IPL 2026 के एक मुकाबले के बाद लखनऊ सुपर जायंट्स के खेमे में तनाव खुलकर सामने आ गया। लखनऊ सुपर जायंट्स को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन मैच के बाद जो दृश्य देखने को मिला, उसने क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया। मैदान पर ही टीम के मालिक संजिव गोयनका और कप्तान ऋषभ पंत के बीच तीखी बहस होती नजर आई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में गोयनका काफी नाराज दिखाई दे रहे हैं और उनका बातचीत का अंदाज भी बेहद सख्त नजर आया। मैच का हाल: लखनऊ की कमजोर बल्लेबाजी पड़ी भारी इस मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम केवल 141 रन ही बना सकी। जवाब में दिल्ली कैपिटल्स ने यह लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया। लखनऊ के गेंदबाजों ने भी 20 अतिरिक्त रन (16 वाइड और 4 लेग बाई) देकर टीम की मुश्किलें और बढ़ा दीं। मैच के बाद कप्तान ऋषभ पंत ने हार की वजह बताते हुए कहा कि कम स्कोर के कारण दबाव बढ़ गया और अतिरिक्त रन टीम पर भारी पड़े। फैंस का गुस्सा: ‘मैदान पर नहीं, ड्रेसिंग रूम में होनी चाहिए थी बात’ इस पूरे घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर फैंस ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कई क्रिकेट प्रेमियों का मानना है कि इस तरह सार्वजनिक रूप से कप्तान से बहस करना खेल भावना के खिलाफ है। उनका कहना है कि टीम से जुड़ी बातों को ड्रेसिंग रूम तक सीमित रखना चाहिए। यह पहली बार नहीं है जब संजिव गोयनका का ऐसा रवैया चर्चा में आया हो। इससे पहले भी वह एक अन्य कप्तान के साथ इसी तरह के व्यवहार को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं। टीम बॉन्डिंग पर असर या वापसी का मौका? अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस विवाद का असर लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम बॉन्डिंग पर पड़ेगा, या फिर ऋषभ पंत आने वाले मैचों में अपने प्रदर्शन से जवाब देंगे। IPL जैसे बड़े टूर्नामेंट में टीम के अंदर का माहौल जीत-हार पर गहरा असर डालता है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को IPL 2026 से पहले बड़ा आर्थिक लाभ हुआ है। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और राजस्थान रॉयल्स के मालिकाना हक में बदलाव के बाद बोर्ड के खाते में करीब 1583 करोड़ रुपये का कमीशन आया है। 31 हजार करोड़ की ऐतिहासिक डील दोनों टीमों की बिक्री मिलाकर कुल डील करीब 31,000 करोड़ रुपये में पूरी हुई। RCB करीब 16,660 करोड़ रुपये में बिकी राजस्थान रॉयल्स लगभग 15,290 करोड़ रुपये में इस डील के साथ RCB IPL इतिहास की सबसे महंगी फ्रेंचाइजी बन गई है। BCCI को कैसे मिला इतना पैसा? IPL नियमों के अनुसार, किसी भी फ्रेंचाइजी के मालिक बदलने पर BCCI को ट्रांजैक्शन वैल्यू का 5% कमीशन मिलता है। RCB से लगभग 833 करोड़ रुपये राजस्थान रॉयल्स से करीब 750 करोड़ रुपये इस तरह कुल मिलाकर BCCI को 1583 करोड़ रुपये का बड़ा राजस्व प्राप्त हुआ। नए मालिक कौन हैं? RCB को एक कंसोर्टियम ने खरीदा है, जिसमें: Aditya Birla Group अमेरिकी निवेशक डेविड ब्लिट्जर Blackstone शामिल हैं वहीं, राजस्थान रॉयल्स को काल सोमानी के नेतृत्व वाले समूह ने खरीदा है। क्या बदलेगी टीमों की किस्मत? दोनों टीमें IPL में एक-एक बार चैंपियन रह चुकी हैं: राजस्थान रॉयल्स – 2008 की विजेता RCB – 2025 की चैंपियन (डिफेंडिंग) अब नए मालिकों के आने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या टीमों के प्रदर्शन में भी बदलाव आता है या नहीं। IPL में बढ़ती आर्थिक ताकत यह डील एक बार फिर साबित करती है कि IPL दुनिया की सबसे वैल्यूएबल क्रिकेट लीग बन चुकी है। फ्रेंचाइजी वैल्यू और निवेश में लगातार बढ़ोतरी से BCCI की कमाई भी नए रिकॉर्ड बना रही है।
भारतीय क्रिकेट और कॉरपोरेट जगत के संगम से एक दिलचस्प कहानी सामने आई है। आर्यमन बिरला, जिन्हें कभी राजस्थान रॉयल्स की ओर से एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला, अब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के चेयरमैन बन गए हैं। टीम के मालिकाना हक में हुए बड़े बदलाव के बाद यह नियुक्ति सामने आई है, जिसने खेल और बिजनेस दोनों क्षेत्रों में हलचल मचा दी है। RCB में बड़ा बदलाव, नए मालिकों की एंट्री RCB को एक कंसोर्टियम ने खरीदा है, जिसमें Aditya Birla Group, Times Group, Bolt Ventures और Blackstone की प्राइवेट इक्विटी स्ट्रैटेजी शामिल हैं। इस नए ढांचे में आर्यमन बिरला को चेयरमैन बनाया गया है, जबकि टाइम्स ग्रुप के सत्यान गजवानी वाइस-चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे। कौन हैं आर्यमन बिरला? आर्यमन बिरला, कुमार मंगलम बिरला के बेटे हैं और Aditya Birla Group में डायरेक्टर की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने एक क्रिकेटर के रूप में भी अपनी पहचान बनाई और घरेलू क्रिकेट में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। फर्स्ट क्लास डेब्यू: नवंबर 2017 (ओडिशा के खिलाफ) कुल मैच: 9 रन: 414 औसत: 27.6 एक शतक और एक अर्धशतक उन्होंने रजत पाटीदार और वेंकटेश अय्यर जैसे खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया। IPL करियर: बिना खेले ही खत्म IPL 2018 की नीलामी में राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 30 लाख रुपये में खरीदा था, लेकिन पूरे सीजन में उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। इसके बाद 2020 सीजन से पहले टीम ने उन्हें रिलीज कर दिया। मानसिक स्वास्थ्य पर लिया बड़ा फैसला क्रिकेट से दूरी बनाने के दौरान आर्यमन बिरला ने खुलकर अपनी मानसिक स्थिति पर बात की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था कि वे खुद को “फंसा हुआ” महसूस कर रहे थे और अब अपनी मानसिक सेहत को प्राथमिकता देना चाहते हैं। यह कदम उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, जहां से उन्होंने खुद को नए नजरिए से समझा और अब एक बड़े कॉरपोरेट रोल में नजर आ रहे हैं। क्रिकेट से कॉरपोरेट तक का सफर आर्यमन बिरला की यह कहानी बताती है कि असफलता अंत नहीं होती। क्रिकेट में सीमित मौके मिलने के बावजूद उन्होंने खुद को एक नई दिशा दी और आज IPL की एक बड़ी टीम के चेयरमैन बन चुके हैं।
क्रिकेट इतिहास के महानतम स्पिनरों में शुमार Shane Warne एक बार फिर सुर्खियों में हैं-इस बार अपनी गेंदबाजी नहीं, बल्कि अपनी असाधारण व्यावसायिक समझ के कारण। इंडियन प्रीमियर लीग की फ्रेंचाइजी Rajasthan Royals की हालिया बिक्री ने यह साबित कर दिया है कि वॉर्न मैदान के साथ-साथ रणनीतिक सोच में भी ‘धुरंधर’ थे। 15,000 करोड़ की डील और वॉर्न परिवार को बड़ा फायदा राजस्थान रॉयल्स को हाल ही में करीब 1.63 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग 15,000 करोड़ रुपये से अधिक) में एक अमेरिकी निवेशक समूह को बेच दिया गया। इस ऐतिहासिक डील के बाद शेन वॉर्न के परिवार को लगभग 450–460 करोड़ रुपये मिलने की संभावना है। यह लाभ किसी संयोग का परिणाम नहीं, बल्कि वॉर्न की वर्षों पहले की गई एक दूरदर्शी रणनीति का नतीजा है। 2008 में रखी थी अनोखी शर्त जब 2008 में IPL के पहले सीजन से पहले वॉर्न ने राजस्थान रॉयल्स के साथ करार किया, तब उन्होंने अपने कॉन्ट्रैक्ट में एक विशेष शर्त शामिल करवाई थी। इस शर्त के तहत उन्हें हर सीजन खेलने के बदले फ्रेंचाइजी में 0.75% इक्विटी (मालिकाना हिस्सा) दिया जाना था। वॉर्न ने टीम के लिए कुल चार सीजन खेले, जिससे उनका हिस्सा बढ़कर 3% हो गया। उस समय उनकी सैलरी करीब 9.35 करोड़ रुपये थी, लेकिन असली निवेश यह इक्विटी साबित हुई। 3% हिस्सेदारी बनी 450 करोड़ की संपत्ति आज जब राजस्थान रॉयल्स की वैल्यू 15,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है, तो वॉर्न की 3% हिस्सेदारी की कीमत लगभग 450–460 करोड़ रुपये हो चुकी है। यह रकम उनके परिवार को IPL 2026 सीजन के बाद मिलने की संभावना है, हालांकि इस डील को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (Board of Control for Cricket in India) की अंतिम मंजूरी मिलना अभी बाकी है। सिर्फ खिलाड़ी नहीं, एक दूरदर्शी लीडर शेन वॉर्न को 2008 में सिर्फ कप्तान ही नहीं, बल्कि टीम के क्रिकेट संचालन का पूरा नियंत्रण दिया गया था। उन्होंने अपनी कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स को पहले ही सीजन में चैंपियन बनाकर इतिहास रच दिया। साल 2022 में उनके निधन के बावजूद, उनकी यह रणनीतिक सोच आज भी मिसाल बनी हुई है। यह कहानी दिखाती है कि वॉर्न सिर्फ क्रिकेट के जादूगर ही नहीं, बल्कि एक समझदार निवेशक और दूरदर्शी व्यक्तित्व भी थे।
Royal Challengers Bengaluru के लिए IPL 2026 से पहले टीम कॉम्बिनेशन का सबसे बड़ा सवाल नंबर-3 बल्लेबाजी को लेकर खड़ा हो गया है। जहां ओपनिंग जोड़ी लगभग तय मानी जा रही है, वहीं तीसरे नंबर पर कौन उतरेगा, इस पर फैंस और एक्सपर्ट्स की नजरें टिकी हैं। कोहली-साल्ट करेंगे पारी की शुरुआत इस सीजन में Virat Kohli और Phil Salt ओपनिंग करते नजर आएंगे। पिछले सीजन में इस जोड़ी ने टीम को कई मजबूत शुरुआत दिलाई थी, जिससे इस बार भी उनसे बड़ी उम्मीदें हैं। नंबर-3 के लिए दो बड़े दावेदार तीसरे नंबर के लिए टीम के पास दो विस्फोटक बल्लेबाज मौजूद हैं: Devdutt Padikkal Venkatesh Iyer दोनों ही खिलाड़ी मैच का रुख पलटने की क्षमता रखते हैं और पहले भी IPL में शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं। पडिक्कल बनाम अय्यर: किसे मिलेगा मौका? पडिक्कल पिछले सीजन में इसी नंबर पर खेल चुके हैं और कुछ अहम पारियां भी खेली थीं। वहीं, अय्यर के पास भी फर्स्ट डाउन आकर आक्रामक बल्लेबाजी करने का अनुभव है, खासकर KKR के लिए उन्होंने कई बार यह भूमिका निभाई है। RCB ने अय्यर को इस सीजन ऑक्शन में करीब 7 करोड़ रुपये में खरीदा,जिससे टीम मैनेजमेंट का उनकी क्षमता पर पूरा भरोसा स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। क्या कहते हैं एक्सपर्ट? पूर्व भारतीय क्रिकेटर Suresh Raina का मानना है कि टीम मैनेजमेंट पडिक्कल को नंबर-3 पर बरकरार रख सकती है। रैना के मुताबिक, लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन और टीम बैलेंस को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि बेंगलुरु की पिचें अय्यर के खेल के अनुकूल हैं। टीम कॉम्बिनेशन पर असर अगर अय्यर को नंबर-3 पर मौका मिलता है, तो पडिक्कल की भूमिका पर सवाल खड़े हो सकते हैं। वहीं, कप्तान Rajat Patidar को मिडिल ऑर्डर में अपनी जगह तय करनी होगी। IPL 2026 का आगाज Indian Premier League 2026 का आगाज 28 मार्च से होने जा रहा है, जहां पहले मुकाबले में RCB की भिड़ंत सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) से होगी। डिफेंडिंग चैंपियन RCB के सामने इस बार खिताब बचाने की बड़ी चुनौती होगी।
IPL 2026 से पहले एक बड़े फैसले ने क्रिकेट फैंस को चौंका दिया था-भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज Sanju Samson का Rajasthan Royals से अलग होना। अब सैमसन ने खुद इस फैसले के पीछे की वजह साफ कर दी है। एक बातचीत में सैमसन ने खुलकर कहा कि उन्होंने टीम इसलिए छोड़ी क्योंकि उन्हें लगा कि राजस्थान रॉयल्स के साथ उनका सफर पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा, “मुझे लगा कि टीम में मेरा समय खत्म हो गया है, इसलिए आगे बढ़ने का फैसला किया।” 8 साल का लंबा सफर, टीम के सबसे बड़े सितारों में शामिल संजू सैमसन ने 2018 से 2025 तक लगातार राजस्थान रॉयल्स का प्रतिनिधित्व किया। इससे पहले भी वह 2013 से 2015 तक टीम का हिस्सा रहे थे। इस दौरान उन्होंने कुल 11 सीजन खेले और टीम के सबसे ज्यादा मैच खेलने और रन बनाने वाले खिलाड़ियों में अपना नाम दर्ज कराया। बीच में उन्होंने 2016-2017 के दौरान Delhi Capitals (तब दिल्ली डेयरडेविल्स) के लिए भी खेला, लेकिन उनकी पहचान सबसे ज्यादा राजस्थान रॉयल्स के साथ ही बनी। अब नई पारी चेन्नई सुपर किंग्स के साथ IPL 2026 में सैमसन अब Chennai Super Kings की जर्सी में नजर आएंगे। यह बदलाव नवंबर 2025 में एक ट्रेड डील के तहत हुआ था, जिसने क्रिकेट जगत में काफी चर्चा बटोरी थी। सैमसन ने इस नई शुरुआत को लेकर उत्साह भी जताया। उनका कहना है कि हर खिलाड़ी के करियर में एक समय ऐसा आता है जब उसे आगे बढ़ना होता है, और उन्होंने भी वही किया। पुरानी टीम के खिलाफ खेलना होगा भावनात्मक राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेलने को लेकर सैमसन ने कहा कि यह उनके लिए पहली बार होगा और निश्चित रूप से भावनात्मक पल रहेगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मैदान पर उतरते ही वह भावनाओं को अलग रखकर सिर्फ खेल पर ध्यान देंगे। मैच से पहले और बाद में पुराने साथियों से मिलने की खुशी जरूर होगी, लेकिन खेल के दौरान उनका फोकस पूरी तरह अपनी नई टीम पर रहेगा। “नई शुरुआत, नया उत्साह” सैमसन ने कहा कि यह उनके करियर की एक नई यात्रा है, जिसे वह पूरे जोश और सकारात्मकता के साथ अपनाना चाहते हैं। राजस्थान रॉयल्स के साथ बिताए गए वर्षों को उन्होंने सम्मान और प्यार के साथ याद किया, लेकिन यह भी साफ कर दिया कि अब वह आगे बढ़ चुके हैं और नई चुनौतियों के लिए तैयार हैं।
Dinesh Karthik ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 से पहले Royal Challengers Bangalore की अपनी पसंदीदा ऑल-टाइम प्लेइंग इलेवन का चयन किया है। इस टीम में सबसे चौंकाने वाला फैसला कप्तानी को लेकर देखने को मिला, जहां कार्तिक ने टीम की कमान दिग्गज बल्लेबाज Virat Kohli की बजाय Rajat Patidar को सौंपी है। कार्तिक ने एक बातचीत में कहा कि विराट कोहली ने कई सीजन तक RCB का सफल नेतृत्व किया है, लेकिन उनकी ऑल-टाइम टीम के कप्तान रजत पाटीदार होंगे। उन्होंने कहा कि पाटीदार ने कम समय में बतौर बल्लेबाज शानदार प्रभाव छोड़ा है और टीम की खिताबी सफलता में अहम भूमिका निभाई है। गेल और डु प्लेसिस ओपनर, विराट नंबर-3 पर कार्तिक की इस टीम में ओपनिंग की जिम्मेदारी विस्फोटक बल्लेबाज Chris Gayle और अनुभवी खिलाड़ी Faf du Plessis को दी गई है। इसके चलते IPL इतिहास के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज विराट कोहली को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए चुना गया है। नंबर-4 पर कप्तान रजत पाटीदार और नंबर-5 पर RCB के दिग्गज बल्लेबाज AB de Villiers को जगह मिली है। मिडिल ऑर्डर में जितेश और क्रुणाल कार्तिक ने विकेटकीपर के रूप में Jitesh Sharma को नंबर-6 पर रखा है, जबकि नंबर-7 पर ऑलराउंडर Krunal Pandya को शामिल किया है। कार्तिक का मानना है कि टीम की खिताबी जीत में क्रुणाल की गेंदबाजी और निर्णायक मैचों में उनके प्रदर्शन का बड़ा योगदान रहा है। गेंदबाजी की कमान सिराज और चहल के हाथ गेंदबाजी विभाग में कार्तिक ने तेज गेंदबाज Mohammed Siraj और Josh Hazlewood को टीम में जगह दी है। वहीं स्पिन आक्रमण की जिम्मेदारी Yuzvendra Chahal को सौंपी गई है। इसके अलावा ऑलराउंडर गेंदबाज के तौर पर Harshal Patel को भी टीम में शामिल किया गया है। दिनेश कार्तिक की ऑल-टाइम RCB प्लेइंग 11 क्रिस गेल, फाफ डु प्लेसिस, विराट कोहली, रजत पाटीदार (कप्तान), एबी डिविलियर्स, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), क्रुणाल पांड्या, हर्षल पटेल, मोहम्मद सिराज, युजवेंद्र चहल, जोश हेजलवुड। कार्तिक की इस टीम ने फैंस के बीच चर्चा जरूर छेड़ दी है, खासकर इस बात को लेकर कि टीम के सबसे बड़े स्टार विराट कोहली को कप्तानी नहीं सौंपी गई।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
UPSC CSE Result 2025: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक Civil Services Examination का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। Union Public Service Commission ने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPSC Official Website पर जाकर फाइनल मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। 958 उम्मीदवारों का हुआ चयन यूपीएससी द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उनकी रैंक और पसंद के आधार पर की जाएगी। फाइनल रिजल्ट उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा (Main Exam) और पर्सनैलिटी टेस्ट (Interview) में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। इन प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए होता है चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) भारतीय पुलिस सेवा (IPS) भारतीय विदेश सेवा (IFS) भारतीय राजस्व सेवा (IRS) भारतीय व्यापार सेवा सहित अन्य ग्रुप A और ग्रुप B सेवाएं 979 पदों को भरने का लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 979 रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे चेक करें UPSC CSE 2025 का रिजल्ट उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं होमपेज पर “Examination” टैब पर क्लिक करें “Active Examinations” या “What’s New” सेक्शन में जाएं Civil Services Examination Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें मेरिट लिस्ट की PDF खुल जाएगी Ctrl + F दबाकर अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें 15 दिन में जारी होगी मार्कशीट यूपीएससी के अनुसार सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। उम्मीदवार इसे 30 दिनों तक ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। पिछले साल का कट-ऑफ पिछले वर्ष का अंतिम कट-ऑफ इस प्रकार था— जनरल: 87.98 EWS: 85.92 OBC: 87.28 SC: 79.03 ST: 74.23 आयु सीमा क्या है यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2024 तक कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अगस्त 1992 से 1 अगस्त 2003 के बीच होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू—को पार कर बहुत कम उम्मीदवार ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। UPSC CSE 2025 टॉप-20 उम्मीदवारों की सूची रैंक रोल नंबर नाम 1 1131589 अनुज अग्निहोत्री 2 4000040 राजेश्वरी सुवे एम 3 3512521 अकांश ढुल 4 0834732 राघव झुनझुनवाला 5 0409847 ईशान भटनागर 6 6410067 जिनिया अरोड़ा 7 0818306 ए आर राजा मोहिद्दीन 8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी 9 0831647 आस्था जैन 10 1523945 उज्ज्वल प्रियांक 11 1512091 यशस्वी राज वर्धन 12 0840280 अक्षित भारद्वाज 13 7813999 अनन्या शर्मा 14 5402316 सुरभि यादव 15 3507500 सिमरनदीप कौर 16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव 17 0829589 चितवन जैन 18 5604518 श्रुति आर 19 0105602 निसार दिशांत अमृतलाल 20 6630448 रवि राज