Gold Rate Today

Gold-Silver Rate
सोना-चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल, खरीदारी से पहले जानें अपने शहर के ताजा भाव

नई दिल्ली, एजेंसियां। घरेलू सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी आर्थिक संकेतों और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के चलते दोनों कीमती धातुओं के दाम नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए हैं। 2 जुलाई 2026 को जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोना और चांदी दोनों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली।   सोना पहुंचा नए शिखर पर बाजार में सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से सोने की कीमतों में करीब 1.33 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया। ताजा कारोबार में सोने का भाव बढ़कर 1,44,430 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव तथा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों को लेकर नरम रुख के संकेतों ने निवेशकों का भरोसा सोने की ओर बढ़ाया है।   चांदी की चमक भी हुई तेज सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी मजबूती देखने को मिली। औद्योगिक मांग और निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी के कारण चांदी करीब 0.80 प्रतिशत मजबूत होकर 2,30,384 रुपये के स्तर पर पहुंच गई। बाजार जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने पर चांदी की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।   शहरों के अनुसार कीमतों में अंतर इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, देश के अलग-अलग शहरों में स्थानीय टैक्स, जीएसटी और मेकिंग चार्ज के कारण सोने और चांदी की खुदरा कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले अपने शहर के ताजा रेट की जानकारी लेना जरूरी है।   खरीदारी से पहले रखें इन बातों का ध्यान बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव जारी रहते हैं तो आने वाले दिनों में सोना-चांदी और महंगे हो सकते हैं। हालांकि, खरीदारी से पहले हॉलमार्क की जांच करें, शुद्धता सुनिश्चित करें और विश्वसनीय जौहरी से ही आभूषण या बुलियन खरीदें। साथ ही अपने स्थानीय सर्राफा बाजार के ताजा भाव की पुष्टि करना भी बेहतर रहेगा।

abhishek singh जुलाई 2, 2026 0
Jasmin Bhasin in a hospital bed during her Dubai birthday trip while Aly Goni holds her hand.
बर्थडे ट्रिप पर अस्पताल पहुंचीं जैस्मिन भसीन, अली गोनी बोले- 'जिंदगी की मर्जी कुछ और थी', फैंस से मांगी दुआ

मुंबई: टीवी अभिनेत्री जैस्मिन भसीन का जन्मदिन इस बार अस्पताल में बीता। अपने बर्थडे सेलिब्रेशन के लिए दुबई पहुंचीं जैस्मिन अचानक गंभीर रूप से बीमार पड़ गईं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उनके बॉयफ्रेंड और अभिनेता अली गोनी ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा करते हुए फैंस से उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ करने की अपील की। "जिंदगी की मर्जी कुछ और थी" अली गोनी ने इंस्टाग्राम पर अस्पताल से एक भावुक तस्वीर साझा की, जिसमें जैस्मिन अस्पताल के बेड पर लेटी हुई हैं और अली का हाथ थामे नजर आ रही हैं। पोस्ट के साथ उन्होंने लिखा, "हैप्पी बर्थडे जैस्मिन। हम यहां तुम्हारा जन्मदिन मनाने आए थे, लेकिन जिंदगी की मर्जी कुछ और ही थी। जन्मदिन की यादें बनाने के बजाय हम अस्पताल के कमरे में हैं। तुम्हें दर्द में देखना इस ट्रिप का सबसे मुश्किल हिस्सा रहा है। तुम्हें फिर से स्वस्थ और मुस्कुराते हुए देखने के लिए मैं किसी भी जश्न को छोड़ने को तैयार हूं।" उन्होंने आगे लिखा कि उनकी सबसे बड़ी दुआ यही है कि जैस्मिन जल्द से जल्द पूरी तरह स्वस्थ होकर फिर से मुस्कुराने लगें। गंभीर इन्फेक्शन के कारण हुईं अस्पताल में भर्ती अली गोनी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बताया कि जैस्मिन को अचानक गंभीर इन्फेक्शन हो गया, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने लिखा, "हम जैस्मिन का जन्मदिन मनाने दुबई आए थे, लेकिन जिंदगी की मर्जी कुछ और थी। वह अचानक बहुत बीमार पड़ गईं और गंभीर इन्फेक्शन की वजह से अस्पताल में भर्ती करनी पड़ी। पिछले कुछ दिन हमारे लिए बेहद मुश्किल और भावुक रहे।" धीरे-धीरे ठीक हो रही हैं जैस्मिन अली ने फैंस को राहत देते हुए बताया कि जैस्मिन की तबीयत में अब धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा, "उन्हें सबसे अच्छी मेडिकल देखभाल मिल रही है और वह धीरे-धीरे ठीक हो रही हैं। अगर मैं किसी के मैसेज या कॉल का जवाब नहीं दे पाया तो उसके लिए माफ़ी चाहता हूं। फिलहाल मेरा पूरा ध्यान जैस्मिन के साथ रहने पर है। कृपया उन्हें अपनी दुआओं में याद रखें।" कैसे शुरू हुई थी अली और जैस्मिन की लव स्टोरी? अली गोनी और जैस्मिन भसीन की पहली मुलाकात साल 2018 में खतरों के खिलाड़ी 9 के दौरान हुई थी। अर्जेंटीना में शूटिंग के दौरान दोनों अच्छे दोस्त बने। बाद में बिग बॉस 14 में दोनों ने अपने रिश्ते को सार्वजनिक किया। तब से दोनों एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं और अक्सर अपनी तस्वीरें और वेकेशन की झलकियां सोशल मीडिया पर साझा करते रहते हैं। फिलहाल फैंस जैस्मिन के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।  

surbhi जून 29, 2026 0
Gold-Silver Price
Gold-Silver Price: सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट

मुंबई, एजेंसियां। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर सोमवार को भारतीय सर्राफा बाजार पर भी देखने को मिला। बिकवाली के दबाव के कारण सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अगस्त वायदा सोना शुरुआती कारोबार में 1,44,180 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला, लेकिन जल्द ही गिरकर करीब 1,43,470 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान सोने ने 1,43,454 रुपये का निचला स्तर भी छुआ। वहीं सितंबर वायदा चांदी भी गिरावट के साथ 2,23,174 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखी और इंट्राडे में 2,22,641 रुपये तक फिसल गई। इस गिरावट से आभूषण खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को कुछ राहत मिली है।   अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी दिखा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा। कॉमेक्स (COMEX) पर सोना करीब 0.41 प्रतिशत गिरकर 4,078 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1 प्रतिशत से अधिक टूटकर 58.52 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रखने की आशंकाओं, मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ती ट्रेजरी यील्ड ने सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बनाया है। इसके अलावा, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग सीमित रही।   बाजार की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास की घटनाओं से बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। वहीं भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले मामूली मजबूती के साथ खुला, जबकि ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। अब निवेशकों की नजर इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी उपभोक्ता विश्वास और रोजगार संबंधी आंकड़ों पर है। इन आर्थिक संकेतकों के आधार पर आने वाले दिनों में सोना और चांदी की कीमतों की दिशा तय होने की संभावना है। वहीं, विभिन्न शहरों में जीएसटी और मेकिंग चार्ज के कारण आभूषणों के खुदरा दामों में मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।

anjali kumari जून 29, 2026 0
Display of gold and silver jewelry with updated bullion prices for June 23, 2026.
सोना पहुंचा ₹1,46,520 पर, चांदी हुई सस्ती; खरीदारी से पहले जान लें 23 जून 2026 के ताजा भाव

Gold-Silver Rate Today: अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो ताजा कीमतों की जानकारी लेना आपके लिए जरूरी है। 23 जून 2026 को सोने की कीमत में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि चांदी के दाम में मामूली गिरावट देखने को मिली है। बाजार के शुरुआती रुझानों के अनुसार, 24 कैरेट सोना 10 रुपये महंगा होकर ₹1,46,520 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी 100 रुपये सस्ती होकर ₹2,49,900 प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है। सोने की कीमत में मामूली बढ़त आज 24 कैरेट सोने का भाव 10 रुपये बढ़कर ₹1,46,520 प्रति 10 ग्राम हो गया है। वहीं, 22 कैरेट सोना भी 10 रुपये की तेजी के साथ ₹1,34,310 प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है। हालांकि, जून महीने की शुरुआत की तुलना में सोने की कीमत अभी भी लगभग 6 प्रतिशत नीचे बनी हुई है। 24 कैरेट सोने का ताजा भाव (प्रति 10 ग्राम) शहर आज का भाव कल का भाव बदलाव पटना ₹1,46,570 ₹1,46,560 ▲ ₹10 लखनऊ ₹1,46,670 ₹1,46,660 ▲ ₹10 रांची ₹1,46,520 ₹1,46,510 ▲ ₹10 दिल्ली ₹1,46,670 ₹1,46,660 ▲ ₹10 मुंबई ₹1,46,520 ₹1,46,510 ▲ ₹10 कोलकाता ₹1,46,520 ₹1,46,510 ▲ ₹10 चेन्नई ₹1,48,360 ₹1,48,350 ▲ ₹10 चांदी के दाम में आई नरमी सोने के मुकाबले चांदी की कीमत में आज गिरावट दर्ज की गई है। एक किलोग्राम चांदी का भाव 100 रुपये घटकर ₹2,49,900 पर आ गया है। जून महीने में अब तक चांदी की कीमत में करीब 10.75 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। चांदी का ताजा भाव (प्रति किलो) शहर आज का भाव कल का भाव बदलाव पटना ₹2,49,900 ₹2,50,000 ▼ ₹100 लखनऊ ₹2,49,900 ₹2,50,000 ▼ ₹100 रांची ₹2,49,900 ₹2,50,000 ▼ ₹100 दिल्ली ₹2,49,900 ₹2,50,000 ▼ ₹100 मुंबई ₹2,49,900 ₹2,50,000 ▼ ₹100 कोलकाता ₹2,49,900 ₹2,50,000 ▼ ₹100 चेन्नई ₹2,54,900 ₹2,55,000 ▼ ₹100 बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय कीमतों और घरेलू मांग के आधार पर आने वाले दिनों में सोना और चांदी के दाम में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले ताजा रेट जरूर जांच लें।  

surbhi जून 23, 2026 0
Gold-Silver
चांदी ₹744 गिरकर ₹2.48 लाख पर आई, 10 ग्राम सोना ₹558 सस्ता होकर ₹1.50 लाख का हुआ

नई दिल्ली, एजेंसियां। सोने-चांदी के दाम में आज यानी 17 जून को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी 744 रुपए गिरकर 2.48 लाख रुपए पर आ गई। इससे पहले इसकी कीमत 2.49 लाख रुपए प्रति किलो थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 558 रुपए गिरकर 1.50 लाख रुपए पर आ गया है। चांदी इस साल 18 हजार और सोना 17 हजार महंगा हुआ हालांकि इस साल सोने-चांदी की कीमत बढ़ी है। सोना 2026 में अब तक 17 हजार रुपए महंगा हो चुका है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.50 लाख रुपए पर है। वहीं, चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.48 लाख रुपए पर है। सोने की कीमत 1.93 लाख तक जा सकती है अमेरिकी बैंकिंग व फाइनेंशियल सर्विसेज ग्रुप वेल्स फार्गो ने सोने की कीमत का लक्ष्य बढ़ाकर 6,100-6,300 डॉलर प्रति औंस कर दिया। यानी इसकी कीमत 1.93 लाख तक जा सकती है। वहीं औद्योगिक मांग और सप्लाई की कमी से चांदी लंबी अवधि में निवेशकों को फायदा दे सकती है।

abhishek singh जून 17, 2026 0
Gold Silver Rate
सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट, तीन दिन की तेजी पर लगा ब्रेक

नई दिल्ली, एजेंसियां। नई दिल्ली में लगातार तीन दिनों से जारी सोने और चांदी की तेजी पर अब ब्रेक लग गया है। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में नरमी और अमेरिका-ईरान शांति वार्ता से जुड़ी खबरों के बीच निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी है, जिससे कीमती धातुओं के दामों में गिरावट दर्ज की गई है।   वायदा बाजार में नरमी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार की शुरुआत आज गिरावट के साथ हुई। जुलाई 2026 डिलीवरी वाली चांदी की कीमत करीब 0.5% गिरकर 2,50,001 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई, जबकि अगस्त 2026 डिलीवरी वाला सोना भी हल्की कमजोरी के साथ 1,52,842 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सुरक्षित निवेश की मांग में कमी के चलते कीमतों पर दबाव बना है।   शहरों में अलग-अलग रेट देश के विभिन्न शहरों में सोने की कीमतों में स्थानीय टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण अंतर देखने को मिला। दक्षिण भारत के तिरुवनंतपुरम में सोना सबसे महंगा रहा, जहां 24 कैरेट सोना 1,53,280 रुपये और 22 कैरेट 1,40,507 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। चेन्नई भी महंगे शहरों में शामिल रहा। इसके विपरीत, राजधानी दिल्ली में सोना सबसे सस्ता रहा, जहां 24 कैरेट सोना 1,52,470 रुपये और 22 कैरेट 1,39,764 रुपये प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध रहा। मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में भी कीमतें लगभग समान स्तर पर दर्ज की गईं।   चांदी की कीमत स्थिर देशभर में चांदी का खुदरा भाव लगभग स्थिर रहा और यह 2,50,260 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करता दिखा। बाजार में फिलहाल सीमित उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, जिससे निवेशकों में सतर्कता बनी हुई है।   आगे बाजार की दिशा पर नजर विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है। वैश्विक बाजार अब अमेरिका-ईरान वार्ता के अंतिम परिणाम और केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीतियों पर नजर बनाए हुए हैं। इन्हीं कारकों के आधार पर आने वाले दिनों में सोना-चांदी की कीमतों की दिशा तय होगी।

abhishek singh जून 16, 2026 0
Today Gold Silver Rate
Gold-Silver Price Today: सोना-चांदी खरीदने से पहले जान लें आज के ताजा भाव

नई दिल्ली, एजेंसियां। 5 जून 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 24 कैरेट सोने का वायदा भाव 18 रुपये की गिरावट के साथ 1,55,722 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी का वायदा भाव 116 रुपये घटकर 2,64,680 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। हालांकि गिरावट के बावजूद दोनों की कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाई के करीब बनी हुई हैं। प्रमुख शहरों में सोने के ताजा रेट देश की राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,56,260 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना 1,43,250 रुपये और 18 कैरेट सोना 1,17,230 रुपये प्रति 10 ग्राम बिक रहा है। मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट सोने का भाव 1,56,110 रुपये प्रति 10 ग्राम है। चेन्नई में सोना सबसे महंगा है, जहां 24 कैरेट सोने की कीमत 1,57,970 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गई है। पटना, लखनऊ, जयपुर, गुरुग्राम और चंडीगढ़ में भी सोने के भाव लगभग दिल्ली के बराबर बने हुए हैं। चांदी के भाव में भी बनी हुई मजबूती चांदी की कीमतों में हल्की नरमी देखने को मिली है, लेकिन बाजार में इसकी मांग मजबूत बनी हुई है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, पटना और अन्य अधिकांश शहरों में चांदी 2,80,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है। वहीं चेन्नई में चांदी का भाव 2,90,000 रुपये प्रति किलोग्राम है, जो देश में सबसे अधिक है। क्यों महंगा बना हुआ है सोना-चांदी? विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोने की बढ़ती मांग कीमतों को समर्थन दे रही है। दूसरी ओर, इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर उद्योगों में बढ़ती खपत के कारण चांदी की मांग भी लगातार बढ़ रही है। आयात शुल्क और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव का असर भी घरेलू कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है। खरीदारी से पहले करें कीमतों की जांच विशेषज्ञों का कहना है कि सोना या चांदी खरीदने से पहले अपने शहर के ताजा भाव और मेकिंग चार्ज जरूर जांच लें, क्योंकि विभिन्न शहरों और ज्वेलर्स के अनुसार कीमतों में अंतर हो सकता है।

Unknown जून 5, 2026 0
Gold Silver Price
सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट, निवेशकों और खरीदारों को मिली राहत

नई दिल्ली, एजेंसियां। देश के सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। पिछले कुछ दिनों से रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंची कीमती धातुओं की कीमतों में आई नरमी से निवेशकों और ग्राहकों को राहत मिली है। हालांकि वायदा बाजार में हल्की रिकवरी देखने को मिली, लेकिन खुदरा बाजार में सोना और चांदी अब भी अपने हालिया उच्च स्तर से नीचे कारोबार कर रहे हैं। 24 और 22 कैरेट सोने के भाव में कमी आज 24 कैरेट सोने की कीमत विभिन्न शहरों में लगभग 1.56 लाख रुपये से 1.61 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच रही। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 1,59,530 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया, जबकि 22 कैरेट सोना 1,46,230 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है। मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में 24 कैरेट सोने का भाव 1,59,380 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा, जबकि 22 कैरेट सोना 1,46,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। चेन्नई में सोने की कीमत सबसे अधिक रही, जहां 24 कैरेट सोना 1,61,240 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,47,800 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। क्यों गिरे सोने के दाम? विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक आर्थिक बाजारों में अनिश्चितता पैदा की है। हालांकि सामान्य तौर पर भू-राजनीतिक संकट के दौरान सोने को सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इस बार निवेशकों को आशंका है कि बढ़ते तनाव से महंगाई बढ़ सकती है। यदि महंगाई बढ़ती है तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है। ऊंची ब्याज दरों के कारण निवेशक बॉन्ड और अन्य ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं, जिससे सोने की मांग कमजोर पड़ती है और कीमतों पर दबाव बनता है। चांदी में भी बड़ी गिरावट सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को चांदी के भाव में 3,000 से 4,500 रुपये प्रति किलोग्राम तक की कमी आई थी। हालांकि गुरुवार सुबह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में चांदी के वायदा कारोबार में हल्की रिकवरी देखने को मिली। दिल्ली में 999 शुद्धता वाली चांदी का भाव 2,96,900 रुपये प्रति किलोग्राम रहा, जबकि मुंबई में यह 2,95,900 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया। चेन्नई और हैदराबाद में चांदी के दाम अपेक्षाकृत अधिक रहे, जहां कीमतें 3.03 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बनी हुई हैं। खरीदारों के लिए अवसर विश्लेषकों का मानना है कि कीमतों में आई यह नरमी आभूषण खरीदने वालों और दीर्घकालिक निवेशकों के लिए अच्छा अवसर हो सकती है। हालांकि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए आने वाले दिनों में सोने और चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना बनी हुई है।

Unknown जून 4, 2026 0
Gold Price Fall
अमेरिका-ईरान तनाव घटते ही टूटा सोना, 600 रुपये गिरा भाव

नई दिल्ली, एजेंसियां। शादी और त्योहारी सीजन के बीच सोना खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक बातचीत में सकारात्मक संकेत मिलने के बाद सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को सोना 600 रुपये सस्ता होकर 1,64,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इसके साथ ही पिछले तीन दिनों से जारी तेजी पर भी ब्रेक लग गया।   घरेलू बाजार में क्या रहे भाव? बाजार जानकारों के मुताबिक, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत गिरकर 1.64 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई है। वहीं चांदी की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ और यह 2,71,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर बनी रही। सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि वैश्विक बाजार में हल्की नरमी का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा है।   अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी हलचल अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना मामूली गिरावट के साथ 4,522.32 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं वैश्विक स्तर पर चांदी करीब 1 प्रतिशत टूटकर 75.87 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक राजनीतिक हालात और कच्चे तेल की कीमतें फिलहाल सोने-चांदी के बाजार की दिशा तय कर रही हैं।   क्यों टूटा सोने का भाव? विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में शुरुआती प्रगति की खबरों से निवेशकों की घबराहट कुछ कम हुई है। आमतौर पर वैश्विक तनाव बढ़ने पर निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर रुख करते हैं, लेकिन तनाव कम होने की उम्मीद से मांग कमजोर हुई और कीमतों में गिरावट आई। हालांकि बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम और हॉर्मुज जलडमरूमध्य जैसे मुद्दों पर विवाद अब भी बना हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों की नजर अब अमेरिका-ईरान वार्ता और अंतरराष्ट्रीय बाजार की गतिविधियों पर टिकी हुई है।

Unknown मई 25, 2026 0
Gold ornaments and temple gold reserves displayed as Finance Ministry denies rumours about monetisation scheme.
Gold Rate Today: क्या सरकार मंदिरों का सोना बेचने जा रही है? वित्त मंत्रालय ने अफवाहों पर दी सफाई

सोने को लेकर सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में चल रही चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। दावा किया जा रहा था कि सरकार मंदिरों में रखे गए सोने को मोनेटाइज करने की योजना बना रही है और इसके बदले गोल्ड बॉन्ड जारी किए जाएंगे। लेकिन Ministry of Finance ने इन खबरों को पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताया है। क्या था दावा? कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि सरकार मंदिर ट्रस्टों और धार्मिक संस्थानों के पास जमा सोने को “Strategic Gold Reserve” घोषित कर सकती है। साथ ही यह भी दावा किया गया कि मंदिरों के सोने के बदले गोल्ड बॉन्ड जारी करने की तैयारी हो चुकी है। इन खबरों के वायरल होने के बाद लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। वित्त मंत्रालय ने क्या कहा? वित्त मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा है कि मंदिरों या धार्मिक संस्थानों के सोने के लिए किसी तरह की नई गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम लाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। मंत्रालय के अनुसार: मंदिरों के सोने को लेकर फैलाई जा रही खबरें निराधार हैं सरकार ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है मंदिरों के स्तंभों, दरवाजों या ढांचों पर चढ़े सोने को स्ट्रैटजिक रिजर्व घोषित करने की बातें भी झूठी हैं सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक प्रेस रिलीज और सरकारी प्लेटफॉर्म्स पर जारी जानकारी पर ही भरोसा करें। भारत में कितना सोना मौजूद है? एक अनुमान के अनुसार भारतीय घरों और मंदिरों में करीब 50,000 टन सोना मौजूद है, जिसकी कुल कीमत लगभग 10,000 अरब डॉलर आंकी जाती है। भारत दुनिया में चीन के बाद सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता माना जाता है। पीएम मोदी की अपील क्यों चर्चा में आई? हाल ही में Narendra Modi ने ईरान युद्ध और वैश्विक आर्थिक दबावों के बीच देशवासियों से: पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने खाने के तेल का सीमित उपयोग करने एक साल तक सोना खरीदने से बचने विदेश यात्राएं कम करने की अपील की थी। सरकार का मानना है कि इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और चालू खाते के घाटे पर दबाव कम किया जा सकेगा। सोने के आयात में लगातार बढ़ोतरी भारत हर साल बड़ी मात्रा में सोना आयात करता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक: पिछले साल भारत ने करीब 72 अरब डॉलर का सोना आयात किया सोने का आयात सालाना आधार पर करीब 24% बढ़ा सरकार ने हाल ही में सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते सोना आयात से विदेशी मुद्रा भंडार और रुपये पर दबाव बढ़ता है। अफवाहों से सावधान रहने की अपील सरकार ने कहा है कि किसी भी नई स्कीम या फैसले की जानकारी हमेशा आधिकारिक माध्यमों से दी जाती है। इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल अपुष्ट खबरों से बचने की जरूरत है।  

surbhi मई 19, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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