रांची। झारखंड में मौसम लगातार करवट ले रहा है। एक ओर कई जिलों में भीषण गर्मी और लू का असर देखने को मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर कई इलाकों में आंधी, बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार 26 मई तक राज्य के मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। रांची समेत कई शहरों में बढ़ा तापमान राजधानी रांची बुधवार को भीषण गर्मी की चपेट में रही। यहां अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे में 1.1 डिग्री बढ़ा। वहीं Medininagar में तापमान 43.4 डिग्री और Jamshedpur में 41.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सरायकेला में हल्की बारिश भी हुई। इन जिलों में चलेगी लू मौसम विभाग ने पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में 21 से 23 मई तक लू चलने और तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना जताई है। लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कई जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट 22 मई को रांची समेत कई जिलों में दोपहर बाद बादल छाने, तेज हवा चलने और वज्रपात के साथ बारिश होने की संभावना है। खासकर संतालपरगना क्षेत्र में 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। 23 मई को रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद, देवघर, जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज में 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी और बारिश का अनुमान है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं रांची सहित कई अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
रांची। झारखंड में अगले 72 घंटों के दौरान मौसम तेजी से बदल सकता है। रांची स्थित मौसम केंद्र ने राज्य के कई जिलों में गरज के साथ बारिश, तेज हवा और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। दक्षिणी और मध्य झारखंड के इलाकों में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की अपील की है। कई जिलों में तेज हवा और वज्रपात का खतरा मौसम केंद्र के अनुसार खूंटी और गुमला समेत दक्षिणी झारखंड के कई हिस्सों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। इसके साथ ही वज्रपात की भी आशंका है। वहीं धनबाद, बोकारो, रामगढ़ और लोहरदगा समेत मध्य झारखंड के जिलों में भी गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। अगले तीन दिनों का मौसम पूर्वानुमान 19 मई को उत्तर-पश्चिमी झारखंड को छोड़कर राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश और तेज हवा का असर देखने को मिल सकता है। 20 मई को पूर्वी और मध्य झारखंड में मौसम और ज्यादा सक्रिय रहेगा। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। 21 मई को पलामू, गढ़वा और लातेहार को छोड़कर बाकी हिस्सों में बारिश और मेघ गर्जन की संभावना बनी रहेगी। तापमान में भी बढ़ोतरी राज्य के कई जिलों में गर्मी का असर भी बना हुआ है। डाल्टनगंज में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं जमशेदपुर, बोकारो और रांची में भी तापमान सामान्य से ऊपर रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले पांच दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
रांची। देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 14 से 19 मई के बीच झारखंड समेत पूर्वी, दक्षिणी और उत्तरी भारत के कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। कई इलाकों में बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। झारखंड में 19 मई तक खराब रहेगा मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक झारखंड में 14 से 19 मई तक आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा। इस दौरान कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। खासतौर पर 14 से 17 मई के बीच राज्य के उत्तर-पूर्वी, दक्षिणी और मध्य हिस्सों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है। दक्षिण भारत और पूर्वी राज्यों में भी असर दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में 14 मई को बारिश हो सकती है। वहीं केरल, माहे, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 14 से 17 मई तक बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। तेलंगाना में भी 14 और 15 मई को गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 14 से 16 मई तक तथा गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 14 मई को बारिश का अनुमान है। बिहार में 15 और 17 मई को तथा ओडिशा में 14 और 15 मई को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। दिल्ली में दो दिन राहत, फिर बढ़ेगी गर्मी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 14 और 15 मई को आंशिक बादल छाए रहेंगे और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हल्की बारिश और गरज-चमक से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन 16 मई से मौसम साफ होते ही तापमान फिर बढ़ने की संभावना है।
रांची। झारखंड में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। मौसम विभाग ने 13 और 14 मई को राज्य के अधिकांश जिलों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की संभावना जताई है। इसे लेकर कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी Ranchi समेत राज्य के कई हिस्सों में मंगलवार को तेज आंधी और बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा।रांची में कई जगहों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे यातायात बाधित हुआ। कुछ स्थानों पर पेड़ कारों और ई-रिक्शा पर भी गिर गए। वहीं Hazaribagh, Bokaro और Jamshedpur में भी तेज हवा के साथ भारी बारिश दर्ज की गई। 15 मई को ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, 15 मई को रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, गिरिडीह, धनबाद, दुमका, जामताड़ा, देवघर, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन क्षेत्रों में गरज-चमक, वज्रपात और बारिश की भी संभावना है। इसे देखते हुए विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 18 मई तक जारी रहेगा बदला मौसम मौसम विभाग का कहना है कि 18 मई तक राज्य में आंधी, बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। 17 और 18 मई को राज्य के उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। पलामू में बढ़ी गर्मी एक ओर जहां कई जिलों में बारिश से तापमान में गिरावट आई है, वहीं Medininagar में गर्मी का असर जारी है। मंगलवार को यहां अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटों में 2.2 डिग्री बढ़ा। तेज धूप और गर्म हवाओं से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रांची। झारखंड में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। मौसम केंद्र, Ranchi के अनुसार 12 मई को राज्य के कई हिस्सों में मेघ गर्जन, वज्रपात और तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में ज्यादा असर मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के उत्तर-पूर्वी और मध्य हिस्सों में मौसम का असर अधिक देखने को मिलेगा। प्रभावित जिलों में Khunti, Ranchi, Ramgarh, Bokaro, Hazaribagh, Koderma और Dhanbad शामिल हैं। इन इलाकों में तेज हवा के साथ वज्रपात और बारिश हो सकती है। वहीं राज्य के अन्य हिस्सों में भी 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। 15 मई तक राहत भरा मौसम मौसम केंद्र ने बताया कि 15 मई तक राज्य में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होती रहेगी। 13 मई को पूर्वी झारखंड में वज्रपात और तेज हवा की संभावना अधिक है, जबकि 14 और 15 मई को भी कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलती रहेगी। लोगों को सतर्क रहने की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहने को कहा गया है। किसानों को भी मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। तापमान में गिरावट राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी कम रहा। वहीं डालटनगंज राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
रांची। झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मौसम केंद्र India Meteorological Department, रांची के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के कई जिलों में बारिश, तेज हवा, वज्रपात और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। अगले कई दिनों तक राज्य में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। इन जिलों में तेज हवा और वज्रपात की आशंका मौसम विभाग के अनुसार रांची, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह, धनबाद और खूंटी जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। इन इलाकों में गर्जन, वज्रपात और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की भी संभावना है। इसके अलावा पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां, देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज में भी 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है। अगले एक सप्ताह तक बदलता रहेगा मौसम मौसम केंद्र का कहना है कि वातावरण में नमी अधिक होने के कारण बादल बनने की प्रक्रिया जारी है। यही वजह है कि 10 से 15 मई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश और वज्रपात की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। हालांकि उत्तर-पश्चिमी झारखंड के कुछ इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रह सकता है। तापमान में फिलहाल राहत लगातार बादल और बारिश की वजह से अगले दो दिनों तक अधिकतम तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। राजधानी Ranchi में आज अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 19 डिग्री रहने का अनुमान है। बाद के दिनों में तापमान धीरे-धीरे 34 डिग्री तक पहुंच सकता है। लोगों और किसानों को सावधानी की सलाह मौसम विभाग ने किसानों और आम लोगों को वज्रपात के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। तेज हवा और बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने को भी कहा गया है।
रांची। झारखंड में इन दिनों मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 8 मई से लेकर 11 मई तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है। इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। कई जिलों में तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी रांची स्थित मौसम केंद्र के मुताबिक राज्य के उत्तर-पूर्वी, दक्षिणी और मध्य हिस्सों में गरज-चमक के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। इसके साथ ही वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। जिन जिलों में मौसम का सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है उनमें धनबाद, बोकारो, रामगढ़, रांची, खूंटी और जामताड़ा शामिल हैं। वहीं दुमका, देवघर, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में भी बारिश और बादल छाए रहने के संकेत हैं। 11 मई तक मौसम रहेगा सुहाना मौसम विभाग का अनुमान है कि 9 और 10 मई को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज हवा और बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई इलाकों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। 11 मई तक आंशिक बादल और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी। तापमान में आई गिरावट बारिश और बादलों के कारण राज्य के अधिकांश जिलों में तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है। डालटनगंज में सबसे अधिक 37.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ, जबकि राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री रहा। बोकारो में तापमान सामान्य से करीब 9 डिग्री कम दर्ज किया गया। वहीं कांके में न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री रिकॉर्ड हुआ, जो राज्य में सबसे कम रहा। कई इलाकों में हुई अच्छी बारिश पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। हजारीबाग के कोनार क्षेत्र में सबसे अधिक 42.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा बोकारो थर्मल, पंचेत और शिकारीपाड़ा में भी अच्छी बारिश हुई है।
रांची। झारखंड में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से 10 मई तक आंधी-बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य में 13 मई तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। कई जिलों में गरज के साथ बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना जताई गई है। आठ मई को उत्तर और पश्चिमी हिस्सों को छोड़कर अधिकांश इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है। इसे देखते हुए विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। 9 और 10 मई को ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार नौ और 10 मई को रांची, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, खूंटी, लोहरदगा और गुमला समेत कई जिलों में मौसम ज्यादा खराब रह सकता है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवा चलने, बारिश होने और वज्रपात की आशंका है। इस स्थिति को देखते हुए विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य के बाकी हिस्सों में भी खराब मौसम को लेकर येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।
रांची। झारखंड में इन दिनों मौसम ने अचानक करवट ले ली है। लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य के अधिकांश जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। India Meteorological Department (मौसम विभाग) ने 6 से 10 मई तक राज्य में बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश और वज्रपात (बिजली गिरने) की संभावना जताई है। इसके मद्देनजर येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। तापमान में आई गिरावट, लोगों को राहत बारिश के चलते गर्मी से काफी राहत मिली है। Ranchi में पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान करीब 5 डिग्री गिरकर 29.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं Medininagar में तापमान में 5.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहा। अन्य जिलों में भी तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है। 6 से 10 मई तक कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के अनुसार इस अवधि में राज्य के कई हिस्सों में आंशिक से घने बादल छाए रहेंगे। कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है, जबकि वज्रपात की भी आशंका है। हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन मौसम पूरी तरह साफ होने में समय लगेगा। तेनुघाट में सबसे ज्यादा बारिश पिछले 24 घंटों में तेनुघाट में सबसे अधिक 82.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा कांके में 50.2 मिमी और पश्चिमी सिंहभूम में लगभग 8 मिमी वर्षा हुई है। अन्य जिलों का तापमान जमशेदपुर में 34.2 डिग्री, बोकारो में 32.5 डिग्री, चाईबासा में 32.4 डिग्री, कोडरमा में 31.4 डिग्री और गुमला में 30.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं लातेहार और लोहरदगा में तापमान 28 डिग्री के आसपास रहा।
रांची। झारखंड एक बार फिर तेज तूफान की चपेट में आने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, तेज तूफान झारखंड में दस्तक देनेवाला है। 4-5 मई को तेज आंधी और बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 4 और 5 मई को राज्य के कई जिलों में मौसम अचानक बिगड़ सकता है। इन दिनों आसमान में बादल छाए रहेंगे और कई जगहों पर 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। इसके साथ ही मेघ गर्जन, वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश की भी संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी 4 मई को रांची, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, जामताड़ा, दुमका, देवघर, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ में बादल गरजने, तेज हवा चलने और हल्की बारिश के आसार हैं। वहीं 5 मई को रांची के साथ-साथ खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, कोडरमा, देवघर, जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज में 50–60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है। इसी को देखते हुए मौसम विभाग ने इन दोनों दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है
रांची। झारखंड में मानसून से पहले ही सुखाड़ की आशंका डराने लगी है। दरअसल, झारखंड में अभी से भारतीय मौसम विज्ञान विभाग और मौसम पूर्वानुमान जारी करने वाली कई एजेंसियों की ओर से इस साल झारखंड में सामान्य से कम बारिश की संभावना जताई गई है। कम बारिश की आशंका को लेकर झारखंड सरकार भी सतर्क और सक्रिय हो गई है। आपदा को अवसर में बदलने की तैयारी राज्य की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने संभावित संकट को अवसर में बदलने के लिए आवश्यक तैयारी करने का निर्देश दिया है। कृषि मंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक तैयारी समय रहते पूरा करने का निर्देश दिया। 30 से 35 प्रतिशत कम बारिश की आशंका मौसम पूर्वानुमानों में इस वर्ष औसत बारिश में 30 से 35 प्रतिशत तक कमी की आशंका जताई गई है। इसे देखते हुए कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने अधिकारियों को 12 मई तक खरीफ कार्यशाला में जिला स्तरीय आकस्मिक योजना की एक व्यापक और क्रियान्वयन योग्य कार्ययोजना (ब्लूप्रिंट) प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। पूरे मध्य भारत में सूखे जैसी स्थिति बनने की आशंका शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि यह चुनौती केवल किसी एक क्षेत्र या राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव देश के कई हिस्सों में देखने को मिल सकता है। विशेष रूप से मध्य भारत में सूखे जैसी स्थिति बनने की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ऐसे में राज्य सरकार समय रहते ठोस रणनीति के साथ मैदान में उतर चुकी है। किसानों को हर मदद मिलेगी सरकार ने यग निर्णय है कि किसानों को समय पर जानकारी, तकनीकी मार्गदर्शन, अनुदान एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए आकस्मिक निधि की प्रभावी व्यवस्था की जाएगी। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसी भी परिस्थिति में किसानों को असहाय नहीं छोड़ा जाएगा और हर संभव सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा। रागी, उड़द, मूंग, सोयाबीन की खेती करने की सलाह सरकार ने खेती में विविधीकरण को इस रणनीति का केंद्र बनाया है। किसानों को केवल धान पर निर्भर न रहने की सलाह देते हुए मंत्री ने कहा कि विशेषकर ऊंची भूमि क्षेत्रों में मड़ूआ (रागी), उड़द, मूंग, सोयाबीन जैसी कम पानी में होने वाली फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही भूमि की प्रकृति के अनुसार धान की उपयुक्त किस्मों के चयन पर भी विशेष बल दिया गया है, ताकि कम वर्षा की स्थिति में भी उत्पादन प्रभावित न हो। बागवानी और बहुउद्देश्यीय खेती को प्राथमिकता कम बारिश में बागवानी, चारा उत्पादन और बहुउद्देश्यीय खेती को भी प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे किसानों की आय के विविध स्रोत विकसित हो सकें। सूखे की संभावित स्थिति में मेड़ों पर सब्जी उत्पादन, अरहर की खेती और मिश्रित खेती (इंटरक्रॉपिंग) को प्रोत्साहित कर जोखिम को कम करने की रणनीति अपनाई जाएगी।
रांची। रांची सहित पूरे झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ली है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और बांग्लादेश के पास बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से राज्य के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई। गुरुवार दोपहर रांची, रामगढ़, चतरा, लातेहार और पलामू में तेज रफ्तार से हवाएं चलीं। कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए, जबकि रांची में काले बादल छाने से दिन में ही अंधेरा छा गया। ठनका गिरने से तीन लोगों की मौत इस मौसमीय बदलाव के बीच हादसे भी सामने आए हैं। गिरिडीह जिले के तिसरी में ठनका गिरने से दो युवकों की मौत हो गई, जबकि लोहरदगा के भंडरा में एक महिला की जान चली गई। इससे लोगों में डर का माहौल भी देखा गया। कई जिलों में तेज बारिश और ओलावृष्टि रांची में सुबह 4:30 बजे से गरज के साथ बारिश शुरू हुई और दिनभर रुक-रुक कर होती रही। कांके में 12.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वहीं खूंटी में सबसे अधिक 34.5 मिमी और बेरमो में 30 मिमी बारिश हुई। धनबाद और बोकारो में 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली। हजारीबाग, बरही और नवाडीह में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है। जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 4.2 डिग्री गिरकर 37.5 डिग्री पहुंच गया, जबकि रांची का तापमान 38.6 डिग्री दर्ज किया गया। अगले तीन दिनों के लिए अलर्ट जारी मौसम विभाग ने रांची सहित 12 जिलों में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अनुमान है कि अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 4 डिग्री तक गिरावट आएगी। किसानों के लिए फायदेमंद प्री-मानसून बारिश विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्री-मानसून वर्षा खेतों के लिए फायदेमंद है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों की गहरी जुताई कर वर्षा जल को जमीन में समाहित होने दें, जिससे भूजल स्तर में सुधार होगा। हालांकि, अल नीनो के प्रभाव के कारण इस साल मानसून में सामान्य से कम बारिश की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में किसानों को अभी से जल संरक्षण की तैयारी करने की जरूरत है।
रांची। झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजधानी रांची समेत कई जिलों में दिनभर बादल छाए रहे और हल्की बारिश हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। ठंडी हवाओं और बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है। अगले तीन दिनों तक जारी रहेगा असर मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 29 अप्रैल से 1 मई तक मौसम का यही रुख बना रहेगा। इस दौरान कई जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट की संभावना जताई गई है। हालांकि 2 और 3 मई को तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग ने रांची, रामगढ़, हजारीबाग, गुमला, बोकारो, खूंटी, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। अन्य जिलों में यलो अलर्ट राज्य के बाकी हिस्सों में यलो अलर्ट घोषित किया गया है। यहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। यह स्थिति 4 मई तक बनी रह सकती है। सतर्क रहने की अपील मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने को कहा है। गरज-चमक के समय खुले स्थानों में जाने से बचने, पेड़ों के नीचे न खड़े होने और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं तेज आंधी और बिजली गिरने का खतरा अभी भी बना हुआ है। ऐसे में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
रांची। झारखंड में भीषण गर्मी के बीच अब मौसम करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आज यानी 27 अप्रैल से राज्य के कई हिस्सों में तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। राजधानी रांची सहित कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में लगभग 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है, जिससे गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। रांची में तापमान करीब 41 डिग्री सेल्सियस रहा रविवार को राज्य के कई जिलों में तापमान काफी ऊंचा दर्ज किया गया। रांची में तापमान करीब 41 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि पलामू में सबसे अधिक 44.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा सरायकेला में 42.5 डिग्री, पूर्वी सिंहभूम में 41.9 डिग्री और गुमला में 40.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं बोकारो और जमशेदपुर जैसे क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम तापमान दर्ज हुआ। इन जिलों में ज्यादा असर की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, 27 अप्रैल को संताल परगना, रांची, बोकारो और हजारीबाग में मौसम अधिक प्रभावित रहेगा। इन क्षेत्रों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही गरज-चमक और वज्रपात की भी आशंका है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। 28 और 29 अप्रैल को रांची और कोल्हान क्षेत्र में इसी तरह का मौसम बना रहेगा। वहीं 30 अप्रैल से 2 मई तक पूरे झारखंड में बारिश, तेज हवाओं और बादलों का प्रभाव जारी रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
रांची/पटना, एजेंसियां। 22 अप्रैल को बिहार और झारखंड में मौसम ने दोहरा रूप दिखाया है। एक तरफ भीषण गर्मी और लू का प्रकोप है, तो दूसरी ओर कई इलाकों में बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। India Meteorological Department (IMD) के अनुसार, अप्रैल में ही जून जैसी गर्मी पड़ रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। गया बना सबसे गर्म शहर बिहार में गर्मी का असर सबसे ज्यादा गया में देखा गया, जहां तापमान 42.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। राजधानी Patna समेत कई जिलों में पारा 40 डिग्री के पार चला गया है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक हालात चुनौतीपूर्ण रहने की चेतावनी दी है। हालांकि 24-25 अप्रैल के आसपास हल्की बारिश से कुछ राहत मिलने की संभावना जताई गई है। झारखंड में हीट वेव के साथ ठनका का अलर्ट झारखंड में मौसम का विरोधाभासी स्वरूप देखने को मिल रहा है। जहां कुछ जिलों में लू चलने की चेतावनी है, वहीं Ranchi मौसम केंद्र ने गुमला, खूंटी, सिमडेगा और जमशेदपुर में तेज हवाओं के साथ बारिश और ठनका (वज्रपात) का अलर्ट जारी किया है। यह स्थिति जान-माल के लिए खतरा बन सकती है। देशभर में गर्मी का असर उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में लू का असर लगातार बढ़ रहा है। वहीं पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश के कारण राहत मिल रही है। पश्चिम बंगाल और बिहार के कई क्षेत्रों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। बचाव के जरूरी उपाय बढ़ती गर्मी को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और खाली पेट घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। साथ ही, तबीयत खराब होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की भी हिदायत दी गई है।
लातेहार। झारखंड के लातेहार जिले में इस वर्ष महुआ उत्पादन पर मौसम की मार साफ दिखाई दे रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी माने जाने वाले महुआ की पैदावार इस बार काफी कम हुई है। बेमौसम बारिश और पर्याप्त गर्मी नहीं पड़ने के कारण न सिर्फ उत्पादन प्रभावित हुआ है, बल्कि महुआ की गुणवत्ता भी पहले जैसी नहीं रही। इससे ग्रामीणों से लेकर कारोबारियों तक सभी चिंतित हैं। उत्पादन में भारी गिरावट स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले साल की तुलना में इस बार महुआ के फल सिर्फ 30 से 35 प्रतिशत तक ही आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि महुआ का उत्पादन काफी हद तक गर्मी पर निर्भर करता है, लेकिन इस बार लगातार बारिश के कारण मौसम गर्म नहीं हो पाया। इसका सीधा असर फूल और फल दोनों पर पड़ा है। मार्च-अप्रैल का सीजन भी फीका महुआ का सीजन आमतौर पर मार्च के अंतिम सप्ताह से अप्रैल के तीसरे सप्ताह तक चलता है। यही वह समय होता है जब ग्रामीण जंगलों से महुआ चुनकर अच्छी कमाई करते हैं। लेकिन इस बार सीजन के सबसे अहम दिनों में बारिश होने से उत्पादन में गिरावट आ गई और अब सीजन भी धीरे-धीरे खत्म होने की ओर है। कारोबार पर भी असर लातेहार में महुआ सिर्फ ग्रामीणों की आय का जरिया नहीं, बल्कि एक बड़ा व्यापार भी है। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि जिले में हर साल करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक का महुआ कारोबार होता था। इस बार उत्पादन घटने से खरीद-बिक्री लगभग ठप जैसी स्थिति में है। पेड़ों की घटती संख्या भी चिंता विशेषज्ञों और ग्रामीणों के मुताबिक, महुआ के पेड़ों की संख्या भी लगातार कम हो रही है। पेड़ों के नीचे आग लगाने जैसी पारंपरिक आदतों के कारण नए पौधे नष्ट हो जाते हैं। ऐसे में मौसम की मार के साथ पर्यावरणीय संकट भी महुआ उत्पादन के लिए खतरा बनता जा रहा है।
रांची। झारखंड में मौसम एक साथ दो अलग दिशाओं में बढ़ता दिख रहा है। राज्य के कुछ हिस्सों में तापमान तेजी से चढ़ रहा है, जबकि दूसरे इलाकों में मौसम विभाग ने खराब मौसम को लेकर सतर्क किया है। तापमान का दबाव बढ़ा, कई शहर गर्मी की चपेट में दिन के तापमान में बढ़ोतरी साफ तौर पर महसूस की जा रही है। डाल्टनगंज में पारा सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है, वहीं कोल्हान क्षेत्र के शहरों में भी गर्मी का असर तेज हुआ है। राजधानी रांची अपेक्षाकृत थोड़ी राहत में है, लेकिन यहां भी तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। मौसम का ग्राफ रहेगा अस्थिर मौसम विभाग के संकेत बताते हैं कि यह बढ़ती गर्मी लगातार नहीं रहने वाली। पहले तापमान में हल्की बढ़त होगी, फिर गिरावट दर्ज की जाएगी और उसके बाद दोबारा उछाल देखने को मिल सकता है। यानी आने वाले दिनों में मौसम स्थिर रहने के बजाय लगातार बदलता रहेगा। राज्य के अलग-अलग हिस्सों के लिए अलग चेतावनी मध्य झारखंड के कई जिलों में गरज के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं उत्तर-पूर्वी हिस्सों में ओलावृष्टि को लेकर खास अलर्ट जारी किया गया है, जिससे फसलों और आम जनजीवन पर असर पड़ सकता है। तेज हवाएं और वज्रपात बढ़ा सकते हैं जोखिम मौसम के इस बदलाव के साथ तेज हवाओं का दौर भी जुड़ सकता है। 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। विभाग ने खास तारीख को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है। आने वाले दिनों में भी रहेगा असर मौसम का यह पैटर्न अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है। दक्षिणी और मध्य क्षेत्रों में बादल, बारिश और गर्जन की गतिविधियां जारी रहने के संकेत हैं, जबकि राजधानी और आसपास के इलाकों में भी मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है।
झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में 25 और 26 मार्च को आसमान में घने बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम का यह अस्थिर रुख जारी रहेगा, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ त्योहारों और खेती पर भी असर पड़ सकता है। रामनवमी पर बारिश की संभावना इस बार रामनवमी के अवसर पर मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहने वाला है। विभाग का अनुमान है कि इस दिन हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसे भगवान श्रीराम का “प्राकृतिक जलाभिषेक” भी माना जा रहा है, लेकिन इससे जुलूस और आयोजन प्रभावित हो सकते हैं। 27-28 मार्च को येलो अलर्ट मौसम केंद्र ने 27 और 28 मार्च के लिए कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इन दिनों 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही मेघ गर्जन, वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। लोगों को खुले स्थानों, खासकर पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। 29 को राहत, 30 को फिर बदलेगा मौसम 29 मार्च को मौसम कुछ हद तक राहत देगा। हालांकि बादल बने रहेंगे, लेकिन बारिश की संभावना कम है। वहीं 30 मार्च को एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है और कई जिलों में गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। तापमान में उतार-चढ़ाव राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री रहा। मेदिनीनगर और सरायकेला जैसे इलाकों में तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों में तापमान 4 से 5 डिग्री तक बढ़ सकता है, जिसके बाद हल्की गिरावट दर्ज की जाएगी। जमशेदपुर में भी बारिश के संकेत जमशेदपुर में भी मौसम ने राहत दी है। 27, 28 और 30 मार्च को यहां बारिश के आसार हैं। मंगलवार को अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा कम रहा। बेमौसम बारिश से किसानों को नुकसान साहिबगंज जिले में बेमौसम बारिश और तेज हवा ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। गेहूं, मक्का, सरसों, मटर, मसूर और चना जैसी फसलें खेतों में ही बर्बाद हो गई हैं। स्थानीय किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कर मुआवजा देने की मांग की है। छोटे और सीमांत किसान इस नुकसान से आर्थिक संकट में आ गए हैं। जिलों में तापमान का अनुमान उत्तर-पूर्वी जिलों में अधिकतम तापमान 33 से 36 डिग्री के बीच रहेगा, जबकि न्यूनतम 19 से 21 डिग्री तक रहने की संभावना है। रांची, हजारीबाग और बोकारो जैसे इलाकों में तापमान थोड़ा कम रहेगा। वहीं दक्षिणी जिलों में तापमान 37 डिग्री तक पहुंच सकता है। त्योहार और मौसम की चुनौती कुल मिलाकर, झारखंड में इस सप्ताह मौसम पूरी तरह अस्थिर बना रहेगा। रामनवमी जैसे बड़े त्योहार के दौरान बारिश और तेज हवाएं प्रशासन और आम लोगों के लिए चुनौती बन सकती हैं। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना बेहद जरूरी है।
रांची। झारखंड में इन दिनों मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य के कई इलाकों में गरज के साथ तेज बारिश हो रही है, वहीं कुछ जगहों पर वज्रपात की घटनाएं भी सामने आई हैं। खराब मौसम के चलते अब तक आकाशीय बिजली गिरने से छह लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। तापमान में गिरावट लगातार हो रही बारिश का सीधा असर तापमान पर देखने को मिला है। दिन का तापमान सामान्य से करीब 5 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है, जबकि रात के तापमान में भी लगभग 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि इससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली है। रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी पिछले एक सप्ताह से राज्य के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग के अनुसार इसकी मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ है, जिसका प्रभाव पूरे झारखंड में देखने को मिल रहा है। सोमवार को भी राजधानी रांची समेत कई जिलों में गरज और बारिश की संभावना जताई गई है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार मौसम विभाग के मुताबिक 24 मार्च से मौसम साफ होने लगेगा और बारिश का दौर थम जाएगा। इसके बाद तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है और गर्मी फिर से अपना असर दिखा सकती है। अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। 25 और 26 मार्च को आंशिक बादल छाए रहेंगे, जबकि तापमान धीरे-धीरे 30 से 34 डिग्री के बीच पहुंच सकता है। हालांकि मौसम ज्यादा दिनों तक स्थिर नहीं रहेगा। 27 और 28 मार्च को एक बार फिर मौसम बदलने के संकेत हैं। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही गरज के साथ बारिश और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि पिछले सात वर्षों में मार्च महीने में इतनी बारिश और ठंड पहली बार दर्ज की गई है, जो इसे एक असामान्य मौसमीय घटना बनाता है।
रांची। झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण पूरे राज्य में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार झारखंड के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश, वज्रपात और ओलावृष्टि की संभावना है। इन जिलों में तेज असर की चेतावनी राज्य के रांची, धनबाद, दुमका, देवघर, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज, कोडरमा, बोकारो, चतरा, रामगढ़ और हजारीबाग में 60–70 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवा, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना जताई गई है। इन जिलों में भी अलर्ट इसके अलावा खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में 50–60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवा और वज्रपात हो सकता है। तापमान में बदलाव मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन दिनों में तापमान 3–4 डिग्री तक गिर सकता है। इसके बाद धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी होगी। किसानों को सतर्क रहने की सलाह ओलावृष्टि और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए किसानों को खेतों में न जाने की सलाह दी गई है, क्योंकि इससे फसलों को नुकसान हो सकता है। 22 मार्च से मिलेगी राहत लगातार खराब मौसम के बीच राहत की खबर यह है कि 22 मार्च से मौसम साफ होने की संभावना है और इसके बाद तापमान सामान्य होने लगेगा। पिछले 24 घंटे का हाल नावाडीह में सबसे ज्यादा 43 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि डाल्टनगंज में अधिकतम तापमान 37.8°C और लातेहार में न्यूनतम तापमान 17.6°C रहा। तेज बारिश और वज्रपात के खतरे को देखते हुए लोगों से घर में सुरक्षित रहने और सावधानी बरतने की अपील की गई है।
रांची। झारखंड में अचानक मौसम ने करवट ले ली है। मंगलवार को तेज धूप के बाद दोपहर में आसमान में घने बादल छा गए और कई जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले चार दिनों तक ऐसे ही मौसम रहने की संभावना जताई है और अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में बारिश, ओले और वज्रपात का खतरा राजधानी रांची समेत खूंटी, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, गुमला, लोहरदगा और पूर्वी-पश्चिमी सिंहभूम जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। कई इलाकों में ओले भी गिरे, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन वज्रपात का खतरा भी बढ़ गया है।IMD के अनुसार 21 मार्च तक रांची, देवघर, दुमका, जामताड़ा, साहिबगंज, गोड्डा और पाकुड़ समेत कई जिलों में तेज हवा, बारिश और बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी। दोपहर बाद बदला मौसम, तेज हवाओं ने बढ़ाई ठंडक मंगलवार दोपहर तक जहां तेज गर्मी थी, वहीं शाम होते-होते मौसम पूरी तरह बदल गया। रांची में दोपहर तीन बजे के बाद 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और इसके बाद बारिश शुरू हो गई।मोरहाबादी, कांके, नामकुम और इटकी जैसे इलाकों में ओलावृष्टि दर्ज की गई। धनबाद में भी कई स्थानों पर ओले गिरने की खबर है। तापमान में गिरावट, लोगों को गर्मी से राहत बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। खूंटी में न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि रांची में यह करीब 19 डिग्री रहा।पहले जहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री के आसपास पहुंच रहा था, अब यह घटकर 34-36 डिग्री के बीच आ गया है। इससे लोगों को तेज गर्मी से राहत मिली है। किसानों को भारी नुकसान जहां एक ओर बारिश से आम लोगों को राहत मिली, वहीं किसानों के लिए यह आफत बनकर आई है। गुमला, धनबाद और लोहरदगा जिलों में ओलावृष्टि से गेहूं और सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है।मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी सिंहभूम में 37.2 मिमी, पश्चिमी सिंहभूम में 9.6 मिमी, रांची में 4.8 मिमी और धनबाद में 4.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है। 22 मार्च के बाद फिर बदलेगा मौसम IMD का अनुमान है कि 22 मार्च के बाद मौसम फिर से साफ हो सकता है और तापमान में दोबारा बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।