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सुख-सौभाग्य के लिए एकबार वॉलेट में रखकर देखें चांदी, फिजूलखर्चों से मिलेगी मुक्ति लेकिन शुभ तिथि का रखें ध्यान

Parag Sharma अप्रैल 4, 2026
सुख-सौभाग्य के लिए एकबार वॉलेट में रखकर देखें चांदी, फिजूलखर्चों से मिलेगी मुक्ति लेकिन शुभ तिथि का रखें ध्यान
सुख-सौभाग्य के लिए एकबार वॉलेट में रखकर देखें चांदी, फिजूलखर्चों से मिलेगी मुक्ति लेकिन शुभ तिथि का रखें ध्यान
ज्योतिष और पारंपरिक मान्यताओं में अक्सर रोजमर्रा की चीजों को ग्रहों की ऊर्जा से जोड़ा जाता है, जिनके बारे में माना जाता है कि वे व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करती हैं. ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक पर्स में चांदी रखने से धन की कमी नहीं होती और खर्चों पर नियंत्रण बना रहता है. यह धातु मानसिक तनाव को कम करने और आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक मानी जाती है. आइए जानते हैं वॉलेट में चांदी रखने के फायदे...

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Aaj ka Kumbh Rashifal 05 April 2026: करियर देगा नए मौके, परिवार में गूंजेंगी खुशियां, काम में बरतें सावधानी
Aaj ka Kumbh Rashifal 05 April 2026: करियर देगा नए मौके, परिवार में गूंजेंगी खुशियां, काम में बरतें सावधानी

Aaj ka Kumbh Rashifal 05 April 2026: कुंभ राशि के लिए 5 अप्रैल 2026 का दिन मिला-जुला रहने वाला है. करियर में नए अवसर मिलेंगे, लेकिन धैर्य और सावधानी जरूरी है. आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और रुका हुआ धन मिल सकता है. परिवार में खुशी का माहौल रहेगा, सेहत सामान्य बनी रहेगी.

Deepti Sharma अप्रैल 5, 2026
Aaj 5 April Makar Rashifal: मकर राशि वालों को धन लाभ के योग, लेकिन बिजनेस में धोखे का खतरा, करियर में नए मौके मिलेंगे
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Aaj ka Makar Rashifal 5 April 2026: मकर राशि के जातकों के लिए आज का दिन मिलाजुला परिणाम देने वाला रहेगा. आर्थिक मामलों में लाभ के संकेत हैं और उधार दिया हुआ पैसा वापस मिल सकता है. हालांकि खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा. कार्यस्थल पर कुछ चुनौतियां आएंगी, लेकिन धैर्य से आप उन्हें संभाल लेंगे. परिवार में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, जिससे मानसिक दबाव महसूस होगा. स्वास्थ्य में थकान या सिर दर्द की परेशानी हो सकती है. प्रेम संबंधों में तनाव संभव है. कुल मिलाकर दिन सतर्कता और संतुलन के साथ आगे बढ़ने का संकेत दे रहा है.

deep ranjan अप्रैल 5, 2026
Aaj Ka Love Rashifal: ये 4 राशिवाले नए रिश्ते से जुड़ेंगे, वृष, कन्या समेत इन 3 जातकों की लव लाइफ में टेंशन बढ़ेगी, पढ़ें अपना लव राशिफल
Aaj Ka Love Rashifal: ये 4 राशिवाले नए रिश्ते से जुड़ेंगे, वृष, कन्या समेत इन 3 जातकों की लव लाइफ में टेंशन बढ़ेगी, पढ़ें अपना लव राशिफल

Aaj Ka Love Rashifal 5 April 2026: आज 5 अप्रैल रविवार का ​दिन मेष राशि वालों के लिए प्रेम और संबंधों के मामले में बहुत ही अद्भुत है. कर्क वाले सिंगल जातकों को नए प्रेम के अवसर प्राप्त हो सकते हैं. धनु राशि के जातकों के लिए प्रेम के मामले में दिन बेहतरीन साबित होगा. यह अवधि आपके रिश्तों में सामंजस्य और खुशी लेकर आएगी. पढ़ें अन्य राशि वालों का आज का लव राशिफल.

Anshumala अप्रैल 5, 2026
Aaj 5 April Tula Rashifal: चंद्रमा के राशि परिवर्तन से तुला राशि वालों का चमकेगा भाग्य, धन लाभ के योग, अटके काम होंगे पूरे
Aaj 5 April Tula Rashifal: चंद्रमा के राशि परिवर्तन से तुला राशि वालों का चमकेगा भाग्य, धन लाभ के योग, अटके काम होंगे पूरे

Aaj ka Tula Rashifal 5 April 2026: तुला राशि के जातकों के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आएगा. चंद्रमा वृश्चिक राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जो द्वितीय भाव धन, वाणी और परिवार को प्रभावित करेगा. आर्थिक मामलों में सुधार के संकेत हैं और रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना बन रही है. परिवार में मधुरता बढ़ेगी और वातावरण सकारात्मक रहेगा. आपकी वाणी प्रभावशाली होगी जिससे आप लोगों को प्रभावित करेंगे. खर्चों पर नियंत्रण जरूरी रहेगा. कार्यस्थल पर नए अवसर मिल सकते हैं. कुल मिलाकर दिन लाभकारी रहेगा और मानसिक संतुलन बना रहेगा.

deep ranjan अप्रैल 5, 2026
धनु राशि वालों के लिए आज का दिन रहेगा तनाव भरा, कारोबार में मिलेगी सफलता, नौकरी में तरक्की के योग, लव लाइफ रहेगी सामान्य, करें ये उपाय
धनु राशि वालों के लिए आज का दिन रहेगा तनाव भरा, कारोबार में मिलेगी सफलता, नौकरी में तरक्की के योग, लव लाइफ रहेगी सामान्य, करें ये उपाय

Aaj ka dhanu Rashifal 5 April 2026: ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि आज के दिन धनु राशि के जातकों को काफी ऊर्जा महसूस होगी, जिस से आप आज के दिन किसी भी काम को बेहतर तरीके से कर सकेंगे. आज के दिन आप को किसी तरह के गुप्त खर्च पर नियंत्रण करने की जरूरत है. आपका बजट आज के दिन बिगड़ सकता है. आज आपके सातवें भाव में बृहस्पति निवास करेंगे, जो आपके कारोबार को एक नई दिशा प्रदान करेंगे.

Prem Prabhakar अप्रैल 5, 2026
कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन चुनौती भरा दिन, रिश्तों में आ सकती है खटास, सेहत का रखें ध्यान, निवेश में बरतें सावधानी, करें ये उपाय
कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन चुनौती भरा दिन, रिश्तों में आ सकती है खटास, सेहत का रखें ध्यान, निवेश में बरतें सावधानी, करें ये उपाय

Aaj ka Kanya Rashifal:आज कन्या राशि वालों के लिए शुभ दिन नहीं रहने वाला है.आज प्रातःकाल से दोपहर तक सावधान रहने की जरूरत है. दोपहर तक मन भी अप्रशन्न रह सकता है.उलूल जुलूल बात ना करे. आज व्यापार मे भी आपको हानि हो सकती है.परिवार मे किसी बात को लेकर आपसी मतभेद हो सकता है.बॉस भी आपके कामो से नाराज हो सकते है. आज आलस्य बिल्कुल भी ना दिखाए.जो भी कार्य मिले उस पर फोकस करें

Prem Prabhakar अप्रैल 5, 2026
आज का पंचांग, 5 अप्रैल 2026: विकट संकष्टी चतुर्थी, रविवार व्रत, वज्र योग, सुबह से भद्रा, जानें मुहूर्त, चांद निकलने का समय, राहुकाल
आज का पंचांग, 5 अप्रैल 2026: विकट संकष्टी चतुर्थी, रविवार व्रत, वज्र योग, सुबह से भद्रा, जानें मुहूर्त, चांद निकलने का समय, राहुकाल

Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग), 5 April 2026: आज विकट संकष्टी चतुर्थी और रविवार व्रत है. चतुर्थी में गणेश पूजा के बाद रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत पूरा करते हैं. पंचांग के अनुसार, आज वैशाख कृष्ण तृतीया तिथि, विशाखा नक्षत्र, विष्टि करण, वज्र योग है. भद्रा सुबह 06:07 बजे से लगेगी. रविवार को सूर्य से जुड़ी वस्तुओं का दान करना चाहिए. पंचांग से देखें दिनभर के मुहूर्त.

Kartikey Tiwari अप्रैल 5, 2026
आज संकष्टी चतुर्थी: सही समय पर की गई पूजा बदल सकती है आपका भाग्य, जानें पूजा विधि, सामग्री, मंत्र, भोग और प्रिय फूल
आज संकष्टी चतुर्थी: सही समय पर की गई पूजा बदल सकती है आपका भाग्य, जानें पूजा विधि, सामग्री, मंत्र, भोग और प्रिय फूल

Sankashti Chaturthi 2026: संकष्टी चतुर्थी 2026, 5 अप्रैल को मनाई जा रही है. इस दिन गणेश जी की पूजा, व्रत और मंत्र जाप से संकट दूर होने की मान्यता है. सही विधि, भोग और श्रद्धा से पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है.

Keerti Rajpoot अप्रैल 5, 2026
Weekly Numerology Horoscope 6 To 12 April 2026: मूलांक 1 रियल एस्टेट से कमाएंगे पैसे, अंक 3 का बढ़ेगा यश, कैसी रहेगा जॉब? जानें साप्ताहिक अंक ज्योतिष
Weekly Numerology Horoscope 6 To 12 April 2026: मूलांक 1 रियल एस्टेट से कमाएंगे पैसे, अंक 3 का बढ़ेगा यश, कैसी रहेगा जॉब? जानें साप्ताहिक अंक ज्योतिष

Weekly Numerology Horoscope 6 To 12 April 2026: इस हफ्ते मूलांक 1 वाले रियल एस्टेट से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं, वहीं विदेश यात्रा से लाभ की संभावना है. मूलांक 3 वालों के पद और प्रतिष्ठा में बढ़ोत्तरी होगी. मूलांक 4 वाले लोगों को विरोधियों से हर तरह से सतर्क रहना होगा, उनसे आप परेशानी महसूस कर सकते हैं. मूलांक 5 के लिए यह सप्ताह बहुत शुभ रहेगा और चारों ओर से अच्छी खबरें मिल सकती हैं. वहीं मूलांक 6 वाले लोगों को कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों या दोस्तों से अच्छा सहयोग मिल सकता है. इस सप्ताह आप व्यापार में सफल नहीं हो पाएंगे. इस सप्ताह कैसी रहेगी जॉब? पढ़ें 6 से 12 अप्रैल का साप्ताहिक अंक ज्योतिष.

Kartikey Tiwari अप्रैल 5, 2026
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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