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Board Exam Results
मैट्रिक-इंटर के रिजल्ट की समीक्षा करेंगे शिक्षा सचिव

रांची। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह सोमवार को मैट्रिक और इंटर के रिजल्ट की समीक्षा करेंगे। सचिव ने बताया कि कुछ जिलों के डीसी और डीईओ ने अपने स्तर पर प्राचार्यों को शोकॉज किया है। विभागीय स्तर पर सोमवार को यह निर्णय लिया जाएगा कि किन-किन बिंदुओं पर प्राचार्यों को शोकॉज किया जाए। सभी जिलों के खराब रिजल्ट वाले हाई स्कूलों के प्राचार्यों और संबंधित शिक्षकों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वेतन भी रोका जा सकता है। बैठक में कई शिक्षा अधिकारी मौजूद रहेंगे।

Anjali Kumari मई 18, 2026 0
Students checking CGBSE 10th 12th results online on laptop after result announcement
CGBSE CG Board Result 2026: आज जारी होंगे 10वीं-12वीं के नतीजे, ऐसे करें चेक

छत्तीसगढ़ के लाखों छात्रों का इंतजार आज खत्म होने जा रहा है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) आज 29 अप्रैल 2026 को कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम जारी करेगा। रिजल्ट दोपहर 2:30 बजे घोषित किए जाएंगे। रिजल्ट की घोषणा महानदी भवन से की जाएगी, जहां राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आधिकारिक रूप से नतीजों का ऐलान करेंगे। 5.5 लाख से अधिक छात्रों को इंतजार इस वर्ष छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा में करीब साढ़े पांच लाख छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। अब सभी अपने प्रदर्शन का परिणाम जानने के लिए उत्सुक हैं। बोर्ड द्वारा रिजल्ट जारी होते ही छात्र आधिकारिक वेबसाइट्स पर जाकर अपने अंक देख सकेंगे। शिक्षा मंत्री ने दी थी जानकारी राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने पहले ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर रिजल्ट जारी होने की पुष्टि की थी। उन्होंने कहा कि यह परिणाम केवल अंक नहीं, बल्कि छात्रों की वर्षों की मेहनत और शिक्षकों- अभिभावकों के मार्गदर्शन का प्रतीक है। इन वेबसाइट्स पर देखें रिजल्ट रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र नीचे दी गई वेबसाइट्स पर जाकर अपना परिणाम चेक कर सकते हैं: cg.results.nic.in cgbse.nic.in results.cg.nic.in ऐसे करें रिजल्ट चेक सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं होमपेज पर “10th/12th Result 2026” लिंक पर क्लिक करें अपना रोल नंबर दर्ज करें Submit करते ही रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा कब हुई थीं परीक्षाएं? CGBSE की 12वीं बोर्ड परीक्षाएं 20 फरवरी से 18 मार्च 2026 तक आयोजित की गई थीं, जबकि 10वीं की परीक्षाएं 21 फरवरी से 13 मार्च 2026 के बीच संपन्न हुईं। पास होने के लिए कितने अंक जरूरी? छात्रों को पास होने के लिए थ्योरी और इंटरनल असेसमेंट मिलाकर कम से कम 33% अंक लाना अनिवार्य है। 1-2 विषय में फेल होने पर कंपार्टमेंट परीक्षा का मौका मिलेगा 2 से अधिक विषयों में असफल होने पर अगले वर्ष फिर से परीक्षा देनी होगी

surbhi अप्रैल 29, 2026 0
Students checking JEE Main 2026 results online on laptop with exam stress and anticipation
JEE Main Session 2 Result 2026 आज जारी होने की संभावना, लाखों छात्रों का इंतजार खत्म–जानें Advanced की अहम तारीखें

देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में से एक JEE Main के सेशन 2 का रिजल्ट आज, 20 अप्रैल 2026 को जारी किया जा सकता है। National Testing Agency (NTA) किसी भी समय परिणाम घोषित कर सकता है, जिससे लाखों उम्मीदवारों का इंतजार खत्म होने वाला है। इस बार परीक्षा 2 अप्रैल से 9 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित की गई थी, जबकि प्रोविजनल आंसर की 11 अप्रैल को जारी की गई थी। अब सभी की नजरें रिजल्ट पर टिकी हैं, जो आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। कहां और कैसे चेक करें रिजल्ट रिजल्ट जारी होते ही उम्मीदवार jeemain.nta.nic.in पर जाकर अपना स्कोरकार्ड देख सकते हैं। चेक करने के आसान स्टेप्स: ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं “JEE Main Session 2 Result 2026” लिंक पर क्लिक करें Application Number और Date of Birth दर्ज करें Submit पर क्लिक करें स्क्रीन पर रिजल्ट दिखाई देगा, इसे डाउनलोड और प्रिंट कर लें परीक्षा से जुड़े अहम अपडेट JEE Main Session 2 के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक चली थी। परीक्षा शहर की जानकारी 22 मार्च को जारी हुई थी, जबकि एडमिट कार्ड परीक्षा से तीन दिन पहले उपलब्ध कराए गए थे। अब अगला लक्ष्य: JEE Advanced 2026 JEE Main में सफल उम्मीदवारों के लिए अगला कदम JEE Advanced है, जो देश के प्रतिष्ठित IITs में प्रवेश का रास्ता खोलता है। महत्वपूर्ण तारीखें: आवेदन शुरू: 23 अप्रैल 2026 आवेदन की अंतिम तिथि: 2 मई 2026 फीस जमा करने की आखिरी तारीख: 4 मई 2026 एडमिट कार्ड जारी: 11 मई 2026 परीक्षा तिथि: 17 मई 2026 रिजल्ट: 1 जून 2026 आगे की रणनीति क्या हो? जिन छात्रों का JEE Main में अच्छा स्कोर है, उनके लिए अब समय बेहद महत्वपूर्ण है। Advanced परीक्षा का स्तर अधिक चुनौतीपूर्ण होता है, इसलिए: कॉन्सेप्ट क्लियर रखें पिछले वर्षों के पेपर्स हल करें टाइम मैनेजमेंट पर ध्यान दें

surbhi अप्रैल 20, 2026 0
Candidate downloading BPSC AEDO Admit Card 2026 showing exam center address on official website
BPSC AEDO Admit Card 2026: अब एग्जाम सेंटर के पते के साथ डाउनलोड करें प्रवेश पत्र, जानें पूरा शेड्यूल

पटना: बिहार में सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए अहम अपडेट सामने आया है। Bihar Public Service Commission ने BPSC AEDO Admit Card 2026 को अब परीक्षा केंद्र के पूरे पते के साथ उपलब्ध करा दिया है। पहले जारी एडमिट कार्ड में केवल परीक्षा तिथि, शहर और शिफ्ट की जानकारी दी गई थी, लेकिन अब उम्मीदवार अपने एग्जाम सेंटर की पूरी डिटेल्स भी देख सकते हैं। कब से डाउनलोड कर सकते हैं एडमिट कार्ड? Bihar Public Service Commission द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार: 14–15 अप्रैल परीक्षा: 11 अप्रैल से एड्रेस के साथ एडमिट कार्ड उपलब्ध 17–18 अप्रैल परीक्षा: 14 अप्रैल से उपलब्ध 20–21 अप्रैल परीक्षा: 17 अप्रैल से उपलब्ध हालांकि ई-एडमिट कार्ड 3 अप्रैल 2026 से ही डाउनलोड के लिए जारी कर दिया गया था। परीक्षा कब होगी? BPSC AEDO परीक्षा 14 अप्रैल से 21 अप्रैल 2026 के बीच तीन चरणों में आयोजित की जाएगी। कैसे करें एडमिट कार्ड डाउनलोड? उम्मीदवार नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं अपने अकाउंट में लॉगिन करें रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड दर्ज करें “My Account” टैब पर क्लिक करें “BPSC AEDO Admit Card 2026” लिंक चुनें View/Download पर क्लिक करें परीक्षा केंद्र की डिटेल्स देखने के लिए “Exam Centre View” पर क्लिक करें एडमिट कार्ड डाउनलोड कर प्रिंट आउट निकाल लें परीक्षा के दिन ध्यान रखें एडमिट कार्ड का प्रिंट आउट साथ ले जाएं एक वैलिड फोटो आईडी प्रूफ जरूरी है समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचें छात्रों के लिए सलाह उम्मीदवार अपने एडमिट कार्ड को ध्यान से जांच लें और परीक्षा केंद्र का पता पहले ही देख लें, ताकि परीक्षा के दिन किसी तरह की परेशानी न हो।  

surbhi अप्रैल 11, 2026 0
BPSC AEDO Admit Card 2026 download page and exam hall entry
BPSC AEDO Admit Card 2026: जारी हुआ एडमिट कार्ड, इस तारीख से होगी परीक्षा

बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) ने Assistant Education Development Officer (AEDO) 2026 भर्ती परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। जिन उम्मीदवारों ने इस भर्ती के लिए आवेदन किया है, वे अब आधिकारिक वेबसाइट से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। कब होगी परीक्षा? BPSC AEDO भर्ती परीक्षा 14 अप्रैल 2026 से 21 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित की जाएगी। अलग-अलग तिथियों पर परीक्षा होगी इस भर्ती के माध्यम से 935 पदों को भरा जाएगा कैसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड? उम्मीदवार नीचे दिए गए आसान स्टेप्स फॉलो करके अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं: BPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं – bpsc.bihar.gov.in होमपेज पर “BPSC AEDO Admit Card 2026” लिंक पर क्लिक करें अपना रजिस्ट्रेशन नंबर/यूजरनेम और पासवर्ड/जन्मतिथि दर्ज करें लॉगिन बटन पर क्लिक करें स्क्रीन पर एडमिट कार्ड दिखाई देगा इसे डाउनलोड करें और प्रिंटआउट निकाल लें चयन प्रक्रिया (Selection Process) इस भर्ती की खास बात यह है कि चयन प्रक्रिया को आसान रखा गया है: केवल लिखित परीक्षा के आधार पर चयन इसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन कोई इंटरव्यू नहीं होगा एडमिट कार्ड में क्या जानकारी होगी? एडमिट कार्ड में निम्नलिखित डिटेल्स दी होंगी: उम्मीदवार का नाम रोल नंबर परीक्षा केंद्र का नाम और पता परीक्षा की तारीख और समय जरूरी दिशा-निर्देश ध्यान रखें: एडमिट कार्ड के बिना परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा। जरूरी निर्देश एडमिट कार्ड के साथ वैध फोटो आईडी जरूर लेकर जाएं परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचें एडमिट कार्ड का प्रिंटआउट अनिवार्य है

surbhi अप्रैल 3, 2026 0
JSSC excise constable exam April 12
JSSC 12 अप्रैल को लेगा उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा

रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने राज्य के युवाओं के लिए दो महत्वपूर्ण सूचनाएं जारी की हैं। आयोग ने झारखंड उत्पाद झारखंड उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा-2023 की तिथि घोषित करने के साथ-साथ झारखंड प्रशिक्षित माध्यमिक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2025′ की उत्तर कुंजी से जुड़ी समस्याओं का समाधान भी बताया है।   12 अप्रैल को 8 जिलों में होगी परीक्षा झारखंड उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा-2023 के अंतर्गत लिखित परीक्षा का आयोजन 12 अप्रैल को किया जाएगा. आयोग ने इस परीक्षा के सफल संचालन के लिए राज्य के आठ प्रमुख जिलों को परीक्षा केंद्र के रूप में चुना है, जिनमें रांची, रामगढ़, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, बोकारो, धनबाद, देवघर और दुमका शामिल है। अभ्यर्थियों को उनके परीक्षा केंद्र वाले शहर की जानकारी अप्रैल के प्रथम सप्ताह में आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर एक लिंक के माध्यम से दे दी जाएगी। परीक्षार्थी नौ अप्रैल से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि एडमिट कार्ड केवल ऑनलाइन उपलब्ध होंगे, इन्हें डाक या किसी अन्य माध्यम से नहीं भेजा जाएगा।

Anjali Kumari मार्च 31, 2026 0
JEE Main Session 2 admit card displayed on laptop screen with exam details and candidate login page
JEE Main Session 2 Admit Card 2026 OUT: एडमिट कार्ड जारी, यहां से करें डायरेक्ट डाउनलोड

JEE Main Session 2 Admit Card 2026: जेईई मेन सेशन 2 के उम्मीदवारों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। जो उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाकर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। कब से शुरू होगी परीक्षा? JEE Main Session 2 की परीक्षा 2 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 9 अप्रैल 2026 तक आयोजित की जाएगी। इससे पहले NTA ने एग्जाम सिटी स्लिप जारी कर दी थी और अब एडमिट कार्ड भी उपलब्ध करा दिया गया है। ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाएं। होमपेज पर “JEE Main Session 2 Admit Card 2026” लिंक पर क्लिक करें। अपना Application Number, Date of Birth और Security Pin दर्ज करें। लॉगिन करते ही एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा। इसे डाउनलोड करें और प्रिंटआउट निकाल लें। परीक्षा से पहले इन बातों का रखें ध्यान परीक्षा के दिन एडमिट कार्ड अनिवार्य है, इसके बिना एंट्री नहीं मिलेगी। साथ में एक वैध फोटो आईडी प्रूफ जरूर लेकर जाएं। एडमिट कार्ड में दी गई सभी डिटेल्स (नाम, सेंटर, तारीख) ध्यान से चेक करें। परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचें। एडमिट कार्ड में दिए गए सभी दिशा-निर्देश (Guidelines) को ध्यान से पढ़ें।

surbhi मार्च 30, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Indian delegation at international cyber security meeting after India assumed CCDB chairmanship role
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भारत को मिली बड़ी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी, संभाला CCDB के अध्यक्ष का पद

surbhi मई 15, 2026 0