देशभर में 6 मई 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हलचल देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति का असर अब स्थानीय स्तर पर भी साफ दिखाई दे रहा है। जहां कुछ शहरों में ईंधन के दाम स्थिर बने हुए हैं, वहीं कई जगहों पर मामूली बढ़ोतरी और गिरावट दर्ज की गई है। बड़े शहरों में क्या है हाल? देश की आर्थिक राजधानी Mumbai में पेट्रोल 103.54 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है, जबकि New Delhi में भी कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है। इसी तरह डीजल के दाम भी मुंबई में 90.03 रुपये और दिल्ली में 87.67 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर हैं। यूपी, बिहार और झारखंड में बदलाव पूर्वी और उत्तरी राज्यों में कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला: Gaya में पेट्रोल 50 पैसे बढ़कर 106.44 रुपये हो गया Noida में पेट्रोल 13 पैसे सस्ता हुआ Dhanbad में पेट्रोल 30 पैसे घटा Patna में पेट्रोल 8 पैसे बढ़ा डीजल की बात करें तो: पटना में 7 पैसे की बढ़त मुजफ्फरपुर में 8 पैसे की गिरावट जमशेदपुर में 23 पैसे महंगा धनबाद में 31 पैसे सस्ता हुआ प्रमुख शहरों में पेट्रोल के ताजा भाव (₹/लीटर) लखनऊ – 94.69 नोएडा – 94.77 गया – 106.44 पटना – 105.42 भागलपुर – 106.27 मुजफ्फरपुर – 105.98 धनबाद – 97.87 रांची – 97.86 देवघर – 97.68 जमशेदपुर – 98.03 मुंबई – 103.54 नई दिल्ली – 94.77 कोलकाता – 105.45 चेन्नई – 100.84 भोपाल – 106.52 गुरुग्राम – 95.51 बेंगलुरु – 102.92 प्रमुख शहरों में डीजल के ताजा भाव (₹/लीटर) लखनऊ – 87.81 नोएडा – 87.89 गया – 92.63 पटना – 91.67 भागलपुर – 92.44 मुजफ्फरपुर – 92.17 धनबाद – 92.62 रांची – 92.62 देवघर – 92.39 जमशेदपुर – 92.78 मुंबई – 90.03 नई दिल्ली – 87.67 कोलकाता – 92.02 चेन्नई – 92.39 भोपाल – 91.89 गुरुग्राम – 87.98 बेंगलुरु – 90.99 क्या है बदलाव की वजह? विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी मुद्रा विनिमय दर (रुपया बनाम डॉलर) सीधे तौर पर घरेलू ईंधन कीमतों को प्रभावित करते हैं। इसके अलावा राज्यों के टैक्स स्ट्रक्चर के कारण भी अलग-अलग शहरों में दामों में अंतर देखने को मिलता है। आगे क्या उम्मीद? आने वाले दिनों में अगर ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता रहती है, तो घरेलू बाजार में भी कीमतें संतुलित रह सकती हैं। हालांकि, छोटे स्तर पर उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।
घरेलू शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में BSE Sensex करीब 800 अंक लुढ़क गया, जबकि Nifty 50 में भी 200 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। तीन दिनों में सेंसेक्स करीब 2,400 अंक टूट चुका है, जो बाजार में बढ़ती अनिश्चितता का संकेत देता है। क्यों टूट रहा है बाजार? विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी इसका बड़ा कारण है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 106 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है, जिससे वैश्विक बाजारों पर दबाव बना हुआ है और इसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिख रहा है। आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव आज के कारोबार में आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। HCL Technologies और Infosys के शेयरों में 2% से अधिक गिरावट आई। इसके अलावा Tata Consultancy Services, Sun Pharmaceutical, ICICI Bank और Bharti Airtel जैसे दिग्गज शेयर भी दबाव में रहे। हालांकि, कुछ शेयरों ने बाजार को संभालने की कोशिश की। State Bank of India, Mahindra & Mahindra, Hindustan Unilever और IndiGo में हल्की तेजी देखने को मिली। रिलायंस पर निवेशकों की नजर देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी Reliance Industries आज अपने चौथी तिमाही के नतीजे जारी करने वाली है। रिजल्ट से पहले कंपनी के शेयरों में हल्की गिरावट देखी गई। बीएसई पर रिलायंस का शेयर करीब 0.5% गिरकर 1334 रुपये तक आ गया। गौर करने वाली बात यह है कि यह स्टॉक जनवरी के अपने उच्च स्तर से करीब 15% नीचे आ चुका है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी है। रुपये में भी कमजोरी शेयर बाजार की गिरावट के साथ-साथ भारतीय रुपया भी दबाव में नजर आया। डॉलर के मुकाबले रुपया हल्की गिरावट के साथ 94.21 के स्तर पर खुला, जो विदेशी निवेशकों के रुझान और वैश्विक परिस्थितियों को दर्शाता है। आगे क्या संकेत? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को सतर्क रहने और लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
देशभर में 24 अप्रैल 2026 को पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कर दी गई हैं। Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum जैसी सरकारी तेल कंपनियों ने आज के फ्यूल रेट अपडेट किए, जिनमें बड़े शहरों में स्थिरता देखने को मिली, जबकि कुछ राज्यों में मामूली उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। बड़े शहरों में राहत, छोटे शहरों में हलचल देश की आर्थिक राजधानी Mumbai में पेट्रोल ₹103.54 प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है, जबकि New Delhi और Kolkata में भी कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। हालांकि Bihar के कई शहरों–जैसे Patna और Bhagalpur–में पेट्रोल के दामों में 36 से 38 पैसे तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं Bengaluru में हल्की बढ़त देखी गई, जबकि Chennai, Noida और Gurugram में कीमतों में मामूली गिरावट आई है। पेट्रोल रेट (24 अप्रैल 2026) – प्रमुख शहर मुंबई: ₹103.54 कोलकाता: ₹105.41 बेंगलुरु: ₹102.96 (+0.04) चेन्नई: ₹100.90 (-0.16) नई दिल्ली: ₹94.77 पटना: ₹105.59 (+0.36) भागलपुर: ₹106.40 (+0.38) डीजल में भी मिला-जुला रुख डीजल के दामों में भी आज मिलाजुला असर देखने को मिला। मुंबई में डीजल ₹90.03 प्रति लीटर और दिल्ली में ₹87.67 पर स्थिर है। वहीं झारखंड के Ranchi और Deoghar में कीमतों में गिरावट आई है, जिससे स्थानीय वाहन चालकों को राहत मिली है। दूसरी ओर बिहार के कई शहरों में डीजल के दाम भी पेट्रोल की तरह बढ़े हैं। क्यों बदलते रहते हैं फ्यूल के दाम? पेट्रोल-डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) के दाम, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और केंद्र-राज्य सरकारों के टैक्स ढांचे पर निर्भर करती हैं। एक्साइज ड्यूटी और वैट (VAT) के कारण अलग-अलग राज्यों में कीमतों में अंतर देखा जाता है। SMS से ऐसे जानें अपने शहर का रेट घर बैठे मोबाइल से भी आप अपने शहर का ताजा फ्यूल रेट जान सकते हैं: Indian Oil: RSP लिखकर 9224992249 पर भेजें BPCL: RSP लिखकर 9223112222 पर भेजें HPCL: HP Price लिखकर 9222201122 पर भेजें
देशभर में 23 अप्रैल 2026 को पेट्रोल और डीजल के नए दाम जारी कर दिए गए हैं। हर दिन की तरह आज भी तेल कंपनियों ने सुबह ताजा कीमतें अपडेट कीं, जिसमें बड़े शहरों में स्थिरता दिखी, जबकि कुछ राज्यों और शहरों में मामूली उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। Delhi और Mumbai जैसे प्रमुख महानगरों में कीमतें जस की तस बनी रहीं, लेकिन Chennai और Bihar के कई शहरों में हल्की तेजी देखने को मिली। पेट्रोल के ताजा दाम (23 अप्रैल 2026) आज मुंबई में पेट्रोल 103.54 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है, जबकि दिल्ली में यह 94.77 रुपये प्रति लीटर बना हुआ है। चेन्नई में पेट्रोल 22 पैसे महंगा होकर 101.06 रुपये प्रति लीटर हो गया है। बिहार के Patna और Gaya में भी कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई, वहीं Bhagalpur में 47 पैसे की राहत मिली। मुख्य शहरों के पेट्रोल रेट: मुंबई: ₹103.54 (कोई बदलाव नहीं) कोलकाता: ₹105.41 (स्थिर) दिल्ली: ₹94.77 (स्थिर) चेन्नई: ₹101.06 (+0.22) बेंगलुरु: ₹102.96 (+0.04) गुरुग्राम: ₹95.39 (-0.09) नोएडा: ₹95.12 (+0.07) पटना: ₹105.60 (+0.37) डीजल के दामों में मिला-जुला असर डीजल की कीमतों में भी आज कुछ जगहों पर बदलाव देखा गया। मुंबई में डीजल 90.03 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है, जबकि दिल्ली और कोलकाता में भी कोई बदलाव नहीं हुआ। Deoghar में डीजल 57 पैसे महंगा हुआ, जबकि Jamshedpur में 32 पैसे की गिरावट आई। Noida में डीजल 10 पैसे महंगा हुआ है। मुख्य शहरों के डीजल रेट: मुंबई: ₹90.03 (स्थिर) दिल्ली: ₹87.67 (स्थिर) चेन्नई: ₹92.61 (+0.22) पटना: ₹91.84 (+0.35) गया: ₹92.48 (+0.33) भागलपुर: ₹92.04 (-0.44) देवघर: ₹92.91 (+0.57) क्यों बदलते रहते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? फ्यूल की कीमतें मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों पर निर्भर करती हैं। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों के VAT (वैट) के कारण अलग-अलग शहरों में रेट अलग-अलग होते हैं। SMS से ऐसे जानें अपने शहर का रेट घर बैठे मोबाइल से भी आप पेट्रोल-डीजल की कीमत चेक कर सकते हैं: Indian Oil: “RSP” लिखकर 9224992249 पर भेजें BPCL: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें HPCL: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें
देश की तेल विपणन कंपनियों ने 20 अप्रैल 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कर दी हैं। आज के रेट्स पर नजर डालें तो देश के कई बड़े शहरों में ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जबकि कुछ राज्यों और शहरों में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति का असर सीधे घरेलू कीमतों पर पड़ रहा है। पेट्रोल की कीमतों में क्या बदलाव हुआ? पेट्रोल के दाम आज अधिकतर महानगरों में स्थिर हैं। मुंबई में पेट्रोल ₹103.50 प्रति लीटर पर बना हुआ है, जबकि नई दिल्ली में यह ₹94.77 प्रति लीटर पर स्थिर है। बेंगलुरु में भी कोई बदलाव नहीं हुआ। हालांकि, पूर्वी भारत के कुछ शहरों में हल्की तेजी देखी गई है। पटना में पेट्रोल ₹105.60 प्रति लीटर पर पहुंच गया है, जिसमें 17 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। गया और मुजफ्फरपुर में भी कीमतों में क्रमशः 17 पैसे और 21 पैसे की बढ़त दर्ज की गई है। दूसरी ओर भागलपुर में 19 पैसे की मामूली गिरावट दर्ज की गई है। कोलकाता और चेन्नई जैसे शहरों में भी हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली है, जो दर्शाता है कि क्षेत्रीय टैक्स और डिमांड का असर कीमतों पर बना हुआ है। डीजल के दाम में कैसी रही स्थिति? डीजल की कीमतों में आज अधिकांश बड़े शहरों में स्थिरता बनी रही। मुंबई में डीजल ₹90.03 प्रति लीटर पर स्थिर है, जबकि नई दिल्ली में यह ₹87.67 प्रति लीटर पर टिका हुआ है। बिहार और झारखंड के कई शहरों में डीजल की कीमतों में 5 पैसे से लेकर 24 पैसे तक की बढ़ोतरी हुई है। रांची में डीजल ₹93.20 प्रति लीटर पर पहुंच गया है, वहीं पटना में यह ₹91.84 प्रति लीटर हो गया है। इस हल्की बढ़ोतरी का असर खासतौर पर परिवहन, लॉजिस्टिक्स और खेती-किसानी के खर्चों पर पड़ सकता है, जिससे आने वाले समय में महंगाई पर भी प्रभाव देखने को मिल सकता है। क्यों बदलती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें? ईंधन की कीमतें कई प्रमुख कारकों पर निर्भर करती हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण है अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमत। भारत अपनी अधिकांश जरूरत का कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति भी अहम भूमिका निभाती है। इसके अलावा केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्यों द्वारा लगाया जाने वाला वैट (VAT) भी कीमतों को प्रभावित करता है। यही वजह है कि अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल-डीजल के दाम अलग-अलग होते हैं। घर बैठे ऐसे करें अपने शहर का रेट चेक अगर आप अपने शहर की ताजा कीमतें जानना चाहते हैं, तो मोबाइल के जरिए SMS भेजकर आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं: Indian Oil: RSP लिखकर 9224992249 पर भेजें BPCL: RSP लिखकर 9223112222 पर भेजें HPCL: HP Price लिखकर 9222201122 पर भेजें कुल मिलाकर, आज के रुझान बताते हैं कि बाजार फिलहाल स्थिरता की ओर है, लेकिन छोटे-छोटे बदलाव जारी हैं। ऐसे में गाड़ी की टंकी फुल कराने से पहले ताजा रेट जरूर चेक कर लें।
पटना: 17 अप्रैल 2026 को देशभर में पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कर दी गई हैं। इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय तेल कंपनियों ने आज के रेट अपडेट किए हैं। इस बार कीमतों में मिला-जुला असर देखने को मिला है, लेकिन बिहार के कई शहरों में पेट्रोल की कीमतों ने बढ़त दर्ज की है, जिससे आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। बिहार में बढ़ी कीमतें, आम आदमी पर असर राज्य के प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल के दाम बढ़े हुए नजर आए: Patna: ₹105.54 (+0.31) Bhagalpur: ₹106.66 (+0.64) Muzaffarpur: ₹106.10 (+0.32) हालांकि, Gaya में हल्की राहत मिली है, जहां कीमत ₹106.25 (-0.03) रही। देश के बड़े शहरों में क्या है हाल? देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल की कीमतों पर नजर डालें: Mumbai: ₹103.54 (+0.04) Delhi: ₹94.77 (कोई बदलाव नहीं) Kolkata: ₹105.41 (स्थिर) Chennai: ₹100.80 (-0.10) Bengaluru: ₹102.92 (-0.07) डीजल की कीमतों में मिली राहत डीजल के मोर्चे पर आज थोड़ी राहत देखने को मिली है: Mumbai: ₹90.03 (स्थिर) Delhi: ₹87.67 (स्थिर) Patna: ₹91.78 (+0.29) Bhagalpur: ₹92.81 (+0.60) Chennai: ₹92.39 (-0.09) क्यों बदलते रहते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? भारत में ईंधन की कीमतें मुख्य रूप से इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमत और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति पर निर्भर करती हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्यों द्वारा लगाए गए वैट (VAT) का भी कीमतों पर सीधा असर पड़ता है। घर बैठे ऐसे चेक करें अपने शहर का रेट आप SMS के जरिए भी अपने शहर का ताजा फ्यूल रेट जान सकते हैं: Indian Oil: “RSP” लिखकर 9224992249 पर भेजें BPCL: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें HPCL: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें
पश्चिम एशिया में जारी ईरान संघर्ष का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखने लगा है। Nifty 50 अपने हालिया उच्च स्तर से तेजी से फिसल चुका है, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई है कि गिरावट आखिर कहां जाकर थमेगी। 26,350 से गिरकर 23,000 के करीब पहुंचा निफ्टी निफ्टी हाल ही में 26,350 के उच्च स्तर से गिरकर करीब 23,200 तक आ चुका है। यह गिरावट बाजार की मौजूदा कमजोरी और बदलते ट्रेंड का संकेत दे रही है। विशेषज्ञ इसे एक “मीनिंगफुल करेक्शन” यानी गंभीर गिरावट का दौर मान रहे हैं। 21,000–22,000 बन सकता है निचला स्तर मार्केट एक्सपर्ट अभिषेक पारख के मुताबिक, बाजार में गिरावट अक्सर उम्मीद से ज्यादा लंबी चलती है। टेक्निकल चार्ट के आधार पर निफ्टी फिलहाल एक पैरेलल चैनल में ट्रेड कर रहा है, जहां निचला स्तर 21,700–22,000 के आसपास बनता दिख रहा है। अगर यह पैटर्न जारी रहता है, तो इंडेक्स धीरे-धीरे इसी स्तर तक फिसल सकता है और वहीं स्थिर होने की कोशिश करेगा। डबल टॉप पैटर्न से बढ़ी कमजोरी चार्ट पर 26,350 के आसपास “डबल टॉप” बनने के बाद आई तेज गिरावट ने बाजार के शॉर्ट टर्म ट्रेंड को कमजोर कर दिया है। इसका मतलब है कि किसी भी तेजी में फिलहाल रुकावट आ सकती है। वैल्यूएशन अभी सस्ते नहीं निफ्टी का P/E रेशियो फिलहाल करीब 20.2 है, जो न तो बहुत महंगा है और न ही पूरी तरह आकर्षक। इतिहास के अनुसार, बाजार का मजबूत बॉटम आमतौर पर 15–19 P/E के बीच बनता है। ऐसे में 21,000–22,000 का स्तर वैल्यूएशन के लिहाज से ज्यादा बेहतर एंट्री जोन बन सकता है। Fibonacci संकेत भी इसी स्तर की ओर टेक्निकल एनालिसिस में इस्तेमाल होने वाला Fibonacci रिट्रेसमेंट भी इसी दायरे की ओर इशारा कर रहा है: 22,100 (38.2% रिट्रेसमेंट) 20,800 (50% रिट्रेसमेंट) जब अलग-अलग संकेत एक ही स्तर की ओर इशारा करते हैं, तो वहां मजबूत सपोर्ट बनने की संभावना बढ़ जाती है। FII बिकवाली और महंगा क्रूड बना दबाव बाजार पर दबाव बढ़ाने वाले प्रमुख कारण: विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली कच्चे तेल की कीमतों में तेजी वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता भारत में ऊंची वैल्यूएशन और मजबूत ग्लोबल थीम की कमी (जैसे US में AI रैली) भी बाजार को कमजोर कर रही है। शॉर्ट टर्म में उछाल, लेकिन जोखिम बरकरार ब्रोकरेज हाउस Centrum Broking के अनुसार, बाजार ओवरसोल्ड जोन में पहुंच रहा है, जिससे बीच-बीच में उछाल (bounce) आ सकता है। हालांकि, इंडिया VIX 20 से ऊपर रहने के कारण वोलैटिलिटी ज्यादा बनी रह सकती है। निवेशकों के लिए क्या रणनीति? विशेषज्ञों की सलाह है कि: बाजार के बिल्कुल बॉटम को पकड़ने की कोशिश न करें धीरे-धीरे (phased manner) निवेश करें अच्छे फंडामेंटल वाले स्टॉक्स पर फोकस रखें
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।