मेजर लीग क्रिकेट (MLC) 2026 के एलिमिनेटर मुकाबले में एमआई न्यूयॉर्क (MI New York) ने टी20 क्रिकेट की सबसे विस्फोटक पारियों में से एक खेलते हुए वाशिंगटन फ्रीडम के खिलाफ 20 ओवर में 9 विकेट पर 266 रन ठोक दिए। ओकलैंड कोलिसियम में खेले गए इस नॉकआउट मुकाबले में कप्तान निकोलस पूरन और अनुभवी कीरोन पोलार्ड की आक्रामक बल्लेबाजी ने विपक्षी गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। इस दौरान एमआई न्यूयॉर्क ने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। टीम ने अपनी पारी में कुल 29 छक्के लगाए, जो लीग क्रिकेट के इतिहास में किसी भी टीम द्वारा एक पारी में लगाए गए सबसे ज्यादा छक्के हैं। निकोलस पूरन ने 33 गेंदों में जड़ा तूफानी शतक एमआई न्यूयॉर्क के कप्तान निकोलस पूरन ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और वाशिंगटन फ्रीडम के गेंदबाजों पर लगातार हमला बोला। उन्होंने सिर्फ 33 गेंदों में 106 रन की विस्फोटक पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से 5 चौके और 13 छक्के निकले। पूरन का स्ट्राइक रेट 321.21 रहा, जिसने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। क्विंटन डी कॉक और पोलार्ड ने भी मचाया धमाल पूरन को दूसरे छोर से सलामी बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक का शानदार साथ मिला। डी कॉक ने 24 गेंदों में 51 रन बनाए, जिसमें 6 छक्के शामिल रहे। इसके बाद 39 वर्षीय कीरोन पोलार्ड ने अपने पुराने अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए मैदान के चारों ओर लंबे-लंबे शॉट लगाए। पोलार्ड ने सिर्फ 25 गेंदों में 64 रन बनाए और इस दौरान 8 छक्के जड़े। अंतिम ओवरों में ट्रेंट बोल्ट ने भी 10 गेंदों में 22 रन बनाकर टीम को 266 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाया। 300 रन की ओर बढ़ रही थी MI न्यूयॉर्क एमआई न्यूयॉर्क की बल्लेबाजी इतनी आक्रामक रही कि एक समय ऐसा लग रहा था कि टीम टी20 क्रिकेट में 300 रन का ऐतिहासिक आंकड़ा भी छू सकती है। हालांकि आखिरी पांच ओवरों में वाशिंगटन फ्रीडम ने कुछ विकेट निकालकर रनगति पर थोड़ा अंकुश लगाया और स्कोर 266 रन पर रोक दिया। गेंदबाजों के लिए बुरे सपने जैसा दिन वाशिंगटन फ्रीडम के लगभग सभी गेंदबाज एमआई न्यूयॉर्क के बल्लेबाजों के सामने बेबस नजर आए। सौरभ नेत्रवलकर ने 3 ओवर में बिना विकेट लिए 52 रन खर्च किए। ग्लेन मैक्सवेल ने 3 ओवर में 41 रन लुटाए। अन्य गेंदबाज भी रन रोकने में नाकाम रहे। हालांकि स्पिनर रचिन रवींद्र ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 29 रन देकर 4 विकेट लिए और एमआई न्यूयॉर्क को इससे भी बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोका। बेन द्वारशुइस ने भी 2 विकेट हासिल किए। 29 छक्कों के साथ बना नया रिकॉर्ड एमआई न्यूयॉर्क की इस पारी की सबसे बड़ी खासियत उसकी पावर हिटिंग रही। टीम ने पूरे 20 ओवर में 29 छक्के लगाए, जो लीग क्रिकेट के इतिहास में किसी भी टीम द्वारा एक पारी में लगाए गए सबसे अधिक छक्कों का नया रिकॉर्ड है। अब वाशिंगटन फ्रीडम के सामने जीत के लिए 267 रन का विशाल लक्ष्य है। इतने बड़े स्कोर का पीछा करना आसान नहीं होगा, लेकिन टी20 क्रिकेट की अनिश्चितता को देखते हुए मुकाबला अभी पूरी तरह खुला हुआ है। वहीं एमआई न्यूयॉर्क का आत्मविश्वास इस ऐतिहासिक बल्लेबाजी प्रदर्शन के बाद सातवें आसमान पर होगा।
रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पथ निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को अधूरी सड़क और पुल परियोजनाओं को लेकर कड़ी फटकार लगाई। बुधवार को झारखंड मंत्रालय में आयोजित बैठक में उन्होंने विभाग के पिछले पांच वर्षों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिया कि लंबे समय से लंबित सभी प्रमुख परियोजनाएं अगले दो महीने के भीतर पूरी की जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा के बाद भी कार्य लंबित रहने पर संबंधित अधिकारियों और कार्य एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हर परियोजना का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड मुख्यमंत्री ने विभाग को सभी सड़क, पुल, फ्लाईओवर और ओवरब्रिज परियोजनाओं का विस्तृत डेटाबेस तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परियोजना की जियो-टैगिंग की जाए, ताकि कार्य की प्रगति, लागत और समय-सीमा का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध रहे। इससे परियोजनाओं की निगरानी आसान होगी और जवाबदेही भी सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न करने और नियमित समीक्षा करने पर भी जोर दिया। सोशल मीडिया की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया, समाचार पत्रों और टीवी के माध्यम से खराब सड़कों, गड्ढों, जलजमाव और निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की जाए। विशेष रूप से बारिश के मौसम में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने, गड्ढों की मरम्मत, जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और संकरी सड़कों के चौड़ीकरण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। नई परियोजनाओं की भी हुई समीक्षा मुख्यमंत्री ने सोलर साइकिल ट्रैक सहित नई परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने पुल-पुलियों के किनारों को मजबूत बनाने, बेहतर जल निकासी व्यवस्था विकसित करने और सभी निर्माण कार्यों को टिकाऊ तथा गुणवत्ता मानकों के अनुरूप समय पर पूरा करने पर जोर दिया। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव सुनील कुमार, अभियंता प्रमुख प्रवीण जयंत भेंगरा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। उन्होंने इंग्लिश कप्तान हैरी ब्रूक का विकेट लेकर वनडे क्रिकेट में अपने 150 विकेट पूरे कर लिए। इस मैच में भले ही बुमराह को सिर्फ एक विकेट मिला, लेकिन उनकी सटीक गेंदबाजी ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को लगातार दबाव में रखा। उन्होंने अपने 9 ओवर के स्पेल में केवल 31 रन खर्च किए। इस उपलब्धि के साथ बुमराह अब भारत की ओर से सबसे कम गेंदों में 150 वनडे विकेट लेने वाले तीसरे गेंदबाज बन गए हैं। सबसे कम गेंदों में 150 वनडे विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज 1. मोहम्मद शमी – 4070 गेंदें भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी इस सूची में पहले स्थान पर हैं। उन्होंने साल 2022 में अपने करियर के 80वें वनडे मैच के दौरान सिर्फ 4070 गेंदों में 150 विकेट पूरे कर इतिहास रच दिया। उनकी लगातार विकेट लेने की क्षमता उन्हें भारत के सबसे घातक वनडे गेंदबाजों में शामिल करती है। 2. कुलदीप यादव – 4513 गेंदें चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव ने 2023 में 4513 गेंदों में अपने 150 वनडे विकेट पूरे किए। 2017 में डेब्यू करने वाले कुलदीप भारत के लिए वनडे में दो हैट्रिक लेने वाले इकलौते गेंदबाज भी हैं। उनकी विविधता और टर्न ने कई मैचों में भारत को जीत दिलाई है। 3. जसप्रीत बुमराह – 4605 गेंदें जसप्रीत बुमराह ने इंग्लैंड के खिलाफ अपने 91वें वनडे मुकाबले में यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने 4605 गेंदों में 150 विकेट पूरे किए। चोटों के कारण कुछ समय क्रिकेट से दूर रहने के बावजूद बुमराह ने अपनी घातक गेंदबाजी से लगातार शानदार प्रदर्शन किया और अब इस प्रतिष्ठित सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। 4. अजीत अगरकर – 5027 गेंदें पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज और मौजूदा टीम इंडिया के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर लंबे समय तक इस रिकॉर्ड के मालिक रहे। उन्होंने अपने 97वें वनडे मैच में 5027 गेंदों पर 150 विकेट पूरे किए थे। अपनी तेज गेंदबाजी और निचले क्रम की बल्लेबाजी के लिए भी अगरकर जाने जाते थे। 5. इरफान पठान – 5131 गेंदें पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान इस सूची में पांचवें स्थान पर हैं। उन्होंने 2009 में श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेले गए मुकाबले के दौरान 5131 गेंदों में अपने 150 वनडे विकेट पूरे किए थे। स्विंग गेंदबाजी के दम पर उन्होंने शुरुआती वर्षों में भारत को कई यादगार जीत दिलाईं। सबसे कम गेंदों में 150 वनडे विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज रैंक गेंदबाज गेंदें 1 मोहम्मद शमी 4070 2 कुलदीप यादव 4513 3 जसप्रीत बुमराह 4605 4 अजीत अगरकर 5027 5 इरफान पठान 5131
नई दिल्ली: महिला टी20 विश्व कप 2026 का 10वां संस्करण 12 जून से इंग्लैंड में शुरू होने जा रहा है। टूर्नामेंट के आगाज से पहले पिछले नौ संस्करणों के आंकड़ों पर नजर डालें तो कई गेंदबाजों ने अपनी धारदार गेंदबाजी से इतिहास रचा है। सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाजों की सूची में ऑस्ट्रेलिया की मेगान स्कट शीर्ष पर हैं, जबकि भारत की ओर से केवल पूनम यादव इस प्रतिष्ठित सूची में जगह बनाने में सफल रही हैं। महिला टी20 विश्व कप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज रैंक खिलाड़ी देश मैच विकेट 1 मेगान स्कट ऑस्ट्रेलिया 29 48 2 शबनम इस्माइल दक्षिण अफ्रीका 32 43 3 अन्या श्रूबसोल इंग्लैंड 27 41 4 एलिसे पेरी ऑस्ट्रेलिया 47 40 5 स्टेफनी टेलर वेस्टइंडीज 35 33 6 एमिलिया केर न्यूजीलैंड 18 32 7 मारिजेन कैप दक्षिण अफ्रीका 32 31 7 डियांड्रा डॉटिन वेस्टइंडीज 35 31 8 सोफी एक्लेस्टन इंग्लैंड 18 29 8 सोफी डिवाइन न्यूजीलैंड 38 29 9 पूनम यादव भारत 18 28 9 अफी फ्लेचर वेस्टइंडीज 23 28 9 निदा डार पाकिस्तान 33 28 10 नट सेवियर-ब्रंट इंग्लैंड 29 26 10 एश्ले गार्डनर ऑस्ट्रेलिया 23 26 पूनम यादव ने बढ़ाया भारत का मान इस सूची में भारत की ओर से केवल लेग स्पिनर पूनम यादव शामिल हैं। उन्होंने सिर्फ 18 मैचों में 28 विकेट हासिल किए और संयुक्त रूप से 9वें स्थान पर मौजूद हैं। अपनी विविधता और सटीक लाइन-लेंथ के दम पर पूनम ने कई बड़े मुकाबलों में भारतीय टीम को सफलता दिलाई। अब सभी की नजरें महिला टी20 विश्व कप 2026 पर होंगी, जहां नई स्टार गेंदबाजों के पास इन रिकॉर्ड्स को चुनौती देने का मौका होगा।
नई दिल्ली, एजेंसियां। आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स के विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जो इससे पहले केवल MS धोनी के नाम था। सैमसन अब सीएसके के लिए एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज बन गए हैं। छह गेंदों में टूटा धोनी का रिकॉर्ड धोनी ने आईपीएल 2013 में 16 पारियों में 461 रन बनाए थे। सैमसन को यह रिकॉर्ड तोड़ने के लिए केवल 12 रन की जरूरत थी और उन्होंने महज छह गेंदों में 15 रन बनाकर यह उपलब्धि हासिल कर ली। हैदराबाद के खिलाफ सैमसन ने 13 गेंदों में 27 रन बनाए, जिसमें पांच चौके और एक छक्का शामिल रहा। शानदार फॉर्म में हैं सैमसन इस सीजन सैमसन का बल्ला लगातार रन उगल रहा है। उन्होंने 13 मैचों में 477 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 164 से ज्यादा का रहा है, जबकि औसत भी लगभग 48 का है। सैमसन ने इस सीजन दो शतक और एक अर्धशतक भी लगाया है। सीएसके में धोनी का दबदबा कायम सीएसके के लिए विकेटकीपर बल्लेबाजों की बात करें तो टॉप-10 में ज्यादातर रिकॉर्ड धोनी के नाम हैं। 2013, 2018 और 2019 में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को कई मैच जिताए थे। लंबे समय तक यह रिकॉर्ड अटूट माना जा रहा था, लेकिन सैमसन ने अपने आक्रामक अंदाज से इसे पीछे छोड़ दिया। खास क्लब में शामिल हुए सैमसन चेन्नई सुपर किंग्स के लिए एक सीजन में 100 से ज्यादा रन बनाने वाले विकेटकीपर बल्लेबाजों की सूची में अब केवल तीन नाम हैं—धोनी, पार्थिव पटेल और संजू सैमसन। हालांकि, टॉप रिकॉर्ड अब सैमसन के नाम दर्ज हो चुका है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पाकिस्तान के उभरते सितारे Sahibzada Farhan को शानदार प्रदर्शन का बड़ा इनाम मिला है। International Cricket Council (ICC) ने उन्हें फरवरी 2026 के लिए ‘मेन्स प्लेयर ऑफ द मंथ’ चुना है। यह सम्मान उन्हें ICC Men's T20 World Cup 2026 में उनके धमाकेदार प्रदर्शन के लिए दिया गया है, जहां उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से रिकॉर्ड बुक में खास जगह बना ली। रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन से जीता दिल साहिबजादा फरहान ने पूरे टूर्नामेंट में कुल 383 रन बनाए, जो इस एडिशन में सबसे ज्यादा रहे। उन्होंने दो शतक लगाए वह टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में एक ही संस्करण में दो शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए उनका पहला शतक नामीबिया के खिलाफ आया, जहां उन्होंने 58 गेंदों में 100 रन ठोके। दूसरा शतक श्रीलंका के खिलाफ पल्लेकेले में आया, जिसमें उन्होंने अपने ओपनिंग पार्टनर Fakhar Zaman के साथ 176 रन की शानदार साझेदारी की। टीम के लिए अकेले संभाला मोर्चा पूरे टूर्नामेंट में फरहान ने पाकिस्तान की बल्लेबाजी की जिम्मेदारी लगभग अकेले ही संभाली। मुश्किल परिस्थितियों में भी उनकी निरंतरता और आक्रामकता ने उन्हें इस अवॉर्ड का सबसे मजबूत दावेदार बनाया। फरहान ने अवॉर्ड मिलने पर कहा कि यह उनके लिए “अविश्वसनीय एहसास” है और दुनियाभर के फैंस का समर्थन इसे और खास बनाता है। PCB विवादों के बीच आई राहत टूर्नामेंट से पाकिस्तान के बाहर होने के बाद Pakistan Cricket Board (PCB) पर खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की खबरें सामने आई थीं। हालांकि बोर्ड ने इन दावों को खारिज कर दिया और कहा कि कोई दंडात्मक कदम नहीं उठाया गया है, लेकिन भविष्य में जवाबदेही सुनिश्चित करने के उपाय किए जाएंगे। ऐसे माहौल में फरहान का यह अवॉर्ड पाकिस्तान क्रिकेट के लिए एक बड़ी सकारात्मक खबर बनकर सामने आया है।
भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे Sanju Samson एक बार फिर सुर्खियों में हैं। टी20 विश्व कप 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद अब उनकी नजर IPL 2026 में एक ऐतिहासिक उपलब्धि पर टिकी है। अगर सैमसन इस सीजन में 5000 रन पूरे कर लेते हैं, तो वह MS Dhoni के खास क्लब में शामिल हो जाएंगे। टी20 वर्ल्ड कप में मैच विनर बने सैमसन टी20 विश्व कप 2026 में सैमसन ने भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। वेस्टइंडीज के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में 97 रन इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में 89 रन न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में 89 रन इन पारियों ने उन्हें टीम का सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज साबित कर दिया। IPL में इतिहास रचने के करीब अब IPL 2026 में सैमसन एक खास रिकॉर्ड के बेहद करीब हैं। अब तक उन्होंने 2013 से 2025 के बीच 177 मैचों में 4,704 रन बनाए हैं, जिसमें 3 शतक 26 अर्धशतक शामिल हैं उन्हें 5000 रन के आंकड़े तक पहुंचने के लिए सिर्फ 296 रन की जरूरत है। धोनी के क्लब में एंट्री का मौका IPL इतिहास में विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में 5000 रन का आंकड़ा अभी तक केवल MS Dhoni ही छू पाए हैं, जिन्होंने 2008 से 2025 के बीच 278 मैचों में 5,439 रन बनाए हैं। हालांकि KL Rahul के नाम भी 5000+ रन हैं, लेकिन उन्होंने हर मैच में विकेटकीपिंग नहीं की, इसलिए यह उपलब्धि अलग मानी जाती है। CSK की जर्सी में दिखेंगे सैमसन इस बार सैमसन के लिए यह उपलब्धि और भी खास हो सकती है, क्योंकि IPL 2026 में वह Chennai Super Kings की ओर से खेलते नजर आएंगे। दिलचस्प बात यह है कि यही वह टीम है, जहां MS Dhoni ने अपने करियर के सबसे यादगार पल दिए। ऐसे में सैमसन अगर इस टीम के लिए खेलते हुए 5000 रन पूरे करते हैं, तो यह उनके करियर का एक ऐतिहासिक मोमेंट होगा। राजस्थान से चेन्नई तक का सफर सैमसन लंबे समय तक Rajasthan Royals का हिस्सा रहे और 2021 में टीम की कप्तानी भी संभाली। उनकी अगुवाई में टीम 2022 में फाइनल तक पहुंची थी। 2025 सीजन के बाद उन्होंने टीम से अलग होने का फैसला किया, जिसके बाद चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें ट्रेड के जरिए अपने साथ जोड़ लिया। क्या टूटेगा रिकॉर्ड? अब सबकी नजर IPL 2026 पर है-क्या सैमसन इस सीजन में 5000 रन का आंकड़ा छूकर धोनी के खास क्लब में शामिल हो पाएंगे? अगर उनका फॉर्म जारी रहा, तो यह सिर्फ समय की बात लगती है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।