Fast Charging

Oppo Find X9 Ultra smartphone with premium camera setup and AMOLED display leaked before India launch
लॉन्च से पहले लीक हुए Oppo Find X9 Ultra और X9s के फीचर्स, जानिए कीमत और स्पेसिफिकेशन

चीनी स्मार्टफोन कंपनी OPPO जल्द ही भारत में अपनी नई फ्लैगशिप सीरीज लॉन्च करने जा रही है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि Oppo Find X9 Ultra और Oppo Find X9s इस महीने भारतीय बाजार में एंट्री करेंगे। लॉन्च से पहले दोनों स्मार्टफोन्स के फीचर्स, कैमरा डिटेल्स और संभावित कीमत ऑनलाइन लीक हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों स्मार्टफोन्स प्रीमियम डिजाइन, हाई-एंड कैमरा सेटअप और बड़ी बैटरी के साथ लॉन्च किए जाएंगे। कंपनी ने इससे पहले इन डिवाइसेज को चीन और अन्य ग्लोबल मार्केट्स में पेश किया था और अब भारतीय यूजर्स के लिए इन्हें उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। Oppo Find X9 Ultra में मिलेगा प्रीमियम कैमरा और पावरफुल परफॉर्मेंस Oppo Find X9 Ultra को कंपनी का सबसे प्रीमियम फ्लैगशिप मॉडल माना जा रहा है। स्मार्टफोन में फ्लैट मेटल फ्रेम और साइड में नया ऑरेंज शॉर्टकट बटन देखने को मिल सकता है। फोन में 6.82 इंच का 2K AMOLED डिस्प्ले दिए जाने की उम्मीद है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करेगा। इससे गेमिंग और वीडियो स्ट्रीमिंग का अनुभव काफी स्मूद हो सकता है। कैमरा सेक्शन इसकी सबसे बड़ी खासियत माना जा रहा है। स्मार्टफोन में Hasselblad के साथ मिलकर तैयार किया गया क्वाड रियर कैमरा सेटअप मिल सकता है। इसमें शामिल हो सकते हैं: 200MP प्राइमरी कैमरा 200MP पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा (3x ऑप्टिकल जूम) 50MP टेलीफोटो लेंस (10x ऑप्टिकल जूम) 50MP अल्ट्रावाइड सेंसर सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 50MP फ्रंट कैमरा मिलने की संभावना है। रियर और फ्रंट दोनों कैमरे 4K वीडियो रिकॉर्डिंग सपोर्ट कर सकते हैं। परफॉर्मेंस के लिए इसमें Qualcomm का Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर दिया जा सकता है। फोन में 7050mAh की बड़ी बैटरी और 100W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। Oppo Find X9s में भी मिलेंगे फ्लैगशिप फीचर्स वहीं Oppo Find X9s को भी प्रीमियम फीचर्स के साथ पेश किया जा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें Hasselblad-ट्यून ट्रिपल 50MP कैमरा सेटअप मिलेगा। फोन में MediaTek का Dimensity 9500s प्रोसेसर दिए जाने की संभावना है। इसके अलावा 7025mAh की बैटरी और 80W वायर्ड फास्ट चार्जिंग सपोर्ट भी मिल सकता है। डिस्प्ले की बात करें तो इसमें 6.59 इंच का 1.5K AMOLED डिस्प्ले मिलेगा, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और बेहद पतले 1.15mm बेजल्स के साथ आ सकता है। भारत में संभावित कीमत और लॉन्च डेट लीक्स के अनुसार, OPPO दोनों स्मार्टफोन्स को भारत में 15 मई को लॉन्च कर सकती है। हालांकि कंपनी ने अभी तक लॉन्च डेट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। संभावित कीमत की बात करें तो: Oppo Find X9 Ultra की कीमत 1,49,999 रुपये से अधिक हो सकती है Oppo Find X9s की शुरुआती कीमत करीब 70,000 रुपये रहने की उम्मीद है दोनों स्मार्टफोन्स के लिए माइक्रोसाइट्स पहले ही Flipkart, Amazon India और OPPO India पर लाइव हो चुकी हैं। फिलहाल इन्हें “Coming Soon” टैग के साथ दिखाया जा रहा है।  

surbhi मई 12, 2026 0
AI smart charger automatically unplugging from smartphone after full charge preventing overcharging and battery damage
AI स्मार्ट चार्जर का कमाल: 100% चार्ज होते ही खुद निकल जाएगा प्लग, ओवरचार्जिंग की टेंशन खत्म

स्मार्टफोन यूजर्स के लिए एक अनोखा और इनोवेटिव समाधान सामने आया है। Kuwajia ने एक ऐसा AI-पावर्ड स्मार्ट चार्जर तैयार किया है, जो फोन के 100% चार्ज होते ही खुद-ब-खुद डिवाइस से अलग हो जाता है। यह तकनीक न केवल ओवरचार्जिंग की समस्या को खत्म करने का दावा करती है, बल्कि बैटरी की लाइफ बढ़ाने में भी मददगार साबित हो सकती है। कैसे काम करता है यह स्मार्ट चार्जर? यह चार्जर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस है, जो लगातार फोन की बैटरी की स्थिति पर नजर रखता है। जैसे ही बैटरी 100% चार्ज होती है, चार्जर के अंदर मौजूद इलेक्ट्रोमैग्नेट और स्प्रिंग मैकेनिज्म एक्टिव हो जाता है और प्लग को फोन के पोर्ट से बाहर धकेल देता है। इस प्रक्रिया में एक सेकंड से भी कम समय लगता है, जिससे यूजर को किसी मैनुअल हस्तक्षेप की जरूरत नहीं पड़ती। Android और iPhone–दोनों के लिए उपयोगी Android और iPhone–दोनों प्रकार के स्मार्टफोन्स के साथ यह चार्जर काम करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसके अलावा, यह 140W तक की फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करता है, जिससे यूजर्स को तेजी से चार्जिंग का भी फायदा मिलता है। बैटरी हेल्थ के लिए क्यों है अहम? आज के स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरियां ओवरचार्जिंग से प्रभावित होती हैं। 100% चार्ज होने के बाद भी अगर फोन प्लग में लगा रहता है, तो “ट्रिकल चार्जिंग” जारी रहती है, जिससे बैटरी में गर्मी बढ़ती है और उसकी क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है। यह स्मार्ट चार्जर फुल चार्ज होते ही कनेक्शन तोड़ देता है, जिससे बैटरी पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता और उसकी उम्र लंबी हो सकती है। सॉफ्टवेयर नहीं, हार्डवेयर लेवल पर समाधान जहां कई कंपनियां बैटरी सुरक्षा के लिए सॉफ्टवेयर आधारित फीचर्स देती हैं–जैसे 80% या 85% तक चार्जिंग लिमिट–वहीं Kuwajia का यह चार्जर एक कदम आगे बढ़कर हार्डवेयर स्तर पर समाधान देता है। यह न केवल चार्जिंग रोकता है, बल्कि फिजिकल कनेक्शन भी खत्म कर देता है, जिससे ओवरहीटिंग और बैटरी डैमेज का जोखिम काफी कम हो जाता है। क्या यह गेम-चेंजर साबित होगा? अगर यह तकनीक बड़े पैमाने पर बाजार में आती है, तो यह स्मार्टफोन चार्जिंग के तरीके को पूरी तरह बदल सकती है। खासकर उन यूजर्स के लिए, जो रातभर फोन चार्ज पर छोड़ देते हैं, यह एक सुरक्षित और स्मार्ट विकल्प बन सकता है।  

surbhi अप्रैल 20, 2026 0
Leaked render of Xiaomi 18 Pro showing dedicated AI button and dual camera module with secondary display
Xiaomi 18 Pro Leak: नया AI बटन, बड़ी बैटरी और सूक्ष्म डिजाइन बदलाव की चर्चा

  टेक जगत में एक बार फिर Xiaomi के आगामी फ्लैगशिप स्मार्टफोन को लेकर हलचल तेज हो गई है। हालिया लीक के मुताबिक, कंपनी अपने नए प्रीमियम डिवाइस Xiaomi 18 Pro पर काम कर रही है, जिसमें एक खास डेडिकेटेड AI बटन और कुछ सूक्ष्म डिजाइन बदलाव देखने को मिल सकते हैं। डिजाइन में क्या नया? ऑनलाइन सामने आए कथित रेंडर्स से संकेत मिलता है कि फोन के साइड में एक नया फिजिकल बटन दिया जा सकता है, जिस पर AI ब्रांडिंग होगी। यह बटन यूजर्स को एक टैप में कई स्मार्ट फीचर्स एक्सेस करने की सुविधा देगा। बताया जा रहा है कि यह बटन: स्मार्ट होम डिवाइसेज को कंट्रोल करने में मदद करेगा कनेक्टेड कार फीचर्स को मैनेज करेगा और AI आधारित टूल्स जैसे “Xiaomi Miclaw” तक तुरंत पहुंच देगा हालांकि कंपनी ने अभी तक इन फीचर्स की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। कैमरा और सेकेंडरी डिस्प्ले रेंडर में डिवाइस का कैमरा मॉड्यूल भी दिखा है, जिसमें: दो बड़े कैमरा लेंस और पीछे की तरफ सेकेंडरी डिस्प्ले होने की संभावना यह डिजाइन पिछले मॉडल Xiaomi 17 Pro की तरह ही नजर आता है, जिसमें बैक पैनल पर एक छोटा डिस्प्ले दिया गया था। दमदार बैटरी और चार्जिंग रिपोर्ट्स के अनुसार, Xiaomi 18 Pro में: 7,000mAh या उससे बड़ी बैटरी 100W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट जैसी हाई-एंड सुविधाएं मिल सकती हैं, जो इसे पावर यूजर्स के लिए बेहद आकर्षक बना सकती हैं। कैमरा स्पेसिफिकेशन (संभावित) लीक्स के मुताबिक फोन में: दो 200MP कैमरे टेलीफोटो और मैक्रो कैपेबिलिटी जैसे एडवांस्ड फीचर्स शामिल हो सकते हैं, जो फोटोग्राफी एक्सपीरियंस को नई ऊंचाई दे सकते हैं। पुराने मॉडल से तुलना पिछला मॉडल Xiaomi 17 Pro सितंबर 2025 में लॉन्च हुआ था, जिसकी शुरुआती कीमत लगभग ₹75,000 थी। इसमें: Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट 6,300mAh बैटरी Leica ट्यून कैमरा सिस्टम जैसे फीचर्स दिए गए थे।  

surbhi अप्रैल 16, 2026 0
realme 16 5G smartphone showcasing sleek design, AMOLED display, and dual 50MP cameras.
₹30,000 के बजट में नया गेमचेंजर? realme 16 5G क्यों बन रहा है यूज़र्स की पहली पसंद

भारत में ₹30,000 के बजट में स्मार्टफोन खरीदना पहले जितना आसान नहीं रहा। बढ़ती कीमतों, AI फीचर्स और हाई-एंड हार्डवेयर के चलते इस सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा काफी तेज हो गई है। ऐसे में यूज़र्स अब सिर्फ स्पेसिफिकेशन नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद और लंबे समय तक टिकने वाला स्मार्टफोन चाहते हैं। इसी बीच realme का नया स्मार्टफोन realme 16 5G इस सेगमेंट में चर्चा का केंद्र बन गया है। क्या उम्मीद करें ₹30,000 के स्मार्टफोन से? आज के समय में इस बजट में फोन खरीदते वक्त यूज़र्स की प्राथमिकताएं बदल चुकी हैं। अब सिर्फ कैमरा या प्रोसेसर नहीं, बल्कि बैटरी बैकअप, डिजाइन, स्मूद परफॉर्मेंस और लॉन्ग-टर्म यूसेज अहम हो गया है। यूज़र चाहते हैं कि उनका फोन सालों तक बिना स्लो हुए चलता रहे और रोजमर्रा के कामों में भरोसेमंद साबित हो। दमदार बैटरी: दिनभर का भरोसा realme 16 5G की सबसे बड़ी ताकत इसकी 7000mAh बैटरी है, जो भारी इस्तेमाल के बावजूद पूरे दिन आराम से चल सकती है। खास बात यह है कि इतनी बड़ी बैटरी के बावजूद फोन हल्का और स्लिम डिजाइन में आता है। साथ ही 60W फास्ट चार्जिंग इसे और भी प्रैक्टिकल बनाती है, जिससे यूज़र को बार-बार चार्जिंग की चिंता नहीं रहती। कैमरा: सोशल मीडिया यूज़र्स के लिए खास आज के दौर में कैमरा ही फोन की असली पहचान बन चुका है। इस फोन में 50MP फ्रंट और 50MP रियर कैमरा दिया गया है, जो खासतौर पर पोर्ट्रेट और सोशल मीडिया फोटोग्राफी के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें दिया गया “Selfie Mirror” फीचर यूज़र्स को रियर कैमरा से ही हाई-क्वालिटी सेल्फी लेने की सुविधा देता है, जो इस प्राइस रेंज में एक अलग और उपयोगी इनोवेशन माना जा रहा है। प्रीमियम डिजाइन और हल्का अनुभव फोन का “Gleaming Wings” डिजाइन इसे भीड़ से अलग बनाता है। लाइट पड़ने पर बैक पैनल का कलर बदलता है, जिससे यह देखने में प्रीमियम लगता है। हल्का वजन और स्लिम बॉडी इसे लंबे समय तक इस्तेमाल के लिए आरामदायक बनाते हैं। परफॉर्मेंस: लंबे समय तक स्मूद एक्सपीरियंस realme 16 5G को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह लंबे समय तक स्मूद परफॉर्मेंस दे सके। चाहे मल्टीटास्किंग हो, गेमिंग हो या वीडियो स्ट्रीमिंग - फोन बिना लैग के काम करता है। रियल-लाइफ यूज़ के लिए तैयार आज के स्मार्टफोन को सिर्फ फीचर्स से नहीं, बल्कि उसकी मजबूती से भी आंका जाता है। यह फोन डस्ट और स्प्लैश रेजिस्टेंस के साथ आता है, जिससे यह रोजमर्रा के इस्तेमाल में ज्यादा भरोसेमंद बनता है। डिस्प्ले: हर स्थिति में शानदार व्यू इसमें दिया गया AMOLED डिस्प्ले तेज धूप में भी साफ नजर आता है। ब्राइटनेस, कलर और स्मूद रिफ्रेश रेट इसे वीडियो देखने और गेमिंग के लिए बेहतर बनाते हैं। क्यों खास है यह स्मार्टफोन? इस सेगमेंट में अक्सर यूज़र्स को किसी न किसी फीचर पर समझौता करना पड़ता है - कहीं बैटरी कमजोर होती है, तो कहीं कैमरा या डिजाइन। लेकिन realme 16 5G इन सभी पहलुओं को संतुलित तरीके से पेश करता है।   अगर आप ₹30,000 के बजट में ऐसा स्मार्टफोन ढूंढ रहे हैं जो बैटरी, कैमरा, परफॉर्मेंस और डिजाइन - चारों में संतुलन बनाए रखे, तो realme 16 5G एक मजबूत विकल्प बनकर उभर रहा है।  

surbhi अप्रैल 11, 2026 0
Realme 16 and Vivo V70 FE smartphones comparison showing design, display and camera features
Realme 16 vs Vivo V70 FE: 7000mAh बैटरी के बावजूद फीचर्स में किसका दबदबा? जानिए पूरा विश्लेषण

स्मार्टफोन बाजार में मिड-रेंज सेगमेंट की प्रतिस्पर्धा लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में Realme 16 और Vivo V70 FE आमने-सामने हैं। दोनों ही डिवाइस 7000mAh की दमदार बैटरी के साथ आते हैं, लेकिन असली मुकाबला उनके बाकी फीचर्स में है। आइए एक प्रोफेशनल नजर से समझते हैं कि कौन सा फोन किस मामले में आगे है। डिस्प्ले: साइज बनाम क्वालिटी Realme 16 में 6.57-इंच का FHD+ AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 4200 निट्स पीक ब्राइटनेस के साथ आता है। तेज धूप में भी स्क्रीन विजिबिलिटी शानदार रहती है। वहीं Vivo V70 FE 6.83-इंच के बड़े 1.5K OLED डिस्प्ले के साथ आता है। HDR10+ सपोर्ट और बेहतर रेजोल्यूशन इसे ज्यादा शार्प और कलरफुल विजुअल एक्सपीरियंस देता है। निष्कर्ष: डिस्प्ले क्वालिटी और साइज दोनों में Vivo आगे। परफॉर्मेंस: स्पीड और टेक्नोलॉजी Realme 16 में MediaTek Dimensity 6400 Turbo प्रोसेसर, 12GB RAM और UFS 2.2 स्टोरेज मिलती है। साथ ही vapour chamber cooling इसे लंबे समय तक कूल रखता है। वहीं Vivo V70 FE में 4nm बेस्ड Dimensity 7360-Turbo चिपसेट और UFS 3.1 स्टोरेज दी गई है, जो बेहतर स्पीड और एफिशिएंसी प्रदान करती है। निष्कर्ष: परफॉर्मेंस में Vivo हल्का लेकिन स्पष्ट बढ़त बनाता है। कैमरा: यहां Vivo का दबदबा कैमरा सेगमेंट में Vivo V70 FE काफी आगे निकलता है। इसमें 200MP का मेन कैमरा (OIS के साथ), 8MP अल्ट्रावाइड और AI 30x सुपरजूम जैसे एडवांस फीचर्स दिए गए हैं। 50MP सेल्फी कैमरा भी शानदार डिटेलिंग देता है। इसके मुकाबले Realme 16 में 50MP मेन कैमरा और 2MP सेकेंडरी सेंसर है। हालांकि इसमें मिरर फीचर जैसी यूनिक चीज मिलती है, लेकिन वर्सेटिलिटी कम है। निष्कर्ष: कैमरा में Vivo स्पष्ट विजेता। बैटरी और चार्जिंग दोनों ही स्मार्टफोन्स में 7000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है। Realme: 60W फास्ट चार्जिंग Vivo: 90W फास्ट चार्जिंग निष्कर्ष: बैटरी समान, लेकिन चार्जिंग स्पीड में Vivo आगे। कीमत: बजट बनाम प्रीमियम Realme 16: ₹31,999 – ₹36,999 Vivo V70 FE: ₹37,999 – ₹44,999 निष्कर्ष: Realme ज्यादा किफायती और वैल्यू-फॉर-मनी विकल्प। अंतिम फैसला अगर आपका फोकस कैमरा, परफॉर्मेंस और प्रीमियम एक्सपीरियंस पर है, तो Vivo V70 FE बेहतर विकल्प साबित होता है। लेकिन अगर आप कम बजट में बैलेंस्ड फीचर्स और बड़ी बैटरी चाहते हैं, तो Realme 16 एक स्मार्ट चॉइस है।  

surbhi अप्रैल 4, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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surbhi मई 15, 2026 0