Global Tensions

Diesel supply pipeline from India to Bangladesh amid fuel crisis due to Hormuz Strait tensions
होर्मुज संकट के बीच भारत का बड़ा कदम: बांग्लादेश को डीजल सप्लाई, ईंधन संकट में मिली राहत

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Strait of Hormuz पर संकट के बीच बांग्लादेश गंभीर ईंधन संकट का सामना कर रहा है। ऐसे मुश्किल समय में भारत ने एक बार फिर पड़ोसी देश का साथ देते हुए डीजल की आपूर्ति कर राहत पहुंचाई है। पाइपलाइन के जरिए डीजल सप्लाई भारत ने Bangladesh को Numaligarh Refinery से पाइपलाइन के माध्यम से लगभग 7,000 टन डीजल की नई खेप भेजी है। इससे पहले भी हाल के दिनों में कई खेप भेजी जा चुकी हैं, जिससे कुल आपूर्ति बढ़कर लगभग 15,000 टन तक पहुंच गई है। यह सप्लाई India-Bangladesh Friendship Pipeline के जरिए की जा रही है, जो दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग का एक अहम उदाहरण है। क्यों बढ़ा संकट? Iran और अमेरिका के बीच तनाव के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य पर असर पड़ा है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हुई है। बांग्लादेश जैसे देश, जो समुद्री आयात पर निर्भर हैं, इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। वहां ईंधन की कमी के साथ-साथ जमाखोरी भी एक बड़ी समस्या बन गई है। आंतरिक संकट ने बढ़ाई परेशानी बांग्लादेश में हालात और बिगड़ गए जब आठ जिलों में टैंकर कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी। इससे दिनाजपुर, रंगपुर, निलफामारी समेत कई इलाकों में ईंधन आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। इसका सीधा असर परिवहन व्यवस्था पर पड़ा है, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। भारत-बांग्लादेश संबंधों की मिसाल भारत का यह कदम दोनों देशों के मजबूत रिश्तों को दर्शाता है। संकट के समय भारत ने त्वरित मदद देकर यह साबित किया है कि वह क्षेत्रीय स्थिरता और सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। ऊर्जा आपूर्ति जैसे संवेदनशील क्षेत्र में यह सहयोग बांग्लादेश के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।  

surbhi मार्च 31, 2026 0
Indian stock market sees sharp volatility with Sensex down 544 points, Nifty at 22,683 amid global tensions.
Stock Market Updates: भारी गिरावट के बाद संभला बाजार, सेंसेक्स 544 अंक नीचे, निफ्टी 22683 पर

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के चलते बाजार ने जोरदार गिरावट के साथ शुरुआत की। हालांकि, दिन के दौरान कुछ रिकवरी देखने को मिली, जिससे निवेशकों को थोड़ी राहत जरूर मिली। शुरुआती कारोबार में बड़ी गिरावट सोमवार को बाजार खुलते ही भारी दबाव में नजर आया: सेंसेक्स 1018 अंक गिरकर 72,565 पर खुला निफ्टी 269 अंक टूटकर 22,549 पर ओपन हुआ यह गिरावट साफ तौर पर ग्लोबल नेगेटिव संकेतों और निवेशकों के कमजोर सेंटिमेंट का असर दिखाती है। बाद में आई रिकवरी हालांकि शुरुआती गिरावट के बाद बाजार में हल्की खरीदारी देखने को मिली: सेंसेक्स अब 544 अंक नीचे 73,038 पर ट्रेड कर रहा है निफ्टी 136 अंक गिरकर 22,683 के आसपास बना हुआ है इससे संकेत मिलता है कि निचले स्तरों पर कुछ निवेशक खरीदारी कर रहे हैं। गिरावट की बड़ी वजहें (डिटेल में) 1. मिडिल ईस्ट में बढ़ता युद्ध ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी तनाव अब पांचवें हफ्ते में पहुंच चुका है। इससे वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ी है निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं इक्विटी मार्केट से पैसा निकलकर सुरक्षित निवेश (Gold, Bonds) की ओर जा रहा है 2. कच्चे तेल की कीमतों में विस्फोटक तेजी ब्रेंट क्रूड 115–120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया फरवरी के मुकाबले इसमें करीब 59% उछाल भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह बेहद चिंताजनक है क्योंकि: महंगाई बढ़ने का खतरा कंपनियों की लागत बढ़ेगी चालू खाता घाटा (CAD) बढ़ सकता है 3. विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली मार्च 2026 में अब तक 1,13,810 करोड़ रुपये की बिकवाली इससे बाजार में लगातार दबाव बना हुआ है और लिक्विडिटी पर असर पड़ रहा है। 4. रुपये की रिकॉर्ड गिरावट डॉलर के मुकाबले रुपया 94.82 के स्तर पर पहुंच गया इसका असर: आयात महंगा विदेशी निवेशकों का भरोसा कमजोर बाजार में और बिकवाली का दबाव एशियाई बाजारों में हाहाकार भारतीय बाजार ही नहीं, पूरे एशिया में गिरावट का माहौल: निक्केई 225 (जापान): ~3.97% गिरावट टॉपिक्स: ~3.9% नीचे कोस्पी (दक्षिण कोरिया): 5% से ज्यादा टूटा कोस्डैक: ~3.97% गिरावट हैंग सेंग फ्यूचर्स: भी दबाव में यह दर्शाता है कि गिरावट पूरी तरह ग्लोबल ट्रेंड का हिस्सा है। अमेरिकी बाजार से भी नेगेटिव संकेत शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में भी बड़ी गिरावट दर्ज हुई: डाऊ जोन्स: 793 अंक (1.73%) गिरावट S&P 500: 1.67% गिरकर 7 महीने के निचले स्तर पर नैस्डेक: 2.15% टूटा अमेरिकी बाजार की कमजोरी का असर एशियाई बाजारों पर पड़ा। कमोडिटी मार्केट में उथल-पुथल ब्रेंट क्रूड: 115.55 डॉलर/बैरल COMEX क्रूड: 102.59 डॉलर/बैरल 27 फरवरी के बाद से तेल में तेज उछाल युद्ध के चलते सप्लाई को लेकर डर बढ़ गया है, जिससे कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। सेक्टोरल असर (कौन प्रभावित?) सबसे ज्यादा दबाव में: ऑटो सेक्टर (महंगा ईंधन) एविएशन (फ्यूल कॉस्ट बढ़ी) पेंट और केमिकल कंपनियां कुछ सेक्टर सुरक्षित: आईटी (डॉलर मजबूत होने से फायदा) फार्मा (डिफेंसिव सेक्टर) निवेशकों के लिए सलाह फिलहाल बाजार में हाई वोलैटिलिटी बनी रहेगी शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग में सतर्कता जरूरी लॉन्ग टर्म निवेशक गिरावट को बायिंग ऑपर्च्युनिटी मान सकते हैं क्रूड ऑयल और ग्लोबल न्यूज पर नजर रखें

surbhi मार्च 30, 2026 0
Missile launches and drones over Middle East conflict map highlighting Iran Israel escalating military tensions
ईरान का साफ संदेश: “पछतावा नहीं, तो जंग जारी” - इजरायल पर मिसाइल-ड्रोन हमले तेज

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि वह पीछे हटने वाला नहीं है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दो टूक कहा है कि जब तक अमेरिका और इजरायल अपने “हमलों पर पछतावा” नहीं जताते, तब तक जंग जारी रहेगी। चीन के विदेश मंत्री वांग यी से फोन पर बातचीत में अराघची ने कहा कि ईरान अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा आखिरी दम तक करेगा। उन्होंने तेहरान के सिविल और डिफेंस ठिकानों पर हुए हमलों को क्षेत्रीय अस्थिरता की असली वजह बताया। IRGC का पलटवार: इजरायल पर ताबड़तोड़ हमले जमीनी स्तर पर संघर्ष और तेज हो गया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इजरायल के कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया है। खैबर शिकन, इमाद और सज्जील जैसी बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल कामिकाज़े ड्रोन से हमले तेल अवीव, रामत गन और नेगेव के सैन्य केंद्र टारगेट बीरशेबा में लॉजिस्टिक और कमांड हेडक्वार्टर पर सीधा प्रहार ईरान का दावा है कि इन हमलों ने इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम को भी भेद दिया। ट्रंप का बड़ा बयान: “ईरान में बदलाव, जल्द होगी डील” इन हमलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला दावा किया है। ट्रंप के मुताबिक: ईरान में “नई लीडरशिप” आ चुकी है पुरानी व्यवस्था और खामेनेई अब सीन से बाहर अमेरिका की बातचीत “सही लोगों” से जारी ईरान ने तेल-गैस से जुड़ा बड़ा “तोहफा” दिया ईरान की नेवी और एयरफोर्स लगभग खत्म ट्रंप ने कहा कि अब ईरान के पास बातचीत के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। अंतरराष्ट्रीय कानून पर ईरान का हमला अराघची ने पश्चिमी देशों पर “डबल स्टैंडर्ड” अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि: यूक्रेन और गाजा के मामलों में अलग-अलग नियम अपनाए जा रहे हैं इससे अंतरराष्ट्रीय कानून कमजोर हो रहा है हालांकि, उन्होंने जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक-वाल्टर स्टाइनमीयर की सराहना की, जिन्होंने अमेरिकी और इजरायली हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। रूस की चेतावनी: न्यूक्लियर खतरा बढ़ा रूस ने भी इस तनाव पर चिंता जताई है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बुशहर न्यूक्लियर प्लांट के पास हो रहे हमलों को बेहद खतरनाक बताया। रूस के मुताबिक: न्यूक्लियर ठिकानों को नुकसान हुआ तो बड़ा पर्यावरणीय संकट हो सकता है यह पूरे क्षेत्र के लिए विनाशकारी साबित होगा

surbhi मार्च 25, 2026 0
Drone attack near Dubai International Airport amid Iran-Israel tensions and rising Strait of Hormuz security concerns.
Iran War Update: Hormuz को लेकर ट्रंप का दबाव, दुबई एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमला

  मध्य-पूर्व में जारी जंग के बीच हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। Donald Trump ने अपने सहयोगी देशों से महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग Strait of Hormuz को सुरक्षित रखने के लिए मदद मांगी है। दुनिया के लगभग 20% तेल की आपूर्ति इसी रास्ते से होती है। इधर United States और Israel ने Iran के कई शहरों-Tehran, Hamadan और Isfahan-पर हमले जारी रखे हैं। जवाब में ईरान भी मिसाइल और ड्रोन से जवाबी कार्रवाई कर रहा है।   दुबई एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमला Dubai International Airport के पास ड्रोन से जुड़े एक हमले के बाद ईंधन टैंक में आग लग गई। फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया है।   सुरक्षा के तौर पर कुछ समय के लिए उड़ानों को रोक दिया गया और कई फ्लाइट्स को Al Maktoum International Airport डायवर्ट किया गया।   ईरान-इजराइल हमले जारी इजराइल ने तेहरान पर नई एयर स्ट्राइक की, कई जगह धुएं के गुबार देखे गए।   अब तक लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं और करीब 1500 नागरिकों की मौत की खबर है।   ईरान ने कहा कि यह “थोपी गई जंग” है।   खाड़ी देशों में हाई अलर्ट Saudi Arabia ने पूर्वी क्षेत्र में 23 ड्रोन मार गिराने का दावा किया।   Bahrain, Qatar और Kuwait में भी ड्रोन और मिसाइल अलर्ट जारी किए गए।   तेल बाजार पर असर जंग के कारण वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल है। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क Brent Oil 106 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।   वैश्विक ऊर्जा संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है।   NATO सहयोगियों पर ट्रंप का दबाव NATO देशों से ट्रंप ने कहा कि अगर वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित रखने में मदद नहीं करते तो गठबंधन का भविष्य “खराब” हो सकता है।  

surbhi मार्च 16, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट घोषित, अनुज अग्निहोत्री बने टॉपर, 958 उम्मीदवार सफल

UPSC CSE Result 2025: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक Civil Services Examination का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। Union Public Service Commission ने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPSC Official Website पर जाकर फाइनल मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। 958 उम्मीदवारों का हुआ चयन यूपीएससी द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उनकी रैंक और पसंद के आधार पर की जाएगी। फाइनल रिजल्ट उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा (Main Exam) और पर्सनैलिटी टेस्ट (Interview) में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। इन प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए होता है चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)   भारतीय पुलिस सेवा (IPS)   भारतीय विदेश सेवा (IFS)   भारतीय राजस्व सेवा (IRS)   भारतीय व्यापार सेवा सहित अन्य ग्रुप A और ग्रुप B सेवाएं   979 पदों को भरने का लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 979 रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे चेक करें UPSC CSE 2025 का रिजल्ट उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं   होमपेज पर “Examination” टैब पर क्लिक करें   “Active Examinations” या “What’s New” सेक्शन में जाएं   Civil Services Examination Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें   मेरिट लिस्ट की PDF खुल जाएगी   Ctrl + F दबाकर अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें   15 दिन में जारी होगी मार्कशीट यूपीएससी के अनुसार सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। उम्मीदवार इसे 30 दिनों तक ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। पिछले साल का कट-ऑफ पिछले वर्ष का अंतिम कट-ऑफ इस प्रकार था— जनरल: 87.98   EWS: 85.92   OBC: 87.28   SC: 79.03   ST: 74.23   आयु सीमा क्या है यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2024 तक कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अगस्त 1992 से 1 अगस्त 2003 के बीच होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू—को पार कर बहुत कम उम्मीदवार ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। UPSC CSE 2025 टॉप-20 उम्मीदवारों की सूची रैंक रोल नंबर नाम 1 1131589 अनुज अग्निहोत्री 2 4000040 राजेश्वरी सुवे एम 3 3512521 अकांश ढुल 4 0834732 राघव झुनझुनवाला 5 0409847 ईशान भटनागर 6 6410067 जिनिया अरोड़ा 7 0818306 ए आर राजा मोहिद्दीन 8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी 9 0831647 आस्था जैन 10 1523945 उज्ज्वल प्रियांक 11 1512091 यशस्वी राज वर्धन 12 0840280 अक्षित भारद्वाज 13 7813999 अनन्या शर्मा 14 5402316 सुरभि यादव 15 3507500 सिमरनदीप कौर 16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव 17 0829589 चितवन जैन 18 5604518 श्रुति आर 19 0105602 निसार दिशांत अमृतलाल 20 6630448 रवि राज

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surbhi मार्च 31, 2026 0