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Stock market chart showing upward trend for Eternal shares after ICICI Direct buy rating
ICICI Direct की ‘Buy’ रेटिंग: Eternal के शेयर पर भरोसा, ₹360 का टारगेट तय

ब्रोकरेज फर्म ICICI Direct ने Eternal के शेयर पर भरोसा जताते हुए ‘Buy’ रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस ₹360 तय किया है। 29 अप्रैल 2026 की अपनी रिसर्च रिपोर्ट में फर्म ने कंपनी के ग्रोथ आउटलुक को मजबूत बताया है। Quick Commerce में शानदार ग्रोथ रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी का क्विक कॉमर्स (QC) सेगमेंट उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। ग्रोथ और मार्जिन दोनों ने अनुमान को पीछे छोड़ा Q1 FY27 के लिए आउटलुक और बेहतर रहने की संभावना मिड-मई 2026 से बढ़ती महंगाई के बीच डिमांड और तेज हो सकती है कंपनी मैनेजमेंट ने मिड-टर्म में QC सेगमेंट के लिए करीब 60% CAGR ग्रोथ का अनुमान जताया है। EBITDA में बड़ी छलांग की उम्मीद ICICI Direct का मानना है कि कंपनी का कंसोलिडेटेड एडजस्टेड EBITDA FY29 तक 1 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। इसके पीछे तीन प्रमुख कारण बताए गए हैं: प्रोडक्ट असॉर्टमेंट में सुधार टॉप-8 शहरों से आगे विस्तार नए शहरों में बढ़ती डिमांड Food Delivery सेगमेंट भी मजबूत फूड डिलीवरी (FD) बिजनेस में भी तेजी बनी हुई है। कम न्यूनतम ऑर्डर वैल्यू और ऑफर्स से डिमांड बढ़ी EBITDA मार्जिन में QoQ 10 बेसिस पॉइंट का सुधार Q4 FY26 में पहली बार QC ने MTU (Monthly Transacting Users) के मामले में FD को पीछे छोड़ा ‘Going Out’ सेगमेंट में भी सुधार कंपनी का ‘Going Out’ बिजनेस भी लगातार बेहतर हो रहा है, जहां सीजनल चुनौतियों के बावजूद मार्जिन में बढ़ोतरी देखी गई है। DCF मॉडल के आधार पर टारगेट ब्रोकरेज ने तीन-स्टेज DCF (Discounted Cash Flow) मॉडल के आधार पर ₹360 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है और निवेशकों को इस स्टॉक में खरीदारी की सलाह दी है। यह रिपोर्ट बताती है कि Eternal का बिजनेस मॉडल तेजी से विस्तार कर रहा है और आने वाले समय में इसमें मजबूत ग्रोथ की संभावना बनी हुई है। हालांकि, निवेश से पहले जोखिम और बाजार की स्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है।  

surbhi अप्रैल 29, 2026 0
Mahindra Finance office with stock market charts showing target price and growth outlook
Mahindra & Mahindra Financial Services पर ‘Accumulate’ की सलाह, ₹325 का टारगेट — Prabhudas Lilladher की रिपोर्ट

ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने Mahindra & Mahindra Financial Services (MMFS) के शेयर पर ‘Accumulate’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹325 का टारगेट प्राइस तय किया है। 25 अप्रैल 2026 की रिसर्च रिपोर्ट में कंपनी के फंडामेंटल्स और ग्रोथ आउटलुक को संतुलित लेकिन सकारात्मक बताया गया है। Q4 में ग्रोथ में सुधार रिपोर्ट के मुताबिक, चौथी तिमाही में कंपनी की डिस्बर्समेंट ग्रोथ 11% सालाना (YoY) रही। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से ट्रैक्टर, यूज्ड कमर्शियल व्हीकल (CV) और पैसेंजर व्हीकल (PV) सेगमेंट की वजह से आई। कंपनी का AUM (Assets Under Management) 12% बढ़कर ₹1,341 अरब तक पहुंच गया, जो इसके बिजनेस विस्तार को दर्शाता है। आगे की ग्रोथ का अनुमान ब्रोकरेज ने FY27 और FY28 के लिए AUM ग्रोथ क्रमशः 13% और 13.5% रहने का अनुमान लगाया है। हालांकि बॉन्ड यील्ड्स बढ़ने से कॉस्ट ऑफ फंड (CoF) पर दबाव है, लेकिन बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और फीस-बेस्ड इनकम में बढ़ोतरी से मार्जिन स्थिर रहने की उम्मीद है। खर्च और मुनाफे का आकलन कंपनी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और बिजनेस डाइवर्सिफिकेशन में निवेश कर रही है, जिससे ऑपरेशनल खर्च (Opex) फिलहाल सीमित दायरे में रहने का अनुमान है। हालांकि, उच्च उधारी लागत और संभावित धीमी ग्रोथ को देखते हुए FY27 और FY28 की आय अनुमान में 6-7% की कटौती की गई है। एसेट क्वालिटी में सुधार, लेकिन नजर जरूरी रिपोर्ट में कहा गया है कि एसेट क्वालिटी में सुधार के संकेत मिले हैं, लेकिन यह अभी भी निगरानी का विषय है। FY27 और FY28 के लिए क्रेडिट कॉस्ट क्रमशः 1.7% और 1.6% रहने का अनुमान लगाया गया है। वैल्यूएशन और टारगेट प्राइस ब्रोकरेज ने MMFS के स्टैंडअलोन बिजनेस को FY28E के आधार पर 1.3x P/ABV पर वैल्यू किया है। स्टैंडअलोन वैल्यूएशन: ₹309 सब्सिडियरी वैल्यू: ₹21 25% होल्डिंग कंपनी डिस्काउंट के बाद कुल टारगेट: ₹325 निवेशकों के लिए क्या संकेत? कुल मिलाकर, रिपोर्ट बताती है कि कंपनी की ग्रोथ ट्रैक पर है, लेकिन निवेशकों को एसेट क्वालिटी और उधारी लागत पर नजर बनाए रखनी चाहिए। ‘Accumulate’ रेटिंग का मतलब है कि लंबी अवधि के निवेशक इस शेयर में धीरे-धीरे निवेश बढ़ा सकते हैं।      

surbhi अप्रैल 27, 2026 0
Gold and silver jewelry displayed with falling prices in Indian bullion market
सोने-चांदी के दाम में गिरावट: 27 अप्रैल को खरीदारी का सही मौका, जानें लेटेस्ट रेट्स

देशभर के सर्राफा बाजार में 27 अप्रैल 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। पिछले कुछ दिनों की तेज उतार-चढ़ाव के बाद बाजार फिलहाल स्थिर नजर आ रहा है, जिससे निवेशकों और खरीदारों के लिए यह एक अच्छा मौका माना जा रहा है। सोने के ताजा भाव आज सोने की कीमतों में मामूली गिरावट आई है— 24 कैरेट सोना: ₹15,403 प्रति ग्राम (₹1,54,030 प्रति 10 ग्राम) 22 कैरेट सोना: ₹14,119 प्रति ग्राम (₹1,41,190 प्रति 10 ग्राम) 18 कैरेट सोना: ₹11,552 प्रति ग्राम (₹1,15,520 प्रति 10 ग्राम) एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फिलहाल सोने के दाम सीमित दायरे में बने रह सकते हैं और बड़े उछाल की संभावना कम है। प्रमुख शहरों में सोने का भाव Delhi में 24 कैरेट सोना ₹15,418 प्रति ग्राम है, जबकि Mumbai और Kolkata में ₹15,403 प्रति ग्राम के आसपास कारोबार हो रहा है। Patna और Ranchi में कीमतें थोड़ी ज्यादा यानी ₹15,567 प्रति ग्राम तक पहुंची हुई हैं। चांदी के रेट में भी नरमी चांदी की कीमतों में भी आज गिरावट देखने को मिली है— 1 ग्राम चांदी: ₹259.90 100 ग्राम चांदी: ₹25,990 1 किलो चांदी: ₹2,59,900 (₹100 की गिरावट) शहरों में चांदी का भाव Delhi, Mumbai और Bengaluru में 1 किलो चांदी ₹2,59,900 के करीब है, जबकि Chennai में यह ₹2,69,900 तक पहुंची हुई है। Patna और Ranchi में चांदी ₹2,70,000 प्रति किलो के आसपास बिक रही है। क्या यह सही समय है खरीदारी का? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट के बीच निवेश या गहनों की खरीदारी के लिए यह अच्छा समय हो सकता है। हालांकि, बड़े निवेश से पहले बाजार के रुझानों और व्यक्तिगत जरूरतों का ध्यान रखना जरूरी है।  

surbhi अप्रैल 27, 2026 0
LTTS company logo with stock market chart showing target price and hold rating
L&T Technology Services पर ICICI Securities की ‘Hold’ सलाह, ₹3380 का टारगेट तय

  इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी सर्विस सेक्टर की प्रमुख कंपनी Larsen & Toubro Technology Services (LTTS) को लेकर ICICI Securities ने ‘Hold’ रेटिंग बरकरार रखी है। 23 अप्रैल 2026 की अपनी रिसर्च रिपोर्ट में ब्रोकरेज ने LTTS के लिए ₹3380 का टारगेट प्राइस तय किया है। Q4FY26 में रेवेन्यू मिस, लेकिन कुछ पॉजिटिव संकेत कंपनी ने Q4FY26 में अपेक्षा से कम रेवेन्यू दर्ज किया, जिसका मुख्य कारण SWC बिजनेस से डाइवेस्टमेंट का असर रहा। हालांकि, रिपोर्ट में कुछ सकारात्मक पहलुओं की भी पहचान की गई है: ऑटोमोटिव सेगमेंट में स्थिरता के संकेत सस्टेनेबिलिटी बिजनेस में लगातार ग्रोथ और डिमांड “Lakshya 31” प्रोग्राम के तहत FY31 तक 13–15% रेवेन्यू CAGR का अनुमान Q4FY26 तक रीस्ट्रक्चरिंग प्रक्रिया पूरी ग्रोथ पर दबाव, EPS अनुमान में कटौती ब्रोकरेज ने हाई-टेक वर्टिकल में अपेक्षाकृत धीमी ग्रोथ को देखते हुए FY27–28 के लिए EPS अनुमान में 5–6% की कटौती की है। इसका असर कंपनी के मिड-टर्म ग्रोथ आउटलुक पर पड़ सकता है। क्यों बरकरार है ‘Hold’ रेटिंग ICICI Securities का कहना है कि LTTS के लिए आगे की राह में मजबूत निष्पादन (execution) बेहद महत्वपूर्ण होगा, खासकर बदलते बिजनेस माहौल में। ब्रोकरेज ने 22x के वन-ईयर फॉरवर्ड P/E मल्टीपल के आधार पर मार्च 2027 के लिए ₹3380 का टारगेट प्राइस तय किया है। निवेशकों के लिए क्या संकेत ‘Hold’ रेटिंग का मतलब है कि मौजूदा निवेशक अपने शेयर होल्ड कर सकते हैं, लेकिन नए निवेश के लिए फिलहाल इंतजार करना बेहतर हो सकता है, जब तक कंपनी की ग्रोथ और मार्जिन में स्पष्ट सुधार नहीं दिखता।  

surbhi अप्रैल 23, 2026 0
HUL stock gains attention as ICICI Securities sets ₹2800 target amid FMCG sector outlook
HUL पर ICICI सिक्योरिटीज की बुलिश रिपोर्ट: ₹2800 का टारगेट, निवेशकों के लिए बड़ा संकेत

देश की प्रमुख FMCG कंपनी Hindustan Unilever (HUL) को लेकर ICICI Securities ने सकारात्मक रुख अपनाया है। 20 अप्रैल 2026 को जारी अपनी ताज़ा रिसर्च रिपोर्ट में ब्रोकरेज हाउस ने HUL पर ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखते हुए शेयर का टारगेट प्राइस ₹2800 तय किया है, जो पहले ₹2700 था। महंगाई के दौर में HUL की मजबूत स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, FMCG सेक्टर में एक बार फिर कमोडिटी महंगाई के संकेत दिखाई दे रहे हैं। ऐसे माहौल में HUL जैसी बड़ी कंपनियां बेहतर स्थिति में रहती हैं क्योंकि उनके पास कीमतों में बढ़ोतरी (pricing power) करने की क्षमता होती है। ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो महंगाई के समय बड़ी कंपनियां कीमतों के जरिए ग्रोथ हासिल करती हैं, जिससे उनका रेवेन्यू मजबूत रहता है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कमोडिटी महंगाई और प्राइस हाइक के बीच समय अंतर होने के कारण निकट अवधि में मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है। लेकिन HUL के पास ऑपरेटिंग लीवरेज बढ़ाने के विकल्प मौजूद हैं, जैसे विज्ञापन खर्च में रणनीतिक कटौती। छोटे खिलाड़ियों पर दबाव, HUL को फायदा महंगाई का सबसे ज्यादा असर छोटे और क्षेत्रीय FMCG कंपनियों पर पड़ता है, जिससे उनकी यूनिट इकॉनॉमिक्स प्रभावित होती है। ऐसे में HUL जैसी बड़ी कंपनियों के लिए बाजार हिस्सेदारी (market share) बढ़ाने का मौका बनता है। किन बातों पर रहेगी नजर ICICI Securities ने कुछ प्रमुख संकेतकों पर ध्यान देने की सलाह दी है: उपभोक्ता मांग (consumer volume growth) कीमत बढ़ने के बाद मांग की लोच (demand elasticity) रिटेल स्तर पर प्राइस हाइक का असर ग्रोथ अनुमान और वैल्यूएशन ब्रोकरेज ने FY27 और FY28 के लिए EPS अनुमान में मामूली बदलाव किया है। रेवेन्यू CAGR: 10% EBITDA CAGR: 11% PAT CAGR: 10% (FY25–28E) टारगेट प्राइस ₹2800 पर HUL का वैल्यूएशन FY28 के अनुमानित EPS पर 49x P/E के आसपास बैठता है।  

surbhi अप्रैल 21, 2026 0
Stock market graph falling amid geopolitical tensions with investors analyzing data on screens
पश्चिम एशिया तनाव के बीच बाजार में गिरावट, लेकिन एक्सपर्ट्स को दिख रहे ‘जेम’ स्टॉक्स-क्या यही सही निवेश का समय है?

पश्चिम एशिया में जारी तनाव, खासकर ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक बाजारों को हिला दिया है। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिख रहा है, जहां हालिया हफ्तों में 8 से 10 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, इस गिरावट के बीच कई ब्रोकरेज फर्म्स इसे एक बड़ा निवेश अवसर मान रही हैं और करीब 80 ऐसे शेयरों की पहचान की गई है जिन्हें ‘वैल्यू बाय’ माना जा रहा है। क्यों गिरा बाजार? बाजार में गिरावट के पीछे कई अहम कारण हैं: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भू-राजनीतिक तनाव कंपनियों की कमाई पर दबाव निवेशकों की बढ़ती अनिश्चितता Kotak Equities के मुताबिक, बाजार फिलहाल इस बात को लेकर चिंतित है कि युद्ध लंबा खिंचेगा या यह सिर्फ अल्पकालिक झटका है। इन सेक्टर्स में दिख रहा है मौका ब्रोकरेज हाउसों ने जिन सेक्टर्स को सबसे ज्यादा संभावनाओं वाला बताया है, उनमें शामिल हैं: कंजम्प्शन डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग इन सेक्टर्स के कई मजबूत फंडामेंटल वाले शेयर गिरावट के बाद आकर्षक वैल्यूएशन पर उपलब्ध हैं। टॉप ब्रोकरेज की पसंदीदा कंपनियां विभिन्न ब्रोकरेज फर्म्स ने जिन प्रमुख शेयरों को चुना है, उनमें शामिल हैं: Kotak Equities की पसंद DLF Godrej Consumer Products Info Edge Coforge Dixon Technologies Motilal Oswal की पसंद Bharti Airtel State Bank of India ICICI Bank Infosys Limited Tata Steel Elara Securities की पसंद HDFC Bank Larsen & Toubro Maruti Suzuki Apollo Hospitals Axis Securities की पसंद Bajaj Finance Kotak Mahindra Bank Avenue Supermarts Nestlé India UBS (Global) की पसंद Reliance Industries NTPC Limited Sun Pharmaceutical Industries Adani Ports क्यों बन रहा है निवेश का मौका? ब्रोकरेज फर्म्स के अनुसार, मौजूदा गिरावट ने बाजार में आकर्षक एंट्री पॉइंट बना दिया है: Nifty 50 लगभग 17.7x फॉरवर्ड P/E पर ट्रेड कर रहा है वैल्यूएशन लंबे समय के औसत से नीचे आ गया है उभरते बाजारों के मुकाबले प्रीमियम कम हुआ है एक्सपर्ट की राय Emkay Global ने दिसंबर 2026 तक निफ्टी का लक्ष्य 29,000 रखा है और FY27 में करीब 15% अर्निंग्स ग्रोथ का अनुमान जताया है। हालांकि, विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि कच्चे तेल की कीमतें अभी भी सबसे बड़ा जोखिम बनी हुई हैं। अगर युद्ध लंबा चलता है, तो महंगाई और कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ सकता है।  

surbhi अप्रैल 4, 2026 0
Stock market graph showing volatility with rising and falling trends in FY26 impacting investors
Stock Markets: FY26 में उतार-चढ़ाव का साल, किसने कमाया और किसने गंवाया?

वित्त वर्ष 2025-26 भारतीय शेयर बाजार के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। लंबे समय बाद ऐसा हुआ जब बाजार ने निवेशकों को निगेटिव रिटर्न दिया। पूरे साल बाजार में अस्थिरता बनी रही और खासतौर पर आखिरी तिमाही में तेज गिरावट देखने को मिली। बाजार क्यों गिरा? FY26 में बाजार पर कई बड़े फैक्टर्स का असर पड़ा: विदेशी निवेशकों (FII) की भारी बिकवाली ऊंचे वैल्यूएशन, जिससे निवेशकों में डर बना रहा आईटी सेक्टर में दबाव, खासकर AI टेक्नोलॉजी के कारण मिडिल ईस्ट तनाव (अमेरिका-इजरायल-ईरान), जिससे ग्लोबल सेंटीमेंट कमजोर हुआ इन सभी कारणों से बाजार में लगातार दबाव बना रहा और निवेशकों का भरोसा डगमगाया। इंडेक्स का प्रदर्शन Sensex: -7% Nifty: -5% मार्च महीना सबसे ज्यादा खराब रहा: सेंसेक्स: -11.48% निफ्टी: -11.14% बैंक निफ्टी: -15.95% यानी साल का अंत सबसे ज्यादा नुकसान के साथ हुआ। गिरावट में भी चमके ये शेयर बाजार भले गिरा, लेकिन कुछ कंपनियों ने मजबूत प्रदर्शन किया: भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL): +35% (डिफेंस सेक्टर का बूम) Shriram Finance: +36% (NBFC सेक्टर की मजबूती) Hindalco: +34% (मेटल डिमांड का फायदा) Titan: +33% (ज्वेलरी और रिटेल ग्रोथ) SBI: +27% (बैंकिंग सेक्टर का सपोर्ट) इन स्टॉक्स ने साबित किया कि सही सेक्टर चुनना कितना जरूरी है। इन शेयरों ने किया निराश कुछ बड़े और भरोसेमंद माने जाने वाले स्टॉक्स भी गिरावट से नहीं बच पाए: TCS: -33% (AI के कारण IT सेक्टर पर दबाव) ITC: -29% (प्रॉफिट बुकिंग और स्लो ग्रोथ) IndiGo: -21% (कॉस्ट और ऑपरेशन प्रेशर) Trent: -40% (सबसे ज्यादा गिरावट, वैल्यूएशन करेक्शन) इससे साफ है कि बड़े नाम भी जोखिम से बाहर नहीं हैं। निवेशकों के लिए क्या सीख? सिर्फ बड़े ब्रांड देखकर निवेश करना सुरक्षित नहीं सेक्टर ट्रेंड और ग्लोबल फैक्टर्स समझना जरूरी गिरते बाजार में भी मौके होते हैं डायवर्सिफिकेशन सबसे जरूरी रणनीति है

surbhi मार्च 31, 2026 0
Indian stock market sees sharp volatility with Sensex down 544 points, Nifty at 22,683 amid global tensions.
Stock Market Updates: भारी गिरावट के बाद संभला बाजार, सेंसेक्स 544 अंक नीचे, निफ्टी 22683 पर

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के चलते बाजार ने जोरदार गिरावट के साथ शुरुआत की। हालांकि, दिन के दौरान कुछ रिकवरी देखने को मिली, जिससे निवेशकों को थोड़ी राहत जरूर मिली। शुरुआती कारोबार में बड़ी गिरावट सोमवार को बाजार खुलते ही भारी दबाव में नजर आया: सेंसेक्स 1018 अंक गिरकर 72,565 पर खुला निफ्टी 269 अंक टूटकर 22,549 पर ओपन हुआ यह गिरावट साफ तौर पर ग्लोबल नेगेटिव संकेतों और निवेशकों के कमजोर सेंटिमेंट का असर दिखाती है। बाद में आई रिकवरी हालांकि शुरुआती गिरावट के बाद बाजार में हल्की खरीदारी देखने को मिली: सेंसेक्स अब 544 अंक नीचे 73,038 पर ट्रेड कर रहा है निफ्टी 136 अंक गिरकर 22,683 के आसपास बना हुआ है इससे संकेत मिलता है कि निचले स्तरों पर कुछ निवेशक खरीदारी कर रहे हैं। गिरावट की बड़ी वजहें (डिटेल में) 1. मिडिल ईस्ट में बढ़ता युद्ध ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी तनाव अब पांचवें हफ्ते में पहुंच चुका है। इससे वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ी है निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं इक्विटी मार्केट से पैसा निकलकर सुरक्षित निवेश (Gold, Bonds) की ओर जा रहा है 2. कच्चे तेल की कीमतों में विस्फोटक तेजी ब्रेंट क्रूड 115–120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया फरवरी के मुकाबले इसमें करीब 59% उछाल भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह बेहद चिंताजनक है क्योंकि: महंगाई बढ़ने का खतरा कंपनियों की लागत बढ़ेगी चालू खाता घाटा (CAD) बढ़ सकता है 3. विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली मार्च 2026 में अब तक 1,13,810 करोड़ रुपये की बिकवाली इससे बाजार में लगातार दबाव बना हुआ है और लिक्विडिटी पर असर पड़ रहा है। 4. रुपये की रिकॉर्ड गिरावट डॉलर के मुकाबले रुपया 94.82 के स्तर पर पहुंच गया इसका असर: आयात महंगा विदेशी निवेशकों का भरोसा कमजोर बाजार में और बिकवाली का दबाव एशियाई बाजारों में हाहाकार भारतीय बाजार ही नहीं, पूरे एशिया में गिरावट का माहौल: निक्केई 225 (जापान): ~3.97% गिरावट टॉपिक्स: ~3.9% नीचे कोस्पी (दक्षिण कोरिया): 5% से ज्यादा टूटा कोस्डैक: ~3.97% गिरावट हैंग सेंग फ्यूचर्स: भी दबाव में यह दर्शाता है कि गिरावट पूरी तरह ग्लोबल ट्रेंड का हिस्सा है। अमेरिकी बाजार से भी नेगेटिव संकेत शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में भी बड़ी गिरावट दर्ज हुई: डाऊ जोन्स: 793 अंक (1.73%) गिरावट S&P 500: 1.67% गिरकर 7 महीने के निचले स्तर पर नैस्डेक: 2.15% टूटा अमेरिकी बाजार की कमजोरी का असर एशियाई बाजारों पर पड़ा। कमोडिटी मार्केट में उथल-पुथल ब्रेंट क्रूड: 115.55 डॉलर/बैरल COMEX क्रूड: 102.59 डॉलर/बैरल 27 फरवरी के बाद से तेल में तेज उछाल युद्ध के चलते सप्लाई को लेकर डर बढ़ गया है, जिससे कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। सेक्टोरल असर (कौन प्रभावित?) सबसे ज्यादा दबाव में: ऑटो सेक्टर (महंगा ईंधन) एविएशन (फ्यूल कॉस्ट बढ़ी) पेंट और केमिकल कंपनियां कुछ सेक्टर सुरक्षित: आईटी (डॉलर मजबूत होने से फायदा) फार्मा (डिफेंसिव सेक्टर) निवेशकों के लिए सलाह फिलहाल बाजार में हाई वोलैटिलिटी बनी रहेगी शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग में सतर्कता जरूरी लॉन्ग टर्म निवेशक गिरावट को बायिंग ऑपर्च्युनिटी मान सकते हैं क्रूड ऑयल और ग्लोबल न्यूज पर नजर रखें

surbhi मार्च 30, 2026 0
Person planning finances with documents, calculator, tax forms before March 31 deadline
1 अप्रैल 2026 से बदलेंगे वित्तीय नियम: PPF, NPS और टैक्स सेविंग से जुड़े काम 31 मार्च तक निपटाना जरूरी

नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ 1 अप्रैल 2026 से कई अहम नियम लागू होने जा रहे हैं। ऐसे में अगर आपने समय रहते अपने निवेश और टैक्स से जुड़े जरूरी काम पूरे नहीं किए, तो आपको न सिर्फ आर्थिक नुकसान हो सकता है, बल्कि जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। आइए जानते हैं वे 5 जरूरी काम, जिन्हें 31 मार्च से पहले पूरा करना बेहद जरूरी है। PPF और सुकन्या समृद्धि में न्यूनतम निवेश अगर आपका खाता Public Provident Fund (PPF) या सुकन्या समृद्धि योजना में है, तो हर साल न्यूनतम राशि जमा करना जरूरी है। PPF: कम से कम ₹500 सुकन्या समृद्धि योजना: ₹250 अगर यह जमा नहीं किया गया, तो खाता डिफॉल्ट हो सकता है और उसे दोबारा चालू करने के लिए पेनल्टी देनी पड़ेगी। NPS में योगदान पूरा करें National Pension System (NPS) में निवेश करने वालों के लिए 31 मार्च आखिरी मौका है। टियर-1 अकाउंट एक्टिव रखने के लिए ₹1,000 का न्यूनतम निवेश जरूरी सेक्शन 80CCD(1B) के तहत ₹50,000 तक अतिरिक्त टैक्स छूट समय सीमा चूकने पर टैक्स बचत का फायदा नहीं मिलेगा। PAN-Aadhaar लिंक और KYC अपडेट सरकार ने PAN और Aadhaar लिंक करना अनिवार्य कर दिया है। अगर आपका KYC अपडेट नहीं है: बैंक ट्रांजेक्शन रुक सकते हैं डीमैट अकाउंट फ्रीज हो सकता है इसलिए 31 मार्च से पहले ये काम जरूर पूरा करें। टैक्स सेविंग निवेश (Section 80C) पुरानी टैक्स व्यवस्था अपनाने वालों के लिए 31 मार्च आखिरी मौका है। ₹1.5 लाख तक की छूट निवेश विकल्प: LIC, ELSS, FD, ट्यूशन फीस इसके अलावा, सेक्शन 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर भी टैक्स बचत का लाभ उठाया जा सकता है। होम लोन प्री-पेमेंट का मौका होम लोन लेने वालों के लिए मार्च का महीना बेहद अहम होता है। सेक्शन 80C: प्रिंसिपल पर छूट सेक्शन 24(b): ब्याज पर छूट अगर आप अतिरिक्त प्री-पेमेंट करते हैं, तो ब्याज का बोझ घटेगा और टैक्स में भी राहत मिलेगी। निष्कर्ष 31 मार्च 2026 आपके लिए सिर्फ तारीख नहीं, बल्कि वित्तीय प्लानिंग का आखिरी मौका है। समय पर ये काम पूरे कर आप न सिर्फ टैक्स बचा सकते हैं, बल्कि भविष्य की आर्थिक सुरक्षा भी सुनिश्चित कर सकते हैं।  

surbhi मार्च 30, 2026 0
V-Guard Industries stock chart rising with electrical products indicating growth and bullish market outlook
V-Guard Industries पर ‘Buy’ की सलाह, ₹392 तक जाएगा शेयर! Geojit की रिपोर्ट में बड़ा संकेत

शेयर बाजार में निवेशकों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। ब्रोकरेज फर्म Geojit Financial Services ने V-Guard Industries Ltd के शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस ₹392 तय किया है। रिपोर्ट में कंपनी के मजबूत ग्रोथ आउटलुक और आने वाले समय में बेहतर कमाई की उम्मीद जताई गई है। Q3 में अच्छा प्रदर्शन, लेकिन मार्जिन पर दबाव रिपोर्ट के अनुसार, Q3FY26 में कंपनी की आय में 11% सालाना (YoY) वृद्धि दर्ज की गई। इलेक्ट्रिकल सेगमेंट में 26% की मजबूत ग्रोथ केबल, वायर और अन्य प्रोडक्ट्स की डिमांड में बढ़ोतरी कॉपर की कीमत बढ़ने से भी रेवेन्यू को सपोर्ट हालांकि, ग्रॉस मार्जिन 35.9% पर आ गया (22 बेसिस पॉइंट की गिरावट) EBITDA मार्जिन 8.8% (60 बेसिस पॉइंट की गिरावट) इसका कारण महंगे इनपुट कॉस्ट और प्रोडक्ट मिक्स में बदलाव बताया गया है। मुनाफे में उछाल, 31% की बढ़ोतरी एक बार के खर्च (one-off provisions) को छोड़कर कंपनी का एडजस्टेड प्रॉफिट (PAT) 31.5% YoY बढ़ा है। यह संकेत देता है कि कंपनी की मूल कमाई मजबूत बनी हुई है, भले ही मार्जिन पर कुछ दबाव दिखा हो। Sunflame बिजनेस में गिरावट कंपनी के Sunflame सेगमेंट में 10% की गिरावट दर्ज की गई है। इसके पीछे कारण बताए गए: बढ़ती प्रतिस्पर्धा डिस्ट्रीब्यूशन चैनल की कमजोरी नए प्रोडक्ट्स लॉन्च में देरी हालांकि, FY27 से इसमें सुधार की उम्मीद जताई गई है।   गर्मी बढ़ेगी तो बढ़ेगी बिक्री! रिपोर्ट में कहा गया है कि मौसम विभाग द्वारा तेज गर्मी के संकेत और शुरुआती गर्म मौसम के चलते Q4 में कंपनी का प्रदर्शन बेहतर हो सकता है। फैन, कूलर, इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स की डिमांड बढ़ेगी सीजनल सेल्स से रेवेन्यू में तेजी आएगी आगे क्या है ग्रोथ का प्लान? Geojit के अनुसार: FY26 से FY28 के बीच कंपनी की कमाई 24% CAGR से बढ़ सकती है प्राइस हाइक और वॉल्यूम ग्रोथ से फायदा टियर-2 और टियर-3 शहरों में विस्तार इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से डिमांड सपोर्ट ₹392 का टारगेट, क्यों दिया ‘Buy’ रेटिंग? ब्रोकरेज ने FY28 के अनुमानित EPS पर 35x P/E वैल्यूएशन के आधार पर ₹392 का टारगेट तय किया है। हालांकि, मार्जिन में अस्थिरता बिजनेस इंटीग्रेशन से जुड़े जोखिम को देखते हुए वैल्यूएशन में हल्का डिस्काउंट भी रखा गया है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? कंपनी का ब्रांड मजबूत है इलेक्ट्रिकल सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है लंबी अवधि में ग्रोथ के अच्छे मौके

surbhi मार्च 18, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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भारत को मिली बड़ी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी, संभाला CCDB के अध्यक्ष का पद

surbhi मई 15, 2026 0