England

IND VS ENG 1st ODI
भारत ने इंग्लैंड को 6 विकेट से हराया, शुभमन गिल की कप्तानी में वनडे सीरीज का विजयी आगाज़

बर्मिंघम, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का शानदार आगाज़ करते हुए पहले मुकाबले में 6 विकेट से जीत दर्ज की। एजबेस्टन में खेले गए मैच में भारत ने 259 रन के लक्ष्य को 45.2 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया और सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।   शुभमन गिल ने खेली कप्तानी पारी   कप्तान शुभमन गिल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 80 रन बनाए और भारत की जीत की मजबूत नींव रखी। हालांकि पारी के दौरान उन्हें ऐंठन (क्रैम्प) की शिकायत हुई, जिसके चलते उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा। इसके बाद अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने पारी को संभालते हुए टीम को जीत तक पहुंचाया।   अक्षर पटेल बने जीत के हीरो   ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पहले गेंदबाजी में 4 विकेट झटके और फिर नाबाद 57 रन की पारी खेली। उनके साथ वॉशिंगटन सुंदर ने भी नाबाद 52 रन बनाए। शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए अक्षर पटेल को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।   इंग्लैंड की पारी लड़खड़ाई   टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन 61 रन तक बिना विकेट गंवाने के बाद उसने तेजी से विकेट खो दिए। जो रूट (76)* और लियाम डॉसन (68) ने पारी संभालते हुए टीम को 258 रन तक पहुंचाया, लेकिन यह स्कोर भारत के सामने कम साबित हुआ। भारत ने लक्ष्य आसानी से हासिल कर इंग्लैंड के एजबेस्टन में लंबे समय से चले आ रहे वनडे दबदबे को भी खत्म कर दिया।

abhishek singh जुलाई 15, 2026 0
Brendon McCullum
'अभी नहीं रुकेंगे...' भारत पर 4-0 की जीत के बाद ब्रेंडन मैकुलम का बड़ा बयान, नंबर-1 बनने के बाद भी टीम को दी नई चुनौती

साउथैम्पटन, एजेंसियां। भारत के खिलाफ टी20 सीरीज में 4-0 की शानदार जीत और आईसीसी टी20 रैंकिंग में नंबर-1 बनने के बाद इंग्लैंड के मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि टीम के सफर का अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत है। मैकुलम ने साफ किया कि इंग्लैंड की टीम यहीं रुकने वाली नहीं है और आने वाले समय में भी दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम बने रहने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ेगी।   'यह सिर्फ शुरुआत है'   मैच के बाद मैकुलम ने कहा कि हाल के दिनों में इंग्लैंड क्रिकेट को लेकर काफी आलोचना और शोर रहा, लेकिन खिलाड़ियों ने उस दबाव को खुद पर हावी नहीं होने दिया। उन्होंने कहा, "हमने दुनिया की नंबर-1 टीम भारत को 4-0 से हराया और शीर्ष रैंकिंग हासिल की है, लेकिन हमारा सफर यहीं खत्म नहीं होता। हम अभी नहीं रुकेंगे।"   खिलाड़ियों की जमकर की तारीफ   मैकुलम ने कप्तान हैरी ब्रूक और जोस बटलर की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पूरी टीम ने आक्रामक और निडर क्रिकेट खेली। खासकर अंतिम टी20 में बटलर और ब्रूक की रिकॉर्ड साझेदारी ने दिखा दिया कि यह टीम किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।   अब वनडे सीरीज पर नजर   इंग्लैंड के कोच ने कहा कि टी20 सीरीज की सफलता को पीछे छोड़कर अब टीम का पूरा ध्यान भारत के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज पर रहेगा। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि जीत के बाद संतुष्ट होने की बजाय प्रदर्शन का स्तर लगातार ऊंचा रखना होगा, क्योंकि असली चुनौती शीर्ष पर बने रहने की है।

abhishek singh जुलाई 12, 2026 0
ICC Men T20 Ranking
टीम इंडिया से छिनी नंबर-1 टी20 रैंकिंग, 1601 दिनों बाद ICC रैंकिंग में इंग्लैंड ने किया अपदस्थ

नई दिल्ली, एजेंसियां। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में 4-0 की करारी हार का असर अब आईसीसी रैंकिंग पर भी दिखाई दिया है। टीम इंडिया ने 1601 दिनों तक नंबर-1 रहने के बाद ICC पुरुष टी20 टीम रैंकिंग में अपना शीर्ष स्थान गंवा दिया है। इंग्लैंड ने पांचवें टी20 में 56 रन की जीत के साथ सीरीज 4-0 से अपने नाम की और इसी जीत के दम पर वह दुनिया की नई नंबर-1 टी20 टीम बन गई।   चार साल बाद खत्म हुआ भारत का दबदबा   भारत ने फरवरी 2022 में पहली बार टी20 रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया था और तब से लगातार नंबर-1 बना हुआ था। इस दौरान टीम ने टी20 विश्व कप जीतने समेत कई द्विपक्षीय सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया। लेकिन आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर लगातार खराब नतीजों के बाद भारत की रेटिंग में गिरावट आई और इंग्लैंड ने उसे पीछे छोड़ दिया।   इंग्लैंड बना दुनिया की नई नंबर-1 टीम   हैरी ब्रूक की कप्तानी में इंग्लैंड ने पूरी सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया। अंतिम मुकाबले में जोस बटलर (131 रन) और हैरी ब्रूक (95)* की रिकॉर्ड साझेदारी ने इंग्लैंड को विशाल स्कोर तक पहुंचाया। सीरीज में 4-0 की जीत के साथ इंग्लैंड आईसीसी टी20 रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंच गया, जबकि भारत दूसरे स्थान पर खिसक गया।   अब वनडे सीरीज में वापसी की चुनौती   टी20 सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद अब भारतीय टीम के सामने वनडे सीरीज में वापसी की चुनौती होगी। टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं की नजर खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी, क्योंकि लगातार हार के बाद टीम संयोजन और रणनीति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

abhishek singh जुलाई 12, 2026 0
IND VS ENG 5th T20 Match
इंग्लैंड ने भारत को 56 रन से रौंदा, टी20 सीरीज पर 4-0 से किया कब्जा

साउथैम्पटन, एजेंसियां। इंग्लैंड ने पांचवें और अंतिम टी20 मुकाबले में भारत को 56 रन से हराकर पांच मैचों की सीरीज 4-0 से अपने नाम कर ली। बारिश के कारण पहला मुकाबला रद्द हो गया था, जबकि बाकी चारों मैचों में इंग्लैंड ने दबदबा बनाए रखा। अंतिम मुकाबले में इंग्लैंड ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।   बटलर और ब्रूक ने भारतीय गेंदबाजों की उड़ाई धज्जियां   टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने 20 ओवर में 257/3 का विशाल स्कोर खड़ा किया। अनुभवी बल्लेबाज जोस बटलर ने 64 गेंदों में 131 रन की तूफानी पारी खेली, जिसमें बारह चौके और आठ छक्के शामिल रहे। वहीं कप्तान हैरी ब्रूक ने 45 गेंदों पर नाबाद 95 रन बनाए। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 233 रन की रिकॉर्ड साझेदारी कर भारत के खिलाफ टी20 इतिहास का सबसे बड़ा साझेदारी रिकॉर्ड बनाया। भारत की ओर से शिवम दुबे ने 2 विकेट, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा को 1 विकेट मिला।   भारतीय बल्लेबाजों ने की कोशिश, लेकिन लक्ष्य रहा दूर   258 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद ईशान किशन ने 35 गेंदों में 56 रन और तिलक वर्मा ने 25 गेंदों में 53 रन बनाकर संघर्ष जरूर किया, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे। पूरी टीम 20 ओवर में 201/8 रन ही बना सकी। इंग्लैंड की ओर से सैम करन ने 3 विकेट, जबकि आदिल राशिद ने 2 विकेट लेकर भारत की वापसी की उम्मीद खत्म कर दी।   इंग्लैंड ने हर विभाग में दिखाई बादशाहत   इस जीत के साथ इंग्लैंड ने न सिर्फ सीरीज 4-0 से जीती, बल्कि पूरे दौरे में आक्रामक क्रिकेट का शानदार प्रदर्शन किया। जोस बटलर को उनकी शतकीय पारी के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। अब दोनों टीमों के बीच अगली भिड़ंत वनडे सीरीज में होगी, जहां भारत इस हार का हिसाब बराबर करने की कोशिश करेगा।

abhishek singh जुलाई 12, 2026 0
Kanta Toli Traffic Update
कांटा टोली से सिरम टोली तक अब बिना यू-टर्न दौड़ेंगे वाहन

रांची। रांची में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ी राहत मिली है। सिरम टोली फ्लाईओवर के नीचे का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अब कांटा टोली फ्लाईओवर से सिरम टोली तक वाहनों की आवाजाही सीधे शुरू हो गई है। पिछले लगभग एक वर्ष से सिरम टोली फ्लाईओवर के निर्माण के कारण वाहन चालकों को कांटा टोली फ्लाईओवर से उतरकर चुटिया थाना के पास यू-टर्न लेना पड़ता था, जिससे न केवल समय की बर्बादी होती थी बल्कि क्षेत्र में रोजाना लंबा जाम भी लगता था।   यू-टर्न खत्म, सफर हुआ आसान नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब वाहन चालकों को चुटिया थाना होकर घूमकर जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। कांटा टोली फ्लाईओवर से उतरने के बाद वाहन सीधे सिरम टोली और आगे अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। इससे ट्रैफिक का दबाव कम हुआ है और लोगों का सफर पहले की तुलना में अधिक तेज और सुविधाजनक हो गया है।   स्थानीय लोगों ने जताई खुशी स्थानीय निवासियों ने इस बदलाव का स्वागत किया है। मनोज कुमार टोप्पो ने कहा कि पिछले एक वर्ष से जाम और लंबा रास्ता लोगों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ था, लेकिन अब राहत मिली है। वहीं अमन मिंज ने कहा कि पहले यू-टर्न की वजह से कई लोग फ्लाईओवर का उपयोग ही नहीं करते थे। मुकेश कुमार पंडित का कहना है कि अब चुटिया होकर घूमने की जरूरत खत्म हो गई है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। पिंटू सिंह ने उम्मीद जताई कि सिरम टोली फ्लाईओवर का पूरा निर्माण होने के बाद यातायात व्यवस्था और बेहतर होगी।   पूरा होने पर और मिलेगी राहत वर्तमान में कांटा टोली फ्लाईओवर पूरी तरह चालू है, जबकि सिरम टोली फ्लाईओवर का निर्माण अंतिम चरण में है। इसके पूरा होने के बाद राजेंद्र चौक, मेकॉन, रेलवे स्टेशन, पटेल चौक, स्टेशन रोड और सुजाता चौक जैसे व्यस्त इलाकों में ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इससे रांची में यातायात का नया और अधिक सुगम नेटवर्क विकसित होगा।

anjali kumari जुलाई 10, 2026 0
Shreyas Iyer Statement
लगातार सीरीज हार के बाद श्रेयस अय्यर का बयान, टीम की हार के लिए बताया बड़ा कारण

ब्रिस्टल, एजेंसियां। इंग्लैंड के खिलाफ T20 सीरीज में लगातार हार के बाद भारतीय टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर के बयान पर चर्चा तेज हो गई है। इंग्लैंड ने चौथे T20 मुकाबले में भारत को 9 विकेट से हराकर सीरीज अपने नाम कर ली, जिसके बाद अय्यर ने टीम के प्रदर्शन पर सफाई देते हुए कहा कि भारतीय टीम अभी बदलाव के दौर से गुजर रही है।   श्रेयस अय्यर ने किसे ठहराया जिम्मेदार?   श्रेयस अय्यर ने किसी एक खिलाड़ी को हार का जिम्मेदार नहीं ठहराया, बल्कि टीम के सामूहिक प्रदर्शन को हार की वजह बताया। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों के साथ टीम एक नए संयोजन को तैयार कर रही है और इस प्रक्रिया में गलतियां होना स्वाभाविक है।   158 रन का लक्ष्य नहीं था पर्याप्त   चौथे T20 में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 158 रन बनाए, लेकिन इंग्लैंड ने इसे आसानी से हासिल कर लिया। अय्यर ने माना कि यह स्कोर जीत के लिए पर्याप्त नहीं था और टीम को बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में सुधार की जरूरत है।   हैरी ब्रूक और फिल सॉल्ट ने भारत से छीनी जीत   इंग्लैंड की ओर से हैरी ब्रूक और फिल सॉल्ट ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए भारत के गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह दबाव में डाल दिया। दोनों की तेज पारियों की बदौलत इंग्लैंड ने लक्ष्य को महज 13.5 ओवर में हासिल कर लिया।   अय्यर के बयान पर उठे सवाल   लगातार सीरीज हार के बाद अय्यर का "टीम ट्रांजिशन में है" वाला बयान क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। कई पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि सिर्फ बदलाव का हवाला देने के बजाय टीम को अपनी रणनीति और प्रदर्शन में सुधार करना होगा।   अब सम्मान बचाने की चुनौती   इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज गंवाने के बाद भारतीय टीम के सामने अब शनिवार को होने वाले आखिरी मुकाबले में जीत दर्ज कर सम्मान बचाने की चुनौती होगी। टीम मैनेजमेंट की नजरें अगले मैच में प्लेइंग इलेवन और रणनीति में बदलाव पर रहेंगी।

abhishek singh जुलाई 10, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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anjali kumari जुलाई 11, 2026 0