नई दिल्ली, एजेंसियां। आईपीएल 2026 में बांग्लादेशी पेसर मुस्तफिजुर रहमान को बाहर किए जाने के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के रिश्तों में खटास आ गई थी। इसके कारण भारत में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश की टीम हिस्सा नहीं ले पाई थी। अब बांग्लादेश ने रिश्तों को सुधारने की पहल शुरू कर दी है। BCB ने BCCI को लिखी चिट्ठी नई सरकार बनने के बाद BCB ने BCCI को पत्र लिखा है, जिसमें भारत और बांग्लादेश के पुराने क्रिकेट संबंधों का जिक्र किया गया है और रिश्ते सामान्य करने की ख्वाहिश जताई गई है। BCCI और BCB सूत्रों के अनुसार, इस पत्र में दोनों बोर्ड के बीच पहले जैसे बेहतर रिश्ते बहाल करने पर जोर दिया गया है। दांव पर सीरीज और अहम टूर्नामेंट बांग्लादेश के बदले हुए रुख के पीछे मुख्य वजह आगामी वनडे और टी20 सीरीज है। भारत और बांग्लादेश के बीच यह सीरीज सितंबर 2026 में खेली जानी है, जो पिछले साल स्थगित हुई थी। आईपीएल और टी20 वर्ल्ड कप विवाद की वजह से सीरीज खतरे में पड़ गई थी। एशिया कप का संकट इसके अलावा एशिया कप 2027 की मेजबानी बांग्लादेश को ही करनी है। अगर BCCI के साथ संबंध सुधरते नहीं हैं, तो टीम इंडिया बांग्लादेश दौरे से मना कर सकती है, जिससे टूर्नामेंट बांग्लादेश (और पाकिस्तान) से बाहर आयोजित करना पड़ सकता है। इससे BCB को आर्थिक और प्रतिष्ठात्मक नुकसान होगा।
फुटबॉल की दुनिया के दो सबसे बड़े नाम Cristiano Ronaldo और Lionel Messi एक बार फिर साथ नजर आए हैं-लेकिन इस बार मैदान पर नहीं, बल्कि एक अनोखे अंदाज में। मशहूर खिलौना कंपनी LEGO ने इन दोनों दिग्गजों को अपने नए कैंपेन में मिनीफिगर के रूप में पेश किया है, जो FIFA World Cup 2026 से पहले लॉन्च किया गया है। लेगो में उतरी फुटबॉल की सुपरस्टार दुनिया LEGO ने इस खास कलेक्शन में सिर्फ रोनाल्डो और मेसी ही नहीं, बल्कि Kylian Mbappé और Vinícius Júnior को भी शामिल किया है। हर मिनीफिगर को खिलाड़ियों की खास पहचान, खेलने की शैली और उनके करियर के यादगार पलों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। इन सेट्स में “Football Highlights” और “Football Legends” जैसे थीम शामिल हैं, जो फैंस को अपने पसंदीदा खिलाड़ियों के करियर को एक नए अंदाज में जीने का मौका देते हैं। खास डिजाइन और कलेक्टिबल एक्सपीरियंस हर सेट को एक खास लेटर-शेप बेस पर तैयार किया गया है, जिसमें खिलाड़ियों की नेशनल टीम के रंग, जर्सी नंबर और कलेक्टिबल प्लेट भी दी गई है। इसके साथ मिलने वाली मिनीफिगर इन सेट्स को और भी आकर्षक बनाती है। रोनाल्डो ने इस सहयोग पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “हर दिन ऐसा मौका नहीं मिलता जब आप खुद एक LEGO सेट बन जाएं।” 2022 के बाद फिर साथ दिखे रोनाल्डो-मेसी यह पहली बार नहीं है जब दोनों दिग्गज एक साथ किसी विज्ञापन में नजर आए हैं। इससे पहले 2022 वर्ल्ड कप के दौरान दोनों ने एक लग्जरी ब्रांड के साथ मिलकर यादगार कैंपेन किया था, जिसे फैंस ने काफी पसंद किया था। वर्ल्ड कप में फिर हो सकता है महामुकाबला आने वाले वर्ल्ड कप में जहां मेसी अपनी टीम के साथ खिताब बचाने उतरेंगे, वहीं रोनाल्डो अपने करियर का सबसे बड़ा सपना पूरा करने की कोशिश करेंगे। अगर सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो क्वार्टरफाइनल में एक बार फिर “रोनाल्डो बनाम मेसी” का ऐतिहासिक मुकाबला देखने को मिल सकता है।
IPL2026 में सनराइजर्स हैदराबाद की शानदार जीत के बाद टीम के युवा ऑलराउंडर अभिषेक शर्मा मुश्किलों में घिर गए हैं। BCCI ने उन पर IPL आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की है। क्या है पूरा मामला? कोलकाता के ईडन गार्डन्स में कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने आचार संहिता का उल्लंघन किया। इस पर कार्रवाई करते हुए BCCI ने उनकी मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना काट लिया और साथ ही एक डिमेरिट पॉइंट भी दे दिया। यह उल्लंघन IPL कोड ऑफ कंडक्ट के अनुच्छेद 2.3 (लेवल-1 अपराध) के तहत माना गया। खिलाड़ी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है, जिसके बाद मैच रेफरी का फैसला अंतिम और बाध्यकारी होता है। मैच में कैसी रही अभिषेक की पारी? हालांकि विवाद के बावजूद अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने ट्रेविस हेड के साथ मिलकर टीम को तेज शुरुआत दिलाई। दोनों ने 5.4 ओवर में 82 रन जोड़े अभिषेक शर्मा – 21 गेंदों में 48 रन (4 छक्के, 4 चौके) ट्रेविस हेड – 21 गेंदों में 46 रन इस मजबूत शुरुआत ने सनराइजर्स हैदराबाद को बड़े स्कोर तक पहुंचने की नींव दी। मैच का पूरा हाल सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 226/8 का बड़ा स्कोर बनाया। हेनरिक क्लासेन – 52 रन नितीश रेड्डी – 39 रन जवाब में कोलकाता नाइटराइडर्स की टीम 16 ओवर में 161 रन पर सिमट गई। अंगकृष रघुवंशी – 52 रन रिंकू सिंह – 35 रन फिन एलन – 28 रन गेंदबाजी में जयदेव उनादकट ने 3 विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई। जीत के बीच लगा झटका जहां एक तरफ सनराइजर्स हैदराबाद ने सीजन की पहली जीत दर्ज की, वहीं दूसरी ओर अभिषेक शर्मा पर लगा जुर्माना टीम के लिए एक झटका माना जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे के मैचों में वह अपने प्रदर्शन के साथ अनुशासन पर भी कितना ध्यान देते हैं।
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में कोलकाता नाइटराइडर्स की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही है। टीम को अपने पहले दो मुकाबलों में लगातार हार का सामना करना पड़ा है, जिसके साथ ही 14 साल पुराना एक शर्मनाक रिकॉर्ड फिर दोहराया गया है। लगातार दो हार से टूटा रिकॉर्ड कोलकाता नाइटराइडर्स को पहले मैच में मुंबई इंडियंस ने 6 विकेट से हराया, जबकि दूसरे मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने 65 रनों से करारी शिकस्त दी। इस हार के साथ KKR के नाम एक अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज हो गया-टीम 2012 के बाद पहली बार IPL सीजन के शुरुआती दो मैच लगातार हारी है। यानी पूरे 14 साल बाद ऐसी खराब शुरुआत देखने को मिली है। सनराइजर्स के खिलाफ क्यों हारी KKR? दूसरे मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 226 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। हेनरिक क्लासेन – 52 रन अभिषेक शर्मा – 48 रन ट्रेविस हेड – 46 रन इसके जवाब में कोलकाता नाइटराइडर्स की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई। अंगकृष रघुवंशी – 52 रन (29 गेंद) रिंकू सिंह – 35 रन फिन एलन – 28 रन (7 गेंद) इनके अलावा कोई बल्लेबाज टिक नहीं पाया, जिसके चलते टीम 65 रन से मैच हार गई। कप्तान पर बढ़ा दबाव इस सीजन में अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में उतर रही KKR पर अब दबाव साफ नजर आ रहा है। लगातार दो हार के बाद टीम को जल्द ही वापसी करनी होगी, वरना प्लेऑफ की राह मुश्किल हो सकती है। क्या कर पाएगी KKR वापसी? IPL जैसे बड़े टूर्नामेंट में शुरुआत भले ही खराब हो, लेकिन वापसी के कई मौके मिलते हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि कोलकाता नाइटराइडर्स अपनी रणनीति में क्या बदलाव करती है और अगले मैच में जीत हासिल कर पाती है या नहीं।
नई दिल्ली,एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट के महान कप्तानों में शुमार महेंद्र सिंह धोनी का खड़गपुर से रिश्ता सिर्फ नौकरी या क्रिकेट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह रिश्ता इंसानियत, अपनापन और वफादारी की मिसाल भी बन गया। ‘कैप्टन कूल’ के नाम से मशहूर धोनी ने अपने प्रोफेशनल जीवन की शुरुआत पश्चिम बंगाल के खड़गपुर रेलवे स्टेशन पर टिकट कलेक्टर के रूप में की थी। इसी दौरान स्टेशन के पास मौजूद थॉमस टी स्टॉल उनकी पसंदीदा जगह बन गई थी। घंटों चाय की दुकान पर बैठते थे धोनी थॉमस के परिवार के मुताबिक, नौकरी और रेलवे क्रिकेट के बीच धोनी अक्सर अपने दोस्तों के साथ इस दुकान पर घंटों बैठते, चाय पीते और बातचीत करते थे। उस वक्त किसी ने नहीं सोचा था कि यही शांत और साधारण युवक आगे चलकर विश्व क्रिकेट का सबसे सफल कप्तान बनेगा। कामयाबी के बाद भी नहीं भूले पुराने रिश्ते समय बीतने के साथ धोनी ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप, 2011 वनडे वर्ल्ड कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर भारतीय क्रिकेट में इतिहास रच दिया। 2020 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी खड़गपुर से उनका जुड़ाव कायम रहा। थॉमस की मुश्किल घड़ी में बने सहारा जब थॉमस को गंभीर ब्रेन स्ट्रोक आया और वे लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहे, तब धोनी ने अपने करीबी दोस्त रॉबिन के जरिए लगातार उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। परिवार का दावा है कि इलाज में भी आर्थिक मदद पहुंचाई गई। इतना ही नहीं, जब थॉमस की चाय दुकान पर तोड़फोड़ का खतरा मंडराया, तब भी धोनी ने रेलवे अधिकारियों से बात कर दुकान को बचाने में मदद की।
IPL 2026 के मुकाबले में एक ऐसा प्रदर्शन देखने को मिला, जिसने क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया। दिल्ली कैपिटल्स के युवा बल्लेबाज समीर रिजवी ने लखनऊ के इकाना स्टेडियम में ऐसी पारी खेली, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। 142 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए जब दिल्ली की टीम 26 रन पर 4 विकेट गंवाकर हार के करीब थी, तब ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के रूप में उतरे रिजवी ने अकेले मैच का रुख बदल दिया। खराब शुरुआत, फिर तूफानी वापसी समीर रिजवी की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। वह एक समय 9 गेंदों पर बिना खाता खोले खेल रहे थे और 13 गेंदों में सिर्फ 5 रन बना पाए थे। लेकिन इसके बाद उन्होंने गियर बदला और विपक्षी गेंदबाजों पर जोरदार हमला बोल दिया। रिजवी ने 47 गेंदों में नाबाद 70 रन बनाए, जिसमें 4 छक्के और 5 चौके शामिल थे। उनकी इस पारी ने मैच का पूरा समीकरण बदल दिया। स्टब्स के साथ साझेदारी बनी टर्निंग पॉइंट रिजवी ने ट्रिस्टन स्टब्स के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 119 रनों की साझेदारी की। यह साझेदारी उस वक्त आई जब टीम पूरी तरह दबाव में थी। दोनों बल्लेबाजों ने खासकर स्पिन गेंदबाजों को निशाना बनाया और धीरे-धीरे मैच को लखनऊ की पकड़ से बाहर कर दिया। मेरठ से IPL तक का सफर समीर रिजवी का जन्म 6 दिसंबर 2003 को मेरठ में हुआ, जिसे भारतीय क्रिकेट की ‘नर्सरी’ कहा जाता है। उनके पिता हसीन रिजवी ने आर्थिक चुनौतियों के बावजूद बेटे के क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। रिजवी के पहले कोच उनके मामा तंकीब अख्तर थे, जिन्होंने बचपन से ही उनकी तकनीक, खासकर स्पिन के खिलाफ खेलने की क्षमता को मजबूत किया। घरेलू क्रिकेट से मिली पहचान समीर पहली बार चर्चा में तब आए जब उन्होंने 2020 में उत्तर प्रदेश के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया। लेकिन असली पहचान उन्हें 2023 की यूपी T20 लीग से मिली, जहां उन्होंने 455 रन बनाए और 35 छक्के जड़े। उनकी इसी पावर हिटिंग के कारण चेन्नई सुपर किंग्स ने 2024 में उन्हें 8.4 करोड़ रुपये में खरीदा था, जबकि 2025 में दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 95 लाख में अपनी टीम में शामिल किया। दिल्ली को मिला नया मैच विनर इस पारी के बाद समीर रिजवी को दिल्ली कैपिटल्स का नया मैच विनर माना जा रहा है। उन्होंने साबित कर दिया कि दबाव की स्थिति में भी संयम और आत्मविश्वास से खेला जाए, तो किसी भी मैच को जीता जा सकता है।
IPL 2026 में भले ही लखनऊ सुपर जायंट्स को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन इस मुकाबले में एक बड़ी उपलब्धि तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के नाम दर्ज हो गई। इकाना स्टेडियम में खेले गए इस मैच में शमी ने पारी की पहली ही गेंद पर विकेट लेकर इतिहास रच दिया। पहली गेंद पर विकेट, बना दिया अनोखा रिकॉर्ड मोहम्मद शमी ने मैच की पहली गेंद पर ही केएल राहुल को आउट कर शानदार शुरुआत दिलाई। इसी के साथ शमी IPL इतिहास में 5 बार पहली गेंद पर विकेट लेने वाले इकलौते गेंदबाज बन गए हैं। इस मामले में उन्होंने कई बड़े गेंदबाजों को पीछे छोड़ दिया है। प्रवीण कुमार, उमेश यादव, ट्रेंट बोल्ट, लसिथ मलिंगा, भुवनेश्वर कुमार, अशोक डिंडा और पैट कमिंस जैसे गेंदबाजों ने यह कारनामा 3-3 बार किया है, लेकिन शमी उनसे आगे निकल गए हैं। लखनऊ की बल्लेबाजी रही कमजोर मैच की बात करें तो लखनऊ सुपर जायंट्स की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई। टीम 18.4 ओवर में सिर्फ 141 रन पर सिमट गई। कप्तान ऋषभ पंत जल्दी आउट हो गए, जिससे टीम दबाव में आ गई। हालांकि मिचेल मार्श और अब्दुल समद ने कुछ हद तक संघर्ष करते हुए टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया, लेकिन यह स्कोर जीत के लिए काफी नहीं था। समीर रिजवी की दमदार पारी से दिल्ली की जीत 142 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत भी खराब रही। टीम ने शुरुआती झटके झेले, लेकिन इसके बाद समीर रिजवी ने शानदार जिम्मेदारी निभाई। रिजवी ने 47 गेंदों में नाबाद 70 रन बनाए, जबकि ट्रिस्टन स्टब्स ने 39 रनों की अहम पारी खेली। दोनों के बीच 119 रनों की साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया और दिल्ली को जीत दिलाई। रिकॉर्ड के बावजूद टीम को नहीं मिली जीत मोहम्मद शमी का यह ऐतिहासिक प्रदर्शन टीम को जीत नहीं दिला सका, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर यह उपलब्धि उन्हें IPL के सबसे खास गेंदबाजों में शामिल करती है।
IPL 2026 के एक मुकाबले के बाद लखनऊ सुपर जायंट्स के खेमे में तनाव खुलकर सामने आ गया। लखनऊ सुपर जायंट्स को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन मैच के बाद जो दृश्य देखने को मिला, उसने क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया। मैदान पर ही टीम के मालिक संजिव गोयनका और कप्तान ऋषभ पंत के बीच तीखी बहस होती नजर आई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में गोयनका काफी नाराज दिखाई दे रहे हैं और उनका बातचीत का अंदाज भी बेहद सख्त नजर आया। मैच का हाल: लखनऊ की कमजोर बल्लेबाजी पड़ी भारी इस मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम केवल 141 रन ही बना सकी। जवाब में दिल्ली कैपिटल्स ने यह लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया। लखनऊ के गेंदबाजों ने भी 20 अतिरिक्त रन (16 वाइड और 4 लेग बाई) देकर टीम की मुश्किलें और बढ़ा दीं। मैच के बाद कप्तान ऋषभ पंत ने हार की वजह बताते हुए कहा कि कम स्कोर के कारण दबाव बढ़ गया और अतिरिक्त रन टीम पर भारी पड़े। फैंस का गुस्सा: ‘मैदान पर नहीं, ड्रेसिंग रूम में होनी चाहिए थी बात’ इस पूरे घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर फैंस ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कई क्रिकेट प्रेमियों का मानना है कि इस तरह सार्वजनिक रूप से कप्तान से बहस करना खेल भावना के खिलाफ है। उनका कहना है कि टीम से जुड़ी बातों को ड्रेसिंग रूम तक सीमित रखना चाहिए। यह पहली बार नहीं है जब संजिव गोयनका का ऐसा रवैया चर्चा में आया हो। इससे पहले भी वह एक अन्य कप्तान के साथ इसी तरह के व्यवहार को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं। टीम बॉन्डिंग पर असर या वापसी का मौका? अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस विवाद का असर लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम बॉन्डिंग पर पड़ेगा, या फिर ऋषभ पंत आने वाले मैचों में अपने प्रदर्शन से जवाब देंगे। IPL जैसे बड़े टूर्नामेंट में टीम के अंदर का माहौल जीत-हार पर गहरा असर डालता है।
मुंबई,एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टीम इंडिया के जिम्बाब्वे दौरे का आधिकारिक एलान कर दिया है। टीम इंडिया जुलाई 2026 में जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज खेलेगी। यह दौरा इंग्लैंड के दौरे के बाद होगा और टीम की तैयारी तथा युवा खिलाड़ियों को अवसर देने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। मैचों का शेड्यूल और स्थल तीनों मुकाबले हरारे स्पोर्ट्स क्लब मैदान में खेले जाएंगे। पहला टी20 मैच 23 जुलाई को होगा, जबकि बाकी दो मैच 25 और 26 जुलाई को आयोजित होंगे। इस तरह टीम इंडिया लगातार दो दिन मैच खेलते हुए जिम्बाब्वे की चुनौती का सामना करेगी। पिछला दौरा और अनुभव टीम इंडिया आखिरी बार 2024 में जिम्बाब्वे गई थी, जब दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली गई थी। पिछला दौरा भारतीय खिलाड़ियों के लिए सीखने और नई रणनीतियों को आज़माने का अवसर रहा था। युवा खिलाड़ियों को मिलेगा मौका इस सीरीज को युवा खिलाड़ियों को मौका देने और भविष्य की तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टी20 वर्ल्ड कप 2028 और ओलंपिक 2028 की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए टीम कॉम्बिनेशन पर काम किया जाएगा। साथ ही बेंच स्ट्रेंथ को परखने और टीम में नई प्रतिभाओं को शामिल करने का भी अवसर मिलेगा। BCCI का उद्देश्य BCCI का मानना है कि यह दौरा भारतीय टीम को लगातार अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने और रणनीति पर काम करने का प्लेटफॉर्म देगा। युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के बीच तालमेल मजबूत करने के साथ ही टीम इंडिया आगामी टी20 टूर्नामेंट्स में बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार होगी।
नई दिल्ली,एजेंसियां। IPL के पांचवें मुकाबले में आज Lucknow Super Giants (LSG) और Delhi Capitals (DC) आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में शाम 7:30 बजे खेला जाएगा। दोनों टीमों के लिए यह मैच बेहद अहम है, क्योंकि पिछले सीजन दोनों ही प्लेऑफ में जगह बनाने से चूक गई थीं। LSG की कप्तानी ऋषभ पंत कर रहे हैं, जबकि DC की कमान अक्षर पटेल के हाथों में है। मैच आज लखनऊ में 7:30 PM IST पर खेला जाएगा। LSG की ताकत: विस्फोटक बैटिंग और तेज गेंदबाजी लखनऊ की टीम इस बार काफी मजबूत नजर आ रही है। टॉप ऑर्डर में एडेन मार्करम, निकोलस पूरन और मिचेल मार्श जैसे मैच विनर मौजूद हैं। वहीं गेंदबाजी में मोहम्मद शमी, मयंक यादव, एनरिक नॉर्टजे और आवेश खान जैसे तेज गेंदबाज विपक्षी बल्लेबाजों के लिए चुनौती बन सकते हैं। खासकर होम ग्राउंड का फायदा LSG के पक्ष में जा सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक लखनऊ की पेस बैटरी मैच का रुख बदल सकती है। DC की ताकत: संतुलित बैटिंग और मजबूत स्पिन अटैक दिल्ली कैपिटल्स की टीम कागज पर ज्यादा संतुलित दिखाई देती है। केएल राहुल, पृथ्वी शॉ और पथुम निसांका टॉप ऑर्डर को मजबूती देते हैं, जबकि डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स और नीतीश राणा मिडिल ऑर्डर में गहराई लाते हैं। हालांकि मिचेल स्टार्क की गैरमौजूदगी तेज गेंदबाजी को थोड़ा कमजोर करती है, लेकिन कुलदीप यादव और अक्षर पटेल की स्पिन जोड़ी लखनऊ की पिच पर असरदार साबित हो सकती है। Reddit और प्रीव्यू चर्चाओं में भी DC को “more balanced side” कहा जा रहा है। हेड-टू-हेड और पिच रिपोर्ट क्या कहती है? अब तक दोनों टीमें 7 बार भिड़ चुकी हैं, जिसमें दिल्ली ने 4 और लखनऊ ने 3 मैच जीते हैं। यानी रिकॉर्ड थोड़ा DC के पक्ष में है। वहीं इकाना की पिच को लेकर रिपोर्ट्स कहती हैं कि यहां शुरुआत में गेंदबाजों को मदद मिल सकती है, लेकिन बाद में बल्लेबाज खुलकर रन बना सकते हैं। ड्यू फैक्टर की वजह से टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी चुन सकती है। हालिया प्रीव्यू के अनुसार 175+ स्कोर प्रतिस्पर्धी माना जा रहा है। किसका पलड़ा भारी? अगर होम एडवांटेज और पेस अटैक को देखें तो LSG थोड़ी आगे दिखती है। लेकिन अगर संतुलन और हेड-टू-हेड रिकॉर्ड देखें तो DC भी कम नहीं। कुल मिलाकर मुकाबला बेहद रोमांचक होने वाला है। मेरा मैच कॉल: LSG को हल्का edge, लेकिन यह मैच आखिरी ओवर तक जा सकता है।
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में बड़ा फैसला सामने आया है, जहां Cricket Australia ने 2026–27 सीजन के लिए जारी सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से अनुभवी ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल को बाहर कर दिया है। इस कदम ने उनके इंटरनेशनल करियर के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या खत्म हो रहा है मैक्सवेल का करियर? 37 वर्षीय ग्लेन मैक्सवेल पिछले कुछ समय से टेस्ट और वनडे टीम से दूर चल रहे थे। आखिरी टेस्ट मैच: 2017 ODI से संन्यास: 2025 T20 टीम में जगह भी अब पूरी तरह सुरक्षित नहीं सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर होना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि ऑस्ट्रेलिया अब भविष्य की टीम बनाने पर ध्यान दे रहा है। ऑस्ट्रेलिया का नया फोकस Australia ने इस बार 21 खिलाड़ियों की सूची जारी की है, जिसमें टेस्ट क्रिकेट को प्राथमिकता दी गई है। आने वाले समय में टीम को: बांग्लादेश न्यूजीलैंड भारत इंग्लैंड के खिलाफ महत्वपूर्ण टेस्ट सीरीज खेलनी हैं, इसलिए चयनकर्ताओं ने रेड-बॉल स्पेशलिस्ट खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है। मैक्सवेल के लिए क्यों मुश्किल हुई राह? टेस्ट टीम में लंबे समय से बाहर T20 वर्ल्ड कप 2026 में खास प्रदर्शन नहीं फिटनेस और अनुशासन से जुड़े मुद्दे टीम अब युवा खिलाड़ियों की ओर देख रही है इन सभी कारणों ने ग्लेन मैक्सवेल की स्थिति कमजोर कर दी। टीम में और कौन से बड़े बदलाव? उभरते खिलाड़ी ब्रेंडन डॉगेट को पहली बार कॉन्ट्रैक्ट माइकल नेसर और टॉड मर्फी की वापसी चोट के कारण झाय रिचर्डसन बाहर सैम कोंस्टास खराब फॉर्म के चलते ड्रॉप यह सूची साफ संकेत देती है कि ऑस्ट्रेलिया टेस्ट टीम को मजबूत करने के मिशन पर है। क्या अभी खत्म नहीं हुआ सब कुछ? हालांकि ग्लेन मैक्सवेल के लिए रास्ता कठिन जरूर हुआ है, लेकिन T20 फॉर्मेट में वापसी की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। अगर वह घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो चयनकर्ता एक बार फिर उन्हें मौका दे सकते हैं।
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के रोमांचक मुकाबले में पंजाब किंग्स ने गुजरात टाइटंस को 3 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। लेकिन इस मैच का असली टर्निंग पॉइंट कप्तान शुभमन गिल का एक अहम फैसला बना, जिसने बाजी पूरी तरह पलट दी। मैच का पूरा हाल मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट पर 162 रन बनाए। शुभमन गिल और साई सुदर्शन के बीच तेज शुरुआत जोस बटलर के साथ अहम साझेदारी कुल मिलाकर टीम ने सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया प्रसिद्ध कृष्णा ने दिलाई थी वापसी लक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब किंग्स मजबूत स्थिति में दिख रही थी, लेकिन तभी प्रसिद्ध कृष्णा ने मैच में गुजरात की वापसी कराई। पहले ओवर में विकेट अगले स्पैल में 2 और अहम विकेट कुल मिलाकर मैच का रुख बदल दिया यहां तक गुजरात पूरी तरह मैच में हावी नजर आ रही था। 19वें ओवर में पलटी पूरी बाजी मैच का सबसे बड़ा मोड़ 19वें ओवर में आया जब पंजाब को 12 गेंदों में 16 रन चाहिए थे, तब कप्तान शुभमन गिल ने एक बार फिर गेंद प्रसिद्ध कृष्णा को सौंपी। लेकिन यही फैसला भारी पड़ गया: इस ओवर में 14 रन लुट गए कूपर कॉनॉली ने आक्रामक बल्लेबाजी की मैच पूरी तरह पंजाब के पक्ष में चला गया आखिरी ओवर में खत्म हुआ मुकाबला अब आखिरी 6 गेंदों में सिर्फ 2 रन की जरूरत थी। वाशिंगटन सुंदर गेंदबाजी के लिए आए पहली ही गेंद पर कूपर कॉनॉली ने चौका जड़कर मैच खत्म कर दिया क्या था असली टर्निंग पॉइंट? 19वें ओवर में प्रसिद्ध कृष्णा को दोबारा गेंद देना उस ओवर में 14 रन खर्च होना कूपर कॉनॉली की आक्रामक पारी (72 रन) यही तीन फैक्टर गुजरात टाइटंस की हार की सबसे बड़ी वजह बने। बड़ी सीख यह मुकाबला दिखाता है कि T20 क्रिकेट में एक फैसला और एक ओवर पूरे मैच की दिशा बदल सकता है। शुभमन गिल का यह निर्णय टीम के लिए महंगा साबित हुआ, जबकि पंजाब किंग्स ने मौके का पूरा फायदा उठाया।
IPL 2026 में पंजाब किंग्स ने शानदार जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की, लेकिन टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए यह मुकाबला महंगा साबित हुआ। गुजरात टाइटंस के खिलाफ रोमांचक मुकाबले में 3 विकेट से जीत दर्ज करने के बावजूद अय्यर पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। क्यों लगा जुर्माना? मैच के दौरान पंजाब किंग्स निर्धारित समय में अपने ओवर पूरे नहीं कर सकी। IPL के नियमों के अनुसार इसे “स्लो ओवर रेट” माना जाता है, जो आचार संहिता का उल्लंघन है। IPL कमेटी के बयान के अनुसार, यह सीजन का पहला अपराध था, इसलिए श्रेयस अय्यर पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। मैच का हाल न्यू चंडीगढ़ के स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में पंजाब किंग्स ने मुश्किल स्थिति से वापसी करते हुए जीत हासिल की। टीम लगभग हार की कगार पर थी 22 वर्षीय ऑलराउंडर कूपर कॉनॉली ने 72 रन की शानदार पारी खेली आखिरी ओवर में मैच अपने नाम किया हालांकि जीत के बावजूद स्लो ओवर रेट ने कप्तान के लिए परेशानी खड़ी कर दी। क्या कहते हैं नियम? IPL के नियमों के तहत: पहली बार स्लो ओवर रेट पर कप्तान पर जुर्माना बार-बार गलती होने पर जुर्माना बढ़ता है भविष्य में सस्पेंशन का खतरा भी हो सकता है बड़ी तस्वीर यह घटना दिखाती है कि इंडियन प्रीमियर लीग में नियमों का पालन कितना सख्त है। चाहे टीम जीत जाए, लेकिन अनुशासन में चूक महंगी पड़ सकती है।
गुवाहाटी। IPL के 19वें सीजन में एमएस धोनी के बिना उतरी चेन्नई सुपर किंग्स ने हार से शुरुआत की। टीम को राजस्थान रॉयल्स ने 8 विकेट से हरा दिया। गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में सोमवार को RR ने बॉलिंग चुनी। CSK 19.4 ओवर में 127 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। RR ने 12.1 ओवर में 2 ही विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। वैभव की 15 गेंदों पर फिफ्टी वैभव सूर्यवंशी ने महज 15 गेंद पर फिफ्टी लगा दी, वे 52 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने 4 चौके और 5 छक्के लगाए। बॉलिंग में रवींद्र जडेजा, जोफ्रा आर्चर और नांद्रे बर्गर ने 2-2 विकेट लिए। चेन्नई से जैमी ओवरटन टॉप स्कोरर रहे, उन्होंने 43 रन बनाए। अंशुल कम्बोज को 2 विकेट मिले। धोनी इंजर्ड होकर बाहर CSK के पूर्व कप्तान एमएस धोनी इंजरी के कारण 2 सप्ताह के लिए बाहर हो गए हैं। साउथ अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस भी इंजरी के कारण 3 मैच नहीं खेल सकेंगे। ऋतुराज गायकवाड कप्तानी कर रहे हैं, वहीं संजू सैमसन को ओपनिंग पोजिशन मिली। दोनों पहले मुकाबले में 6-6 रन ही बना सके।
IPL 2026 की शुरुआत Chennai Super Kings के लिए बेहद निराशाजनक रही है। गुवाहाटी में खेले गए मुकाबले में Rajasthan Royals के खिलाफ टीम ने पावरप्ले में ही 41 रन पर 4 विकेट गंवा दिए, जिससे मैच की दिशा शुरुआत में ही तय हो गई। यह प्रदर्शन केवल एक खराब दिन की कहानी नहीं, बल्कि पिछले सीजन से चली आ रही समस्या की निरंतरता को दर्शाता है। पावरप्ले में लगातार फ्लॉप CSK T-20 क्रिकेट में पावरप्ले को सबसे अहम और स्कोरिंग के लिए अनुकूल फेज माना जाता है, लेकिन CSK के लिए यही फेज सबसे बड़ी कमजोरी बनता जा रहा है। IPL 2026 के पहले मैच में 41/4 का स्कोर इस बात का संकेत है कि टीम की टॉप ऑर्डर बल्लेबाजी अभी भी दबाव में टूट रही है। यह शुरुआत उन्हें मुकाबले से बाहर करने के लिए काफी थी। धोनी की गैरमौजूदगी से आगे की समस्या हालांकि टीम इस मैच में MS Dhoni के बिना उतरी, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि समस्या सिर्फ एक खिलाड़ी की गैरमौजूदगी तक सीमित नहीं है। दरअसल, IPL 2025 में भी CSK की पावरप्ले बल्लेबाजी सबसे कमजोर टीमों में रही थी। 14 पारियों में कुल 731 रन औसत रन रेट: 8.70 औसत स्कोर: 52.21 कुल 29 विकेट (प्रति पारी औसतन 2.07 विकेट) डॉट बॉल प्रतिशत: 42.66% पहले 3 ओवर में ही बिगड़ जाता है खेल CSK की सबसे बड़ी समस्या पावरप्ले के शुरुआती ओवरों में सामने आती है। ओवर 1 से 3 के बीच टीम का रन रेट केवल 7.76 रहा और लगभग आधी गेंदें (49.60%) डॉट खेली गईं। हालांकि ओवर 4 से 6 में रन रेट 9.64 तक पहुंचती है, लेकिन तब तक टीम शुरुआती नुकसान की भरपाई करने की कोशिश में ही रहती है। 2025 का पैटर्न 2026 में भी जारी राजस्थान के खिलाफ 41/4 का स्कोर CSK के 2025 के औसत से भी काफी खराब है। यह केवल एक मैच नहीं, बल्कि एक पैटर्न का हिस्सा है-धीमी शुरुआत, जल्दी विकेट गिरना और टॉप ऑर्डर का पूरी तरह ढह जाना। आगे की राह मुश्किल अगर CSK को टूर्नामेंट में वापसी करनी है, तो उन्हें पावरप्ले की रणनीति पर तुरंत काम करना होगा। अन्य टीमों के मुकाबले तेज शुरुआत करना अब जरूरत बन चुकी है, वरना हर मैच में शुरुआती झटका भारी पड़ सकता है।
भारतीय क्रिकेट में एक नया सितारा तेजी से उभर रहा है। महज 15 साल की उम्र में Vaibhav Suryavanshi ने T-20 क्रिकेट में ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने पूरे क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है। Rajasthan Royals की ओर से खेलते हुए चेन्नई के खिलाफ मुकाबले में वैभव ने सिर्फ 17 गेंदों में 52 रन की विस्फोटक पारी खेली और अपनी टीम को 8 विकेट से शानदार जीत दिलाई। इस दौरान उन्होंने 4 चौके और 5 छक्के लगाए, यानी अपनी पारी के 52 में से 46 रन केवल बाउंड्री से आए। शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज वैभव ने अपनी पारी की दूसरी ही गेंद पर छक्का जड़कर इरादे साफ कर दिए। उन्होंने Matt Henry की गेंद पर छक्का लगाकर शुरुआत की और फिर लगातार आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 15 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। T-20 में बनाया अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड इस पारी के साथ वैभव सूर्यवंशी T-20 इतिहास में 15 साल की उम्र में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। अब तक वह इस उम्र में कुल 67 छक्के जड़ चुके हैं, जो अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड है। दिलचस्प बात यह है कि इस उम्र में बाकी खिलाड़ियों के कुल छक्के मिलाकर भी इस आंकड़े के करीब नहीं पहुंचते। IPL में भी बनाया बड़ा रिकॉर्ड वैभव ने IPL में भी एक नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने अपनी पहली 8 पारियों में 29 छक्के लगाकर सबसे ज्यादा सिक्स मारने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इस मामले में उन्होंने Jake Fraser-McGurk को पीछे छोड़ा, जिनके नाम 28 छक्के थे। इसके अलावा, वैभव IPL इतिहास में ऐसे पहले खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने एक ही फ्रेंचाइजी के लिए 18 गेंदों से कम में एक से ज्यादा बार अर्धशतक जड़ा है। भविष्य का सुपरस्टार? वैभव की इस धमाकेदार पारी ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट को एक और बड़ा मैच विनर मिल सकता है। इतनी कम उम्र में उनका आत्मविश्वास, शॉट चयन और आक्रामकता उन्हें खास बनाती है।
IPL 2026 का रोमांच अपने चरम पर है और आज का मुकाबला बेहद खास होने वाला है। Sanju Samson पहली बार Chennai Super Kings के लिए मैदान पर उतरेंगे-वो भी अपनी पुरानी टीम Rajasthan Royals के खिलाफ। भावनात्मक होगा मुकाबला संजू सैमसन के लिए यह मैच सिर्फ एक मुकाबला नहीं, बल्कि एक भावनात्मक पल भी है। उन्होंने 11 साल तक राजस्थान रॉयल्स का प्रतिनिधित्व किया और टीम के प्रमुख बल्लेबाज रहे। अब वही खिलाड़ी चेन्नई की जर्सी में अपने पुराने साथियों के खिलाफ खेलते नजर आएंगे। वहीं, Ravindra Jadeja भी इस बार राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा बनकर अपनी पूर्व टीम के खिलाफ उतरेंगे, जिससे मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। नई कप्तानी की शुरुआत इस मैच में Riyan Parag राजस्थान रॉयल्स के फुल-टाइम कप्तान के रूप में अपना पहला IPL मैच खेलेंगे। दूसरी ओर, चेन्नई की कप्तानी Ruturaj Gaikwad के हाथों में है, जिनसे टीम को मजबूत शुरुआत की उम्मीद होगी। धोनी नहीं खेलेंगे MS Dhoni चोट के कारण शुरुआती मैचों में उपलब्ध नहीं हैं, जिससे चेन्नई की टीम संयोजन में बदलाव देखने को मिल सकता है। मैच से जुड़ी जरूरी जानकारी मैच: राजस्थान रॉयल्स vs चेन्नई सुपर किंग्स तारीख: 30 मार्च 2026 स्थान: गुवाहाटी, बारसापारा क्रिकेट स्टेडियम समय: शाम 7:30 बजे (टॉस 7:00 बजे) लाइव कहां देखें? टीवी पर: स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क ऑनलाइन स्ट्रीमिंग: JioHotstar ऐप और वेबसाइट
IPL 2026 के रोमांचक मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को मुंबई इंडियंस के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, लेकिन मैच के बाद सबसे ज्यादा चर्चा कप्तान Ajinkya Rahane के मैदान छोड़ने को लेकर रही। शानदार बल्लेबाजी के बावजूद वह फील्डिंग के दौरान अचानक बाहर चले गए, जिससे फैंस हैरान रह गए। रहाणे ने खुद बताई वजह मैच के बाद रहाणे ने साफ किया कि उन्हें गंभीर क्रैंप्स (मांसपेशियों में ऐंठन) की समस्या हो गई थी। उन्होंने कहा, “मुझे काफी ज्यादा क्रैंप्स आ गए थे, जिसकी वजह से मैदान छोड़ना पड़ा। उम्मीद है कि मैं जल्द फिट होकर वापसी करूंगा।” कप्तानी पारी, लेकिन टीम को नहीं मिली जीत वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में KKR ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 220 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। इसमें रहाणे ने 40 गेंदों में 67 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि अंगकृष रघुवंशी ने भी 51 रन का अहम योगदान दिया। मुंबई इंडियंस ने आसान बनाया लक्ष्य 221 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए मुंबई इंडियंस ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। टीम के लिए Ryan Rickelton ने 81 रन और Rohit Sharma ने 78 रन बनाकर मैच को 19.1 ओवर में ही खत्म कर दिया। गेंदबाजी में KKR की कमजोरी आई सामने KKR के गेंदबाज इस बड़े स्कोर का बचाव करने में नाकाम रहे। टीम की ओर से वैभव अरोड़ा, कार्तिक त्यागी और सुनील नारायण को एक-एक विकेट मिला, लेकिन मुंबई के बल्लेबाजों के सामने यह नाकाफी साबित हुआ। रहाणे ने हार से क्या सीखा? मैच के बाद रहाणे ने कहा कि यह हार टीम के लिए सीखने का मौका है। उन्होंने माना कि 220-225 का स्कोर अच्छा था, लेकिन मुंबई के मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप के सामने यह भी कम पड़ गया।
चेन्नई, एजेंसियां। कैप्टन कूल एमएस धोनी फिलहाल IPL के मैच नहीं खेलेंगे। वह IPL 2026 के शुरुआती मुकाबलों से बाहर हो गए हैं। शनिवार 28 मार्च की सुबह चेन्नई सुपर किंग्स ने एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी। इस जानकारी के अनुसार धोनी को पैर की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया है। इस परेशानी के कारण धोनी कम से कम शुरुआती 2 हफ्तों तक क्रिकेट के मैदान से दूर रहेंगे। चेन्नई सुपर किंग्स को अब अपने अहम शुरुआती मैच उनके बिना ही खेलने होंगे। CSK ने दी धोनी के चोटिल होने की जानकारीः चेन्नई सुपर किंग्स की टीम ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर किया। टीम मैनेजमेंट ने अपने बयान में बताया कि एमएस धोनी की पिंडली में खिंचाव है और वह फिलहाल ठीक होने की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। इस कारण उन्हें कम से कम 2 हफ्तों तक आराम करना पड़ सकता है। टीम को पूरी उम्मीद है कि वह जल्दी ही फिट होकर वापस लौटेंगे, लेकिन शुरुआती मैचों में टीम को उनकी कमी बहुत खलेगी। धोनी का ना होना टीम के लिए एक बड़ी परेशानी बन सकता है। 3 मैचों से बाहर रहेंगे एमएस धोनी धोनी के 14 दिनों तक बाहर रहने का सीधा असर चेन्नई सुपर किंग्स के प्रदर्शन पर पड़ सकता है, क्योंकि वह कम से कम 3 मैच नहीं खेल पाएंगे। चेन्नई की टीम अपना पहला मैच 30 मार्च को गुवाहाटी में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेलेगी। इसके बाद टीम का दूसरा मुकाबला 3 अप्रैल को चेन्नई के घरेलू मैदान पर पंजाब किंग्स के साथ होना है। वहीं तीसरा मैच 5 अप्रैल को पिछले साल की चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ बेंगलुरु में खेला जाएगा। धोनी इन तीनों मैचों में टीम का हिस्सा नहीं बन सकेंगे। धोनी की कब हो सकती है मैदान पर वापसी? चेन्नई सुपर किंग्स के समर्थकों को अब धोनी की मैदान पर वापसी का बेसब्री से इंतजार है। मेडिकल टीम उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए हैय़ अगर धोनी 2 हफ्तों के आराम के बाद पूरी तरह फिट हो जाते हैं, तो उनकी वापसी 11 अप्रैल को हो सकती है। यह मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खेला जाना है। तब तक टीम के बाकी खिलाड़ियों को धोनी के मार्गदर्शन के बिना ही मैदान पर अपना अच्छा खेल दिखाना होगा। IPL में पहले भी रही है घुटने की परेशानीः एमएस धोनी के लिए अपनी फिटनेस को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती रहा है। वह पिछले 2 सीजन से अपने घुटने की चोट का सामना करते आ रहे हैं। कई मैचों के दौरान उन्हें घुटने पर पट्टी या आइसपैक लगाए हुए देखा गया था। साल 2024 के आईपीएल सीजन के बाद उन्होंने अपने घुटने का ऑपरेशन भी करवाया था। एमएस धोनी ने खुद भी यह एक साल में लगातार 10 महीने तक खुद को पूरी तरह फिट रख पाना उनके लिए काफी मुश्किल रहा है।
रांची। क्रिकेट के सबसे बड़े महाकुंभ IPL यानी Indian Premier League का आगाज़ 28 मार्च से होने जा रहा है। दुनिया की इस सबसे लोकप्रिय T20 लीग में इस बार झारखंड के छह खिलाड़ी अलग-अलग फ्रेंचाइजी टीमों की ओर से खेलते नजएंगे। अगर भारतीय क्रिकेट के दिग्गज महेंद्र सिंह धोनी को भी इसमें शामिल कर लिया जाए, तो यह संख्या सात हो जाती है। झारखंड के क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह किसी गर्व से कम नहीं कि राज्य के युवा खिलाड़ी विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। दुख की बात या रही इस बार भी IPL का कोई मुकाबला रांची में आयोजित नहीं होगा, जिससे स्थानीय क्रिकेट प्रेमियों में थोड़ी निराशा जरूर है। हालांकि, मैदान भले ही रांची को न मिला हो, लेकिन झारखंड के खिलाड़ियों की मौजूदगी इस सीजन को राज्य के लिए खास बना रही है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के बाद कई खिलाड़ियों को IPL में मौका मिला है और अब उनसे बड़ी उम्मीदें जुड़ी हैं। ईशान किशन इस सूची में सबसे पहला और सबसे बड़ा नाम है ईशान किशन का। इस बार वह सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते नजर आएंगे। ईशान किशन पर न सिर्फ झारखंड, बल्कि पूरे देश की निगाहें रहेंगी। हालिया फॉर्म को देखकर साफ है कि वह इस सीजन में बड़ा प्रभाव छोड़ सकते हैं।झारखंड को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में पहली बार खिताब दिलाने के बाद ईशान को सनराइजर्स हैदराबाद की कमान भी सौंपी गई है। पहले मुंबई इंडियंस के लिए खेल चुके ईशान का SRH के साथ यह दूसरा सीजन होगा। अनुकूल रॉय झारखंड के चाईबासा से खेलने वाले अनुकूल रॉय इस बार कोलकाता नाईट राइडर्स की ओर से खेलेंगे। बाएं हाथ के स्पिनर और बल्लेबाज अनुकूल रॉय ने अपनी अलग पहचान शानदार फील्डिंग और ऑलराउंड खेल से बनाई है।मुंबई इंडियंस और KKR दोनों टीमों के लिए खेलते हुए उन्होंने कई बेहतरीन कैच पकड़े हैं। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में वह मैन ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे। उन्होंने बल्ले से 303 रन और गेंद से 18 विकेट लेकर झारखंड की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई। ऐसे में इस बार IPL में उन्हें देखना काफी दिलचस्प रहेगा। रॉबिन मिंज झारखंड के विस्फोटक विकेटकीपर बल्लेबाज रॉबिन मिंज इस बार मुंबई इंडियंस का हिस्सा होंगे। “झारखंड के क्रिस गेल” कहे जाने वाले रॉबिन मिंज पर इस बार सबकी निगाहें रहेंगी। घरेलू क्रिकेट में उन्होंने कई बार अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से प्रभावित किया है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्होंने 166 के स्ट्राइक रेट से 166 रन बनाए और अंतिम ओवरों में बड़े शॉट लगाकर टीम को मजबूती दी। कुमार कुशाग्र कुमार कुशाग्र इस बार गुजरात टाइटंस की ओर से खेलेंगे। क्लासिक बल्लेबाजी शैली के लिए पहचाने जाने वाले कुशाग्र ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्होंने 422 रन 161 की स्ट्राइक रेट से बनाए और झारखंड को ट्रॉफी जिताने में सबसे अहम भूमिका निभाई। इस बार गुजरात टाइटंस उन्हें ज्यादा मौके दे सकती है। सुशांत मिश्रा झारखंड के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सुशांत मिश्रा इस बार राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलेंगे। सुशांत अपनी तीखी बाउंसर और तेज गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्होंने 22 विकेट लेकर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज के रूप में पहचान बनाई। पहले वह SRH कैंप का हिस्सा रह चुके हैं, लेकिन अब राजस्थान रॉयल्स के साथ उनके लिए नया मौका है। अमित कुमार रांची के उभरते स्पिनर अमित कुमार का यह पहला IPL सीजन होगा। उन्हें भी सनराइजर्स हैदराबाद में जगह मिली है। अमित कुमार ने अंडर-23 और एज ग्रुप क्रिकेट में अपनी फिरकी से काफी प्रभावित किया है। भले ही इस बार उन्हें तुरंत डेब्यू का मौका न मिले, लेकिन यह मंच उनके लिए सीखने और खुद को निखारने का बड़ा अवसर साबित हो सकता है। धोनी अब भी झारखंड की पहचान का सबसे बड़ा चेहरा जब भी झारखंड और क्रिकेट की बात होती है, तो महेंद्र सिंह धोनी का नाम सबसे ऊपर आता है। IPL 2026 में उनकी मौजूदगी झारखंड के क्रिकेट प्रेमियों के लिए अब भी सबसे बड़ा आकर्षण बनी हुई है। धोनी को जोड़ने पर राज्य के खिलाड़ियों की संख्या सात हो जाती है, जो अपने आप में झारखंड क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि है। IPL 2026 झारखंड के लिए सिर्फ एक क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं, बल्कि राज्य की प्रतिभा, मेहनत और सपनों का मंच है। ईशान किशन से लेकर अमित कुमार तक हर खिलाड़ी अपने साथ झारखंड की उम्मीदें लेकर मैदान में उतरेगा।
स्पेनिश फुटबॉल दिग्गज Real Madrid इस समय मैदान के प्रदर्शन से ज्यादा मेडिकल मैनेजमेंट को लेकर विवादों में घिर गया है। क्लब के स्टार खिलाड़ी Kylian Mbappe को लेकर सामने आई रिपोर्ट ने पूरे फुटबॉल जगत में हलचल मचा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, क्लब की मेडिकल टीम की एक बड़ी चूक के कारण एमबाप्पे को चोटिल घुटने के बावजूद खेलने की अनुमति दे दी गई, जिससे उनकी चोट और गंभीर हो गई। क्या हुई बड़ी गलती? दिसंबर 2025 में एमबाप्पे को घुटने में चोट लगी थी। लेकिन जांच के दौरान कथित तौर पर डॉक्टरों ने उनके गलत घुटने (राइट नी) का MRI स्कैन कर दिया, जबकि चोट लेफ्ट नी में थी। स्कैन में कोई समस्या नहीं दिखी खिलाड़ी को खेलने की अनुमति दे दी गई एमबाप्पे ने तीन मैच खेले इस दौरान चोट और बिगड़ गई बाद में जब सही जांच हुई, तो लेफ्ट नी के लिगामेंट में आंशिक चोट का पता चला। खिलाड़ी की नाराजगी और असर इस घटना के सामने आने के बाद Kylian Mbappe कथित तौर पर काफी नाराज हुए। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस घटना ने उनके निजी मेडिकल स्टाफ में बदलाव के फैसले को भी प्रभावित किया। हालांकि, सार्वजनिक रूप से एमबाप्पे ने कहा कि उनकी फिटनेस अब बेहतर है और वे पूरी तरह ठीक होने की ओर बढ़ रहे हैं। क्लब पर बढ़ता दबाव इस घटना के बाद Real Madrid की मेडिकल टीम पर सवाल उठने लगे हैं। हाल के समय में कई खिलाड़ियों की चोट मेडिकल स्टाफ में बार-बार बदलाव टीम के प्रदर्शन पर असर इन सबने क्लब के मैनेजमेंट को कठघरे में खड़ा कर दिया है। AI के इस्तेमाल पर भी उठे सवाल विवाद तब और गहरा गया जब पूर्व न्यूट्रिशनिस्ट ने आरोप लगाया कि क्लब का स्टाफ सप्लीमेंट्स के लिए AI टूल्स, जैसे ChatGPT, की मदद ले रहा था। इससे प्रोफेशनल स्टैंडर्ड और मेडिकल प्रोटोकॉल पर भी बहस शुरू हो गई है। अहम समय पर बढ़ी मुश्किलें यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब: टीम FC Barcelona से लीग में पीछे चल रही है Bayern Munich के खिलाफ चैंपियंस लीग मुकाबला सामने है ऐसे में यह मामला टीम के मनोबल और प्रदर्शन दोनों पर असर डाल सकता है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।