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England women cricketer
17 साल में पहली बार! विराट कोहली को प्रपोज करने वाली डैनी वायट ने रचा इतिहास

लंदन। इंग्लैंड की स्टार बल्लेबाज डैनी वायट-हॉज ने महिला टी20 विश्व कप 2026 में नया इतिहास रच दिया है। वह टूर्नामेंट के 17 साल के इतिहास में एक ही संस्करण में 300 रन का आंकड़ा पार करने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं। उन्होंने यह उपलब्धि लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए फाइनल मुकाबले में हासिल की। अपनी पारी के दौरान आठ रन पूरे करते ही डैनी ने इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया। हालांकि वह बड़ी पारी नहीं खेल सकीं, लेकिन उनका यह कारनामा महिला टी20 विश्व कप के रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया।   सात मैचों में 302 रन, दो अर्धशतक और एक शतक डैनी वायट-हॉज ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने सात मुकाबलों में 60.40 की औसत से 302 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 42 चौके और दो छक्के निकले। श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने नाबाद 105 रन की शानदार शतकीय पारी खेली, जबकि न्यूजीलैंड के खिलाफ नाबाद 89 और वेस्टइंडीज के विरुद्ध 65 रन की अहम पारी खेली। फाइनल में आठ रन बनाकर उन्होंने 300 रन का ऐतिहासिक आंकड़ा छू लिया।   इंग्लैंड ने फाइनल में खड़ा किया चुनौतीपूर्ण स्कोर फाइनल मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम ने शुरुआती विकेट जल्दी गंवा दिया। इसके बाद कप्तान नेट साइवर-ब्रंट ने नाबाद 58 रन और फ्रेया कैंप ने नाबाद 44 रन की पारी खेली। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 80 रन की अटूट साझेदारी कर इंग्लैंड का स्कोर चार विकेट पर 150 रन तक पहुंचाया।   डैनी वायट-हॉज इससे पहले वर्ष 2014 में विराट कोहली को सोशल मीडिया पर 'मैरी मी' लिखकर किए गए मजाकिया पोस्ट के कारण दुनिया भर में चर्चा में आई थीं। बाद में विराट कोहली ने उनसे मुलाकात के दौरान मुस्कुराते हुए कहा था कि ऐसी बातें सोशल मीडिया पर न लिखा करें, क्योंकि लोग उन्हें गंभीरता से ले लेते हैं। अब वर्षों बाद डैनी ने अपने बल्ले के दम पर महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया।

anjali kumari जुलाई 6, 2026 0
FIFA World Cup 2026
विश्व कप से बाहर होते ही कई देशों में मचा बवाल, कोचों पर गिरी गाज

नई दिल्ली, एजेंसियां। फीफा विश्व कप 2026 में कई बड़ी टीमों के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद सिर्फ मैदान पर ही नहीं, बल्कि मैदान के बाहर भी विवादों का दौर शुरू हो गया है। कई देशों में प्रशंसकों का गुस्सा फूटा, फुटबॉल संघों पर सवाल उठे और कई कोचों व मैनेजरों को अपने पद छोड़ने पड़े।   हार के बाद कई देशों में बढ़ा विवाद दक्षिण कोरिया के ग्रुप चरण से बाहर होने के बाद देश में भारी नाराजगी देखने को मिली। राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने टीम के खराब प्रदर्शन की जांच की मांग करते हुए चयन प्रक्रिया में पक्षपात और भाई-भतीजावाद के आरोपों की जांच की बात कही। वहीं, कोच होंग म्युंग-बो को सोशल मीडिया पर धमकियां मिलने के बाद सुरक्षा बढ़ानी पड़ी।   सेनेगल सेनेगल में बेल्जियम से हार के बाद खिलाड़ियों के वेतन-बोनस, कोच और फेडरेशन के बीच विवाद तथा टीम की खराब व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठे। वहीं, नीदरलैंड्स की हार के बाद पेनल्टी मिस करने वाले खिलाड़ियों को नस्लीय टिप्पणियों का सामना करना पड़ा, जिस पर डच फुटबॉल संघ ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।   चेक गणराज्य में कोच मिरोस्लाव कोउबेक ने मीडिया अभियान का आरोप लगाया, जबकि जर्मनी में कोच यूलियन नगेल्समैन की रणनीति को लेकर तीखी आलोचना हुई। टीम के बाहर होने के बाद प्रशंसकों ने फुटबॉल प्रबंधन पर भी सवाल खड़े किए।   कई कोच और मैनेजरों ने छोड़ा पद विश्व कप में खराब प्रदर्शन का सबसे बड़ा असर कोचिंग स्टाफ पर पड़ा। ट्यूनीशिया के हर्व रेनार्ड, चेक गणराज्य के मिरोस्लाव कोउबेक, इक्वाडोर के सेबेस्टियन बेकासेसे, नीदरलैंड्स के रोनाल्ड कोमैन, दक्षिण कोरिया के होंग म्युंग-बो, स्कॉटलैंड के स्टीव क्लार्क और जर्मनी के यूलियन नगेल्समैन ने अपने पद छोड़ने का एलान कर दिया।   विशेष रूप से जर्मनी में नगेल्समैन के इस्तीफे के बाद पूर्व सफल क्लब कोच Jürgen Klopp के राष्ट्रीय टीम की कमान संभालने की चर्चा तेज हो गई है। विश्व कप के बाद इन घटनाओं ने दिखाया है कि फुटबॉल में हार सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसके राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक प्रभाव भी सामने आते हैं।

anjali kumari जुलाई 6, 2026 0
National Under 9 Chess Championship
रांची में आज से राष्ट्रीय अंडर-9 शतरंज चैंपियनशिप, 438 खिलाड़ी करेंगे दिमागी मुकाबला

रांची। रांची एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजन का केंद्र बनने जा रहा है। 39वीं राष्ट्रीय अंडर-9 ओपन एवं गर्ल्स शतरंज चैंपियनशिप-2026 का आयोजन 6 से 12 जुलाई तक सरला बिरला विश्वविद्यालय, महिलौंग परिसर में किया जाएगा। सात दिनों तक चलने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 438 बाल शतरंज खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और खिलाड़ियों के स्वागत के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।   इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन ऑल झारखंड चेस एसोसिएशन द्वारा रांची जिला चेस एसोसिएशन के सहयोग से तथा ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (AICF) के तत्वावधान में किया जा रहा है। प्रतियोगिता को विश्व शतरंज महासंघ (FIDE) की मान्यता प्राप्त है। लगभग आठ वर्षों के अंतराल के बाद रांची को इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी का अवसर मिला है। प्रतियोगिता में कुल पांच लाख रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है।   खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अभिभावकों  आयोजन स्थल पर खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अभिभावकों के लिए आवास, भोजन, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा और आधुनिक प्रतियोगिता हॉल सहित सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। आयोजकों का उद्देश्य प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर के अनुरूप बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि वे पूरी एकाग्रता के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकें।   आयोजन समिति का मानना है आयोजन समिति का मानना है कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले कई खिलाड़ी भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। यह आयोजन न केवल युवा खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा, बल्कि झारखंड में शतरंज जैसे बौद्धिक खेलों को भी नई पहचान देगा। प्रतियोगिता को सीसीएल, एनटीपीसी और बीसीसीएल का सहयोग प्राप्त है। ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी नवजोत अलंग ने कहा कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और निष्पक्ष व सफल आयोजन सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर विशेष व्यवस्था की गई है।

anjali kumari जुलाई 6, 2026 0
Cristiano Ronaldo
'23 साल से मुझे खत्म करने की कोशिश हो रही है', आलोचकों पर जमकर बरसे क्रिस्टियानो रोनाल्डो

सिएटल, एजेंसियां। फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में स्पेन के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले से पहले पुर्तगाल के कप्तान Cristiano Ronaldo ने आलोचकों और पत्रकारों पर तीखा हमला बोला। 41 वर्षीय स्टार फुटबॉलर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पिछले 23 वर्षों से लोग उन्हें "खत्म" करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे आज भी मजबूती से मैदान में डटे हुए हैं।   रोनाल्डो ने कहा रोनाल्डो ने कहा, "आप लोग 23 साल से मुझे खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। अब तक समझ जाना चाहिए कि यह बेकार है, लेकिन फिर भी कोशिश जारी है।" उन्होंने माना कि उम्र के साथ उनके खेल में बदलाव आया है, लेकिन वह अब भी टीम के लिए अहम योगदान दे रहे हैं। इस विश्व कप में उनके नाम तीन गोल दर्ज हैं, जिनमें उज्बेकिस्तान के खिलाफ दो और क्रोएशिया के खिलाफ एक पेनल्टी गोल शामिल है।   "मैं कब रुकूंगा, यह मैं तय करूंगा, आप नहीं"  प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब उनसे लगातार संन्यास और भविष्य को लेकर सवाल पूछे गए तो रोनाल्डो नाराज दिखे। उन्होंने दो टूक कहा, "मैं कब रुकूंगा, यह मैं तय करूंगा, आप नहीं।" उन्होंने मुस्कुराते हुए एक पत्रकार की ओर इशारा कर कहा कि उन्हें लोगों के चेहरे अच्छी तरह याद रहते हैं और वह जानते हैं कि कौन उन्हें पसंद नहीं करता।   रोनाल्डो ने कहा भावुक अंदाज में रोनाल्डो ने कहा कि उन्होंने फुटबॉल और जिंदगी दोनों में अपना सब कुछ झोंक दिया है। उनके मुताबिक, स्पेन के खिलाफ मैच का नतीजा चाहे जो भी हो, उन्हें अपने करियर पर कोई पछतावा नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि 40 वर्ष की उम्र के बाद मिली आलोचनाओं ने उन्हें और मजबूत बनाया है।   स्पेन के खिलाफ मुकाबले को लेकर रोनाल्डो ने इसे कठिन चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि जीत के लिए पुर्तगाल को आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और बहादुरी के साथ खेलना होगा। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्व कप जीतने या हारने से उनकी पहचान नहीं बदलने वाली, क्योंकि उन्होंने हमेशा अपना शत-प्रतिशत दिया है।

anjali kumari जुलाई 6, 2026 0
Axar Patel
अक्षर पटेल ने रचा इतिहास, T20I में 100 विकेट लेने वाले भारत के पहले स्पिनर बने

मैनचेस्टर, एजेंसियां। भारतीय ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 विकेट पूरे करते हुए यह मुकाम हासिल करने वाले भारत के पहले स्पिनर बनने का गौरव हासिल किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ अक्षर अब भारत के उन चुनिंदा गेंदबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय में 100 या उससे अधिक विकेट लिए हैं।   हैरी ब्रूक का विकेट लेकर पूरा किया शतक   अक्षर पटेल ने इंग्लैंड की पारी के दौरान खतरनाक बल्लेबाज हैरी ब्रूक को आउट कर अपना 100वां टी20 अंतरराष्ट्रीय विकेट हासिल किया। इस विकेट के साथ उन्होंने भारतीय क्रिकेट इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। अक्षर से पहले कोई भी भारतीय स्पिनर टी20 अंतरराष्ट्रीय में 100 विकेट के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया था।   भारत के चौथे गेंदबाज बने   इस उपलब्धि के साथ अक्षर पटेल टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 विकेट लेने वाले भारत के चौथे गेंदबाज बन गए। उनसे पहले यह कारनामा तेज गेंदबाजों हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह कर चुके हैं। अब अक्षर इस विशिष्ट सूची में शामिल होने वाले पहले भारतीय स्पिनर हैं।   हार के बीच भी यादगार रहा दिन   हालांकि भारत को दूसरे टी20 मुकाबले में इंग्लैंड के हाथों हार का सामना करना पड़ा, लेकिन अक्षर पटेल की यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारतीय क्रिकेट के लिए यादगार बन गई। क्रिकेट विशेषज्ञों ने उनकी निरंतरता और सीमित ओवरों के क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन की सराहना की है।

abhishek singh जुलाई 5, 2026 0
IND VS ENG 2nd T20
दूसरे टी20 में इंग्लैंड ने भारत को 4 विकेट से हराया, 191 रन का लक्ष्य किया हासिल

मैनचेस्टर, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में इंग्लैंड ने रोमांचक अंदाज में 4 विकेट से जीत दर्ज कर ली। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 190/7 का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया, लेकिन इंग्लैंड ने 19 ओवर में 191/6 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली।   ईशान किशन और अभिषेक शर्मा ने संभाली भारतीय पारी   टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत की शुरुआत तेज रही। अभिषेक शर्मा ने 24 गेंदों में 43 रन, जबकि ईशान किशन ने 40 गेंदों पर 49 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने अपने अंतरराष्ट्रीय पदार्पण पर 10 गेंदों में 14 रन बनाए, जिसमें दो छक्के शामिल रहे। अंत में तिलक वर्मा की उपयोगी पारी की बदौलत भारत ने 190/7 का मजबूत स्कोर खड़ा किया। इंग्लैंड की ओर से सैम करन ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए।   जैकब बेथेल की विस्फोटक पारी ने पलटा मैच   191 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। फिल सॉल्ट और जोस बटलर पहले ही ओवर में बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके बाद जैकब बेथेल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 46 गेंदों में नाबाद 76 रन बनाए। उन्हें हैरी ब्रूक (39 रन) और टॉम बैंटन (39 रन) का अच्छा साथ मिला। इंग्लैंड ने 19वें ओवर में लक्ष्य हासिल कर मुकाबला जीत लिया।   अर्शदीप की शानदार गेंदबाजी भी नहीं बचा सकी भारत को   भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 ओवर में 40 रन देकर 3 विकेट झटके। अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती को एक-एक सफलता मिली, लेकिन डेथ ओवरों में भारतीय गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव नहीं बना सके। मैच का निर्णायक मोड़ रवि बिश्नोई का 17वां ओवर रहा, जिसमें इंग्लैंड ने तेजी से 29 रन बटोरे और जीत की नींव रखी।

abhishek singh जुलाई 5, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi
वैभव सूर्यवंशी का धमाकेदार T20I डेब्यू, इंग्लैंड के खिलाफ खेली निडर पारी

मैनचेस्टर, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे बेबी बॉस के नाम से मशहूर वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यादगार डेब्यू किया। महज 15 साल की उम्र में भारतीय टीम की जर्सी पहनने वाले वैभव ने अपने पहले ही मैच में बेखौफ बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। हालांकि भारत को इस मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन युवा बल्लेबाज की पारी चर्चा का केंद्र रही।    डेब्यू मैच में दिखाई आक्रामक बल्लेबाजी   भारत की पारी के दौरान वैभव सूर्यवंशी ने 10 गेंदों में 14 रन बनाए। अपनी छोटी लेकिन प्रभावशाली पारी में उन्होंने 2 शानदार छक्के लगाए और शुरुआत से ही इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। उनके आत्मविश्वास और शॉट चयन की क्रिकेट विशेषज्ञों ने जमकर तारीफ की।    सबसे कम उम्र में भारत के लिए T20I खेलने वालों में शामिल   वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय टी20 खेलने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। घरेलू क्रिकेट और जूनियर स्तर पर शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका मिला और उन्होंने अपने पहले ही मैच में सकारात्मक संकेत दिए।    भविष्य के स्टार के रूप में देख रहे विशेषज्ञ   पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी में लंबे समय तक भारतीय टीम के लिए खेलने की क्षमता है। हालांकि डेब्यू मैच में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन उनके आत्मविश्वास, आक्रामक अंदाज और दबाव में खेलने की क्षमता ने यह संकेत दिया कि भारतीय क्रिकेट को एक नया प्रतिभाशाली बल्लेबाज मिल सकता है। अब सभी की नजर सीरीज के अगले मुकाबलों में उनके प्रदर्शन पर रहेगी।

abhishek singh जुलाई 5, 2026 0
Morocco Canada
FIFA World Cup 2026: राउंड ऑफ 16 का रोमांच शुरू, आज मोरक्को-कनाडा से होगी नॉकआउट जंग

नई दिल्ली, एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 अब अपने सबसे रोमांचक दौर में पहुंच चुका है। राउंड ऑफ 32 के मुकाबले समाप्त होने के बाद अब 16 टीमें नॉकआउट चरण के तीसरे दौर यानी राउंड ऑफ 16 में आमने-सामने होंगी। इस चरण की शुरुआत शनिवार (4 जुलाई) को मोरक्को और कनाडा के मुकाबले से होगी। दोनों टीमें जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी।   राउंड ऑफ 32 में कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। कनाडा ने दक्षिण अफ्रीका को 1-0 से हराया, जबकि ब्राजील ने जापान को 2-1 से मात दी। फ्रांस ने स्वीडन को 3-0 से हराया, वहीं इंग्लैंड ने डीआर कांगो को 2-1 से शिकस्त दी। सबसे बड़े उलटफेर में जर्मनी और नीदरलैंड जैसी दिग्गज टीमें टूर्नामेंट से बाहर हो गईं। पराग्वे ने जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में हराया, जबकि मोरक्को ने नीदरलैंड को पेनल्टी में मात देकर सभी को चौंका दिया।   भारतीय समयानुसार भारतीय समयानुसार राउंड ऑफ 16 के प्रमुख मुकाबलों में 4 जुलाई को कनाडा बनाम मोरक्को, 5 जुलाई को पराग्वे बनाम फ्रांस, 6 जुलाई को ब्राजील बनाम नॉर्वे और मेक्सिको बनाम इंग्लैंड के मैच खेले जाएंगे। इसके बाद 7 जुलाई को पुर्तगाल बनाम स्पेन, अमेरिका बनाम बेल्जियम और अर्जेंटीना बनाम मिस्र की टक्कर होगी, जबकि 8 जुलाई को स्विट्जरलैंड और कोलंबिया आमने-सामने होंगे।   इस विश्व कप में पहली बार 48 टीमों ने हिस्सा लिया है। ग्रुप चरण के बाद 32 टीमों ने नॉकआउट में प्रवेश किया और अब केवल 16 टीमें खिताब की दौड़ में बची हैं। राउंड ऑफ 16 के बाद क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे।   लियोनेल मेसी 7 गोल के साथ गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे  व्यक्तिगत प्रदर्शन की बात करें तो लियोनेल मेसी 7 गोल के साथ गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे हैं। उनके पीछे काइलियन एम्बाप्पे 6 गोल के साथ दूसरे और अर्लिंग हालैंड तथा हैरी केन 5-5 गोल के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर हैं। ऐसे में अब हर मुकाबला न केवल टीमों के लिए बल्कि स्टार खिलाड़ियों के व्यक्तिगत रिकॉर्ड के लिहाज से भी बेहद अहम होगा।

abhishek singh जुलाई 4, 2026 0
Argentina VS Cape Verde
फीफा वर्ल्ड कप: अर्जेंटीना ने केप वर्डे को 3-2 से हराया, अब प्री-क्वार्टर फाइनल में मिस्र से होगी भिड़ंत

नई दिल्ली, एजेंसियां। डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 32 के रोमांचक मुकाबले में पहली बार विश्व कप खेल रही केप वर्डे को 3-2 से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड ऑफ 16) में जगह बना ली। मियामी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में केप वर्डे ने अर्जेंटीना को कड़ी टक्कर दी और मैच का फैसला एक्स्ट्रा टाइम में जाकर हुआ। अब अर्जेंटीना का अगला मुकाबला मिस्र से होगा, जिसने राउंड ऑफ 32 में ऑस्ट्रेलिया को पेनाल्टी शूटआउट में हराया था। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार 7 जुलाई को रात 9:30 बजे खेला जाएगा।   मैच की शुरुआत से ही अर्जेंटीना ने आक्रामक खेल दिखाया  कप्तान लियोनेल मेसी ने 29वें मिनट में शानदार गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। हालांकि, केप वर्डे ने हार नहीं मानी और 59वें मिनट में डुआर्टे ने गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। निर्धारित 90 मिनट में कोई और गोल नहीं होने के कारण मुकाबला एक्स्ट्रा टाइम में पहुंचा।   एक्स्ट्रा टाइम के 92वें मिनट में लिसैंड्रो मार्टिनेज ने अर्जेंटीना को फिर बढ़त दिलाई, लेकिन कुछ ही देर बाद लोपेस कैब्राल ने शानदार गोल कर केप वर्डे की वापसी कराते हुए स्कोर 2-2 कर दिया। आखिरकार 111वें मिनट में मेसी के कॉर्नर पर केप वर्डे के खिलाड़ी से ओन गोल हो गया, जिसने अर्जेंटीना को 3-2 की जीत दिला दी।   मेसी ने टूर्नामेंट का अपना सातवां गोल दागा इस मैच में मेसी ने टूर्नामेंट का अपना सातवां गोल दागा और फीफा वर्ल्ड कप में लगातार आठ मैचों में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। मुकाबले के बाद मेसी ने कहा कि नॉकआउट चरण में कोई भी टीम कमजोर नहीं होती और केप वर्डे ने इसे साबित किया। उन्होंने अपनी टीम के जुझारूपन की सराहना करते हुए कहा कि सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं करने के बावजूद अर्जेंटीना ने जीत का रास्ता तलाश लिया। अब टीम का पूरा फोकस मिस्र के खिलाफ होने वाले अगले मुकाबले पर रहेगा।

abhishek singh जुलाई 4, 2026 0
Lionel Messi
लियोनेल मेसी ने रचा नया इतिहास, विश्व कप में सात गोल के साथ बनाया अनोखा रिकॉर्ड

मियामी, एजेंसियां। अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर Lionel Messi ने फीफा विश्व कप 2026 में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। केप वर्डे के खिलाफ नॉकआउट मुकाबले में गोल दागते ही मेसी इस विश्व कप में सात गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। इसके साथ ही उन्होंने विश्व कप इतिहास में एक नया रिकॉर्ड भी कायम कर दिया।   दो अलग-अलग विश्व कप में सात गोल करने वाले पहले खिलाड़ी   केप वर्डे के खिलाफ मैच के 29वें मिनट में गोल करने के साथ ही मेसी विश्व कप के दो अलग-अलग संस्करणों में सात या उससे अधिक गोल करने वाले पहले फुटबॉलर बन गए। इससे पहले उन्होंने 2022 विश्व कप में भी सात गोल किए थे। यह उपलब्धि उनके शानदार और लगातार बने हुए प्रदर्शन को दर्शाती है।   गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे   सात गोल के साथ मेसी फिलहाल 2026 फीफा विश्व कप के गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं। वहीं, इस गोल के साथ उन्होंने लगातार आठ विश्व कप मैचों में गोल करने का विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। अर्जेंटीना की टीम ने यह मुकाबला जीतकर अगले दौर में जगह बना ली है।   रिकॉर्ड्स की झड़ी जारी   39 वर्षीय मेसी पहले ही पुरुष विश्व कप इतिहास के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन चुके हैं। अब उनके खाते में 20 विश्व कप गोल दर्ज हो चुके हैं और वह लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा फॉर्म को देखते हुए मेसी इस विश्व कप में कई और रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं।

abhishek singh जुलाई 4, 2026 0
IND VS 2nd T20
भारत-इंग्लैंड दूसरा टी20 आज, मैनचेस्टर में जीत की तलाश में उतरेगी टीम इंडिया

मैनचेस्टर, एजेंसियां । भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज (4 जुलाई) मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला जाएगा। पहले टी20 मुकाबले के बारिश की वजह से रद्द होने के बाद अब दोनों टीमें सीरीज में पहली जीत दर्ज करने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी। मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 7:00 बजे शुरू होगा।   बारिश बन सकती है सबसे बड़ी चुनौती   पहले मैच की तरह दूसरे टी20 पर भी मौसम का साया बना हुआ है। मौसम विभाग ने मैनचेस्टर में रुक-रुक कर बारिश की संभावना जताई है। यदि मौसम साफ रहा तो दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।   इंग्लैंड ने प्लेइंग इलेवन में किए दो बड़े बदलाव   इंग्लैंड ने दूसरे टी20 के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन में दो अहम बदलाव किए हैं। तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर की टीम में वापसी हुई है, जबकि जॉश टंग टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करेंगे। दूसरी ओर भारतीय टीम अपनी पिछली संयोजन के साथ उतर सकती है और बल्लेबाजों से बड़ी पारी की उम्मीद होगी।   सीरीज में बढ़त बनाने का सुनहरा मौका   पहला मुकाबला बेनतीजा रहने के कारण फिलहाल सीरीज 0-0 से बराबरी पर है। ऐसे में आज का मैच जीतने वाली टीम पांच मैचों की सीरीज में महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर लेगी। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें भारत के शीर्ष बल्लेबाजों और इंग्लैंड की मजबूत गेंदबाजी पर टिकी हैं।

abhishek singh जुलाई 4, 2026 0
Spain Austria Match
फीफा वर्ल्ड कप 2026: स्पेन ने ऑस्ट्रिया को 3-0 से रौंदा, राउंड ऑफ 16 में बनाई जगह

इंगलवुड (कैलिफोर्निया), एजेंसियां।  फीफा वर्ल्ड कप 2026 में स्पेन ने अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए ऑस्ट्रिया को 3-0 से हराकर राउंड ऑफ 16 में जगह पक्की कर ली। स्पेन की जीत के नायक मिकेल ओयारजाबल रहे, जिन्होंने दो गोल दागे, जबकि पेड्रो पोरो ने एक गोल कर टीम की जीत को और मजबूत बनाया। 2010 में विश्व चैंपियन बनने के बाद यह स्पेन की वर्ल्ड कप नॉकआउट चरण में पहली जीत है।   ओयारजाबल ने दिखाई गोल करने की कला स्पेन ने पूरे मैच में गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। मिकेल ओयारजाबल ने 36वें मिनट में पहला गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ में पेड्रो पोरो ने शानदार हेडर के जरिए अंतर 2-0 कर दिया। इसके बाद 89वें मिनट में ओयारजाबल ने अपना दूसरा और टीम का तीसरा गोल कर जीत पर मुहर लगा दी। दोनों गोल में मार्क कुकुरेला ने बेहतरीन असिस्ट देकर अहम भूमिका निभाई।   रक्षा भी रही अभेद्य स्पेन की मजबूत रक्षा एक बार फिर चर्चा में रही। गोलकीपर उनाई सिमोन को पूरे मैच में कोई कठिन सेव नहीं करनी पड़ी, क्योंकि ऑस्ट्रिया एक भी शॉट लक्ष्य पर नहीं लगा सका। यह इस विश्व कप में स्पेन की लगातार चौथी क्लीन शीट रही, जिससे टीम की रक्षात्मक मजबूती साफ नजर आई।   कोच और खिलाड़ियों ने जताई खुशी मैच के बाद ओयारजाबल ने कहा कि टीम की जीत में योगदान देकर उन्हें खुशी है और अब पूरा ध्यान अगले मुकाबले पर रहेगा। वहीं, मुख्य कोच लुइस डे ला फुएंते ने खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा कि बड़ी टीमें बड़े मुकाबलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करती हैं। उन्होंने माना कि टीम ने लगभग परफेक्ट खेल दिखाया, लेकिन आगे के मुकाबलों के लिए लगातार सुधार जरूरी है।   अब स्पेन का सामना राउंड ऑफ 16 में पुर्तगाल और क्रोएशिया के मुकाबले की विजेता टीम से होगा। लगातार 35 प्रतिस्पर्धी मैचों से अजेय स्पेन ने इस जीत के साथ एक बार फिर विश्व खिताब की मजबूत दावेदारी पेश कर दी है।

abhishek singh जुलाई 3, 2026 0
Portugal Croatia
फीफा वर्ल्ड कप 2026: पुर्तगाल ने रोमांचक मुकाबले में क्रोएशिया को 2-1 से हराया

टोरंटो, एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में पुर्तगाल ने रोमांचक मुकाबले में क्रोएशिया को 2-1 से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड ऑफ 16) में अपनी जगह पक्की कर ली। मैच के नायक गोंकालो रामोस रहे, जिन्होंने 81वें मिनट में विजयी गोल दागकर पुर्तगाल को यादगार जीत दिलाई। इससे पहले अनुभवी स्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने पेनाल्टी पर गोल कर टीम को बराबरी दिलाई थी। अब पुर्तगाल का अगला मुकाबला स्पेन से होगा।   रोनाल्डो ने दिखाया अनुभव, रामोस बने जीत के हीरो मैच की शुरुआत दोनों टीमों के बीच कड़े संघर्ष के साथ हुई। क्रोएशिया ने 53वें मिनट में इवान पेरिसिक के गोल की बदौलत बढ़त हासिल की। इसके बाद 68वें मिनट में पुर्तगाल को पेनाल्टी मिली, जिसे क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने शानदार अंदाज में गोल में बदलकर स्कोर 1-1 कर दिया। यह रोनाल्डो का विश्व कप नॉकआउट चरण में पहला गोल भी रहा। इसके बाद 81वें मिनट में गोंकालो रामोस ने निर्णायक गोल कर पुर्तगाल को 2-1 की बढ़त दिला दी, जो अंत तक कायम रही।   VAR ने तोड़ी क्रोएशिया की उम्मीद मैच के अंतिम क्षणों में क्रोएशिया ने बराबरी का गोल कर दिया था, लेकिन वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की जांच में मारियो पासालिक को ऑफसाइड पाया गया और गोल रद्द कर दिया गया। इस फैसले से नाराज क्रोएशियाई प्रशंसकों ने स्टेडियम में विरोध जताया और मैदान की ओर बोतलें भी फेंकी।   रोनाल्डो और मोड्रिच की भावुक मुलाकात यह मुकाबला दो दिग्गज खिलाड़ियों क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लुका मोड्रिच के बीच भी खास रहा। रियल मैड्रिड के पूर्व साथी रहे दोनों खिलाड़ियों ने मैच से पहले और बाद में एक-दूसरे को गले लगाकर सम्मान व्यक्त किया। मैच के बाद रोनाल्डो ने कहा कि मोड्रिच आज भी फुटबॉल के महान खिलाड़ियों में से एक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी टीम ने बेहतर खेल दिखाया और जीत की पूरी हकदार थी। पुर्तगाल की इस जीत के साथ अब टीम का लक्ष्य स्पेन को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाना होगा।

abhishek singh जुलाई 3, 2026 0
Maharaja Trophy
समित द्रविड़ की 360 डिग्री बल्लेबाजी का जलवा, महाराजा ट्रॉफी में खेली शानदार पारी

बेंगलुरु ,एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज राहुल द्रविड़ के बेटे समित द्रविड़ ने महाराजा ट्रॉफी KSCA टी20 2026 में अपनी आक्रामक और 360 डिग्री बल्लेबाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कल्याणी बेंगलुरु ब्लास्टर्स की ओर से खेलते हुए समित ने हुबली टाइगर्स के खिलाफ सिर्फ 23 गेंदों में 32 रन बनाए। उनकी पारी में 6 शानदार चौके शामिल रहे।   मैदान के चारों ओर लगाए आकर्षक शॉट   समित ने अपनी पारी के दौरान कवर ड्राइव, बैकफुट कट, पुल और लॉफ्टेड शॉट्स समेत मैदान के लगभग हर हिस्से में रन बटोरे। उनकी 360 डिग्री बल्लेबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और क्रिकेट प्रशंसक उनकी तकनीक व आत्मविश्वास की जमकर तारीफ कर रहे हैं।   बेंगलुरु ब्लास्टर्स ने रोमांचक मुकाबला जीता   इस मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए कल्याणी बेंगलुरु ब्लास्टर्स ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 203 रन बनाए। जवाब में हुबली टाइगर्स की टीम निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट पर 201 रन ही बना सकी। इस तरह बेंगलुरु ब्लास्टर्स ने 2 रन से रोमांचक जीत दर्ज की।   'राहुल द्रविड़ 2.0' और 'जूनियर वॉल' बता रहे फैंस   समित की बल्लेबाजी देखने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस उन्हें 'राहुल द्रविड़ 2.0' और 'जूनियर वॉल' कहकर बुला रहे हैं। कई पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों ने भी उनकी तकनीक और शॉट चयन की सराहना की है।   भारतीय क्रिकेट का उभरता सितारा   समित द्रविड़ हाल के महीनों में लगातार घरेलू क्रिकेट में प्रभावशाली प्रदर्शन कर रहे हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उनका यही प्रदर्शन जारी रहा तो आने वाले वर्षों में वे भारतीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।

anjali kumari जुलाई 3, 2026 0
Women T20 World Cup
महिला टी20 विश्व कप: इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर फाइनल में बनाई जगह, अब ऑस्ट्रेलिया से होगा खिताबी मुकाबला

लंदन,एजेंसियां। आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में मेजबान इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका को 40 रन से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। इस जीत के साथ अब इंग्लैंड का सामना खिताबी मुकाबले में मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से होगा। दोनों टीमों के बीच होने वाला फाइनल क्रिकेट प्रशंसकों के लिए बेहद रोमांचक माना जा रहा है।   पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने बनाए 169 रन   टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही और टीम ने 23 रन पर तीन विकेट गंवा दिए। इसके बाद कप्तान नैट स्किवर-ब्रंट ने 47 गेंदों पर 75 रन और हीदर नाइट ने 47 गेंदों पर 58 रन की शानदार पारी खेली। दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 133 रन की रिकॉर्ड साझेदारी हुई, जिसकी बदौलत इंग्लैंड ने 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 169 रन बना लिए।    दक्षिण अफ्रीका 129 रन पर ही सिमटी   170 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट पर 129 रन ही बना सकी। ताज़मिन ब्रिट्स ने सर्वाधिक 51 रन बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे बल्लेबाजों का पर्याप्त साथ नहीं मिला। इंग्लैंड की अनुशासित गेंदबाजी और शानदार फील्डिंग के सामने दक्षिण अफ्रीका की टीम बेबस नजर आयी।   नैट स्किवर-ब्रंट बनीं प्लेयर ऑफ द मैच   चोट से वापसी कर रही कप्तान नैट स्किवर-ब्रंट ने मैच जिताऊ 75 रन की पारी खेली और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इंग्लैंड की ओर से लॉरेन बेल और चार्ली डीन ने दो-दो विकेट लेकर दक्षिण अफ्रीका की उम्मीदों को झटका दिया।   फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से होगी टक्कर   इस जीत के साथ इंग्लैंड ने आठ वर्षों बाद महिला टी20 विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई है। अब उसका मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से होगा, जिसने पहले सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज को हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया था। क्रिकेट प्रशंसकों को दोनों मजबूत टीमों के बीच रोमांचक खिताबी मुकाबले का इंतजार है।   रोमांचक फाइनल का इंतजार   क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच फाइनल मुकाबला बेहद कांटे का हो सकता है। दोनों टीमों के पास अनुभवी खिलाड़ी और मजबूत गेंदबाजी आक्रमण है। अब दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों की नजरें रविवार को होने वाले महिला टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल पर टिकी हैं।

anjali kumari जुलाई 3, 2026 0
Ellyse Perry during a Women’s T20 World Cup 2026 match despite recovering from a thigh injury.
पूरी तरह फिट नहीं, पिछले मैच में भी छोड़ना पड़ा था मैदान, फिर भी टी20 वर्ल्ड कप फाइनल खेल सकती हैं एलिस पेरी; कोच ने बताई बड़ी वजह

नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज ऑलराउंडर एलिस पेरी महिला टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में पूरी तरह फिट नहीं होने के बावजूद मैदान पर उतर सकती हैं। सेमीफाइनल मुकाबले में चोटिल होने के बाद उनकी फिटनेस को लेकर सवाल उठ रहे थे, लेकिन टीम प्रबंधन ने संकेत दिए हैं कि विश्व कप जैसे बड़े मुकाबले में पेरी को खेलने का मौका मिल सकता है। ऑस्ट्रेलिया की हेड कोच शेली नित्शके ने गुरुवार को कहा कि पेरी की फिटनेस पर अंतिम फैसला मैच से ठीक पहले लिया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टीम की स्टार खिलाड़ी हर हाल में फाइनल का हिस्सा बनना चाहती हैं और किसी भी भूमिका में टीम की मदद करने के लिए तैयार हैं। सेमीफाइनल में चोटिल होकर लौटी थीं पवेलियन एलिस पेरी वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल में बल्लेबाजी के दौरान जांघ की मांसपेशियों में परेशानी महसूस होने पर रिटायर्ड हर्ट हो गई थीं। चोट के कारण उन्हें बीच पारी में मैदान छोड़ना पड़ा, जिसके बाद उनकी उपलब्धता पर संशय पैदा हो गया। हेड कोच शेली नित्शके ने बताया कि सेमीफाइनल के बाद टीम ने अभ्यास नहीं किया है, इसलिए उनकी फिटनेस पर अभी कोई नया मेडिकल अपडेट उपलब्ध नहीं है। 'विश्व कप फाइनल में खिलाड़ियों को अलग नजरिए से देखते हैं' जब शेली नित्शके से पूछा गया कि क्या पेरी पूरी तरह फिट नहीं होने के बावजूद फाइनल खेल सकती हैं, तो उन्होंने सकारात्मक जवाब दिया। उन्होंने कहा, "हां, यह संभव है। एलिस पेरी टीम के लिए किसी भी तरह योगदान देना चाहती हैं, चाहे बल्लेबाजी हो, फील्डिंग हो या विकेटों के बीच दौड़ना। विश्व कप फाइनल जैसे बड़े मुकाबलों में खिलाड़ियों की उपलब्धता को सामान्य मैचों से अलग नजरिए से देखा जाता है।" कोच के इस बयान से साफ है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम अपने सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक को किसी भी कीमत पर फाइनल से बाहर नहीं रखना चाहती। युवा तेज गेंदबाज लूसी हैमिल्टन की भी हुई तारीफ शेली नित्शके ने युवा तेज गेंदबाज लूसी हैमिल्टन की भी जमकर सराहना की। हालांकि हैमिल्टन अब तक पूरे टूर्नामेंट में एक भी विकेट हासिल नहीं कर सकी हैं, लेकिन उनकी कसी हुई गेंदबाजी ने टीम को कई मौकों पर फायदा पहुंचाया है। उन्होंने 11 ओवर में सिर्फ 4.45 की इकॉनमी से रन दिए हैं। भारत के खिलाफ पावरप्ले में उनकी गेंदबाजी की विशेष रूप से तारीफ हुई थी, जबकि सेमीफाइनल में भी उन्होंने दबाव के बीच शानदार नियंत्रण बनाए रखा और बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। फिर से विश्व चैंपियन बनने की कोशिश ऑस्ट्रेलिया ने 2023 में दक्षिण अफ्रीका को हराकर महिला टी20 विश्व कप का खिताब जीता था। इसके बाद टीम किसी भी आईसीसी विश्व कप ट्रॉफी पर कब्जा नहीं कर सकी। ऑस्ट्रेलिया 2024 के टी20 विश्व कप और 2025 के वनडे विश्व कप के फाइनल तक भी नहीं पहुंच पाया था। अब टीम के पास एक बार फिर विश्व चैंपियन बनने का मौका है। फाइनल में उसका मुकाबला इंग्लैंड से होगा और सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि एलिस पेरी पूरी तरह फिट हुए बिना भी मैदान पर उतरती हैं या नहीं। अगर पेरी खेलती हैं तो उनका अनुभव और बड़े मैचों का दबाव झेलने की क्षमता ऑस्ट्रेलिया के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।  

surbhi जुलाई 3, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi during a cricket match as Ravi Shastri backs his early India debut.
'वैभव सूर्यवंशी बेंच गर्म करने के लिए नहीं बना', टीम चयन पर रवि शास्त्री ने उठाए सवाल; बोले- जितनी जल्दी हो सके खिलाइए

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ा बयान दिया है। शास्त्री का मानना है कि इतनी प्रतिभाशाली खिलाड़ी को लंबे समय तक बेंच पर बैठाकर रखना भारतीय टीम के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि वैभव को आयरलैंड दौरे पर ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिलना चाहिए था, क्योंकि वहां की परिस्थितियां उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पूरी तरह अनुकूल थीं। सोनी स्पोर्ट्स पर बातचीत के दौरान शास्त्री ने कहा कि आयरलैंड की धीमी और स्पंजी पिचों पर वैभव सूर्यवंशी विरोधी गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकते थे। उनके मुताबिक वहां के छोटे मैदान और बल्लेबाजी के अनुकूल हालात युवा बल्लेबाज को अपनी स्वाभाविक शैली में खेलने का बेहतरीन अवसर देते। 'आयरलैंड में खेलता तो गेंदबाजों पर भारी पड़ता' रवि शास्त्री ने कहा, "उसे आयरलैंड में खेलना चाहिए था। वहां की पिचें धीमी और स्पंजी होती हैं। वह वहां छप्पर फाड़ बल्लेबाजी करता। मैदान भी छोटे हैं। अब इंग्लैंड में उसे मौका मिलेगा या नहीं, यह कहना मुश्किल है।" शास्त्री के इस बयान ने टीम चयन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। उनका मानना है कि युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बनाए रखने के लिए उन्हें सही समय पर अवसर मिलना बेहद जरूरी है। 'बेंच गर्म करने के लिए नहीं है ऐसा खिलाड़ी' पूर्व भारतीय कोच ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी को सिर्फ रिजर्व के तौर पर बैठाकर रखना सही रणनीति नहीं है। उन्होंने कहा, "उसे जितनी जल्दी हो सके खिलाइए। उसने आईपीएल में लगभग हर गेंदबाज की धुनाई की है। ऐसा कौन-सा तेज गेंदबाज है जिसे उसने नहीं पीटा? आप उसे सिर्फ बेंच गर्म करने के लिए बैठा रहे हैं।" शास्त्री का मानना है कि ऐसे निडर खिलाड़ी मैच का रुख कुछ ही ओवरों में बदलने की क्षमता रखते हैं और टीम को तेज शुरुआत दिलाकर विपक्ष पर दबाव बना सकते हैं। भारत के लिए बन सकते हैं एक्स-फैक्टर रवि शास्त्री के अनुसार वैभव सूर्यवंशी में वह आत्मविश्वास, निडरता और आक्रामक सोच है जो आधुनिक टी20 क्रिकेट की सबसे बड़ी जरूरत है। उनका मानना है कि शुरुआती ओवरों में तेज रन बनाने की क्षमता टीम के मध्यक्रम का दबाव कम कर सकती है और मैच का पूरा समीकरण बदल सकती है। इसी वजह से उन्होंने टीम मैनेजमेंट से जल्द से जल्द वैभव को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने पर विचार करने की अपील की। सहायक कोच ने भी माना- तैयार हैं वैभव भारतीय टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने भी स्वीकार किया कि वैभव सूर्यवंशी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा टीम संयोजन के कारण उन्हें अभी इंतजार करना होगा। उनके अनुसार टीम मैनेजमेंट उन खिलाड़ियों को पर्याप्त अवसर देना चाहता है जिन्होंने हाल के महीनों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। इसलिए फिलहाल किसी खिलाड़ी को बाहर करना आसान फैसला नहीं है। राहुल द्रविड़ भी कर चुके हैं तारीफ वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा की सराहना इससे पहले पूर्व भारतीय कप्तान और कोच राहुल द्रविड़ भी कर चुके हैं। राजस्थान रॉयल्स के साथ काम करते हुए द्रविड़ ने उन्हें "अनूठी प्रतिभा" बताया था और उनके उज्ज्वल भविष्य की भविष्यवाणी की थी। अब सबकी नजर टीम मैनेजमेंट के फैसले पर आईपीएल में अपने विस्फोटक प्रदर्शन से सुर्खियां बटोर चुके वैभव सूर्यवंशी को लेकर उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। रवि शास्त्री के बयान के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि क्या भारतीय टीम मैनेजमेंट युवा खिलाड़ियों को जल्दी मौका देने की रणनीति अपनाएगा। अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस बात पर टिकी है कि वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का अवसर आखिर कब मिलता है और वह अपनी प्रतिभा को बड़े मंच पर किस तरह साबित करते हैं।  

surbhi जुलाई 3, 2026 0
Football player taking a penalty while EEG neuroscience technology monitors brain activity during FIFA World Cup 2026 training.
पेनाल्टी में कौन बनेगा हीरो? फीफा विश्व कप 2026 में खिलाड़ियों का दिमाग पढ़ रही न्यूरोसाइंस, दबाव में सबसे मजबूत खिलाड़ी की हो रही पहचान

नई दिल्ली: फुटबॉल में पेनाल्टी शूटआउट अक्सर किसी बड़े मैच की जीत और हार तय करता है। कुछ ही सेकंड में एक खिलाड़ी करोड़ों प्रशंसकों की उम्मीदों का केंद्र बन जाता है। ऐसे में अब केवल तकनीकी कौशल या अनुभव ही नहीं, बल्कि खिलाड़ी की मानसिक क्षमता भी चयन का महत्वपूर्ण आधार बन रही है। फीफा विश्व कप 2026 के दौरान कई टीमें पेनाल्टी शूटआउट के लिए सबसे उपयुक्त खिलाड़ियों की पहचान करने में न्यूरोसाइंस का सहारा ले रही हैं। अमेरिकी पुरुष फुटबॉल टीम ने जर्मनी की न्यूरोसाइंस कंपनी Neuro11 के साथ साझेदारी की है। इस तकनीक का उद्देश्य यह समझना है कि कौन-सा खिलाड़ी दबाव की स्थिति में सबसे अधिक शांत, केंद्रित और आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन कर सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि बड़े मुकाबलों में जीत केवल शारीरिक क्षमता से नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती से भी तय होती है। दिमाग की गतिविधियों का किया जा रहा वैज्ञानिक विश्लेषण इस शोध में खिलाड़ियों को विशेष ईईजी (Electroencephalography - EEG) उपकरण पहनाए जाते हैं, जो मस्तिष्क की विद्युत गतिविधियों को रिकॉर्ड करते हैं। अभ्यास के दौरान जब खिलाड़ी पेनाल्टी, फ्री-किक या कॉर्नर जैसी परिस्थितियों का सामना करते हैं, तब उनके दिमाग की प्रतिक्रियाओं का विस्तृत विश्लेषण किया जाता है। वैज्ञानिक इस दौरान यह देखते हैं कि खिलाड़ी दबाव में कितना शांत रहता है, उसका ध्यान कितनी देर तक केंद्रित रहता है और निर्णय लेने की उसकी क्षमता कैसी बनी रहती है। इन आंकड़ों के आधार पर यह समझने की कोशिश की जाती है कि कौन खिलाड़ी मैच के सबसे तनावपूर्ण क्षण में भी अपनी सामान्य क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन कर सकता है। मानसिक दबाव और प्रदर्शन का सीधा संबंध विशेषज्ञों के अनुसार, तनावपूर्ण परिस्थितियों में खिलाड़ियों के मस्तिष्क का वह हिस्सा अधिक सक्रिय हो जाता है जो भविष्य की चिंता, परिणाम और निर्णय लेने से जुड़ा होता है। इसके विपरीत, सफल खिलाड़ियों में शरीर की गतिविधियों और संतुलन को नियंत्रित करने वाले हिस्से अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करते हैं। यही कारण है कि वैज्ञानिक केवल यह नहीं देखते कि खिलाड़ी कितना अच्छा शॉट लगाता है, बल्कि यह भी विश्लेषण करते हैं कि दबाव की स्थिति में उसका मानसिक संतुलन कितना मजबूत रहता है। माना जा रहा है कि यही मानसिक अंतर कई बार जीत और हार के बीच निर्णायक भूमिका निभाता है। ऐसे तैयार होती है पेनाल्टी विशेषज्ञों की सूची न्यूरोसाइंस से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर टीम प्रबंधन उन खिलाड़ियों की पहचान करता है जो तनावपूर्ण माहौल में भी शांत रहकर बेहतर निर्णय लेते हैं। जिन खिलाड़ियों का ध्यान आसानी से नहीं भटकता और जिनकी मानसिक स्थिरता अधिक होती है, उन्हें पेनाल्टी शूटआउट के लिए प्राथमिकता दी जाती है। इस वैज्ञानिक प्रक्रिया का उद्देश्य केवल बेहतर पेनाल्टी लेने वाले खिलाड़ी चुनना ही नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की मानसिक तैयारी को भी मजबूत बनाना है, ताकि वे बड़े मुकाबलों में दबाव को बेहतर तरीके से संभाल सकें। क्लब फुटबॉल में पहले ही मिल चुकी है सफलता न्यूरोसाइंस आधारित यह तकनीक क्लब फुटबॉल में पहले भी प्रभावी साबित हो चुकी है। इंग्लैंड के दिग्गज क्लब लिवरपूल ने भी Neuro11 के साथ मिलकर खिलाड़ियों की मानसिक तैयारी पर काम किया था। क्लब के पूर्व मैनेजर युर्गेन क्लॉप ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि इस प्रणाली ने खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रिपोर्टों के अनुसार, एक बड़े कप फाइनल में लिवरपूल के खिलाड़ियों ने लगातार 11 पेनाल्टी सफलतापूर्वक गोल में बदली थीं, जिसे इस वैज्ञानिक तैयारी की बड़ी उपलब्धि माना गया। फुटबॉल में बढ़ती जा रही है तकनीक की भूमिका आधुनिक फुटबॉल तेजी से तकनीक आधारित खेल बनता जा रहा है। पहले जहां फिटनेस ट्रैकिंग, वीडियो एनालिसिस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल बढ़ा, वहीं अब न्यूरोसाइंस भी टीमों की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में खिलाड़ियों की मानसिक क्षमता का विश्लेषण टीम चयन, मैच रणनीति और प्रदर्शन सुधार का अहम आधार बनेगा। इससे न केवल खिलाड़ियों की व्यक्तिगत तैयारी मजबूत होगी, बल्कि टीमों को बड़े मुकाबलों में बेहतर निर्णय लेने में भी मदद मिलेगी।  

surbhi जुलाई 3, 2026 0
Durand Cup 2026
रांची में पहली बार डूरंड कप का रोमांच, बिरसा मुंडा स्टेडियम में होंगे 16 बड़े मुकाबले

रांची। झारखंड की राजधानी रांची के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट डूरंड कप के 135वें संस्करण की मेजबानी पहली बार रांची को मिली है। इस आयोजन के तहत 26 जुलाई से 16 अगस्त तक बिरसा मुंडा स्टेडियम में कुल 16 मुकाबले, जिनमें लीग चरण के मैच और एक क्वार्टर फाइनल शामिल है, खेले जाएंगे। इससे राज्य के फुटबॉल प्रेमियों को देश-विदेश की नामी टीमों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।   डूरंड कप आयोजन समिति ने इस वर्ष टूर्नामेंट में भाग लेने वाली 24 टीमों और पांच मेजबान शहरों की घोषणा कर दी है। इस बार मुकाबले कोलकाता, रांची, इंफाल, गुवाहाटी और शिलांग में आयोजित किए जाएंगे। मेजबान शहरों की सूची में पहली बार रांची का नाम शामिल होना झारखंड के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।   जमशेदपुर एफसी पर रहेंगी खास नजरें  रांची में होने वाले मुकाबलों में इंडियन सुपर लीग (ISL) की टीम जमशेदपुर एफसी पर खास नजरें रहेंगी। इसके अलावा स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली, भारतीय वायुसेना फुटबॉल टीम और श्रीलंका आर्म्ड फोर्सेज की डिफेंडर्स एफसी जैसी टीमें भी मैदान में उतरेंगी। इन मुकाबलों से स्थानीय दर्शकों को उच्च स्तरीय फुटबॉल देखने का मौका मिलेगा और युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी।   इस स्टेडियम  में पहले भी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन की है  बिरसा मुंडा स्टेडियम पहले भी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी कर चुका है, लेकिन डूरंड कप जैसे ऐतिहासिक टूर्नामेंट का आयोजन इसकी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ेगा। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इससे झारखंड में फुटबॉल संस्कृति को नई मजबूती मिलेगी और राज्य में खेल पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। डूरंड कप 2026 की शुरुआत 25 जुलाई से होगी, जबकि टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला 23 अगस्त को कोलकाता के विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में खेला जाएगा। रांची में होने वाले मुकाबलों को लेकर फुटबॉल प्रेमियों में अभी से खासा उत्साह देखा जा रहा है।

anjali kumari जुलाई 2, 2026 0
Mexico
फीफा वर्ल्ड कप में जीत का जश्न बना मातम

मेक्सिको सिटी, एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मेजबान मेक्सिको की ऐतिहासिक जीत का जश्न उस समय मातम में बदल गया, जब राजधानी मेक्सिको सिटी में जश्न मना रहे तीन फुटबॉल प्रशंसकों की दम घुटने से मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब राउंड ऑफ 32 में मेक्सिको की जीत के बाद लाखों समर्थक सड़कों पर उतर आए और पूरे शहर में उत्सव का माहौल बन गया।   'एंजेल ऑफ इंडिपेंडेंस' स्मारक के पास हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मेक्सिको सिटी के प्रतिष्ठित 'एंजेल ऑफ इंडिपेंडेंस' स्मारक के आसपास बड़ी संख्या में लोग जीत का जश्न मना रहे थे। इसी दौरान दो महिलाएं और एक पुरुष बेहोशी की हालत में पाए गए। सूचना मिलते ही आपातकालीन चिकित्सा दल मौके पर पहुंचा, लेकिन तीनों की मौत हो चुकी थी। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि मृतकों की उम्र क्रमशः 48, 44 और 19 वर्ष थी। फिलहाल उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है और घटना के कारणों की विस्तृत जांच जारी है।   मेयर ने लोगों से संयम बरतने की अपील की मेक्सिको सिटी की मेयर क्लारा ब्रुगाडा ने सोशल मीडिया के जरिए घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि तीन लोगों के बेहोश होने की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल तुरंत मौके पर भेजा गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि सार्वजनिक समारोहों और बड़े आयोजनों के दौरान जिम्मेदारी, सावधानी और संवेदनशीलता के साथ जश्न मनाएं। मेयर के अनुसार, जीत का जश्न मनाने के लिए करीब 10 लाख लोग शहर की सड़कों पर एकत्र हुए थे।   40 साल बाद मिली नॉकआउट जीत मेजबान मेक्सिको ने राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में इक्वाडोर को 2-0 से हराकर इतिहास रच दिया। टीम की ओर से जूलियन क्विनोन्स और राउल जिमेनेज ने गोल किए। इस जीत के साथ मेक्सिको ने 1986 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप नॉकआउट चरण में जीत दर्ज की और राउंड ऑफ 16 में जगह बनाई। अब अगले दौर में उसका सामना इंग्लैंड से होगा। ऐतिहासिक सफलता के बीच हुई यह दुखद घटना पूरे देश के लिए गहरे शोक का कारण बन गई।

abhishek singh जुलाई 2, 2026 0
Abhishek Sharma
मैच रद्द, रिकॉर्ड बरकरार! अभिषेक बने सबसे तेज 100 टी-20I छक्के लगाने वाले बल्लेबाज

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच डरहम के चेस्टर-ली-स्ट्रीट में खेला गया पहला टी-20 मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 189 रन बनाए, लेकिन लगातार बारिश के कारण इंग्लैंड अपनी पारी शुरू नहीं कर सका और मैच रद्द घोषित कर दिया गया।   मैच भले ही बेनतीजा रहा, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने कई यादगार रिकॉर्ड अपने नाम किए। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने महज 24 गेंदों में 59 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 6 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। इसी दौरान उन्होंने सिर्फ 785 गेंदों में टी-20 इंटरनेशनल में 100 छक्के पूरे कर दुनिया के सबसे तेज बल्लेबाज बनने का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने वेस्टइंडीज के ईविन लुईस (789 गेंद) का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। साथ ही, अभिषेक इंग्लैंड की धरती पर सबसे तेज टी-20 अर्धशतक लगाने वाले भारतीय भी बन गए। उन्होंने केवल 20 गेंदों में फिफ्टी पूरी कर केएल राहुल का 27 गेंदों का रिकॉर्ड तोड़ दिया।   श्रेयस ने कप्तानी में रचा इतिहास भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने 47 गेंदों में 68 रन की शानदार पारी खेली और इंग्लैंड में टी-20 अंतरराष्ट्रीय में अर्धशतक लगाने वाले पहले भारतीय कप्तान बन गए। उन्होंने विराट कोहली के 47 रन के पुराने रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। यह टी-20 अंतरराष्ट्रीय में बतौर कप्तान उनकी पहली फिफ्टी रही।   मैच के अन्य अहम पलों में ईशान किशन का लगातार दूसरे मैच में रन आउट होना और अभिषेक शर्मा का डीआरएस के बाद एलबीडब्ल्यू आउट होना शामिल रहा। वहीं, चेस्टर-ली-स्ट्रीट में भारत का लगातार तीसरा अंतरराष्ट्रीय मुकाबला भी बारिश के कारण बिना नतीजे के समाप्त हुआ। हालांकि मैच पूरा नहीं हो सका, लेकिन अभिषेक और श्रेयस की पारियों ने भारतीय टीम के लिए सकारात्मक संकेत जरूर दिए।

abhishek singh जुलाई 2, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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abhishek singh जुलाई 2, 2026 0

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