फुटबॉल

Argentina vs Spain
FIFA World Cup 2026: किसके सिर सजेगा ताज? स्पेन या अर्जेंटीना

नई दिल्ली, एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। 48 टीमों के साथ शुरू हुए इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का खिताबी मुकाबला अब स्पेन और अर्जेंटीना के बीच खेला जाएगा। एक ओर मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतकर इतिहास रचने की कोशिश करेगा, वहीं स्पेन 2010 के बाद पहली बार विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम करने के इरादे से मैदान में उतरेगा।   दोनों टीमों ने शानदार प्रदर्शन कर बनाई फाइनल में जगह स्पेन ने सेमीफाइनल में फ्रांस को हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया। टीम ने 16 साल बाद विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई है और अब दूसरे विश्व खिताब से केवल एक जीत दूर है। दूसरी ओर अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को मात देकर लगातार दूसरी बार फाइनल में प्रवेश किया। टीम की उम्मीदें एक बार फिर कप्तान लियोनेल मेसी पर टिकी होंगी, जबकि स्पेन की ओर से युवा स्टार लामिन यामाल सबसे बड़े आकर्षण होंगे।   कब और कहां खेला जाएगा फाइनल? फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल भारतीय समयानुसार 20 जुलाई की देर रात 12:30 बजे शुरू होगा। यह मुकाबला न्यूयॉर्क के न्यूजर्सी स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां दुनिया भर के करोड़ों फुटबॉल प्रशंसकों की नजरें टिकी रहेंगी।   भारत में कहां देखें लाइव मुकाबला? भारतीय दर्शक इस महामुकाबले का आनंद टीवी और डिजिटल दोनों माध्यमों पर ले सकेंगे। डिजिटल स्ट्रीमिंग ZEE5 पर उपलब्ध होगी, जिसके लिए सक्रिय सब्सक्रिप्शन आवश्यक होगा। वहीं Jio यूजर्स JioTV ऐप पर DD Sports की फीड के जरिए मैच देख सकेंगे। टीवी पर मुकाबले का सीधा प्रसारण DD Sports, Unite8 Sports और Unite8 Sports HD चैनलों पर किया जाएगा।   फुटबॉल प्रेमियों के लिए यह मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। एक तरफ अनुभव से भरपूर अर्जेंटीना है, तो दूसरी ओर युवा जोश और आक्रामक खेल के दम पर फाइनल तक पहुंची स्पेन की टीम। ऐसे में विश्व फुटबॉल को नया चैंपियन मिलेगा या अर्जेंटीना अपना ताज बचाएगा, इसका फैसला मैदान पर होगा।

abhishek singh जुलाई 17, 2026 0
Spain players celebrate after defeating France 2-0 to reach the FIFA World Cup 2026 final with a historic clean-sheet record.
FIFA World Cup 2026: स्पेन ने रचा 96 साल का इतिहास, फ्रांस को 2-0 से हराकर फाइनल में बनाई जगह, छह क्लीन शीट का अनोखा रिकॉर्ड

2026 फीफा विश्व कप के पहले सेमीफाइनल में स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फ्रांस को 2-0 से हराकर फाइनल में जगह बना ली। इस जीत के साथ स्पेन ने सिर्फ 16 साल बाद विश्व कप फाइनल में वापसी ही नहीं की, बल्कि 96 साल के विश्व कप इतिहास में ऐसा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया, जो आज तक कोई भी टीम नहीं बना सकी थी। स्पेन ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी मजबूत रक्षा पंक्ति और अनुशासित खेल का शानदार प्रदर्शन किया। यही कारण रहा कि फ्रांस जैसी मजबूत टीम भी स्पेन के डिफेंस को भेदने में पूरी तरह नाकाम रही। 96 साल में पहली बार बना यह रिकॉर्ड स्पेन एक ही फीफा विश्व कप में छह क्लीन शीट दर्ज करने वाली पहली टीम बन गई है। फ्रांस के खिलाफ सेमीफाइनल में मिकेल ओयार्जाबेल और पेड्रो पोरो के गोलों ने जीत सुनिश्चित की, लेकिन मैच की सबसे बड़ी ताकत स्पेन की मजबूत डिफेंस और गोलकीपर उनाई सिमोन का बेहतरीन प्रदर्शन रहा। पूरे टूर्नामेंट में स्पेन ने सात मुकाबलों में केवल एक गोल खाया, जबकि छह मैचों में विरोधी टीम एक भी गोल नहीं कर सकी। एम्बाप्पे समेत फ्रांस के स्टार खिलाड़ी रहे बेअसर किलियन एम्बाप्पे, माइकल ओलिसे और फ्रांस की आक्रामक लाइन से बड़े प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन स्पेन की रणनीतिक डिफेंस ने उन्हें खुलकर खेलने का मौका ही नहीं दिया। पूरे मुकाबले में फ्रांस लय हासिल नहीं कर सका और सेमीफाइनल से बाहर हो गया। टूटा पुराना विश्व रिकॉर्ड इससे पहले एक विश्व कप संस्करण में सबसे अधिक पांच क्लीन शीट का रिकॉर्ड नीदरलैंड्स (1974), इटली (1990), ब्राजील (1994), फ्रांस (1998) और स्पेन (2010) के नाम दर्ज था। अब स्पेन ने छह क्लीन शीट के साथ यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। 44 साल बाद दोहराया गया खास कारनामा मौजूदा यूरो चैंपियन स्पेन अब विश्व कप फाइनल में पहुंचने वाली दूसरी टीम बन गई है, जिसने यूरो चैंपियन रहते हुए लगातार दूसरी बार विश्व कप फाइनल में जगह बनाई है। इससे पहले यह उपलब्धि वेस्ट जर्मनी ने 1974 और 1982 में हासिल की थी। स्पेन ने 2008 यूरो जीतने के बाद 2010 विश्व कप जीता था और अब यूरो 2024 चैंपियन रहते हुए 2026 विश्व कप के फाइनल में पहुंच गया है। लगातार 37 मैचों से अजेय स्पेन स्पेन की यह जीत लगातार 37वां अजेय मुकाबला भी रही। टीम ने इस मामले में इटली के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। यदि स्पेन फाइनल मुकाबला जीतता है, तो वह लगातार 38 मैचों तक अजेय रहने वाली पहली राष्ट्रीय फुटबॉल टीम बन जाएगी। फ्रांस के लिए निराशाजनक रिकॉर्ड फ्रांस के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही। 1986 विश्व कप में वेस्ट जर्मनी से 0-2 की हार के बाद यह नॉकआउट चरण में उसकी सबसे बड़ी हार मानी जा रही है। सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबले में फ्रांस का आक्रमण पूरी तरह स्पेन के डिफेंस के सामने बेअसर साबित हुआ। हार के बाद फ्रांस में उठे सवाल सेमीफाइनल में हार के बाद फ्रांसीसी मीडिया और कई पूर्व खिलाड़ियों ने टीम की रणनीति और प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने भी स्वीकार किया कि टीम से सामरिक और तकनीकी स्तर पर कई गलतियां हुईं, जिनका फायदा स्पेन ने पूरी तरह उठाया। क्या खत्म होने वाला है डिडिएर डेशॉम्प्स का दौर? फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेशॉम्प्स के भविष्य को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। उनके नेतृत्व में फ्रांस ने 2018 में विश्व कप जीता, 2022 में फाइनल खेला और 2026 में सेमीफाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि स्पेन के खिलाफ मिली हार के बाद अब उनके भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं। अब स्पेन की नजर 19 जुलाई को होने वाले विश्व कप फाइनल पर है। यदि टीम खिताब जीतने में सफल रहती है तो वह न केवल विश्व चैंपियन बनेगी, बल्कि कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज करेगी। फिलहाल स्पेन ने यह साबित कर दिया है कि फुटबॉल में मजबूत रक्षा पंक्ति भी उतनी ही अहम होती है जितना शानदार आक्रमण।  

surbhi जुलाई 16, 2026 0
Messi World Cup Final
मेसी की टीम लगातार दूसरी बार विश्व कप फाइनल में, अब स्पेन से होगी खिताबी भिड़ंत

नई दिल्ली, एजेंसियां। लियोनेल मेसी की अगुआई वाली अर्जेंटीना ने फीफा विश्व कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 2-1 से हराकर लगातार दूसरी बार और कुल सातवीं बार विश्व कप फाइनल में जगह बना ली। मैच के अंतिम सात मिनट में शानदार वापसी करते हुए अर्जेंटीना ने हार के मुहाने से जीत छीन ली। अब खिताबी मुकाबले में उसका सामना स्पेन से होगा, जबकि इंग्लैंड तीसरे स्थान के लिए फ्रांस के खिलाफ खेलेगा।   अंतिम मिनटों में बदली मैच की तस्वीर दूसरे हाफ में इंग्लैंड ने एंथोनी गॉर्डन के गोल की बदौलत 1-0 की बढ़त बना ली थी और टीम जीत की ओर बढ़ती नजर आ रही थी। हालांकि अर्जेंटीना ने दबाव बनाए रखा और अंतिम सात मिनट में मुकाबले का रुख पलट दिया। पहले एंजो फर्नांडेज ने बराबरी का गोल दागा, फिर इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में लाउतारो मार्टिनेज ने विजयी गोल कर इंग्लैंड की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। मेसी भले ही गोल नहीं कर सके, लेकिन दोनों गोल की शुरुआत में उनकी अहम भूमिका रही।   पहले हाफ में बराबरी की टक्कर मैच की शुरुआत दोनों टीमों ने आक्रामक लेकिन सतर्क अंदाज में की। शुरुआती 20 मिनट तक अर्जेंटीना ने गेंद पर ज्यादा नियंत्रण रखा, जबकि इंग्लैंड ने मजबूत रक्षापंक्ति के सहारे उसे मौके बनाने से रोके रखा। पहले हाफ में कई फाउल हुए, लेकिन कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं रही।   दोनों टीमों में हुए बदलाव इंग्लैंड के कोच थॉमस ट्यूशेल ने शुरुआती एकादश में तीन बदलाव करते हुए रीस जेम्स, जेड स्पेंस और मोर्गन रोजर्स को मौका दिया। दूसरी ओर अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी ने रोड्रिगो डी पॉल की जगह जूलियानो सिमियोने को टीम में शामिल किया। मुकाबले के दौरान कई कड़े टैकल देखने को मिले और दोनों टीमों के खिलाड़ियों को येलो कार्ड भी मिले, लेकिन निर्णायक क्षणों में अर्जेंटीना ने बेहतर संयम और आक्रामकता दिखाते हुए यादगार जीत दर्ज की।

anjali kumari जुलाई 16, 2026 0
Spain players celebrate after defeating France 2-0 to qualify for the FIFA World Cup 2026 Final in Dallas.
फीफा वर्ल्ड कप 2026: एम्बाप्पे रहे बेअसर, 16 साल बाद फाइनल में पहुंचा स्पेन; फ्रांस को 2-0 से हराया

डलास: फीफा विश्व कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में स्पेन ने दमदार प्रदर्शन करते हुए फ्रांस को 2-0 से शिकस्त देकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। पूरे मुकाबले में स्पेन ने आक्रामक और अनुशासित खेल का बेहतरीन संतुलन दिखाया, जबकि किलियन एम्बाप्पे की अगुआई वाली फ्रांसीसी टीम लगातार संघर्ष करने के बावजूद गोल करने में नाकाम रही। इस जीत के साथ स्पेन ने 2010 के बाद पहली बार विश्व कप फाइनल में प्रवेश किया और अब वह 16 साल बाद दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने से सिर्फ एक कदम दूर है। शुरुआत से ही स्पेन ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखा और फ्रांस की रक्षापंक्ति पर लगातार दबाव बनाया। स्पेन की तेज पासिंग और सामूहिक खेल के सामने फ्रांस की टीम लय में नजर नहीं आई। दूसरी ओर, एम्बाप्पे को स्पेनिश डिफेंडरों ने पूरे मैच में खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। पेनल्टी से मिली शुरुआती बढ़त मैच का पहला बड़ा मौका 22वें मिनट में आया, जब स्पेन को पेनल्टी मिली। इस मौके को मिकेल ओयरजाबल ने बिना कोई गलती किए शानदार अंदाज में गोल में बदल दिया। उन्होंने गोलकीपर को गलत दिशा में भेजते हुए गेंद को नेट में पहुंचाया और स्पेन को 1-0 की अहम बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद स्पेन का आत्मविश्वास और बढ़ गया। टीम ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और फ्रांस के हमलों को बीच मैदान में ही रोकने की रणनीति अपनाई। फ्रांस ने बराबरी करने की कोशिश जरूर की, लेकिन उसके हमलों में धार की कमी साफ दिखाई दी। पहले हाफ में स्पेन का रहा दबदबा हाफ टाइम तक स्पेन 1-0 से आगे था। फ्रांस ने कुछ मौके जरूर बनाए, लेकिन स्पेन की मजबूत रक्षापंक्ति और गोलकीपर ने हर चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया। एम्बाप्पे और फ्रांस के अन्य स्टार खिलाड़ी स्पेनिश डिफेंस को भेदने में असफल रहे। स्पेन ने पहले हाफ में न सिर्फ बढ़त हासिल की, बल्कि खेल की रफ्तार पर भी अपना नियंत्रण बनाए रखा। मिडफील्ड में उसकी पकड़ ने फ्रांस को खुलकर खेलने का अवसर नहीं दिया। पेड्रो पोरो ने जीत पर लगाई मुहर दूसरे हाफ की शुरुआत भी स्पेन ने आक्रामक अंदाज में की। 58वें मिनट में पेड्रो पोरो ने शानदार गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया। इस गोल ने फ्रांस की वापसी की उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया। इसके बाद फ्रांस ने आक्रमण तेज करने की कोशिश की, लेकिन स्पेन की रक्षापंक्ति ने कोई बड़ी गलती नहीं की। स्पेन ने संयमित खेल दिखाते हुए गेंद पर कब्जा बनाए रखा और मैच के अंतिम मिनटों तक फ्रांस को कोई स्पष्ट गोल करने का मौका नहीं दिया। एम्बाप्पे का जादू नहीं चला पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाले किलियन एम्बाप्पे इस बड़े मुकाबले में अपना प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं रहे। स्पेन के डिफेंडरों ने उन्हें लगातार मार्क किया और खतरनाक मूव बनाने का मौका नहीं दिया। फ्रांस के अन्य स्टार खिलाड़ी भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। 16 साल बाद फिर विश्व कप फाइनल में स्पेन इस शानदार जीत के साथ स्पेन ने 2010 के बाद पहली बार फीफा विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई है। अब उसकी नजर 16 साल बाद दूसरी बार विश्व कप ट्रॉफी जीतने पर होगी। दूसरी ओर, फ्रांस का लगातार दूसरा विश्व कप जीतने का सपना सेमीफाइनल में ही समाप्त हो गया। स्पेन के लिए यह जीत केवल फाइनल का टिकट नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की टीम के आत्मविश्वास और शानदार सामूहिक प्रदर्शन का भी बड़ा प्रमाण है।  

surbhi जुलाई 15, 2026 0
Argentina football team and Lionel Messi facing intense competition as fans debate their FIFA World Cup 2026 journey.
FIFA World Cup 2026: आखिर क्यों अब अर्जेंटीना की हार देखना चाहता है फुटबॉल जगत? जानिए बदलती सोच की वजह

एक समय था जब पूरी दुनिया लियोनेल मेसी को विश्व कप जीतते देखना चाहती थी। लेकिन आज हालात बदल चुके हैं। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना के मैदान पर उतरते ही बड़ी संख्या में फुटबॉल प्रशंसक उसकी हार की कामना करते नजर आते हैं। सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? विशेषज्ञों का मानना है कि अर्जेंटीना के खिलाफ बढ़ती आलोचना का सबसे बड़ा कारण उसकी लगातार मिल रही सफलता है। फुटबॉल में अक्सर अंडरडॉग टीमों को समर्थन मिलता है, लेकिन जब वही टीम लगातार खिताब जीतने लगती है तो उसके विरोधियों की संख्या भी बढ़ जाती है। मेसी की अधूरी कहानी से विश्व विजेता बनने तक कई वर्षों तक लियोनेल मेसी को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी माना गया, लेकिन उनके नाम विश्व कप नहीं होने की बात हमेशा चर्चा में रहती थी। 2014 विश्व कप फाइनल में जर्मनी से हार, फिर 2015 और 2016 कोपा अमेरिका फाइनल में लगातार हार ने मेसी और अर्जेंटीना के प्रति दुनिया की सहानुभूति और बढ़ा दी थी। यहां तक कि जब मेसी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने का फैसला किया था, तब विरोधी टीमों के प्रशंसकों ने भी उनकी वापसी की अपील की थी। लेकिन इसके बाद तस्वीर पूरी तरह बदल गई। 2021 में कोपा अमेरिका 2022 में फाइनलिसिमा 2022 फीफा विश्व कप जैसे बड़े खिताब जीतकर अर्जेंटीना ने दुनिया की सबसे सफल टीमों में फिर से अपनी जगह बना ली। सफलता के साथ बढ़ी आलोचना विश्व कप जीतने के बाद अर्जेंटीना की हर बड़ी जीत पर सवाल उठने लगे। कतर विश्व कप के दौरान मिले पेनल्टी फैसलों को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार बहस होती रही। कई लोगों ने रेफरी के फैसलों पर सवाल उठाए और VAR से जुड़े निर्णयों को लेकर भी विवाद खड़े किए। हालांकि फुटबॉल इतिहास में लगभग हर विश्व चैंपियन टीम किसी न किसी विवाद का हिस्सा रही है, लेकिन अर्जेंटीना की जीतों पर अपेक्षाकृत अधिक चर्चा देखने को मिली। एमिलियानो मार्टिनेज भी बने विवादों का केंद्र अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज भी अक्सर अपने जश्न और व्यवहार को लेकर चर्चा में रहते हैं। उनका आत्मविश्वास और विरोधी खिलाड़ियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की शैली कई प्रशंसकों को पसंद आती है, जबकि कई लोग इसे खेल भावना के खिलाफ मानते हैं। विश्लेषकों का कहना है कि फुटबॉल में पहले भी कई बड़े खिलाड़ियों और कोचों ने इसी तरह का आक्रामक रवैया अपनाया है, लेकिन अर्जेंटीना के खिलाड़ियों को लेकर प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत अधिक तीखी दिखाई देती है। आलोचना और जिम्मेदारी दोनों जरूरी हालांकि अर्जेंटीना पूरी तरह आलोचना से परे नहीं है। 2024 कोपा अमेरिका के बाद कुछ खिलाड़ियों पर नस्लभेदी नारे लगाने के आरोप लगे थे, जिसकी दुनिया भर में आलोचना हुई थी। इस मामले में जांच भी शुरू की गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी विशेष घटना में शामिल खिलाड़ियों की आलोचना होना उचित है, लेकिन पूरी टीम या उसके समर्थकों को उसी नजरिए से देखना सही नहीं माना जा सकता। अब अंडरडॉग नहीं, सबसे बड़ी चुनौती है अर्जेंटीना फुटबॉल में प्रशंसक अक्सर उन टीमों का समर्थन करते हैं जो लंबे समय से खिताब जीतने का इंतजार कर रही हों। लेकिन अर्जेंटीना अब उस श्रेणी में नहीं आता। मौजूदा विश्व चैंपियन होने के कारण वह हर टूर्नामेंट में सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल रहता है। इंग्लैंड, फ्रांस और स्पेन जैसी टीमें अपना सपना पूरा करना चाहती हैं, लेकिन उनके रास्ते में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक अर्जेंटीना है। यही वजह है कि अब कई फुटबॉल प्रेमी अर्जेंटीना को हराने वाली टीम का समर्थन करते दिखाई देते हैं। चैंपियन बनने की यही है कीमत खेल विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी टीम के लिए लगातार सफलता अपने साथ नई चुनौतियां भी लेकर आती है। जब कोई टीम संघर्ष कर रही होती है तो उसे सहानुभूति मिलती है, लेकिन जब वही टीम बार-बार ट्रॉफी जीतने लगती है तो उस पर सवाल भी बढ़ने लगते हैं। अर्जेंटीना की मौजूदा स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। कभी जिसे पूरी दुनिया मेसी के लिए विश्व कप जीतते देखना चाहती थी, आज उसी टीम को हराने की उम्मीद कई प्रशंसक कर रहे हैं। यही सफल चैंपियन बनने की सबसे बड़ी कीमत भी मानी जाती है।  

surbhi जुलाई 14, 2026 0
Lamine Yamal speaking at FIFA World Cup 2026 press conference with a message against racism and for football unity.
FIFA World Cup 2026: 19वें जन्मदिन पर Lamine Yamal का नस्लवाद के खिलाफ बड़ा संदेश, कहा- 'फुटबॉल लोगों को जोड़ने के लिए है'

स्पेन के युवा फुटबॉल स्टार लामिन यामाल ने अपने 19वें जन्मदिन पर सिर्फ हीरों से जड़ा नेकलेस पहनकर ही सुर्खियां नहीं बटोरीं, बल्कि नस्लवाद और विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ एक मजबूत संदेश देकर भी सबका ध्यान खींचा। फ्रांस के खिलाफ फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यामाल ने कहा कि फुटबॉल का असली उद्देश्य लोगों को जोड़ना है, न कि उन्हें बांटना। जन्मदिन पर खुद को दिया खास तोहफा सेमीफाइनल मुकाबले से एक दिन पहले टेक्सास में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यामाल व्हाइट गोल्ड और डायमंड से बने शानदार नेकलेस के साथ पहुंचे। जब उनसे पूछा गया कि यह जन्मदिन का उपहार किसने दिया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि यह किसी और का नहीं, बल्कि खुद का दिया हुआ गिफ्ट है। यामाल ने कहा, "यह मुझे किसी ने गिफ्ट नहीं किया। मैंने इसे खुद खरीदा है। यह मेरी तरफ से मेरे लिए तोहफा है।" उनका यह जवाब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गया। नस्लवाद पर दिया एकता का संदेश प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यामाल से हाल ही में फ्रांस की बहुसांस्कृतिक टीम को लेकर उठे राजनीतिक विवाद पर सवाल पूछा गया। हाल ही में स्पेन के पूर्व प्रधानमंत्री मारियानो राजोय की एक टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया था, जिसमें फ्रांस की टीम की विविधता पर सवाल उठाए गए थे। इस पर यामाल ने बिना किसी विवाद को बढ़ाए बेहद संतुलित जवाब दिया। उन्होंने कहा कि फुटबॉल का मकसद लोगों को एकजुट करना है। फ्रांस और स्पेन दोनों अलग-अलग संस्कृतियों और समुदायों के एकीकरण की मिसाल हैं। ऐसे में किसी की टिप्पणी पर चर्चा करने से ज्यादा जरूरी यह है कि खेल लोगों को जोड़ने का काम करे। विविधता की मिसाल हैं यामाल लामिन यामाल खुद भी विविध सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आते हैं। उनके पिता मोरक्को से हैं, जबकि उनकी मां इक्वेटोरियल गिनी मूल की हैं। ऐसे में उनका बयान आधुनिक और समावेशी समाज की सोच को दर्शाता है। छोटे भाई की वायरल लोकप्रियता पर भी बोले यामाल ने अपने छोटे भाई केयने का भी जिक्र किया, जो स्पेन के मैचों के दौरान स्टेडियम में अपनी मस्तीभरी हरकतों की वजह से सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हो चुके हैं। उन्होंने हंसते हुए कहा कि उनके भाई को खुद भी नहीं पता कि वह इंटरनेट पर वायरल हो चुके हैं। कैमरा देखते ही वह वही शरारतें करते हैं जो घर पर करते हैं और उन्हें टीवी पर देखकर उन्हें भी खुशी होती है। गोल नहीं, टीम की जीत ज्यादा अहम पूरे टूर्नामेंट में अब तक सिर्फ एक गोल करने को लेकर पूछे गए सवाल पर भी यामाल बिल्कुल शांत नजर आए। उन्होंने कहा कि हर टूर्नामेंट अलग होता है और उनके लिए व्यक्तिगत आंकड़ों से ज्यादा महत्वपूर्ण टीम की सफलता है। यामाल का कहना था कि जब तक स्पेन जीत रहा है, उन्हें अपने गोलों की संख्या की चिंता नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि टीम आगे बढ़ेगी और उन्हें गोल करने के और अवसर मिलेंगे। फ्रांस के खिलाफ रोमांचक मुकाबले की उम्मीद स्पेन और फ्रांस के बीच होने वाले सेमीफाइनल को लेकर यामाल ने कहा कि दोनों टीमें आक्रमण और बचाव में मजबूत हैं, इसलिए मुकाबला बेहद संतुलित और रोमांचक रहने वाला है। उनके अनुसार यह वही मैच है जिसका दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसक लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। मैदान के बाहर भी दिखी परिपक्व सोच महज 19 साल की उम्र में यामाल ने जिस आत्मविश्वास और परिपक्वता के साथ नस्लवाद, राजनीति और खेल की भूमिका पर अपनी बात रखी, उसने यह साफ कर दिया कि वह केवल मैदान पर ही नहीं, बल्कि मैदान के बाहर भी नई पीढ़ी के प्रभावशाली खिलाड़ियों में शामिल हो चुके हैं।  

surbhi जुलाई 14, 2026 0
Kylian Mbappe and Lamine Yamal ahead of the FIFA World Cup 2026 semifinal between France and Spain.
FIFA World Cup 2026: फ्रांस और स्पेन के बीच सेमीफाइनल महामुकाबला आज, Mbappe और Yamal पर रहेंगी सबकी नजरें

FIFA World Cup 2026 का पहला सेमीफाइनल फुटबॉल प्रशंसकों के लिए किसी महायुद्ध से कम नहीं होने वाला है। मौजूदा टूर्नामेंट की दो सबसे मजबूत टीमों फ्रांस और स्पेन का आमना-सामना आज अमेरिका के टेक्सास स्थित डलास स्टेडियम में होगा। इस मुकाबले की विजेता टीम सीधे विश्व कप फाइनल में अपनी जगह पक्की करेगी। यह मुकाबला केवल दो टीमों के बीच नहीं, बल्कि दो अलग-अलग फुटबॉल शैलियों की भी टक्कर माना जा रहा है। एक ओर फ्रांस की तेज़ और आक्रामक खेल शैली है, तो दूसरी ओर स्पेन का गेंद पर नियंत्रण और संयमित खेल। Mbappe बनाम Yamal पर टिकी रहेंगी निगाहें सेमीफाइनल का सबसे बड़ा आकर्षण फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे और स्पेन के युवा सनसनी लामिन यामाल होंगे। एम्बाप्पे इस विश्व कप में शानदार फॉर्म में हैं और अब तक 8 गोल और 3 असिस्ट के साथ गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं। वहीं 18 वर्षीय यामाल अपने शानदार प्रदर्शन से स्पेन को लगातार जीत दिलाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। फुटबॉल विशेषज्ञ इस मुकाबले को मौजूदा दौर के सुपरस्टार और भविष्य के सबसे बड़े सितारे के बीच की भिड़ंत भी मान रहे हैं। फ्रांस की ताकत है तेज़ आक्रमण कोच डिडिएर डेशां की टीम पूरे टूर्नामेंट में अपनी तेज़ काउंटर अटैक रणनीति के लिए जानी गई है। टीम के पास एम्बाप्पे के अलावा- उस्मान डेम्बेले माइकल ओलिसे डिज़िरे डुए जैसे आक्रामक खिलाड़ी मौजूद हैं, जो कुछ ही मिनटों में मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। फ्रांस गेंद पर लंबे समय तक कब्जा रखने की बजाय मौके मिलने पर तेज़ हमले करना पसंद करता है। स्पेन का मजबूत डिफेंस और मिडफील्ड दूसरी ओर स्पेन ने पूरे टूर्नामेंट में संतुलित प्रदर्शन किया है। टीम के मिडफील्ड में- रोड्री पेड्री ने खेल की गति को नियंत्रित किया है, जबकि डिफेंस में- आयमेरिक लापोर्ट पाउ कुबार्सी मार्क कुकुरेला की तिकड़ी विपक्षी टीमों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। स्पेन ने पूरे टूर्नामेंट में अब तक केवल एक गोल ही खाया है। हेड-टू-हेड रिकॉर्ड अब तक दोनों टीमों के बीच कुल 38 मुकाबले खेले गए हैं। स्पेन की जीत: 18 फ्रांस की जीत: 13 ड्रॉ: 7 हाल के वर्षों में स्पेन का पलड़ा भारी रहा है। उसने फ्रांस को यूरो 2024 और पिछले वर्ष UEFA Nations League सेमीफाइनल में भी हराया था। मैच का फैसला कहां हो सकता है? विशेषज्ञों का मानना है कि मुकाबले का परिणाम केवल एम्बाप्पे या यामाल के प्रदर्शन पर निर्भर नहीं करेगा। यदि स्पेन के रोड्री और पेड्री मिडफील्ड पर नियंत्रण बनाए रखने में सफल रहते हैं, तो मैच उनकी गति के अनुसार आगे बढ़ सकता है। वहीं यदि फ्रांस गेंद छीनकर तेज़ काउंटर अटैक करने में सफल रहता है, तो एम्बाप्पे और उनके साथी खिलाड़ी स्पेन के डिफेंस को मुश्किल में डाल सकते हैं। दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग इलेवन फ्रांस (4-2-3-1) माइक मेग्नां; जूल्स कुंडे, दायो उपामेकानो, विलियम सलीबा, लुकास डिग्ने; औरेलियन त्चौमेनी, एड्रियन राबियो; उस्मान डेम्बेले, माइकल ओलिसे, डिज़िरे डुए; किलियन एम्बाप्पे। स्पेन (4-3-3) उनाई सिमोन; पेड्रो पोरो, आयमेरिक लापोर्ट, पाउ कुबार्सी, मार्क कुकुरेला; मार्टिन जुबिमेंडी, रोड्री, पेड्री; लामिन यामाल, मिकेल ओयारजाबाल, निको विलियम्स। भारत में कब और कहां देखें मैच? फ्रांस और स्पेन के बीच FIFA World Cup 2026 का पहला सेमीफाइनल भारतीय समयानुसार 15 जुलाई को रात 12:30 बजे शुरू होगा। मैच का सीधा प्रसारण Unite8 Sports पर देखा जा सकेगा, जबकि लाइव स्ट्रीमिंग ZEE5 ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी। फाइनल की दौड़ में कौन मारेगा बाजी? फ्रांस लगातार तीसरी बार विश्व कप फाइनल में पहुंचने का इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरेगा। वहीं स्पेन 2010 के बाद पहली बार विश्व कप फाइनल में जगह बनाने की कोशिश करेगा। ऐसे में दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला टूर्नामेंट का सबसे रोमांचक मैच साबित हो सकता है।  

surbhi जुलाई 14, 2026 0
Argentina vs Switzerland
अर्जेंटीना का दमदार प्रदर्शन, स्विट्जरलैंड को हराकर सेमीफाइनल में  इंग्लैंड से होगा भिड़ंत

मुंबई, एजेंसियां। FIFA वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्विट्जरलैंड को 3-1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली।निर्धारित 90 मिनट तक मुकाबला 1-1 की बराबरी पर रहा, जिसके बाद मैच एक्स्ट्रा टाइम में पहुंचा। अतिरिक्त समय में अर्जेंटीना ने अपने अनुभव और आक्रामक खेल का परिचय देते हुए दो गोल दागे और जीत अपने नाम कर ली।   मैच की शुरुआत  मैच की शुरुआत से ही अर्जेंटीना ने दबाव बनाया। 10वें मिनट में एलेक्सिस मैक एलिस्टर ने शानदार हेडर के जरिए टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई। हालांकि स्विट्जरलैंड ने वापसी करते हुए स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। दूसरे हाफ में स्विट्जरलैंड को रेड कार्ड मिलने के बाद उसे 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा, लेकिन टीम ने मुकाबले को एक्स्ट्रा टाइम तक खींचने में सफलता हासिल की।   अतिरिक्त समय में अर्जेंटीना की आक्रामक रणनीति रंग लाई। जूलियन अल्वारेज और लॉटारो मार्टिनेज ने निर्णायक गोल कर टीम को 3-1 की यादगार जीत दिलाई। इस जीत के साथ अर्जेंटीना ने लगातार 15वें विश्व कप मैच में गोल करने का रिकॉर्ड भी कायम रखा। विश्व कप इतिहास में लगातार गोल करने वाली टीमों की सूची में अब अर्जेंटीना उरुग्वे, हंगरी, जर्मनी और ब्राजील जैसी दिग्गज टीमों के करीब पहुंच गया है।   अब सेमीफाइनल में अर्जेंटीना का सामना इंग्लैंड से होगा अब सेमीफाइनल में अर्जेंटीना का सामना इंग्लैंड से होगा, जिसने क्वार्टर फाइनल में नॉर्वे को 2-1 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई। इंग्लैंड के लिए जूड बेलिंगहम ने दो शानदार गोल किए, जबकि कप्तान हैरी केन भी पूरे टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में हैं। दूसरी ओर पहला सेमीफाइनल फ्रांस और स्पेन के बीच खेला जाएगा। फुटबॉल प्रेमियों की नजर अब इन दोनों हाई-वोल्टेज मुकाबलों पर होगी, जहां विश्व कप फाइनल का टिकट दांव पर रहेगा।

anjali kumari जुलाई 13, 2026 0
FIFA World Cup 2026
FIFA World Cup 2026: दक्षिण अफ्रीका के युवा फुटबॉलर जेडन एडम्स का 25 साल की उम्र में हुआ निधन

नई दिल्ली, एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में दक्षिण अफ्रीका को पहली बार नॉकआउट चरण तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने वाले युवा मिडफील्डर जेडन एडम्स का 25 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनका शव 11 जुलाई को केपटाउन के शॉट्सचेक्लूफ इलाके स्थित एक घर में मिला। दक्षिण अफ्रीका के खेल मंत्री गेटन मैकेंजी ने उनके निधन की पुष्टि करते हुए इसे देश के फुटबॉल के लिए अपूरणीय क्षति बताया। हालांकि, उनकी मौत की वजह का अब तक आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है।   मौत की जांच जारी, अफवाहों से बचने की अपील खेल मंत्री ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करते हुए लोगों और मीडिया से अपील की कि वे मौत के कारण को लेकर किसी तरह की अटकलें न लगाएं। पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है और कहा है कि सभी परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है। सोशल मीडिया पर आत्महत्या और अवसाद से जुड़े कई दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इनकी किसी भी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।   वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन, देश को दिलाई नई पहचान जेडन एडम्स ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में दक्षिण अफ्रीका के तीनों ग्रुप मुकाबलों में हिस्सा लिया था। उनकी बदौलत टीम पहली बार टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण तक पहुंची। हालांकि, कनाडा के खिलाफ राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में वह नहीं खेल सके। इससे पहले वह 2024 अफ्रीका कप ऑफ नेशंस में तीसरे स्थान पर रहने वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम का भी हिस्सा थे।   उनके निधन पर विश्व फुटबॉल जगत में शोक की लहर है। नॉर्वे और इंग्लैंड के बीच खेले गए वर्ल्ड कप क्वार्टर फाइनल से पहले उनके सम्मान में दो मिनट का मौन रखा गया। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, फुटबॉल खिलाड़ियों के संगठन और कई खेल हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनकी गर्लफ्रेंड अकीला एडेंडॉर्फ ने भी भावुक संदेश साझा करते हुए उन्हें अपना सबसे बड़ा सहारा और सबसे अच्छा दोस्त बताया। जेडन का निधन उनकी दादी की मौत के एक महीने के भीतर हुआ है, जिससे उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

anjali kumari जुलाई 13, 2026 0
FIFA World Cup referee on the field before an England vs Argentina match highlighting neutrality and officiating rules.
FIFA World Cup 2026: इंग्लैंड-अर्जेंटीना सेमीफाइनल में क्यों नहीं होंगे दोनों देशों के रेफरी? जानिए फॉकलैंड विवाद से जुड़ी पूरी कहानी

FIFA World Cup 2026 के सेमीफाइनल में फुटबॉल की दो बड़ी प्रतिद्वंद्वी टीमें इंग्लैंड और अर्जेंटीना आमने-सामने होंगी। हालांकि इस हाई-वोल्टेज मुकाबले से पहले एक और दिलचस्प बात चर्चा में है। मैच में न तो इंग्लैंड का कोई रेफरी होगा और न ही अर्जेंटीना का। इसके पीछे वजह दोनों देशों के बीच दशकों पुराना फॉकलैंड द्वीप (Falkland Islands) विवाद और FIFA की निष्पक्षता संबंधी नीति है। क्यों नहीं होंगे इंग्लैंड और अर्जेंटीना के रेफरी? FIFA लंबे समय से ऐसे मुकाबलों में विशेष सावधानी बरतता है, जहां दोनों देशों के बीच राजनीतिक या ऐतिहासिक विवाद रहे हों। इसी कारण पूरे टूर्नामेंट के दौरान किसी भी अंग्रेज रेफरी को अर्जेंटीना के मैचों में और किसी अर्जेंटीनी रेफरी को इंग्लैंड के मुकाबलों में नियुक्त नहीं किया गया। इसका उद्देश्य रेफरी की निष्पक्षता पर किसी भी तरह के सवाल या विवाद की संभावना को खत्म करना है। क्या है फॉकलैंड द्वीप विवाद? फॉकलैंड द्वीप दक्षिण अटलांटिक महासागर में स्थित एक द्वीप समूह है। इस पर ब्रिटेन का प्रशासनिक नियंत्रण है, जबकि अर्जेंटीना इसे इस्लास माल्विनास (Islas Malvinas) नाम से अपना क्षेत्र मानता है। साल 1982 में अर्जेंटीना ने इन द्वीपों पर सैन्य कब्जा कर लिया था, जिसके बाद ब्रिटेन और अर्जेंटीना के बीच 74 दिनों तक युद्ध चला। अंततः ब्रिटेन ने दोबारा इन द्वीपों पर नियंत्रण स्थापित कर लिया। हालांकि युद्ध समाप्त हुए कई दशक बीत चुके हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच यह विवाद आज भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। FIFA की रेफरी नियुक्ति नीति क्या कहती है? FIFA का मानना है कि किसी भी मैच में रेफरी की निष्पक्षता सर्वोपरि होती है। इसलिए ऐसे देशों के बीच मुकाबलों में उन देशों के अधिकारियों की नियुक्ति से बचा जाता है, जिनके बीच राजनीतिक, ऐतिहासिक या अन्य संवेदनशील विवाद रहे हों। इसी वजह से: इंग्लैंड के रेफरी अर्जेंटीना के किसी भी मैच में नियुक्त नहीं किए गए। अर्जेंटीना के रेफरी भी इंग्लैंड के मुकाबलों से दूर रखे गए। कौन-कौन से रेफरी हुए प्रभावित? इस नीति के चलते इंग्लैंड के अनुभवी रेफरी माइकल ओलिवर और एंथनी टेलर को अर्जेंटीना के मैचों में जिम्मेदारी नहीं दी गई। वहीं अर्जेंटीना के रेफरी फाकुंडो टेलो को भी केवल उन मुकाबलों में नियुक्त किया गया, जिनमें इंग्लैंड की टीम शामिल नहीं थी। कैसे चुने जाते हैं विश्व कप के रेफरी? विश्व कप में रेफरी नियुक्त करने की जिम्मेदारी FIFA के रेफरी विभाग की होती है। चयन प्रक्रिया में कई पहलुओं पर ध्यान दिया जाता है, जिनमें शामिल हैं: पूरे टूर्नामेंट में रेफरी का प्रदर्शन फिटनेस स्तर फैसलों की गुणवत्ता अनुशासन संभावित हितों का टकराव (Conflict of Interest) भू-राजनीतिक परिस्थितियां इन सभी पहलुओं का मूल्यांकन कर यह सुनिश्चित किया जाता है कि मैच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से संचालित हो। अन्य देशों पर भी लागू होती है यह नीति FIFA केवल इंग्लैंड और अर्जेंटीना के मामलों में ही नहीं, बल्कि अन्य राजनीतिक रूप से संवेदनशील देशों के बीच होने वाले मुकाबलों में भी इसी तरह की सावधानी बरतता है। इसके अलावा किसी भी रेफरी को अपने ही देश की टीम के मैच में नियुक्त नहीं किया जाता। सेमीफाइनल में भी जारी रहेगी यही व्यवस्था इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच होने वाले सेमीफाइनल में भी दोनों देशों का कोई रेफरी मैदान पर नहीं होगा। ऐसे में इन देशों के रेफरी केवल टूर्नामेंट के अन्य मुकाबलों में ही अपनी सेवाएं दे सकते हैं।  

surbhi जुलाई 13, 2026 0
Argentina VS Switzerland
FIFA World Cup 2026: अर्जेंटीना ने स्विट्जरलैंड को हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह, अब इंग्लैंड से होगी टक्कर

कैनसस सिटी, एजेंसियां। फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने अतिरिक्त समय में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्विट्जरलैंड को 3-1 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। निर्धारित 90 मिनट का खेल 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ, लेकिन अतिरिक्त समय में अर्जेंटीना ने दो गोल दागकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।   मैच में क्या हुआ?   अर्जेंटीना को शुरुआती बढ़त एलेक्सिस मैक एलिस्टर ने दिलाई, जिन्होंने लियोनेल मेसी के कॉर्नर पर शानदार हेडर लगाया। दूसरे हाफ में स्विट्जरलैंड ने डैन एनडोये के गोल से बराबरी कर ली। मुकाबले का सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब स्विस स्ट्राइकर ब्रील एम्बोलो को VAR समीक्षा के बाद रेड कार्ड दिखाया गया और टीम 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने को मजबूर हो गई।   अल्वारेज़ और लाउतारो बने जीत के हीरो   अतिरिक्त समय में अर्जेंटीना ने एक खिलाड़ी की बढ़त का पूरा फायदा उठाया। जूलियन अल्वारेज़ ने 112वें मिनट में शानदार लंबी दूरी का गोल कर टीम को फिर बढ़त दिलाई। इसके बाद लाउतारो मार्टिनेज़ ने 121वें मिनट में तीसरा गोल कर जीत पक्की कर दी। कप्तान लियोनेल मेसी गोल नहीं कर सके, लेकिन उन्होंने पहले गोल में अहम असिस्ट दिया।   अब इंग्लैंड से होगी सेमीफाइनल में भिड़ंत   इस जीत के साथ अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व कप खिताब जीतने की उम्मीदें बरकरार रखते हुए सेमीफाइनल में पहुंच गया है। अब उसका सामना इंग्लैंड से होगा, जिसने क्वार्टर फाइनल में नॉर्वे को 2-1 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई। फुटबॉल प्रेमियों को अब टूर्नामेंट के सबसे बड़े मुकाबलों में से एक देखने को मिलेगा।

abhishek singh जुलाई 12, 2026 0
Spain players celebrate after defeating Belgium 2-1 to reach the FIFA World Cup 2026 semi-finals.
FIFA World Cup 2026: बेल्जियम को 2-1 से हराकर स्पेन सेमीफाइनल में, अब फ्रांस से होगी टक्कर

FIFA World Cup 2026 में स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बेल्जियम को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। लॉस एंजिलिस स्टेडियम में खेले गए रोमांचक क्वार्टर फाइनल मुकाबले में स्पेन ने आखिरी मिनटों में गोल दागकर जीत दर्ज की। अब सेमीफाइनल में उसका मुकाबला मौजूदा उपविजेता फ्रांस से डलास में होगा, जिसे टूर्नामेंट के सबसे बड़े मुकाबलों में से एक माना जा रहा है। कोच का बड़ा फैसला स्पेन के लिए साबित हुआ गेम चेंजर स्पेन के मुख्य कोच लुइस डे ला फुएंते ने इस मुकाबले में शुरुआती एकादश में बड़ा बदलाव करते हुए स्टार मिडफील्डर पेड्री की जगह फाबियन रूइज को मौका दिया। यह फैसला टीम के लिए बेहद सफल साबित हुआ। फाबियन रूइज ने पूरे मैच में मिडफील्ड पर शानदार नियंत्रण बनाए रखा और स्पेन के लिए पहला गोल भी दागा। उन्होंने आक्रमण और रक्षा दोनों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। फाबियन रूइज ने दिलाई शुरुआती बढ़त मैच के शुरुआती मिनटों से ही स्पेन ने गेंद पर कब्जा बनाए रखा और लगातार बेल्जियम के डिफेंस पर दबाव बनाया। 30वें मिनट में दानी ओल्मो के शॉट को बेल्जियम के गोलकीपर थिबाउट कूर्तुआ ने रोक दिया, लेकिन रीबाउंड पर फाबियन रूइज ने शानदार फिनिश करते हुए गेंद को नेट में पहुंचा दिया और स्पेन को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद युवा स्टार लामिन यामाल ने भी अपनी तेज ड्रिब्लिंग से बेल्जियम की रक्षा पंक्ति को कई बार चुनौती दी, हालांकि वह गोल करने से चूक गए। डी केटेलारे ने बेल्जियम की कराई वापसी पहले हाफ के अंतिम चरण में बेल्जियम ने शानदार वापसी की। कप्तान केविन डी ब्रुने ने बेहतरीन थ्रू पास देकर टिमोथी कास्टान्ये को मौका बनाया। कास्टान्ये के सटीक क्रॉस पर चार्ल्स डी केटेलारे ने 41वें मिनट में शानदार हेडर लगाकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। पहले हाफ की समाप्ति तक दोनों टीमें बराबरी पर थीं। दूसरे हाफ में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने लगातार आक्रामक खेल दिखाया। स्पेन ने गेंद पर अधिक नियंत्रण रखा, जबकि बेल्जियम ने तेज काउंटर अटैक के जरिए बढ़त बनाने की कोशिश की। दोनों गोलकीपरों और डिफेंडरों ने कई शानदार बचाव किए, जिससे लंबे समय तक स्कोर नहीं बदल सका। कूर्तुआ की चोट ने बदला मैच का रुख 71वें मिनट में बेल्जियम को बड़ा झटका लगा जब अनुभवी गोलकीपर थिबाउट कूर्तुआ चोटिल होकर मैदान से बाहर हो गए। उनकी जगह युवा गोलकीपर सेने लामेन्स को उतारा गया। इस बदलाव के बाद स्पेन ने लगातार दबाव बढ़ाया और बेल्जियम के डिफेंस पर पकड़ मजबूत कर ली। मेरिनो ने 88वें मिनट में दिलाई यादगार जीत मुकाबले का निर्णायक पल 88वें मिनट में आया। स्पेन के डिफेंडर पाउ क्यूबार्सी के दूर से लगाए गए शॉट को गोलकीपर सेने लामेन्स पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सके। रीबाउंड पर मौजूद मिकेल मेरिनो ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोल में पहुंचाकर स्पेन को 2-1 की बढ़त दिला दी। अंतिम मिनटों में बेल्जियम ने बराबरी की पूरी कोशिश की, लेकिन स्पेन के डिफेंस ने कोई मौका नहीं दिया और टीम ने सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर लिया। अब फ्रांस से होगा हाई-वोल्टेज सेमीफाइनल इस जीत के साथ स्पेन फीफा विश्व कप 2026 के अंतिम चार में पहुंच गया है। अब उसका मुकाबला डलास में मौजूदा उपविजेता फ्रांस से होगा। दोनों यूरोपीय दिग्गज शानदार फॉर्म में हैं, इसलिए इस मुकाबले को टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक और बहुप्रतीक्षित मैचों में शामिल किया जा रहा है।  

surbhi जुलाई 11, 2026 0
FIFA World Cup 2026
FIFA वर्ल्ड कप 2026: बेल्जियम को 2-1 से हराकर स्पेन सेमीफाइनल में, अब फ्रांस से महामुकाबला

लॉस एंजिल्स, एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के रोमांचक क्वार्टर फाइनल मुकाबले में स्पेन ने बेल्जियम को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। 2010 में विश्व चैंपियन बनने के बाद यह पहला मौका है, जब स्पेन की टीम वर्ल्ड कप के अंतिम चार में पहुंची है। अब 15 जुलाई को उसका सामना मजबूत फ्रांस से होगा, जिसे टूर्नामेंट का सबसे बड़ा मुकाबला माना जा रहा है।   मैच की शुरुआत मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया। स्पेन ने 30वें मिनट में पहला गोल कर बढ़त बनाई, लेकिन बेल्जियम ने 41वें मिनट में चार्ल्स डे केटेलेरे के शानदार हेडर की बदौलत बराबरी कर ली। टिमोथी कास्टाग्ने के सटीक क्रॉस पर आए इस गोल ने स्पेन की लगातार छह क्लीन शीट का सिलसिला भी समाप्त कर दिया। गोलकीपर उनाई सिमोन का कतर वर्ल्ड कप से चला आ रहा 650 मिनट तक बिना गोल खाए रहने का रिकॉर्ड भी इसी मैच में टूट गया।   पहले हाफ के बाद मुकाबला 1-1 से बराबरी पर था और दूसरे हाफ में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। ऐसा लग रहा था कि मैच अतिरिक्त समय में जाएगा, लेकिन 88वें मिनट में स्पेन के कोच का दांव सफल साबित हुआ। मैदान पर आने के महज दो मिनट बाद सब्स्टीट्यूट मिकेल मेरिनो ने बेल्जियम के रिजर्व गोलकीपर सेने लैमेंस की गलती का फायदा उठाते हुए विजयी गोल दाग दिया। पाउ कुबारसी के दूर से लगाए गए शॉट को लैमेंस ठीक से नियंत्रित नहीं कर सके और मेरिनो ने ढीली गेंद को गोल में बदल दिया।   स्पेन और फ्रांस  इस जीत के साथ स्पेन ने रेगुलर टाइम में मार्च 2023 से अपना अजेय अभियान 37 मैचों तक बढ़ा दिया, जबकि बेल्जियम की लगातार 18 मैचों की अजेय लय टूट गई। टूर्नामेंट का तीसरा क्वार्टर फाइनल इंग्लैंड और नॉर्वे के बीच 12 जुलाई को भारतीय समयानुसार रात 2:30 बजे खेला जाएगा। अब सभी की निगाहें स्पेन और फ्रांस के बीच होने वाले हाई-वोल्टेज सेमीफाइनल पर टिकी हैं।

anjali kumari जुलाई 11, 2026 0
Subroto Cup Football Tournament
Subroto Cup Football Tournament: हजारीबाग में 12 जुलाई से फुटबॉल का महासंग्राम, सात जिलों की 21 टीमें दिखाएंगी दम

हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग में 12 से 14 जुलाई तक 65वीं सुब्रतो कप फुटबॉल प्रतियोगिता (2026-27) के उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल स्तरीय मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। शिक्षा विभाग के तत्वावधान में होने वाली इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता में सात जिलों की कुल 21 टीमें हिस्सा लेंगी। प्रतियोगिता के विजेता राज्य स्तरीय सुब्रतो कप फुटबॉल प्रतियोगिता में अपनी जगह बनाएंगे।   टूर्नामेंट में अंडर-15 बालक, अंडर-17 बालक और अंडर-17 बालिका वर्ग के मुकाबले होंगे। हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और रामगढ़ से प्रत्येक वर्ग में एक-एक टीम भाग ले रही है। इस तरह कुल 21 टीमें खिताब जीतने के लिए मैदान में उतरेंगी। शिक्षा विभाग का मानना है कि यह प्रतियोगिता ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का बेहतर मंच प्रदान करेगी।   आयोजन की पूरी तैयारी, सुरक्षा के विशेष इंतजाम प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। बाहर से आने वाली टीमों के खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और सहयोगी सदस्यों के ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। मुकाबले कर्जन ग्राउंड और न्यू स्टेडियम (संत कोलंबस मैदान) में खेले जाएंगे। आयोजन के सुचारु संचालन के लिए खेल शिक्षकों और झारखंड शिक्षा परियोजना के कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है, जबकि सुरक्षा, तकनीकी संचालन, आवास और अनुशासन की निगरानी के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं।   जिला विजेता अब प्रमंडल में दिखाएंगे दम प्रमंडल स्तरीय मुकाबलों से पहले 5 जुलाई को जिला स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित हुई थी। अंडर-15 बालक वर्ग में इचाक प्रखंड की टीम विजेता बनी, जबकि अंडर-17 बालक और अंडर-17 बालिका वर्ग में सदर प्रखंड ने खिताब जीता। यही टीमें अब हजारीबाग का प्रतिनिधित्व करेंगी। शिक्षा विभाग का उद्देश्य विद्यालय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को निखारना और उन्हें राज्य व राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर उपलब्ध कराना है। अब सभी की नजर 12 जुलाई से शुरू होने वाले मुकाबलों पर है, जहां शानदार प्रदर्शन करने वाली टीमें राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का टिकट हासिल करेंगी।

anjali kumari जुलाई 10, 2026 0
Kylian Mbappe celebrates after scoring against Morocco in the FIFA World Cup 2026 quarter-final and setting a historic goal record.
किलियन एम्बाप्पे ने रचा इतिहास, 30 साल से पहले 20 वर्ल्ड कप गोल करने वाले दुनिया के पहले फुटबॉलर बने

फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में मोरक्को के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली। उन्होंने इस मुकाबले में गोल कर विश्व कप इतिहास में ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जिसे अब तक कोई भी खिलाड़ी हासिल नहीं कर पाया था। फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से हराकर लगातार तीसरी बार विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह बनाई। इस जीत में एम्बाप्पे ने गोल करने के साथ-साथ एक असिस्ट भी दर्ज किया। 30 साल की उम्र से पहले 20 वर्ल्ड कप गोल का रिकॉर्ड मोरक्को के खिलाफ किया गया गोल एम्बाप्पे का विश्व कप करियर का 20वां गोल था। इसके साथ ही वह 30 वर्ष की उम्र पूरी होने से पहले विश्व कप में 20 गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। यह उपलब्धि उन्हें विश्व फुटबॉल के सबसे महान खिलाड़ियों की सूची में और मजबूत स्थान दिलाती है। गोल्डन बूट की दौड़ में लियोनेल मेसी की बराबरी एम्बाप्पे का यह गोल मौजूदा विश्व कप का उनका आठवां गोल भी था। इसके साथ उन्होंने लियोनेल मेसी की बराबरी कर ली और दोनों खिलाड़ी अब गोल्डन बूट की दौड़ में संयुक्त रूप से शीर्ष पर हैं। पेनाल्टी चूकी, लेकिन बाद में किया शानदार गोल मैच के पहले हाफ में एम्बाप्पे के पास पेनाल्टी के जरिए गोल करने का मौका था, लेकिन मोरक्को के गोलकीपर यासीन बोनू ने उनका शॉट रोक दिया। हालांकि दूसरे हाफ में एम्बाप्पे ने शानदार गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलाई और बाद में उस्मान डेम्बेले के गोल में भी अहम असिस्ट किया। चोट की आशंका के बीच बदले गए बाहर मैच के 76वें मिनट में एम्बाप्पे को मैदान से बाहर बुला लिया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें कुछ शारीरिक असहजता महसूस हुई थी, जिसके बाद कोच दिदिएर डेशां ने उन्हें आराम देने का फैसला किया। हालांकि उनकी चोट को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक गंभीर अपडेट सामने नहीं आया है। फ्रांस की नजर लगातार तीसरे फाइनल पर फ्रांस ने इस जीत के साथ लगातार तीसरी बार विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह बनाई है। अब टीम का अगला मुकाबला स्पेन और बेल्जियम के बीच होने वाले क्वार्टर फाइनल के विजेता से होगा। फ्रांस 2018 में विश्व चैंपियन बना था, जबकि 2022 में उपविजेता रहा था। अब टीम लगातार तीसरे विश्व कप फाइनल में पहुंचने की कोशिश करेगी। लगातार दमदार प्रदर्शन कर रहे हैं एम्बाप्पे किलियन एम्बाप्पे पिछले कई वर्षों से विश्व फुटबॉल के सबसे खतरनाक स्ट्राइकरों में गिने जाते हैं। विश्व कप जैसे बड़े मंच पर उनका प्रदर्शन लगातार शानदार रहा है और वह हर टूर्नामेंट में नए रिकॉर्ड अपने नाम कर रहे हैं। मोरक्को के खिलाफ उनका प्रदर्शन एक बार फिर साबित करता है कि बड़े मुकाबलों में एम्बाप्पे फ्रांस के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल हैं।  

surbhi जुलाई 10, 2026 0
Morocco head coach reacts after FIFA World Cup 2026 quarter-final defeat to France, focusing on revenge in the 2030 World Cup.
फ्रांस से हार के बाद मोरक्को कोच का बड़ा ऐलान, बोले- 2030 वर्ल्ड कप में लेंगे बदला

फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में फ्रांस के हाथों 2-0 की हार के बाद मोरक्को के मुख्य कोच मोहम्मद ओआहबी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह हार उनकी टीम के लिए सीख साबित होगी और अगली बार जब विश्व कप में फ्रांस का सामना होगा तो मोरक्को उसे बाहर करने की पूरी कोशिश करेगा। फ्रांस ने बोस्टन के गिलेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में दूसरे हाफ में किलियन एम्बाप्पे और उस्मान डेम्बेले के गोल की बदौलत जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इसके साथ ही लगातार दूसरे विश्व कप में फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 के अंतर से टूर्नामेंट से बाहर किया। 2030 विश्व कप पर टिकी हैं नजरें हार के बावजूद ओआहबी ने भविष्य को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि टीम अब अगले विश्व कप की तैयारी करेगी, जिसकी मेजबानी मोरक्को, स्पेन और पुर्तगाल संयुक्त रूप से करेंगे। उन्होंने कहा, "फ्रांस दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक है। वे पिछले दो विश्व कप के फाइनल तक पहुंचे हैं और उनके पास शानदार खिलाड़ी हैं। आज वे हमसे बेहतर थे, लेकिन हमें यकीन है कि अगले चार वर्षों में हम और मजबूत होकर लौटेंगे और उन्हें हराने की कोशिश करेंगे।" हार से निराश, लेकिन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भरोसा कोच ने स्वीकार किया कि टीम इस हार से निराश है, क्योंकि उनका लक्ष्य सिर्फ क्वार्टर फाइनल तक पहुंचना नहीं बल्कि विश्व कप जीतना था। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने मैदान पर जीत के लिए हरसंभव प्रयास किया और पूरी प्रतिबद्धता के साथ मुकाबला खेला। हालांकि, फ्रांस की गुणवत्ता ने आखिरकार अंतर पैदा कर दिया। अब अफ्रीका कप ऑफ नेशंस पर रहेगा फोकस मोहम्मद ओआहबी ने बताया कि फिलहाल टीम का अगला बड़ा लक्ष्य अफ्रीका कप ऑफ नेशंस (AFCON) होगा, जिसका आयोजन अगले वर्ष केन्या, युगांडा और तंजानिया में होना है। उनका कहना है कि टीम पहले इस टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन करने और खिताब जीतने पर ध्यान देगी, जिसके बाद 2030 विश्व कप की तैयारियां तेज की जाएंगी। युवा खिलाड़ियों से भविष्य की उम्मीद कोच ने कहा कि मोरक्को के पास प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों की मजबूत फौज है और फुटबॉल संघ भी लगातार टीम के विकास पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व कप का यह अनुभव युवा खिलाड़ियों के लिए काफी महत्वपूर्ण रहेगा और इससे भविष्य में टीम और मजबूत बनकर उभरेगी। फ्रांस की ताकत को भी सराहा ओआहबी ने फ्रांस के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी टीम शुरुआत से ही दबाव बना रही थी और वह पहले भी गोल कर सकती थी। उन्होंने माना कि फ्रांस ने बेहतर फुटबॉल खेली, लेकिन मोरक्को के खिलाड़ी पूरे मैच में संघर्ष करते रहे और अंत तक मुकाबले में बने रहने की कोशिश की। कोच ने भरोसा जताया कि टीम सितंबर में फिर से एकजुट होकर नई ऊर्जा के साथ तैयारी शुरू करेगी और आने वाले वर्षों में बड़े मंच पर बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास करेगी।  

surbhi जुलाई 10, 2026 0
FIFA World Cup 2026
फीफा विश्व कप 2026: मोरक्को को 2-0 से हराकर फ्रांस सेमीफाइनल में, एम्बाप्पे और डेम्बेले ने दिलाई जीत

नई दिल्ली, एजेंसियां। फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में फ्रांस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मोरक्को को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। बोस्टन स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में पहले हाफ में दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं। मोरक्को के गोलकीपर यासीन बोनो ने शुरुआती दबाव के बीच एक महत्वपूर्ण पेनल्टी बचाकर अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखा, लेकिन दूसरे हाफ में फ्रांस के आक्रामक खेल के सामने मोरक्को टिक नहीं सका।   एम्बाप्पे ने खोला खाता, डेम्बेले ने जीत की मुहर लगाई फ्रांस की ओर से पहला गोल कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने 60वें मिनट में किया। डेसिरे डौए के पास पर एम्बाप्पे ने तीन रक्षकों से घिरे होने के बावजूद शानदार कौशल का प्रदर्शन करते हुए दमदार शॉट लगाया, जिसे मोरक्को के गोलकीपर रोक नहीं सके। इसके महज छह मिनट बाद एम्बाप्पे ने ही उस्मान डेम्बेले को शानदार पास दिया, जिसे डेम्बेले ने गोल में बदलकर फ्रांस की बढ़त 2-0 कर दी। इस गोल के साथ फ्रांस ने मुकाबले पर पूरी तरह अपनी पकड़ मजबूत कर ली।   गोल्डन बूट की दौड़ में मेसी की बराबरी पूरे मैच में फ्रांस का दबदबा साफ नजर आया। टीम ने कुल 22 शॉट लगाए, जिनमें नौ शॉट गोलपोस्ट पर रहे। दूसरी ओर मोरक्को केवल पांच शॉट ही लगा सका, जिनमें सिर्फ एक शॉट लक्ष्य पर था। फ्रांस की मजबूत रक्षा पंक्ति ने मोरक्को को ज्यादा अवसर नहीं दिए।   इस जीत के साथ फ्रांस लगातार खिताब की दौड़ में बना हुआ है। वहीं, किलियन एम्बाप्पे ने इस विश्व कप में अपना आठवां गोल दागकर गोल्डन बूट की दौड़ में अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी की बराबरी कर ली है। तीसरा विश्व कप खेल रहे एम्बाप्पे के अब विश्व कप इतिहास में 20 गोल हो चुके हैं, जबकि छह विश्व कप खेल चुके मेसी 21 गोल के साथ शीर्ष स्थान पर बने हुए हैं।

anjali kumari जुलाई 10, 2026 0
Argentina Vs Egypt
मैदान से सोशल मीडिया तक जंग, अर्जेंटीना-मिस्र फैंस के बीच वीडियो वॉर

नई दिल्ली, एजेंसियां। फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ-16 में अर्जेंटीना और मिस्र के बीच खेला गया मुकाबला अब सिर्फ रोमांचक जीत के लिए नहीं, बल्कि रेफरिंग और VAR (वीडियो असिस्टेंट रेफरी) से जुड़े विवादों के कारण भी सुर्खियों में है। अर्जेंटीना ने 0-2 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए 3-2 से जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई, लेकिन मैच खत्म होने के बाद सोशल मीडिया पर दोनों देशों के फैंस आमने-सामने आ गए हैं।   VAR के फैसलों पर मचा विवाद विवाद की शुरुआत दूसरे हाफ में उस समय हुई जब मिस्र के मुस्तफा जिको का गोल VAR समीक्षा के बाद रद्द कर दिया गया। फ्रांसीसी रेफरी फ्रांस्वा लेटेक्सिए ने गोल बनने से पहले अर्जेंटीना के खिलाड़ी लिसांद्रो मार्टिनेज पर फाउल होने का हवाला देते हुए गोल अमान्य घोषित किया। इसके अलावा इंजरी टाइम में मिस्र को पेनल्टी नहीं मिलने और अर्जेंटीना के तीसरे गोल से पहले कथित फाउल को नजरअंदाज किए जाने पर भी सवाल उठे।   सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर लगाए आरोप मैच के बाद मिस्र और अर्जेंटीना के समर्थकों ने सोशल मीडिया पर अलग-अलग वीडियो साझा कर एक-दूसरे के दावों को चुनौती दी। मिस्र के फैंस का आरोप है कि रेफरी और VAR ने उनकी टीम के साथ नाइंसाफी की, जबकि अर्जेंटीना के समर्थकों का कहना है कि सभी फैसले फुटबॉल के नियमों के अनुरूप लिए गए। फाउल और यलो कार्ड के आंकड़ों को लेकर भी बहस तेज हो गई है। मैच में मिस्र को चार यलो कार्ड मिले, जबकि अर्जेंटीना के खिलाफ 13 फाउल दर्ज होने के बावजूद कोई यलो कार्ड नहीं दिखाया गया।   विशेषज्ञों की राय बंटी मैच के बाद सामने आए अलग-अलग कैमरा एंगल और रिप्ले देखने के बाद कई फुटबॉल विशेषज्ञों ने पेनल्टी नहीं देने के फैसले को तकनीकी रूप से सही बताया। उनका कहना है कि अर्जेंटीना के खिलाड़ी जूलियन अल्वारेज पहले गेंद तक पहुंचे थे। हालांकि, कई पूर्व खिलाड़ियों और विश्लेषकों ने माना कि कुछ फैसलों ने विवाद को जन्म दिया और इससे रेफरिंग पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ऐसे में यह मुकाबला फीफा विश्व कप 2026 के सबसे चर्चित और विवादित मैचों में शामिल हो गया है।

abhishek singh जुलाई 9, 2026 0
FIFA World Cup 2026
FIFA World Cup 2026: क्वार्टर फाइनल की जंग शुरू, आठ टीमों के बीच खिताब की रोमांचक दौड़

नई दिल्ली, एजेंसियां। फीफा विश्व कप 2026 अपने सबसे रोमांचक दौर में पहुंच चुका है। 48 टीमों के साथ शुरू हुए टूर्नामेंट में अब केवल आठ टीमें खिताब की दौड़ में बची हैं। क्वार्टर फाइनल मुकाबलों की शुरुआत 10 जुलाई (भारतीय समयानुसार) से होगी। अंतिम-8 में अर्जेंटीना, फ्रांस, इंग्लैंड, स्पेन, बेल्जियम, मोरक्को, स्विट्जरलैंड और नॉर्वे ने जगह बनाई है। इनमें चार पूर्व विश्व चैंपियन हैं, जबकि चार टीमें पहली बार विश्व कप जीतने का सपना देख रही हैं।   ब्राजील और जर्मनी पहली बार साथ हुए बाहर इस विश्व कप का सबसे बड़ा उलटफेर ब्राजील और जर्मनी का क्वार्टर फाइनल से पहले बाहर होना रहा। विश्व कप इतिहास में पहली बार दोनों दिग्गज टीमें एक साथ अंतिम-8 में जगह नहीं बना सकीं। वहीं, 2022 विश्व कप के क्वार्टर फाइनलिस्ट अर्जेंटीना, फ्रांस, इंग्लैंड और मोरक्को ने लगातार दूसरी बार अंतिम-8 में प्रवेश किया है।   नॉर्वे और मोरक्को पर सबकी नजर एर्लिंग हालांड की अगुआई में नॉर्वे पहली बार क्वार्टर फाइनल में पहुंचा है। दूसरी ओर, मोरक्को लगातार दूसरे विश्व कप में क्वार्टर फाइनल खेलने वाली पहली अफ्रीकी टीम बन गई है। बेल्जियम और स्विट्जरलैंड भी अपने पहले विश्व कप खिताब की तलाश में हैं।   अर्जेंटीना-फ्रांस का दमदार प्रदर्शन अब तक के प्रदर्शन के आधार पर अर्जेंटीना और फ्रांस सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। दोनों टीमों ने पांच मैचों में 14-14 गोल किए हैं। फ्रांस ने अपने सभी मुकाबले 90 मिनट के भीतर जीते हैं, जबकि स्पेन ने अभी तक एक भी गोल नहीं खाया है और टूर्नामेंट की सबसे मजबूत रक्षात्मक टीम साबित हुई है।   क्वार्टर फाइनल में फ्रांस का सामना मोरक्को से, स्पेन का बेल्जियम से, इंग्लैंड का नॉर्वे से और अर्जेंटीना का स्विट्जरलैंड से होगा। गोल्डन बूट की दौड़ में लियोनेल मेसी आठ गोल के साथ सबसे आगे हैं, जबकि किलियन एमबाप्पे और एर्लिंग हालांड सात-सात गोल के साथ उनके पीछे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या कोई नया विश्व चैंपियन बनेगा या फिर कोई पूर्व विजेता एक बार फिर ट्रॉफी पर कब्जा जमाएगा।

anjali kumari जुलाई 9, 2026 0
Egypt coach Hossam Hassan reacts after Argentina's dramatic FIFA World Cup victory over Egypt.
FIFA World Cup: अर्जेंटीना से हार के बाद मिस्र के कोच का बड़ा आरोप, बोले- 'FIFA चाहता था मेसी टूर्नामेंट में बने रहें'

FIFA विश्व कप के राउंड ऑफ-16 मुकाबले में अर्जेंटीना से 3-2 की नाटकीय हार के बाद मिस्र के मुख्य कोच होसम हसन ने FIFA और मैच अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था चाहती थी कि लियोनेल मेसी और मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना टूर्नामेंट में आगे बढ़ें। हालांकि, इन आरोपों का समर्थन करने वाला कोई आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है और FIFA की ओर से भी इस पर कोई प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है। 2-0 की बढ़त के बावजूद हार गया मिस्र मुकाबले में मिस्र ने शानदार शुरुआत करते हुए 2-0 की बढ़त बना ली थी और लंबे समय तक मैच पर नियंत्रण बनाए रखा। लेकिन अंतिम चरण में अर्जेंटीना ने शानदार वापसी करते हुए क्रिस्टियन रोमेरो, लियोनेल मेसी और एंजो फर्नांडीज के गोल की बदौलत 13 मिनट के भीतर तीन गोल दाग दिए और 3-2 से जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। VAR फैसलों पर जताई नाराजगी हार के बाद होसम हसन ने कहा कि उनकी टीम ने खेल के अधिकांश हिस्से में बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन कुछ फैसलों ने मैच की दिशा बदल दी। उनके अनुसार, सबसे बड़ा विवाद 59वें मिनट में हुआ जब मोस्तफा ज़िको का गोल VAR समीक्षा के बाद रद्द कर दिया गया। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि मोहम्मद सलाह को पेनल्टी नहीं मिली और अर्जेंटीना के विजयी गोल से पहले फाउल होने के बावजूद VAR ने हस्तक्षेप नहीं किया। 'मेसी को टूर्नामेंट में बनाए रखना चाहते थे' पोस्ट-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में होसम हसन ने कहा कि उन्हें लगता है कि मैच का परिणाम केवल मैदान पर हुए प्रदर्शन से तय नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि संभव है FIFA और अन्य बाहरी कारक चाहते थे कि मौजूदा विश्व चैंपियन और लियोनेल मेसी प्रतियोगिता में बने रहें। हालांकि उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया। 'अब कभी वर्ल्ड कप नहीं देखूंगा' मैच के बाद एक टीवी इंटरव्यू में मिस्र के कोच ने अपनी नाराजगी दोहराते हुए कहा कि उन्हें यह जीत अर्जेंटीना की "अयोग्य जीत" लगी। उन्होंने यह भी कहा कि अपने देश लौटने के बाद वह दोबारा विश्व कप नहीं देखना चाहेंगे क्योंकि उनके अनुसार प्रतियोगिता में उन्हें न्याय नहीं मिला। FIFA कर सकता है टिप्पणी की समीक्षा होसम हसन के बयानों के बाद अब यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, FIFA उनके पोस्ट-मैच बयानों की समीक्षा कर सकता है और यदि आवश्यक हुआ तो अनुशासनात्मक कार्रवाई पर भी विचार किया जा सकता है।  

surbhi जुलाई 8, 2026 0
Lionel Messi celebrates emotionally with Argentina teammates after dramatic FIFA World Cup victory over Egypt.
FIFA World Cup: मिस्र पर रोमांचक जीत के बाद भावुक हुए लियोनेल मेसी, साथियों ने कंधों पर उठाकर किया सम्मान

FIFA विश्व कप के राउंड ऑफ-16 में अर्जेंटीना ने मिस्र के खिलाफ शानदार वापसी करते हुए 3-2 से जीत दर्ज की। मुकाबले के बाद सबसे भावुक पल तब देखने को मिला जब कप्तान लियोनेल मेसी की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। अंतिम सीटी बजते ही साथी खिलाड़ियों ने उन्हें गले लगाया और बाद में कंधों पर उठाकर उनकी शानदार कप्तानी और प्रदर्शन का सम्मान किया। 2-0 से पिछड़ने के बाद बदली मैच की तस्वीर करीब 80 मिनट तक ऐसा लग रहा था कि मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी। टीम 2-0 से पीछे थी और मेसी पहले हाफ में पेनल्टी भी चूक चुके थे। लेकिन अंतिम 13 मिनट में अर्जेंटीना ने शानदार खेल दिखाया। क्रिस्टियन रोमेरो, लियोनेल मेसी और एंजो फर्नांडीज के गोल की बदौलत टीम ने 3-2 से यादगार जीत हासिल कर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। पेनल्टी मिस करने के बाद भी नहीं हारी उम्मीद पहले हाफ में मेसी की पेनल्टी मिस होने के बाद टीम मुश्किल में आ गई थी। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार गेंद मांगते रहे। उन्होंने पहले अर्जेंटीना के लिए वापसी की शुरुआत कराई, फिर बराबरी का गोल दागा। आखिरकार एंजो फर्नांडीज ने स्टॉपेज टाइम में विजयी गोल कर टीम को अगले दौर में पहुंचा दिया। कोच स्कालोनी भी हुए भावुक मैच के बाद अर्जेंटीना के मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी भी अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके। उन्होंने कहा कि यह टीम कभी हार नहीं मानती और खिलाड़ियों का जज्बा ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। स्कालोनी ने मेसी की तारीफ करते हुए कहा कि पेनल्टी चूकने के बाद भी उन्होंने गेंद मांगना नहीं छोड़ा और वही उनकी महानता की पहचान है। मेसी ने टीम को दिया जीत का श्रेय मैच के बाद मेसी ने व्यक्तिगत प्रदर्शन के बजाय पूरी टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह जीत पूरे समूह की मेहनत का परिणाम है और टीम ने एक बार फिर साबित किया कि वह आखिरी मिनट तक लड़ना जानती है। उन्होंने प्रशंसकों का भी धन्यवाद दिया और उम्मीद जताई कि टीम आगे भी इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखेगी। साथियों ने कंधों पर उठाकर किया सम्मान जीत के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने मैदान पर एकजुट होकर जश्न मनाया। सभी खिलाड़ियों ने मेसी को घेर लिया और फिर उन्हें कंधों पर उठाकर सम्मान दिया। यह दृश्य टीम के भीतर मजबूत एकता, विश्वास और अपने कप्तान के प्रति सम्मान का प्रतीक बन गया। अर्जेंटीना अब इस शानदार जीत के साथ विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुकी है और खिताब बचाने की उसकी उम्मीदें बरकरार हैं।  

surbhi जुलाई 8, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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