बिहार में अप्रैल की शुरुआत के साथ ही मौसम ने दोहरा रुख दिखाना शुरू कर दिया है। एक ओर तेज धूप लोगों को झुलसा रही है, तो दूसरी तरफ आसमान में बादलों की आवाजाही से अनिश्चितता बनी हुई है। India Meteorological Department (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य में अगले कुछ दिनों तक गर्मी और उमस लोगों को परेशान करती रहेगी, लेकिन 5 अप्रैल से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 40 डिग्री के करीब पहुंचा तापमान, बढ़ी उमस अप्रैल के शुरुआती दिनों में ही बिहार के कई जिलों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। राजधानी पटना समेत कई शहरों में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जबकि कुछ इलाकों में यह 40 डिग्री के करीब जाने का अनुमान है। हवा में नमी की मात्रा बढ़ने से उमस ने स्थिति और कठिन बना दी है। दोपहर के समय गर्म हवाओं और चिपचिपी गर्मी के कारण सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है। मौसम की यह अस्थिरता पूर्वी बिहार के ऊपर सक्रिय चक्रवाती सिस्टम के कारण बनी हुई है। 72 घंटे बाद बदलेगा मौसम, बारिश और आंधी का अलर्ट IMD के अनुसार अगले 72 घंटों के भीतर मौसम करवट लेने वाला है। 5 अप्रैल से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादलों का घना जमाव होगा और तेज आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। यह बदलाव जहां आम लोगों को गर्मी से राहत देगा, वहीं तेज हवाएं और बारिश कुछ इलाकों में परेशानी भी बढ़ा सकती हैं। किसानों के लिए चेतावनी मौसम में इस संभावित बदलाव को देखते हुए किसानों के लिए विशेष सतर्कता जरूरी है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें और कृषि कार्यों की योजना मौसम के अनुसार बनाएं, ताकि नुकसान से बचा जा सके। मार्च में रिकॉर्ड तोड़ बारिश इस साल मार्च में बिहार में सामान्य से 214% अधिक वर्षा दर्ज की गई, जो एक असामान्य स्थिति है। समस्तीपुर के मोहिउद्दीननगर में 75.4 mm बारिश रिकॉर्ड की गई पूर्णिया में सबसे अधिक वर्षा दर्ज हुई वहीं अरवल, गोपालगंज, रोहतास और सारण में सामान्य से कम बारिश हुई अप्रैल में मौसम का अनोखा मिश्रण मौसम विभाग का अनुमान है कि इस साल अप्रैल में गर्मी और बारिश का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। एक ओर तापमान 40 डिग्री के पार जाएगा, तो दूसरी ओर आंधी-तूफान और बारिश की घटनाएं भी सामान्य से ज्यादा हो सकती हैं।
Jharkhand में अप्रैल की शुरुआत के साथ ही मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का अलग-अलग रूप देखने को मिल रहा है-कहीं तेज हवा और बारिश हो रही है तो कहीं धूल भरी आंधी और गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। ऐसे में कहा जा सकता है कि इस बार मौसम खुद ही लोगों के साथ “अप्रैल फूल” खेलता नजर आ रहा है। मंगलवार शाम आई तेज आंधी और बारिश ने लोगों को चौंका दिया। कई जिलों में हुई इस बारिश के बाद बुधवार को भी आसमान में बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में गरज के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी मौसम का यह अस्थिर रुख जारी रह सकता है। राज्य के कई जिलों में मंगलवार को अच्छी बारिश दर्ज की गई। बोकारो में 17 मिमी वर्षा हुई, जबकि जमशेदपुर में 1.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं बरही में पिछले 24 घंटों के दौरान 35.2 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सबसे अधिक रही। इस बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई है। बोकारो में 8.7 डिग्री सेल्सियस, जमशेदपुर में 4.7 डिग्री, चाईबासा में 6.2 डिग्री और मेदिनीनगर में 1.6 डिग्री तक तापमान गिरा। इससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली है। राजधानी Ranchi में भी मौसम ने अचानक रंग बदला। मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई, जिससे दिनभर की गर्मी के बाद शाम का मौसम सुहाना हो गया। यहां अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन और रात के तापमान में यह अंतर लोगों के लिए असमंजस की स्थिति पैदा कर रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 1 अप्रैल को राज्य के उत्तरी और मध्य हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहेंगे। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर तेज हवा चलने की संभावना है। यह बदलाव किसानों के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि फसलों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। हालांकि 2 और 3 अप्रैल को मौसम के साफ रहने का अनुमान है। इन दिनों आसमान साफ रहेगा और तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे एक बार फिर गर्मी का असर बढ़ेगा। इसके बाद 4 अप्रैल से मौसम फिर करवट ले सकता है। उत्तरी झारखंड में तेज हवा, गरज और बारिश की संभावना है, जबकि 5 और 6 अप्रैल को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मेघ गर्जन, वज्रपात और बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने खासतौर पर वज्रपात के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। मंगलवार को राज्य में सबसे अधिक तापमान मेदिनीनगर में 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि जमशेदपुर में दिनभर उमस के बाद शाम को हुई बारिश ने राहत दी। यहां अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री और न्यूनतम 23.5 डिग्री सेल्सियस रहा। लगातार बदलते मौसम ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। कभी तेज गर्मी, कभी बारिश और कभी तेज हवाएं-इन सबके बीच लोगों को अपने स्वास्थ्य और कामकाज दोनों का ध्यान रखने की जरूरत है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक इसी तरह का उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
देशभर में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले 24 घंटे बेहद संवेदनशील रह सकते हैं। दिल्ली, यूपी, बिहार समेत करीब 15 राज्यों में आंधी-तूफान, तेज बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। क्यों बदला मौसम? IMD के मुताबिक, लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और कई चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) इनकी वजह से पूरे देश में मौसम अस्थिर हो गया है, जिससे बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इन राज्यों में ज्यादा खतरा दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल (रेड अलर्ट), पूर्वोत्तर राज्य दक्षिण भारत के कई हिस्से (केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु) पश्चिम बंगाल के पश्चिम व पूर्व मिदनापुर में रेड अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली-NCR का हाल दिन में हल्की बारिश या बूंदाबांदी शाम को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं हवा की रफ्तार: 20–30 किमी/घंटा, झोंकों में 40 किमी/घंटा तापमान में 2–3°C तक गिरावट संभव यूपी-बिहार में उग्र मौसम UP: 30–50 किमी/घंटा की तेज हवाएं, बारिश और बिजली गिरने का खतरा बिहार: 50–60 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी (थंडरस्क्वॉल) झारखंड: तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना पहाड़ी इलाकों में असर उत्तराखंड: बारिश के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी कुछ जगहों पर ओलावृष्टि, फसलों को नुकसान की आशंका आगे कैसा रहेगा मौसम? 3–5 अप्रैल के बीच एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है कई राज्यों में फिर से बारिश और तूफान की संभावना तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव रहेगा लोगों के लिए जरूरी सलाह आंधी-तूफान के दौरान खुले में न रहें बिजली गिरने से बचने के लिए सुरक्षित स्थान पर जाएं अनावश्यक यात्रा से बचें किसान फसलों की सुरक्षा के इंतजाम करें
India Meteorological Department के रांची केंद्र ने झारखंड के मौसम को लेकर अहम अपडेट जारी किया है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव के कारण राज्य में 31 मार्च तक मौसम अस्थिर बना रहेगा। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। 27 और 28 मार्च के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। बारिश और गरज-चमक का दौर रहेगा जारी मौसम विभाग के अनुसार, 28, 30 और 31 मार्च को झारखंड के अधिकांश हिस्सों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि उत्तर-पश्चिमी जिलों में इसका असर अपेक्षाकृत कम रहेगा। लगातार बदलते मौसम के कारण लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 26 और 29 मार्च को मिलेगी राहत मौसम विभाग के मुताबिक 26 और 29 मार्च को राज्य में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहेगा। इन दिनों आंशिक बादल छा सकते हैं, लेकिन बारिश की संभावना नहीं है। इससे लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी, हालांकि गर्मी का असर बना रहेगा। रामनवमी पर भी बदल सकता है मौसम 27 मार्च यानी रामनवमी के दिन भी मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा। कई स्थानों पर हल्की बारिश और मेघ गर्जन की संभावना है। ऐसे में त्योहार के दौरान प्रशासन और आम लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। तापमान में उतार-चढ़ाव, कई जिलों में बढ़ेगी गर्मी झारखंड में तापमान में भी लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। सरायकेला में अधिकतम तापमान 36.7°C दर्ज किया गया गुमला में न्यूनतम तापमान 14.9°C रहा रांची का अधिकतम तापमान 32.4°C तक पहुंच गया देवघर, धनबाद, दुमका और गोड्डा जैसे जिलों में अधिकतम तापमान 33–37°C के बीच रहने की संभावना है। वहीं पलामू, गढ़वा और चतरा में यह 35–37°C तक जा सकता है। वज्रपात और तेज हवा से सतर्क रहने की सलाह मौसम विभाग ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि इस दौरान वज्रपात और तेज हवा का खतरा बना रहेगा। लोगों को सलाह दी गई है कि: खुले स्थानों पर जाने से बचें पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें बारिश के दौरान सुरक्षित स्थान पर शरण लें किसानों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि मौसम में यह बदलाव जनजीवन को प्रभावित कर सकता है।
झारखंड में आने वाले दिनों में मौसम तेजी से बदलने वाला है। एक ओर जहां तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है, वहीं दूसरी ओर 27 और 28 मार्च को बारिश और मेघ गर्जन की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विभाग ने इसे लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। तापमान में तेज बढ़ोतरी के संकेत मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है। 24 से 26 मार्च तक मौसम शुष्क रहेगा, जिससे गर्मी का असर और बढ़ेगा। 27-28 मार्च को बारिश और गरज के आसार 27 और 28 मार्च को झारखंड के कई हिस्सों में अचानक मौसम बदल सकता है। इस दौरान मेघ गर्जन, तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। येलो अलर्ट का मतलब है कि मौसम सामान्य जीवन को प्रभावित कर सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। तेज धूप से बढ़ेगा UV किरणों का खतरा भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि साफ आसमान और तेज धूप के कारण अल्ट्रावॉयलेट (UV) किरणों का प्रभाव बढ़ सकता है। खासतौर पर दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है। इन जिलों में बढ़ी गर्मी राज्य के कई जिलों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है: सरायकेला: 34.4°C (सबसे अधिक) मेदिनीनगर: 33.6°C जमशेदपुर: 33.5°C बोकारो: 33.1°C रांची: 27.9°C (4.2 डिग्री की बढ़ोतरी) चाईबासा में 35°C तक पहुंच सकता है पारा कोल्हान क्षेत्र के चाईबासा में अगले 24 घंटों में तापमान 34 से 35 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। रात की ठंडक अब धीरे-धीरे खत्म हो रही है और गर्मी का असर बढ़ने लगा है। कई जिलों में 36-37°C तक जाएगा तापमान देवघर, धनबाद, जामताड़ा और गोड्डा में तापमान 35-36 डिग्री तक पहुंच सकता है। वहीं चतरा, गढ़वा और पलामू में पारा 36 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। दक्षिणी झारखंड के सिंहभूम इलाके में तापमान 37 डिग्री तक जा सकता है। 29 मार्च से फिर साफ होगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, 29 मार्च के बाद फिर से मौसम साफ हो जाएगा और शुष्क स्थिति लौट आएगी। लोगों के लिए जरूरी सलाह दोपहर में तेज धूप से बचें अधिक मात्रा में पानी पिएं हल्के और ढीले कपड़े पहनें बाहर निकलते समय सिर ढकें बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें
21 मार्च तक सतर्क रहने की चेतावनी, कई जिलों में वज्रपात और तेज हवा का खतरा झारखंड में मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। दोपहर तक तेज धूप के बाद शाम होते-होते राज्य के कई जिलों में बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात देखने को मिला। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले चार दिनों तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में बारिश, ओले और वज्रपात राज्य के रांची, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, खूंटी, गुमला, लोहरदगा समेत कई जिलों में देर शाम तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई। कुछ स्थानों पर आसमानी बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल रहा। 21 मार्च तक जारी रहेगा ऐसा ही मौसम मौसम विभाग के अनुसार, 21 मार्च तक राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना बनी रहेगी। विभाग ने रांची, बोकारो, धनबाद, देवघर, दुमका, जामताड़ा, साहिबगंज, गोड्डा और पाकुड़ जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। तेज हवाओं ने बढ़ाई परेशानी रांची में दोपहर बाद मौसम अचानक बदला और करीब 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। शाम होते-होते बारिश शुरू हो गई और कई इलाकों में ओले भी गिरे। मोरहाबादी, कांके रोड, नामकुम और इटकी जैसे क्षेत्रों में ओलावृष्टि दर्ज की गई। तापमान में गिरावट, गर्मी से राहत मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। जहां पहले अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहा था, वहीं अब यह घटकर 34-36 डिग्री सेल्सियस तक आ गया है। खूंटी में न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री और रांची में 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कई जिलों में तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट आई है। किसानों को भारी नुकसान बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खासकर गुमला, धनबाद और लोहरदगा में गेहूं और सब्जियों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। अचानक हुई ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं। अलग-अलग जिलों में दर्ज हुई बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पूर्वी सिंहभूम में 37.2 मिमी, पश्चिमी सिंहभूम में 9.6 मिमी, रांची में 4.8 मिमी और धनबाद में 4.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है। 22 मार्च से फिर बदल सकता है मौसम मौसम विभाग का अनुमान है कि 22 मार्च के बाद मौसम में फिर बदलाव आएगा और तापमान दोबारा बढ़ने लगेगा। फिलहाल अगले कुछ दिनों तक लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। सतर्कता जरूरी अचानक बदलते मौसम और वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर किसानों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
बिहार में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। राज्य के कई हिस्सों में गुरुवार से ही बारिश और ठंडी हवाओं का असर देखा जा रहा है। India Meteorological Department (IMD) ने 13 से 16 मार्च तक बिहार के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और ठनका गिरने की चेतावनी जारी की है। इन 5 जिलों में येलो अलर्ट मौसम विभाग ने शुक्रवार को राज्य के पांच जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें शामिल है: Araria Kishanganj Madhepura Purnia Katihar इन जिलों में तेज बारिश, बादल गरजने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है, खासकर किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। क्यों बदला बिहार का मौसम मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक राज्य में पश्चिमी हवाओं के साथ-साथ Bay of Bengal से आ रही नमी के कारण मौसम में बदलाव हुआ है। गर्मी और नमी के कारण बादल बन रहे हैं, जिससे कई जगह हल्की से मध्यम बारिश हो रही है। पटना में भी बदला मौसम राजधानी Patna में भी पिछले दो दिनों से बादलों की आवाजाही बनी हुई है। धूप कम निकलने और ठंडी हवा चलने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। अगले तीन दिनों तक आंधी-पानी के आसार मौसम विभाग का अनुमान है कि 16 मार्च तक बिहार के कई जिलों में आंधी, तेज हवा और बारिश का दौर जारी रह सकता है। एक कमजोर ट्रफ लाइन के सक्रिय होने और बंगाल की खाड़ी से नमी आने के कारण राज्य के उत्तर और पूर्वी हिस्सों में बारिश की संभावना अधिक है।
झारखंड में अगले कुछ दिनों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग ने 15 से 18 मार्च 2026 के बीच राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज के साथ बारिश और तेज हवा चलने की संभावना जताई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राज्य के 24 में से 20 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 13 और 14 मार्च को मौसम रहेगा साफ मौसम विभाग के मुताबिक 13 और 14 मार्च को राज्य के अधिकांश इलाकों में मौसम साफ और शुष्क रहेगा। इस दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। दिन में गर्मी का असर बढ़ेगा, जबकि रात के तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। 15 मार्च से बदलेगा मौसम 15 मार्च से राज्य के कई हिस्सों में मौसम अचानक बदल सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र India Meteorological Department के अनुसार कई जिलों में आंशिक बादल छाए रहेंगे और मेघ गर्जन के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इन 20 जिलों में जारी हुआ येलो अलर्ट मौसम विभाग ने जिन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है, उनमें खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, पश्चिम सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रामगढ़, कोडरमा, बोकारो, गिरिडीह, देवघर, दुमका, जामताड़ा, गोड्डा, पाकुड़, साहेबगंज, रांची, धनबाद और हजारीबाग शामिल हैं। इन जिलों में गरज के साथ हल्की बारिश और तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। पुटकी में सबसे ज्यादा बारिश पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। इस दौरान Putki में सबसे अधिक 19 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे कुछ इलाकों में तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई। मेदिनीनगर रहा सबसे गर्म राज्य में गुरुवार को Medininagar सबसे गर्म रहा। यहां का अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस साल का अब तक का सबसे अधिक तापमान है। प्रमुख शहरों का तापमान Ranchi: अधिकतम 33.6°C, न्यूनतम 19.1°C Jamshedpur: अधिकतम 36.5°C, न्यूनतम 24.2°C Chaibasa: अधिकतम 37.4°C, न्यूनतम 21.8°C मौसम विभाग की सलाह मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि आंधी, बिजली और बारिश के दौरान खुले स्थानों पर न रहें। तेज हवा और मेघ गर्जन की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहने और सतर्कता बरतने की जरूरत है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
UPSC CSE Result 2025: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक Civil Services Examination का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। Union Public Service Commission ने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPSC Official Website पर जाकर फाइनल मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। 958 उम्मीदवारों का हुआ चयन यूपीएससी द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उनकी रैंक और पसंद के आधार पर की जाएगी। फाइनल रिजल्ट उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा (Main Exam) और पर्सनैलिटी टेस्ट (Interview) में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। इन प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए होता है चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) भारतीय पुलिस सेवा (IPS) भारतीय विदेश सेवा (IFS) भारतीय राजस्व सेवा (IRS) भारतीय व्यापार सेवा सहित अन्य ग्रुप A और ग्रुप B सेवाएं 979 पदों को भरने का लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 979 रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे चेक करें UPSC CSE 2025 का रिजल्ट उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं होमपेज पर “Examination” टैब पर क्लिक करें “Active Examinations” या “What’s New” सेक्शन में जाएं Civil Services Examination Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें मेरिट लिस्ट की PDF खुल जाएगी Ctrl + F दबाकर अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें 15 दिन में जारी होगी मार्कशीट यूपीएससी के अनुसार सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। उम्मीदवार इसे 30 दिनों तक ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। पिछले साल का कट-ऑफ पिछले वर्ष का अंतिम कट-ऑफ इस प्रकार था— जनरल: 87.98 EWS: 85.92 OBC: 87.28 SC: 79.03 ST: 74.23 आयु सीमा क्या है यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2024 तक कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अगस्त 1992 से 1 अगस्त 2003 के बीच होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू—को पार कर बहुत कम उम्मीदवार ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। UPSC CSE 2025 टॉप-20 उम्मीदवारों की सूची रैंक रोल नंबर नाम 1 1131589 अनुज अग्निहोत्री 2 4000040 राजेश्वरी सुवे एम 3 3512521 अकांश ढुल 4 0834732 राघव झुनझुनवाला 5 0409847 ईशान भटनागर 6 6410067 जिनिया अरोड़ा 7 0818306 ए आर राजा मोहिद्दीन 8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी 9 0831647 आस्था जैन 10 1523945 उज्ज्वल प्रियांक 11 1512091 यशस्वी राज वर्धन 12 0840280 अक्षित भारद्वाज 13 7813999 अनन्या शर्मा 14 5402316 सुरभि यादव 15 3507500 सिमरनदीप कौर 16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव 17 0829589 चितवन जैन 18 5604518 श्रुति आर 19 0105602 निसार दिशांत अमृतलाल 20 6630448 रवि राज