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Ather Rizta electric scooter parked outdoors showcasing modern design and smart connected features
Ather Rizta हुआ महंगा, अब ₹4,000 तक बढ़े दाम; जानिए नई कीमत और फीचर्स

भारत के तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में Ather Energy ने अपने लोकप्रिय फैमिली इलेक्ट्रिक स्कूटर Ather Rizta की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। कंपनी ने 1 जून 2026 से Rizta के सभी वेरिएंट्स की कीमतों में लगभग ₹3,000 से ₹4,000 तक का इजाफा किया है। नई कीमतें लागू होने के बाद अब ग्राहकों को इस फैमिली-फ्रेंडली इलेक्ट्रिक स्कूटर के लिए पहले से अधिक भुगतान करना होगा। Ather Rizta ने लॉन्च के बाद से ही भारतीय परिवारों के बीच अपनी उपयोगिता, लंबी रेंज और आधुनिक फीचर्स के कारण खास पहचान बनाई है। बाजार में इसका मुकाबला TVS और Bajaj जैसे ब्रांड्स के इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से होता है। वेरिएंट के अनुसार नई कीमतें वेरिएंट नई कीमत पुरानी कीमत बढ़ोतरी Rizta S (2.9 kWh) ₹1,21,499 ₹1,17,500 ₹3,999 Rizta Z (2.9 kWh) ₹1,36,999 ₹1,32,998 ₹4,001 Rizta S (3.7 kWh) ₹1,44,500 ₹1,40,499 ₹4,001 Rizta Z (3.7 kWh) ₹1,56,999 ₹1,52,998 ₹4,001 कीमत बढ़ने की क्या है वजह? Ather Energy ने फिलहाल कीमत बढ़ाने के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है। हालांकि, ऑटो इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि कच्चे माल की बढ़ती लागत, उत्पादन खर्च में इजाफा और सप्लाई चेन से जुड़े खर्च इस फैसले की प्रमुख वजह हो सकते हैं। हाल के महीनों में कई अन्य वाहन निर्माताओं ने भी इसी तरह कीमतों में संशोधन किया है। बैटरी, रेंज और वारंटी Ather Rizta को दो बैटरी विकल्पों के साथ पेश किया जाता है। 2.9kWh बैटरी पैक लगभग 105 किलोमीटर की वास्तविक रेंज प्रदान करता है, जबकि 3.7kWh बैटरी विकल्प में यह रेंज करीब 125 किलोमीटर तक पहुंच जाती है। कंपनी बैटरी पर 5 साल या 60,000 किलोमीटर तक की वारंटी देती है। इसके अलावा बैटरी को IP67 रेटिंग मिली हुई है, जो इसे धूल और पानी से सुरक्षा प्रदान करती है। Rizta S के प्रमुख फीचर्स Rizta S वेरिएंट में 7-इंच का DeepView डिस्प्ले, टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन और रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम दिया गया है। सुरक्षा के लिए CBS ब्रेकिंग, Vehicle Fall Safe और Emergency Stop Signal (ESS) जैसे फीचर्स शामिल हैं। इसके अलावा 34 लीटर अंडर-सीट स्टोरेज, LED लाइटिंग, मल्टीपल राइडिंग मोड्स, Auto Hold, Guide Me Home लाइट्स और Ather Connect जैसी कनेक्टेड सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। Rizta Z के एडवांस फीचर्स टॉप वेरिएंट Rizta Z में 7-इंच TFT टचस्क्रीन डिस्प्ले, Magic Twist और स्किड कंट्रोल जैसे एडवांस फीचर्स दिए गए हैं। इसके अलावा ऑटो-ब्राइटनेस एडजस्टमेंट, ऑप्टिमाइज्ड चार्जिंग, रिमोट फंक्शन्स, पॉटहोल अलर्ट और क्रैश अलर्ट जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं। कनेक्टिविटी और स्मार्ट फीचर्स की बात करें तो इसमें WhatsApp प्रीव्यू, लाइव लोकेशन शेयरिंग, डॉक्यूमेंट स्टोरेज, Cricket Dash, नेविगेशन और टेक्स्ट मैसेज के साथ कॉल रिजेक्ट करने जैसी सुविधाएं शामिल हैं। कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद Ather Rizta अपने सेगमेंट में फीचर्स, रेंज और फैमिली-ओरिएंटेड डिजाइन के कारण एक मजबूत विकल्प बना हुआ है। हालांकि, नए ग्राहकों को अब इस इलेक्ट्रिक स्कूटर को खरीदने के लिए पहले से कुछ अधिक बजट तैयार रखना होगा।  

surbhi जून 5, 2026 0
Kia Carens Clavis EV showcased with premium design and advanced electric family car features
₹3.3 प्रति KM खर्च वाली Kia Carens Clavis EV ने बढ़ाई Tata और MG की टेंशन, BAAS मॉडल से बनी और सस्ती

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार तेज हो रही है और अब इस सेगमेंट में मुकाबला और भी कड़ा होता जा रहा है। इसी बीच Kia India ने अपनी नई इलेक्ट्रिक 7-सीटर MPV Kia Carens Clavis EV के जरिए बाजार में बड़ी हलचल पैदा कर दी है। कंपनी ने इस मॉडल को “Battery as a Service” (BAAS) मॉडल के साथ पेश कर इसकी शुरुआती कीमत को काफी किफायती बना दिया है। इस नए मॉडल की सबसे बड़ी खासियत इसका लगभग ₹3.3 प्रति किलोमीटर रनिंग कॉस्ट बताया जा रहा है, जिससे यह सीधे तौर पर फैमिली EV सेगमेंट में मजबूत विकल्प बनकर उभर रही है। जानकारों का मानना है कि इस कदम से Tata Motors और MG Motor India जैसी कंपनियों की टेंशन बढ़ सकती है। BAAS मॉडल से कैसे सस्ती हुई यह इलेक्ट्रिक MPV किआ के BAAS मॉडल में ग्राहक को कार और बैटरी अलग-अलग फाइनेंसिंग के तहत मिलती है। इसका सीधा फायदा यह है कि कार की शुरुआती कीमत काफी कम हो जाती है। ग्राहक सिर्फ बॉडी (कार) के लिए लोन लेता है बैटरी के लिए भुगतान उपयोग के आधार पर किया जाता है औसतन खर्च करीब ₹3.3 प्रति किलोमीटर बताया गया है इस मॉडल का उद्देश्य उन ग्राहकों को EV की ओर आकर्षित करना है, जो एक साथ बड़ी रकम निवेश नहीं कर पाते। 490KM तक की दमदार रेंज और पावरफुल परफॉर्मेंस Kia Carens Clavis EV को दो बैटरी विकल्पों के साथ पेश किया गया है– 42 kWh बैटरी पैक: लगभग 404 KM रेंज 51.4 kWh बैटरी पैक: लगभग 490 KM रेंज इसमें दी गई इलेक्ट्रिक मोटर लगभग 255Nm टॉर्क जनरेट करती है और यह कार 0 से 100 किमी/घंटा की स्पीड सिर्फ 8.4 सेकंड में पकड़ सकती है। फास्ट चार्जिंग की सुविधा के तहत 100kW DC चार्जर से यह 10% से 80% तक सिर्फ 39 मिनट में चार्ज हो जाती है। फैमिली के लिए प्रीमियम फीचर्स से लैस इस इलेक्ट्रिक MPV को खासतौर पर फैमिली यूज को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। इसमें कई प्रीमियम फीचर्स शामिल हैं– 6 और 7-सीटर कॉन्फ़िगरेशन डुअल 12.3-इंच पैनोरमिक डिस्प्ले वायरलेस चार्जिंग और फोन प्रोजेक्शन एम्बियंट लाइटिंग पैनोरमिक सनरूफ ADAS लेवल 2.0 सेफ्टी सिस्टम रियर सीट्स के लिए फोल्डेबल टेबल इन फीचर्स के चलते यह कार सीधे तौर पर प्रीमियम फैमिली सेगमेंट को टारगेट करती है। फाइनेंस और EMI से आसान हुई खरीदारी किआ ने इस मॉडल के लिए कई बड़े बैंकों के साथ साझेदारी की है, जिनमें HDFC बैंक, ICICI बैंक, Axis Bank, Kotak Mahindra Bank और Bajaj Finserv शामिल हैं। डाउन पेमेंट करीब ₹51,000 से शुरू एक्सटेंडेड वर्जन में ₹60,000+ तक बॉडी लोन 60 महीने तक बैटरी लोन 96 महीने तक इस स्ट्रक्चर के जरिए मासिक EMI का दबाव काफी कम किया जा सकता है। EV बाजार में बढ़ेगा मुकाबला ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि Kia Carens Clavis EV का BAAS मॉडल भारत में EV खरीदने के तरीके को बदल सकता है। अब कंपनियां सिर्फ वाहन बेचने के बजाय “यूसेज-बेस्ड” मॉडल पर फोकस कर रही हैं। लंबी रेंज, कम रनिंग कॉस्ट और फैमिली फ्रेंडली डिजाइन के चलते यह कार EV मार्केट में नए प्रतिस्पर्धी दौर की शुरुआत कर सकती है।  

surbhi मई 15, 2026 0
Hyundai Creta SUV showcased at dealership amid variant changes and massive discount offers in India
हुंडई क्रेटा के वेरिएंट्स में बड़ा बदलाव, भारी डिस्काउंट से बढ़ी फेसलिफ्ट लॉन्च की चर्चा

भारत की सबसे ज्यादा बिकने वाली एसयूवी में शामिल Hyundai Creta अब बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही है। Hyundai Motor India ने हाल ही में क्रेटा के कई वेरिएंट्स को बंद कर दिया है, वहीं दूसरी ओर डीलरशिप्स इस एसयूवी पर अब तक के सबसे बड़े डिस्काउंट ऑफर कर रही हैं। ऑटो इंडस्ट्री में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है कि कंपनी जल्द ही क्रेटा का नया फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च करने की तैयारी में है। ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि किसी भी मॉडल के फेसलिफ्ट लॉन्च से पहले कंपनियां अक्सर पुराने स्टॉक को क्लियर करने और प्रोडक्शन लाइन को आसान बनाने के लिए इसी तरह की रणनीति अपनाती हैं। ऐसे में क्रेटा को लेकर बाजार में हलचल बढ़ना स्वाभाविक माना जा रहा है। क्रेटा की वेरिएंट लाइन-अप में बड़ा बदलाव हुंडई ने अब क्रेटा की रेंज को सीमित करते हुए केवल सात वेरिएंट्स में उपलब्ध रखा है– E EX EX(O) S(O) SX SX Premium King कई पुराने वेरिएंट्स हटाने के पीछे कंपनी का उद्देश्य प्रोडक्शन को अधिक व्यवस्थित बनाना माना जा रहा है। यह कदम संकेत देता है कि आने वाले समय में अपडेटेड फेसलिफ्ट वर्जन बाजार में उतारा जा सकता है। फीचर्स पर भी पड़ा असर इस बदलाव का सबसे बड़ा असर फीचर लिस्ट पर देखने को मिला है। पहले कुछ मिड-लेवल वेरिएंट्स में मिलने वाला ADAS (Advanced Driver Assistance Systems) अब केवल टॉप-एंड King वेरिएंट तक सीमित हो गया है। यानी अब एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स खरीदने के लिए ग्राहकों को ज्यादा महंगा वेरिएंट चुनना पड़ेगा। इससे उन ग्राहकों पर असर पड़ सकता है जो कम बजट में प्रीमियम सेफ्टी टेक्नोलॉजी चाहते थे। डीलर्स दे रहे भारी डिस्काउंट क्रेटा पर इस समय शानदार ऑफर्स दिए जा रहे हैं, जिसने ग्राहकों का ध्यान खींच लिया है। Hyundai Creta Electric पर ₹1.2 लाख तक का फायदा पेट्रोल और डीजल ICE वर्जन पर ₹70,000 तक की छूट एक्सचेंज बोनस और कॉर्पोरेट ऑफर्स भी कई जगह उपलब्ध हालांकि डिस्काउंट की राशि शहर, डीलर और वेरिएंट के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। ऑटो मार्केट के जानकार इसे “स्टॉक क्लियरिंग एक्सरसाइज” मान रहे हैं, जो अक्सर फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च से पहले देखने को मिलती है। क्या जल्द आएगी नई फेसलिफ्टेड क्रेटा? हालांकि कंपनी ने अभी तक आधिकारिक तौर पर फेसलिफ्ट लॉन्च की पुष्टि नहीं की है, लेकिन मौजूदा घटनाक्रम कई संकेत दे रहे हैं। माना जा रहा है कि नए मॉडल में– अपडेटेड फ्रंट ग्रिल और नई LED लाइटिंग ज्यादा प्रीमियम इंटीरियर नए कनेक्टेड फीचर्स बेहतर ADAS टेक्नोलॉजी अपडेटेड इंफोटेनमेंट सिस्टम जैसे बदलाव देखने को मिल सकते हैं। ग्राहकों के लिए क्या है बेहतर विकल्प? इस समय खरीदारों के सामने दो बड़े विकल्प मौजूद हैं– अभी खरीदें अगर आप बेहतर डील और ज्यादा डिस्काउंट चाहते हैं, तो मौजूदा मॉडल खरीदना फायदे का सौदा हो सकता है। भारी छूट के चलते क्रेटा अभी ज्यादा वैल्यू फॉर मनी साबित हो सकती है। अगर आप लेटेस्ट डिजाइन और नए फीचर्स चाहते हैं, तो फेसलिफ्ट मॉडल का इंतजार करना बेहतर हो सकता है। हालांकि नए मॉडल की कीमत मौजूदा वर्जन से ज्यादा होने की संभावना है। फिलहाल बाजार की स्थिति यही संकेत दे रही है कि आने वाले महीनों में क्रेटा से जुड़ी बड़ी घोषणा देखने को मिल सकती है।  

surbhi मई 8, 2026 0
Bajaj Chetak hydrogen scooter concept showcasing futuristic eco-friendly mobility with claimed 280Km driving range
Bajaj Chetak Hydrogen Scooter: क्या अब पानी से चलेगा स्कूटर? 280Km रेंज के दावे ने बढ़ाई हलचल

भारतीय टू-व्हीलर बाजार तेजी से बदल रहा है और अब चर्चा एक ऐसी तकनीक की हो रही है, जो आने वाले वर्षों में स्कूटर इंडस्ट्री की तस्वीर बदल सकती है। देश की प्रमुख ऑटो कंपनी Bajaj Auto अपने लोकप्रिय Bajaj Chetak के नए हाइड्रोजन वर्जन पर काम कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह स्कूटर हाइड्रोजन फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी से लैस हो सकता है और एक बार में करीब 280 किलोमीटर तक की रेंज देने का दावा किया जा रहा है। अगर यह तकनीक सफल रहती है, तो यह सिर्फ इलेक्ट्रिक स्कूटर्स के लिए ही नहीं बल्कि पूरे टू-व्हीलर मार्केट के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। खास बात यह है कि इसे लेकर “पानी से चलने वाले स्कूटर” जैसी चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। इलेक्ट्रिक के बाद अब हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी पर दांव Bajaj पहले ही अपने इलेक्ट्रिक चेतक के जरिए ईवी मार्केट में मजबूत पकड़ बना चुकी है। अब कंपनी अगला कदम हाइड्रोजन मोबिलिटी की दिशा में बढ़ाती दिख रही है। माना जा रहा है कि कंपनी ने इस तकनीक से जुड़े पेटेंट पर पहले ही काम शुरू कर दिया था और अब इसकी शुरुआती जानकारी सामने आने लगी है। यह नया स्कूटर पारंपरिक लिथियम-आयन बैटरी सिस्टम की जगह हाइड्रोजन फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर सकता है। यही वजह है कि इसे मौजूदा इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से अलग और ज्यादा एडवांस माना जा रहा है। आखिर कैसे काम करेगी यह टेक्नोलॉजी? हाइड्रोजन फ्यूल सेल सिस्टम में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के बीच रासायनिक प्रतिक्रिया कर बिजली तैयार की जाती है। यही बिजली स्कूटर की मोटर को पावर देती है। इस प्रक्रिया में प्रदूषण बेहद कम होता है और मुख्य रूप से पानी ही उप-उत्पाद के रूप में निकलता है। हालांकि सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में “एक लीटर पानी से 280Km” जैसे दावे किए जा रहे हैं, लेकिन तकनीकी रूप से स्कूटर सीधे पानी से नहीं चलता। पहले हाइड्रोजन तैयार करनी होती है, जिसके बाद फ्यूल सेल सिस्टम काम करता है। कंपनी ने अभी तक इसकी आधिकारिक टेक्निकल डिटेल्स साझा नहीं की हैं। डिजाइन रहेगा रेट्रो, फीचर्स होंगे हाईटेक नई हाइड्रोजन चेतक का डिजाइन मौजूदा इलेक्ट्रिक चेतक की तरह क्लासिक और रेट्रो स्टाइल में रखा जा सकता है। चेतक की पहचान उसके पुराने आइकॉनिक लुक से जुड़ी रही है और कंपनी उसी पहचान को बरकरार रख सकती है। फीचर्स की बात करें तो इसमें डिजिटल स्मार्ट डिस्प्ले, कनेक्टेड टेक्नोलॉजी, नेविगेशन सपोर्ट, स्मार्टफोन कनेक्टिविटी, आधुनिक सेफ्टी सिस्टम और बेहतर राइडिंग मोड्स मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी इसे प्रीमियम सेगमेंट में उतार सकती है। लॉन्च और कीमत को लेकर क्या संकेत मिले? फिलहाल कंपनी ने न तो इसकी लॉन्च डेट की पुष्टि की है और न ही कीमत का आधिकारिक ऐलान किया है। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ग्राहक इसे लगभग 20 हजार रुपये की डाउन पेमेंट के साथ बुक कर सकते हैं। अगर Bajaj इस स्कूटर को बड़े स्तर पर लॉन्च करती है, तो यह भारत में हाइड्रोजन आधारित टू-व्हीलर सेगमेंट की शुरुआत मानी जा सकती है। क्या भारत में सफल होगी हाइड्रोजन स्कूटर टेक्नोलॉजी? भारत में पेट्रोल की बढ़ती कीमतें और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सीमित चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर लगातार चुनौती बने हुए हैं। ऐसे में हाइड्रोजन आधारित स्कूटर एक वैकल्पिक समाधान बन सकता है। लेकिन इसकी सफलता कई अहम बातों पर निर्भर करेगी– हाइड्रोजन फ्यूल की उपलब्धता रिफ्यूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तकनीक की लागत सुरक्षा मानक आम ग्राहकों के लिए कीमत दुनिया की कई बड़ी ऑटो कंपनियां अब इलेक्ट्रिक के साथ-साथ हाइड्रोजन मोबिलिटी पर भी तेजी से काम कर रही हैं। ऐसे में Bajaj का यह कदम संकेत देता है कि भविष्य का भारतीय टू-व्हीलर बाजार सिर्फ बैटरी आधारित ईवी तक सीमित नहीं रहेगा। पूरा ऑटो सेक्टर अब इस बात पर नजर लगाए बैठा है कि क्या हाइड्रोजन चेतक वास्तव में सड़कों पर उतर पाएगा और क्या यह तकनीक आम लोगों के लिए व्यावहारिक साबित होगी।  

surbhi मई 8, 2026 0
Driver using sunshade and checking car during extreme summer heat on a sunny day
तपती धूप में ड्राइविंग कर रहे हैं? इन 10 स्मार्ट टिप्स से बचाएं अपनी कार और खुद को नुकसान से

भीषण गर्मी और हीटवेव के इस दौर में जहां घर से बाहर निकलना ही चुनौती बन गया है, वहीं कार से सफर करना भी अब पहले जैसा आसान नहीं रहा। तेज धूप में ड्राइविंग के दौरान न सिर्फ आपकी सेहत पर असर पड़ता है, बल्कि आपकी कार के अहम हिस्सों पर भी भारी दबाव पड़ता है। कार का केबिन मिनटों में तपने लगता है, इंजन ओवरहीट हो सकता है और टायर के फटने तक का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। क्यों खतरनाक है हीटवेव में ड्राइविंग? गर्मियों में कार के भीतर का तापमान बेहद तेजी से बढ़ता है। पार्क की गई गाड़ी कुछ ही मिनटों में ओवन जैसी गर्म हो सकती है। इससे एसी सिस्टम पर अतिरिक्त लोड पड़ता है, इंजन ज्यादा मेहनत करता है और टायर में हवा फैलने से ब्लोआउट का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए हीटवेव के दौरान ड्राइविंग को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है। इन 10 स्मार्ट टिप्स से रखें खुद को और अपनी कार को सुरक्षित 1. समझदारी से करें पार्किंग जहां तक संभव हो, अपनी कार को छांव या कवर पार्किंग में रखें। विंडशील्ड सनशेड का उपयोग केबिन को ठंडा रखने में मदद करता है। 2. AC चालू करने से पहले करें वेंटिलेशन कार स्टार्ट करने के बाद तुरंत एसी ऑन न करें। पहले खिड़कियां खोलकर गर्म हवा को बाहर निकलने दें। 3. AC का सही इस्तेमाल करें एकदम से एसी को फुल कूलिंग पर सेट करने के बजाय धीरे-धीरे तापमान कम करें, इससे सिस्टम पर दबाव कम पड़ेगा। 4. इंजन के तापमान पर रखें नजर कूलेंट लेवल नियमित रूप से चेक करें और तापमान गेज पर नजर बनाए रखें। ओवरहीटिंग के संकेत मिलते ही गाड़ी रोक दें। 5. टायर प्रेशर रखें संतुलित गर्मी में हवा फैलने से टायर प्रेशर बढ़ सकता है। नियमित जांच से ब्लोआउट जैसी घटनाओं से बचा जा सकता है। 6. हमेशा पानी साथ रखें डिहाइड्रेशन से बचने के लिए ड्राइविंग के दौरान पर्याप्त पानी साथ रखें, खासकर लंबी यात्रा में। 7. बच्चों या पालतू जानवरों को कार में न छोड़ें बंद कार में तापमान बहुत तेजी से बढ़ता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है। 8. कार के इंटीरियर को सुरक्षित रखें लेदर सीट, डैशबोर्ड और स्टीयरिंग को कवर या सनशेड से बचाएं ताकि वे अधिक गर्म न हों। 9. चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज न करें अगर कोई अजीब आवाज, गंध या वार्निंग लाइट दिखे तो तुरंत जांच कराएं। 10. सही समय पर करें यात्रा सुबह या शाम के समय यात्रा करना ज्यादा सुरक्षित होता है। दोपहर में ड्राइविंग से बचें।  

surbhi अप्रैल 30, 2026 0
MG Majestor premium SUV with bold design and LED lights showcased ahead of India price reveal
MG Majestor SUV: 20 अप्रैल को कीमतों का खुलासा, Fortuner और Kodiaq को देगी सीधी चुनौती

भारतीय ऑटो बाजार में प्रीमियम SUV सेगमेंट में एक नई हलचल देखने को मिल रही है। MG Motor India अपनी नई फ्लैगशिप SUV MG Majestor की कीमतों का ऐलान 20 अप्रैल 2026 को करने जा रही है। यह SUV कंपनी की मौजूदा MG Gloster को रिप्लेस करेगी और सीधे तौर पर Toyota Fortuner, Jeep Meridian और Skoda Kodiaq को टक्कर देगी। पावर और परफॉर्मेंस: ऑफ-रोडिंग का दम MG Majestor को खास तौर पर पावर और ऑफ-रोडिंग के शौकीनों के लिए डिजाइन किया गया है। 2.0-लीटर ट्विन-टर्बो डीजल इंजन 215hp की पावर और 478.5Nm टॉर्क 8-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स 4WD सिस्टम के साथ लो-रेंज सपोर्ट इसके अलावा SUV में तीन लॉकिंग डिफरेंशियल और Snow, Rock, Sand, Mud जैसे मल्टीपल ड्राइव मोड्स दिए गए हैं, जो इसे हर तरह के रास्तों पर सक्षम बनाते हैं। डिजाइन: दमदार और प्रीमियम अपील MG Majestor का एक्सटीरियर लुक बॉक्सी और मस्कुलर है, जो सड़क पर इसकी मजबूत मौजूदगी को दर्शाता है। बड़ा फ्रंट ग्रिल और वर्टिकल LED हेडलाइट्स 19-इंच ड्यूल-टोन अलॉय व्हील्स कनेक्टेड LED टेललाइट्स ड्यूल एग्जॉस्ट और मजबूत बॉडी क्लैडिंग यह SUV एक साथ प्रीमियम और एग्रेसिव लुक का बेहतरीन कॉम्बिनेशन पेश करती है। इंटीरियर: लग्जरी और टेक्नोलॉजी का संगम केबिन को पूरी तरह लग्जरी फील के साथ डिजाइन किया गया है- ड्यूल 12.4-इंच स्क्रीन (इंफोटेनमेंट + डिजिटल क्लस्टर) पैनोरमिक सनरूफ 12-स्पीकर JBL साउंड सिस्टम 3-ज़ोन क्लाइमेट कंट्रोल वेंटिलेटेड और मसाज सीट्स 64-कलर एम्बिएंट लाइटिंग इसके अलावा 6 और 7-सीटर ऑप्शन इसे फैमिली SUV के रूप में और भी आकर्षक बनाते हैं। सेफ्टी: एडवांस टेक्नोलॉजी से लैस सेफ्टी के मामले में भी MG Majestor पूरी तरह अपडेटेड है- 6 एयरबैग (स्टैंडर्ड) Level 2 ADAS 360-डिग्री कैमरा TPMS और हिल होल्ड/डिसेंट कंट्रोल इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक क्या बदल सकती है सेगमेंट की तस्वीर? MG Majestor की एंट्री प्रीमियम SUV सेगमेंट में मुकाबले को और कड़ा कर सकती है। अगर कीमतें प्रतिस्पर्धी रहती हैं, तो यह Fortuner जैसी स्थापित SUV के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।  

surbhi अप्रैल 6, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Deepshikha जून 5, 2026 0