पटना

Samrat Chaudhary Helicopter
हाजीपुर में उड़ान के बाद 7 मिनट तक हवा में रुका सीएम सम्राट चौधरी का हेलीकॉप्टर, प्रशासन ने बताई वजह

हाजीपुर, एजेंसियां।  बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का हेलीकॉप्टर शनिवार को हाजीपुर के अक्षयवट राय स्टेडियम से उड़ान भरने के बाद करीब सात मिनट तक एक ही क्षेत्र में हवा में मंडराता रहा। इस अप्रत्याशित स्थिति को देखकर स्टेडियम परिसर में मौजूद लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच कुछ समय के लिए चिंता का माहौल बन गया। हालांकि बाद में प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह उड़ान संचालन की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा था और किसी तरह की तकनीकी खराबी या सुरक्षा संबंधी समस्या नहीं थी।   उड़ान के बाद कुछ देर तक हवा में रुका हेलीकॉप्टर प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हेलीकॉप्टर ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सामान्य रूप से उड़ान भरी, लेकिन आगे बढ़ने के बजाय कुछ मिनट तक एक ही क्षेत्र में चक्कर लगाता रहा। एहतियात के तौर पर पुलिस और प्रशासन ने स्टेडियम में मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर हटाना शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ देर के लिए अफरा-तफरी जैसी स्थिति भी देखने को मिली।   लोकेशन स्पष्ट होने के बाद पटना के लिए रवाना करीब सात मिनट बाद पायलट को आगे की उड़ान के लिए आवश्यक लोकेशन स्पष्ट होने पर हेलीकॉप्टर ने सामान्य रूप से उड़ान जारी रखी और पटना के लिए रवाना हो गया। अधिकारियों ने बताया कि पायलट को नेविगेशन संबंधी आवश्यक स्पष्टता मिलने तक हेलीकॉप्टर को हवा में होल्ड करना पड़ा।   प्रशासन ने अफवाहों पर लगाया विराम घटना के बाद प्रशासन ने साफ किया कि पूरी प्रक्रिया सुरक्षा मानकों के तहत अपनाई गई थी। अधिकारियों के अनुसार हेलीकॉप्टर में कोई तकनीकी खराबी नहीं आई थी और न ही सुरक्षा से जुड़ी कोई समस्या उत्पन्न हुई। उड़ान के दौरान सभी आवश्यक प्रोटोकॉल का पालन किया गया और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की।

abhishek singh जुलाई 12, 2026 0
Bharat Taxi
रांची और पटना में जल्द शुरू होगी 'भारत टैक्सी' सेवा

रांची। केंद्र सरकार की सहकारी मॉडल पर आधारित 'भारत टैक्सी' सेवा का विस्तार जल्द ही झारखंड की राजधानी रांची और बिहार की राजधानी पटना सहित कई नए शहरों तक किया जाएगा। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय राजधानी में सहकारिता मंत्रालय के पांचवें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में इसकी घोषणा की। उन्होंने बताया कि सरकार अगले दो वर्षों में इस सेवा को देश के 500 शहरों तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है।   इन शहरों में शुरू होगी नई सेवा वर्तमान में 'भारत टैक्सी' सेवा दिल्ली-एनसीआर, गुजरात, लखनऊ, चंडीगढ़, मुंबई, जयपुर और कानपुर में संचालित हो रही है। आने वाले महीनों में रांची, पटना, गुवाहाटी, भोपाल, कोलकाता, इंदौर और नागपुर जैसे प्रमुख शहर भी इस नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। सरकार का उद्देश्य सहकारी मॉडल के माध्यम से यात्रियों को विश्वसनीय और किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है, साथ ही टैक्सी चालकों को बेहतर आय के अवसर देना है।   सहकारी जीवन बीमा कंपनी की भी घोषणा अमित शाह ने कार्यक्रम के दौरान यह भी घोषणा की कि सरकार 'भारत टैक्सी' की तर्ज पर एक सहकारी जीवन बीमा कंपनी स्थापित करने की योजना बना रही है। उनका कहना था कि इससे सहकारी क्षेत्र को और अधिक मजबूती मिलेगी तथा करोड़ों सदस्यों को बेहतर बीमा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।   30 करोड़ से अधिक सदस्य होंगे लाभान्वित देश में वर्तमान में लगभग 8.5 लाख सहकारी संस्थाएं कार्यरत हैं, जिनसे 30 करोड़ से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं। वहीं, भारत में इस समय 26 जीवन बीमा कंपनियां संचालित हैं। सरकार का मानना है कि नई सहकारी जीवन बीमा कंपनी बनने से सहकारी संस्थाओं की आर्थिक क्षमता बढ़ेगी और आम लोगों को प्रतिस्पर्धी एवं सुलभ बीमा सेवाओं का लाभ मिलेगा। 'भारत टैक्सी' सेवा का विस्तार भी इसी दिशा में सहकारिता आधारित आर्थिक मॉडल को मजबूत करने की एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

abhishek singh जुलाई 7, 2026 0
BSPHCL
बिहार में रिकॉर्ड बिजली खपत, पहली बार 9,350 मेगावाट के पार पहुंची पीक पावर डिमांड

पटना,एजेंसियां। भीषण गर्मी और उमस के बीच बिहार में बिजली की मांग ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। शनिवार को राज्य की पीक पावर डिमांड पहली बार 9,350 मेगावाट के आंकड़े को पार कर गई। ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह अब तक की सबसे अधिक बिजली मांग है और राज्य की वितरण कंपनियों ने बिना बड़े व्यवधान के आपूर्ति बनाए रखी।   गर्मी और उमस से बढ़ी बिजली की खपत   ऊर्जा विभाग के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से राज्य के अधिकांश जिलों में तापमान और उमस बढ़ने के कारण एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य बिजली उपकरणों का उपयोग तेजी से बढ़ा है। इसका सीधा असर बिजली की खपत पर पड़ा और राज्य की पीक डिमांड नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। सबसे अधिक मांग पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और दरभंगा जैसे शहरी क्षेत्रों में दर्ज की गई।    रिकॉर्ड मांग के बावजूद निर्बाध रही बिजली आपूर्ति   बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड ने बताया कि रिकॉर्ड मांग के बावजूद राज्य में बिजली आपूर्ति सामान्य रही। पर्याप्त बिजली खरीद, ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करने और ग्रिड प्रबंधन की वजह से उपभोक्ताओं को बड़े स्तर पर कटौती का सामना नहीं करना पड़ा। अधिकारियों ने कहा कि आने वाले दिनों में भी बढ़ती मांग को देखते हुए सभी बिजली संयंत्रों और ग्रिड की लगातार निगरानी की जा रही है।   बिजली व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी   ऊर्जा विभाग का कहना है कि राज्य में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण क्षमता को लगातार बढ़ाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में हर उपभोक्ता को 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराई जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक गतिविधियों और घरेलू उपभोग में वृद्धि के कारण बिहार में बिजली की मांग आगे भी बढ़ सकती है।

abhishek singh जुलाई 5, 2026 0
Patna Naubatpur Gangrape
झारखंड की डांसर बहनों के साथ बिहार में गैंगरेप

तिलक के बहाने ले गये थे पटना, एजेंसियां। पटना के नौबतपुर में दो सगी बहनों के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। लड़कियों ने बताया कि उन्हें एक तिलक समारोह में डांस कार्यक्रम के बहाने गांव बुलाया गया था, जहां दोनों बहनों के साथ कई लोगों ने रेप किया। मारपीट और जान से मारने की धमकी भी पीड़िता के मुताबिक, आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी। मामले में नौबतपुर थाने में तीन नामजद सहित 10 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। लातेहार की रहने वाली हैं दोनों बहने दोनों झारखंड के लातेहार जिले की रहने वाली है। वर्तमान में पटना के मीठापुर इलाके में किराए के मकान में रहती थीं। दोनों बहनों को आरोपियों ने 8 हजार रुपए में बुक किया और स्कूटी से अपने साथ ले गए। पीड़िता बोली- भागने की कोशिश की तो मारपीट करने लगे पुलिस को दिए गए आवेदन के मुताबिक, घटना 18 जून की है। पीड़िताओं को नौबतपुर के एक गांव में तिलक समारोह के दौरान डांस कार्यक्रम के लिए बुलाया गया था। कार्यक्रम की बुकिंग भेलुरा रामपुर निवासी मुन्ना कुमार ने की थी। आरोप है कि मुन्ना कुमार दोनों बहनों को मीठापुर से स्कूटी पर बैठाकर अपने गांव ले गया। वहां कार्यक्रम स्थल पर ले जाने के बजाय वह अपने चचेरे भाई सूरज, भानु कुमार और अन्य युवकों के साथ उन्हें जबरन एक सुनसान जगह पर ले गया। पीड़िताओं का आरोप है कि इसके बाद उन्हें बंधक बनाकर अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया, जहां आरोपियों ने बारी-बारी से पूरी रात उनके साथ दुष्कर्म किया। जब उन्होंने वहां से भागने की कोशिश की तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। अलग-अलग जगहों पर किया गया दुष्कर्म पीड़िता ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि उन्हें अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर आरोपियों ने बारी-बारी से पूरी रात दुष्कर्म किया। घर लौटते समय रास्ते में लड़कियों ने शोर मचाया अगली सुबह, 19 जून को आरोपी दोनों बहनों को एक गाड़ी से वापस छोड़ने ले जा रहे थे। जब वाहन फुलवारीशरीफ इलाके में पहुंचा, तो युवतियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। उनकी चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग मौके पर जुट गए और डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल-112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों युवतियों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लेकर फुलवारीशरीफ थाने पहुंची। घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल नौबतपुर पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद नौबतपुर थाना की टीम फुलवारीशरीफ पहुंची और पीड़िताओं को अपने साथ लेकर नौबतपुर थाने चली गई। 3 नामजद समेत 13 लोगों पर FIR... घटना की गंभीरता को देखते हुए फुलवारीशरीफ के SDPO-2 दीपक कुमार ने घटनास्थल का मुआयना किया। इसके साथ ही एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर जरूरी साक्ष्य भी जुटाए। पुलिस ने तीन नामजद समेत एक दर्जन लोगों पर केस दर्ज किया है। नौबतपुर थानाध्यक्ष मंजीत कुमार ठाकुर ने बताया कि, 'पीड़िताओं के आवेदन के आधार पर मुन्ना कुमार, सूरज कुमार और भानु कुमार सहित कुल 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। हिरासत में एक आरोपी, छापेमारी जारी नौबतपुर थानाध्यक्ष ने बताया, "पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।" उन्होंने आगे कहा, "दोनों पीड़िताओं का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद उनका बयान दर्ज कराने के लिए न्यायालय भेजा जाएगा।" पुलिस की विशेष टीम गठित घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें गठित की गई हैं। टीमें उनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। फिलहाल दोनों पीड़िताओं को मेडिकल टेस्ट के लिए अस्पताल भेजा गया है।

abhishek singh जून 20, 2026 0
Oil storage tanks symbolizing India's plan to strengthen crude reserves and fuel security.
अब नहीं मचेगा पेट्रोल-डीजल और LPG पर हाहाकार? चीन की राह पर चल सकता है भारत, सरकार बना रही बड़ी रणनीति

वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और ईरान युद्ध के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी थीं। महंगे तेल के कारण देश का आयात बिल बढ़ा, चालू खाते के घाटे पर दबाव पड़ा और रुपये की कमजोरी भी देखने को मिली। अब भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए भारत चीन की तर्ज पर बड़ा कदम उठाने पर विचार कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार घरेलू रिफाइनरियों को अधिक मात्रा में कच्चे तेल का भंडार तैयार करने और उसे लंबे समय तक बनाए रखने की नीति पर काम कर सकती है। चीन की रणनीति से मिला सबक ईरान संकट के दौरान चीन ने अंतरराष्ट्रीय बाजार से महंगा तेल खरीदने के बजाय अपने विशाल रणनीतिक तेल भंडार (Strategic Petroleum Reserve) का इस्तेमाल किया। इससे उसे कीमतों में उछाल का असर कम झेलना पड़ा। अब भारत भी इसी मॉडल को अपनाने पर विचार कर रहा है ताकि भविष्य में सप्लाई बाधित होने या कीमतों में अचानक वृद्धि की स्थिति में देश की ऊर्जा जरूरतें प्रभावित न हों। फिलहाल सिर्फ 15 दिन का स्टॉक रखती हैं रिफाइनरियां वर्तमान में भारतीय रिफाइनरियां अपनी परिचालन जरूरतों के लिए लगभग 15 दिनों का कच्चा तेल स्टोर करती हैं। नई योजना के तहत इस क्षमता को बढ़ाकर लगभग 30 दिनों की मांग के बराबर किया जा सकता है। इसके लिए करीब 150 मिलियन बैरल कच्चे तेल की जरूरत होगी, क्योंकि भारत की दैनिक खपत लगभग 5 मिलियन बैरल है। 60 हजार करोड़ रुपये तक का खर्च यदि रिफाइनरियों को अपने भंडार को दोगुना करना पड़ता है, तो मौजूदा कीमतों के आधार पर केवल अतिरिक्त कच्चे तेल की खरीद पर लगभग 60,000 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं। इसके अलावा: नए स्टोरेज टैंक बनाने होंगे। हजारों करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश करना पड़ेगा। पूरी प्रक्रिया को पूरा होने में कई साल लग सकते हैं। इसी कारण कुछ रिफाइनरियां इस प्रस्ताव को लेकर चिंता भी जता सकती हैं। पोर्ट्स के पास बनाए जा सकते हैं स्टोरेज विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार रिफाइनरियों को बंदरगाहों के पास स्टोरेज सुविधाएं विकसित करने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है। इससे दो बड़े फायदे होंगे: अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल का व्यापार आसान होगा। भारत भविष्य में क्षेत्रीय ऊर्जा व्यापार का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। सिंगापुर का उदाहरण देते हुए विशेषज्ञों का कहना है कि विशाल तेल भंडारण क्षमता ने उसे एशिया के प्रमुख तेल व्यापारिक केंद्रों में शामिल कर दिया है। रणनीतिक भंडार में भारत अभी काफी पीछे यूएस एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन के आंकड़ों के अनुसार, 2025 के अंत तक विभिन्न देशों के रणनीतिक कच्चे तेल भंडार इस प्रकार थे: चीन: 1,397 मिलियन बैरल अमेरिका: 413 मिलियन बैरल जापान: 263 मिलियन बैरल भारत: केवल 21 मिलियन बैरल इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि ऊर्जा सुरक्षा के मामले में भारत अभी कई बड़े देशों से काफी पीछे है। क्या इससे पेट्रोल और LPG की कीमतों पर असर पड़ेगा? विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत के पास पर्याप्त तेल भंडार होगा, तो अंतरराष्ट्रीय संकट के दौरान देश को तुरंत महंगा तेल खरीदने की मजबूरी कम होगी। इससे: पेट्रोल और डीजल की सप्लाई स्थिर रह सकती है। LPG की उपलब्धता प्रभावित नहीं होगी। आयात बिल और रुपये पर दबाव कम किया जा सकेगा। ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। हालांकि, यह एक दीर्घकालिक योजना है और इसके परिणाम आने में समय लग सकता है।  

surbhi जून 17, 2026 0
Samrat Chaudhary
पटना नहीं, अब पाटलीपुत्र कहिए जनाब, बिहार के सीएम ने कर दिया ऐलान

पटना, एजेंसियां। बिहार की राजधानी पटना का नाम अब पाटलीपुत्र होगा। राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह घोषणा फुलवारीशरीफ के नदियावां गांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की। हालांकि यह नया नाम नहीं है, बल्कि राजधानी पटना को पहले पाटलीपुत्र के नाम से ही जाना जाता था। 16वीं शताब्दी में शेरशाह सूरी के शासनकाल के दौरान पाटलीपुत्र से बदलकर पटना किया गया। भविष्य में 'पाटलिपुत्र' के नाम से पहचान मिलेगी मुख्यमंत्री ने फुलवारीशरीफ के नदियावां गांव में आयोजित प्रखंड सहयोग सह जनकल्याण शिविर में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने बिहार के विकास, कानून-व्यवस्था, उद्योग, किसानों के हित और राजधानी पटना के भविष्य को लेकर सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 'बड़ा पटना' की अवधारणा पर काम कर रही है, जिसे भविष्य में 'पाटलिपुत्र' के नाम से पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि राजधानी का विकास केवल वर्तमान शहर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसके ऐतिहासिक गौरव को भी नई पहचान दी जाएगी। साथ ही नए और आधुनिक टाउनशिप विकसित कर आर्थिक गतिविधियों और निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। किसानों, उद्योग और कानून-व्यवस्था पर सरकार का फोकस मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को अधिक मुआवजा देने के लिए जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाएगी। उन्होंने बताया कि आपदा, संकट या शादी-विवाह जैसी परिस्थितियों में जरूरतमंद परिवारों को तत्काल सहायता देने के लिए जिलाधिकारियों को विशेष अधिकार दिए गए हैं।  बिहार में अपराधियों के लिए जगह नही कानून-व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने कहा कि अपराधियों के लिए बिहार में कोई जगह नहीं है। महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में भी सरकार पूरी गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उद्योगों के विस्तार, नए टाउनशिप और बढ़ते बजट के कारण बिहार तेजी से आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है और आने वाले वर्षों में राज्य की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।

abhishek singh जून 17, 2026 0
Student Protest
खान सर के समर्थन में सड़कों पर उतरे छात्र, कोचिंग सेंटर के बाहर बढ़ी भीड़

पटना, एजेंसियां। पटना में चर्चित शिक्षक खान सर  के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। उनके समर्थन में बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए हैं और कोचिंग सेंटर के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की भीड़ लगातार बढ़ रही है, जिससे इलाके में हलचल का माहौल बना हुआ है। पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं। हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला जानकारी के अनुसार, Kadamkuan Police Station में खान सर के खिलाफ हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई कोचिंग सेंटर के सुरक्षा गार्डों के बयानों के आधार पर की गई है। FIR की खबर सामने आते ही छात्रों में नाराजगी और बेचैनी बढ़ गई, जिसके बाद सैकड़ों छात्र उनके समर्थन में कोचिंग सेंटर के बाहर पहुंच गए। छात्रों का कहना- जांच पूरी होने से पहले फैसला न हो प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। छात्रों ने दावा किया कि खान सर लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का मार्गदर्शन करते रहे हैं और उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा है। इसी वजह से वे उनके समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। पुलिस ने शांति बनाए रखने की अपील की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने छात्रों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार के बहकावे में न आने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि पुलिस की अपील के बावजूद कोचिंग सेंटर के बाहर छात्रों की मौजूदगी बनी हुई है। खान सर ने जांच में सहयोग का दिया भरोसा विवाद के बीच खान सर ने कहा है कि उन्हें FIR की आधिकारिक जानकारी अभी तक नहीं मिली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेंगे। उनका दावा है कि कोचिंग सेंटर पर हुए कथित हमले के दौरान सुरक्षा गार्डों ने आत्मरक्षा में फायरिंग की थी और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। 2 जून की घटना से शुरू हुआ विवाद पूरा विवाद 2 जून की रात हुई एक घटना से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि कुछ लोगों ने कोचिंग सेंटर में घुसकर हंगामा किया और सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट की। इसके बाद फायरिंग का एक वीडियो सामने आया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने दो सुरक्षा गार्डों को गिरफ्तार कर लिया और आगे की जांच के दौरान खान सर को भी मामले में नामजद आरोपी बनाया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।

Unknown जून 6, 2026 0
Khan Sir first Reaction
‘मेरे फोटो पर माला चढ़ जाए, यही चाहते हैं कुछ लोग’- फायरिंग विवाद पर पहली बार बोले खान सर

पटना, एजेंसियां। पटना स्थित अपने कोचिंग संस्थान पर हुए हमले और फायरिंग विवाद के बीच खान सर ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी है। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने फायरिंग को आत्मरक्षा में उठाया गया कदम बताया और कहा कि हालात ऐसे थे कि सुरक्षा गार्डों को कार्रवाई करनी पड़ी। पुलिस के पहुंचने से पहले बिगड़ चुके थे हालात खान सर ने कहा कि घटना के समय पुलिस मौके पर मौजूद नहीं थी और उसे पहुंचने में समय लगा। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक पुलिस नहीं पहुंची थी, तब तक सुरक्षा गार्ड क्या करते। उनके अनुसार सुरक्षा कर्मियों की जिम्मेदारी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है और उन्होंने वही किया। ‘गार्ड ने किसी व्यक्ति को निशाना नहीं बनाया’ फायरिंग को लेकर उठ रहे सवालों पर खान सर ने कहा कि इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि सुरक्षा गार्ड ने किसी व्यक्ति को निशाना बनाकर गोली नहीं चलाई, बल्कि आत्मरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से कार्रवाई की गई थी। गार्ड के साथ मारपीट का आरोप खान सर ने बताया कि उनके गार्ड के साथ हमलावरों ने बुरी तरह मारपीट की थी। उनका कहना था कि गार्ड को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। ऐसी स्थिति में सुरक्षा कर्मियों से निष्क्रिय रहने की उम्मीद नहीं की जा सकती। भावुक हुए खान सर छात्रों से बातचीत के दौरान खान सर ने कहा कि कुछ लोग चाहते हैं कि उनके साथ कोई बड़ी घटना हो जाए। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, “ये लोग चाहते हैं कि खान सर के फोटो पर माला चढ़ जाए।” CCTV फुटेज दिखाकर दी सफाई विवाद के बीच खान सर छात्रों को CCTV फुटेज दिखाकर पूरी घटना समझाते नजर आए। वहीं फायरिंग का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। दोनों गार्डों से पूछताछ की गई है और उनके हथियार सत्यापन के लिए जब्त कर लिए गए हैं। मामले में नई एफआईआर दर्ज कर जांच जारी है।

Unknown जून 6, 2026 0
Patna streets adorned with Ram Dhwaj and vibrant Ram Navami procession preparations.
पटना में रामनवमी की भव्य तैयारियां: 52 झांकियां बनेंगी मुख्य आकर्षण, डाकबंगला चौराहे के नाम बदलने पर बढ़ी चर्चा

पटना: बिहार की राजधानी पटना में इस बार रामनवमी को लेकर जोरदार तैयारियां की जा रही हैं। 27 मार्च को निकलने वाली भव्य शोभायात्रा को लेकर शहर के अलग-अलग इलाकों में उत्साह चरम पर है। इस बार 52 आकर्षक झांकियां शोभायात्रा का मुख्य केंद्र होंगी, जिनमें भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंगों को दर्शाया जाएगा।   52 झांकियों से सजेगी भव्य शोभायात्रा रामनवमी के अवसर पर पटना में निकलने वाली शोभायात्रा हर साल की तरह इस बार भी भव्य होगी। विभिन्न मोहल्लों से निकलने वाली 52 झांकियां धार्मिक और सांस्कृतिक संदेश देंगी। देश के अलग-अलग हिस्सों से कलाकार भी इसमें हिस्सा लेंगे, जिससे आयोजन का स्वरूप और भव्य हो गया है।   देशभर की सांस्कृतिक झलक दिखेगी आयोजन को खास बनाने के लिए मुंबई की बैंड पार्टी, झारखंड की नृत्य मंडली, काशी से गंगा आरती की टीम और सिख समुदाय के निहंग भी शामिल होंगे। इससे यह आयोजन सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बनता जा रहा है।   डाकबंगला चौराहे के नाम बदलने की मांग तेज इस बीच पटना के प्रमुख स्थल डाकबंगला चौराहा का नाम बदलकर ‘श्री राम चौक’ करने की मांग भी जोर पकड़ रही है। भाजपा नेता नितिन नवीन ने कहा कि यह सिर्फ नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था और शहर की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा विषय है। उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने और सरकारी अभिलेखों में दर्ज कराने की कोशिश की जाएगी।   दो लाख राम ध्वज से सजेगा शहर रामनवमी शोभायात्रा अभिनंदन समिति के अध्यक्ष सरदार जगजीवन सिंह बबलू के अनुसार, इस बार पूरे शहर को खास तरीके से सजाया जाएगा। प्रमुख चौक-चौराहों पर करीब दो लाख राम ध्वज लगाए जाएंगे, वहीं एक लाख विक्रम संवत कैलेंडर भी वितरित किए जाएंगे।   आकर्षक लाइटिंग और महिलाओं की भागीदारी डाकबंगला क्षेत्र को बंगाल के चंदन नगर की प्रसिद्ध लाइटिंग से सजाया जाएगा, जो इस आयोजन को और भव्य बनाएगा। साथ ही इस बार शोभायात्रा में महिलाओं की भागीदारी भी बड़ी संख्या में देखने को मिलेगी।   पटना की नई पहचान बनाने की कोशिश नितिन नवीन ने कहा कि जिस तरह महाराष्ट्र की पहचान गणेश उत्सव और पश्चिम बंगाल की दुर्गा पूजा से जुड़ी है, उसी तरह पटना की पहचान भी रामनवमी महोत्सव से स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।   सांस्कृतिक और धार्मिक एकता का संदेश पटना में होने वाला यह आयोजन अब केवल एक धार्मिक पर्व नहीं रह गया है, बल्कि यह सांस्कृतिक समरसता और एकता का प्रतीक बनता जा रहा है। हर साल बढ़ती भागीदारी इस बात का संकेत है कि रामनवमी महोत्सव पटना की पहचान बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है।  

surbhi मार्च 17, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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