Bihar Crime News

Sitamarhi Encounter
सीतामढ़ी में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, एक आरोपी घायल, पांच अपराधी गिरफ्तार

सीतामढ़ी, एजेंसियां। बिहार के सीतामढ़ी जिले के रीगा थाना क्षेत्र में पुलिस और लूट की वारदातों में शामिल बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि मौके से कुल पांच अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उनके पास से हथियार, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल किए गए वाहन भी बरामद किए हैं।    गुप्त सूचना पर पहुंची थी पुलिस   पुलिस को सूचना मिली थी कि रीगा इलाके में कुछ बदमाश किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान एक बदमाश घायल हो गया और बाकी आरोपियों ने आत्मसमर्पण कर दिया।    हथियार और वाहन बरामद   गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक पिस्तौल, कई जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की गई है। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह किन-किन आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा है।    पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जांच   सीतामढ़ी पुलिस के अनुसार गिरफ्तार बदमाशों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। प्रारंभिक जांच में गिरोह के सदस्यों के खिलाफ लूट, रंगदारी और हथियार अधिनियम से जुड़े कई मामलों की जानकारी मिली है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
Gopalganj dancer murder case
गोपालगंज डांसर हत्याकांड में मुख्य आरोपी समेत तीन गिरफ्तार, हत्या में इस्तेमाल पिस्टल और कारतूस बरामद

गोपालगंज, एजेंसियां। बिहार के गोपालगंज जिले में चर्चित ट्रांसजेंडर डांसर सोनू गोंड हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कटेया थाना क्षेत्र के पटोहवा गांव में बारात के दौरान हुई इस सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी शैलेश सिंह समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।   थानाध्यक्ष के नेतृत्व में हुई कार्रवाई कटेया थानाध्यक्ष अवधेश कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और उसके साथियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई अहम जानकारियां दीं, जिसके आधार पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हथियार और कारतूस बरामद किए। बरामदगी के बाद पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।   एसडीपीओ ने दी कार्रवाई की जानकारी हथुआ के एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता ने बताया कि घटना के बाद से ही पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। तकनीकी और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर छापेमारी अभियान चलाया गया, जिसके बाद मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि पूछताछ जारी है और घटना में शामिल अन्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।   बारात में डांस कार्यक्रम के दौरान हुई थी हत्या गौरतलब है कि तीन दिन पहले पटोहवा गांव में एक बारात के दौरान आयोजित डांस कार्यक्रम में ट्रांसजेंडर डांसर सोनू गोंड प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने उन पर गोली चला दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया था। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद घटना के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा किया जाएगा।

anjali kumari जून 22, 2026 0
Police investigation underway in Bihar after a woman was found hanging from a tree in Bagaha.
बिहार में पति की हैवानियत: पत्नी की हत्या कर पेड़ से लटकाया शव, आत्महत्या का रूप देने की कोशिश

बगहा में सनसनीखेज वारदात, आरोपी पति गिरफ्तार बिहार के Bagaha में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। 25 वर्षीय महिला की कथित तौर पर उसके पति ने हत्या कर दी और बाद में शव को आम के पेड़ से लटका दिया ताकि मामला आत्महत्या का लगे। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पेड़ से लटका मिला था महिला का शव पुलिस के अनुसार, गड़कट्टी गांव के पास एक बाग में पेड़ से महिला का शव लटकने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जांच के दौरान मृतका की पहचान 25 वर्षीय Hemlata Kumari के रूप में हुई, जो गड़कट्टी गांव की रहने वाली थीं। फॉरेंसिक जांच में खुला हत्या का राज मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। शुरुआती जांच में कई ऐसे सबूत मिले, जिनसे आत्महत्या की कहानी पर संदेह पैदा हुआ। इसके बाद पुलिस ने मृतका के पति Gautam Kaji को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित रूप से अपना अपराध स्वीकार कर लिया। विवाद के बाद गन्ने के खेत में की हत्या पुलिस के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के बाद आरोपी ने पत्नी के साथ मारपीट की और उसे गन्ने के खेत में ले जाकर गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने कुछ समय तक शव छिपाकर रखा और रात में उसे आम के पेड़ से लटका दिया ताकि घटना आत्महत्या जैसी दिखाई दे। दहेज हत्या और हत्या की धाराओं में मामला दर्ज मृतका के पिता की शिकायत पर पुलिस ने दहेज प्रताड़ना और हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आरोप पत्र जल्द अदालत में दाखिल किया जाएगा। Ramanand Kaushal ने कहा कि पुलिस इस मामले में त्वरित सुनवाई (स्पीडी ट्रायल) की मांग करेगी ताकि आरोपी को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके। जांच जारी पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जाएगा ताकि अदालत में मजबूत केस प्रस्तुत किया जा सके।  

surbhi जून 13, 2026 0
Danapur Firing
दानापुर में दो गुटों के बीच गैंगवार जैसी फायरिंग, एक की मौत, दो घायल

पटना, एजेंसियां। बिहार की राजधानी पटना के दानापुर थाना क्षेत्र स्थित ताराचक इलाके में रविवार देर रात आपसी रंजिश को लेकर हुई गोलीबारी ने एक किशोर की जान ले ली, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस मामले की गहन जांच में जुट गई है। मृतक की पहचान 16 वर्षीय नितिन कुमार के रूप में हुई है, जो बिहटा के मुस्तफापुर का रहने वाला था। वह अपनी मां के साथ दानापुर स्थित ननिहाल में किराये के मकान में रहता था। परिजनों के अनुसार, बदमाशों ने घर से कुछ दूरी पर नितिन को गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।   दो अन्य लोग भी हुए घायल गोलीबारी में आनंद बाजार निवासी 68 वर्षीय विजय कुमार और सन्नी कुमार भी घायल हो गए। विजय कुमार को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच भेजा गया, जबकि सन्नी कुमार का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। दोनों की हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।   सुबह के विवाद ने शाम को लिया हिंसक रूप पुलिस के अनुसार, दोनों गुटों के बीच सुबह भी मारपीट हुई थी। पुरानी दुश्मनी और तनाव के कारण शाम होते-होते विवाद और बढ़ गया तथा दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इसके बाद ताबड़तोड़ फायरिंग हुई, जिसमें नितिन की जान चली गई।   घटनास्थल से मिले कई अहम साक्ष्य पुलिस ने मौके से आठ खोखे, शराब की बोतलें, लाठी और लोहे की रॉड बरामद की हैं। बरामद सामग्री से यह संकेत मिलता है कि दोनों पक्ष पहले से टकराव की तैयारी में थे। घटना के बाद एफएसएल टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है।   एसआईटी का गठन, आरोपियों की तलाश जारी मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। सिटी एसपी पश्चिमी ने बताया कि आरोपियों की पहचान की जा रही है और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।   वहीं बेटे की मौत से नितिन की मां सदमे में हैं। परिवार का कहना है कि एक साल पहले सड़क दुर्घटना में बड़े बेटे की भी मौत हो चुकी थी और अब नितिन के निधन से परिवार पूरी तरह टूट गया है।

Unknown जून 8, 2026 0
E85 ethanol fuel being dispensed at a fuel station for flex-fuel compatible vehicles
पेट्रोल से 20 रुपये सस्ता E85 फ्यूल आया, लेकिन हर कार में नहीं भरवा सकते आप

भारत में वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दिल्ली में E85 फ्यूल की बिक्री शुरू हो गई है। इसकी कीमत 82.12 रुपये प्रति लीटर तय की गई है, जो मौजूदा पेट्रोल की कीमतों से करीब 20 रुपये तक कम है। कम कीमत के कारण यह ईंधन वाहन मालिकों का ध्यान आकर्षित कर रहा है, लेकिन इसे इस्तेमाल करने से पहले यह जानना बेहद जरूरी है कि क्या आपकी कार इसके लिए उपयुक्त है या नहीं। क्या है E85 फ्यूल? E85 एक हाई-एथेनॉल मिश्रित ईंधन है, जिसमें 85 प्रतिशत एथेनॉल और 15 प्रतिशत पेट्रोल होता है। इसके मुकाबले भारत में वर्तमान में E20 पेट्रोल का उपयोग बढ़ाया जा रहा है, जिसमें केवल 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित होता है। एथेनॉल की मात्रा अधिक होने के कारण E85 का दहन व्यवहार सामान्य पेट्रोल से अलग होता है। यही वजह है कि इसे इस्तेमाल करने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए इंजन और फ्यूल सिस्टम की आवश्यकता होती है। क्या आपकी कार E85 पर चल सकती है? यह सबसे अहम सवाल है। भारत में बिकने वाली अधिकांश पेट्रोल कारें E20 फ्यूल के अनुरूप बनाई गई हैं, लेकिन वे E85 के लिए तैयार नहीं हैं। E85 का सुरक्षित उपयोग केवल फ्लेक्स-फ्यूल (Flex-Fuel) तकनीक से लैस वाहनों में ही किया जा सकता है। ऐसे वाहन ईंधन में मौजूद एथेनॉल की मात्रा के अनुसार इंजन और फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम को स्वतः एडजस्ट कर लेते हैं। यदि किसी सामान्य पेट्रोल कार में E85 भरवा दिया जाए, तो इंजन की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है, माइलेज कम हो सकता है और लंबे समय में इंजन व फ्यूल सिस्टम को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है। सस्ता है, लेकिन क्या वाकई खर्च कम होगा? 82.12 रुपये प्रति लीटर की कीमत आकर्षक जरूर लगती है, लेकिन केवल प्रति लीटर कीमत देखकर निर्णय लेना सही नहीं होगा। एथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पेट्रोल की तुलना में कम होती है। इसका मतलब है कि E85 पर चलने वाली गाड़ी को समान दूरी तय करने के लिए अधिक ईंधन की आवश्यकता पड़ती है। अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों के अनुसार E85 के उपयोग से माइलेज में 20 से 30 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। यानी ईंधन सस्ता होने के बावजूद कई मामलों में प्रति किलोमीटर लागत पेट्रोल के बराबर या उससे अधिक भी हो सकती है। सरकार E85 को क्यों बढ़ावा दे रही है? E85 का उद्देश्य केवल वाहन चालकों की जेब पर बोझ कम करना नहीं है। इसके पीछे देश की ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरणीय रणनीति जुड़ी हुई है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। एथेनॉल का उत्पादन देश में कृषि आधारित संसाधनों से किया जा सकता है, जिससे विदेशी तेल पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, अधिक एथेनॉल मिश्रित ईंधन को कार्बन उत्सर्जन और प्रदूषण कम करने के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। फिलहाल आम लोगों के लिए कितना उपयोगी? हालांकि E85 फ्यूल बाजार में उपलब्ध हो चुका है, लेकिन भारत में फ्लेक्स-फ्यूल वाहन अभी शुरुआती चरण में हैं। कई वाहन कंपनियों ने ऐसे मॉडल और प्रोटोटाइप पेश किए हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर उनकी बिक्री अभी शुरू नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल E85 को भविष्य की ईंधन तकनीक की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसका वास्तविक लाभ तब दिखाई देगा जब फ्लेक्स-फ्यूल वाहन आम होंगे और देशभर में E85 की उपलब्धता बढ़ेगी।  

surbhi जून 8, 2026 0
Sanitation Supervisors Case
Bihar: सफाई सुपरवाइजरों से मारपीट, अपहरण और लूट का आरोप; पूर्व MLC के परिजनों पर FIR की मांग

सीवान, एजेंसियां।  जिले के आंदर नगर पंचायत में सफाई व्यवस्था की निगरानी कर रहे दो सुपरवाइजरों के साथ कथित मारपीट, अपहरण और लूटपाट का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। पीड़ितों ने पूर्व विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) के परिजनों समेत 8 से 10 लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से सख्त कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है। पीड़ित अमृत कुमार ने आंदर थाना में दिए आवेदन में बताया कि वह और उनके सहयोगी शुभम कुमार पाठक नगर पंचायत में सफाई सुपरवाइजर के रूप में कार्यरत हैं। 5 जून को दोनों वार्ड संख्या-6 में सफाई कार्य का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों के साथ कहासुनी हुई। अमृत का आरोप है कि शिकायत लिखित रूप में देने की बात कहने के बाद मामला शांत हो गया था, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति अचानक बिगड़ गई।   हथियारों से हमला करने का आरोप शिकायत के अनुसार, कुछ लोग रॉड, चाकू और पिस्टल लेकर उनके कमरे में पहुंचे और दोनों पर हमला कर दिया। आरोप है कि पिस्टल की बट और अन्य हथियारों से की गई मारपीट में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले के बाद उन्हें जबरन एक घर ले जाया गया, जहां दोबारा मारपीट की गई।   60 हजार रुपये लूटने का दावा पीड़ितों का कहना है कि हमलावरों ने सफाई कर्मियों के भुगतान के लिए रखे गए करीब 60 हजार रुपये भी छीन लिए। साथ ही जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल शुभम कुमार पाठक को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर किया गया है।   पुलिस जांच में जुटी पीड़ित पक्ष ने नामजद आरोपियों के खिलाफ अपहरण, लूट, जानलेवा हमला और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। आंदर थाना पुलिस ने आवेदन मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Unknown जून 6, 2026 0
Khan Sir coaching attack
Patna: खान सर की कोचिंग पर हमला मामले में ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर समेत 3 गिरफ्तार

पटना, एजेंसियां। पटना में मंगलवार रात खान सर की कोचिंग ग्लोबल स्टडीज पर हमला हुआ। हमले का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में कुछ लोग गार्ड को पीटते दिख रहे हैं। इस दौरान ईंट-पत्थर भी चलाए गए। पोस्टर भी फाड़ दिए। पुलिस ने ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रोशन आनंद समेत उनके दो सहयोगी अभिषेक और गौरव को गिरफ्तार किया है। तीनों से पुलिस पूछताछ कर रही है।  गिरफ्तार आरोपी जायेंगे जेल टाउन DSP के मुताबिक, रौशन आनंद और उसके दोनों सहयोगियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी चल रही है। खान सर ने हमले का आरोप ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर और कोचिंग के कर्मियों पर लगाया है। बिहार में बनेगी कोचिंग नीति इस घटना के बाद बिहार शिक्षा विभाग ने कोचिंग नीति बनाए जाने की घोषणा की है। अगले 3 महीने के भीतर कोचिंग नीति तैयार की जाएगी। इसके तहत सभी कोचिंग संस्थानों के लिए एक ‘मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट’ तैयार किया जाएगा।

Unknown जून 3, 2026 0
Police Attack
पूर्णिया में पुलिस टीम पर तीर-भाले से हमला, कई घायल

पूर्णिया। पूर्णिया में अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम पर कथित अतिक्रमणकारियों ने अचानक जानलेवा हमला शुरु कर दिया। बताया जा रहा है कि तीर, भाला, लाठी और ईंट-पत्थर से हमले किए गए। हमले में एक पुलिस जवान के गले में तीर घुस गया, जबकि कई लोग घायल हो गये हैं। करीब आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। घटना जिले के चम्पानगर थाना क्षेत्र अंतर्गत केनगर अंचल के मौजा प्रसादपुर की है।    जानकारी के अनुसार, इस इलाके में लगभग 11.28 एकड़ की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई चल रही थी। इस जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज थी। जमीन विक्रमपट्टीन कवैया निवासी सुधीर ऋषि का है। प्रशासनिक आवेश के बाद प्रतिनियुक्त कार्यपालक दंडाधिकारी अभय राज, अंचलाधिकारी दिवाकर कुमार समेत प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी चंद्रदेव प्रसाद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। जैसे ही टीम ने जमीन खाली कराने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की, विरोध कर रहे लोगों का गुस्सा भड़क उठा। देखते ही देखते माहौल हिंसा में तब्दील हो गया। इस दौरान भीड़ ने पुलिस बल पर तीर-धनुष, भाला, लाठी और ईंट-पत्थरों से हमला किया। प्रत्यदर्शियों के मुताबिक, हमले में ग्रामीण पुलिस जवान शंकर पासवान के गले में एक तीर जा लगा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। साथ ही लगभग आधा दर्जन पुलिस अधिकारी घायल हो गए। आनन-फानन में घायल जवान को तत्काल श्रीनगर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए सदर अस्पताल पूर्णिया रेफर कर दिया।   इस दौरान पुलिस बल ने मोर्चा संभालते हुए उपद्रवियों को खदेड़कर भीड़ को नियंत्रित किया। इसके साथ ही आक्रमणकारियों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत सात को गिरफ्तार किया है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही हमले में शामिले अन्य लोगों की भी पहचान में जुटी हुई है। उक्त इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती करते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

Unknown जून 2, 2026 0
nawada police
हत्या के प्रयास से शराब तस्करी तक, नवादा पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई से 24 घंटे में 35 आरोपी गिरफ्तार

नवादा, एजेंसियां। बिहार के नवादा जिले में अपराध और अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में बीते 24 घंटे के दौरान छापेमारी और वाहन जांच अभियान चलाकर पुलिस ने हत्या के प्रयास, लूट और शराब तस्करी समेत कई मामलों में कुल 35 आरोपितों को गिरफ्तार किया है।   पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, हत्या के प्रयास के मामले में सबसे ज्यादा सात अभियुक्तों को पकड़ा गया है। वहीं मद्य निषेध अधिनियम के तहत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा लूट, एससी-एसटी एक्ट और अन्य आपराधिक मामलों में भी कई आरोपियों को दबोचा गया है।   शराब कारोबारियों पर सख्ती जिलेभर में अवैध शराब के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने 12 लीटर महुआ शराब और 29.034 लीटर विदेशी शराब बरामद की। पुलिस का कहना है कि शराब तस्करी और अवैध कारोबार पर लगातार नजर रखी जा रही है और इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।   वाहन जांच में वसूला गया जुर्माना अभियान के तहत पुलिस ने जिले में सघन वाहन जांच भी की। कुल 235 वाहनों की जांच के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों से 50 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वाहन जांच अभियान का उद्देश्य अपराध नियंत्रण के साथ-साथ सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।   बाइक, ऑटो और समरसेबुल बरामद कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक मोटरसाइकिल, एक ऑटो और एक समरसेबुल भी बरामद किया है। हालांकि इस दौरान वारंट और कुर्की निष्पादन की संख्या शून्य रही, लेकिन पुलिस ने गिरफ्तारी और बरामदगी को बड़ी उपलब्धि बताया है।   नवादा पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में कानून व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि अपराधियों और अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Unknown मई 29, 2026 0
अनंत सिंह मीडिया से बातचीत करते हुए, विवादित बयान
“भगवान भी CM बन जाएं तो मर्डर नहीं रुकेगा”, अनंत सिंह के बयान से बिहार में बवाल

पटना/मोकामा, एजेंसियां। बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह का बयान राजनीतिक बहस का नया कारण बन गया है। उन्होंने कहा कि “भगवान भी मुख्यमंत्री बन जाएं तो मर्डर नहीं रुकेगा।” इस बयान के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।   अपराध पर क्या बोले अनंत सिंह अनंत सिंह ने कहा कि बिहार में हत्या की घटनाएं पूरी तरह खत्म होना संभव नहीं है, क्योंकि अधिकतर अपराध आपसी रंजिश, निजी विवाद और दुश्मनी के कारण होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार हर घर में पुलिस तैनात नहीं कर सकती, इसलिए हर घटना को रोकना संभव नहीं है।   पुराने बिहार से की तुलना अपने बयान में उन्होंने मौजूदा बिहार की तुलना पुराने दौर से भी की। उनका कहना था कि पहले राज्य में अपहरण और अपराध का डर ज्यादा था, जबकि अब हालात पहले से बेहतर हैं। उन्होंने कहा कि अगर अब कहीं किडनैपिंग की घटना होती भी है, तो पीड़ित को जल्दी छोड़ दिया जाता है, जो बदलाव का संकेत है।   CM चेहरे पर भी खुलकर बोले अनंत सिंह ने राजनीति पर भी बेबाकी से राय रखी। उन्होंने कहा कि जेडीयू से निशांत कुमार और बीजेपी से सम्राट चौधरी अच्छे मुख्यमंत्री बन सकते हैं। हालांकि, उन्होंने नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि उनके जैसा नेता दूसरा नहीं है और उनके काम को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।   दंगल और परिवार की राजनीति उन्होंने अपने गांव नदमा में आयोजित होने वाले महा दंगल का भी जिक्र किया, जिसमें 100 से अधिक पहलवानों के भाग लेने और लाखों लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई। साथ ही संकेत दिए कि अब वे खुद चुनाव नहीं लड़ना चाहते और अपने बड़े बेटे को राजनीति में आगे बढ़ाना चाहते हैं।   बयान से बढ़ी सियासी हलचल अनंत सिंह के बयान ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि विपक्ष और सत्ता पक्ष इस मुद्दे को किस तरह उठाते हैं।

Unknown अप्रैल 1, 2026 0
Dularchand Yadav murder case bail
अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड में मिली जमानत

पटना, एजेंसियां। बिहार की राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर में अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड में कोर्ट से जमानत मिल गई है। जदयू के मोकामा विधायक अनंत सिंह फिलहाल पटना के बेउर जेल में बंद थे और अब उनके जल्द रिहा होने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि वे गुरुवार शाम या अगले दिन तक जेल से बाहर आ सकते हैं।   क्या है पूरा मामला? यह मामला पिछले साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान का है। मोकामा के टाल क्षेत्र में Dularchand Yadav की हत्या कर दी गई थी। दुलारचंद यादव Jan Suraaj Party से जुड़े कार्यकर्ता थे और चुनाव प्रचार में सक्रिय थे। इस घटना के बाद पुलिस ने अनंत सिंह को गिरफ्तार किया था। चुनाव के दौरान हुए इस हत्याकांड ने राज्य की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था।   जेल में रहते हुए जीता चुनाव गिरफ्तारी के बावजूद अनंत सिंह ने मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। उन्होंने राजद उम्मीदवार वीणा सिंह को 28,206 वोटों से हराया। अनंत सिंह को 91,416 वोट मिले, जबकि वीणा सिंह को 63,210 वोट प्राप्त हुए।   राजनीतिक भविष्य पर संकेत हाल ही में Nitish Kumar के नेतृत्व वाली सरकार के बीच अनंत सिंह ने राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया था। राज्यसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कहा कि अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहते हैं, तो वे चुनाव नहीं लड़ेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे पूरी तरह राजनीति से संन्यास नहीं लेंगे और जनता की सेवा जारी रखेंगे।

Unknown मार्च 19, 2026 0
Police personnel in Saran after arrest of hooch case accused Suraj Mahto.
सारण में आधी रात मुठभेड़: जहरीली शराब कांड के आरोपी सूरज महतो के पैर में लगी गोली, पुलिस ने किया गिरफ्तार

  जहरीली शराब मामले की जांच के दौरान हुई मुठभेड़ बिहार के Saran district में रविवार देर रात पुलिस और शराब तस्करों के बीच मुठभेड़ हो गई। यह कार्रवाई मशरक और पानापुर थाना क्षेत्र की सीमा पर की गई, जहां पुलिस ने जहरीली शराब कांड के आरोपी एक शराब माफिया को गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान Suraj Mahto (26) के रूप में हुई है, जो पानापुर थाना क्षेत्र के मिथवा गांव का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार आरोपी के पैर में गोली लगी है और फिलहाल उसका इलाज चल रहा है।   जहरीली शराब पीने से हुई थी कई लोगों की मौत जानकारी के मुताबिक हाल ही में सारण जिले में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 12 लोग गंभीर रूप से बीमार पड़ गए थे। सभी पीड़ितों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पीड़ितों ने बताया था कि शराब पीने के कुछ ही समय बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और आंखों से धुंधला दिखाई देने लगा। इलाज के बाद सभी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, लेकिन घटना के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी।   पुलिस जांच में सामने आया आरोपी का नाम जांच के दौरान पुलिस को सुराग मिला कि जहरीली शराब की सप्लाई में Suraj Mahto का हाथ हो सकता है। इसके बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस को बाद में सूचना मिली कि वह Katihar में छिपा हुआ है। इसके आधार पर पुलिस टीम ने कटिहार पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया और आगे की पूछताछ के लिए छपरा लाया गया।   सहयोगियों ने पुलिस पर की फायरिंग पुलिस शराब की बरामदगी और अन्य आरोपियों की तलाश में उसे लेकर मशरक-पानापुर बॉर्डर इलाके में छापेमारी करने पहुंची थी। इसी दौरान आरोपी के कुछ साथियों ने उसे छुड़ाने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान गोली लगने से सूरज महतो घायल हो गया और पुलिस ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।   अस्पताल में चल रहा इलाज घायल आरोपी को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए Chhapra Sadar Hospital रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार गोली उसके पैर में लगी है और फिलहाल उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।   अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी मशरक एसडीपीओ ने बताया कि जहरीली शराब कांड की जांच के दौरान आरोपी का नाम सामने आया था। उसे कटिहार से गिरफ्तार कर शराब की बरामदगी के लिए मौके पर ले जाया गया था, लेकिन उसके सहयोगियों ने पुलिस पर हमला कर दिया। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य शराब माफियाओं की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।  

surbhi मार्च 16, 2026 0
five suspicious deaths amid suspected spurious liquor case
बिहार में संदिग्ध मौतों से हड़कंप: छपरा में 5 लोगों की मौत, जहरीली शराब की आशंका

  बिहार में एक बार फिर जहरीली शराब की आशंका से हड़कंप मच गया है। Chhapra जिले में संदिग्ध परिस्थितियों में पांच लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में तीन लोग Mashrakh क्षेत्र के हैं, जबकि दो की मौत Panapur में हुई है। परिजनों का आरोप है कि कुछ लोगों ने शराब पी थी, जबकि प्रशासन अभी तक इसे बीमारी से हुई मौत बता रहा है। मृतकों की पहचान मृतकों की पहचान इस प्रकार की गई है: संतोष महतो (मशरक) रघुवर महतो (मशरक) धर्मेंद्र सिंह (मशरक) सुखल नट (पानापुर) धर्मेंद्र राय (पानापुर) बताया जा रहा है कि सबसे पहले बुधवार रात संतोष महतो की मौत हुई थी। इसके बाद गुरुवार रात तक अलग-अलग जगहों से कुल पांच मौतों की खबर सामने आई।   परिजनों ने शराब पीने की बात कही संतोष महतो की पत्नी लालमुनि देवी के अनुसार, उनके पति रात में घर आए और खाना खाकर सो गए। सुबह उठने के बाद उन्होंने पेट दर्द और आंखों से दिखाई न देने की शिकायत की। इसके बाद उन्हें लगातार उल्टियां होने लगीं। परिवार वाले उन्हें अस्पताल लेकर गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि संतोष महतो ने मरने से पहले शराब पीने की बात कही थी। उनके भतीजे ने भी बताया कि वह मंगलवार को कहीं से शराब पीकर घर लौटे थे और रात में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।   प्रशासन ने शराब से मौत से किया इनकार मामले पर Sanjay Kumar Sudhanshu, एसडीपीओ मशरक ने कहा कि फिलहाल शराब पीने से मौत की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पहली नजर में लीवर खराब होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं जिला जनसंपर्क पदाधिकारी Ravindra Kumar ने बताया कि जांच में यह सामने आया है कि मृतक संतोष महतो पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में थे और ठीक से खाना नहीं खा रहे थे। प्रशासन का कहना है कि बीमारी की वजह से मौत हो सकती है।   जांच जारी मढ़ौरा अनुमंडल पदाधिकारी Nidhi Raj ने बताया कि अभी तक एक मौत मशरक और एक पानापुर में होने की पुष्टि हुई है। बाकी मामलों की भी जांच की जा रही है। हालांकि स्थानीय लोगों के बीच जहरीली शराब की चर्चा तेज है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी।  

surbhi मार्च 13, 2026 0
Police investigating theft at a house in Muzaffarpur after burglars stole cash and jewelry worth ₹15 lakh.
मुजफ्फरपुर में पंचायत सचिव के घर बड़ी चोरी, परिवार को बाहर से बंद कर 15 लाख की संपत्ति ले उड़े चोर

  बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के बरुराज थाना क्षेत्र अंतर्गत नुनियाडीह गांव में चोरों ने पंचायत सचिव के घर बड़ी चोरी की घटना को अंजाम दिया। बदमाश खिड़की तोड़कर घर में घुसे और परिवार के सदस्यों को बाहर से कमरे में बंद कर करीब 12 से 15 लाख रुपये की संपत्ति चोरी कर फरार हो गए। घटना के बाद पूरे परिवार में दहशत का माहौल है।   खिड़की तोड़कर घर में घुसे चोर पीड़ित पंचायत सचिव सुमित कुमार (पिता–विनोद कुमार सिंह) ने बताया कि देर रात चोर खिड़की तोड़कर घर के अंदर घुस आए। इसके बाद उन्होंने घर के चार कमरों को निशाना बनाया। चोरों ने उनके भाई और पिता के कमरे की अलमारी समेत कई जगहों को खंगाला और नकदी व जेवरात सहित करीब 12 से 15 लाख रुपये की संपत्ति लेकर फरार हो गए।   रात में किसी को नहीं लगी भनक परिवार का कहना है कि चोरों ने इतनी शातिराना तरीके से वारदात को अंजाम दिया कि रात में घर के किसी सदस्य को इसकी भनक तक नहीं लगी। सुबह जब दरवाजा बाहर से बंद मिला तो परिवार को शक हुआ।   रिश्तेदारों ने खोला दरवाजा परिजनों ने तुरंत अपने एक रिश्तेदार को फोन कर बुलाया। जब उन्होंने बाहर से बंद दरवाजा खोला, तब घर के अंदर चोरी की घटना का पता चला। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।   जांच में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। डायल 112 के एएसआई रमेश कुमार ने बताया कि पंचायत सचिव के घर चोरी की सूचना मिली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और बदमाशों की तलाश की जा रही है। पुलिस के अनुसार, घटना की जानकारी वरीय अधिकारियों को भी दे दी गई है और जल्द ही चोरों को पकड़ने के लिए डॉग स्क्वॉड टीम को भी लगाया जाएगा।  

surbhi मार्च 11, 2026 0
Secret chamber found in truck carrying illegal foreign liquor in Vaishali Bihar
ट्रक में बना था गुप्त तहखाना, ऊपर चूना और नीचे 25 लाख की विदेशी शराब; पुलिस को देख तस्कर फरार

  वैशाली: बिहार में शराबबंदी के बावजूद तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर कानून को चुनौती दे रहे हैं। वैशाली जिले में पुलिस ने एक ट्रक से करीब 25 लाख रुपये मूल्य की विदेशी शराब बरामद कर बड़ी कार्रवाई की है। शराब को ट्रक के अंदर बनाए गए गुप्त तहखाने में छुपाया गया था, जबकि ऊपर चूने की बोरियां लादकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई थी।   गुप्त सूचना पर पुलिस की कार्रवाई मामला वैशाली जिले के बेलसर थाना क्षेत्र का है। पुलिस को सूचना मिली थी कि नगमा हनुमान चौक के पास एक ट्रक कई घंटों से संदिग्ध स्थिति में खड़ा है। सूचना मिलते ही बेलसर थाना अध्यक्ष प्रवीण कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ट्रक की जांच शुरू की।   चूने की बोरियों के नीचे मिला तहखाना पहली नजर में ट्रक में चूने की बोरियां लदी हुई दिखाई दीं। लेकिन पुलिस को शक होने पर जब बोरियां हटाई गईं तो नीचे एक गुप्त तहखाना बना मिला। तहखाने को खोलने पर पुलिस भी हैरान रह गई। उसमें करीब 235 कार्टन विदेशी शराब छुपाकर रखी गई थी, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई जा रही है।   पुलिस को देखते ही फरार हुए तस्कर बताया जा रहा है कि पुलिस की गाड़ी को आते देख ट्रक चालक और अन्य तस्कर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर थाने में खड़ा कर दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।   पंजाब से लाई जा रही थी शराब की खेप प्राथमिक जांच में सामने आया है कि शराब की यह खेप पंजाब से लाई जा रही थी। ट्रक मुजफ्फरपुर की ओर से वैशाली में प्रवेश किया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की डिलीवरी कहां होनी थी और इस तस्करी के पीछे कौन सा गिरोह सक्रिय है।   तस्करों के नए हथकंडों से पुलिस के सामने चुनौती बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद भी तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपनाकर शराब की तस्करी करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि वैशाली पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के बाद शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क का पता लगाने और फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है।  

surbhi मार्च 10, 2026 0
Six thieves captured on CCTV during burglary at former Bihar minister’s sister’s house in Patna
पटना में पूर्व मंत्री की बहन के घर लाखों की चोरी, CCTV में कैद हुए 6 बदमाश

  पटना: राजधानी पटना में चोरों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। ताजा मामला कंकड़बाग थाना क्षेत्र का है, जहां बिहार के पूर्व मंत्री अशोक कुमार सिंह की बहन के घर में बड़ी चोरी की घटना सामने आई है। बदमाशों ने घर से करीब डेढ़ लाख रुपये नकद, लगभग तीन लाख रुपये के गहने, लाइसेंसी रायफल की गोलियां और चार महंगी घड़ियां चोरी कर लीं। यह घटना पीसी कॉलोनी स्थित डी-128 मकान में हुई।   घर खाली मिलने का उठाया फायदा जानकारी के अनुसार, पूर्व मंत्री की बहन और उनके पति ललितेश्वर प्रसाद सिंह किसी काम से खगड़िया गए हुए थे। वहीं उनका बेटा शशांक कुमार होली मनाने के लिए लखनऊ स्थित अपने ससुराल गया हुआ था। घर खाली होने का फायदा उठाकर बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया।   दो बाइक से पहुंचे छह बदमाश बताया जा रहा है कि रविवार देर रात दो बाइक पर सवार छह बदमाश मकान के पास पहुंचे। इनमें से दो बदमाश गेट फांदकर अंदर घुस गए। इसके बाद उन्होंने गेट से लेकर घर के कमरों तक लगे पांच अलग-अलग तालों को काट दिया।   तीन घंटे तक घर में करते रहे चोरी बदमाश करीब तीन घंटे तक घर के अंदर रहे। इस दौरान उन्होंने अलमारी, पलंग और बक्सों को तोड़कर नकदी, गहने, घड़ियां और लाइसेंसी रायफल की गोलियां चोरी कर लीं। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।   CCTV फुटेज में कैद हुए आरोपी घटना की जानकारी मिलने के बाद कंकड़बाग थाने में मामला दर्ज कराया गया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, जिसमें छह संदिग्ध बदमाश नजर आए हैं। पुलिस का मानना है कि इस चोरी के पीछे किसी स्थानीय लाइनर की भूमिका हो सकती है, जिसने घर के खाली होने की जानकारी बदमाशों को दी।   पुलिस ने तेज की जांच मामले की सूचना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और डीजीपी को भी दे दी गई है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बदमाशों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।  

surbhi मार्च 10, 2026 0
Police investigation at crime scene in Bihar after woman shot dead and skeleton recovered in Siwan
बिहार में दो सनसनीखेज घटनाएं: सहरसा में महिला की गोली मारकर हत्या, सीवान में 5 महीने से लापता युवक का कंकाल बरामद

  सहरसा में घास काटने गई महिला की गोली मारकर हत्या बिहार के सहरसा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। Saharsa के सलखुआ थाना क्षेत्र के कोपरिया गांव में अज्ञात अपराधियों ने एक 20 वर्षीय तलाकशुदा महिला की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतका की पहचान कोपरिया पंचायत के वार्ड-13 निवासी धीरेन्द्र यादव की पुत्री शुषम कुमारी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह गांव के पास स्थित गुलडाही बहियार में घास काटने गई थी, तभी अपराधियों ने उसके गले में गोली मार दी, जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।   महिलाओं ने खेत में देखा खून से लथपथ शव जानकारी के अनुसार, गांव की कुछ महिलाएं घास काटकर वापस लौट रही थीं। इसी दौरान उनकी नजर खेत में खून से लथपथ पड़े शव पर पड़ी। इसके बाद उन्होंने शोर मचाया और गांव वालों को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही मृतका के परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और सनसनी का माहौल बन गया।   तीन साल पहले हुआ था विवाह, बाद में हो गया था तलाक मृतका के पिता ने बताया कि करीब तीन साल पहले उनकी बेटी की शादी हुई थी, लेकिन कुछ समय बाद उसका तलाक हो गया। परिवार वाले अब उसकी दूसरी शादी की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच इस दर्दनाक घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है।   पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मक्के के खेत से शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर हत्या के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।   सीवान में 5 महीने से लापता युवक का कंकाल मिला इधर Siwan जिले में करीब पांच महीने से लापता युवक का कंकाल मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान दारौंदा थाना क्षेत्र के उजाय गांव निवासी राजेंद्र यादव के रूप में हुई है। कंकाल गांव के पास एक खेत से बरामद हुआ है।   26 सितंबर को भैंस चराने निकले थे घर से परिजनों के अनुसार, राजेंद्र यादव 26 सितंबर 2025 को सुबह करीब 11 बजे घर से भैंस चराने के लिए निकले थे, लेकिन इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटे। परिवार ने काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया।   मोबाइल और सामान मिलने से हुई पहचान बीती रात गांव के एक व्यक्ति ने परिजनों को सूचना दी कि गांव के पूर्व दिशा में स्थित चंवर में लाठी और छाता पड़ा हुआ है। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को भी इसकी जानकारी दी। पुलिस की मौजूदगी में जब आसपास खोजबीन की गई तो वहां से मोबाइल फोन जेब में रखा पैसा खैनी की चुनौटी गमछा और लाठी मानव हड्डियां बरामद हुईं। इन सामानों के आधार पर कंकाल की पहचान राजेंद्र यादव के रूप में की गई।   हत्या की आशंका, जांच में जुटी पुलिस परिजनों का आरोप है कि राजेंद्र यादव की हत्या कर शव को खेत में फेंक दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा।  

surbhi मार्च 9, 2026 0
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Bihar Assistant Professor
जॉब्स

बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के नियम बदले, जानिए कब जरूरी होगा NET ?

abhishek singh जुलाई 2, 2026 0