Healthy Skin

Five herbal drinks including spearmint tea, green tea, neem, amla, and lemongrass turmeric tea for healthy skin.
मुंहासों से हैं परेशान? स्किन को अंदर से हेल्दी बनाने में मदद कर सकते हैं ये 5 हर्बल ड्रिंक्स

मुंहासों (Acne) की समस्या से छुटकारा पाने के लिए लोग अक्सर फेसवॉश, सीरम और क्रीम का सहारा लेते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि स्वस्थ त्वचा के लिए शरीर को अंदर से भी पोषण मिलना जरूरी है। कुछ हर्बल ड्रिंक्स एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होती हैं, जो त्वचा को स्वस्थ रखने और मुंहासों की समस्या को कम करने में मदद कर सकती हैं। विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि ज्यादा चीनी वाले सॉफ्ट ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें। कुछ लोगों में डेयरी उत्पाद भी मुंहासों को बढ़ा सकते हैं। 1. स्पीयरमिंट टी (Spearmint Tea) स्पीयरमिंट टी को मुंहासों के लिए सबसे लोकप्रिय हर्बल ड्रिंक्स में से एक माना जाता है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण त्वचा को शांत रखने में मदद कर सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित रूप से 1 से 2 कप स्पीयरमिंट टी पीने से कुछ लोगों में मुंहासों की समस्या कम हो सकती है। 2. ग्रीन टी और नींबू ग्रीन टी में कैटेचिन (Catechins) जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो त्वचा की सुरक्षा और इम्यूनिटी को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। इसमें नींबू का रस मिलाने से विटामिन C की मात्रा बढ़ जाती है, जो त्वचा को चमकदार बनाए रखने और कोलेजन बनने में सहायक होता है। कुछ अध्ययनों के अनुसार, ग्रीन टी त्वचा में अतिरिक्त तेल (Sebum) बनने की प्रक्रिया को भी कम करने में मदद कर सकती है। 3. नीम और शहद का पेय नीम अपने एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुणों के लिए जाना जाता है। नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर उसमें थोड़ा शहद मिलाकर पीने से इसका स्वाद बेहतर हो सकता है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, यह शरीर को साफ रखने और त्वचा संबंधी समस्याओं में मददगार माना जाता है। 4. आंवला और अदरक का शॉट आंवला विटामिन C का बेहतरीन स्रोत है और इसमें एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। वहीं अदरक में मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर में सूजन कम करने में मदद कर सकते हैं। दोनों का मिश्रण इम्यूनिटी मजबूत करने के साथ त्वचा को भी अंदर से पोषण देने में सहायक माना जाता है। 5. लेमनग्रास और हल्दी की चाय लेमनग्रास और हल्दी दोनों में एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन (Curcumin) त्वचा की सूजन कम करने में मदद कर सकता है। कुछ विशेषज्ञ पीसीओडी (PCOD) से जुड़ी मुंहासों की समस्या में लेमनग्रास, हल्दी और काली मिर्च से बनी हर्बल चाय को लाभकारी मानते हैं। सिर्फ ड्रिंक पर न रहें निर्भर ध्यान रखें कि ये हर्बल ड्रिंक्स मुंहासों का इलाज नहीं हैं। संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, अच्छी नींद और सही स्किनकेयर रूटीन के साथ इनका सेवन करने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। यदि मुंहासे लंबे समय तक बने रहें या गंभीर हों, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।  

surbhi जुलाई 8, 2026 0
Woman washing her face with a gentle cleanser during a morning skincare routine for healthy, glowing skin.
क्या सुबह सिर्फ पानी से चेहरा धोना काफी है? स्किन एक्सपर्ट ने बताया सही तरीका

सुबह उठते ही अधिकांश लोग सिर्फ पानी से चेहरा धो लेते हैं और मानते हैं कि रात में अच्छी तरह चेहरा साफ करने के बाद सुबह दोबारा फेसवॉश की जरूरत नहीं होती। लेकिन स्किन एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह सोच पूरी तरह सही नहीं है। रातभर त्वचा पर पसीना, अतिरिक्त तेल (सीबम), स्किनकेयर प्रोडक्ट्स के अवशेष और धूल-मिट्टी के सूक्ष्म कण जमा हो जाते हैं, जिन्हें केवल पानी से हटाया नहीं जा सकता। फेशियलिस्ट क्रिस्टीना गालमिशे के अनुसार, सुबह त्वचा की सही तरीके से सफाई करना स्वस्थ और दमकती त्वचा के लिए बेहद जरूरी है। इससे न सिर्फ त्वचा साफ रहती है, बल्कि बाद में लगाए जाने वाले सीरम, मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन भी बेहतर तरीके से काम करते हैं। क्या रातभर में त्वचा गंदी हो जाती है? भले ही सुबह उठने पर चेहरे पर गंदगी दिखाई न दे, लेकिन रातभर के दौरान त्वचा पर कई तरह के अवशेष जमा हो जाते हैं, जैसे— पसीना अतिरिक्त सीबम (तेल) नाइट क्रीम या सीरम के अवशेष बालों से आने वाला तेल मृत त्वचा कोशिकाएं यदि इन्हें साफ नहीं किया जाए तो रोमछिद्र (पोर्स) बंद हो सकते हैं, जिससे ब्लैकहेड्स, मुंहासे और त्वचा की चमक कम होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। सुबह फेस क्लींजिंग करने के फायदे नियमित रूप से सुबह फेसवॉश करने से कई लाभ मिलते हैं— त्वचा से पसीना, तेल और रातभर के अवशेष हटते हैं। ब्लैकहेड्स और मुंहासों का खतरा कम होता है। त्वचा में ऑक्सीजन का प्रवाह और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। स्किन टेक्सचर और प्राकृतिक निखार में सुधार आता है। विटामिन C, हायलूरोनिक एसिड और अन्य एक्टिव इंग्रीडिएंट्स बेहतर तरीके से काम करते हैं। त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत (स्किन बैरियर) मजबूत होती है। सुबह चेहरा धोने का सही तरीका 1. अपनी स्किन टाइप के अनुसार फेस क्लींजर चुनें ऑयली या कॉम्बिनेशन स्किन: नियासिनामाइड या सैलिसिलिक एसिड युक्त जेल या फोम क्लींजर चुनें। ड्राई या सेंसिटिव स्किन: सल्फेट-फ्री या क्रीम-बेस्ड क्लींजर का इस्तेमाल करें। 2. हाथों से करें मसाज कॉटन पैड की बजाय अपनी उंगलियों से लगभग 30 सेकंड तक हल्के गोलाकार (सर्कुलर) मोशन में चेहरे की मसाज करें। इससे त्वचा अच्छी तरह साफ होती है और ब्लड सर्कुलेशन भी बढ़ता है। 3. गुनगुने पानी से धोएं बहुत गर्म पानी त्वचा की प्राकृतिक नमी और लिपिड बैरियर को नुकसान पहुंचा सकता है, जबकि बहुत ठंडा पानी क्लींजर को पूरी तरह हटाने में प्रभावी नहीं होता। 4. साफ तौलिये से हल्के हाथों से सुखाएं चेहरे को रगड़ने की बजाय हल्के-हल्के थपथपाकर सुखाएं। बेहतर होगा कि रोजाना साफ तौलिये का इस्तेमाल करें। सिर्फ पानी से चेहरा धोना क्यों पर्याप्त नहीं है? सिर्फ पानी त्वचा पर मौजूद तेल, पसीना और स्किनकेयर प्रोडक्ट्स के अवशेषों को पूरी तरह नहीं हटा पाता। ऐसे में बाद में लगाए जाने वाले सीरम, मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन त्वचा में सही तरीके से अवशोषित नहीं हो पाते। विशेषज्ञों का मानना है कि साफ त्वचा ही स्किनकेयर प्रोडक्ट्स के लिए सबसे बेहतर आधार होती है। इसलिए सुबह फेस क्लींजर और पानी दोनों का इस्तेमाल करना त्वचा को स्वस्थ, साफ और चमकदार बनाए रखने का आसान लेकिन बेहद महत्वपूर्ण कदम है।  

surbhi जून 29, 2026 0
Woman experiencing skin irritation and burning sensation after applying moisturizer on sensitive facial skin
मॉइश्चराइजर लगाते ही होने लगती है जलन? आपकी त्वचा दे रही है ये अहम संकेत, भूलकर भी न करें नजरअंदाज

ग्लोइंग और हेल्दी स्किन के लिए मॉइश्चराइजर को स्किनकेयर रूटीन का सबसे जरूरी हिस्सा माना जाता है। लेकिन अगर वही मॉइश्चराइजर लगाते ही त्वचा में जलन, चुभन या तीखापन महसूस होने लगे, तो यह सामान्य बात नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति में आपकी त्वचा किसी गहरी समस्या का संकेत दे रही होती है। मॉइश्चराइजर से जलन क्यों होती है? त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, जब मॉइश्चराइजर लगाने पर जलन महसूस होती है तो इसका सबसे बड़ा कारण स्किन बैरियर का कमजोर या क्षतिग्रस्त होना हो सकता है। स्किन बैरियर त्वचा की बाहरी सुरक्षा परत होती है, जो नमी को बनाए रखने और बाहरी हानिकारक तत्वों को अंदर जाने से रोकने का काम करती है। जब यह सुरक्षा परत कमजोर हो जाती है, तब सामान्य और हल्के उत्पाद भी त्वचा में चुभन या जलन पैदा कर सकते हैं। पहले ठीक लगने वाले उत्पाद अचानक क्यों करने लगते हैं परेशान? स्किन बैरियर खराब होने पर कई ऐसे तत्व भी त्वचा को परेशान कर सकते हैं जो पहले किसी तरह की समस्या नहीं पैदा करते थे। इनमें रेटिनॉल, विटामिन-सी, नियासिनामाइड, लैक्टिक एसिड, एएचए, सुगंध वाले उत्पाद और कुछ केमिकल सनस्क्रीन शामिल हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि ये तत्व अपने आप में खराब नहीं होते, लेकिन संवेदनशील या क्षतिग्रस्त त्वचा पर इनका असर अलग हो सकता है। क्या मॉइश्चराइजर लगाने पर हल्की चुभन सामान्य है? विशेषज्ञ बताते हैं कि बहुत ज्यादा रूखी त्वचा, हाल ही में एक्सफोलिएशन कराने, शेविंग के बाद या त्वचा में पहले से मौजूद जलन की स्थिति में कुछ सेकंड की हल्की झनझनाहट महसूस हो सकती है। हालांकि अगर यह जलन बार-बार हो रही है या लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसे सामान्य नहीं माना जाना चाहिए। स्किन बैरियर खराब होने के पीछे ये आदतें हैं जिम्मेदार त्वचा की सुरक्षा परत अचानक नहीं टूटती। कई छोटी-छोटी गलतियां धीरे-धीरे इसे नुकसान पहुंचाती हैं। इनमें शामिल हैं: जरूरत से ज्यादा एक्सफोलिएशन करना एक साथ कई एक्टिव इंग्रीडिएंट्स का इस्तेमाल बार-बार चेहरा धोना कठोर फेसवॉश का उपयोग लगातार नए-नए स्किनकेयर उत्पाद बदलना पर्याप्त सनस्क्रीन न लगाना बहुत गर्म पानी से चेहरा धोना विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकतर लोगों के लिए क्लेंजिंग, मॉइश्चराइजिंग और सन प्रोटेक्शन पर आधारित सरल स्किनकेयर रूटीन ही पर्याप्त होता है। स्किन बैरियर को कैसे करें रिपेयर? अगर आपकी त्वचा मॉइश्चराइजर से जलन महसूस करा रही है, तो सबसे पहले स्किनकेयर रूटीन को सरल बनाना जरूरी है। कुछ दिनों के लिए रेटिनॉल, विटामिन-सी, ग्लाइकोलिक एसिड, सैलिसिलिक एसिड, स्क्रब और केमिकल पील जैसे एक्टिव उत्पादों का इस्तेमाल बंद कर दें। इसके बजाय: माइल्ड क्लेंजर का उपयोग करें सेरामाइड्स युक्त बैरियर-रिपेयर मॉइश्चराइजर लगाएं मिनरल सनस्क्रीन चुनें सुगंध वाले उत्पादों से दूरी बनाएं गर्म पानी की जगह गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है? यदि मॉइश्चराइजर लगाने पर लगातार जलन बनी रहती है, तो यह एक्जिमा, रोसैशिया या डर्मेटाइटिस जैसी त्वचा संबंधी बीमारियों का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है। कम उत्पाद, ज्यादा फायदा आजकल लंबी और जटिल स्किनकेयर रूटीन का चलन तेजी से बढ़ा है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि हर त्वचा को दर्जनों उत्पादों की जरूरत नहीं होती। कई बार कम उत्पादों वाला संतुलित रूटीन ही त्वचा को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने का सबसे प्रभावी तरीका साबित होता है। यदि आपका मॉइश्चराइजर अचानक चुभने लगे, तो नया प्रोडक्ट खरीदने से पहले अपनी त्वचा की वास्तविक जरूरतों को समझना ज्यादा जरूरी है।  

surbhi जून 13, 2026 0
Ice on face
चेहरे पर बर्फ लगाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, वरना हो सकता है नुकसान

नई दिल्ली, एजेंसियां। गर्मियों के मौसम में तेज धूप, उमस और पसीने का सबसे ज्यादा असर त्वचा पर दिखाई देता है। इस दौरान टैनिंग, पिंपल्स, ऑयली स्किन और जलन जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे में कई लोग चेहरे को ठंडक और ताजगी देने के लिए आइस फेशियल का सहारा लेते हैं। सोशल मीडिया पर भी आइस मसाज को इंस्टेंट ग्लो पाने का आसान उपाय बताया जाता है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि बर्फ का सही इस्तेमाल फायदेमंद है, लेकिन लापरवाही त्वचा को नुकसान भी पहुंचा सकती है।   आइस फेशियल के प्रमुख फायदे धूप में लंबे समय तक रहने के बाद चेहरे पर बर्फ लगाने से त्वचा को राहत मिलती है। यह गर्मी और जलन को कम करके चेहरे को ताजगी का एहसास कराती है।   पिंपल्स और सूजन में राहत बर्फ की ठंडक त्वचा की सूजन और लालिमा को कम करने में मदद कर सकती है। पिंपल्स से होने वाली जलन और दर्द में भी कुछ हद तक आराम मिलता है। चेहरे पर आता है नेचुरल ग्लो आइस मसाज से त्वचा में रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे चेहरा अधिक फ्रेश और चमकदार दिखाई देता है। कई लोग मेकअप से पहले भी आइस फेशियल करते हैं ताकि त्वचा स्मूद और टाइट नजर आए।   पोर्स को टाइट करने में मदद बर्फ त्वचा के खुले रोमछिद्रों को अस्थायी रूप से सिकोड़ सकती है, जिससे चेहरा अधिक साफ और आकर्षक दिखता है।   ज्यादा इस्तेमाल से हो सकते हैं नुकसान विशेषज्ञों के अनुसार, बर्फ को सीधे त्वचा पर लगाने से स्किन में जलन, लालिमा और संवेदनशीलता बढ़ सकती है। खासकर ड्राई और सेंसिटिव स्किन वाले लोगों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए। लंबे समय तक आइस मसाज करने से त्वचा रूखी हो सकती है और उसकी प्राकृतिक नमी प्रभावित हो सकती है।   आइस फेशियल का सही तरीका •    बर्फ को कभी भी सीधे चेहरे पर न लगाएं।  •    इसे किसी साफ सूती कपड़े या रूमाल में लपेटकर इस्तेमाल करें।  •    1 से 2 मिनट से ज्यादा आइस मसाज न करें।  •    चेहरे पर हल्के हाथों से गोलाकार गति में मसाज करें।  •    संवेदनशील त्वचा होने पर पहले पैच टेस्ट जरूर करें।    विशेषज्ञों की सलाह आइस फेशियल गर्मियों में त्वचा को ताजगी और इंस्टेंट ग्लो देने का आसान तरीका हो सकता है, लेकिन इसका संतुलित और सही इस्तेमाल जरूरी है। यदि आपको किसी प्रकार की त्वचा संबंधी समस्या है, तो बर्फ का उपयोग करने से पहले त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा। नोट: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। किसी भी स्किन ट्रीटमेंट को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित है।

Unknown जून 1, 2026 0
Homemade Sunscreen
गर्मियों में स्किन को बचाना है तो ट्राय करें ये होममेड सनस्क्रीन

नई दिल्ली, एजेंसियां। गर्मियों के मौसम में तेज धूप और UV किरणों का असर त्वचा पर तेजी से दिखाई देने लगता है। लंबे समय तक धूप में रहने से टैनिंग, सनबर्न, ड्रायनेस, जलन और समय से पहले झुर्रियों जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में ज्यादातर लोग सनस्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन बाजार में मिलने वाले कई प्रोडक्ट्स में केमिकल्स और आर्टिफिशियल फ्रेगरेंस मौजूद होते हैं, जो संवेदनशील त्वचा वाले लोगों में एलर्जी या जलन पैदा कर सकते हैं। इसी वजह से अब लोग नेचुरल और होममेड सनस्क्रीन की ओर रुख कर रहे हैं।   होममेड सनस्क्रीन क्यों हो रहा है लोकप्रिय? घर पर तैयार किया गया सनस्क्रीन प्राकृतिक चीजों से बनता है, जिससे त्वचा को मॉइस्चराइज रखने और धूप के असर को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि यह मेडिकल ग्रेड सनस्क्रीन का पूरा विकल्प नहीं माना जाता, लेकिन रोजमर्रा के इस्तेमाल में यह स्किन केयर रूटीन का अच्छा हिस्सा बन सकता है। खासकर हल्की धूप में यह त्वचा को राहत देने में सहायक माना जाता है।   होममेड सनस्क्रीन बनाने के लिए जरूरी सामग्री नेचुरल सनस्क्रीन तैयार करने के लिए कुछ आसान चीजों की जरूरत होती है, जो घर में आसानी से मिल सकती हैं— •    2 चम्मच नारियल तेल  •    2 चम्मच एलोवेरा जेल  •    1 चम्मच शीया बटर  •    1 चम्मच जिंक ऑक्साइड  एलोवेरा त्वचा को ठंडक पहुंचाने में मदद करता है, जबकि नारियल तेल स्किन को मुलायम और मॉइस्चराइज रखने में सहायक माना जाता है। जिंक ऑक्साइड धूप के असर को कम करने में मदद कर सकता है।   ऐसे तैयार करें नेचुरल सनस्क्रीन सबसे पहले शीया बटर और नारियल तेल को हल्का गर्म करके पिघला लें। इसके बाद इसमें एलोवेरा जेल मिलाएं और अच्छी तरह मिक्स करें। आखिर में जिंक ऑक्साइड डालकर मिश्रण को अच्छी तरह फेंट लें। तैयार मिश्रण को ठंडा होने के बाद साफ कंटेनर में भर लें।   इस्तेमाल करते समय रखें ये सावधानियां धूप में निकलने से 15-20 मिनट पहले इसे चेहरे, गर्दन और हाथों पर लगाएं। ज्यादा पसीना आने या चेहरा धोने के बाद दोबारा लगाना बेहतर माना जाता है। किसी भी नई चीज को इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। अगर त्वचा पर खुजली, जलन या लालपन महसूस हो तो इसका उपयोग तुरंत बंद कर दें।   तेज धूप में अतिरिक्त सुरक्षा भी जरूरी विशेषज्ञों के अनुसार घर पर बने सनस्क्रीन की SPF क्षमता सीमित हो सकती है। इसलिए बहुत तेज धूप में टोपी, सनग्लासेस और फुल स्लीव कपड़ों का इस्तेमाल करना भी जरूरी है। सही स्किन केयर और सावधानी अपनाकर गर्मियों में त्वचा को स्वस्थ और सुरक्षित रखा जा सकता है।

Unknown मई 25, 2026 0
Summer body cleansers and shower gels displayed with skincare essentials for fresh and hydrated skin
गर्मियों में त्वचा को रखेंगे फ्रेश और साफ, ये 9 बॉडी क्लींजर बन सकते हैं आपके बेस्ट शॉवर पार्टनर

गर्मियों का मौसम आते ही पसीना, धूल, सनस्क्रीन और उमस त्वचा को चिपचिपा और बेजान महसूस कराने लगते हैं। ऐसे में सिर्फ खुशबूदार बॉडी वॉश काफी नहीं होता, बल्कि ऐसा बॉडी क्लींजर जरूरी होता है जो त्वचा को अच्छी तरह साफ करे, लेकिन उसकी नमी भी बरकरार रखे। स्किन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सही बॉडी क्लींजर त्वचा को फ्रेश, हाइड्रेटेड और हेल्दी बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। इस गर्मी के मौसम के लिए ऐसे बॉडी क्लींजर ट्रेंड में हैं जो अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। कुछ स्किन को कूलिंग फील देते हैं, कुछ बॉडी एक्ने और ऑयलीनेस को कंट्रोल करते हैं, जबकि कुछ स्किन बैरियर को मजबूत रखने में मदद करते हैं। गर्मियों के लिए 9 बेहतरीन बॉडी क्लींजर 1. Lush Dirty Springwash Shower Gel अगर सुबह का शॉवर आपको इंस्टेंट फ्रेशनेस देना चाहिए, तो यह बॉडी वॉश आपके लिए है। Spearmint oil, menthol crystals और thyme oil से बना यह क्लींजर स्किन को ठंडक और एनर्जी देने का काम करता है। वर्कआउट के बाद या बेहद गर्म दिनों के लिए यह बेहतरीन विकल्प माना जा रहा है। 2. L'Occitane en Provence Verveine Agrumes Perfumed Shower Gel Citrus फ्रेगरेंस पसंद करने वालों के लिए यह शानदार विकल्प है। इसमें mandarin, bergamot और orange extracts शामिल हैं जो त्वचा को हल्की खुशबू और ताजगी देते हैं। इसकी खुशबू काफी एलिगेंट और रिफ्रेशिंग मानी जाती है। 3. The Body Shop White Tea & Elderflower Bath & Shower Gel यह बॉडी क्लींजर हल्की फ्लोरल खुशबू के साथ स्किन को क्लीन और सॉफ्ट महसूस कराता है। इसमें aloe vera और white tea जैसे इंग्रेडिएंट्स हैं जो त्वचा को ड्राय होने से बचाते हैं। 4. Justhuman Revitalizing Body Wash अगर गर्मियों में स्किन पर पिंपल्स, क्लॉग्ड पोर्स या डलनेस की समस्या बढ़ जाती है, तो यह बॉडी वॉश मददगार हो सकता है। इसमें salicylic acid, lemon balm और holy basil जैसे तत्व मौजूद हैं जो स्किन को एक्सफोलिएट और शांत करने में मदद करते हैं। 5. Shankara Nourishing Body Wash Oudh & Neem Ayurvedic इंग्रेडिएंट्स से बना यह बॉडी वॉश neem, aloe vera और honey के गुणों से भरपूर है। यह त्वचा को बिना ड्राय किए साफ करता है और लंबे दिन के बाद स्किन को रिलैक्स महसूस कराता है। 6. RAS Luxury Skincare Refresh Detoxifying Body Wash यह बॉडी क्लींजर खासतौर पर sweaty skin और body acne को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें willow bark extract, green tea और calendula जैसे तत्व शामिल हैं जो त्वचा को डीप क्लीन करने में मदद करते हैं। 7. The Bare Bar Micro Algae Body Wash यह हल्का एक्सफोलिएटिंग बॉडी वॉश स्किन का pH बैलेंस बनाए रखने और अतिरिक्त ऑयल हटाने में मदद करता है। Micro algae beads और glycerin त्वचा को साफ और हाइड्रेटेड रखने का काम करते हैं। 8. Kimirica The Souq Body & Hand Wash Saffron और sandalwood की गर्म खुशबू वाला यह बॉडी वॉश त्वचा को मुलायम और स्मूद बनाता है। इसमें vitamin E और patchouli जैसे nourishing ingredients शामिल हैं। 9. Hibiscus Monkey Probiotics Body Wash स्किन बैरियर को मजबूत रखने वाले इस बॉडी वॉश में probiotics, prebiotics और postbiotics का इस्तेमाल किया गया है। यह sulfate-free formula त्वचा को धीरे-धीरे साफ करता है और hydration बनाए रखने में मदद करता है। गर्मियों में बॉडी क्लींजर चुनते समय रखें ध्यान विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में ऐसा बॉडी वॉश चुनना चाहिए जो त्वचा से गंदगी और अतिरिक्त तेल हटाए लेकिन उसकी प्राकृतिक नमी न छीने। Sensitive skin वालों को harsh chemicals और ज्यादा foam वाले प्रोडक्ट्स से बचना चाहिए।  

surbhi मई 22, 2026 0
Shraddha Kapoor showcasing natural glowing skin in a no-makeup look with radiant complexion.
बिना मेकअप भी ग्लोइंग स्किन का राज: Shraddha Kapoor के आसान ब्यूटी हैक्स का खुलासा

बॉलीवुड एक्ट्रेस Shraddha Kapoor अपनी नैचुरल ब्यूटी और नो-मेकअप लुक्स के लिए जानी जाती हैं। सोशल मीडिया पर उनकी बिना फिल्टर वाली तस्वीरें अक्सर चर्चा में रहती हैं, जहां उनकी साफ, हेल्दी और ग्लोइंग स्किन साफ नजर आती है। अब एक्ट्रेस ने अपने स्किनकेयर रूटीन के कुछ आसान लेकिन असरदार सीक्रेट्स शेयर किए हैं, जिन्हें हर कोई अपनी लाइफस्टाइल में अपना सकता है। हाइड्रेशन है सबसे बड़ा मंत्र श्रद्धा कपूर के अनुसार, हेल्दी स्किन की सबसे जरूरी कुंजी है - हाइड्रेशन। वह दिनभर भरपूर पानी पीती हैं और इसके साथ रोजाना कम से कम एक बार नारियल पानी जरूर लेती हैं। नारियल पानी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को पोषण देते हैं, एजिंग के लक्षणों को कम करते हैं और स्किन टेक्सचर को बेहतर बनाते हैं। क्लीन ईटिंग से आता है नेचुरल ग्लो एक्ट्रेस अपने खाने-पीने का भी खास ख्याल रखती हैं। वह जंक फूड से दूरी बनाकर हेल्दी और क्लीन डाइट को प्राथमिकता देती हैं। श्रद्धा ने यह भी बताया कि वह धीरे-धीरे वीगन डाइट अपनाने की कोशिश कर रही हैं। उनका मानना है कि अच्छा और संतुलित खानपान चेहरे पर प्राकृतिक चमक लाता है। मेकअप के साथ सख्त नियम श्रद्धा कपूर का एक सबसे अहम ब्यूटी रूल है - मेकअप के साथ कभी न सोना। वह हर हाल में सोने से पहले अपना मेकअप हटा देती हैं, ताकि स्किन को सांस लेने का मौका मिल सके। इसके अलावा, वह दिन में बाहर निकलते समय सनस्क्रीन लगाना कभी नहीं भूलतीं, जिससे त्वचा सूरज की हानिकारक किरणों से सुरक्षित रहती है। क्यों खास हैं ये टिप्स? श्रद्धा कपूर के ये ब्यूटी हैक्स महंगे प्रोडक्ट्स पर नहीं, बल्कि सिंपल और हेल्दी आदतों पर आधारित हैं। यही वजह है कि उनका स्किनकेयर रूटीन हर किसी के लिए आसान और प्रभावी बन जाता है।  

surbhi अप्रैल 10, 2026 0
Handsome man following simple 5-step skincare routine for clear and healthy skin.
कम मेहनत में दमदार स्किन: पुरुषों के लिए 5 स्टेप वाला आसान स्किनकेयर रूटीन

क्यों जरूरी है बेसिक स्किनकेयर? आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, प्रदूषण और अनियमित दिनचर्या का असर सीधे चेहरे पर दिखता है। खासकर पुरुष अक्सर स्किनकेयर को नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन थोड़ी सी देखभाल से आप अपनी त्वचा को स्वस्थ, साफ और जवां बनाए रख सकते हैं-वो भी बिना ज्यादा मेहनत के। 1. साबुन छोड़ें, फेस क्लींजर अपनाएं सामान्य साबुन चेहरे की त्वचा के लिए सही नहीं होता। यह स्किन को रूखा और बेजान बना देता है। बेहतर विकल्प है फेस क्लींजर, जैसे: CeraVe Clinique Kiehl’s दिन में 1–2 बार हल्के क्लींजर से चेहरा धोना ही काफी है। 2. हफ्ते में 2 बार एक्सफोलिएशन डेड स्किन हटाने के लिए एक्सफोलिएशन जरूरी है। AHA/BHA बेस्ड प्रोडक्ट्स जैसे: Paula’s Choice The Ordinary हफ्ते में सिर्फ 2 बार इस्तेमाल करें, इससे स्किन साफ और स्मूद दिखेगी। 3. सीरम: चेहरे को दे ‘ग्लो’ सीरम स्किनकेयर का सबसे असरदार स्टेप माना जाता है। Vitamin C या Niacinamide सीरम जैसे: La Roche-Posay Minimalist ये स्किन को ब्राइट, मजबूत और दाग-धब्बों से मुक्त बनाते हैं। 4. मॉइस्चराइजर से रखें त्वचा हाइड्रेट मॉइस्चराइजर स्किन को मुलायम और हेल्दी बनाता है। हल्के जेल बेस्ड ऑप्शन: Neutrogena Plum रोजाना इस्तेमाल से स्किन थकी हुई नहीं बल्कि फ्रेश दिखेगी। 5. रात का रूटीन न भूलें रात में स्किन खुद को रिपेयर करती है। इसलिए सोने से पहले: क्लींजर + सीरम + मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं यह आसान रूटीन दिनभर के नुकसान को ठीक करने में मदद करता है। आखिर में क्या समझें? आपको 10–15 प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं है। सिर्फ 4–5 बेसिक स्टेप्स अपनाकर भी आप बेहतर और हेल्दी स्किन पा सकते हैं। नियमितता ही असली कुंजी है-अगर आप एक महीने तक इसे फॉलो करते हैं, तो फर्क साफ दिखने लगेगा।  

surbhi मार्च 20, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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