रांची। झारखंड में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से करीब 45 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे किसानों और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। बारिश की कमी का असर खरीफ फसलों की बुआई पर भी पड़ने लगा है। हालांकि, मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में मानसून के फिर से सक्रिय होने की संभावना जताई है। अगले चार दिनों में बारिश की उम्मीद भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के कई जिलों में अगले चार दिनों के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। 7 जुलाई तक कई इलाकों में बादल छाए रहने, तेज हवाएं चलने और वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है। इससे बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी होने की उम्मीद जताई जा रही है। खेती पर दिखने लगा असर बारिश की कमी के कारण धान समेत खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हो रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वहीं, प्रशासन किसानों को मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखने और मौसम के अनुसार खेती से जुड़े निर्णय लेने की सलाह दे रहा है। रांची समेत कई जिलों को मिल सकती है राहत मौसम विभाग के अनुसार रांची, जमशेदपुर, बोकारो, हजारीबाग, धनबाद और आसपास के जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इससे तापमान में गिरावट आएगी और उमस भरी गर्मी से भी लोगों को राहत मिलने की संभावना है।
रांची: झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, लेकिन राज्य के सभी जिलों में अभी तक समान रूप से बारिश नहीं हो रही है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई हिस्सों के लिए भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 और 3 जुलाई के दौरान बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की प्रबल संभावना है। इसके प्रभाव से झारखंड के कई जिलों में मौसम तेजी से बदल सकता है और भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। 2 जुलाई को इन 5 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने 2 जुलाई को राज्य के पांच जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इनमें शामिल हैं— लातेहार लोहरदगा गुमला सिमडेगा पश्चिमी सिंहभूम इन जिलों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं राज्य के अन्य जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 3 से 6 जुलाई तक भी बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 3 और 4 जुलाई को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज के साथ बारिश और तेज हवा चलने की संभावना बनी रहेगी। 5 जुलाई को राजधानी रांची सहित कई जिलों में फिर से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। जिन जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है, उनमें शामिल हैं— रांची खूंटी लोहरदगा गुमला पूर्वी सिंहभूम पश्चिमी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां सिमडेगा इसके अलावा अन्य जिलों में बादल छाए रहने, तेज हवा चलने और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। 6 जुलाई को भी रांची समेत कई क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। रांची में बढ़ा तापमान, जल्द मिलेगी राहत पिछले 24 घंटों के दौरान राजधानी रांची के अधिकतम तापमान में 3.4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं मेदिनीनगर के तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। रामगढ़ और बहरागोड़ा में अच्छी बारिश बुधवार को राज्य के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं— रामगढ़ – 60.5 मिमी कोडरमा – 20 मिमी जमशेदपुर – 4 मिमी चाईबासा – 2 मिमी लोहरदगा – 2 मिमी गुमला – 1 मिमी सरायकेला – 1 मिमी सबसे अधिक वर्षा बहरागोड़ा में दर्ज की गई, जहां पिछले 24 घंटों में 84.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। अब भी सामान्य से काफी कम बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 1 जुलाई तक झारखंड में कुल 99.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 197.8 मिमी होनी चाहिए थी। इस तरह राज्य में अब तक करीब 50 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, दुमका ऐसा जिला है जहां सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। वहीं राजधानी रांची में अभी भी सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। सबसे अधिक वर्षा की कमी गढ़वा और साहिबगंज जिलों में दर्ज की गई है। लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। गरज-चमक और वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। भारी बारिश की संभावना वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की भी अपील की गई है।
रांची। झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने के संकेत हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 2 और 3 जुलाई को बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की प्रबल संभावना है। इसके प्रभाव से राज्य के कई जिलों में तेज हवा, वज्रपात और भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, 2 जुलाई को लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, राज्य के अन्य जिलों में गरज-चमक, तेज हवा और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 3 और 4 जुलाई को भी अधिकांश क्षेत्रों में मौसम का यही रुख बना रहेगा। इसके अलावा 5 जुलाई को रांची, खूंटी, लोहरदगा, गुमला, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 6 जुलाई को भी रांची समेत कई इलाकों में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। तापमान में उतार-चढ़ाव, कई जगह हुई अच्छी बारिश पिछले 24 घंटों के दौरान रांची के अधिकतम तापमान में 3.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि मेदिनीनगर के तापमान में 1.2 डिग्री की गिरावट आई। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों में तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है। बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो बुधवार को रामगढ़ में 60.5 मिमी, कोडरमा में 20 मिमी, जमशेदपुर में 4 मिमी और बहरागोड़ा में सर्वाधिक 84.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। हालांकि, 1 जून से 1 जुलाई तक राज्य में सामान्य 197.8 मिमी के मुकाबले केवल 99.8 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से करीब 50 प्रतिशत कम है। रांची में अब भी 13 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है, जबकि गढ़वा और साहिबगंज में सबसे कम बारिश होने से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और इसके असर से राज्य के कई हिस्सों में जोरदार बारिश दर्ज की गई है। बारिश के चलते लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है, वहीं मौसम विभाग ने 1 और 2 जुलाई के लिए कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले दो दिनों तक राज्य के कई इलाकों में तेज बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका है। इसे देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है। इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, 1 और 2 जुलाई को निम्न जिलों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है— देवघर दुमका गोड्डा जामताड़ा पाकुड़ साहिबगंज बोकारो धनबाद लोहरदगा गुमला रामगढ़ रांची खूंटी सिमडेगा पूर्वी सिंहभूम पश्चिमी सिंहभूम इन जिलों के लिए वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की सलाह दी है। बारिश से तापमान में आई बड़ी गिरावट मानसून की बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया है। राजधानी रांची में सोमवार की तुलना में मंगलवार को अधिकतम तापमान में करीब 5.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। रांची का अधिकतम तापमान: 28.4°C अनुमानित न्यूनतम तापमान: 21°C मेदिनीनगर का अधिकतम तापमान: 36.6°C तापमान में आई इस गिरावट से लोगों को लंबे समय बाद गर्मी से राहत मिली है। सबसे ज्यादा बारिश मेदिनीनगर में मंगलवार को राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई। प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं— मेदिनीनगर: 67.4 मिमी रांची: 20 मिमी चाईबासा: 14 मिमी बारिश के कारण कई इलाकों का मौसम सुहावना हो गया। 3 से 5 जुलाई तक क्या रहेगा मौसम? मौसम विभाग के अनुसार, 3 से 5 जुलाई के बीच भारी बारिश में कुछ कमी आ सकती है। हालांकि इस दौरान कई स्थानों पर मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। वहीं 6 जुलाई से एक बार फिर मानसून सक्रिय होने के आसार हैं और राज्य के कई हिस्सों में दोबारा भारी बारिश हो सकती है। अब भी सामान्य से काफी कम बारिश हालांकि मानसून ने अब रफ्तार पकड़ ली है, लेकिन जून महीने में झारखंड में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई। 1 जून से 30 जून तक के आंकड़े: पूरे झारखंड में सामान्य से 54% कम बारिश रांची में सामान्य से 26% कम बारिश रांची में जहां सामान्य तौर पर इस अवधि में 197.6 मिमी बारिश होती है, वहीं इस बार केवल 146.9 मिमी बारिश दर्ज की गई। सबसे चिंताजनक स्थिति दुमका की रही, जहां पूरे जून महीने में बारिश लगभग नहीं के बराबर दर्ज की गई। लोगों के लिए सलाह मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के दौरान लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। तेज बारिश और वज्रपात के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें और मौसम से जुड़े आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखें।
रांची। झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। झमाझम बारिश होते ही पुरे राज्य के लोगो को उमस और गर्मी से राहत मिली है। बता दे मौसम विभाग के अनुसार 1 जुलाई को रांची की अधिकतम और सबसे कम तापमान 28 डिग्री और 21 डिग्री सेल्सियस का अनुमान है। मानसून सक्रिय होते ही राज्य के कुछ हिस्से में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक बारिश 67.4 मिमी मेदिनीनगर में दर्ज हुई। रांची के अलावा इन राज्यों में होगी बारिश इसके अलावा रांची में 20 मिमी और चाईबासा में 14 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विज्ञानं केंद्र के अनुसार आज और 2 जुलाई को देवघर समेत दुमका , गोड्डा, जामतारा, पाकुड़, साहिबगंज, बोकारो ,धनबाद और अन्य जगहों में भारी बारिश होने की संभावना है। रांची का पारा 5.5 डिग्री गिरा बारिश होने से झारखंड के लगभग सभी जिलों में मंगलवार को अधिकतम तापमान में कमी आई है। झारखंड की राजधानी रांची में सोमवार की तुलना में मंगलवार को 5.5 डिग्री सेल्सियस की कमी आ गई है। रांची का अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री हो गया है। वहीं मेदिनीनगर का अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री रहा। मौसम विभाग के अनुसार मौसम विभाग के अनुसार, तीन से पांच तक मेघ गर्जन और वज्रपात हो सकते हैं, जबकि बारिश की कमी रह सकती है। छह जुलाई से राज्य के कई इलाकों में फिर से भारी बारिश हो सकती है। 30 जून तक पूरे झारखंड में कितनी % बारिश हुई मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, एक जून से 30 जून तक पूरे झारखंड में 54% कम बारिश हुई है, जबकि रांची में 26% कम बारिश हुई है। रांची में इस दौरान सामान्य तौर पर 197.6 मिमी बारिश होती है, लेकिन अब तक यहां 146.9 मिमी बारिश ही हुई है। सबसे खराब स्थिति दुमका की है। यहां शून्य बारिश हुई है।
रांची। झारखंड में लंबे इंतजार के बाद मानसून एक बार फिर सक्रिय होने लगा है। रविवार दोपहर से मौसम का मिजाज बदला और कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सोमवार सुबह से राजधानी रांची सहित 20 से अधिक जिलों में बादलों का डेरा बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राज्य में आज से मानसूनी गतिविधियां तेज होंगी और दोपहर बाद अच्छी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया मौसम विभाग ने बताया कि मानसून 4 जुलाई तक सक्रिय रह सकता है। इस दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश, वज्रपात और 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। विशेष रूप से 30 जून और 1 जुलाई को उत्तर-पूर्वी जिलों देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज के अलावा रांची, बोकारो, धनबाद, रामगढ़, खूंटी, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम तथा सरायकेला-खरसावां में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। बारिश के कारण बारिश के कारण अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने का अनुमान है। पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक 18 मिमी बारिश सरायकेला में दर्ज की गई, जबकि बहरागोड़ा का अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस रहा। रांची का अधिकतम तापमान 3.5 डिग्री गिरकर 30.7 डिग्री सेल्सियस और हजारीबाग का तापमान 4.9 डिग्री की गिरावट के साथ 32.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने कहा मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने कहा कि अगले तीन से चार दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना है, जिससे राज्यभर में अच्छी बारिश होगी। उन्होंने किसानों को खेतों में जलजमाव से बचाव की सलाह दी है, क्योंकि अधिक पानी से धान की नर्सरी, मक्का, अरहर और अन्य खरीफ फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं, खुले स्थानों पर जाने से बचने और वज्रपात के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की भी अपील की गई है। 1 जून से अब तक झारखंड में सामान्य से 62 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। सबसे कम वर्षा गढ़वा में और सबसे अधिक सिमडेगा में रिकॉर्ड की गई है।
रांची। झारखंड में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 20 जिलों में अगले 48 घंटे तक भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में तेज बारिश, वज्रपात और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में भारी बारिश की आशंका मौसम विभाग के अनुसार रांची, जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम), बोकारो, धनबाद, हजारीबाग, रामगढ़, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, चतरा और कोडरमा सहित कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की भी आशंका जताई गई है। वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी आईएमडी ने लोगों को बारिश के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी है। किसानों को भी मौसम सामान्य होने तक खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। प्रशासन अलर्ट मोड पर राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग को संभावित जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां रखने को कहा गया है। नगर निकायों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। लोगों से सावधानी बरतने की अपील मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थान पर रहने और मौसम से जुड़ी आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान देने की अपील की है।
रांची। झारखंड में अगले एक सप्ताह तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र ने 27 जून से 3 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश, मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी रांची समेत कई जिलों में आसमान में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं 1 जुलाई को रांची में कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। हालांकि पलामू, चतरा और गढ़वा जैसे जिलों में फिलहाल गर्मी का असर बने रहने की संभावना है। सामान्य से काफी कम हुई जून की बारिश मौसम विभाग के अनुसार, 1 से 26 जून के बीच झारखंड में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। इस अवधि में राज्य में सामान्य बारिश 149.8 मिमी होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 59 मिमी वर्षा हुई है, जो सामान्य से करीब 61 प्रतिशत कम है। राजधानी रांची में भी 158.2 मिमी के मुकाबले केवल 125.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में होने वाली बारिश से वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है। वज्रपात से चार लोगों की मौत शुक्रवार को झारखंड में वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। लोहरदगा में बकरी चरा रही एक महिला की आकाशीय बिजली गिरने से जान चली गई। वहीं कुडू, लातेहार के बालूमाथ और चतरा जिले के लावालौंग क्षेत्र में भी वज्रपात की चपेट में आने से तीन अन्य लोगों की मौत हो गई। इन घटनाओं के बाद मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की अपील की है। तापमान में आएगी गिरावट 27 से 30 जून के दौरान राज्य में मौसम सामान्यतः बादलों से घिरा रहेगा। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और मेघ गर्जन की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।
रांची। झारखंड में मानसून की गतिविधियां लगातार जारी हैं, लेकिन राज्य के सभी जिलों में बारिश समान रूप से नहीं हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, 1 जून से अब तक सबसे कम वर्षा गढ़वा जिले में दर्ज की गई है। वहीं बुधवार को रांची, गुमला, जमशेदपुर, जामताड़ा और चाईबासा समेत कई इलाकों में तेज हवा के साथ झमाझम बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। जामताड़ा में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत बुधवार देर रात जामताड़ा जिले के बिंदापाथर थाना क्षेत्र स्थित चरकादाहा गांव में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। मृतकों की पहचान विनय सोरेन (50) और विश्वकर्मा टुडू (17) के रूप में हुई है। सभी एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। अचानक तेज बारिश शुरू होने पर वे एक मिट्टी के घर की ओट में खड़े हो गए, तभी घर पर बिजली गिर गई और यह हादसा हो गया। घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। कई जिलों में यलो अलर्ट, तीन जिलों में हीट वेव की चेतावनी मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए राज्य के कई जिलों में गरज, वज्रपात और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना जताते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। दूसरी ओर गढ़वा, पलामू और चतरा जिलों में हीट वेव की स्थिति बने रहने की चेतावनी दी गई है। गढ़वा में सामान्य से 98 मिमी कम बारिश बारिश के आंकड़ों के अनुसार, गढ़वा में अब तक केवल 1.7 मिमी वर्षा दर्ज हुई है, जो सामान्य से 98 मिमी कम है। साहिबगंज में 3.2 मिमी और चतरा में 6.8 मिमी बारिश हुई है। वहीं दुमका में 124.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य के करीब है। पिछले 24 घंटों में सर्वाधिक 71.4 मिमी बारिश गुमला के रायडीह में रिकॉर्ड की गई। राज्य का सबसे अधिक तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस डाल्टेनगंज और सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस लातेहार में दर्ज किया गया।
Jharkhand Weather Update: झारखंड में मौसम का मिजाज इन दिनों पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। एक ओर कई जिलों में रुक-रुक कर हो रही बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, तो दूसरी ओर पलामू, गढ़वा और चतरा जैसे जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों में 28 जून तक मेघ गर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। बारिश से तापमान में आई गिरावट मॉनसून की सक्रियता के कारण राजधानी रांची और मेदिनीनगर के अधिकतम तापमान में 4.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि चाईबासा का तापमान करीब 4 डिग्री सेल्सियस कम हुआ है। इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली है। हालांकि, पलामू, गढ़वा और चतरा जिलों में 23, 24 और 25 जून को लू चलने की संभावना जताई गई है। वज्रपात से तीन लोगों की मौत सोमवार को राज्य के अलग-अलग जिलों में वज्रपात की घटनाओं में तीन लोगों की जान चली गई। हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ क्षेत्र के नावाडीह टोला में बकरियां चराने गए 68 वर्षीय गोवर्धन महतो की वज्रपात से मौत हो गई। गढ़वा जिले के मेराल थाना क्षेत्र के विकताम गांव में 53 वर्षीय ममता कुंवर की जान चली गई। सिमडेगा जिले के केरसई थाना क्षेत्र के भंडारटोली गांव में वज्रपात की चपेट में आने से 15 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चे घायल हो गए। कई जिलों में हुई हल्की से मध्यम बारिश सोमवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की और मध्यम बारिश दर्ज की गई। चाईबासा (जगन्नाथपुर) – 14 मिमी सिमडेगा – 10 मिमी खूंटी – 4 मिमी देवघर – 2 मिमी सरायकेला – 2 मिमी बहरागोड़ा – 2.5 मिमी लोहरदगा – 1 मिमी रांची में भी छिटपुट बारिश दर्ज की गई। प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान रांची – 28.4°C जमशेदपुर – 31.8°C मेदिनीनगर – 37.1°C बोकारो – 36.1°C चाईबासा – 30.8°C झारखंड में अब तक 60 प्रतिशत कम बारिश मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 1 जून से 22 जून 2026 के बीच राज्य में सामान्य रूप से 112.1 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन इस अवधि में केवल 44.7 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से करीब 60 प्रतिशत कम है। राजधानी रांची में सामान्य से थोड़ा अधिक वर्षापात हुआ है। यहां 115.6 मिमी के मुकाबले 118.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है। वहीं राज्य के 23 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। सबसे खराब स्थिति गढ़वा जिले की रही, जहां सामान्य से 99 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटों में मॉनसून के और सक्रिय होने से राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है।
रांची: झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सक्रिय होने के साथ ही मौसम का मिजाज बदल गया है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो चुका है और आने वाले दिनों में भी मौसम ऐसा ही बने रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 27 जून तक राज्य के विभिन्न जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब से बिहार तक सक्रिय टर्फ और झारखंड से तटीय आंध्र प्रदेश तक बने दूसरे टर्फ के कारण राज्य में नमी बढ़ रही है। इसके चलते अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। तापमान में आएगी गिरावट मौसम विभाग का अनुमान है कि 22 और 23 जून के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि, इसके बाद तापमान में फिर से 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। गुमला में हुई सबसे ज्यादा बारिश पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 40.2 मिलीमीटर बारिश गुमला जिले के चैनपुर में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा— रांची में 35.6 मिमी बारिश बोकारो में 35.5 मिमी बारिश नामकुम में 23.5 मिमी बारिश दर्ज की गई तेज हवा और वज्रपात का अलर्ट 22 जून को दक्षिणी झारखंड और राजधानी क्षेत्र के आसपास के जिलों में तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। वहीं 23 जून से 27 जून तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में— गरज-चमक के साथ बारिश, वज्रपात, और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी है।
झारखंड में मॉनसून के सक्रिय होने के साथ मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है, वहीं वज्रपात और एक हादसे में दीवार गिरने से चार लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए 25 जून तक येलो अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में बारिश, बहरागोड़ा में सबसे ज्यादा वर्षा शुक्रवार को राज्य के विभिन्न इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 18 मिमी बारिश पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा में रिकॉर्ड की गई। राजधानी रांची में सुबह और शाम के दौरान लगभग 3 मिमी बारिश हुई, जबकि मेदिनीनगर में करीब 2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वज्रपात और हादसों में चार लोगों की मौत मौसम की मार सबसे ज्यादा गढ़वा, गुमला, लातेहार और कोडरमा जिलों में देखने को मिली। गढ़वा के धुरकी थाना क्षेत्र के तेतमा गांव में वज्रपात की चपेट में आने से 18 वर्षीय चंदा कुमारी की मौत हो गई। टेढ़ी हरैया गांव के तौहीद अंसारी घायल हो गए। कोडरमा के डोमचांच क्षेत्र के फुलवरिया गांव में ईंट की दीवार गिरने से 40 वर्षीय आरती देवी की जान चली गई। लातेहार के मारी गांव में वज्रपात से 35 वर्षीय सरोज गंझू की मौत हो गई। गुमला जिले के चिरोडीह गांव में वृद्ध सैबू भोगता की भी आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। वहीं पलामू के पाटन साप्ताहिक बाजार में वज्रपात से पांच लोग घायल हो गए। 25 जून तक येलो अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 25 जून तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में: मेघ गर्जन वज्रपात हल्की से मध्यम बारिश तेज हवाएं चलने की संभावना है। गढ़वा, पलामू और चतरा जिलों में तापमान बढ़ सकता है, जबकि बाकी इलाकों में बादल छाए रहने और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। सामान्य से 56 प्रतिशत कम हुई बारिश 1 जून से 19 जून तक झारखंड में केवल 37.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 83.7 मिमी होनी चाहिए थी। यानी राज्य में अब तक करीब 56 प्रतिशत कम बारिश हुई है। तापमान में भी आई गिरावट मेदिनीनगर का अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे में 1.8 डिग्री कम हुआ। रांची का अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जिसमें 3.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है।
60 km/h की रफ्तार से चल सकती है हवा रांची। रांची समेत पूरे झारखंड में अगसे 5 दिनों तक झमाझम बारिश के आसार हैं। शुक्रवार को भी सुबह से ही रूक रूक कर बारिश होती रही। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अब सक्रिय हो गया है, जिससे राज्य में अगले पांच दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम मानसून हुआ सक्रिय दक्षिण-पश्चिम मानसून अब सक्रिय हो गया है, जिससे राज्य में अगले पांच दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। विभाग ने रांची सहित पूर्वी और मध्य भागों के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए मेघ गर्जन, वज्रपात और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। 20 से 25 जून तक रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 20 से 22 जून तक पूरे राज्य में बादल छाए रहने और विभिन्न स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं 24 और 25 जून तक अधिकांश हिस्सों में हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा जारी रहेगी। अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिसमें नामकुम में सबसे अधिक 55 मिमी वर्षा दर्ज की गई। रांची में अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो एक दिन पहले की तुलना में 3.5 डिग्री कम है। वहीं मेदिनीनगर में अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
झारखंड में मानसूनी गतिविधियां तेज होने लगी हैं। शुक्रवार, 19 जून को राजधानी रांची समेत राज्य के कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह से ही आसमान में घने बादल छा गए और कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी और मध्य झारखंड के आसपास बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। इसे देखते हुए रांची सहित 14 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन 14 जिलों में जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने जिन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, उनमें शामिल हैं: रांची हजारीबाग खूंटी रामगढ़ गिरिडीह कोडरमा बोकारो धनबाद देवघर दुमका जामताड़ा गोड्डा साहिबगंज पाकुड़ इन जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर वज्रपात की आशंका जताई गई है। रांची का तापमान 19 जून को रांची का अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। सुबह हुई बारिश के बाद मौसम काफी सुहावना हो गया। 24 जून तक सभी जिलों में येलो अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 24 जून तक पूरे झारखंड में बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। इसी को देखते हुए राज्य के सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। गुरुवार को कहां कितनी बारिश हुई? गुरुवार को सबसे अधिक 14 मिमी बारिश देवघर में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा मेदिनीनगर और बोकारो में भी हल्की बारिश हुई। वहीं अधिकतम तापमान की बात करें तो: मेदिनीनगर – 42°C बोकारो – 38.1°C जमशेदपुर – 36.6°C चाईबासा – 36.8°C रांची – 35.1°C वज्रपात और आंधी के दौरान बरतें ये सावधानियां मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खराब मौसम के दौरान: किसी पक्के मकान या सुरक्षित स्थान पर शरण लें। खुले मैदान या पेड़ के नीचे खड़े न हों। बिजली के खंभों, मोबाइल टावर और धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखें। मोबाइल फोन का अनावश्यक इस्तेमाल करने से बचें। समूह में होने पर एक जगह भीड़ लगाने के बजाय थोड़ी दूरी बनाकर खड़े रहें। विशेषज्ञों का कहना है कि सावधानी बरतकर वज्रपात से होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है।
Jharkhand Weather News: झारखंड में पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़े मॉनसून के बीच अब मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार से राज्य में मॉनसून के सक्रिय होने की संभावना है। इसके चलते रांची समेत 17 जिलों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 18 और 19 जून को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 18 और 19 जून को दोपहर के बाद मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है। रांची के अलावा खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, गिरिडीह, धनबाद, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ जिलों में तेज बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही मेघ गर्जन और वज्रपात की भी आशंका है। इसी को देखते हुए मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बाकी जिलों के लिए येलो अलर्ट राज्य के शेष सात जिलों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। यहां तेज हवा, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं वज्रपात हो सकता है। इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। रांची का तापमान कैसा रहेगा? मौसम विभाग के अनुसार 18 और 19 जून को राजधानी रांची का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिन में उमस बनी रह सकती है, लेकिन शाम के समय मौसम सुहावना होने की संभावना है। 20 जून को भी जारी रहेगा बारिश का दौर पूर्वानुमान के मुताबिक 20 जून को भी झारखंड के कई हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। जून में सामान्य से 56 प्रतिशत कम हुई बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 17 जून के बीच झारखंड में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। इस अवधि में राज्य में 67 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन वास्तविक वर्षा सामान्य से 56 प्रतिशत कम रही। ऐसे में मॉनसून के दोबारा सक्रिय होने से किसानों और आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए? खराब मौसम के दौरान खुले मैदान में जाने से बचें। बिजली चमकने के समय पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। तेज हवा के दौरान सुरक्षित स्थान पर शरण लें। मौसम विभाग की चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
रांची: झारखंड में दो दिनों की सुस्ती के बाद एक बार फिर मॉनसून सक्रिय होने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के कई जिलों में 17 जून को तेज हवा, वज्रपात और हल्की बारिश हो सकती है। संभावित खराब मौसम को देखते हुए कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रामगढ़ और बोकारो में दोपहर के बाद मौसम अचानक बदल सकता है। इन इलाकों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ वज्रपात और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। हालांकि राज्य के अन्य हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहने के बावजूद तापमान में बढ़ोतरी बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 18 जून को भी लगभग ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी। 19 जून से और बिगड़ सकता है मौसम मौसम विभाग के मुताबिक 19 जून से मौसम का प्रभाव और अधिक बढ़ सकता है। रांची समेत राज्य के 17 जिलों में तीन दिनों तक तेज आंधी, वज्रपात और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसको देखते हुए इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में शामिल हैं: रांची हजारीबाग खूंटी रामगढ़ कोडरमा गिरिडीह बोकारो धनबाद पूर्वी सिंहभूम पश्चिमी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां देवघर जामताड़ा दुमका पाकुड़ साहिबगंज गोड्डा इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कई स्थानों पर गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। मॉनसून कमजोर पड़ते ही बढ़ी गर्मी पिछले कुछ दिनों में मॉनसून की गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण राज्य के कई जिलों में तापमान में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। मेदिनीनगर सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रांची का अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस रहा। जमशेदपुर में तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बोकारो में अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस रहा। चाईबासा का अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में बहुत कम वर्षा हुई और केवल कांके क्षेत्र में एक मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग का कहना है कि 22 जून तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल सकता है और कई इलाकों में अच्छी बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
रांची। झारखंड में मौसम विभाग ने बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। इसके अनुसार 12 जून को 18 जिलों में बारिश होगी और तेज हवाएं चलेंगी। विभाग ने 13 जून तक राज्य के कई हिस्सों में अच्छी-खासी बारिश होने की संभावना जताई है। 12 जून को इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट शुक्रवार को पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, सरायकेला खरसावां, देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहेबगंज, धनबाद, बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग, रांची, खूंटी और रामगढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 14, 15 और 16 जून को भी बारिश का अलर्ट इन जिलो में गर्जन के साथ तेज हवा (50-60 किलोमीटर प्रति घंटा) और वज्रपात होने की भी संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले तीन दिनों के दौरान इसमें धीरे-धीरे (2-3) डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है। 14, 15 और 16 जून को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं, जिससे गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। वज्रपात को लेकर विशेष चेतावनी जारी झारखंड के कई जिलों में वज्रपात को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की हिदायत दी गई है। मौसम विभाग ने कहा है कि बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और मोबाइल फोन का सीमित उपयोग करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
रांची: झारखंड में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 11 जून से प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने की संभावना है। कई जिलों में आंधी, वज्रपात और बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, झारखंड में मानसून के अगले चार दिनों में संताल परगना के रास्ते प्रवेश करने की उम्मीद जताई गई है। बुधवार शाम राजधानी रांची समेत कई इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। खूंटी में 11 मिमी और रांची व आसपास के क्षेत्रों में करीब 3 मिमी बारिश दर्ज की गई। 11 जून को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ में आंधी, वज्रपात और बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। रांची में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 12 जून को भारी बारिश के आसार 12 जून को बोकारो, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा और दुमका में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा रांची, खूंटी, हजारीबाग, कोडरमा, गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज, सरायकेला, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम में आंधी, वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 13 जून को भी जारी रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के अनुसार 13 जून को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। दुमका, जामताड़ा, देवघर, धनबाद, साहिबगंज, पाकुड़ और गोड्डा में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को वज्रपात और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
रांची। झारखंड में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को जल्द राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में 11 जून से प्री-मानसून गतिविधियां तेज होंगी और कई जिलों में आंधी, वज्रपात तथा बारिश की संभावना है। राजधानी रांची में बुधवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। खूंटी में 11 मिमी और रांची व आसपास के इलाकों में लगभग 3 मिमी बारिश दर्ज की गई। कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग ने 11 जून के लिए रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं, वज्रपात और बारिश की संभावना जताई गई है। रांची में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। 12 जून को कई इलाकों में भारी बारिश के आसार 12 जून को बोकारो, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा और दुमका जिलों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। वहीं रांची, खूंटी, हजारीबाग, कोडरमा, गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज, सरायकेला, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम में आंधी, वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए भी मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 13 जून को भी जारी रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के अनुसार 13 जून को राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। दुमका, जामताड़ा, देवघर, धनबाद, साहिबगंज, पाकुड़ और गोड्डा जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है। चार दिन बाद झारखंड में दस्तक देगा मानसून मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मानसून अगले चार दिनों में संताल परगना क्षेत्र के रास्ते झारखंड में प्रवेश कर सकता है। इसके साथ ही राज्यभर में बारिश की गतिविधियां बढ़ने और तापमान में गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
रांची: झारखंड में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 जून से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने, वज्रपात और हल्की बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। वहीं, 15 से 17 जून के बीच संताल परगना क्षेत्र के रास्ते दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के झारखंड में प्रवेश करने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 जून को राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। कोडरमा और हजारीबाग को छोड़कर राज्य के अधिकांश जिलों में बादल छाए रहने और गरज के साथ बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 11 जून को 14 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने 11 जून के लिए राज्य के 14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने, वज्रपात होने और कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है। ऑरेंज अलर्ट वाले जिले हैं: रांची खूंटी रामगढ़ धनबाद हजारीबाग कोडरमा गिरिडीह देवघर दुमका गोड्डा जामताड़ा पाकुड़ साहिबगंज बोकारो मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की है। 12 जून को भी जारी रहेगा असर 12 जून को भी राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि ऐसी स्थिति 15 जून तक बनी रह सकती है। मॉनसून की स्थिति क्या है? दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले चार से पांच दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ हिस्सों में मॉनसून पहुंच सकता है। झारखंड में मॉनसून का प्रवेश संताल परगना क्षेत्र से होने की संभावना जताई गई है।
रांची। झारखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में तेज हवा, वज्रपात और बारिश की संभावना जताई है। बुधवार 10 जून से मौसम में बदलाव शुरू होने के संकेत हैं, जबकि 11 जून के लिए 14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। विभाग के अनुसार आगामी दिनों में मौसम की गतिविधियां बढ़ेंगी और राज्य में प्री-मानसून बारिश का असर देखने को मिलेगा। 14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग के मुताबिक 11 जून को रांची, खूंटी, रामगढ़, धनबाद, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज और बोकारो जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। इसके साथ वज्रपात और हल्की बारिश की भी संभावना है। संभावित खराब मौसम को देखते हुए इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बुधवार को कोडरमा और हजारीबाग को छोड़कर राज्य के अधिकांश जिलों में बादल छाए रहने, तेज हवा चलने और वज्रपात की संभावना जताई गई है। इसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 15 जून तक बने रहेंगे ऐसे ही हालात मौसम विभाग ने बताया कि 12 जून को भी राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। इस स्थिति को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग का अनुमान है कि 15 जून तक मौसम का यही रुख बना रह सकता है। 15 से 17 जून के बीच झारखंड में मॉनसून की एंट्री संभव मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। संभावना है कि 15 से 17 जून के बीच मॉनसून संताल परगना क्षेत्र के रास्ते झारखंड में प्रवेश कर सकता है। इसके बाद राज्य में वर्षा गतिविधियों में और तेजी आने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने तथा वज्रपात के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।