नई दिल्ली: बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक रोहित शेट्टी एक बार फिर अपनी शानदार कार कलेक्शन को लेकर चर्चा में हैं। इस बार वह 'लाफ्टर शेफ्स' के ग्रैंड फिनाले में अपनी नई और बेहद लग्जरी GMC Hummer EV से पहुंचे, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ऑरेंज रंग की इस दमदार इलेक्ट्रिक SUV ने सेट पर मौजूद सभी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। 4.76 करोड़ रुपये की इलेक्ट्रिक SUV रोहित शेट्टी जिस GMC Hummer EV में पहुंचे, उसकी कीमत करीब 4.76 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह इलेक्ट्रिक SUV अपने विशाल आकार, बॉक्सी डिजाइन और दमदार रोड प्रेजेंस के लिए दुनियाभर में मशहूर है। हालांकि GMC Hummer EV को अभी तक भारत में आधिकारिक तौर पर लॉन्च नहीं किया गया है। देश में इसकी कुछ चुनिंदा यूनिट्स ही प्राइवेट इम्पोर्ट के जरिए लाई गई हैं। बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह भी इस लग्जरी इलेक्ट्रिक SUV के मालिक हैं। लग्जरी कारों के शौकीन हैं रोहित शेट्टी रोहित शेट्टी का कारों के प्रति लगाव किसी से छिपा नहीं है। उनकी फिल्मों 'सिंघम', 'गोलमाल' और 'सूर्यवंशी' में दमदार कार स्टंट उनकी पहचान बन चुके हैं। उनके गैराज में पहले से कई महंगी और लग्जरी गाड़ियां मौजूद हैं, जिनमें शामिल हैं: Ford Mustang Range Rover Sport Mercedes-Benz AMG G63 Lamborghini Urus GMC Hummer EV (नई एंट्री) इन सभी कारों की कीमत करोड़ों रुपये में है और यह रोहित शेट्टी के ऑटोमोबाइल प्रेम को बखूबी दर्शाती हैं। अपकमिंग प्रोजेक्ट्स पर भी नजर वर्कफ्रंट की बात करें तो रोहित शेट्टी हाल ही में 'सिंघम अगेन' के निर्देशन के बाद चर्चा में रहे। उन्होंने 'खतरों के खिलाड़ी 15' की शूटिंग भी पूरी कर ली है। इसके अलावा खबरें हैं कि वह मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया के जीवन पर आधारित एक नई एक्शन फिल्म पर काम कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस फिल्म में जॉन अब्राहम और तमन्ना भाटिया अहम भूमिकाओं में नजर आ सकते हैं। हालांकि मेकर्स की ओर से अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
नई दिल्ली: कॉमेडियन सुनील पाल एक बार फिर कॉमेडियन और कंटेंट क्रिएटर समय रैना को लेकर दिए गए अपने बयान की वजह से चर्चा में हैं। सुनील पाल ने दावा किया है कि समय रैना ने उन्हें 'India's Got Latent Season 2' में बतौर गेस्ट शामिल होने के लिए 25 लाख रुपये का ऑफर दिया था, लेकिन उन्होंने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया। उनका कहना है कि शो की भाषा और कंटेंट उनकी सोच से मेल नहीं खाते, इसलिए उन्होंने हिस्सा लेने से इनकार कर दिया। ₹25 लाख का ऑफर, लेकिन रख दी अपनी शर्त हाल ही में पैपराजी से बातचीत के दौरान सुनील पाल ने कहा कि समय रैना ने उन्हें शो में आने के लिए 25 लाख रुपये देने की बात कही थी। हालांकि उन्होंने साफ कर दिया कि वह किसी भी कीमत पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं करेंगे। सुनील पाल ने कहा, "उसने 25 लाख रुपये देने की बात की थी, लेकिन मैंने कहा कि मैं गाली नहीं दूंगा। इस पर उसने कहा कि आप मत दीजिए, लेकिन बाकी लोग तो देंगे।" उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर शो की कंटेंट स्टाइल और कॉमेडी को लेकर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है। आलिया भट्ट पर भी कसा तंज जब उनसे पूछा गया कि शो में अभिनेत्री आलिया भट्ट और शरवरी भी आई थीं और उन्होंने भी गालियां नहीं दी थीं, तो सुनील पाल ने अपने अंदाज में तंज कसते हुए कहा, "जहां-जहां है आलिया, वहां-वहां हैं गालियां। बजा दो तालियां, वरना सपने में आएगा विजय माल्या।" उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पहले भी कर चुके हैं शो पर टिप्पणी यह पहली बार नहीं है जब सुनील पाल ने India's Got Latent को लेकर बयान दिया हो। इससे पहले उन्होंने कहा था कि अगर शो में वास्तविक पारिवारिक माहौल दिखाना है तो समय रैना को जज की कुर्सी पर अपने माता-पिता को बैठाकर उसी तरह का कंटेंट पेश करना चाहिए। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा था कि तभी पता चलेगा कि शो का कंटेंट परिवार के सामने भी सहजता से पेश किया जा सकता है या नहीं। विवाद की शुरुआत कैसे हुई? सुनील पाल और समय रैना के बीच विवाद की शुरुआत 'India's Got Latent' के पहले सीजन के दौरान हुई थी। शो के एक एपिसोड में रणवीर अल्लाहबादिया की विवादित टिप्पणी के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए और कई जगह एफआईआर भी दर्ज हुईं। उस दौरान सुनील पाल ने शो के कंटेंट की खुलकर आलोचना की थी और समय रैना को लेकर भी कड़ी टिप्पणियां की थीं। बाद में दोनों 'The Great Indian Kapil Show' में साथ नजर आए, जहां मंच पर भी दोनों के बीच तंज और नोकझोंक देखने को मिली। क्या फिर बढ़ेगा विवाद? सुनील पाल के नए दावे के बाद एक बार फिर India's Got Latent और समय रैना चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। हालांकि अभी तक समय रैना या उनकी टीम की ओर से इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बयान पर उनकी ओर से कोई जवाब आता है या नहीं।
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने अपनी लंबे समय की साथी गौरी स्प्रैट के साथ 5 जुलाई को शादी करने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। आमिर ने बताया कि शादी उनके मुंबई स्थित बांद्रा स्थित घर पर बेहद सादे और निजी समारोह में होगी। इस समारोह में केवल परिवार के सदस्य और करीबी दोस्त ही शामिल होंगे। 5 जुलाई को घर पर होगी शादी आमिर खान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि शादी का आयोजन बेहद सादा रखा गया है। उन्होंने कहा, "घर पर ही कर रहे हैं, आप सबकी दुआएं चाहिए।" उन्होंने स्पष्ट किया कि समारोह में किसी तरह का भव्य आयोजन नहीं होगा। रिसेप्शन नहीं होगा आयोजित रिपोर्ट्स के मुताबिक, आमिर और गौरी ने शादी के बाद किसी बड़े रिसेप्शन का आयोजन नहीं करने का फैसला किया है। दोनों ने केवल परिवार और कुछ करीबी दोस्तों की मौजूदगी में स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत रजिस्टर्ड मैरिज करने का निर्णय लिया है। कौन हैं गौरी स्प्रैट? गौरी स्प्रैट बेंगलुरु की रहने वाली हैं और वेलनेस व ब्यूटी इंडस्ट्री से जुड़ी हैं। आमिर ने मार्च 2025 में अपने 60वें जन्मदिन के अवसर पर पहली बार गौरी को सार्वजनिक रूप से मीडिया से मिलवाया था। दोनों पिछले कुछ वर्षों से रिश्ते में हैं। फैंस और सितारों ने दी शुभकामनाएं शादी की पुष्टि के बाद सोशल मीडिया पर फैंस लगातार आमिर और गौरी को बधाई दे रहे हैं। अभिनेता विक्की कौशल सहित कई फिल्मी हस्तियों ने भी इस नए सफर के लिए दोनों को शुभकामनाएं दी हैं।
मुंबई, एजेंसियां। भोजपुरी सुपरस्टार और सांसद रवि किशन की बेटी व अभिनेत्री रीवा किशन ने सोशल मीडिया पर अपने पिता के लिए एक बेहद भावुक पोस्ट साझा किया है। रियलिटी शो 'द अलायंस' से रवि किशन के बाहर होने के बाद रीवा ने इंस्टाग्राम पर बचपन से लेकर वर्तमान तक की दो खास तस्वीरें साझा करते हुए पिता के प्रति अपना प्यार और सम्मान व्यक्त किया। उनका यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। रीवा ने अपने के लिए भावुक कैप्शन लिखा रीवा ने जो तस्वीरें साझा की हैं, उनमें पहली फोटो बचपन की है, जिसमें वह अपने पिता की गोद में मुस्कुराती नजर आ रही हैं। दूसरी तस्वीर हाल की है, जिसमें दोनों की मजबूत बॉन्डिंग साफ दिखाई देती है। इन तस्वीरों के साथ रीवा ने भावुक कैप्शन लिखा कि भले ही उनके पिता ने शो छोड़ दिया हो, लेकिन उनके बीच का रिश्ता हमेशा अटूट रहेगा। उन्होंने लिखा कि उनके पिता ने जीवन के हर मोड़ पर उनकी रक्षा की, सही राह दिखाई और हमेशा उनका साथ दिया। रीवा ने रवि किशन को अपना "सबसे सच्चा साथी" बताते हुए कहा कि उन्हें जीवन में सबसे ज्यादा उनके साथ की जरूरत है। उन्होंने यह भी लिखा कि 'द अलायंस' में पिता के साथ बिताया गया समय उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा और वह उन्हें तथा महादेव को गर्व महसूस कराने के लिए हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करेंगी। रवि किशन ने शो छोड़ते समय भी सभी प्रतियोगियों को भावुक कर दिया था उन्होंने कहा कि उन्हें दर्शकों और प्रतिभागियों से भरपूर प्यार मिला, लेकिन सांसद होने के नाते अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि अब उन्हें अपने संसदीय क्षेत्र गोरखपुर लौटना होगा, क्योंकि जनता ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। वर्क फ्रंट की बात करें तो रवि किशन इन दिनों फिल्मों और वेब सीरीज दोनों में सक्रिय हैं। 'लापता लेडीज' और 'खाकी: द बिहार चैप्टर' में उनके अभिनय की खूब सराहना हुई थी। अब दर्शक उन्हें जल्द ही बहुप्रतीक्षित फिल्म 'द मिर्जापुर मूवी' में एक अहम भूमिका में देखेंगे।
मुंबई, एजेंसियां। लोकप्रिय टीवी अभिनेत्री रुपाली गांगुली ने दिवंगत अभिनेता सतीश शाह को याद करते हुए सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा की है। उन्होंने अपने चर्चित कॉमेडी शो 'साराभाई वर्सेस साराभाई' के कुछ यादगार दृश्यों का वीडियो इंस्टाग्राम स्टोरी पर साझा किया, जिसे देखकर फैंस भी पुरानी यादों में खो गए। वीडियो के साथ रुपाली ने लिखा, "उन्हें बहुत-बहुत मिस करती हूं।" इस पोस्ट ने शो के प्रशंसकों के बीच भावनात्मक माहौल बना दिया। ऑन-स्क्रीन ससुर-बहू की जोड़ी को मिला था खूब प्यार 'साराभाई वर्सेस साराभाई' में सतीश शाह ने इंद्रावदन साराभाई और रुपाली गांगुली ने उनकी बहू मोनिशा साराभाई का किरदार निभाया था। शो में दोनों की मजेदार नोकझोंक और प्यारा रिश्ता दर्शकों को बेहद पसंद आया था। इंद्रावदन हमेशा अपनी मिडिल क्लास बहू मोनिशा का समर्थन करते थे, जबकि माया साराभाई अक्सर उसके तौर-तरीकों पर टिप्पणी करती थीं। परिवार के भीतर होने वाली यही हास्यपूर्ण नोकझोंक इस शो की सबसे बड़ी पहचान बनी। आज भी दर्शकों के दिलों में बसा है यह शो साल 2004 से 2006 तक प्रसारित हुआ 'साराभाई वर्सेस साराभाई' भारतीय टेलीविजन के सबसे लोकप्रिय कॉमेडी धारावाहिकों में गिना जाता है। इसकी लोकप्रियता को देखते हुए साल 2017 में इसका दूसरा सीजन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया था। शो में सतीश शाह, रत्ना पाठक शाह, रुपाली गांगुली, सुमित राघवन और राजेश कुमार ने अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीता था। पिछले वर्ष हुआ था सतीश शाह का निधन दिग्गज अभिनेता सतीश शाह का 25 अक्टूबर 2025 को 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। उन्होंने फिल्मों और टेलीविजन दोनों माध्यमों में कई यादगार भूमिकाएं निभाईं। 'जाने भी दो यारों', 'मैं हूं ना' और 'कल हो ना हो' जैसी फिल्मों में उनका अभिनय आज भी याद किया जाता है। रुपाली गांगुली की यह पोस्ट एक बार फिर सतीश शाह की यादों को ताजा कर रही है और उनके चाहने वालों को भावुक कर रही है।
मुंबई: यशराज फिल्म्स (YRF) की बहुप्रतीक्षित स्पाई थ्रिलर 'अल्फा' 3 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। रिलीज से पहले फिल्म की स्टार कास्ट की कथित फीस को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म में सबसे अधिक फीस आलिया भट्ट को मिली है, जबकि शर्वरी की फीस उनसे काफी कम बताई जा रही है। हालांकि, फिल्म निर्माताओं की ओर से कलाकारों की फीस को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए इन आंकड़ों को मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर देखा जाना चाहिए। आलिया भट्ट को मिली सबसे ज्यादा फीस रिपोर्ट्स के अनुसार, 'अल्फा' में दमदार एक्शन अवतार में नजर आने वाली आलिया भट्ट को फिल्म के लिए करीब 25 करोड़ रुपये का पारिश्रमिक मिला है। कथित तौर पर वह फिल्म की सबसे ज्यादा फीस पाने वाली कलाकार हैं। शर्वरी की फीस में बड़ा अंतर फिल्म में दूसरी मुख्य सुपर एजेंट की भूमिका निभा रहीं शर्वरी को कथित तौर पर 3 करोड़ रुपये फीस मिली है। यानी रिपोर्ट्स के मुताबिक, आलिया भट्ट की फीस शर्वरी से कई गुना अधिक है। बॉबी देओल और अनिल कपूर की कथित फीस फिल्म के अहम किरदारों में नजर आने वाले बॉबी देओल और अनिल कपूर को भी कथित तौर पर 6-6 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। यदि इन रिपोर्ट्स को सही माना जाए, तो आलिया भट्ट की फीस दोनों अभिनेताओं से लगभग 316.67 प्रतिशत अधिक है। ऋतिक रोशन की होगी खास एंट्री 'अल्फा' में ऋतिक रोशन भी विशेष कैमियो रोल में दिखाई देंगे। वह एक बार फिर YRF स्पाई यूनिवर्स के लोकप्रिय किरदार मेजर कबीर के रूप में नजर आएंगे। हालांकि, उनकी फीस को लेकर अभी तक कोई विश्वसनीय जानकारी सामने नहीं आई है। ट्रेलर ने बढ़ाया उत्साह फिल्म के टीजर और ट्रेलर को दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। ट्रेलर की शुरुआत आलिया भट्ट और बॉबी देओल के एक अहम दृश्य से होती है, जहां बॉबी का किरदार उन्हें एक मिशन की जिम्मेदारी सौंपता दिखाई देता है। इसके बाद ट्रेलर में आलिया और शर्वरी के कई हाई-ऑक्टेन एक्शन सीक्वेंस देखने को मिलते हैं, जिन्होंने फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है। YRF स्पाई यूनिवर्स की पहली फीमेल-लीड फिल्म 'अल्फा' को YRF Spy Universe की पहली महिला-केंद्रित फिल्म माना जा रहा है। इस स्पाई यूनिवर्स में इससे पहले 'एक था टाइगर', 'टाइगर जिंदा है', 'वॉर', 'पठान', 'टाइगर 3' और 'वॉर 2' जैसी सफल फिल्में शामिल रही हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि 3 जुलाई को रिलीज होने के बाद 'अल्फा' बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों की उम्मीदों पर कितना खरा उतरती है।
मुंबई: बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'गदर: एक प्रेम कथा' के सबसे यादगार किरदार तारा सिंह को लेकर वर्षों से एक सवाल चर्चा में रहा है कि क्या इस रोल के लिए पहले गोविंदा को चुना गया था। अब फिल्म के निर्देशक अनिल शर्मा ने इस बहस पर पूरी तरह विराम लगा दिया है। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में अनिल शर्मा ने साफ कहा कि यह दावा पूरी तरह गलत है कि 'गदर' पहले गोविंदा को ऑफर की गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिल्म की कल्पना करते समय उनके दिमाग में शुरुआत से ही केवल सनी देओल थे। गोविंदा को फिल्म ऑफर होने की बात बताई गलत शुभांकर मिश्रा को दिए इंटरव्यू में अनिल शर्मा ने कहा कि इस विषय को लेकर लंबे समय से गलतफहमियां फैली हुई हैं। उन्होंने कहा कि गोविंदा उनके पसंदीदा अभिनेताओं में से एक हैं और दोनों फिल्म 'महाराजा' में साथ काम कर चुके हैं। संभव है कि किसी समय गोविंदा ने इस विषय में कुछ कहा हो, जिससे यह भ्रम पैदा हुआ कि उन्हें 'गदर' ऑफर की गई थी। लेकिन वास्तविकता यह नहीं है। तारा सिंह के लिए सिर्फ सनी देओल ही थे पहली पसंद अनिल शर्मा ने बताया कि जब उन्होंने 'गदर' की कहानी लिखनी शुरू की थी, तभी उन्होंने तारा सिंह के किरदार के लिए केवल दो नामों के बारे में सोचा था। उनके अनुसार, यदि युवा दौर के धर्मेंद्र उपलब्ध होते तो वह इस भूमिका के लिए उपयुक्त रहते, लेकिन उस समय यह संभव नहीं था। इसलिए उनके लिए सनी देओल ही पहली और आखिरी पसंद थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी इस किरदार के लिए किसी दूसरे अभिनेता के बारे में गंभीरता से विचार नहीं किया। सनी देओल की जमकर की तारीफ निर्देशक ने सनी देओल की अभिनय क्षमता की भी खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि सनी की दमदार स्क्रीन प्रेजेंस, एक्शन इमेज और शानदार सेंस ऑफ ह्यूमर उन्हें इस किरदार के लिए सबसे उपयुक्त बनाते थे। अनिल शर्मा के मुताबिक, उन्हें पूरा विश्वास था कि सनी देओल तारा सिंह के भावनात्मक और जोशीले दोनों पहलुओं को प्रभावशाली ढंग से पर्दे पर उतार सकते हैं, और फिल्म की सफलता ने इस विश्वास को सही साबित किया। आखिर कैसे शुरू हुआ गोविंदा वाला कन्फ्यूजन? अनिल शर्मा ने बताया कि फिल्म 'महाराजा' की शूटिंग के दौरान गोविंदा ने उनसे उनकी अगली फिल्म के बारे में पूछा था। उस दौरान उन्होंने उन्हें 'गदर' की कहानी सुनाई थी और यह भी बताया था कि फिल्म सनी देओल के साथ बनाई जा रही है। निर्देशक का कहना है कि संभव है इसी बातचीत से गलतफहमी पैदा हुई हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सिर्फ अपनी अगली फिल्म की कहानी साझा कर रहे थे, जबकि सनी देओल उस समय पहले ही फिल्म के लिए साइन कर चुके थे। सालों बाद खत्म हुई बहस 'गदर' भारतीय सिनेमा की सबसे सफल फिल्मों में गिनी जाती है और तारा सिंह का किरदार आज भी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय है। अब अनिल शर्मा के इस स्पष्ट बयान के बाद यह वर्षों पुरानी बहस लगभग समाप्त हो गई है कि इस प्रतिष्ठित भूमिका के लिए गोविंदा पहली पसंद थे। निर्देशक ने साफ शब्दों में कहा कि तारा सिंह की कल्पना शुरू से ही सनी देओल के साथ की गई थी और फिल्म के लिए किसी अन्य अभिनेता पर विचार नहीं किया गया था।
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेता अभिषेक बच्चन ने अपने 26 साल लंबे फिल्मी सफर को याद करते हुए करियर के शुरुआती संघर्षों पर खुलकर अपनी बात रखी। एक हालिया इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि शुरुआती दिनों में उनके मन में सबसे बड़ा सवाल यही रहता था कि "काम मिलेगा भी या नहीं।" उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआती दौर में असफल फिल्मों और लगातार तुलना के कारण आत्मविश्वास पर असर पड़ता था। दूसरों से नहीं, खुद से थी सबसे बड़ी चुनौती अभिषेक ने कहा कि उन्होंने कभी इस बात की चिंता नहीं की कि दूसरे कलाकार क्या कर रहे हैं। उनके मुताबिक, समय के साथ उन्होंने खुद पर भरोसा करना सीखा और अभिनय को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि अब वह पहले की तुलना में कैमरे के सामने कहीं अधिक सहज और आत्मविश्वास महसूस करते हैं। असफलताओं ने सिखाया आगे बढ़ना अभिषेक ने माना कि करियर में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन हर असफलता ने उन्हें कुछ नया सिखाया। उन्होंने कहा कि 'गुरु', 'ब्रीद: इनटू द शैडोज', 'घूमर', 'दसवीं' और अन्य परियोजनाओं ने उन्हें एक अभिनेता के रूप में नई पहचान दिलाई। पिता अमिताभ बच्चन की सीख बनी प्रेरणा अभिषेक ने पहले भी बताया था कि एक समय ऐसा आया था जब वह फिल्मों को छोड़ने का मन बना चुके थे। तब उनके पिता अमिताभ बच्चन ने उन्हें प्रेरित करते हुए कहा था, "मैंने तुम्हें हार मानने के लिए नहीं पाला है।" अभिनेता का कहना है कि यही सीख आज भी उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देती है।
उज्जैन, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा और उनके पति, सांसद राघव चड्ढा, ने मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में भगवान शिव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस आध्यात्मिक यात्रा की झलक परिणीति ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो के माध्यम से साझा की, जिसे सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है। पारंपरिक वेशभूषा में दिखे दोनों वीडियो में परिणीति पीच रंग की पारंपरिक साड़ी में सिर ढके नजर आ रही हैं, जबकि राघव चड्ढा पारंपरिक परिधान के साथ केसरिया शॉल ओढ़े दिखाई दे रहे हैं। दोनों मंदिर के पुजारियों के साथ विधि-विधान से भगवान महाकाल की पूजा करते और श्रद्धाभाव से प्रार्थना करते नजर आए। वीडियो में मंदिर का आध्यात्मिक वातावरण और दोनों की आस्था ने फैंस का ध्यान खींचा। शिव स्तुति से जुड़ी खास याद साझा की इस वीडियो के साथ परिणीति ने अपनी एक भावुक याद भी साझा की। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान एक शांत सुबह उन्होंने एक 'शिव स्तुति' रिकॉर्ड की थी। उस समय उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह स्तुति लोगों के बीच इतनी लोकप्रिय हो जाएगी। परिणीति ने लिखा कि उन्हें बेहद खुशी है कि यह शिव स्तुति अब कई लोगों की सुबह की प्लेलिस्ट का हिस्सा बन चुकी है। उन्होंने बताया कि यह भजन वर्षों से उनके परिवार की आध्यात्मिक दिनचर्या का हिस्सा रहा है और अब इसे श्रोताओं का भी भरपूर प्यार मिल रहा है। फैंस ने लुटाया प्यार महाकाल मंदिर से साझा किए गए इस वीडियो पर फैंस लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई यूजर्स ने दोनों की सादगी, पारंपरिक अंदाज और भगवान शिव के प्रति उनकी आस्था की सराहना की। वहीं, परिणीति की शिव स्तुति को भी लोगों ने सुकून देने वाला बताया। परिणीति और राघव की यह आध्यात्मिक यात्रा सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। वीडियो को हजारों लाइक्स और कमेंट्स मिल चुके हैं, जहां प्रशंसक दोनों की खुशहाल जिंदगी और आध्यात्मिक जुड़ाव की कामना कर रहे हैं।
मुंबई: टीवी अभिनेत्री जैस्मिन भसीन का जन्मदिन इस बार अस्पताल में बीता। अपने बर्थडे सेलिब्रेशन के लिए दुबई पहुंचीं जैस्मिन अचानक गंभीर रूप से बीमार पड़ गईं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उनके बॉयफ्रेंड और अभिनेता अली गोनी ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा करते हुए फैंस से उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ करने की अपील की। "जिंदगी की मर्जी कुछ और थी" अली गोनी ने इंस्टाग्राम पर अस्पताल से एक भावुक तस्वीर साझा की, जिसमें जैस्मिन अस्पताल के बेड पर लेटी हुई हैं और अली का हाथ थामे नजर आ रही हैं। पोस्ट के साथ उन्होंने लिखा, "हैप्पी बर्थडे जैस्मिन। हम यहां तुम्हारा जन्मदिन मनाने आए थे, लेकिन जिंदगी की मर्जी कुछ और ही थी। जन्मदिन की यादें बनाने के बजाय हम अस्पताल के कमरे में हैं। तुम्हें दर्द में देखना इस ट्रिप का सबसे मुश्किल हिस्सा रहा है। तुम्हें फिर से स्वस्थ और मुस्कुराते हुए देखने के लिए मैं किसी भी जश्न को छोड़ने को तैयार हूं।" उन्होंने आगे लिखा कि उनकी सबसे बड़ी दुआ यही है कि जैस्मिन जल्द से जल्द पूरी तरह स्वस्थ होकर फिर से मुस्कुराने लगें। गंभीर इन्फेक्शन के कारण हुईं अस्पताल में भर्ती अली गोनी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बताया कि जैस्मिन को अचानक गंभीर इन्फेक्शन हो गया, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने लिखा, "हम जैस्मिन का जन्मदिन मनाने दुबई आए थे, लेकिन जिंदगी की मर्जी कुछ और थी। वह अचानक बहुत बीमार पड़ गईं और गंभीर इन्फेक्शन की वजह से अस्पताल में भर्ती करनी पड़ी। पिछले कुछ दिन हमारे लिए बेहद मुश्किल और भावुक रहे।" धीरे-धीरे ठीक हो रही हैं जैस्मिन अली ने फैंस को राहत देते हुए बताया कि जैस्मिन की तबीयत में अब धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा, "उन्हें सबसे अच्छी मेडिकल देखभाल मिल रही है और वह धीरे-धीरे ठीक हो रही हैं। अगर मैं किसी के मैसेज या कॉल का जवाब नहीं दे पाया तो उसके लिए माफ़ी चाहता हूं। फिलहाल मेरा पूरा ध्यान जैस्मिन के साथ रहने पर है। कृपया उन्हें अपनी दुआओं में याद रखें।" कैसे शुरू हुई थी अली और जैस्मिन की लव स्टोरी? अली गोनी और जैस्मिन भसीन की पहली मुलाकात साल 2018 में खतरों के खिलाड़ी 9 के दौरान हुई थी। अर्जेंटीना में शूटिंग के दौरान दोनों अच्छे दोस्त बने। बाद में बिग बॉस 14 में दोनों ने अपने रिश्ते को सार्वजनिक किया। तब से दोनों एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं और अक्सर अपनी तस्वीरें और वेकेशन की झलकियां सोशल मीडिया पर साझा करते रहते हैं। फिलहाल फैंस जैस्मिन के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
मुंबई, एजेंसियां। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर सोमवार को भारतीय सर्राफा बाजार पर भी देखने को मिला। बिकवाली के दबाव के कारण सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अगस्त वायदा सोना शुरुआती कारोबार में 1,44,180 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला, लेकिन जल्द ही गिरकर करीब 1,43,470 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान सोने ने 1,43,454 रुपये का निचला स्तर भी छुआ। वहीं सितंबर वायदा चांदी भी गिरावट के साथ 2,23,174 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखी और इंट्राडे में 2,22,641 रुपये तक फिसल गई। इस गिरावट से आभूषण खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को कुछ राहत मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी दिखा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा। कॉमेक्स (COMEX) पर सोना करीब 0.41 प्रतिशत गिरकर 4,078 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1 प्रतिशत से अधिक टूटकर 58.52 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रखने की आशंकाओं, मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ती ट्रेजरी यील्ड ने सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बनाया है। इसके अलावा, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग सीमित रही। बाजार की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास की घटनाओं से बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। वहीं भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले मामूली मजबूती के साथ खुला, जबकि ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। अब निवेशकों की नजर इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी उपभोक्ता विश्वास और रोजगार संबंधी आंकड़ों पर है। इन आर्थिक संकेतकों के आधार पर आने वाले दिनों में सोना और चांदी की कीमतों की दिशा तय होने की संभावना है। वहीं, विभिन्न शहरों में जीएसटी और मेकिंग चार्ज के कारण आभूषणों के खुदरा दामों में मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।
मुंबई, एजेंसियां। विशेष फिल्म्स ने बहुप्रतीक्षित फिल्म 'आवारापन 2' का टीजर जारी कर दिया है। साल 2007 में रिलीज हुई इमरान हाशमी की कल्ट क्लासिक फिल्म 'आवारापन' के लगभग 19 साल बाद इसका सीक्वल बड़े पर्दे पर लौटने जा रहा है। टीजर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। फैंस लंबे समय से इस फिल्म के दूसरे भाग का इंतजार कर रहे थे, जिसे अब आखिरकार खत्म कर दिया गया है। एक्शन और रोमांस से भरपूर दिखा टीजर करीब एक मिनट के टीजर में इमरान हाशमी दमदार एक्शन अवतार में नजर आ रहे हैं। टीजर में उनके कई हाई-ऑक्टेन एक्शन सीक्वेंस देखने को मिलते हैं, जो फिल्म को पहले से ज्यादा बड़े पैमाने पर पेश किए जाने का संकेत देते हैं। इसके साथ ही दिशा पाटनी की छोटी लेकिन आकर्षक झलक भी दिखाई गई है, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि फिल्म में रोमांस और इमोशनल ड्रामा का भी भरपूर तड़का देखने को मिलेगा। टीजर का बैकग्राउंड म्यूजिक और सिनेमैटिक विजुअल्स इसे और प्रभावशाली बनाते हैं। नितिन कक्कड़ के निर्देशन में बनेगी नई कहानी 'आवारापन 2' का निर्देशन नितिन कक्कड़ कर रहे हैं, जबकि इसे विशेष फिल्म्स के बैनर तले तैयार किया जा रहा है। मेकर्स ने इस बार फिल्म को आधुनिक अंदाज और बड़े एक्शन स्केल के साथ पेश करने की कोशिश की है। हालांकि कहानी से जुड़े कई अहम पहलुओं को अभी भी गोपनीय रखा गया है, जिससे दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है। टीजर रिलीज होने के बाद फैंस इमरान हाशमी की वापसी की जमकर तारीफ कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इसे साल 2026 की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक बता रहे हैं। अब दर्शकों को फिल्म के ट्रेलर और रिलीज डेट का बेसब्री से इंतजार है। 'आवारापन 2' से एक बार फिर इमरान हाशमी बड़े पर्दे पर एक्शन, रोमांस और इमोशन का दमदार मिश्रण लेकर लौटने के लिए तैयार हैं।
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड निर्देशक राजकुमार हिरानी ने अभिनेता रणबीर कपूर के साथ नई फिल्म बनाने की चल रही अटकलों पर आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल वह रणबीर कपूर के साथ किसी नई फिल्म पर काम नहीं कर रहे हैं, हालांकि भविष्य में उनके साथ दोबारा काम करने की इच्छा जरूर है। क्या बोले राजकुमार हिरानी? एक इंटरव्यू में हिरानी ने कहा कि मीडिया में कई बार ऐसी खबरें आ जाती हैं कि वह किसी फिल्म पर काम कर रहे हैं, जबकि वास्तव में ऐसा नहीं होता। उन्होंने हंसते हुए कहा कि कई बार उन्हें भी अखबारों से पता चलता है कि वह कौन-सी फिल्म बना रहे हैं। उन्होंने कहा, "नहीं, मैं फिलहाल रणबीर कपूर के साथ कोई फिल्म नहीं बना रहा हूं। लेकिन भविष्य में उनके साथ फिर से काम करना जरूर चाहूंगा।" क्यों उड़ी थीं अफवाहें? हाल के दिनों में खबरें सामने आई थीं कि 'संजू' की सफलता के बाद राजकुमार हिरानी और रणबीर कपूर एक नई फिल्म के लिए फिर साथ आने वाले हैं। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया था कि दोनों एक खिलाड़ी की जिंदगी पर आधारित फिल्म की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि हिरानी ने इन सभी अटकलों को खारिज कर दिया। किन प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं हिरानी? राजकुमार हिरानी ने बताया कि उनका फिलहाल ध्यान अपनी आगामी OTT परियोजना 'Pritam and Pedro' पर है। इसके अलावा उन्होंने पुष्टि की कि '3 Idiots' का सीक्वल और 'Munna Bhai 3' दोनों की स्क्रिप्ट पर काम चल रहा है, लेकिन अभी दोनों फिल्मों के निर्माण की तारीख तय नहीं हुई है। फैंस को करना होगा इंतजार हिरानी के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि फिलहाल रणबीर कपूर और उनके बीच किसी नई फिल्म की आधिकारिक योजना नहीं है। हालांकि उन्होंने भविष्य में साथ काम करने की संभावना से इनकार नहीं किया, जिससे फैंस को आने वाले समय में इस सुपरहिट जोड़ी की वापसी की उम्मीद लगी हुई है।
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित कॉमेडी फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' आज शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा तेज हो गई। शुरुआती दर्शकों की प्रतिक्रियाओं में फिल्म की कॉमेडी, बड़े स्टारकास्ट और मनोरंजक अंदाज की जमकर तारीफ की जा रही है। पहले दिन दर्शकों से मिला सकारात्मक रिस्पॉन्स फिल्म देखने के बाद कई दर्शकों ने सोशल मीडिया पर इसे फुल फैमिली एंटरटेनर बताया। खास तौर पर कॉमिक सीक्वेंस, एक्शन और कलाकारों की टाइमिंग को पसंद किया जा रहा है। हालांकि कुछ दर्शकों का मानना है कि फिल्म की कहानी साधारण है, लेकिन मनोरंजन के मामले में यह उम्मीदों पर खरी उतरती है। मल्टीस्टारर फिल्म ने बढ़ाई उत्सुकता इस फिल्म में Akshay Kumar, Suniel Shetty, Arshad Warsi, Paresh Rawal, Johnny Lever, Tusshar Kapoor समेत कई कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। बड़े स्टारकास्ट की वजह से फिल्म रिलीज होने से पहले ही काफी चर्चा में थी। एडवांस बुकिंग से मिले थे अच्छे संकेत रिलीज से पहले फिल्म की एडवांस बुकिंग भी अच्छी रही थी। ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि वीकेंड में दर्शकों का यही उत्साह बना रहा तो फिल्म बॉक्स ऑफिस पर मजबूत शुरुआत दर्ज कर सकती है। वीकेंड कलेक्शन पर रहेगी नजर अब फिल्म के पहले वीकेंड के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर सभी की नजर है। ट्रेड विश्लेषकों का कहना है कि सकारात्मक वर्ड ऑफ माउथ मिलने पर फिल्म शुरुआती दिनों में अच्छी कमाई कर सकती है।
मुंबई: हिंदी सिनेमा की सबसे लोकप्रिय पार्श्व गायिकाओं में से एक Alka Yagnik को हाल ही में देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान 'पद्म भूषण' से सम्मानित किया गया। यह पल उनके लिए और उनके प्रशंसकों के लिए गर्व का अवसर था, लेकिन समारोह के दौरान उनकी सेहत को लेकर सामने आई तस्वीरों ने फैंस की चिंता भी बढ़ा दी। राष्ट्रपति Droupadi Murmu द्वारा आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह में जब अलका याग्निक सम्मान लेने पहुंचीं, तो उन्हें सहारे के साथ मंच तक जाते देखा गया। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर भावुक पोस्ट साझा की, जिसने संगीत प्रेमियों और फिल्म इंडस्ट्री के लोगों को भावुक कर दिया। दुर्लभ सुनने की बीमारी से जूझ रहीं हैं अलका याग्निक अलका याग्निक ने अपने पोस्ट में बताया कि वह पिछले दो वर्षों से एक दुर्लभ श्रवण समस्या 'सेंसोरीन्यूरल हियरिंग लॉस' (Sensorineural Hearing Loss) से जूझ रही हैं। इस स्वास्थ्य समस्या के कारण वह लंबे समय से सार्वजनिक कार्यक्रमों, मीडिया और लाइमलाइट से दूर थीं। उन्होंने बताया कि इस कठिन दौर में प्रशंसकों का प्यार, दुआएं और समर्थन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना रहा। पद्म भूषण सम्मान पर भावुक हुईं अलका अपने पोस्ट में अलका ने कहा कि पद्म भूषण सम्मान प्राप्त करना उनके लिए बेहद विनम्र और भावुक करने वाला अनुभव रहा। उन्होंने इस सम्मान को केवल अपनी उपलब्धि नहीं बल्कि उन करोड़ों श्रोताओं का सम्मान बताया जिन्होंने उनकी आवाज़ और गीतों को पीढ़ियों तक प्यार दिया। अलका ने लिखा कि यह सम्मान उनके नाम जरूर है, लेकिन इसकी असली भागीदारी उन लोगों की भी है जिन्होंने उनके संगीत को अपने जीवन का हिस्सा बनाया। शान ने लिखा दिल छू लेने वाला संदेश अलका याग्निक की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए मशहूर गायक Shaan ने एक भावुक संदेश साझा किया, जिसने फैंस का दिल जीत लिया। शान ने लिखा, "अलका जी, आप हमारा गर्व और हमारी खुशी हैं। आपके प्रशंसकों को इससे ज्यादा खुशी किसी और बात से नहीं होगी कि आप पूरी तरह स्वस्थ होकर लौटें और एक बार फिर अपनी आवाज़ से हम सभी को मंत्रमुग्ध करें।" शान का यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और प्रशंसक भी अलका के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। संगीत जगत के सितारों ने जताया प्यार अलका याग्निक के लिए संगीत और फिल्म जगत के कई बड़े कलाकारों ने शुभकामनाएं भेजीं। Kumar Sanu ने लिखा कि अलका इस सम्मान की पूरी तरह हकदार हैं और ईश्वर उन्हें स्वस्थ रखे। वहीं Ila Arun ने उन पर गर्व जताया, जबकि Akriti Kakar ने उन्हें संगीत जगत की 'क्वीन' बताते हुए उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। इसके अलावा Bhumi Pednekar, Veer Pahariya और Aditi Singh Sharma सहित कई सितारों ने भी उनके लिए प्यार और समर्थन व्यक्त किया। 'धीरे-धीरे जीवन में वापसी कर रही हूं' अलका याग्निक ने अपने संदेश में यह भी कहा कि वह अब धीरे-धीरे सामान्य जीवन में लौटने की कोशिश कर रही हैं। उनके मुताबिक, पद्म भूषण सम्मान ग्रहण करने के लिए समारोह में उपस्थित होना उनके लिए सिर्फ एक उपलब्धि नहीं बल्कि उम्मीद, साहस और दृढ़ता का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि यह पल उन्हें याद दिलाता है कि प्रेम, विश्वास और सकारात्मक सोच से किसी भी कठिन परिस्थिति का सामना किया जा सकता है। करोड़ों दिलों की आवाज़ हैं अलका याग्निक 90 के दशक से लेकर आज तक अलका याग्निक की आवाज़ भारतीय संगीत प्रेमियों के दिलों में खास जगह रखती है। उन्होंने हिंदी सिनेमा को अनगिनत सुपरहिट गीत दिए हैं और कई पीढ़ियों की पसंदीदा गायिका बनी हुई हैं। उनकी सेहत को लेकर सामने आई जानकारी ने फैंस को चिंतित जरूर किया है, लेकिन जिस तरह से उन्होंने हिम्मत और सकारात्मकता के साथ अपनी वापसी का संकेत दिया है, उससे उनके प्रशंसकों में नई उम्मीद जगी है।
मुंबई: बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक अपनी पहचान बनाने वाली अभिनेत्री Priyanka Chopra Jonas ने हाल ही में अपने करियर, हॉलीवुड में संघर्ष और फिल्म निर्माण को लेकर खुलकर बातचीत की। उन्होंने स्वीकार किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करने के बावजूद उनका मानना है कि हॉलीवुड में उनका काम अभी भी भारतीय सिनेमा में किए गए काम की तुलना में फीका पड़ता है। कान्स लायंस सम्मेलन में बातचीत के दौरान प्रियंका ने कहा कि हिंदी सिनेमा में उन्हें विविध किरदार, बेहतरीन निर्देशक और यादगार कहानियों पर काम करने का अवसर मिला, जबकि हॉलीवुड में वह अभी उस स्तर तक नहीं पहुंची हैं, जहां वह अपने करियर को देखना चाहती हैं। बॉलीवुड में मिला ज्यादा रचनात्मक संतोष प्रियंका चोपड़ा ने कहा कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में उन्होंने कई शानदार फिल्मकारों और कलाकारों के साथ काम किया है। उन्होंने अलग-अलग शैलियों की फिल्मों में अभिनय किया और ऐसी कहानियों का हिस्सा बनीं, जिन्होंने उन्हें एक कलाकार के रूप में विकसित किया। उनका मानना है कि अंग्रेजी भाषा के सिनेमा में उनका सबसे बड़ा और प्रभावशाली काम अभी आना बाकी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हॉलीवुड में अब तक उन्हें उतनी विविधता और अवसर नहीं मिले हैं, जितने भारतीय सिनेमा में मिले थे। हॉलीवुड में शुरुआत आसान नहीं थी प्रियंका ने अपने शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए बताया कि वह किसी फिल्मी परिवार से नहीं आती थीं। उनके माता-पिता डॉक्टर थे और परिवार में किसी को भी फिल्म इंडस्ट्री के कामकाज की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने करियर की शुरुआत की थी, तब मनोरंजन उद्योग में प्रवेश करना बेहद कठिन था। उस समय अवसर सीमित थे और इंडस्ट्री में आगे बढ़ने के लिए सही संपर्कों का होना महत्वपूर्ण माना जाता था। बदल चुका है मनोरंजन उद्योग प्रियंका का मानना है कि आज के दौर में प्रतिभाशाली लोगों के लिए अवसरों के नए दरवाजे खुल गए हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया ने नए कलाकारों और फिल्मकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच दिया है। उनके अनुसार, अगर किसी के पास एक अच्छा विचार है तो वह उसे दुनिया के सामने ला सकता है। आज कंटेंट और रचनात्मकता ही सबसे बड़ी ताकत बन चुके हैं। क्यों शुरू किया अपना प्रोडक्शन हाउस? प्रियंका चोपड़ा ने बताया कि उन्होंने अपना प्रोडक्शन हाउस इसलिए शुरू किया ताकि नए और प्रतिभाशाली फिल्मकारों को अवसर मिल सके। उनका उद्देश्य उन लोगों की मदद करना है जिनके पास शानदार कहानियां और रचनात्मक सोच तो है, लेकिन उन्हें इंडस्ट्री तक पहुंचने के लिए जरूरी संसाधन या नेटवर्क उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह ऐसे रचनात्मक लोगों को मंच देना चाहती हैं, जिनकी आवाज़ और कहानियां दुनिया तक पहुंचनी चाहिए। भारतीय सिनेमा को लेकर बदली सोच प्रियंका ने यह भी याद किया कि करियर के शुरुआती दौर में उन्हें अक्सर कहा जाता था कि भारतीय सिनेमा कभी हॉलीवुड जितना वैश्विक प्रभाव नहीं बना पाएगा क्योंकि भारतीय फिल्में अंग्रेजी भाषा में नहीं होतीं। हालांकि, आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स और डिजिटल क्रांति ने भारतीय कंटेंट को दुनियाभर के दर्शकों तक पहुंचा दिया है। अब लोग भाषा की सीमाओं से आगे बढ़कर अच्छी कहानियों को स्वीकार कर रहे हैं। मां बनने के बाद बदली प्राथमिकताएं प्रियंका ने अपने निजी जीवन पर भी बात की और बताया कि मां बनने के बाद उनकी प्राथमिकताएं काफी बदल गई हैं। अब वह पहले की तरह लगातार यात्रा या कई प्रोजेक्ट्स एक साथ नहीं करतीं। उन्होंने कहा कि अब वह अपने समय, काम और परिवार के बीच संतुलन बनाने को ज्यादा महत्व देती हैं। साथ ही, मां बनने के बाद उन्हें अपनी मां के संघर्ष और त्याग की अहमियत पहले से कहीं अधिक समझ में आई है। ग्लोबल स्टार होने के बावजूद सीखने की भूख बरकरार हालांकि प्रियंका आज दुनिया की सबसे चर्चित भारतीय अभिनेत्रियों में से एक हैं, लेकिन उनकी बातों से यह साफ झलकता है कि वह अभी भी अपने करियर के अगले बड़े अध्याय का इंतजार कर रही हैं। उनका मानना है कि एक कलाकार के तौर पर उनकी यात्रा अभी अधूरी है और आने वाले वर्षों में दर्शकों को उनका सर्वश्रेष्ठ काम देखने को मिल सकता है।
मुंबई: बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर खान एक बार फिर अपने एथनिक फैशन सेंस को लेकर सुर्खियों में हैं। मुंबई में आयोजित आमिर खान प्रोडक्शंस के 25वें वर्ष और फिल्म लगान की सिल्वर जुबली सेलिब्रेशन में करीना ने अपने बेहद एलिगेंट अंदाज से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। रेड कार्पेट पर भारी-भरकम गाउन की जगह करीना ने पारंपरिक भारतीय परिधान को चुना और अपने सिग्नेचर मिनिमलिस्ट स्टाइल से साबित कर दिया कि सादगी में भी शाही अंदाज छिपा होता है। ₹41 हजार का हैंडवोवन बनारसी सूट करीना कपूर ने लग्जरी लेबल Ekaya Banaras का ब्लश-पिंक हैंडवोवन बनारसी सिल्क सूट पहना था, जिसकी कीमत करीब 40,975 रुपये बताई जा रही है। यह खास कलेक्शन प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार अमृता शेरगिल के जीवन और कला से प्रेरित है। सूट के साथ उन्होंने मैचिंग स्ट्रेट-कट पैंट और हल्का शीयर दुपट्टा कैरी किया, जिसने उनके पूरे लुक को बेहद ग्रेसफुल बना दिया। सैंडल की कीमत सुनकर हो जाएंगे हैरान करीना के आउटफिट से भी ज्यादा चर्चा उनकी फुटवियर की हुई। उन्होंने अपने एथनिक लुक के साथ Aquazzura Embellished Satin Sandals पहनी थीं, जिनकी कीमत लगभग 91,874 रुपये बताई जा रही है। इन कस्टम हैंड-असेंबल्ड हील्स ने उनके पूरे लुक में लग्जरी टच जोड़ दिया। एमराल्ड और डायमंड ज्वेलरी बनी आकर्षण का केंद्र करीना ने अपने लुक को एमराल्ड और डायमंड से बने झूमर स्टाइल ईयररिंग्स के साथ पूरा किया। इसके अलावा उन्होंने: गोल्ड और डायमंड की चूड़ियां स्टेटमेंट रिंग्स छोटी स्टोन बिंदी के जरिए अपने एथनिक लुक को और निखारा। मिनिमल मेकअप में दिखीं बेहद खूबसूरत अपने सिग्नेचर स्टाइल को बरकरार रखते हुए करीना ने ड्यूई मेकअप लुक चुना। उन्होंने: न्यूड लिप्स ग्लोइंग स्किन डार्क काजल से हाइलाइटेड आंखें के साथ लुक को पूरा किया। वहीं बालों को क्लासिक बन में स्टाइल किया गया था, जिसने उनके पूरे लुक में शालीनता का एहसास जोड़ा। वर्कफ्रंट पर क्या है अगला प्रोजेक्ट? वर्कफ्रंट की बात करें तो करीना कपूर खान जल्द ही निर्देशक मेघना गुलजार की फिल्म 'दायरा' में नजर आएंगी। इस फिल्म में उनके साथ अभिनेता पृथ्वीराज सुकुमारन मुख्य भूमिका में दिखाई देंगे।
मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता अर्जुन कपूर की बहन अंशुला कपूर अपनी शादी से पहले ही फैशन प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन गई हैं। पिछले साल अक्टूबर में रोहन ठक्कर के साथ उनकी सगाई की तस्वीरें सामने आने के बाद से ही फैंस उनकी शादी से जुड़ी हर अपडेट का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। अब अंशुला के प्री-वेडिंग प्रेयर सेरेमनी की तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें उनका भव्य ब्राइडल लुक सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अंशुला कपूर ने इस खास मौके के लिए डिजाइनर रिधि बंसल और सेलिब्रिटी स्टाइलिस्ट मोहित राय के लेबल 'Itrh' का कस्टम-मेड लहंगा चुना। इस शानदार आउटफिट को तैयार करने में कारीगरों को कुल 1,600 घंटे का समय लगा, जो इसकी बारीक कारीगरी और शाही अंदाज को दर्शाता है। बनारसी सिल्क और पारंपरिक कढ़ाई का खूबसूरत मेल लहंगे की स्कर्ट बनारसी सिल्क टिश्यू ब्रोकेड से तैयार की गई थी, जिसे पोल्की, घुंघरू, आरी (मिरर) वर्क और जरी-जरदोजी कढ़ाई से सजाया गया था। इसके साथ पहना गया हाई-नेक ब्लाउज इस पूरे लुक का सबसे आकर्षक हिस्सा रहा। ब्लाउज पर भी पोल्की एम्बेलिशमेंट और एंटीक गोल्ड फिनिश धागों से डबका, बदला और गोटा वर्क किया गया था। ब्लाउज को मोतियों और घुंघरुओं से और अधिक आकर्षक बनाया गया, जिससे यह एक ज्वेलरी पीस जैसा दिखाई दे रहा था। माना जा रहा है कि इस तरह का हाई-नेक और हैवी एम्बेलिश्ड ब्लाउज आने वाले ब्राइडल सीजन का बड़ा ट्रेंड बन सकता है। दो दुपट्टों ने बढ़ाई शाही भव्यता अंशुला ने अपने लुक को और खास बनाने के लिए दो अलग-अलग दुपट्टे कैरी किए। पहला मेटैलिक टिश्यू दुपट्टा था, जिस पर हाथ से की गई बारीक कढ़ाई देखने को मिली। वहीं दूसरा पारंपरिक फुलकारी दुपट्टा था, जिसमें ज्वेल टोन फ्लोरल मोटिफ्स बने हुए थे। फुलकारी दुपट्टा पंजाबी दुल्हनों के ट्रूसो का एक अहम हिस्सा माना जाता है और इसने उनके लुक में सांस्कृतिक विरासत की खूबसूरती जोड़ दी। ज्वेलरी ने पूरा किया रॉयल ब्राइडल लुक अंशुला कपूर की ज्वेलरी भी उनके आउटफिट जितनी ही आकर्षक रही। उन्होंने कान चेन के साथ ईयर कफ और झुमके पहने, जिन्हें क्लासिक जूड़े में खूबसूरती से पिन किया गया था। इसके अलावा जूड़े के लिए विशेष हेयर पिन और मांग के बीचों-बीच सजा मांग टीका उनके लुक में चार चांद लगा रहा था। उनका भव्य पोल्की नेकलेस ब्लाउज की ज्वेल्ड डिटेलिंग के साथ इतनी खूबसूरती से मेल खा रहा था कि दोनों एक-दूसरे का विस्तार प्रतीत हो रहे थे। अंशुला कपूर का यह प्री-वेडिंग लुक पारंपरिक भारतीय शिल्प, आधुनिक डिजाइन और शाही भव्यता का बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आया है। अब फैंस उनकी शादी के बाकी समारोहों और ब्राइडल लुक्स का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
मुंबई: कॉमेडियन समय रैना का चर्चित शो इंडियाज गॉट लेटेंट अपने दूसरे सीजन के साथ वापस आ चुका है। पहले ही एपिसोड में बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट की मौजूदगी ने दर्शकों का ध्यान खींचा, लेकिन शो का एक छोटा सा मजेदार पल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। दरअसल, आलिया अपने साथ एक खास पानी की बोतल लेकर पहुंची थीं, जिसे देखकर समय रैना ने मजाकिया अंदाज में उनकी खिंचाई कर दी। समय रैना ने पूछा- "ये कौन-सा अमीरों वाला पानी है?" शो के दौरान जब समय रैना ने आलिया भट्ट को सामान्य पानी और प्रोटीन ड्रिंक ऑफर किया, तो अभिनेत्री ने बताया कि उनके पास अपना पानी है। इस पर समय ने हंसते हुए कहा, "आप हम नॉर्मल लोगों का पानी नहीं पीते हो क्या? ये कौन-सा अमीरों वाला पानी है?" इस मजेदार सवाल के जवाब में आलिया ने बताया कि उनकी बोतल में साधारण पानी नहीं बल्कि इलेक्ट्रोलाइट्स मिला हुआ पानी है, जो उन्हें स्टेज पर नर्वसनेस और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचाने में मदद करता है। क्या होते हैं इलेक्ट्रोलाइट्स? इलेक्ट्रोलाइट्स ऐसे जरूरी मिनरल्स होते हैं जो शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखने, नसों और मांसपेशियों के सही कामकाज और ऊर्जा स्तर को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं: सोडियम पोटैशियम कैल्शियम मैग्नीशियम क्लोराइड फॉस्फोरस बायकार्बोनेट कब होती है इलेक्ट्रोलाइट्स की जरूरत? विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक पसीना आने, गर्मी में लंबे समय तक रहने, डिहाइड्रेशन, दस्त, उल्टी या शरीर में तरल पदार्थ की कमी होने पर इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ सकता है। ऐसे में व्यक्ति को थकान, सिरदर्द, मांसपेशियों में कमजोरी, हाथ-पैर कांपना और तेज धड़कन जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं। घर पर ऐसे बनाएं इलेक्ट्रोलाइट्स वाला पानी अगर आपको अतिरिक्त इलेक्ट्रोलाइट्स की जरूरत महसूस होती है, तो आप घर पर भी आसान तरीके से ओआरएस जैसा घोल तैयार कर सकते हैं। विधि: 1 लीटर साफ पीने का पानी लें। इसमें 6 छोटी चम्मच चीनी मिलाएं। आधी छोटी चम्मच नमक डालें। अच्छी तरह घोलकर तैयार करें। थोड़ी-थोड़ी मात्रा में धीरे-धीरे सेवन करें। सावधानी भी है जरूरी स्वस्थ व्यक्ति सीमित मात्रा में इलेक्ट्रोलाइट्स वाला पानी पी सकता है, लेकिन किडनी, लिवर, हाई ब्लड प्रेशर या अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसका सेवन करना चाहिए। शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की अधिकता भी नुकसान पहुंचा सकती है। कुल मिलाकर, आलिया भट्ट के "स्पेशल पानी" ने शो में हंसी का माहौल जरूर बनाया, लेकिन इसके पीछे छिपी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी कई लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
Lock Upp: Sach Ya Sazaa Season 2 के ग्रैंड लॉन्च के दौरान अभिनेता और होस्ट रितेश देशमुख का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब उनसे सलमान खान और संजय दत्त को लेकर एक विवादित सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बेहद सख्त प्रतिक्रिया देते हुए सवाल को ही अनुचित करार दिया। सवाल सुनकर भड़के रितेश देशमुख रितेश देशमुख और फराह खान इस बार नेटफ्लिक्स के रियलिटी शो 'Lock Upp: Sach Ya Sazaa' सीजन 2 को होस्ट कर रहे हैं। लॉन्च इवेंट के दौरान एक मीडिया प्रतिनिधि ने रितेश से पूछा कि उनके करीबी दोस्त सलमान खान और संजय दत्त अपने जीवन में कानूनी परेशानियों का सामना कर चुके हैं, ऐसे में क्या वह उन्हें शो में बुलाना चाहेंगे और उन्हें किस तरह की सजा देंगे? यह सवाल सुनते ही रितेश देशमुख असहज नजर आए और उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "सबसे पहले मुझे नहीं लगता कि आपके सवाल का जवाब देकर मैं उसे कोई गरिमा देना चाहूंगा।" दोबारा पूछे जाने पर भी दिया स्पष्ट जवाब जब उनसे फिर पूछा गया कि क्या वह सलमान खान और संजय दत्त को शो में आमंत्रित करना चाहेंगे, तो रितेश ने कहा कि एक होस्ट के तौर पर उनका काम केवल शो को प्रस्तुत करना है। उन्होंने कहा, "मैं उन्हें नहीं बुलाऊंगा क्योंकि मेरा काम होस्टिंग करना है। एक होस्ट के तौर पर मुझे पहले से नहीं पता होता कि शो में कौन-कौन प्रतिभागी या मेहमान आने वाले हैं। जो भी गेस्ट आते हैं, हम उनसे बातचीत करते हैं।" फराह खान और रितेश की जोड़ी पर नेटफ्लिक्स की प्रतिक्रिया लॉन्च इवेंट में मौजूद नेटफ्लिक्स इंडिया की कंटेंट प्रमुख मोनिका शेरगिल ने फराह खान और रितेश देशमुख की जोड़ी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि अगर किसी जेल में जाना पड़े तो फराह और रितेश से ज्यादा मनोरंजक जेलर कहीं नहीं मिल सकते। मोनिका ने कहा कि फराह खान के सामने कुछ छिपाना लगभग नामुमकिन है, जबकि रितेश अपने मजाकिया अंदाज से किसी की भी क्लास लगा सकते हैं और सामने वाले को बुरा भी नहीं लगेगा। 27 जून से शुरू होगा नया सीजन बहुप्रतीक्षित 'Lock Upp: Sach Ya Sazaa Season 2' का प्रीमियर 27 जून 2026 से नेटफ्लिक्स पर होगा। नए सीजन को लेकर दर्शकों में पहले से ही काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।
Lucknow Fire Tragedy: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरानिया इलाके में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। एक कोचिंग सेंटर में लगी आग में कई छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। इस हृदयविदारक घटना पर अभिनेता सोनू सूद ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि क्लासरूम सपनों को संवारने की जगह होते हैं, न कि बच्चों की जिंदगी का अंतिम पड़ाव। लखनऊ अग्निकांड पर टूटा सोनू सूद का दिल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए सोनू सूद ने लिखा कि यह हादसा बेहद दर्दनाक है और इससे उनका दिल टूट गया है। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों के सपने अभी उड़ान भरने वाले थे, उनकी यात्रा शुरू होने से पहले ही समाप्त हो गई। सोनू सूद ने लिखा कि ये बच्चे भविष्य के अधिकारी, कलाकार, नेता और समाज में बदलाव लाने वाले लोग बन सकते थे, लेकिन एक दुखद हादसे ने उनसे उनका भविष्य छीन लिया। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दर्द को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता और उनकी प्रार्थनाएं सभी पीड़ित परिवारों के साथ हैं। सुरक्षा मानकों पर उठाए सवाल अभिनेता ने अपने संदेश में यह भी कहा कि समाज केवल आंसू बहाकर अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकता। उन्होंने कोचिंग संस्थानों और शैक्षणिक भवनों में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि ऐसी त्रासदी दोबारा नहीं होनी चाहिए। आग लगने के बाद मची अफरातफरी सोमवार दोपहर अलीगंज के पुरानिया क्षेत्र में स्थित तीन मंजिला इमारत में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गईं और कोचिंग सेंटर में मौजूद छात्र-छात्राओं के बीच अफरातफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की आठ गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। फायर कर्मियों ने इमारत की दीवार तोड़कर 20 से अधिक छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला। जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदे छात्र प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई छात्र धुएं और आग से बचने के लिए ऊंची मंजिलों से कूदने को मजबूर हो गए। एक युवक नीचे लगी लोहे की रेलिंग पर गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के दौरान कई परिवार अपने बच्चों की तलाश में मौके पर रोते-बिलखते दिखाई दिए। इस हादसे ने एक बार फिर कोचिंग संस्थानों, हॉस्टलों और अन्य शैक्षणिक भवनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।