Bihar Government

Lt Gen (Retd) Syed Ata Hasnain arriving in Patna ahead of Bihar Governor oath ceremony.
बिहार को मिला नया राज्यपाल: लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन आज लेंगे शपथ, पटना के लोकभवन में होगा समारोह

  सुबह 11 बजे लोकभवन में शपथ ग्रहण समारोह बिहार को शनिवार से नया राज्यपाल मिल जाएगा। सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल Syed Ata Hasnain आज सुबह 11 बजे बिहार के राज्यपाल पद की शपथ लेंगे। यह शपथ ग्रहण समारोह Lok Bhavan में आयोजित होगा। उन्हें Sangam Kumar Sahu, मुख्य न्यायाधीश, Patna High Court द्वारा पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी। इस कार्यक्रम में राज्य सरकार के कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे।   कई वरिष्ठ नेता रहेंगे कार्यक्रम में शामिल शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री Nitish Kumar, उपमुख्यमंत्री Vijay Kumar Sinha और Samrat Choudhary शामिल होंगे। इसके अलावा बिहार विधानसभा के अध्यक्ष Prem Kumar और विधान परिषद के सभापति Awadhesh Narayan Singh सहित कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी समारोह में उपस्थित रहेंगे।   पटना पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत नए राज्यपाल सैयद अता हसनैन गुरुवार को ही Patna पहुंच गए थे। एयरपोर्ट पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा सहित कई नेताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान कई अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।   40 वर्षों तक सेना में निभाई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सैयद अता हसनैन भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी रह चुके हैं और लेफ्टिनेंट जनरल के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। करीब 40 वर्षों तक सेना में सेवा देने के दौरान उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। खास तौर पर Jammu and Kashmir में आतंकवाद विरोधी अभियानों में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कई रणनीतिक और सुरक्षा अभियानों का नेतृत्व किया, जिसके कारण उन्हें सुरक्षा मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है।   पूर्व राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का रहा उल्लेखनीय कार्यकाल इससे पहले बिहार के राज्यपाल Arif Mohammad Khan रहे, जिनका कार्यकाल करीब 428 दिनों का रहा। उनका कार्यकाल अपेक्षाकृत छोटा होने के बावजूद काफी सक्रिय और विवादों से दूर माना गया। उन्होंने अपने कार्यकाल में विश्वविद्यालयों से जुड़े मुद्दों पर खुलकर राय रखी और राजभवन को एक सक्रिय संवाद मंच बनाने की कोशिश की। वे अक्सर छात्रों, शिक्षाविदों और समाज के विभिन्न वर्गों के साथ संवाद करते नजर आते थे।  

surbhi मार्च 14, 2026 0
Bihar CM Nitish Kumar during Samriddhi Yatra visit to Khagaria and Saharsa for development projects
समृद्धि यात्रा पर CM नीतीश आज खगड़िया और सहरसा में, करोड़ों की योजनाओं का देंगे तोहफा

  बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar शुक्रवार को अपनी समृद्धि यात्रा के तहत Khagaria और Saharsa जिले का दौरा करेंगे। इस दौरान खगड़िया जिले को करीब 304 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का तोहफा मिलेगा। मुख्यमंत्री यहां विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे तथा जनसंवाद कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे।   संसारपुर मैदान में होगा मुख्य कार्यक्रम खगड़िया में कार्यक्रम का आयोजन संसारपुर खेल मैदान में किया गया है। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर भव्य पंडाल बनाए गए हैं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन की ओर से पूरे इलाके में चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी जा रही है।   300 करोड़ से ज्यादा की योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री खगड़िया में 43 करोड़ रुपये की लागत से 35 योजनाओं का शिलान्यास करेंगे।   261 करोड़ रुपये की लागत से 284 योजनाओं का उद्घाटन करेंगे।   इसके साथ ही जिले में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी करेंगे। इस कार्यक्रम में दोनों उपमुख्यमंत्री और कई मंत्री भी मौजूद रह सकते हैं।   सहरसा में भी विकास योजनाओं का तोहफा मुख्यमंत्री इसके बाद सहरसा पहुंचेंगे, जहां 90 करोड़ रुपये की लागत से 20 योजनाओं का शिलान्यास   286 करोड़ रुपये की लागत से 70 योजनाओं का उद्घाटन   136 करोड़ रुपये की लागत से 35 योजनाओं का कार्यारंभ किया जाएगा।   रेलवे ओवरब्रिज का कर सकते हैं निरीक्षण समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री बूढ़ी गंडक नदी पर बन रहे खगड़िया-बख्तियारपुर बाइपास मार्ग के रेलवे ओवरब्रिज का निरीक्षण भी कर सकते हैं। यह परियोजना खगड़िया समेत आसपास के जिलों के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके बन जाने से क्षेत्र में जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।   पहले पूर्णिया और कटिहार को मिला था बड़ा तोहफा इससे पहले गुरुवार को मुख्यमंत्री Purnia और Katihar पहुंचे थे, जहां उन्होंने दोनों जिलों को मिलाकर करीब 895 करोड़ रुपये की योजनाओं का तोहफा दिया था। कार्यक्रम के दौरान मंत्री Leshi Singh ने मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए कहा था कि उन्होंने एक अभिभावक की तरह हर कठिन समय में उनका साथ दिया और राजनीति में आगे बढ़ने का मौका दिया।  

surbhi मार्च 13, 2026 0
Bihar minister Leshi Singh gets emotional during Samriddhi Yatra rally with CM Nitish Kumar in Purnia
Samriddhi Yatra: पूर्णिया में भावुक हुईं मंत्री लेशी सिंह, बोली-मुश्किल में ‘कृष्ण’ की तरह साथ खड़े रहे नीतीश कुमार

  बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar की ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान Purnia में एक बेहद भावुक दृश्य देखने को मिला। जनसभा को संबोधित करते हुए बिहार सरकार की मंत्री Leshi Singh मंच पर ही भावुक हो गईं और भाषण देते-देते उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।   मुश्किल समय में ढाल बने नीतीश कुमार अपने संबोधन में लेसी सिंह ने कहा कि उनके जीवन के कठिन दौर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक अभिभावक की तरह उनके साथ खड़े रहे। उन्होंने भावुक स्वर में कहा, “मुझ जैसी साधारण महिला को राजनीति में आगे बढ़ाने का श्रेय नीतीश कुमार जी को जाता है। जब मेरे परिवार पर मुश्किलें आईं, तब वे ‘कृष्ण’ की तरह ढाल बनकर खड़े रहे और हर संकट से बाहर निकाला।”   महिलाओं को आगे बढ़ाने का श्रेय मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बिहार की आधी आबादी यानी महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आज बिहार की बेटियां और महिलाएं जो सम्मान और अवसर पा रही हैं, वह मुख्यमंत्री के विजन का परिणाम है।   पूर्णिया को मिली 500 करोड़ की योजनाएं कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने मत्स्य एवं पशुपालन विभाग की करीब 500 करोड़ रुपये की लागत वाली 200 योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया।   पूर्ववर्ती सरकार पर भी साधा निशाना अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए पूर्व की सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2005 से पहले बिहार की स्थिति काफी खराब थी, लोग शाम के बाद घर से निकलने में डरते थे और विकास के नाम पर बहुत कम काम हुआ था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने बिहार को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाया है और अब राज्य में कानून का राज स्थापित हुआ है।  

surbhi मार्च 13, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट घोषित, अनुज अग्निहोत्री बने टॉपर, 958 उम्मीदवार सफल

UPSC CSE Result 2025: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक Civil Services Examination का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। Union Public Service Commission ने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPSC Official Website पर जाकर फाइनल मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। 958 उम्मीदवारों का हुआ चयन यूपीएससी द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उनकी रैंक और पसंद के आधार पर की जाएगी। फाइनल रिजल्ट उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा (Main Exam) और पर्सनैलिटी टेस्ट (Interview) में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। इन प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए होता है चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)   भारतीय पुलिस सेवा (IPS)   भारतीय विदेश सेवा (IFS)   भारतीय राजस्व सेवा (IRS)   भारतीय व्यापार सेवा सहित अन्य ग्रुप A और ग्रुप B सेवाएं   979 पदों को भरने का लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 979 रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे चेक करें UPSC CSE 2025 का रिजल्ट उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं   होमपेज पर “Examination” टैब पर क्लिक करें   “Active Examinations” या “What’s New” सेक्शन में जाएं   Civil Services Examination Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें   मेरिट लिस्ट की PDF खुल जाएगी   Ctrl + F दबाकर अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें   15 दिन में जारी होगी मार्कशीट यूपीएससी के अनुसार सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। उम्मीदवार इसे 30 दिनों तक ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। पिछले साल का कट-ऑफ पिछले वर्ष का अंतिम कट-ऑफ इस प्रकार था— जनरल: 87.98   EWS: 85.92   OBC: 87.28   SC: 79.03   ST: 74.23   आयु सीमा क्या है यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2024 तक कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अगस्त 1992 से 1 अगस्त 2003 के बीच होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू—को पार कर बहुत कम उम्मीदवार ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। UPSC CSE 2025 टॉप-20 उम्मीदवारों की सूची रैंक रोल नंबर नाम 1 1131589 अनुज अग्निहोत्री 2 4000040 राजेश्वरी सुवे एम 3 3512521 अकांश ढुल 4 0834732 राघव झुनझुनवाला 5 0409847 ईशान भटनागर 6 6410067 जिनिया अरोड़ा 7 0818306 ए आर राजा मोहिद्दीन 8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी 9 0831647 आस्था जैन 10 1523945 उज्ज्वल प्रियांक 11 1512091 यशस्वी राज वर्धन 12 0840280 अक्षित भारद्वाज 13 7813999 अनन्या शर्मा 14 5402316 सुरभि यादव 15 3507500 सिमरनदीप कौर 16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव 17 0829589 चितवन जैन 18 5604518 श्रुति आर 19 0105602 निसार दिशांत अमृतलाल 20 6630448 रवि राज

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बिहार

नालंदा मंदिर हादसा: भीड़ ने ली 8 महिलाओं की जान, धार्मिक आयोजन में मची भगदड़ जैसी स्थिति

surbhi मार्च 31, 2026 0