Gold silver price today

Gold-Silver Price Today
Gold-Silver Price Today: सोना-चांदी की कीमतों में बदलाव, खरीदारी से पहले जानें अपने शहर का ताजा भाव

नई दिल्ली, एजेंसियां। अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो खरीदारी से पहले ताजा बाजार भाव जानना जरूरी है। 1 जून 2026, सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव देखने को मिला है। वैश्विक बाजार के रुझान, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और घरेलू मांग का असर दोनों कीमती धातुओं की कीमतों पर दिखाई दे रहा है। बाजार में बढ़ती मांग और आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण सोने में हल्की तेजी दर्ज की गई है।   सोने के दाम में दर्ज हुई बढ़त आज 24 कैरेट (999 शुद्धता) सोने की कीमत लगभग 15,703 रुपये प्रति ग्राम दर्ज की गई है, जबकि 22 कैरेट सोना 14,394 रुपये प्रति ग्राम के भाव पर बिक रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार महंगाई और वैश्विक निवेशकों की बढ़ती रुचि के चलते सोने की कीमतों को समर्थन मिल रहा है।   प्रमुख शहरों में सोने के भाव दिल्ली में 24 कैरेट सोना 15,718 रुपये और 22 कैरेट सोना 14,409 रुपये प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा है। वहीं मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और केरल में 24 कैरेट सोने का भाव 15,703 रुपये प्रति ग्राम है। चेन्नई में सोने की कीमत अन्य शहरों की तुलना में अधिक है, जहां 24 कैरेट सोना 15,959 रुपये प्रति ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है।   चांदी की कीमतों में भी मजबूती सोने के साथ-साथ चांदी के दाम भी मजबूत बने हुए हैं। देश में सिल्वर 999 की कीमत करीब 2,79,900 रुपये प्रति किलोग्राम है, जबकि सिल्वर 925 लगभग 2,74,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में चांदी का भाव 2,799 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि चेन्नई में यह 2,899 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है।   निवेशकों की बनी हुई है नजर विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, डॉलर की चाल और औद्योगिक मांग आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में निवेशकों और खरीदारों को बाजार की गतिविधियों पर नजर रखते हुए फैसला लेने की सलाह दी जा रही है।

Unknown जून 1, 2026 0
Gold and silver bars with falling price chart on MCX showing decline in precious metals rates
Gold Silver Price Today: सोना-चांदी फिर सस्ता, MCX पर भारी गिरावट–जानें आज के ताजा रेट

कीमती धातुओं के बाजार में आज फिर नरमी देखने को मिली है। Multi Commodity Exchange (MCX) पर शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों और खरीदारों दोनों के लिए यह अहम अपडेट बन गया है। सोने में 1000 रुपये तक की गिरावट MCX पर 5 जून डिलीवरी वाला सोना पिछले सत्र में ₹1,51,761 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जो आज गिरकर ₹1,50,750 तक पहुंच गया। सुबह 10:20 बजे यह करीब ₹589 (0.39%) की गिरावट के साथ ₹1,51,172 पर ट्रेड करता नजर आया। चांदी भी 2000 रुपये तक सस्ती चांदी की कीमतों में भी बड़ा झटका देखने को मिला। 5 मई डिलीवरी वाली चांदी ₹2,41,513 प्रति किलो से गिरकर ₹2,39,200 तक आ गई। सुबह के कारोबार में यह करीब ₹713 (0.30%) की गिरावट के साथ ₹2,40,800 पर ट्रेड कर रही थी। क्यों आई कीमतों में गिरावट? विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर अनिश्चितता, डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर सोने-चांदी पर पड़ा है। वैश्विक स्तर पर मिश्रित संकेत मिलने से निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं, जिससे कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। सराफा बाजार में भी नरमी राष्ट्रीय राजधानी New Delhi के सराफा बाजार में भी गिरावट देखने को मिली। 24 कैरेट सोना करीब ₹1.57 लाख प्रति 10 ग्राम तक आ गया, जबकि चांदी ₹2.55 लाख प्रति किलो के आसपास रही। प्रमुख शहरों में सोने के दाम (24 अप्रैल 2026) दिल्ली: 24K ₹153700 | 22K ₹140900 | 18K ₹115310 मुंबई: 24K ₹153550 | 22K ₹140750 | 18K ₹115160 कोलकाता: 24K ₹153550 | 22K ₹140750 | 18K ₹115160 चेन्नई: 24K ₹154480 | 22K ₹141600 | 18K ₹118100 पटना: 24K ₹153600 | 22K ₹140800 | 18K ₹115210 आगे किन फैक्टर्स पर रहेगी नजर? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम, खासकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां, सोने-चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगी। निवेशकों को फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।  

surbhi अप्रैल 24, 2026 0
Gold Silver Price Today
Gold Silver Price Today: सर्राफा बाजार में उतार-चढ़ाव, जानें आज का ताजा भाव

नई दिल्ली, एजेंसियां। 1 अप्रैल को सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। जहां सोना 750 रुपये की तेजी के साथ ₹1.51 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, वहीं चांदी 1380 रुपये गिरकर ₹2.40 लाख प्रति किलोग्राम पर आ गई। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच नरमी की उम्मीदों और वैश्विक संकेतों का असर घरेलू बाजार पर साफ नजर आया।   सोना मजबूत, चांदी में गिरावट आज के कारोबार में सोने की कीमतों में मजबूती बनी रही, जबकि चांदी दबाव में दिखाई दी। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों का रुझान फिलहाल सुरक्षित निवेश यानी सोने की ओर बढ़ा है। दूसरी ओर, चांदी में मुनाफावसूली और औद्योगिक मांग को लेकर अनिश्चितता के कारण गिरावट दर्ज की गई।   अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिला सपोर्ट वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी में हलचल बनी रही। कॉमेक्स पर सोने की कीमत 1.25% बढ़कर 4,737 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। पिछले सत्र में इसमें 3.5% की तेजी देखी गई थी। वहीं, चांदी 0.42% चढ़कर 75.23 डॉलर प्रति औंस पर पहुंची। इससे साफ है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी निवेशकों का रुझान कीमती धातुओं की ओर बना हुआ है।   तेजी की वजह क्या है? अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को लेकर कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि युद्ध अगले दो से तीन हफ्तों में समाप्त हो सकता है। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने भी संघर्ष खत्म करने की इच्छा जताई है। इन संकेतों ने बाजार में उम्मीद जगाई है।   निवेशकों की नजर फेड और महंगाई पर हालांकि वैश्विक तनाव अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। तेल सप्लाई और महंगाई को लेकर चिंता बनी हुई है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व और जेरोम पॉवेल के आगामी बयानों पर टिकी है, जो सोना-चांदी की अगली चाल तय कर सकते हैं।

Unknown अप्रैल 1, 2026 0
Gold-Silver Price Today
Gold-Silver Price Today: सर्राफा बाजार में बड़ी गिरावट, सोना-चांदी हुए सस्ते

नई दिल्ली, एजेंसियां। मंगलवार को सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों के बदले रुख का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दिया। सोने और चांदी दोनों की कीमतों में भारी कमी से खरीदारों को राहत मिली है।   चांदी में भारी गिरावट, सोना भी लुढ़का ताजा आंकड़ों के अनुसार, चांदी की कीमत करीब 9050 रुपये गिरकर 2.16 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। वहीं सोने का भाव 2360 रुपये टूटकर लगभग 1.37 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। यह गिरावट हाल के दिनों में सबसे बड़ी मानी जा रही है।   अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर वैश्विक बाजार में भी कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। कॉमेक्स पर सोने की कीमत करीब 3% गिरकर 4462 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई, जो पिछले कई दशकों में सबसे खराब साप्ताहिक प्रदर्शन में से एक है। चांदी भी करीब 3% टूटकर 67.5 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और आर्थिक अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।   गिरावट की प्रमुख वजहें विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती ब्याज दरों की आशंका सोने के लिए नकारात्मक साबित हो रही है। सोना ब्याज नहीं देता, ऐसे में निवेशक उच्च रिटर्न वाले विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। साथ ही ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई बढ़ने की आशंका है, जिससे केंद्रीय बैंक सख्त नीति अपना सकते हैं।   आगे क्या रहेगा रुख? विश्लेषकों के मुताबिक आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशक फिलहाल जोखिम कम करने की रणनीति अपना रहे हैं। ऐसे में बाजार में स्थिरता आने में अभी समय लग सकता है, हालांकि गिरती कीमतें खरीदारों के लिए अवसर भी बन सकती हैं।

Unknown मार्च 24, 2026 0
Gold silver price today
सोने-चांदी में जोरदार उछाल, सोना 1.57 लाख रुपये पर

नई दिल्ली, एजेंसियां। मंगलवार को सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेज बढ़त दर्ज की गई। वैश्विक अनिश्चितता और डॉलर की कमजोरी के बीच निवेशकों का रुझान एक बार फिर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ा है। इसी के चलते चांदी की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिला, जबकि सोना भी मजबूत स्तर पर पहुंच गया।   चांदी 3000 रुपये महंगी, सोना 1.57 लाख के पार आज के कारोबार में चांदी की कीमत 3000 रुपये बढ़कर करीब 2.59 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। वहीं सोने का भाव 860 रुपये की तेजी के साथ लगभग 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। हाल के दिनों में उतार-चढ़ाव के बाद यह उछाल निवेशकों की बढ़ती खरीदारी को दर्शाता है।   वैश्विक कारकों का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में हल्की बढ़त दर्ज की गई, जबकि चांदी में मामूली गिरावट देखी गई। इस बीच अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में कमजोरी आई, जिससे सोने को समर्थन मिला। साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता ने भी बुलियन मार्केट को प्रभावित किया।   पश्चिम एशिया तनाव से बढ़ी चिंता अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच जारी तनाव का असर भी बाजार पर साफ दिख रहा है। फारस की खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। यही वजह है कि लोग सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश के रूप में प्राथमिकता दे रहे हैं।   महंगाई और ब्याज दरों पर नजर विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा कीमतों में उछाल से महंगाई बढ़ सकती है। इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो गई है। ऐसे माहौल में सोने-चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

Unknown मार्च 17, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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US President Donald Trump speaks about Iran talks, nuclear concerns, and a possible diplomatic agreement.
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ट्रंप बोले- समझौते से हो या सैन्य कार्रवाई से, अंत में अमेरिका ही जीतेगा

Deepshikha जून 5, 2026 0