9 मई 2026 को देशभर में पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कर दी गई हैं। आज कई शहरों में फ्यूल रेट्स स्थिर रहे, जबकि कुछ राज्यों में मामूली बढ़ोतरी और गिरावट दर्ज की गई है। तेल कंपनियां हर दिन सुबह 6 बजे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति के आधार पर नए रेट अपडेट करती हैं। आज दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में कीमतें स्थिर रहीं, लेकिन बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ शहरों में बदलाव देखने को मिला। पेट्रोल की कीमतों में कहां हुआ बदलाव? आज मुंबई में पेट्रोल की कीमत ₹103.54 प्रति लीटर पर स्थिर बनी हुई है। वहीं नोएडा में 2 पैसे की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बिहार के गया और झारखंड के रांची में पेट्रोल सस्ता हुआ है। गया में पेट्रोल ₹0.34 प्रति लीटर और रांची में भी ₹0.34 प्रति लीटर कम हुआ है। दूसरी ओर देवघर और मुजफ्फरपुर में कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। 9 मई 2026 पेट्रोल रेट्स शहर आज का रेट (₹) बदलाव Noida 94.90 +0.02 Lucknow 94.69 कोई बदलाव नहीं Patna 105.23 कोई बदलाव नहीं Gaya 105.94 -0.34 Bhagalpur 106.27 +0.06 Muzaffarpur 106.36 +0.17 Ranchi 97.86 -0.34 Deoghar 98.18 +0.54 Dhanbad 97.89 -0.04 Jamshedpur 97.80 कोई बदलाव नहीं New Delhi 94.77 कोई बदलाव नहीं Mumbai 103.54 कोई बदलाव नहीं Kolkata 105.41 कोई बदलाव नहीं Chennai 100.84 कोई बदलाव नहीं Bengaluru 102.92 कोई बदलाव नहीं Bhopal 106.56 +0.13 Gurugram 95.48 -0.17 डीजल की कीमतों का क्या है हाल? डीजल के दामों में भी कई शहरों में बदलाव दर्ज किया गया है। झारखंड के देवघर में सबसे ज्यादा ₹0.57 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। नोएडा में डीजल ₹0.03 महंगा हुआ है, जबकि गया और रांची में डीजल क्रमशः ₹0.33 और ₹0.34 सस्ता हुआ है। 9 मई 2026 डीजल रेट्स शहर आज का रेट (₹) बदलाव Noida 88.01 +0.03 Lucknow 87.81 कोई बदलाव नहीं Patna 91.49 कोई बदलाव नहीं Gaya 92.15 -0.33 Bhagalpur 92.44 +0.05 Muzaffarpur 92.53 +0.16 Ranchi 92.62 -0.34 Deoghar 92.91 +0.57 Dhanbad 92.64 -0.05 Jamshedpur 92.55 कोई बदलाव नहीं New Delhi 87.67 कोई बदलाव नहीं Mumbai 90.03 कोई बदलाव नहीं Kolkata 92.02 कोई बदलाव नहीं Chennai 92.39 कोई बदलाव नहीं Bengaluru 90.99 कोई बदलाव नहीं Bhopal 91.93 +0.12 Gurugram 87.94 -0.16 क्यों बदलते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, टैक्स, ट्रांसपोर्ट लागत और डॉलर-रुपये की विनिमय दर पर निर्भर करती हैं। यही वजह है कि अलग-अलग राज्यों और शहरों में ईंधन की कीमतें अलग होती हैं।
देशभर में 4 मई 2026 को पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी हो गई हैं। तेल कंपनियों द्वारा जारी इन दरों में बड़े महानगरों में स्थिरता देखने को मिली है, जबकि राज्य स्तर पर टैक्स और ट्रांसपोर्टेशन लागत के कारण कई शहरों में कीमतों में उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। खासतौर पर बिहार और झारखंड के शहरों में आज अलग-अलग ट्रेंड देखने को मिला–कहीं राहत, तो कहीं महंगाई ने जेब पर बोझ बढ़ाया है। बिहार में राहत, झारखंड में बढ़े दाम पटना और मुजफ्फरपुर जैसे शहरों में पेट्रोल की कीमतों में करीब 37–38 पैसे की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली है। वहीं रांची और जमशेदपुर में पेट्रोल के दाम बढ़े हैं, जिससे वहां के वाहन चालकों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। दूसरी ओर नई दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे महानगरों में आज भी कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। पेट्रोल के ताजा रेट (4 मई 2026) पटना – ₹105.23 (↓ 0.37) मुजफ्फरपुर – ₹105.98 (↓ 0.38) भागलपुर – ₹106.40 (कोई बदलाव नहीं) गया – ₹106.61 (कोई बदलाव नहीं) लखनऊ – ₹94.73 (↑ 0.04) नोएडा – ₹94.77 (↓ 0.13) रांची – ₹98.17 (↑ 0.31) जमशेदपुर – ₹98.31 (↑ 0.51) नई दिल्ली – ₹94.72 (स्थिर) मुंबई – ₹103.44 (स्थिर) डीजल में भी मिला-जुला असर डीजल की कीमतों में भी आज अलग-अलग शहरों में अलग रुझान देखने को मिला। पटना में डीजल 35 पैसे सस्ता होकर ₹91.49 प्रति लीटर पर पहुंच गया है। वहीं झारखंड के शहरों में इसकी कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। डीजल के ताजा रेट (4 मई 2026) पटना – ₹91.49 (↓ 0.35) मुजफ्फरपुर – ₹92.17 (↓ 0.36) भागलपुर – ₹92.57 (स्थिर) गया – ₹92.78 (स्थिर) लखनऊ – ₹87.86 (↑ 0.05) नोएडा – ₹87.89 (↓ 0.12) रांची – ₹92.93 (↑ 0.31) जमशेदपुर – ₹93.05 (↑ 0.50) नई दिल्ली – ₹87.62 (स्थिर) मुंबई – ₹89.97 (स्थिर) क्यों बदलते हैं रोज दाम? पेट्रोल और डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, रुपये-डॉलर विनिमय दर, राज्य सरकारों के टैक्स और माल ढुलाई लागत के आधार पर तय होती हैं। यही वजह है कि हर शहर में रेट अलग-अलग होते हैं।
ट्रोल-डीजल रेट में बदलाव नहीं देश में विधानसभा चुनावों की वोटिंग समाप्त होने से ठीक पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर फैली अटकलों पर केंद्र सरकार ने बड़ा बयान दिया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि फिलहाल ईंधन की कीमतों में किसी तरह की बढ़ोतरी का कोई प्रस्ताव नहीं है। चुनाव के बाद भी दाम बढ़ने की अटकलों पर विराम सरकारी बयान के अनुसार, 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में मतदान समाप्त होने के बाद भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की कोई योजना नहीं है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार अस्थिर बनी हुई हैं, जिसके कारण पहले से ही बाजार में चिंता का माहौल है। अफवाहों पर सरकार की चेतावनी पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, कुछ राज्यों में कीमत बढ़ने की अफवाहों के चलते लोगों ने पैनिक बाइंग शुरू कर दी थी। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार– कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गईं कुछ जगहों पर मांग 30% से ज्यादा बढ़ गई सरकार ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की तेल कंपनियों पर बढ़ता आर्थिक दबाव सरकारी तेल कंपनियां मौजूदा दरों पर भारी नुकसान झेल रही हैं। अनुमानित दैनिक घाटा करीब ₹2,400 करोड़ पेट्रोल पर लगभग ₹20 प्रति लीटर का नुकसान डीजल पर करीब ₹100 प्रति लीटर तक का घाटा इसके बावजूद सरकार ने कीमतें स्थिर रखी हैं। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल पिछले दो महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 50% से ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य पूर्व में तनाव और सप्लाई बाधाओं के कारण तेल बाजार प्रभावित हुआ है, जिससे कीमतें 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। 2022 से स्थिर हैं खुदरा ईंधन के दाम भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें अप्रैल 2022 से लगभग स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में पेट्रोल: ₹94.77 प्रति लीटर डीजल: ₹87.67 प्रति लीटर हालांकि अंतरराष्ट्रीय कीमतों और घरेलू रेट के बीच अंतर लगातार बढ़ रहा है। सरकार ने क्या कहा? पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में फिलहाल पर्याप्त ईंधन स्टॉक मौजूद है। पेट्रोल, डीजल और LPG का पर्याप्त भंडार आपूर्ति व्यवस्था सामान्य किसी भी तरह की कमी की स्थिति नहीं सरकार ने फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से इनकार कर दिया है, लेकिन वैश्विक बाजार और तेल कंपनियों के घाटे को देखते हुए आगे स्थिति पर नजर बनी रहेगी। फिलहाल आम जनता को राहत जरूर मिली है, लेकिन तेल बाजार की अस्थिरता चिंता का कारण बनी हुई है।
पटना: 17 अप्रैल 2026 को देशभर में पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कर दी गई हैं। इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय तेल कंपनियों ने आज के रेट अपडेट किए हैं। इस बार कीमतों में मिला-जुला असर देखने को मिला है, लेकिन बिहार के कई शहरों में पेट्रोल की कीमतों ने बढ़त दर्ज की है, जिससे आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। बिहार में बढ़ी कीमतें, आम आदमी पर असर राज्य के प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल के दाम बढ़े हुए नजर आए: Patna: ₹105.54 (+0.31) Bhagalpur: ₹106.66 (+0.64) Muzaffarpur: ₹106.10 (+0.32) हालांकि, Gaya में हल्की राहत मिली है, जहां कीमत ₹106.25 (-0.03) रही। देश के बड़े शहरों में क्या है हाल? देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल की कीमतों पर नजर डालें: Mumbai: ₹103.54 (+0.04) Delhi: ₹94.77 (कोई बदलाव नहीं) Kolkata: ₹105.41 (स्थिर) Chennai: ₹100.80 (-0.10) Bengaluru: ₹102.92 (-0.07) डीजल की कीमतों में मिली राहत डीजल के मोर्चे पर आज थोड़ी राहत देखने को मिली है: Mumbai: ₹90.03 (स्थिर) Delhi: ₹87.67 (स्थिर) Patna: ₹91.78 (+0.29) Bhagalpur: ₹92.81 (+0.60) Chennai: ₹92.39 (-0.09) क्यों बदलते रहते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? भारत में ईंधन की कीमतें मुख्य रूप से इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमत और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति पर निर्भर करती हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्यों द्वारा लगाए गए वैट (VAT) का भी कीमतों पर सीधा असर पड़ता है। घर बैठे ऐसे चेक करें अपने शहर का रेट आप SMS के जरिए भी अपने शहर का ताजा फ्यूल रेट जान सकते हैं: Indian Oil: “RSP” लिखकर 9224992249 पर भेजें BPCL: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें HPCL: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें
नई दिल्ली: सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के ताजा रेट जारी कर दिए हैं। आज देश के ज्यादातर बड़े शहरों में ईंधन की कीमतों में स्थिरता देखने को मिली है, जबकि कुछ शहरों में मामूली उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। ऐसे में अगर आप अपनी गाड़ी की टंकी फुल कराने जा रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले लेटेस्ट रेट जरूर जान लें। पेट्रोल के दाम: कहां बढ़े, कहां राहत देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल ₹103.54 प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है। वहीं दिल्ली और कोलकाता में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, चेन्नई, नोएडा और गुरुग्राम में पेट्रोल की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बिहार के भागलपुर में सबसे ज्यादा 45 पैसे की बढ़ोतरी हुई है, जबकि पटना और गया में मामूली गिरावट से लोगों को राहत मिली है। प्रमुख शहरों में पेट्रोल रेट (₹/लीटर) मुंबई: ₹103.54 कोलकाता: ₹105.41 बेंगलुरु: ₹102.92 चेन्नई: ₹100.93 (+0.13) नई दिल्ली: ₹94.77 गुरुग्राम: ₹95.65 (+0.14) नोएडा: ₹95.16 (+0.39) भागलपुर: ₹106.66 (+0.45) गया: ₹105.94 (–0.17) पटना: ₹105.23 (–0.10) रांची: ₹97.86 (–0.58) भोपाल: ₹106.63 (+0.18) डीजल के दाम: कहां सस्ता, कहां महंगा डीजल की कीमतों में भी आज ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। मुंबई में डीजल ₹90.03 प्रति लीटर पर स्थिर है, जबकि दिल्ली में ₹87.67 प्रति लीटर बना हुआ है। झारखंड की राजधानी रांची में डीजल की कीमत में ₹0.58 की बड़ी गिरावट आई है, जो ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए राहत भरी खबर है। दूसरी ओर नोएडा में डीजल ₹0.42 महंगा हो गया है। प्रमुख शहरों में डीजल रेट (₹/लीटर) मुंबई: ₹90.03 कोलकाता: ₹92.02 बेंगलुरु: ₹90.99 चेन्नई: ₹92.48 (+0.09) नई दिल्ली: ₹87.67 गुरुग्राम: ₹88.10 (+0.12) नोएडा: ₹88.31 (+0.42) भागलपुर: ₹92.81 (+0.42) गया: ₹92.15 (–0.16) पटना: ₹91.49 (–0.10) रांची: ₹92.62 (–0.58) भोपाल: ₹91.99 (+0.16) क्यों बदलते हैं हर दिन दाम? भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और केंद्र व राज्य सरकारों के टैक्स पर निर्भर करती हैं। चूंकि भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए वैश्विक बाजार में होने वाले बदलावों का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है। SMS से ऐसे जानें अपने शहर का रेट घर बैठे मोबाइल से भी आप पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम चेक कर सकते हैं: Indian Oil: RSP लिखकर 9224992249 पर भेजें BPCL: RSP लिखकर 9223112222 पर भेजें HPCL: HP Price लिखकर 9222201122 पर भेजें
नई दिल्ली: 11 अप्रैल 2026 को देशभर में पेट्रोल और डीजल के नए दाम जारी कर दिए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपया विनिमय दर के असर के बीच आज कुछ शहरों में कीमतें स्थिर रहीं, जबकि कई जगह मामूली बदलाव देखने को मिला। राजधानी Mumbai और New Delhi में आज पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रहे, लेकिन Patna, Gaya और Muzaffarpur जैसे शहरों में कीमतों में बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पेट्रोल की कीमतें: कहां बढ़ोतरी, कहां राहत? आज के प्रमुख शहरों में पेट्रोल के रेट इस प्रकार हैं: Mumbai: ₹103.54 (स्थिर) New Delhi: ₹94.77 (स्थिर) Kolkata: ₹105.41 (स्थिर) Chennai: ₹100.90 (↓ ₹0.33) Bengaluru: ₹102.96 (↑ ₹0.04) Gurugram: ₹95.43 (↓ ₹0.22) Noida: ₹94.90 (↑ ₹0.02) बिहार में बढ़ोतरी: Patna: ₹105.74 (↑ ₹0.51) Gaya: ₹106.31 (↑ ₹0.37) Muzaffarpur: ₹106.19 (↑ ₹0.41) डीजल के दाम: बिहार में इजाफा डीजल की कीमतों में भी कई शहरों में हल्का उछाल देखा गया: Mumbai: ₹90.03 (स्थिर) New Delhi: ₹87.67 (स्थिर) Kolkata: ₹92.02 (स्थिर) Chennai: ₹92.48 (↓ ₹0.33) बिहार में बढ़ोतरी: Patna: ₹91.97 (↑ ₹0.48) Gaya: ₹92.50 (↑ ₹0.35) Muzaffarpur: ₹92.37 (↑ ₹0.39) क्यों बदलते हैं फ्यूल के दाम? पेट्रोल-डीजल की कीमतें कई प्रमुख कारणों पर निर्भर करती हैं: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमत डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स (Excise Duty और VAT) परिवहन और डीलर मार्जिन इसी वजह से अलग-अलग राज्यों और शहरों में कीमतों में अंतर देखने को मिलता है। SMS से ऐसे चेक करें अपने शहर का रेट घर बैठे मोबाइल से भी आप ताजा कीमतें जान सकते हैं: Indian Oil: RSP <City Code> भेजें 9224992249 पर BPCL: RSP भेजें 9223112222 पर HPCL: HP Price भेजें 9222201122 पर
नई दिल्ली: सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को देश की सरकारी तेल कंपनियों-Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum-ने पेट्रोल और डीजल की ताजा कीमतें जारी कर दी हैं। आज के अपडेट में देशभर में कीमतों का मिला-जुला रुख देखने को मिला है। कुछ शहरों में ईंधन महंगा हुआ है, जबकि कुछ जगहों पर मामूली राहत भी दर्ज की गई है। प्रमुख शहरों में पेट्रोल के ताजा दाम आज पेट्रोल की कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव दर्ज हुआ है। मुंबई: ₹103.54 (+0.04) बेंगलुरु: ₹102.92 (+0.37) कोलकाता: ₹105.41 (स्थिर) पटना: ₹105.23 (स्थिर) चेन्नई: ₹100.80 (-0.10) गुरुग्राम: ₹95.65 (स्थिर) नोएडा: ₹94.77 (-0.13) नई दिल्ली: ₹94.77 (स्थिर) मुजफ्फरपुर: ₹105.71 (-0.34) डीजल की कीमतों में क्या बदलाव हुआ? डीजल के दामों में आज अपेक्षाकृत स्थिरता देखी गई, हालांकि कुछ शहरों में हल्की बढ़ोतरी या गिरावट दर्ज हुई। चेन्नई: ₹92.39 (-0.10) कोलकाता: ₹92.02 (स्थिर) बेंगलुरु: ₹90.99 (+0.34) पटना: ₹91.49 (स्थिर) मुंबई: ₹90.03 (स्थिर) नई दिल्ली: ₹87.67 (स्थिर) गुरुग्राम: ₹88.10 (स्थिर) नोएडा: ₹87.89 (-0.12) क्यों बदलते रहते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? ईंधन की कीमतें कई अहम कारकों पर निर्भर करती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए टैक्स, रिफाइनिंग लागत और मांग-आपूर्ति का संतुलन-ये सभी मिलकर अंतिम कीमत तय करते हैं। इसी वजह से अलग-अलग शहरों में रेट अलग होते हैं। SMS से ऐसे जानें अपने शहर का रेट घर बैठे अपने मोबाइल से पेट्रोल-डीजल की कीमत जानना बेहद आसान है: Indian Oil (IOCL): RSP <शहर कोड> लिखकर 9224992249 पर भेजें BPCL: RSP लिखकर 9223112222 पर भेजें HPCL: HP Price लिखकर 9222201122 पर भेजें
देशभर में 2 अप्रैल 2026 की सुबह तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के ताजा दाम जारी कर दिए हैं। हर दिन की तरह आज भी फ्यूल की कीमतों में कुछ शहरों में स्थिरता रही, जबकि कुछ इलाकों में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अगर आप आज गाड़ी की टंकी फुल कराने की योजना बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले अपने शहर के लेटेस्ट रेट जरूर चेक कर लें। बड़े शहरों में क्या है पेट्रोल का हाल? देश के प्रमुख महानगरों में आज पेट्रोल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। मुंबई में पेट्रोल ₹103.54 प्रति लीटर पर स्थिर है। नई दिल्ली में ₹94.77 प्रति लीटर बना हुआ है। कोलकाता ₹105.41 और चेन्नई ₹101.23 प्रति लीटर पर स्थिर हैं। हालांकि, NCR के शहरों में हल्की राहत देखने को मिली है। गुरुग्राम में ₹0.12 और नोएडा में ₹0.14 की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, बिहार के कुछ शहरों में कीमतों में बढ़ोतरी हुई है- भागलपुर में ₹0.64 और पटना में ₹0.12 की बढ़त दर्ज की गई। डीजल की कीमतों में क्या बदलाव? डीजल के दाम भी आज अधिकतर बड़े शहरों में स्थिर बने हुए हैं। दिल्ली में डीजल ₹87.67 और मुंबई में ₹90.03 प्रति लीटर है। लेकिन बिहार और झारखंड के कुछ जिलों में डीजल महंगा हुआ है- भागलपुर में ₹0.60 और पटना में ₹0.11 की बढ़ोतरी हुई है। दूसरी ओर, कुछ शहरों में राहत भी मिली है- नोएडा और मुजफ्फरपुर में डीजल के दामों में गिरावट दर्ज की गई। क्यों बदलते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? फ्यूल की कीमतों में उतार-चढ़ाव कई अहम कारकों पर निर्भर करता है- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमत डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स (VAT और Excise Duty) इन्हीं वजहों से अलग-अलग राज्यों और शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अलग-अलग होती हैं। SMS से ऐसे चेक करें अपने शहर का रेट आप घर बैठे मोबाइल से भी पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट जान सकते हैं- Indian Oil: “RSP <शहर कोड>” लिखकर 9224992249 पर भेजें BPCL: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें HPCL: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर SMS करें
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तत्काल बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि मौजूदा हालात में उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालने की कोई योजना नहीं है। मध्य पूर्व में जारी तनाव, खासकर United States, Israel और Iran के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। इसी के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude Oil की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 99.75 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 119.5 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो अगस्त 2022 के बाद पहली बार 100 डॉलर के पार गई। हालांकि शाम तक कीमतें कुछ नरम पड़ीं और यह लगभग 102 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रही थीं। युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की जा चुकी है, जिससे वैश्विक बाजार में चिंता का माहौल बना हुआ है। महंगाई पर फिलहाल बड़ा असर नहीं लोकसभा में इस मुद्दे पर बोलते हुए वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने कहा कि फिलहाल कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का भारत की महंगाई दर पर बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। उन्होंने बताया कि Reserve Bank of India की अक्टूबर 2025 की मौद्रिक नीति रिपोर्ट के अनुसार यदि कच्चे तेल की कीमतें आधार स्तर से 10 प्रतिशत बढ़ती हैं और उसका पूरा असर घरेलू बाजार में आता है, तो महंगाई दर में केवल लगभग 30 बेसिस पॉइंट यानी करीब 0.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मध्यम अवधि में महंगाई पर असर कई कारकों पर निर्भर करेगा, जिनमें रुपये की विनिमय दर, वैश्विक मांग-आपूर्ति की स्थिति, मौद्रिक नीति और समग्र आर्थिक परिस्थितियां शामिल हैं। सरकारी तेल कंपनियों की मजबूत स्थिति सरकारी अधिकारियों और उद्योग विशेषज्ञों के मुताबिक भारत की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की तेल रिफाइनरी कंपनियां-Indian Oil Corporation, Hindustan Petroleum Corporation Limited और Bharat Petroleum Corporation Limited-वित्तीय रूप से मजबूत स्थिति में हैं। वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में इन तीनों कंपनियों का संयुक्त शुद्ध लाभ 192 प्रतिशत बढ़कर 57,810 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 19,768 करोड़ रुपये था। मजबूत वित्तीय स्थिति के कारण ये कंपनियां फिलहाल खुदरा स्तर पर कीमतों को स्थिर रखने में सक्षम हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में युद्ध और नहीं बढ़ता तथा ऊर्जा ढांचे पर बड़े हमले नहीं होते, तो ब्रेंट क्रूड की कीमतें 130 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं। इसके बावजूद फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना कम बताई जा रही है। भारत में पेट्रोल-डीजल की मौजूदा कीमतें जून 2022 में जब ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर से ऊपर पहुंच गया था, तब दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 96.72 रुपये प्रति लीटर और डीजल 89.62 रुपये प्रति लीटर थी। इसके बाद मार्च 2024 में कीमतों में 2 रुपये की कटौती की गई, जिससे पेट्रोल 94.72 रुपये और डीजल 87.62 रुपये प्रति लीटर पर आ गया। 30 अक्टूबर 2024 को मार्केटिंग कॉस्ट एडजस्टमेंट के कारण केवल 5 पैसे की बढ़ोतरी हुई और वर्तमान में दिल्ली में पेट्रोल की कीमत लगभग 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर है। टैक्स नीति से मिलती है राहत विशेषज्ञों के अनुसार सरकार अंतरराष्ट्रीय कीमतों के उतार-चढ़ाव से उपभोक्ताओं को बचाने के लिए समय-समय पर उत्पाद शुल्क में बदलाव करती रहती है। 8 अप्रैल 2025 को सरकार ने स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) में 2 रुपये की बढ़ोतरी की थी, जिससे सालाना लगभग 34,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलने का अनुमान है। वर्तमान में पेट्रोल पर SAED 13 रुपये और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर है। इससे पहले नवंबर 2021 और मई 2022 में सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर पेट्रोल की कीमत में 13 रुपये और डीजल में 16 रुपये प्रति लीटर की राहत दी थी। वैश्विक ऊर्जा बाजार पर युद्ध का असर ऊर्जा विशेषज्ञ Jim Burkhard (S&P Global Energy) का कहना है कि यदि मध्य पूर्व में संघर्ष बढ़ता है और Strait of Hormuz के जरिए होने वाली तेल आपूर्ति प्रभावित होती है, तो यह इतिहास का सबसे बड़ा तेल आपूर्ति संकट बन सकता है। हाल के दिनों में सऊदी अरब और कतर के ऊर्जा ढांचे पर हुए हमलों से भी बाजार में अस्थिरता बढ़ी है। फिलहाल सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर न पड़े और देश में ईंधन की कीमतें स्थिर बनी रहें।
देशभर में घरेलू रसोई गैस (LPG) सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। शनिवार 7 मार्च से 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। वहीं 19 किलोग्राम के कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 115 रुपये बढ़ा दी गई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों पर असर पड़ने की संभावना है। नई कीमतों के बाद राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गई है। मुंबई में यह 852.50 रुपये से बढ़कर 912.50 रुपये हो गई है। कोलकाता में कीमत 879 रुपये से बढ़कर लगभग 939 रुपये के आसपास पहुंच गई है, जबकि चेन्नई में सिलेंडर की कीमत 868.50 रुपये से बढ़कर 928.50 रुपये हो गई है। नई दरें आज से ही लागू हो गई हैं। कमर्शियल सिलेंडर के दाम में भी बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में 19 किलोग्राम का कमर्शियल सिलेंडर अब 1768.50 रुपये से बढ़कर 1883 रुपये हो गया है। मुंबई में इसकी कीमत 1720.50 रुपये से बढ़कर 1835 रुपये हो गई है। कोलकाता में यह 1875.50 रुपये से बढ़कर 1990 रुपये और चेन्नई में 1929 रुपये से बढ़कर 2043.50 रुपये हो गया है। जानकारों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव, खासकर ईरान से जुड़े वैश्विक तनाव के कारण यह बढ़ोतरी देखने को मिली है। सरकार की ओर से हालांकि यह कहा गया है कि देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने कहा कि भारत में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में कच्चे तेल के आयात के स्रोतों में विविधता लाई है। खासकर Russia से कच्चे तेल का आयात काफी बढ़ा है। फरवरी में भारत ने अपने कुल क्रूड ऑयल आयात का लगभग 20 प्रतिशत तेल रूस से आयात किया, जो करीब 10.4 लाख बैरल प्रतिदिन है। सरकार ने एलपीजी रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं ताकि देश में गैस की पर्याप्त आपूर्ति बनी रहे। अधिकारियों के अनुसार भारत के पास फिलहाल एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।