glowing skin

Woman washing her face with a gentle cleanser during a morning skincare routine for healthy, glowing skin.
क्या सुबह सिर्फ पानी से चेहरा धोना काफी है? स्किन एक्सपर्ट ने बताया सही तरीका

सुबह उठते ही अधिकांश लोग सिर्फ पानी से चेहरा धो लेते हैं और मानते हैं कि रात में अच्छी तरह चेहरा साफ करने के बाद सुबह दोबारा फेसवॉश की जरूरत नहीं होती। लेकिन स्किन एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह सोच पूरी तरह सही नहीं है। रातभर त्वचा पर पसीना, अतिरिक्त तेल (सीबम), स्किनकेयर प्रोडक्ट्स के अवशेष और धूल-मिट्टी के सूक्ष्म कण जमा हो जाते हैं, जिन्हें केवल पानी से हटाया नहीं जा सकता। फेशियलिस्ट क्रिस्टीना गालमिशे के अनुसार, सुबह त्वचा की सही तरीके से सफाई करना स्वस्थ और दमकती त्वचा के लिए बेहद जरूरी है। इससे न सिर्फ त्वचा साफ रहती है, बल्कि बाद में लगाए जाने वाले सीरम, मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन भी बेहतर तरीके से काम करते हैं। क्या रातभर में त्वचा गंदी हो जाती है? भले ही सुबह उठने पर चेहरे पर गंदगी दिखाई न दे, लेकिन रातभर के दौरान त्वचा पर कई तरह के अवशेष जमा हो जाते हैं, जैसे— पसीना अतिरिक्त सीबम (तेल) नाइट क्रीम या सीरम के अवशेष बालों से आने वाला तेल मृत त्वचा कोशिकाएं यदि इन्हें साफ नहीं किया जाए तो रोमछिद्र (पोर्स) बंद हो सकते हैं, जिससे ब्लैकहेड्स, मुंहासे और त्वचा की चमक कम होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। सुबह फेस क्लींजिंग करने के फायदे नियमित रूप से सुबह फेसवॉश करने से कई लाभ मिलते हैं— त्वचा से पसीना, तेल और रातभर के अवशेष हटते हैं। ब्लैकहेड्स और मुंहासों का खतरा कम होता है। त्वचा में ऑक्सीजन का प्रवाह और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। स्किन टेक्सचर और प्राकृतिक निखार में सुधार आता है। विटामिन C, हायलूरोनिक एसिड और अन्य एक्टिव इंग्रीडिएंट्स बेहतर तरीके से काम करते हैं। त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत (स्किन बैरियर) मजबूत होती है। सुबह चेहरा धोने का सही तरीका 1. अपनी स्किन टाइप के अनुसार फेस क्लींजर चुनें ऑयली या कॉम्बिनेशन स्किन: नियासिनामाइड या सैलिसिलिक एसिड युक्त जेल या फोम क्लींजर चुनें। ड्राई या सेंसिटिव स्किन: सल्फेट-फ्री या क्रीम-बेस्ड क्लींजर का इस्तेमाल करें। 2. हाथों से करें मसाज कॉटन पैड की बजाय अपनी उंगलियों से लगभग 30 सेकंड तक हल्के गोलाकार (सर्कुलर) मोशन में चेहरे की मसाज करें। इससे त्वचा अच्छी तरह साफ होती है और ब्लड सर्कुलेशन भी बढ़ता है। 3. गुनगुने पानी से धोएं बहुत गर्म पानी त्वचा की प्राकृतिक नमी और लिपिड बैरियर को नुकसान पहुंचा सकता है, जबकि बहुत ठंडा पानी क्लींजर को पूरी तरह हटाने में प्रभावी नहीं होता। 4. साफ तौलिये से हल्के हाथों से सुखाएं चेहरे को रगड़ने की बजाय हल्के-हल्के थपथपाकर सुखाएं। बेहतर होगा कि रोजाना साफ तौलिये का इस्तेमाल करें। सिर्फ पानी से चेहरा धोना क्यों पर्याप्त नहीं है? सिर्फ पानी त्वचा पर मौजूद तेल, पसीना और स्किनकेयर प्रोडक्ट्स के अवशेषों को पूरी तरह नहीं हटा पाता। ऐसे में बाद में लगाए जाने वाले सीरम, मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन त्वचा में सही तरीके से अवशोषित नहीं हो पाते। विशेषज्ञों का मानना है कि साफ त्वचा ही स्किनकेयर प्रोडक्ट्स के लिए सबसे बेहतर आधार होती है। इसलिए सुबह फेस क्लींजर और पानी दोनों का इस्तेमाल करना त्वचा को स्वस्थ, साफ और चमकदार बनाए रखने का आसान लेकिन बेहद महत्वपूर्ण कदम है।  

surbhi जून 29, 2026 0
mango peel
आम के छिलके से पाएं चमकदार त्वचा, जानें फेस पैक और स्क्रब बनाने का तरीका

नई दिल्ली, एजेंसियां। आम को फलों का राजा कहा जाता है, लेकिन इसके छिलके भी त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद माने जा रहे हैं। ब्यूटी एक्सपर्ट्स के अनुसार आम के छिलकों में विटामिन C, विटामिन A और एंटीऑक्सिडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं, जो स्किन को हेल्दी, ग्लोइंग और जवान बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। इन्हें फेस पैक और स्क्रब के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।   त्वचा के लिए क्यों फायदेमंद हैं आम के छिलके? विशेषज्ञों के मुताबिक आम के छिलकों में मौजूद फाइबर डेड स्किन हटाने में मदद करता है, जिससे त्वचा साफ और मुलायम बनती है। विटामिन C कोलेजन बढ़ाकर दाग-धब्बों को कम करने और एजिंग के असर को धीमा करने में मदद करता है। वहीं विटामिन A एक्ने को नियंत्रित करने और स्किन सेल्स को रिपेयर करने में सहायक माना जाता है। इसके अलावा एंटीऑक्सिडेंट त्वचा को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाकर नमी और इलास्टिसिटी बनाए रखते हैं।   फेस पैक के आसान तरीके आम के छिलकों को सुखाकर उनका पाउडर बनाया जा सकता है और उसमें गुलाब जल मिलाकर फेस पैक तैयार किया जा सकता है। इसे चेहरे पर 10 से 15 मिनट लगाकर धोने से त्वचा में निखार आता है। ताजे छिलकों को पीसकर उसमें शहद और दही मिलाकर भी फेस पैक बनाया जा सकता है, जो स्किन को मॉइस्चराइज और क्लीन करने में मदद करता है।   स्क्रब और डी-टैन के लिए उपयोग सूखे छिलकों के पाउडर में गुलाब जल या दूध मिलाकर स्क्रब तैयार किया जा सकता है, जो त्वचा को एक्सफोलिएट करता है। इसमें कॉफी या नारियल तेल मिलाकर इसे और प्रभावी बनाया जा सकता है। वहीं टैनिंग हटाने के लिए छिलकों के पाउडर को दही या लोशन के साथ मिलाकर प्रभावित हिस्सों पर लगाया जा सकता है।   सावधानी जरूरी विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि आम के छिलके प्राकृतिक और फायदेमंद हैं, लेकिन यदि त्वचा पर लंबे समय से रैश, एलर्जी या एक्ने की समस्या है तो घरेलू उपाय अपनाने से पहले त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।

anjali kumari जून 19, 2026 0
Ice on face
चेहरे पर बर्फ लगाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, वरना हो सकता है नुकसान

नई दिल्ली, एजेंसियां। गर्मियों के मौसम में तेज धूप, उमस और पसीने का सबसे ज्यादा असर त्वचा पर दिखाई देता है। इस दौरान टैनिंग, पिंपल्स, ऑयली स्किन और जलन जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे में कई लोग चेहरे को ठंडक और ताजगी देने के लिए आइस फेशियल का सहारा लेते हैं। सोशल मीडिया पर भी आइस मसाज को इंस्टेंट ग्लो पाने का आसान उपाय बताया जाता है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि बर्फ का सही इस्तेमाल फायदेमंद है, लेकिन लापरवाही त्वचा को नुकसान भी पहुंचा सकती है।   आइस फेशियल के प्रमुख फायदे धूप में लंबे समय तक रहने के बाद चेहरे पर बर्फ लगाने से त्वचा को राहत मिलती है। यह गर्मी और जलन को कम करके चेहरे को ताजगी का एहसास कराती है।   पिंपल्स और सूजन में राहत बर्फ की ठंडक त्वचा की सूजन और लालिमा को कम करने में मदद कर सकती है। पिंपल्स से होने वाली जलन और दर्द में भी कुछ हद तक आराम मिलता है। चेहरे पर आता है नेचुरल ग्लो आइस मसाज से त्वचा में रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे चेहरा अधिक फ्रेश और चमकदार दिखाई देता है। कई लोग मेकअप से पहले भी आइस फेशियल करते हैं ताकि त्वचा स्मूद और टाइट नजर आए।   पोर्स को टाइट करने में मदद बर्फ त्वचा के खुले रोमछिद्रों को अस्थायी रूप से सिकोड़ सकती है, जिससे चेहरा अधिक साफ और आकर्षक दिखता है।   ज्यादा इस्तेमाल से हो सकते हैं नुकसान विशेषज्ञों के अनुसार, बर्फ को सीधे त्वचा पर लगाने से स्किन में जलन, लालिमा और संवेदनशीलता बढ़ सकती है। खासकर ड्राई और सेंसिटिव स्किन वाले लोगों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए। लंबे समय तक आइस मसाज करने से त्वचा रूखी हो सकती है और उसकी प्राकृतिक नमी प्रभावित हो सकती है।   आइस फेशियल का सही तरीका •    बर्फ को कभी भी सीधे चेहरे पर न लगाएं।  •    इसे किसी साफ सूती कपड़े या रूमाल में लपेटकर इस्तेमाल करें।  •    1 से 2 मिनट से ज्यादा आइस मसाज न करें।  •    चेहरे पर हल्के हाथों से गोलाकार गति में मसाज करें।  •    संवेदनशील त्वचा होने पर पहले पैच टेस्ट जरूर करें।    विशेषज्ञों की सलाह आइस फेशियल गर्मियों में त्वचा को ताजगी और इंस्टेंट ग्लो देने का आसान तरीका हो सकता है, लेकिन इसका संतुलित और सही इस्तेमाल जरूरी है। यदि आपको किसी प्रकार की त्वचा संबंधी समस्या है, तो बर्फ का उपयोग करने से पहले त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा। नोट: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। किसी भी स्किन ट्रीटमेंट को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित है।

Unknown जून 1, 2026 0
Tanning removal
गर्मियों में हाथ-पैरों की टैनिंग से पाएं छुटकारा, घर के आसान उपाय लौटाएंगे निखार

नई दिल्ली, एजेंसियां। गर्मियों के मौसम में तेज धूप और गर्म हवाएं सिर्फ चेहरे ही नहीं, बल्कि हाथों और पैरों की खूबसूरती भी प्रभावित करती हैं। लंबे समय तक धूप में रहने से स्किन टैन हो जाती है, जिससे त्वचा बेजान, रूखी और काली दिखने लगती है। अक्सर लोग चेहरे की देखभाल तो करते हैं, लेकिन हाथ-पैरों की अनदेखी कर देते हैं। ऐसे में कुछ आसान घरेलू उपाय आपकी त्वचा की खोई चमक वापस ला सकते हैं। खास बात यह है कि इन उपायों के लिए आपको महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी।   नींबू और शहद से दूर होगी टैनिंग हाथ और पैरों की टैनिंग हटाने के लिए नींबू और शहद का मिश्रण बेहद असरदार माना जाता है। नींबू में मौजूद नेचुरल ब्लीचिंग गुण त्वचा का कालापन कम करने में मदद करते हैं, जबकि शहद स्किन को मुलायम और मॉइस्चराइज्ड बनाए रखता है। इसके लिए एक चम्मच नींबू के रस में एक चम्मच शहद मिलाकर प्रभावित हिस्सों पर लगाएं। करीब 15 से 20 मिनट बाद साफ पानी से धो लें। नियमित इस्तेमाल से त्वचा साफ और चमकदार नजर आने लगती है।   दही-बेसन का पैक देगा नैचुरल ग्लो दही और बेसन का फेस पैक स्किन रिपेयर करने में काफी मददगार माना जाता है। दही त्वचा को ठंडक देता है, जबकि बेसन डेड स्किन हटाने में मदद करता है। इसके लिए दो चम्मच बेसन, एक चम्मच दही और थोड़ी हल्दी मिलाकर पेस्ट तैयार करें। इसे टैनिंग वाली जगह पर लगाकर सूखने दें। बाद में हल्के हाथों से रगड़ते हुए धो लें। इससे त्वचा की गंदगी साफ होती है और धीरे-धीरे टैनिंग कम होने लगती है।   आलू और खीरे से मिलेगी ठंडक और चमक आलू का रस भी टैनिंग कम करने में फायदेमंद माना जाता है। आलू में मौजूद एंजाइम त्वचा का रंग हल्का करने में मदद करते हैं। वहीं खीरे का रस और गुलाबजल स्किन को ठंडक देकर जलन और ड्राइनेस कम करते हैं। इन घरेलू उपायों को नियमित अपनाने से हाथ-पैर फिर से मुलायम, साफ और चमकदार नजर आने लगते हैं।

Unknown मई 11, 2026 0
Woman applying Vitamin C serum for glowing skin and reducing dark spots naturally
Best Vitamin C Serums for Glowing Skin: Dark Spots और Dullness हटाने के लिए 7 टॉप ऑप्शन

स्किनकेयर में क्यों जरूरी बन गया है Vitamin C Serum? Vitamin C serum आजकल स्किनकेयर रूटीन का अहम हिस्सा बन चुका है। यह डल स्किन को ब्राइट करने, पोस्ट-एक्ने मार्क्स हल्के करने और स्किन टोन को बेहतर बनाने में मदद करता है। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ Vitamin C होना काफी नहीं है, बल्कि उसकी फॉर्मुलेशन और पैकेजिंग भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। Vitamin C हवा और धूप के संपर्क में आते ही जल्दी ऑक्सीडाइज हो सकता है, जिससे उसका असर कम हो जाता है और स्किन इरिटेशन का खतरा बढ़ सकता है। Vitamin C Serum खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान? डर्मेटोलॉजिस्ट्स के मुताबिक L-Ascorbic Acid को Vitamin C का सबसे असरदार और रिसर्च-बेस्ड फॉर्म माना जाता है। अच्छे Vitamin C serum में आमतौर पर Ferulic Acid, Vitamin E और Hydrating Ingredients शामिल होते हैं, जो इसे ज्यादा stable और skin-friendly बनाते हैं। साथ ही serum हमेशा dark, amber या opaque bottle में होना चाहिए ताकि उसकी potency लंबे समय तक बनी रहे। 1. Uriage Dépiderm Anti-Dark Spot Brightening Booster Serum करीब 20% ethyl ascorbic acid वाला यह serum pigmentation, melasma और acne marks को target करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह uneven skin tone को brighten करने के साथ antioxidant protection भी देता है। 2. e.l.f. Skin Bright Icon Serum इस serum में 15% Vitamin C के साथ Vitamin E और Ferulic Acid मौजूद है। यह dullness, dark spots और uneven texture को कम करने में मदद करता है और skin को smoother look देता है। 3. Dr.Althea Vitamin C Boosting Serum Sensitive skin वालों के लिए यह lightweight और fragrance-free option अच्छा माना जा रहा है। इसमें niacinamide, seaberry water और cica leaf water जैसे soothing ingredients शामिल हैं। 4. Dr.Jart+ Brightamin Brightening Serum Ampoule इस serum की खासियत इसका freeze-dried Vitamin C capsule है, जो ingredient को लंबे समय तक fresh बनाए रखने में मदद करता है। यह post-blemish marks और uneven texture पर काम करता है। 5. Farmacy 10% Waterless Vitamin C Serum Waterless formula होने की वजह से इसमें Vitamin C ज्यादा stable रहता है। Ferulic Acid और Alpha Arbutin के साथ यह serum dark spots और dullness को कम करने में मदद करता है। 6. Paula's Choice C15 Super Booster यह cult-favourite serum 15% stabilised L-Ascorbic Acid, Vitamin E और peptides के साथ आता है। इसका lightweight formula skin को bright और smooth look देने में मदद करता है। 7. Allies Of Skin 20% Vitamin C Brighten + Firm Serum 20% ethylated L-Ascorbic Acid वाला यह potent serum dullness और uneven texture को target करता है। इसमें मौजूद antioxidants और glutathione skin को environmental damage से बचाने में मदद करते हैं। कब बदल देना चाहिए Vitamin C Serum? अगर आपका serum गहरा orange या brown रंग का होने लगे, तो यह oxidation का संकेत हो सकता है। ऐसे serum का इस्तेमाल बंद कर देना बेहतर माना जाता है क्योंकि इसकी effectiveness कम हो सकती है।  

surbhi मई 8, 2026 0
Man applying sunscreen and skincare routine to remove tan and protect skin from UV rays
पुरुषों के लिए गाइड: सिर्फ 7 दिनों में टैन कैसे हटाएं – आसान और असरदार तरीका

आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में पुरुषों की त्वचा लगातार धूप, धूल और प्रदूषण के संपर्क में रहती है। ऑफिस जाने का रोज़ाना सफर हो, वीकेंड पर बाइक राइड हो या आउटडोर स्पोर्ट्स–इन सबके कारण चेहरे पर जिद्दी टैन, असमान स्किन टोन और डलनेस साफ दिखाई देने लगती है। अच्छी बात यह है कि टैन हटाने के लिए आपको बहुत जटिल या लंबी स्किनकेयर रूटीन की जरूरत नहीं है। सही प्रोडक्ट्स और साइंटिफिक अप्रोच के साथ आप सिर्फ एक हफ्ते में अपनी स्किन को बेहतर बना सकते हैं। आखिर टैन होता क्यों है? जब आपकी त्वचा सूरज की UV किरणों के संपर्क में आती है, तो शरीर खुद को बचाने के लिए मेलानिन नामक पिगमेंट बनाता है। यही मेलानिन त्वचा को डार्क बनाता है। पुरुषों की त्वचा महिलाओं की तुलना में लगभग 20% मोटी होती है और इसमें ऑयल प्रोडक्शन भी ज्यादा होता है। यही कारण है कि टैन त्वचा पर जमा होकर ज्यादा गहरा और पैची दिखाई देता है। 7 दिनों का असरदार डिटैन रूटीन Step 1: दिन की शुरुआत करें डिटैन फेसवॉश से कई पुरुष आज भी चेहरे पर साबुन या बॉडी वॉश का इस्तेमाल करते हैं, जो स्किन के लिए नुकसानदायक हो सकता है। एक अच्छा डिटैन फेसवॉश त्वचा की ऊपरी परत से डेड स्किन और गंदगी हटाता है। यह स्किन को साफ करने के साथ-साथ आगे इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट्स को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है। Step 2: हफ्ते में 2 बार डिटैन फेस मास्क लगाएं सिर्फ फेसवॉश से गहरा टैन नहीं हटता। इसके लिए डिटैन फेस मास्क जरूरी है। यह मास्क खास एक्टिव इंग्रीडिएंट्स और क्ले से बना होता है, जो त्वचा के अंदर जमा मेलानिन को तोड़ने में मदद करता है। हफ्ते में 2 बार 10–15 मिनट लगाने से स्किन धीरे-धीरे साफ और ब्राइट दिखने लगती है। Step 3: मॉइश्चराइजर से स्किन को हाइड्रेट रखें बहुत से लोग मानते हैं कि टैन हटाने के लिए स्किन को ड्राय रखना चाहिए, लेकिन यह गलत है। ड्राय स्किन और भी ज्यादा डल और डार्क दिखती है। इसलिए हर बार फेसवॉश या मास्क के बाद एक हल्का, ऑयल-फ्री मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं। इससे त्वचा सॉफ्ट, हेल्दी और ग्लोइंग बनी रहती है। Step 4: सनस्क्रीन है सबसे जरूरी अगर आप सनस्क्रीन नहीं लगाते, तो आपका सारा डिटैन प्रयास बेकार हो सकता है। SPF 50 वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन रोज सुबह लगाना जरूरी है। यह आपकी त्वचा को UV किरणों से बचाता है और नए टैन को बनने से रोकता है। यह रूटीन क्यों सबसे असरदार है? यह डिटैन रूटीन तीन स्तरों पर काम करता है: Removal (हटाना): डेड और डार्क स्किन को साफ करता है Correction (सुधार): गहरे पिगमेंट को कम करता है Prevention (बचाव): नए टैन को बनने से रोकता है

surbhi अप्रैल 15, 2026 0
Babulal Marandi Statement
“जहां हाथ डालो, वहीं घोटाला” – मरांडी के निशाने पर हेमंत सरकार

रांची। झारखंड में लगातार सामने आ रहे घोटालों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी  ने राज्य की हेमंत सोरेन  सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार इस कदर बढ़ गया है कि “जहां हाथ डालिए, वहीं नया घोटाला सामने आ जाता है।”मरांडी ने कहा कि खनन क्षेत्र में पत्थर, कोयला, बालू और लौह अयस्क की खुली लूट तो दिख रही है, लेकिन इसके अलावा भी सरकारी धन की बड़े पैमाने पर बंदरबांट हो रही है। उनके अनुसार यह स्थिति राज्य को “अंदर से खोखला” कर रही है और आम जनता इससे परेशान है।   रांची में करोड़ों की अवैध निकासी का मामला राजधानी रांची में हाल ही में पशुपालन विभाग के दो कर्मचारियों द्वारा लगभग 2.94 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का मामला सामने आया है। मरांडी ने दावा किया कि यह कोई एकल घटना नहीं है, बल्कि बोकारो और हजारीबाग जैसे अन्य जिलों में भी इसी तरह की वित्तीय अनियमितताएं सामने आ चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घोटाले पिछले कई वर्षों से जारी हैं और अब धीरे-धीरे उजागर हो रहे हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।   उच्च अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल मरांडी ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर हो रही गड़बड़ियां बिना उच्च अधिकारियों की मिलीभगत के संभव नहीं हैं। उन्होंने इसे “संगठित भ्रष्टाचार” करार देते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।   सरकार से जांच और कार्रवाई की मांग भाजपा नेता ने राज्य सरकार से सभी विभागों का व्यापक ऑडिट कराने, कोषागार से हुई निकासी की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने सरकारी धन की वसूली सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

Unknown अप्रैल 15, 2026 0
Comparison of traditional ubtan and clay mask applied on face for tan removal skincare routine
टैन हटाने के लिए क्या बेहतर-पारंपरिक उबटन या क्ले मास्क? जानिए आपकी स्किन के लिए सही विकल्प

भारतीय घरों में सदियों से इस्तेमाल होने वाला उबटन आज भी स्किन केयर का अहम हिस्सा है, लेकिन बदलते समय और बढ़ते प्रदूषण के बीच अब क्ले मास्क जैसे मॉडर्न विकल्प तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। सवाल यह है कि टैन हटाने के लिए आखिर कौन सा तरीका ज्यादा असरदार है-पारंपरिक उबटन या नए जमाने का क्ले मास्क? पारंपरिक उबटन: परंपरा और प्राकृतिक देखभाल उबटन भारतीय स्किन केयर का पारंपरिक तरीका रहा है, जिसमें बेसन, हल्दी, चंदन और दूध या गुलाब जल जैसे प्राकृतिक तत्वों का इस्तेमाल किया जाता है। फायदे: पूरी तरह प्राकृतिक और केमिकल-फ्री स्किन को ठंडक और हल्की एक्सफोलिएशन घर पर आसानी से तैयार कमियां: हर बार समान परिणाम नहीं मिलते बेसन के कण कुछ लोगों की त्वचा को रुखा या इरिटेट कर सकते हैं गहराई से जमा गंदगी और प्रदूषण हटाने में सीमित असर क्ले मास्क: मॉडर्न स्किन केयर का समाधान आज के समय में क्ले मास्क-खासतौर पर Kaolin और Bentonite जैसे क्ले से बने-शहरी जीवनशैली के लिए ज्यादा प्रभावी माने जाते हैं। फायदे: पोर्स की गहराई तक जाकर गंदगी, तेल और प्रदूषण साफ करते हैं कंट्रोल्ड एक्सफोलिएशन, जिससे स्किन को नुकसान नहीं होता Niacinamide और Vitamin C जैसे एक्टिव इंग्रीडिएंट्स से बेहतर रिजल्ट कमियां: कुछ मास्क ड्राई स्किन पर टाइट महसूस हो सकते हैं (हालांकि नए फॉर्मूले इसे कम करते हैं) कौन सा विकल्प आपकी स्किन के लिए बेहतर? ऑयली स्किन: क्ले मास्क बेहतर, क्योंकि यह एक्स्ट्रा ऑयल सोखता है ड्राई स्किन: हाइड्रेटिंग क्ले मास्क या मॉडर्न उबटन बेहतर सेंसिटिव स्किन: DIY उबटन से बचें, जेंटल क्ले मास्क चुनें कॉम्बिनेशन स्किन: क्ले मास्क सबसे संतुलित विकल्प डेली स्किन केयर क्यों जरूरी है? सिर्फ हफ्ते में एक बार मास्क लगाने से काम नहीं चलता। डेली: एक अच्छा डिटैन फेस वॉश स्किन को साफ और फ्रेश रखता है वीकली: क्ले मास्क डीप क्लीनिंग कर टैन हटाने में मदद करता है

surbhi अप्रैल 6, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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