रामगढ़। झारखंड के रामगढ़ जिले के पतरातु प्रखंड में पानी की गंभीर किल्लत ने स्थानीय लोगों का सब्र काट दिया। कोतो पंचायत और न्यू मार्केट के सैकड़ों ग्रामीण बाल्टी, डेगची और अन्य बर्तन लेकर प्रखंड कार्यालय पहुंचे और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना था कि इलाके में लंबे समय से पानी की समस्या बनी हुई है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। ग्रामीण अपने बर्तन लेकर पहुंचे प्रदर्शन में ग्रामीण अपने हाथों में खाली बाल्टी और बर्तन लेकर पहुंचे थे। उनका कहना था कि जब घरों में पानी नहीं है, तो ये बर्तन उनकी परेशानी का प्रतीक बन गए हैं। वरिष्ठ कांग्रेसी और समाजसेवी जयप्रकाश सिंह, ननकी सिंह और मुखिया निधि सिंह ने टोकीसुद जलमीनार के संवेदक पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया और उनकी ब्लैकलिस्टिंग की मांग की। समाजसेवी राहुल कुमार ने कहा समाजसेवी राहुल कुमार ने कहा, “पानी कोई खैरात नहीं है, बल्कि हर नागरिक का अधिकार है। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।” उन्होंने प्रशासन पर जल संकट को गंभीरता से लेने और तुरंत कार्रवाई करने की अपील की। ग्रामीणों ने प्रखंड विकास अधिकारी मनोज कुमार गुप्ता को रामगढ़ उपायुक्त के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्थायी समाधान की मांग की गई है ताकि इलाके में पानी की समस्या का अंत हो सके। आंदोलन में सैकड़ों लोग शामिल हुए इस आंदोलन में सैकड़ों लोग शामिल हुए, जिनमें महिला और पुरुष दोनों की अच्छी संख्या थी। स्थानीय वार्ड सदस्य और प्रतिनिधियों के साथ आम लोग भी बढ़-चढ़कर शामिल हुए। प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया कि पानी की कमी पूरे इलाके में गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है।ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई करेगा और जल संकट से राहत दिलाएगा। वहीं, अगर समाधान समय पर नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज हो सकता है। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन के लिए चेतावनी भी प्रस्तुत कर दी है कि जनता की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
रांची। रांची के चर्चित Titos Resturant में हुई फायरिंग अब सिर्फ एक अपराध की खबर नहीं रह गई है—यह उस डर, दबाव और संगठित अपराध की कहानी बन गई है, जो धीरे-धीरे शहर को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। इस वारदात में अपनी जान गंवाने वाले वेटर मनीष गोप शायद उस रात बस अपना काम कर रहे थे। उन्हें क्या पता था कि कुछ ही पलों में गोलियों की आवाज उनकी जिंदगी छीन लेगी। पहले से तय थी पूरी योजना पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि यह हमला अचानक नहीं था। हर कदम पहले से सोचा-समझा गया था। मुख्य आरोपी सचिन यादव, जिसे अब गिरफ्तार कर लिया गया है, ने पूछताछ में बताया कि उसे Titos Resturant की पूरी जानकारी दी गई थी—कहां से आना है, कब हमला करना है, और कैसे निकलना है। हमले के दौरान वह अपने गैंग के संपर्क में था, मोबाइल के जरिए लगातार अपडेट देता रहा। यह दिखाता है कि यह सिर्फ डराने की कोशिश नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित दबाव बनाने की रणनीति थी। हथियार की भी कहानी है पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर एक जिगाना पिस्टल बरामद की है—एक विदेशी सेमी-ऑटोमैटिक हथियार। यही वह हथियार है, जिससे उस रात गोलियां चलीं। वारदात के बाद इसे छिपा दिया गया था, लेकिन अब इसके मिलने से पुलिस के पास मजबूत सबूत हैं। पैसों के लिए ली गई जान जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरे हमले के पीछे कुख्यात प्रिंस खान गैंग का हाथ है। रेस्टोरेंट संचालक से करीब 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। जब पैसे नहीं मिले, तो दबाव बनाने के लिए फायरिंग की साजिश रची गई। इस काम के लिए शूटर को करीब ₹1 लाख की सुपारी दी गई थी—जिसमें से ₹10 हजार पहले ही दे दिए गए थे। यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि पैसों के लिए इंसानी जान की कीमत तय करने की कहानी है। अचानक हुई ताबड़तोड़ फायरिंग 7-8 मार्च 2026 की रात… रेस्टोरेंट में लोग अपने खाने और बातचीत में व्यस्त थे। तभी अचानक बाइक सवार हमलावर पहुंचे और गोलियां चलाने लगे। देखते ही देखते वहां अफरा-तफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और मनीष गोप… हमेशा के लिए खामोश हो गया। पुलिस की चुनौती: सिर्फ आरोपी नहीं, पूरी जड़ तक पहुंचना इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने SIT बनाई है। कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, लेकिन असली चुनौती अभी बाकी है। पुलिस अब पूरे गैंग नेटवर्क को खंगाल रही है। कॉल डिटेल्स और कनेक्शन जोड़ रही है और कोशिश कर रही है कि इस संगठित अपराध की जड़ तक पहुंचा जाए। यह घटना सिर्फ एक केस नहीं है—यह एक चेतावनी है। शहर में अब आम लोग भी गैंगवार और रंगदारी की चपेट में आ रहे हैं। एक साधारण नौकरी करने वाला इंसान भी अब सुरक्षित नहीं है।
रांची। झारखंड में लंबे समय से खाली पड़े संवैधानिक पदों को लेकर अब स्थति स्पष्ट होती दिख रही है। राज्य को जल्द ही लोकायुक्त नियुक्त होने वाला है। यह जानकारी राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान दी। मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ में सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता राजीव रंजन ने बताया कि लोकायुक्त और सूचना आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। सरकार ने आश्वासन दिया सरकार ने आश्वासन दिया कि चयन समिति की बैठक हो चुकी है और नामों पर चर्चा पूरी कर ली गई है। इसके बाद 7 अप्रैल तक नियुक्ति से जुड़ी अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है। हालांकि मुख्यमंत्री के राज्य से बाहर होने के कारण औपचारिक घोषणा में थोड़ी देरी हुई है। हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल को तय की है। झारखंड में लोकायुक्त के अलावा राज्य मानवाधिकार आयोग और राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त सहित अन्य आयुक्तों के पद लंबे समय से खाली हैं। इन पदों के खाली रहने से प्रशासनिक कामकाज और शिकायतों के निपटारे पर असर पड़ता रहा है। लोकायुक्त क्या है? लोकायुक्त एक स्वतंत्र संस्था होती है, जिसे राज्य स्तर पर सरकारी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ शिकायतों की जांच के लिए बनाया जाता है। इसे आम भाषा में ओम्बुड्समैन भी कहा जाता है। लोकायुक्त भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और अन्य अनियमितताओं की जांच करता है। इस पद के लिए वही व्यक्ति चुना जा सकता है जो सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश या किसी हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश रह चुका हो। नियुक्ति के बाद सरकार सीधे तौर पर लोकायुक्त को हटा नहीं सकती; इसके लिए विधानसभा में महाभियोग प्रक्रिया अपनानी पड़ती है। लोकायुक्त के दायरे में मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, सचिव स्तर के अधिकारी आते हैं। जांच के दौरान वह दस्तावेज मंगाने, पूछताछ करने और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करने के अधिकार रखता है। यह पद प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनम कपूर ने 29 मार्च 2026 को अपने दूसरे बच्चे को जन्म दिया। इस बार भी उन्होंने बेटे को जन्म दिया। मां बनने के बाद सोनम ने सोशल मीडिया पर अस्पताल से अपनी पहली तस्वीरें शेयर की हैं, जो फैंस और सेलेब्स के बीच तेजी से वायरल हो रही हैं।तस्वीरों में सोनम का ग्लैमरस अंदाज नहीं बल्कि एक मां की सादगी नजर आ रही है। पहली फोटो में सोनम अस्पताल के बेड पर लेटी दिखाई दे रही हैं, अपने नन्हें बेटे को सीने से लगाए हुए। उनके चेहरे पर मुस्कान और आंखों में खुशी साफ झलक रही है। इस दौरान उनके हाथों में ड्रिप लगी हुई है, लेकिन सोनम इस पल का पूरा आनंद ले रही हैं। दूसरी तस्वीर में एक्ट्रेस ब्लैक आउटफिट में दिखाई दीं उनका नो-मेकअप लुक और साधारण बालों की चोटी इस सादगी को और निखार रही है। फोटो में सोनम अपने ब्रेकफास्ट का आनंद ले रही हैं, जिससे यह साफ झलकता है कि फिलहाल उनका फोकस सिर्फ मातृत्व के सुख पर है।सोशल मीडिया पर फैंस और सेलिब्रिटी स्टार्स ने उन्हें बधाई दी है और उनके नए परिवार के स्वागत की खुशी जाहिर की है। सोनम की इस सादगी भरी तस्वीर ने दर्शकों का दिल जीत लिया है, क्योंकि इसमें एक आम मां की भावनाएं और खुशी साफ झलक रही हैं।सोनम ने अपने पहले बेटे का जन्म 20 अगस्त 2022 को किया था और उनका नाम वायु रखा था। अब फैंस बेसब्री से नए बेटे के नामकरण की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।
वाशिंगटन, एजेंसियां। नासा के आर्टेमिस-2 मिशन के तहत 4 अंतरिक्ष यात्री चांद के 10-दिन के सफर पर हैं। सफर की शुरुआत में ही ओरियन अंतरिक्ष यान में टॉयलेट खराब हो गया, जिससे सभी को करीब 6 घंटे तक पेशाब रोकना पड़ा। मिशन में अमेरिका के 3 और कनाडा के 1 अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं। क्रिस्टीना कूच को टॉयलेट ठीक करने की जिम्मेदारी इस समस्या को सुलझाने के लिए मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कूच को अंतरिक्ष में प्लंबर की भूमिका निभानी पड़ी। उन्होंने नासा ह्यूस्टन से निर्देश लेकर टॉयलेट के पुर्जे हटाए और सिस्टम को बंद करके दोबारा चालू किया। कुछ घंटों की कोशिश के बाद टॉयलेट पूरी तरह काम करने लगा और अंतरिक्ष यात्रियों को रात में इसका इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई। स्पेस में टॉयलेट का खर्च और प्रशिक्षण नासा ने “यूनिवर्सल वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम” पर 17.4 मिलियन पाउंड खर्च किए हैं। स्पेस में जीरो ग्रैविटी में टॉयलेट का उपयोग मुश्किल होता है, इसलिए यात्रियों को धरती पर ट्रेनिंग दी जाती है। उन्हें सही पोजिशन, फ़नल और स्टोरेज कंटेनर के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी जाती है। मिशन में और तकनीकी दिक्कतें इसके अलावा, मिशन के दौरान PCD, वॉल्व और फ्यूल सेंसर जैसी तकनीकी समस्याएं भी आईं, जिन्हें अंतरिक्ष यात्री ने अपने कौशल से संभाला। ये टेस्ट फ्लाइट चांद पर जीवन-रक्षक उपकरणों की जांच करेगी और 2028 में चांद पर लैंडिंग का मार्ग तैयार करेगी। ऐतिहासिक मिशन यह मिशन Apollo के बाद इंसानों का चांद पर सबसे बड़ा कदम है। यात्रियों को टॉयलेट जैसी बुनियादी समस्याओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी तैयारी और तकनीकी मदद से ये बाधाएं पार की गईं।
नई दिल्ली, एजेंसियां। आईपीएल 2026 में बांग्लादेशी पेसर मुस्तफिजुर रहमान को बाहर किए जाने के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के रिश्तों में खटास आ गई थी। इसके कारण भारत में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश की टीम हिस्सा नहीं ले पाई थी। अब बांग्लादेश ने रिश्तों को सुधारने की पहल शुरू कर दी है। BCB ने BCCI को लिखी चिट्ठी नई सरकार बनने के बाद BCB ने BCCI को पत्र लिखा है, जिसमें भारत और बांग्लादेश के पुराने क्रिकेट संबंधों का जिक्र किया गया है और रिश्ते सामान्य करने की ख्वाहिश जताई गई है। BCCI और BCB सूत्रों के अनुसार, इस पत्र में दोनों बोर्ड के बीच पहले जैसे बेहतर रिश्ते बहाल करने पर जोर दिया गया है। दांव पर सीरीज और अहम टूर्नामेंट बांग्लादेश के बदले हुए रुख के पीछे मुख्य वजह आगामी वनडे और टी20 सीरीज है। भारत और बांग्लादेश के बीच यह सीरीज सितंबर 2026 में खेली जानी है, जो पिछले साल स्थगित हुई थी। आईपीएल और टी20 वर्ल्ड कप विवाद की वजह से सीरीज खतरे में पड़ गई थी। एशिया कप का संकट इसके अलावा एशिया कप 2027 की मेजबानी बांग्लादेश को ही करनी है। अगर BCCI के साथ संबंध सुधरते नहीं हैं, तो टीम इंडिया बांग्लादेश दौरे से मना कर सकती है, जिससे टूर्नामेंट बांग्लादेश (और पाकिस्तान) से बाहर आयोजित करना पड़ सकता है। इससे BCB को आर्थिक और प्रतिष्ठात्मक नुकसान होगा।
रांची। प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) के वरिष्ठ नेता और पोलित ब्यूरो सदस्य प्रशांत बोस उर्फ किशन दा का शुक्रवार सुबह निधन हो गया। सुबह करीब 6 बजे उनकी तबियत अचानक बिगड़ गई और उन्हें सांस लेने में समस्या हुई। तुरंत उन्हें इलाज के लिए रिम्स भेजा गया, लेकिन सुबह 10 बजे डॉक्टरों की टीम ने उनकी मौत की पुष्टि कर दी। घटना के बाद प्रशासन ने मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की। संगठन में दूसरा सबसे बड़ा नेता प्रशांत बोस संगठन में महासचिव नंबला केशव राव के बाद दूसरा सबसे अहम नेता माने जाते थे। वे भाकपा (माओवादी) की केंद्रीय समिति और पोलित ब्यूरो के महत्वपूर्ण सदस्य थे। संगठन में उनकी भूमिका रणनीतिक और नेतृत्वकारी रही है। ‘किशन दा’ के नाम से जाने जाते थे प्रशांत बोस को नक्सली संगठन में ‘किशन दा’ के नाम से जाना जाता था। वे मूल रूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे और दशकों तक संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे। MCC से माओवादी तक का सफर किशन दा पहले माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर ऑफ इंडिया (MCCI) के प्रमुख थे। 2004 में एमसीसीआई और पीपुल्स वार (PW) के विलय के बाद भाकपा (माओवादी) का गठन हुआ और वे नए संगठन के पोलित ब्यूरो में शामिल किए गए। गिरफ्तारी और इनामी हेड प्रशांत बोस को 12 नवंबर 2021 को सरायकेला-खरसावां जिले से उनकी पत्नी शीला मरांडी के साथ गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के समय उन पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। उनकी उम्र 75 साल से अधिक थी और वे लंबे समय से जेल में बंद थे।
नई दिल्ली, एजेंसियां। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और भारत में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतों के चलते होटल और रेस्टोरेंट के खर्च में तेजी से इजाफा हुआ है। इसके परिणामस्वरूप आने वाले समय में खाने की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। होटल इंडस्ट्री पर बढ़ा दबाव होटल एंड रेस्तरां एसोसिएशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया (HRAWI) के प्रवक्ता प्रदीप शेट्टी ने कहा कि 28 फरवरी से संघर्ष और पश्चिम एशिया में जारी तनाव की वजह से इंडस्ट्री के खर्च लगभग 20 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण बार-बार बंद होना, काम के कम घंटे, मेन्यू में बदलाव और खाना बनाने के नए तरीके अपनाना है। बिजनेस में गिरावट के कारण मुनाफा कम हुआ है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट के लिए बढ़ते खर्च को संभालना चुनौतीपूर्ण हो गया है। कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में वृद्धि देश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इस साल के पहले चार महीनों में यह पाँचवीं बार बढ़ी, और अब दिल्ली में एक सिलेंडर की कीमत 2078.50 रुपये तक पहुँच गई है। इस साल अब तक दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर के दाम कुल 498 रुपये बढ़ चुके हैं। खाने की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना HRAWI का कहना है कि बढ़ते खर्च और घटते मुनाफे के बीच होटल और रेस्टोरेंट के पास खाने की कीमतें बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। इंडस्ट्री संकेत दे रही है कि जल्द ही मेन्यू में बदलाव और रेट बढ़ने की संभावना है, जिससे आम ग्राहकों को महंगे खाने का सामना करना पड़ सकता है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। सनराइजर्स हैदराबाद के बल्लेबाज अभिषेक शर्मा पर आईपीएल ने बड़ा कार्रवाई किया है। केकेआर के खिलाफ हालिया मुकाबले में अभिषेक ने 48 रनों की धमाकेदार पारी खेली, लेकिन आउट होने के बाद उन्होंने कुछ ऐसा किया, जिसे आईपीएल ने नियमों के खिलाफ माना। इस कारण उन्हें लेवल 1 का अपराध माना गया, जो मैच के दौरान गंदी भाषा का इस्तेमाल करने से जुड़ा है। मैच फीस और डिमेरिट प्वाइंट आईपीएल ने अभिषेक शर्मा पर मैच फीस का 25 फीसदी काटने का फैसला लिया है। इसके अलावा उन्हें एक डिमेरिट प्वाइंट भी दिया गया। इसका मतलब है कि अभिषेक अपनी टीम से मिलने वाली मैच फीस का एक चौथाई हिस्सा नहीं पाएंगे। आईपीएल ने इस मामले में यह नहीं बताया कि अभिषेक ने ठीक क्या कहा, लेकिन उन्होंने आर्टिकल 2.3 के तहत अपराध स्वीकार किया। पारी और साझेदारी का प्रदर्शन केकेआर के खिलाफ अभिषेक ने ओपनिंग करते हुए 21 गेंदों में 48 रन बनाए, जिसमें चार चौके और चार छक्के शामिल थे। उनके साथ ट्रेविस हेड ने भी शानदार साझेदारी निभाई, दोनों ने पहले छह ओवर में ही टीम का स्कोर 80 पार कर दिया। ट्रेविस हेड छठे ओवर में आउट हुए और अभिषेक नौवें ओवर में पवेलियन लौटे, तब टीम का स्कोर 112 था। टीम की बड़ी जीत में योगदान अभिषेक की आक्रामक पारी और साझेदारी की वजह से एसआरएच ने 20 ओवर में 226 रन बनाए। टीम ने अंततः 65 रन से जीत दर्ज की। इसके अलावा अभिषेक ने मैच में एक ओवर भी गेंदबाजी की, जिसमें उन्होंने 15 रन दिए, लेकिन कोई विकेट नहीं लिया।
रामगढ़। रामगढ में 3 अप्रैल की सुबह जंगली हाथियों के हमले से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। बंदा, मुरपा और धोरधोरिया में हुई अलग-अलग घटनाओं के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। मृतक के परिजन को वन विभाग के द्वारा अलग-अलग 25000-25000 रुपये मुआवजा दिया गया उसके बाद ही शव को उठाया। कैसे हुआ हमला? जानकारी के अनुसार, बंदा क्षेत्र में ईंट भट्ठा पर काम कर रहे तालाटांड पतरातू निवासी 25 वर्षीय धीरज भुइयां और कुजू निवासी 25 वर्षीय युगल भुइयां पर अचानक हाथियों के झुंड ने हमला कर दिया. दोनों को कुचलकर मौके पर ही मार डाला गया. वहीं, महुआ चुन रहे 70 वर्षीय श्याम देव साहू को भी अपनी चपेट में लेकर कुचल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई. जानकारी के अनुसा, धीरज भुइयां अपने पीछे पत्नी सहित दो पुत्र एवं एक पुत्री को छोड़ गये. घायल की अस्पताल में इलाज जारी इसके साथ ही धोरधोरिया सुतरी गांव में महुआ चुन रही एक महिला अदरी देवी 74 वर्ष, पति स्व पहलू बेदिया को भी हाथी ने पटक कर घायल कर दिया. घायल महिला का प्राथमिक इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोला में चल रहा है.
मुंबई, एजेंसियां। मशहूर टीवी अभिनेता शोएब इब्राहिम की बहन और अभिनेत्री दीपिका कक्कड़ की ननद, सबा इब्राहिम एक बार फिर चर्चा में हैं। सबा इब्राहिम का रेस्टोरेंट पिछले कुछ समय से किसी न किसी वजह से सुर्खियों में रहा है। इससे पहले सबा तब विवादों में घिर गई थीं जब उनके एक व्लॉग की क्लिप वायरल हुई थी। उस वीडियो में उनका परिवार एक व्यस्त हाईवे के किनारे बैठकर रमजान का रोजा इफ्तार करता नजर आया था। इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर सुरक्षा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी थी। कई दर्शकों ने सड़क के इतने करीब बैठकर खाना खाने पर चिंता जताई और इसे जोखिम भरा बताया। हालांकि कुछ प्रशंसकों ने उनका समर्थन भी किया, लेकिन इस घटना ने उनके रेस्टोरेंट और व्लॉगिंग स्टाइल पर काफी चर्चा बटोरी थी। सबा अपने रेस्टोरेंट को लेकर सुर्खियों में रहती है सबा इब्राहिम का रेस्टोरेंट पिछले कुछ समय से किसी न किसी वजह से सुर्खियों में रहा है। इससे पहले सबा तब विवादों में घिर गई थीं जब उनके एक व्लॉग की क्लिप वायरल हुई थी। उस वीडियो में उनका परिवार एक व्यस्त हाईवे के किनारे बैठकर रमजान का रोजा इफ्तार करता नजर आया था। इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर सुरक्षा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी थी। कई दर्शकों ने सड़क के इतने करीब बैठकर खाना खाने पर चिंता जताई और इसे जोखिम भरा बताया। हालांकि कुछ प्रशंसकों ने उनका समर्थन भी किया, लेकिन इस घटना ने उनके रेस्टोरेंट और व्लॉगिंग स्टाइल पर काफी चर्चा बटोरी थी। रेस्टोरेंट बंद करने की मुख्य वजह क्या है ? सबा ने अपने व्लॉग में स्पष्ट किया कि रेस्टोरेंट को बंद करने का फैसला रातों-रात नहीं लिया गया, बल्कि इसके पीछे कुछ ठोस तकनीकी और व्यावहारिक कारण हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से रेस्टोरेंट में गैस की भारी किल्लत हो रही है, जिसकी वजह से किचन का कामकाज सुचारू रूप से चलाना असंभव हो गया था। ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण सेवा देने में आ रही इस बाधा के कारण उन्होंने कुछ समय के लिए ब्रेक लेना ही बेहतर समझा। गैस की समस्या के अलावा रेस्टोरेंट के इंटीरियर में भी कुछ खामियां सामने आई हैं। सबा और खालिद ने महसूस किया कि जगह के रख-रखाव और सजावट में सुधार की जरूरत है। उन्होंने तय किया है कि वे इस खाली समय का उपयोग रेस्टोरेंट के रिनोवेशन के लिए करेंगे। उनका मानना है कि एक बेहतर और नए लुक के साथ वापसी करने से ग्राहकों का अनुभव और भी शानदार होगा। आर्थिक नुकसान के बावजूद कड़ा फैसला एक चलता-फिरता बिजनेस बंद करना कभी भी आसान नहीं होता, और सबा ने भी इस बात को स्वीकार किया है। उन्होंने और उनके पति खालिद ने खुलकर बात की कि इस अस्थायी बंदी से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। एक तरफ जहां बिजनेस रुकने से कमाई बंद हो जाएगी, वहीं दूसरी ओर रिनोवेशन और मरम्मत के काम में उन्हें अपनी जेब से अतिरिक्त पैसा निवेश करना होगा। इन तमाम चुनौतियों के बावजूद सबा का कहना है कि लंबे समय के फायदे के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य था। वे नहीं चाहती थीं कि आधी-अधूरी सुविधाओं या समस्याओं के साथ वे अपने ग्राहकों की सेवा करें। यह निर्णय उनके पेशेवर रवैये और गुणवत्ता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यूट्यूब क्वीन और उद्यमी के रूप में सबा का सफर सबा इब्राहिम यूट्यूब की दुनिया का एक बड़ा नाम हैं। 6 नवंबर, 2022 को मुंबई में खालिद नियाज के साथ शादी के बंधन में बंधने के बाद, उनकी लोकप्रियता और भी बढ़ गई है। वे अपने व्लॉग्स के जरिए अपनी रोजमर्रा की जिंदगी, पारिवारिक पल और यात्राओं के अनुभव साझा करती हैं। उनके व्लॉग्स को लाखों लोग देखते हैं, यही वजह है कि उनके जीवन से जुड़ी हर छोटी-बड़ी खबर तुरंत वायरल हो जाती है।
मुंबई, एजेंसियां। मुंबई इंडियंस के कप्तान सूर्यकुमार यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह फिल्म 'धुरंधर' के मशहूर गाने 'Fa9la' पर डांस करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में सूर्यकुमार ने अक्षय खन्ना के किरदार रहमान डकैत के वायरल डांस स्टेप्स को रीक्रिएट करते हुए स्टेज पर धमाल मचा दिया। मुंबई इंडियंस ने गुरुवार, 2 अप्रैल को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर यह वीडियो शेयर किया, जो देखते ही देखते फैंस के बीच चर्चा का विषय बन गया। सूर्यकुमार यादव का दिखाधुरंधर मोड वीडियो में सूर्यकुमार यादव का रिलैक्स्ड और मस्ती भरा अंदाज देखने को मिला। मुंबई इंडियंस ने वीडियो के कैप्शन में लिखा, "ये दादा का स्टाइल है, पूरा धुरंधर मोड।" इस वीडियो ने आईपीएल 2026 में कप्तान के फैन्स के लिए अलग ही उत्साह पैदा कर दिया है। मुंबई इंडियंस ने कोलकाता नाइट राइडर्स शानदार जीत हासिल की आईपीएल 2026 के हाल ही में हुए सीजन ओपनर में मुंबई इंडियंस ने कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ छह विकेट से शानदार जीत दर्ज की थी। रयान रिकेल्टन और रोहित शर्मा की मदद से मुंबई ने 221 रन का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया। यह मुंबई इंडियंस का आईपीएल इतिहास में सबसे बड़ा रन-चेज और 2012 के बाद पहला सीजन ओपनर जीतने का मौका था। मुंबई इंडियंस का अगला मैच 4 अप्रैल को अरुण जेटली स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ होगा। इसके पहले, सूर्यकुमार की कप्तानी में भारत ने T20 वर्ल्ड कप 2026 में फाइनल में न्यूज़ीलैंड को हराकर ट्रॉफी जीती थी। सूर्यकुमार की लीडरशिप और स्टाइलिश अंदाज ने उन्हें मैदान के साथ-साथ स्टेज पर भी फैंस का पसंदीदा बना दिया है। इस वीडियो ने आईपीएल 2026 में उनके खेल और ग्लैमरस अंदाज दोनों को एक साथ दिखाया है।
मुंबई, एजेंसियां। डायरेक्टर नितेश तिवारी की मेगा बजट फिल्म ‘रामायण’ का टीजर सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है और दर्शक इसे बेहद पसंद कर रहे हैं। टीवी की ओजी सीता दीपिका चिखलिया ने भी टीजर देखने के बाद अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने कहा, “टीजर बहुत ग्रैंड और रिच लग रहा है। फिल्म को बहुत अच्छे से बनाया गया है। दीपिका ने खासकर रणबीर कपूर के भगवान राम के किरदार की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, “रणबीर कपूर राम के किरदार में अच्छे लग रहे हैं। अब मैं फिल्म की रिलीज का इंतजार कर रही हूं। यह बहुत खूबसूरत लग रही है। पहले थीं संदेहास्पद, अब उत्साहित हालांकि टीजर देखने से पहले दीपिका की राय कुछ अलग थी। जून 2024 में उन्होंने फिल्म के ऐलान पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि रामायण को बार-बार दोहराने की जरूरत नहीं है। उनका मानना था कि हर बार नई कहानी या नया अंदाज लाने का प्रयास दर्शकों को भ्रमित कर सकता है। लेकिन अब उन्होंने टीजर के विजुअल्स और भव्यता की सराहना की है। दो भागों में रिलीज होगी फिल्म टीजर में रणबीर कपूर को ‘मर्यादा पुरुषोत्तम राम’ के रूप में पेश किया गया है, जबकि साई पल्लवी सीता और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में दिखाई देंगे। यश के रावण की झलक भी टीजर में दिखाई गई है। फिल्म का पहला भाग दिवाली 2026 में और दूसरा भाग दिवाली 2027 में रिलीज होगा। संगीत हंस जिमर और ए आर रहमान ने तैयार किया है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। गर्मियों का मौसम भले ही तेज धूप और उमस लेकर आता हो, लेकिन इसी मौसम की सबसे मीठी सौगात है आम। भारत को आमों का देश कहा जाए तो गलत नहीं होगा, क्योंकि यहां 1500 से ज्यादा किस्म के आम पाए जाते हैं। इनमें से कई किस्में सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी बेहद लोकप्रिय हैं। स्वाद, खुशबू, गूदे की गुणवत्ता और शेल्फ लाइफ के कारण भारतीय आमों की UAE, UK, USA, यूरोप और मिडिल ईस्ट जैसे बाजारों में भारी मांग रहती है। 1. अल्फांसो: आमों का ‘किंग’ अल्फांसो आम को “आम का राजा” कहा जाता है। महाराष्ट्र के रत्नागिरी और देवगढ़ में उगने वाला यह आम अपनी मीठी खुशबू, मुलायम गूदे और प्रीमियम क्वालिटी के लिए मशहूर है। इंटरनेशनल मार्केट में इसकी सबसे ज्यादा डिमांड रहती है। 2. दशहरी दशहरी आम, जो उत्तर प्रदेश के मलिहाबाद का खास आम है, अपने मीठे स्वाद और बिना रेशे वाले गूदे के लिए पसंद किया जाता है। 3. लंगड़ा: उत्तर भारत के सुपरस्टार वहीं लंगड़ा आम, जो वाराणसी से जुड़ा है, अपने हल्के हरे रंग, तेज खुशबू और अनोखे स्वाद के कारण विदेशों में अलग पहचान रखता है। 4. केसर केसर आम गुजरात के गिर क्षेत्र में उगाया जाता है। इसका केसरिया रंग, मीठापन और रसदार गूदा इसे एक्सपोर्ट का पसंदीदा विकल्प बनाता है। 5. चौसा: रंग और रस का कमाल चौसा आम उत्तर भारत में बेहद लोकप्रिय है। यह इतना रसदार और मीठा होता है कि इसे चूसकर खाने का मजा ही अलग होता है। यह खासकर मिडिल ईस्ट और यूरोप में खूब भेजा जाता है। 6. तोतापुरी तोतापुरी आम अपनी तोते की चोंच जैसी शेप और खट्टे-मीठे स्वाद के लिए जाना जाता है। इसका इस्तेमाल जूस, पल्प और प्रोसेस्ड फूड में खूब होता है। 7. बंगनपल्ली: फूड इंडस्ट्री के पसंदीदा बंगनपल्ली (सफेदा), आंध्र प्रदेश की प्रसिद्ध किस्म है, जो बड़े आकार, बिना रेशे वाले गूदे और हल्की मिठास के लिए पसंद की जाती है। 8. हिमसागर हिमसागर आम पश्चिम बंगाल का प्रीमियम आम है, जिसमें गूदा ज्यादा और बीज छोटा होता है। 9. नीलम नीलम आम दक्षिण भारत में उगाया जाता है और इसकी तेज खुशबू व लंबी शेल्फ लाइफ इसे एक्सपोर्ट के लिए बेहतरीन बनाती है। 10. आम्रपाली: स्वाद में अलग पहचान वहीं आम्रपाली, जो दशहरी और नीलम का हाइब्रिड है, आकार में छोटा लेकिन स्वाद में बेहद गाढ़ा और मीठा होता है।
रांची/गोसाईंगांव,एजेंसियां। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) असम विधानसभा चुनाव 2026 में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनकी पत्नी एवं गांडेय विधायक कल्पना सोरेन सहित कई वरिष्ठ नेता असम के विभिन्न हिस्सों में चुनावी सभाओं में शामिल हो रहे हैं।इसी कड़ी में कल्पना सोरेन ने गोसाईंगांव विधानसभा क्षेत्र से झामुमो प्रत्याशी फेड्रिक्सन हांसदा के समर्थन में जोरदार जनसभा को संबोधित किया। सभा में भारी भीड़ जुटी और लोगों ने उनकी एक झलक पाने के लिए उत्साह दिखाया। कल्पना सोरेन ने मंच से कहा कल्पना सोरेन ने मंच से कहा कि झामुमो असम के आदिवासी समुदाय के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह चुनाव सामान्य नहीं बल्कि इतिहास रचने वाला है और परिणाम सभी को हैरान कर देगा। उन्होंने चाय बागान मजदूरों के हक-अधिकार और उनकी समस्याओं के समाधान पर भी ध्यान आकर्षित किया। कल्पना का वादा विधायक ने विशेष रूप से टी-ट्राइब (चाय जनजाति) को जनजाति का दर्जा दिलाने का वादा किया। उन्होंने कहा कि झारखंड में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं को असम में भी लागू करने की कोशिश की जाएगी।सभा में सिंहभूम लोकसभा सांसद जोबा मांझी और झामुमो विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने भी फेड्रिक्सन हांसदा के लिए अधिक से अधिक वोट देने की अपील की। झामुमो असम में 21 सीटों पर प्रत्याशी उतारा है कल्पना सोरेन ने जनता के बीच सेल्फी ली और बच्चों को गोद में उठाते हुए लोगों के बीच अपनी लोकप्रियता दिखाई। झामुमो असम में 21 सीटों पर प्रत्याशी उतारकर आदिवासी और चाय बागान क्षेत्रों में अपना मजबूत आधार बनाने की कोशिश कर रहा है। पार्टी का दावा है कि चुनाव असम में रह रहे झारखंड मूल के लोगों के अधिकार सुनिश्चित करने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए महत्वपूर्ण है।
मेष राशि - आपको काफ़ी समय से चल रही बीमारी से छुटकारा मिल सकता है। विदेशों में पड़ी आपकी जमीन आज अच्छे दामों में बिक सकती है जिससे आपको मुनाफा होगा। पारिवारिक सदस्यों के साथ सुकून भरे और शांत दिन का लुत्फ़ लें। अगर लोग परेशानियों के साथ आपके पास आएँ तो उन्हें नज़रअंदाज़ करें और उन्हें अपनी मानसिक शांति भंग न करने दें। आपके महसूस करेंगे कि फ़िज़ाओं में प्यार घुला हुआ है। नज़रें उठाकर तो देखिए, आपको सब-कुछ प्रेम के रंग में रंगा दिखाई देगा। आज आप नए प्रोजेक्ट को शुरू करेंग जो पूरे परिवार के लिए समृद्धि लेकर आएगा। दिक़्क़तों का तेज़ी से मुक़ाबला करने की आपकी क्षमता आपको ख़ास पहचान दिलाएगी। सुबह जीवनसाथी से आपको कुछ ऐसा मिल सकता है, जिससे आपका सारा दिन ख़ुशगवार गुज़रेगा। उपाय :- प्रेमी/प्रेमिका को काले व सफेद गुलाब गिफ्ट करने से प्रेम सम्बन्ध अच्छे रहेंगे। वृषभ राशि - सामाजिक मेलजोल से ज़्यादा सेहत को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। आपकी मनोकामनाएं दुआओं के ज़रिए पूरी होंगी और सौभाग्य आपकी तरफ़ आएगा- और साथ ही पिछले दिन की मेहनत भी रंग लाएगी। नयी चीज़ों पर ध्यान लगाएँ और अपने सबसे अच्छे दोस्त की मदद लें। संभव है कि कोई आपसे अपने प्यार का इज़हार करे। आप अपने मातहतों से नाख़ुश हो सकते हैं, क्योंकि वे उम्मीद के मुताबिक़ काम नहीं कर रहे हैं। आज कुछ नया और सृजनात्मक करने के लिए अच्छा दिन है। यह समय जीवन में आपको वैवाहिक जीवन का भरपूर आनन्द देगा। उपाय :- कार्यस्थल में प्रवेश करने से पहले सूर्य के द्वादश नामों का स्मरण करना नौकरी/बिज़नेस में उन्नति देगा। मिथुन राशि - आज का दिन ऐसे काम करने के लिए बेहतरीन है, जिन्हें करके आप ख़ुद के बारे में अच्छा महसूस करते हैं। जो लोग अब तक पैसे को बिना वजह ही उड़ा रहे थे आज उन्हें अपने आप पर काबू रखना चाहिए और धन की बचत करनी चाहिए। यह वक़्त इस बात को समझने का है कि ग़ुस्सा छोटा-पागलपन है और यह आपको बारी नुक़सान की तरफ़ धकेल सकता है। आज ही लंबे वक़्त से चले आ रहे झगड़ों को सुलझा लें, क्योंकि हो सकता है कि कल बहुत देर हो जाए। आज आपकी कड़ी मेहनत कार्यक्षेत्र में ज़रूर रंग दिखाएगी। समय का अच्छा इस्तेमाल करने के लिए आज आप पार्क में घूमने का प्लान बना सकते हैं लेकिन वहां किसी अनजान शख्स से आपकी बहस होने की अशंका है जिससे आपका मूड खराब हो जाएगा। अगर आपके जीवनसाथी का मन खिन्न है और चाहते हैं की दिन अच्छा गुज़रे, तो चुप्पी साधे रहें। उपाय :- प्रेम सम्बन्धों को अच्छा करने के लिए तांबे या सोने का कड़ा धारण करें। कर्क राशि - ज़िन्दगी की बेहतरीन चीज़ों को शिद्दत से महसूस करने के लिए अपने दिल-दिमाग़ के दरवाज़े खोलें। चिंता को छोड़ना इसकी ओर पहला क़दम है। जिन लोगों ने कहीं निवेश किया था आज के दिन आपको आर्थिक हानि होने की संभावना है। ज़रूरत के वक़्त आपको दोस्तों का सहयोग मिलेगा। आप अचानक गुलाबों की ख़श्बू से ख़ुद को सराबोर पाएंगे। यह प्यार की मदहोशी है, इसे महसूस करें। कार्यक्षेत्र में आपके सामने नई चुनौतियाँ आएंगी- ख़ास तौर पर अगर आप कूटनीतिक तरीक़े से चीज़ों को नहीं इस्तेमाल करेंगे तो। अपने समय की कीमत समझें, उन लोगों के बीच रहना जिनकी बातें आपके समझ में नहीं आती हैं गलत है। ऐसा करना भविष्य में आपको परेशानियों के अलावा कुछ नहीं देगा। आपका अपने जीवनसाथी के साथ तनावपूर्ण संबंध रह सकता है। जहां तक सम्भव हो बात को बढ़ने न दें। उपाय :- आटा, बूरा, घी मिलाकर सूखे नारियल के गोले में भरकर पीपल के नीचे रखने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। सिंह राशि - आज आपको आराम करने और क़रीबी दोस्तों व परिवार के साथ ख़ुशी के कुछ पल बिताने की ज़रूरत है। ज़रूरत से ज़्यादा ख़र्च करने और चालाकी-भरी आर्थिक योजनाओं से बचें। किसी बुज़ुर्ग की सेहत चिंता का सबब बनेगी। जिसे आप चाहते हैं, उसके साथ आपका तल्ख़ रवैया आपके रिश्ते में दूरी बढ़ा सकता है। नयी परियोजनाओं और ख़र्चों को टाल दें। खाली समय में आज आप अपने मोबाइल पर कोई वेब सीरीज देख सकते हैं। ख़राब मिज़ाज के चलते आप महसूस कर सकते हैं कि आपका जीवनसाथी आपको बेवजह तंग कर रहा है। उपाय :- किसी के विवाह या मंगल काम में तन, मन, धन से मदद करना आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा। कन्या राशि - भाग्य पर निर्भर न रहें और अपनी सेहत को सुधारने की कोशिश करें, क्योंकि क़िस्मत ख़ुद बहुत आलसी होती है। अटके हुए मामले और घने होंगे व ख़र्चे आपके दिमाग़ पर छा जाएंगे। किसी दूर के रिश्तेदार के यहाँ से मिली आकस्मिक अच्छी ख़बर आपके पूरे परिवार के लिए ख़ुशी के लम्हे लाएगी। प्यार में अपने अशिष्ट बर्ताव के लिए माफ़ी मांगें। आज किए गए निवेश काफ़ी फ़ायदेमन्द साबित होंगे, लेकिन आपको भागीदारों से विरोध का सामना करना पड़ सकता है। कोई आध्यात्मिक गुरू या बड़ा आपकी सहायता कर सकता है। वैवाहिक जीवन में कठिन दौर से गुज़रने के बाद आपको अब कुछ राहत का एहसास होगा। उपाय :- सफेद कपड़ों को ज्यादा से ज्यादा पहने से स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। तुला राशि - दूसरों के सफलता को सराहकर आप उसका लुत्फ़ ले सकते हैं। पैसे की अहमियत को आप अच्छे से जानते हैं इसलिए आज के दिन आपके द्वारा बचाया गया धन आपके बहुत काम आ सकता है और आप किसी बड़ी मुश्किल से निकल सकते हैं। जितना आपने सोचा था, आपका भाई उससे ज़्यादा मददगार साबित होगा। किसी दिलचस्प इंसान से मिलने की प्रबल संभावना है। व्यावसायिक साझीदार सहयोग करेंगे और आप साथ मिलकर टलते आ रहे कामों को पूरा कर सकते हैं। अपने व्यक्तित्व और रंग-रूप को बेहतर बनाने का कोशिश संतोषजनक साबित होगी। वैवाहिक सुख के दृष्टिकोण से आज आपको कुछ अनोखा उपहार मिल सकता है। उपाय :- हनुमान चालीसा का पाठ करना स्वास्थ्य के लिए शुभ रहेगा। वृश्चिक राशि - आज का दिन ऐसे काम करने के लिए बेहतरीन है, जिन्हें करके आप ख़ुद के बारे में अच्छा महसूस करते हैं। अगर आपका धन से जुड़ा कोई मामला कोर्ट-कचहरी में अटका था तो आज उसमें आपको विजय मिल सकती है और आपको धन लाभ हो सकता है। अपना अतिरिक्त समय निःस्वार्थ सेवा में लगाएँ। यह आपको और आपके परिवार को ख़ुशी और दिली सुकून देगा। हर रोज़ प्रेम में पड़ने की अपनी आदत को बदलिए। आज अनुभवी लोगों से जुड़कर जानने की कोशिश करें कि उनका क्या कहना है। ऐसे लोगों से जुड़ने से बचें जो आपकी प्रतिष्ठा को आघात पहुँचा सकते हैं। आपके और आपके जीवनसाथी के बीच कोई बाहरी व्यक्ति दूरी पैदा करने की कोशिश कर सकता है, लेकिन आप दोनों चीज़ें संभाल लेंगे। उपाय :- गणेश जी के मंदिर में एक काला-सफेद झंडा(पताका) दान में देने से प्रेम सम्बन्ध अच्छे होंगे। धनु राशि - आपका ऊर्जा-स्तर ऊँचा रहेगा। परिवार के किसी सदस्य के बीमार पड़ने की वजह से आपको आर्थिक परेशानी आ सकती है, हालांकि इस वक्त आपको धन से ज्यादा उनकी सेहत की चिंता करनी चाहिए। जिन लोगों से आपकी मुलाक़ात कभी-कभी ही होती है, उनसे बातचीत और संपर्क करने के लिए अच्छा दिन है। मुमकिन है कि आपके आँसुओं को पोंछने के लिए कोई ख़ास दोस्त आगे आए। कार्यालय में कोई आपको कुछ बढ़िया चीज़ या ख़बर दे सकता है। टीवी, मोबाईल का इस्तेमाल गलत नहीं है लेकिन आवश्यकता से अधिक इनका उपयोग आपके जरुरी समय को खराब कर सकता है। आज से पहले शादीशुदा ज़िन्दगी इतनी अच्छी कभी नहीं रही। उपाय :- अच्छी आर्थिक स्थिति के लिए मांस-मदिरा व परनारी संपर्क से बचें। मकर राशि - आपके हँसी-मज़ाक़ का लहज़ा किसी दूसरे को आपकी तरह इस क्षमता को विकसित करने के लिए प्रेरित कर सकता है। आपसे उसे यह सबक़ मिलेगा कि ज़िंदगी की ख़ुशी बाहरी चीज़ों में नहीं, बल्कि ख़ुद के ही भीतर है। आपके भाई-बहनों में से कोई आज आपसे पैसे उधार मांग सकता है, आप उनको पैसे उधार तो दे देंगे लेकिन इससे आपके आर्थिक हालात खराब हो सकते हैं। घर वालों के साथ समय बिताना ख़ुशनुमा अनुभव रहेगा। लवमेट आज आपसे किसी चीज की डिमांड कर सकता है लेकिन आप उसे पूरा नहीं कर पाएंगे जिसकी वजह से आपका लवमेट आपसे नाराज हो सकता है। आपकी अन्दरूरनी ताक़त कार्यक्षेत्र में दिन को बेहतर बनाने में मददगार साबित होगी। आज आपको अचानक किसी अनचाही यात्रा पर जाना पड़ सकता है जिसकी वजह से घरवालों के साथ समय बिताने का आपका प्लान खराब हो सकता है। अपने जीवनसाथी की ख़ूबियों के चलते आप एक बार फिर उनके प्यार में गिरफ़्तार हो सकते हैं। उपाय :- धन की स्थिति अच्छी करने के लिए दूध में हल्दी डालकर पिएं। कुम्भ राशि - दोस्त या सहकर्मी का स्वार्थी बर्ताव आपका मानसिक सुकून ख़त्म कर सकता है। आपने बीते समय में बहुत पैसा खर्च किया है जिसका खामियाजा आज आपको भुगतना पड़ सकता है। आज आपको पैसों की जरुरत होगी लेकिन वो आपको मिल नहीं पाएगा। अगर आज आप किसी को सलाह देते हैं, तो ख़ुद लेने के लिए भी तैयार रहें। शाम को प्रिय के साथ रोमांटिक मुलाक़ात और साथ में कहीं लज़ीज़ खाना खाने के लिहाज़ से बढ़िया दिन है। काम की अधिकता के बावजूद भी आज कार्यक्षेत्र में आपमें ऊर्जा देखी जा सकती है। आज आप दिये गये काम को तय वक्त से पहले ही पूरा कर सकते हैं। आप अपनी छुपी ख़ासियत का इस्तेमाल कर दिन को बेहतरीन बनाएंगे। यह दिन आपके जीवनसाथी के रूमानी पहलू को भरपूर तरीक़े से दिखाएगा। उपाय :- शिव जी की पूजा करें तो स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। मीन राशि - तनाव के चलते बीमारी से दो-चार होना पड़ सकता है। सुकून महसूस करने के लिए दोस्तों और परिवार के साथ कुछ समय बिताएँ। रात के समय आप आज आपको धन लाभ होने की पूरी संभावना है क्योंकि आपके द्वारा दिया गया धन आज आपको वापस मिल सकता है। अपने स्वभाव को अस्थिर न होने दें- ख़ासतौर पर अपनी पत्नी/पति के साथ- नहीं तो यह घर की शांति पर असर डाल सकता है। प्रेम के नज़रिए से आज का दिन आपके लिए ख़ुशियों से भरा रहेगा। रचनात्मक काम में लगे लोगों के लिए सफलता से भरा दिन है, उन्हें वह शौहरत और पहचान मिलेगी जिसकी उन्हें एक अरसे से तलाश थी। आज के दिन में आप बहुत व्यस्त रहेंगे लेकिन शाम के वक्त अपने मनपसंद कामों को करने के लिए भी आपके पास पर्याप्त समय होगा। आज का दिन आपके लिए बहुत अच्छा नहीं रहेगा क्योंकि कई मामलों में आपसी असहमति रह सकती है; और इससे आपके रिश्ते कमजोर होंगे। उपाय :- जौ, मूली व काली सरसों का दान किसी मांगने वाले को देने से हेल्थ अच्छी रहेगी। कृपया ध्यान दें यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए IDTV इन्द्रधनुष उत्तरदायी नहीं हैं।
दिनांक - 03 अप्रैल 2026 दिन - शुक्रवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - उत्तरायण ऋतु - वसंत ॠतु मास - वैशाख पक्ष - कृष्ण तिथि - प्रतिपदा सुबह 08:42 तक तत्पश्चात द्वितीया नक्षत्र - चित्रा शाम 07:25 तक तत्पश्चात स्वाती योग - व्याघात दोपहर 02:09 तक तत्पश्चात हर्षण राहुकाल - सुबह 11:09 से दोपहर 12:42 तक सूर्योदय - 05:43 सूर्यास्त - 06:05 दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे व्रत पर्व विवरण- विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
नई दिल्ली, एजेंसियां। गर्मियों के मौसम में ठंडक और ताजगी के लिए छाछ एक पारंपरिक और हेल्दी विकल्प है। यह दही से बनाई जाती है और हल्के मसालों के मिश्रण से इसे और स्वादिष्ट बनाया जाता है। छाछ केवल ताजगी ही नहीं देती, बल्कि यह पाचन तंत्र को भी मजबूत करती है और भारी भोजन के बाद इसे पीने से आराम मिलता है। बाजार में मिलने वाली छाछ की तरह स्वादिष्ट और हेल्दी ड्रिंक अब आप घर पर ही मिनटों में तैयार कर सकते हैं। छाछ बनाने के लिए आवश्यक सामग्री: • 1 कप दही • 2 कप ठंडा पानी • 1/2 छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर • 1/4 छोटा चम्मच काला नमक • स्वादानुसार नमक • 5-6 पुदीने की पत्तियां (बारीक कटी) • 1 हरी मिर्च (बारीक कटी, वैकल्पिक) • 1 चम्मच धनिया पत्ती (बारीक कटी हुई) छाछ बनाने की आसान विधि 1. सबसे पहले दही को एक बाउल में अच्छी तरह फेंट लें ताकि यह स्मूद और क्रिमी हो जाए। 2. अब इसमें ठंडा पानी डालकर अच्छे से मिक्स करें। पानी का मात्रा दही के घोल को पतला करने के लिए जरूरी है, जिससे छाछ हल्की और पीने में ताज़गी देने वाली बने। 3. इसके बाद इसमें भुना जीरा पाउडर, काला नमक और स्वादानुसार साधारण नमक डालें। जीरा और काला नमक छाछ को विशेष स्वाद और सुगंध देते हैं। 4. अब इसमें पुदीना, धनिया पत्ती और बारीक कटी हरी मिर्च डालें। यह मसाले और हरी मिर्च स्वाद को बढ़ाते हैं और पेट को ठंडक देते हैं। 5. सभी चीजों को अच्छे से मिलाकर 5 मिनट के लिए ठंडा होने दें। इससे छाछ का स्वाद और मसालों की खुशबू पूरी तरह मिश्रित हो जाती है। 6. तैयार छाछ को गिलास में डालकर ठंडा-ठंडा सर्व करें। इस घरेलू मसाला छाछ का फायदा यह है कि यह शरीर को हाइड्रेट रखती है, गर्मी से राहत देती है और पाचन को सुधारती है। इसके अलावा, यह ड्रिंक हेल्दी और बिना किसी एडिटिव के होती है। आप इसे भोजन के बाद या दोपहर की गर्मी में पी सकते हैं। छाछ को घर पर बनाना न केवल आसान है, बल्कि यह आपके परिवार और मेहमानों के लिए भी हेल्दी और स्वादिष्ट विकल्प साबित होता है। यह गर्मियों में ताजगी और ऊर्जा का संचार करती है।
रांची। राजधानी रांची से ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां रिम्स में एडमिशन दिलाने के नाम पर एक परिवार से करोड़ों रुपये और भारी मात्रा में सोना ठग लिया गया। इस मामले में सुखदेव नगर थाना में शिकायत दर्ज कराई गई है। भरोसा जीतकर जाल में फंसाया शिकायतकर्ता दीवान मिढ़ा ने पुलिस को बताया कि अरुण कुमार और उनकी पत्नी ने खुद को बड़े प्रशासनिक अधिकारियों और नेताओं से जुड़ा हुआ बताया। शुरुआत में उन्होंने मुख्यमंत्री आवास के नाम पर कंबल वितरण का बहाना बनाकर करीब एक हजार कंबल ले लिए। धीरे-धीरे दोनों ने परिवार के साथ भरोसा कायम किया और फिर उनकी बेटी का रिम्स में पीजी मैनेजमेंट के NRI कोटे से एडमिशन कराने का वादा किया। एडमिशन के नाम पर करोड़ों की वसूली दीवान के मुताबिक, उन्होंने शुरुआत में 15 लाख रुपये नकद दिए। इसके बाद अलग-अलग तारीखों में स्टेट गेस्ट हाउस, रिम्स, सर्किट हाउस और पुराने विधानसभा परिसर में बुलाकर उनसे कुल मिलाकर करीब एक करोड़ रुपये और 995 ग्राम सोना ले लिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस पूरे लेनदेन के ऑडियो रिकॉर्डिंग और व्हाट्सएप चैट उनके पास सबूत के तौर पर मौजूद हैं। इलाज के नाम पर भी ठगी मामला यहीं नहीं रुका। दीवान की बहन की तबीयत बिगड़ने पर आरोपी ने एयर एंबुलेंस और इलाज में मदद का भरोसा दिया। इस दौरान भी परिवार से लाखों रुपये और गहने ले लिए गए। दीवान ने बताया कि उन्होंने 8.25 लाख रुपये जुटाकर बहन को बेंगलुरु भेजा, लेकिन ऑपरेशन के लिए 60 से 70 लाख रुपये का इंतजाम नहीं हो सका। इसी बीच उन्होंने अपना पुश्तैनी सोना और परिवार के गहने भी आरोपियों को सौंप दिए। जब दीवान ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोप है कि अरुण कुमार और उसकी पत्नी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और झूठे केस में फंसाने की बात कही। साजिश कर फंसाने का आरोप शिकायत में यह भी बताया गया है कि 15 मार्च को लोअर बाजार थाना क्षेत्र में पुलिस ने दीवान की गाड़ी की तलाशी ली, जिसमें स्टेपनी के नीचे नशीला पदार्थ मिला। बाद में शक जताया गया कि यह सब आरोपियों की साजिश थी, ताकि उन्हें फंसाया जा सके। पहचान भी निकली फर्जी जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी का असली नाम तनवीर अख्तर है, जबकि वह खुद को अरुण कुमार बताकर लोगों को ठग रहा था। उसकी पत्नी का नाम आइशा बताया गया है। दोनों सरकारी सुरक्षा और रसूख का झूठा दिखावा कर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। पुलिस से कार्रवाई की मांग पीड़ित दीवान मिढ़ा ने पुलिस से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उनसे ठगे गए एक करोड़ रुपये और 995 ग्राम सोने की बरामदगी कराई जाए।
रांची। झारखंड सरकार के विभाग वित्तीय वर्ष 2025-26 का पूरा बजट खर्च नहीं कर सके। कुल बजट का करीब 80 फीसदी ही खर्च हो पाया और करीब 29 हजार करोड़ रुपये सरेंडर करने पड़े। आखिरी दिन 3,616 करोड़ की निकासी वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन सरकारी खजाने से करीब 3,616 करोड़ रुपये निकाले गए। वहीं पूरे मार्च महीने में करीब 19 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए। यानी आखिरी महीने में खर्च की रफ्तार जरूर बढ़ी, लेकिन पूरे साल का लक्ष्य फिर भी अधूरा रह गया। राजस्व वसूली में भी पीछे सिर्फ खर्च ही नहीं, राजस्व वसूली के मामले में भी कई विभाग लक्ष्य से पीछे रहे। अब विभागवार खर्च और आय का पूरा आकलन किया जा रहा है, जिसे जल्द वित्त विभाग जारी करेगा। केंद्र पर फोड़ा ठिकरा वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि योजना मद की करीब 80 फीसदी राशि खर्च हुई है। उन्होंने केंद्र पर पर ठिकरा फोड़ते हुए कहा कि अगर केंद्र सरकार से पूरा सहयोग मिलता, तो बजट के मुताबिक खर्च हो जाता। उनके मुताबिक करीब 13 हजार करोड़ रुपये अनुदान और टैक्स शेयर के रूप में राज्य को नहीं मिले। बीजेपी ने उठाए सवाल उधर, विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा ने कहा कि सरकार बड़े-बड़े बजट बनाकर जनता को भ्रमित करती है, लेकिन जमीन पर खर्च नहीं कर पाती। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र से मिली राशि भी ठीक से खर्च नहीं हो रही, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। खान विभाग ने बनाया रिकॉर्ड हालांकि कुछ विभागों ने शानदार प्रदर्शन भी किया है। खान विभाग ने सेस और कोयले की रॉयल्टी से रिकॉर्ड 18,508 करोड़ रुपये की वसूली की है। इसमें से 7,454.30 करोड़ रुपये सेस से और 11,054.27 करोड़ रुपये रॉयल्टी से मिले हैं, जो अब तक का सबसे ज्यादा है। शराब और परिवहन से भी बढ़ी कमाई उत्पाद विभाग ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है। इस विभाग ने पिछले साल के मुकाबले 1,310 करोड़ रुपये ज्यादा राजस्व जुटाया और कुल 4,020 करोड़ रुपये की कमाई की, जो लक्ष्य से भी ज्यादा है। वहीं परिवहन विभाग ने 2,196.66 करोड़ रुपये की वसूली की, जो पिछले साल से 282 करोड़ ज्यादा है। बड़ा बजट, अधूरा खर्च वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य सरकार ने 1 लाख 45 हजार 400 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग को सबसे ज्यादा 22,023 करोड़ रुपये मिले थे। मंईयां सम्मान योजना के लिए भी 13,363 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था।
रांची। झारखंड को जल्द ही पांच सूचना आयुक्त मिलेंगे। इनके नाम लगभग तय हैं। इनमें दो पत्रकार अनुज सिन्हा व धर्मवीर सिन्हा, कांग्रेस महासचिव अमूल्य नीरज खलखो, झामुमो आईटी सेल के प्रभारी तनुज खत्री और भाजपा के मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक के नाम शामिल हैं। लोकभवन पहुंची फाइल जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 25 मार्च को चयन समिति की बैठक में इन नामों का चयन हो चुका है। इस बैठक में सीएम के अलावा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और मंत्री हफीजुल हसन शामिल थे। कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग ने राज्यपाल संतोष गंगवार की स्वीकृति के लिए फाइल लोकभवन भेज दी है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद नियुक्ति की अधिसूचना जारी होगी। 335 आवेदन आये थे मुख्य सूचना आयुक्त के लिए 35 और सूचना आयुक्त के लिए करीब 300 आवेदन चयन समिति के पास आए थे। फिलहाल मुख्य सूचना आयुक्त के लिए किसी का नाम नहीं भेजा गया है। 6 साल से खाली हैं पद राज्य में 6 साल से मुख्य ससूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त के सभी पद खाली हैं। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के दबाव के बाद इस नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी आई है। 7 अप्रैल तक जारी होगी अधिसूचना झारखंड के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की कोर्ट ने पिछली सुनवाई में मामले में सरकार से जवाब मांगा है। इस पर महाधिवक्ता ने बताया कि चयन समिति की बैठक हो चुकी है। सात अप्रैल तक इन पदों पर नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। अब 13 अप्रैल को मामले की अगली सुनवाई होगी।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।