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Tejasswi’s Mother’s Advice to Karan Sparks Debate

‘बेटी पर भरोसा नहीं, लिव-इन में रहो’: तेजस्वी प्रकाश–करण कुंद्रा के रिश्ते पर मां की सलाह ने क्यों खींचा ध्यान

surbhi मई 23, 2026 0
Tejasswi Prakash and Karan Kundrra together during an event as discussion around their relationship gains attention
Tejasswi Prakash Karan Kundrra Relationship Discussion

टीवी और रियलिटी शो की लोकप्रिय जोड़ी Tejasswi Prakash और Karan Kundrra एक बार फिर अपने रिश्ते को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा का कारण उनकी शादी या प्रपोजल नहीं, बल्कि तेजस्वी की मां द्वारा दिए गए एक बेहद अनोखे सुझाव और टिप्पणी है, जिसने फैंस के बीच नई बहस छेड़ दी है।

हाल ही में एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान करण और तेजस्वी ने अपने रिश्ते की शुरुआत और परिवार की भूमिका पर खुलकर बात की। इसी दौरान करण ने दावा किया कि तेजस्वी की मां ने उनसे कहा था कि उन्हें अपनी बेटी पर पूरी तरह भरोसा नहीं है और इसलिए शादी से पहले उन्हें साथ रहकर सोचने की सलाह दी गई।

पॉडकास्ट में क्या कहा गया?

करण कुंद्रा ने बातचीत में बताया कि तेजस्वी की मां ने उन्हें रिश्ते को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी थी। उनके मुताबिक, मां चाहती थीं कि दोनों पहले साथ रहें ताकि एक-दूसरे को बेहतर तरीके से समझ सकें और किसी भी जल्दबाज़ी से बचा जा सके।

इसी बातचीत में तेजस्वी ने भी स्वीकार किया कि उनकी मां ने ही यह सुझाव दिया था कि शादी का फैसला करने से पहले दोनों को लिव-इन रिलेशनशिप में रहना चाहिए, ताकि रिश्ता वास्तविक जीवन में परखा जा सके।

तेजस्वी ने क्या कहा?

तेजस्वी प्रकाश ने बताया कि उनकी मां का मानना था कि साथ रहकर रिश्ते की असलियत बेहतर समझी जा सकती है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में वह खुद भी यह सुनिश्चित करना चाहती थीं कि करण उनके प्रति ईमानदार हैं या नहीं।

तेजस्वी के मुताबिक, उनके परिवार ने हमेशा इस रिश्ते को लेकर संतुलित दृष्टिकोण रखा और उन्हें अपने फैसले खुद लेने की आज़ादी दी।

बिग बॉस से शुरू हुई प्रेम कहानी

करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश की मुलाकात रियलिटी शो Bigg Boss 15 के दौरान हुई थी। यहीं से दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और धीरे-धीरे यह रिश्ता मजबूत होता गया।

समय के साथ दोनों ने अपने रिश्ते को सार्वजनिक किया और अब वे लंबे समय से साथ हैं। हाल ही में एक शो के दौरान करण ने तेजस्वी को प्रपोज भी किया, जिससे उनके फैंस में उत्साह बढ़ गया।

सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे आधुनिक सोच और व्यावहारिक दृष्टिकोण बता रहे हैं, तो कुछ इसे पारिवारिक सीमाओं और व्यक्तिगत रिश्तों पर बहस का विषय मान रहे हैं।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

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surbhi मई 23, 2026 0
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‘चाँद मेरा दिल’ रिव्यू: रिश्तों, मानसिक तनाव और टूटते सपनों की दर्दनाक लेकिन शानदार कहानी

Chand Mera Dil आज के दौर के रिश्तों की चमक के पीछे छिपे दर्द, असुरक्षा और मानसिक संघर्ष को बेहद गहराई से दिखाती है। निर्देशक Vivek Soni ने इस फिल्म को किसी टिपिकल बॉलीवुड लव स्टोरी की तरह पेश नहीं किया, बल्कि इसे एक इंटेंस साइकोलॉजिकल-रोमांटिक ड्रामा का रूप दिया है। फिल्म डिटेल्स फिल्म: Chand Mera Dil निर्देशक: Vivek Soni मुख्य कलाकार: Ananya Panday, Lakshya जॉनर: साइकोलॉजिकल-रोमांटिक ड्रामा रेटिंग: 4/5 कहानी: प्यार से ज्यादा दर्द की कहानी फिल्म की कहानी आरव और चांदनी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनका कॉलेज वाला रोमांस धीरे-धीरे जिंदगी की असल चुनौतियों के बीच टूटने लगता है। आरव एक मध्यमवर्गीय लड़का है, जो करियर में लगातार असफलताओं और आर्थिक दबाव से जूझ रहा है। दूसरी तरफ चांदनी बचपन के घरेलू हिंसा वाले ट्रॉमा से बाहर नहीं निकल पाई है। जब ये दोनों एक रिश्ते में आते हैं, तो उनका प्यार धीरे-धीरे एक इमोशनल संघर्ष में बदल जाता है, जहाँ दोनों खुद भी टूटते हैं और एक-दूसरे को भी तोड़ने लगते हैं। फिल्म यह दिखाती है कि आज के रिश्तों में सिर्फ प्यार काफी नहीं होता, मानसिक स्थिरता और भावनात्मक सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। लक्ष्य की शानदार परफॉर्मेंस Lakshya ने आरव के किरदार में बेहतरीन अभिनय किया है। उनका गुस्सा और फ्रस्ट्रेशन बहुत रियल लगता है। कई सीन्स में बिना डायलॉग बोले सिर्फ उनकी आंखें किरदार का दर्द महसूस करा देती हैं। यह अब तक की उनकी सबसे मजबूत परफॉर्मेंस मानी जा सकती है। अनन्या पांडे का सबसे दमदार रोल Ananya Panday ने इस फिल्म से अपनी ग्लैमरस इमेज से बिल्कुल अलग अभिनय किया है। उन्होंने एक ऐसी लड़की का किरदार निभाया है जो अंदर से टूट चुकी है लेकिन बाहर से खुद को संभालने की कोशिश करती रहती है। उनका यह ट्रांसफॉर्मेशन दर्शकों को काफी प्रभावित करता है। कई इमोशनल सीन्स में अनन्या ने साबित किया है कि वे सिर्फ कमर्शियल फिल्मों तक सीमित नहीं हैं। निर्देशन और संगीत फिल्म की ताकत Vivek Soni का निर्देशन काफी संतुलित और प्रभावशाली है। फिल्म कहीं भी ओवरड्रामैटिक नहीं लगती। डायलॉग्स बेहद नेचुरल हैं बैकग्राउंड स्कोर कहानी के दर्द को और गहरा बनाता है क्लाइमेक्स में टाइटल ट्रैक फिल्म को भावनात्मक ऊंचाई पर ले जाता है फिल्म का संगीत कहानी के मूड को मजबूती देता है। फिल्म की कमजोरी क्या है? फिल्म का सबसे बड़ा नेगेटिव पॉइंट इसका बहुत ज्यादा इमोशनली भारी होना है। लगातार तनाव और दुख दर्शकों को मानसिक रूप से थका सकता है सेकेंड हाफ कुछ जगहों पर थोड़ा स्लो महसूस होता है यह फिल्म हर तरह के दर्शकों के लिए नहीं है अगर कोई हल्की-फुल्की एंटरटेनमेंट फिल्म देखना चाहता है, तो यह उसके लिए सही विकल्प नहीं होगी। फाइनल वर्डिक्ट Chand Mera Dil उन फिल्मों में से है जो सिर्फ एंटरटेन नहीं करतीं, बल्कि सोचने पर मजबूर करती हैं। अगर आप रियलिस्टिक और इमोशनली स्ट्रॉन्ग सिनेमा पसंद करते हैं, तो यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए। Lakshya और Ananya Panday दोनों ने अपने करियर की सबसे यादगार परफॉर्मेंस दी है।  

surbhi मई 22, 2026 0
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अली अब्बास जफर की फिल्म में नजर आएंगे अहान पांडे, पहली बार दिखाएंगे डांस का जलवा

मुंबई, एजेंसियां। रोमांटिक ड्रामा फिल्म Saiyaara से चर्चा में आए अभिनेता अहान पांडे अब निर्देशक Ali Abbas Zafar की आगामी फिल्म में नजर आने वाले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह एक रोमांटिक-एक्शन फिल्म होगी, जिसमें अहान के साथ अभिनेत्री Sharvari भी दिखाई देंगी। फिल्म की शूटिंग मार्च से शुरू हो चुकी है और इसके अगले साल रिलीज होने की संभावना है। ‘सैयारा’ से अहान ने बॉलीवुड में एक रोमांटिक हीरो के रूप में अपनी खास पहचान बनाई थी। फिल्म की सफलता के बाद उनके फैंस उनकी अगली फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अब इस नए प्रोजेक्ट में अहान एक बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आने वाले हैं।   पहली बार बड़े पर्दे पर करेंगे डांस इस फिल्म की सबसे खास बात यह होगी कि अहान पहली बार बड़े पर्दे पर डांस नंबर करते दिखाई देंगे। इससे पहले उनका एक वेडिंग डांस वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था, जिसमें वे Ananya Panday के साथ डांस करते नजर आए थे। वीडियो को करोड़ों बार देखा गया था और तभी से फैंस उन्हें फिल्मों में डांस करते देखने की मांग कर रहे थे।   रिपोर्ट्स के अनुसार रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म के इस खास गाने की शूटिंग ब्रिटेन के मैनचेस्टर शहर में होगी। गाने को फिल्माने के लिए चार दिन का शेड्यूल तय किया गया है। मेकर्स इसे बड़े स्तर पर तैयार करने की योजना बना रहे हैं ताकि यह गाना सोशल मीडिया पर वायरल हो सके।   क्लासिक बॉलीवुड स्टाइल में दिखेंगे अहान फिल्म में अहान पुराने दौर के बॉलीवुड सितारों की तरह क्लासिक अंदाज में गाते और नाचते दिखाई देंगे। इसके लिए वे इन दिनों डांस की खास ट्रेनिंग भी ले रहे हैं। बताया जा रहा है कि Yash Raj Films इस गाने के लिए बड़े कोरियोग्राफर को चुनने की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा अहान जल्द ही निर्देशक Mohit Suri की अगली फिल्म में भी नजर आएंगे, जिसमें उनकी को-स्टार Aneet Padda होंगी।

Anjali Kumari मई 20, 2026 0
Shekhar Tonight show

‘शेखर टूनाइट’ से लौटा वही पुराना अंदाज, फिर चर्चा में शेखर सुमन

Karuppu box office hit

‘करुप्पु’ का बॉक्स ऑफिस पर धमाका, 5 दिनों में तोड़े कई रिकॉर्ड

Riteish Deshmukh in Raja Shivaji as the film crosses ₹100 crore at Indian box office

ऋतेश देशमुख की ‘राजा शिवाजी’ ने रचा इतिहास, भारत में 100 करोड़ कमाने वाली पहली मराठी फिल्म बनी

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