electric vehicle

Ather Rizta electric scooter with modern design showing EMI plan, range and features
Ather Rizta EMI Plan: सिर्फ ₹10,000 डाउन पेमेंट में घर लाएं Ather Rizta, जानें कितनी बनेगी EMI, रेंज और फीचर्स

भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में Ather Energy का Ather Rizta तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। फैमिली-फ्रेंडली डिजाइन, लंबी रेंज और आधुनिक फीचर्स के कारण यह इलेक्ट्रिक स्कूटर ग्राहकों की पसंद बनता जा रहा है। अगर आप भी इसे खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अच्छी बात यह है कि इसे सिर्फ ₹10,000 के डाउन पेमेंट पर भी घर लाया जा सकता है। आइए जानते हैं Ather Rizta की संभावित EMI, बैटरी, रेंज और फीचर्स से जुड़ी पूरी जानकारी। ₹10,000 डाउन पेमेंट पर कितनी बनेगी EMI? Ather Rizta S की शुरुआती एक्स-शोरूम (दिल्ली) कीमत लगभग ₹1,21,499 है। यदि आप ₹10,000 का डाउन पेमेंट करते हैं और शेष राशि पर बैंक या फाइनेंस कंपनी से 8% वार्षिक ब्याज दर पर 36 महीनों के लिए लोन लेते हैं, तो अनुमानित मासिक EMI करीब ₹3,715 हो सकती है। ध्यान रखें कि वास्तविक EMI आपके शहर की ऑन-रोड कीमत, डाउन पेमेंट, ब्याज दर, लोन अवधि और आपके क्रेडिट प्रोफाइल के आधार पर अलग हो सकती है। बैटरी और रेंज Ather Rizta दो बैटरी विकल्पों के साथ उपलब्ध है— 2.9kWh बैटरी पैक – लगभग 123 किलोमीटर की IDC रेंज। 3.7kWh बैटरी पैक – लगभग 160 किलोमीटर की IDC रेंज। स्कूटर की टॉप स्पीड 80 किमी/घंटा है और यह 0 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार केवल 4.7 सेकंड में पकड़ सकता है। लगभग 15 डिग्री ग्रेडेबिलिटी के साथ यह चढ़ाई वाले रास्तों पर भी बेहतर प्रदर्शन करता है। Ather Rizta के प्रमुख फीचर्स Ather Rizta S में कई आधुनिक फीचर्स दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं— 17.7 सेमी (लगभग 7 इंच) का कलर TFT डिस्प्ले ब्लूटूथ कनेक्टिविटी टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन स्मार्टफोन कनेक्टिविटी WhatsApp नोटिफिकेशन सपोर्ट लाइव लोकेशन ट्रैकिंग डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर फैमिली-फ्रेंडली बड़ी और आरामदायक सीट बेहतर अंडर-सीट स्टोरेज क्या Ather Rizta खरीदना सही रहेगा? अगर आपकी प्राथमिकता लंबी रेंज, कम रनिंग कॉस्ट, आरामदायक सीट और स्मार्ट फीचर्स वाला फैमिली इलेक्ट्रिक स्कूटर है, तो Ather Rizta एक अच्छा विकल्प हो सकता है। हालांकि, खरीदने से पहले अपने शहर की ऑन-रोड कीमत, उपलब्ध ऑफर्स, चार्जिंग सुविधाओं और फाइनेंस विकल्पों की जानकारी जरूर लें। कम डाउन पेमेंट और आसान EMI विकल्प इसे उन ग्राहकों के लिए भी आकर्षक बनाते हैं, जो बिना एकमुश्त बड़ी रकम खर्च किए इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना चाहते हैं।  

surbhi जुलाई 16, 2026 0
Virtual Magnet Synchronous Motor prototype developed by an Indian startup using software instead of rare-earth magnets for EVs.
Virtual Magnet Motor: भारतीय स्टार्टअप का बड़ा दावा, बिना रेयर-अर्थ मैग्नेट के तैयार की इलेक्ट्रिक मोटर; सॉफ्टवेयर से होगा चुंबक का काम

नई दिल्ली: इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की दुनिया में एक भारतीय स्टार्टअप ने नई तकनीक के जरिए बड़ा बदलाव लाने का दावा किया है। विमैग लैब्स (Vmag Labs) ने ऐसी Virtual Magnet Synchronous Motor (VMSM) विकसित करने का दावा किया है, जो पारंपरिक रेयर-अर्थ मैग्नेट के बिना काम करती है। कंपनी का कहना है कि यह मोटर एडवांस सॉफ्टवेयर, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और स्मार्ट एल्गोरिदम की मदद से चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) तैयार करती है, जिससे स्थायी चुंबकों की जरूरत नहीं पड़ती। अगर यह तकनीक बड़े पैमाने पर सफल होती है, तो इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग की चीन पर रेयर-अर्थ मैग्नेट्स की निर्भरता काफी हद तक कम हो सकती है। क्या है Virtual Magnet Motor? वर्तमान में अधिकांश इलेक्ट्रिक वाहनों में Permanent Magnet Synchronous Motor (PMSM) का इस्तेमाल होता है। इन मोटरों के लिए रेयर-अर्थ मैग्नेट्स की आवश्यकता होती है, जिनकी वैश्विक रिफाइनिंग और उत्पादन क्षमता का बड़ा हिस्सा चीन के नियंत्रण में माना जाता है। विमैग लैब्स का दावा है कि उसकी Virtual Magnet Motor बिना किसी स्थायी चुंबक के भी समान या कुछ परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। कंपनी के अनुसार, इस तकनीक के विकास में इंजीनियरों ने 87,000 घंटे से अधिक शोध और विकास कार्य किया है तथा इसके लिए कंपनी को पांचवां भारतीय पेटेंट भी प्राप्त हुआ है। बिना चुंबक के कैसे काम करेगी मोटर? कंपनी के अनुसार, इस मोटर में पारंपरिक मैग्नेट की जगह सॉफ्टवेयर और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स का उपयोग किया जाता है। इस तकनीक में: एडवांस एल्गोरिदम बिजली के प्रवाह (Current) को बेहद सटीक तरीके से नियंत्रित करते हैं। नियंत्रित विद्युत प्रवाह मोटर के भीतर एक डायनेमिक मैग्नेटिक फील्ड तैयार करता है। यह चुंबकीय क्षेत्र रोटर को घुमाने का काम करता है, ठीक वैसे ही जैसे स्थायी चुंबक करता है। मोटर का डिज़ाइन ब्रशलेस और स्लिप-रिंग मुक्त है, जिससे घर्षण, रखरखाव और टूट-फूट कम होने की संभावना रहती है। सरल शब्दों में कहें तो यह एक ऐसी मोटर है, जिसमें चुंबक की भूमिका हार्डवेयर के बजाय सॉफ्टवेयर और इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल सिस्टम निभाते हैं। चीन की निर्भरता कम करने की दिशा में कदम इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग में रेयर-अर्थ मैग्नेट्स बेहद महत्वपूर्ण हैं और इनके उत्पादन व रिफाइनिंग पर चीन का मजबूत दबदबा है। समय-समय पर निर्यात प्रतिबंध या सप्लाई में व्यवधान आने से वैश्विक ऑटोमोबाइल कंपनियों को उत्पादन संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। ऐसे में यदि बिना रेयर-अर्थ मैग्नेट वाली मोटर व्यावसायिक स्तर पर सफल होती है, तो यह वैश्विक सप्लाई चेन को अधिक स्थिर और विविध बनाने में मदद कर सकती है। दुनिया की बड़ी कंपनियां भी कर रही हैं काम विमैग लैब्स इस दिशा में काम करने वाली अकेली कंपनी नहीं है। Tesla पहले ही संकेत दे चुकी है कि भविष्य की कुछ मोटर डिजाइनों में रेयर-अर्थ मैग्नेट्स पर निर्भरता कम की जाएगी। General Motors और Honda जैसी कंपनियां भी वैकल्पिक मोटर तकनीकों, नए मैग्नेटिक मैटेरियल और रीसाइक्लिंग तकनीकों पर निवेश कर रही हैं। हालांकि अब तक किसी भी कंपनी ने इस तरह की पूरी तरह बिना रेयर-अर्थ मैग्नेट वाली मोटर का बड़े पैमाने पर व्यावसायिक उत्पादन शुरू नहीं किया है। सबसे बड़ी चुनौती अब कमर्शियल प्रोडक्शन किसी नई तकनीक की वास्तविक सफलता केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं होती। बड़े पैमाने पर उत्पादन के दौरान लागत, विश्वसनीयता, टिकाऊपन, ऊर्जा दक्षता और लंबी अवधि के प्रदर्शन जैसे कई पहलुओं की परीक्षा होती है। विमैग लैब्स का कहना है कि शुरुआती परीक्षण उत्साहजनक रहे हैं और कंपनी को निवेशकों का समर्थन भी मिला है। अब अगला महत्वपूर्ण चरण इस तकनीक को औद्योगिक स्तर पर सफलतापूर्वक उत्पादन में लाना होगा। यदि यह लक्ष्य हासिल होता है, तो भारतीय EV तकनीक वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज कर सकती है।  

surbhi जुलाई 15, 2026 0
Piaggio Ape WavE electric auto rickshaw launched in India with 90 km claimed driving range.
Piaggio Ape WavE भारत में लॉन्च: ₹2.55 लाख में मिलेगा नया इलेक्ट्रिक ऑटो, 90KM तक की रेंज का दावा

इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में अपनी मौजूदगी मजबूत करते हुए Piaggio Vehicles ने भारत में नया इलेक्ट्रिक ऑटो Ape WavE लॉन्च कर दिया है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹2.55 लाख (पुणे) रखी गई है। कंपनी का कहना है कि यह इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर खासतौर पर शहरों और छोटे कस्बों में सवारी ढोने वाले ऑटो चालकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। कंपनी इसे देशभर में अपने डीलरशिप नेटवर्क के जरिए बिक्री के लिए उपलब्ध कराएगी। 90KM तक की रेंज और 4.5 घंटे में चार्ज Piaggio Ape WavE में 5.4 kWh बैटरी पैक दिया गया है, जिसे 3 kW पीक पावर और 25 Nm टॉर्क देने वाली इलेक्ट्रिक मोटर के साथ जोड़ा गया है। कंपनी के अनुसार, यह इलेक्ट्रिक ऑटो एक बार फुल चार्ज होने पर 90 किलोमीटर तक की रियल-वर्ल्ड रेंज देने में सक्षम है। वहीं, इसकी बैटरी को पूरी तरह चार्ज होने में लगभग 4 घंटे 30 मिनट का समय लगता है। 40Km/h की टॉप स्पीड यह इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर 40 किमी/घंटा की अधिकतम गति हासिल कर सकता है। इसके अलावा इसमें 19 प्रतिशत ग्रेडेबिलिटी दी गई है, जिससे चढ़ाई वाले रास्तों पर भी बेहतर प्रदर्शन मिलने का दावा किया गया है। भारतीय सड़कों के हिसाब से तैयार डिजाइन Piaggio Ape WavE में फुल-मेटल बॉडी और मोनोकोक चेसिस का इस्तेमाल किया गया है, जिससे इसकी मजबूती और टिकाऊपन बढ़ता है। इसके अलावा इसमें: 180mm ग्राउंड क्लीयरेंस बेहतर सस्पेंशन सेटअप कम शोर और कंपन (NVH) आरामदायक और स्पेशियस केबिन जैसी सुविधाएं दी गई हैं, ताकि खराब और ऊबड़-खाबड़ सड़कों पर भी आरामदायक सफर मिल सके। Piaggio के इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो में नया मॉडल Ape WavE के लॉन्च के साथ Piaggio ने भारत में अपने इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर लाइनअप का विस्तार किया है। इससे पहले कंपनी Ape E-City Swappable, Ape E-City FX, Ape E-City Maxx और Ape E-City Ultra जैसे मॉडल बाजार में उतार चुकी है। अब Ape WavE के आने से ग्राहकों को इलेक्ट्रिक पैसेंजर थ्री-व्हीलर सेगमेंट में एक और नया विकल्प मिल गया है।  

surbhi जुलाई 8, 2026 0
Electric scooter charging at home with battery, range, and service checklist before making an EV purchase.
EV स्कूटर खरीदने से पहले जरूर जान लें ये 5 बातें, सिर्फ रेंज देखकर फैसला किया तो हो सकता है बड़ा नुकसान

नई दिल्ली: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की मांग लगातार बढ़ रही है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच अब बड़ी संख्या में लोग इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने का विकल्प चुन रहे हैं। बाजार में 80 हजार रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले कई इलेक्ट्रिक स्कूटर उपलब्ध हैं, जिनमें लंबी रेंज, स्मार्ट फीचर्स और आकर्षक डिजाइन का दावा किया जाता है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कंपनी द्वारा बताई गई रेंज, कीमत या फीचर्स के आधार पर इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना सही फैसला नहीं है। कई खरीदार बाद में बैटरी, चार्जिंग, सर्विस और ऐप सपोर्ट जैसी समस्याओं का सामना करते हैं, जिससे अतिरिक्त खर्च और असुविधा बढ़ सकती है। अगर आप नया इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो इन पांच महत्वपूर्ण बातों पर जरूर ध्यान दें। 1. कंपनी की बताई रेंज पर पूरी तरह भरोसा न करें अधिकांश कंपनियां इलेक्ट्रिक स्कूटर की रेंज नियंत्रित परीक्षण (Test Conditions) के आधार पर बताती हैं। वास्तविक परिस्थितियों में ट्रैफिक, सड़क की स्थिति, मौसम, वाहन पर लोड और ड्राइविंग स्टाइल के कारण यह रेंज काफी कम हो सकती है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी स्कूटर की आधिकारिक रेंज 120 किलोमीटर बताई गई है, तो सामान्य उपयोग में वह लगभग 75 से 90 किलोमीटर तक ही चल सकता है। इसलिए स्कूटर खरीदने से पहले वास्तविक उपयोगकर्ताओं के अनुभव पढ़ें, वीडियो रिव्यू देखें और संभव हो तो मौजूदा मालिकों से बात करें। 2. बैटरी वारंटी की शर्तें ध्यान से पढ़ें बैटरी किसी भी इलेक्ट्रिक स्कूटर का सबसे महंगा हिस्सा होती है। कई कंपनियां 3 से 5 वर्ष तक की वारंटी देती हैं, लेकिन हर वारंटी की अपनी अलग शर्तें होती हैं। खरीदने से पहले यह जरूर जान लें कि किन परिस्थितियों में बैटरी मुफ्त बदली जाएगी और किन मामलों में वारंटी लागू नहीं होगी। इससे भविष्य में होने वाले बड़े खर्च से बचा जा सकता है। 3. घर पर चार्जिंग की सुविधा पहले जांच लें इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने से पहले यह सुनिश्चित करें कि आपके घर या अपार्टमेंट में सुरक्षित चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध है। पुराने मकानों या कुछ सोसायटी में बिजली की वायरिंग, लोड क्षमता या चार्जिंग की अनुमति से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। यदि सही चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध नहीं होगा, तो रोजाना स्कूटर चार्ज करना मुश्किल हो सकता है। फ्लैट में रहने वाले लोगों को सोसायटी के नियम भी पहले से जान लेने चाहिए। 4. नजदीकी सर्विस सेंटर की उपलब्धता जरूर देखें इलेक्ट्रिक स्कूटर की मरम्मत हर सामान्य मैकेनिक नहीं कर सकता। इसके लिए कंपनी के अधिकृत सर्विस सेंटर की जरूरत होती है। यदि सर्विस सेंटर आपके घर से काफी दूर है, तो छोटी-सी तकनीकी खराबी में भी समय और अतिरिक्त खर्च दोनों बढ़ सकते हैं। खरीदारी से पहले कंपनी की वेबसाइट या डीलर से अपने शहर के सर्विस नेटवर्क की पूरी जानकारी जरूर लें। 5. कंपनी और उसके मोबाइल ऐप की विश्वसनीयता जांचें आज के अधिकांश इलेक्ट्रिक स्कूटर मोबाइल ऐप से जुड़े होते हैं। इन ऐप्स के जरिए वाहन की लोकेशन, बैटरी स्टेटस, लॉक- अनलॉक, डायग्नोस्टिक्स और कई स्मार्ट फीचर्स का उपयोग किया जाता है। यदि भविष्य में कंपनी ऐप का सपोर्ट बंद कर दे या नियमित अपडेट न दे, तो कई स्मार्ट सुविधाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए यह भी देखें कि कंपनी कितने समय से बाजार में मौजूद है, उसकी वित्तीय स्थिति कैसी है, सर्विस नेटवर्क कितना मजबूत है और ऐप को नियमित अपडेट मिलते हैं या नहीं। सिर्फ रेंज नहीं, पूरी तस्वीर देखें इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना एक लंबी अवधि का निवेश है। ऐसे में केवल अधिक रेंज या कम कीमत देखकर फैसला करना सही नहीं होगा। अगर आप रेंज के साथ बैटरी की गुणवत्ता, वारंटी, चार्जिंग सुविधा, सर्विस नेटवर्क और कंपनी की विश्वसनीयता जैसे पहलुओं का भी ध्यान रखेंगे, तो भविष्य में होने वाली परेशानियों और अनावश्यक खर्च से बच सकते हैं। सही जानकारी के साथ लिया गया फैसला न केवल आपके पैसे बचाएगा बल्कि बेहतर ओनरशिप अनुभव भी देगा।  

surbhi जुलाई 2, 2026 0
New 2026 Citroen eC3 X electric SUV showcased with modern styling and EV features.
नई Citroen eC3 X खरीदने का प्लान है? जानिए कौन-सा वेरिएंट है सबसे ज्यादा वैल्यू फॉर मनी

भारतीय बाजार में नई 2026 Citroen eC3 X Electric लॉन्च हो चुकी है और इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 11.99 लाख रुपये रखी गई है। खास बात यह है कि नया मॉडल पिछले वर्जन की तुलना में लगभग 1.74 लाख रुपये सस्ता है। कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक कार को तीन वेरिएंट्स—Live, Live (O) और Shine—में पेश किया है। ऐसे में सवाल यह है कि किस वेरिएंट पर पैसा लगाना सबसे समझदारी भरा फैसला होगा। Live वेरिएंट: बजट खरीदारों के लिए 11.99 लाख रुपये की कीमत वाला बेस वेरिएंट रोजमर्रा की जरूरतों के हिसाब से जरूरी फीचर्स के साथ आता है। मुख्य फीचर्स: हैलोजन हेडलैंप 15-इंच स्टील व्हील रियर पार्किंग सेंसर रिमोट कीलेस एंट्री फैब्रिक सीट्स मैनुअल एसी डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर Eco और Power ड्राइव मोड 4 एयरबैग ABS और EBD यह वेरिएंट उन ग्राहकों के लिए सही है जो कम बजट में इलेक्ट्रिक कार खरीदना चाहते हैं और अतिरिक्त टेक्नोलॉजी फीचर्स को प्राथमिकता नहीं देते। Live (O): सबसे संतुलित विकल्प 12.39 लाख रुपये की कीमत वाला यह मिड वेरिएंट सिर्फ 40,000 रुपये अतिरिक्त खर्च में कई उपयोगी फीचर्स जोड़ता है। अतिरिक्त सुविधाएं: 9.8-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम वायरलेस Apple CarPlay और Android Auto ब्लूटूथ कनेक्टिविटी 4-स्पीकर ऑडियो सिस्टम रिवर्स पार्किंग कैमरा लेदरेट सीट अपहोल्स्ट्री व्हील कवर आज के समय में टचस्क्रीन, स्मार्टफोन कनेक्टिविटी और रिवर्स कैमरा जैसे फीचर्स काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इसलिए कीमत और सुविधाओं के हिसाब से यह वेरिएंट सबसे बेहतर संतुलन प्रदान करता है। Shine वेरिएंट: प्रीमियम अनुभव चाहने वालों के लिए 13.26 लाख रुपये की कीमत वाला टॉप मॉडल ज्यादा प्रीमियम फीचर्स के साथ आता है। मुख्य फीचर्स: प्रोजेक्टर LED हेडलैंप LED DRLs और फ्रंट फॉग लैंप 15-इंच डायमंड-कट अलॉय व्हील वायरलेस चार्जर 10.2-इंच टचस्क्रीन My Citroen Connect टेक्नोलॉजी 7-इंच डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले हाइट एडजस्टेबल ड्राइवर सीट 6 एयरबैग सभी यात्रियों के लिए 3-पॉइंट सीटबेल्ट यदि आपका बजट अधिक है और आप प्रीमियम अनुभव चाहते हैं, तो Shine वेरिएंट अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। बैटरी, रेंज और चार्जिंग नई Citroen eC3 X में 29.2kWh बैटरी पैक दिया गया है। रेंज: 325 किमी (MIDC प्रमाणित) पावर: 57hp टॉर्क: 143Nm 0-60 किमी/घंटा: 6.8 सेकंड टॉप स्पीड: 107 किमी/घंटा चार्जिंग समय AC चार्जर: 10% से 100% तक लगभग 10 घंटे 30 मिनट DC फास्ट चार्जर: 10% से 80% तक केवल 57 मिनट कौन-सा वेरिएंट खरीदना चाहिए? अगर केवल बेसिक जरूरतें हैं तो Live वेरिएंट पर्याप्त है। वहीं ज्यादा फीचर्स और प्रीमियम अनुभव के लिए Shine उपयुक्त रहेगा। लेकिन कुल मिलाकर देखा जाए तो Live (O) वेरिएंट सबसे ज्यादा Value for Money साबित होता है। केवल 40 हजार रुपये अतिरिक्त देकर आपको आधुनिक इंफोटेनमेंट, वायरलेस कनेक्टिविटी, रिवर्स कैमरा और बेहतर इंटीरियर जैसे कई जरूरी फीचर्स मिल जाते हैं।  

surbhi जून 20, 2026 0
Bokaro Accident News
बोकारो में कोयला लदा 14 चक्का ट्रक पलटा, खलासी की मौत; घायल चालक अस्पताल से फरार

बोकारो। बोकारो थर्मल थाना क्षेत्र के बाजार टांड में शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। खासमहाल से कोयला स्लरी लादकर उत्तर प्रदेश के बनारस जा रहा 14 चक्का ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ट्रक के खलासी 28 वर्षीय अबू सुफेयान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल चालक गिरजेश कुमार दुबे अस्पताल से इलाज के बाद फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।   कई दुकानों और मकानों को भारी नुकसान प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज रफ्तार के कारण ट्रक असंतुलित होकर सड़क किनारे बने कई दुकानों और मकानों से टकरा गया। हादसे में गणेश साहु के करीब 14 हजार ईंट, गैराज और मकान की 10 फीट लंबी दीवार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इसके अलावा मोहन महतो की स्टील फर्नीचर दुकान, प्रमोद के घर का बाहरी हिस्सा, प्रदीप की चाय दुकान और सड़क किनारे खड़ी अनुपम साव की पिकअप वैन भी क्षतिग्रस्त हो गई।   बिजली आपूर्ति भी हुई बाधित ट्रक की टक्कर से डीवीसी के ऐश पौंड तक जाने वाली बिजली लाइन के दो पोल और बंच केबल टूटकर गिर गए, जिससे आसपास के इलाके की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। हादसे के बाद कुछ समय के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।   घायल चालक पुलिस को चकमा देकर भागा सूचना मिलते ही बेरमो एसडीपीओ रविंद्र कुमार सिंह, बोकारो थर्मल थाना प्रभारी पिंकू कुमार यादव समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से चालक को मलबे से निकालकर डीवीसी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन प्राथमिक उपचार के बाद वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस ने मृतक अबू सुफेयान के शव को पोस्टमार्टम के लिए तेनुघाट अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया है। दुर्घटनाग्रस्त ट्रक और सड़क पर बिखरे कोयले को हटाकर यातायात बहाल करने का काम किया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

abhishek singh जून 20, 2026 0
Maruti Suzuki e Vitara electric SUV showcased as company enters India’s top EV brands list.
सिर्फ एक इलेक्ट्रिक कार के दम पर Maruti Suzuki ने EV बाजार में मारी बाजी, टॉप 4 कंपनियों में बनाई जगह

भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बाजार में तेजी से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच मारुति सुजुकी ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने अपनी पहली इलेक्ट्रिक SUV Maruti Suzuki e Vitara के दम पर लॉन्च के महज चार महीनों के भीतर देश की शीर्ष EV कंपनियों में जगह बना ली है। सीमित पोर्टफोलियो होने के बावजूद कंपनी ने बिक्री के मामले में कई स्थापित ब्रांड्स को पीछे छोड़कर बाजार में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। जनवरी से मई 2026 के बीच मारुति सुजुकी ने कुल 4,365 इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री की। यह आंकड़ा VinFast की 4,133 यूनिट्स की बिक्री से भी अधिक है। इसके साथ ही कंपनी ने BYD, Hyundai Motor Company और Kia Corporation जैसी कंपनियों को भी पीछे छोड़ दिया है। हालांकि भारतीय EV बाजार में अभी भी Tata Motors पहले और Mahindra & Mahindra दूसरे स्थान पर कायम हैं, जबकि JSW MG Motor India तीसरे स्थान पर बनी हुई है। e Vitara बनी मारुति की सफलता की नई पहचान मारुति सुजुकी फिलहाल भारतीय बाजार में केवल एक इलेक्ट्रिक मॉडल e Vitara बेच रही है। इसके मुकाबले Hyundai के पास Hyundai Creta Electric और Hyundai Ioniq 5 जैसे मॉडल हैं। वहीं VinFast, Tata Motors और Mahindra के पास कई EV विकल्प मौजूद हैं। इसके बावजूद e Vitara की लोकप्रियता ने मारुति को तेज़ी से आगे बढ़ाया है। जनवरी से मई 2026 के दौरान कंपनी ने औसतन 873 EV प्रति माह बेचीं। यह आंकड़ा VinFast (827), Hyundai (583), BYD (488) और Kia (405) की मासिक औसत बिक्री से अधिक रहा। यह दर्शाता है कि ग्राहकों ने मारुति के पहले इलेक्ट्रिक उत्पाद को सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। EV बाजार में क्यों बढ़ रही है मांग? भारत में इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है। अप्रैल और मई 2026 के बीच EV रजिस्ट्रेशन में सालाना आधार पर 77 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और कुल रजिस्ट्रेशन 52,274 यूनिट्स तक पहुंच गया। मई 2026 में कुल पैसेंजर वाहन बाजार में EV की हिस्सेदारी बढ़कर 6.4 प्रतिशत हो गई। विशेषज्ञों के अनुसार, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतें, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार, सरकार की प्रोत्साहन नीतियां और नए मॉडलों की उपलब्धता इस वृद्धि के प्रमुख कारण हैं। यही वजह है कि अब अधिक ग्राहक पारंपरिक ईंधन वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। भारत बना Maruti का EV एक्सपोर्ट हब मारुति सुजुकी केवल घरेलू बाजार में ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी e Vitara के जरिए अपनी स्थिति मजबूत कर रही है। सितंबर 2025 में निर्यात शुरू होने के बाद कंपनी अब तक 46 देशों में 35,000 से अधिक यूनिट्स भेज चुकी है। e Vitara अब मारुति की सबसे ज्यादा निर्यात होने वाली गाड़ियों में तीसरे स्थान पर पहुंच चुकी है। इससे आगे केवल Maruti Suzuki Fronx और Maruti Suzuki Jimny हैं। दिलचस्प बात यह है कि इसी प्लेटफॉर्म पर आधारित एक रीबैज्ड मॉडल Toyota Urban Cruiser eBella भी तैयार किया जा रहा है, जिसे Toyota Motor Corporation अपने ब्रांड के तहत बेच रही है। मारुति सुजुकी की यह सफलता दिखाती है कि भारतीय EV बाजार में ब्रांड की विश्वसनीयता और मजबूत डीलर नेटवर्क अभी भी बड़ी भूमिका निभाते हैं। केवल एक मॉडल के साथ टॉप 4 में पहुंचना इस बात का संकेत है कि आने वाले वर्षों में कंपनी इलेक्ट्रिक सेगमेंट में और बड़ी चुनौती पेश कर सकती है।  

surbhi जून 3, 2026 0
New TVS iQube S electric scooter showcased with smart display and extended battery range features
लंबी रेंज और स्मार्ट फीचर्स के साथ लॉन्च हुआ नया TVS iQube S, जानिए कीमत और खासियतें

TVS Motor Company ने भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करते हुए नया TVS iQube S 4.7 kWh वेरिएंट लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक स्कूटर को 1,37,142 रुपये (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत पर पेश किया है। नया मॉडल पुराने 3.5 kWh बैटरी वेरिएंट की जगह लेगा और इसमें ज्यादा रेंज के साथ कई एडवांस फीचर्स दिए गए हैं। बड़ी बैटरी, ज्यादा रेंज नए TVS iQube S में 4.7 kWh का बड़ा बैटरी पैक दिया गया है। कंपनी के मुताबिक यह स्कूटर सिंगल चार्ज पर 175 किलोमीटर तक की IDC रेंज देने में सक्षम है, जो इसे लंबी दूरी के लिए और ज्यादा उपयोगी बनाता है। स्कूटर की इलेक्ट्रिक मोटर 5.9 hp की पीक पावर और 33 Nm का अधिकतम टॉर्क जनरेट करती है। वहीं इसकी टॉप स्पीड 82 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है। शानदार परफॉर्मेंस परफॉर्मेंस के मामले में भी नया iQube S काफी दमदार नजर आता है। कंपनी का दावा है कि यह स्कूटर 0 से 40 kmph की रफ्तार सिर्फ 4.3 सेकंड में पकड़ सकता है। चार्जिंग की बात करें तो पोर्टेबल चार्जर की मदद से इसकी बैटरी को 0 से 80 प्रतिशत तक चार्ज होने में करीब 4 घंटे का समय लगता है। मिलेंगे कई स्मार्ट फीचर्स नया TVS iQube S कई प्रीमियम स्मार्ट फीचर्स के साथ आता है। इसमें– TFT डिस्प्ले स्मार्टफोन कनेक्टिविटी नेविगेशन सपोर्ट राइड स्टैटिस्टिक्स कॉल और नोटिफिकेशन अलर्ट जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसके अलावा स्कूटर में रिवर्स मोड, क्रैश अलर्ट, फॉल अलर्ट और एंटी-थेफ्ट अलर्ट जैसे सेफ्टी फीचर्स भी शामिल किए गए हैं। डस्ट और वाटर रेसिस्टेंट डिजाइन कंपनी ने इसके इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स को IP67 डस्ट और वाटर रेसिस्टेंस रेटिंग दी है, जिससे स्कूटर खराब मौसम और पानी से बेहतर सुरक्षा प्रदान करता है। हार्डवेयर और ब्रेकिंग सिस्टम स्कूटर का कर्ब वेट 128.8 किलोग्राम है। इसकी सीट हाइट 770mm और ग्राउंड क्लीयरेंस 157mm रखा गया है। इसमें 12-इंच अलॉय व्हील्स के साथ दोनों तरफ 90/90-12 ट्यूबलेस टायर्स दिए गए हैं। ब्रेकिंग के लिए– फ्रंट में 220mm डिस्क ब्रेक रियर में 130mm ड्रम ब्रेक का सेटअप मिलता है। नए कलर ऑप्शन्स भी शामिल TVS ने नए बैटरी वेरिएंट के साथ दो नए कलर ऑप्शन्स भी पेश किए हैं– Magnificence Purple Beige Harlequin Blue Beige इसके अलावा स्कूटर Titanium Grey Matte रंग में भी उपलब्ध रहेगा।  

surbhi मई 7, 2026 0
Citroen e C3 electric hatchback parked on city street showcasing compact urban EV design
Citroen e C3: बजट EV सेगमेंट में एंट्री, कीमत और परफॉर्मेंस का संतुलित पैकेज

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग के बीच Citroen e C3 एक किफायती और एंट्री-लेवल विकल्प के रूप में उभरकर सामने आई है। यह कार खासतौर पर शहरी उपयोग को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है, जहां कम दूरी, ट्रैफिक और रोजमर्रा की जरूरतें प्राथमिक होती हैं। डिजाइन: कॉम्पैक्ट लेकिन SUV जैसा स्टांस Citroen e C3 हैचबैक प्लेटफॉर्म पर बनी है, लेकिन इसकी ऊंची ग्राउंड क्लियरेंस और बॉक्सी डिजाइन इसे मिनी-SUV जैसा लुक देते हैं। इसका कॉम्पैक्ट आकार शहर के ट्रैफिक और टाइट पार्किंग स्पेस में इसे आसानी से मैनेज करने लायक बनाता है। बैटरी और परफॉर्मेंस: शहर के लिए पर्याप्त इसमें 29.2 kWh का बैटरी पैक दिया गया है। कंपनी के अनुसार इसकी रेंज 320 किमी (MIDC) तक है, लेकिन वास्तविक उपयोग में यह लगभग 200–220 किमी तक ही मिलती है। इलेक्ट्रिक मोटर 57 PS की पावर और 143 Nm का टॉर्क जनरेट करती है। 0 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार यह 6.8 सेकंड में पकड़ लेती है, जो सिटी ड्राइविंग के लिहाज से काफी फुर्तीली मानी जाती है। चार्जिंग: फास्ट और होम दोनों विकल्प Citroen e C3 DC फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आती है, जिससे 10% से 80% तक चार्ज होने में करीब 57 मिनट लगते हैं। वहीं, घरेलू चार्जिंग से इसे फुल चार्ज करने में लगभग 10.5 घंटे का समय लगता है–यानी रातभर में आसानी से चार्ज हो सकती है। फीचर्स: जरूरी टेक्नोलॉजी पर फोकस कार में 10.24-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और MyCitroën ऐप कनेक्टिविटी मिलती है। इसके अलावा मैनुअल AC, एडजस्टेबल ड्राइवर सीट और इलेक्ट्रिक ORVM जैसे बेसिक लेकिन उपयोगी फीचर्स दिए गए हैं। स्पेस और कम्फर्ट: सिटी यूज के लिए बेहतर Citroen अपनी सॉफ्ट सस्पेंशन ट्यूनिंग के लिए जानी जाती है, और e C3 में भी यही खासियत देखने को मिलती है। इसमें 315 लीटर का बूट स्पेस और 170 मिमी का ग्राउंड क्लीयरेंस मिलता है, जिससे खराब सड़कों पर भी ड्राइविंग अपेक्षाकृत आरामदायक रहती है। सेफ्टी: यहां थोड़ा समझौता सुरक्षा के लिहाज से इसमें डुअल एयरबैग्स, ABS with EBD और रियर पार्किंग सेंसर जैसे फीचर्स दिए गए हैं। हालांकि, Global NCAP क्रैश टेस्ट में इसे 0-स्टार रेटिंग मिली है, जो संभावित खरीदारों के लिए चिंता का विषय हो सकता है। वेरिएंट और कीमत: पहली EV के तौर पर आकर्षक Citroen e C3 Live, Feel और Shine वेरिएंट्स में उपलब्ध है। इसकी कीमत इसे बजट EV सेगमेंट में एक मजबूत विकल्प बनाती है, खासकर उन लोगों के लिए जो पहली बार इलेक्ट्रिक कार खरीदने की सोच रहे हैं। क्या यह आपके लिए सही विकल्प है? अगर आपकी जरूरत शहर के अंदर रोजाना की ड्राइविंग, कम खर्च और आसान मेंटेनेंस है, तो यह कार एक प्रैक्टिकल ऑप्शन साबित हो सकती है। हालांकि, अगर आपकी प्राथमिकता हाई सेफ्टी रेटिंग और एडवांस फीचर्स हैं, तो निर्णय लेने से पहले अन्य विकल्पों पर भी विचार करना जरूरी होगा।  

surbhi मई 1, 2026 0
Ola S1 X+ electric scooter showcasing sleek design and advanced EV features during launch.
Ola Electric का बड़ा धमाका: ₹1.30 लाख में लॉन्च हुई नई हाई-परफॉर्मेंस स्कूटर, 320Km रेंज और 125 Kmph स्पीड

इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करते हुए Ola Electric ने नई Ola S1 X+ 5.2 kWh को भारत में लॉन्च कर दिया है। यह स्कूटर दमदार परफॉर्मेंस, लंबी रेंज और एडवांस टेक्नोलॉजी के साथ मिड-प्राइस सेगमेंट में एक मजबूत दावेदार बनकर उभरी है। कंपनी ने इसकी शुरुआती कीमत ₹1,29,999 (एक्स-शोरूम) रखी है, जो 15 अप्रैल 2026 के बाद बढ़ सकती है। 4680 Bharat Cell: Ola की बड़ी टेक्नोलॉजी पहल इस स्कूटर की सबसे खास बात है इसका इन-हाउस विकसित 4680 Bharat Cell बैटरी सिस्टम। Ola Electric का दावा है कि यह तकनीक: ज्यादा लंबी रेंज देती है बैटरी एफिशिएंसी बढ़ाती है EV को आम लोगों के लिए ज्यादा सुलभ बनाती है यह कदम भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परफॉर्मेंस में नहीं कोई समझौता Ola S1 X+ 5.2 kWh को पावर देने के लिए 11 kW का मिड-ड्राइव मोटर दिया गया है, जो शानदार स्पीड और स्मूद राइडिंग अनुभव देता है। मुख्य फीचर्स: टॉप स्पीड: 125 किमी/घंटा रेंज: 320 किमी (सिंगल चार्ज) ब्रेकिंग सिस्टम: Brake-by-Wire + फ्रंट डिस्क ब्रेक इन स्पेसिफिकेशंस के साथ यह स्कूटर अपने सेगमेंट में सबसे पावरफुल विकल्पों में शामिल हो जाती है। Ola के पोर्टफोलियो को मिला नया बूस्ट नई S1 X+ 5.2 kWh के साथ Ola Electric ने अपने प्रोडक्ट लाइनअप को और मजबूत कर दिया है। कंपनी पहले से: S1 Pro+ और S1 Pro जैसे प्रीमियम मॉडल S1 X सीरीज के मास मार्केट स्कूटर्स और Roadster बाइक रेंज ऑफर कर रही है। इस नए मॉडल के आने से मिड-रेंज सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा और तेज होने की उम्मीद है। EV मार्केट में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की मांग तेजी से बढ़ रही है और Ola की यह नई पेशकश ग्राहकों को ज्यादा विकल्प देगी। लंबी रेंज, हाई स्पीड और एडवांस फीचर्स के साथ यह स्कूटर खासतौर पर उन यूजर्स को आकर्षित कर सकती है, जो पेट्रोल वाहनों से EV की ओर शिफ्ट करना चाहते हैं।  

surbhi अप्रैल 14, 2026 0
Mahindra BE 6 Batman Edition electric SUV with dark theme, premium interiors, and 683 km range.
महिंद्रा BE 6 ‘बैटमैन एडिशन’ लॉन्च: 683 किमी रेंज और 282bhp पावर के साथ खास इलेक्ट्रिक SUV

  भारतीय ऑटो कंपनी Mahindra & Mahindra ने अपनी लोकप्रिय इलेक्ट्रिक SUV Mahindra BE 6 का खास ‘Batman Edition’ पेश किया है। यह लिमिटेड एडिशन मॉडल टॉप-स्पेक Pack 3 वेरिएंट पर आधारित है और इसे खास डिजाइन, प्रीमियम फीचर्स तथा दमदार इलेक्ट्रिक पावरट्रेन के साथ तैयार किया गया है। नई BE 6 Batman Edition को खास तौर पर डार्क थीम और सुपरहीरो-इंस्पायर्ड डिजाइन के साथ पेश किया गया है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत ₹28.49 लाख रखी गई है।   दमदार एक्सटीरियर और खास डिजाइन Mahindra BE 6 Batman Edition का लुक पूरी तरह से डार्क और स्पोर्टी थीम पर आधारित है। इसमें सैटिन ब्लैक एक्सटीरियर फिनिश दिया गया है, जो इसे अलग पहचान देता है।   कार के कई हिस्सों पर Alchemy Gold एक्सेंट्स दिए गए हैं, जैसे ब्रेक कैलिपर्स, सस्पेंशन पार्ट्स, स्टीयरिंग व्हील और इंटीरियर डिटेलिंग।   इसमें बैटमैन लोगो वाले हबकैप, फ्रंट फेंडर, रियर बंपर और पडल लैंप लगाए गए हैं।   SUV में 20-इंच ब्लैक अलॉय व्हील्स दिए गए हैं।   इसके Infinity Roof पर खास तौर पर Bat-लोगो उकेरा गया है।   लग्जरी इंटीरियर और एडवांस टेक्नोलॉजी कार का केबिन भी पूरी तरह से प्रीमियम और थीम-बेस्ड बनाया गया है। डैशबोर्ड पर चारकोल लेदर फिनिश और सीटों पर सुएड व लेदर अपहोल्स्ट्री दी गई है।   गोल्ड स्टिचिंग के साथ सीटों पर Bat-एम्बॉस्ड डिजाइन मिलता है।   कार में ड्यूल 12.3-इंच डिजिटल स्क्रीन दी गई हैं, जिनमें खास Batman वेलकम एनीमेशन दिखता है।   इसमें 16-स्पीकर Harman Kardon साउंड सिस्टम, वेंटिलेटेड और पावर्ड फ्रंट सीट्स तथा डुअल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल जैसे फीचर्स दिए गए हैं।   केबिन में “Dark Knight” ब्रांडिंग, Bat-लोगो वाला Boost बटन और ब्रांडेड सीट बेल्ट भी शामिल हैं।   दमदार परफॉर्मेंस और लंबी रेंज Mahindra BE 6 Batman Edition में 79kWh की बड़ी बैटरी दी गई है। यह इलेक्ट्रिक मोटर 282bhp (210kW) की पावर और 380Nm टॉर्क जनरेट करती है।   कार रियर-व्हील ड्राइव (RWD) सेटअप के साथ आती है।   यह SUV 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार सिर्फ 6.7 सेकंड में पकड़ सकती है।   कंपनी के मुताबिक इसकी ARAI प्रमाणित रेंज लगभग 683 किलोमीटर है।   180kW DC फास्ट चार्जर से बैटरी 20% से 80% तक लगभग 20 मिनट में चार्ज हो सकती है।   सुरक्षा फीचर्स सुरक्षा के लिहाज से भी इस इलेक्ट्रिक SUV में कई आधुनिक फीचर्स दिए गए हैं। 7 एयरबैग   360-डिग्री कैमरा   Level-2 ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम)   कई अन्य सक्रिय और निष्क्रिय सुरक्षा तकनीकें   Mahindra BE 6 का Batman Edition खास डिजाइन, प्रीमियम केबिन, दमदार इलेक्ट्रिक पावर और लंबी रेंज के साथ एक स्टाइलिश इलेक्ट्रिक SUV के रूप में सामने आया है। यह मॉडल उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जो परफॉर्मेंस, टेक्नोलॉजी और एक्सक्लूसिव डिजाइन को एक साथ चाहते हैं।  

surbhi मार्च 11, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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anjali kumari जुलाई 11, 2026 0