नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा के वनडे भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि भारतीय टीम प्रबंधन और चयन समिति अब 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए नई रणनीति पर काम कर रही है। इसी क्रम में यह भी कहा गया है कि रोहित शर्मा अब टीम में 'ऑटोमैटिक सिलेक्शन' नहीं रहेंगे और उनके चयन का फैसला प्रदर्शन व भविष्य की योजनाओं के आधार पर होगा। हालांकि, BCCI की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। 2027 विश्व कप को ध्यान में रखकर बन रही रणनीति रिपोर्ट्स के अनुसार, चयनकर्ता आगामी वनडे विश्व कप के लिए युवा खिलाड़ियों को अधिक अवसर देने की दिशा में विचार कर रहे हैं। इसी वजह से अनुभवी खिलाड़ियों के चयन पर भी प्रदर्शन और फिटनेस के आधार पर फैसला लेने की बात सामने आई है। लॉर्ड्स वनडे को लेकर भी चर्चा तेज कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में होने वाला तीसरा वनडे रोहित शर्मा के करियर का आखिरी वनडे मुकाबला हो सकता है। हालांकि, इस संबंध में न तो रोहित शर्मा और न ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि की है। टीम मैनेजमेंट ने जताया भरोसा इन अटकलों के बीच भारतीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने रोहित शर्मा का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि दो मैचों में रन नहीं बनने का मतलब यह नहीं कि रोहित जैसे खिलाड़ी पर दबाव है। कोटक ने भरोसा जताया कि रोहित निर्णायक मुकाबले में बड़ी पारी खेल सकते हैं। आधिकारिक घोषणा का इंतजार फिलहाल रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर सामने आई सभी बातें मीडिया रिपोर्ट्स और अटकलों पर आधारित हैं। अंतिम फैसला चयन समिति और BCCI की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। ऐसे में क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे और उसके बाद होने वाले आधिकारिक फैसलों पर टिकी हुई है।
Japanese Sushi जैसी लेयर्ड स्टफिंग वाली यह Stuffed Idli स्वाद, पोषण और प्रेजेंटेशन का शानदार कॉम्बिनेशन है। कम तेल में स्टीम होकर तैयार होने वाली यह रेसिपी हेल्दी ब्रेकफास्ट, टिफिन और हल्के डिनर के लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है। अगर आप रोज एक जैसी इडली खाकर बोर हो चुके हैं, तो इस बार उसे नया और आकर्षक ट्विस्ट दें। Stuffed Idli की यह रेसिपी अपनी लेयर्ड स्टफिंग और खूबसूरत प्रेजेंटेशन की वजह से जापानी सुशी जैसी दिखती है। हालांकि यह सुशी नहीं है, लेकिन इसकी स्टफिंग और सर्विंग स्टाइल इसे बेहद खास बनाती है। इस रेसिपी में गाजर, शिमला मिर्च, मटर, स्वीट कॉर्न और पनीर जैसी पौष्टिक सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे यह प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर बन जाती है। स्टीम होने के कारण इसमें तेल भी बहुत कम लगता है, इसलिए यह हेल्दी डाइट फॉलो करने वालों के लिए अच्छा विकल्प हो सकती है। बनने में कितना समय लगता है? तैयारी का समय: 15 मिनट स्टीम करने का समय: 12–15 मिनट कुल समय: लगभग 30 मिनट प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण (2 Stuffed Idli) कैलोरी: 220–250 kcal प्रोटीन: 10–12 ग्राम फाइबर: 4–5 ग्राम कार्बोहाइड्रेट: 30–32 ग्राम फैट: 6–8 ग्राम आवश्यक सामग्री 2 कप इडली बैटर 1 गाजर (कद्दूकस) ½ कप शिमला मिर्च ¼ कप स्वीट कॉर्न 2 बड़े चम्मच उबले मटर 2 बड़े चम्मच कद्दूकस किया पनीर अदरक-हरी मिर्च पेस्ट नमक और काली मिर्च हरा धनिया 1 छोटा चम्मच तेल बनाने की आसान विधि सबसे पहले हल्के तेल में अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट और सभी सब्जियां 2–3 मिनट तक भून लें। इसमें पनीर, नमक, काली मिर्च और हरा धनिया मिलाकर स्टफिंग तैयार करें। अब इडली मोल्ड में पहले थोड़ा बैटर डालें, फिर स्टफिंग रखें और ऊपर से दोबारा बैटर डाल दें। 12–15 मिनट तक स्टीम करें और गरमागरम परोसें। किसके साथ करें सर्व? नारियल की चटनी मूंगफली की चटनी टमाटर की चटनी सांभर घी और मिलगई पोड़ी कब खाएं? सुबह का नाश्ता बच्चों का टिफिन ऑफिस लंच शाम का हेल्दी स्नैक हल्का डिनर क्यों करें ट्राई? सिंपल इडली का नया और आकर्षक ट्विस्ट जापानी सुशी जैसी लेयर्ड प्रेजेंटेशन कम तेल और स्टीम में तैयार प्रोटीन, फाइबर और विटामिन से भरपूर बच्चों और बड़ों दोनों के लिए हेल्दी विकल्प ध्यान दें: यह रेसिपी सुशी नहीं है। "सुशी जैसा" शब्द केवल इसकी लेयर्ड स्टफिंग और आकर्षक प्रेजेंटेशन की तुलना के लिए इस्तेमाल किया गया है।
नई दिल्ली,एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने कप्तान रोहित शर्मा के वनडे भविष्य और संन्यास को लेकर चल रही अटकलों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि टीम प्रबंधन को उनके अनुभव और क्षमता पर पूरा भरोसा है। इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा वनडे सीरीज में लगातार दो कम स्कोर के बाद रोहित के भविष्य को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया था, लेकिन कोटक ने कहा कि फिलहाल ऐसे किसी फैसले का सवाल ही नहीं उठता। 'रोहित जैसे खिलाड़ी पर दबाव नहीं' युवा खिलाड़ियों यशस्वी जायसवाल और ईशान किशन को ओपनिंग में मौका दिए जाने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कोटक ने कहा कि रोहित शर्मा जैसे अनुभवी बल्लेबाज पर किसी तरह का दबाव नहीं है। उन्होंने कहा, “रोहित इतने बड़े खिलाड़ी हैं कि कुछ खराब पारियों से उनकी क्षमता पर सवाल नहीं उठाए जा सकते। भले ही हाल के मैचों में वे बड़ी पारी नहीं खेल पाए हों, लेकिन उनकी बल्लेबाजी में लय दिखाई दे रही थी।” लॉर्ड्स में वापसी की उम्मीद दूसरे वनडे में रोहित शर्मा ने 47 गेंदों पर 27 रन बनाए। उनकी धीमी पारी को लेकर उठ रहे सवालों पर कोटक ने कहा कि कार्डिफ की पिच पर गेंद का असमान उछाल बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण था। उनके अनुसार, कई बार परिस्थितियां बल्लेबाज की लय को प्रभावित करती हैं और यही क्रिकेट का हिस्सा है। उन्होंने विश्वास जताया कि लॉर्ड्स में रोहित पूरी तरह अलग अंदाज में बल्लेबाजी करते नजर आ सकते हैं। 2027 विश्व कप पर नजर रोहित शर्मा पहले ही टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, जिससे उनके वनडे भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, कोटक के बयान से साफ हो गया है कि भारतीय टीम प्रबंधन फिलहाल 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों में रोहित को महत्वपूर्ण खिलाड़ी मान रहा है। टीम को उम्मीद है कि अनुभवी बल्लेबाज जल्द ही अपनी पुरानी लय हासिल कर आलोचकों को करारा जवाब देंगे।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट के इंग्लैंड दौरे के बाद अपने पद से अलग होने की खबरें सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनका दो साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है और वह इसे आगे बढ़ाने के इच्छुक नहीं हैं। पारिवारिक कारणों से छोड़ सकते हैं जिम्मेदारी रिपोर्ट्स के मुताबिक, रयान टेन डोशेट लगातार अंतरराष्ट्रीय दौरों और व्यस्त कार्यक्रम के कारण अपने परिवार को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं। उनकी पत्नी और तीन बच्चे लंदन में रहते हैं, इसलिए वह ऐसा पद चाहते हैं जिसमें यात्रा कम करनी पड़े। इसी वजह से उन्होंने टीम इंडिया के साथ अपना कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। गौतम गंभीर की टीम को लग सकता है झटका रयान टेन डोशेट को मुख्य कोच गौतम गंभीर की पसंद पर जुलाई 2024 में भारतीय टीम के सहायक कोच के रूप में नियुक्त किया गया था। यदि वह पद छोड़ते हैं, तो यह गंभीर के कोचिंग स्टाफ के लिए बड़ा झटका माना जाएगा। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि गेंदबाजी कोच मॉर्ने मोर्कल के भविष्य को लेकर भी चर्चा चल रही है। BCCI जल्द ले सकता है अंतिम फैसला बीसीसीआई फिलहाल सपोर्ट स्टाफ में संभावित बदलावों पर विचार कर रहा है। इंग्लैंड वनडे सीरीज समाप्त होने के बाद बोर्ड नए कोचिंग संयोजन पर फैसला ले सकता है। हालांकि, अभी तक बीसीसीआई या रयान टेन डोशेट की ओर से आधिकारिक इस्तीफे की घोषणा नहीं की गई है।
बर्मिंघम, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का शानदार आगाज़ करते हुए पहले मुकाबले में 6 विकेट से जीत दर्ज की। एजबेस्टन में खेले गए मैच में भारत ने 259 रन के लक्ष्य को 45.2 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया और सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। शुभमन गिल ने खेली कप्तानी पारी कप्तान शुभमन गिल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 80 रन बनाए और भारत की जीत की मजबूत नींव रखी। हालांकि पारी के दौरान उन्हें ऐंठन (क्रैम्प) की शिकायत हुई, जिसके चलते उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा। इसके बाद अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने पारी को संभालते हुए टीम को जीत तक पहुंचाया। अक्षर पटेल बने जीत के हीरो ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पहले गेंदबाजी में 4 विकेट झटके और फिर नाबाद 57 रन की पारी खेली। उनके साथ वॉशिंगटन सुंदर ने भी नाबाद 52 रन बनाए। शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए अक्षर पटेल को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। इंग्लैंड की पारी लड़खड़ाई टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन 61 रन तक बिना विकेट गंवाने के बाद उसने तेजी से विकेट खो दिए। जो रूट (76)* और लियाम डॉसन (68) ने पारी संभालते हुए टीम को 258 रन तक पहुंचाया, लेकिन यह स्कोर भारत के सामने कम साबित हुआ। भारत ने लक्ष्य आसानी से हासिल कर इंग्लैंड के एजबेस्टन में लंबे समय से चले आ रहे वनडे दबदबे को भी खत्म कर दिया।
नई दिल्ली, एजेंसियां। इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के कोचिंग स्टाफ में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, BCCI इंग्लैंड दौरा खत्म होने के बाद सपोर्ट स्टाफ की व्यापक समीक्षा करेगी और कुछ अहम पदों पर नए चेहरे देखने को मिल सकते हैं। सपोर्ट स्टाफ के कई सदस्यों का भविष्य अधर में रिपोर्ट्स के अनुसार, असिस्टेंट कोच रयान टेन डोएशेट और फील्डिंग कोच टी. दिलीप के भविष्य पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। टी. दिलीप का कार्यकाल इंग्लैंड दौरे के साथ समाप्त हो रहा है और उन्हें विस्तार मिलने की संभावना कम बताई जा रही है। वहीं गेंदबाजी कोच मॉर्ने मॉर्केल को बनाए रखने के पक्ष में बोर्ड दिखाई दे रहा है। गौतम गंभीर पर फिलहाल पूरा भरोसा हालांकि टीम के हालिया प्रदर्शन को लेकर सवाल उठे हैं, लेकिन मुख्य कोच गौतम गंभीर की भूमिका को लेकर फिलहाल कोई बदलाव नहीं माना जा रहा। BCCI का फोकस सपोर्ट स्टाफ में सुधार कर टीम के प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर है। बोर्ड का मानना है कि मुख्य कोच को अपनी योजनाओं को लागू करने के लिए और समय दिया जाना चाहिए। नई जिम्मेदारियों पर भी हो रहा विचार सूत्रों के मुताबिक, BCCI टीम के सपोर्ट स्टाफ को और मजबूत बनाने के लिए कुछ नई नियुक्तियों पर भी विचार कर रही है। हाल ही में सैराज बहुतुले को भारतीय टीम का स्पिन बॉलिंग कोच नियुक्त किया गया था और अब अन्य विभागों में भी बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा। बोर्ड इंग्लैंड दौरे के बाद प्रदर्शन रिपोर्ट के आधार पर अंतिम फैसला लेगा।
नई दिल्ली, एजेंसियां। इंग्लैंड के खिलाफ T20 सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने टीम इंडिया के प्रदर्शन की व्यापक समीक्षा करने का फैसला किया है। बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा है कि इंग्लैंड दौरा समाप्त होते ही खिलाड़ियों, टीम संयोजन और कोचिंग स्टाफ के प्रदर्शन का विस्तृत आकलन किया जाएगा। खिलाड़ियों और रणनीति की होगी समीक्षा BCCI के अनुसार, समीक्षा बैठक में खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन, टीम चयन, बल्लेबाजी और गेंदबाजी रणनीति के साथ-साथ विदेशी परिस्थितियों में टीम के प्रदर्शन का भी विश्लेषण किया जाएगा। बोर्ड का उद्देश्य भविष्य की चुनौतियों के लिए टीम को और मजबूत बनाना है। कोचिंग स्टाफ भी रहेगा समीक्षा के दायरे में सूत्रों के मुताबिक, समीक्षा में खिलाड़ियों के साथ-साथ कोचिंग स्टाफ के कामकाज का भी मूल्यांकन किया जाएगा। हालांकि, फिलहाल मुख्य कोच गौतम गंभीर को हटाने जैसा कोई फैसला नहीं लिया गया है। उनका अनुबंध 2027 तक जारी रहने की बात कही गई है। लगातार हार के बाद बढ़ा दबाव श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम इंडिया को हालिया T20 सीरीज में लगातार निराशाजनक प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। इसके बाद टीम चयन, रणनीति और खिलाड़ियों के प्रदर्शन को लेकर सवाल उठने लगे हैं, जिसके चलते BCCI ने समीक्षा प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। भविष्य की योजनाओं पर रहेगा फोकस BCCI का कहना है कि यह समीक्षा किसी एक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराने के लिए नहीं, बल्कि टीम की कमियों को पहचानकर उन्हें दूर करने के उद्देश्य से की जाएगी। आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों और एशिया कप की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड आवश्यक बदलावों पर फैसला ले सकता है।
ब्रिस्टल, एजेंसियां। इंग्लैंड दौरे पर लगातार खराब प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम गुरुवार को ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में खेले जाने वाले चौथे टी20 मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड से भिड़ेगी। पांच मैचों की सीरीज में भारत अब तक जीत दर्ज नहीं कर सका है। पहला मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हो गया था, जबकि दूसरे और तीसरे टी20 में इंग्लैंड ने जीत हासिल कर सीरीज में बढ़त बना ली है। ऐसे में टीम इंडिया के लिए यह मुकाबला 'करो या मरो' जैसा माना जा रहा है। सीरीज बचाने के लिए जीत जरूरी यदि भारत चौथा टी20 हार जाता है तो इंग्लैंड सीरीज अपने नाम कर लेगा। ऐसे में भारतीय टीम के सामने सीरीज में बने रहने के लिए यह मैच जीतना बेहद जरूरी है। कप्तान और टीम प्रबंधन पर सही प्लेइंग इलेवन चुनने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। तीसरे टी20 की हार भुलाना होगी चुनौती नॉटिंघम में खेले गए तीसरे टी20 में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई थी। टीम केवल 76 रन पर सिमट गई और इंग्लैंड ने 125 रन से बड़ी जीत दर्ज की। यह भारत की टी20 क्रिकेट में सबसे बड़ी हारों में से एक रही, जिसके बाद टीम की बल्लेबाजी और रणनीति पर सवाल उठे हैं। बल्लेबाजों पर होगी सबसे बड़ी जिम्मेदारी चौथे मुकाबले में भारत को शीर्ष क्रम से मजबूत शुरुआत की उम्मीद होगी। पिछले मैच में बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सके थे। वहीं गेंदबाजों को भी पावरप्ले और डेथ ओवरों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा ताकि इंग्लैंड के आक्रामक बल्लेबाजों पर अंकुश लगाया जा सके। ब्रिस्टल की पिच पर हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड की पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। हालांकि शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को कुछ स्विंग मिल सकती है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम परिस्थितियों को देखते हुए पहले गेंदबाजी का फैसला ले सकती है। भारतीय टीम पर होगी वापसी की नजर लगातार निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम पर दबाव बढ़ गया है। क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीद है कि टीम चौथे टी20 में बेहतर खेल दिखाकर सीरीज में वापसी करेगी और मुकाबले को निर्णायक पांचवें मैच तक ले जाएगी।
नॉटिंघम ,एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का तीसरा मुकाबला आज ट्रेंट ब्रिज, नॉटिंघम में खेला जाएगा। पहले मैच के बारिश की भेंट चढ़ने और दूसरे टी20 में चार विकेट की हार के बाद भारतीय टीम इस सीरीज में 0-1 से पीछे है। ऐसे में टीम इंडिया के लिए यह मुकाबला जीतना बेहद अहम होगा ताकि सीरीज में बराबरी की उम्मीद कायम रह सके। गेंदबाजी में सुधार की चुनौती दूसरे टी20 में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 190/7 का मजबूत स्कोर बनाया था, लेकिन इंग्लैंड ने 191/6 बनाकर मैच जीत लिया। भारतीय गेंदबाजों के लचर प्रदर्शन पर सवाल उठे हैं और तीसरे मुकाबले में प्लेइंग इलेवन में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। इंग्लैंड ने बरकरार रखी विजयी टीम मेजबान इंग्लैंड ने तीसरे टी20 के लिए अपनी विजयी प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया है। कप्तान हैरी ब्रूक की अगुआई में टीम लगातार दूसरी जीत दर्ज कर सीरीज में बढ़त मजबूत करने के इरादे से उतरेगी। रात 10 बजे से शुरू होगा मुकाबला भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा टी20 मुकाबला भारतीय समयानुसार रात 10:00 बजे शुरू होगा। ट्रेंट ब्रिज की पिच बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है और यहां हाई-स्कोरिंग मुकाबला देखने को मिल सकता है।
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ा बयान दिया है। शास्त्री का मानना है कि इतनी प्रतिभाशाली खिलाड़ी को लंबे समय तक बेंच पर बैठाकर रखना भारतीय टीम के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि वैभव को आयरलैंड दौरे पर ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिलना चाहिए था, क्योंकि वहां की परिस्थितियां उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पूरी तरह अनुकूल थीं। सोनी स्पोर्ट्स पर बातचीत के दौरान शास्त्री ने कहा कि आयरलैंड की धीमी और स्पंजी पिचों पर वैभव सूर्यवंशी विरोधी गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकते थे। उनके मुताबिक वहां के छोटे मैदान और बल्लेबाजी के अनुकूल हालात युवा बल्लेबाज को अपनी स्वाभाविक शैली में खेलने का बेहतरीन अवसर देते। 'आयरलैंड में खेलता तो गेंदबाजों पर भारी पड़ता' रवि शास्त्री ने कहा, "उसे आयरलैंड में खेलना चाहिए था। वहां की पिचें धीमी और स्पंजी होती हैं। वह वहां छप्पर फाड़ बल्लेबाजी करता। मैदान भी छोटे हैं। अब इंग्लैंड में उसे मौका मिलेगा या नहीं, यह कहना मुश्किल है।" शास्त्री के इस बयान ने टीम चयन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। उनका मानना है कि युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बनाए रखने के लिए उन्हें सही समय पर अवसर मिलना बेहद जरूरी है। 'बेंच गर्म करने के लिए नहीं है ऐसा खिलाड़ी' पूर्व भारतीय कोच ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी को सिर्फ रिजर्व के तौर पर बैठाकर रखना सही रणनीति नहीं है। उन्होंने कहा, "उसे जितनी जल्दी हो सके खिलाइए। उसने आईपीएल में लगभग हर गेंदबाज की धुनाई की है। ऐसा कौन-सा तेज गेंदबाज है जिसे उसने नहीं पीटा? आप उसे सिर्फ बेंच गर्म करने के लिए बैठा रहे हैं।" शास्त्री का मानना है कि ऐसे निडर खिलाड़ी मैच का रुख कुछ ही ओवरों में बदलने की क्षमता रखते हैं और टीम को तेज शुरुआत दिलाकर विपक्ष पर दबाव बना सकते हैं। भारत के लिए बन सकते हैं एक्स-फैक्टर रवि शास्त्री के अनुसार वैभव सूर्यवंशी में वह आत्मविश्वास, निडरता और आक्रामक सोच है जो आधुनिक टी20 क्रिकेट की सबसे बड़ी जरूरत है। उनका मानना है कि शुरुआती ओवरों में तेज रन बनाने की क्षमता टीम के मध्यक्रम का दबाव कम कर सकती है और मैच का पूरा समीकरण बदल सकती है। इसी वजह से उन्होंने टीम मैनेजमेंट से जल्द से जल्द वैभव को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने पर विचार करने की अपील की। सहायक कोच ने भी माना- तैयार हैं वैभव भारतीय टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने भी स्वीकार किया कि वैभव सूर्यवंशी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा टीम संयोजन के कारण उन्हें अभी इंतजार करना होगा। उनके अनुसार टीम मैनेजमेंट उन खिलाड़ियों को पर्याप्त अवसर देना चाहता है जिन्होंने हाल के महीनों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। इसलिए फिलहाल किसी खिलाड़ी को बाहर करना आसान फैसला नहीं है। राहुल द्रविड़ भी कर चुके हैं तारीफ वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा की सराहना इससे पहले पूर्व भारतीय कप्तान और कोच राहुल द्रविड़ भी कर चुके हैं। राजस्थान रॉयल्स के साथ काम करते हुए द्रविड़ ने उन्हें "अनूठी प्रतिभा" बताया था और उनके उज्ज्वल भविष्य की भविष्यवाणी की थी। अब सबकी नजर टीम मैनेजमेंट के फैसले पर आईपीएल में अपने विस्फोटक प्रदर्शन से सुर्खियां बटोर चुके वैभव सूर्यवंशी को लेकर उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। रवि शास्त्री के बयान के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि क्या भारतीय टीम मैनेजमेंट युवा खिलाड़ियों को जल्दी मौका देने की रणनीति अपनाएगा। अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस बात पर टिकी है कि वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का अवसर आखिर कब मिलता है और वह अपनी प्रतिभा को बड़े मंच पर किस तरह साबित करते हैं।
चेस्टर-ले-स्ट्रीट, एजेंसियां। भारत के कप्तान श्रेयस अय्यर ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए एक बड़ा मुकाम हासिल किया। अय्यर ने 47 गेंदों में 68 रनों की कप्तानी पारी खेली और इसी दौरान श्रेयस अय्यर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 5,000 रन पूरे कर लिए। उनकी पारी की बदौलत भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 189/7 का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों में दिखाया दम श्रेयस ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और इंग्लैंड के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। उन्होंने अपनी पारी में आकर्षक चौके-छक्के लगाए और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। यह उपलब्धि उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का एक अहम पड़ाव मानी जा रही है। बारिश से फीका पड़ा जश्न हालांकि श्रेयस की यादगार पारी के बावजूद मैच का नतीजा नहीं निकल सका। लगातार बारिश के कारण इंग्लैंड की पारी शुरू ही नहीं हो सकी और मुकाबला बिना परिणाम (No Result) समाप्त हुआ। अब दोनों टीमें सीरीज के दूसरे टी20 में आमने-सामने होंगी।
नई दिल्ली, एजेंसियां। आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय टी20 टीम में जगह बनाने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को अभी अपने अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा। आयरलैंड दौरे पर टीम में शामिल होने के बावजूद उन्हें दोनों टी20 मुकाबलों में अंतिम एकादश में मौका नहीं मिला, जबकि भारत को सीरीज में 2-0 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वैभव के डेब्यू को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। असिस्टेंट कोच रेयान टेन डेसकाटे ने क्या कहा? टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच रेयान टेन डेसकाटे ने साफ कहा कि वैभव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन मौजूदा टीम संयोजन और अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी के कारण उन्हें सही अवसर का इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन खिलाड़ियों को पर्याप्त मौके देकर उनका आत्मविश्वास बनाए रखना चाहता है। रेयान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा रेयान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी हाल ही में भारत की सफलता में अहम भूमिका निभा चुके हैं और उनका आईपीएल प्रदर्शन भी शानदार रहा है। ऐसे में टीम प्रबंधन किसी खिलाड़ी को जल्दबाजी में बाहर करने के बजाय उसे लगातार अवसर देना चाहता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैभव की प्रतिभा और तैयारी पर किसी तरह का संदेह नहीं है। आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने 237.30 के बेहतरीन स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाकर 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का पुरस्कार जीता था। उनके आक्रामक खेल ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और उन्हें भारतीय टी20 टीम में जगह मिली। 1 जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैच खेली जाएगी अब भारतीय टीम 1 जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज खेलेगी। माना जा रहा है कि यदि शीर्ष क्रम के बल्लेबाज उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए, तो वैभव सूर्यवंशी को बहुप्रतीक्षित अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का मौका मिल सकता है। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब इंग्लैंड दौरे पर टिकी है, जहां यह युवा बल्लेबाज भारतीय जर्सी में पहली बार मैदान पर उतर सकता है।
India vs Ireland T20 Series 2026: भारतीय क्रिकेट टीम को 26 जून से आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज खेलनी है, लेकिन सीरीज शुरू होने से पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी चोट के कारण इस दौरे से बाहर हो गए हैं। अब उनकी जगह पंजाब किंग्स के युवा ऑलराउंडर सूर्यांश शेड्गे को टीम में शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। क्वाड्रिसेप्स इंजरी के कारण बाहर हुए नीतीश रिपोर्ट्स के अनुसार, नीतीश कुमार रेड्डी क्वाड्रिसेप्स (जांघ की मांसपेशी) की चोट से जूझ रहे हैं। इसी वजह से वह हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में भी नहीं खेल पाए थे। नीतीश को आगामी इंग्लैंड दौरे के लिए वनडे और टी20 टीम में भी चुना गया है, लेकिन उनकी फिटनेस को लेकर अब संशय पैदा हो गया है। टीम इंडिया के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि उन्हें हार्दिक पांड्या के बैकअप ऑलराउंडर के रूप में देखा जा रहा था। सूर्यांश शेड्गे बन सकते हैं रिप्लेसमेंट नीतीश की अनुपस्थिति में सूर्यांश शेड्गे का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स के लिए खेलते हुए उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था। IPL 2026 में सूर्यांश शेड्गे का प्रदर्शन 8 मैचों में 158 रन स्ट्राइक रेट 175 निचले क्रम में तेज बल्लेबाजी मध्यम गति की गेंदबाजी की क्षमता हाल ही में समाप्त हुई ट्राई नेशन वनडे सीरीज में भी उन्होंने 26, 40 और 72 रन की महत्वपूर्ण पारियां खेलकर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा था। आज रवाना होगी टीम इंडिया भारतीय टीम 23 जून को आयरलैंड के लिए रवाना होने वाली है। खिलाड़ियों को दो अलग-अलग बैचों में भेजा जा रहा है। पहले बैच में शामिल खिलाड़ी अक्षर पटेल संजू सैमसन वैभव सूर्यवंशी अभिषेक शर्मा वहीं दूसरा बैच बुधवार को मुंबई से आयरलैंड के लिए रवाना होगा। आयरलैंड दौरे पर युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सभी की नजरें रहेंगी और अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सूर्यांश शेड्गे को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिलता है या नहीं।
नई दिल्ली: ट्राई नेशन सीरीज के फाइनल में 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से श्रीलंकाई गेंदबाजों की जमकर खबर ली। महज 29 गेंदों में 94 रन की तूफानी पारी खेलकर उन्होंने भारत को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी इस पारी का असर सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया पर भी इसकी खूब चर्चा हो रही है। वायरल हुआ श्रीलंकाई फैन का मजेदार वीडियो मैच के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक श्रीलंकाई प्रशंसक कैमरे के सामने मजाकिया अंदाज में अपनी निराशा जाहिर करता दिखाई दे रहा है। वीडियो में वह हिंदी में कहता है, "आ गया, झगड़ा किया, मार दिया, जला दिया।" उसके चेहरे के हाव-भाव देखकर साफ समझा जा सकता है कि वह वैभव की बल्लेबाजी से कितना प्रभावित और निराश है। दिलचस्प बात यह रही कि उस समय वैभव सूर्यवंशी डगआउट में अपने साथियों के साथ बातचीत में व्यस्त थे और उन्हें इस पूरे घटनाक्रम की कोई जानकारी नहीं थी। सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट फैंस इस वीडियो को काफी पसंद कर रहे हैं। वैभव की पारी ने भारत को बनाया चैंपियन फाइनल मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी की 94 रन की तूफानी पारी ने मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ दिया। उनके अलावा तिलक वर्मा ने 67 रन, रुतुराज गायकवाड़ ने 40 रन और अनुकूल रॉय ने 39 रन का योगदान दिया, जिसकी बदौलत भारतीय टीम ने 377 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में श्रीलंका की टीम पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल सकी और 311 रन पर सिमट गई। भारत ने यह मुकाबला 66 रन से जीतकर ट्राई नेशन सीरीज अपने नाम कर ली। अब आयरलैंड सीरीज पर नजर वैभव सूर्यवंशी अब आगामी भारत-आयरलैंड टी20 सीरीज में नजर आ सकते हैं। 26 जून से शुरू होने वाली दो मैचों की इस सीरीज में यदि उन्हें डेब्यू का मौका मिलता है, तो वह भारत के लिए सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी बन सकते हैं।
भारत और अफगानिस्तान के बीच 20 जून को खेले जाने वाले तीसरे और अंतिम वनडे मुकाबले से पहले भारतीय टीम में बड़ा बदलाव किया गया है। युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा की टीम इंडिया में वापसी हो गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने शुक्रवार को आधिकारिक घोषणा करते हुए उन्हें अंतिम वनडे के लिए भारतीय स्क्वाड में शामिल किया। फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद मिली एंट्री हर्षित राणा पिछले कुछ महीनों से चोट के कारण क्रिकेट से दूर थे। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अभ्यास मैच में उनके दाएं घुटने में चोट लग गई थी। इसके बाद उन्हें लंबे समय तक बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में रिहैब प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। अब फिटनेस टेस्ट में सफल होने और मेडिकल टीम से हरी झंडी मिलने के बाद उन्हें एक बार फिर राष्ट्रीय टीम में जगह दी गई है। वर्ल्ड कप और IPL 2026 से रहना पड़ा था बाहर चोट की वजह से हर्षित राणा टी20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा नहीं ले सके थे। इतना ही नहीं, उन्हें आईपीएल 2026 भी मिस करना पड़ा था। ऐसे में उनकी वापसी भारतीय टीम के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। प्लेइंग-11 में मिल सकता है मौका भारत पहले ही अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज अपने नाम कर चुका है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट तीसरे मुकाबले में कुछ नए खिलाड़ियों को मौका देकर 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों को मजबूत करना चाहता है। हर्षित राणा की अचानक एंट्री से यह संकेत मिल रहे हैं कि उन्हें चेन्नई में होने वाले मुकाबले की प्लेइंग-11 में शामिल किया जा सकता है। हालांकि टीम के मौजूदा तेज गेंदबाज शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे अंतिम एकादश का चयन आसान नहीं होगा। इस सीरीज में तेज गेंदबाजों का प्रदर्शन गेंदबाज प्रदर्शन गुरनूर बराड़ 2 मैच में 6 विकेट, सीरीज के सबसे सफल गेंदबाज प्रिंस यादव डेब्यू मैच में 2 विकेट अर्शदीप सिंह 2 विकेट, सबसे अनुभवी पेसर हर्षित राणा तीसरे वनडे के लिए टीम में शामिल तीसरे वनडे के लिए भारतीय टीम शुभमन गिल (कप्तान) रोहित शर्मा श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान) यशस्वी जायसवाल केएल राहुल ईशान किशन नितीश कुमार रेड्डी वॉशिंगटन सुंदर कुलदीप यादव हर्ष दुबे अर्शदीप सिंह प्रसिद्ध कृष्णा प्रिंस यादव गुरनूर बराड़ हर्षित राणा हर्षित राणा की वापसी से भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण को अतिरिक्त मजबूती मिली है। अब सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि क्या उन्हें तीसरे वनडे की प्लेइंग-11 में मौका मिलता है या नहीं।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज आकाशदीप जल्द ही शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, वह 24 जून को वाराणसी में अपनी मंगेतर अक्षिता के साथ सात फेरे लेंगे। दोनों परिवारों में शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं और गांव से लेकर शहर तक उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। शादी की रस्में 21 जून से शुरू होंगी, जिसमें तिलक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 22 जून को मेहंदी और 23 जून को हल्दी की रस्म पूरी की जाएगी। सभी पारंपरिक आयोजन उनके पैतृक क्षेत्र में पारिवारिक और करीबी लोगों की मौजूदगी में संपन्न होंगे। सूत्रों के मुताबिक सूत्रों के मुताबिक, आकाशदीप की शादी वाराणसी में इसलिए रखी गई है क्योंकि वह भगवान शिव के भक्त हैं और काशी विश्वनाथ मंदिर में उनकी विशेष आस्था है। परिवार और रिश्तेदारों के साथ-साथ क्रिकेट जगत से जुड़े कई लोगों के भी समारोह में शामिल होने की संभावना है। आकाशदीप बिहार के रोहतास जिले के डेहरी-ऑन-सोन के मानिकपुर गांव से आते हैं। संघर्षों से भरा उनका जीवन सफर रहा है, जिसमें कम उम्र में पिता और भाई को खोने का दर्द भी शामिल है। इसके बावजूद उन्होंने क्रिकेट में अपने करियर को आगे बढ़ाया और बंगाल की घरेलू टीम से लेकर IPL तक अपनी पहचान बनाई। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन रहा घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने भारतीय टीम में जगह बनाई और अपनी तेज गेंदबाजी से खास पहचान स्थापित की। इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन टेस्ट में 10 विकेट लेने के साथ-साथ महत्वपूर्ण बल्लेबाजी योगदान देकर उन्होंने इतिहास रच दिया था। अब क्रिकेट मैदान के बाद निजी जीवन में भी यह नई शुरुआत उनके लिए खास मानी जा रही है। परिवार, रिश्तेदार और प्रशंसक इस शादी को लेकर उत्साहित हैं और पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल है।
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे Vaibhav Suryavanshi ने अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण भी नहीं किया है, लेकिन उन्हें लेकर चर्चाएं लगातार तेज हैं। 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में जगह मिली है। इस बीच भारत के पूर्व कप्तान Sourav Ganguly ने वैभव को लेकर बड़ा बयान दिया है और क्रिकेट प्रशंसकों से धैर्य रखने की अपील की है। वैभव को समय देने की जरूरत: गांगुली सौरव गांगुली का मानना है कि इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाले खिलाड़ी पर जरूरत से ज्यादा उम्मीदों का बोझ नहीं डालना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैभव बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, लेकिन उन्हें अपने खेल को विकसित करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने के लिए समय दिया जाना चाहिए। गांगुली के मुताबिक, आईपीएल में वैभव ने जिस आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया, उससे उनकी प्रतिभा का अंदाजा लगाया जा सकता है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की चुनौतियां अलग होती हैं और युवा खिलाड़ी को परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने का अवसर मिलना चाहिए। इंग्लैंड की परिस्थितियां होंगी बड़ी परीक्षा पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि इंग्लैंड और आयरलैंड के विकेट भारतीय परिस्थितियों से काफी अलग होते हैं। वहां गेंद अधिक सीम और स्विंग करती है, जबकि उछाल भी ज्यादा रहता है। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी के लिए यह दौरा सीखने और अनुभव हासिल करने का बड़ा अवसर होगा। गांगुली ने कहा कि युवा बल्लेबाज में अपार क्षमता है, लेकिन उनसे तुरंत असाधारण प्रदर्शन की उम्मीद करना उचित नहीं होगा। 'दुनिया जीत लेने की उम्मीद मत कीजिए' गांगुली ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वैभव को अपने खेल में जमने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं है और वैभव भी उन्हीं में से एक हैं। लेकिन हर खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को स्थापित करने के लिए समय चाहिए। उनका मानना है कि क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों को वैभव के विकास की प्रक्रिया को समझना चाहिए और उन्हें बिना अनावश्यक दबाव के आगे बढ़ने देना चाहिए। एबी डिविलियर्स ने भी किया समर्थन दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज AB de Villiers ने भी वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। डिविलियर्स का कहना है कि उम्र को लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि वैभव ने अपने प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में जगह बनाई है। उन्होंने कहा कि कई लोग यह कह सकते हैं कि वैभव अभी बहुत छोटे हैं या उन्हें और अनुभव की जरूरत है, लेकिन उनके प्रदर्शन ने साबित कर दिया है कि वह इस अवसर के हकदार हैं। भारतीय क्रिकेट की नई उम्मीद 15 साल की उम्र में राष्ट्रीय टीम में चयन हासिल कर वैभव सूर्यवंशी ने पहले ही इतिहास रच दिया है। अब सभी की निगाहें उनके संभावित डेब्यू पर टिकी हैं। हालांकि क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस युवा खिलाड़ी को समय और समर्थन दोनों की जरूरत होगी ताकि वह अपनी प्रतिभा को लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट के लिए उपयोगी बना सके।
भारतीय क्रिकेट को एक और युवा सितारा मिल गया है। राजस्थान के 23 वर्षीय बाएं हाथ के स्पिनर और ऑलराउंडर मानव सुथार ने भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच में भारतीय टीम के लिए डेब्यू किया। कप्तान शुभमन गिल की अगुआई में उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका मिला, जबकि मैच से पहले स्टार स्पिनर कुलदीप यादव ने उन्हें टेस्ट कैप सौंपी। सालों का सपना हुआ पूरा बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की अगुआई वाली चयन समिति ने पहली बार मानव सुथार को भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया था। डेब्यू के साथ ही इस युवा खिलाड़ी का भारतीय टीम के लिए खेलने का सपना साकार हो गया। नेट्स में विराट और रोहित को किया था परेशान मानव सुथार लंबे समय से चयनकर्ताओं की नजर में थे। 2023 वनडे विश्व कप से पहले बेंगलुरु में भारतीय टीम के कैंप के दौरान उन्हें नेट गेंदबाज के रूप में बुलाया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने अपनी स्पिन गेंदबाजी से रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाजों को काफी परेशान किया था। उनकी गेंदों में मौजूद टर्न और नियंत्रण ने सीनियर खिलाड़ियों को भी प्रभावित किया था। उस समय यह माना गया था कि रेड-बॉल क्रिकेट में मानव भविष्य के बड़े मैच विनर बन सकते हैं। घरेलू क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड मानव सुथार ने फरवरी 2022 में आंध्र प्रदेश के खिलाफ राजस्थान के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में पदार्पण किया था। तब से अब तक उन्होंने 29 फर्स्ट क्लास मैचों में 129 विकेट अपने नाम किए हैं। उनकी इकोनॉमी 2.94 रही है, जो उनकी निरंतरता को दर्शाती है। बल्लेबाजी में भी उन्होंने अहम योगदान दिया है। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके नाम 945 रन हैं, जिसमें एक शतक और छह अर्धशतक शामिल हैं। जनवरी में हिमाचल प्रदेश के खिलाफ खेले गए मुकाबले में उन्होंने 120 रन की शानदार पारी खेली थी और मैच में कुल सात विकेट भी लिए थे। सफेद गेंद क्रिकेट में भी प्रभावशाली प्रदर्शन 25 लिस्ट-ए मैच: 34 विकेट 28 टी20 मैच: 25 विकेट आईपीएल 2026: गुजरात टाइटंस की ओर से 4 मैचों में 2 विकेट इसके अलावा मानव सुथार फरवरी में नामीबिया के खिलाफ टी20 विश्व कप वॉर्म-अप मैच में इंडिया ए टीम का भी हिस्सा रहे थे। भारत की प्लेइंग इलेवन केएल राहुल यशस्वी जायसवाल साई सुदर्शन शुभमन गिल (कप्तान) ऋषभ पंत (विकेटकीपर) ध्रुव जुरेल वाशिंगटन सुंदर मानव सुथार कुलदीप यादव मोहम्मद सिराज प्रसिद्ध कृष्णा युवा ऑलराउंडर मानव सुथार के पास अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ने का सुनहरा मौका है। भारतीय क्रिकेट फैंस को उम्मीद होगी कि वह घरेलू क्रिकेट की सफलता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दोहराएंगे।
भारतीय क्रिकेट टीम को अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। स्टार बल्लेबाज Virat Kohli हैमस्ट्रिंग चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। यह खबर टीम इंडिया और करोड़ों क्रिकेट प्रशंसकों के लिए निराशाजनक है, क्योंकि इस सीरीज को 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा था। आईपीएल के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में करनी थी वापसी विराट कोहली आईपीएल 2026 के बाद इस सीरीज के जरिए भारतीय टीम में वापसी करने वाले थे। हालांकि चोट के चलते उनकी वापसी फिलहाल टल गई है। 37 वर्षीय कोहली अपनी फिटनेस और निरंतर प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं, इसलिए उनका अचानक टीम से बाहर होना भारतीय टीम के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है। आईपीएल 2026 में रहा शानदार प्रदर्शन कोहली ने हाल ही में समाप्त हुए आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने फाइनल मुकाबले में गुजरात टाइटंस के खिलाफ महत्वपूर्ण अर्धशतक लगाकर अपनी टीम को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। पूरे सीजन में उन्होंने 16 पारियों में 675 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत 56.25 और स्ट्राइक रेट 165.84 रहा। वह टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों की सूची में चौथे स्थान पर रहे। बीसीसीआई सूत्र ने दी जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के एक सूत्र ने पुष्टि की है कि हैमस्ट्रिंग चोट के कारण विराट कोहली अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज 13 जून से शुरू होने वाली है। मुकाबलों का आयोजन धर्मशाला में किया जाएगा। टीम इंडिया के लिए क्यों अहम थी यह सीरीज? अफगानिस्तान के खिलाफ यह वनडे सीरीज भारतीय टीम के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों का शुरुआती चरण नए खिलाड़ियों को आजमाने का मौका अनुभवी खिलाड़ियों के संयोजन को मजबूत करना बल्लेबाजी क्रम को स्थिर करना ऐसे में विराट कोहली जैसे वरिष्ठ और अनुभवी बल्लेबाज का बाहर होना टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय हो सकता है। अब किसे मिल सकता है मौका? कोहली की अनुपस्थिति में टीम प्रबंधन किसी युवा बल्लेबाज या रिजर्व खिलाड़ी को मौका दे सकता है। हालांकि उनकी जगह कौन लेगा, इस पर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। चयनकर्ता जल्द ही टीम में बदलाव की घोषणा कर सकते हैं।
BCCI कर सकती है बड़ा फैसला (BCCI) जल्द ही भारतीय टी20 टीम की कप्तानी में बड़ा बदलाव कर सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक Suryakumar Yadav को टी20 कप्तानी से हटाया जा सकता है, जबकि Shreyas Iyer इस पद के सबसे बड़े दावेदार माने जा रहे हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चयन समिति सूर्यकुमार यादव के हालिया प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं है और अब टीम में नए नेतृत्व की तैयारी की जा रही है। खराब फॉर्म बना बड़ी वजह हालांकि सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीता था, लेकिन बल्लेबाजी में उनका प्रदर्शन लगातार सवालों के घेरे में रहा है। आईपीएल 2026 में भी वह उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। बताया जा रहा है कि मुंबई इंडियंस के लिए इस सीजन 10 मैचों में सूर्यकुमार सिर्फ 195 रन ही बना सके हैं। यही वजह है कि चयनकर्ता अब टीम में बदलाव पर विचार कर रहे हैं। चोट से भी जूझ रहे हैं सूर्यकुमार रिपोर्ट्स के अनुसार सूर्यकुमार यादव पिछले कुछ समय से कलाई की समस्या से परेशान हैं। कहा जा रहा है कि वह दर्द और असहजता के बावजूद लगातार खेल रहे हैं। ऐसे में उनकी फिटनेस को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इतना ही नहीं, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए उनकी टीम में जगह भी पूरी तरह पक्की नहीं मानी जा रही है। श्रेयस अय्यर की शानदार वापसी दूसरी ओर Punjab Kings के कप्तान श्रेयस अय्यर शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। उन्होंने आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स को शुरुआती सात मैचों में छह जीत दिलाई है। साथ ही उन्होंने 9 पारियों में 333 रन भी बनाए हैं। यही कारण है कि चयनकर्ता उन्हें टी20 टीम में वापसी के साथ कप्तानी सौंपने पर विचार कर रहे हैं। दो साल बाद हो सकती है T20 टीम में वापसी श्रेयस अय्यर ने पिछले दो साल से कोई टी20 इंटरनेशनल मुकाबला नहीं खेला है। उनका आखिरी टी20 मैच दिसंबर 2023 में था। इसके बावजूद मौजूदा फॉर्म और नेतृत्व क्षमता के कारण वह कप्तानी की रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं। सूर्यकुमार का रिकॉर्ड फिर भी शानदार गौरतलब है कि रोहित शर्मा के संन्यास के बाद सूर्यकुमार यादव ने भारत की टी20 टीम की कमान संभाली थी। उनकी कप्तानी में टीम ने अब तक कोई टी20 सीरीज नहीं हारी है। ऐसे में अगर कप्तानी में बदलाव होता है तो यह फैसला काफी चौंकाने वाला माना जाएगा।
मुंबई,एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टीम इंडिया के जिम्बाब्वे दौरे का आधिकारिक एलान कर दिया है। टीम इंडिया जुलाई 2026 में जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज खेलेगी। यह दौरा इंग्लैंड के दौरे के बाद होगा और टीम की तैयारी तथा युवा खिलाड़ियों को अवसर देने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। मैचों का शेड्यूल और स्थल तीनों मुकाबले हरारे स्पोर्ट्स क्लब मैदान में खेले जाएंगे। पहला टी20 मैच 23 जुलाई को होगा, जबकि बाकी दो मैच 25 और 26 जुलाई को आयोजित होंगे। इस तरह टीम इंडिया लगातार दो दिन मैच खेलते हुए जिम्बाब्वे की चुनौती का सामना करेगी। पिछला दौरा और अनुभव टीम इंडिया आखिरी बार 2024 में जिम्बाब्वे गई थी, जब दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली गई थी। पिछला दौरा भारतीय खिलाड़ियों के लिए सीखने और नई रणनीतियों को आज़माने का अवसर रहा था। युवा खिलाड़ियों को मिलेगा मौका इस सीरीज को युवा खिलाड़ियों को मौका देने और भविष्य की तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टी20 वर्ल्ड कप 2028 और ओलंपिक 2028 की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए टीम कॉम्बिनेशन पर काम किया जाएगा। साथ ही बेंच स्ट्रेंथ को परखने और टीम में नई प्रतिभाओं को शामिल करने का भी अवसर मिलेगा। BCCI का उद्देश्य BCCI का मानना है कि यह दौरा भारतीय टीम को लगातार अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने और रणनीति पर काम करने का प्लेटफॉर्म देगा। युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के बीच तालमेल मजबूत करने के साथ ही टीम इंडिया आगामी टी20 टूर्नामेंट्स में बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार होगी।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।