Emergency Response

Firefighters battle a massive blaze at a pub in Bangkok after a late-night fire, as emergency teams rescue victims from the smoke-filled building.
बैंकॉक के पब में भीषण आग, 27 लोगों की मौत; कई घायल, हादसे का वीडियो आया सामने

Bangkok Pub Fire: थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में रविवार देर रात एक पब में भीषण आग लगने से कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई, जबकि 60 से अधिक लोग घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में पब के मुख्य प्रवेश द्वार से आग की ऊंची लपटें और घना काला धुआं निकलता दिखाई दे रहा है। कई लोग अपनी जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागते नजर आए। आधी रात को लगी आग, तुरंत शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, हादसे की सूचना आधी रात के आसपास मिली। इसके बाद दमकल विभाग और बचाव दल मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक बड़ा नुकसान हो चुका था। 27 लोगों की मौत, 60 से अधिक घायल थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हादसे में 27 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों में 9 पुरुष और 18 महिलाएं शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, कई लोगों के अब भी लापता होने की आशंका है। बिजली के स्विच के पास लगी थी पहली आग प्रधानमंत्री ने बताया कि घटना के समय पब में प्रस्तुति दे रहे एक संगीतकार से उनकी बातचीत हुई। संगीतकार के अनुसार, सबसे पहले बिजली के कट-आउट स्विच के पास आग लगी। इसके कुछ ही देर बाद तेज धमाके हुए और आग तेजी से पूरे पब में फैल गई। धुएं से बचने के लिए कई लोग पब के पिछले हिस्से और शौचालय की ओर भागे, लेकिन वहीं धुएं में फंस गए। सबसे अधिक शव भी उसी हिस्से से बरामद किए गए। आग लगने के कारणों की जांच जारी प्रशासन ने बताया कि आग लगने की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। फोरेंसिक विशेषज्ञ घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसा तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण से हुआ। पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे थाईलैंड में इससे पहले भी नाइट क्लब और पब में आग लगने की कई बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 2022 में देश के पूर्वी हिस्से के एक म्यूजिक पब में आग लगने से 14 लोगों की मौत हुई थी। 1 जनवरी 2009 को बैंकॉक के सांटिका नाइटक्लब में नए साल के जश्न के दौरान लगी भीषण आग में 66 लोगों की जान गई थी, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए थे। उस हादसे की वजह आतिशबाजी बताई गई थी। इस ताजा हादसे के बाद एक बार फिर थाईलैंड में सार्वजनिक मनोरंजन स्थलों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।  

Deepshikha जुलाई 13, 2026 0
Indian Oil officials and police respond to a gas leak at an Indian Oil station in Baluhati, Howrah, after a pipeline valve malfunction.
हावड़ा के बालुहाटी में इंडियन ऑयल स्टेशन पर गैस रिसाव, समय रहते काबू; बड़ा हादसा टला

हावड़ा: पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के बालुहाटी इलाके में स्थित इंडियन ऑयल के एक स्टेशन पर गैस रिसाव की घटना से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। समय रहते अधिकारियों की कार्रवाई से स्थिति पर काबू पा लिया गया और बड़ा हादसा टल गया। वाल्व खुलने से शुरू हुआ गैस रिसाव प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गैस पाइपलाइन का वाल्व अचानक खुल जाने से तेज दबाव के साथ गैस का रिसाव शुरू हो गया। रिसाव इतना तेज था कि गैस ऊंचाई तक निकलती हुई दिखाई दे रही थी, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस और अधिकारी स्थानीय लोगों ने तुरंत घटना की सूचना प्रशासन और इंडियन ऑयल के अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही डोमजूर थाना पुलिस और इंडियन ऑयल की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने तत्काल गैस पाइपलाइन का वाल्व बंद कर रिसाव पर नियंत्रण पा लिया। कुछ देर तक बना रहा अफरा-तफरी का माहौल गैस रिसाव के कारण कुछ समय तक स्टेशन परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा। हालांकि, समय पर कार्रवाई होने से किसी तरह की जनहानि या बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। अधिकारियों ने कहा- स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में इंडियन ऑयल और प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि गैस रिसाव पूरी तरह रोक दिया गया है और स्थिति अब सामान्य है। उन्होंने कहा कि फिलहाल लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है और पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है।  

Deepshikha जुलाई 8, 2026 0
West Bengal launches the Durga Suraksha Squad, women's help desks, cyber crime help desks, and the Dial-112 emergency response initiative to strengthen law enforcement and women's safety.
पश्चिम बंगाल में ‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड’ की शुरुआत, महालया से शुरू होगी डायल-112 सेवा; 5 मिनट में पुलिस पहुंचाने का लक्ष्य

कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत करने और महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई नई पहल की घोषणा की है। मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने नबान्न सभागार से ‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड’, साइबर क्राइम हेल्प डेस्क और महिला हेल्प डेस्क का शुभारंभ किया। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि महालया से राज्यभर में डायल-112 आपातकालीन सेवा शुरू होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि 112 पर सूचना मिलने के बाद पुलिस किसी भी थाना क्षेत्र में पांच मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंचे। क्या है ‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड’? ‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड’ महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए गठित एक विशेष पुलिस इकाई है। यह टीम सार्वजनिक स्थानों, स्कूलों, कॉलेजों और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त करेगी तथा महिला सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करेगी। सरकार के अनुसार, इस स्क्वाड का उद्देश्य महिलाओं के खिलाफ अपराधों की रोकथाम और सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना है। एक साल में 5 मिनट रिस्पॉन्स टाइम का लक्ष्य मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में पश्चिम बंगाल में पुलिस की औसत प्रतिक्रिया समय लगभग तीन घंटे है, जबकि गुजरात, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में पुलिस औसतन छह मिनट के भीतर मौके पर पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार अगले एक वर्ष के भीतर पश्चिम बंगाल में भी पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम घटाकर पांच मिनट करने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है। इसके लिए इस वर्ष के बजट में प्रत्येक थाने को डायल-112 सेवा के लिए एक वाहन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। अगले बजट में इन वाहनों की संख्या और बढ़ाई जाएगी। 500 थानों में महिला हेल्प डेस्क सरकार ने राज्य के 500 पुलिस थानों में महिला हेल्प डेस्क की शुरुआत भी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिलाओं से जुड़े मामलों में किसी भी शिकायत को नजरअंदाज न किया जाए और प्रत्येक शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साइबर अपराध से निपटने के लिए विशेष हेल्प डेस्क राज्य के सभी थानों में साइबर क्राइम हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए हैं। इनका उद्देश्य ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर अपराध और डिजिटल फ्रॉड से जुड़े मामलों की त्वरित शिकायत दर्ज करना और जांच प्रक्रिया को तेज करना है। पुलिस के आधुनिकीकरण का भरोसा मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और उन्हें आधुनिक तकनीक से लैस करने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल को राष्ट्रीय स्तर की आधुनिक एजेंसियों के अनुरूप विकसित किया जाएगा और पुलिस के कामकाज में किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होने दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि इन पहलों का उद्देश्य कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना, महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाना और आम नागरिकों को तेज एवं भरोसेमंद पुलिस सहायता उपलब्ध कराना है।  

Deepshikha जुलाई 3, 2026 0
Rescue teams search through collapsed buildings after the deadly Venezuela earthquake that killed hundreds and injured thousands
वेनेजुएला में भूकंप की भीषण तबाही: मृतकों की संख्या 235 पहुंची, 4,300 से अधिक घायल; हजारों अब भी लापता

  Venezuela Earthquake: दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अब तक 235 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4,300 से अधिक लोग घायल हुए हैं। राहत एजेंसियों का कहना है कि हजारों लोग अब भी लापता हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है। बचाव दल लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं। वेनेजुएला के स्वास्थ्य मंत्री कार्लोस अल्वाराडो ने सरकारी मीडिया से बातचीत में बताया कि अस्पतालों में अब तक 235 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कई घायलों की हालत गंभीर है और लापता लोगों की तलाश जारी रहने के कारण स्थिति लगातार बदल रही है। एक सदी के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में शामिल बुधवार शाम आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के लगातार दो भूकंपों को वेनेजुएला के इतिहास के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में गिना जा रहा है। तेज झटकों से कई शहरों में इमारतें ढह गईं, सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं और हजारों लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। भूकंप का असर पड़ोसी देशों तक महसूस किया गया। ब्राजील के अमेजन क्षेत्र में भी एहतियात के तौर पर कई इमारतों  

Deepshikha जून 26, 2026 0
lightning strike
शादी में मौत बनकर आई आसमानी बिजली, दो की मौत

जामताड़ा, एजेंसियां। बुधवार देर रात एक शादी समारोह में खुशियां मनाते लोगों पर आसमान से मौत बनकर बिजली गिरी। जामताड़ा जिले के बिंदापाथर थाना क्षेत्र के चरकादाहा गांव में वज्रपात से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। देखते ही देखते शादी का खुशनुमा माहौल गम और सन्नाटे में बदल गया।   बारिश से बचने के लिए शेड में थे सभी, तभी गिरी बिजली चरकादाहा गांव में शादी समारोह चल रहा था और गांव के सभी लोग उत्सव में शामिल थे। देर रात अचानक तेज आंधी और बारिश आ गई। बारिश से बचने के लिए लोग शेड का सहारा लेने लगे, लेकिन तभी जोरदार गरज के साथ वज्रपात हुआ जिसने दो लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।   अफरातफरी में अस्पताल पहुंचाए गए घायल घटना के बाद समारोह में अफरातफरी मच गई। गांव वालों ने किसी तरह मृतकों और घायलों को सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने दो को मृत घोषित किया। दोनों घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।   पुलिस मौके पर, मुआवजे का आश्वासन घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार ने बताया कि मृतक परिजनों और घायलों को सरकार की ओर से उचित मुआवजा दिया जाएगा। फिलहाल पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

anjali kumari जून 25, 2026 0
Pakur accident
पाकुड़ में बारातियों से भरी बस पलटी, दो की मौत, 33 घायल

रांची। झारखंड के पाकुड़ जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में बारातियों से भरी बस पलट गई, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई जबकि 33 लोग घायल हो गए। यह दुर्घटना अमड़ापाड़ा प्रखंड के मालीपाड़ा गांव के पास देर रात करीब एक बजे हुई। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। मृतकों की पहचान 64 वर्षीय ओलेन मुर्मू और 16 वर्षीय राजेश टुडू के रूप में हुई है। हादसे में घायल हुए सभी लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।   बारात से लौटते समय हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, महेशपुर प्रखंड के परियारदाहा गांव से एक बारात गोड्डा जिले के सुंदरपहाड़ी गांव गई थी। बारात से लौटते समय अमड़ापाड़ा-सिंगारसी मुख्य सड़क पर मालीपाड़ा गांव के निकट चालक का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ गया, जिसके बाद बस सड़क किनारे पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों के अनुसार बस तेज रफ्तार में चल रही थी। अचानक संतुलन बिगड़ने से बस पलट गई और कई यात्री सीटों तथा बस के अन्य हिस्सों के नीचे दब गए। हादसे के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने मिलकर यात्रियों को बाहर निकाला।   पांच गंभीर घायलों को किया गया रेफर अमड़ापाड़ा थाना प्रभारी अनूप रोशन भेंगरा ने बताया कि दुर्घटना में 33 महिलाएं और पुरुष घायल हुए हैं। सभी को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। इनमें से पांच लोगों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए दुमका अस्पताल रेफर किया गया है। हालांकि चिकित्सकों के अनुसार सभी घायल फिलहाल खतरे से बाहर हैं।   पुलिस की तत्परता से बचीं कई जानें स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का कहना है कि ग्रामीणों के पहुंचने से पहले ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंच गई थी और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। ग्रामीणों के अनुसार यदि समय पर राहत कार्य नहीं होता तो मृतकों की संख्या और बढ़ सकती थी। पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटी हुई है।

anjali kumari जून 10, 2026 0
Philippines Earthquake
फिलीपींस में भूकंप से तबाही: चार की मौत, 200 से अधिक घायल

मनीला, एजेंसियां। फिलीपींस के दक्षिणी हिस्से में स्थित मिंडानाओ द्वीप के पास आए शक्तिशाली भूकंप ने व्यापक तबाही मचा दी। 8.1 तीव्रता के इस भूकंप के झटकों से कई इमारतें पलभर में धराशायी हो गईं, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, इस आपदा में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई है, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं। कई इलाकों में हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।   इमारतें ढहीं, लोग जान बचाकर भागे भूकंप के तेज झटकों के बाद लोग घरों, स्कूलों, अस्पतालों और कार्यालयों से बाहर निकलकर खुले स्थानों की ओर भागने लगे। कई शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक भवनों को नुकसान पहुंचा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों में इमारतों के गिरने और लोगों के बीच फैली दहशत साफ देखी जा सकती है। कुछ क्षेत्रों में बिजली और संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।   सुनामी अलर्ट ने बढ़ाई चिंता भूकंप के बाद प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने फिलीपींस के तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी अलर्ट जारी किया। विशेषज्ञों ने कुछ इलाकों में तीन मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका जताई है। प्रशासन ने समुद्र तटों के पास रहने वाले लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। कई तटीय इलाकों में चेतावनी सायरन बजाए गए और राहत शिविर स्थापित किए गए।   राहत और बचाव कार्य जारी सेना, पुलिस और आपदा प्रबंधन एजेंसियां लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। कई स्थानों पर मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका है। सड़कों में दरारें आने और भवनों को नुकसान पहुंचने से राहत कार्य प्रभावित हो रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नुकसान का वास्तविक आंकड़ा अभी सामने आना बाकी है।   आफ्टरशॉक से लोगों में डर कायम मुख्य भूकंप के कुछ घंटों बाद 6.1 तीव्रता का आफ्टरशॉक भी दर्ज किया गया, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई। कई परिवार रातभर खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है। फिलीपींस 'रिंग ऑफ फायर' क्षेत्र में स्थित है, जहां भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां अक्सर होती रहती हैं। इस बार का भूकंप हाल के वर्षों की सबसे गंभीर प्राकृतिक आपदाओं में माना जा रहा है।

Unknown जून 8, 2026 0
Delhi hotel fire
दिल्ली में 6 मंजिला होटल में आग, 21 की मौत, मरने वालों में ज्यादातर विदेशी

नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार सुबह फ्लरिश स्टे नाम के होटल में आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में ज्यादातर विदेशी नागरिक हैं। जो सेंट्रल एशिया और अफ्रीकी देशों से हैं। कितने विदेशी नागरिक मारे गए हैं, फिलहाल इसकी सटीक जानकारी सामने नहीं आई है। सुबह 8 बजे लगी आग दिल्ली फायर सर्विस और स्थानीयों लोगों के मुताबिक, मालवीय नगर में मौजूद इस होटल के रेस्टोरेंट में सुबह 8.50 बजे आग लगी। आग ऊपरी मंजिलों पर बने होटल के कमरों और बेसमेंट तक पहुंच गई। तीसरी-चौथी मंजिल से कूदे लोग घटना के वीडियो में कुछ लोग जान बचाने के लिए जलती हुई इमारत की तीसरी-चौथी मंजिल से कूदते नजर आ रहे हैं। इन्हें बचाने के लिए स्थानीय लोगों ने जमीन पर गद्दे भी बिछाए थे। 40 लोग बचाये गये कुल 40 लोगों का रेस्क्यू किया गया। कई लोगों की हालत गंभीर है। वहीं, बेसमेंट से भी 6 से ज्यादा लोगों को निकाला गया। दिल्ली के इस होटल में आग लगने की वजह का अब तक पता नहीं चल पाया है। पिछले 6 महीनों में दिल्ली में आग की अलग-अलग घटनाओं में 66 लोगों की मौत हो चुकी है।

Unknown जून 3, 2026 0
Jamshedpur bus fire
जमशेदपुर में खड़ी बस में लगी आग, समय रहते टला बड़ा नुकसान

जमशेदपुर। जमशेदपुर के मानगो स्थित आजादनगर थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ओल्ड पुरुलिया रोड नंबर-1 पर सड़क किनारे खड़ी एक यात्री बस में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और कुछ ही मिनटों में पूरी बस धू-धू कर जलने लगी। आग की ऊंची लपटों और धुएं के गुबार को देखकर आसपास के लोग मौके पर जुट गए और तत्काल पुलिस, अग्निशमन विभाग तथा बिजली विभाग को सूचना दी गई।   कुछ ही देर में बस जलकर हुई खाक प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस रोजाना की तरह रात में ड्यूटी समाप्त होने के बाद सड़क किनारे खड़ी की गई थी। बुधवार सुबह अचानक बस से धुआं निकलता दिखाई दिया, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। जब तक दमकल की टीम मौके पर पहुंचती, तब तक बस लगभग पूरी तरह जल चुकी थी। आग बुझाने के बाद बस का केवल लोहे का ढांचा ही बचा रह गया।   बिजली व्यवस्था भी हुई प्रभावित बस में लगी आग की चपेट में पास का बिजली पोल और बिजली के तार भी आ गए। आग की गर्मी और लपटों से बिजली के उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए, जिसके कारण आसपास के इलाके की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। घटना के बाद बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्षति का आकलन शुरू किया। विभाग के कर्मचारी जल्द से जल्द बिजली बहाल करने में जुटे हुए हैं।   बड़ा हादसा टला, नहीं हुई कोई जनहानि राहत की बात यह रही कि आग लगने के समय बस में कोई यात्री या चालक मौजूद नहीं था। इसके कारण किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि आग आसपास की दुकानों और रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंच सकती थी, लेकिन समय रहते दमकल कर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया।   आग लगने के कारणों की जांच शुरू घटना के बाद आजादनगर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी या फिर इसके पीछे किसी असामाजिक तत्व की भूमिका है। फिलहाल अधिकारियों ने सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कर दी है।

Unknown जून 3, 2026 0
Alice Capsey and Heather Knight celebrate England’s series-winning victory against India in the decisive T20 match.
कैप्सी और हीथर नाइट के तूफान में उड़ी टीम इंडिया, निर्णायक टी20 हारकर इंग्लैंड ने 2-1 से जीती सीरीज

भारतीय महिला क्रिकेट टीम को इंग्लैंड दौरे पर बड़ा झटका लगा है। तीन मैचों की टी20 सीरीज के निर्णायक मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड ने भारत को 6 विकेट से हराकर सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। कप्तान हरमनप्रीत कौर की शानदार अर्धशतकीय पारी के बावजूद भारतीय टीम जीत दर्ज नहीं कर सकी और टांटन में खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड ने 9 गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। हरमनप्रीत की कप्तानी पारी भी नहीं बचा सकी टीम टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद प्रभावशाली नहीं रही, लेकिन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जिम्मेदारी संभालते हुए शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने 40 गेंदों में नाबाद 56 रन बनाए और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। यस्तिका भाटिया और दीप्ति शर्मा ने भी 32-32 रनों का उपयोगी योगदान दिया। वहीं जेमिमा रोड्रिग्स ने अंतिम ओवरों में तेज बल्लेबाजी करते हुए 19 गेंदों पर 29 रन जोड़े। इन पारियों की बदौलत भारत ने 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 180 रन बनाए। 38 रन पर 3 विकेट के बाद भी इंग्लैंड ने पलटा मैच 181 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम ने सिर्फ 38 रन पर 3 विकेट गंवा दिए थे और ऐसा लग रहा था कि भारत मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर चुका है। लेकिन इसके बाद एलिस कैप्सी और हीथर नाइट ने भारतीय गेंदबाजों पर जोरदार हमला बोल दिया। दोनों बल्लेबाजों ने शानदार साझेदारी करते हुए मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। कैप्सी ने सिर्फ 43 गेंदों में 82 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 9 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। दूसरी ओर अनुभवी बल्लेबाज हीथर नाइट ने 42 गेंदों में नाबाद 70 रन बनाए और अंत तक टिककर टीम को जीत दिलाई। उनकी पारी में 10 चौके शामिल थे। इंग्लैंड ने 18.3 ओवर में 4 विकेट खोकर 184 रन बनाए और मैच के साथ-साथ सीरीज पर भी कब्जा जमा लिया। भारतीय गेंदबाजों ने किया निराश भारत की हार का सबसे बड़ा कारण गेंदबाजी रही। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कुल छह गेंदबाजों का इस्तेमाल किया, लेकिन अरुंधति रेड्डी और क्रांति गौड़ के अलावा कोई भी गेंदबाज प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं रहा। रेड्डी और क्रांति ने दो-दो विकेट लेकर भारत को शुरुआती सफलता दिलाई, लेकिन बाकी गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में नाकाम रहे। इसी का फायदा उठाकर कैप्सी और नाइट ने मैच भारत की पकड़ से छीन लिया। सीरीज का निर्णायक मोड़ एक समय इंग्लैंड मुश्किल में दिखाई दे रहा था, लेकिन एलिस कैप्सी और हीथर नाइट की शानदार बल्लेबाजी ने भारतीय टीम की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। भारत के लिए यह हार इसलिए भी निराशाजनक रही क्योंकि 180 रन का स्कोर टी20 क्रिकेट में अक्सर जीत दिलाने वाला माना जाता है। इंग्लैंड ने इस जीत के साथ न सिर्फ मैच जीता बल्कि तीन मैचों की रोमांचक टी20 सीरीज भी 2-1 से अपने नाम कर ली।  

surbhi जून 3, 2026 0
Donald Trump announces Cameron Hamilton’s return to lead FEMA amid disaster preparedness concerns in the US.
ट्रंप ने कैमरन हैमिल्टन को फिर सौंपी FEMA की कमान, एक साल पहले पद से हटाया था

Donald Trump ने एक बार फिर Cameron Hamilton पर भरोसा जताते हुए उन्हें Federal Emergency Management Agency (FEMA) का नेतृत्व करने के लिए नामित किया है। यह फैसला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पिछले साल ट्रंप प्रशासन ने ही हैमिल्टन को FEMA के अस्थायी प्रमुख पद से हटा दिया था। क्यों हटाए गए थे हैमिल्टन? रिपोर्ट्स के मुताबिक, हैमिल्टन को उस समय हटाया गया था जब उन्होंने FEMA के अस्तित्व और उसकी जरूरत का सार्वजनिक रूप से समर्थन किया था। उस दौरान ट्रंप प्रशासन लगातार संकेत दे रहा था कि FEMA को खत्म या कमजोर किया जा सकता है। ट्रंप पहले भी एजेंसी की कार्यप्रणाली की आलोचना करते रहे हैं और कई बार इसे “अप्रभावी” बता चुके हैं। अब क्यों हुई वापसी? अगर सीनेट उनके नामांकन को मंजूरी देती है, तो हैमिल्टन: आपदा प्रबंधन मामलों में ट्रंप के मुख्य सलाहकार होंगे Markwayne Mullin के साथ मिलकर काम करेंगे प्राकृतिक आपदाओं और आपात स्थितियों के लिए FEMA की तैयारी संभालेंगे विशेषज्ञों का मानना है कि यह नियुक्ति ट्रंप प्रशासन की रणनीति में बदलाव का संकेत हो सकती है, क्योंकि अमेरिका में गर्मियों के दौरान तूफान, बाढ़ और जंगल की आग जैसी आपदाओं का खतरा बढ़ जाता है। चुनौतीपूर्ण होगी जिम्मेदारी हैमिल्टन ऐसे समय FEMA की कमान संभालने जा रहे हैं जब एजेंसी के भीतर लगातार अस्थिरता बनी हुई है। जनवरी 2025 से अब तक एजेंसी तीन अस्थायी प्रमुख देख चुकी है। इसके चलते: प्रशासनिक असमंजस नीतिगत बदलाव आपदा तैयारी को लेकर चिंता जैसे मुद्दे सामने आए हैं। FEMA क्यों अहम है? Federal Emergency Management Agency अमेरिका में: तूफान बाढ़ भूकंप जंगल की आग अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए सबसे अहम संघीय एजेंसी मानी जाती है। यह एजेंसी राज्यों को राहत, बचाव और पुनर्वास में मदद करती है। क्या है ट्रंप प्रशासन की रणनीति? ट्रंप प्रशासन के भीतर लंबे समय से यह बहस चलती रही है कि: FEMA की भूमिका सीमित की जाए राज्यों को ज्यादा जिम्मेदारी दी जाए संघीय खर्च कम किया जाए हालांकि लगातार बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं के खतरे के बीच FEMA को पूरी तरह खत्म करना आसान नहीं माना जा रहा। अब कैमरन हैमिल्टन की वापसी को इस रूप में देखा जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन फिलहाल एजेंसी को खत्म करने के बजाय उसे अपने तरीके से पुनर्गठित करना चाहता है।  

surbhi मई 12, 2026 0
Patna traffic constable performs CPR to save CISF जवान on Mithapur bypass, heroic act caught on video
पटना में ट्रैफिक कॉन्स्टेबल बना ‘रियल हीरो’: CPR देकर CISF जवान की बचाई जान, वीडियो हुआ वायरल

पटना: बिहार की राजधानी पटना से एक बेहद प्रेरणादायक और मानवीय घटना सामने आई है, जहां एक ट्रैफिक कॉन्स्टेबल की सूझबूझ और तत्परता ने एक जवान की जिंदगी बचा ली। बिहार पुलिस द्वारा साझा किए गए इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत लिया है, और अब हर कोई इस पुलिसकर्मी की सराहना कर रहा है। क्या है पूरा मामला? घटना पटना के मीठापुर बाइपास की है, जहां से गुजर रहे एक CISF जवान को अचानक सांस लेने में दिक्कत हुई और वह सड़क पर ही गिर पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत ट्रैफिक पुलिस को सूचना दी। कुछ ही पलों में एक ट्रैफिक कॉन्स्टेबल वहां पहुंचा और स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बिना देर किए CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू कर दिया। कैसे बची जवान की जान? वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जवान लगभग बेहोशी की हालत में था। ट्रैफिक कॉन्स्टेबल ने लगातार CPR देकर उसकी सांसें वापस लाने की कोशिश की। कुछ ही देर में जवान को होश आ गया, जिससे वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। इसके बाद कॉन्स्टेबल ने जवान को निर्देश दिया कि वह सिर नीचे रखे, पैर फैलाए और पानी पीकर खुद को सामान्य करे। उनकी सतर्कता और सही समय पर लिए गए फैसले ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया। बिहार पुलिस का संदेश इस घटना का वीडियो साझा करते हुए बिहार पुलिस ने लिखा- “बिहार पुलिस सदैव आपके साथ। हर संकट में आपके साथ, हर परिस्थिति में आपके लिए समर्पित। आपकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।” सोशल मीडिया पर मिल रही जमकर तारीफ वीडियो वायरल होते ही लोग ट्रैफिक कॉन्स्टेबल की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “सैल्यूट इस जज्बे को।” दूसरे ने कहा, “CPR की ट्रेनिंग हर स्कूल-कॉलेज में जरूरी होनी चाहिए।” वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, “वेलडन, बदलता हुआ बिहार।” क्यों खास है यह घटना? यह घटना सिर्फ एक जान बचाने की नहीं, बल्कि आपात स्थिति में सही प्रशिक्षण और त्वरित निर्णय की अहमियत को भी दर्शाती है। अगर हर नागरिक को CPR जैसी जीवन रक्षक तकनीक की जानकारी हो, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।  

surbhi मार्च 24, 2026 0
har Governor reviewing disaster management systems and flood preparedness in North Bihar affected regions
बिहार में आपदा तैयारियों का जायजा लेंगे राज्यपाल, उत्तर बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों का करेंगे दौरा

बिहार में आपदा प्रबंधन को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम पहल शुरू हो गई है। राज्य के राज्यपाल सैयद अता हसनैन जल्द ही उत्तर बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे और वहां की जमीनी हकीकत का आकलन करेंगे। इस पहल का उद्देश्य आपदा से निपटने की रणनीतियों को और प्रभावी बनाना है।   BSDMA पहुंचकर समझी आपदा प्रबंधन की बारीकियां राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) का दौरा किया, जहां उन्होंने आपदा प्रबंधन से जुड़ी योजनाओं और तकनीकी व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में आपदा प्रबंधन को लेकर सराहनीय काम हो रहा है।   तकनीक और जागरूकता पर दिया जोर राज्यपाल ने स्पष्ट कहा कि आपदा से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक, पर्याप्त फंडिंग और संस्थागत समन्वय बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ नियमित आंतरिक समीक्षा भी की जाए, ताकि व्यवस्था में लगातार सुधार हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि आपदा प्रबंधन में प्रोफेशनल दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है, जिससे हर स्तर पर बेहतर परिणाम मिल सकें।   बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर विशेष फोकस राज्यपाल ने कहा कि बाढ़ और अन्य आपदाओं का सबसे ज्यादा असर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर पड़ता है। ऐसे में इन वर्गों को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाना जरूरी है। उन्होंने इस बात पर संतोष जताया कि बिहार में इन वर्गों के लिए विशेष योजनाएं बनाई जा रही हैं।   स्कूलों में बढ़ेगी आपदा जागरूकता राज्यपाल ने राज्यभर में आपदा प्रबंधन को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूलों में बच्चों को आपदा से बचाव की जानकारी दी जाए, ताकि आने वाली पीढ़ी ज्यादा सजग और तैयार रह सके। साथ ही उन्होंने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधानों को आम लोगों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।   SEOC का किया निरीक्षण, वेबसाइट का उद्घाटन दौरे के दौरान राज्यपाल ने सरदार पटेल भवन स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) का भी निरीक्षण किया और उसके तकनीकी ढांचे को समझा। इसके अलावा उन्होंने BSDMA की आधिकारिक वेबसाइट का उद्घाटन भी किया। इस मौके पर कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने राज्यपाल को आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी दी।   अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप काम पर संतोष राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने कहा कि आपदा जोखिम को कम करने के लिए आधुनिक तकनीक, मजबूत संस्थागत तंत्र और जन-जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने Sendai Framework और प्रधानमंत्री के ‘10 प्वाइंट एजेंडा’ को महत्वपूर्ण मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि बिहार इन मानकों के अनुरूप काम कर रहा है, जो सकारात्मक संकेत है।   आपदा से निपटने की रणनीति होगी और मजबूत राज्यपाल का यह प्रस्तावित दौरा और समीक्षा राज्य में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और मजबूत करेगा। खासकर उत्तर बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ की चुनौती को देखते हुए यह पहल बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।  

surbhi मार्च 17, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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इंग्लैंड से सीरीज हार के बाद टीम इंडिया का होगा प्रदर्शन रिव्यू, BCCI करेगा खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ का मूल्यांकन

anjali kumari जुलाई 11, 2026 0