Healthy Recipe for Diabetes: अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं और ऐसा भोजन चाहते हैं जो पौष्टिक होने के साथ ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद कर सके, तो मेथी-मूंग स्प्राउट्स सलाद एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। यह प्रोटीन, फाइबर और विटामिन से भरपूर है और इसे नाश्ते, लंच या शाम के स्नैक में शामिल किया जा सकता है। डायबिटीज में क्यों फायदेमंद है मेथी-मूंग स्प्राउट्स सलाद? डायबिटीज में ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना बेहतर माना जाता है जो लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स (Low GI) वाले हों और जिनमें फाइबर व प्रोटीन भरपूर मात्रा में हो। अंकुरित मूंग (Sprouted Moong) और मेथी की पत्तियां पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं। यह संयोजन लंबे समय तक पेट भरा रखने, ऊर्जा बनाए रखने और संतुलित आहार का हिस्सा बनने में मदद कर सकता है। आवश्यक सामग्री 1 कप अंकुरित मूंग 1 कप बारीक कटी ताजी मेथी 1 छोटा खीरा (कटा हुआ) 1 छोटा टमाटर (बीज निकालकर कटा हुआ) 1 छोटा प्याज (वैकल्पिक) 1 बड़ा चम्मच भुने कद्दू के बीज 1 छोटा चम्मच भुना अलसी पाउडर 1 बड़ा चम्मच नींबू का रस काली मिर्च पाउडर सेंधा नमक या सामान्य नमक (सीमित मात्रा में) बनाने की विधि अंकुरित मूंग को 2–3 मिनट हल्का स्टीम कर लें। अब एक बड़े बाउल में मूंग, मेथी, खीरा, टमाटर और प्याज मिलाएं। इसमें भुने कद्दू के बीज, अलसी पाउडर, नींबू का रस, काली मिर्च और स्वादानुसार नमक डालकर अच्छी तरह टॉस करें। हेल्दी सलाद तैयार है। प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण कैलोरी: 170–210 kcal प्रोटीन: 11–13 ग्राम कार्बोहाइड्रेट: 18–22 ग्राम फाइबर: 8–10 ग्राम फैट: 5–7 ग्राम संभावित फायदे हाई फाइबर और प्रोटीन से भरपूर। लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद मिल सकती है। ब्लड शुगर के स्तर को संतुलित रखने वाली डाइट का हिस्सा बन सकता है। पाचन और वजन प्रबंधन में सहायक। एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन से भरपूर। कब खाएं? सुबह के नाश्ते में दोपहर के भोजन के साथ शाम के हेल्दी स्नैक के रूप में ध्यान दें : यह रेसिपी डायबिटीज-फ्रेंडली संतुलित आहार का हिस्सा हो सकती है, लेकिन यह डायबिटीज का इलाज नहीं है। यदि आप डायबिटीज की दवा या इंसुलिन लेते हैं, तो अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या रजिस्टर्ड डाइटिशियन की सलाह जरूर लें।
Japanese Sushi जैसी लेयर्ड स्टफिंग वाली यह Stuffed Idli स्वाद, पोषण और प्रेजेंटेशन का शानदार कॉम्बिनेशन है। कम तेल में स्टीम होकर तैयार होने वाली यह रेसिपी हेल्दी ब्रेकफास्ट, टिफिन और हल्के डिनर के लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है। अगर आप रोज एक जैसी इडली खाकर बोर हो चुके हैं, तो इस बार उसे नया और आकर्षक ट्विस्ट दें। Stuffed Idli की यह रेसिपी अपनी लेयर्ड स्टफिंग और खूबसूरत प्रेजेंटेशन की वजह से जापानी सुशी जैसी दिखती है। हालांकि यह सुशी नहीं है, लेकिन इसकी स्टफिंग और सर्विंग स्टाइल इसे बेहद खास बनाती है। इस रेसिपी में गाजर, शिमला मिर्च, मटर, स्वीट कॉर्न और पनीर जैसी पौष्टिक सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे यह प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर बन जाती है। स्टीम होने के कारण इसमें तेल भी बहुत कम लगता है, इसलिए यह हेल्दी डाइट फॉलो करने वालों के लिए अच्छा विकल्प हो सकती है। बनने में कितना समय लगता है? तैयारी का समय: 15 मिनट स्टीम करने का समय: 12–15 मिनट कुल समय: लगभग 30 मिनट प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण (2 Stuffed Idli) कैलोरी: 220–250 kcal प्रोटीन: 10–12 ग्राम फाइबर: 4–5 ग्राम कार्बोहाइड्रेट: 30–32 ग्राम फैट: 6–8 ग्राम आवश्यक सामग्री 2 कप इडली बैटर 1 गाजर (कद्दूकस) ½ कप शिमला मिर्च ¼ कप स्वीट कॉर्न 2 बड़े चम्मच उबले मटर 2 बड़े चम्मच कद्दूकस किया पनीर अदरक-हरी मिर्च पेस्ट नमक और काली मिर्च हरा धनिया 1 छोटा चम्मच तेल बनाने की आसान विधि सबसे पहले हल्के तेल में अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट और सभी सब्जियां 2–3 मिनट तक भून लें। इसमें पनीर, नमक, काली मिर्च और हरा धनिया मिलाकर स्टफिंग तैयार करें। अब इडली मोल्ड में पहले थोड़ा बैटर डालें, फिर स्टफिंग रखें और ऊपर से दोबारा बैटर डाल दें। 12–15 मिनट तक स्टीम करें और गरमागरम परोसें। किसके साथ करें सर्व? नारियल की चटनी मूंगफली की चटनी टमाटर की चटनी सांभर घी और मिलगई पोड़ी कब खाएं? सुबह का नाश्ता बच्चों का टिफिन ऑफिस लंच शाम का हेल्दी स्नैक हल्का डिनर क्यों करें ट्राई? सिंपल इडली का नया और आकर्षक ट्विस्ट जापानी सुशी जैसी लेयर्ड प्रेजेंटेशन कम तेल और स्टीम में तैयार प्रोटीन, फाइबर और विटामिन से भरपूर बच्चों और बड़ों दोनों के लिए हेल्दी विकल्प ध्यान दें: यह रेसिपी सुशी नहीं है। "सुशी जैसा" शब्द केवल इसकी लेयर्ड स्टफिंग और आकर्षक प्रेजेंटेशन की तुलना के लिए इस्तेमाल किया गया है।
नई दिल्ली,एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने कप्तान रोहित शर्मा के वनडे भविष्य और संन्यास को लेकर चल रही अटकलों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि टीम प्रबंधन को उनके अनुभव और क्षमता पर पूरा भरोसा है। इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा वनडे सीरीज में लगातार दो कम स्कोर के बाद रोहित के भविष्य को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया था, लेकिन कोटक ने कहा कि फिलहाल ऐसे किसी फैसले का सवाल ही नहीं उठता। 'रोहित जैसे खिलाड़ी पर दबाव नहीं' युवा खिलाड़ियों यशस्वी जायसवाल और ईशान किशन को ओपनिंग में मौका दिए जाने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कोटक ने कहा कि रोहित शर्मा जैसे अनुभवी बल्लेबाज पर किसी तरह का दबाव नहीं है। उन्होंने कहा, “रोहित इतने बड़े खिलाड़ी हैं कि कुछ खराब पारियों से उनकी क्षमता पर सवाल नहीं उठाए जा सकते। भले ही हाल के मैचों में वे बड़ी पारी नहीं खेल पाए हों, लेकिन उनकी बल्लेबाजी में लय दिखाई दे रही थी।” लॉर्ड्स में वापसी की उम्मीद दूसरे वनडे में रोहित शर्मा ने 47 गेंदों पर 27 रन बनाए। उनकी धीमी पारी को लेकर उठ रहे सवालों पर कोटक ने कहा कि कार्डिफ की पिच पर गेंद का असमान उछाल बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण था। उनके अनुसार, कई बार परिस्थितियां बल्लेबाज की लय को प्रभावित करती हैं और यही क्रिकेट का हिस्सा है। उन्होंने विश्वास जताया कि लॉर्ड्स में रोहित पूरी तरह अलग अंदाज में बल्लेबाजी करते नजर आ सकते हैं। 2027 विश्व कप पर नजर रोहित शर्मा पहले ही टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, जिससे उनके वनडे भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, कोटक के बयान से साफ हो गया है कि भारतीय टीम प्रबंधन फिलहाल 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों में रोहित को महत्वपूर्ण खिलाड़ी मान रहा है। टीम को उम्मीद है कि अनुभवी बल्लेबाज जल्द ही अपनी पुरानी लय हासिल कर आलोचकों को करारा जवाब देंगे।
Healthy Diet For Smoking Cessation: अगर आप धूम्रपान छोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, तो सही खानपान आपकी इस यात्रा को थोड़ा आसान बना सकता है। हालांकि कोई भी एक रेसिपी या खाद्य पदार्थ अकेले सिगरेट की लत नहीं छुड़ा सकता, लेकिन हाई-प्रोटीन, फाइबर और विटामिन-सी से भरपूर डाइट निकोटीन की क्रेविंग को मैनेज करने और शरीर को बेहतर पोषण देने में मदद कर सकती है। धूम्रपान छोड़ने के दौरान क्यों जरूरी है सही डाइट? सिगरेट छोड़ने की शुरुआत में कई लोगों को बार-बार भूख लगना, चिड़चिड़ापन और कुछ खाने की इच्छा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में पौष्टिक और संतुलित भोजन लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है और अनहेल्दी स्नैकिंग की आदत भी कम हो सकती है। ट्राई करें हाई-प्रोटीन एंटी-क्रेविंग बाउल यह आसान रेसिपी शरीर को प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट और एंटीऑक्सीडेंट्स देने के साथ लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखने में मदद कर सकती है। आवश्यक सामग्री 1 कप दही (लो-फैट या ग्रीक योगर्ट) 3–4 बड़े चम्मच ओट्स 1 छोटा केला (कटा हुआ) 1 छोटा सेब (कटा हुआ) 1 बड़ा चम्मच चिया सीड्स 1 बड़ा चम्मच अलसी का पाउडर 5–6 बादाम (कटे हुए) 1 छोटा चम्मच कद्दू के बीज दालचीनी पाउडर (चुटकी भर) बनाने की विधि एक बाउल में दही लें और उसमें ओट्स मिलाएं। अब कटे हुए फल, चिया सीड्स, अलसी, बादाम और कद्दू के बीज डालें। ऊपर से दालचीनी पाउडर छिड़ककर अच्छी तरह मिलाएं। इसे नाश्ते या शाम के हेल्दी स्नैक के रूप में खाया जा सकता है। प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण कैलोरी: 320–360 kcal प्रोटीन: 16–20 ग्राम कार्बोहाइड्रेट: 35–40 ग्राम फाइबर: 10–12 ग्राम हेल्दी फैट: 10–12 ग्राम संभावित फायदे लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद मिल सकती है। धूम्रपान छोड़ने के दौरान बार-बार कुछ खाने की इच्छा को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है। शरीर को प्रोटीन, फाइबर और विटामिन-सी जैसे जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। एनर्जी लेवल बनाए रखने में मदद कर सकता है। संतुलित और हेल्दी लाइफस्टाइल का हिस्सा बन सकता है। ध्यान दें :कोई भी खाद्य पदार्थ या रेसिपी अकेले धूम्रपान की लत नहीं छुड़ा सकती। यदि आप सिगरेट छोड़ना चाहते हैं, तो संतुलित आहार के साथ डॉक्टर की सलाह, निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी, काउंसलिंग या अन्य प्रमाणित उपचार विकल्पों का सहारा लेना अधिक प्रभावी हो सकता है।
Healthy Lauki Dosa Recipe: अगर बच्चे हरी सब्जियां खाने से बचते हैं, तो यह आसान और स्वादिष्ट डोसा रेसिपी जरूर ट्राई करें। सूजी, दही और ताजी लौकी से तैयार यह हेल्दी डिश स्वाद के साथ भरपूर पोषण भी देती है। बच्चों को पसंद आएगा ये हेल्दी लौकी डोसा, स्वाद और सेहत का परफेक्ट कॉम्बिनेशन अगर आपके घर में रखी लौकी देखकर बच्चे मुंह बनाने लगते हैं, तो अब चिंता करने की जरूरत नहीं है। इस आसान और झटपट बनने वाली लौकी डोसा रेसिपी की मदद से आप बच्चों को स्वाद के साथ पौष्टिक खाना भी खिला सकते हैं। सूजी, दही और ताजी लौकी से तैयार यह डोसा बाहर से हल्का कुरकुरा और अंदर से सॉफ्ट बनता है। इसे नाश्ते, टिफिन या शाम के स्नैक के तौर पर भी परोसा जा सकता है। आवश्यक सामग्री 1 कप कद्दूकस की हुई लौकी 1 कप सूजी ½ कप दही 1 चुटकी जीरा 1 बारीक कटी हरी मिर्च 1 छोटा टुकड़ा अदरक 2 बड़े चम्मच बारीक कटा हरा धनिया स्वादानुसार नमक जरूरत अनुसार पानी सेंकने के लिए थोड़ा सा तेल या घी बनाने की विधि एक बड़े बाउल में सूजी और दही मिलाएं। इसमें कद्दूकस की हुई लौकी डालें। अब हरी मिर्च, अदरक, जीरा, हरा धनिया और नमक मिलाकर अच्छी तरह मिक्स करें। जरूरत पड़ने पर थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर बैटर तैयार करें। बैटर को 15–20 मिनट तक ढककर रखें ताकि सूजी अच्छी तरह फूल जाए। अब गर्म तवे पर हल्का तेल लगाकर बैटर फैलाएं और मध्यम आंच पर दोनों तरफ से सुनहरा और हल्का कुरकुरा होने तक सेंक लें। तैयार डोसे को नारियल चटनी, हरी चटनी या टमाटर चटनी के साथ गर्मागर्म सर्व करें। प्रति डोसा अनुमानित पोषण कैलोरी: 170–210 kcal प्रोटीन: 5–7 ग्राम कार्बोहाइड्रेट: 28–32 ग्राम फैट: 4–6 ग्राम फाइबर: 3–4 ग्राम कैल्शियम: 80–120 mg विटामिन C: अच्छी मात्रा (लौकी से) पोटैशियम: 180–220 mg खाने के संभावित फायदे11 फाइबर से भरपूर, पाचन में मददगार। लौकी शरीर को हाइड्रेट रखने में सहायक। सूजी और दही से अच्छी ऊर्जा मिलती है। बच्चों को हरी सब्जियां खिलाने का आसान तरीका। हल्का, पौष्टिक और पेट भरने वाला नाश्ता। वजन प्रबंधन वाली डाइट में सीमित मात्रा में शामिल किया जा सकता है। ध्यान दें: पोषण संबंधी आंकड़े सामग्री और मात्रा के अनुसार बदल सकते हैं। बेहतर स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि जरूरी है।
Healthy Homemade Paneer Recipe: अगर बच्चे हरी सब्जियां खाने से कतराते हैं, तो यह आसान और हेल्दी रेसिपी जरूर ट्राई करें। चना दाल और एक हरी सब्जी से तैयार यह देसी 'पनीर' स्वाद के साथ पोषण भी देता है। हरी सब्जी से बनाएं हेल्दी देसी 'पनीर', स्वाद ऐसा कि कोई पहचान नहीं पाएगा अगर आपके घर में भी बच्चे हरी सब्जियों का नाम सुनते ही मुंह बनाने लगते हैं, तो यह आसान रेसिपी उनकी पसंद बदल सकती है। इस अनोखी डिश में एक हरी सब्जी और चना दाल की मदद से पनीर जैसी टेक्सचर वाली हेल्दी रेसिपी तैयार की जाती है। यह स्वादिष्ट होने के साथ प्रोटीन और फाइबर से भी भरपूर होती है। इस रेसिपी की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे तैयार करने के लिए ज्यादा सामग्री या लंबा समय नहीं चाहिए। अगर आप बच्चों को बिना नखरे के पौष्टिक खाना खिलाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी जरूर ट्राई करें। आवश्यक सामग्री 1 कप चना दाल (4 घंटे भीगी हुई) 1 मध्यम आकार की लौकी 1 इंच अदरक 2 हरी मिर्च 2–3 बड़े चम्मच हरा धनिया स्वादानुसार नमक ½ छोटा चम्मच हल्दी (वैकल्पिक) ½ छोटा चम्मच काली मिर्च या लाल मिर्च (वैकल्पिक) बनाने की विधि सबसे पहले चना दाल को लगभग 4 घंटे तक भिगो दें। अब लौकी को धोकर छोटे टुकड़ों में काट लें। भीगी हुई दाल, लौकी, अदरक, हरी मिर्च और हरा धनिया को बिना ज्यादा पानी मिलाए मिक्सर में पीसकर गाढ़ा पेस्ट तैयार करें। अब इसमें नमक और मसाले मिलाकर अच्छी तरह मिक्स करें। तैयार मिश्रण को मनचाहे आकार में स्टीम करें या धीमी आंच पर पकाएं। पकने के बाद इसे चौकोर टुकड़ों में काट लें। चाहें तो हल्का तवे पर सेंककर या एयर फ्राई करके चटनी या सॉस के साथ सर्व करें। प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण कैलोरी: 150–180 kcal प्रोटीन: 8–10 ग्राम कार्बोहाइड्रेट: 20–24 ग्राम फैट: 2–4 ग्राम फाइबर: 6–8 ग्राम खाने के संभावित फायदे प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत। लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद मिल सकती है। पाचन को सपोर्ट करने में सहायक। बच्चों को हरी सब्जियां खिलाने का आसान तरीका। वजन प्रबंधन वाली डाइट में शामिल किया जा सकता है। कम तेल में बनने वाली हेल्दी स्नैक रेसिपी। ध्यान दें: यह रेसिपी संतुलित आहार का हिस्सा हो सकती है। यदि आपको किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या या एलर्जी है, तो डाइट में बदलाव से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।
ऑकलैंड: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक उत्तराखंडी टोपी भेंट की। यह पारंपरिक पहाड़ी टोपी उत्तराखंड की पहचान, सम्मान और हिमालयी संस्कृति का महत्वपूर्ण प्रतीक मानी जाती है। उत्तराखंडी टोपी क्यों है खास? उत्तराखंडी टोपी उच्च गुणवत्ता वाली ऊन से हाथ से तैयार की जाती है। यह केवल ठंड से बचाने का साधन नहीं, बल्कि अपनी रंगीन बुनी हुई पट्टियों और पारंपरिक डिजाइन के कारण उत्तराखंड की लोक कला और शिल्पकला को भी दर्शाती है। इस टोपी का उपयोग विशेष रूप से त्योहारों, धार्मिक आयोजनों, विवाह समारोहों और सामाजिक कार्यक्रमों में किया जाता है। सम्मान और मेहमाननवाजी का प्रतीक उत्तराखंड की संस्कृति में इस टोपी को सम्मान, आदर और मेहमाननवाजी का प्रतीक माना जाता है। किसी विशिष्ट अतिथि का स्वागत पारंपरिक पहाड़ी टोपी पहनाकर करना आज भी राज्य की महत्वपूर्ण परंपराओं में शामिल है। स्थानीय कारीगरों की आजीविका से जुड़ी उत्तराखंडी टोपी का निर्माण स्थानीय कारीगरों द्वारा पारंपरिक बुनाई तकनीकों से किया जाता है। इसकी बढ़ती लोकप्रियता न केवल राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करती है, बल्कि स्थानीय शिल्पकारों और बुनकरों को भी रोजगार और आर्थिक सहयोग प्रदान करती है। हिमालयी संस्कृति की पहचान यह पारंपरिक टोपी उत्तराखंड के प्राकृतिक परिवेश, लोक जीवन और सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करती है। वर्षों से चली आ रही इसकी निर्माण कला आज भी राज्य की पहचान बनी हुई है और नई पीढ़ी तक पारंपरिक शिल्प को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सांस्कृतिक कूटनीति का संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री को उत्तराखंडी टोपी भेंट करना केवल एक औपचारिक उपहार नहीं, बल्कि भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक हस्तशिल्प को वैश्विक मंच पर सम्मान देने का भी संदेश माना जा रहा है। यह भारत की सांस्कृतिक कूटनीति और स्थानीय कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
Weight Loss Recipe : अगर आप वजन कम करना चाहते हैं लेकिन बार-बार भूख लगने, कमजोरी या सख्त डाइटिंग से बचना चाहते हैं, तो अपनी डेली डाइट में हाई-प्रोटीन और फाइबर से भरपूर दाल टिक्की शामिल कर सकते हैं। मूंग दाल, चना दाल और ताजी सब्जियों से तैयार यह हेल्दी रेसिपी लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकती है, जिससे अनहेल्दी स्नैकिंग कम हो सकती है। हालांकि, सिर्फ एक डिश खाने से एक महीने में वजन कम होने की गारंटी नहीं दी जा सकती। वजन घटाने के लिए संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और पर्याप्त नींद भी जरूरी है। क्यों फायदेमंद है यह हाई-प्रोटीन टिक्की? मूंग दाल और चना दाल प्रोटीन और फाइबर के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। इसमें ओट्स, सब्जियां और थोड़ी मात्रा में पनीर मिलाने से इसकी न्यूट्रिशन वैल्यू और बढ़ जाती है। यह कॉम्बिनेशन लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकता है और कैलोरी कंट्रोल करने में भी सहायक हो सकता है। दाल टिक्की बनाने के लिए सामग्री 1 कप भीगी हुई मूंग दाल ½ कप भीगी हुई चना दाल 2 बड़े चम्मच ओट्स 2 बड़े चम्मच भुनी मूंगफली 1 छोटा प्याज (बारीक कटा) ½ शिमला मिर्च (बारीक कटी) 1 हरी मिर्च 1 छोटा चम्मच अदरक-लहसुन पेस्ट 2–3 बड़े चम्मच कद्दूकस किया पनीर (वैकल्पिक) हरा धनिया हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, भुना जीरा, काली मिर्च, चाट मसाला और नमक 1 छोटा चम्मच तेल या घी सफेद तिल ऐसे बनाएं भीगी हुई मूंग और चना दाल को ओट्स और मूंगफली के साथ बिना पानी डाले पीस लें। इसमें सभी सब्जियां, मसाले और पनीर मिलाकर मिश्रण तैयार करें। छोटी-छोटी टिक्कियां बनाएं और हल्का तेल लगाकर नॉन-स्टिक पैन में दोनों तरफ से सुनहरा होने तक धीमी आंच पर सेक लें। प्रोबायोटिक रायता 1 कप दही में कद्दूकस किया हुआ खीरा और गाजर मिलाएं। स्वादानुसार नमक डालें। जीरा, हींग, करी पत्ता और हरी मिर्च का हल्का तड़का लगाकर रायते में मिला दें। प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण (2 टिक्की + 1 कटोरी रायता) कैलोरी: 300–350 kcal प्रोटीन: 18–22 ग्राम कार्बोहाइड्रेट: 28–35 ग्राम फैट: 10–14 ग्राम फाइबर: 8–10 ग्राम संभावित फायदे हाई प्रोटीन और फाइबर से भरपूर लंबे समय तक पेट भरा रखने में मददगार अनहेल्दी स्नैकिंग कम करने में सहायक पाचन के लिए प्रोबायोटिक दही का लाभ वजन प्रबंधन वाली डाइट में शामिल किया जा सकता है ध्यान दें: किसी भी एक रेसिपी से तेजी से वजन कम होने की गारंटी नहीं होती। बेहतर परिणाम के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। यदि आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो डाइट में बदलाव से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लें।
High Protein Breakfast Recipe: ग्रीक योगर्ट, माचा और आम से तैयार यह हेल्दी बाउल देगा इंस्टेंट एनर्जी, लंबे समय तक रखेगा पेट भरा और स्किन को देगा नैचुरल ग्लो आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हेल्दी और जल्दी बनने वाला नाश्ता ढूंढना आसान नहीं है। अक्सर अनहेल्दी खाने की वजह से दोपहर तक शरीर में थकान, सुस्ती और एनर्जी की कमी महसूस होने लगती है। ऐसे में अगर आप ऐसा ब्रेकफास्ट चाहते हैं जो स्वादिष्ट होने के साथ हाई-प्रोटीन, पौष्टिक और कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाए, तो Matcha Mango Yogurt Bowl एक शानदार विकल्प हो सकता है। हाल ही में हेल्थ कोच ल्यूक कौटिन्हो ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस हाई-प्रोटीन रेसिपी को शेयर किया। यह रेसिपी न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन है, बल्कि इसमें मौजूद प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट्स, हेल्दी फैट्स और फाइबर शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देने के साथ त्वचा की सेहत को भी बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। यह हेल्दी बाउल सिर्फ 5 मिनट में तैयार हो जाता है, इसलिए यह बिजी लाइफस्टाइल वाले लोगों के लिए भी एक बेहतरीन विकल्प है। Matcha Mango Yogurt Bowl बनाने के लिए आवश्यक सामग्री 1 कप बिना चीनी वाला गाढ़ा ग्रीक योगर्ट 1 छोटा चम्मच सेरेमोनियल माचा पाउडर 1 छोटा चम्मच मंक फ्रूट स्वीटनर (वैकल्पिक) 3 बड़े चम्मच पके आम के छोटे टुकड़े 1 बड़ा चम्मच चिया सीड्स या सब्जा के बीज (10 मिनट भीगे हुए) गार्निशिंग के लिए 1 छोटा चम्मच कद्दू के बीज 1 छोटा चम्मच सूरजमुखी के बीज 4–5 कटे हुए बादाम एक चुटकी माचा पाउडर ऐसे बनाएं हाई-प्रोटीन Matcha Mango Yogurt Bowl सबसे पहले चिया सीड्स या सब्जा के बीज को 10 मिनट तक पानी में भिगो दें। अब एक बाउल में ग्रीक योगर्ट, माचा पाउडर और मंक फ्रूट स्वीटनर डालकर अच्छी तरह फेंटें, ताकि मिश्रण पूरी तरह स्मूद और क्रीमी बन जाए। अब सर्विंग बाउल या ग्लास में सबसे पहले माचा योगर्ट की एक लेयर लगाएं। इसके ऊपर आम के टुकड़े और भीगे हुए चिया सीड्स डालें। इसी तरह दूसरी लेयर भी तैयार करें। अंत में कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज, कटे हुए बादाम और ऊपर से हल्का माचा पाउडर छिड़ककर तुरंत सर्व करें। परफेक्ट रेसिपी के लिए कुकिंग ट्रिक माचा पाउडर को पहले 1 चम्मच गुनगुने पानी में घोल लें, इससे गांठें नहीं बनेंगी। हमेशा गाढ़ा और ठंडा ग्रीक योगर्ट इस्तेमाल करें। मीठे और ठंडे आम का उपयोग करें ताकि स्वाद बेहतर आए। चिया सीड्स को कम से कम 10 मिनट भिगोना न भूलें। ड्राई फ्रूट्स सर्व करने से ठीक पहले डालें, ताकि उनका क्रंच बना रहे। प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण कैलोरी: लगभग 250 kcal प्रोटीन: 18.5 ग्राम कार्बोहाइड्रेट: 21.5 ग्राम हेल्दी फैट: 10 ग्राम फाइबर: लगभग 6 ग्राम क्यों फायदेमंद है यह हाई-प्रोटीन बाउल? शरीर को इंस्टेंट और लंबे समय तक ऊर्जा देने में मदद करता है। मसल रिकवरी और मसल्स ग्रोथ के लिए प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। माचा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को फ्री-रेडिकल्स से बचाने में मदद कर सकते हैं। चिया सीड्स ओमेगा-3, फाइबर और मिनरल्स से भरपूर होते हैं। ग्रीक योगर्ट में मौजूद प्रोबायोटिक्स पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में सहायक हैं। लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती। फिटनेस लवर्स, जिम जाने वालों और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वालों के लिए उपयुक्त विकल्प।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।