Indian Cricket

India head coach Gautam Gambhir watches as Team India struggles during the England T20 tour after a series of defeats.
इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया की करारी हार के बाद सवालों में गौतम गंभीर, रणनीति और टीम चयन पर उठे बड़े सवाल

इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टी20 टीम का निराशाजनक प्रदर्शन अब टीम प्रबंधन और मुख्य कोच गौतम गंभीर को लेकर बहस का विषय बन गया है। लगातार खराब नतीजों के बाद क्रिकेट विशेषज्ञों और पूर्व खिलाड़ियों ने टीम की रणनीति, खिलाड़ियों की भूमिका और मैच परिस्थितियों के अनुसार फैसले लेने की क्षमता पर सवाल उठाए हैं। भारत को इस दौरे पर छह मुकाबलों में पांच हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखला में टीम पूरी तरह संघर्ष करती नजर आई और निर्णायक मुकाबलों में एकतरफा हार झेलनी पड़ी। इंग्लैंड में नहीं चला भारत का खेल दौरे की शुरुआत आयरलैंड के खिलाफ हार से हुई। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ टीम की मुश्किलें और बढ़ गईं। ट्रेंट ब्रिज में भारत मात्र 76 रन पर सिमट गया, जो टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उसका दूसरा सबसे कम स्कोर है। इसके बाद ब्रिस्टल में इंग्लैंड ने 159 रनों का लक्ष्य केवल 13.5 ओवर में हासिल कर भारत को एक और करारी शिकस्त दी। रणनीति और तैयारी पर उठे सवाल पूरे दौरे में भारतीय बल्लेबाज लगभग एक जैसी रणनीति अपनाते रहे। स्विंग और सीम गेंदबाजी के सामने बल्लेबाजी क्रम लगातार दबाव में दिखा, लेकिन टीम अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव नहीं कर सकी। क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि विदेशी परिस्थितियों के अनुसार टीम की तैयारी और योजनाओं में कमी साफ दिखाई दी। टीम चयन भी चर्चा का विषय भारत की प्लेइंग इलेवन और बल्लेबाजी क्रम को लेकर भी कई सवाल उठे। शानदार रिकॉर्ड रखने वाले तिलक वर्मा को उनके पसंदीदा नंबर-3 की बजाय निचले क्रम में बल्लेबाजी कराई गई। शिवम दुबे की भूमिका पूरे दौरे में स्पष्ट नजर नहीं आई। बाएं हाथ के बल्लेबाजों को लगातार प्राथमिकता दिए जाने पर भी सवाल खड़े हुए। गेंदबाजी संयोजन लगभग हर मैच में बदलता रहा, जिससे टीम को स्थिरता नहीं मिल सकी। वॉशिंगटन सुंदर को लगातार मौके दिए जाने के फैसले पर भी चर्चा हुई। पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि किसी नई टीम के लिए स्पष्ट रणनीति और स्थिर संयोजन बेहद जरूरी होता है। श्रेयस अय्यर ने कहा- टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है श्रृंखला के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि टीम अभी संक्रमण (Transition) के दौर में है और खिलाड़ियों को नई भूमिका में ढलने के लिए समय चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में टीम बेहतर प्रदर्शन करेगी और गलतियों से सीख लेकर मजबूत वापसी करेगी। गौतम गंभीर पर बढ़ा दबाव मुख्य कोच गौतम गंभीर की नियुक्ति के बाद यह पहला बड़ा विदेशी दौरा रहा, जिसमें टीम उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। लगातार हार के बाद अब टीम प्रबंधन की रणनीति और कोचिंग फैसलों पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी नए कोच और कप्तान को अपनी योजनाओं को लागू करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। वहीं यह भी माना जा रहा है कि भविष्य में विदेशी परिस्थितियों के अनुसार बेहतर तैयारी और स्पष्ट रणनीति अपनाना टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी। आने वाले महीनों में भारतीय टीम के प्रदर्शन पर सभी की नजरें रहेंगी कि क्या यह युवा टीम अपनी कमजोरियों को दूर कर मजबूत वापसी कर पाती है या नहीं।  

surbhi जुलाई 10, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi waits for his India debut as Sunil Gavaskar discusses rising expectations during the England T20I series.
15 साल के वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू का इंतजार बढ़ा, सुनील गावस्कर बोले- 'जितनी देरी, उतना बढ़ेगा दबाव'

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण अभी भी टल गया है। इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में भी युवा बल्लेबाज को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। इससे पहले आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैचों में भी वह बेंच पर ही बैठे रहे थे। हालांकि क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर का मानना है कि डेब्यू में देरी से उम्मीदें और दबाव जरूर बढ़ता है, लेकिन इतनी कम उम्र में खिलाड़ी इन बातों को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेता। भारत और इंग्लैंड के बीच चेस्टर-ले-स्ट्रीट में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में टीम मैनेजमेंट ने अपने अनुभवी टॉप ऑर्डर पर भरोसा जताया और वैभव को एक बार फिर अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया। इसके बाद उनके डेब्यू को लेकर चर्चा और तेज हो गई। 'जितना लंबा इंतजार, उतना बड़ा दबाव' सोनी स्पोर्ट्स पर बातचीत के दौरान सुनील गावस्कर ने कहा कि जब किसी खिलाड़ी के डेब्यू में लगातार देरी होती है तो उसके प्रदर्शन को लेकर लोगों की अपेक्षाएं भी बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा, "जब भी वैभव को मौका मिलेगा, तब तक का यह लंबा इंतजार उनके ऊपर थोड़ा अतिरिक्त दबाव जरूर डालेगा। लेकिन 15 साल की उम्र में खिलाड़ी दबाव के बारे में ज्यादा नहीं सोचता। उसे सिर्फ अपना खेल खेलने की चिंता होती है।" गावस्कर ने यह भी कहा कि वैभव अच्छी तरह जानते हैं कि जब भी उन्हें मौका मिलेगा, उन्हें अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट का भरोसा जीतना होगा। सीनियर खिलाड़ियों के बीच सीखने का मिल रहा है मौका पूर्व भारतीय कप्तान का मानना है कि फिलहाल वैभव के लिए सबसे बड़ा फायदा भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम का हिस्सा होना है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम इस समय अनुभवी और विश्वस्तरीय खिलाड़ियों से भरी हुई है। ऐसे माहौल में रहकर युवा खिलाड़ी बहुत कुछ सीख सकता है। नेट्स में अभ्यास करना, टीम मीटिंग्स का हिस्सा बनना और सीनियर खिलाड़ियों के साथ समय बिताना भी किसी बड़े अनुभव से कम नहीं है। गावस्कर के मुताबिक, वैभव इस समय टीम के साथ रहकर मिलने वाले अनुभव का पूरा आनंद ले रहे होंगे और यही उनके भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। पहला टी20 बारिश की भेंट चढ़ा भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज का पहला टी20 मुकाबला बारिश के कारण बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 189 रन बनाए। भारतीय पारी में: अभिषेक शर्मा ने 24 गेंदों में 59 रनों की विस्फोटक पारी खेली। कप्तान श्रेयस अय्यर ने शानदार 68 रन बनाए। शिवम दुबे ने अंत में नाबाद 42 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। हालांकि संजू सैमसन, ईशान किशन और उपकप्तान तिलक वर्मा बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे। इसके बाद लगातार बारिश होने के कारण इंग्लैंड अपनी पारी शुरू ही नहीं कर सका और मुकाबला रद्द घोषित कर दिया गया। अब मैनचेस्टर पर टिकी निगाहें अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का दूसरा टी20 मुकाबला 4 जुलाई को मैनचेस्टर में खेला जाएगा। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि क्या इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी को आखिरकार भारत की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका मिलेगा या उन्हें अभी और इंतजार करना पड़ेगा। अगर उन्हें मौका मिलता है तो यह न सिर्फ उनके करियर का सबसे बड़ा दिन होगा, बल्कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का एक नया सितारा भी मिल सकता है।  

surbhi जुलाई 2, 2026 0
Young Indian cricketer Vaibhav Suryavanshi shyly hides his face with a hoodie after receiving loud cheers from fans during a training session.
फैंस का प्यार देखकर शर्मा गए वैभव सूर्यवंशी, हूडी से छिपाया चेहरा; वायरल वीडियो ने जीता क्रिकेट प्रेमियों का दिल

भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका विस्फोटक बल्लेबाजी प्रदर्शन नहीं, बल्कि उनका मासूम अंदाज है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें फैंस का प्यार देखकर 15 वर्षीय बल्लेबाज शर्माते हुए अपना चेहरा हूडी से छिपाते नजर आ रहे हैं। मैदान पर बड़े-बड़े गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी करने वाले वैभव का यह सरल और विनम्र अंदाज क्रिकेट प्रशंसकों को खूब पसंद आ रहा है। सोशल मीडिया पर फैंस इस वीडियो पर जमकर प्यार लुटा रहे हैं। फैंस की आवाज सुनकर मुस्कुराए, फिर छिपा लिया चेहरा वायरल वीडियो कथित तौर पर इंग्लैंड का बताया जा रहा है, जहां भारतीय टीम आगामी पांच मैचों की टी20 सीरीज की तैयारी कर रही है। वीडियो में वैभव भारतीय टीम की ट्रेनिंग किट पहनकर वॉर्म-अप के दौरान मैदान का चक्कर लगा रहे हैं। इसी दौरान स्टैंड में मौजूद फैंस उनका नाम जोर-जोर से पुकारने लगते हैं। जैसे ही वैभव फैंस के करीब पहुंचते हैं, वह हल्की मुस्कान के साथ शर्मा जाते हैं और अपनी हूडी से चेहरा छिपा लेते हैं। उनका यह स्वाभाविक और सादगी भरा रिएक्शन अब इंटरनेट पर वायरल हो चुका है। टीम इंडिया में डेब्यू के लिए करना होगा इंतजार हालांकि वैभव सूर्यवंशी इस समय भारतीय टीम के साथ इंग्लैंड दौरे पर हैं, लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिलने के लिए अभी इंतजार करना पड़ सकता है। पहले टी20 मुकाबले से पहले कप्तान श्रेयस अय्यर ने संकेत दिए कि टीम प्रबंधन युवा खिलाड़ी को लेकर जल्दबाजी नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि टॉप ऑर्डर में पहले से अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और ईशान किशन जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं, जिन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। ऐसे में वैभव को अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के लिए सही अवसर का इंतजार करना होगा। कम उम्र में बना चुके हैं बड़ी पहचान वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में अपनी बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आईपीएल 2026 में उन्होंने 16 पारियों में 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की। इसके बाद श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई सीरीज में उन्होंने मात्र 11 गेंदों में अर्धशतक जड़कर लिस्ट-ए क्रिकेट के इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। उनके लगातार शानदार प्रदर्शन की वजह से क्रिकेट जगत में उन्हें 'वंडर किड' के नाम से भी पहचान मिलने लगी है। फैंस के बीच लगातार बढ़ रही लोकप्रियता वैभव की आक्रामक बल्लेबाजी जितनी चर्चा में रहती है, उतनी ही उनकी सादगी भी लोगों को आकर्षित करती है। वायरल वीडियो में उनका शर्मीला अंदाज इस बात का संकेत देता है कि मैदान पर आत्मविश्वास से भरे नजर आने वाले इस युवा खिलाड़ी का स्वभाव निजी जीवन में बेहद विनम्र और शांत है। यही कारण है कि उनकी फैन फॉलोइंग लगातार बढ़ती जा रही है और क्रिकेट प्रेमी उनके अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।  

surbhi जुलाई 1, 2026 0
Tilak Varma batting during a T20 match as former India selector Krishnamachari Srikkanth criticizes his approach after the Ireland series.
तिलक वर्मा पर 'सेल्फिश बल्लेबाजी' का आरोप, पूर्व चीफ सेलेक्टर श्रीकांत बोले- वह सिर्फ अपने लिए खेल रहे थे

आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम को 2-0 से मिली हार के बाद खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इस बीच भारत के पूर्व मुख्य चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने टीम के उपकप्तान तिलक वर्मा की बल्लेबाजी पर कड़ी नाराजगी जताई है। श्रीकांत ने आरोप लगाया कि तिलक वर्मा ने टीम की जरूरत के मुताबिक बल्लेबाजी नहीं की, बल्कि मैच को अंत तक ले जाकर खुद मैच जिताने की कोशिश में धीमी पारी खेली। उनके मुताबिक मिडिल ओवरों में धीमी बल्लेबाजी भारतीय टीम की हार की बड़ी वजह बनी। मिडिल ऑर्डर का प्रदर्शन रहा निराशाजनक पूरी टी20 सीरीज में भारतीय टीम का मिडिल ऑर्डर उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। खासकर स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए। रिपोर्ट के अनुसार, तिलक वर्मा, शिवम दुबे और अक्षर पटेल का स्ट्राइक रेट मिडिल ओवरों में काफी धीमा रहा, जिससे टीम पावरप्ले में मिली अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठा सकी। इसके अलावा, कहा गया कि आईपीएल 2024 के बाद से स्पिन के खिलाफ तिलक वर्मा के प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिली है। इसी वजह से 2026 टी20 विश्व कप के दौरान टीम प्रबंधन ने उन्हें मिडिल ऑर्डर की बजाय फिनिशर की भूमिका में भी आजमाया था। दूसरे टी20 में नहीं दिला सके जीत सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारत को 155 रन का लक्ष्य मिला था। टीम की शुरुआत खराब रही और महज 19 रन पर तीन विकेट गिर गए। इसके बाद तिलक वर्मा ने एक छोर संभालकर बल्लेबाजी की और मुकाबले को आखिरी ओवर तक पहुंचाया। हालांकि अंतिम क्षणों में रन गति बढ़ाने में टीम सफल नहीं हो सकी और भारत को 1 रन से हार का सामना करना पड़ा। श्रीकांत ने क्या कहा? अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने भारतीय बल्लेबाजी की आलोचना करते हुए कहा कि— "आप मिडिल ओवरों में उस तरह बल्लेबाजी नहीं कर सकते जैसी भारत ने की। खासकर तिलक वर्मा, शिवम दुबे और अक्षर पटेल का स्ट्राइक रेट बेहद खराब था। शुरुआत में पारी संभालना जरूरी होता है, लेकिन उसके बाद तेजी से रन बनाने भी जरूरी हैं।" उन्होंने कहा कि यदि मिडिल ओवरों में रन गति रुक जाती है तो लक्ष्य हासिल करना काफी मुश्किल हो जाता है। 'सिर्फ अपने लिए खेल रहे थे' श्रीकांत ने तिलक वर्मा के रवैये पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि— "तिलक वर्मा सिर्फ अपने लिए खेल रहे थे। वह सिंगल-डबल लेकर मैच को आखिरी तक ले जाना चाहते थे ताकि अंत में खुद मैच जिताकर हीरो बन सकें। ऐसे लक्ष्य का पीछा आखिरी गेंद तक नहीं, बल्कि एक ओवर पहले पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए।" बहस का विषय बनी बल्लेबाजी हालांकि तिलक वर्मा की पारी को लेकर क्रिकेट जगत में अलग-अलग राय सामने आ सकती हैं। कुछ विशेषज्ञ मुश्किल परिस्थितियों में विकेट बचाकर खेलने को सही रणनीति मानते हैं, जबकि अन्य का मानना है कि टी20 क्रिकेट में आवश्यक रन गति बनाए रखना उतना ही महत्वपूर्ण होता है। आयरलैंड के खिलाफ मिली सीरीज हार के बाद भारतीय टीम के मिडिल ऑर्डर की बल्लेबाजी और मैच फिनिश करने की रणनीति पर चर्चा तेज हो गई है।  

surbhi जुलाई 1, 2026 0
Indian cricket players look disappointed after losing the T20I series against Ireland by 2-0.
IND vs IRE: आयरलैंड दौरे पर टीम इंडिया का 2-0 से सूपड़ा साफ, इन 5 खिलाड़ियों का प्रदर्शन रहा सबसे निराशाजनक

नई दिल्ली: टी20 विश्व कप 2026 जीतने के बाद भारतीय टीम से आयरलैंड दौरे पर शानदार प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन टीम उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। दो मैचों की टी20 सीरीज में भारत को 2-0 से हार का सामना करना पड़ा। पहले मुकाबले में 183 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम 34 रन से हार गई, जबकि दूसरे मैच में 155 रन के लक्ष्य को भी हासिल नहीं कर सकी। सीरीज के दौरान कई खिलाड़ियों का प्रदर्शन उम्मीद से काफी नीचे रहा। आइए जानते हैं उन पांच खिलाड़ियों के बारे में, जिनका प्रदर्शन भारत की हार की बड़ी वजह बना। 1. श्रेयस अय्यर नई टी20 कप्तानी की शुरुआत श्रेयस अय्यर के लिए बेहद निराशाजनक रही। बल्लेबाजी के साथ-साथ कप्तानी में भी वह प्रभाव नहीं छोड़ सके। सीरीज प्रदर्शन: पहला मैच: 3 रन (7 गेंद) दूसरा मैच: 10 रन कप्तान होने के नाते उनसे बड़ी पारी और बेहतर रणनीति की उम्मीद थी, लेकिन दोनों मोर्चों पर टीम को निराशा मिली। 2. संजू सैमसन विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन भी टीम को अच्छी शुरुआत नहीं दिला सके। सीरीज प्रदर्शन: पहला मैच: 5 रन दूसरा मैच: पहली ही गेंद पर आउट लगातार दो खराब पारियों ने शीर्ष क्रम पर दबाव बढ़ा दिया। 3. ईशान किशन आईपीएल में शानदार फॉर्म के बावजूद ईशान किशन आयरलैंड के खिलाफ लय में नजर नहीं आए। सीरीज प्रदर्शन: पहला मैच: 1 रन दूसरा मैच: 12 रन दूसरे मुकाबले में रन आउट होना भी भारत के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। 4. अक्षर पटेल अनुभवी ऑलराउंडर अक्षर पटेल गेंद और बल्ले दोनों से अपेक्षित योगदान नहीं दे सके। प्रदर्शन: गेंदबाजी: पहले मैच में 2 विकेट, दूसरे में कोई विकेट नहीं बल्लेबाजी: 15 और 14 रन टीम को उनसे मैच जिताने वाले प्रदर्शन की उम्मीद थी। 5. तिलक वर्मा तिलक वर्मा ने रन जरूर बनाए, लेकिन उनकी बल्लेबाजी की गति सवालों के घेरे में रही। सीरीज प्रदर्शन: पहला मैच: 19 रन (21 गेंद) दूसरा मैच: 55 रन (46 गेंद) टी20 क्रिकेट की जरूरत के हिसाब से उनकी स्ट्राइक रेट अपेक्षाकृत धीमी रही, जिससे टीम पर दबाव बढ़ता गया। हार से मिले बड़े सबक आयरलैंड के खिलाफ यह सीरीज हार भारतीय टीम के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है। बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी, शीर्ष क्रम की विफलता और दबाव के क्षणों में खराब फैसलों ने टीम को दोनों मुकाबलों में नुकसान पहुंचाया। हालांकि, यह युवा टीम के लिए अपनी कमजोरियों को पहचानने और आने वाली सीरीज से पहले सुधार करने का भी अवसर है।  

surbhi जून 29, 2026 0
Young batter Vaibhav Suryavanshi during practice ahead of India’s T20 series against Ireland
जगह सिर्फ 2, दावेदार 4! वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा मौका या करना होगा इंतजार? आयरलैंड सीरीज से पहले बढ़ी चयनकर्ताओं की चुनौती

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में इन दिनों जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह है 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शनों के दम पर वैभव ने बेहद कम उम्र में भारतीय सीनियर टीम में जगह बनाकर इतिहास रच दिया है। लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या उन्हें आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में प्लेइंग इलेवन में मौका मिलेगा या फिर उन्हें अपनी बारी का इंतजार करना पड़ेगा? भारत और Ireland cricket team के बीच टी20 सीरीज की शुरुआत होने वाली है और टीम चयन को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों के बीच उत्सुकता चरम पर है। वैभव ने अपने प्रदर्शन से मचाया तहलका वैभव सूर्यवंशी ने पिछले कुछ महीनों में जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उसने क्रिकेट जगत को चौंका दिया है। आईपीएल 2026 में उन्होंने 237.30 के शानदार स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की थी। इसके बाद इंडिया ए के लिए त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में केवल 29 गेंदों पर 94 रन की तूफानी पारी खेलकर उन्होंने लिस्ट-ए क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड भी बनाया। इन्हीं प्रदर्शनों के दम पर उन्हें सीनियर टीम में जगह मिली और अब फैंस उनकी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एंट्री का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लेकिन मुश्किल है प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना वैभव की सबसे बड़ी चुनौती उनकी प्रतिभा नहीं, बल्कि टीम में पहले से मौजूद मजबूत प्रतिस्पर्धा है। भारतीय टीम में पहले से ही तीन स्थापित ओपनर मौजूद हैं: Sanju Samson Abhishek Sharma Ishan Kishan इन तीनों बल्लेबाजों ने हाल के समय में शानदार प्रदर्शन किया है और टीम प्रबंधन भी उन्हें लगातार मौके दे रहा है। ऐसे में चौथे ओपनर के रूप में वैभव की एंट्री चयनकर्ताओं के लिए आसान फैसला नहीं होगी। क्या किसी सीनियर खिलाड़ी की जगह बदलेगी? वैभव मूल रूप से ओपनिंग बल्लेबाज हैं। ऐसे में उन्हें टीम में शामिल करने के लिए किसी स्थापित बल्लेबाज की भूमिका बदलनी पड़ सकती है। हालांकि आयरलैंड सीरीज के बाद भारत को इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ महत्वपूर्ण मुकाबले खेलने हैं। ऐसे में टीम प्रबंधन अपने प्रमुख बल्लेबाजों की लय और आत्मविश्वास के साथ कोई बड़ा प्रयोग करने से बच सकता है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि केवल डेब्यू कराने के लिए किसी इन-फॉर्म खिलाड़ी को बाहर बैठाना टीम संतुलन के लिहाज से सही फैसला नहीं होगा। क्या बेंच पर बैठना पड़ेगा? मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए संभावना यही नजर आती है कि वैभव सूर्यवंशी को शुरुआती मैचों में प्लेइंग इलेवन से बाहर रहना पड़ सकता है। हालांकि इसे नकारात्मक रूप में नहीं देखा जा सकता। सीनियर टीम के साथ समय बिताना, अंतरराष्ट्रीय माहौल को समझना और अनुभवी खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करना उनके विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। कई महान खिलाड़ियों ने भी अपने करियर की शुरुआत में कुछ समय बेंच पर बैठकर ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का माहौल सीखा था। बीसीसीआई ने किया खास इंतजाम इस दौरे की एक खास बात यह भी है कि महज 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के साथ उनके माता-पिता भी आयरलैंड और इंग्लैंड जाएंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Board of Control for Cricket in India ने उनके माता-पिता के यात्रा और ठहरने का पूरा खर्च उठाने का फैसला किया है, ताकि युवा खिलाड़ी पर अतिरिक्त मानसिक दबाव न पड़े और वह अपने खेल पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सके। भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले के लिए भारत की संभावित टीम: अभिषेक शर्मा संजू सैमसन (विकेटकीपर) ईशान किशन Shreyas Iyer (कप्तान) Tilak Varma Shivam Dube Axar Patel Washington Sundar Arshdeep Singh Harshit Rana Ravi Bishnoi क्या होगा सही फैसला? वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट का भविष्य माने जा रहे हैं, लेकिन टीम प्रबंधन उनके करियर को जल्दबाजी में आगे बढ़ाने के बजाय चरणबद्ध तरीके से तैयार करना चाहता है। यदि उन्हें तुरंत मौका नहीं भी मिलता है, तो यह उनके लिए सीखने और खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए और बेहतर बनाने का अवसर होगा। अब सभी की नजरें टीम मैनेजमेंट के फैसले पर टिकी हैं कि क्या युवा सनसनी को डेब्यू कैप मिलेगी या फिर उन्हें अपनी बारी के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा।  

surbhi जून 25, 2026 0
A fan breaches security and reaches Rohit Sharma during a cricket match, surprising players and officials.
मैदान पर सुरक्षा में बड़ी चूक! रोहित शर्मा तक पहुंचा फैन, अचानक हुई घटना से चौंके खिलाड़ी

चेन्नई: क्रिकेट के मैदान पर एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए, जब एक उत्साहित प्रशंसक सुरक्षा घेरा तोड़कर सीधे रोहित शर्मा के पास पहुंच गया। अपने पसंदीदा खिलाड़ी के प्रति दीवानगी दिखाने की कोशिश में फैन ने सभी नियमों को दरकिनार कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए मैदान पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि फैन अचानक रोहित शर्मा के बेहद करीब पहुंच गया, जिससे भारतीय कप्तान पूरी तरह चौंक गए। अचानक हुई इस घटना से रोहित कुछ क्षणों के लिए असहज नजर आए। यदि साथी खिलाड़ी और सुरक्षाकर्मी तुरंत सक्रिय नहीं होते, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इस घटना ने मैदान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चेपॉक जैसे बड़े और प्रतिष्ठित स्टेडियम में खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। हालांकि फैन का उद्देश्य अपने पसंदीदा खिलाड़ी के प्रति प्यार और सम्मान जताना था, लेकिन इस तरह की हरकत भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। तुरंत हरकत में आए सुरक्षाकर्मी घटना के तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों ने सक्रियता दिखाते हुए फैन को मैदान से बाहर ले जाया। सफेद यूनिफॉर्म में मौजूद सुरक्षा स्टाफ और अन्य अधिकारियों ने स्थिति को तेजी से नियंत्रित किया, जिससे मैच से जुड़े कार्यक्रमों में कोई बाधा नहीं आई। फैंस की दीवानगी, लेकिन सुरक्षा भी जरूरी क्रिकेट में खिलाड़ियों के प्रति प्रशंसकों का प्यार और जुनून कोई नई बात नहीं है। लेकिन खिलाड़ियों तक पहुंचने के लिए सुरक्षा नियमों को तोड़ना न सिर्फ खेल की गरिमा को प्रभावित करता है, बल्कि खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा करता है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि फैंस का प्यार अपनी जगह है, लेकिन सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता।  

surbhi जून 22, 2026 0
Young Indian batter Vaibhav Suryavanshi during a match after earning his maiden India T20 call-up.
टी20 में मौका मिला, अब टेस्ट टीम में भी दिखता है भविष्य! वैभव सूर्यवंशी पर दिग्गज का बड़ा बयान

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को लेकर चर्चाओं का दौर लगातार तेज हो रहा है। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद युवा बल्लेबाज को पहली बार भारतीय टी20 टीम में जगह मिली है। अब पूर्व भारतीय कप्तान और चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने उनके भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया है और कहा है कि अगर वैभव अपनी क्षमता के अनुसार खेलते रहे, तो वह टेस्ट क्रिकेट में भी नई ऊर्जा ला सकते हैं। 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में शामिल किया गया है। इस दौरे में भारत आयरलैंड के खिलाफ दो और इंग्लैंड के खिलाफ पांच टी20 मुकाबले खेलेगा, जिसकी शुरुआत 26 जून से बेलफास्ट में होगी। "लोग सिर्फ वैभव को देखने के लिए टीवी चालू करते हैं" कृष्णमाचारी श्रीकांत ने कहा कि वैभव में रन बनाने की भूख और विपक्ष पर दबाव बनाने की क्षमता साफ दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि युवा बल्लेबाज सिर्फ आक्रामक नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर क्रीज पर टिककर लंबी पारी खेलने की क्षमता भी रखता है। श्रीकांत ने कहा, "वैभव सूर्यवंशी में दबदबा बनाने की जबरदस्त इच्छा है। अगर वह टी20 से आगे बढ़ते हुए वनडे और फिर टेस्ट क्रिकेट में सफल होते हैं, तो मुझे विश्वास है कि टेस्ट क्रिकेट में नई जान देखने को मिलेगी।" उन्होंने आगे कहा कि आज के दौर में ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत है जो दर्शकों को आकर्षित कर सकें। "लोग सिर्फ सूर्यवंशी को देखने के लिए टीवी चालू करते हैं। मैं भी उन्हें देखने के लिए टीवी चालू करता हूं। उन्होंने अपने खेल से एक अलग माहौल बनाया है और वह वाकई कमाल के खिलाड़ी हैं।" एक सीरीज से किसी खिलाड़ी का मूल्यांकन नहीं होना चाहिए हाल ही में भारत ए के श्रीलंका दौरे पर वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। इस पर श्रीकांत ने कहा कि किसी एक सीरीज के आधार पर किसी खिलाड़ी का आकलन करना गलत है। उन्होंने युवा बल्लेबाज को संदेश देते हुए कहा, "वैभव, लोग तुम्हारे बारे में क्या कहते हैं इसकी चिंता मत करो। अपना स्वाभाविक खेल खेलते रहो। जल्दबाजी मत करो और खुद को समय दो।" श्रीकांत का मानना है कि वैभव में बेहतरीन शॉट खेलने की क्षमता, तेज रिफ्लेक्स और बड़ा खिलाड़ी बनने की सभी खूबियां मौजूद हैं। सचिन तेंदुलकर से तुलना करने से किया इनकार जब पूर्व कप्तान से पूछा गया कि क्या उन्हें वैभव सूर्यवंशी और सचिन तेंदुलकर के बीच कोई समानता दिखाई देती है, तो उन्होंने साफ तौर पर तुलना से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "सचिन तेंदुलकर क्रिकेट के भगवान हैं। उनकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती। वैभव सूर्यवंशी को वैभव सूर्यवंशी ही रहने दीजिए। कोई भी सचिन के आसपास नहीं पहुंच सकता।" हालांकि श्रीकांत ने यह जरूर माना कि वैभव भारतीय क्रिकेट का भविष्य बन सकते हैं और आने वाले वर्षों में टीम इंडिया के लिए बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।  

surbhi जून 20, 2026 0
Indian captains Rohit Sharma, Virat Kohli and Shubman Gill after scoring ODI centuries.
भारत के लिए सबसे तेज वनडे शतक लगाने वाले 5 कप्तान, लिस्ट में दो बार शामिल हैं रोहित शर्मा

Fastest ODI Century by Indian Captains: भारतीय क्रिकेट टीम के नए कप्तान शुभमन गिल ने अफगानिस्तान के खिलाफ शानदार शतक लगाकर एक खास उपलब्धि अपने नाम कर ली है। लखनऊ में खेले गए दूसरे वनडे में गिल ने महज 77 गेंदों में शतक पूरा किया और भारतीय कप्तानों की सबसे तेज वनडे सेंचुरी लगाने वाले खिलाड़ियों की सूची में अपनी जगह बना ली। गिल ने मुकाबले में 110 गेंदों पर 154 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 22 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। उनकी इस विस्फोटक बल्लेबाजी ने उन्हें भारतीय कप्तानों की सबसे तेज शतकीय पारियों की सूची में चौथे स्थान पर पहुंचा दिया। आइए जानते हैं भारत के लिए वनडे क्रिकेट में सबसे तेज शतक लगाने वाले पांच कप्तानों के बारे में। 1. रोहित शर्मा – 63 गेंदें (अफगानिस्तान, 2023) भारतीय कप्तान के रूप में सबसे तेज वनडे शतक का रिकॉर्ड रोहित शर्मा के नाम है। उन्होंने 2023 वनडे विश्व कप में दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में अफगानिस्तान के खिलाफ सिर्फ 63 गेंदों में शतक जड़ दिया था। यह पारी आज भी भारतीय कप्तानों की सबसे विस्फोटक पारियों में गिनी जाती है। 2. वीरेंद्र सहवाग – 69 गेंदें (वेस्टइंडीज, 2011) साल 2011 में इंदौर के होल्कर स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ कप्तानी करते हुए वीरेंद्र सहवाग ने केवल 69 गेंदों में शतक पूरा किया था। इसी मैच में उन्होंने 219 रन की ऐतिहासिक दोहरी शतकीय पारी खेली थी। 3. विराट कोहली – 76 गेंदें (श्रीलंका, 2017) विराट कोहली ने 2017 में कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते हुए 76 गेंदों में शतक लगाया था। दबाव में खेली गई उनकी यह कप्तानी पारी भारतीय क्रिकेट की यादगार पारियों में शामिल है। 4. रोहित शर्मा – 76 गेंदें (इंग्लैंड, 2025) इस सूची में रोहित शर्मा का नाम दूसरी बार भी शामिल है। साल 2025 में कटक के बाराबती स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने 76 गेंदों में शतक लगाकर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का शानदार नमूना पेश किया था। रोहित इस सूची में दो बार जगह बनाने वाले एकमात्र भारतीय कप्तान हैं। 5. शुभमन गिल – 77 गेंदें (अफगानिस्तान, 2026) भारतीय क्रिकेट के नए कप्तान शुभमन गिल ने जून 2026 में लखनऊ के इकाना स्टेडियम में अफगानिस्तान के खिलाफ सिर्फ 77 गेंदों में शतक पूरा किया। उन्होंने मैच में 154 रन की शानदार पारी खेलकर भारत को बड़ी जीत दिलाई और इस प्रतिष्ठित सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया। भारतीय कप्तानों द्वारा सबसे तेज वनडे शतक खिलाड़ी विरोधी टीम वर्ष गेंदें रोहित शर्मा अफगानिस्तान 2023 63 वीरेंद्र सहवाग वेस्टइंडीज 2011 69 विराट कोहली श्रीलंका 2017 76 रोहित शर्मा इंग्लैंड 2025 76 शुभमन गिल अफगानिस्तान 2026 77 शुभमन गिल जिस तरह से लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, उसे देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले वर्षों में वह कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं।  

surbhi जून 18, 2026 0
Indian cricket team players in action during a match with focus on batting and bowling lineup strategy.
एक खिलाड़ी का डेब्यू, नंबर-3 पर नया बल्लेबाज, हार्दिक की जगह कौन? अफगानिस्तान के खिलाफ ऐसी हो सकती है भारत की प्लेइंग इलेवन

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम शनिवार से अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज की शुरुआत करने जा रही है। धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले जाने वाले पहले मुकाबले में टीम इंडिया कुछ नए संयोजनों के साथ मैदान पर उतर सकती है। विराट कोहली और हार्दिक पंड्या की गैरमौजूदगी के कारण भारतीय टीम में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। रोहित-गिल की जोड़ी करेगी पारी की शुरुआत पहले वनडे में कप्तान शुभमन गिल और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ओपनिंग करते नजर आ सकते हैं। शानदार फॉर्म में चल रहे यशस्वी जायसवाल को फिलहाल इंतजार करना पड़ सकता है। नंबर-3 पर ईशान किशन की वापसी तय विराट कोहली के उपलब्ध नहीं होने के कारण नंबर-3 की जिम्मेदारी ईशान किशन को मिल सकती है। ईशान ने अपना आखिरी वनडे मुकाबला भी अफगानिस्तान के खिलाफ ही खेला था। इंडियन प्रीमियर लीग और घरेलू क्रिकेट में उनके हालिया प्रदर्शन को देखते हुए टीम प्रबंधन उन पर भरोसा जता सकता है। मध्यक्रम में अय्यर और राहुल पर जिम्मेदारी उपकप्तान श्रेयस अय्यर नंबर-4 और अनुभवी केएल राहुल नंबर-5 पर बल्लेबाजी करते नजर आ सकते हैं। राहुल विकेटकीपर की भूमिका भी निभाएंगे। हार्दिक पंड्या की जगह नीतीश कुमार रेड्डी को मौका स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। ऐसे में नंबर-6 पर युवा ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी को मौका मिल सकता है। उनके पास बल्ले और गेंद दोनों से योगदान देने का अवसर होगा। स्पिन विभाग में कुलदीप और वाशिंगटन स्पिन आक्रमण की जिम्मेदारी कुलदीप यादव और वाशिंगटन सुंदर के कंधों पर होगी। दोनों खिलाड़ी मध्य ओवरों में अहम भूमिका निभा सकते हैं। प्रिंस यादव कर सकते हैं वनडे डेब्यू जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज की अनुपस्थिति में तेज गेंदबाजी की कमान अर्शदीप सिंह संभालेंगे। उनके साथ प्रसिद्ध कृष्णा भी नजर आ सकते हैं। तीसरे तेज गेंदबाज के रूप में युवा प्रिंस यादव को डेब्यू का मौका मिलने की संभावना सबसे ज्यादा मानी जा रही है। अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन रोहित शर्मा शुभमन गिल (कप्तान) ईशान किशन श्रेयस अय्यर (उपकप्तान) केएल राहुल (विकेटकीपर) नीतीश कुमार रेड्डी वाशिंगटन सुंदर कुलदीप यादव अर्शदीप सिंह प्रिंस यादव प्रसिद्ध कृष्णा हार्दिक पंड्या और विराट कोहली की गैरमौजूदगी में युवा खिलाड़ियों के पास खुद को साबित करने का सुनहरा मौका होगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि टीम इंडिया इस नई संयोजन के साथ सीरीज की शुरुआत किस अंदाज में करती है।  

surbhi जून 11, 2026 0
Suryakumar Yadav and Hardik Pandya during an IPL match amid speculation over their relationship.
पोस्ट डिलीट, अनफॉलो और अफवाहों का दौर! क्या सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पंड्या के बीच सब कुछ ठीक नहीं?

नई दिल्ली: IPL 2026 में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार चर्चा टीम के प्रदर्शन से ज्यादा स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव और कप्तान हार्दिक पंड्या को लेकर हो रही है। सोशल मीडिया पर हुई कुछ गतिविधियों के बाद दोनों खिलाड़ियों के रिश्तों को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। हालांकि, अब तक न तो मुंबई इंडियंस और न ही दोनों खिलाड़ियों की ओर से किसी तरह की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। इसलिए इन खबरों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सोशल मीडिया गतिविधियों से बढ़ीं चर्चाएं हाल के दिनों में सूर्यकुमार यादव ने कथित तौर पर मुंबई इंडियंस से जुड़े कुछ पोस्ट हटाए और कुछ समय के लिए फ्रेंचाइजी को अनफॉलो भी किया था। बाद में उन्होंने टीम को फिर से फॉलो कर लिया। हालांकि, सोशल मीडिया पर यह भी चर्चा है कि सूर्यकुमार यादव अभी भी कप्तान हार्दिक पंड्या को फॉलो नहीं कर रहे हैं। इसी वजह से दोनों खिलाड़ियों के बीच मतभेद की अफवाहों को और हवा मिली है। क्या मुंबई इंडियंस छोड़ सकते हैं सूर्यकुमार? कुछ रिपोर्ट्स में सूर्यकुमार यादव के भविष्य को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, फिलहाल ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं कि मुंबई इंडियंस उन्हें रिलीज करने या किसी अन्य टीम के साथ ट्रेड करने की योजना बना रही है। फ्रेंचाइजी में उनकी भूमिका अभी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कप्तानी को लेकर भी उठ रहे सवाल मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के हालिया बयान के बाद सूर्यकुमार यादव के अंतरराष्ट्रीय भविष्य और नेतृत्व भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, आने वाले बड़े टूर्नामेंटों को ध्यान में रखते हुए टीम प्रबंधन भविष्य की योजनाओं पर काम कर रहा है। IPL 2026 में मुंबई इंडियंस का निराशाजनक प्रदर्शन मुंबई इंडियंस के लिए IPL 2026 बेहद खराब रहा। टीम पूरे सीजन में संघर्ष करती नजर आई और अंक तालिका में सबसे निचले स्थान से सिर्फ बेहतर नेट रन रेट के कारण बच सकी। सीजन के दौरान: तीन अलग-अलग खिलाड़ियों ने कप्तानी की। कुल 24 खिलाड़ियों को मौका दिया गया। कई रणनीतिक फैसलों पर सवाल उठे। टीम अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी। सीजन की समीक्षा करेगी फ्रेंचाइजी सूत्रों के मुताबिक, मुंबई इंडियंस प्रबंधन अब पूरे सीजन की समीक्षा करने की तैयारी में है। टीम के प्रदर्शन, रणनीति और भविष्य की योजनाओं पर मंथन किया जा सकता है ताकि अगले सीजन में मजबूत वापसी की जा सके। फिलहाल क्या है सच? अब तक सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पंड्या के बीच किसी विवाद की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सोशल मीडिया गतिविधियों के आधार पर चल रही चर्चाओं को लेकर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। इसलिए इन खबरों को फिलहाल केवल अटकलों के तौर पर ही देखा जा रहा है।  

surbhi जून 10, 2026 0
Virat Kohli posing with the IPL 2026 trophy after his team's championship victory.
IPL जीत के 10 दिन बाद विराट कोहली का पहला पोस्ट, 4-5 लाइनों में बयां कर दिया पूरा सफर

आईपीएल 2026 का खिताब जीतने के 10 दिन बाद स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने आखिरकार सोशल मीडिया पर अपनी पहली प्रतिक्रिया साझा की है। लगातार दूसरी बार अपनी टीम को चैंपियन बनाने के बाद कोहली सार्वजनिक तौर पर ज्यादा सक्रिय नहीं दिखे थे, लेकिन अब उनके एक भावुक पोस्ट ने करोड़ों फैंस का दिल जीत लिया है। विराट ने ट्रॉफी के साथ टीम की तस्वीर और एक खास वीडियो साझा करते हुए पूरे सीजन के संघर्ष, भावनाओं और फैंस के समर्थन को कुछ ही लाइनों में समेट दिया। विराट कोहली ने क्या लिखा? अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर विराट कोहली ने लिखा कि टीम ने इस सीजन की शुरुआत अटूट विश्वास के साथ की थी और उसी विश्वास के दम पर लगातार दूसरा खिताब अपने नाम किया। उन्होंने लिखा कि इस टीम ने पूरे सीजन में जीत की खुशी, दबाव, चुनौतियों और फैंस के असीम समर्थन जैसे हर एहसास को एक साथ महसूस किया। कोहली ने खिलाड़ियों और समर्थकों के बीच बने मजबूत रिश्ते को भी खास बताया। 'HOME' लिखकर जताया खास रिश्ता पोस्ट के आखिर में विराट कोहली ने एक ऐसा शब्द लिखा, जिसने फैंस का दिल जीत लिया। उन्होंने लिखा कि यह जीत उनके लिए इसलिए और भी खास है क्योंकि यह जगह उनका "HOME" है। विराट कोहली आईपीएल के पहले सीजन से अब तक सिर्फ एक ही फ्रेंचाइजी के लिए खेलते आए हैं। ऐसे में उनका यह संदेश टीम और फैंस के प्रति उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है। अफवाहों पर भी लगा विराम पिछले कुछ समय में विराट कोहली के टीम बदलने को लेकर कई तरह की अटकलें सामने आती रही थीं। हालांकि, अपने पोस्ट में "HOME" शब्द का इस्तेमाल कर उन्होंने साफ संकेत दे दिया कि इस फ्रेंचाइजी और उसके प्रशंसकों के साथ उनका रिश्ता केवल पेशेवर नहीं, बल्कि भावनात्मक और पारिवारिक है। फैंस को पसंद आया कोहली का अंदाज विराट का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फैंस उनके इस संदेश को टीम के प्रति वफादारी और समर्पण का प्रतीक मान रहे हैं।  

surbhi जून 9, 2026 0
Young cricket star Vaibhav Suryavanshi celebrates after a record-breaking IPL 2026 season with Orange Cap
776 रन, 72 छक्के और ऑरेंज कैप के बावजूद टीम इंडिया का टिकट नहीं! वैभव सूर्यवंशी पर आकाश चोपड़ा का बड़ा बयान

आईपीएल 2026 में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत को चौंकाने वाले युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi को लेकर टीम इंडिया में चयन की चर्चाएं तेज हैं। महज 15 साल की उम्र में ऑरेंज कैप जीतने वाले इस युवा खिलाड़ी ने पूरे सीजन में रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन किया, लेकिन पूर्व भारतीय क्रिकेटर Aakash Chopra का मानना है कि फिलहाल भारतीय टी20 टीम में उनके लिए जगह बनाना आसान नहीं होगा। आकाश चोपड़ा ने क्यों जताई मुश्किल? आकाश चोपड़ा ने अपने विश्लेषण में कहा कि भारतीय टी20 टीम में ओपनिंग और टॉप ऑर्डर की जगह पहले से ही मजबूत खिलाड़ियों के पास है। उनके अनुसार Sanju Samson और Abhishek Sharma शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने कहा कि संजू सैमसन ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बेहतरीन प्रदर्शन किया था और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे। वहीं अभिषेक शर्मा लगातार शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं और लंबे समय से टी20 क्रिकेट के शीर्ष बल्लेबाजों में शामिल हैं। ऐसे में केवल आईपीएल के प्रदर्शन के आधार पर इन खिलाड़ियों को बाहर कर वैभव को तुरंत मौका देना चयनकर्ताओं के लिए आसान फैसला नहीं होगा। आईपीएल 2026 में वैभव का ऐतिहासिक प्रदर्शन वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में जिस तरह बल्लेबाजी की, उसने सभी को प्रभावित किया। आईपीएल 2026 में वैभव के आंकड़े: मैच: 16 रन: 776 स्ट्राइक रेट: 237 ऑरेंज कैप विजेता 72 छक्के एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड उन्होंने इस दौरान दिग्गज बल्लेबाज Chris Gayle का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया और आईपीएल इतिहास में एक सीजन में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। एलिमिनेटर और दूसरे क्वालीफायर जैसे बड़े मुकाबलों में भी उन्होंने दबाव में शानदार बल्लेबाजी कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। अभी इंतजार, लेकिन मौका दूर नहीं आकाश चोपड़ा का मानना है कि वैभव बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और भविष्य में टीम इंडिया का अहम हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि मौजूदा प्रतिस्पर्धा को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय टीम में नियमित जगह बनाने के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। श्रीलंका ट्राई सीरीज में होगी अग्निपरीक्षा वैभव को आगामी त्रिकोणीय सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। यह टूर्नामेंट 9 जून से श्रीलंका में शुरू होगा और फाइनल 21 जून को खेला जाएगा। इस सीरीज में उनका प्रदर्शन चयनकर्ताओं की नजर में काफी अहम रहेगा। यदि वह यहां भी आईपीएल जैसी बल्लेबाजी दोहराते हैं, तो टीम इंडिया का दरवाजा उनके लिए और तेजी से खुल सकता है। भविष्य का सुपरस्टार? 15 साल की उम्र में जिस तरह वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में बल्लेबाजी की है, उसने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है। फिलहाल टीम इंडिया में जगह भले मुश्किल दिख रही हो, लेकिन क्रिकेट विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर उनका प्रदर्शन इसी तरह जारी रहा तो राष्ट्रीय टीम में चयन केवल समय की बात होगी।  

surbhi जून 5, 2026 0
Gautam Gambhir meeting MP Pappu Yadav amid discussions over cricketer Sarthak Ranjan’s future
गौतम गंभीर से मिले सांसद पप्पू यादव, बेटे सार्थक रंजन के क्रिकेट करियर को लेकर तेज हुई चर्चा

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच Gautam Gambhir और पूर्णिया से सांसद Rajesh Ranjan की हालिया मुलाकात चर्चा का विषय बन गई है। दोनों की तस्वीरें और मुलाकात की खबर सामने आने के बाद क्रिकेट और राजनीति के गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो गया है। हालांकि मुलाकात के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इसे सांसद के बेटे और युवा क्रिकेटर सार्थक रंजन से जोड़कर देखा जा रहा है। बेटे सार्थक रंजन को लेकर हो सकती है चर्चा पप्पू यादव के बेटे सार्थक रंजन घरेलू क्रिकेट में उभरते हुए खिलाड़ी माने जाते हैं। आईपीएल 2026 की नीलामी में Kolkata Knight Riders ने उन्हें 30 लाख रुपये के बेस प्राइस पर अपनी टीम में शामिल किया था। हालांकि पूरे सीजन में सार्थक को एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। ऐसे में माना जा रहा है कि गौतम गंभीर और पप्पू यादव के बीच हुई बातचीत में सार्थक के क्रिकेट करियर, उनकी प्रगति और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा हुई हो सकती है। केकेआर से जुड़ा है गौतम गंभीर का खास रिश्ता गौतम गंभीर का कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ लंबा और सफल जुड़ाव रहा है। उनकी कप्तानी में टीम ने आईपीएल खिताब जीते और बाद में मेंटर के रूप में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई। यही वजह है कि केकेआर से जुड़े किसी भी युवा खिलाड़ी के विकास को लेकर गंभीर की राय काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। आईपीएल 2026 में नहीं मिला डेब्यू का मौका सार्थक रंजन को भले ही केकेआर ने अपनी टीम में शामिल किया, लेकिन उन्हें पूरे सीजन बेंच पर ही बैठना पड़ा। टीम का प्रदर्शन भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और वह 14 मैचों में सिर्फ 6 जीत के साथ अंक तालिका में सातवें स्थान पर रही। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सार्थक घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन जारी रखते हैं तो अगले सीजन में उन्हें अवसर मिल सकता है। अफगानिस्तान टेस्ट से पहले चर्चा में आए गंभीर यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब भारतीय टीम 6 जून से अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच की तैयारियों में जुटी हुई है। हेड कोच के रूप में गौतम गंभीर की रणनीतियों पर सभी की नजरें हैं और इसी बीच उनकी यह मुलाकात सुर्खियां बटोर रही है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों के बीच वास्तव में क्या बातचीत हुई, लेकिन क्रिकेट प्रेमियों के बीच इसे सार्थक रंजन के भविष्य से जोड़कर देखा जा रहा है।  

surbhi जून 4, 2026 0
Abhijit Deepke announces student-led protest demanding accountability over examination controversies
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक 6 जून को लौटेंगे भारत, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान

  कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि वह 6 जून को भारत लौटेंगे और विभिन्न परीक्षा विवादों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू करेंगे। वर्तमान में अमेरिका में मौजूद दीपके ने सोशल मीडिया के जरिए अपने समर्थकों और छात्रों से इस अभियान में शामिल होने की अपील की है। एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि छात्र और नागरिक संविधान के दायरे में रहकर अपनी आवाज बुलंद करें। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में लोगों के एकजुट होने पर सरकार को उनकी मांगों पर ध्यान देना पड़ेगा। दिल्ली एयरपोर्ट से जंतर-मंतर तक मार्च की तैयारी अभिजीत दीपके ने अपने समर्थकों से 6 जून की सुबह दिल्ली हवाई अड्डे पर उनका स्वागत करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वहां से सभी लोग संसद मार्ग थाने पहुंचेंगे और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मांगेंगे। दीपके के अनुसार, उनका प्रस्तावित आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाएगा। परीक्षा विवादों को लेकर सरकार पर सवाल दीपके ने दावा किया कि हाल के वर्षों में कई प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि नीट, सीबीएसई, सीयूईटी और एसएससी-जीडी जैसी परीक्षाओं से जुड़े विवादों ने छात्रों के बीच असुरक्षा और चिंता का माहौल पैदा किया है। उनका आरोप है कि इन घटनाओं का असर एक करोड़ से अधिक छात्रों पर पड़ा है, लेकिन इसके बावजूद जवाबदेही तय नहीं की गई। ऑनलाइन याचिका को मिले लाखों समर्थन अभिजीत दीपके ने बताया कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू की गई ऑनलाइन याचिका पर अब तक करीब आठ लाख लोग हस्ताक्षर कर चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भी शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। दीपके ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में छात्रों के प्रभावित होने के बावजूद यदि जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो यह जवाबदेही की कमी को दर्शाता है।   गिरफ्तारी की आशंका पर भी दी प्रतिक्रिया अपने वीडियो संदेश में दीपके ने कहा कि उनके परिवार और मित्रों को आशंका है कि भारत लौटने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन उन्हें शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से विरोध दर्ज कराने की अनुमति देगा। उन्होंने कहा कि वह लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखते हैं तथा कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखना चाहते हैं। गांधी, आंबेडकर और भगत सिंह से प्रेरित होने का दावा दीपके ने कहा कि वह महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर, भगत सिंह और जवाहरलाल नेहरू के विचारों से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार देता है और उनका आंदोलन इसी संवैधानिक अधिकार के तहत होगा। उन्होंने समर्थकों से अपील करते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए सभी लोगों को लोकतांत्रिक तरीके से एकजुट होकर अपनी आवाज उठानी चाहिए।  

Deepshikha जून 2, 2026 0
Young cricket sensation Vaibhav Sooryavanshi celebrates after a standout performance in IPL 2026
15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर BCCI की बड़ी नजर, जल्द मिल सकता है टीम इंडिया का टिकट

IPL 2026 में धमाकेदार प्रदर्शन के बाद बढ़ी राष्ट्रीय टीम में चयन की उम्मीद भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे Vaibhav Sooryavanshi को लेकर टीम इंडिया में चयन की चर्चाएं तेज हो गई हैं। आईपीएल 2026 में शानदार बल्लेबाजी करने वाले 15 वर्षीय युवा खिलाड़ी के लिए अब राष्ट्रीय टीम के दरवाजे खुलते नजर आ रहे हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सचिव Devajit Saikia ने संकेत दिया है कि वैभव जल्द ही भारतीय सीनियर टीम का हिस्सा बन सकते हैं। उनके बयान को युवा बल्लेबाज के लिए अब तक का सबसे बड़ा संकेत माना जा रहा है। IPL 2026 के सबसे बड़े सितारे बने वैभव Rajasthan Royals के लिए खेलते हुए वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में 16 मैचों में 776 से अधिक रन बनाए और ऑरेंज कैप अपने नाम की। पूरे सीजन में उन्होंने दुनिया के कई दिग्गज गेंदबाजों के खिलाफ निडर बल्लेबाजी की। उनकी तकनीक, आक्रामकता और दबाव में मैच संभालने की क्षमता ने क्रिकेट विशेषज्ञों और चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। BCCI सचिव ने दिए बड़े संकेत देवजीत सैकिया ने कहा कि चयन समिति युवा बल्लेबाज के प्रदर्शन पर लगातार नजर बनाए हुए है और उनके भविष्य को लेकर उचित फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वैभव भारतीय क्रिकेट के नए "वंडरकिड" हैं और आने वाले दिनों में दुनिया भर में अपनी छाप छोड़ सकते हैं। सैकिया के अनुसार, चयन समिति के सभी सदस्य आईपीएल मैचों पर करीबी नजर रख रहे थे और वैभव का प्रदर्शन किसी से छिपा नहीं है। इंग्लैंड दौरे की टीम में मिल सकता है मौका रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय टीम के आगामी यूनाइटेड किंगडम दौरे के लिए होने वाली चयन बैठक में वैभव सूर्यवंशी का नाम चर्चा का विषय बन सकता है। हालांकि BCCI ने आधिकारिक तौर पर किसी चयन की पुष्टि नहीं की है, लेकिन बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों की टिप्पणियों ने अटकलों को और मजबूत कर दिया है। "असाधारण प्रतिभा" बताया देवजीत सैकिया ने कहा कि आईपीएल में कई खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, लेकिन वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन "असाधारण" रहा। उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट को इस समय एक नया प्रतिभाशाली खिलाड़ी मिला है और वह जल्द ही नई ऊंचाइयों को छू सकता है। चयनकर्ताओं के सामने बड़ी चुनौती अब अंतिम फैसला मुख्य चयनकर्ता Ajit Agarkar और उनकी टीम को लेना है। चयनकर्ताओं को यह तय करना होगा कि इतनी कम उम्र में वैभव को सीधे सीनियर टीम में मौका दिया जाए या पहले उन्हें भारत ए और अन्य अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुभव दिलाए जाएं। खिलाड़ियों की फिटनेस पर भी BCCI की नजर आईपीएल के बाद खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर भी BCCI सतर्क है। सैकिया ने बताया कि बोर्ड का तकनीकी और फिटनेस स्टाफ केंद्रीय अनुबंध वाले खिलाड़ियों की लगातार निगरानी करता है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि आईपीएल के दौरान खिलाड़ी अपनी-अपनी फ्रेंचाइजी के नियंत्रण में होते हैं, इसलिए बोर्ड हर गतिविधि में सीधे हस्तक्षेप नहीं करता। भारतीय क्रिकेट का अगला सुपरस्टार? वैभव सूर्यवंशी की उम्र अभी सिर्फ 15 साल है, लेकिन उन्होंने जिस तरह बड़े मंच पर खुद को साबित किया है, उससे क्रिकेट जगत में उनकी तुलना भविष्य के बड़े सितारों से की जाने लगी है। अगर उन्हें जल्द ही टीम इंडिया में मौका मिलता है, तो वह भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे कम उम्र के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों में शामिल हो सकते हैं।  

surbhi जून 2, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi smiling during IPL 2026 presentation as Ravi Shastri shares a light-hearted moment
रवि शास्त्री के 'दूध वाले सवाल' पर वैभव सूर्यवंशी का मजेदार जवाब, प्रेजेंटेशन में छा गया हंसी का माहौल

आईपीएल 2026 के फाइनल में शानदार प्रदर्शन के बाद युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनकी बल्लेबाजी नहीं, बल्कि पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन के दौरान दिया गया उनका मजेदार जवाब है, जिसने स्टेडियम से लेकर सोशल मीडिया तक सभी को हंसने पर मजबूर कर दिया। Ravi Shastri और वैभव के बीच हुई यह दिलचस्प बातचीत अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही है। प्रेजेंटेशन में छाया मजेदार पल Indian Premier League 2026 Final के बाद अवॉर्ड सेरेमनी में वैभव सूर्यवंशी सबसे ज्यादा पुरस्कार जीतने वाले खिलाड़ियों में शामिल रहे। इसी दौरान प्रस्तोता रवि शास्त्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में उनसे उनकी डाइट के बारे में सवाल पूछा। शास्त्री ने मुस्कुराते हुए पूछा कि वह रोज कितना दूध पीते हैं। इस सवाल को सुनकर वैभव खुद अपनी हंसी नहीं रोक पाए और मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "मैं अब दूध नहीं पीता." उनका यह जवाब सुनते ही मंच पर मौजूद सभी लोग हंस पड़े। इसके बाद रवि शास्त्री ने भी मजाक में कहा कि अब उन्हें अपने घर में इतने अवॉर्ड्स रखने के लिए एक बड़ी अलमारी की जरूरत पड़ने वाली है। अवॉर्ड्स की झड़ी लगाने वाले खिलाड़ी बने वैभव सिर्फ 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में ऐसा प्रदर्शन किया जिसने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। उन्होंने इस सीजन में कई बड़े पुरस्कार अपने नाम किए, जिनमें शामिल हैं: ऑरेंज कैप मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन सबसे ज्यादा छक्के लगाने का अवॉर्ड सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन बताया अपना सफलता का मंत्र अवॉर्ड समारोह के दौरान वैभव ने अपने खेल को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि इस सीजन ने उन्हें सिखाया कि हर मैच और हर परिस्थिति में एक जैसी बल्लेबाजी नहीं की जा सकती। मैच की स्थिति के अनुसार खुद को ढालना जरूरी होता है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि आक्रामक बल्लेबाजी उनकी पहचान है। उनके अनुसार, अगर पहली गेंद उनकी रेंज में होती है और उन्हें शॉट खेलने का भरोसा होता है, तो वह उसे मारने की पूरी कोशिश करते हैं। यही उनका स्वाभाविक खेल है और अब तक यह रणनीति उनके लिए सफल रही है। 15 साल की उम्र में रचा इतिहास वैभव सूर्यवंशी का आईपीएल 2026 सीजन रिकॉर्डतोड़ रहा। उन्होंने 16 मैचों में 776 रन बनाए और पूरे टूर्नामेंट में विपक्षी गेंदबाजों पर दबदबा बनाए रखा। उनके नाम दर्ज उपलब्धियां: 776 रन 1 शतक दो बार 90 के पार आउट एलिमिनेटर में 97 रन क्वालीफायर-2 में 96 रन पूरे सीजन में 72 छक्के 72 छक्कों के साथ वैभव सूर्यवंशी आईपीएल इतिहास के एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। यह उपलब्धि उन्हें विश्व क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल करती है। आईपीएल 2026 में उनकी बल्लेबाजी, आत्मविश्वास और मैच्योर सोच ने साबित कर दिया कि भारतीय क्रिकेट को एक नया सुपरस्टार मिल चुका है।  

surbhi जून 1, 2026 0
Dinesh Karthik celebrates after a match, known for India’s Nidahas Trophy-winning six and RCB success
आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर भारत को बनाया चैंपियन, फिर RCB के मास्टरमाइंड बने दिनेश कार्तिक; ऐसा रहा शानदार सफर

भारतीय क्रिकेट के सबसे बहुमुखी खिलाड़ियों में शामिल Dinesh Karthik आज 1 जून को अपना 41वां जन्मदिन मना रहे हैं। विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में लंबा अंतरराष्ट्रीय करियर, कई यादगार पारियां, आईपीएल में शानदार प्रदर्शन और अब कोचिंग व कमेंट्री की दुनिया में सफलता—दिनेश कार्तिक का क्रिकेट सफर प्रेरणादायक रहा है। अपने करियर में कई बार टीम इंडिया से अंदर-बाहर होने के बावजूद कार्तिक ने कभी हार नहीं मानी। यही वजह है कि उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे जुझारू खिलाड़ियों में गिना जाता है। खास तौर पर 2018 की निदाहास ट्रॉफी फाइनल में खेली गई उनकी विस्फोटक पारी आज भी क्रिकेट प्रशंसकों के जेहन में ताजा है। चेन्नई से टीम इंडिया तक का सफर 1 जून 1985 को चेन्नई में जन्मे दिनेश कार्तिक ने कम उम्र में ही क्रिकेट की दुनिया में अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी थी। उन्होंने 2002 में तमिलनाडु के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया और अपनी बल्लेबाजी व विकेटकीपिंग कौशल से चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया। घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर कार्तिक को 2004 में भारतीय टीम के लिए टेस्ट और वनडे क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका मिला। इसके बाद 2006 में भारत के पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले का भी हिस्सा बने और अपने प्रदर्शन से प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार जीता। निदाहास ट्रॉफी की वो ऐतिहासिक पारी दिनेश कार्तिक के करियर की सबसे यादगार उपलब्धियों में से एक 2018 की Nidahas Trophy का फाइनल है। बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए रोमांचक मुकाबले में भारत को आखिरी ओवर में जीत के लिए मुश्किल रन चाहिए थे। ऐसे दबाव भरे माहौल में कार्तिक ने सिर्फ 8 गेंदों पर नाबाद 29 रन ठोक दिए। मैच की आखिरी गेंद पर लगाया गया उनका विजयी छक्का भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार पलों में शामिल हो चुका है। इस पारी ने न केवल भारत को चैंपियन बनाया, बल्कि कार्तिक के करियर को भी नई दिशा दी। इसके बाद उन्हें एक बेहतरीन फिनिशर के रूप में पहचान मिली। टीम इंडिया के लिए शानदार योगदान दिनेश कार्तिक ने भारत के लिए तीनों प्रारूपों में क्रिकेट खेला और कई महत्वपूर्ण मौकों पर टीम का हिस्सा रहे। अंतरराष्ट्रीय करियर 26 टेस्ट मैच 1,025 रन 1 शतक 7 अर्धशतक 94 वनडे मैच 1,752 रन 9 अर्धशतक 60 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच 686 रन कार्तिक ICC World Twenty20 2007 जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे। इसके अलावा उन्होंने ICC Champions Trophy 2013 जीतने वाली टीम में भी योगदान दिया। आईपीएल के सबसे भरोसेमंद विकेटकीपर बल्लेबाजों में शामिल दिनेश कार्तिक का आईपीएल करियर भी बेहद शानदार रहा। 2008 से 2024 तक उन्होंने लगातार लीग में हिस्सा लिया और कई फ्रेंचाइजियों का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने Delhi Capitals, Punjab Kings, Mumbai Indians, Gujarat Lions, Kolkata Knight Riders और Royal Challengers Bengaluru के लिए खेला। 257 आईपीएल मैचों में उन्होंने 4,842 रन बनाए और 22 अर्धशतक जड़े। विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में उनका नाम लीग के सबसे सफल खिलाड़ियों में लिया जाता है। खिलाड़ी से कोच और मेंटॉर बनने तक जून 2024 में क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद कार्तिक ने नई भूमिका में भी अपनी छाप छोड़ी। आरसीबी ने उन्हें टीम का मेंटॉर और बल्लेबाजी कोच नियुक्त किया। उनकी रणनीति और मार्गदर्शन में आरसीबी ने पहली बार आईपीएल खिताब जीतने का सपना पूरा किया। इसके बाद टीम ने लगातार सफलता हासिल करते हुए 2026 में भी ट्रॉफी अपने नाम की। इसी वजह से आज दिनेश कार्तिक को आरसीबी के "मास्टरमाइंड" के रूप में भी देखा जाता है। कोचिंग के अलावा वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कमेंटेटर के रूप में भी काफी लोकप्रिय हो चुके हैं। उनकी तकनीकी समझ और सटीक विश्लेषण को क्रिकेट प्रशंसक खूब पसंद करते हैं। संघर्ष, वापसी और सफलता की मिसाल दिनेश कार्तिक का करियर सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, धैर्य और लगातार खुद को बेहतर बनाने की प्रेरणादायक यात्रा भी है। कई बार टीम से बाहर होने के बावजूद उन्होंने वापसी की और हर बार खुद को साबित किया। निदाहास ट्रॉफी का वह विजयी छक्का हो, आईपीएल में फिनिशर की भूमिका हो या फिर आरसीबी के मेंटॉर के रूप में सफलता—दिनेश कार्तिक ने हर भूमिका में अपनी अलग पहचान बनाई है।  

surbhi जून 1, 2026 0
Kumar Sangakkara praises Vaibhav Sooryavanshi after his record-breaking IPL 2026 season for Rajasthan Royals
वैभव सूर्यवंशी को जल्द मिलेगा टीम इंडिया का बुलावा? कुमार संगकारा ने दिया बड़ा बयान

आईपीएल 2026 में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित करने वाले युवा बल्लेबाज Vaibhav Sooryavanshi को जल्द ही भारतीय टीम में मौका मिल सकता है। ऐसा मानना है राजस्थान रॉयल्स के मुख्य कोच Kumar Sangakkara का, जिन्होंने टीम के क्वालिफायर-2 से बाहर होने के बाद वैभव की जमकर सराहना की। गुजरात टाइटंस के खिलाफ हार के साथ राजस्थान रॉयल्स का आईपीएल 2026 का सफर खत्म हो गया, लेकिन 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने पूरे सीजन में ऐसा प्रदर्शन किया जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। "बहुत जल्द मिलेगा इंटरनेशनल कॉल-अप" संगकारा ने मैच के बाद कहा कि वैभव ने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों के खिलाफ जिस तरह बल्लेबाजी की है, उससे साफ है कि वह किसी भी स्तर की चुनौती के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, "वैभव ने इस सीजन में जो कुछ दिखाया है, उसे देखते हुए मुझे लगता है कि वह किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। मुझे पूरा विश्वास है कि उसे बहुत जल्द भारतीय टीम से बुलावा मिलेगा।" संगकारा के मुताबिक वैभव ने सिर्फ रन ही नहीं बनाए, बल्कि ओपनिंग साझेदारी की जिम्मेदारी भी शानदार तरीके से निभाई और पूरे सीजन परिपक्वता के साथ बल्लेबाजी की। रिकॉर्डतोड़ सीजन ने बढ़ाई दावेदारी Vaibhav Sooryavanshi ने आईपीएल 2026 में 16 पारियों में 776 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 237.30 रहा, जो टूर्नामेंट के इतिहास के सबसे बेहतरीन स्ट्राइक रेट्स में शामिल है। उनके कुल 776 रनों में से 684 रन सिर्फ चौकों और छक्कों से आए, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का प्रमाण है। क्वालिफायर-2 में भी उन्होंने 47 गेंदों में 96 रन की शानदार पारी खेली, हालांकि टीम को जीत नहीं दिला सके। वैभव की तैयारी से प्रभावित हैं संगकारा संगकारा ने बताया कि राजस्थान रॉयल्स का कोचिंग स्टाफ वैभव के दिमाग पर अतिरिक्त दबाव नहीं डालता। उन्होंने कहा कि युवा बल्लेबाज टीम मीटिंग्स में सक्रिय रूप से हिस्सा लेते हैं, गेंदबाजों की वीडियो स्टडी करते हैं और हर मैच से पहले गहन तैयारी करते हैं। संगकारा ने कहा, "हम उनके दिमाग में अनावश्यक बातें नहीं भरना चाहते। वह साफ सोच के साथ बल्लेबाजी करते हैं और वही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।" मुश्किल हालात में भी राजस्थान ने किया कमाल आईपीएल 2026 के दौरान राजस्थान रॉयल्स को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। टीम के अहम खिलाड़ी Sam Curran चोट के कारण पूरे सीजन से बाहर रहे, जबकि Riyan Parag और Ravindra Jadeja भी सीजन के अंतिम चरण में फिटनेस समस्याओं से जूझते रहे। इसके बावजूद राजस्थान ने प्लेऑफ तक का सफर तय किया। संगकारा ने युवा गेंदबाजों Yash Raj Punja और Brijesh Sharma के प्रदर्शन की भी सराहना की। रियान पराग की कप्तानी को बताया शानदार राजस्थान रॉयल्स के कप्तान Riyan Parag ने पहली बार पूरे सीजन टीम की कमान संभाली। संगकारा ने उनकी कप्तानी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने दबाव के बावजूद टीम को बेहतरीन तरीके से संभाला और मैदान पर अच्छे फैसले लिए। उन्होंने कहा, "रियान का पहला पूरा कप्तानी सीजन शानदार रहा। वह लगातार सीख रहे हैं और अगले सीजन में और बेहतर होकर लौटेंगे।" नौवें स्थान से प्लेऑफ तक का सफर पिछले सीजन राजस्थान रॉयल्स अंक तालिका में नौवें स्थान पर रही थी, लेकिन इस बार टीम ने सभी उम्मीदों को पीछे छोड़ते हुए प्लेऑफ में जगह बनाई। संगकारा का मानना है कि टीम ने कठिन परिस्थितियों में भी जिस जज्बे के साथ खेला, वह भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा, "शायद टूर्नामेंट शुरू होने से पहले किसी ने नहीं सोचा था कि हम प्लेऑफ तक पहुंचेंगे। लेकिन मेहनत, विश्वास और टीम भावना ने इसे संभव बनाया।" हालांकि राजस्थान फाइनल में जगह नहीं बना सकी, लेकिन वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा सितारे ने फ्रेंचाइजी और भारतीय क्रिकेट दोनों के भविष्य को लेकर उम्मीदें जरूर बढ़ा दी हैं।  

surbhi मई 30, 2026 0
Vijay Shankar joins Kandy Royals for Lanka Premier League 2026 season
रिटायरमेंट के बाद विदेशी लीग में दिखेगा विजय शंकर का जलवा, लंका प्रीमियर लीग में कैंडी रॉयल्स से खेलेंगे

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर Vijay Shankar अब रिटायरमेंट के बाद एक बार फिर क्रिकेट मैदान पर नजर आने वाले हैं। विजय शंकर को आगामी Lanka Premier League के छठे सीजन के लिए कैंडी रॉयल्स टीम में शामिल किया गया है। श्रीलंका की इस लोकप्रिय टी20 लीग का आयोजन 17 जुलाई से 8 अगस्त तक होगा। कैंडी रॉयल्स ने प्लेयर ड्राफ्ट से पहले जिन खिलाड़ियों को रिटेन किया है, उनमें विजय शंकर के अलावा इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर Moeen Ali और श्रीलंका के अनुभवी खिलाड़ी Angelo Mathews भी शामिल हैं। ऐसे में टीम इस बार काफी संतुलित और मजबूत नजर आ रही है। 2019 वर्ल्ड कप से चर्चा में आए थे विजय शंकर विजय शंकर ने भारत के लिए 2019 वनडे वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया था और अपने पहले ही वर्ल्ड कप मैच में पहली गेंद पर विकेट लेकर सुर्खियां बटोरी थीं। उन्होंने उस टूर्नामेंट में अपनी उपयोगी गेंदबाजी और मध्यक्रम बल्लेबाजी से टीम को संतुलन देने की कोशिश की थी। अब लंका प्रीमियर लीग में उनसे उम्मीद होगी कि वह अपने अनुभव के दम पर कैंडी रॉयल्स को मजबूती देंगे। फ्रेंचाइजी ने श्रीलंका के स्टार स्पिनर Wanindu Hasaranga को भी टीम में शामिल किया है, जिससे टीम की गेंदबाजी और भी खतरनाक हो गई है। 21 देशों के खिलाड़ियों ने कराया रजिस्ट्रेशन टूर्नामेंट आयोजकों के अनुसार, इस बार एलपीएल ड्राफ्ट के लिए 21 क्रिकेट खेलने वाले देशों से 650 से अधिक विदेशी खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इससे साफ है कि लीग की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। इस सीजन में वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज Chris Gayle लीग के ब्रांड एंबेसडर की भूमिका में नजर आएंगे, जिससे टूर्नामेंट को और अधिक ग्लोबल पहचान मिलने की उम्मीद है। पांच टीमें लेंगी हिस्सा Lanka Premier League में इस बार कुल पांच टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें जाफना किंग्स, कैंडी रॉयल्स, दांबुला सिक्सर्स, गाले गैलेंट्स और कोलंबो कैप्स शामिल हैं। सीजन का पहला मुकाबला 17 जुलाई को जाफना किंग्स और गाले गैलेंट्स के बीच खेला जाएगा, जबकि फाइनल मैच 8 अगस्त को आयोजित होगा। विजय शंकर का अंतरराष्ट्रीय और आईपीएल करियर 35 वर्षीय विजय शंकर ने भारत के लिए 12 वनडे और 9 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। इसके अलावा आईपीएल में उन्होंने चार अलग-अलग फ्रेंचाइजियों का प्रतिनिधित्व किया। आईपीएल के 78 मैचों में उन्होंने 26.23 की औसत से 1,233 रन बनाए और कई अहम मौकों पर उपयोगी पारियां खेलीं। अब फैंस की नजरें इस बात पर होंगी कि भारतीय क्रिकेट से दूरी बनाने के बाद विजय शंकर विदेशी लीग में कैसा प्रदर्शन करते हैं।  

surbhi मई 27, 2026 0
Young cricketer Vaibhav Suryavanshi batting during IPL 2026 as Dinesh Karthik advises against Sachin comparisons.
वैभव सूर्यवंशी की तुलना सचिन तेंदुलकर से न करें, दिनेश कार्तिक ने दी बड़ी सलाह

आईपीएल 2026 में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोर रहे युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi को लेकर भारत के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज Dinesh Karthik ने बड़ा बयान दिया है। कार्तिक ने कहा कि इतनी कम उम्र में शानदार प्रदर्शन कर रहे वैभव की तुलना महान बल्लेबाज Sachin Tendulkar से करना सही नहीं होगा। ‘अगला सचिन’ कहना ठीक नहीं एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान Dinesh Karthik ने कहा कि वैभव जो कर रहे हैं वह बेहद खास है, लेकिन लोगों को उन्हें “अगला सचिन” कहना शुरू नहीं करना चाहिए। कार्तिक ने कहा कि: “वैभव अभी सिर्फ 15 साल के हैं और इस उम्र में उनका प्रदर्शन शानदार है। लेकिन सचिन ने जो हासिल किया था, वह असाधारण था। वैभव के सामने आने वाली चुनौतियां अलग होंगी।” उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों पर जरूरत से ज्यादा उम्मीदों का दबाव डालना सही नहीं है। मैदान से ज्यादा बाहर की चुनौतियां Dinesh Karthik का मानना है कि आज के दौर में युवा खिलाड़ियों के सामने सोशल मीडिया, लोकप्रियता और मानसिक दबाव जैसी चुनौतियां ज्यादा हैं। उन्होंने कहा: “सचिन के सामने मैदान के अंदर और बाहर दोनों तरह की चुनौतियां थीं। लेकिन वैभव को खेल के बाहर की चीजों को संभालना सीखना होगा।” कार्तिक ने साफ कहा कि वैभव के पास प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन करियर को लंबे समय तक सफल बनाए रखने के लिए मानसिक मजबूती भी बेहद जरूरी होगी। आईपीएल ने बदल दी क्रिकेट की तस्वीर Indian Premier League को लेकर भी कार्तिक ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि 2008 से लेकर अब तक आईपीएल पूरी तरह बदल चुका है और यह दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ने वाले खेल टूर्नामेंट्स में शामिल हो गया है। उनके मुताबिक: आईपीएल ने युवा खिलाड़ियों को बड़ा मंच दिया है क्रिकेट अब एक मजबूत करियर विकल्प बन चुका है इस लीग ने कई खिलाड़ियों की जिंदगी बदल दी है शानदार फॉर्म में चल रहे हैं वैभव Vaibhav Suryavanshi इस सीजन में शानदार फॉर्म में हैं। Rajasthan Royals की ओर से खेलते हुए उन्होंने 13 मैचों में 579 रन बनाए हैं। इस दौरान: 1 शतक 3 अर्धशतक भी उनके बल्ले से निकले हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने क्रिकेट फैंस और एक्सपर्ट्स दोनों को प्रभावित किया है। क्या सचिन जैसी उम्मीदें बनेंगी दबाव? क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि किसी युवा खिलाड़ी की तुलना जल्दी किसी दिग्गज से करना उसके करियर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। इसलिए वैभव को अपनी अलग पहचान बनाने का समय देना जरूरी है।  

surbhi मई 22, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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