Israel Lebanon conflict

Aftermath of Israeli airstrike in southern Lebanon raising ceasefire concerns and journalist death
सीजफायर के बीच इजरायल का लेबनान पर हवाई हमला, पत्रकार समेत 5 की मौत

  दक्षिणी लेबनान में फिर भड़की हिंसा, सीजफायर पर सवाल इजरायल और लेबनान के बीच जारी अस्थायी सीजफायर के बावजूद एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। दक्षिणी लेबनान में इजरायली हवाई हमले में एक महिला पत्रकार सहित कुल 5 लोगों की मौत हो गई है। इस घटना ने पहले से ही कमजोर चल रहे सीजफायर समझौते पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमला लेबनान के अत-तिरी गांव और आसपास के इलाकों में किया गया, जहां दो वाहनों और बाद में एक इमारत को निशाना बनाया गया। पत्रकारों पर हमला, अमल खलील की मौत घटना के दौरान दो पत्रकार मौके पर कवरेज के लिए पहुंचे थे, तभी दूसरा हवाई हमला हुआ। इस हमले में दोनों पत्रकार गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में मलबे से निकालने के दौरान महिला पत्रकार अमल खलील की मौत हो गई। अमल खलील स्थानीय मीडिया संस्थान “अल-अखबार” के लिए काम करती थीं। उनकी मौत के बाद मीडिया जगत में शोक की लहर है और पत्रकार सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। इजरायली सेना का दावा – हिज्बुल्लाह को बनाया निशाना इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने बयान जारी करते हुए कहा है कि यह हमला हिज्बुल्लाह की गतिविधियों के जवाब में किया गया। सेना के अनुसार, दक्षिणी लेबनान में दो संदिग्ध लोग इजरायली सैनिकों के करीब पहुंच रहे थे, जिसके बाद खतरे को देखते हुए कार्रवाई की गई। इजरायल का दावा है कि हिज्बुल्लाह सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है और सैन्य ठिकानों के पास गतिविधियां बढ़ा रहा है। लेबनान ने लगाया आरोप, पत्रकारों पर हमला निंदनीय लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इजरायली हमले की कड़ी निंदा की है। वहीं सूचना मंत्री ने कहा कि बचाव कार्य के दौरान भी हमला किया गया, जो बेहद गंभीर और अस्वीकार्य है। सरकार ने इसे मीडिया की स्वतंत्रता और मानवीय सुरक्षा पर हमला बताया है। सीजफायर पर फिर मंडराया संकट इस ताजा घटना के बाद इजरायल-लेबनान सीजफायर एक बार फिर खतरे में दिख रहा है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।  

surbhi अप्रैल 23, 2026 0
Israeli strike in southern Lebanon injures civilians as West Asia tensions rise amid ongoing conflict
West Asia: बढ़ते तनाव के बीच कूटनीति जारी, लेबनान में इज़राइली हमले में 6 घायल; ईरान बोला–धमकियों के साये में नहीं होगी वार्ता

  पश्चिम एशिया इस समय बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रहा है, जहां एक तरफ युद्धविराम और बातचीत की कोशिशें जारी हैं, वहीं दूसरी ओर हिंसा और अविश्वास कम होने का नाम नहीं ले रहे। इज़राइल और लेबनान के बीच लागू 10 दिन के युद्धविराम के बावजूद छिटपुट हमले जारी हैं, जिससे हालात पूरी तरह स्थिर नहीं हो पाए हैं। दक्षिण लेबनान में इज़राइली हमले, 6 घायल दक्षिण लेबनान में इज़राइली हमले में कम से कम छह लोग घायल हो गए हैं। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमला सीमा के पास हुआ, जहां पहले से ही तनाव बना हुआ है। युद्धविराम लागू होने के बावजूद ऐसी घटनाएं शांति प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रही हैं। गाजा में फिर बढ़ी हिंसा गाज़ा पट्टी में हालात और बिगड़ते नजर आ रहे हैं। उत्तरी तट पर इज़राइली नौसेना की गोलीबारी में एक फलस्तीनी महिला की मौत हो गई। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, सोमवार को अलग-अलग हमलों में कुल पांच लोगों की जान गई है। लगातार हो रही हिंसा से क्षेत्र में मानवीय संकट और गहरा सकता है। ईरान का सख्त रुख–‘धमकियों में बातचीत नहीं’ इस बीच ईरान ने अमेरिका के साथ संभावित वार्ता को लेकर सख्त रुख अपनाया है। ईरानी नेतृत्व ने साफ कहा है कि वह किसी भी तरह की धमकी या दबाव के माहौल में बातचीत स्वीकार नहीं करेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका-ईरान के बीच तनाव और समुद्री नाकाबंदी को लेकर टकराव चरम पर है। कूटनीतिक कोशिशें जारी, लेकिन अनिश्चितता बरकरार संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की कोशिशें जारी हैं, लेकिन हालिया घटनाओं ने वार्ता की संभावनाओं को कमजोर कर दिया है। क्षेत्रीय और वैश्विक शक्तियां शांति बहाल करने की कोशिश कर रही हैं, मगर जमीनी हालात अभी भी नाजुक बने हुए हैं।  

surbhi अप्रैल 21, 2026 0
Today Horoscope
Today Horoscope: आज का राशिफल 21 अप्रैल 2026, मंगलवार

मेष राशि : बाहर का और खुला खाना खाते वक़्त ख़ास तौर पर बचाव पर ध्यान देने की ज़रूरत है. हालाँकि बिना वजह तनाव न लें, क्योंकि यह आपको मानसिक कष्ट दे सकता है. आपका धन कहां खर्च हो रहा है इसपर आपको नजर बनाए रखने की जरुरत है नहीं तो आने वाले समय में आपको परेशानी हो सकती है. काम का तनाव आपके दिमाग़ पर छा सकता है जिसकी वजह से परिवार और मित्रों के लिए वक़्त नहीं निकाल सकेंगे. आज आप अपने जीवन की परेशानियों को अपने संगी से साझा करना चाहेंगे लेकिन वो अपनी परेशानियों के बारें में बता के आपको और ज्यादा परेशान कर देंगे. ऐसे लोगों से साथ जुड़ें जो स्थापित हैं और भविष्य के रुझानों को समझने में आपकी मदद कर सकते हैं. बातचीत में कुशलता आज आपका मज़बूत पक्ष साबित होगी. आपके और आपके जीवनसाथी के बीच कोई बाहरी व्यक्ति दूरी पैदा करने की कोशिश कर सकता है, लेकिन आप दोनों चीज़ें संभाल लेंगे। उपाय :- पारिवारिक जीवन में खुशहाली के लिए पुरुष मस्तक पर लाल टीके का व गृहणियाँ लाल सिंदूर का प्रयोग करें।   वृषभ राशि : मानसिक तौर पर आप स्थिर महसूस नहीं करेंगे- इसलिए इस बात का ख़याल रखें कि दूसरों के सामने आप कैसे बर्ताव करते और बोलते हैं. माता-पिता की मदद से आप आर्थिक तंगी से बाहर निकलने में क़ामयाब रहेंगे. शाम के वक़्त अचानक मिली कोई अच्छी ख़बर पूरे परिवार की ख़ुशी और उत्साह की वजह साबित होगी. आज आपकी मुस्कान बेमानी है, हँसी में वो खनक नहीं है, दिल धड़कने में आनाकानी कर रहा है; क्योंकि आप किसी ख़ास के साथ की कमी महसूस कर रहे हैं. कुछ सहकर्मी कई अहम मुद्दों पर आपकी कार्यशैली से नाख़ुश होंगे, लेकिन यह वे आपको बताएंगे नहीं. अगर आपको लगता है कि परिणाम आपकी उम्मीद के मुताबिक़ नहीं आ रहे हैं, तो अपनी योजनाओं का फिर से विश्लेषण कर उनमें सुधार लाना बेहतर रहेगा. आज घर के लोगों के साथ बातचीत करते दौरान आपके मुंह से कोई ऐसी बात निकल सकती है जिससे घर के लोग नाराज हो सकते हैं. इसके बाद घर के लोगों को मनाने में आपका काफी समय जा सकता है. अगर आप अपने जीवनसाथी की छोटी-छोटी बातों को नज़रअन्दाज़ करेंगे, तो उन्हें बुरा लग सकता है। उपाय :- खीर का सेवन करने से स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।   मिथुन राशि : बहुत ज़्यादा रोमांच और दीवानगी की ऊँचाई आपके तंत्रिका-तंत्र को नुक़सान पहुँचा सकती है. इन दिक़्क़तों से बचने के लिए अपने जज़्बात क़ाबू में रखें. आज आपके माता-पिता में से कोई आपको धन की बचत करने को लेकर लेक्चर दे सकता है, आपको उनकी बातोें को बहुत गौर से सुनने की जरुरत है नहीं तो आने वाले समय में परेशानी आपको ही उठानी पड़ेगी. अपने घर के वातावरण में कुछ बदलाव करने से पहले आपको सभी की राय जानने की कोशिश करनी चाहिए. काम के दबाव के चलते मानसिक उथल-पुथल और परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. दिन के उत्तरार्ध में ज़्यादा तनाव न लें और आराम करें. आप दफ़्तर में माहौल में बेहतरी और कामकाज के स्तर में सुधार को महसूस कर सकते हैं. अगर आपके पास हालात से उबरने के लिए दृढ़ इच्छा-शक्ति है, तो कुछ भी असंभव नहीं है. आज आपका जीवनसाथी आपकी सेहत के प्रति असंवेदनशील हो सकता है। उपाय :- अपने प्रेमी/प्रेमिका को सुगन्धित परफ्यूम या इत्र गिफ्ट करें इससे लव लाइफ अच्छी रहेगी।   कर्क राशि : ख़ुद को किसी रचनात्मक काम में लगाएँ. मानसिक शांति के लिए आपकी खाली बैठने की आदत ख़तरनाक साबित हो सकती है. हालाँकि आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा, लेकिन पैसे का लगातार पानी की तरह बहते जाना आपकी योजनाओं में रुकावट पैदा कर सकता है. अपने सामाजिक जीवन को दरकिनार न करें. अपनी व्यस्त दिनचर्या में से थोड़ा-सा समय निकालकर अपने परिवार के साथ किसी आयोजन में शिरकत करें. यह न सिर्फ़ आपका दबाव कम करेगा, बल्कि आपकी झिझक भी मिटा देगा. आज आपकी कोई बुरी आदत आपके प्रेमी को बुरी लग सकती है और वो आपसे नाराज हो सकते हैं. काम पर लोगों के साथ मेलजोल में समझ और धैर्य से सावधानी बरतें. खाली समय में आज आप अपने मोबाइल पर कोई वेब सीरीज देख सकते हैं. आज आप अपने जीवनसाथी के साथ सैर-सपाटे का मज़ा ले सकते हैं. साथ में समय गुज़ारने का यह बढ़िया मौक़ा है। उपाय :- बड़/बरगद के पेड को मीठे दूध से सींचे, इससे नौकरी/बिज़नेस में तरक्की होगी।   सिंह राशि : आँखों के मरीज़ प्रदूषित जगहों पर जाने से बचें, क्योंकि धूँआ आपकी आँखों को और नुक़सान पहुँचा सकता है. अगर मुमकिन हो तो सूरज की तेज़ रोशनी से भी बचे. रुका हुआ धन मिलेगा और आर्थिक हालात में सुधार आएगा. परिवार के सदस्य कई चीज़ों की मांग कर सकते हैं. आज प्यार के मामले में सामाजिक बंधन तोड़ने से बचें. नए ग्राहकों से बात करने के लिए बेहतरीन दिन है. आप अपनी छुपी ख़ासियत का इस्तेमाल कर दिन को बेहतरीन बनाएंगे. आपके जीवनसाथी की सुस्ती आपके कई कामों पर पानी फेर सकती है। उपाय :- बहन, बेटी, मौसी, बुआ या साली की सहायता करना पारिवारिक जीवन के लिए शुभ है।   कन्या राशि : दोस्त या सहकर्मी का स्वार्थी बर्ताव आपका मानसिक सुकून ख़त्म कर सकता है. अतिरिक्त धन को रिअल एस्टेट में निवेश किया जा सकता है. पढ़ाई की क़ीमत पर घर से ज़्यादा देर तक बाहर रहना आपको माता-पिता के ग़ुस्से का शिकार बना सकता है. करिअर के लिए योजना बनाना उतना ही आवश्यक है, जितना कि खेलना-कूदना. इसलिए माता-पिता को ख़ुश करने के लिए दोनों में संतुलन बनाना ज़रूरी है. अपने प्रिय के बिना समय बिताने में दिक़्क़त महसूस करेंगे. आज फ़ायदा हो सकता है, बशर्ते आप अपनी बात भली-भांति रखें और काम में लगन व उत्साह दिखाएँ. अगर आप किसी विवाद में उलझ जाएँ तो तल्ख़ टिप्पणी करने से बचिए. आपका जीवनसाथी आपसे नाराज़ हो सकता है, क्योंकि आप उनसे कोई बात साझा करना भूल गए थे। उपाय :- काले व सफेद तिल बराबर मात्रा में लेकर चितकबरे कपड़े में बांधकर अपने पास रखने से हेल्थ अच्छी रहेगी।   तुला राशि : आज के दिन आराम करना ज़रूरी साबित होगा, क्योंकि आप हाल के दिनों में भारी मानसिक दबाव से गुज़रे हैं. नयी गतिविधियाँ और मनोरंजन आपके लिए विश्राम करने में सहायक सिद्ध होंगे. आज धन आपके हाथ में नहीं टिकेगा, आपको धन संचय करने में आज बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. घर वालों के साथ मिलकर कुछ अलग और रोमांचक किया जाना चाहिए. आपको प्यार में ग़म का सामना करना पड़ सकता है. अपनी कोशिशों को सही दिशा दें और आपको असाधारण क़ामयाबी से नवाज़ा जाएगा. मुमकिन है कि आपके अतीत से जुड़ा कोई शख़्स आज आपसे संपर्क करेगा और इस दिन को यादगार बना देगा. जीवनसाथी से बहुत ज़्यादा उम्मीदें रखना आपको वैवाहिक जीवन में उदासी की तरफ़ ले जा सकता है। उपाय :- अच्युतं केशवं विष्णुं हरिं सत्यं जनार्दनम्. हंसं नारायणं चैवमेतन्नमाष्टकम् पठेत.. विष्णु जी के इन 8 नामों का जाप करने से आर्थिक उन्नति होगी।   वृश्चिक राशि : स्वास्थ्य के लिहाज़ से बहुत अच्छा दिन है. आपकी ख़ुशमिज़ाजी ही आपके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी करेगी. नया आर्थिक क़रार अंतिम रूप लेगा और धन आपकी तरफ़ आएगा. आपको अपनी भावनाओं को नियन्त्रित करने में कठिनाई होगी, लेकिन आस-पास के लोगों से झगड़ा न करें नहीं तो आप अकेले रह जाएंगे. अटके कामों के बावजूद रोमांस और बाहर घूमना-फिरना आपके दिलो-दिमाग़ पर छाया रहेगा. सहकर्मियों और वरिष्ठों के पूरे सहयोग के चलते दफ़्तर में काम तेज़ रफ़्तार पकड़ लेगा. इस राशि के जातक आज लोगों से मिलने से ज्यादा अकेले में वक्त बिताना पसंद करेंगे. आज आपका खाली समय घर की सफाई में बीत सकता है. आप और आपका जीवनसाथी मिलकर वैवाहिक जीवन की बेहतरीन यादें रचेंगे। उपाय :- गणेश या विष्णु जी के मंदिर में कांसे की ज्योत दान में देने से पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा।   धनु राशि : अपने जीवन को चिर-स्थायी न मानें और जीवन के प्रति सजगता को अपनाएँ. निवेश के लिए अच्छा दिन है, लेकिन उचित सलाह से ही निवेश करें. सामाजिक गतिविधियाँ मज़ेदार रहेंगी, लेकिन अपने रहस्य किसी के सामने उजागर न करें. फूल देकर अपने प्यार का इज़हार करें. भागीदार आपकी योजनाओं और व्यावसायिक ख़यालों के प्रति उत्साही होंगे. सफ़र के लिए दिन ज़्यादा अच्छा नहीं है. मुमकिन है कि आज आपका जीवनसाथी ख़ूबसूरत शब्दों में यह बताए कि आप उनके लिए कितने क़ीमती हैं। उपाय :- स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए खाना खाते समय तांबे या सोने (अगर संभव हो तो) के चम्मच का ही प्रयोग करें।   मकर राशि : कुछ लोग सोच सकते हैं कि आप नया सीखने के लिए काफ़ी उम्रदराज़ हो चुके हैं- लेकिन यह सच्चाई से बहुत दूर है- आप अपने तेज़ और सक्रिय दिमाग़ की वजह से कुछ भी आसानी से सीख सकते हैं. संदिग्ध आर्थिक लेन-देन में फँसने से सावधान रहें. प्यार, मेलजोल और आपसी जुड़ाव में इज़ाफा होगा. आपको अपने प्रिय को ख़ुद के हालात समझाने में दिक़्क़त महसूस होगी. तब तक कोई वादा न करें, जब तक कि आप पूरी तरह उसे पूरा करने में सक्षम न हों. अगर आप अपने घर से बाहर रहकर अध्ययन या नौकरी करते हैं तो आज के दिन आप खाली समय में अपने घर वालों से बात कर सकते हैं. घर की किसी खबर को सुनकर आप भावुक भी हो सकते हैं. जन्मदिन भूलने जैसी किसी छोटी-सी बात को लेकर जीवनसाथी से तक़रार मुमकिन है. लेकिन अन्ततः सब ठीक हो जाएगा। उपाय :- आर्थिक स्थिति को बेहतर करने के लिए ॐ नीलवर्णाय विदमहे सैंहिकेयाय धीमहि तन्नों राहुः प्रचोदयात. इस मंत्र का 11 बार उच्चारण करें।   कुम्भ राशि : अपना मूड बदलने के लिए सामाजिक मेलजोल का सहारा लें. आज बिना किसी की मदद के ही आप धन कमा पाने में सक्षम होंगे. शाम के समय अपने जीवनसाथी के साथ बाहर खाना या फ़िल्म देखना आपको सुकून देगा और ख़ुशमिज़ाज बनाए रखेगा. विवादित मुद्दों को उठाने से बचें, अगर आप आज 'डेट' पर जा रहे हैं तो. दफ़्तर में आपको कुछ ऐसा काम मिल सकता है, जिसे आप हमेशा से करना चाहते थे. आज आप अपने जीवनसाथी को सरप्राइज दे सकते हैं, अपने सारे कामों को छोड़कर आज आप उनके साथ वक्त बिता सकते हैं. अगर आपके जीवनसाथी की सेहत कर चलते किसी से मिलने की योजना रद्द हो जाए तो चिंता न करें, आप साथ में अधिक समय व्यतीत कर सकेंगे। उपाय :- प्लैटिनम की बनी कोई भी वस्तु अपने प्रेमी/प्रेमिका को गिफ्ट में देने से प्रेम सम्बन्ध मजबूत होंगे।   मीन राशि : ख़याली पुलाव पकाने में वक़्त ज़ाया न करें. सार्थक कामों में लगाने के लिए अपनी ऊर्जा बचाकर रखें. पैसों की कमी आज घर में कलह की वजह बन सकती है, ऐसी स्थिति में अपने घर के लोगों से सोच-समझकर बात करें और उनसे सलाह लें. बुज़ुर्ग रिश्तेदार अपनी बेजा मांगों से आपको परेशान कर सकते हैं. अपने साथी को भावनात्मक तौर पर ब्लैकमेल करने से बचें. आपको कार्यक्षेत्र में अच्छे फल पाने के लिए अपने काम करने के तरीके पर गौर करने की जरुरत है नहीं तो आप बॉस की नजरों में आपकी नकारात्मक छवि बन सकती है. आज इस राशि के कुछ छात्र लेपटॉप या टीवी पर कोई मूवी देखकर अपना कीमती समय जाया कर सकते हैं. जीवनसाथी की ओर से जानबूझ कर भावनात्मक चोट मिल सकती है, जिसके चलते आप उदास हो सकते हैं। उपाय :- आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए गाय को गुड खिलाएँ। कृपया ध्यान दें यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए IDTV इन्द्रधनुष उत्तरदायी नहीं हैं।

Anjali Kumari अप्रैल 21, 2026 0
US Navy deployment in Strait of Hormuz amid rising tensions between America and Iran affecting global oil supply
पाकिस्तान वार्ता फेल: ट्रंप का ईरान पर बड़ा वार, हॉर्मुज में घेराबंदी से तेल संकट गहराया

पाकिस्तान में हुई लंबी शांति वार्ता के विफल होने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपना लिया है। ट्रंप ने साफ कहा कि उन्हें इस बात की कोई चिंता नहीं है कि ईरान बातचीत की मेज पर लौटता है या नहीं, और दावा किया कि तेहरान की स्थिति इस समय बेहद कमजोर है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी कदम अमेरिकी नौसेना ने Strait of Hormuz में घेराबंदी की तैयारी शुरू कर दी है। इस रणनीतिक मार्ग से गुजरने वाले उन जहाजों को रोका जाएगा, जो ईरान के बंदरगाहों से जुड़े हैं। दुनिया का करीब 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है फैसले के बाद वैश्विक बाजार में तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई न्यूक्लियर हथियार पर अमेरिका की दो टूक ट्रंप ने स्पष्ट कहा कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं बनाने दिया जाएगा। अमेरिका की प्रमुख मांगें हैं: यूरेनियम संवर्धन (Enrichment) पूरी तरह बंद हो क्षेत्रीय हथियारबंद समूहों को समर्थन रोका जाए सूत्रों के मुताबिक, वार्ता के दौरान ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को जारी रखने के संकेत दिए थे, जिससे गतिरोध और गहरा गया। NATO पर भी ट्रंप का हमला अमेरिकी राष्ट्रपति ने NATO पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा: अमेरिका संगठन पर भारी खर्च करता है लेकिन संकट के समय सहयोग नहीं मिलता NATO की भूमिका की फिर से समीक्षा की जाएगी ईरान की चेतावनी ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि अगर हॉर्मुज क्षेत्र में कोई सैन्य हस्तक्षेप हुआ, तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। स्थिति को संभालने के लिए Pakistan, European Union, Oman और Russia कूटनीतिक प्रयास कर रहे हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव इस पूरे घटनाक्रम के बीच Israel की लेबनान में सैन्य गतिविधियों ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात जल्द नहीं संभले, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर लंबे समय तक पड़ सकता है।  

surbhi अप्रैल 13, 2026 0
residential building in southern Lebanon amid rising Middle East tensions.
शांति वार्ता के बीच इजरायल का हमला: लेबनान में 3 की मौत, बढ़ा तनाव

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के बेहद संवेदनशील मोड़ पर पश्चिम एशिया में हालात फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। एक ओर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की तैयारी चल रही है, वहीं दूसरी ओर इजरायल ने लेबनान में ताजा हमला कर दिया है। इस हमले में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है, जिससे क्षेत्र में शांति प्रयासों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायली सेना ने दक्षिण लेबनान के नबातीह क्षेत्र के मेफादौन कस्बे में एक रिहायशी इमारत को निशाना बनाया। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब क्षेत्र में दो सप्ताह के संघर्षविराम (सीजफायर) को स्थायी रूप देने के लिए बातचीत की उम्मीदें जताई जा रही थीं। वार्ता पर मंडराया संकट इस पूरे घटनाक्रम ने इस्लामाबाद में होने वाली अमेरिका-ईरान वार्ता पर असर डाल दिया है। ईरान का दावा है कि हालिया सीजफायर में लेबनान भी शामिल था, जबकि इजरायल और अमेरिका इस दावे को खारिज करते रहे हैं। यही मतभेद अब शांति वार्ता के एजेंडे का सबसे बड़ा विवाद बनता दिख रहा है। सूत्रों के मुताबिक, लेबनान को लेकर बढ़ते तनाव के कारण ईरान ने पहले वार्ता में शामिल होने से हिचक दिखाई थी। हालांकि, इजरायल द्वारा बातचीत के संकेत देने के बाद ईरान वार्ता के लिए तैयार हुआ। 14 अप्रैल को नई उम्मीद इस बीच, लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने घोषणा की है कि 14 अप्रैल से इजरायल और लेबनान के बीच सीधी बातचीत शुरू हो सकती है। यह बातचीत अमेरिका की मध्यस्थता में होने की संभावना है। जंग का बड़ा असर 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के बाद से लेबनान में हालात बेहद खराब हो चुके हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक करीब 1,900 लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार हमलों और जवाबी कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर बना दिया है और वैश्विक स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी है। क्या आगे बढ़ेगी शांति प्रक्रिया? विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लेबनान में हिंसा नहीं रुकती, तो अमेरिका-ईरान वार्ता का सकारात्मक परिणाम निकलना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि क्षेत्र स्थिरता की ओर बढ़ेगा या फिर एक बार फिर बड़े संघर्ष की ओर लौटेगा।  

surbhi अप्रैल 11, 2026 0
Iran, Israel, and US tensions amid ongoing ceasefire and Hezbollah strikes.
Iran–US–Israel War: सीजफायर के बीच भी तनाव बरकरार

Middle East Conflict Update: अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिन का सीजफायर लागू होने के बावजूद हालात सामान्य नहीं हुए हैं। इजरायल लगातार लेबनान में हिज़्बुल्लाह पर हमले कर रहा है, जिससे क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। ईरान का बड़ा बयान ईरान ने खाड़ी देशों पर हमलों से साफ इनकार किया कहा: ये हमले इजरायल या अमेरिका का काम हो सकते हैं रिवोल्यूशनरी गार्ड ने आधिकारिक बयान में अपनी भूमिका नकार दी इजरायल का एक्शन जारी लेबनान में हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले IDF चीफ ने बिन्त जबील इलाके का दौरा किया सैनिकों को निर्देश: “उत्तर के नागरिकों की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित करें” पाकिस्तान में अहम बातचीत अमेरिका–ईरान के बीच फाइनल सीजफायर पर बातचीत पाकिस्तान में प्रस्तावित पाकिस्तान इसे अपनी डिप्लोमैटिक अग्निपरीक्षा मान रहा है लेकिन पाक रक्षा मंत्री के इजरायल पर विवादित बयान से माहौल तनावपूर्ण है अमेरिकी ड्रोन हुआ गायब US Navy का MQ-4C Triton surveillance drone फारस की खाड़ी में उड़ान के दौरान अचानक संपर्क टूटा आखिरी बार ईरान की दिशा में मुड़ते देखा गया तेल बाजार पर असर सऊदी अरब के मुताबिक: कई तेल और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले East-West pipeline प्रभावित उत्पादन क्षमता में 7 लाख बैरल/दिन की कमी कुल मिलाकर सीजफायर सिर्फ अस्थायी राहत है जमीनी हालात अब भी बेहद तनावपूर्ण है कूटनीति और युद्ध दोनों साथ-साथ चल रहे हैं आने वाले दिनों में पाकिस्तान में होने वाली बातचीत इस पूरे संकट की दिशा तय कर सकती है।  

surbhi अप्रैल 10, 2026 0
Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu addressing citizens about continued military operations against Hezbollah in Lebanon.
लेबनान में ‘सीजफायर नहीं’, हिज़्बुल्लाह पर हमले जारी रहेंगे: नेतन्याहू

Israel-Lebanon Conflict: इजराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि लेबनान के साथ किसी भी तरह का संघर्षविराम (सीजफायर) लागू नहीं है। उन्होंने कहा कि इजरायली सेना हिज़्बुल्लाह के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेगी। “हम तब तक नहीं रुकेंगे…” नेतन्याहू ने उत्तरी इजराइल के नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा: “लेबनान में कोई संघर्षविराम लागू नहीं है। हम पूरी ताकत से हिज़्बुल्लाह पर हमले कर रहे हैं और तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक अपनी सुरक्षा बहाल नहीं हो जाती।” बातचीत के लिए भी दिए निर्देश हालांकि, इससे पहले नेतन्याहू ने एक अलग बयान में संकेत दिया था कि: उन्होंने कैबिनेट को लेबनान के साथ बातचीत शुरू करने के निर्देश दिए हैं यह बातचीत जल्द शुरू हो सकती है बातचीत का फोकस क्या होगा? नेतन्याहू के मुताबिक संभावित बातचीत इन मुद्दों पर केंद्रित होगी: हिज़्बुल्लाह का निरस्त्रीकरण (हथियार छोड़ना) इजराइल और लेबनान के बीच शांतिपूर्ण संबंध स्थापित करना लेबनान के PM के बयान का जिक्र इजरायली प्रधानमंत्री ने लेबनान के प्रधानमंत्री द्वारा बेरूत के निरस्त्रीकरण की अपील की सराहना भी की और इसे बातचीत के लिए सकारात्मक संकेत बताया।  

surbhi अप्रैल 10, 2026 0
Hezbollah fighters with rockets near Israel-Lebanon border highlighting rising Middle East security tensions.
1.5 लाख रॉकेट और सीमा पर मौजूदगी-हिज्बुल्लाह क्यों बना सबसे बड़ा खतरा

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच हिज्बुल्लाह को लेकर इज़रायल का रुख लगातार आक्रामक होता जा रहा है। इजरायल और ईरान के बीच हालिया युद्धविराम के बावजूद, लेबनान में इज़रायली हमले तेज हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे सबसे बड़ा कारण हिज्बुल्लाह की बढ़ती सैन्य क्षमता और उसकी रणनीतिक स्थिति है, जो इज़रायल के लिए तत्काल और गंभीर खतरा बन चुकी है। सबसे अहम पहलू भौगोलिक निकटता है। जहां ईरान इज़रायल से काफी दूरी पर स्थित है, वहीं हिज्बुल्लाह सीधे उत्तरी सीमा से सटा हुआ है। इसका मतलब है कि किसी भी हमले की स्थिति में इज़रायल के पास प्रतिक्रिया के लिए बेहद कम समय होता है। यही वजह है कि इज़रायल इसे “तत्काल खतरे” के रूप में देखता है। हिज्बुल्लाह की सैन्य ताकत भी चिंता का बड़ा कारण है। अनुमान है कि उसके पास 1.2 लाख से लेकर 2 लाख तक रॉकेट और मिसाइलों का जखीरा है। इतनी बड़ी संख्या में हथियार किसी भी समय बड़े पैमाने पर हमले की क्षमता देते हैं। इसके अलावा, संगठन की रणनीति भी अलग है-यह एक साथ सैकड़ों रॉकेट और ड्रोन दागकर इज़रायल की रक्षा प्रणाली पर दबाव बनाता है। इज़रायल का आयरन डोम सिस्टम बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में सक्षम है, लेकिन बड़ी संख्या में छोटे रॉकेट और ड्रोन हमलों से यह सिस्टम भी चुनौती में आ जाता है। यही कारण है कि हिज्बुल्लाह की “सैचुरेशन अटैक” रणनीति इज़रायल के लिए बड़ी सुरक्षा चुनौती बन गई है। इसके अलावा, हिज्बुल्लाह की “रदवान फोर्स” जैसी विशेष यूनिट इज़रायल के लिए अतिरिक्त खतरा पैदा करती है। यह यूनिट सीमा पार घुसपैठ और बंधक बनाने जैसे ऑपरेशन के लिए प्रशिक्षित है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बल उत्तरी इज़रायल में घुसपैठ की क्षमता भी दिखा चुका है। हिज्बुल्लाह की एक और ताकत उसकी सटीक निर्देशित मिसाइलें हैं, जो बिजली संयंत्र, सैन्य ठिकानों और अन्य अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना सकती हैं। इससे इज़रायल के रणनीतिक ढांचे को सीधा खतरा पैदा होता है। सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि हिज्बुल्लाह को ईरान की “पहली रक्षा पंक्ति” माना जाता है। यदि भविष्य में इज़रायल ईरान पर सीधा हमला करता है, तो हिज्बुल्लाह जवाबी कार्रवाई के लिए तुरंत सक्रिय हो सकता है। इससे इज़रायल को एक साथ दो मोर्चों पर युद्ध का खतरा झेलना पड़ सकता है। इन सभी कारणों से स्पष्ट है कि इज़रायल के लिए हिज्बुल्लाह केवल एक संगठन नहीं, बल्कि एक बहु-आयामी सुरक्षा चुनौती बन चुका है जो उसे ईरान से भी अधिक खतरनाक नजर आता है।  

surbhi अप्रैल 9, 2026 0
Israeli airstrikes over Beirut causing massive destruction and casualties during the deadliest Lebanon attack in decades.
लेबनान में 30 साल का सबसे भीषण हमला: इजरायल की रातभर बमबारी, 250 से ज्यादा मौतें

मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। Israel ने Lebanon पर ऐसा भीषण हमला किया है, जिसे पिछले 30 वर्षों का सबसे बड़ा सैन्य अभियान बताया जा रहा है। सीजफायर के बीच हमला, हालात बेकाबू Iran और अमेरिका के बीच हुए संघर्षविराम के महज 24 घंटे के भीतर यह हमला हुआ। इजरायल का कहना है कि यह सीजफायर लेबनान पर लागू नहीं होता और उसका निशाना ईरान समर्थित संगठन Hezbollah के ठिकाने हैं। 10 मिनट में 100 से ज्यादा हमले रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायली वायुसेना ने महज 10 मिनट के भीतर 100 से अधिक हवाई हमले किए। इस ऑपरेशन में करीब 50 फाइटर जेट शामिल थे। राजधानी बेरूत और दक्षिणी लेबनान के कई शहरों में भारी तबाही देखी गई। 250 से ज्यादा मौतें, 1100 घायल हमलों में अब तक 250 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 1100 से ज्यादा लोग घायल हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अस्पतालों में अफरातफरी का माहौल है और कई लोग अभी भी मलबे में दबे हुए हैं। रिहायशी इलाकों पर भारी तबाही सबसे ज्यादा नुकसान घनी आबादी वाले इलाकों में हुआ है। कई ऊंची इमारतें ध्वस्त हो गईं, जिससे बचाव कार्य बेहद मुश्किल हो गया है। साइदा और बालबेक जैसे शहरों में जनाजों और रिहायशी क्षेत्रों को भी निशाना बनाए जाने की खबरें हैं। रक्तदान की अपील, राहत कार्य जारी घायलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लेबनान रेडक्रॉस ने लोगों से रक्तदान की अपील की है। बचाव दल लगातार मलबा हटाकर फंसे लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं। ईरान की चेतावनी, बढ़ सकता है संकट हमलों के बाद Iran ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी है कि अगर इजरायल ने हमले नहीं रोके, तो वह संघर्षविराम से पीछे हट सकता है। इसके साथ ही Strait of Hormuz को फिर से बंद करने की धमकी भी दी गई है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। नेतन्याहू का बयान इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि यह कार्रवाई देश की सुरक्षा के लिए जरूरी है और इसमें लेबनान को शामिल नहीं किया गया था। वैश्विक चिंता बढ़ी इस हमले ने पूरे मिडिल ईस्ट को फिर अस्थिर कर दिया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर हालात जल्द नहीं संभले, तो यह संघर्ष क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है। ईरान-अमेरिका सीजफायर के बावजूद लेबनान में जारी यह हिंसा दिखाती है कि क्षेत्र में शांति अभी दूर है। लगातार बढ़ती हिंसा और बड़े पैमाने पर जनहानि वैश्विक समुदाय के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है।

surbhi अप्रैल 9, 2026 0
Israel Plans Lebanon Buffer Zone Amid Tensions
लेबनान के 10% हिस्से पर कब्जे की तैयारी? इजरायली रक्षा मंत्री काट्ज का बड़ा बयान, मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव

मध्य-पूर्व में जारी अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष के बीच इजरायल ने लेबनान को लेकर बड़ा दावा किया है। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा है कि उनकी सेना दक्षिणी लेबनान के करीब 10% हिस्से पर नियंत्रण स्थापित करेगी। लिटानी नदी तक बनेगा ‘बफर ज़ोन’ काट्ज के मुताबिक, इजरायली सेना लिटानी नदी तक इलाके को नियंत्रित करेगी और वहां एक मजबूत रक्षात्मक बफर ज़ोन तैयार किया जाएगा। यह नदी इजरायल की सीमा से लगभग 30 किलोमीटर अंदर है और यह क्षेत्र लेबनान के कुल भूभाग का करीब एक-दसवां हिस्सा माना जाता है। उन्होंने कहा, “सेना लिटानी नदी तक बचे हुए पुलों और सुरक्षा क्षेत्र को अपने नियंत्रण में लेगी।” काट्ज ने यह भी दावा किया कि जिन इलाकों में “आतंकवाद” मौजूद है, वहां नागरिकों को रहने की अनुमति नहीं होगी। ‘सुरक्षा सुनिश्चित होने तक वापसी नहीं’ इजरायल ने साफ किया है कि जब तक उसकी उत्तरी सीमा पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाती, तब तक सेना पीछे नहीं हटेगी। रक्षा मंत्री के अनुसार, दक्षिणी लेबनान से लाखों लोग पहले ही उत्तर की ओर पलायन कर चुके हैं और उनकी वापसी सुरक्षा हालात सुधरने पर ही संभव होगी। क्यों लिया गया फैसला? इजरायल का कहना है कि यह कदम हिजबुल्लाह के खतरे को खत्म करने और अपनी सीमा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। इजरायली सेना पहले ही लिटानी नदी के आसपास कई पुलों को निशाना बना चुकी है, ताकि हिजबुल्लाह के लड़ाके और हथियार दक्षिणी इलाकों में न पहुंच सकें। काट्ज ने इसे “फॉरवर्ड डिफेंस लाइन” बताया। हिजबुल्लाह की चेतावनी हिजबुल्लाह ने इजरायल के इस प्लान को लेबनान के लिए “अस्तित्व का खतरा” बताया है और कहा है कि किसी भी कब्जे की कोशिश का जोरदार विरोध किया जाएगा। जंग में नया मोड़ यह बयान ऐसे समय में आया है जब हिजबुल्लाह लगातार इजरायल के शहरों-हाइफा और नाहारिया-पर रॉकेट हमले कर रहा है। वहीं ईरान की ओर से भी ड्रोन हमले जारी हैं। इसके अलावा, बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर धमाकों की खबरें भी सामने आई हैं। कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं फिलहाल कमजोर दिख रही हैं। इजरायल का यह बयान मिडिल ईस्ट संघर्ष को और गंभीर मोड़ दे सकता है। अगर दक्षिणी लेबनान में बफर ज़ोन बनाने की योजना आगे बढ़ती है, तो इससे क्षेत्र में जंग और लंबी तथा व्यापक हो सकती है।  

surbhi मार्च 25, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Indian delegation at international cyber security meeting after India assumed CCDB chairmanship role
राष्ट्रीय

भारत को मिली बड़ी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी, संभाला CCDB के अध्यक्ष का पद

surbhi मई 15, 2026 0