नई दिल्ली, एजेंसियां। South East Central Railway (SECR) ने नागपुर डिवीजन और मोतीबाग वर्कशॉप में 2026-27 सत्र के लिए अप्रेंटिस पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 1079 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। 10वीं पास और आईटीआई योग्य उम्मीदवार इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 10वीं और ITI पास उम्मीदवारों को मौका भर्ती के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना अनिवार्य है। साथ ही 10वीं में कम से कम 50 प्रतिशत अंक होना जरूरी है। उम्मीदवार के पास संबंधित ट्रेड में NCVT या SCVT से मान्यता प्राप्त ITI सर्टिफिकेट भी होना चाहिए। आवेदन करते समय अभ्यर्थियों को 10वीं और ITI के अंक सही तरीके से भरने होंगे। विभाग ने साफ कहा है कि गलत या अधूरी जानकारी मिलने पर आवेदन रद्द किया जा सकता है। उम्मीदवारों को अतिरिक्त या उच्च शैक्षणिक योग्यता भरने से भी बचने की सलाह दी गई है। मेरिट के आधार पर होगा चयन इस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी। उम्मीदवारों का चयन पूरी तरह मेरिट लिस्ट के आधार पर किया जाएगा। मेरिट 10वीं और ITI में प्राप्त अंकों के औसत के आधार पर तैयार होगी। यदि किसी बोर्ड में ग्रेडिंग सिस्टम लागू है, तो ग्रेड को अंकों में परिवर्तित कर औसत निकाला जाएगा। उसी आधार पर उम्मीदवारों की रैंकिंग तय की जाएगी। बराबर अंक होने पर क्या होगा? अगर दो उम्मीदवारों के अंक समान होते हैं, तो अधिक उम्र वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाएगी। यदि उम्र भी समान हो, तो जिसने 10वीं की परीक्षा पहले पास की होगी, उसे आगे रखा जाएगा। युवाओं के लिए बड़ा अवसर रेलवे की इस भर्ती को तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए बड़ा अवसर माना जा रहा है। अप्रेंटिसशिप के दौरान उम्मीदवारों को रेलवे के विभिन्न तकनीकी कार्यों का प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे भविष्य में रोजगार के बेहतर अवसर खुल सकते हैं।
South East Central Railway ने युवाओं के लिए अप्रेंटिस भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। रेलवे में नौकरी की तैयारी कर रहे 10वीं पास और आईटीआई कर चुके उम्मीदवारों के लिए यह शानदार अवसर माना जा रहा है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 1191 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। भर्ती प्रक्रिया Railway Recruitment Cell Bilaspur के माध्यम से पूरी की जाएगी। इस अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम के जरिए उम्मीदवारों को रेलवे के अलग-अलग तकनीकी विभागों में ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे उन्हें इंडस्ट्री लेवल का प्रैक्टिकल अनुभव मिलेगा। खास बात यह है कि इस भर्ती के लिए किसी भी तरह की लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं होगा। चयन सीधे मेरिट के आधार पर किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया शुरू, जानें आखिरी तारीख ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 12 मई 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवार 11 जून 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। किन ट्रेड्स में होगी भर्ती? इस भर्ती अभियान में कई तकनीकी ट्रेड्स को शामिल किया गया है। प्रमुख ट्रेड्स इस प्रकार हैं: फिटर (Fitter) वेल्डर (Welder) टर्नर (Turner) इलेक्ट्रीशियन (Electrician) कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (COPA) स्टेनोग्राफर हिंदी/अंग्रेजी डीजल मैकेनिक कारपेंटर इसके अलावा अन्य ट्रेड्स में भी वैकेंसी निकाली गई हैं। उम्मीदवार अपनी आईटीआई ट्रेड के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। कौन कर सकता है आवेदन? भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास निम्न योग्यताएं होना जरूरी है: किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कम से कम 50% अंकों के साथ 10वीं पास होना चाहिए। संबंधित ट्रेड में NCVT या SCVT से मान्यता प्राप्त संस्थान से आईटीआई सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन उम्मीदवार आवेदन के लिए सबसे पहले Apprenticeship India Portal पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें। इसके बाद SECR Official Website पर जाकर भर्ती लिंक के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। आवेदन के दौरान उम्मीदवारों को अपनी शैक्षणिक जानकारी और जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। फॉर्म सबमिट करने के बाद उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रखना जरूरी है। बिना परीक्षा होगा चयन इस भर्ती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उम्मीदवारों को किसी भी लिखित परीक्षा या इंटरव्यू से नहीं गुजरना पड़ेगा। चयन पूरी तरह मेरिट लिस्ट के आधार पर किया जाएगा। मेरिट लिस्ट 10वीं और आईटीआई में प्राप्त अंकों के औसत के आधार पर तैयार होगी। जिन उम्मीदवारों का नाम मेरिट में आएगा, उन्हें डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा। रेलवे में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए यह भर्ती सुनहरा मौका साबित हो सकती है। खासकर उन उम्मीदवारों के लिए जो बिना प्रतियोगी परीक्षा सरकारी सेक्टर में अनुभव और ट्रेनिंग हासिल करना चाहते हैं।
Income Tax Department में नौकरी करना आज भी लाखों युवाओं का सपना माना जाता है। अच्छी सैलरी, सरकारी सुविधाएं और सम्मानजनक पद के कारण इस विभाग की नौकरियों का काफी क्रेज रहता है। हाल ही में एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद “Office Superintendent” पद चर्चा में आ गया है, जिसके बारे में कई अभ्यर्थी जानकारी जुटा रहे हैं। यह पद Central Board of Direct Taxes (CBDT) के अंतर्गत आता है और इसे Staff Selection Commission की SSC CGL परीक्षा के जरिए भरा जाता है। ग्रुप-B की प्रतिष्ठित पोस्ट Income Tax Department में Office Superintendent एक Group-B Non-Gazetted पद होता है। यह Pay Level-6 के अंतर्गत आता है और इसमें प्रशासनिक व सुपरवाइजरी जिम्मेदारियां निभानी होती हैं। यह नौकरी उन उम्मीदवारों के लिए काफी आकर्षक मानी जाती है जो सरकारी सेक्टर में स्थिर करियर और बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस चाहते हैं। क्या होता है Office Superintendent का काम? इस पद पर नियुक्त कर्मचारी विभाग के प्रशासनिक कार्यों की निगरानी करता है। ऑफिस के संचालन को व्यवस्थित रखना इसकी मुख्य जिम्मेदारी होती है। प्रमुख जिम्मेदारियां ऑफिस के दैनिक कार्यों की निगरानी कर्मचारियों के कार्यों का समन्वय प्रशासनिक रिपोर्ट तैयार करना विभागीय प्रक्रियाओं और रिकॉर्ड का प्रबंधन ऑफिस मैनेजमेंट से जुड़े कार्यों को संभालना यह पूरी तरह प्रशासनिक और सुपरवाइजरी प्रकृति की नौकरी होती है। कितनी मिलती है सैलरी? Office Superintendent पद पर शुरुआती बेसिक पे ₹35,400 प्रति माह होती है। इसके अलावा HRA, DA और अन्य सरकारी भत्ते भी मिलते हैं। अनुमानित सैलरी स्ट्रक्चर वेतन विवरण राशि शुरुआती बेसिक पे ₹35,400 प्रति माह HRA, DA और अन्य भत्ते नियमानुसार अनुमानित इन-हैंड सैलरी ₹48,000 से ₹58,000 प्रति माह मेट्रो शहरों में पोस्टिंग होने पर HRA ज्यादा मिलने के कारण इन-हैंड सैलरी ₹60,000 के करीब भी पहुंच सकती है। कैसे बन सकते हैं Office Superintendent? इस पद पर चयन के लिए उम्मीदवारों को SSC CGL परीक्षा पास करनी होती है। मेरिट और पोस्ट प्रेफरेंस के आधार पर उम्मीदवारों को विभाग और पद आवंटित किए जाते हैं। जरूरी योग्यता किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन SSC CGL परीक्षा में सफलता मेरिट लिस्ट में अच्छा प्रदर्शन क्यों लोकप्रिय है यह नौकरी? इस पद की लोकप्रियता के पीछे कई वजहें हैं: आकर्षक सरकारी सैलरी स्थिर और सुरक्षित करियर प्रमोशन के अच्छे अवसर केंद्रीय सरकारी कर्मचारी के लाभ बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस इसी वजह से हर साल लाखों उम्मीदवार SSC CGL परीक्षा देकर इनकम टैक्स विभाग में नौकरी पाने का सपना देखते हैं।
Union Bank of India ने अप्रेंटिस के 1865 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की है। बैंक में नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए यह बड़ा मौका माना जा रहा है। इस भर्ती के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 19 मई 2026 है। इच्छुक उम्मीदवार बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कैसे करें आवेदन? उम्मीदवार आवेदन के लिए: Union Bank of India Official Website पर जाएं “UBI Apprentice Recruitment 2026” लिंक पर क्लिक करें रजिस्ट्रेशन करें आवेदन फॉर्म भरें जरूरी दस्तावेज अपलोड करें फीस जमा करके फॉर्म सबमिट करें भविष्य के लिए प्रिंटआउट सुरक्षित रखें चयन प्रक्रिया कैसे होगी? भर्ती प्रक्रिया कई चरणों में पूरी की जाएगी: ऑनलाइन परीक्षा सबसे पहले कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट होगा, जिसमें: जनरल अवेयरनेस रीजनिंग मैथ्स कंप्यूटर नॉलेज से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग भी होगी। लोकल लैंग्वेज टेस्ट उम्मीदवार जिस राज्य से आवेदन करेंगे, वहां की स्थानीय भाषा पढ़ना, लिखना और बोलना जरूरी होगा। मेडिकल टेस्ट लिखित परीक्षा और भाषा परीक्षा पास करने के बाद मेडिकल फिटनेस टेस्ट होगा। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन अंतिम चरण में: ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट आयु प्रमाण जाति प्रमाणपत्र आदि दस्तावेजों की जांच की जाएगी। कितना मिलेगा स्टाइपेंड? यह एक साल का अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम होगा। चयनित उम्मीदवारों को पोस्टिंग के आधार पर हर महीने स्टाइपेंड मिलेगा: ग्रामीण/अर्ध-शहरी शाखाएं: ₹15,000 शहरी शाखाएं: ₹18,000 मेट्रो शहर शाखाएं: ₹20,000 कैटेगरी वाइज वैकेंसी डिटेल कैटेगरी पद UR 823 OBC 447 EWS 175 SC 289 ST 131 कुल पद 1865 उम्मीदवारों के लिए जरूरी सलाह विशेषज्ञों का कहना है कि उम्मीदवार अंतिम समय का इंतजार न करें और जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। आवेदन भरते समय सभी दस्तावेज और जानकारी सही तरीके से अपलोड करना बेहद जरूरी है।
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। कर्मचारी चयन आयोग (Staff Selection Commission) ने SSC स्टेनोग्राफर ग्रेड C और D भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया आज यानी 15 मई 2026 को समाप्त कर दी है। ऐसे में योग्य उम्मीदवारों के लिए यह अंतिम मौका है। इस भर्ती के तहत कुल 731 पदों पर नियुक्ति की जाएगी, जिसके लिए देशभर से 12वीं पास अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। भर्ती से जुड़ी मुख्य जानकारी भर्ती संस्था: SSC (Staff Selection Commission) पद: Stenographer Grade C & D कुल पद: 731 योग्यता: 12वीं पास आवेदन की अंतिम तिथि: 15 मई 2026 (रात 11:00 बजे तक) आधिकारिक वेबसाइट: ssc.gov.in महत्वपूर्ण तिथियां आवेदन शुरू: 24 अप्रैल 2026 अंतिम तिथि: 15 मई 2026 फीस जमा करने की अंतिम तिथि: 16 मई 2026 करेक्शन विंडो: 20 से 21 मई 2026 परीक्षा संभावित: जुलाई – अगस्त 2026 कौन कर सकता है आवेदन? इस भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं पास निर्धारित की गई है। आयु सीमा: ग्रेड C: 18 से 30 वर्ष ग्रेड D: 18 से 27 वर्ष आरक्षित वर्ग को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट मिलेगी परीक्षा पैटर्न (SSC Stenographer Exam Pattern) भर्ती प्रक्रिया दो चरणों में होगी: 1. कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) कुल प्रश्न: 200 इंग्लिश लैंग्वेज और कॉम्प्रिहेंशन: 100 प्रश्न जनरल इंटेलिजेंस और रीजनिंग: 50 प्रश्न जनरल अवेयरनेस: 50 प्रश्न नेगेटिव मार्किंग: 0.25 अंक 2. स्किल टेस्ट (Stenography Test) ग्रेड C: 100 शब्द प्रति मिनट ग्रेड D: 80 शब्द प्रति मिनट आवेदन कैसे करें? उम्मीदवार निम्न स्टेप्स फॉलो करके आवेदन कर सकते हैं: आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर जाएं नया रजिस्ट्रेशन करें लॉगिन कर आवेदन फॉर्म भरें आवश्यक विवरण और दस्तावेज अपलोड करें फीस जमा करें फॉर्म सबमिट कर प्रिंट निकाल लें अंतिम मौका, जल्दी करें आवेदन आज आवेदन की अंतिम तिथि होने के कारण वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक हो सकता है। ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें ताकि किसी भी तकनीकी समस्या से बचा जा सके।
महिलाओं पर AI का असर पुरुषों से ज्यादा पड़ने की आशंका Artificial Intelligence तेजी से दुनिया भर के कामकाज और नौकरियों का स्वरूप बदल रहा है। बड़ी टेक कंपनियां लगातार AI में निवेश कर रही हैं, जिसके चलते कई जगह कर्मचारियों की छंटनी भी देखने को मिल रही है। अब एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि AI की वजह से महिलाओं की नौकरियों पर पुरुषों की तुलना में ज्यादा खतरा मंडरा सकता है। अमेरिका की संस्था National Partnership for Women & Families की रिपोर्ट के अनुसार, महिलाएं उन नौकरियों में बड़ी संख्या में काम कर रही हैं जिन्हें भविष्य में AI सबसे ज्यादा प्रभावित कर सकता है। 15 सबसे जोखिम वाली नौकरियों में महिलाओं की संख्या ज्यादा रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के कुल वर्कफोर्स में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 47 प्रतिशत है, लेकिन AI से सबसे ज्यादा प्रभावित मानी जा रही 15 नौकरियों में महिलाओं की हिस्सेदारी 83 प्रतिशत तक है। इन नौकरियों में सचिव, रिसेप्शनिस्ट, ऑफिस क्लर्क और इंश्योरेंस एजेंट जैसे प्रोफेशन शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब 60 लाख महिलाएं ऐसे क्षेत्रों में काम कर रही हैं, जहां AI के कारण नौकरी पर खतरा बढ़ सकता है। हेल्थ और केयर सेक्टर में अभी कम खतरा स्टडी में बताया गया कि नर्सिंग, चाइल्ड केयर और होम हेल्थ केयर जैसे क्षेत्रों में अभी पूरी तरह ऑटोमेशन संभव नहीं है, क्योंकि इन कामों में इंसानी भावनाएं, देखभाल और व्यक्तिगत संपर्क जरूरी होता है। हालांकि रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई कि इन क्षेत्रों में भी AI आधारित निगरानी और मैनेजमेंट सिस्टम कर्मचारियों के कामकाज को प्रभावित कर सकते हैं। AI डेवलपमेंट में महिलाओं की कम भागीदारी रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं की संख्या अभी भी AI डेवलपमेंट, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और टेक लीडरशिप जैसी भूमिकाओं में काफी कम है। स्टडी में कहा गया कि AI सिस्टम कैसे डिजाइन होंगे, उनका इस्तेमाल कैसे होगा और उन्हें कैसे नियंत्रित किया जाएगा, इन फैसलों में महिलाओं की भागीदारी सीमित है। इसका असर उनके कार्यस्थल पर भी पड़ सकता है। AI में जेंडर बायस का भी दावा रिपोर्ट में AI सिस्टम में जेंडर बायस को लेकर भी चिंता जताई गई है। एक रिसर्च का उदाहरण देते हुए बताया गया कि जब ChatGPT से पुरुष और महिला नामों के आधार पर रिज्यूमे तैयार करवाए गए, तो महिलाओं के रिज्यूमे को कम अनुभवी और कम प्रभावशाली दिखाया गया। बाद में जब AI से उन्हीं रिज्यूमे का मूल्यांकन कराया गया, तो पुरुष उम्मीदवारों को ज्यादा बेहतर रेटिंग मिली। महिलाओं को AI इस्तेमाल पर ज्यादा आलोचना झेलनी पड़ती है स्टडी के अनुसार, कार्यस्थल पर AI टूल्स इस्तेमाल करने पर महिलाओं को पुरुषों की तुलना में ज्यादा आलोचना का सामना करना पड़ सकता है। एक रिसर्च में पाया गया कि जब किसी महिला के बारे में बताया गया कि उसने AI की मदद से काम किया है, तो उसकी क्षमता को पुरुषों की तुलना में ज्यादा कम आंका गया। ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर भी बढ़ी चिंता रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि AI ने महिलाओं को ऑनलाइन टारगेट करने के नए तरीके पैदा कर दिए हैं। AI आधारित डीपफेक और फर्जी तस्वीरों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट में xAI के चैटबॉट Grok का भी जिक्र किया गया, जिसे लेकर पहले विवाद हो चुका है। महिलाएं AI टूल्स कम इस्तेमाल कर रही हैं स्टडी में दावा किया गया कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं के बीच जनरेटिव AI टूल्स का इस्तेमाल लगभग 25 प्रतिशत कम है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं के बीच AI उपयोग तेजी से बढ़ा है। रिपोर्ट के अनुसार 2022 से 2024 के बीच ChatGPT के करीब 42 प्रतिशत यूजर्स महिला नामों से जुड़े थे। विशेषज्ञों का मानना है कि AI का असर पूरी तरह तय नहीं है और आने वाले समय में सरकारी नीतियां, कंपनियों के नियम और कार्यस्थल की व्यवस्था यह तय करेगी कि इसका प्रभाव महिलाओं पर कितना पड़ेगा।
चेन्नई, एजेंसियां। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने युवाओं के लिए बड़ी भर्ती का ऐलान किया है। रेलवे ने वर्ष 2026-27 के लिए ट्रेड अप्रेंटिस के 1644 पदों पर आवेदन मांगे हैं। इस भर्ती की सबसे खास बात यह है कि उम्मीदवारों को न तो लिखित परीक्षा देनी होगी और न ही इंटरव्यू का सामना करना पड़ेगा। चयन सीधे मेरिट लिस्ट के आधार पर किया जाएगा। कई ट्रेडों में निकली वैकेंसी रेलवे की यह भर्ती रायपुर डिवीजन और वैगन रिपेयर शॉप रायपुर के लिए निकाली गई है। रायपुर डिवीजन में 1363 पद और वैगन रिपेयर शॉप में 281 पदों पर भर्ती होगी। भर्ती फिटर, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर, मशीनिस्ट, सीओपीए, डीजल मैकेनिक, रेफ्रिजरेशन और एसी मैकेनिक, स्टेनोग्राफर हिंदी और अंग्रेजी समेत कई ट्रेडों में की जाएगी। सबसे ज्यादा पद फिटर, इलेक्ट्रीशियन और वेल्डर ट्रेड में हैं। योग्यता और आयु सीमा इन पदों के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना जरूरी है। साथ ही 10वीं में कम से कम 50 प्रतिशत अंक होने चाहिए। उम्मीदवार के पास संबंधित ट्रेड में NCVT या SCVT से मान्यता प्राप्त आईटीआई सर्टिफिकेट भी होना अनिवार्य है। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की न्यूनतम आयु 15 वर्ष और अधिकतम 24 वर्ष तय की गई है। आयु की गणना 5 मई 2026 के आधार पर होगी। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार छूट दी जाएगी। मेरिट के आधार पर होगा चयन इस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं होगा। चयन 10वीं और आईटीआई में प्राप्त अंकों के औसत के आधार पर तैयार मेरिट लिस्ट से किया जाएगा। मेरिट में चयनित उम्मीदवारों को बाद में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा। ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन • उम्मीदवार Apprenticeship India Portal या SECR की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. • इसके लिए सबसे पहले पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें. • इसके बाद लॉगिन करके SECR Raipur सर्च करें. • अब अपने ट्रेड के अनुसार आवेदन लिंक पर क्लिक करें. • आवेदन फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरें. • अब दसवीं की मार्कशीट, आईटीआई सर्टिफिकेट, आधार कार्ड, फोटो और सिग्नेचर अपलोड करें. • फॉर्म सबमिट करने से पहले सभी जानकारी अच्छी से चेक करें और इसके बाद फॉर्म सबमिट करके आवेदन फार्म का प्रिंट निकाल लें.
Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने साइबर अपराधों से निपटने और डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 195 पदों पर भर्ती निकाली है। खास बात यह है कि इस भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तारीख अब बढ़ाकर 19 मई 2026 कर दी गई है। डिजिटल इंडिया और ऑनलाइन सेवाओं के तेजी से बढ़ते उपयोग के बीच साइबर सिक्योरिटी सेक्टर में यह भर्ती युवाओं के लिए बड़ा अवसर मानी जा रही है। यह वैकेंसी खास तौर पर उन उम्मीदवारों के लिए फायदेमंद हो सकती है, जो साइबर सिक्योरिटी, आईटी, कम्युनिकेशन और मीडिया सेक्टर में करियर बनाना चाहते हैं। गृह मंत्रालय के तहत होगी नियुक्ति Indian Cyber Crime Coordination Centre गृह मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है। जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, यह भर्ती कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर की जाएगी और चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति तीन साल के कार्यकाल के लिए होगी। उम्मीदवारों की पोस्टिंग नई दिल्ली और असम में की जा सकती है। किन पदों पर होगी भर्ती? I4C द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, भर्ती टेक्निकल और मीडिया प्रोफेशनल्स समेत कई पदों के लिए की जा रही है। कुल 195 रिक्तियां उपलब्ध हैं। इन पदों का उद्देश्य साइबर क्राइम की रोकथाम, डिजिटल सुरक्षा और जागरूकता अभियानों को मजबूत करना है। क्या होगा काम? चयनित उम्मीदवारों को साइबर अपराधों की निगरानी, डिजिटल सुरक्षा से जुड़े अभियानों, टेक्निकल सपोर्ट, कम्युनिकेशन और आउटरीच गतिविधियों में काम करना होगा। मीडिया प्रोफेशनल्स की जिम्मेदारी जागरूकता अभियान और जनसंपर्क गतिविधियों को संभालना हो सकती है। आवेदन कैसे करें? इच्छुक उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक भर्ती पोर्टल पर जाकर फॉर्म भरना होगा। क्यों खास है यह भर्ती? साइबर सिक्योरिटी सेक्टर में तेजी से बढ़ती मांग गृह मंत्रालय के तहत काम करने का अवसर टेक्निकल और मीडिया दोनों क्षेत्रों के उम्मीदवारों के लिए मौके डिजिटल सुरक्षा और साइबर अपराध नियंत्रण में योगदान का मौका
बदल रही है नौकरी और सफलता की परिभाषा एक समय था जब प्रमोशन को करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि माना जाता था। ऊंचा पद, ज्यादा वेतन और जिम्मेदारी सफलता की पहचान समझे जाते थे। लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। बढ़ते तनाव, डिजिटल दबाव और बिगड़ते वर्क-लाइफ बैलेंस के बीच कई कर्मचारी प्रमोशन लेने से भी बचने लगे हैं। आज बड़ी संख्या में प्रोफेशनल्स यह सोचने लगे हैं कि क्या ज्यादा पद और सैलरी वास्तव में मानसिक शांति और निजी जिंदगी की कीमत पर सही है। कर्मचारियों की संतुष्टि में आई बड़ी गिरावट Gallup की State of the Global Workplace 2026 रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में वैश्विक कर्मचारी जुड़ाव (Employee Engagement) घटकर सिर्फ 20 प्रतिशत रह गया। यह 2020 के बाद सबसे निचला स्तर बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार कर्मचारियों में बढ़ती थकान और असंतोष के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था को लगभग 10 ट्रिलियन डॉलर की उत्पादकता का नुकसान हुआ। प्रमोशन अब इनाम नहीं, बोझ जैसा क्यों लग रहा? विशेषज्ञों का मानना है कि महामारी के बाद कर्मचारियों की प्राथमिकताएं बदल गई हैं। अब लोग केवल पद और वेतन नहीं, बल्कि मानसिक शांति, लचीलापन और निजी समय को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। Instahyre के को-फाउंडर सरबोजित मलिक के मुताबिक आज के कर्मचारी काम में अर्थ, स्वतंत्रता और संतुलन चाहते हैं। उनका कहना है कि प्रमोशन की खुशी कुछ समय के लिए रहती है, लेकिन उसके साथ आने वाला तनाव लंबे समय तक बना रहता है। डिजिटल वर्क कल्चर ने बढ़ाया दबाव वर्क फ्रॉम होम और डिजिटल कार्य संस्कृति के बाद कर्मचारियों पर “हमेशा उपलब्ध रहने” का दबाव काफी बढ़ गया है। सीनियर पदों पर देर रात कॉल, लगातार ईमेल और निजी जीवन में काम का दखल आम हो गया है। Biz Staffing Comrade Pvt Ltd के मैनेजिंग पार्टनर पुनीत अरोड़ा के अनुसार आज प्रमोशन का मतलब कई लोगों के लिए ज्यादा काम और कम निजी समय बन गया है। उन्होंने बताया कि कई कर्मचारी अब मानसिक स्वास्थ्य और परिवार के समय को प्राथमिकता देते हुए नेतृत्व वाली भूमिकाएं तक ठुकरा रहे हैं। कंपनियों को बदलनी होगी सोच? विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियों को करियर ग्रोथ की पारंपरिक सोच बदलनी होगी। केवल लंबे घंटे काम करने और लगातार उपलब्ध रहने को सफलता मानना अब कर्मचारियों को स्वीकार नहीं है। अब कर्मचारी ऐसे प्रमोशन चाहते हैं जिनमें– बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान लचीलापन सपोर्टिव कार्य संस्कृति वास्तविक नेतृत्व स्वतंत्रता जैसी सुविधाएं भी शामिल हों। भविष्य में कैसी होगी करियर ग्रोथ? कॉर्पोरेट दुनिया में अब सफलता की परिभाषा बदल रही है। कर्मचारी अब सिर्फ बड़ी सैलरी नहीं, बल्कि बेहतर जीवन गुणवत्ता भी चाहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में वही कंपनियां सफल होंगी जो कर्मचारियों को केवल पद नहीं, बल्कि संतुलित और स्वस्थ कार्य वातावरण भी देंगी। अब सवाल यह नहीं रह गया कि लोग आगे बढ़ना चाहते हैं या नहीं, बल्कि यह है कि क्या करियर ग्रोथ बिना थकान और मानसिक दबाव के संभव है।
Uttar Pradesh में 41 हजार से ज्यादा होमगार्ड भर्ती को लेकर युवाओं के बीच काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। लिखित परीक्षा पूरी हो चुकी है और अब अगले चरण की तैयारी चल रही है। ऐसे में कई उम्मीदवार यह जानना चाहते हैं कि होमगार्ड की नौकरी में क्या काम करना होता है, कितनी सैलरी मिलती है और चयन प्रक्रिया कैसी होती है। होमगार्ड पुलिस और प्रशासन की सहायता करने वाला एक महत्वपूर्ण बल माना जाता है। हालांकि यह स्थायी सरकारी नौकरी नहीं होती, बल्कि स्वयंसेवक आधारित सेवा होती है। कौन बन सकता है होमगार्ड? Uttar Pradesh में होमगार्ड भर्ती के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना जरूरी है। आयु सीमा न्यूनतम उम्र: 18 वर्ष अधिकतम उम्र: 30 वर्ष आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु में छूट दी जाती है इसके अलावा उम्मीदवार का चरित्र अच्छा होना चाहिए और वह शारीरिक रूप से फिट होना चाहिए। क्या होता है होमगार्ड का काम? होमगार्ड राज्य में पुलिस और प्रशासन की मदद के लिए काम करते हैं। जरूरत पड़ने पर उन्हें कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाती हैं। होमगार्ड की प्रमुख जिम्मेदारियां पुलिस बल के सहायक के रूप में कार्य करना कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद करना बाढ़, आग, महामारी और आपदा जैसी स्थितियों में राहत कार्य करना सार्वजनिक सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण में सहयोग देना जिला प्रशासन के निर्देश पर अलग-अलग क्षेत्रों में ड्यूटी करना यूपी में होमगार्ड की सैलरी कितनी होती है? होमगार्ड को स्थायी मासिक वेतन नहीं मिलता। उन्हें ड्यूटी के हिसाब से भुगतान किया जाता है। दैनिक भुगतान प्रतिदिन लगभग ₹600 दिए जाते हैं अगर किसी होमगार्ड को पूरे महीने यानी 30 दिन ड्यूटी मिलती है, तो उसे करीब ₹18,000 तक भुगतान हो सकता है। इसके अलावा राज्य सरकार समय-समय पर महंगाई भत्ता (DA) भी देती है। कैसे होता है चयन? होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया मुख्य रूप से तीन चरणों में पूरी होती है। 1. लिखित परीक्षा विषय सामान्य ज्ञान कुल प्रश्न 100 कुल अंक 100 समय 2 घंटे 25 प्रतिशत से कम अंक लाने वाले उम्मीदवार भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो जाते हैं। 2. फिजिकल टेस्ट लिखित परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को शारीरिक मानक और दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया जाता है। होमगार्ड भर्ती के लिए शारीरिक मानक पुरुष उम्मीदवार सामान्य/OBC/SC लंबाई: 168 सेमी ST लंबाई: 160 सेमी सीना सामान्य/OBC/SC: 79 सेमी (बिना फुलाए) ST: 77 सेमी (बिना फुलाए) महिला उम्मीदवार सामान्य/OBC/SC लंबाई: 152 सेमी ST लंबाई: 147 सेमी न्यूनतम वजन: 40 किलोग्राम दौड़ कितनी होती है? पुरुष उम्मीदवार 4.8 किमी दौड़ समय: 28 मिनट महिला उम्मीदवार 2.4 किमी दौड़ समय: 16 मिनट फिजिकल टेस्ट के बाद मेडिकल टेस्ट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन किया जाता है। सभी चरणों में सफल होने वाले उम्मीदवारों को होमगार्ड के रूप में चयनित किया जाता है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। अगर आप बैंकिंग सेक्टर में नौकरी करने का सपना देख रहे हैं, तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने अप्रेंटिस के 1865 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार बैंक की आधिकारिक वेबसाइट Union Bank of India पर जाकर 19 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती के जरिए युवाओं को बैंकिंग क्षेत्र में काम करने का अनुभव मिलेगा, जिससे भविष्य में करियर बनाने में मदद मिल सकती है। कई राज्यों में निकली हैं भर्तियां यह भर्ती देशभर के अलग-अलग राज्यों के लिए निकाली गई है। उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 335 पद हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र में 196, तेलंगाना में 164, कर्नाटक में 131, मध्य प्रदेश में 116 और तमिलनाडु में 95 पद निर्धारित किए गए हैं। बिहार, दिल्ली, गुजरात, ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में भी कई पद उपलब्ध हैं। योग्यता और आयु सीमा इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट होना जरूरी है। साथ ही डिग्री 1 अप्रैल 2022 के बाद प्राप्त की गई होनी चाहिए। उम्मीदवार को जिस राज्य से आवेदन करना है, वहां की स्थानीय भाषा का ज्ञान होना भी अनिवार्य है। आवेदन करने के लिए न्यूनतम आयु 20 वर्ष और अधिकतम आयु 28 वर्ष तय की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट मिलेगी। आवेदन शुल्क और चयन प्रक्रिया सामान्य और ओबीसी वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 944 रुपये रखा गया है। वहीं महिला उम्मीदवारों के लिए यह शुल्क 708 रुपये है। एससी, एसटी और दिव्यांग वर्ग के उम्मीदवारों को 236 रुपये शुल्क देना होगा। चयन प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होगी। सबसे पहले ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके बाद लोकल लैंग्वेज टेस्ट होगा और अंत में मेडिकल टेस्ट के आधार पर अंतिम चयन किया जाएगा। मिलेगा आकर्षक स्टाइपेंड चयनित उम्मीदवारों को एक साल की अप्रेंटिसशिप के दौरान हर महीने स्टाइपेंड भी मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में 15 हजार रुपये, शहरी क्षेत्रों में 18 हजार रुपये और मेट्रो शहरों में 20 हजार रुपये तक स्टाइपेंड दिया जाएगा। ऐसे करें आवेदन उम्मीदवार सबसे पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां Careers या Recruitment सेक्शन में जाकर Apprentice Recruitment 2026 लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद NAPS और NATS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करके आवेदन फॉर्म भरें और सबमिट करने के बाद उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।
भारतीय कर्मचारियों की तारीफ या ‘टॉक्सिक वर्क कल्चर’ का समर्थन? Burj Khalifa के डेवलपर और Emaar Properties के संस्थापक Mohamed Alabbar के एक बयान ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें भारतीय कर्मचारियों को नौकरी पर रखना पसंद है क्योंकि वे “रात 1 बजे भी फोन उठाते हैं” और उनका वर्क एथिक दुनिया में सबसे मजबूत है। यह टिप्पणी उन्होंने “Make It in the Emirates” समिट के दौरान की। अलब्बार ने कहा कि सफलता सिर्फ बुद्धिमानी से नहीं, बल्कि लगातार मेहनत, अनुशासन और जिम्मेदारी निभाने की आदत से मिलती है। उनके मुताबिक भारतीय प्रोफेशनल्स कठिन परिस्थितियों में भी काम के प्रति समर्पित रहते हैं और यही बात उन्हें अलग बनाती है। “हार्ड वर्क ही असली ताकत” अपने संबोधन में अलब्बार ने कहा कि किसी भी कंपनी की असली मजबूती उसके कर्मचारियों की मेहनत और संकट के समय उनकी प्रतिबद्धता से तय होती है। उन्होंने 2008 की आर्थिक मंदी और कोविड-19 महामारी का जिक्र करते हुए कहा कि वही कंपनियां टिक पाईं जिनकी टीमें मुश्किल हालात में भी काम करती रहीं। उन्होंने यह भी बताया कि संकट के समय उनकी कंपनी ने कर्मचारियों की नौकरी और सैलरी सुरक्षित रखने की कोशिश की थी, ताकि टीम का भरोसा बना रहे। सोशल मीडिया पर मिला मिला-जुला रिएक्शन हालांकि अलब्बार की टिप्पणी को कुछ लोगों ने भारतीय कर्मचारियों की मेहनत की सराहना माना, लेकिन सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे “अनहेल्दी वर्क कल्चर” को बढ़ावा देने वाला बयान बताया। Reddit और X जैसे प्लेटफॉर्म पर यूजर्स ने कहा कि देर रात तक उपलब्ध रहना समर्पण नहीं बल्कि नौकरी का दबाव और असुरक्षा दिखाता है। कई लोगों ने लिखा कि भारतीय प्रोफेशनल्स को लंबे समय से “ओवरडिलीवर” करने के लिए तैयार किया जाता रहा है, जिससे निजी जीवन और मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। कुछ यूजर्स ने यह चिंता भी जताई कि विदेशी कंपनियां भारतीय कर्मचारियों से हर समय उपलब्ध रहने की उम्मीद करने लगी हैं, जिससे ओवरवर्क की समस्या और बढ़ सकती है। वर्क-लाइफ बैलेंस पर फिर शुरू हुई चर्चा भारत के आईटी, कंसल्टिंग और सर्विस सेक्टर के कर्मचारी दुनियाभर में अपनी मेहनत और मल्टीपल टाइम जोन में काम करने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। लेकिन HR एक्सपर्ट्स का मानना है कि लगातार उपलब्ध रहने की संस्कृति लंबे समय में बर्नआउट, तनाव और कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने की दर बढ़ा सकती है। दुनिया के कई देशों में अब “Right to Disconnect” जैसे नियम लागू किए जा रहे हैं, जिनका मकसद कर्मचारियों को ऑफिस समय के बाद काम से अलग रहने का अधिकार देना है। भारत में अभी ऐसा कोई व्यापक कानून नहीं है, लेकिन नई पीढ़ी के कर्मचारी अब वर्क-लाइफ बैलेंस और मानसिक स्वास्थ्य को ज्यादा महत्व देने लगे हैं। बड़ा सवाल: मेहनत या सीमाओं की जरूरत? अलब्बार के बयान ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है–क्या भारतीय प्रोफेशनल्स को हमेशा “हर समय उपलब्ध” रहने वाली अपनी छवि बनाए रखनी चाहिए, या अब काम और निजी जीवन के बीच स्पष्ट सीमाएं तय करने का समय आ गया है?
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। Uttar Pradesh Cooperative Institutional Service Board (UPCISB) ने वर्ष 2026 के लिए व्यापक भर्ती अभियान की घोषणा की है। इस भर्ती के तहत कुल 2085 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी, जिसमें बैंकिंग, नॉन-बैंकिंग और टेक्निकल क्षेत्रों के विविध पद शामिल हैं। यह भर्ती उन उम्मीदवारों के लिए खास अवसर है, जो वित्तीय संस्थानों या तकनीकी सेवाओं में अपना करियर बनाना चाहते हैं। आवेदन प्रक्रिया 25 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार 15 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। किन-किन पदों पर भर्ती? इस भर्ती अभियान के तहत कई महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति की जाएगी: बैंकिंग सर्विस: क्लर्क, कैशियर, जूनियर मैनेजर नॉन-बैंकिंग सर्विस: एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट, ऑफिस मैनेजर टेक्निकल सर्विस: आईटी ऑफिसर, सिविल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से जुड़े पद वैकेंसी का पूरा विवरण मैनेजर – 65 पद जूनियर मैनेजर – 486 पद बैंक सहायक / कैशियर – 887 पद कंप्यूटर मैनेजर – 10 पद जनरल मैनेजर – 42 पद अकाउंटेंट – 24 पद असिस्टेंट अकाउंटेंट – 34 पद अकाउंट क्लर्क – 2 पद स्टेनोग्राफर – 23 पद जूनियर असिस्टेंट – 45 पद टाइपिस्ट – 71 पद असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल) – 32 पद असिस्टेंट इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) – 2 पद जूनियर इंजीनियर (सिविल) – 211 पद जूनियर इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) – 7 पद योग्यता और आयु सीमा बैंकिंग पदों के लिए किसी भी विषय में स्नातक (Graduation) आवश्यक है, जबकि कुछ पदों पर कॉमर्स या गणित पृष्ठभूमि को प्राथमिकता दी जा सकती है। टेक्निकल पदों के लिए संबंधित क्षेत्र में बीटेक या डिप्लोमा अनिवार्य होगा। आयु सीमा से जुड़ी विस्तृत जानकारी आधिकारिक नोटिफिकेशन में उपलब्ध है। कैसे करें आवेदन? उम्मीदवार UPCISB Official Website पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया इस प्रकार है: वेबसाइट पर जाएं और भर्ती लिंक पर क्लिक करें नया रजिस्ट्रेशन करें लॉगिन कर आवेदन फॉर्म भरें जरूरी दस्तावेज अपलोड करें ऑनलाइन फीस जमा करें फॉर्म सबमिट कर प्रिंट निकाल लें क्यों खास है यह भर्ती? इतनी बड़ी संख्या में पदों की घोषणा यह दर्शाती है कि सहकारी बैंकिंग सेक्टर में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। यह भर्ती न केवल फ्रेशर्स बल्कि अनुभवी उम्मीदवारों के लिए भी एक बड़ा अवसर है।
नई दिल्ली: मई 2026 सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बेहद अहम महीना साबित हो रहा है। Staff Selection Commission (SSC) से लेकर बैंक, पैरामिलिट्री और राज्य स्तरीय आयोगों तक–कुल मिलाकर 20,697 से ज्यादा पदों पर भर्तियां निकली हैं। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि इनमें से कई भर्तियों की अंतिम तारीख बेहद नजदीक है। ऐसे में अगर आपने अभी तक आवेदन नहीं किया है, तो यह मौका हाथ से निकल सकता है। किन-किन भर्तियों में जल्द खत्म हो रही है तारीख? 1. Staff Selection Commission Selection Post Phase 14 कुल पद: 3003 अंतिम तारीख: 4 मई 2026 योग्यता: 10वीं, 12वीं, ग्रेजुएट पद: MTS, DEO, जूनियर असिस्टेंट समेत कई पोस्ट 2. Staff Selection Commission Stenographer Grade C & D पद: 731 अंतिम तारीख: 15 मई 2026 योग्यता: 12वीं पास 3. Union Bank of India Apprentice Recruitment पद: 1865 अंतिम तारीख: 19 मई 2026 योग्यता: ग्रेजुएशन स्टाइपेंड: ₹15,000–₹20,000 4. Uttar Pradesh Subordinate Services Selection Commission (UPSSSC) ASO भर्ती पद: 929 अंतिम तारीख: 11 मई 2026 योग्यता: संबंधित विषय में मास्टर्स 5. UPSSSC Assistant Boring Technician पद: 402 अंतिम तारीख: 5 मई 2026 योग्यता: 10वीं + ITI बड़ी संख्या में वैकेंसी वाली भर्तियां 6. Central Reserve Police Force (CRPF) Constable पद: 9096 अंतिम तारीख: 19 मई 2026 योग्यता: 10वीं + ट्रेड स्किल 7. Bihar Technical Service Commission (BTSC) Lab Assistant पद: 1091 अंतिम तारीख: 6 मई 2026 8. UPCISB Recruitment पद: 2085 अंतिम तारीख: 15 मई 2026 9. Sashastra Seema Bal (SSB) Constable पद: 827 अंतिम तारीख: 4 मई 2026 10. Power Grid Corporation of India Limited Recruitment पद: 668 अंतिम तारीख: 11 मई 2026 क्यों जरूरी है समय पर आवेदन? सरकारी नौकरी में सफलता का पहला और सबसे अहम स्टेप है–समय पर आवेदन। हर साल हजारों उम्मीदवार सिर्फ इसलिए पीछे रह जाते हैं क्योंकि वे आखिरी तारीख चूक जाते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि केवल तैयारी ही नहीं, बल्कि सही समय पर सही फॉर्म भरना भी उतना ही जरूरी है। एक्सपर्ट टिप पटना के कोचिंग एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फॉर्म भरते समय जल्दबाजी न करें सभी डॉक्यूमेंट पहले से तैयार रखें योग्यता और आयु सीमा अच्छे से चेक करें
बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। Union Bank of India (UBI) ने अप्रेंटिस के 1865 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह अवसर खासतौर पर उन ग्रेजुएट उम्मीदवारों के लिए है, जो बैंकिंग क्षेत्र में अपना करियर शुरू करना चाहते हैं और व्यावहारिक अनुभव हासिल करना चाहते हैं। आवेदन की तारीख और प्रक्रिया इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 29 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 19 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को यूनियन बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। कैसे करें अप्लाई? सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट unionbankofindia.bank.in पर जाएं “UBI Apprentices Recruitment 2026” लिंक पर क्लिक करें अपनी बेसिक डिटेल्स भरकर रजिस्ट्रेशन करें रजिस्ट्रेशन के बाद आवेदन फॉर्म भरें जरूरी दस्तावेज अपलोड करें आवेदन शुल्क जमा करें अंत में फॉर्म सबमिट कर उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रखें कौन कर सकता है आवेदन? इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय (BA, BSc, BCom आदि) में ग्रेजुएशन की डिग्री होना जरूरी है। आयु सीमा: 20 से 28 वर्ष आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु में छूट मिलेगी जिस राज्य से आवेदन कर रहे हैं, वहां की स्थानीय भाषा का ज्ञान अनिवार्य है (पढ़ना, लिखना और बोलना) वैकेंसी का विवरण UR (अनारक्षित): 823 पद OBC: 447 पद EWS: 175 पद SC: 289 पद ST: 131 पद कुल पद: 1865 स्टाइपेंड और फायदे अप्रेंटिसशिप के दौरान उम्मीदवारों को हर महीने लगभग 15,000 से 18,000 रुपये तक स्टाइपेंड मिल सकता है। इसके साथ ही: बैंकिंग सेक्टर में रियल टाइम वर्क एक्सपीरियंस सरकारी बैंक का सर्टिफिकेट भविष्य में बैंकिंग नौकरियों में प्राथमिकता मिलने की संभावना यह भर्ती न केवल नौकरी का अवसर देती है, बल्कि बैंकिंग इंडस्ट्री को करीब से समझने और अपने स्किल्स को मजबूत करने का बेहतरीन प्लेटफॉर्म भी है।
सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने मेडिकल कैडर में हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह भर्ती उन युवाओं के लिए बड़ा अवसर है, जो सुरक्षा बल में शामिल होकर सरकारी नौकरी पाना चाहते हैं। इस अभियान के तहत कुल 76 पद भरे जाएंगे, जिनमें लैबोरेट्री असिस्टेंट, फिजियोथेरेपिस्ट असिस्टेंट और नर्सिंग असिस्टेंट कम मेडिक जैसे पद शामिल हैं। आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां इस भर्ती प्रक्रिया के लिए आवेदन 21 मार्च 2026 से शुरू हो चुके हैं। इच्छुक उम्मीदवार 4 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि भी यही है। विभाग की ओर से फिलहाल फॉर्म करेक्शन की कोई तारीख घोषित नहीं की गई है, इसलिए उम्मीदवारों को आवेदन भरते समय विशेष सावधानी बरतनी होगी। आयु सीमा और योग्यता इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार की आयु 18 से 27 वर्ष के बीच होनी चाहिए। हालांकि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियमानुसार छूट दी जाएगी। शैक्षणिक योग्यता पद के अनुसार अलग-अलग निर्धारित की गई है, लेकिन सामान्य रूप से 10वीं और 12वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया उम्मीदवारों को आवेदन करने के लिए SSB की आधिकारिक वेबसाइट ssb.gov.in पर जाना होगा। वहां “SSB Head Constable (Medical Cadre) Recruitment 2026” लिंक पर क्लिक कर रजिस्ट्रेशन और लॉगिन करना होगा। इसके बाद शैक्षणिक और व्यक्तिगत जानकारी भरकर आवेदन पत्र पूरा करना होगा और अंत में आवेदन शुल्क जमा कर फॉर्म सबमिट करना होगा। आवेदन शुल्क सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को 100 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा। वहीं SC/ST वर्ग के अभ्यर्थियों को किसी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा। शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। वेतनमान चयनित उम्मीदवारों को पद के अनुसार आकर्षक वेतन दिया जाएगा। हेड कांस्टेबल (नर्सिंग असिस्टेंट कम मेडिक): 21,700 से 69,100 रुपये (लेवल-3) हेड कांस्टेबल (लैबोरेट्री असिस्टेंट/फिजियोथेरेपी असिस्टेंट): 25,500 से 81,100 रुपये (लेवल-4) चयन प्रक्रिया भर्ती प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होगी। इसमें फिजिकल टेस्ट, फिजिकल फिटनेस टेस्ट, लिखित परीक्षा और स्किल टेस्ट शामिल हैं। सभी चरणों में सफल उम्मीदवारों का अंत में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन किया जाएगा। यह भर्ती उन युवाओं के लिए सुनहरा अवसर है, जो मेडिकल क्षेत्र में सुरक्षा बल के साथ करियर बनाना चाहते हैं। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि अंतिम तिथि से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि किसी तकनीकी समस्या से बचा जा सके।
बैचलर ऑफ आर्ट्स (BA) करने के बाद अक्सर छात्रों के मन में यह सवाल उठता है कि आगे कौन-सा करियर चुना जाए। लेकिन हकीकत यह है कि BA के बाद सरकारी क्षेत्र में कई ऐसे अवसर मौजूद हैं, जो न सिर्फ अच्छी सैलरी देते हैं बल्कि जॉब सिक्योरिटी और सामाजिक सम्मान भी सुनिश्चित करते हैं। सही दिशा में तैयारी और रणनीति अपनाकर इन नौकरियों को हासिल किया जा सकता है। यहां हम आपको ऐसे पांच प्रमुख सरकारी करियर विकल्पों के बारे में बता रहे हैं, जो BA के बाद आपके भविष्य को नई दिशा दे सकते हैं। 1. SSC CGL: स्थिर करियर का मजबूत विकल्प SSC CGL परीक्षा BA ग्रेजुएट्स के बीच सबसे लोकप्रिय विकल्पों में से एक है। इस परीक्षा के माध्यम से इनकम टैक्स ऑफिसर, ऑडिटर और असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर जैसे पदों पर नियुक्ति मिलती है। इसमें आकर्षक वेतन के साथ-साथ नियमित प्रमोशन के अवसर भी मिलते हैं। 2. बैंकिंग सेक्टर: सुरक्षित और संतुलित नौकरी बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने के लिए IBPS Exam और State Bank of India द्वारा आयोजित परीक्षाएं अहम होती हैं। इन परीक्षाओं के जरिए प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO) और क्लर्क पद हासिल किए जा सकते हैं। बैंकिंग नौकरियों में फिक्स वर्किंग आवर्स, अच्छी सैलरी और ग्रोथ के पर्याप्त अवसर होते हैं। 3. UPSC सिविल सर्विस: देश सेवा के साथ प्रतिष्ठा अगर आप प्रशासनिक सेवा में जाना चाहते हैं, तो UPSC Civil Services Examination आपके लिए सबसे बड़ा मंच है। इस परीक्षा के माध्यम से IAS, IPS और IFS जैसे प्रतिष्ठित पदों पर चयन होता है। BA के दौरान पढ़े गए विषय इस परीक्षा की तैयारी में काफी मददगार साबित होते हैं। 4. रेलवे में नौकरी: सुविधाओं के साथ स्थिरता Railway Recruitment Board (RRB) हर साल NTPC, ग्रुप D और क्लर्क जैसे पदों के लिए भर्ती करता है। रेलवे की नौकरियां अपने बेहतरीन भत्तों, जॉब सिक्योरिटी और परिवार के लिए सुविधाओं के कारण बेहद लोकप्रिय हैं। 5. राज्य सरकार की नौकरियां: अपने राज्य में अवसर हर राज्य की Public Service Commission Exams के जरिए विभिन्न प्रशासनिक पदों, पुलिस और राजस्व विभाग में भर्तियां होती हैं। इन परीक्षाओं का सिलेबस BA के विषयों से काफी मेल खाता है, जिससे आर्ट्स के छात्रों को अतिरिक्त फायदा मिलता है। सरकारी नौकरी पाने के लिए सिर्फ डिग्री ही नहीं, बल्कि सही प्लानिंग, नियमित पढ़ाई और समय प्रबंधन भी जरूरी है। यदि आप लक्ष्य तय कर लें और निरंतर मेहनत करें, तो BA के बाद भी आपके पास सफल और सुरक्षित करियर बनाने के कई रास्ते खुले हैं।
देश की सबसे प्रतिष्ठित नौकरियों में शामिल Reserve Bank of India (RBI) में ग्रेड बी ऑफिसर बनने का सपना देखने वाले उम्मीदवारों के लिए बड़ा अवसर सामने आया है। आरबीआई ने ग्रेड बी ऑफिसर भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, जिसके तहत कुल 60 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 29 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 20 मई 2026 तक चलेगी। कितने पदों पर होगी भर्ती? इस भर्ती अभियान के तहत कुल 60 पद भरे जाएंगे: ग्रेड बी ऑफिसर (जनरल): 40 पद DEPR (इकोनॉमिक्स एंड पॉलिसी रिसर्च): 10 पद DISM (स्टैटिस्टिक्स एंड इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट): 10 पद जरूरी तारीखें आवेदन शुरू: 29 अप्रैल 2026 आवेदन की अंतिम तिथि: 20 मई 2026 (शाम 6 बजे तक) फेज-I परीक्षा: 13 जून 2026 DEPR/DISM परीक्षा: 14 जून 2026 फेज-II परीक्षा (जनरल): 25 जुलाई 2026 फेज-II (DEPR/DISM): 26 जुलाई 2026 क्या है योग्यता? जनरल पोस्ट: ग्रेजुएशन में कम से कम 60% अंक पोस्ट ग्रेजुएशन में 55% अंक DEPR: इकोनॉमिक्स/फाइनेंस में मास्टर्स (न्यूनतम 55%) DISM: स्टैटिस्टिक्स/मैथ/डेटा से संबंधित डिग्री या 4 साल का ग्रेजुएशन उम्र सीमा न्यूनतम आयु: 21 वर्ष अधिकतम आयु: 30 वर्ष (आरक्षित वर्ग को नियमानुसार छूट मिलेगी) चयन प्रक्रिया कैसे होगी? RBI ग्रेड बी ऑफिसर बनने के लिए तीन चरणों से गुजरना होगा: फेज-I (प्रीलिम्स) जनरल अवेयरनेस, क्वांट, इंग्लिश, रीजनिंग फेज-II (मेंस) इकोनॉमिक्स, सोशल साइंस इंग्लिश (डिस्क्रिप्टिव) फाइनेंस और मैनेजमेंट इंटरव्यू फाइनल मेरिट फेज-II और इंटरव्यू के आधार पर बनेगी आवेदन से पहले क्या तैयार रखें? उम्मीदवारों को आवेदन से पहले ये दस्तावेज तैयार रखने चाहिए: आधार कार्ड ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर 10वीं, 12वीं, ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन मार्कशीट कैटेगरी सर्टिफिकेट (यदि लागू हो) विस्तृत नोटिफिकेशन जल्द ही RBI की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जाएगा।
आज के प्रतिस्पर्धी दौर में सिर्फ डिग्री हासिल करना ही सफलता की गारंटी नहीं है। कंपनियां अब ऐसे कैंडिडेट्स को प्राथमिकता दे रही हैं, जिनके पास काम करने की प्रैक्टिकल स्किल्स हों। बदलते जॉब मार्केट में स्किल-बेस्ड कोर्सेज तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, क्योंकि ये कम समय में आपको रोजगार के लिए तैयार करते हैं और बेहतर सैलरी के अवसर भी देते हैं। क्यों बढ़ रही है स्किल बेस्ड कोर्स की मांग? डिजिटल युग में कंपनियों को ऐसे प्रोफेशनल्स चाहिए जो तुरंत काम संभाल सकें। यही वजह है कि पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ अब स्किल डेवलपमेंट पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। कम समय में सीखी गई सही स्किल्स आपको नौकरी के बाजार में अलग पहचान दिला सकती हैं। टॉप स्किल बेस्ड कोर्स जो दिलाएंगे नौकरी डिजिटल मार्केटिंग आज हर बिजनेस ऑनलाइन मौजूद है, ऐसे में डिजिटल मार्केटिंग की डिमांड तेजी से बढ़ी है। इस कोर्स में SEO, सोशल मीडिया मार्केटिंग, गूगल एड्स और कंटेंट क्रिएशन सिखाया जाता है। 3 से 6 महीने में यह कोर्स पूरा कर आप एजेंसी या फ्रीलांसिंग के जरिए करियर शुरू कर सकते हैं। डेटा एनालिटिक्स आज के समय में डेटा ही सबसे बड़ी ताकत है। डेटा एनालिस्ट कंपनियों को डेटा समझने और सही फैसले लेने में मदद करते हैं। इसमें Excel, SQL, Tableau और Python जैसी स्किल्स सिखाई जाती हैं। IT, बैंकिंग और ई-कॉमर्स सेक्टर में इसकी भारी मांग है। ग्राफिक डिजाइनिंग अगर आप क्रिएटिव हैं, तो यह फील्ड आपके लिए शानदार है। ब्रांडिंग, सोशल मीडिया और विज्ञापन के लिए डिजाइनर्स की जरूरत हर जगह होती है। इस कोर्स में Adobe Photoshop, Illustrator और Canva जैसे टूल्स सिखाए जाते हैं, जिससे आप घर बैठे भी अच्छी कमाई कर सकते हैं। AI और मशीन लर्निंग भविष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है। ChatGPT जैसे टूल्स के आने के बाद AI एक्सपर्ट्स की मांग तेजी से बढ़ी है। इस फील्ड में प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस सिखाया जाता है, जो हाई-सैलरी जॉब्स का रास्ता खोलते हैं। सही कोर्स कैसे चुनें? अपनी रुचि और क्षमता को समझें कोर्स की डिमांड और करियर स्कोप जांचें फीस और समय का आकलन करें ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की गुणवत्ता जरूर देखें स्किल बेस्ड कोर्स न सिर्फ आपको जल्दी नौकरी दिला सकते हैं, बल्कि करियर में तेजी से आगे बढ़ने का रास्ता भी खोलते हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। उत्तर प्रदेश फॉरेस्ट डिपार्टमेंट में फॉरेस्ट गार्ड और वन्य जीव रक्षक (वाइल्ड लाइफ गार्ड) के 708 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया गया है। इस भर्ती के लिए एग्जाम फीस 30 जून से 20 जुलाई 2026 तक जमा की जा सकेगी। फॉर्म में करेक्शन के लिए 27 जुलाई तक का समय दिया जाएगा। पदों का विवरण : फॉरेस्ट गार्ड : पद का नाम पदों की संख्या सामान्य 128 अन्य पिछड़ा वर्ग 279 अनुसूचित जाति 199 अनुसूचित जनजाति 10 ईडब्ल्यूएस 31 वाइल्ड लाइफ गार्ड : पद का नाम पदों की संख्या सामान्य 4 अन्य पिछड़ा वर्ग 36 अनुसूचित जाति 19 अनुसूचित जनजाति 1 ईडब्ल्यूएस 1 शैक्षणिक योग्यता : 12वीं पास। पीईटी 2025 का स्कोर कार्ड होना चाहिए। शारीरिक योग्यता : जेंडर कैटेगरी न्यूनतम हाइट चेस्ट (फुलाए बिना / फुलाने के बाद ) वजन पुरुष जनरल,ओबीसी, एससी 168 सेमी 84 cm / 89 cm (min. 5 cm expansion) – पुरुष ST 160 सेमी 82 cm / 87 cm (min. 5 cm expansion) – महिला General / OBC / SC 152 सेमी – 45 to 58 kg महिला एसटी 147 सेमी – 45 to 58 kg उम्र सीमाः न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 40 साल रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों को अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी। फीस : सभी वर्ग के लिए 25 रुपए सैलरी : 19,900 - 63,200 रुपए प्रतिमाह परीक्षा प्रणाली : परीक्षा की अवधि : ढाई घंटे टोटल मार्क्स : 200 टोटल क्वेश्चन : 200 पार्ट सब्जेक्ट क्वेश्चन नंबर टोटल मार्क्स पार्ट - 1 सब्जेक्ट रिलेटेड नॉलेज (फॉरेस्ट एंड एनवायरमेंट) 50 50 पार्ट - 2 एलिमेंट्री मैथमेटिक्स एंड बायोलॉजी 15 15 पार्ट - 3 नॉलेज ऑफ कंप्यूटर एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड कंटेम्परेरी टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट एंड इन्नोवेशन 15 15 पार्ट - 4 जनरल इंफॉर्मेशन रिलेटेड टू द स्टेट ऑफ उत्तरप्रदेश 20 20 टोटल 100 100
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक शानदार अवसर सामने आया है। Staff Selection Commission (SSC) ने स्टेनोग्राफर ग्रेड C और D पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के तहत कुल 731 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। खास बात यह है कि इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का सिर्फ 12वीं पास होना जरूरी है, जिससे बड़ी संख्या में युवा इसके लिए पात्र बनते हैं। महत्वपूर्ण तिथियां (Important Dates) आवेदन शुरू: 24 अप्रैल 2026 आवेदन की अंतिम तिथि: 15 मई 2026 फीस जमा करने की अंतिम तिथि: 16 मई 2026 करेक्शन विंडो: 20–21 मई 2026 परीक्षा (संभावित): जुलाई – अगस्त 2026 कौन कर सकता है आवेदन? स्टेनोग्राफर ग्रेड C और D के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए: किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना अनिवार्य आयु सीमा: ग्रेड D: 18 से 27 वर्ष ग्रेड C: अधिकतम 30 वर्ष आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु सीमा में नियमानुसार छूट दी जाएगी ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन उम्मीदवार Staff Selection Commission (SSC) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। प्रक्रिया इस प्रकार है: वेबसाइट पर जाकर न्यू रजिस्ट्रेशन करें रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड से लॉगिन करें “Stenographer Grade C & D Examination 2026” लिंक पर क्लिक करें आवश्यक जानकारी भरें आवेदन शुल्क जमा करें फॉर्म सबमिट कर प्रिंटआउट सुरक्षित रखें परीक्षा पैटर्न (Exam Pattern) SSC स्टेनोग्राफर परीक्षा की खास बात यह है कि इसमें गणित (Maths) से कोई सवाल नहीं पूछा जाता। पेपर में शामिल होंगे: जनरल इंटेलिजेंस और रीजनिंग: 50 प्रश्न जनरल अवेयरनेस: 50 प्रश्न इंग्लिश लैंग्वेज और कॉम्प्रिहेंशन: 100 प्रश्न इसके अलावा: प्रत्येक गलत उत्तर पर 0.25 अंक की नेगेटिव मार्किंग होगी क्यों खास है यह भर्ती? यह भर्ती उन युवाओं के लिए खास है: जो 12वीं के बाद सरकारी नौकरी चाहते हैं जिनकी शॉर्टहैंड और टाइपिंग पर अच्छी पकड़ है जो केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों में करियर बनाना चाहते हैं
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।