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Candidates applying online for UPSSSC Auditor and Assistant Accountant recruitment 2026 vacancies
यूपी में ऑडिटर और असिस्टेंट अकाउंटेंट के 1829 पदों पर भर्ती, जानें योग्यता, सैलरी और आवेदन की पूरी प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। Uttar Pradesh Subordinate Services Selection Commission ने ऑडिटर और असिस्टेंट अकाउंटेंट के पदों पर बंपर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 1829 रिक्त पदों को भरा जाएगा। कॉमर्स पृष्ठभूमि वाले अभ्यर्थियों के लिए यह सरकारी नौकरी पाने का शानदार अवसर माना जा रहा है। कब शुरू होंगे आवेदन? इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 14 जुलाई 2026 से शुरू होगी। इच्छुक उम्मीदवार 3 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। वहीं आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 10 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। कुल पदों का विवरण भर्ती के माध्यम से ऑडिटर और असिस्टेंट अकाउंटेंट के कुल 1829 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। कौन कर सकता है आवेदन? इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास निम्न योग्यताएं होना आवश्यक हैं— वैध यूपीएसएसएससी पीईटी स्कोर कार्ड होना चाहिए। किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बीकॉम की डिग्री या अकाउंटेंसी में स्नातकोत्तर डिप्लोमा होना चाहिए। कंप्यूटर का ‘ओ’ लेवल प्रमाणपत्र या उसके समकक्ष योग्यता होना अनिवार्य है। अभ्यर्थी की आयु 21 वर्ष से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट मिलेगी। कितना मिलेगा वेतन? चयनित उम्मीदवारों को वेतनमान स्तर-5 के तहत नियुक्त किया जाएगा। न्यूनतम वेतन: 29,200 रुपये प्रतिमाह अधिकतम वेतन: 92,300 रुपये प्रतिमाह इसके अलावा महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा। आवेदन कैसे करें? आवेदन शुरू होने के बाद यूपीएसएसएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। उम्मीदवार पंजीकरण विकल्प पर क्लिक करें। पीईटी पंजीकरण संख्या की सहायता से लॉगिन करें। मांगी गई सभी जानकारी सही-सही भरें। आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें। आवेदन शुल्क का भुगतान करें। आवेदन पत्र जमा करने के बाद उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे कॉमर्स वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए यह भर्ती एक सुनहरा अवसर साबित हो सकती है। निर्धारित तिथि से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी करना जरूरी होगा।  

surbhi जून 4, 2026 0
BPCL recruitment
BPCL में निकली हाई-सैलरी वाली भर्ती, सालाना 55 लाख तक कमाने का मौका

नई दिल्ली, एजेंसियां। देश की प्रमुख तेल एवं गैस कंपनी Bharat Petroleum Corporation Limited (BPCL) ने मिड-सीनियर लेवल पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती अभियान की सबसे बड़ी खासियत आकर्षक वेतन पैकेज है, जो कुछ पदों पर सालाना 55 लाख रुपये से अधिक तक पहुंच सकता है। सरकारी क्षेत्र में उच्च वेतन और प्रतिष्ठित करियर की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह एक बेहतरीन अवसर माना जा रहा है।   कई विभागों में होगी नियुक्ति भर्ती प्रक्रिया 31 मई 2026 से शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 20 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन केवल BPCL के करियर पोर्टल के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। भर्ती के तहत Bharat PetroResources Limited, कंपनी सेक्रेटरी, फाइनेंस, पेट्रोकेमिकल्स और वेसाइड एमिनिटीज (WSA) विभागों में विभिन्न पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। जानकारी के अनुसार, BPRL में 5 पद, कंपनी सेक्रेटरी विभाग में 4 पद, पेट्रोकेमिकल्स में 2 पद तथा वेसाइड एमिनिटीज में 5 पदों पर भर्ती होगी। वहीं फाइनेंस विभाग में आवश्यकता के अनुसार योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।   योग्यता और आयु सीमा BPRL के पदों के लिए BE, BTech या Geology/Geophysics में पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री आवश्यक है। कंपनी सेक्रेटरी पद के लिए ICSI की योग्यता अनिवार्य रखी गई है, जबकि फाइनेंस विभाग के लिए CA या ICWA की डिग्री जरूरी होगी। अधिकांश पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा 34 से 50 वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि कुछ वरिष्ठ पदों के लिए यह सीमा 55 वर्ष तक है।   55 लाख रुपये तक सालाना CTC चयनित उम्मीदवारों को E2 से E8 ग्रेड के अनुसार वेतन दिया जाएगा। E2 ग्रेड का अनुमानित वार्षिक CTC लगभग 21 लाख रुपये से शुरू होकर E8 ग्रेड में 55.49 लाख रुपये तक पहुंचता है। यही इस भर्ती की सबसे बड़ी आकर्षण है।   आवेदन शुल्क सामान्य, ओबीसी-एनसीएल, ईडब्ल्यूएस और पूर्व सैनिक वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 1180 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं SC, ST और दिव्यांग उम्मीदवारों को शुल्क से पूरी तरह छूट दी गई है। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन करने से पहले आधिकारिक अधिसूचना का सावधानीपूर्वक अध्ययन कर लें।

Unknown जून 3, 2026 0
SSC CGL Income Tax Inspector recruitment information with salary, eligibility and selection process details
SSC CGL के जरिए बनें इनकम टैक्स इंस्पेक्टर, सैलरी 1.5 लाख रुपये तक; जानिए योग्यता, चयन प्रक्रिया और आवेदन की पूरी जानकारी

सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बेहतरीन अवसर सामने आया है। कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा आयोजित संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (SSC CGL) के माध्यम से केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) में इनकम टैक्स इंस्पेक्टर के पद पर भर्ती की जाती है। यह केंद्र सरकार की ग्रुप ‘बी’ श्रेणी की प्रतिष्ठित नौकरियों में शामिल है, जिसे हर साल लाखों अभ्यर्थी अपना लक्ष्य बनाते हैं। आकर्षक वेतन, स्थायी नौकरी, विभिन्न सरकारी भत्तों और बेहतर प्रमोशन संभावनाओं के कारण यह पद युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय माना जाता है। हाल ही में SSC ने CGL भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसके तहत इच्छुक उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। क्या होता है इनकम टैक्स इंस्पेक्टर का काम? इनकम टैक्स इंस्पेक्टर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के अंतर्गत कार्य करता है। इस पद पर नियुक्त अधिकारी का मुख्य कार्य आयकर से जुड़े मामलों की जांच करना, करदाताओं के रिटर्न की निगरानी करना, कर चोरी से संबंधित मामलों की जांच करना तथा कर कानूनों के पालन को सुनिश्चित करना होता है। इसके अलावा विभागीय सर्वे, दस्तावेजों की जांच और विभिन्न प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी इस पद का हिस्सा होती हैं। आयु सीमा SSC CGL के माध्यम से इनकम टैक्स इंस्पेक्टर पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार की आयु 18 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों को केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट प्रदान की जाती है। कितनी मिलेगी सैलरी? इनकम टैक्स इंस्पेक्टर का पद वेतन स्तर-8 (पे लेवल-8) के अंतर्गत आता है। वेतन विवरण: मूल वेतन: 47,600 रुपये प्रति माह वेतनमान: 47,600 रुपये से 1,51,100 रुपये प्रति माह इसके अलावा कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता (TA) और अन्य सरकारी सुविधाएं भी मिलती हैं। सभी भत्तों को जोड़ने के बाद शुरुआती इन-हैंड सैलरी शहर और पोस्टिंग के अनुसार 70,000 रुपये या उससे अधिक हो सकती है। शैक्षणिक योग्यता इस पद के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (ग्रेजुएशन) पास होना अनिवार्य है। किसी भी विषय से स्नातक अभ्यर्थी SSC CGL परीक्षा के माध्यम से इस पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया कैसे होगी? इनकम टैक्स इंस्पेक्टर पद पर चयन SSC CGL परीक्षा के माध्यम से किया जाता है। चयन प्रक्रिया में शामिल हैं: टियर-1 परीक्षा टियर-2 परीक्षा दस्तावेज सत्यापन इन सभी चरणों में प्रदर्शन और मेरिट के आधार पर उम्मीदवारों को अंतिम रूप से पद आवंटित किया जाता है। आवेदन कैसे करें? आवेदन करने के लिए उम्मीदवार निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाएं: SSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) पूरा करें। SSC CGL 2026 आवेदन लिंक पर क्लिक करें। आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सावधानीपूर्वक भरें। आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें। आवेदन शुल्क का भुगतान करें। फॉर्म जमा करने के बाद उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें। SSC CGL के माध्यम से इनकम टैक्स इंस्पेक्टर का पद उन युवाओं के लिए एक शानदार अवसर है जो प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी, अच्छा वेतन और करियर में स्थिरता चाहते हैं। ग्रेजुएट अभ्यर्थियों के लिए यह भर्ती सरकारी सेवा में प्रवेश का एक बेहतरीन माध्यम साबित हो सकती है।  

surbhi मई 30, 2026 0
Income Tax Department office building representing Office Superintendent government job under SSC CGL recruitment.
इनकम टैक्स विभाग में Office Superintendent की नौकरी क्यों है खास? जानिए सैलरी, काम और चयन प्रक्रिया

Income Tax Department में नौकरी करना आज भी लाखों युवाओं का सपना माना जाता है। अच्छी सैलरी, सरकारी सुविधाएं और सम्मानजनक पद के कारण इस विभाग की नौकरियों का काफी क्रेज रहता है। हाल ही में एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद “Office Superintendent” पद चर्चा में आ गया है, जिसके बारे में कई अभ्यर्थी जानकारी जुटा रहे हैं। यह पद Central Board of Direct Taxes (CBDT) के अंतर्गत आता है और इसे Staff Selection Commission की SSC CGL परीक्षा के जरिए भरा जाता है। ग्रुप-B की प्रतिष्ठित पोस्ट Income Tax Department में Office Superintendent एक Group-B Non-Gazetted पद होता है। यह Pay Level-6 के अंतर्गत आता है और इसमें प्रशासनिक व सुपरवाइजरी जिम्मेदारियां निभानी होती हैं। यह नौकरी उन उम्मीदवारों के लिए काफी आकर्षक मानी जाती है जो सरकारी सेक्टर में स्थिर करियर और बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस चाहते हैं। क्या होता है Office Superintendent का काम? इस पद पर नियुक्त कर्मचारी विभाग के प्रशासनिक कार्यों की निगरानी करता है। ऑफिस के संचालन को व्यवस्थित रखना इसकी मुख्य जिम्मेदारी होती है। प्रमुख जिम्मेदारियां ऑफिस के दैनिक कार्यों की निगरानी कर्मचारियों के कार्यों का समन्वय प्रशासनिक रिपोर्ट तैयार करना विभागीय प्रक्रियाओं और रिकॉर्ड का प्रबंधन ऑफिस मैनेजमेंट से जुड़े कार्यों को संभालना यह पूरी तरह प्रशासनिक और सुपरवाइजरी प्रकृति की नौकरी होती है। कितनी मिलती है सैलरी? Office Superintendent पद पर शुरुआती बेसिक पे ₹35,400 प्रति माह होती है। इसके अलावा HRA, DA और अन्य सरकारी भत्ते भी मिलते हैं। अनुमानित सैलरी स्ट्रक्चर वेतन विवरण राशि शुरुआती बेसिक पे ₹35,400 प्रति माह HRA, DA और अन्य भत्ते नियमानुसार अनुमानित इन-हैंड सैलरी ₹48,000 से ₹58,000 प्रति माह मेट्रो शहरों में पोस्टिंग होने पर HRA ज्यादा मिलने के कारण इन-हैंड सैलरी ₹60,000 के करीब भी पहुंच सकती है। कैसे बन सकते हैं Office Superintendent? इस पद पर चयन के लिए उम्मीदवारों को SSC CGL परीक्षा पास करनी होती है। मेरिट और पोस्ट प्रेफरेंस के आधार पर उम्मीदवारों को विभाग और पद आवंटित किए जाते हैं। जरूरी योग्यता किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन SSC CGL परीक्षा में सफलता मेरिट लिस्ट में अच्छा प्रदर्शन क्यों लोकप्रिय है यह नौकरी? इस पद की लोकप्रियता के पीछे कई वजहें हैं: आकर्षक सरकारी सैलरी स्थिर और सुरक्षित करियर प्रमोशन के अच्छे अवसर केंद्रीय सरकारी कर्मचारी के लाभ बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस इसी वजह से हर साल लाखों उम्मीदवार SSC CGL परीक्षा देकर इनकम टैक्स विभाग में नौकरी पाने का सपना देखते हैं।  

surbhi मई 19, 2026 0
Students applying online for SSC Stenographer Recruitment 2026 before the last application deadline
SSC Stenographer Recruitment 2026: 12वीं पास के लिए आखिरी मौका, 731 पदों पर भर्ती, आज है आवेदन की अंतिम तारीख

सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। कर्मचारी चयन आयोग (Staff Selection Commission) ने SSC स्टेनोग्राफर ग्रेड C और D भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया आज यानी 15 मई 2026 को समाप्त कर दी है। ऐसे में योग्य उम्मीदवारों के लिए यह अंतिम मौका है। इस भर्ती के तहत कुल 731 पदों पर नियुक्ति की जाएगी, जिसके लिए देशभर से 12वीं पास अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। भर्ती से जुड़ी मुख्य जानकारी भर्ती संस्था: SSC (Staff Selection Commission) पद: Stenographer Grade C & D कुल पद: 731 योग्यता: 12वीं पास आवेदन की अंतिम तिथि: 15 मई 2026 (रात 11:00 बजे तक) आधिकारिक वेबसाइट: ssc.gov.in महत्वपूर्ण तिथियां आवेदन शुरू: 24 अप्रैल 2026 अंतिम तिथि: 15 मई 2026 फीस जमा करने की अंतिम तिथि: 16 मई 2026 करेक्शन विंडो: 20 से 21 मई 2026 परीक्षा संभावित: जुलाई – अगस्त 2026 कौन कर सकता है आवेदन? इस भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं पास निर्धारित की गई है। आयु सीमा: ग्रेड C: 18 से 30 वर्ष ग्रेड D: 18 से 27 वर्ष आरक्षित वर्ग को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट मिलेगी परीक्षा पैटर्न (SSC Stenographer Exam Pattern) भर्ती प्रक्रिया दो चरणों में होगी: 1. कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) कुल प्रश्न: 200 इंग्लिश लैंग्वेज और कॉम्प्रिहेंशन: 100 प्रश्न जनरल इंटेलिजेंस और रीजनिंग: 50 प्रश्न जनरल अवेयरनेस: 50 प्रश्न नेगेटिव मार्किंग: 0.25 अंक 2. स्किल टेस्ट (Stenography Test) ग्रेड C: 100 शब्द प्रति मिनट ग्रेड D: 80 शब्द प्रति मिनट आवेदन कैसे करें? उम्मीदवार निम्न स्टेप्स फॉलो करके आवेदन कर सकते हैं: आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर जाएं नया रजिस्ट्रेशन करें लॉगिन कर आवेदन फॉर्म भरें आवश्यक विवरण और दस्तावेज अपलोड करें फीस जमा करें फॉर्म सबमिट कर प्रिंट निकाल लें   अंतिम मौका, जल्दी करें आवेदन आज आवेदन की अंतिम तिथि होने के कारण वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक हो सकता है। ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें ताकि किसी भी तकनीकी समस्या से बचा जा सके।  

surbhi मई 15, 2026 0
Official NIC Scientist-B recruitment notification showing 243 vacancies, eligibility and application details
NIC में साइंटिस्ट बनने का सुनहरा मौका: 1 लाख+ सैलरी, 243 पदों पर भर्ती शुरू

अगर आप आईटी सेक्टर में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे हैं, तो National Informatics Centre (NIC) आपके लिए शानदार अवसर लेकर आया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय Ministry of Electronics and Information Technology के तहत आने वाले इस प्रतिष्ठित संस्थान ने Scientist-B (ग्रुप-A, गजेटेड) पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 243 पदों को भरा जाएगा और आवेदन करने की अंतिम तिथि 24 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। कैसे करें आवेदन? इच्छुक उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं: NIC की आधिकारिक वेबसाइट nic.gov.in या recruitment.nic.in पर जाएं “Scientist-B Recruitment 2026” लिंक पर क्लिक करें नया रजिस्ट्रेशन करें लॉगिन करके आवेदन फॉर्म भरें फीस का भुगतान करें फॉर्म सबमिट कर प्रिंटआउट सुरक्षित रखें योग्यता (Eligibility Criteria) BTech / MTech / MCA डिग्री अनिवार्य कंप्यूटर साइंस, IT या इलेक्ट्रॉनिक्स बैकग्राउंड कुछ पदों के लिए अनुभव आवश्यक हो सकता है अधिकतम आयु सीमा: 30 वर्ष आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट मिलेगी सैलरी और फायदे Scientist-B पद पर चयनित उम्मीदवारों को पे लेवल-10 के तहत आकर्षक सैलरी मिलेगी: ₹56,100 से ₹1,77,500 प्रति माह HRA, DA और अन्य सरकारी भत्ते स्थिर करियर और प्रोफेशनल ग्रोथ के शानदार अवसर क्यों खास है यह नौकरी? NIC भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है। यहां काम करने का मतलब है: बड़े सरकारी टेक प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका देश की डिजिटल सेवाओं को बेहतर बनाने में योगदान सुरक्षित और प्रतिष्ठित करियर

surbhi अप्रैल 10, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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