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Petrochemical plant with industrial units highlighting government duty cut impact on manufacturing and supply chain
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच बड़ा कदम: पेट्रोकेमिकल्स पर कस्टम ड्यूटी खत्म, उद्योगों को राहत

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन में आई दिक्कतों के बीच भारत सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने कई जरूरी पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी है। यह छूट 30 जून 2026 तक लागू रहेगी। क्यों लिया गया यह फैसला? सरकार के मुताबिक: मिडिल ईस्ट संकट से कच्चे माल की सप्लाई प्रभावित हो रही है अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ रही हैं उद्योगों पर लागत का दबाव बढ़ रहा है इन परिस्थितियों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है ताकि देश में उत्पादन और सप्लाई प्रभावित न हो। किन सेक्टरों को होगा फायदा? इस फैसले से कई बड़े उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा: प्लास्टिक और पैकेजिंग टेक्सटाइल इंडस्ट्री फार्मा सेक्टर केमिकल इंडस्ट्री ऑटो पार्ट्स मैन्युफैक्चरिंग सरकार का मानना है कि इससे उत्पादन लागत घटेगी और सप्लाई चेन सुचारू बनी रहेगी। किन उत्पादों पर मिली छूट? सरकार ने जिन प्रमुख पेट्रोकेमिकल्स पर ड्यूटी हटाई है, उनमें शामिल हैं: एनहाइड्रस अमोनिया मेथनॉल टोल्यून स्टाइरीन विनाइल क्लोराइड मोनोमर मोनोएथिलीन ग्लाइकोल (MEG) फिनोल, एसिटिक एसिड, PTA इसके अलावा कई पॉलिमर भी शामिल हैं: पॉलीएथिलीन (PE) पॉलीप्रोपिलीन (PP) पॉलीस्टाइरीन (PS) PVC, PET चिप्स ABS (इंजीनियरिंग प्लास्टिक) आम लोगों को कैसे मिलेगा फायदा? कच्चा माल सस्ता होने से उत्पादन लागत कम होगी इससे प्लास्टिक, पैकेजिंग, कपड़े, दवाइयों जैसी चीजों की कीमतों में राहत मिल सकती है बाजार में सप्लाई बनी रहने से महंगाई पर भी काबू पाने में मदद मिल सकती है

surbhi अप्रैल 2, 2026 0
Gold and silver displayed as prices fall in India on March 16.
सोना-चांदी हुआ सस्ता: 16 मार्च को कीमतों में गिरावट, खरीदारी से पहले देखें अपने शहर का ताजा भाव

  हफ्ते की शुरुआत गिरावट के साथ सप्ताह की शुरुआत में सर्राफा बाजार से थोड़ी राहत भरी खबर आई है। 16 मार्च 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। जो लोग गहने खरीदने या निवेश करने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह अच्छा मौका हो सकता है। बाजार के शुरुआती रुझान के अनुसार सोने की कीमत में मामूली कमी आई है, जबकि चांदी के दाम भी थोड़े नीचे आए हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि यहां दिए गए भाव पिछले कारोबारी सत्र के बंद भाव और आज सुबह के शुरुआती बाजार रुझानों पर आधारित हैं।   सोने के दाम में कितनी आई कमी आज सोने की कीमत में करीब 10 रुपये प्रति 10 ग्राम की हल्की गिरावट दर्ज की गई है। हाल के दिनों में सोने की कीमत लगातार बढ़ रही थी, ऐसे में यह गिरावट खरीदारों के लिए राहत मानी जा रही है। सोने का ताजा भाव (राष्ट्रीय स्तर पर) शुद्धता 1 ग्राम का रेट 10 ग्राम का रेट 24 कैरेट ₹15,965 ₹1,59,650 22 कैरेट ₹14,634 ₹1,46,340 18 कैरेट ₹11,973 ₹1,19,730 अलग-अलग शहरों में सोने का रेट (प्रति ग्राम) शहर 24 कैरेट 22 कैरेट 18 कैरेट Mumbai ₹15,965 ₹14,634 ₹11,973 Delhi ₹15,980 ₹14,649 ₹11,988 Kolkata ₹15,965 ₹14,634 ₹11,973 Bengaluru ₹15,965 ₹14,634 ₹11,973 Chennai ₹16,101 ₹14,759 ₹12,399 Patna ₹16,125 ₹14,785 ₹12,095 Ranchi ₹16,125 ₹14,785 ₹12,095   चांदी की कीमत में भी गिरावट सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई है। आज चांदी 100 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हुई है। मार्च के दौरान चांदी के दाम में धीरे-धीरे कमी देखने को मिल रही है। चांदी का ताजा रेट वजन आज की कीमत कल की कीमत 1 ग्राम ₹274.90 ₹275 100 ग्राम ₹27,490 ₹27,500 1 किलोग्राम ₹2,74,900 ₹2,75,000   शहरों के अनुसार चांदी का रेट (1 किलो) शहर कीमत बदलाव Mumbai ₹2,74,900 – ₹100 Delhi ₹2,74,900 – ₹100 Kolkata ₹2,74,900 – ₹100 Bengaluru ₹2,74,900 – ₹100 Patna ₹2,74,900 – ₹100 Chennai ₹2,79,900 स्थिर Ranchi ₹2,80,000 – ₹100   खरीदारी से पहले रखें इन बातों का ध्यान सोने-चांदी की कीमतें हर दिन बाजार के अनुसार बदलती रहती हैं। इसलिए गहने खरीदने या निवेश करने से पहले अपने शहर के स्थानीय ज्वेलर्स से ताजा रेट जरूर पता कर लें। इसके अलावा मेकिंग चार्ज और जीएसटी के कारण अंतिम कीमत में थोड़ा अंतर भी हो सकता है।  

surbhi मार्च 16, 2026 0
Stock market screen showing airline and paint stocks falling after crude oil prices surge above $115
कच्चे तेल का बड़ा झटका: इंडिगो, स्पाइसजेट और एशियन पेंट्स के शेयर 8% तक गिरे, बाजार में बढ़ी घबराहट

  115 डॉलर के पार पहुंचा कच्चा तेल, क्रूड-संवेदनशील कंपनियों पर दबाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने भारतीय शेयर बाजार को झटका दिया है। सोमवार को 115 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचे तेल के दाम के कारण उन कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई जो सीधे तौर पर क्रूड ऑयल या उससे जुड़े कच्चे माल पर निर्भर हैं। सबसे ज्यादा असर एयरलाइन, टायर और पेंट कंपनियों पर पड़ा। शुरुआती कारोबार में InterGlobe Aviation (इंडिगो), SpiceJet और Asian Paints के शेयरों में 8% तक की गिरावट दर्ज की गई।   एयरलाइन कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से विमानन कंपनियों के लिए ईंधन लागत काफी बढ़ जाती है। इसी वजह से एयरलाइन सेक्टर में तेज बिकवाली देखने को मिली। इंडिगो का शेयर 7% से ज्यादा टूट गया स्पाइसजेट के शेयर में करीब 6% की गिरावट दर्ज की गई एयरलाइन कंपनियों के कुल खर्च में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) का हिस्सा काफी बड़ा होता है, इसलिए तेल महंगा होते ही निवेशक इन कंपनियों से दूरी बनाने लगते हैं।   टायर और पेंट कंपनियों पर भी असर कच्चे तेल से बनने वाले रसायनों पर निर्भर कंपनियों में भी दबाव देखा गया। JK Tyre का शेयर करीब 6.5% गिरा Apollo Tyres लगभग 4% नीचे आ गया पेंट सेक्टर में भी बिकवाली रही। Asian Paints में 4% से ज्यादा गिरावट Berger Paints, Kansai Nerolac और Akzo Nobel India के शेयर भी 3–4% तक फिसल गए।   शेयर बाजार में भारी गिरावट सुबह करीब 9:25 बजे तक बाजार में व्यापक गिरावट देखने को मिली। BSE Sensex लगभग 2,401 अंक यानी करीब 3.04% गिरकर 76,517 पर पहुंच गया Nifty 50 करीब 727 अंक टूटकर 23,723 के स्तर पर आ गया NSE पर बाजार की स्थिति भी बेहद कमजोर रही। करीब 2,600 से अधिक शेयर गिरावट में रहे, जबकि सिर्फ लगभग 537 शेयर बढ़त में कारोबार कर रहे थे।   मध्य पूर्व तनाव से बढ़ा तेल संकट तेल की कीमतों में यह तेज उछाल अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बाद आया है। इस संघर्ष के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति और खासकर हॉर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर जोखिम बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। यही कारण है कि वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक तेजी आ गई।   विशेषज्ञों ने बताया बड़ा आर्थिक झटका Geojit Investments के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार के अनुसार कच्चे तेल में आई यह तेजी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है। उनका कहना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है और तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों पर इसका गंभीर आर्थिक असर पड़ सकता है।   बाजार में बढ़ी घबराहट इस बीच बाजार की अस्थिरता को मापने वाला India VIX भी 20% से ज्यादा उछल गया, जो निवेशकों की बढ़ती चिंता को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो ईंधन और पेट्रोकेमिकल पर निर्भर सेक्टरों के शेयरों में दबाव जारी रह सकता है और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।  

surbhi मार्च 9, 2026 0
Indian stock market crash display showing Sensex and Nifty falling sharply amid Iran war tensions
ईरान युद्ध का असर: शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 2400 से ज्यादा अंक लुढ़का, निफ्टी 24,000 के नीचे

  हफ्ते की शुरुआत भारी गिरावट के साथ सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण निवेशकों में घबराहट का माहौल बन गया। सोमवार सुबह बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव बढ़ गया, जिससे प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बुरी तरह टूट गए। सुबह करीब 9:27 बजे NIFTY50 746.85 अंक यानी 3.05% गिरकर 23,703.60 पर कारोबार करता दिखा। वहीं BSE सेंसेक्स 2,415.69 अंक यानी 3.06% की बड़ी गिरावट के साथ 76,503.21 के स्तर पर पहुंच गया।   कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से बढ़ी चिंता विशेषज्ञों के मुताबिक मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ा है। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 114 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जो साल 2022 के बाद पहली बार हुआ है। शुक्रवार को 92.69 डॉलर पर बंद होने के बाद कच्चे तेल में करीब 23% की तेज बढ़त दर्ज की गई। ईरान से जुड़े युद्ध जैसे हालात के कारण आपूर्ति बाधित होने और समुद्री व्यापार मार्गों पर खतरे की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।   विशेषज्ञों ने जताई आगे और उतार-चढ़ाव की आशंका Religare Broking Ltd के रिसर्च प्रमुख अजीत मिश्रा का कहना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक बाहरी कारकों पर निर्भर करेगी। उनके अनुसार: कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति प्रमुख वैश्विक आर्थिक आंकड़े ये सभी कारक बाजार की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। वहीं Enrich Money के CEO पोनमुदी आर का कहना है कि निवेशकों को फिलहाल बाजार में तेज उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए। उनके मुताबिक विदेशी निवेशकों के निवेश रुझान और रुपये की चाल भी बाजार के मूड को प्रभावित करेगी।   पिछले हफ्ते भी बाजार रहा दबाव में पिछले सप्ताह भी भारतीय शेयर बाजार दबाव में रहा था। उस दौरान सेंसेक्स 2,368.29 अंक यानी 2.91% गिरा निफ्टी 728.2 अंक यानी 2.89% टूट गया इसके अलावा विदेशी निवेशकों ने भी भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकाला। बीते चार कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशकों ने करीब 21,000 करोड़ रुपये की बिकवाली की।   एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट मध्य पूर्व संकट का असर सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा। एशिया के कई प्रमुख शेयर बाजारों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स करीब 700 अंक यानी 2.7% टूट गया जापान का निक्केई इंडेक्स करीब 3,880 अंक गिरकर 51,740 के आसपास पहुंच गया दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी करीब 7% लुढ़क गया   निवेशकों की नजरें अब इन कारकों पर आने वाले दिनों में निवेशकों की नजरें मुख्य रूप से इन बातों पर रहेंगी: मध्य पूर्व में जारी संघर्ष की स्थिति कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री वैश्विक बाजारों का रुख विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।  

surbhi मार्च 9, 2026 0
Asian Paints company logo with stock market chart highlighting pledged promoter shares for loan collateral
एशियन पेंट्स के प्रमोटर ने गिरवी रखे 5 लाख शेयर, बजाज फाइनेंस से लिए गए लोन के लिए बनाया गया कोलैटरल

प्रमोटर कंपनी ने लोन के बदले शेयर किए गिरवी भारत की प्रमुख पेंट कंपनी Asian Paints के प्रमोटर समूह की इकाई Sattva Holding and Trading Private Limited ने अपने अतिरिक्त 5 लाख इक्विटी शेयर गिरवी रखे हैं। यह शेयर लोन के लिए कोलैटरल (जमानत) के रूप में Bajaj Finance Limited के पक्ष में रखे गए हैं। यह गिरवीकरण 2 मार्च 2026 को किया गया था, जिसकी जानकारी 5 मार्च 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को दी गई। यह खुलासा SEBI के SAST (Substantial Acquisition of Shares and Takeovers) नियमों के तहत किया गया है। कितना हुआ नया शेयर गिरवी ताजा लेनदेन के बाद सत्वा होल्डिंग की गिरवी रखी गई हिस्सेदारी में बढ़ोतरी हुई है। कंपनी ने अपनी कुल हिस्सेदारी का एक हिस्सा लोन के लिए इस्तेमाल किया है। मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं: गिरवी रखे गए नए शेयर: 5,00,000 गिरवी रखने की तारीख: 2 मार्च 2026 लाभार्थी संस्था: Bajaj Finance Limited उद्देश्य: कंपनी द्वारा लिए गए लोन के लिए कोलैटरल गिरवी का प्रकार: प्लेज (Pledge)   एशियन पेंट्स में सत्वा होल्डिंग की हिस्सेदारी नए गिरवीकरण के बाद भी सत्वा होल्डिंग के पास कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी बनी हुई है। कुल शेयर होल्डिंग: 5,47,89,183 शेयर (लगभग 5.71%) पहले से गिरवी शेयर: 77,26,000 (0.805%) नया गिरवी: 5,00,000 (0.052%) कुल गिरवी शेयर: 82,26,000 (0.858%) प्रमोटर ग्रुप की कुल हिस्सेदारी Asian Paints में पूरे प्रमोटर ग्रुप की संयुक्त हिस्सेदारी 50,47,85,198 शेयर है, जो कंपनी की कुल पूंजी का लगभग 52.63% है। प्रमुख प्रमोटर कंपनियों की हिस्सेदारी इस प्रकार है: Smiti Holding and Trading Company Private Limited – 5,14,42,638 शेयर (5.36%) Geetanjali Trading and Investments Private Limited – 4,57,06,140 शेयर (4.77%) Elcid Investments Limited – 2,83,13,860 शेयर (2.95%) Shubhit Holdings Private Limited – 2,31,50,730 शेयर (2.41%)   सेबी नियमों के तहत किया गया खुलासा यह जानकारी SEBI (SAST) Regulations 2011 के Regulation 31(1) और 31(2) के तहत दी गई है। इन नियमों के अनुसार, प्रमोटरों को अपनी हिस्सेदारी पर किसी भी तरह के गिरवी, रिलीज या इनवोकेशन की जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को देना अनिवार्य होता है। सत्वा होल्डिंग, जिसे पहले Isis Holding and Trading Company Private Limited के नाम से जाना जाता था, ने यह जानकारी अपने CEO, CFO और प्रिंसिपल ऑफिसर पर्सी दाजी के माध्यम से फाइल की।   प्रमोटर ग्रुप के कुल गिरवी शेयर पूरे प्रमोटर समूह के स्तर पर देखें तो कुल 4,67,89,727 शेयर गिरवी रखे गए हैं, जो कंपनी की कुल पूंजी का लगभग 4.88% है। इनमें सबसे बड़ा गिरवी हिस्सा Smiti Holding and Trading Company Private Limited के पास है, जिसने 3,53,15,000 शेयर (करीब 3.68%) गिरवी रखे हैं।   शेयर का प्रदर्शन Asian Paints के शेयरों का हालिया प्रदर्शन कुछ इस प्रकार रहा: 1 दिन: +0.18% 5 दिन: -4.39% 1 महीना: -5.85% 6 महीने: -11.24% 1 साल: +5.81% 5 साल: -4.08%

surbhi मार्च 6, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट घोषित, अनुज अग्निहोत्री बने टॉपर, 958 उम्मीदवार सफल

UPSC CSE Result 2025: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक Civil Services Examination का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। Union Public Service Commission ने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPSC Official Website पर जाकर फाइनल मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। 958 उम्मीदवारों का हुआ चयन यूपीएससी द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उनकी रैंक और पसंद के आधार पर की जाएगी। फाइनल रिजल्ट उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा (Main Exam) और पर्सनैलिटी टेस्ट (Interview) में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। इन प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए होता है चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)   भारतीय पुलिस सेवा (IPS)   भारतीय विदेश सेवा (IFS)   भारतीय राजस्व सेवा (IRS)   भारतीय व्यापार सेवा सहित अन्य ग्रुप A और ग्रुप B सेवाएं   979 पदों को भरने का लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 979 रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे चेक करें UPSC CSE 2025 का रिजल्ट उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं   होमपेज पर “Examination” टैब पर क्लिक करें   “Active Examinations” या “What’s New” सेक्शन में जाएं   Civil Services Examination Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें   मेरिट लिस्ट की PDF खुल जाएगी   Ctrl + F दबाकर अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें   15 दिन में जारी होगी मार्कशीट यूपीएससी के अनुसार सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। उम्मीदवार इसे 30 दिनों तक ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। पिछले साल का कट-ऑफ पिछले वर्ष का अंतिम कट-ऑफ इस प्रकार था— जनरल: 87.98   EWS: 85.92   OBC: 87.28   SC: 79.03   ST: 74.23   आयु सीमा क्या है यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2024 तक कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अगस्त 1992 से 1 अगस्त 2003 के बीच होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू—को पार कर बहुत कम उम्मीदवार ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। UPSC CSE 2025 टॉप-20 उम्मीदवारों की सूची रैंक रोल नंबर नाम 1 1131589 अनुज अग्निहोत्री 2 4000040 राजेश्वरी सुवे एम 3 3512521 अकांश ढुल 4 0834732 राघव झुनझुनवाला 5 0409847 ईशान भटनागर 6 6410067 जिनिया अरोड़ा 7 0818306 ए आर राजा मोहिद्दीन 8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी 9 0831647 आस्था जैन 10 1523945 उज्ज्वल प्रियांक 11 1512091 यशस्वी राज वर्धन 12 0840280 अक्षित भारद्वाज 13 7813999 अनन्या शर्मा 14 5402316 सुरभि यादव 15 3507500 सिमरनदीप कौर 16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव 17 0829589 चितवन जैन 18 5604518 श्रुति आर 19 0105602 निसार दिशांत अमृतलाल 20 6630448 रवि राज

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surbhi मार्च 31, 2026 0