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Eid celebration in Jharkhand
झारखंड में उल्लास के साथ मन रही ईद, मस्जिदों-ईदगाहों में नमाजियों की उमड़ी भीड़

रांची। रमजान के मुकद्दस महीने की समाप्ति के बाद शनिवार को ईद-उल-फितर के मौके पर रांची समेत पूरा झारखंड पूरी तरह जश्न और रूहानियत में डूबा नजर आया। सुबह से ही ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। हर ओर इबादत, अमन और भाईचारे की दुआओं के साथ ईद मुबारक की गूंज सुनाई देती रही। इस दौरान ईद-उल-फितर पूरे उल्लास और भाईचारे के साथ मनाया गया। इसके साथ ही विभिन्न शहरों में सुबह से ही ईद की रौनक देखने को मिली। नमाजियों ने अमन-चैन, तरक्की और देश में भाईचारे की मजबूती के लिए विशेष दुआएं मांगीं। रांची के डोरंडा और गाड़ीखाना ईदगाह, जमशेदपुर के मानगो ईदगाह मैदान और मदीना मस्जिद से लेकर साकची की जामा मस्जिद समेत सभी प्रमुख नमाज स्थलों पर सुबह निर्धारित समय पर ईद की नमाज अदा की गई। नमाज के दौरान मुल्क में शांति, तरक्की, भाईचारे और इंसानियत की बेहतरी के लिए खास दुआएं मांगी गईं। एक-दूसरे से गले मिलकर दी मुबारकबाद नमाज के बाद का दृश्य अपने आप में सौहार्द की मिसाल बना रहा। नमाजियों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और आपसी रिश्तों की गर्माहट को और मजबूत किया। समाज के हर तबके के लोग एक साथ नजर आए, जिससे सामाजिक एकता और समरसता की झलक साफ दिखाई दी। छोटे-बड़े, अमीर-गरीब सभी वर्गों के लोगों ने मिलकर इस त्योहार को सामाजिक सौहार्द और एकता के प्रतीक के रूप में मनाया। मुस्लिम बहुल इलाकों में चहल-पहल है, बाजारों और गलियों में रौनक देखते ही बन रही है। इस दौरान ईद को लेकर बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। नये कपड़े पहनकर बच्चे सुबह से ही ईदगाह और मस्जिदों के बाहर खुशियां बांटते नजर आये। वहीं, परिवारों में सेवइयों और पकवानों की खुशबू ने त्योहार की मिठास को और बढ़ा दिया। लोग अपने रिश्तेदारों, दोस्तों और पड़ोसियों के घर जाकर मुबारकबाद देते रहे। ईद के इस मौके पर न सिर्फ मुस्लिम समुदाय, बल्कि अन्य समुदायों के लोग भी एक-दूसरे को बधाई देते नजर आए, जिसने तहजीब की खूबसूरती को उजागर किया। अलर्ट मोड में प्रशासन वहीं, ईद को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा। शहर के सभी प्रमुख ईदगाहों और मस्जिदों के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये थे। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल की विशेष रूप से तैनाती की गई थी और प्रमुख स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये है। इस दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी में जुटे रहे, जिससे पूरे राज्य में त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

Anjali Kumari मार्च 21, 2026 0
Himanta Biswa Sarma
जलुकबारी से फिर चुनावी मैदान में  हिमंता बिस्वा सरमा, आज भरेंगे नामांकन

दिसपुर, एजेंसियां। असम विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी में भव्य रोड शो कर अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया। यह रोड शो कामरूप मेट्रो क्षेत्र से विधानसभा कार्यालय तक निकाला गया, जिसे भाजपा के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। रोड शो के बाद सरमा आज जलुकबारी सीट से अपना नामांकन दाखिल करेंगे।   भारी बारिश के बावजूद उमड़ी भीड़ बारिश के बावजूद हजारों समर्थक सड़कों पर उतर आए। खानापारा के वेटरनरी कॉलेज फील्ड से शुरू हुआ यह रोड शो उत्सव जैसा माहौल लेकर आया। महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और बीहू की धुनों पर नाचते हुए मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान उनकी पत्नी Riniki Bhuyan Sarma ने इसे खुशी का अवसर बताया।   जलुकबारी सीट पर मजबूत पकड़ हिमंत बिस्वा सरमा 2001 से लगातार जलुकबारी सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। पहले कांग्रेस के टिकट पर तीन बार जीत हासिल की और 2015 में भाजपा में शामिल होने के बाद भी इस सीट पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी। वह यहां से लगातार पांचवीं बार जीत दर्ज कर चुके हैं और एक बार फिर मैदान में हैं।   भाजपा ने जारी की उम्मीदवारों की सूची इससे पहले BJP ने असम की 89 में से 88 सीटों पर उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है, जिसमें हिमंत बिस्वा सरमा का नाम जलुकबारी सीट से प्रमुख रूप से शामिल है। पार्टी इस बार भी राज्य में अपनी सत्ता बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत लगा रही है।   जनता का समर्थन ही मेरी ताकत: सरमा सरमा ने सोशल मीडिया पर कहा कि जलुकबारी के लोगों का आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने बारिश में भी भारी संख्या में जुटी भीड़ को जनता के प्रेम का प्रतीक बताया।   चुनाव कार्यक्रम असम में 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि 4 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे। सरमा का यह रोड शो साफ संकेत देता है कि भाजपा राज्य में जीत की हैट्रिक लगाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

Anjali Kumari मार्च 20, 2026 0
Iran missile attack Saudi Arabia
सऊदी अरब में ईरान का मिसाइल हमला, प्रिंस सुल्तान एयर बेस निशाने पर; 5 अमेरिकी विमान क्षतिग्रस्त

रियाद, एजेंसियां। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच Iran ने Saudi Arabia में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने Prince Sultan Air Base पर मिसाइल हमला किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस हमले में United States Air Force के पांच एयर-टैंकर (रिफ्यूलिंग) विमान क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि किसी के घायल होने या मौत की सूचना नहीं मिली है।   15वें दिन में पहुंचा संघर्ष पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष अब और उग्र होता जा रहा है। मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच यह टकराव करीब 15वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इसी दौरान ईरान ने सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाते हुए जोरदार हमला किया।   पांच अमेरिकी विमान हुए क्षतिग्रस्त सूत्रों के मुताबिक, हमले के समय एयरबेस पर खड़े अमेरिकी वायुसेना के पांच रिफ्यूलिंग विमान क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि विमान पूरी तरह नष्ट नहीं हुए हैं और उन्हें मरम्मत के लिए भेजा गया है।   पहले भी हुए कई सैन्य हादसे इससे पहले पश्चिमी इराक में अमेरिकी वायुसेना का एक केसी-135 सैन्य रिफ्यूलिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें छह क्रू मेंबर की मौत हो गई थी। वहीं कुवैत में फ्रेंडली फायर की घटना में तीन अमेरिकी F-15 लड़ाकू विमान भी गिर गए थे, हालांकि उस घटना में एयरक्रू सुरक्षित रहे थे।   अमेरिका-ईरान संघर्ष से बढ़ा तनाव गौरतलब है कि यह संकट तब शुरू हुआ जब United States और Israel ने 28 फरवरी को ईरान पर बड़े हमले किए थे। इसके बाद से ईरान लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है। हालात ऐसे हैं कि पूरा पश्चिम एशिया युद्ध जैसे माहौल में पहुंच गया है और इसका असर वैश्विक राजनीति और तेल बाजार पर भी पड़ रहा है।

Anjali Kumari मार्च 14, 2026 0
Badshah Titri song controversy
बादशाह के ‘टिटरी’ गाने पर मचा बवाल, सैंटी शर्मा बोले - बिना समझे कलाकार को जज न करें

मुंबई, एजेंसियां। मशहूर रैपर बादशाह इन दिनों अपने नए हरियाणवी गाने Titli (Titri/Titri song controversy) को लेकर विवादों में घिरे हुए हैं। गाने के बोल और वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। कुछ लोगों और संगठनों ने गाने के कुछ शब्दों को महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक बताते हुए इसकी आलोचना की है।1 मार्च को रिलीज हुए इस गाने के बाद से ही कई जगह विरोध शुरू हो गया। कुछ संगठनों ने आरोप लगाया कि गाने में डबल मीनिंग शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जो महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है। मामला इतना बढ़ गया कि हरियाणा में इसको लेकर शिकायतें दर्ज कराई गईं और पुलिस ने भी इसकी जांच शुरू कर दी। विवाद बढ़ने पर माफी मांग चुके हैं बादशाह बढ़ते विवाद को देखते हुए बादशाह ने सार्वजनिक तौर पर माफी भी मांगी। विवाद के बाद गाने को कई प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर बहस जारी है और लोग इस मुद्दे पर अलग-अलग राय दे रहे हैं।कुछ यूजर्स का कहना है कि गाने के बोल आपत्तिजनक हैं और ऐसे कंटेंट पर रोक लगनी चाहिए, जबकि कई लोग इसे सिर्फ एक कमर्शियल रैप ट्रैक बताते हुए कलाकार की रचनात्मक स्वतंत्रता का समर्थन कर रहे हैं। सैंटी शर्मा आए बादशाह के समर्थन में इसी बीच रैपर Santy Sharma ने इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए बादशाह का समर्थन किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि लोगों ने पूरे संदर्भ को समझे बिना ही बादशाह को जज करना शुरू कर दिया है।सैंटी शर्मा का कहना है कि भारत में अभी भी हिप-हॉप और रैप म्यूजिक की संस्कृति को पूरी तरह समझा नहीं गया है। उन्होंने कहा कि रैप म्यूजिक में कई बार कलाकार क्रिएटिव एक्सप्रेशन और कॉम्पिटिशन के लिए अलग तरह के शब्दों और संदर्भों का इस्तेमाल करते हैं, जिसे लोग अक्सर गलत तरीके से ले लेते हैं। ‘बादशाह को गलत समझा जा रहा है’ सैंटी शर्मा ने अपने बयान में यह भी कहा कि कई बार गाने का ऑडियो पहले तैयार हो जाता है और वीडियो बाद में किसी दूसरी टीम द्वारा बनाया जाता है। ऐसे में अगर किसी को गाने के बोल या वीडियो में कोई आपत्ति है, तो उसे समझदारी से सुलझाया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि अगर किसी लिरिक्स में गलती है तो उसे बदला या अपडेट किया जा सकता है, लेकिन बिना पूरे मामले को समझे किसी कलाकार को निशाना बनाना सही नहीं है। सोशल मीडिया पर जारी है बहस ‘टिटरी’ विवाद के बाद सोशल मीडिया पर दो तरह की राय सामने आई है। एक पक्ष इसे महिलाओं के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे संगीत की रचनात्मक स्वतंत्रता का हिस्सा मान रहा है।

Anjali Kumari मार्च 14, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट घोषित, अनुज अग्निहोत्री बने टॉपर, 958 उम्मीदवार सफल

UPSC CSE Result 2025: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक Civil Services Examination का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। Union Public Service Commission ने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPSC Official Website पर जाकर फाइनल मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। 958 उम्मीदवारों का हुआ चयन यूपीएससी द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उनकी रैंक और पसंद के आधार पर की जाएगी। फाइनल रिजल्ट उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा (Main Exam) और पर्सनैलिटी टेस्ट (Interview) में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। इन प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए होता है चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)   भारतीय पुलिस सेवा (IPS)   भारतीय विदेश सेवा (IFS)   भारतीय राजस्व सेवा (IRS)   भारतीय व्यापार सेवा सहित अन्य ग्रुप A और ग्रुप B सेवाएं   979 पदों को भरने का लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 979 रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे चेक करें UPSC CSE 2025 का रिजल्ट उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं   होमपेज पर “Examination” टैब पर क्लिक करें   “Active Examinations” या “What’s New” सेक्शन में जाएं   Civil Services Examination Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें   मेरिट लिस्ट की PDF खुल जाएगी   Ctrl + F दबाकर अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें   15 दिन में जारी होगी मार्कशीट यूपीएससी के अनुसार सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। उम्मीदवार इसे 30 दिनों तक ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। पिछले साल का कट-ऑफ पिछले वर्ष का अंतिम कट-ऑफ इस प्रकार था— जनरल: 87.98   EWS: 85.92   OBC: 87.28   SC: 79.03   ST: 74.23   आयु सीमा क्या है यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2024 तक कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अगस्त 1992 से 1 अगस्त 2003 के बीच होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू—को पार कर बहुत कम उम्मीदवार ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। UPSC CSE 2025 टॉप-20 उम्मीदवारों की सूची रैंक रोल नंबर नाम 1 1131589 अनुज अग्निहोत्री 2 4000040 राजेश्वरी सुवे एम 3 3512521 अकांश ढुल 4 0834732 राघव झुनझुनवाला 5 0409847 ईशान भटनागर 6 6410067 जिनिया अरोड़ा 7 0818306 ए आर राजा मोहिद्दीन 8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी 9 0831647 आस्था जैन 10 1523945 उज्ज्वल प्रियांक 11 1512091 यशस्वी राज वर्धन 12 0840280 अक्षित भारद्वाज 13 7813999 अनन्या शर्मा 14 5402316 सुरभि यादव 15 3507500 सिमरनदीप कौर 16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव 17 0829589 चितवन जैन 18 5604518 श्रुति आर 19 0105602 निसार दिशांत अमृतलाल 20 6630448 रवि राज

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Crowd chaos at Nalanda Sheetla Temple during religious event causing stampede-like situation and casualties
बिहार

नालंदा मंदिर हादसा: भीड़ ने ली 8 महिलाओं की जान, धार्मिक आयोजन में मची भगदड़ जैसी स्थिति

surbhi मार्च 31, 2026 0