Indian Premier League के 55वें मुकाबले में Delhi Capitals ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Punjab Kings को 3 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ दिल्ली कैपिटल्स को अंक तालिका में बड़ा फायदा मिला है, जबकि पंजाब किंग्स की लगातार चौथी हार ने टीम की चिंता बढ़ा दी है। धर्मशाला के Himachal Pradesh Cricket Association Stadium में खेले गए मुकाबले में दिल्ली ने 211 रनों का बड़ा लक्ष्य हासिल कर सीजन की पांचवीं जीत दर्ज की। इस जीत के बाद दिल्ली की टीम सातवें स्थान पर पहुंच गई है। दिल्ली को जीत से मिला बड़ा फायदा Delhi Capitals अब 12 मैचों में 5 जीत और 10 अंकों के साथ अंक तालिका में सातवें स्थान पर पहुंच गई है। हालांकि टीम का नेट रन रेट अभी भी -0.993 है। वहीं Punjab Kings हार के बावजूद चौथे स्थान पर बनी हुई है। पंजाब के खाते में 11 मैचों में 6 जीत और 13 अंक हैं। अंक तालिका में फिलहाल शीर्ष स्थान पर Royal Challengers Bengaluru मौजूद है। टीम ने 11 मुकाबलों में 14 अंक हासिल किए हैं और उसका नेट रन रेट +1.103 है। IPL 2026 अपडेटेड पॉइंट्स टेबल स्थान टीम मैच जीत हार अंक नेट रन रेट 1 रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 11 7 4 14 +1.103 2 सनराइजर्स हैदराबाद 11 7 4 14 +0.737 3 गुजरात टाइटंस 11 7 4 14 +0.228 4 पंजाब किंग्स 11 6 4 13 +0.428 5 चेन्नई सुपर किंग्स 11 6 5 12 +0.185 6 राजस्थान रॉयल्स 11 6 5 12 +0.082 7 दिल्ली कैपिटल्स 12 5 7 10 -0.993 8 कोलकाता नाइट राइडर्स 10 4 5 9 -0.169 9 मुंबई इंडियंस 11 3 8 6 -0.585 10 लखनऊ सुपर जायंट्स 11 3 8 6 -0.907 ऐसा रहा मुकाबला Delhi Capitals ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए Punjab Kings ने 4 विकेट के नुकसान पर 210 रन बनाए। पंजाब की ओर से Shreyas Iyer और Priyansh Arya ने शानदार अर्धशतकीय पारियां खेलीं। दोनों बल्लेबाजों की मदद से टीम ने बड़ा स्कोर खड़ा किया। 211 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली की शुरुआत उतनी मजबूत नहीं रही, लेकिन कप्तान Axar Patel और David Miller ने शानदार अर्धशतक लगाकर टीम को मुकाबले में बनाए रखा। आखिर में Ashutosh Sharma ने तेज 24 रन बनाकर दिल्ली को 19 ओवर में जीत दिला दी। प्लेऑफ की रेस हुई और रोमांचक Indian Premier League में अब प्लेऑफ की जंग और दिलचस्प हो गई है। दिल्ली की जीत ने निचले क्रम की टीमों की उम्मीदें जिंदा रखी हैं, जबकि पंजाब की लगातार हार ने टीम पर दबाव बढ़ा दिया है। आने वाले मुकाबले अब सभी टीमों के लिए बेहद अहम साबित होंगे।
Kolkata Knight Riders ने Indian Premier League 2026 में बेहद खराब शुरुआत की थी। टीम ने शुरुआती छह मुकाबलों में पांच हार झेली और एक मैच बारिश की वजह से रद्द हो गया था। उस समय ऐसा लग रहा था कि टीम का सीजन लगभग खत्म हो चुका है। लेकिन IPL की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यहां हालात तेजी से बदलते हैं। अब लगातार चार जीत के बाद KKR ने शानदार वापसी की है और प्लेऑफ की उम्मीदें फिर से जगा दी हैं। स्पिनर्स ने बदली KKR की किस्मत पूर्व भारतीय क्रिकेटर Deep Dasgupta का मानना है कि टूर्नामेंट के दूसरे हिस्से में पिचों का स्वभाव बदलने से KKR को फायदा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि शुरुआती मैचों में Varun Chakravarthy और Sunil Narine उम्मीद के मुताबिक असर नहीं छोड़ पाए थे। लेकिन अब पिचें धीमी हो रही हैं, जिससे स्पिन गेंदबाजों की भूमिका ज्यादा अहम हो गई है। Dasgupta के अनुसार KKR की टीम संरचना ऐसी है कि वह टूर्नामेंट के दूसरे चरण में ज्यादा खतरनाक बनती है। Cameron Green बोले- टीम का विश्वास कभी नहीं टूटा Delhi Capitals के खिलाफ जीत के बाद Cameron Green ने कहा कि टीम का माहौल पूरे सीजन में सकारात्मक बना रहा। उन्होंने माना कि शुरुआती हार निराशाजनक थीं, लेकिन खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ ने ड्रेसिंग रूम का आत्मविश्वास बनाए रखा। Green ने कहा कि टीम अब सही कॉम्बिनेशन ढूंढ चुकी है और बल्लेबाजी क्रम भी पहले से ज्यादा संतुलित नजर आ रहा है। आगे के मुकाबले तय करेंगे KKR की किस्मत KKR का अगला मुकाबला Royal Challengers Bengaluru से रायपुर में होगा। यह मैदान RCB का दूसरा घरेलू मैदान माना जाता है, लेकिन यहां लंबे समय से IPL मैच नहीं खेले गए हैं, इसलिए इसे लगभग न्यूट्रल वेन्यू माना जा रहा है। इसके बाद KKR अपने आखिरी तीन मुकाबले घरेलू मैदान पर खेलेगी, जहां उसका सामना Gujarat Titans, Mumbai Indians और Delhi Capitals से होगा। पूर्व न्यूजीलैंड तेज गेंदबाज Mitchell McClenaghan का मानना है कि RCB और GT के खिलाफ अगले दो मुकाबले KKR के लिए सबसे अहम साबित होंगे। क्या KKR प्लेऑफ में पहुंच सकती है? फिलहाल Kolkata Knight Riders के 10 मैचों में 9 अंक हैं और टीम अंक तालिका में सातवें स्थान पर है। अगर KKR अपने बचे हुए चारों मुकाबले जीत लेती है, तो वह 17 अंकों तक पहुंच सकती है, जो प्लेऑफ में जगह बनाने के लिए काफी हो सकता है। हालांकि अब टीम की किस्मत सिर्फ उसके अपने प्रदर्शन पर नहीं, बल्कि दूसरी टीमों के नतीजों पर भी निर्भर करेगी।
आईपीएल 2026 में खराब फॉर्म से जूझ रही Lucknow Super Giants के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। टीम के महंगे खिलाड़ी Josh Inglis अब स्क्वाड से जुड़ गए हैं और 4 मई को होने वाले अगले मुकाबले के लिए चयन के लिए उपलब्ध रहेंगे। शादी के कारण देर से जुड़े इंग्लिस जोश इंग्लिस ने पहले ही फ्रेंचाइज़ियों को सूचित कर दिया था कि अपनी शादी के कारण वह टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में उपलब्ध नहीं रहेंगे। 18 अप्रैल को पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के मार्गरेट रिवर में उनकी शादी हुई थी, जिसके चलते वह देर से टीम से जुड़े। 8.60 करोड़ में खरीदा, अब टीम को उम्मीद लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें आईपीएल ऑक्शन में 8.60 करोड़ रुपये में खरीदा था। इससे पहले वह Punjab Kings का हिस्सा थे, लेकिन सीमित उपलब्धता के कारण टीम ने उन्हें रिलीज कर दिया था। टीम के लिए क्यों अहम हैं इंग्लिस? 31 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज का टी20 फॉर्म शानदार रहा है। आईपीएल 2025 में उन्होंने 11 मैचों में 278 रन बनाए थे, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 162 रहा। टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में उनके नाम दो शतक भी दर्ज हैं, जिससे उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का अंदाजा लगाया जा सकता है। लगातार हार से जूझ रही LSG इस सीजन में लखनऊ का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। 8 मैचों में टीम के पास सिर्फ 4 अंक हैं और वह पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे है। शुरुआती 3 मैचों में 2 जीत के बाद टीम लगातार 5 मुकाबले हार चुकी है। बल्लेबाजी की कमजोरी टीम की सबसे बड़ी समस्या रही है, ऐसे में इंग्लिस की एंट्री से मध्यक्रम को मजबूती मिलने की उम्मीद है। ब्रीट्जके टीम से बाहर इस बीच टीम के साउथ अफ्रीकी खिलाड़ी Matthew Breetzke निजी कारणों से अपने देश लौट गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके परिवार में एक करीबी के निधन के कारण उन्होंने यह फैसला लिया है। उनकी वापसी को लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।
आईपीएल 2026 में Delhi Capitals की हालत एक झटके में बदलती नजर आई, जब टीम Royal Challengers Bengaluru के खिलाफ महज 75 रन पर सिमट गई। इस करारी हार से टीम का नेट रन रेट भी बुरी तरह प्रभावित हुआ, लेकिन पूर्व भारतीय क्रिकेटर Piyush Chawla ने टीम को घबराने के बजाय संयम बनाए रखने की सलाह दी है। “यह घबराने का समय नहीं है” चावला ने स्पष्ट कहा कि टीम को अभी पैनिक करने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक, टूर्नामेंट की शुरुआत में दिल्ली कैपिटल्स ने अच्छा प्रदर्शन किया था और कुछ खराब मैचों से पूरी टीम की क्षमता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। उन्होंने कहा कि टीम को एक साथ बैठकर चर्चा करनी चाहिए और नए सिरे से शुरुआत करनी चाहिए। खराब फॉर्म और गिरता प्रदर्शन दिल्ली कैपिटल्स ने सीजन की शुरुआत लगातार दो जीत के साथ की थी, लेकिन इसके बाद अगले छह मैचों में टीम को सिर्फ एक जीत मिली। फील्डिंग में गलतियां, खासकर अहम मौकों पर कैच छोड़ना, टीम के लिए भारी पड़ा। हाल ही में Punjab Kings के खिलाफ मैच में भी आसान कैच छूटने का खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा। ड्रेसिंग रूम का माहौल है अहम चावला का मानना है कि जब चीजें टीम के पक्ष में नहीं होतीं, तो खिलाड़ियों के बीच नकारात्मकता बढ़ने लगती है। ऐसे में ड्रेसिंग रूम का माहौल सकारात्मक बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि टीम को एकजुट रहना होगा और एक-दूसरे पर दोषारोपण करने के बजाय आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना होगा। प्लेऑफ की उम्मीद अभी बाकी हालांकि लगातार हार से दिल्ली की स्थिति कमजोर हुई है, लेकिन टीम अभी भी टूर्नामेंट से बाहर नहीं हुई है। चावला ने याद दिलाया कि पिछले सीजन में भी टीम ने अच्छी शुरुआत के बाद लय खो दी थी और प्लेऑफ से चूक गई थी। इस बार इतिहास बदलने के लिए खिलाड़ियों को सकारात्मक सोच के साथ मैदान में उतरना होगा। कप्तानी और लीडरशिप की भूमिका चावला ने खासतौर पर टीम के लीडरशिप ग्रुप पर जोर देते हुए कहा कि कप्तान और सीनियर खिलाड़ियों को आगे आकर टीम को संभालना होगा। उनके मुताबिक, इस समय स्किल से ज्यादा मानसिक मजबूती और सकारात्मक रवैया जरूरी है।
आईपीएल 2026 में Shreyas Iyer का प्रदर्शन चर्चा का केंद्र बना हुआ है। मिडिल ऑर्डर के इस बल्लेबाज़ ने अपनी शानदार फॉर्म से न सिर्फ टीम को मजबूती दी है, बल्कि अपनी T20 क्षमता को लेकर चल रही बहस को भी फिर से जिंदा कर दिया है। Punjab Kings (PBKS) के कप्तान अय्यर ने लगातार तीन पारियों में 50, 69* और 66 रन बनाकर टीम को पॉइंट्स टेबल के शीर्ष पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। उनकी इस फॉर्म को देखकर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान Aaron Finch भी हैरान रह गए। फिंच ने कहा कि अय्यर ने IPL के बीच कोई T20 क्रिकेट नहीं खेला, फिर भी उन्होंने “house on fire” जैसी शुरुआत की। उन्होंने अय्यर की बल्लेबाज़ी की तारीफ करते हुए कहा कि वह बिना ज्यादा जोर लगाए गेंद को शानदार टाइमिंग के साथ खेलते हैं और अब शॉर्ट बॉल के खिलाफ भी पूरी तरह तैयार रहते हैं। आंकड़ों में दमदार प्रदर्शन 2025 से अब तक IPL में 500 से ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में अय्यर का स्ट्राइक रेट तीसरे स्थान पर है। उनसे आगे सिर्फ Abhishek Sharma और उनके ही टीममेट Priyansh Arya हैं। औसत के मामले में भी वह तीसरे नंबर पर हैं, जहां उनसे आगे Virat Kohli और Jos Buttler जैसे बड़े नाम हैं। कोच ने बताया सफलता का मंत्र PBKS के स्पिन-बॉलिंग कोच Sairaj Bahutule के मुताबिक, अय्यर ने अपने खेल को गहराई से समझा है। वह जानते हैं कि किस गेंदबाज को कब टारगेट करना है और कब संयम बरतना है। उनकी ‘स्मार्टनेस’ और ‘एक्जीक्यूशन’ अब पहले से कहीं ज्यादा बेहतर हो गई है। बड़े लक्ष्य का पीछा करने में माहिर PBKS अय्यर की कप्तानी में PBKS ने बड़े लक्ष्य का पीछा करने में भी महारत हासिल की है। टीम ने T20 क्रिकेट में 200+ रन के सबसे ज्यादा सफल चेज (10) पूरे किए हैं। हाल ही में टीम ने Mumbai Indians के खिलाफ 196 रन का लक्ष्य 21 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया। क्या टीम इंडिया में वापसी होनी चाहिए? अय्यर ने दिसंबर 2023 के बाद से कोई T20 इंटरनेशनल नहीं खेला है और फिलहाल वह सिर्फ वनडे टीम का हिस्सा हैं। इस पर Piyush Chawla का मानना है कि अय्यर को भारतीय T20 टीम में जगह मिलनी चाहिए। हालांकि, फिंच का कहना है कि भारत की मौजूदा टीम बेहद मजबूत है और हाल ही में लगातार दूसरा T20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम में बदलाव करना आसान नहीं है। आगे का रास्ता अगला ICC Men's T20 World Cup ऑस्ट्रेलिया में होना है, जहां उछाल और अलग परिस्थितियां अय्यर जैसे खिलाड़ियों के लिए मौके खोल सकती हैं।
आईपीएल 2026 के 22वें मुकाबले में Kolkata Knight Riders (KKR) को Chennai Super Kings (CSK) के खिलाफ 32 रनों से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही KKR के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज हो गया, जो टीम के इतिहास में पहली बार देखने को मिला है। इतिहास में पहली बार बना ये अनचाहा रिकॉर्ड यह IPL इतिहास का पहला मौका है जब KKR अपनी शुरुआती 5 मैचों में एक भी जीत दर्ज नहीं कर सकी है। टीम ने अब तक 5 मुकाबले खेले हैं, जिसमें 4 में हार और 1 मुकाबला बेनतीजा रहा है। इस खराब शुरुआत ने टीम की रणनीति और प्रदर्शन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मैच का पूरा हाल चेन्नई के एमए चिदंबरम क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में CSK ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 192 रन बनाए। CSK की ओर से संजू सैमसन – 48 रन डेवाल्ड ब्रेविस – 41 रन आयुष म्हात्रे – 38 रन ने अहम योगदान दिया, जबकि कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ सस्ते में आउट हो गए। KKR की बल्लेबाजी रही फ्लॉप 193 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए KKR की शुरुआत बेहद खराब रही। फिन एलन – 1 रन सुनील नरेन – 24 रन कप्तान अजिंक्य रहाणे – 24 रन मिडिल ऑर्डर भी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। रिंकू सिंह – 6 रन कैमरून ग्रीन – 0 रन हालांकि, रोवमैन पॉवेल (31 रन) और रमनदीप सिंह (35 रन) ने 63 रनों की साझेदारी कर कुछ उम्मीद जगाई, लेकिन टीम को जीत तक नहीं पहुंचा सके। KKR 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 160 रन ही बना सकी। CSK की घातक गेंदबाजी CSK की ओर से नूर अहमद ने 21 रन देकर 3 विकेट लिए अंशुल कंबोज ने 2 विकेट चटकाए और KKR की बल्लेबाजी को पूरी तरह से दबाव में रखा। KKR के लिए यह सीजन अब तक बेहद निराशाजनक रहा है। शुरुआती 5 मैचों में जीत का खाता न खुलना टीम के लिए बड़ा झटका है। अगर टीम को प्लेऑफ की दौड़ में बने रहना है, तो आने वाले मैचों में रणनीति और प्रदर्शन दोनों में बड़ा बदलाव करना होगा।
आईपीएल 2026 में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सुर्खियों में छाए युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के लिए सोमवार की शाम बेहद निराशाजनक रही। 300 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से गेंदबाजों पर कहर बरपाने वाले इस उभरते सितारे को सनराइजर्स हैदराबाद के तेज गेंदबाज प्रफुल हिंगे ने ‘गोल्डन डक’ पर आउट कर सबको चौंका दिया। यह सिर्फ एक विकेट नहीं था, बल्कि उस आक्रामक अंदाज पर सवाल भी था जिसने वैभव को टूर्नामेंट की सबसे बड़ी सनसनी बना दिया है। आंकड़े बताते हैं–कमजोरी नहीं, ताकत है पुल शॉट वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी का विश्लेषण करें तो साफ होता है कि पुल और हुक शॉट उनकी कमजोरी नहीं, बल्कि सबसे बड़ी ताकत हैं। कुल रन: 67 शॉट्स: 22 आउट: 2 स्ट्राइक रेट: 304.54 चौके/छक्के: 5/7 इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि तेज गेंदबाजों के खिलाफ पुल शॉट खेलते हुए उनका प्रदर्शन बेहद आक्रामक और प्रभावी रहा है। ऐसे में इस विकेट को तकनीकी खामी कहना जल्दबाजी होगी। कैसे प्रफुल हिंगे ने रचा ‘जाल’? प्रफुल हिंगे ने किसी असाधारण गेंद का सहारा नहीं लिया, बल्कि वैभव की आक्रामक मानसिकता को ही उनके खिलाफ इस्तेमाल किया। उन्होंने ‘हार्ड लेंथ’ पर गेंद डालते हुए ऐसी गति और उछाल पैदा की, जिससे बल्लेबाज को प्रतिक्रिया का समय कम मिला। वैभव ने अपने पसंदीदा पुल शॉट का प्रयास किया, लेकिन गेंद अपेक्षा से ज्यादा उछली और बल्ले के ऊपरी हिस्से से लगकर हवा में चली गई। विकेटकीपर ने आसान कैच लेकर पारी का अंत कर दिया। यह एक योजनाबद्ध रणनीति थी–जहां गेंदबाज ने बल्लेबाज की ताकत को ही कमजोरी में बदल दिया। ‘हाई रिस्क-हाई रिवॉर्ड’ का खेल वैभव सूर्यवंशी का खेल पूरी तरह ‘हाई रिस्क-हाई रिवॉर्ड’ पर आधारित है। यही आक्रामकता उन्हें तेजी से रन दिलाती है, लेकिन कभी-कभी यही शैली जोखिम भी बन जाती है। इस मैच में भी वही हुआ–जिस पुल शॉट ने उन्हें पहचान दिलाई, उसी शॉट ने उन्हें पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। तकनीक नहीं, टाइमिंग और परिस्थिति का खेल इस घटना को तकनीकी कमजोरी से जोड़ना सही नहीं होगा। यह एक खराब टाइमिंग, जल्दबाजी में लिया गया फैसला और गेंदबाज की सटीक रणनीति का मिश्रण था। युवा खिलाड़ी के तौर पर वैभव के लिए यह सीखने का मौका जरूर है, लेकिन उनके आंकड़े यह साबित करते हैं कि उनका आक्रामक खेल आगे भी गेंदबाजों के लिए चुनौती बना रहेगा।
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में Lucknow Super Giants ने Kolkata Knight Riders को आखिरी गेंद तक चले मैच में 3 विकेट से हरा दिया। इस जीत के हीरो बने युवा बल्लेबाज Mukul Chaudhary, जिनकी नाबाद अर्धशतकीय पारी ने मैच का पूरा रुख बदल दिया। दबाव में खेली मैच जिताऊ पारी मुकुल चौधरी ने अपनी पारी की शुरुआत बेहद धीमी की, पहली 8 गेंदों में केवल 2 रन। लेकिन इसके बाद उन्होंने आक्रामक अंदाज अपनाते हुए 7 छक्कों की मदद से नाबाद 54 रन ठोक दिए। खास बात यह रही कि उन्होंने Vaibhav Arora की गेंद पर Mahendra Singh Dhoni के स्टाइल में शानदार हेलीकॉप्टर शॉट खेलकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। आखिरी ओवर का रोमांच एलएसजी को अंतिम ओवर में 14 रन की जरूरत थी। चौधरी ने दबाव झेलते हुए पांचवीं गेंद पर छक्का लगाकर स्कोर बराबर किया और आखिरी गेंद पर एक रन लेकर टीम को यादगार जीत दिलाई। संजीव गोयनका का वायरल रिएक्शन जैसे ही जीत मिली, टीम के मालिक Sanjiv Goenka अपनी खुशी को रोक नहीं पाए। वह मैदान पर दौड़ते हुए पहुंचे और मुकुल चौधरी को गले लगा लिया। यह भावुक पल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। टीम का योगदान एलएसजी के लिए Ayush Badoni ने भी 54 रनों की अहम पारी खेली, जिससे टीम मुकाबले में बनी रही। वहीं कप्तान Rishabh Pant और अन्य बल्लेबाज सस्ते में आउट हो गए थे, लेकिन चौधरी और बडोनी की साझेदारी ने मैच पलट दिया। KKR की पारी पहले बल्लेबाजी करते हुए केकेआर ने 4 विकेट पर 181 रन बनाए। Ajinkya Rahane और Angkrish Raghuvanshi ने शानदार साझेदारी की, जबकि अंत में Rovman Powell और Cameron Green ने टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। हालांकि, एलएसजी के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में वापसी करते हुए केकेआर को 200 के पार जाने से रोक दिया।
रांची। क्रिकेट के सबसे बड़े महाकुंभ IPL यानी Indian Premier League का आगाज़ 28 मार्च से होने जा रहा है। दुनिया की इस सबसे लोकप्रिय T20 लीग में इस बार झारखंड के छह खिलाड़ी अलग-अलग फ्रेंचाइजी टीमों की ओर से खेलते नजएंगे। अगर भारतीय क्रिकेट के दिग्गज महेंद्र सिंह धोनी को भी इसमें शामिल कर लिया जाए, तो यह संख्या सात हो जाती है। झारखंड के क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह किसी गर्व से कम नहीं कि राज्य के युवा खिलाड़ी विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। दुख की बात या रही इस बार भी IPL का कोई मुकाबला रांची में आयोजित नहीं होगा, जिससे स्थानीय क्रिकेट प्रेमियों में थोड़ी निराशा जरूर है। हालांकि, मैदान भले ही रांची को न मिला हो, लेकिन झारखंड के खिलाड़ियों की मौजूदगी इस सीजन को राज्य के लिए खास बना रही है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के बाद कई खिलाड़ियों को IPL में मौका मिला है और अब उनसे बड़ी उम्मीदें जुड़ी हैं। ईशान किशन इस सूची में सबसे पहला और सबसे बड़ा नाम है ईशान किशन का। इस बार वह सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते नजर आएंगे। ईशान किशन पर न सिर्फ झारखंड, बल्कि पूरे देश की निगाहें रहेंगी। हालिया फॉर्म को देखकर साफ है कि वह इस सीजन में बड़ा प्रभाव छोड़ सकते हैं।झारखंड को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में पहली बार खिताब दिलाने के बाद ईशान को सनराइजर्स हैदराबाद की कमान भी सौंपी गई है। पहले मुंबई इंडियंस के लिए खेल चुके ईशान का SRH के साथ यह दूसरा सीजन होगा। अनुकूल रॉय झारखंड के चाईबासा से खेलने वाले अनुकूल रॉय इस बार कोलकाता नाईट राइडर्स की ओर से खेलेंगे। बाएं हाथ के स्पिनर और बल्लेबाज अनुकूल रॉय ने अपनी अलग पहचान शानदार फील्डिंग और ऑलराउंड खेल से बनाई है।मुंबई इंडियंस और KKR दोनों टीमों के लिए खेलते हुए उन्होंने कई बेहतरीन कैच पकड़े हैं। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में वह मैन ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे। उन्होंने बल्ले से 303 रन और गेंद से 18 विकेट लेकर झारखंड की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई। ऐसे में इस बार IPL में उन्हें देखना काफी दिलचस्प रहेगा। रॉबिन मिंज झारखंड के विस्फोटक विकेटकीपर बल्लेबाज रॉबिन मिंज इस बार मुंबई इंडियंस का हिस्सा होंगे। “झारखंड के क्रिस गेल” कहे जाने वाले रॉबिन मिंज पर इस बार सबकी निगाहें रहेंगी। घरेलू क्रिकेट में उन्होंने कई बार अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से प्रभावित किया है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्होंने 166 के स्ट्राइक रेट से 166 रन बनाए और अंतिम ओवरों में बड़े शॉट लगाकर टीम को मजबूती दी। कुमार कुशाग्र कुमार कुशाग्र इस बार गुजरात टाइटंस की ओर से खेलेंगे। क्लासिक बल्लेबाजी शैली के लिए पहचाने जाने वाले कुशाग्र ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्होंने 422 रन 161 की स्ट्राइक रेट से बनाए और झारखंड को ट्रॉफी जिताने में सबसे अहम भूमिका निभाई। इस बार गुजरात टाइटंस उन्हें ज्यादा मौके दे सकती है। सुशांत मिश्रा झारखंड के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सुशांत मिश्रा इस बार राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलेंगे। सुशांत अपनी तीखी बाउंसर और तेज गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्होंने 22 विकेट लेकर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज के रूप में पहचान बनाई। पहले वह SRH कैंप का हिस्सा रह चुके हैं, लेकिन अब राजस्थान रॉयल्स के साथ उनके लिए नया मौका है। अमित कुमार रांची के उभरते स्पिनर अमित कुमार का यह पहला IPL सीजन होगा। उन्हें भी सनराइजर्स हैदराबाद में जगह मिली है। अमित कुमार ने अंडर-23 और एज ग्रुप क्रिकेट में अपनी फिरकी से काफी प्रभावित किया है। भले ही इस बार उन्हें तुरंत डेब्यू का मौका न मिले, लेकिन यह मंच उनके लिए सीखने और खुद को निखारने का बड़ा अवसर साबित हो सकता है। धोनी अब भी झारखंड की पहचान का सबसे बड़ा चेहरा जब भी झारखंड और क्रिकेट की बात होती है, तो महेंद्र सिंह धोनी का नाम सबसे ऊपर आता है। IPL 2026 में उनकी मौजूदगी झारखंड के क्रिकेट प्रेमियों के लिए अब भी सबसे बड़ा आकर्षण बनी हुई है। धोनी को जोड़ने पर राज्य के खिलाड़ियों की संख्या सात हो जाती है, जो अपने आप में झारखंड क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि है। IPL 2026 झारखंड के लिए सिर्फ एक क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं, बल्कि राज्य की प्रतिभा, मेहनत और सपनों का मंच है। ईशान किशन से लेकर अमित कुमार तक हर खिलाड़ी अपने साथ झारखंड की उम्मीदें लेकर मैदान में उतरेगा।
IPL 2026 से पहले शुभमन गिल पर सबसे बड़ी नजरें टिकी हैं। बतौर बल्लेबाज उन्होंने गुजरात टाइटंस के लिए लगातार शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन अब असली परीक्षा उनकी कप्तानी की है। 2022 में हार्दिक पांड्या की अगुवाई में खिताब जीतने वाली टीम, अब गिल के नेतृत्व में दूसरी ट्रॉफी की तलाश में है। 2025 सीजन में टीम प्लेऑफ तक पहुंची, लेकिन निर्णायक मौकों पर चूक गई। ऐसे में 2026 गिल के लिए “मेक या ब्रेक” सीजन माना जा रहा है। कप्तानी में गिल के सामने क्या चुनौती? शुभमन गिल अब पहले से ज्यादा परिपक्व खिलाड़ी बन चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कप्तानी का अनुभव उन्हें मिला है, लेकिन IPL में उन्हें अभी खुद को एक सफल लीडर के रूप में स्थापित करना बाकी है। इस सीजन में उनसे उम्मीद होगी कि वह न सिर्फ रन बनाएंगे, बल्कि टीम को मुश्किल परिस्थितियों में सही फैसलों से आगे भी ले जाएंगे। गुजरात टाइटंस की ताकत GT की सबसे बड़ी ताकत उनकी मजबूत टॉप ऑर्डर बैटिंग है: साई सुदर्शन और शुभमन गिल की ओपनिंग जोड़ी जोस बटलर नंबर 3 पर विस्फोटक बल्लेबाजी जेसन होल्डर जैसे अनुभवी ऑलराउंडर गेंदबाजी में भी टीम काफी संतुलित दिखती है: मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा की तेज जोड़ी कगिसो रबाडा और राशिद खान जैसे मैच विनर स्पिन विभाग में भी विविधता है, जिससे टीम अलग-अलग परिस्थितियों में रणनीति बदल सकती है। टीम की कमजोरियां टॉप ऑर्डर पर अत्यधिक निर्भरता मिडिल ऑर्डर की अस्थिरता राशिद खान का हालिया फॉर्म चिंता का विषय अगर शुरुआती बल्लेबाज जल्दी आउट होते हैं, तो टीम दबाव में आ जाती है। यही कमजोरी पिछले सीजन में भी सामने आई थी। नजर रखने वाले खिलाड़ी साई सुदर्शन – पिछले सीजन के टॉप रन स्कोरर जोस बटलर – मैच का रुख बदलने की क्षमता राशिद खान – गेंद और बल्ले दोनों से प्रभाव डाल सकते हैं क्या गिल दिला पाएंगे दूसरा खिताब? IPL 2026 में गुजरात टाइटंस के पास संतुलित टीम है, लेकिन उनकी सफलता काफी हद तक शुभमन गिल की कप्तानी पर निर्भर करेगी। अगर गिल अपने नेतृत्व और बल्लेबाजी दोनों में संतुलन बना पाए, तो टीम खिताब की प्रबल दावेदार बन सकती है।
Indian Premier League 2026 के आगाज से पहले राजस्थान रॉयल्स ने बड़ा फैसला लेते हुए संजू सैमसन के बाद टीम की कमान रियान पराग को सौंप दी है। इस फैसले ने क्रिकेट जगत में चर्चा तेज कर दी, जिस पर अब टीम के हेड कोच कुमार संगकारा ने खुलकर अपनी बात रखी है। खराब प्रदर्शन के बाद बड़े बदलाव IPL 2025 में राजस्थान रॉयल्स का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था। टीम ने केवल 4 मैच जीते, जबकि 10 मुकाबलों में हार झेलनी पड़ी और अंक तालिका में 9वें स्थान पर रही। इसी खराब प्रदर्शन के बाद फ्रेंचाइजी ने टीम संयोजन और नेतृत्व दोनों में बड़े बदलाव करने का निर्णय लिया। टीम को संतुलित करने पर फोकस कुमार संगकारा के अनुसार, इस बार टीम ने अपनी कमजोरियों पर खास काम किया है। स्पिन विभाग को मजबूत करने के लिए रवि बिश्नोई को शामिल किया गया ऑलराउंडर विकल्प बढ़ाने के लिए रवींद्र जडेजा और सैम करन को टीम में जोड़ा गया इन बदलावों से टीम को संतुलन और लचीलापन मिलने की उम्मीद है, खासकर विदेशी खिलाड़ियों के चयन में। रियान पराग को कप्तान क्यों चुना गया? कप्तानी के फैसले पर संगकारा ने साफ कहा कि यह पूरी तरह योग्यता और नेतृत्व क्षमता के आधार पर लिया गया निर्णय है। उन्होंने बताया कि रियान पराग को उन्होंने किशोर उम्र से देखा है और अब उनमें काफी परिपक्वता आ चुकी है। संगकारा के मुताबिक, पराग में टीम को साथ लेकर चलने की क्षमता है दबाव में निर्णय लेने की समझ विकसित हुई है वे एक जिम्मेदार खिलाड़ी और इंसान के रूप में उभरे हैं उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चयन में किसी क्षेत्रीय पहचान या अन्य बाहरी कारकों का कोई असर नहीं था। चयन प्रक्रिया रही कड़ी राजस्थान रॉयल्स ने नए कप्तान के चयन के लिए कई खिलाड़ियों पर विचार किया और एक सख्त इंटरव्यू प्रक्रिया अपनाई। अंत में टीम मैनेजमेंट इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि रियान पराग ही इस भूमिका के लिए सबसे उपयुक्त हैं। आगे की राह टीम मैनेजमेंट और कोचिंग स्टाफ को भरोसा है कि रियान पराग की कप्तानी में टीम बेहतर प्रदर्शन करेगी। संगकारा ने कहा कि योजना बनाना जरूरी है, लेकिन असली सफलता मैदान पर प्रदर्शन से तय होगी। टीम का फोकस अब खिलाड़ियों के बीच तालमेल और आत्मविश्वास बढ़ाने पर है।
देवघर। भारतीय क्रिकेटर करण शर्मा शुक्रवार सुबह झारखंड के देवघर पहुंचे। यहां उन्होंने प्रसिद्ध बैद्यनाथ धाम मंदिर में बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की और देश की तरक्की व शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच मंदिर में दर्शन कराया गया। दर्शन के बाद करण शर्मा ने स्थानीय युवा क्रिकेटरों से बातचीत करते हुए उन्हें मेहनत का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, इसलिए खिलाड़ियों को लगातार मेहनत करते रहना चाहिए। करण शर्मा ने देश की प्रगति व शांति के लिए प्रार्थना की करण शर्मा ने कहा कि बाबा भोलेनाथ के दर्शन बहुत अच्छे तरीके से हुए और उन्होंने देश की प्रगति व शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने अपने क्रिकेट करियर को लेकर कहा कि भगवान की कृपा से जो सोचा था, वह पूरा हुआ और आगे भी वही कृपा बनी रहे, यही कामना है। लेग स्पिन गेंदबाजी के लिए मशहूर 38 वर्षीय करण शर्मा दाएं हाथ के लेग स्पिनर हैं और अपनी गुगली व लेग ब्रेक गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। मूल रूप से Meerut (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले करण शर्मा भारत की राष्ट्रीय टीम का भी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय और आईपीएल करियर करण शर्मा ने 2014-15 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था और अपने पहले टेस्ट में चार विकेट लिए थे। इसके अलावा उन्होंने भारत के लिए दो वनडे और एक टी-20 मैच भी खेला है। Indian Premier League में उन्होंने लगभग 90 मैचों में 83 विकेट लिए हैं। आईपीएल में वे Mumbai Indians, Chennai Super Kings, Royal Challengers Bangalore और Sunrisers Hyderabad जैसी टीमों के लिए खेल चुके हैं और तीन बार आईपीएल ट्रॉफी जीतने वाली टीमों का हिस्सा भी रहे हैं। घरेलू क्रिकेट में भी शानदार प्रदर्शन घरेलू क्रिकेट में करण शर्मा ने प्रथम श्रेणी के 97 मैचों में 270 विकेट, लिस्ट-ए के 123 मैचों में 153 विकेट और टी-20 के 191 मैचों में 168 विकेट हासिल किए हैं। साल 2012-13 में रणजी ट्रॉफी के तीन मैचों में 21 विकेट लेने के बाद उन्हें Board of Control for Cricket in India की ओर से बेस्ट अंडर-25 क्रिकेटर का पुरस्कार भी मिला था।
Indian Premier League (IPL) 2026 के आगाज से पहले Board of Control for Cricket in India (BCCI) ने टीमों के अभ्यास सत्र और पिच के इस्तेमाल को लेकर नए और सख्त नियम लागू कर दिए हैं। 28 मार्च से शुरू होने वाले टूर्नामेंट से पहले जारी इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य पिच की गुणवत्ता बनाए रखना और अभ्यास सत्रों को अधिक व्यवस्थित बनाना है। नेट और पिच के इस्तेमाल पर सख्त नियम नए नियमों के तहत किसी भी टीम को उस पिच या नेट पर अभ्यास करने की अनुमति नहीं होगी, जिस पर पहले कोई दूसरी टीम अपना नेट सत्र कर चुकी हो। यदि दो टीमें लगातार अभ्यास करती हैं, तो दोनों को अलग-अलग और नई पिच उपलब्ध कराई जाएगी। यहां तक कि अगर पहली टीम अपना अभ्यास जल्दी समाप्त कर दे, तब भी दूसरी टीम उसी नेट या रेंज-हिटिंग विकेट का उपयोग नहीं कर सकेगी। दोनों टीमों को मिलेंगे दो-दो नेट अभ्यास सत्र के दौरान दोनों टीमों को दो-दो नेट उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि रेंज-हिटिंग के लिए मुख्य स्क्वायर पर एक अतिरिक्त नेट दिया जाएगा। यदि अभ्यास समय को लेकर कोई विवाद होता है, तो ऐसी स्थिति में मेहमान टीम को प्राथमिकता देने का प्रावधान भी किया गया है। हालांकि घरेलू टीम को अपने पसंदीदा अभ्यास समय का पहला विकल्प मिलेगा, लेकिन अगर मेहमान टीम ने पिछला मैच खेला हो या लंबी यात्रा करके आई हो, तो उसके अनुरोध को प्राथमिकता दी जा सकती है। मैच से चार दिन पहले मुख्य पिच पर रोक पिच की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए यह भी तय किया गया है कि किसी भी फ्रेंचाइज़ी के पहले घरेलू मुकाबले से चार दिन पहले तक मुख्य पिच पर न तो अभ्यास सत्र होंगे और न ही अभ्यास मैच खेले जाएंगे। इस दौरान यदि घरेलू टीम को अभ्यास की जरूरत हो, तो राज्य क्रिकेट संघ को वैकल्पिक मैदान मुफ्त में उपलब्ध कराना होगा। अभ्यास मैचों की भी सीमा टीमें चाहें तो अभ्यास मैच खेल सकती हैं, लेकिन उनकी संख्या अधिकतम दो ही होगी और इसके लिए पहले से बोर्ड को सूचित करना अनिवार्य होगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि अभ्यास मैच उस पिच पर न खेले जाएं, जिस पर आधिकारिक मुकाबला होना है। इसके अलावा, अगर कोई टीम फ्लडलाइट में अभ्यास मैच आयोजित करना चाहती है, तो उसकी अवधि अधिकतम साढ़े तीन घंटे तक ही सीमित रखी गई है। BCCI के मुताबिक इन नए नियमों का मकसद पिच की गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखना और सभी टीमों को अभ्यास के लिए समान और निष्पक्ष अवसर देना है।
भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे और बिहार के युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi एक बार फिर सुर्खियों में हैं। IPL 2025 में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी को चौंकाने वाले वैभव अब आगामी सीजन के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहे हैं। Rajasthan Royals ने हाल ही में अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें 15 वर्षीय वैभव अभ्यास सत्र के दौरान सीनियर गेंदबाजों के खिलाफ बड़े-बड़े शॉट लगाते दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो ने फैंस के बीच उत्साह बढ़ा दिया है और संकेत दिया है कि IPL 2026 में एक बार फिर उनका आक्रामक अंदाज देखने को मिल सकता है। पिछले सीजन में रचा था इतिहास IPL 2025 में जब मात्र 14 साल 23 दिन की उम्र में वैभव ने डेब्यू किया, तो वह अपने आप में एक ऐतिहासिक पल था। Indian Premier League के मंच पर कदम रखते ही उन्होंने पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर अपने इरादे जाहिर कर दिए थे। इसके बाद उनका प्रदर्शन लगातार चर्चा का विषय बना रहा। Gujarat Titans के खिलाफ खेले गए मैच में वैभव ने महज 35 गेंदों में शतक लगाकर रिकॉर्ड बना दिया। इस उपलब्धि के साथ वह टी20 क्रिकेट और IPL इतिहास में शतक लगाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। यह शतक IPL इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक भी रहा। पूरे सीजन में वैभव ने 7 मैचों में 206.55 की शानदार स्ट्राइक रेट से 252 रन बनाए और उनके बल्ले से 24 छक्के निकले। इतनी कम उम्र में इस तरह का प्रदर्शन उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल कर चुका है। अभ्यास में दिख रही वही निडर बल्लेबाजी राजस्थान रॉयल्स द्वारा साझा किए गए अभ्यास वीडियो में वैभव उसी आत्मविश्वास और आक्रामक शैली में बल्लेबाजी करते दिखाई दे रहे हैं। सीनियर गेंदबाजों के खिलाफ वह बेखौफ अंदाज में आगे बढ़कर बड़े शॉट खेल रहे हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार विरोधी टीमें उनके लिए बेहतर रणनीति बनाकर मैदान में उतरेंगी, लेकिन वैभव ने भी अपनी बल्लेबाजी में परिपक्वता और समझ को और मजबूत किया है। अंडर-19 विश्व कप में भी मचाया धमाल IPL के बाद वैभव ने जूनियर स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन जारी रखा। ICC Under-19 Cricket World Cup के फाइनल में उन्होंने हरारे में खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों में 175 रन की तूफानी पारी खेली। इस पारी की बदौलत India Under-19 cricket team ने England Under-19 cricket team को 100 रनों से हराकर खिताब अपने नाम किया। उनकी इस पारी ने भारत को 50 ओवर में 411/9 के विशाल स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान रॉयल्स की उम्मीदों का केंद्र राजस्थान रॉयल्स ने वैभव को 1.1 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था और अब टीम को उनसे एक बार फिर बड़ी उम्मीदें हैं। युवा बल्लेबाज भी इस भरोसे पर खरा उतरने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। क्रिकेट प्रशंसकों के बीच यह चर्चा भी तेज है कि क्या आगामी IPL में वैभव टी20 क्रिकेट के कुछ बड़े रिकॉर्ड तोड़ पाएंगे। खासकर Chris Gayle के सबसे तेज शतक जैसे रिकॉर्ड को लेकर फैंस की निगाहें उन पर टिकी रहेंगी। फिलहाल जिस तरह से वैभव अभ्यास सत्र में गेंद को मैदान के बाहर भेज रहे हैं, उसे देखकर यही कहा जा सकता है कि IPL 2026 में एक बार फिर “वैभव का तूफान” देखने को मिल सकता है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।