Artifical Intelligence

ATL Saathi
Google ने भारत के शिक्षकों के लिए 'ATL Saathi' AI प्लेटफॉर्म का किया विस्तार, क्लाउड और AI टूल्स को भी मिला अपग्रेड

नई दिल्ली, एजेंसियां। टेक दिग्गज Google ने भारत में शिक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 'ATL Saathi' AI प्लेटफॉर्म का विस्तार करने की घोषणा की है। इस पहल के तहत देशभर के शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल लर्निंग टूल्स का बेहतर प्रशिक्षण और उपयोग उपलब्ध कराया जाएगा।   शिक्षकों को मिलेगा AI का प्रशिक्षण   Google के अनुसार, प्लेटफॉर्म के जरिए शिक्षकों को AI आधारित कंटेंट तैयार करने, स्मार्ट क्लासरूम चलाने और छात्रों के लिए इंटरैक्टिव लर्निंग अनुभव विकसित करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे डिजिटल शिक्षा को नई गति मिलने की उम्मीद है।   क्लाउड और AI टूल्स हुए अपग्रेड   कंपनी ने 'ATL Saathi' में कई नए AI फीचर्स और Google Cloud आधारित सेवाएं जोड़ी हैं। इनकी मदद से शिक्षक लेसन प्लान तैयार करने, क्विज़ बनाने, असाइनमेंट तैयार करने और छात्रों की प्रगति का बेहतर विश्लेषण कर सकेंगे।   अटल टिंकरिंग लैब्स को मिलेगा फायदा   यह पहल अटल इनोवेशन मिशन (AIM) के तहत संचालित अटल टिंकरिंग लैब्स (ATL) से जुड़े स्कूलों को विशेष रूप से लाभ पहुंचाएगी। Google का लक्ष्य छात्रों में AI, रोबोटिक्स, कोडिंग और नवाचार से जुड़ी कौशल विकसित करना है।   डिजिटल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा   विशेषज्ञों का मानना है कि AI आधारित शिक्षा प्लेटफॉर्म के विस्तार से भारत के स्कूलों में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा। इससे शिक्षकों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और छात्रों को आधुनिक तकनीकों के साथ सीखने का अवसर मिलेगा।   नई शिक्षा नीति के अनुरूप पहल   Google ने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के उद्देश्यों के अनुरूप है और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से छात्रों को AI एवं डिजिटल स्किल्स से लैस करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

abhishek singh जुलाई 16, 2026 0
Indian stock market display showing Sensex and Nifty trading higher during opening session
Share Market Opening: लगातार दूसरे दिन शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 250 अंक चढ़ा, निफ्टी 24,150 के पार

नई दिल्ली: घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार दूसरे कारोबारी दिन भी मजबूती देखने को मिली। एशियाई बाजारों में कमजोरी के बावजूद भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 250 अंक से अधिक उछल गया, जबकि एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स 24,150 के स्तर के ऊपर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी मामूली मजबूती के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में बाजार की स्थिति सुबह करीब 9:24 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 242.70 अंक (0.31%) की बढ़त के साथ 77,428.13 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 50 62.35 अंक (0.26%) की तेजी के साथ 24,140.85 अंक पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में भी बाजार सकारात्मक रुख के साथ बंद हुआ था। उस दिन सेंसेक्स 130.49 अंक और निफ्टी 26.45 अंक की बढ़त दर्ज करने में सफल रहा था। रुपये में भी मामूली मजबूती शेयर बाजार की तेजी के बीच भारतीय मुद्रा में भी हल्की मजबूती देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1 पैसे मजबूत होकर 96.24 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। सेंसेक्स के इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी 30 शेयरों वाले सेंसेक्स में शुरुआती कारोबार के दौरान 20 कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। सबसे ज्यादा तेजी एचसीएल टेक में देखने को मिली, जिसके शेयर करीब 2.6% तक उछल गए। इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, टाइटन, मारुति सुजुकी, टीसीएस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एशियन पेंट्स और ट्रेंट जैसे शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इन शेयरों पर रहा दबाव दूसरी ओर बैंकिंग और कुछ अन्य सेक्टर के शेयरों में हल्की कमजोरी दर्ज की गई। एक्सिस बैंक, अडानी पोर्ट्स, बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) और एनटीपीसी के शेयर शुरुआती कारोबार में लाल निशान में कारोबार करते दिखे। निफ्टी में आईटी शेयरों का दबदबा निफ्टी 50 इंडेक्स में एचसीएल टेक, मारुति सुजुकी और विप्रो सबसे अधिक बढ़त वाले शेयर रहे। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी आईटी और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में सबसे अच्छी तेजी देखने को मिली। वहीं, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर दबाव में रहा और इसमें सबसे ज्यादा कमजोरी दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बढ़त ब्रॉडर मार्केट की बात करें तो निवेशकों का रुझान मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी सकारात्मक रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में करीब 0.02% जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.34% की बढ़त दर्ज की गई। निवेशकों की नजर आगे किन बातों पर रहेगी? विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर कंपनियों के तिमाही नतीजों, वैश्विक बाजारों के रुख, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और रुपये की चाल पर बनी रहेगी। यदि आईटी और ऑटो सेक्टर में खरीदारी जारी रहती है तो बाजार को आगे भी मजबूती मिल सकती है।  

surbhi जुलाई 16, 2026 0
OpenAI Smart Speaker
OpenAI के पहले AI गैजेट का खुलासा, बिना स्क्रीन वाला स्मार्ट स्पीकर ला सकती है कंपनी

नई दिल्ली, एजेंसियां। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी OpenAI के पहले उपभोक्ता हार्डवेयर डिवाइस को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी अपने पहले AI गैजेट के रूप में एक स्क्रीन-फ्री स्मार्ट स्पीकर लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। यह डिवाइस पारंपरिक स्मार्ट स्पीकर से अलग होगा और ChatGPT की मदद से अधिक प्राकृतिक और इंसानों जैसी बातचीत करने में सक्षम होगा।   कैमरा और सेंसर से होगा लैस   रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस AI डिवाइस में कैमरा और कई सेंसर दिए जाएंगे, जो आसपास के माहौल को समझने में मदद करेंगे। डिवाइस यूजर के संदर्भ के अनुसार जवाब देने, स्मार्ट होम डिवाइस नियंत्रित करने, मैसेज भेजने, मीडिया चलाने और अन्य AI आधारित कार्य करने में सक्षम होगा।   जॉनी आइव की टीम कर रही है डिजाइन   इस प्रोजेक्ट पर Apple के पूर्व मुख्य डिजाइनर जॉनी आइव की टीम काम कर रही है। OpenAI ने पिछले वर्ष उनकी AI हार्डवेयर कंपनी io का अधिग्रहण किया था। इसके बाद से कंपनी उपभोक्ता AI हार्डवेयर विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।   2027 में लॉन्च होने की संभावना   ब्लूमबर्ग और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, OpenAI इस डिवाइस को 2027 में बाजार में उतार सकती है। हालांकि कंपनी ने अब तक इसके डिजाइन, कीमत या लॉन्च डेट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।   AI हार्डवेयर बाजार में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा   यदि यह डिवाइस लॉन्च होती है, तो OpenAI सीधे AI हार्डवेयर बाजार में कदम रखेगी और Amazon Echo, Google Nest जैसे स्मार्ट स्पीकर के साथ नई प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है। कंपनी का लक्ष्य ऐसा AI डिवाइस तैयार करना है, जो स्मार्टफोन पर निर्भरता कम करते हुए अधिक स्वाभाविक और सहज उपयोग का अनुभव दे सके।

abhishek singh जुलाई 15, 2026 0
TCS AI Engineer
TCS बनाएगी 8,900 AI इंजीनियरों की नई टीम, वैश्विक AI कंपनियों को टक्कर देने की तैयारी

मुंबई, एजेंसियां। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में बड़ा दांव खेलते हुए 8,900 AI इंजीनियरों की नई टीम बनाने का ऐलान किया है। कंपनी का उद्देश्य एंटरप्राइज ग्राहकों के लिए AI आधारित समाधान तैयार करना और वैश्विक स्तर पर OpenAI, Microsoft, Amazon तथा Anthropic जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करना है।    AI इंजीनियर सीधे ग्राहकों के साथ करेंगे काम   TCS के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के. कृतिवासन ने बताया कि नई टीम में शामिल इंजीनियर केवल सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे सीधे ग्राहकों के साथ मिलकर उनकी जरूरत के मुताबिक AI समाधान विकसित करेंगे। कंपनी इन्हें "Forward Deployed Engineers" के रूप में तैयार कर रही है, ताकि AI प्रोजेक्ट्स को तेजी से लागू किया जा सके।    AI कारोबार को नई ऊंचाई देने की रणनीति   कंपनी का कहना है कि आने वाले वर्षों में AI सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ेगी। इसी को देखते हुए TCS बड़े पैमाने पर अपने कर्मचारियों को AI, मशीन लर्निंग और जनरेटिव AI तकनीकों में प्रशिक्षित कर रही है। कंपनी पहले ही लाखों कर्मचारियों को AI से जुड़ी स्किल्स की ट्रेनिंग दे चुकी है और अब विशेषज्ञ इंजीनियरों की अलग टीम तैयार की जा रही है।    वैश्विक AI बाजार में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा   विशेषज्ञों का मानना है कि TCS का यह कदम भारतीय आईटी उद्योग के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। AI तकनीक में बढ़ते निवेश के साथ भारतीय कंपनियां अब केवल आउटसोर्सिंग तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि वैश्विक AI नवाचार और एंटरप्राइज समाधान के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की तैयारी कर रही हैं।

abhishek singh जुलाई 14, 2026 0
HDFC Bank
HDFC बैंक का बड़ा फैसला, अब बैकएंड कर्मचारी सीधे करेंगे ग्राहकों की मदद; AI से बदलेगा बैंकिंग अनुभव

मुंबई, एजेंसियां। देश के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC Bank ने ग्राहक सेवा को बेहतर बनाने के लिए बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। बैंक अब बैकएंड विभाग में काम करने वाले कई कर्मचारियों को धीरे-धीरे ग्राहक सेवा भूमिकाओं में तैनात करेगा। बैंक का कहना है कि नई तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बैकएंड का काम अधिक तेज और स्वचालित हो गया है, इसलिए कर्मचारियों को अब सीधे ग्राहकों की जरूरतें पूरी करने में लगाया जाएगा।   तकनीक संभालेगी बैकएंड, कर्मचारी देंगे बेहतर सेवा   HDFC बैंक के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ शशिधर जगदीशन ने वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि बैंक तकनीक आधारित दक्षता का लाभ उठाकर बैकएंड कर्मचारियों को ऐसी भूमिकाओं में भेज रहा है, जहां वे ग्राहकों के साथ सीधे जुड़ सकें। इससे शाखाओं और डिजिटल चैनलों पर ग्राहकों को तेज, व्यक्तिगत और बेहतर सेवा मिलने की उम्मीद है।   AI से मजबूत होगी बैंकिंग व्यवस्था   बैंक ने बताया कि वह साइबर सुरक्षा, धोखाधड़ी की पहचान और ग्राहक सेवा को बेहतर बनाने के लिए AI आधारित प्रणालियों का तेजी से विस्तार कर रहा है। HDFC Bank का स्वदेशी AI मॉडल 'Neev' डेटा विश्लेषण, जोखिम प्रबंधन और ग्राहक सहायता को अधिक स्मार्ट बनाने में मदद करेगा। बैंक का कहना है कि AI का उद्देश्य कर्मचारियों की जगह लेना नहीं, बल्कि उनकी कार्यक्षमता बढ़ाना है।   छोटे शहरों और गांवों पर भी रहेगा फोकस   HDFC बैंक ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते उपयोग के बावजूद वह छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी शाखाओं की मौजूदगी मजबूत बनाए रखेगा। बैंक का मानना है कि कई ग्राहक आज भी व्यक्तिगत सलाह और शाखा-आधारित सेवाओं को प्राथमिकता देते हैं, इसलिए तकनीक और मानवीय सेवा के बीच संतुलन बनाए रखा जाएगा।

abhishek singh जुलाई 12, 2026 0
CBSE
CBSE ने AI और स्किल एजुकेशन को दिया बढ़ावा, छात्रों को भविष्य की तकनीकों के लिए किया जाएगा तैयार

नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने स्कूल शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कंप्यूटेशनल थिंकिंग (CT) को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने नए शैक्षणिक सत्र के तहत AI आधारित मॉड्यूल और स्किल एजुकेशन के विस्तार पर जोर देते हुए स्कूलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसका उद्देश्य छात्रों को भविष्य की तकनीकों और डिजिटल कौशल के लिए तैयार करना है।   आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटेशनल थिंकिंग पर विशेष फोकस   CBSE ने कक्षा 3 से 8 तक के लिए नया कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पाठ्यक्रम लागू किया है। वहीं माध्यमिक स्तर पर भी AI और कंप्यूटेशनल थिंकिंग को मॉड्यूल के रूप में शामिल किया जा रहा है, ताकि छात्रों में तार्किक सोच, समस्या समाधान और डिजिटल साक्षरता विकसित हो सके।   शिक्षकों को भी मिलेगा विशेष प्रशिक्षण   बोर्ड ने 2026-27 सत्र के लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण का मुख्य विषय "Computational Thinking and Understanding Artificial Intelligence" तय किया है। इसके तहत देशभर में कार्यशालाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे शिक्षक AI आधारित शिक्षण पद्धतियों को कक्षा में प्रभावी ढंग से लागू कर सकें।   स्किल एजुकेशन को मिलेगा बढ़ावा   CBSE ने स्किल एजुकेशन के तहत कई नए तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को भी बढ़ावा दिया है। इनमें Generative AI, Python, Internet of Things (IoT), 3D Printing, VLSI, DevSecOps जैसे आधुनिक विषय शामिल हैं, ताकि छात्र नई तकनीकों से जुड़ सकें।   NEP 2020 के अनुरूप पहल   बोर्ड के अनुसार यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और NCFSE 2023 के अनुरूप है। इसका उद्देश्य छात्रों में नवाचार, रचनात्मक सोच, तकनीकी समझ और AI के जिम्मेदार उपयोग की क्षमता विकसित करना है, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।

abhishek singh जुलाई 10, 2026 0
GPT-5.6
OpenAI ने लॉन्च की GPT-5.6 फैमिली, Sol, Terra और Luna मॉडल के साथ AI तकनीक को मिली नई रफ्तार

सैन फ्रांसिस्को, एजेंसियां। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में बड़ी घोषणा करते हुए OpenAI ने अपनी नई GPT-5.6 मॉडल फैमिली लॉन्च कर दी है। इस नई श्रृंखला में Sol, Terra और Luna नाम के तीन अलग-अलग मॉडल शामिल हैं, जिन्हें अलग-अलग जरूरतों और उपयोगकर्ताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। कंपनी का कहना है कि नए मॉडल पहले की तुलना में अधिक तेज, सक्षम, सुरक्षित और किफायती हैं।   तीन मॉडल, तीन अलग-अलग क्षमताएं   OpenAI के अनुसार, GPT-5.6 Sol सबसे शक्तिशाली मॉडल है, जिसे जटिल कोडिंग, वैज्ञानिक शोध, साइबर सुरक्षा और गहन विश्लेषण जैसे कार्यों के लिए डिजाइन किया गया है। Terra रोजमर्रा के पेशेवर कार्यों के लिए संतुलित प्रदर्शन देता है, जबकि Luna सबसे तेज और कम लागत वाला मॉडल है, जो बड़े पैमाने पर उपयोग और तेज प्रतिक्रिया के लिए तैयार किया गया है।   बेहतर प्रदर्शन और कम लागत का दावा   कंपनी का दावा है कि GPT-5.6 फैमिली पहले की तुलना में कम टोकन खर्च कर बेहतर परिणाम देने में सक्षम है। खासतौर पर Sol मॉडल को सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, कंप्यूटर उपयोग, साइबर सुरक्षा और वैज्ञानिक कार्यों में उल्लेखनीय सुधार के साथ पेश किया गया है। Terra और Luna मॉडल भी कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाला प्रदर्शन देने के लिए विकसित किए गए हैं।   सुरक्षा पर भी खास जोर   OpenAI ने बताया कि GPT-5.6 Sol में अब तक का सबसे मजबूत सुरक्षा ढांचा जोड़ा गया है। मॉडल को कई सप्ताह तक रेड-टीमिंग और सुरक्षा परीक्षणों से गुजारा गया ताकि साइबर दुरुपयोग और अन्य जोखिमों को कम किया जा सके।   फिलहाल चरणबद्ध तरीके से हो रहा रोलआउट   OpenAI ने GPT-5.6 फैमिली का रोलआउट चरणबद्ध तरीके से शुरू किया है। शुरुआत में इसे ChatGPT, Codex और API के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है तथा आने वाले दिनों में इसका दायरा और बढ़ाया जाएगा।   AI इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा होगी और तेज   विशेषज्ञों का मानना है कि GPT-5.6 के लॉन्च के बाद OpenAI, Google, Anthropic और xAI जैसी कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा और तेज होगी। नए मॉडल एंटरप्राइज, डेवलपर्स और रिसर्च सेक्टर के लिए AI क्षमताओं को एक नए स्तर पर ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

abhishek singh जुलाई 10, 2026 0
Mitsubishi Delegation
बंगाल में सेमीकंडक्टर यूनिट लगाएगी Mitsubishi? जापानी कंपनी ने दिखाई दिलचस्पी

कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल में हाई-टेक उद्योग को बढ़ावा देने की कोशिशों के बीच जापानी कंपनी Mitsubishi ने राज्य में सेमीकंडक्टर यूनिट स्थापित करने में रुचि दिखाई है। पश्चिम बंगाल के उद्योग मंत्री तपस रॉय ने बताया कि Mitsubishi के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार के साथ मुलाकात कर प्रस्तावित सेमीकंडक्टर परियोजना को लेकर अपनी इच्छा जताई है।   Durgapur या Panagarh में मिल सकती है जमीन   राज्य सरकार ने संभावित परियोजना के लिए दुर्गापुर या पानागढ़ में जमीन उपलब्ध कराने का विकल्प दिया है। Mitsubishi के अधिकारी जल्द ही दोबारा राज्य का दौरा कर परियोजना से जुड़ी आगे की बातचीत कर सकते हैं।   Mitsubishi प्रतिनिधिमंडल ने की अहम बैठक   Mitsubishi के प्रतिनिधियों ने पश्चिम बंगाल के उद्योग मंत्री तपस रॉय और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान राज्य में निवेश की संभावनाओं और सेमीकंडक्टर निर्माण से जुड़े अवसरों पर चर्चा हुई।   सेमीकंडक्टर हब बनने की दिशा में बंगाल का कदम   सेमीकंडक्टर उद्योग को आधुनिक तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े क्षेत्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। पश्चिम बंगाल सरकार राज्य को पूर्वी भारत के बड़े निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रही है।   रोजगार और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को मिलेगा फायदा   यदि यह परियोजना अंतिम रूप लेती है तो इससे राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई चेन और तकनीकी क्षेत्र में नए अवसर पैदा हो सकते हैं। इससे कुशल युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।   अभी अंतिम मंजूरी बाकी   हालांकि, अभी तक Mitsubishi की ओर से परियोजना को लेकर अंतिम निवेश घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल बातचीत शुरुआती चरण में है और जमीन, निवेश, तकनीकी जरूरतों सहित अन्य पहलुओं पर आगे फैसला लिया जाएगा।

abhishek singh जुलाई 9, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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