीचर्स: 110+ स्पोर्ट्स मोड्स एक बार चार्ज में 20 दिन तक की बैटरी लाइफ का दावा हेल्थ और एक्टिविटी ट्रैकिंग फीचर्स Realme इकोसिस्टम के साथ बेहतर कनेक्टिविटी डिजाइन की बात करें तो इसमें सर्कुलर डायल और व्हाइट व ग्रे कलर ऑप्शन मिलने की उम्मीद है। कीमत का अभी इंतजार कंपनी ने अभी इन दोनों डिवाइसेज की कीमत का खुलासा नहीं किया है। उम्मीद की जा रही है कि लॉन्च इवेंट में इनकी कीमत और उपलब्धता को लेकर भी आधिकारिक जानकारी दी जाएगी। टेक मार्केट में बढ़ी प्रतिस्पर्धा भारत में स्मार्ट ऑडियो और वियरेबल सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में Realme के ये नए प्रोडक्ट्स सीधे तौर पर अन्य ब्रांड्स के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा पेश कर सकते हैं।
चीनी स्मार्टफोन कंपनी OPPO जल्द ही भारत में अपनी नई फ्लैगशिप सीरीज लॉन्च करने जा रही है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि Oppo Find X9 Ultra और Oppo Find X9s इस महीने भारतीय बाजार में एंट्री करेंगे। लॉन्च से पहले दोनों स्मार्टफोन्स के फीचर्स, कैमरा डिटेल्स और संभावित कीमत ऑनलाइन लीक हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों स्मार्टफोन्स प्रीमियम डिजाइन, हाई-एंड कैमरा सेटअप और बड़ी बैटरी के साथ लॉन्च किए जाएंगे। कंपनी ने इससे पहले इन डिवाइसेज को चीन और अन्य ग्लोबल मार्केट्स में पेश किया था और अब भारतीय यूजर्स के लिए इन्हें उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। Oppo Find X9 Ultra में मिलेगा प्रीमियम कैमरा और पावरफुल परफॉर्मेंस Oppo Find X9 Ultra को कंपनी का सबसे प्रीमियम फ्लैगशिप मॉडल माना जा रहा है। स्मार्टफोन में फ्लैट मेटल फ्रेम और साइड में नया ऑरेंज शॉर्टकट बटन देखने को मिल सकता है। फोन में 6.82 इंच का 2K AMOLED डिस्प्ले दिए जाने की उम्मीद है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करेगा। इससे गेमिंग और वीडियो स्ट्रीमिंग का अनुभव काफी स्मूद हो सकता है। कैमरा सेक्शन इसकी सबसे बड़ी खासियत माना जा रहा है। स्मार्टफोन में Hasselblad के साथ मिलकर तैयार किया गया क्वाड रियर कैमरा सेटअप मिल सकता है। इसमें शामिल हो सकते हैं: 200MP प्राइमरी कैमरा 200MP पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा (3x ऑप्टिकल जूम) 50MP टेलीफोटो लेंस (10x ऑप्टिकल जूम) 50MP अल्ट्रावाइड सेंसर सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 50MP फ्रंट कैमरा मिलने की संभावना है। रियर और फ्रंट दोनों कैमरे 4K वीडियो रिकॉर्डिंग सपोर्ट कर सकते हैं। परफॉर्मेंस के लिए इसमें Qualcomm का Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर दिया जा सकता है। फोन में 7050mAh की बड़ी बैटरी और 100W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। Oppo Find X9s में भी मिलेंगे फ्लैगशिप फीचर्स वहीं Oppo Find X9s को भी प्रीमियम फीचर्स के साथ पेश किया जा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें Hasselblad-ट्यून ट्रिपल 50MP कैमरा सेटअप मिलेगा। फोन में MediaTek का Dimensity 9500s प्रोसेसर दिए जाने की संभावना है। इसके अलावा 7025mAh की बैटरी और 80W वायर्ड फास्ट चार्जिंग सपोर्ट भी मिल सकता है। डिस्प्ले की बात करें तो इसमें 6.59 इंच का 1.5K AMOLED डिस्प्ले मिलेगा, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और बेहद पतले 1.15mm बेजल्स के साथ आ सकता है। भारत में संभावित कीमत और लॉन्च डेट लीक्स के अनुसार, OPPO दोनों स्मार्टफोन्स को भारत में 15 मई को लॉन्च कर सकती है। हालांकि कंपनी ने अभी तक लॉन्च डेट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। संभावित कीमत की बात करें तो: Oppo Find X9 Ultra की कीमत 1,49,999 रुपये से अधिक हो सकती है Oppo Find X9s की शुरुआती कीमत करीब 70,000 रुपये रहने की उम्मीद है दोनों स्मार्टफोन्स के लिए माइक्रोसाइट्स पहले ही Flipkart, Amazon India और OPPO India पर लाइव हो चुकी हैं। फिलहाल इन्हें “Coming Soon” टैग के साथ दिखाया जा रहा है।
टेक दिग्गज Google ने अपने लोकप्रिय ब्राउज़र Google Chrome में यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए दो नए फीचर्स पेश किए हैं। इस अपडेट के साथ अब Chrome यूजर्स को Vertical Tabs और बेहतर Reading Mode का विकल्प मिलेगा, जो खासतौर पर मल्टीटास्किंग और पढ़ने के अनुभव को आसान बनाएगा। Vertical Tabs से आसान होगी मल्टीटास्किंग Chrome में अब पारंपरिक ऊपर की बजाय साइड में टैब्स देखने का विकल्प मिलेगा। इस नए Vertical Tabs फीचर को यूजर्स ब्राउज़र विंडो पर राइट-क्लिक करके “Show Tabs Vertically” चुनकर एक्टिवेट कर सकते हैं। इस फीचर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यूजर्स अब टैब्स के पूरे नाम आसानी से देख पाएंगे, खासकर तब जब कई टैब्स एक साथ खुले हों। इससे टैब मैनेजमेंट आसान होगा और काम की स्पीड भी बढ़ेगी। यह फीचर Microsoft Edge और Mozilla Firefox जैसे ब्राउज़र्स की तरह काम करता है। Reading Mode हुआ और बेहतर Chrome के Reading Mode को भी अपग्रेड किया गया है। अब यूजर्स किसी भी वेबपेज को “Open in reading mode” विकल्प से फुल-पेज रीडिंग इंटरफेस में बदल सकते हैं। यह फीचर वेबपेज से सभी डिस्ट्रैक्शन हटाकर केवल टेक्स्ट पर फोकस करता है, जिससे आर्टिकल पढ़ना ज्यादा आसान और आरामदायक हो जाता है। लगातार अपडेट से Chrome हो रहा स्मार्ट हाल के महीनों में Google Chrome में कई नए फीचर्स जोड़ रहा है। हाल ही में भारत में Gemini साइड पैनल और Split View जैसे फीचर्स भी पेश किए गए थे। इन अपडेट्स का मकसद यूजर्स को ज्यादा स्मार्ट और प्रोडक्टिव ब्राउज़िंग अनुभव देना है। कुल मिलाकर, Chrome का यह नया अपडेट खासतौर पर उन यूजर्स के लिए फायदेमंद साबित होगा, जो एक साथ कई टैब्स के साथ काम करते हैं या लंबे आर्टिकल पढ़ना पसंद करते हैं।
टेक मार्केट में कॉम्पैक्ट टैबलेट सेगमेंट तेजी से उभर रहा है और अब Oppo भी इस रेस में उतरने की तैयारी कर रहा है। लीक रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी जल्द ही अपना नया टैबलेट Oppo Pad Mini लॉन्च कर सकती है, जो प्रीमियम फीचर्स के साथ एक कॉम्पैक्ट डिवाइस होगा। 144Hz OLED डिस्प्ले: स्मूद और प्रीमियम एक्सपीरियंस Oppo Pad Mini में 8.8-इंच LTPO AMOLED डिस्प्ले मिलने की संभावना है- 144Hz रिफ्रेश रेट 2882×1920 पिक्सल रेजोल्यूशन 1800 निट्स पीक ब्राइटनेस 3:2 आस्पेक्ट रेशियो यह डिस्प्ले गेमिंग और वीडियो एक्सपीरियंस को बेहद स्मूद और शानदार बना सकता है। दमदार परफॉर्मेंस: Snapdragon 8 Gen 5 इस टैबलेट में Qualcomm का लेटेस्ट Snapdragon 8 Gen 5 चिपसेट दिया जा सकता है। हाई-एंड परफॉर्मेंस गेमिंग और मल्टीटास्किंग में बेहतर स्पीड बैटरी और चार्जिंग 8000mAh बैटरी 67W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट यह कॉम्बिनेशन लंबे समय तक उपयोग और तेज चार्जिंग का अनुभव देगा। डिजाइन और बिल्ड अल्ट्रा-स्लिम 5.39mm मोटाई वजन लगभग 279 ग्राम मेटल यूनिबॉडी डिजाइन कलर ऑप्शन: डार्क ग्रे, पर्पल, सायन कॉम्पैक्ट और प्रीमियम डिजाइन इसे पोर्टेबल और स्टाइलिश बनाता है। कैमरा और कनेक्टिविटी 13MP रियर कैमरा eSIM सपोर्ट (संभावित) iPad Mini को मिलेगी टक्कर? Oppo Pad Mini को सीधे Apple iPad mini के मुकाबले में उतारा जा सकता है। अगर लीक सही साबित होते हैं, तो यह Android यूजर्स के लिए एक दमदार कॉम्पैक्ट टैबलेट विकल्प बन सकता है। कब होगा लॉन्च? फिलहाल Oppo ने इस डिवाइस को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन आने वाले महीनों में इसके लॉन्च की उम्मीद जताई जा रही है।
टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि Apple अब फोल्डेबल स्मार्टफोन मार्केट में एंट्री की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी का पहला फोल्डेबल डिवाइस-iPhone Fold-एक खास 3D प्रिंटेड हिंज टेक्नोलॉजी के साथ आ सकता है, जो स्क्रीन पर दिखने वाली क्रीज़ को काफी हद तक कम कर देगा। 3D प्रिंटेड हिंज: क्या है खास? लीक्स के अनुसार, Apple अपने फोल्डेबल iPhone में 3D प्रिंटेड मटेरियल से बना हिंज इस्तेमाल कर सकता है। इससे डिस्प्ले पर बनने वाली क्रीज़ (fold line) कम दिखेगी फोन को ज्यादा स्मूद फोल्डिंग अनुभव मिलेगा डिवाइस की मजबूती और टिकाऊपन भी बढ़ेगा Apple पहले से ही 3D प्रिंटिंग का उपयोग Apple Watch के केस और iPhone Air के USB Type-C पोर्ट में कर चुका है, जिससे कंपनी की इस टेक्नोलॉजी में पकड़ साफ नजर आती है। Samsung Fold सीरीज को मिलेगी टक्कर फोल्डेबल मार्केट में फिलहाल Samsung Galaxy Z Fold series का दबदबा है। ऐसे में Apple का यह कदम सीधे तौर पर Samsung को चुनौती देगा। एडवांस डिस्प्ले टेक्नोलॉजी रिपोर्ट्स के मुताबिक, iPhone Fold में ड्यूल-लेयर ग्लास डिजाइन दिया जा सकता है- UTG (Ultra Thin Glass) + UFG (Ultra Flexible Glass) डिस्प्ले को दो पतली ग्लास लेयर के बीच रखा जाएगा इससे स्क्रीन पर दबाव कम होगा और क्रीज़ घटेगी Samsung Display से बड़े ऑर्डर खबर है कि Apple करीब 20 मिलियन फोल्डेबल डिस्प्ले पैनल Samsung Display से ऑर्डर कर सकता है। यह इशारा करता है कि कंपनी इस सेगमेंट में बड़े स्तर पर एंट्री की तैयारी कर रही है। कब हो सकता है लॉन्च? iPhone Fold को 2026 के अंत तक लॉन्च किए जाने की संभावना जताई जा रही है, संभव है कि इसे iPhone 18 Pro सीरीज के साथ पेश किया जाए। क्या बदल जाएगा स्मार्टफोन मार्केट? अगर Apple अपने फोल्डेबल डिवाइस के साथ क्रीज़ और ड्यूरेबिलिटी जैसी समस्याओं को हल करने में सफल रहता है, तो यह पूरे स्मार्टफोन मार्केट के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
भारत के प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार में चीनी कंपनी Xiaomi ने अपनी नई फ्लैगशिप सीरीज़ Xiaomi 17 और Xiaomi 17 Ultra की बिक्री आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी है। यह सीरीज़ 11 मार्च को भारत में लॉन्च हुई थी, जो इसके ग्लोबल डेब्यू के करीब एक हफ्ते बाद आया। दोनों स्मार्टफोन्स में लेटेस्ट Qualcomm का फ्लैगशिप प्रोसेसर Snapdragon 8 Elite Gen 5 दिया गया है, जो हाई-एंड परफॉर्मेंस और एआई-ड्रिवन फीचर्स के लिए जाना जाता है। खास बात यह है कि इन डिवाइसेज़ में Leica के साथ मिलकर तैयार किए गए कैमरा सिस्टम दिए गए हैं, जो मोबाइल फोटोग्राफी को एक नया स्तर देते हैं। कीमत और वेरिएंट्स Xiaomi 17 की भारत में शुरुआती कीमत 89,999 रुपये रखी गई है, जिसमें 12GB RAM और 256GB स्टोरेज मिलता है। वहीं, 512GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 99,999 रुपये है। यह फोन Black, Ice Blue और Venture Green रंगों में उपलब्ध है। दूसरी ओर, Xiaomi 17 Ultra की कीमत 1,39,999 रुपये है, जिसमें 16GB RAM और 512GB स्टोरेज का सिंगल वेरिएंट मिलता है। यह Black और White कलर ऑप्शन में आता है। ग्राहक इन स्मार्टफोन्स को Amazon, Xiaomi की आधिकारिक वेबसाइट और देशभर के रिटेल स्टोर्स से खरीद सकते हैं। ऑफर्स और डिस्काउंट लॉन्च ऑफर्स के तहत Xiaomi 17 Ultra पर 10,000 रुपये का इंस्टेंट डिस्काउंट दिया जा रहा है, जिससे इसकी प्रभावी कीमत 1,29,999 रुपये हो जाती है। इसके अलावा 9 महीने तक का नो-कॉस्ट EMI ऑप्शन भी उपलब्ध है, जिसकी शुरुआत 14,444 रुपये प्रति माह से होती है। Xiaomi 17 पर “Never Run Out” ऑफर के तहत ग्राहक 512GB वेरिएंट को 256GB की कीमत पर खरीद सकते हैं, जो एक आकर्षक डील मानी जा रही है। एक्स्ट्रा बेनिफिट्स और सब्सक्रिप्शन इस सीरीज़ के साथ कई प्रीमियम सब्सक्रिप्शन ऑफर्स भी दिए जा रहे हैं, जिनमें शामिल हैं: 4 महीने का Spotify Premium 3 महीने का YouTube Premium 3 महीने का Google AI Pro सब्सक्रिप्शन Reliance Jio यूजर्स के लिए 31,500 रुपये तक के बेनिफिट्स प्री-बुकिंग के दौरान कंपनी ने 19,999 रुपये कीमत का Xiaomi Professional Photography Kit Pro भी मुफ्त में ऑफर किया था, जो 13 से 17 मार्च तक सीमित रहा। स्पेसिफिकेशन हाइलाइट्स Xiaomi 17 Ultra में 6.9-इंच का बड़ा डिस्प्ले दिया गया है और यह Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर से लैस है। इसमें 50MP फ्रंट कैमरा और ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप (50MP + 200MP + 50MP) मिलता है, जिसमें Leica का 1-इंच LOFIC सेंसर शामिल है। फोन में 6,800mAh की बड़ी बैटरी दी गई है और यह लेटेस्ट Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलता है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।